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भारत सेतु अभ्यास के दूसरे दिन साइबर सुरक्षा जागरूकता और सुदृढ़ता पर केंद्रित

भोपाल भारत सेतु अभ्यास का दूसरा दिन राज्य विभिन्न विभागों के CISO अधिकारियों और वरिष्ठ शासकीय  अधिकारियों को व्यावहारिक साइबर सुरक्षा ज्ञान और कौशल प्रदान करने के लिए समर्पित रहा। कार्यशाला में विशेषज्ञों द्वारा विभिन्न सरकारी संगठनों को प्रभावित करने वाली साइबर सुरक्षा चुनौतियों पर चर्चा की गई और प्रतिभागियों को विभागीय तथा संगठनात्मक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए प्रभावी रणनीतियां दी गईं। श्री शशांक गुप्ता, वैज्ञानिक 'डी', CERT-In, ने "नीति से व्यवहार में प्रभावी साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम तैयार करना" विषय पर जानकारी दी। उन्होंने इनसाइडर थ्रेट्स और शासकीय विभागों की साइबर हमलों के प्रति संवेदनशीलता जैसे उच्च मूल्य वाले डेटा, मानव त्रुटियां, सोशल इंजीनियरिंग खतरे, और सीमित साइबर कौशल को रेखांकित किया।  श्री गुप्ता ने बताया कि वैश्विक स्तर पर 75% प्रशिक्षण साइबर सुरक्षा पर केंद्रित है, जो इसकी अंतरराष्ट्रीय महत्ता को दर्शाता है। उन्होंने साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण के लाभ कमजोरियों की पहचान, सुरक्षा स्थिति में सुधार, खतरे की त्वरित पहचान और समाधान को स्पष्ट किया और सभी CISOs को विभागीय एवं जिला स्तर पर नियमित साइबर सुरक्षा जागरूकता प्रशिक्षण पर ज़ोर दिया। श्री मोहित कटारिया, वैज्ञानिक 'सी', CERT-In, ने शासकीय विभागों के लिए नियमित, समग्र साइबर सुरक्षा ऑडिट्स के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने CERT-In के साइबर सुरक्षा ऑडिट नीति दिशानिर्देशों के बारे में बताते हुए कहा कि साल में कम से कम एक बार बाहरी ऑडिट कराना अनिवार्य है। सभी ऑडिटेड अनुप्रयोगों का समग्र एसेट इन्वेंट्री, संस्करण नियंत्रण एवं परिवर्तन प्रबंधन सुनिश्चित करना, ताकि साइबर खतरे और हमलों की संभावना कम हो सके। उन्होंने बताया कि CERT-In ने सॉफ़्टवेयर बिल ऑफ मटेरियल्स (SBOM) के लिए एक वैश्विक साझा दृष्टि में भाग लिया है, जिससे साइबर सुरक्षा प्रयासों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूती मिलेगी। संयुक्त सत्र में, श्री शशांक गुप्ता और श्री मोहित कटारिया ने साइबर सुरक्षा थ्रेट सिमुलेशन और इन्शिडेंट रिस्पांस पर एक व्यावहारिक कार्यशाला का संचालन किया, जिसमें प्रतिभागियों को "अवंती" नामक काल्पनिक राज्य पर विभिन्न साइबर हमलों की स्थिति सुलझाने का अनुभव कराया गया। इस अभ्यास ने जोखिम सिमुलेशन की सर्वोत्तम विधियों और चुस्त इन्शिडेंट रिस्पांस व्यवस्था के महत्व को उजागर किया। CISO अधिकारियों और अन्य प्रतिभागियों ने MP-CERT की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि, कार्यशाला के बाद अब तकनीकी ज्ञान को समझना और लागू करना कहीं अधिक आसान हो गया है। कार्यशाला ने तकनीकी अंतराल को दूर करने एवं साइबर सुरक्षा जागरूकता को नए स्तर तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।  श्री वैभव श्रीवास्तव, संयुक्त निदेशक, एमपी-सीईआरटी ने प्रतिभागियों की सक्रिय भागीदारी और विभिन्न सरकारी विभागों में साइबर सुरक्षा को सशक्त बनाने की प्रतिबद्धता की सराहना की। श्री श्रीवास्तव ने यह भी जोर दिया कि साइबर सुरक्षा मुख्य रूप से सामान्य बुद्धि और रोजमर्रा की गतिविधियों के एन्क्रिप्शन पर आधारित है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि कुछ भी मुफ्त नहीं मिलता, इसलिए मुफ्त सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल न करें। श्रीमती रश्मि गुप्ता एवं TCU टीम की सराहनीय योगदान रहा । भारत सेतु अभ्यास अनुकूल सहयोगी ज्ञान, क्षमता निर्माण एवं साइबर सुरक्षा में सर्वोत्तम अभ्यासों को प्रोत्साहित करने का सतत प्रयास करता है।  

