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भोपाल मेट्रो का किराया तय: ₹20 से ₹80 के बीच, शुरुआती 7 दिन मुफ्त यात्रा और 3 महीने तक डिस्काउंट

भोपाल  भोपाल में अक्टूबर से लोग मेट्रो ट्रेन में सफर कर सकेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मेट्रो को हरी झंडी दिखाने राजधानी आ सकते हैं। इससे पहले डिपो और गाड़ी को देखने के लिए कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) की एक टीम 24 सितंबर को भोपाल पहुंचेगी।  मेट्रो की किराया सूची पर भी मंथन किया जा रहा है। अफसरों की मानें तो 7 दिन तक लोग मेट्रो में फ्री सफर कर सकेंगे। वहीं, 3 महीने तक टिकट पर 75%, 50% और 25% की छूट दी जाएगी। छूट खत्म होने के बाद सिर्फ 20 रुपए में मेट्रो का सफर किया जा सकेगा। इसका अधिकतम किराया 80 रुपए होगा। 31 मई को इंदौर में चलाई गई मेट्रो के लिए भी यही मॉडल रहा था। भोपाल में ऑरेंज लाइन के पहले फेज में मेट्रो सुभाषनगर से एम्स तक करीब 6 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। दूसरा फेस सुभाषनगर से करोंद तक है। हालांकि, इसका काम अगले 2 से 3 साल में पूरा हो सकेगा। 15 दिन में काम पूरा करने का टारगेट अगला स्टेशन एम्स है। दरवाजे बाईं तरफ खुलेंगे। कृपया, दरवाजों से हटकर खड़े हों…इस तरह का अनाउंसमेंट आपको अक्टूबर में सुनाई देने लगेगा। मेट्रो के ट्रायल रन के बीच कमर्शियल रन शुरू होगा। हालांकि, अभी एम्स, अलकापुरी और डीआरएम ऑफिस स्टेशन पर गेट लगाने समेत अन्य काम किए जा रहे हैं। इन्हें अगले 15 दिन में पूरा करने का टारगेट है। 30 से 80 किमी प्रति घंटा रहेगी मेट्रो की स्पीड भोपाल के सुभाष नगर से रानी कमलापति रेलवे स्टेशन (RKMP) और इंदौर के गांधीनगर से सुपर कॉरिडोर तक मेट्रो कोच को ट्रैक पर दौड़ाकर ट्रायल रन किया जा रहा है। ट्रायल रन में न्यूनतम 30 और अधिकतम 80 किमी प्रतिघंटा रफ्तार रखी जा रही है। बीच-बीच में 100 से 120 किमी की रफ्तार से भी मेट्रो दौड़ाई जा रही है। सिग्नल लग चुके हैं। इनकी टेस्टिंग भी हो रही है। ट्रेन की तर्ज पर मेट्रो में भी टिकट लेनी पड़ेगी मेट्रो का टिकट सिस्टम ऑनलाइन न होकर मैन्युअल ही रहेगा। जैसे आप ट्रेन में टिकट लेकर सफर करते हैं, वैसे ही मेट्रो में भी कर सकेंगे। इंदौर में अभी यही सिस्टम है। भोपाल और इंदौर मेट्रो में ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन सिस्टम लगाने वाली तुर्किए की कंपनी 'असिस गार्ड’ से काम छिनने और नई कंपनी के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू किए जाने से यह स्थिति बनेगी। बता दें कि असिस गार्ड का मामला पिछले 4 महीने से सुर्खियों में था। आखिरकार अगस्त में असिस गार्ड का टेंडर कैंसिल कर दिया गया। नई कंपनी के लिए टेंडर भी कॉल किए हैं। इस पूरी प्रक्रिया में दो से तीन महीने का वक्त लग सकता है। मैन्युअल टिकट ही एक मात्र ऑप्शन अफसरों ने बताया कि असिस गार्ड कंपनी इंदौर में स्टेशनों पर भी सिस्टम लगा रही थी, लेकिन विवाद के बाद इंदौर में मैन्युअल टिकट ही ऑप्शन बचा था। पिछले साढ़े 3 महीने से इंदौर में ट्रेन जैसा ही सिस्टम है। इसमें मेट्रो के कर्मचारी ही तैनात किए गए हैं। यही ऑप्शन अब भोपाल मेट्रो के लिए भी बचा है। दरअसल, 'असिस गार्ड’ के जिम्मे ही सबसे महत्वपूर्ण ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन यानी किराया लेने की पूरी प्रक्रिया का सिस्टम तैयार करने का काम था। जिसमें कार्ड के जरिए किराया लेने के बाद ही गेट खुलना भी शामिल है। यह कंपनी सिस्टम का पूरा मेंटेनेंस भी करती। अब अनुबंध खत्म होने पर नई कंपनी काम करेगी, लेकिन उसे टेंडर और फिर अन्य प्रक्रिया से गुजरने में समय लगेगा। इसलिए मेट्रो कॉर्पोरेशन भोपाल में भी मैन्युअली टिकट सिस्टम ही लागू कर सकता है। अफसरों के अनुसार, मैन्युअली सिस्टम के लिए अमला तैनात किया जा रहा है।

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की विशेष अदालत आज बुलाई गई, जमानत याचिकाओं पर होगी सुनवाई

