samacharsecretary.com

अपराध की लंबी फेहरिस्त: पार्षद अनवर डकैत पर महिला के प्लॉट हड़पने और बेचने का केस

इंदौर  कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी उर्फ अनवर डकैत पर एक प्रकरण और दर्ज हुआ है। खजराना पुलिस ने महिला को शिकायत पर दर्ज किया धोखाधड़ी मामला दर्ज किया है। अनवर ने महिला के प्लाॅट के फर्जी दस्तावेज तैयार कर दूसरे को बेच दिए थे। अब पुलिस इस मामले में भी अनवर से पूछताछ करेगी। फिलहाल अनवर पुलिस रिमांड पर है और पुलिस ने उसे लव जिहाद की फंडिंग के मामले में गिरफ्तार किया है। अनवर ने खजराना में रहने वाली जौहरा बी से उसका प्लाॅट बिकवाने की बात कही थी। बाद में अनवर ने खुद महिला के प्लाॅट के फर्जी दस्तावेज तैयार किए और उसे दूसरे व्यक्ति को बेच दिया। महिला ने पहले भी इस मामले में पुलिस को शिकायत की थी, लेकिन प्रकरण दर्ज नहीं हुआ। अब पुलिस ने अनवर के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। ढाई माह बाद हुआ था पेश अनवर डकैत पर 15 से ज्यादा केस पहले से दर्ज है और अब एक और केस दर्ज हो चुका है। ढाई माह से पुलिस को अनवर की तलाश थी, लेकिन वह उसे गिरफ्तार नहीं कर पाई थी। अनवर खुद कोर्ट में पेश हुआ था। कोर्ट में पेश होने के बाद अनवर को सात दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा था। अब रिमांड अवधि और बढ़ाई गई है।  

इंदौर में चूहों द्वारा नवजात काटने की घटना, दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई – उप मुख्यमंत्री शुक्ल

स्वास्थ्य संस्थानों में प्रभावी उपायों के दिए निर्देश भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय, भोपाल में इंदौर में घटित चूहे काटने की घटना पर की गई कार्रवाई की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि पूरी कार्यवाही निष्पक्षता, पारदर्शिता एवं तथ्यों के आधार पर की जाए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि इस प्रकार की घटनाएँ स्वास्थ्य सेवाओं की छवि को धूमिल करती हैं, दोषी व्यक्तियों की पहचान कर कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिये कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी रोकथाम उपाय तुरंत लागू किए जाएँ। अस्पताल अधीक्षक डॉ. अशोक यादव, प्रो. एवं विभागाध्यक्ष डॉ. बृजेश लाहोटी, प्रो. डॉ. मनोज जोशी एवं सहायक प्रभारी नर्सिंग अधिकारी श्रीमती कलावती भलावी को उक्त घटना के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। सहायक अधीक्षक एवं भवन प्रभारी डॉ. मुकेश जायसवाल, प्रभारी नर्सिंग अधिकारी सुप्रवीणा सिंह, नर्सिंग अधिकारी सुआकांक्षा बेंजामिन एवं सुश्वेता चौहान को निलंबित किया गया है। नर्सिंग अधीक्षक श्रीमती मार्गरेट जोसफ को पद से हटाया गया है तथा नर्सिंग अधिकारी श्रीमती प्रेमलता राठौर का स्थानांतरण मानसिक चिकित्सालय में किया गया है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि अस्पताल परिसरों की स्वच्छता, सुरक्षा और मरीजों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संदीप यादव, आयुक्त तरुण राठी, तथा एम.डी. एम.पी. पब्लिक हेल्थ सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड मयंक अग्रवाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।  