रक्तदान करने वाले नागरिकों तथा स्वच्छता कर्मियों को किया सम्मानित

राष्ट्र निर्माण में महिलाओं का योगदान महत्वपूर्ण सीहोर जिले के इछावर में सेवा पखवाड़ा एवं स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान में हुए शामिल भोपाल राजस्व मंत्री श्री करणसिंह वर्मा ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में देश एवं प्रदेश का निरंतर विकास हो रहा है और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिल रहा है।जब हमारी माताएं और बहनें स्वस्थ रहेंगी तो निश्चित ही परिवार, समाज, प्रदेश और देश समृद्ध होगा। राष्ट्र के निर्माण में हमारी माताओं और बहनों का महत्वपूर्ण योगदान है, इसलिए हमारी सरकार द्वारा उन्हें स्वस्थ और सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा जन भागीदारी, स्वच्छता, सेवा और जन कल्याणकारी कार्यक्रमों को व्यापक स्वरूप देने एवं नागरिकों में स्वच्छता, सेवा, स्वास्थ्य और सामुदायिक उत्तरदायित्व की भावना को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से “सेवा पखवाड़ा” एवं “स्वस्थ नारी सशक्त परिवार” अभियान संचालित किया जा रहा है।महिलाओं एवं किशोरियों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए सरकार द्वारा प्रदेश में स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान संचालित किया जा रहा है। मनुष्य का जीवन सभी श्रेणियों में सर्वोच्च है और सेवा ही मानव का धर्म है। यह बात राजस्व मंत्री श्री वर्मा ने "सेवा पखवाड़ा" एवं "स्वस्थ नारी सशक्त परिवार" अभियान के तहत सीहोर जिले के इछावर सिविल अस्पताल में आयोजित रक्तदान शिविर एवं स्वास्थ्य परीक्षण शिविर में कही। राजस्व मंत्री श्री वर्मा ने "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत पौधरोपण किया और झाडू लगाकर नागरिकों को स्वच्छता का संदेश दिया।उन्होंने कार्यक्रम में रक्तदान शिविर में भाग लेने वाले नागरिकों को प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किए।स्वच्छता कर्मियों को सम्मानित किया और आवास योजना एवं आयुष्मान योजना के हितग्राहियों को स्वीकृति पत्र वितरित किए। मंत्री श्री वर्मा ने सिविल अस्पताल इछावर में आयोजित स्वास्थ्य शिविर का निरीक्षण भी किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने नागरिकों की समस्याएं सुनी और अधिकारियों को निराकरण के निर्देश दिए।स्वास्थ्य शिविर में 629 नागरिकों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गईं। इसके साथ ही रक्तदान शिविर में 49 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया। इस अवसर पर अधिकारी,जनप्रतिनिधि, एवं नागरिक उपस्थित रहे।  

किसान की पिटाई पर बवाल, जीतू पटवारी का हमला- ‘मध्यप्रदेश में हो रहा है अन्याय’