जबलपुर  मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में पहली बार 10 जज केवल जमानत याचिकाओं की सुनवाई करने के लिए बैठेंगे. मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा ने एक प्रशासनिक आदेश दिया है, जिसे हाई कोर्ट की वेबसाइट पर देखा जा सकता है. इसमें शनिवार को 10 जज अपनी-अपनी अदालत में बैठेंगे. वे केवल जमानत याचिकाओं की सुनवाई करेंगे. एमपी हाई कोर्ट में फिलहाल जमानत याचिकाओं के 3000 से ज्यादा मामले लंबित हैं. इन्हीं मामलों में लोगों को न्याय देने के लिए हाईकोर्ट ने यह व्यवस्था की है. हमारी न्याय व्यवस्था की प्रक्रिया में जमानत का प्रावधान है. जस्टिस अचल कुमार पालीवाल, जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल, जस्टिस देवनारायण मिश्रा, जस्टिस दीपक खोत, जस्टिस अजय कुमार निरंकारी, जस्टिस हिमांशु जोशी, जस्टिस रामकुमार चौबे, जस्टिस रत्नेशचंद्र सिंह बिसेन, जस्टिस बीपी शर्मा और जस्टिस प्रदीप मित्तल कल 20 सितंबर को केवल जमानत याचिकाएं सुनेंगे. जबलपुर की मुख्य पीठ में फिलहाल जमानत याचिकाओं के लंबित हैं 3000 से ज्यादा मामले मान लीजिए किसी के खिलाफ किसी थाने में कोई एफआईआर दर्ज होती है. जिसके बाद पुलिस आरोपी को पकड़ती है. पकड़ने के बाद पुलिस आरोपी के ऊपर लगे आरोप का एक चालान तैयार करती है, जिसे कोर्ट में पेश किया जाता है. धाराओं के आधार पर यह तय होता है कि उसे कौन सी कोर्ट जमानत दे सकती है. गंभीर धाराओं में मामला हाईकोर्ट तक पहुंचता है. जमानत की प्रक्रिया में आरोपी को अपने किसी ऐसे जानकार को पेश करना होता है, जिसके पास कोई स्थाई संपत्ति हो. स्थाई संपत्ति के कागजात के आधार पर आरोपी को जमानत दे दी जाती है. जमानत में यह शर्त होती है कि आरोपी को हर पेशी पर कोर्ट में आना होगा. इसके बाद ट्रायल चलती है. आरोपी पर लगे आरोप को गवाह और सबूत के आधार पर सिद्ध किया जाता है और इसके बाद सजा होती है या आरोपी बेगुनाह साबित होता है. जुर्म तय नहीं होने तक आरोपी को जेल में बंद रखना सही नहीं न्याय व्यवस्था की प्रक्रिया सरल है लेकिन सबूत और गवाह को इकट्ठा करने में काफी समय लगता है. इतने दिनों तक किसी भी आरोपी को जेल में बंद रखना सही नहीं है, क्योंकि अब तक यह तय नहीं होता कि उसने ही जुर्म किया है. इसलिए हमारी न्याय व्यवस्था जमानत का प्रावधान देती है. इसमें आरोपी को अपने परिचय के किसी ऐसे आदमी को कोर्ट में लेकर आना होता है जिसके पास कोई स्थाई संपत्ति हो. संपत्ति के कागजात के आधार पर आरोपी को जमानत मिल जाती है लेकिन उसे समय-समय पर कोर्ट में आना पड़ता है. इसके बाद यदि उसे सजा होती है तो वह जेल जाता है और आरोप सिद्ध नहीं होने पर वह जेल से छूट जाता है. मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में लगभग पेंडिंग हैं चार लाख 80 हजार केस यह प्रक्रिया सुनने में या पढ़ने में जितनी सरल लगे लेकिन उतनी सरल है नहीं. क्योंकि हमारी अदालतों में लाखों केस पेंडिंग हैं. मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में लगभग चार लाख 80 हजार केस पेंडिंग हैं. ऐसी स्थिति में यदि किसी आरोपी को पुलिस ने पकड़ा और उसे जेल भेज दिया गया. यदि वह जमानत के लिए हाई कोर्ट में जमानत याचिका लगाता है. लेकिन हाई कोर्ट में महज 41 जज हैं और रोज उनके पास सैकड़ो मामले होते हैं. ऐसी स्थिति में जेल में बंद विचाराधीन कैदियों को जमानत याचिका पर सुनवाई ही नहीं हो पाती. स्पेशल कोर्ट से हजारों लोगों को मिलेगा जमानत का फायदा एमपी हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करने वाले वकील एडवोकेट दीपक ने बताया कि यह प्रक्रिया यदि लगातार चलती रही तो हजारों लोगों को जमानत का फायदा मिलेगा और न्याय की प्रक्रिया तेज होगी. इसके साथ ही जिलों को भी राहत मिलेगी. क्योंकि हमारी जेलों में भी अभी क्षमता से ज्यादा कैदी बंद है.  

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के निर्देश पर ग्वालियर में सड़क सुधार का बड़ा अभियान, 42 सड़कें होंगी मरम्मत

