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भिनभिनाती सफलता! AIIMS भोपाल में पैर की हड्डी से नया जबड़ा और 13 दांत लगाए गए

 भोपाल डॉक्टर भगवान का रूप होते हैं। यही भगवान जब आपको किसी बीमारी से उभारते हैं, तो आपको जीवन भर की हंसी-खुशी आपकी झोली में डाल देते हैं। ऐसा ही एक मामला मध्य प्रदेश के भोपाल से सामने आया है। यहां के एम्स के डेंटल विभाग के डॉक्टरों ने अनोखी सर्जरी के जरिए एक युवती के चेहरे को नई खुशी दी है। दरअसल डॉक्टरों ने युवती का जबड़ा दोबारा बनाकर उसमें 13 दांत लगाए हैं। अनोखी बात यह है कि डॉक्टरों ने ये जबड़ा युवती के पैर की हड्डी से बनाया है। अब आपके मन में सवाल आ रहा होगा कि युवती को नया जबड़ा क्यों लगाना पड़ा? दरअसल युवती के मुंह की सूजन और लगातार पस आने की समस्या थी। इसके चलते युवती भोपाल एम्स में दिखाने आई थी। जांच हुई तो पता चला कि युवती को बिनाइन ओडोन्टोजेनिक ट्यूमर है। आसान भाषा में समझाएं तो युवती को दांतों से संबंधित ट्यूमर निकला। ये जबड़े की हड्डी या दांतों के पास होता है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक भोपाल एम्स के डॉक्टरों ने सर्जरी करने की बात कही। युवती तैयार हो गई। सर्जरी को कई चरणों में पूरा किया गया। पहले जबड़े से ट्यूमर को काटकर हटाया गया। इसके चलते 13 दांत निकालने पड़ गए। इस कारण दांत कमजोर हो गया। युवती का चेहरा भी खराब लगने लगा। इसके बाद डॉक्टरों ने पैर की हड्डी (इलिएक क्रेस्ट) से नया जबड़ा बनाया। बनाए गए नए जबड़े के हिस्से को युवती के मुंह में फिट किया गया। इसके बाद करीब छह महीना का इंतजार किया गया, ताकि जबड़ा फिट हो जाए। इसके बाद युवती के मुंह में दांत लगाए गए। सर्जरी के बाद लड़की का चेहरा लगभग पहले जैसा हो गया है। उसके चेहरे की वही प्यारी मुस्कान वापस आ गई है, जो पहले थी। इस सर्जरी को सफल बनाने वाले डॉक्टर अंशुल राय के मुताबिक उन्होंने इस अनोखे केस को इंटरनेशनल इम्प्लांट्स जर्नल में प्रकाशित होने के लिए भेजा है।

सुरक्षा के लिहाज से भोपाल प्रशासन ने जारी किया नया आदेश, अब सभी ठहरने वालों की जानकारी अनिवार्य

भोपाल  भोपाल में किरायेदार, होटल और लॉज में रूकने वाले लोगों की जानकारी रजिस्ट्रर में दर्ज कर संबंधित थान या मध्य प्रदेश पुलिस सिटिजन पोर्टल पर देना अनिवार्य हो गया है। पुलिस आयुक्त भोपाल हरिनारायणचारी मिश्र ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। आदेश के अनुसार, शहर में किरायेदार, होटल-लॉज, रिसॉर्ट, धर्मशाला और छात्रावासों में ठहरने वाले व्यक्तियों की पूरी जानकारी रजिस्टर में दर्ज कर संबंधित थाने या मध्यप्रदेश पुलिस सिटिजन पोर्टल पर देना अनिवार्य होगा। किराएदार की जानकारी एक सप्ताह में देना होगा  आदेश में कहा गया है कि मकान मालिक यदि अपना मकान या हिस्सा किराए पर देते हैं तो एक सप्ताह के भीतर किरायेदार अथवा पेइंग गेस्ट का विवरण देना होगा। पहले से रह रहे किरायेदार और घरेलू नौकरों की जानकारी भी 15 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से जमा करनी होगी। होटल, लॉज, रिसॉर्ट और धर्मशालाओं के प्रबंधकों को मेहमानों का पूरा विवरण रजिस्टर में दर्ज कर पुलिस को देना होगा। छात्रावास संचालकों को भी रह रहे छात्रों की जानकारी अनिवार्य रूप से देनी होगी। स्पा सेंटर के कर्मचारियों का ID प्रूफ जमा करना होगा  निर्माण कार्य में लगे ठेकेदारों को मजदूरों का विवरण देना होगा, जबकि ट्रेवल एजेंसियों को वाहन किराए पर देने से पहले ग्राहक की पहचान की पुष्टि करनी होगी। स्पा सेंटर, मसाज सेंटर, ब्यूटी पार्लर और प्राइवेट सुरक्षा एजेंसियों को अपने कर्मचारियों की जानकारी और आईडी प्रूफ जमा करना होगा। साथ ही, ऑनलाइन शॉपिंग और डिलीवरी एजेंसियों को अपने डिलीवरी बॉय की पूरी जानकारी और दस्तावेज पुलिस को देने होंगे। यह आदेश तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है और आगामी दो माह तक प्रभावशील रहेगा। आदेश का पालन न करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। 

