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नरवाई जलाने से रोकने के लिए कृषि मंत्री ने किसानों को कृषि यंत्रों का उपयोग करने की सलाह दी

फसल अवशेष प्रबंधन पर एक दिवसीय कार्यशाला भोपाल  किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री  एदल सिंह कंषाना ने कहा है कि किसान भाई नरवाई से जुड़े सभी कृषि यंत्रों का उपयोग करें, जिससे प्रदेश में फसल अवशेष जलाने की घटनाएँ नियंत्रित हो सकें। उन्होंने भोपाल में आयोजित फसल अवशेष प्रबंधन पर एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारम्भ किया। कृषि मंत्री  कंषाना ने कहा कि फसल अवशेष जलाने की घटनाओं को नियंत्रित कर वायु प्रदूषण कम किया जा सकता है। मृदा में कार्बनिक पदार्थ बढ़ाने से फसल के उत्पादन में वृद्धि होती है। प्रदेश में किसानों को समझाईश देकर उत्पादन लागत कम कर आय बढ़ाने का कार्य चल रहा है। फसल अवशेषों का समुचित उपयोग कर कृषकों की अतिरिक्त आय के विकल्प उपलब्ध कराये जा रहे हैं। कार्यशाला में कृषि उत्पादन आयुक्त  अशोक बर्णवाल, सचिव कृषि  निशांत वरबडे, कुलगुरु कृषि विश्वविद्यालय ग्वालियर  अरविंद शुक्ला, मुख्य महाप्रबंधक नाबार्ड मती एस. सरस्वती, निदेशक सीफेट लुधियाना डॉ. नचीकेत कोतवालीवाले, निदेशक सीआईएई भोपाल डॉ. सीआर मेहता, देश एवं प्रदेश से आए वरिष्ठ अधिकारी एवं विशेषज्ञगण, नरवाई प्रबंधन से जुड़े यंत्रों के निर्माता बंधु सहित किसान भाई-बहन उपस्थित थे।  