ग्वालियर शहर की बदहाल सड़कों से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। नगर निगम अब 32.55 करोड़ रुपये खर्च कर शहर की 42 सड़कों का कायाकल्प करने जा रहा है। इन सड़कों का निर्माण डामर और सीसी से किया जाएगा। जल्द ही इन सड़कों पर काम शुरू हो जाएगा। शहर की प्रमुख सड़कों के साथ-साथ गलीमोहल्लों की सड़कें भी गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं। लोग रोज हादसों के खतरे के बीच सफर करने को मजबूर हैं। इसी बदहाल स्थिति से निपटने के लिए निगम ने यह कदम उठाया है। निगम ग्रामीण क्षेत्र में 9 किलोमीटर लंबी 8 सड़कें 7.19 करोड़ रुपये की लागत से बनाएगा। ग्वालियर विधानसभा क्षेत्र में 10.50 किलोमीटर लंबी 10 सड़कें 8.69 करोड़ रुपये की लागत से बनेंगी। दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में 11 किलोमीटर लंबी 10 सड़कों का निर्माण 11.26 करोड़ रुपये से किया जाएगा। वहीं पूर्व विधानसभा क्षेत्र में 8 किलोमीटर लंबी 14 सड़कों को 5.41 करोड़ रुपये में डामरीकरण से बनाया जाएगा। सड़क पर ठेकेदार की जिम्मेदारी तय इन सड़कों के कार्यों की विस्तृत योजना बनाई गई है, जिसमें सड़कों की लंबाई, उनकी संख्या और अनुमानित लागत, अधिकारी व ठेकेदार की जिम्मेदारी भी तय की गई है। इतना ही नहीं, इन सड़कों को बनाने के बाद ठेकेदार द्वारा इनमें बोर्ड भी लगाया जाएगा, जिसमें उस सड़क के निर्माण की राशि, ठेकेदार और गारंटी पीरियड सहित अन्य सभी पैरामीटर को दर्शाया जाएगा। सड़क के तय मानकों की जांच के बाद ही ठेकेदार का भुगतान किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के निर्देश केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के निर्देश पर रेड, यलो और ग्रीन जोन में सड़कों को बांटने की कवायद नगर निगम ने शुरू कर दी है। गुरुवार को दक्षिण व पूर्व की 12 सड़कोंं को चिह्नित किया है। यह सड़कें पूरी तरह से खराब हैं। रेड जोन में इन्हें शामिल किया जा सकता है। इसमें हजीरा चौराहा से बिरला नगर पुल 283 लाख, हजीरा चौराहा से चार शहर का नाका 59.65, नौ नंबर पुलिया से 50 क्वाटर तक 46.16, लक्ष्मीपुरम में डामरीकरण एवं नाली निर्माण 225, पप्पू राय जिम से गिर्राज मंदिर तक डामरीकरण व नाला निर्माण 160 व शील नगर कशिश वाटिका के सामने मुख्य मार्ग तक डामरीकरण 100 लाख सहित कुल 873.81 करोड़ के विकास कार्य को लिस्ट तैयार की है साथ ही दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में मांढरे की माता से कस्तूरबा तिराहा तक 3.43 करोड़, महाराज बाड़ा से सराफा होकर गस्त का ताजिया तक 1.02 करोड़, माधौगंज थाना से हेमसिंह की परेड 68 लाख रुपए खर्च होंगे। वहीं पारख जी का बाड़ा से जूता मार्केट दही मंडी 59 लाख, छप्पर वाला पुल से शान-ओ-शौकत तक 31 लाख और नहर पट्टर रोड 26 लाख सहित 6 करोड़ 32 लाख रुपए का प्रस्ताव तैयार किया गया है। हालांकि अभी यलो और ग्रीन जोन वाली सड़कों को चिह्नित करने की बात अफसरों द्वारा बताई जा रही है। ये टीम करेगी जांच सड़कों की जांच के लिए अपर आयुक्त, अधीक्षण यंत्री, सीसीओ व जेडओ लेवल पर टीम भी गठित की जाएगी, जो कि रोजाना निरीक्षण कर रिपोर्ट आयुक्त को देगी। बारिश से जर्जर सड़कें बनाने का प्रस्ताव तैयार बारिश से जर्जर हुई ग्वालियरशहर की सड़कों को बनाने के लिए 30 करोड़ से अधिक राशि का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसमें चारों विधानसभा की सड़कें को शामिल किया है। जल्द ही सड़कों का कार्य शुरू कराया जाएगा। शासन से भी सड़कों के संबंध में राशि की मांग की गई है। -संघप्रिय, आयुक्त नगर निगम

रोजगारपरक उद्योग लगाने पर सरकार करेगी हर संभव मदद: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

नवम्बर में बनारस में होगी इंडस्ट्रियल समिट भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि औद्योगिक निवेश से विन्ध्य एवं त्योंथर को विकास की नई गति मिलेगी। उद्योगपति रोजगारपरक उद्योग लगायें सरकार उनकी हर संभव मदद करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बनारस से आये उद्यमियों के आग्रह पर घोषणा की कि नवम्बर माह में काशी विश्वनाथ की नगरी में इंडस्ट्रियल समिट का आयोजन होगा। बनारस के उद्यमियों ने भी विन्ध्य क्षेत्र में एक हजार करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रीवा जिले के चाकघाट में उद्यमियों से वन-टू-वन चर्चा के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प के अनुरूप हम स्वदेशी के मूलमंत्र को लेकर आगे बढ़ रहे हैं। आप सभी उद्यमी अपने उद्योग स्थापित करने के लिये आगे आयें, राज्य शासन द्वारा आपको हर संभव मदद दी जायेगी। उन्होंने कहा कि औद्योगिक निवेश में मध्यप्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है और आने वाले वर्षों में हम देश में उच्चतम स्तर पर होंगे। उन्होंने उद्यमियों को पराली से संबंधित व फूड प्रोसेसिंग से संबंधित उद्यम के साथ अन्य क्षेत्र में भी उद्योग स्थापना के लिये आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रीवा जिले में मऊगंज व त्योंथर विधानसभा क्षेत्रों में पर्याप्त भूमि की उपलब्धता है। औद्योगिक क्षेत्र विकास की योजना बनाई गई है। उन्होंने कहा कि यदि उद्यमी स्वयं अपने पूंजी निवेश से परिसर बनाकर उद्योग स्थापित करते हैं तो उन्हें हम पूरी सुविधा व मदद देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने त्योंथर में कम्प्रेस्ड बायोगैस प्लांट के भूमिपूजन की बधाई दी और अपेक्षा की कि इससे स्थानीय लोगों को लाभ मिलेगा। पराली की समस्या से निजात मिलेगी तथा जैविक विकास को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के जन्म-दिवस के अवसर पर 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक सेवा पखवाड़ा मनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री अपने जन्म-दिवस पर मध्यप्रदेश में उपस्थित रहे और उन्होंने पीएम मित्र पार्क के माध्यम से इंडस्ट्रियल क्षेत्र को सौगात दी, जो रोजगार उपलब्धता में मील का पत्थर साबित होगा। बनारस रामनगर में उद्योगपति करेंगे एक हजार करोड़ का निवेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्यमियों को प्रदेश में निवेश के लिये आमंत्रित किया। बनारस रामनगर के 17 उद्योगपतियों और प्रतिनिधियों ने कहा कि रीवा जिले में एक हजार करोड़ का निवेश करेंगे। उद्यमियों के वन-टू-वन चर्चा में रामनगर उद्योग एसोशियेसन ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को अंगवस्त्रम व काशी विश्वनाथ मंदिर की प्रतिकृति भेंट की। डी.एस. मिश्रा अध्यक्ष रामनगर उद्योग संघ वाराणसी, राकेश जायसवाल, दिलीप सिंह अध्यक्ष म.प्र. चावल संघ तथा सूक्ष्म एवं लघु उद्यम योजनान्तर्गत उद्यमी अमित गौतम ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव से संवाद किया। उद्यमियों ने कहा कि प्रदेश की आकर्षक उद्योग नीति से उत्साहित होकर हम प्रदेश में निवेश करेंगे और यह क्षेत्र उद्योग के क्षेत्र में ऊंची उड़ान भरेगा। सांसद श्री जनार्दन मिश्रा, विधायक त्योंथर श्री सिद्धार्थ तिवारी, पूर्व महापौर श्री वीरेन्द्र गुप्ता, डॉ. अजय सिंह, पूर्व सांसद श्री देवराज सिंह, कमिश्नर श्री बीएस जामोद सहित बड़ी संख्या में बनारस, प्रयागराज, मिर्जापुर और रीवा से आये उद्यमी शामिल हुए।