EOW ने किया बड़ा खुलासा: फर्जी मुख्तारनामा के जरिए करोड़ों की जमीन हड़पने का प्रयास

भोपाल  आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने राजधानी में जमीन संबंधी एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा किया है। आरोपियों ने कूटरचित मुख्तारनामा (Forged Power of Attorney) तैयार कर वास्तविक मालिक की जमीन को धोखाधड़ी से बेच डाला। मामला ग्राम बरखेड़ी कलां, तहसील हुजूर, जिला भोपाल स्थित 0.134 हेक्टेयर (लगभग 0.33 एकड़) भूमि से जुड़ा है। इस जमीन की वास्तविक मालिक मेवल रेबेलो हैं, जो वर्तमान में गोवा में निवासरत हैं। शिकायतकर्ता पीएमके भारद्वाज की रिपोर्ट पर हुई जांच में सामने आया कि आरोपी राहुल शर्मा ने मेवल रेबेलो के नाम से फर्जी मुख्तारनामा तैयार कराया था। पंजीयन क्रमांक, पुस्तक व पृष्ठ संख्या की जांच में यह पाया गया कि जिस क्रमांक का उल्लेख मुख्तारनामे में किया गया था, उस पर वास्तव में सुरैया हसन और मोहम्मद ताहिर के बीच अन्य दस्तावेज दर्ज था। इसके बावजूद आरोपी राहुल शर्मा ने स्वयं को मुख्तारनामा धारक बताते हुए 12 दिसंबर 2024 को विक्रय पत्र तैयार कराया और भूमि को आरोपी नीरज पटेल के नाम बेच दिया। विक्रय पत्र में 71 लाख 72 हजार रुपये का भुगतान दर्शाया गया, जिसमें सात चेक और नकद राशि शामिल थी। लेकिन EOW की जांच में पता चला कि पांच चेक बाउंस हो गए और वास्तविक भुगतान केवल 8 लाख 22 हजार रुपये ही हुआ। बैंक विवरणों से भी यह तथ्य पुष्ट हुआ। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि आरोपी राहुल शर्मा और नीरज पटेल ने आपराधिक षड्यंत्र रचते हुए फर्जी दस्तावेज का उपयोग कर जमीन का नामांतरण करा लिया। EOW ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 318, 336, 338, 340 सहपठित धारा 61 के तहत अपराध दर्ज कर आगे की विवेचना शुरू कर दी है। 

सरकार का कर्ज 4.53 लाख करोड़ पार, आज फिर 4 हजार करोड़ उधार लेगी मोहन सरकार

भोपाल  मोहन सरकार आज एक बार फिर 4,000 करोड़ रुपए का कर्ज उठाने जा रही है। यह कर्ज तीन हिस्सों में लिया जाएगा, जिसमें 1,500-1,500 करोड़ रुपए के दो और 1,000 करोड़ रुपए का एक लोन शामिल है। इससे पहले सरकार ने 26 अगस्त को भी 4,800 करोड़ रुपए का कर्ज बाजार से उठाया।  सरकार इस धनराशि का उपयोग लाड़ली बहना योजना की किस्त, सितंबर में मनाए जाने वाले सेवा पर्व और अलग-अलग बड़ी परियोजनाओं के भुगतान में करेगी। कुल कर्ज पहुंचा ₹4.53 लाख करोड़ के पार चालू वित्त वर्ष में मोहन सरकार अब तक मई, जून, जुलाई, अगस्त में कई बार कर्ज ले चुकी है। आज के ऋण के बाद चालू वित्त वर्ष में अब तक उठाया गया कुल कर्ज 31,900 करोड़ रुपए हो जाएगा। इसके साथ ही राज्य पर कुल बकाया कर्ज की राशि बढ़कर ₹4,53,640.27 करोड़ हो जाएगी। 31 मार्च 2025 तक की स्थिति में सरकार पर कुल कर्ज ₹4,21,740.27 करोड़ था। सरकार ने दिया राजस्व सरप्लस का हवाला सरकार का कहना है कि वह कर्ज लोन लिमिट के भीतर ही ले रही है। वित्त वर्ष 2023-24 में सरकार ₹12,487.78 करोड़ के राजस्व अधिशेष (सरप्लस) में थी। उस साल सरकार की कुल आमदनी ₹2,34,026.05 करोड़ और खर्च ₹2,21,538.27 करोड़ था। वित्त वर्ष 2024-25 के लिए संशोधित अनुमान के अनुसार, प्रदेश की आमदनी ₹2,62,009.01 करोड़ और खर्च ₹2,60,983.10 करोड़ रहने की संभावना है। इस प्रकार ₹1,025.91 करोड़ का अनुमानित राजस्व अधिशेष है।

