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दो साल से काम कर रही कंपनी पर संकट, इंदौर में पेस्ट कंट्रोल ठेका बदलने की कवायद

इंदौर इंदौर के एमवाय अस्पताल में दो नवजात बच्चियों के शरीर चूहों द्वारा कुतरे जाने और उनकी मौत के मामले में अस्पताल प्रबंधन पेस्ट कंट्रोल कंपनी पर जिम्मेदारी डाल रहा है। कंपनी से पेस्ट कंट्रोल का ठेका छीनने की तैयारी की जा रही है। एलाइजा कंपनी को नोटिस भी जारी कर दिया गया है। इस बार अस्पताल के बजट में कंपनी को 11 करोड़ रुपये देने की तैयारी थी, लेकिन अब उस पर भी संकट गहरा गया है। आमतौर पर काम प्रभावित न हो, इसलिए अलग-अलग एजेंसियों को हायर किया जाता है, लेकिन एमवाय अस्पताल प्रबंधन एक ही कंपनी पर मेहरबान था। उसे सफाई, पेस्ट कंट्रोल और सुरक्षा का जिम्मा सौंपा गया था। बताया जाता है कि कंपनी ने स्टाफ भी काफी कम रखा था, जिसके कारण व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही थीं। डेटा एंट्री ऑपरेटर कम होने से कई बार पर्चियां बनाने के लिए अस्पताल में लंबी कतारें लग जाती थीं। कंपनी अस्पताल बिल्डिंग के कुछ हिस्सों में ही पेस्ट कंट्रोल करती थी, जबकि परिसर में हजारों की संख्या में चूहों के बिल हैं। परिसर से चूहों को भगाने पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। पेस्ट कंट्रोल से पहले कंपनी ने कभी वार्डों को भी खाली नहीं कराया। आपको बता दें कि "चूहाकांड" के बाद एक उच्च स्तरीय कमेटी गठित की गई है, जो मामले की जांच कर रही है। शुक्रवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी भी अस्पताल पहुंचे थे। उन्होंने अधीक्षक और डीन को हटाने की मांग की है।  

पुराने केस की गुत्थी: शारिक मछली और क्लीन चिट देने वाला टीआई अब जांच के दायरे में

भोपाल  भोपाल में लव और ड्रग्स जिहाद के आरोपों में घिरे मछली कारोबारी शारिक मछली के खिलाफ नौ साल पुराने मारपीट के मामले में पुलिस पूरक चालान पेश करने जा रही है। वर्ष 2016 में अशोका गार्डन निवासी राजेश तिवारी की शिकायत पर शारिक मछली, तारिक मछली, रिजवान और शोएब के खिलाफ धारदार हथियार से हमला, मारपीट और धमकी देने सहित विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया था। जांच में तत्कालीन थाना प्रभारी ने दी थी क्लीन चिट इस मामले की जांच तत्कालीन थाना प्रभारी अनूप उइके ने की थी। उन्होंने शारिक और तारिक मछली को क्लीन चिट देते हुए सिर्फ रिजवान और शोएब के खिलाफ चार्जशीट पेश की थी। पुलिस ने चालान पेश करने में दो साल का समय लगा दिया। वहीं, जिन दो आरोपियों पर चालान पेश हुआ, वे भी करीब आठ साल से पेशी पर नहीं जा रहे हैं। न्यायालय द्वारा कई बार गिरफ्तारी वारंट जारी करने के बावजूद थाना पुलिस शारिक मछली के दबाव में आरोपियों को कोर्ट में पेश नहीं कर रही थी। इस मामले में लापरवाही और आरोपियों को बचाने के आरोपों को लेकर पुलिस आयुक्त कार्यालय ने अनूप उइके को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। यदि जवाब संतोषजनक नहीं मिला, तो विभागीय जांच की जाएगी। पीड़ित ने लगाए नए आरोप, दोबारा शुरू हुई जांच पीड़ित राजेश तिवारी ने हाल ही में एक वीडियो जारी कर शारिक मछली पर अपहरण, फार्महाउस में बंधक बनाने, मारपीट और अड़ीबाजी के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने इस मामले की शिकायत पुलिस आयुक्त और अशोका गार्डन थाना में भी की थी। पुलिस आयुक्त हरिनारायणचारी मिश्रा ने इस पर पुरानी फाइलों की दोबारा जांच के आदेश दिए हैं। थाना पुलिस ने अब वर्ष 2016 के केस की पुरानी फाइल खंगालना शुरू कर दी है और जल्द ही शारिक मछली के खिलाफ पूरक चार्जशीट कोर्ट में पेश की जाएगी।