डिजिटल इश्क का भारी नुकसान: डॉक्टर की बीवी ने ऑनलाइन ठगी में गंवाए करोड़ों

ग्वालियर मध्य प्रदेश के ग्वालियर डिजिटल इश्क के चक्कर में पड़ी 34 साल की एक शादीशुदा महिला के साथ जो हुआ, वो सभी के लिए एक चेतावनी है। इश्क और इमोशंस के नाम पर एक अनजान युवक ने एक महिला को इस कदर अपने प्रेमजाल में फंसाया कि उसने अपनी लाखों रुपये के साथ अपनी इज्जत भी दांव पर लगा दी। महिला के पति डॉक्टर हैं। डिजिटल प्लैटफार्म पर हुई दोस्ती मे महिला इस कदर अंधी हो गई कि उसने अपना न्यूड वीडियो तक बनाकर उस अनजान युवक को भेज दिया। उसके बाद ठग ने उसे गिफ्ट भेजने के बहाने उससे 3.76 लाख रुपये भी ठग लिए। इसके बाद जब उस न्यूड वीडियो के नाम पर ब्लैकमेलिंग शुरू की तब महिला थाने पहुंची। पीड़ित महिला द्वारा पुलिस में दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक, एक महीने पहले उसके पास 923007507684 से वॉटसऐप कॉल आया था। कॉल करने वाले ने अपना नाम विपिन और खुद को एक एनआरआई बताया था। उसने महिला से कहा था कि वह उससे दोस्ती करना चाहता है। उस दिन के बाद से अपने डॉक्टर पति से छुपकर महिला और युवक के बीच नियमित और लम्बी-लम्बी बातचीत शुरू हो गईं, जो कुछ दिनो में प्रेम से भरी चर्चाओं में बदल गई। कथित विपिन ने महिला को लंदन आने के लिए कहा, लेकिन पीड़िता ने इससे इनकार कर दिया। फोन पर परवान चढ़े इस डिजिटल इश्क में आरोपी विपिन ने पीड़िता से उसके फोटो मांगने शुरू कर दिए। पीड़िता ने भी आरोपी युवक पर विश्वास कर उसे अपने कई फोटो भेज दिए। इतना ही नहीं, महिला ने आरोपी युवक की डिमांड पर अपना न्यूड वीडियो बनाकर उसके वॉटसऐप नंबर पर भेज दिया। गिफ्ट भेजने के नाम पर ली आधार कार्ड की कॉपी वीडियो भेजने के बाद आरोपी युवक ने पीड़ित महिला से गिफ्ट भेजने के नाम पर उसके आधारकार्ड की कॉपी भी वॉट्सऐप पर ले ली। इसके बाद आरोपी युवक ने महिला को बताया कि उसने एक पार्सल भेजा है, उसे तुम ले लेना। पार्सल पर एड्रेस और फोन नंबर भी लिखा होना बताया। अगले दिन महिला के नंबर पर 9459316606 से कॉल आया। कॉल करने वाले ने कहा कि आपका पार्सल आया है और वह एयरपोर्ट से बोल रहा है। इस पार्सल को लेने के लिए 15 हजार रुपये जीएसटी के चुकाने होंगे। लिहाजा महिला ने 15 हजार का पेमेंट कर दिया। इसके बाद युवक ने डॉलर चेंज करने के नाम पर 46 हजार, गाड़ी आगे बढ़वाने के नाम पर 1 लाख 20 हजार, परमिट कार्ड बनवाने के नाम पर 1 लाख 15 हजार व सामान की रसीद बनवाने के नाम पर 80 हजार पेमेंट अलग-अलग अकाउंट नंबरों व मोबाइल नंबरों पर करने को कहा। पीड़िता ने उसकी बातों में आकर आरोपी विपिन को फोनपे के जरिये 3 लाख 76 हजार का पेमेंट कर दिया। 17 सितंबर को फिर से आरोपी युवक विपिन ने महिला को फोन किया और 2 लाख 85 हजार रुपये देने की मांग की। महिला ने जब और रुपये देने से इनकार किया तो युवक अपने असली रूप में आ गया, उसने कहा कि पार्सल वाले युवक से बात कर लो। जब महिला ने उससे बात की तो उसने सीधी धमकी दी कि पैसे देने पड़ेंगे, अगर नहीं दिए तो तुम्हारा न्यूड वीडियो वायरल कर देंगे। यकीन दिलाने के लिए अनजान युवक ने वह वीडियो भी महिला को भेजा जो उसने विपिन को भेजा था। वह महिला जब पूरी तरह आर्थिक और मानसिक तौर पर टूट गई तब वह साहस जुटाकर पुलिस के पास पहुंची। पीड़ित महिला की शिकायत पर क्राइम ब्रांच ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।आशंका जताई जा रही है कि यह अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड गैंग हो सकता है। इस मामले में सीएसपी रॉबिन जैन का कहना है कि क्राइम ब्रांच टीम मामले की जांच कर रही है। जैन ने कहा कि सोशल मीडिया या फोन पर अनजान लोगों से दोस्ती करना खतरनाक हो सकता है। किसी भी प्रकार के निजी वीडियो या फोटो साझा करने से पहले पूरी तरह पड़ताल कर लेना जरूरी है। अगर किसी से ब्लैकमेलिंग का सामना हो तो तुरंत पुलिस से संपर्क करें।

