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एमपी में शाकाहारी-मांसाहारी होटलों की होगी अलग पहचान, सरकार लाई नया प्लान

भोपाल  शाकाहारी व मांसाहारी भोजन परोसने वाले होटलों और उनके मालिकों की स्पष्ट पहचान सुनिश्चित करने मध्य प्रदेश सरकार ऐसी व्यवस्था करवाने की तैयारी कर रही है ताकि बाहर से ही पता चल जाए कि होटल में भोजन शाकाहारी है या मांसाहारी। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआइ) के एक्ट में ऐसा प्रविधान करवाने का प्रयास है कि होटल-रेस्टोरेंट के बाहर लगने वाले बोर्ड में पूर्णतः शाकाहारी के लिए हरा गोल निशान और पूर्णतः मांसाहारी के लिए लाल गोल निशान लगाया जाए। क्या है प्रस्ताव? खाने के पैकेट पर भी इस तरह के निशान लगाए जाते हैं, जिससे कोई भी व्यक्ति आसानी से समझ लेता है। होटल-रेस्टोरेंट में शाकाहारी और मांसाहारी दोनों तरह का भोजन मिलता है तो आधा हरा और आधा लाल निशान रखने का भी प्रस्ताव है। इसके अतिरिक्त होटल चलाने का लाइसेंस लेने वाले का नाम भी बोर्ड पर लिखना अनिवार्य करवाने का सुझाव दिया गया है। मालिक का नाम भी अनिवार्य अब एफएसएसएआइ इसका परीक्षण कर ड्राफ्ट जारी करेगा। इसके बाद एफएसएसएआइ के एक्ट में इसे लेकर संशोधन की उम्मीद है। संशोधन होने पर यह व्यवस्था मध्य प्रदेश ही नहीं, देशभर में लागू करना अनिवार्य हो जाएगी। इसके अतिरिक्त कई बार होटल के बोर्ड से उसके मालिक का पता नहीं चलता। इस तरह का मामला तब चर्चा में आया था जब कावड़ यात्रा के दौरान इसी वर्ष उत्तर प्रदेश में मेरठ के आसपास कुछ होटलों के बाहर लगे बोर्ड में होटलों के नाम हिंदू रीति-रिवाज वाले थे पर उनके मालिक अन्य समुदाय के थे। इसके बाद उप्र सरकार ने दुकान, रेस्टोरेंट पर मालिक का नाम लिखने का आदेश दिया था। सरकार का प्लान प्रदेश के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने कहा कि सरकार यह प्रयास कर रही है कि खाने के पैकेट की तरह होटलों के बोर्ड में भी हरा और लाल निशान रहे। यह कोशिश भी है कि विभिन्न कंपनियों द्वारा घरों में खाने-पीने की चीजें पहुंचाने वाले भी उसी तरह का भोजन करने वाले हों यानी शाकाहारी खाद्य सामग्री पहुंचाने वाले भी शाकाहारी हों।  