बम की अफवाह से हड़कंप: गोल्डन स्कूल इंदौर में स्कूल खाली, पुलिस को तीन घंटे बाद दी सूचना

इंदौर  गोल्डन इंटरनेशनल स्कूल को देर रात बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया. जानकारी के मुताबिक, स्कूल प्रशासन को रात 3:17 बजे ईमेल के माध्यम से धमकी मिली थी. जैसे ही इसकी सूचना पुलिस तक पहुंची, तुरंत मौके पर बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वॉड (BDDS) और डॉग स्क्वॉड की टीम भेजी गई. सुबह स्कूल को एहतियातन खाली कराया गया और पुलिस ने पूरे परिसर की सघन सर्चिंग करवाई. बम डिस्पोजल टीम ने हर कोने की बारीकी से जांच की. हालांकि, जांच के दौरान कोई भी संदिग्ध सामग्री बरामद नहीं हुई. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि धमकी पूरी तरह फर्जी निकली. सर्चिंग पूरी होने के बाद पुलिस टीम स्कूल से बाहर निकल आई. फिलहाल, पुलिस ईमेल भेजने वाले की तलाश कर रही है. मेल में लिखा- कभी भी फट सकता है जानकारी के मुताबिक, स्कूल प्रबंधन को मेल रात 3 बजे करीब आया था। सुबह 7 बजे स्कूल प्रबंधन ने मेल चेक किया तो उसमें लिखा था कि आपके स्कूल में बम प्लांट किया गया है। जो कि कभी भी फट सकता है। धमकी भरा ये ईमेल स्कूल प्रबंधन को नयनतारा आउटलुक नाम से रात के 3.18 बजे प्राप्त हुई थी। जिसे उन्होंने सुबह 7 बजे देखा। इसके लगभग तीन घंटे बाद तकरीबन 10 बजे इसकी सूचना पुलिस को दी गई। जानकारी के मुताबिक, इमेल में लिखा है कि आपके स्कूल में बम प्लांट किया गया है, जो कि कभी भी फट सकता है। जिसके बाद स्कूल प्रशासन ने परिसर को खाली करवाया और सभी बच्चों को बस से उनके घर भेजा। ये पहली बार नहीं है जब शहर के किसी स्कूल को ऐसी धमकी प्राप्त हुई हो। इसी साल तकरीबन सात महीनें पहले फरवरी में इंदौर के दो स्कूलों को ऐसा ही धमकी भरा ईमेल मिला था। उस दौरान स्कूल प्रबंधन को ये ईमेल तमिलनाडु से आया था। वहीं, इसके करीब चार महीने पहले इंदौर के देवी अहिल्या इंटरनेशनल एयरपोर्ट को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। जिसके बाद एयरपोर्ट की सिक्योरिटी को बढ़ा दी गई थी।