परंपरागत ऊर्जा के घटते भंडार का सबसे बेहतर विकल्प: इलेक्ट्रिक व्हीकल

परंपरागत ऊर्जा के घटते भंडार का सबसे बेहतर विकल्प इलेक्ट्रिक व्हीकल एसीएस मनु श्रीवास्तव मेनिट के कार्यक्रम में हुए शामिल भोपाल विश्व इलेक्ट्रिक व्हीकल दिवस दुनिया में जलवायु परिवर्तन, बढ़ते प्रदूषण और परंपरागत ऊर्जा के घटते भंडार के बेहतर उपायों में से इलेक्ट्रिक व्हीकल एक है। केन्द्र और राज्यों की सरकारें जनता में इलेक्ट्रिक व्हीकल को लोकप्रिय बनाने के लिये कई तरह की सब्सिडी दे रही है। अनेक मोटर कंपनियां इलेक्ट्रिक व्हीकल में सुधार के लिये निरंतर रिसर्च कर रही हैं। हम सबके सामूहिक प्रयासों से इलेक्ट्रिक व्हीकल को आम जनता का विश्वस्नीय विकल्प बनाया जा सकता है। यह विचार अपर मुख्य सचिव नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मनु श्रीवास्तव ने मंगलवार को मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान – मेनिट में ईव्ही वर्कशॉप विद्युत-25 में व्यक्त किये। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि कोयला ऊर्जा 6 रूपये प्रति यूनिट और सोलर पॉवर 2 रूपये 15 पैसे प्रति यूनिट आये हैं। यह इस बात को साबित करता है कि हम सबको नवकरणीय ऊर्जा की तरफ तेजी से बढ़ने की आवश्यकता है। सोलर पॉवर की एक विशेषता यह भी है कि इसको स्टोर कर सकते हैं और जरूरत पड़ने पर इसका उपयोग किया जा सकता है। कार्यक्रम में अपर आयुक्त पारिक्षित झाड़े ने मध्यप्रदेश की नवीन ईव्ही पॉलिसी के प्रावधानों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस पॉलिसी को आगामी 5 वर्षों के लिये जारी किया गया है। पॉलिसी में उपभोक्ताओं को आकर्षित करने के लिये अनेक प्रकार से सब्सिडी दी गई है। समूह चर्चा इेलेक्ट्रिक व्हीकल को जनसामान्य में लोकप्रिय बनाने के लिये विशेषज्ञों ने समूह चर्चा भी की। चर्चा में बताया गया कि इलेक्ट्रिक व्हीकल की कीमत में कमी लाने पर अभी और रिसर्च की जरूरत है। इसी के साथ इलेक्ट्रिक व्हीकल को एक चार्जिंग में अधिकतम दूरी तय करने की क्षमता विकसित करने पर भी तेजी से कार्य किये जाने की जरूरत है। समूह चर्चा में यह भी बताया गया कि कार्मशियल व्हीकल को इलेक्ट्रिक व्हीकल के रूप में अधिक से अधिक उपयोग किये जाने पर हम ऊर्जा में काफी बचत कर सकते हैं। चर्चा में सर्वरणधीर सिंह, ऋषि टंडन, चंद्रशेखर भिड़े ने प्रमुख रूप से विचार व्यक्त किये। मेनिट के डायरेक्टर शैलेन्द्र जैन ने विश्व इलेक्ट्रिक व्हीकल दिवस के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम के संयोजक छात्र अक्षत अग्रवाल ने बताया कि कॉलेज में इलेक्ट्रिक व्हीकल को लेकर विद्यार्थियों के बीच अनुसंधान को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस मौके पर इलेक्ट्रिक ऑटो एक्सपो में नवीनतम फोर व्हीलर, टू व्हीलर और कर्मशियल इलेक्ट्रिक व्हीकल का भी प्रदर्शन किया गया।  