मध्य प्रदेश में ग्राम पंचायतों को मिला नया अधिकार, विकसित करेंगी आवासीय कॉलोनी

विदिशा  मध्य प्रदेश की ग्राम पंचायतें भी शहरों में गृह निर्माण मंडल और विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरणों की तरह आधुनिक आवासीय कालोनियां विकसित करेंगी। शुरुआत विदिशा जिले से हो रही है। स्थानीय प्रशासन ने जिले की 12 ग्राम पंचायतों के 14 गांवों को इसके लिए चिन्हित किया है। इन गांवों में कॉलोनी बनाने के लिए पंचायतों को जमीन आवंटन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। गांवों में आधुनिक आवासीय कालोनियों का विचार जिला प्रशासन का है। तय हुआ कि एकीकृत टाउनशिप नीति के तहत शहरी क्षेत्रों से लगे गांवों में भी इस तरह की सुविधा विकसित की जाए। उसके बाद जिला पंचायत ने जनपद पंचायतों से ऐसे गांवों के नाम मांगे थे, जहां शासकीय भूमि उपलब्ध हो, गांव शहरी सीमा से सटे हों और क्षेत्रफल व आबादी के लिहाज से बड़े हों। इस मापदंड पर 13 गांवों की सूची बनाई गई है, जहां कालोनियां विकसित की जानी है। विदिशा से प्रायोगिक परियोजना शुरू हो रही है इन गांवों को दो एकड़ से पांच एकड़ तक की जमीन कॉलोनी विकसित करने के लिए आवंटित की गई है। जिन गांवों में ये कालोनियां बननी हैं, उनकी नजदीकी कस्बे से दूरी 500 मीटर से 10 किमी तक है। यहां कॉलोनियों के विकास की जिम्मेदारी संबंधित ग्राम पंचायतों को दी गई है। विदिशा से यह प्रायोगिक परियोजना शुरू हो रही है, जिसमें ग्राम पंचायत प्लाट बेचेंगी। उसपर भवन निर्माण खरीददार ही करेंगे। इस योजना के क्रियान्वयन में कुछ चुनौतियां भी हैं। पिपलधार ग्राम पंचायत की सरपंच केसर बाई रामराज सिंह यादव का कहना है कि उनके गांव पट्टन में 0.65 हेक्टेयर जमीन कॉलोनी के लिए आवंटित हुई है। गांव बड़ा है, इस योजना से लोगों को काफी फायदा होगा, लेकिन जो जमीन आवंटित है उसके बड़े हिस्से पर अतिक्रमण है। उसे हटाना हमारे लिए बड़ी चुनौती होगा। 2000 वर्गफीट तक के भूखंड होंगे योजना के मुताबिक इन ग्रामीण कालोनियों में भूखंड का आकार 800 वर्गफीट से लेकर दो हजार वर्गफीट तक होगा। उनकी कीमत ग्राम पंचायत तय करेगी। योजनाबद्ध विकास होगा इनका विकास योजनाबद्ध होगा। सबसे पहले सड़कों का निर्माण होगा। इसके साथ ही बिजली, पानी और पार्क जैसी मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। इसकी निगरानी जिला एवं जनपद पंचायतें करेंगी। शुरुआती विकास पंचायत के बजट से होगा और बाद में प्लाट बिकने पर विकास कार्यों की गति बढ़ाई जाएगी। इन 14 गांवों में बनेगी पहली कॉलोनी गंज पंचायत का पठारी बासौदा, ग्यारसपुर विकासखंड का खुजराहर, सिरोंज का बगरोदा, चौड़ाखेड़ी पंचायत का कमरिया, नटेरन का रुसल्ली, पट्टन और डंगरवाड़ा, कुरवाई का मेहलुआ चौराहा और पठारी, लटेरी का मुरवास तथा विदिशा विकासखंड का ढोलखेड़ी, रंगई, करैयाहवेली और आमखेड़ा हवेली। कॉलोनियों में सभी सुविधाएं दी जाएंगी     पंचायतों में कॉलोनियां बनाने के लिए शहर से सटी और बड़ी पंचायतों का चयन किया गया है। यहां शहरों की तरह बिजली, सड़क और पानी जैसी सभी सुविधाएं दी जाएंगी। भूमि आवंटित कर दी गई है और अब लेआउट डिजाइन पर काम शुरू कर दिया गया है। – ओपी सनोडिया, सीईओ, जिला पंचायत, विदिशा  

नायता मुंडला बस स्टैंड तैयार, इंदौर में नौलखा बस स्टैंड के स्थानांतरण का रास्ता साफ