मोहन कैबिनेट का बड़ा फैसला: डायरेक्ट नगर निगम चुनाव और स्क्रैप पॉलिसी की हरी झंडी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक का सबसे बड़ा निर्णय नगरीय निकायों में अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर रहा। अब नगर पालिका और नगर परिषद अध्यक्षों का चुनाव सीधे मतदाताओं द्वारा किया जाएगा, जबकि पहले यह प्रक्रिया पार्षदों के माध्यम से होती थी। अध्यक्ष पद पर अविश्वास प्रस्ताव की नई व्यवस्था बैठक में तय किया गया कि अध्यक्ष को पद से हटाने के लिए अब तीन-चौथाई पार्षदों को अविश्वास प्रस्ताव लाना होगा। इसके बाद राज्य निर्वाचन आयोग ‘खाली कुर्सी-भरी कुर्सी’ चुनाव कराएगा। इसमें जनता ही यह निर्णय करेगी कि अध्यक्ष पद पर रहेंगे या हटेंगे। वाहन स्क्रैप पॉलिसी को मंजूरी कैबिनेट ने वाहन स्क्रैप पॉलिसी को भी स्वीकृति दी। अब वाहन स्क्रैप करने वाली संस्थाओं को उद्योग का दर्जा मिलेगा। इन्हें वही प्रोत्साहन दिए जाएंगे, जो अन्य उद्योगों को मिलते हैं। वाहन स्क्रैप कराने वाले व्यक्तियों को नया वाहन खरीदते समय मोटरयान कर में 50% की छूट प्रदान की जाएगी। सेवा सप्ताह और पीएम मोदी का दौरा बैठक से पहले मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को निर्देश दिए कि 17 सितंबर से शुरू होने वाले सेवा सप्ताह में ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता पर विशेष ध्यान दें और आमजन से मिलकर कार्य करें। इसी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी धार जिले के बदनावर में पीएम मित्रा का भूमिपूजन और अन्य कार्यक्रमों की शुरुआत करेंगे।  कब से लागू होगी नई व्यवस्था अध्यक्ष के प्रत्यक्ष चुनाव की यह नई व्यवस्था वर्ष 2027 के नगरीय निकाय चुनाव से लागू होगी। तब जनता अपने मताधिकार का उपयोग करते हुए सीधे अध्यक्ष का चुनाव करेगी। सरकार का कहना है कि इस बदलाव से पारदर्शिता बढ़ेगी और अविश्वास प्रस्तावों के कारण बार-बार पैदा होने वाली अस्थिरता समाप्त होगी। स्क्रैप नीति में विशेष छूट कैबिनेट बैठक में वाहनों से प्रदूषण घटाने को लेकर भी अहम निर्णय लिया गया। बीएस-1 और बीएस-2 गाड़ियों को स्क्रैप करने के लिए अधिक प्रोत्साहन देने की व्यवस्था की गई है। अब अधिकृत स्क्रैपिंग संस्था को इंडस्ट्री की तरह ही सुविधाएं मिलेंगी। जो वाहन मालिक अपनी पुरानी गाड़ी स्क्रैप करेंगे, उन्हें नई गाड़ी खरीदते समय मोटर रियायत में 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। सरकार का मानना है कि इस कदम से न केवल प्रदूषण घटेगा बल्कि आम लोगों को नई गाड़ी खरीदने में आर्थिक राहत भी मिलेगी। सेवा पखवाड़े की तैयारी बैठक में यह भी तय हुआ कि 17 सितंबर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन से लेकर 2 अक्टूबर गांधी जयंती तक सेवा पखवाड़ा चलाया जाएगा। इस दौरान मुख्यमंत्री जिलों का दौरा करेंगे और कार्यक्रमों में शामिल होकर योजनाओं की समीक्षा करेंगे।  मोहन कैबिनेट बैठक में इन प्रस्तावों पर लगी मुहर     कैबिनेट के फैसलों की नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने जानकारी देते हुए कहा कि अब महापौर और नगर पालिका अध्यक्ष का सीधा चुनाव होगा।अब वर्ष 2027 में नगर निगम के महापौर की तरह ही नगर पालिका और नगर परिषद के अध्यक्षों का भी सीधे जनता द्वारा चुनाव होगा।अब तक नगरीय निकाय चुनाव में पार्षद महापौर को चुनते थे, लेकिन अब संशोधन के बाद से ऐसा नहीं होगा।     राज्य सरकार द्वारा 17 सितंबर से 2 अक्टूबर गांधी जयंती तक सेवा पखवाड़ा चलेगा।17 से 24 सितम्बर तक रक्तदान और स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे।एक पेड़ मां के नाम एवं मां की बगिया के तहत पौधरोपण भी किया जाएगा। पर्व के दौरान नए नमो पार्क, नमो बाग, नमो वन, नमो उपवन बनाए जाएंगे। 27 सितम्बर को नमो मैराथन आयोजित की जाएगी।  पर्व के दौरान विकास मेले एवं प्रदर्शनी के अलावा विद्यार्थियों की प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी।  प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के जीवन, व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर आधारित प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। 22 सितम्बर को नवरात्रि पर्व और 02 अक्टूबर को विजयादशमी पर्व मनाया जाएगा। 17 सितम्बर से 02 अक्टूबर तक पूरे देश में आदि कर्मयोगी अभियान चलाया जायेगा।     BS-1 और BS-2 गाड़ियां काफी प्रदूषण पैदा करती हैं।इसके लिए स्क्रैब करने वाली संस्था को भी इंडस्ट्री में दी जाने वाली सुविधा का लाभ दिया जाएगा। जो व्यक्ति स्क्रैब करेगा,उसको नई गाड़ी खरीदने पर मोटर कर यान 50% की छूट दी जाएगी। 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आएंगे एमपी कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 सितंबर को धार में मित्र पार्क का शुभारंभ करने मध्य प्रदेश आएंगे। राज्य सरकार का फोकस मुख्य रूप से महिला सशक्तिकरण, स्वदेशी, पर्यावरण और स्वच्छता पर है । इसके लिए 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक मनाए जाने वाले स्वच्छता पखवाड़े में भी अन्य बातों पर फोकस किया जाएगा>