शिवपुरी करैरा में शुक्रवार दोपहर खाद के टोकन के लिए लाइन में लगे किसान को नायब तहसीलदार द्वारा थप्पड़ मारने का आरोप लगा है। तहसीलदार कल्पना शर्मा ने कहा कि किसान व्यवस्था बिगाड़ रहा था। हंगामे के बाद वहां पहुंचे किसान कांग्रेस के नेता मान सिंह फौजी ने पीड़ित किसान की बात मोबाइल पर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी से करवाई। पटवारी ने कहा कि किसानों पर अत्याचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। तहसीलदार ने डिलीट कराया वीडियो कलेक्टर से शिकायत कर नायब तहसीलदार पर कार्रवाई कराई जाएगी। जानकारी के अनुसार खाद वितरण केंद्र पर टोकन लेने के लिए किसानों की लाइन लगी थी। आरोप है कि इसी दौरान लाइन में धक्का-मुक्की के दौरान हाथरस गांव निवासी महेंद्र राजपूत को नायब तहसीलदार विजय त्यागी ने थप्पड़ मारा। एक किसान ने इसका वीडियो बना लिया, लेकिन नायब तहसीलदार ने पुलिसकर्मियों की मदद से किसान का मोबाइल छीन कर वीडियो डिलीट करवा दिया।  

सेवा सम्मान 2025: केसरी फाउंडेशन ने समाजसेवा की विभूतियों को किया सम्मानित

इंदौर इंदौर प्रेस क्लब परिसर में केसरी फाउंडेशन का पहला स्थापना दिवस और केसरी सेवा सम्मान 2025 का भव्य आयोजन सम्पन्न हुआ। यह आयोजन केवल सम्मान समारोह नहीं, बल्कि समाज सेवा, समर्पण और प्रेरणा का उत्सव बन गया। कार्यक्रम में शरीर से दिव्यांग किंतु हौसलों से बुलंद मोटिवेशनल स्पीकर पूनम श्रोती (भोपाल) ने अपने उद्बोधन से सबका दिल जीत लिया। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर संध्या अग्रवाल एवं चित्रा वाजपेई को सम्मानित किया गया। वरिष्ठतम पत्रकार उमेश रेखे को पत्रकारिता में छह दशक से अधिक योगदान हेतु लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड प्रदान किया गया। कुष्ठ रोगियों एवं बुजुर्गों की सेवा में समर्पित सुधीर भाई गोयल, नाममात्र शुल्क पर गंभीर बीमारियों का आयुर्वेद उपचार करने वाले डॉ. शिवदयाल वर्डे को सम्मानित किया गया। इंदौर की स्वच्छता अभियान की मिसाल बनीं सफाई कर्मी इंदिरा बाई श्यामलाल और महिला सुरक्षा में उल्लेखनीय कार्य करने वाली पुलिस अधिकारी गौरी तिवारी को भी सेवा सम्मान मिला। इसके अलावा समाजसेवा और जनहित कार्यों में योगदान हेतु जगप्रीत सिंह टुटेजा, बबीता हार्डिया, पायल गिदवानी, रेनू जय सिंघानी, विवेक गावडे, प्रीति बवेजा, हेमंत गट्टानी, हिना नीमा सहित अनेक विभूतियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम पूज्य श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर नितिन दास जी महाराज के सानिध्य में सम्पन्न हुआ। विशेष अतिथि के रूप में विधायक गोलू शुक्ला, वरिष्ठ पत्रकार एवं मध्यप्रदेश प्रेस क्लब अध्यक्ष डॉ. नवीन आनंद जोशी तथा केंद्रीय गुरुसिंघ सभा मप्र-छत्तीसगढ़ अध्यक्ष हरपाल सिंह मोनू भाटिया उपस्थित रहे। आयोजन की सफलता में केसरी फाउंडेशन की टीम – संजीव मल्होत्रा, लतिका नजान, संजय मिश्रा, मनजीत चावला, मनोज नजान, तेजपाल सिंह चावला, रोहन मल्होत्रा, शालिनी जोशी, मंजूषा नाचन, उपेंद्र जी, प्रीति अजमानी और हरलीन कौर चावला का महत्वपूर्ण योगदान रहा। फाउंडेशन ने संकल्प लिया है कि समाज सेवा और प्रतिभाओं को मंच देने का यह प्रयास निरंतर जारी रहेगा।

नगर वनों का उचित विकास और रखरखाव हो: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