गणेश विसर्जन 2025: भोपाल में चल समारोह के साथ बदल रही ट्रैफिक व्यवस्था

भोपाल राजधानी भोपाल में शनिवार को छोटी बड़ी गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा इसके साथ ही शहर में चल समारोह भी निकलेगा। शनिवार सुबह 9 बजे से गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन प्रेमपुरा घाट, कमलापति घाट, बैरागढ़ और हथाईखेड़ा डैम पर किया जाएगा। शाम 7 बजे से मुख्य चल समारोह भारत टॉकीज चौराहे से रवाना होगा और रानी कमलापति घाट पर पहुंचकर संपन्न होगा। जुलूस इतवारा, मंगलवारा, गल्ला मंडी, जुमेराती, मोती मस्जिद, कमला पार्क समेत कई मार्गों से गुजरेगा। इसी के चलते पुलिस ने ट्रैफिक डायवर्ट किया है। शनिवार सुबह 8 बजे से शहर में भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। खजूरी सड़क, लालघाटी, करोंद, भानपुर, एयरपोर्ट, इस्लाम नगर, रत्नागिरी समेत सभी प्रमुख एंट्री पॉइंट से बड़े वाहन शहर नहीं आ पाएंगे। शाम 5 बजे से भारत टॉकीज, नादरा बस स्टैंड, अल्पना तिराहा क्षेत्र में सिटी बस और मैजिक वाहनों का प्रवेश बंद रहेगा। प्रेमपुरा घाट, खटलापुरा घाट, शाहपुरा, बैरागढ़, हथाईखेड़ा डैम, रानी कमलापति घाट शहर के प्रमुख घाट हैं। जहां सुरक्षा के खास इंतेजाम किए गए हैं। मुख्य चल समारोह का रूट शाम 7 बजे से मुख्य बल समारोह भारत टॉकीज चौराहे से रवाना होकर इतवारा, मंगलवारा, गल्ला मंडी, जुमेराती, मोती मस्जिद, कमला पार्क समेत कई प्रमुख मार्गों से गुजरेगा। इस दौरान आसपास के सभी मार्गों को बंद कर दिया जाएगा। रेतघाट क्षेत्र में प्रवेश भी प्रतिबंधित रहेगा। भारत माता बौक पर जुलूस पहुंचने पर भदभदा पुल से सिटी डिपो की और यातायात बंद कर दिया जाएगा। यातायात पुलिस ने अपील की है कि नागरिक असुविधा से बचने के लिए निर्धारित मार्गों का पालन करें। आज ऐसी रहेगी ट्रैफिक व्यवस्था, रास्ते डायवर्ट रहेंगे सुबह 8 बजे से भारी वाहनों का शहर में प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। खजूरी सड़क, लालघाटी, करोंद, भानपुर, एयरपोर्ट, जगदीशपुर रत्नागिरी समेत सभी प्रमुख एंट्री पॉइंट से बड़े वाहन शहर नहीं आ पाएंगे। शाम 5 बजे से भारत टॉकीज, नादरा बस स्टैंड और अल्पना तिराहा क्षेत्र में सिटी बस और मैजिक वाहनों का प्रवेश बंद रहेगा। शाम 6 बजे से मंगलवारा, दयानंद चौक और जुमेराती क्षेत्र से किसी भी वाहन को बस स्टैंड की ओर जाने की अनुमति नहीं होगी। रात 8 बजे से तीन मोहरा से भारत टॉकीज की ओर जाने वाले वाहन इस्लामी गेट और सिंधी कॉलोनी होकर ही निकल सकेंगे। अल्पना टॉकीज से नादरा की ओर जाने वाले वाहन संगम टॉकीज मार्ग से डायवर्ट होंगे। बैरागढ़ क्षेत्र में विसर्जन जुलूस सीहोर रोड से निकलेगा। इस दौरान भोपाल-इंदौर मार्ग पर डायवर्जन रहेगा। इंदौर- देवास की ओर जाने वाले वाहनों को लालघाटी से एयरपोर्ट तिराहा होते हुए बायपास का उपयोग करना होगा। वहीं, रेलवे स्टेशन, रोशनपुरा और न्यू मार्केट की ओर जाने वाले वाहनों के लिए भी वैकल्पिक मार्ग तय किए गए हैं। पुलिस कंट्रोल रूम, जेल मुख्यालय, कोर्ट चौराहा, मैदा मिल, सुभाष नगर ओवरब्रिज से होकर यातायात को डायवर्ट किया जाएगा। उधर, इंदौर और सीहोर से आने वाली बसें हलालपुरा बस स्टैंड पर ही समाप्त होंगी। आईएसबीटी से चलने वाली बसें भारत टॉकीज और प्रभात चौराहा मार्ग से नहीं गुजर पाएंगी, उन्हें बायपास से निकाला जाएगा। गुना और ग्वालियर की बसों का संचालन भी हलालपुरा से ही होगा। बैरसिया की बसें बेस्ट प्राइज तिराहा तक ही आ पाएंगी। रात 7 बजे से मुख्य चल समारोह भारत टॉकीज चौराहे से रवाना होकर इतवारा, मंगलवारा, गल्ला मंडी, जुमैराती, मोती मस्जिद, कमला पार्क समेत कई प्रमुख मार्गों से गुजरेगा। इस दौरान आसपास के सभी मार्गों को बंद कर दिया जाएगा। रेत घाट क्षेत्र में प्रवेश भी प्रतिबंधित रहेगा। भारत माता चौक पर जुलूस पहुंचने पर भदभदा पुल से सिटी डिपो की ओर यातायात बंद कर दिया जाएगा। 