त्योहारों में राहत! रीवा-महू स्पेशल ट्रेन चलाने की घोषणा, देखें ट्रेन टाइमिंग्स

इंदौर  यात्रियों की सुविधा और त्योहारी सीजन में अतिरिक्त भीड़ को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने रीवा-महू (डा. अंबेडकर नगर) के बीच स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। यह स्पेशल ट्रेन दोनों दिशाओं में कुल पाँच-पाँच फेरे लगाएगी। रीवा-महू स्पेशल ट्रेन 27 सितंबर से 25 अक्टूबर तक रीवा से हर शनिवार रात 10:20 बजे रवाना होगी और रविवार दोपहर 3:05 बजे महू पहुँचेगी। रास्ते में यह ट्रेन रतलाम मंडल के सीहोर सुबह 10:05, शुजालपुर 11:05, मक्सी 11:50, देवास 1:21 और इंदौर 2:15 बजे पहुँचेगी। वापसी में महू-रीवा स्पेशल 28 सितंबर से 26 अक्टूबर तक प्रत्येक रविवार रात 9:20 बजे महू से रवाना होगी और सोमवार तड़के 1:30 बजे रीवा पहुँचेगी। वापसी यात्रा के दौरान यह ट्रेन इंदौर 9:45 बजे, देवास 10:30 बजे, मक्सी 11:30 बजे, शुजालपुर रात 12:25 बजे और सीहोर सुबह 1:12 बजे ठहरेगी। यहां होगा ठहराव दोनों दिशाओं में इस ट्रेन का ठहराव सतना, मैहर, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, गाडरवारा, पिपरिया, इटारसी, नर्मदापुरम, रानी कमलापति, भोपाल, संत हिरदाराम नगर, सीहोर, शुजालपुर, मक्सी, देवास और इंदौर स्टेशनों पर रहेगा। यह स्पेशल ट्रेन सेकंड एसी, थर्ड एसी, थर्ड एसी इकोनॉमी, स्लीपर और सामान्य श्रेणी कोच के साथ चलेगी।  

मध्यप्रदेश पुलिस में हड़कंप: 15 जिलों के SP बदले, 24 घंटे में 50 अधिकारियों का तबादला

भोपाल  मध्य प्रदेश में सोमवार की देर रात बड़ी प्रशासनिक सर्जरी देखने को मिली। गृह विभाग ने दूसरी लिस्ट जारी करते हुए 30 आईपीएस अधिकारियों के तबादले कर दिए। इसमें 13 जिलों के एसपी को बदला गया है। इसके पहले सोमवार की शाम को जारी हुई लिस्ट में 20 आईपीएस अधिकारियों को इधर से उधर किया गया था। इसमें 2 एसपी भी शामिल थे। इस तरह कुल 50 आईपीएस अधिकारियों का तबादला किय गया है। इस तबादले में इस बार एक और चौंकाने वाला फैसला रहा। नौकरशाहों के ट्रांसफर में जिस तरह मुख्य सचिव अनुराग जैन की खास भूमिका रहती है। उसी तरह इस बार सीनियर आईपीएस अधिकारियों के तबादले को लेकर एमपी पुलिस के महानिदेशक (डीजीपी) को भी महत्व दिया गया है। सीएम ने डीजीपी कैलाश मकवाना की सहमति से तबादला आदेश जारी किया है। देर रात गृह विभाग ने जारी किए आदेश गृह विभाग ने आधी रात के बाद 30 आइपीएस अफसरों के तबादला आदेश जारी किए। शाम को जारी 20 अफसरों के आदेश के बाद यह दूसरी सूची जारी हुई। इसमें 15 जिलों के पुलिस कप्तान बदले गए। इससे पूर्व शाम के आदेश में भी दो एसपी बदले थे। मोहन सरकार ने देर रात गृह विभाग में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की है। बताया जा रहा है कि यह प्रशासनिक सर्जरी लंबे समय से प्रतीक्षित थी। सूत्रों की मानें तो अभी कुछ और जिलों में भी फेरबदल संभावित है। पीएम मोदी के दौरे से 9 दिन पहले इस बदलाव ने कड़ी प्रशासनिक जमावट के संकेत दिए हैं। इन जिलों के एसपी बदले गए इंदौर पुलिस उपायुक्त में पदस्थ हंसराज सिंह को सतना जिले का एसपी बनाया गया है। बालाघाट 36वीं बटालियन के कमांडेंट अवधेश प्रताप सिंह को मैहर जिले का एसपी बनाया गया है। ग्वालियर 13वीं बटालियन के कमांडेंट शैलेंद्र सिंह चौहान को रीवा जिले का एसपी बनाया। एसपी रेल इंदौर के संतोष कोरी को सीधी जिले का एसपी बनाया गया। निवेदिता नायडू, एसपी उमरिया को पन्ना