वनों में स्थित आस्था स्थलों को किया जाए विकसित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव नगर वनों का उचित विकास और रखरखाव हो: मुख्यमंत्री डॉ. यादव नदियों के किनारों पर पौधरोपण को करें प्रोत्साहित: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन विभाग की गतिविधियों की समीक्षा की भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के वनांचल में ऐसे बहुत से क्षेत्र हैं जिन्हें स्थानीय समुदायों द्वारा सांस्कृतिक या धार्मिक मान्यताओं के आधार पर पारंपरिक रूप से संरक्षित किया जाता है। आस्था के ये क्षेत्र न केवल आध्यात्मिक महत्व रखते हैं, बल्कि जैवविविधता संरक्षण, पारिस्थितिकी संतुलन, सामुदायिक एकता और सांस्कृतिक विरासत को बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने ऐसे स्थलों को देवलोक वनों के रूप में विकसित करने की जरूरत बताई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन क्षेत्र में प्रदेश की प्रमुख नदियों के दोनों ओर 5 किलोमीटर क्षेत्र में पौधारोपण गतिविधियों को बढ़ाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में वन विभाग की गतिविधियों की समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नदियों के किनारों के अतिक्रमण हटाने में स्थानीय समुदाय का सहयोग लिया जाए। साथ ही स्थानीय समुदाय के आय संवर्धन के लिए पौधारोपण में औषधीय पौधों सहित उपयोगी पौधों के रोपण को प्राथमिकता दी जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर उज्जैन देवास क्षेत्र को मेट्रोपोलिटन एरिया के रूप में विकसित किया जा रहा है, क्षिप्रा नदी के संरक्षण की योजना तदनुसार बनाई जाए। मुख्यमंत्री ने नगर वनों के उचित विकास और रखरखाव के संबंध में भी अधिकारियों को निर्देशित किया। मगरमच्छ व अन्य जलीय जीव, जल संरचनाओं के स्वस्थ इकोसिस्टम के लिए जरूरी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नदियों और जल संरचनाओं के स्वस्थ ईकोसिस्टम को बनाए रखने में मगरमच्छ, घड़ियाल और कछुओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन नदियों और जल संरचना में यह जीव अधिक संख्या में हैं, वहां से उन्हें शिफ्ट कर अन्य नदियों और जल संरचना में छोड़ा जाए। इसकी शुरुआत नर्मदा और तवा नदी से की जाए। बैठक में वन ग्रामों को राजस्व ग्राम में परिवर्तित करने, लघु वन उपज के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि, तेंदूपत्ता बोनस वितरण आदि विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ। बैठक में अपर मुख्य सचिव वन  अशोक वर्णवाल, प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन बल प्रमुख  व्ही.एन. अम्बाडे सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

मोहन सरकार ने श्रमिक सुरक्षा को बनाया प्राथमिकता, विशेष ध्यान दिया गया

भोपाल  श्रमिकों की सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। श्रमिकों की सुरक्षा कर्तव्य के साथ-साथ सामाजिक सरोकार भी है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिये कारखाना अधिनियम,1948 तथा भवन एवं अन्य संनिर्माण अधिनियम,1996 और इनके अंतर्गत बनाए गए नियमों का पालन करना प्रत्येक नियोजक, कारखाना अधिभोगी और प्रबंधक का कानूनी दायित्व है। सभी कारखानों के प्रबंधन व निर्माण कार्य नियोजकों से अपेक्षा की जाती है कि वे स्वेच्छा से पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करें तथा श्रमिकों के लिए सुरक्षित, स्वस्थ एवं सम्मानजनक कार्य वातावरण प्रदान करें। संचालक औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा मती नमिता तिवारी ने बताया है कि श्रमिकों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। कारखानों या निर्माण स्थलों के निरीक्षणों में पाए गए गंभीर उल्लंघनों पर कानूनी कार्रवाई की जाती है। ज्ञात्व्य है कि सुरक्षा प्रावधानों का उल्लंघन करने पर नियमों में जुर्माना या कारावास या दोनों तरह की कार्रवाई का प्रावधान है। औधोगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के सभी अधिकारियों को समस्त लम्बित वैधानिक प्रकरणों में विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए है। इनके त्वरित निराकरण से उत्पन्न निरोधक प्रभाव निर्माण स्थल और कारखानों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में सहायक सिद्ध होगा। श्रम विभाग ने उद्योग जगत व नियोजकों से सहयोग की अपेक्षा की है ताकि उत्पादन और प्रगति के साथ-साथ श्रमिकों की सुरक्षा एवं कल्याण भी सुनिश्चित हो सके।  