‘कोहिनूर’ जैसा हीरा मध्य प्रदेश में मिला, फिर रहस्यमय तरीके से गायब!

पन्ना  मध्यप्रदेश की हीरा नगरी पन्ना से एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां एक हीरा खदान मालिक ने दावा किया है कि उसकी खदान से 'कोहिनूर' जैसा बेशकीमती हीरा निकला था लेकिन हीरा मिलने के बाद उसके पार्टनर की नीयत खराब हो गई। लालच में खदान के पार्टनर ने रातों रात उस बेशकीमती हीरे को गायब कर दिया है। हीरा खदान मालिक का दावा है कि जो बेशकीमती हीरा पार्टनर ने गायब किया है वो 150 कैरेट का है। इतना ही नहीं उसने एक तस्वीर भी पुलिस को दिखाई है जिसमें हाथ में 150 कैरेट का हीरा नजर आ रहा है। 'कोहिनूर' जैसा बेशकीमती हीरा मैहर के रहने वाले जयबहादुर सिंह ने पन्ना के हीरा कार्यालय व पुलिस थाने में लिखित शिकायत की है। अपनी शिकात में उन्होंने बताया है कि उनकी कृष्णा कल्याणपुर पट्टी की हीरा खदान से 150 कैरेट का हीरा निकला था। यह हीरा उनके पार्टनर दयाराम पटेल के पास मौजूद है। उन्होंने हीरा हाथ में रखकर फोटो खिंचवाई थी और एक अन्य पार्टनर को भेजी थी। लेकिन अब पार्टनर दयाराम की नीयत खराब हो गई है और उसने नायाब हीरे को रातों-रात गायब कर दिया है। इतना ही नहीं हीरा गायब करने के बाद वो खुद नई हीरा खदान का पट्टा लेने की फिराक में है। खदान संचालक जयबहादुर सिंह ने पुलिस से गुहार लगाई है कि उसे पार्टनर से वो हीरा वापस दिलाया जाए।   दावा सही तो ये 'कोहिनूर' के बाद खदान संचालक जयबहादुर ने पुलिस को बताया है कि उसने फरवरी महीने में कृष्णा कल्याणपुर पट्टी में हीरा खदान का पट्टा लिया था। इसमें दयाराम पटेल, किशोर खेड़े, नरेंद्र कुमार सेन, महेंद्र सिंह गौंड़ व प्रकाश पटेल उसके पार्टनर थे। करीब 6 महीने बाद उनकी खदान से अब तक का सबसे बड़ा हीरा निकला है, जिसे दयाराम ने गायब कर दिया है और अब वो अपने रिश्तेदार के नाम से नई खदान लेने की कोशिश कर रहा है जिससे की उस खदान से उस नायाब हीरे का निकलना बताकर उसे हीरा कार्यालय में जमा करा सके। बताया गया है कि अगर जयबहादुर के दावे में सच्चाई है और सच में 150 कैरेट का हीरा मिला है तो ये पन्ना खदान के इतिहास का सबसे बड़ा हीरा है। अगर कोहिनूर हीरे की बात करें तो करीब 800 साल पहले आंध्रप्रदेश की गोलकुंडा हीरा खदान में कोहिनूर मिला था तब उसका वजन 186 कैरेट था और तराशने के बाद वर्तमान में उसका वजन 105.6 कैरेट है।