जिले का एसपी बनाया गया। सुधीर कुमार अग्रवाल, एसपी मैहर को श्योपुर जिले का एसपी बनाया। रवीन्द्र वर्मा, एसपी सीधी को खरगोन जिले का एसपी बनाया। शशांक, पुलिस उपायुक्त भोपाल को हरदा जिले का एसपी शिवदयाल 14वीं बटालियन ग्वालियर को झाबुआ जिले का एसपी बनाया। घुवंश कुमार सिंह 5वीं बटालियन मुरैना को आलीराजपुर जिले का एसपी बनाया। विजय भागवानी, एआईजी पीएचक्यू को उमरिया जिले का एसपी बनाया। सांईं कृष्ण एस थोटा, एसपी पन्ना को नर्मदापुरम जिले का एसपी बनाया। आईपीएस वीरेंद्र जैन, एसपी श्योपुर को बैतूल जिले का एसपी बनाया। आईपीएस संतोष कोरी को एसपी रेल इंदौर से सीधी जिले का एसपी बनाया गया। इंदौर भोपाल के डेप्युटी कमिश्नर में भी बदलाव सतना में एसपी रहे अशुतोष को भोपाल पुलिस उपायुक्त (जोन-1) बनाया गया है रीवा के एसपी विवेक सिंह को भोपाल जोन-2 का पुलिस उपायुक्त बनाया गया है। हरदा एसपी अभिनव चौकसे को भोपाल पुलिस उपायुक्त (जोन- 3 ) बनाया गया है। भोपाल पुलिस उपायुक्त (जोन-3) रियाद इकबाल को एससपी रेडियो नियुक्त किया गया है। भोपाल 23वीं बटालियन कमाडेंट कुमार प्रतीक को इंदौर पुलिस उपायुक्त ( जोन-2) नियुक्त किया गया है। लंबे समय से था तबादले का इंतजार एमपी पुलिस विभाग में लंबे समय से ट्रांसफर का इंतजार किया जा रहा था। सोमवार की रात जारी हुई लिस्ट से यह इंतजार खत्म हो गया। प्रदेश में काफी समय बाद 50 अधिकारियों के तबादले की लिस्ट जारी की गई है। इसमें मंत्री विजय शाह के मामले की एसआईटी के सदस्य कल्याण चक्रवर्ती तीन माह में डीआईजी रेंज छिंदवाड़ा से पुलिस हेकक्वार्टर वापस बुला लिया गया है। वह 2010 बैच के अधिकारी हैं। इससे पहले सोमवार शाम को गृह विभाग से जारी आदेश में 20 आईपीएस अफसरों के तबादले किए गए। इस लिस्ट में डीआईजी और एसपी स्तर के अधिकारी शामिल हैं। अशोकनगर और धार जिले के एसपी बदले गए हैं। अशोकनगर में राजीव कुमार मिश्रा और धार में मयंक अवस्थी नए पुलिस अधीक्षक होंगे। छतरपुर, बालाघाट, छिंदवाड़ा, इंदौर ग्रामीण, भोपाल ग्रामीण, रतलाम और सागर रेंज में नए डीआईजी पदस्थ किए गए हैं। इसके साथ ही इंदौर और भोपाल में पदस्थ अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (अपराध व मुख्यालय) को भी बदला गया है। विजय कुमार खत्री को डीआईजी छतरपुर रेंज, विनीत कुमार जैन को डीआईजी बालाघाट, मनोज कुमार सिंह को डीआईजी इंदौर ग्रामीण, राकेश कुमार सिंह को डीआईजी छिंदवाड़ा, राजेश सिंह को डीआईजी भोपाल ग्रामीण और शशीन्द्र चौहान को डीआईजी सागर रेंज पदस्थ किया गया है। छतरपुर डीआईजी ललित शाक्यवार और सागर डीआईजी सुनील कुमार पांडे को पीएचक्यू में पदस्थ किया गया है। बालाघाट डीआईजी मुकेश कुमार श्रीवास्तव को मानव अधिकार आयोग भेजा गया है। भोपाल ग्रामीण डीआईजी ओमप्रकाश त्रिपाठी को डीआईजी एसएएफ मध्य क्षेत्र बनाया गया है। मनोज कुमार सिंह डीआईजी रतलाम की पदस्थापना लोकायुक्त संगठन में डीआईजी के तौर पर की गई है। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (अपराध व मुख्यालय) नगरीय पुलिस इंदौर मनोज कुमार श्रीवास्तव को डीआईजी पुलिस रिसर्च ट्रेनिंग सेंटर इंदौर भेजा गया है। मोनिका शुक्ला डीआईजी रेल, पीएचक्यू को अतिरिक्त पुलिस आयुक्त नगरीय पुलिस भोपाल बनाया गया है। निमिष अग्रवाल डीआईजी इंदौर ग्रामीण को डीआईजी रतलाम रेंज, डी कल्याण चक्रवर्ती डीआईजी छिंदवाड़ा को डीआईजी पीएचक्यू, हेमंत चौहान डीआईजी एससीआरबी पीएचक्यू को डीआईजी रीवा रेंज बनाया गया है।