‘सर तन से जुदा’ के नारे पर बवाल, मंत्री सारंग का सख्त बयान

भोपाल  मध्य प्रदेश के सागर जिले में ईद मिलाद-उन-नबी के जुलूस के दौरान लगाए गए विवादित नारों ने सियासी पारा चढ़ा दिया है. बताया जा रहा है कि शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र के तीन बत्ती इलाके में यह जुलूस कांग्रेस नेता फिरदौस कुरैशी और पम्मा कुरैशी के नेतृत्व में निकाला गया था. इसी दौरान 'सर तन से जुदा' जैसे भड़काऊ नारे लगाए गए, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज घटना के सामने आने के बाद पुलिस हरकत में आ गई. अधिकारियों के अनुसार, वीडियो की जांच के बाद एफआईआर दर्ज कर ली गई है और आरोपियों की पहचान की जा रही है. पुलिस ने कहा कि किसी भी सूरत में शहर की अमन-शांति को बिगड़ने नहीं दिया जाएगा और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी. इस पूरे मामले पर प्रदेश सरकार ने भी कड़ा रुख अपनाया है. राज्य के कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग ने इसे बेहद गंभीर मामला बताया. उन्होंने कहा कि जब-जब समाज में विघटनकारी गतिविधियां होती हैं, उसका तार कांग्रेस से ही जुड़ जाता है. उन्होंने आरोप लगाया कि इंदौर में लव जिहाद का आरोपी पार्षद अनवर कादरी भी कांग्रेस से जुड़ा हुआ है और अब सागर में भड़काऊ नारों में कांग्रेस नेताओं का नाम सामने आ रहा है. ऐसे कृत्य बर्दाश्त से बाहर: सारंग सारंग ने चेतावनी दी कि मध्य प्रदेश में ऐसे कृत्यों को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा, 'यह बेहद गंभीर मामला है, एफआईआर दर्ज हो चुकी है, इसमें जो नाम सामने आए हैं, उनका कांग्रेस से जुड़ाव चिंता का विषय है. प्रदेश में समाज को बांटने और माहौल बिगाड़ने वालों के खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई होगी जो नज़ीर बनेगी.' 'माहौल बिगाड़ने की कोशिश' स्थानीय लोगों का कहना है कि तीन बत्ती क्षेत्र शहर का मुख्य इलाका है और यहां इस तरह की नारेबाजी जानबूझकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश है. फिलहाल पुलिस ने वीडियो को प्रमाण के तौर पर जब्त कर लिया है और संबंधित लोगों की तलाश जारी है. इस घटना से सागर में तनाव का माहौल बन गया है. प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है.