 इंदौर  इंदौर में नायता मुंडला बस स्टैंड से बसों का संचालन अब संभव हो सकेगा। मंगलवार को हाईकोर्ट ने बस संचालकों की याचिका को खारिज कर दिया, जिससे नायता मुंडला से बसों के संचालन का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। साथ ही तीन इमली बस स्टैंड को स्थानांतरित करने की याचिका भी कोर्ट ने खारिज कर दी है। अब आने वाले समय में दोनों बस स्टैंड को स्थानांतरित किया जा सकेगा। पिछले वर्ष फरवरी में क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार इंदौर संभाग ने नायता मुंडला स्थित आईएसबीटी को बस स्टैंड के रूप में अधिसूचित किया था, जबकि नौलखा बस स्टैंड को गैर अधिसूचित घोषित किया गया था। इस निर्णय के अनुसार, डबल चौकी, खातेगांव, चापड़ा, कन्नौद, नेमावर, हरदा, होशंगाबाद, बैतूल आदि शहरों के लिए बसों का संचालन नायता मुंडला से होना था, लेकिन बस संचालकों ने इस निर्णय के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसके कारण मामला लंबित रहा। तीन इमली से चलने वाली बसों को किया जाएगा स्थानांतरित अब हाईकोर्ट द्वारा याचिका खारिज होने के बाद बसों को नायता मुंडला स्थानांतरित करने की प्रक्रिया फिर से शुरू होगी। तीन इमली से संचालित होने वाली बसों को भी स्थानांतरित किया जाना है, लेकिन यह अभी तय नहीं है कि इन्हें नायता मुंडला भेजा जाएगा या एमआर-10 स्थित आईएसबीटी। नौलखा बस स्टैंड से प्रतिदिन 80 से अधिक बसों का संचालन होता है, जिनमें से अधिकांश बसें नेमावर रोड से होकर विभिन्न शहरों के लिए चलती हैं। सुबह से लेकर देर रात तक चलने वाली इन बसों के कारण तीन ईमली से नौलखा तक कई बार जाम की स्थिति उत्पन्न होती है, इसलिए प्रशासन ने इन्हें स्थानांतरित करने का निर्णय लिया था। विरोध के कारण रुकी थी प्रक्रिया जिला प्रशासन ने पिछले वर्ष नौलखा और तीन इमली बस स्टैंड को स्थानांतरित करने का निर्णय लिया था। नायता मुंडला बस स्टैंड पर नौलखा की बसों को भेजने की तैयारी पूरी हो गई थी, लेकिन बस संचालकों के विरोध के कारण स्थानांतरण की प्रक्रिया रुक गई थी। अब कोर्ट में लंबी सुनवाई के बाद याचिका खारिज कर दी गई है। यात्रियों का खर्च बढ़ेगा नायता मुंडला में बसों के स्थानांतरण से पहले जिला प्रशासन को लोक परिवहन की व्यवस्था करनी होगी। वर्तमान में यहां से बसों का संचालन नहीं होता है। देर रात आने वाले यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था को भी सुनिश्चित करना होगा। शहर के बाहर होने के कारण यात्रियों को ऑटो से आने-जाने में अधिक किराया चुकाना पड़ सकता है। नोटिफिकेशन के अनुसार होगा बसों का संचालन     नोटिफिकेशन के अनुसार नौलखा से बसों का संचालन कराया जाएगा। यहां से चलने वाली बसों के लिए नायता मुंडला बस स्टैंड अधिसूचित किया गया है। – प्रदीप शर्मा, आरटीओ  

अमरकंटक ताप विद्युत गृह की यूनिट ने लगातार बनाया 350 दिन उत्पादन करने का ऐतिहासिक रिकार्ड

भोपाल मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी के अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई के अभियंताओं व कार्मिकों के समर्पण, कड़ी मेहनत और प्रतिबद्धता से 210 मेगावाट स्थापित क्षमता की यूनिट लगातार 350 दिन तक संचालित होने में सफल हुई। मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के इतिहास में यह प्रथम विद्युत उत्पादन यूनिट है जिसने लगातार 350 दिन तक लगातार विद्युत उत्पादन करने का रिकार्ड स्थापित किया। इस बात की पूरी संभावना है कि अगले 15 दिन में यह यूनिट लगातार 365 दिन का सतत् व निर्बाध विद्युत उत्पादन करने का कीर्तिमान बनाएगी। अमरकंटक ताप विद्युत 210 मेगावाट क्षमता की यह यूनिट 1 अक्टूबर 2024 से लगातार विद्युत उत्पादन कर रही है। इससे पूर्व इस यूनिट ने इस यूनिट ने 27 अगस्त 2023 से 22 जून 2024 तक 300 दिन सतत् विद्युत उत्पादन करने का रिकार्ड बनाया था।इस यूनिट के सतत् बिजली उत्पादन करने से प्रदेश की बिजली की आपूर्ति को विश्वसनीय बनाने के पावर जनरेटिंग कंपनी के उद्देश्य में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। विभिन्न मापदंडों में भी मिली उपलब्धि-210 मेगावाट की यूनिट ने जिस समय 350 दिन सतत् विद्युत उत्पादन करने का कीर्तिमान अर्जित किया तब इसने विभिन्न मापदंडों में भी उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। यूनिट ने 98.71 फीसदी प्लांट उपलब्धता फेक्टर (पीएएफ), 95.97 फीसदी प्लांट लोड फेक्टर (पीएलएफ) व 9.18 प्रतिशत ऑक्जलरी कंजम्पशन की उपलब्धि हासिल की। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, अपर मुख्य सचिव ऊर्जा श्री नीरज मंडलोई व मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के प्रबंध संचालक श्री मनजीत सिंह ने अमरकंटक ताप विद्युत गृह के यूनिट नंबर 5 के अभियंताओं व कार्मिकों को बधाई देते हुए उनकी सराहना करते हुए कहा कि समर्पण, कड़ी मेहनत व प्रतिबद्धता से लक्ष्य अर्जित करने का यह सर्वश्रेष्ठ व अनुकरणीय उदाहरण है।  