नगर की सड़कों से विकास को मिलेगी रफ्तार

सस्टेनेबल रोड इंफ्रास्ट्रक्चर विषय पर हुई कार्यशाला भोपाल  आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास श्री संकेत भोंडवे ने कहा है कि नगरीय क्षेत्र की सड़कों से विकास को रफ्तार मिलती है और इसके लिये जरूरी है कि सड़के गुणवत्तापूर्ण हो। उन्होंने कहा कि नगरीय निकायों से जुड़े हुए इंजीनियरों की जवाबदारी है कि वे सड़कों के निर्माण और संधारण पर पूरा ध्यान रखें। आयुक्त श्री भोंडवे शुक्रवार को आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन अकादमी भोपाल में सस्टेनेबल रोड इंफ्रास्ट्रक्चर विषय पर हुई कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। आयुक्त श्री भोंडवे ने कहा कि प्रदेश में करीब ढाई करोड़ की आबादी शहरी क्षेत्र में रहती है। शहरी क्षेत्र की सड़कों पर यातायात का दबाब काफी है। इन सड़कों पर नगरीय क्षेत्र की अन्य अधोसंरचनाओं का भी प्रभाव पड़ता है इसलिये जरूरी है कि सड़कों को बेहतर गुणवत्ता के साथ बनाया जाये। कार्यशाला में बताया गया कि नगरीय प्रशासन विकास एवं आवास विभाग के अंतर्गत आगामी 5 वर्षों में 2 लाख करोड़ रूपये के काम होंगे। इसी के साथ केन्द्र सरकार की अमृत, स्वच्छ भारत मिशन एवं प्रधानमंत्री आवास योजना, जलप्रदाय, सीवरेज, हरित क्षेत्र विकास और यूज्ड वाटर मेनेजमेंट आदि कार्यों का क्रियान्वयन भी किया जा रहा है। सड़के हमारी अर्थव्यवस्था की धुरी हैं, जो नगरीय निकायों के समस्त क्षेत्रों को एक साथ जोड़ती हैं। नगरीय क्षेत्रों की सड़कों की गुणवत्ता सीधे तौर पर हमारी कार्य कुशलता को दर्शाती है। नगरीय निकायों के यंत्री अपने कार्य क्षेत्र में पूर्ण योगदान दे रहे हैं किंतु टेक्नोलॉजी में आ रहे परिवर्तन के साथ उन्हें अपनी कार्य प्रणाली में बदलाव की जरूरत है। कार्यशाला का उद्देश्य भी यही है। कार्यशाला में आईआईटी इंदौर, रूड़की, MORTH, CRRI & RODIC के विषय-विशेषज्ञों द्वारा सड़क निर्माण की नवीन प्रणाली तथा सड़कों की गुणवत्‍ता सुनिश्चित करने पर प्रस्‍तुतिकरण दिया गया। विषय विशेषज्ञों ने दी जानकारी कार्यशाला में सड़क निर्माण कार्य से जुड़े विषय विशेषज्ञों ने विभिन्न सत्रों को संबोधित किया। इनमें RODIC के श्री आरएस महालहा और श्री एचसी अरोरा ने डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट, टेंडर प्रोसेस, आईआईटी इंदौर, रूडकी, MORTH, CRRI के विषय विशेषज्ञों ने सड़क निर्माण की नवीन प्रणाली तथा सड़कों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर प्रस्तुतिकरण दिया। कार्यशाला में कंस्ट्रक्शन टेक्निक, क्वॉलिटी कंट्रोल, टेस्टिंग लैब की प्रक्रिया, डिजिटल प्रोजेक्ट मेनेजमेंट, रीयल टाइम मॉनिटरिंग, नगर सड़कों की सुरक्षा, सड़क निर्माण में वेस्ट मटेरियल के उपयोग के बारे में जानकारी दी गई। कार्यक्रम के प्रारंभ में प्रमुख अभियंता श्री प्रदीप मिश्रा ने प्रदेश की नगरीय अधोसंरचना के बारे जानकारी दी। कार्यशाला में प्रदेश के 600 यंत्रियों का क्षमतावर्धन किया गया।  

प्रधानमंत्री मोदी के आहवान पर दुकानदारों ने शुरू किया स्वदेशी जागरण अभियान

मंत्री सारंग ने अभियान में की सहभागिता दुकानदारों ने विदेशी सामग्री के स्वदेशी विकल्प की भी लगाई सूची भोपाल प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के “स्वदेशी अपनाओ” के आहवान को जनआंदोलन बनाने की दिशा में नरेला विधानसभा में अनूठी पहल शुरू हुई है। शुक्रवार को वार्ड क्रमांक 58 स्थित गौतम नगर मार्केट के स्थानीय दुकानदारों के आग्रह पर सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने “स्वदेशी अभियान” में सहभागिता की। मंत्री श्री सारंग की मौजूदगी में दुकानदारों ने अपनी दुकानों पर “हमारे यहां स्वदेशी सामान मिलता है” के स्टीकर लगाए साथ ही ग्राहकों को स्वदेशी सामान खरीदने के लिये प्रेरित किया। इस अवसर पर उन्होंने स्वयं भी स्वदेशी सामान की खरीदारी कर यूपीआई के माध्यम से भुगतान किया। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी का यह आहवान आत्मनिर्भर भारत की नींव को और मजबूत करने वाला है। स्वदेशी उत्पादों को अपनाकर हम न केवल देश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में योगदान देंगे, बल्कि स्थानीय उद्यमों और श्रमिकों को भी नई ताकत प्रदान करेंगे। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि प्रधानमंत्री श्री मोदी का संदेश उन्हें नई ऊर्जा प्रदान कर रहा है। इस मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और व्यापारी उपस्थित रहे। वातावरण में उत्साह और स्वदेशी के समर्थन का जोश स्पष्ट रूप से देखा जा सकता था। दुकानदारों और ग्राहकों ने एक स्वर से संकल्प लिया कि वे अब स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देंगे। उल्लेखनीय है कि नरेला विधानसभा में दुकानदारों ने विदेशी उत्पादों के स्थान पर उपलब्ध स्वदेशी विकल्पों की सूची भी प्रदर्शित की, जिससे ग्राहकों को जागरूक किया जा सके। दुकानदार स्वयं भी ग्राहकों को प्रेरित कर रहे हैं कि विदेशी उत्पादों के बजाय स्वदेशी सामान खरीदें। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- विकास से विंध्य क्षेत्र की बदलेंगे तकदीर