प्रधानमंत्री मोदी करेंगे देश के पहले पीएम मित्रा पार्क का उद्घाटन- मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जीएसटी सुधार, आम आदमी को सुविधा और समृद्धि देने वाला उपहार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी करेंगे देश के पहले पीएम मित्रा पार्क का उद्घाटन- मुख्यमंत्री डॉ. यादव दशहरे के बाद भोपाल में होगी दो दिवसीय कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस : मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्वच्छता ही सेवा की थीम पर मनाया जाएगा सेवा पखवाड़ा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले किया मंत्रीगण को संबोधित स्वदेशी से समृद्धि के संकल्प के साथ मनेगी दीपावली भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश में नये जनरेशन का जीएसटी रिफॉर्म लाकर जो सुधार किया है, वह आम आदमी, किसानों, एमएसएमई, मध्यम वर्ग, महिलाओं और युवाओं के जीवन को स्वावलंबी बनायेगा। यह आम आदमी के जीवन को सुविधा देने वाला उपहार है। अब की बार पूरा देश स्वदेशी से समृद्धि के संकल्प के साथ दीपावली मनाएगा। स्वदेशी से स्वावलंबन के दीप घर-घर जलेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक के पहले मंत्रीगण को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण से कहा कि हम सब को जीएसटी सुधारों की जानकारी जन-जन तक पहुँचानी चाहिए। संचार के सभी माध्यमों से इसका प्रचार-प्रसार किया जाये। स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार की थीम पर होगा कार्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेशवासियों के लिए गर्व और प्रसन्नता का विषय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 17 सितंबर को धार जिले के बदनावर में पीएम मित्र पार्क का उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार, स्वदेशी, एक पेड़ मां के नाम, एक बगिया मां के नाम, पीएम-जनमन योजना, धरती आबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष अभियान और मिशन कर्मयोगी की थीम पर कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। अस्वच्छ क्षेत्रों का चिह्नांकन कर उन्हें स्वच्छ बनाने के लिए होंगी गतिविधियां मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक स्वच्छता ही सेवा की थीम पर सेवा पखवाड़ा मनाया जाएगा। स्वच्छोत्सव की थीम पर शहरी और ग्रामीण इलाकों में अस्वच्छ क्षेत्रों का चिह्नांकन कर उन्हें स्वच्छ बनाने के लिए गतिविधियां होंगी। पखवाड़े के अंतर्गत सफाई मित्र सुरक्षा शिविर भी आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इन गतिविधियों में स्वयंसेवी संस्थाओं, सामाजिक संस्थाओं, धार्मिक संगठनों को भी सहभागी बनाया जाए। मंत्रीगण प्रशासनिक, अधिकारी और राजनीतिक पदाधिकारी का सहयोग लेते हुए अपने-अपने क्षेत्रों में स्वच्छता- सेवा गतिविधियों का अधिक से अधिक विस्तार करें। आगामी वर्षों की कार्य योजना और विजन डॉक्यूमेंट पर होगी चर्चा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दशहरे के बाद भोपाल में दो दिवसीय कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी। कॉन्फ्रेंस में कलेक्टर, एसपी, कमिश्नर, आईजी और पुलिस कमिश्नर भाग लेंगे। कॉन्फ्रेंस में आगामी वर्षों की कार्ययोजना और विजन डॉक्यूमेंट पर भी चर्चा होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण को इससे पहले अपने-अपने विभागों की विस्तृत समीक्षा करने के निर्देश दिए।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल का निर्देश: जीएमसी भोपाल का प्लेटिनम जुबिली कार्यक्रम हो गरिमामय