नगर की सड़कों से विकास को मिलेगी रफ्तार: आयुक्त भोंडवे का बयान

नगर की सड़कों से विकास को मिलेगी रफ्तार- आयुक्त भोंडवे सस्टेनेबल रोड इंफ्रास्ट्रक्चर विषय पर हुई कार्यशाला भोपाल आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास संकेत भोंडवे ने कहा है कि नगरीय क्षेत्र की सड़कों से विकास को रफ्तार मिलती है और इसके लिये जरूरी है कि सड़के गुणवत्तापूर्ण हो। उन्होंने कहा कि नगरीय निकायों से जुड़े हुए इंजीनियरों की जवाबदारी है कि वे सड़कों के निर्माण और संधारण पर पूरा ध्यान रखें। आयुक्त श्री भोंडवे शुक्रवार को आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन अकादमी भोपाल में सस्टेनेबल रोड इंफ्रास्ट्रक्चर विषय पर हुई कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। आयुक्त श्री भोंडवे ने कहा कि प्रदेश में करीब ढाई करोड़ की आबादी शहरी क्षेत्र में रहती है। शहरी क्षेत्र की सड़कों पर यातायात का दबाब काफी है। इन सड़कों पर नगरीय क्षेत्र की अन्य अधोसंरचनाओं का भी प्रभाव पड़ता है इसलिये जरूरी है कि सड़कों को बेहतर गुणवत्ता के साथ बनाया जाये। कार्यशाला में बताया गया कि नगरीय प्रशासन विकास एवं आवास विभाग के अंतर्गत आगामी 5 वर्षों में 2 लाख करोड़ रूपये के काम होंगे। इसी के साथ केन्द्र सरकार की अमृत, स्वच्छ भारत मिशन एवं प्रधानमंत्री आवास योजना, जलप्रदाय, सीवरेज, हरित क्षेत्र विकास और यूज्ड वाटर मेनेजमेंट आदि कार्यों का क्रियान्वयन भी किया जा रहा है। सड़के हमारी अर्थव्यवस्था की धुरी हैं, जो नगरीय निकायों के समस्त क्षेत्रों को एक साथ जोड़ती हैं। नगरीय क्षेत्रों की सड़कों की गुणवत्ता सीधे तौर पर हमारी कार्य कुशलता को दर्शाती है। नगरीय निकायों के यंत्री अपने कार्य क्षेत्र में पूर्ण योगदान दे रहे हैं किंतु टेक्नोलॉजी में आ रहे परिवर्तन के साथ उन्हें अपनी कार्य प्रणाली में बदलाव की जरूरत है। कार्यशाला का उद्देश्य भी यही है। कार्यशाला में आईआईटी इंदौर, रूड़की, MORTH, CRRI & RODIC के विषय-विशेषज्ञों द्वारा सड़क निर्माण की नवीन प्रणाली तथा सड़कों की गुणवत्‍ता सुनिश्चित करने पर प्रस्‍तुतिकरण दिया गया। विषय विशेषज्ञों ने दी जानकारी कार्यशाला में सड़क निर्माण कार्य से जुड़े विषय विशेषज्ञों ने विभिन्न सत्रों को संबोधित किया। इनमें RODIC के श्री आरएस महालहा और श्री एचसी अरोरा ने डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट, टेंडर प्रोसेस, आईआईटी इंदौर, रूडकी, MORTH, CRRI के विषय विशेषज्ञों ने सड़क निर्माण की नवीन प्रणाली तथा सड़कों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर प्रस्तुतिकरण दिया। कार्यशाला में कंस्ट्रक्शन टेक्निक, क्वॉलिटी कंट्रोल, टेस्टिंग लैब की प्रक्रिया, डिजिटल प्रोजेक्ट मेनेजमेंट, रीयल टाइम मॉनिटरिंग, नगर सड़कों की सुरक्षा, सड़क निर्माण में वेस्ट मटेरियल के उपयोग के बारे में जानकारी दी गई। कार्यक्रम के प्रारंभ में प्रमुख अभियंता श्री प्रदीप मिश्रा ने प्रदेश की नगरीय अधोसंरचना के बारे जानकारी दी। कार्यशाला में प्रदेश के 600 यंत्रियों का क्षमतावर्धन किया गया।  