त्योंथर में न्यू आईटीआई सहित 400 एकड़ में बनाया जाएगा नया औद्योगिक प्रक्षेत्र त्योंथर में तमस नदी के किनारे बनेगा रिवर कॉरीडोर त्योंथर का सिविल हॉस्पिटल 100 बेडेड किया जाएगा राम वन गमन पथ के साथ बना रहे हैं श्रीकृष्ण पाथेय विकास का कारवां आगे भी यूं ही चलता रहेगा त्योंथर में 162 करोड़ रूपए के निर्माण कार्यों का किया भूमिपूजन 125 करोड़ लागत के निजी कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट का शिलान्यास भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में विकास यज्ञ चल रहा है। विकास का यह कारवां अब रूकेगा नहीं, बल्कि और तेजी से यूं ही चलता रहेगा। विंध्य के विकास में सरकार कोई कसर नहीं रखेगी और हम सब मिलकर विकास परियोजनाओं के जरिए इस क्षेत्र की तस्वीर और तकदीर दोनों बदल देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विंध्य क्षेत्र के विकास के लिए त्योंथर में 400 एकड़ उपलब्ध भूमि पर नया औद्योगिक प्रक्षेत्र बनाने, त्योंथर के सिविल अस्पताल को 50 बेड से बढ़ाकर 100 बेडेड करने, त्योंथर में आईटीआई का निर्माण और तमस नदी के तट पर रिवर कॉरिडोर बनाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने निवेशक फर्म आईओसीजीपीएस रिन्युएबल प्रायवेट लिमिटेड द्वारा करीब 125 करोड़ रूपए की लागत से स्थापित किए जाने वाले कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट का भूमिपूजन भी किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रीवा सड़क दुर्घटना में मृत जीना वर्मा के परिजन को सरकार की ओर से 4 लाख रुपए की सहायता राशि देने की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को रीवा जिले के त्योंथर विधानसभा के चाकघाट कृषि उपज मंडी में आयोजित 'विंध्य विकास संकल्प' सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलन एवं कन्या पूजन कर सम्मेलन का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने भूतपूर्व विधानसभा अध्यक्ष स्व. श्री श्रीनिवास तिवारी की जयंती पर उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विंध्य क्षेत्र न केवल मध्यप्रदेश बल्कि पूरे देश को रोशन करने में अग्रणी है। इस क्षेत्र ने विद्युत उत्पादन, सोलर पॉवर प्रोडक्शन और नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। ऊर्जा उत्पादन में धनी यह क्षेत्र सच्चे अर्थों में देश की ऊर्जा धानी बनने की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक विकास की गतिविधियां तेजी से जारी हैं। बेरोजगारों को रोजगार दिलाने के लिए त्योंथर को भी उद्योगों की सौगात मिल रही है। आज त्योंथर में 162 करोड़ रूपए से अधिक के विकास कार्यों का भूमिपूजन हुआ है। उन्होंने तीन उद्योगपतियों को उद्योग लगाने के लिये भूमि आवंटन पत्र प्रदान किये। हमारी सरकार प्रदेश के भविष्य को सुरक्षित करते हुए विद्यार्थी बच्चों को यूनिफार्म, किताबें, साइकिल, लैपटॉप और स्कूटी सहित स्कॉलरशिप भी दे रही है। डबल इंजन की सरकार में प्रदेश के हर वर्ग के कल्याण का बखूबी ध्यान रखा जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि शेरों का बल, बीरबल की बुद्धि और विंध्य की वाणी हम सभी ने तुलसीदास जी के माध्यम से सुनी है। यहां इन्वेस्टर श्री विनोद अग्रवाल भी आए हैं। ये 125 करोड़ लागत से कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट लगा रहे हैं। ये किसानों से पराली भी खरीदेंगे। अब किसानों को उनकी खेत में फसल अपशिष्ट (कचरा) से भी आय बढ़ेगी। खेत भी साफ हो जाएगा और पैसे भी मिल जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दुनिया के सबसे बड़े गणराज्य के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में भारत तेज गति से प्रगति कर रहा है। वे ग्लोबल लीडर हैं, उन्होंने अपना जन्मदिन मध्यप्रदेश के जनजातीय अंचल धार में मनाया। यहां कपास उत्पादन को प्रोत्साहन देने के लिए कपास से कपड़ा बनाने के लिए देश के सबसे बड़े पीएम मित्र पार्क का भूमिपूजन किया। राज्य सरकार महिलाओं और युवाओं को विंध्य की धरती पर ही रोजगार दिलाएगी, अब उन्हें कहीं बाहर जाने की जरूरत नहीं है। राज्य सरकार ने लाड़ली बहनों को रक्षाबंधन पर 1500 रुपए दिए। आने वाली दीपावली के बाद भाईदूज से हर माह 1500 रुपए देंगे। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार अन्नदाता किसानों के कल्याण के लिए उन्हें भी सहायता राशि दे रही है। पीएम किसान सम्मान निधि में राज्य सरकार भी राशि मिलाकर किसानों को हर साल 12 हजार रूपए दे रही है। यह किसानों के आर्थिक स्वावलंबन में एक बड़ी सौगात है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने पर्यावरण संरक्षण और किसानों की आय बढ़ाने के लिए "एक बगिया मां के नाम" योजना शुरू की है। स्व-सहायता समूह की महिलाओं को बगिया विकसित करने के लिए प्रति हितग्राही 3 लाख रुपए की सहायता राशि देगी। राज्य सरकार दूध उत्पादन को भी बढ़ावा दे रही है। दूध उत्पादन में प्रदेश को नंबर वन राज्य बनाना है। उन्होंने कहा कि डॉ. अंबेडकर कामधेनु योजना में 25 गायें खरीदने पर हमारी सरकार पशुपालक को 10 लाख रुपए का अनुदान देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने सड़क हादसों के घायलों की सहायता के लिए राहवीर योजना और एयर एंबुलेंस की शुरुआत की है। यह सरकार की संवेदनशीलता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में बड़ी संख्या में सांदीपनि विद्यालयों की स्थापना की जा रही है। चित्रकूट सहित प्रदेश के जिस स्थान पर भगवान श्रीराम के चरण पड़े, उन्हें राम वन गमन पथ के रूप में विकसित किया जा रहा है। भगवान श्रीकृष्ण की लीला स्थलों पर तीर्थ बनाने के साथ हम प्रदेश के हर नगर में गीता भवन भी बनाने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्मेलन में आईं माताओं-बहनों का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। रीवा सांसद श्री जनार्दन मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज त्योंथर को 162 करोड़ रुपए लागत के विकास कार्यों की सौगात दी है। इसमें 28 करोड़ की लागत का चिल्लावाला पुल का निर्माण भी शामिल है। यहां छोटे-बड़े नदी-नालों सबमें 39 से अधिक पुल बने हैं। नए बायोगैस प्लांट से किसानों को आर्थिक मजबूती मिलेगी। विधायक त्योंथर श्री सिद्धार्थ तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश के विकास के लिए दिन-रात एक कर रोजाना नई सौगातें दे रहे हैं। त्योंथर को कई नए पुल सहित तीन सांदीपनि विद्यालय भी दिए हैं। त्योंथर विधानसभा क्षेत्र में गांव हो या शहर, सभी जगह सड़कों का जाल बिछ रहा है। क्षेत्र की दो नगर पालिकाओं … Read more