साजिश और सनसनीखेज कत्ल… राजा रघुवंशी केस में पुलिस ने पेश की 790 पन्नों की चार्जशीट

इंदौर मेघालय पुलिस ने इंदौर के कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में बड़ी कार्रवाई की है. इस बहुचर्चित हनीमून मर्डर केस में पुलिस की एसआईटी ने लंबी जांच के बाद शुक्रवार को अदालत में 790 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की. चार्जशीट में राजा रघुवंशी की पत्नी सोनम रघुवंशी, उसके कथित प्रेमी राज कुशवाहा और उनके तीन साथी आकाश राजपूत, आनंद कुरमी और विशाल सिंह चौहान को आरोपी बनाया गया है. ये सभी आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं. हनीमून मर्डर केस में दाखिल चार्जशीट कितने पन्नों की है? पुलिस ने यह चार्जशीट सोहरा सब-डिवीजन के प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में दाखिल की है. इसमें 790 पन्नों में घटनाक्रम, गवाहों के बयान, फॉरेंसिक रिपोर्ट और तकनीकी सबूतों का ब्योरा दर्ज किया गया है. हनीमून मर्डर केस में मुख्य आरोपी कौन है? चार्जशीट के अनुसार, सोनम और उसके प्रेमी राज कुशवाहा ने मिलकर राजा रघुवंशी की हत्या की साजिश रची थी. आरोप है कि शादी के बाद हनीमून ट्रिप के दौरान ही पति की हत्या की प्लानिंग की गई थी. अन्य तीन आरोपियों ने इस साजिश को अंजाम देने में मदद की. हनीमून मर्डर चार्जशीट में कौन से सबूतों का जिक्र है? चार्जशीट में हत्या, सबूत मिटाने और आपराधिक साजिश के तहत आरोप दर्ज किए गए हैं. आरोपियों पर धारा 103(1) BNS (हत्या), धारा 238(a) BNS (सबूत मिटाना), और धारा 61(2) BNS (आपराधिक साजिश) के तहत केस दर्ज है. इसके अलावा कॉल रिकॉर्ड्स, मोबाइल डेटा और गवाहों के बयान भी इसमें शामिल किए गए हैं. क्या सोनम ने हनीमून मर्डर केस में अपनी भूमिका स्वीकार की है? बता दें कि क्राइम सीन रीक्रिएशन के दौरान सोनम रघुवंशी ने स्वीकार किया था कि हत्या के समय वह मौके पर मौजूद थी. जांच टीम को दिए बयान में उसने बताया था कि पार्किंग लॉट में ही उसने किलर्स को इशारा कर दिया था. अब चार्जशीट में सोनम को मुख्य आरोपी के तौर पर नामजद किया गया है. ईस्ट खासी हिल्स के एसपी विवेक सियेम ने बताया कि इस मामले में तीन और सह-आरोपियों के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की जाएगी, जैसे ही अतिरिक्त फॉरेंसिक रिपोर्ट मिल जाती है. ये तीन सह आरोपी हैं, जिनमें प्रॉपर्टी डीलर सिलोमे जेम्स, लोकेन्द्र तोमर (वह बिल्डिंग मालिक जहां हत्या के बाद सोनम छिपी थी) और बलबीर अहिरवार (सिक्योरिटी गार्ड) शामिल हैं. इन तीनों को सबूत नष्ट करने और छिपाने के आरोप में पहले गिरफ्तार किया गया था, लेकिन फिलहाल ये जमानत पर बाहर हैं. हनीमून मर्डर केस में ट्रायल कब शुरू होगा? अदालत में चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब ट्रायल प्रक्रिया जल्द शुरू होने की संभावना है. हत्या का यह मामला बेहद चर्चा में रहा, यह घटना शादी के तुरंत बाद हनीमून ट्रिप के दौरान हुई थी. चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब इस हाई-प्रोफाइल केस की अदालत में सुनवाई तेज होने की उम्मीद है.