मंत्री सारंग का आह्वान – युवाओं को जनकल्याण व राष्ट्र सेवा में आगे आना चाहिए

भोपाल  खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत बुधवार को तात्या टोपे खेल स्टेडियम, भोपाल में खेल और युवा कल्याण विभाग द्वारा आयोजित रक्तदान शिविर एवं खिलाड़ियों द्वारा सेवा कार्य कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मंत्री श्री सारंग ने स्कूली छात्राओं व खिलाड़ियों के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा धार जिले के भैंसोला में पीएम मित्र पार्क का शिलान्यास एवं स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी देखा। रक्तदान: जीवनदान का पवित्र कार्य रक्तदान शिविर में खिलाड़ियों और युवाओं में काफी उत्साह था। सुबह से ही बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने रक्तदान कर मानवता का संदेश दिया। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि रक्तदान निस्वार्थ सेवा का सर्वोच्च उदाहरण है। यह केवल एक मानवीय कर्तव्य नहीं बल्कि किसी जरूरतमंद को नया जीवन देने का पवित्र कार्य है। उन्होंने कहा कि आज के दिन खिलाड़ियों ने जिस उत्साह के साथ रक्तदान किया है, वह पूरे समाज के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि नियमित रक्तदान से शरीर में नई रक्त कोशिकाएँ बनने की प्रक्रिया तेज़ होती है। समय-समय पर रक्तदान से शरीर में आयरन का संतुलन बना रहता है, जिससे हृदय रोग का खतरा कम होता है। रक्तदान करने से आत्मिक शांति और संतोष की अनुभूति होती है। कहा भी गया है "रक्तदान महादान है।" मंत्री श्री सारंग ने कहा कि खेल और समाजसेवा का यह अनूठा संगम युवाओं को नई दिशा देगा। हमारा उद्देश्य है कि युवा उत्कृष्ट खिलाड़ी के साथ ही समाज के प्रति भी अपनी जिम्मेदारी निभाएं। जब खेल भावना और सेवा भावना मिलती है, तो राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया और भी सशक्त होती है। कार्यक्रम में छात्राओं और महिलाओं के लिये महिला आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर की भी शुरुआत की गई, जिसमें प्रशिक्षकों ने आत्मरक्षा की तकनीकें सिखाईं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जीवन से लें प्रेरणा मंत्री श्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का जीवन सेवाभाव और राष्ट्रहित को समर्पित है। गरीब परिवार में जन्म लेकर कठिन संघर्षों के बाद देश के प्रधानमंत्री बनने तक का उनका सफर सभी के लिए अनुकरणीय है। उनके नेतृत्व में भारत ने हर क्षेत्र में नए आयाम स्थापित किए हैं और आज विकसित भारत 2047 के संकल्प की ओर तेजी से बढ़ रहा है। ‘सेवा पर्मो धर्मः’ की भावना के साथ युवाओं को राष्ट्र सेवा और जनकल्याण के लिए कार्य करना चाहिए। सेवा पखवाड़ा उसी प्रेरणा का प्रतीक है, जो युवाओं को राष्ट्रनिर्माण में सक्रिय योगदान देने का संदेश देता है। महिला आत्मरक्षा प्रशिक्षण से बढ़ा आत्मविश्वास कार्यक्रम के अंतर्गत महिला आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर में छात्राओं और महिलाओं ने मार्शल आर्ट अकादमी के प्रशिक्षकों से आत्मरक्षा की विभिन्न तकनीकें सीखीं। यह प्रशिक्षण महिलाओं में आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की भावना भी जगाता है।मंत्री श्री सारंग ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि बहन-बेटियां हर परिस्थिति में सुरक्षित और सशक्त रहें। इस प्रकार के शिविर उन्हें मानसिक और शारीरिक दोनों रूप से मजबूत बनाते हैं। सेवा पखवाड़ा में विविध आयोजन खेल और युवा कल्याण विभाग ने सेवा पखवाड़ा के दौरान कई कार्यक्रमों का आयोजन सुनिश्चित किया है। इनमें रक्तदान शिविर, महिला आत्मरक्षा प्रशिक्षण, वृद्धाश्रम और अनाथालय में खिलाड़ियों द्वारा सहयोग और भोजन वितरण, शासकीय अस्पतालों में सेवा कार्य, अनाथाश्रम के बच्चों का स्टेडियम भ्रमण, खेलकूद प्रतियोगिताएं, स्वच्छता अभियान और नमो मैराथन जैसे आयोजन शामिल होंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से खेल, युवा और समाजहित को एक साथ जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।  