भोपाल  उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि गांधी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) भोपाल देश की गौरवशाली धरोहर है। अब तक हजारों डॉक्टर और विशेषज्ञ तैयार हुए हैं और चिकित्सा क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। कॉलेज की प्लेटिनम जुबिली एक ऐतिहासिक अवसर है, जिसका सुव्यवस्थित और गरिमामय आयोजन होना चाहिए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम की संपूर्ण व्यवस्थाओं में हर स्तर पर आवश्यक सहयोग सुनिश्चित किया जाए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल से मंत्रालय में जीएमसी एल्यूमनी एसोसिएशन के प्रतिनिधि मंडल ने मंगलवार को सौजन्य भेंट की। प्रतिनिधि मंडल ने उप मुख्यमंत्री शुक्ल को प्लेटिनम जुबिली समारोह में आमंत्रित किया और इस अवसर पर आयोजित होने वाले प्रमुख कार्यक्रमों की जानकारी दी। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि शासन की ओर से हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पूर्व छात्र संस्थान की परिस्थितियों और जरूरतों से भली-भांति परिचित होते हैं, उनके सुझाव सशक्तिकरण में अत्यंत सहायक होंगे। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि एल्यूमनी एसोसिएशन के प्रतिनिधि को सामान्य सभा की बैठकों में शामिल किया जाए, जिससे उनके अनुभव और सुझावों का लाभ कॉलेज प्रशासन को निरंतर मिलता रहे। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने जीएमसी भोपाल की प्लेटिनम जुबिली के लिए शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यह आयोजन प्रदेश और देश भर के पूर्व छात्रों को जोड़ने का एक अवसर बनेगा और संस्थान की गौरवशाली परंपरा को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगा। जीएमसी एल्यूमनी एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने कॉलेज परिसर में पूर्व छात्रों द्वारा किए जा रहे विकास कार्य और अन्य गतिविधियों से अवगत कराया। उन्होंने संस्थान की व्यवस्थाओं के उन्नयन, अधोसंरचना और सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए सुझाव भी रखे तथा शासन से सहयोग की अपेक्षा की। प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संदीप यादव, आयुक्त तरुण राठी, एम.डी. एम.पी. पब्लिक हेल्थ सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड मयंक अग्रवाल सहित जीएमसी एल्यूमनी एसोसिएशन के प्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

भोपाल में गणेश विसर्जन पर बवाल, प्रतिमाओं पर पथराव… विश्वास सारंग का बड़ा बयान

भोपाल   राजधानी भोपाल में गणपति विसर्जन के दौरान हुए पथराव को लेकर सरकार के मंत्री विश्वास सारंग ने कड़ी नाराजगी दिखाई है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश शांति का टापू है, हर सनातन त्योहार धूमधाम से मनाया जाएगा। लेकिन रंग में भंग मिलाने की कोशिश हुई तो सख्त कार्रवाई करेंगे। मंत्री विश्वार सारंग ने कहा कि ऐसी नजीर पेश करेंगे,अपराधी कोई भी हो, कैसा भी हो बख्शा नहीं जाएगा। आपराधियों के खिलाफ  एफआईआर हुई है। किसी को भी धार्मिक आयोजनों में विघ्न डालने की अनुमति नहीं मिलेगी। ये है पूरा मामला बता दें कि सोमवार को भोपाल के गौतम नगर थाना अंतर्गत आरिफ नगर में गणेश जी की प्रतिमा विसर्जित करने जा रहे थे। इसी दौरान समुदाय विशेष के कुछ लोगों ने पत्थरबाजी की जिसके बाद इलाके में तनाव फैल गया। हिंदू समाज के लोग एकत्रित होकर थाने पहुंचे और जमकर प्रदर्शन किया और चक्काजाम कर दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने 3 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया, जिसके बाद चक्काजाम और प्रदर्शन खत्म हुआ। पुलिस ने चरण सिंह कुशवाहा की शिकायत पर साहिल बच्चा, यामीन और अब्दुल हलीम के खिलाफ मामला दर्ज किया है।  हिंदू उत्सव समिति ने चेतावनी वहीं इस विवाद के बाद हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि क्रिया की प्रतिक्रिया होगी। इसके लिए शासन और प्रशासन जिम्मेदार होगा। उन्होंने आरोप लगाए कि सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था नहीं की गई इसलिए ऐसी स्थित पैदा हुई। जिहादियों और विधर्मियों ने पथराव किया, श्री गणेश की कई प्रतिमाएं खंडित की। पूरे प्रदेश में जिहादियों के अराजकता का माहौल है। कई शहरों में घटनाएं सामने आई है। लेकिन हिंदुओं ने कभी मोहर्रम में पथराव नहीं किया। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि आने वाले दिनों में अगर ऐसी घटना होती है तो उसके लिए शासन-प्रशासन जिम्मेदार होगा।