लगातार बारिश से भोपाल का बड़ा तालाब लबालब, भदभदा डैम का गेट महापौर ने पूजा-अर्चना कर खोला

भोपाल  राजधानी भोपाल में सुबह से ही बारिश का दौर चल रहा है। कभी तेज कभी हल्की बारिश हो रही है। भोपाल में भदभदा डैम के गेट सीजन में पहली बार खुले हैं। शनिवार सुबह 10.35 बजे महापौर मालती राय और निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंसी ने पूजा की, इसके बाद बांध के दो गेट खोल दिए गए। पानी निकासी के बाद इनमें से एक गेट बंद कर दिया गया है। कुल 11 में से एक गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है। बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव होने से मध्यप्रदेश में एक बार फिर बाढ़ जैसे हालात हैं। रायसेन में हलाली बांध के 3 गेट 2-2 मीटर तक खोले गए हैं। इनसे 451.89 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा है। पुलिस बल तैनात डैम के पास सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल तैनात किया गया है। कंट्रोल रूम से अतिरिक्त जवान भी बुलाए गए हैं और आम लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसके बावजूद लोग परिवार सहित डैम के गेट खुलते देखने पहुंच रहे हैं। दरअसल, कैचमेंट एरिया और सीहोर जिले में बारिश होने से बड़ा तालाब का जलस्तर 1666.50 फीट तक पहुंच गया। इसके बाद डैम प्रबंधन ने गेट खोलने का निर्णय लिया। गेट से निकला पानी सीधे कलियासोत डैम में पहुंच रहा है, जिससे वहां भी गेट खोले जाने की संभावना है। वहीं, केरवा डैम में भी पानी का स्तर लगातार बढ़ रहा है। शुक्रवार को इंदौर के अम्मार नगर, खजराना में नाले किनारे बना तीन मंजिला मकान ढह गया। राजगढ़, नीमच और उज्जैन में कारें पानी में बह गईं। एक युवक लापता है। वहीं, इंदिरा सागर समेत 5 डैम के गेट खोलने पड़े। रतलाम में खाचरौद रोड पर कुछ परिवार बच्चों के साथ पानी के बीच फंस गए थे। एसडीईआरएफ की टीम ने देर रात सभी लोगों को रेस्क्यू किया। 12 जिलों में साढ़े 4 इंच तक बारिश का अलर्ट मौसम विभाग के मुताबिक, शनिवार को इंदौर में हल्की बारिश का दौर रहेगा जबकि उज्जैन समेत 12 जिलों में भारी बारिश हो सकती है। जिन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है, उनमें उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, झाबुआ, धार, शाजापुर, राजगढ़, गुना और श्योपुर शामिल हैं। यहां अगले 24 घंटे में ढाई से साढ़े 4 इंच तक पानी गिर सकता है। जाने कब खुलता है डैम का गेट जानकारी के लिए बतादें कि कोलांस नदी जब उफान पर रहती है तो बड़ा तालाब में पानी जमा होता है। जब बड़ा तालाब पूरा भर जाता है तो भदभदा डैम के गेट खोले जाते हैं। यह पानी सीधे कलियासोत डैम में पहुंचता है। जिससे इस डैम का लेवल भी बढ़ जाता है और फिर इसके गेट भी खुल जाते हैं। पिछले साल जुलाई-अगस्त में ही ये सभी डैम लबालब भर गए थे, लेकिन इस बार अगस्त सूखा रहा। यही कारण है कि भदभदा, केरवा, कलियासोत और कोलार डैम के गेट अब तक नहीं खोले जा सके थे। राजधानी के डेमों की वर्तमान स्थिति कोलार डैम: इसका वाटर लेवल 1516.40 फीट है। अभी इसमें 1506.82 फीट पानी जमा है। इस हिसाब से यह काफी खाली है।  केरवा डैम: कुल 1673 फीट वाले केरवा डैम में अब तक करीब 1666.60 फीट पानी आ चुका है। तेज बारिश होने के बाद डैम में पानी का लेवल बढ़ जाएगा। कलियासोत डैम: डैम का अभी वाटर लेवल लगभग 1649.67 फीट है। इसकी कुल जलभराव क्षमता 1659.02 फीट है। इसके चलते डैम अभी भी करीब 9 फीट खाली है।  