विवादों में घिरे मुरैना के सबलगढ़ SDM अरविंद माहौर को CM ने सस्पेंड किया

 मुरैना विवाद में घिरे मुरैना के सबलगढ़ एसडीएम अरविंद माहौर पर बड़ा एक्शन हुआ है। एसडीएम अरविंद माहौर के विरुद्ध महिला से अभद्र व्यवहार और नियमविरुद्ध 6 पटवारियों के तबादले करने की गंभीर शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए एसडीएम को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए गए हैं। इस मामले में सीएम मोहन यादव(CM Mohan Yadav) ने कमिश्नर चंबल को अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए हैं। सीएम मोहन यादव का बड़ा एक्शन 6 पटवारियों के ट्रांसफर आदेश जारी करने वाले स्थानांतरित एसडीएम पर सीएम ने सख्त एक्शन लिया है। एक्स पर जानकारी देते हुए सीएम मोहन यादव ने लिखा कि, 'सबलगढ़ (मुरैना) के एसडीएम अरविन्द माहौर के विरुद्ध महिला से अभद्र व्यवहार एवं नियमविरुद्ध पटवारियों के तबादले करने की गंभीर शिकायतों के संज्ञान में आने के पश्चात् एसडीएम को तत्काल निलंबित(Morena Subalgarh SDM suspended) करने के निर्देश दिये हैं। इस प्रकरण में कमिश्नर चंबल को अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए भी गए हैं। जनसेवा में आचरण की मर्यादा से कोई समझौता स्वीकार्य नहीं है।' ये है पूरा मामला विवाद में घिरे सबलगढ़ एसडीएम अरविंद माहौर का कारनामा सामने आया। कलेक्टर अंकित अस्थाना के आदेश के बाद स्थानांतरित किए गए एसडीएम रात 8 बजे अपने ऑफिस पहुंचे और उन्होंने आनन-फानन में 6 पटवारियों के ट्रांसफर कर दिए। जिनमें कुछ पटवारी ऐसे हैं, जिनके स्थानांतरण कुछ समय पहले ही कलेक्टर ने किए थे लेकिन वे अपनी मनचाही जगह पर जाना चाहते थे। उल्लेखनीय है कि हाथठेला लगाने वाले एक युवक के महिला परिजन के प्रताड़ित करने की शिकायत आने पर कलेक्टर अंकित अस्थाना ने मंगलवार की शाम 6 बजे उनका ट्रांसफर मुरैना कर दिया और उनकी जगह मेघा तिवारी को नया एसडीएम बनाने का आदेश जारी किया था। इन पटवारियों के किए स्थानांतरण एसडीएम अरविंद माहौर ने हलका नंबर-54 सबलगढ़ में पदस्थ पटवारी राधा शर्मा को हलका नंबर-5 बाबड़ीपुरा, हलका नंबर-53 सुनहरा में पदस्थ अली हसन को हलका नंबर-34 रामपहाड़ी, पटवारी हरिओम मीणा को हलका नंबर-34 रामपहाड़ी से हटाकर हलका नंबर-53 सुनहरा, पटवारी मुकेश माथुर को हलका नंबर-27 जमुनीपुरा से हटाकर हलका नंबर-54 सबलगढ़, पटवारी सोनम कुशवाह को हलका नंबर-10 जाटौली से हटाकर हलका नंबर-66 बामसौली, प्रिंस गर्ग को हलका नंबर-बामसौली से हटाकर हलका नंबर-10 जाटौली में पदस्थ करने के आदेश जारी किए हैं।