आरजीपीवी-एलएंडटी एजूटेक की साझेदारी से तैयार होंगे इंडस्ट्री-रेडी इंजीनियर्स

नवाचारों के हब बनेंगे टियर-2 शहर, मजबूत होगा औद्योगिक ईकोसिस्टम एमपीएसईडीसी, आरजीपीवी और एलएंडटी एजूटेक के बीच हुआ एमओयू भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में प्रदेश के तकनीकी संस्थानों से तैयार होने वाले मानव संसाधन और उद्योगों के लिए आवश्यक तकनीकी कौशल के बीच की खाई पाटने के लिये निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी श्रृंखला में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग,मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एमपीएसईडीसी), राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) और एलएंडटी एजूटेक के बीच एक एमओयू किया गया है। समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर के बाद अब तकनीकी कौशल और औद्योगिक प्रशिक्षण में नवाचार की दृष्टि से एलएंडटी द्वारा विकसित विशेष पाठ्यक्रम आरजीपीवी के माध्यम से प्रदेश के इंजीनियंरिंग संस्थानों में लाँच किये जा रहे हैं। इससे आने वाले वर्षों में प्रदेश में औद्योगिक-ईकोसिस्टम सशक्त बनेगा। साथ ही भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर जैसे टियर-2 शहर नवाचार के नए केंद्र बनेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में विगत वर्षों में प्रदेश के विश्वविद्यालयीन पाठ्यक्रमों को उद्योग की वास्तविक मांगों से जोड़कर इंड्स्ट्री-रेडी इंजीनियर तैयार करने की पहल की गई है। प्रदेश में प्रति वर्ष 50 हजार से अधिक इंजीनियरिंग और अन्य तकनीकी स्नातक नौकरी बाजार में आ रहे हैं। अकादमिक-औद्योगिक तालमेल को आवश्यक मानते हुए एलएंडटी एजूटेक द्वारा विशेष रूप से विकसित पायलट पाठ्यक्रम आरजीपीवी के माध्यम से लाँच किये गये हैं। इन पाठ्यक्रमों के अंतर्गत तकनीकी मानव संसाधनों को वास्तविक परियोजनाओं, वर्चुअल लैब और इंडस्ट्री-लीडरशिप एनेबल्ड सत्रों के माध्यम से सक्षम बनाया जा रहा है। आरजीपीवी के कुलगुरू प्रो. राजीव त्रिपाठी, एमपीएसईडीसी, निवेश संवर्धन प्रभारी अवंतिका वर्मा और एलएंडटी एजूटेक टीम लीड राजा पांचाल ने एमओयू पर हस्ताक्षर किये है। एलएंडटी एजुटेक तकनीकी और शैक्षणिक सामग्री तथा ट्रेनर-सपोर्ट प्रदान करेगी, आरजीपीवी अकादमिक समन्वय एवं विद्यार्थी चयन में भूमिका निभाएगा और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग वित्तीय व तकनीकी व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालेगा। एलएंडटी एजूटेक आरजीपीवी में दो पायलट कोर्स आरम्भ करेगी जो पांचवें सेमेस्टर से पढ़ाये जाएंगे। इनमें ‘डेटा हैंडलिंग के लिए पायथन’ और फ्रंट-एंड यूआई/यूएक्स शामिल हैं। एलएंडटी एजूटेक के पायलट पाठ्यक्रम के प्रारम्भिक बैच में 100 विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जायेगा। पाठ्यक्रम में 75 घंटे का संरचित कार्यक्रम शामिल होगा। विद्यार्थियों को ‘ऑनलाइन कंटेंट + लाइव एक्सपर्ट सेशंस + प्रोजेक्ट-आधारित लर्निंग + वर्चुअल लैब’ से प्रशिक्षण दिया जायेगा। इस पाठ्यक्रम को सफलतापूर्वक पूरा करने वाले पात्र विद्यार्थियों को ई-सर्टिफिकेट प्रदान किए जाएंगे। पाठ्यक्रम में उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप ऑन-द-जॉब प्रशिक्षण से विद्यार्थियों की तकनीकी दक्षता और व्यावहारिक अनुभव बढ़ाया जायेगा। प्रारंभिक बैच में आरजीपीवी में चयनित विद्यार्थियों को शामिल किया जायेगा। फैकल्टी डेवलपमेंट वर्कशॉप, इंडस्ट्री-इंटर्नशिप मॅचमेकिंग, एडवांस्ड स्पेशलाइजेशन मॉड्यूल और राज्यस्तरीय रोलआउट टाइमलाइन। एमपीएसईडीसी द्वारा नियमित प्रगति रिपोर्ट और परिणामों का विश्लेषण किया जाएगा ताकि नीतिगत स्तर पर उपयुक्त निर्णय लिए जा सकें। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह एक पायलट पाठ्यक्रम है, परिणाम सकारात्मक आने पर इसे प्रदेश के दूसरे टेक्निकल विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में भी लागू किया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों के मूल्यांकन में परियोजना-आधारित आकलन, ऑनलाइन टेस्ट, प्रशिक्षक-आधारित फीडबैक और वर्चुअल लैब प्रोजेक्ट की प्रस्तुति शामिल की जायेगी। पाठ्यक्रम पूर्ण होने पर एलएंडटी एजूटेक तथा आरजीपीवी के सम्मिलित मानदंडों के अनुरूप ई-सर्टिफिकेट जारी किए जाएँगे।