अदाणी पावर को मिली सिंगरौली कोल ब्लॉक की मंजूरी, उत्पादन होगा जल्द शुरू

भोपाल सिंगरौली जिले के धिरौली में अदाणी पावर लिमिटेड कंपनी कोयला खदान का संचालन करेगी। कंपनी को खदान संचालन की स्वीकृति मिल गई है। धिरौली खदान की पीक उत्पादन क्षमता 6.5 मिलियन टन प्रति वर्ष (एमटीपीए) है। इसमें से पांच एमटीपीए उत्पादन ओपन कास्ट माइनिंग से और शेष भूमिगत खनन से होगा। भू-विज्ञानिक रिपोर्ट के अनुसार इस ब्लाक में 620 मिलियन मीट्रिक टन (एमएमटी) ग्रास जियोलाजिकल रिजर्व और 558 एमएमटी शुद्ध भंडार मौजूद है, जो आने वाले कई दशकों तक स्थिर आपूर्ति, ईंधन सुरक्षा और परिचालन स्थिरता सुनिश्चित करेगा।   जिम्मेदार खनन पहल के तहत, अदाणी पावर खदान क्षेत्र में ही कोयले को धोकर और प्रोसेस करके उसकी अशुद्धियों को यहीं सीमित रखेगी, ताकि बाहरी क्षेत्र में अनावश्यक उत्सर्जन न हो और पर्यावरण पर न्यूनतम प्रभाव पड़े। यह अदाणी पावर की पहली कैप्टिव खदान है। खदान की ओपन कास्ट पीक रेट क्षमता वित्त वर्ष 2027 तक हासिल करने का लक्ष्य है, जबकि भूमिगत खनन का आरंभ नौ वर्षों बाद किया जाएगा। अदाणी पावर के पास इस ब्लाक की 30 वर्ष की लीज़ है। धिरौली ब्लाक से अदाणी पावर की मर्चेंट पावर आवश्यकताओं को पूरा करेगा और साथ ही 1,200 मेगावाट क्षमता वाले पावर प्लांट को आपूर्ति की जाएगी, जिसे वर्तमान में 3,200 मेगावाट तक विस्तारित करने की महत्वाकांक्षी योजना पर काम हो रहा है।  

सिंहस्थ 2028 की तैयारी: सीएम डॉ. यादव ने अनुभवी अधिकारियों से मांगा मार्गदर्शन

सिंहस्थ 2028 की तैयारी: सीएम डॉ. यादव ने अनुभवी अधिकारियों से मांगा मार्गदर्शन सिंहस्थ 2028 के आयोजन को लेकर सीएम डॉ. यादव की बड़ी घोषणा, वरिष्ठ अधिकारियों का अनुभव होगा शामिल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा की भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सिंहस्थ : 2028 प्रतिष्ठापूर्ण आयोजन है। इसके लिए उज्जैन में पिछले दो सिंहस्थ वर्ष 2004 और 2016 के दौरान पदस्थ रहे वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के अनुभव का लाभ भी लिया जाए। इलाहाबाद में सम्पन्न महाकुंभ की व्यवस्थाओं का अध्ययन भी किया गया है। मध्यप्रदेश सरकार का संकल्प है कि सिंहस्थ : 2028 श्रद्धालुओं की दृष्टि से सुविधाजनक, दुर्घटनाविहीन, आवास, आवागमन, भोजन और अन्य व्यवस्थाओं के साथ श्रेष्ठ आपदा प्रबंधन का भी उदाहरण बने। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार की शाम मुख्यमंत्री निवास समत्व भवन में सिंहस्थ : 2028 की व्यवस्थाओं के संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्य सचिव अनुराग जैन और पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ : 2028 के प्रबंधों पर गत मंगलवार को भी विस्तृत बैठक हुई है। बैठक और संवाद का सिलसिला निरंतर चलेगा। प्रत्येक व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए विभागों को दायित्व दिए गए हैं। तैयारियों की नियमित रूप से समीक्षा की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन्द्र सरकार के संबंधित विभागों से भी आवश्यक सहयोग प्राप्त किया जा रहा है। हाल ही में प्रदेश के विभिन्न रेल मंडल प्रबंधकों ने उनसे भेंट कर सिंहस्थ के लिए रेल सुविधाओं की उपलब्धता और विस्तार के संबंध में अवगत करवाया है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए निर्मित होने वाले घाटों और उनके निकट विभिन्न सुविधाओं के विकास पर ध्यान दिया जा रहा है। सरलता और सुगमता से स्नान सम्पन्न हो सकें, इस दृष्टि से सभी जरूरी प्रबंध किए जाएंगे। पर्यटन विभाग और निजी क्षेत्र द्वारा होटलों की व्यवस्था, पुलिस और अन्य विभागों के अधिकारियों के लिए रहवास व्यवस्था को सुनिश्चित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा अधिकारियों को दिए गए प्रमुख निर्देश     सिंहस्थ से जुड़े कार्यों की सतत् समीक्षा की जाए। विभागवार बैठकें भी हों।     अधिकारी-कर्मचारियों के प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएं।     सिंहस्थ के दौरान सुरक्षा व्यवस्थाओं में आधुनिक तकनीक का प्राथमिकता से उपयोग हो।     विभिन्न देवस्थानों के परिसरों के विकास कार्य भी प्रारंभ किया जाए।     अनुभवी अधिकारियों की सेवाएं और मार्गदर्शन लेने का कार्य भी किया जाए।     भीड़ नियंत्रण में एआई के उपयोग के लिए आवश्यक अध्ययन किया जाए।     अन्य देशों में सिंहस्थ केन्द्रित सांस्कृतिक गतिविधियों की रूपरेखा को अंतिम रूप दें।