भोपाल में गणपति जुलूस पर हिंसा, जनता ने पुलिस थाने के बाहर किया प्रदर्शन

भोपाल  भोपाल में गणपति प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान अज्ञात लोगों ने पत्थर फेंके, जिससे माहौल बिगड़ गया. यह घटना नगर से डीआईजी बंगला की तरफ जा रहे जुलूस के दौरान हुई. पथराव से नाराज लोगों ने पत्थरबाजी करने वालों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर गौतम नगर थाने का घेराव कियाइस दौरान अचानक एक अज्ञात व्यक्ति ने जुलूस पर पत्थर फेंक (Stones thrown) दिया. पत्थरबाजी से अफरातफरी मच गई और लोगों में आक्रोश फैल गया. घटना से गुस्साए लोग सीधे गौतम नगर थाने पहुंच गए और वहां विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. बड़ी संख्या में लोग थाने के बाहर जमा होकर आरोपियों की पहचान और तत्काल गिरफ्तारी की मांग करने लगे. माहौल बिगड़ता देख थाने के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई. पत्थरबाजी के बाद विसर्जन जुलूस को रोक दिया गया. इसके बाद मौके पर मौजूद लोगों ने नारेबाजी शुरू कर दी. प्रतिमा विसर्जन का उत्सव तनाव में बदल गया और कई लोग थाने के बाहर डटे रहे. हिंदूवादी संगठनों की भूमिका घटना के बाद हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ता भी सक्रिय हो गए. वे बड़ी संख्या में गौतम नगर थाने पहुंचे और पुलिस प्रशासन पर दबाव बनाते हुए कहा कि दोषियों की तुरंत गिरफ्तारी की जाए. उनका कहना था कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज होगा. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना की गंभीरता से जांच की जा रही है. जुलूस पर पत्थर फेंकने वाले की पहचान की जा रही है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है. पुलिस ने आश्वासन दिया है कि दोषियों को जल्द पकड़ा जाएगा. पथराव के बाद गणेश झांकी के लोग और गुस्साए कार्यकर्ता डीआईजी बंगले चौराहे पर पहुंचकर जमकर नारेबाजी करने लगे. उन्होंने हनुमान चालीसा का पाठ करते हुए धरना शुरू कर दिया था. इस दौरान सड़क पर  भारी जाम लगा रहा. घटना की जानकारी मिलते ही हिंदू उत्‍सव समिति सहित अन्‍य हिंदू संगठन के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए और यहां तनाव की स्थिति बन गई. घटना की जानकारी मिलते ही कई थानों की पुलिस को इलाके में तैनात करना पड़ा. गौतम नगर थाने के सामने भी भारी भीड़ रही. लोगों की मांग थी कि आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए. रासुका की कार्रवाई हो, हमारी आस्था पर हमला  हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष पंडित चंद्रशेखर तिवारी ने बताया कि प्रशासन से पहले ही सुरक्षा बढ़ाने की मांग की गई थी, लेकिन पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए. उन्होंने कहा, “यह हमारी आस्था पर हमला है. आरोपियों को गिरफ्तार कर उन पर रासुका की कार्रवाई की जाए.” तिवारी ने दावा किया कि साहिल नाम का युवक इसमें शामिल है और उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. उन्‍होंने कहा कि जुलूस को लेकर हमने आरपीएफ की मांग की थी. पुलिस को पहले ही बताया था कि यह इलाका संवेदनशील है और यहां कड़ी सुरक्षा होनी चाहिए. पथराव करने वालों की पहचान कर गिरफ्तारी होगी धरने पर बैठे हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने साफ कहा कि जब तक आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. मौके पर पहुंचे डीआईजी रियाज इकबाल ने संगठन के पदाधिकारियों से मुलाकात कर जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया. उन्होंने कहा कि पथराव करने वालों की पहचान कर गिरफ्तारी की जाएगी. इसके बाद पुलिस और प्रशासन की सुरक्षा में सभी झांकियों को विसर्जन स्थल तक भेजा गया. इलाके में तनाव, पुलिस ने चौकसी बढ़ाई  घटना के बाद से इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है. पुलिस ने हालात पर कड़ी नजर रखी है. सुरक्षा बढ़ाने के साथ ही अज्ञात हमलावरों की तलाश शुरू कर दी गई है. भोपाल में विसर्जन जुलूस के दौरान पथराव की इस घटना ने एक बार फिर धार्मिक आयोजनों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं. स्थानीय संगठनों का कहना है कि प्रशासन को पहले से सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने चाहिए थे, ताकि इस तरह की घटनाएं रोकी जा सकें. माहौल तनावपूर्ण, सुरक्षा कड़ी पत्थरबाजी की इस घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. प्रशासन लगातार लोगों से शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है ताकि कोई भी स्थिति बेकाबू न हो.

2 अक्टूबर तक मनाया जाएगा सेवा पर्व, CM डॉ. यादव ने कहा- जनता की सेवा ही सच्चा धर्म