ई-वेस्ट कलेक्शन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को इंदौर के एम.वाय. हॉस्पिटल परिसर में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ स्वच्छता के लिए श्रमदान किया। उन्होंने इस दौरान नगर निगम इंदौर के ई-वेस्ट कलेक्शन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन को प्रदेश में "स्वच्छता ही सेवा" अभियान के रूप में मनाया जा रहा है। अस्पताल प्रबंधन और जिला प्रशासन के अधिकारियों को निर्देश दिए कि एम.वाय.हॉस्पिटल के अंदर और बाहर की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें। उन्होंने कहा कि एम. वाय. अस्पताल में विकास कार्यों के लिए प्रदेश सरकार हर तरह की मदद देगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उपस्थिति नागरिकों को स्वच्छता की शपथ दिलाई और स्वच्छता के प्रति सजग रहकर सप्ताह में 2 घंटे और वर्ष में 100 घंटे स्वच्छता के लिए श्रमदान करने की सभी से अपील की। उन्होंने नागरिकों का आहवान किया कि न तो गंदगी करें और न होने दें। "स्वच्छता ही सेवा अभियान" के लाँचिंग लोगो का विमोचन भी किया। इंदौर महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि ई-वेस्ट आज के समय में सबसे गंभीर प्रदूषण कारक अपशिष्ट है, जिसका निपटान यदि वैज्ञानिक पद्धति से न किया जाए, तो यह पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है। नगर निगम इन्दौर द्वारा शहर को स्वच्छ एवं प्रदूषण मुक्त बनाए रखने के उद्देश्य से 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक "स्वच्छता ही सेवा अभियान" के तहत ई-वेस्ट संग्रहण अभियान प्रारंभ किया गया है। इस विशेष अभियान के प्रथम चरण में निगम मुख्यालय, नेहरु पार्क स्थित इंदौर स्मार्ट सिटी ऑफिस में ई-वेस्ट ड्रॉप बॉक्स स्थापित किए गए हैं। इन ड्रॉप बॉक्स में निगम के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी अपने घर अथवा कार्यालय से निकलने वाले अनुपयोगी एवं खराब इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसे – मोबाइल, चार्जर, पंखे, कंप्यूटर पार्ट्स, बैटरी, टीवी, रिमोट इत्यादि जमा करेंगे। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल एक दिन का कार्यक्रम न होकर लगातार जारी रहने वाला विशेष अभियान है। अभियान के आगामी चरणों में नागरिकों की भी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने बताया कि शहर में चिन्हित स्थानों पर ई-वेस्ट ड्रॉप बॉक्स रखे जाएंगे, जहाँ नागरिक अपने अनुपयोगी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जमा कर सकेंगे। साथ ही नगर निगम द्वारा घर- घर से भी वेस्ट कलेक्शन किया जाएगा। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि अभियान में अपने घर, दुकान एवं कार्यालयों से निकलने वाले पुराने एवं खराब इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को निर्धारित स्थानों पर ही जमा करें। जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक श्री हेमंत खंडेलवाल, सांसद श्री शंकर लालवानी, विधायक श्री मधु वर्मा, विधायक श्री गोलू शुक्ला सहित जनप्रतिनिधि और नागरिक मौजूद थे।  

प्रधानमंत्री मोदी को दी गई भावभीनी विदाई

भोपाल प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी धार के भैंसोला के कार्यक्रम में शामिल होने के बाद बुधवार की दोपहर इंदौर से नई दिल्ली के लिए रवाना हुए। इंदौर एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री श्री मोदी को भावभीनी विदाई दी गई। इस अवसर पर मिनिस्टर इन वेटिंग जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। एयरपोर्ट पर पूर्व लोक सभा अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा महाजन, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, डीजीपी श्री कैलाश मकवाना, विधायक श्री मनोज पटेल, सुश्री उषा ठाकुर तथा श्री मधु वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद थे।  