मंत्री सारंग ने स्वदेशी जागरण अभियान में की सहभागिता

प्रधानमंत्री  मोदी के आहवान पर दुकानदारों ने शुरू किया स्वदेशी जागरण अभियान मंत्री सारंग ने स्वदेशी जागरण अभियान में की सहभागिता दुकानदारों ने विदेशी सामग्री के स्वदेशी विकल्प की भी लगाई सूची भोपाल प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के “स्वदेशी अपनाओ” के आहवान को जनआंदोलन बनाने की दिशा में नरेला विधानसभा में अनूठी पहल शुरू हुई है। शुक्रवार को वार्ड क्रमांक 58 स्थित गौतम नगर मार्केट के स्थानीय दुकानदारों के आग्रह पर सहकारिता मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने “स्वदेशी अभियान” में सहभागिता की। मंत्री  सारंग की मौजूदगी में दुकानदारों ने अपनी दुकानों पर “हमारे यहां स्वदेशी सामान मिलता है” के स्टीकर लगाए साथ ही ग्राहकों को स्वदेशी सामान खरीदने के लिये प्रेरित किया। इस अवसर पर उन्होंने स्वयं भी स्वदेशी सामान की खरीदारी कर यूपीआई के माध्यम से भुगतान किया। मंत्री  सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी का यह आहवान आत्मनिर्भर भारत की नींव को और मजबूत करने वाला है। स्वदेशी उत्पादों को अपनाकर हम न केवल देश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में योगदान देंगे, बल्कि स्थानीय उद्यमों और श्रमिकों को भी नई ताकत प्रदान करेंगे। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि प्रधानमंत्री  मोदी का संदेश उन्हें नई ऊर्जा प्रदान कर रहा है। इस मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और व्यापारी उपस्थित रहे। वातावरण में उत्साह और स्वदेशी के समर्थन का जोश स्पष्ट रूप से देखा जा सकता था। दुकानदारों और ग्राहकों ने एक स्वर से संकल्प लिया कि वे अब स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देंगे। उल्लेखनीय है कि नरेला विधानसभा में दुकानदारों ने विदेशी उत्पादों के स्थान पर उपलब्ध स्वदेशी विकल्पों की सूची भी प्रदर्शित की, जिससे ग्राहकों को जागरूक किया जा सके। दुकानदार स्वयं भी ग्राहकों को प्रेरित कर रहे हैं कि विदेशी उत्पादों के बजाय स्वदेशी सामान खरीदें।  

नरवाई जलाने से रोकने के लिए कृषि मंत्री ने किसानों को कृषि यंत्रों का उपयोग करने की सलाह दी

फसल अवशेष प्रबंधन पर एक दिवसीय कार्यशाला भोपाल  किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री  एदल सिंह कंषाना ने कहा है कि किसान भाई नरवाई से जुड़े सभी कृषि यंत्रों का उपयोग करें, जिससे प्रदेश में फसल अवशेष जलाने की घटनाएँ नियंत्रित हो सकें। उन्होंने भोपाल में आयोजित फसल अवशेष प्रबंधन पर एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारम्भ किया। कृषि मंत्री  कंषाना ने कहा कि फसल अवशेष जलाने की घटनाओं को नियंत्रित कर वायु प्रदूषण कम किया जा सकता है। मृदा में कार्बनिक पदार्थ बढ़ाने से फसल के उत्पादन में वृद्धि होती है। प्रदेश में किसानों को समझाईश देकर उत्पादन लागत कम कर आय बढ़ाने का कार्य चल रहा है। फसल अवशेषों का समुचित उपयोग कर कृषकों की अतिरिक्त आय के विकल्प उपलब्ध कराये जा रहे हैं। कार्यशाला में कृषि उत्पादन आयुक्त  अशोक बर्णवाल, सचिव कृषि  निशांत वरबडे, कुलगुरु कृषि विश्वविद्यालय ग्वालियर  अरविंद शुक्ला, मुख्य महाप्रबंधक नाबार्ड मती एस. सरस्वती, निदेशक सीफेट लुधियाना डॉ. नचीकेत कोतवालीवाले, निदेशक सीआईएई भोपाल डॉ. सीआर मेहता, देश एवं प्रदेश से आए वरिष्ठ अधिकारी एवं विशेषज्ञगण, नरवाई प्रबंधन से जुड़े यंत्रों के निर्माता बंधु सहित किसान भाई-बहन उपस्थित थे।