युगल कलेक्टर! पति-पत्नी दोनों IAS, जयति की सख्ती से थर्राते हैं अपराधी

भोपाल  मध्य प्रदेश में बड़े पैमाने पर आईएएस और आईपीएस अफसरों के तबादले हुए हैं। इसमें कई जिलों के कलेक्टर भी बदल गए हैं। तबादले की सूची आने के बाद आईएएस कपल की चर्चा खूब है। पति-पत्नी एक साथ पहली बार कलेक्टर बने हैं। हालांकि पति पहले भी एक जिले के कलेक्टर रह चुके हैं। इस बार बड़े और अहम जिले की जिम्मेदारी मिली है। हम बात कर रहे हैं आईएएस अफसर शिवम वर्मा और जयति सिंह की है। पति बने इंदौर के तो पत्नी बनीं बड़वानी कलेक्टर दरअसल, सोमवार की रात आए तबादले की सूची में आईएएस अफसर शिवम वर्मा को इंदौर का कलेक्टर बनाया गया है। अभी वह इंदौर नगर निगम के कमिश्नर थे। शिवम वर्मा 2013 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। वहीं, उनकी पत्नी जयति सिंह 2016 बैच की आईएएस अधिकारी हैं। जयति सिंह अभी उज्जैन जिला पंचायत की सीईओ थीं। अब उन्हें बड़वानी का कलेक्टर बनाया गया है। पत्नी पहली बार बनी है कलेक्टर आईएएस शिवम वर्मा अपनी पत्नी जयति सिंह से सीनियर हैं। वह 2013 बैच के आईएएस अफसर हैं। इंदौर कलेक्टर बनने से पहले वह श्योपुर के कलेक्टर के रह चुके हैं। अब वह दूसरी बार कलेक्टर बने हैं। वहीं, जयति सिंह का बैच 2016 है। वह मध्य प्रदेश के कई जिलों में तैनात रही हैं। पहली बार वह अपने करियर में कलेक्टर बनी हैं। उन्हें बड़वानी कलेक्टर बनाया गया है। इंदौर से बड़वानी की दूरी लगभग 158 किलोमीटर है। इंदौर है सबसे अहम जिला हालांकि शिवम वर्मा पर मोहन सरकार ने बड़ा भरोसा जताया है। उन्हें श्योपुर कलेक्टर के पद से इंदौर लाकर नगर निगम का कमिश्नर बनाया गया था। इंदौर मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी है। इस जिले का प्रभार खुद सीएम मोहन यादव के पास है। हाल की घटित घटनाओं से सरकार की फजीहत हो रही थी। इसके बाद शिवम वर्मा को इंदौर की कमान सौंपी गई है। इससे साफ है कि शिवम वर्मा सीएम मोहन यादव के गुड बुक में हैं। जयति सिंह से थर्राते हैं माफिया वहीं, आईएएस अफसर जयति सिंह की छवि कड़क अधिकारी के रूप में रही है। वहां जहां भी तैनात रहीं, अपनी एक अलग छाप छोड़ी हैं। जयति सिंह मूल रूप से यूपी की रहने वाली हैं। डबरा में एसडीएम रहने के दौरान अवैध काम करने वाले लोगों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की थी। इनके नाम से माफियाओं की नींद उड़ी रहती थी। जयति सिंह को वहां से हटाने के लिए तत्कालीन मंत्री इमरती देवी ने उस समय मोर्चा खोला दिया था। इमरती देवी ने यहां तक कह दिया था कि डबरा में या तो एसडीएम रहेगी या फिर मैं। इसके बाद सीएम से जाकर शिकायत की थी। कुछ दिनों बाद एसडीएम का वहां से तबादला हो गया था। गौरतलब है कि अब सरकार ने दोनों पति-पत्नी को कलेक्टर बना दिया है। जयति सिंह के पास पहली बार पूरे जिले की कमान है। अब देखना होगा कि कैसे वह बड़वानी में छाप छोड़ती हैं।

राज्यपाल पटेल ने गरीब, वंचितों के आवास निर्माण में समृद्ध वर्ग से सहयोग का किया आव्हान