प्रदेश के 9 हजार 307 सरकारी स्कूलों में हुई पीटीएम

22 लाख से अधिक विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति पर हुई चर्चा भोपाल  प्रदेश में कक्षा 9 से 12 तक के 22 लाख से अधिक विद्यार्थियों की त्रैमासिक परीक्षा के बाद शैक्षणिक प्रगति के मूल्यांकन के लिये मंगलवार को अभिभावकों और शिक्षकों की मीटिंग (पीटीएम) हुई। त्रैमासिक परीक्षा में 22 लाख 19 हजार से अधिक विद्यार्थी शामिल हुए थे। पीटीएम के आयोजन का मुख्य उद्देश्य पालक और विद्यालय के बीच सहयोगात्मक साझेदारी का निर्माण कर विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिये एक सहायक वातावरण निर्मित करना है। पीटीएम के जरिए पालक को अपने बच्चे की शैक्षणिक प्रगति व्यवहार और सामाजिक, भावनात्मक विकास को समझने में सहायता मिली है। पीटीएम के माध्यम से शिक्षकों को भी विद्यार्थियों के पारिवारिक परिवेश के बारे में जानकारी मिली है। यह परस्पर संवाद विद्यार्थियों के विभिन्न आयामों में सुधार के क्षेत्रों की पहचान करने में सहायता करता है। इस प्रक्रिया के बाद स्कूल शिक्षा विभाग को विद्यालय में शैक्षिक प्रगति के लिये प्रभावी रणनीति बनाने में सहायता मिलेगी। लोक शिक्षण संचालनालय ने पीटीएम व्यवस्था के मूल्यांकन के लिये विभाग के सभी संयुक्त संचालकों एवं जिला शिक्षा अधिकारियों को दल गठित कर न्यूनतम 10-10 विद्यालयो का भ्रमण कर प्रतिवेदन भेजने के निर्देश भी दिए है।  

पूरा जीवन राष्ट्रसेवा को समर्पित – पीएम मोदी पर राज्यमंत्री श्रीमती गौर का बयान

भोपाल प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अपना पूरा जीवन राष्ट्रसेवा में समर्पित कर विश्वपटल पर मां भारती का गौरव बढ़ाया है। पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर शुरू हुए 'सेवा पखवाड़ा' अंतर्गत गोविंदपुरा विधानसभा के ई सेक्टर बरखेड़ा स्थित श्री गणेश मंदिर परिसर में क्षेत्रवासियों के साथ वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के साथ यह बात कही। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने नोबेल अस्पताल में आयोजित रक्तदान शिविर में सम्मिलित होकर रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन भी किया। प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा धार में पीएम मित्र पार्क के भूमिपूजन एवं स्वस्थ नारी – सशक्त परिवार अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों के साथ देखा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में पीएम मित्र पार्क की सौगात से किसानों के जीवन में बड़े परिवर्तन आयेंगे। इससे बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मिलेगा और टेक्सटाइल हब के रूप में मध्यप्रदेश अपनी पहचान को ज़्यादा सुदृढ़ करेगा। 

स्कूल शिक्षा विभाग के पुस्तकालयों से अधिक से अधिक नागरिकों को जोड़ें

पुस्तकालयों की गतिविधियों की हुई समीक्षा भोपाल  स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश में संचालित पुस्तकालयों की गतिविधियों की भोपाल में हुई बैठक में समीक्षा की गयी। आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय श्रीमती शिल्पा गुप्ता ने अधिक से अधिक नागरिकों को पुस्तकालयों से जोड़ने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि संचालित पुस्तकालयों के सुधार के लिये पर्याप्त बजट उपलब्ध कराया जायेगा। बैठक में पुस्तकालयों के उन्नयन एवं आधुनिकीकरण के लिये तैयार की गयी कार्य-योजना पर चर्चा की गयी। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और रीवा में केन्द्रीय पुस्तकालयों और 27 जिलों में जिला पुस्तकालय का संचालन किया जा रहा है। विभाग द्वारा भोपाल के जीटीबी कॉम्पलेक्स में स्वामी विवेकानंद लायब्रेरी का भी संचालन किया जा रहा है। पुस्तकालय में आकर्षण के लिये हों गतिविधियाँ समीक्षा बैठक में निर्देशित किया गया कि पुस्तकालयों में कहानी और निबंध-लेखन, चित्रकारी प्रतियोगिता के साथ विषय-विशेषज्ञों के व्याख्यान आयोजित किये जायें। पुस्तकालय में कॉम्पटीशन कॉर्नर में आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध करायी जायें। प्रबंधकों से कहा गया कि पुस्तकालय में साफ-सफाई एवं पुस्तकों के रख-रखाव पर विशेष ध्यान दिया जाये।