पीडीएस में हितग्राहियों की समीक्षा, मोहन सरकार ने बड़ी जमीन वालों को चेताया

भोपाल मध्य प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत 5.32 करोड़ हितग्राही हैं। इसमें 71 लाख किसान भी शामिल हैं। किस किसान के पास कितनी भूमि है, इसका पता लगाने के लिए राजस्व विभाग के डेटा से मिलान कराया जा रहा है। इसके आधार पर राज्य सरकार निर्णय लेगी कि किसे पीडीएस प्रणाली में रखना है और किसे नहीं। बड़े क्षेत्र वाले किसान पीडीएस की सूची से बाहर किए जा सकते हैं। भारत सरकार ने प्रदेश को 75 लाख पीडीएस के हितग्राहियों की सूची भेजी है। इसमें वे हितग्राही भी हैं, जिनकी वार्षिक आय छह लाख से अधिक है, कंपनी में संचालक हैं या फिर जीएसटी के दायरे में आते हैं। इसके साथ ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि वाले किसानों को भी शामिल किया है। यद्यपि, इनके बारे में कोई दिशा निर्देश नहीं दिए गए हैं, लेकिन राज्यों से कहा गया है कि वे अपने स्तर से नीति निर्धारित कर सकते हैं। सूत्रों का कहना है कि राजस्व विभाग के डेटा से यह जानकारी निकाली जा रही है कि किस किसान के पास कितनी भूमि है। ऐसे किसान, जिनके पास पांच एकड़ से अधिक भूमि है, उनके संबंध में आगे चलकर निर्णय लिया जा सकता है। 16 हजार नाम सरकार ने पहले ही हटा दिए उधर, जिलों में कराई जांच के बाद अपात्र हितग्राहियों के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं। छह लाख से अधिक वार्षिक आय वाले 1.57 हितग्राही चिन्हित किए गए थे। इनमें से 16 हजार के नाम सरकार पहले ही हटा चुकी है और भारत सरकार के निर्देश के बाद अब तक 1,909 नाम हटाए गए हैं। इसी तरह कंपनी में संचालक होने के बाद निश्शुल्क मिलने वाला राशन लेने वाले 18 हजार हितग्राहियों में 1,100 के नाम पहले हटाए गए हैं और अब 106 को सूची से बाहर किया है। जीएसटी देने वाले 1,381 हितग्राहियों में से 139 और 1.51 डुप्लीकेट श्रेणी के हितग्राहियों में से 20 हजार के नाम हटा दिए हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि सभी जिलों में अपात्रों के सत्यापन की प्रक्रिया चल रही है और जैसे-जैसे यह काम पूरा होता जा रहा है, वैसे-वैसे नाम काटे जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि इसके पहले ई-केवाईसी कराकर लगभग 20 लाख अपात्रों के नाम सूची से हटाए जा चुके हैं।