समाज और सरकार मिलकर काम करें: राज्यपाल पटेल ने पीएम जनमन योजना में सहयोग की अपील राजभवन में पीएम जनमन योजना की समीक्षा बैठक संपन्न भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि पीएम जनमन योजना जनजातीय वर्ग के कल्याण की अभूतपूर्व योजना है और यह समाज के वंचित वर्गों के उत्थान का प्रयास है। समरस समाज के निर्माण की इस पहल में सरकार के साथ समाज को भी सहयोग के लिए आगे आना चाहिए। राज्यपाल ने आव्हान किया कि पीएम जनमन आवास योजना के आवासों को और अधिक बेहतर बनाने के लिये समाज के समृद्ध वर्ग का सहयोग प्राप्त किया जाना चाहिए। राज्यपाल पटेल पीएम जनमन योजना की प्रगति की मंगलवार को राजभवन में समीक्षा कर रहे थे। बैठक में राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी भी मौजूद थे। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने अधिकारियों से अपेक्षा की है कि प्रशासनिक स्तर पर निर्माण कार्य की मज़बूती के लिए सामग्री की गुणवत्ता के साथ निर्माण की देख-रेख के प्रयासों में मैदानी सहयोग और नवाचार को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। गुणवत्तापूर्ण सामग्री की लागत को कम करने, कीमतों में समन्वय, स्थानीय और हरित निर्माण सामग्री के उपयोग की संभावनाओं को तलाशा जाना चाहिए। यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि आवास की मज़बूती से कोई समझौता नहीं हो। उन्होंने कहा कि पीएम जनमन योजना जनजातीय समुदाय को समग्रता में लाभान्वित करने की योजना है। हितग्राहियों को लाभान्वित करने की दृष्टि से सबसे गरीब को सबसे पहले प्राथमिकता देना चाहिए और आवास मजबूत और सुविधा जनक हो। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा आवास निर्माण स्थल का निरीक्षण निर्माण कार्य की गुणवत्ता में सहयोग की दृष्टि से किया जाना चाहिए। स्थल चयन, आकार और निर्माण के दौरान लगने वाली सामग्री की उपलब्धता और गुणवत्ता संबंधी विभिन्न पहलुओं पर हितग्राहियों को सहयोग और मार्गदर्शन दिया जाना चाहिए। बैठक में राज्यपाल को बताया गया कि आवास निर्माण के लिए स्थानीय सामग्री उपलब्ध कराने की पहल की गई है। ईंट निर्माण में स्व-सहायता समूहों को जोड़ा गया है। पर्यावरण अनुकूल निर्माण प्रयासों की भी पहल की गई है। निर्माण सामग्री की दर को कम करने के लिए जिला स्तर पर मूल्य निर्धारण की कार्यवाही भी की गई है। समीक्षा बैठक में राज्यपाल के अपर सचिव उमाशंकर भार्गव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर सचिव दिनेश जैन, जनजातीय प्रकोष्ठ की सचिव श्रीमती जमुना भिड़े और संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।  

एमवाय अस्पताल में भयावह हादसा, नवजात बच्चियों पर चूहों का हमला – स्टाफ ने नहीं लिया कोई कदम