नागरिकों की सेवा ही हमारा धर्म, 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक मनाया जाएगा सेवा पर्व : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी करेंगे सेवा पखवाड़ा अभियान का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की तैयारियों की समीक्षा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में आगामी 17 सितम्बर से सेवा पर्व मनाया जाएगा। सेवा पर्व का समापन 2 अक्टूबर गांधी जयंती को होगा। इस दौरान प्रदेश में नागरिक सेवाओं और सुविधाओं की बेहतरी और इन्हें सहज रूप से नागरिकों तक पहुंचाने के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। सरकार जनहितकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को सेवा पर्व के रूप में मनाकर नागरिकों तक सेवाओं के सुगम प्रदाय की व्यवस्था करेगी। इस दौरान जिलों में भी सेवा गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। पर्व के दौरान सरकार सुशासन का लाभ जन-जन तक पहुंचाने के लिए शासकीय सेवाओं की रिस्पॉन्सिबल डिलेवरी सुनिश्चित करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस अभियान में जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधि, सामाजिक, राजनैतिक एवं धार्मिक संगठन सभी अपनी भागीदारी करेंगे। मुख्यमंत्री ने कलेक्टर्स से कहा कि वे आपसी तालमेल से सेवा पर्व का आयोजन करें और समाज के सभी वर्गों की बेहतरी के लिए जनसामान्य को भी इस अभियान से जोड़ें। उन्होंने कहा कि इस अभियान की थीम 'स्वच्छोत्सव' है। अभियान का केन्द्रीय विषय 'स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा' है, इसलिए पूरे अभियान के दौरान रक्तदान शिविर लगाने सहित स्वच्छता से जुड़ी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को मंत्रालय में 17 सितम्बर से प्रदेश में शुरू होने वाले सेवा पखवाड़ा अभियान (सेवा पर्व) के संदर्भ में की जा रही तैयारियों की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस अभियान में जनता से जुड़े 7 प्रमुख विभागों की महती जिम्मेदारी है। स्वच्छता ही सेवा पखवाड़े को जन-जन का अभियान बनाने के लिए सभी तैयारियां करें। उन्होंने कहा कि सम्पूर्ण अभियान के दौरान वे स्वयं जिलों के भ्रमण में रहेंगे और हेलीकॉप्टर से किसी भी जिले में औचक रूप से उतरकर वहां हो रहे सेवा पर्व कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नागरिकों की सेवा ही हमारा मूल धर्म है। प्रदेश में सुशासन हमारा संकल्प है। इस दिशा में हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। 17 सितम्बर से हम अपने इस संकल्प को पर्व के रूप में मनाएंगे। सेवा पर्व को जन-जन का अभियान मनाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी नागरिकों को उनकी जरूरत के अनुसार सेवाओं और सुविधाओं का त्वरित प्रदाय ही सेवा पर्व का परम लक्ष्य है। दो अक्टूबर (गांधी जयंती) को इस पर्व का समापन समारोहपूर्वक किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा पर्व के दौरान 17 से 24 सितम्बर तक रक्तदान शिविर लगाए जाएंगे। इसी दौरान स्वास्थ्य शिविर भी लगेंगे। एक पेड़ मां के नाम एवं मां की बगिया के तहत पौधरोपण भी किया जाएगा। पर्व के दौरान नए नमो पार्क, नमो बाग, नमो वन, नमो उपवन बनाए जाएंगे। 27 सितम्बर को नमो मैराथन आयोजित की जाएगी। पर्व के दौरान विकास मेले एवं प्रदर्शनी के अलावा विद्यार्थियों की प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी। साथ ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जीवन, व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर आधारित प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। उन्होंने कहा‍कि सेवा पखवाड़ा आयोजन का उद्देश्य नागरिकों को सुशासन का लाभ दिलाना है। इस दौरान रोजगार आधारित कामों का प्रचार-प्रसार किया जाए और समाज के सभी वर्गों के लोगों के उत्कृष्ट प्रदर्शन को प्रोत्साहित भी किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्व के दौरान ही 22 सितम्बर को नवरात्रि पर्व और 02 अक्टूबर को विजयादशमी पर्व मनाया जाएगा। इसलिए इन पर्वों के दौरान भी सेवा पखवाड़ा अभियान में जनसहभागिता बढ़ाने पर विशेष रूप से ध्यान केन्द्रित किया जाए। उन्होंने कहा कि पर्व के दौरान किसानों के हित में सरकार द्वारा की जा रही गतिविधियों के बारे में भी बताया जाए। किसानों को खाद वितरण, आपदा राहत वितरण की जानकारी दी जाए। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान का भी व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। प्रमुख सचिव जनजातीय कार्य गुलशन बामरा ने बताया कि भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय के निर्देशानुसार 17 सितम्बर से 02 अक्टूबर तक पूरे देश में आदि कर्मयोगी अभियान चलाया जायेगा। साथ ही आदि सेवा पर्व भी मनाया जाएगा। आदि सेवा पर्व के दौरान सभी जनजातीय बहुल गांव के लोग अपनी-अपनी ग्राम पंचायत में गांव के विकास के बारे में चर्चा-परिचर्चा करेंगे। गांव की विकास योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि जनजातीय कार्य मंत्रालय के निर्देशानुसार जनजातीय बहुल ग्राम पंचायतों में आदि सेवा केन्द्र बनाए जाएंगे। इन सेवा केन्द्रों को जनसमस्या/जनशिकायत निवारण केन्द्र के रूप में विकसित किया जाएगा। दो अक्टूबर को ग्राम सभा की बैठक आयोजित कर विकास योजना का अनुमोदन किया जाएगा। बैठक में उपस्थित अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी संपूर्ण सेवा पखवाड़ा अभियान के दौरान उनके विभाग द्वारा की जाने वाली गतिविधियों एवं सेवा कार्यों की विस्तार से जानकारी दी। बैठक में वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं आवास संजय दुबे, अपर मुख्य सचिव वन अशोक वर्णवाल, अपर मुख्य सचिव ऊर्जा नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव गृह शिव शेखर शुक्ला, सचिव एवं आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. सुदाम खाड़े सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।