मध्य प्रदेश: कांग्रेस 12 सितंबर को उज्जैन में बड़े प्रदर्शन के लिए तैयार, सीएम के गृह क्षेत्र से भिड़ेगी

 उज्जैन   वर्ष 2023 में विधानसभा और वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में मध्य प्रदेश में करारी हार के बाद फिर से खड़ा होने की कोशिश कर रही कांग्रेस राज्य की भाजपा सरकार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के गृह क्षेत्र उज्जैन से ललकारेगी। सरकार को घेरने कांग्रेस 12 सितंबर को उज्जैन में बड़ा प्रदर्शन करेगी। बड़ी रैली के बाद सभा भी होगी। इसमें सिंहस्थ क्षेत्र के भूमि अधिग्रहण, कानून-व्यवस्था, वोट चोरी, अवैध शराब के कारोबार सहित तमाम मुद्दों को उठाया जाएगा। पार्टी के वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल, सचिन पायलट, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहेंगे। बता दें, सिंहस्थ-2028 के लिए किसानों की जमीन लैंड पुलिंग के जरिये लिए जाने का किसान संगठन विरोध कर रहे हैं। संगठन के प्रतिनिधि भाजपा के बड़े नेताओं से भी मिल चुके हैं। प्रदेश में वर्ष 2027 से नगरीय निकायों के साथ चुनाव की शुरुआत होनी है। इसके बाद वर्ष 2028 में विधानसभा और वर्ष 2029 में लोकसभा चुनाव होंगे। कांग्रेस इसके लिए खुद को तैयार कर रही है। दरअसल, विधानसभा और लोकसभा चुनाव से पहले वरिष्ठ नेताओं से नाराजगी के चलते कांग्रेस से बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता भाजपा में चले गए थे। इसका असर यह हुआ कि कई मतदान केंद्रों पर बैठाने के लिए कार्यकर्ता तक नहीं मिले। यह स्थिति आगे न बने और कार्यकर्ता हतोत्साहित न रहें, इसके लिए पीढ़ी परिवर्तन पर काम प्रारंभ किया गया। वोट चोर-गद्दी छोड़ अभियान के जरिये पूरे प्रदेश में माहौल बनाया जा रहा है। इसी क्रम में उज्जैन में बड़े विरोध प्रदर्शन की तैयारी है। प्रदर्शन को प्रभावी बनाने का जिम्मा उज्जैन से लगे जिलों की टीम को दिया है। इसकी सफलता के आधार पर नए अध्यक्षों की क्षमता का आकलन भी होगा। नेतृत्व नए नेताओं के हाथ दे रही कांग्रेस मध्य प्रदेश में भाजपा से मुकाबला करने कांग्रेस नया नेतृत्व तैयार कर रही है। ओबीसी वर्ग से आने वाले जीतू पटवारी को जहां प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया तो आदिवासी वर्ग के उमंग सिंघार को विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बनाकर मौका दिया। संगठन सृजन अभियान चलाकर जिला अध्यक्ष बनाए गए। जयवर्धन सिंह, प्रियव्रत सिंह, ओमकार सिंह मरकाम जैसे वरिष्ठ नेताओं को जिला अध्यक्ष बनाकर संदेश दिया कि जिला इकाई सबसे महत्वपूर्ण है। जिले के बाद अब ब्लाक इकाइयों में परिवर्तन की तैयारी है। कार्यकर्ताओं को मिशन 2028 में जुटने का संदेश दिया जाएगा     अधिकतर जिलों में 'वोट चोर-गद्दी छोड़' अभियान के अंतर्गत प्रदर्शन हो चुके हैं इसलिए अब राज्य स्तरीय प्रदर्शन उज्जैन में होना है। मुख्यमंत्री का गृह क्षेत्र होने के साथ-साथ उज्जैन मालवा अंचल का महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां बड़ा प्रदर्शन करके पूरे प्रदेश के कार्यकर्ताओं को मिशन-2028 (विधानसभा चुनाव) में जुटने का संदेश दिया जाएगा। – संजय कामले, प्रदेश संगठन महामंत्री, कांग्रेस