इंदौर  एमवाय अस्पताल में चूहों के कुतरने के बाद दो नवजात बच्चियों की मौत हो गई थी। अब प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में हुई लापरवाही पर एक और खुलासा हुआ है। अस्पताल के पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग के एनआइसीयू में चूहे रातभर नवजातों की अंगुलियां और हथेली कुतरते रहे। छह घंटे तक चले घटनाक्रम के दौरान किसी ने उनकी सुध तक नहीं ली। वेटरनरी डॉक्टरों की मानें तो चूहे जैसा चंचल प्राणी के लिए संभव नहीं कि वह एक स्थान पर बैठकर पूरी अंगुली कुतर दें। उसने चार अंगुलियों को कुतरने में कम से कम छह से आठ घंटे लगाए होंगे। इस दौरान वह दर्जनों बार इंक्यूबेटर में आया-गया होगा, हलचल हुई होगी। अगर नर्सिंग स्टाफ या डॉक्टर मौके पर होते तो निश्चित ही उनकी नजर नवजातों पर पड़ती और चूहे नवजातों की अंगुलियां नहीं कुतर पाते। पहले दिन कुतरने के बाद भी अगले दिन नहीं दिया ध्यान दरअसल, 30 और 31 अगस्त को धार जिले के रूपापाड़ा और देवास जिले के कमलापुर निवासी माता-पिता की दो नवजात बच्चियों को चूहे ने कुतरा। पहले दिन धार जिले के नवजात की पूरी चार अंगुलियां चूहे खा गए, लेकिन इस संबंध में किसी ने ध्यान नहीं दिया। उसे लावारिस बताकर सिर्फ पट्टी बांधकर घाव को छुपाने का प्रयास किया, लेकिन मौके पर मौजूद स्टाफ ने घटना के बाद भी वहां की सुरक्षा बढ़ाने पर ध्यान नहीं दिया, ड्यूटी पर तैनात डाक्टर और नर्स दूसरे दिन भी लापरवाह बनकर ड्यूटी करते रहे। इसका नतीजा यह निकला कि देवास जिले की नवजात की हथेली और एक अंगुली चूहा खा गया। दोनों नवजातों को रातभर में चूहों ने शिकार बनाया, लेकिन कोई वार्ड के अंदर तक राउंड लेने भी नहीं गया। एक साथ अंगुलियां नहीं कुतर सकता चूहा, थोड़ी हलचल में ही भाग जाता महू वेटरनरी अस्पताल और निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि चूहा कभी भी एक साथ अंगुलियां नहीं कुतर सकता है। वह थोड़ी देर कुतरने के बाद दूसरे स्थान पर चले जाता है और वापस उसी स्थान पर कुतरने के लिए आता है। चूहा अंगुलियों को कुतरने के साथ ही उन्हें खा भी सकता है। अगर थोड़ी हलचल भी होती तो चूहा वहां से भाग निकलता। यानी कुतरने के दौरान वार्ड में कोई हलचल नहीं हुई होगी, इसलिए उसे समय मिल गया और आसानी से अंगुलियां कुतर सका। इस दौरान नवजात दर्द के कारण रोएं भी होंगे। डॉ. कुलदीप कुमार ने बताया कि चूहा जब भी किसी चीज को लंबे समय तक नहीं कुतरता है। वह थोड़ी देर कुतरने के बाद दूसरे स्थान पर चले जाता है।

गर्भपात कानून में बदलाव? MP हाईकोर्ट ने कहा – MTP एक्ट के तहत गर्भवती की सहमति अनिवार्य

जबलपुर  मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि गर्भावस्था को समाप्त करने के लिए एमटीपी (मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेगनेंसी) अधिनियम के तहत गर्भवती की सहमति जरूरी है। कोर्ट ने पाया कि नाबालिग बलात्कार पीड़िता तथा उसकी मां ने गर्भपात की अनुमति प्रदान करने से इनकार कर दिया है। इस मत के साथ कोर्ट ने याचिका का निराकरण कर गर्भपात की अनुमति देने से इनकार कर दिया।  ये है मामला दरअसल, मैहर जिला अदालत ने 17 वर्षीय रेप पीड़िता के गर्भवती होने के संबंध में सूचना देने हाईकोर्ट को पत्र प्रेषित किया था। हाईकोर्ट (MP High Court) ने संज्ञान याचिका के रूप में लिया। पीड़िता की मेडिकल रिपोर्ट मंगवाई। इसके अनुसार पीड़िता की गर्भावस्था 28 सप्ताह से अधिक है। बोर्ड से मांगी जानकारी एमपी कोर्ट ने कहा कि एमटीपी अधिनियम के तहत अपेक्षित पूरी जानकारी मेडिकल बोर्ड प्रदान नहीं कर रहा। अधिनियम की धारा 3 के अंतर्गत आवश्यकताओं के अनुसार मेडिकल बोर्ड को विशिष्ट अवलोकन और स्पष्ट राय देनी चाहिए। अक्सर मेडिकल रिपोर्ट में उपरोक्त संबंध में कोई उल्लेख नहीं रहता। कोर्ट ने रजिस्ट्रार जनरल को निर्देशित किया कि आदेश की प्रति राज्य के सभी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीशों और राज्य मेडिकल बोर्ड को भेजी जाए।