कटनी को 230 करोड़ की सौगात, CM मोहन यादव बोले- कनकपुरी बनेगा नया जिला

जबलपुर / कटनी  एमपी के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने 18 सितंबर को कटनी जिले को बड़ी सौगात दी। उन्होंने जिले के बड़वारा में सांदीपनि विद्यालय सहित करोड़ों के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इसके अलावा उन्होंने कटनी में सिंचाई सुविधाओं के विकास, जलाशय की मरम्मत की भी घोषणा की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश के हर क्षेत्र में विकास की गंगा बह रही है। इस बदलते दौर में दुनिया के मंचों पर पीएम मोदी का सम्मान हर देशवासी का सम्मान है। देश तीसरी सबसे सशक्त अर्थव्यवस्था बनने की ओर तेजी से अग्रसर है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने 75वें जन्मदिवस पर आदिवासी अंचल धार में पीएम मित्र पार्क का शिलान्यास कर प्रदेशवासियों को अनुपम सौगात दी। इससे 6 लाख कपास उत्पादक किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। लगभग 3 लाख से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। सीएम डॉ यादव ने कहा कि इसी कड़ी में आज कटनी के आदिवासी क्षेत्र को 234 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात मिली है। प्रधानमंत्री मोदी ने जीवन का एक-एक दिन देशवासियों की सेवा को समर्पित कर दिया है। उनके जन्मदिवस के उपलक्ष्य में 2 अक्टूबर तक देशभर में सेवा पखवाड़ा चल रहा है। प्रदेश की सभी माताएं-बहनें अपने लिए थोड़ा समय निकालें और स्वास्थ्य शिविरों में अपनी जांच कराएं। यहां महंगी से महंगी जांच, दवाएं और इलाज मुफ्त होगा। उन्होंने कहा कि एक गरीब परिवार से निकला व्यक्ति देश का प्रधानमंत्री बना है। प्रधानमंत्री मोदी गरीबों की परेशानी को अच्छी तरह समझते हैं। राजा श्रीराम के शासन में गरीबों को फ्री राशन बांटा जाता था। वैसे ही आज प्रधानमंत्री मोदी देश के 85 करोड़ जरूरतमंद लोगों को कोरोना काल से राशन उपलब्ध करा रहे हैं। उन्होंने गरीबों के लिए पक्के मकान बनवाए, एलपीजी कनेक्शन दिए और शौचालय बनवाए। यह सरकार के गरीब और महिला कल्याण का उदाहरण है। उद्योगों के लिए हर तरह के प्रयास कर रही सरकार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार औद्योगीकरण को बढ़ावा देने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। पिछले दिनों माइनिंग कॉन्क्लेव के माध्यम से कटनी जिले में 56 हजार करोड़ रुपए का निवेश आया है। यहां व्यापार-व्यवसाय की संभावनाएं बन रही है। इससे गरीब, युवा और किसानों की जिंदगी बदलेगी। कटनी में कोयला, लाइमस्टोन और क्रिटिकल मिनरल्स के भंडार हैं। अब तो यहां सोना भी मिलने वाला है। कटनी कनकपुरी बनेगा। पन्ना में हीरा तो पहले ही मिल रहा है। यह पूरा क्षेत्र विकास की नई इबारत लिखेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि राज्य सरकार ने पीपीपी मॉडल पर प्रदेश में 4 नए मेडिकल कॉलेज निर्माण के लिए स्वीकृति दी है। इनमें से एक कटनी में बनेगा। शीघ्र ही जिले को मेडिकल कॉलेज की सौगात भी मिलेगी। सीएम यादव ने रानी दुर्गावती चिकित्सालय में स्वच्छता के लिए किया श्रमदान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सेवा पखवाड़ा अंतर्गत स्वच्छता अभियान के तहत गुरूवार को रानी दुर्गावती चिकित्सालय जबलपुर में साफ-सफाई के लिए झाडू लगाकर श्रमदान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चिकित्सालय के स्टाफ एवं शासकीय कर्मचारियों से आग्रह किया कि वे कार्यालयीन समय के पूर्व रोस्टरवार स्वच्छता के लिए श्रमदान करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिला चिकित्सालय सहित सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं स्वास्थ्य संस्थाओं में सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संगठनों से अपील की कि वे सेवा पर्व के दौरान स्वच्छता के लिये श्रमदान करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संभागीय कमिश्नर एवं स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को सफाई अभियान का नियमित निरीक्षण और निगरानी करने के निर्देश दिये। साथ ही मंत्रीगण, सांसद एवं विधायकगण से भी अनुरोध किया कि वे साफ-सफाई अभियान का निरीक्षण कर आमजन और सामाजिक कार्यकर्ताओं को भी श्रमदान के लिये प्रोत्साहित करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सेवा पर्व को नया आयाम देते हुए अस्पतालों में सफाई व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिये। उल्लेखनीय हैकि 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर की अवधि में प्रदेश में स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार एवं पोषण अभियान चल रहा है। आयुष्मान आरोग्य मंदिरों और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर शिविर भी लगाए जा रहे हैं, जिसमें विभिन्न रोगों की नि:शुल्क जांच के साथ ही आमजन को स्वास्थ्य, शिक्षा प्रदान करने का कार्य किया जा रहा है। सांदीपनि स्कूलों को देख प्राइवेट संस्थान दंग मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कटनी में 2 सांदीपनि विद्यालयों का लोकार्पण कर विद्यार्थियों को उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सांदीपनि विद्यालयों के भवन और सुविधाएं देखकर तो प्राइवेट स्कूल वाले भी दंग रह जाते हैं। देश के किसी राज्य में इतने अच्छे स्कूल नहीं बने, जैसे सांदीपनि विद्यालय मध्यप्रदेश में बने हैं। पहले स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कल्पना तक मुश्किल होता था। बड़वारा में दिल्ली, मुंबई जैसे शहरों की तरह स्कूल बनकर तैयार हो चुका है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी सांदीपनि आश्रम से शुरू हुई भगवान श्रीकृष्ण-सुदामा की मित्रता का अनुसरण करें। स्वदेशी को करें प्रोत्साहित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ऑनलाइन खरीदारी करने वाले कसम खा लें। अब ऑनलाइन के चक्कर में नहीं पड़ना है। छोटे दुकानदार और व्यापारियों को प्रोत्साहन दें। भारत को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए स्वदेशी को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। देश का पैसा देश में रहे, इसके लिए नवरात्रि, दशहरा, दीपावली की खरीदारी में स्वदेशी को अपनाएं। बदलते दौर में भारत को विश्व का सर्वश्रेष्ठ देश बनाना है। उन्होंने कहा कि माताएं-बहनें नवदुर्गा के समान हैं। राज्य सरकार लाड़ली बहनों को दीपावली के बाद हर महीने 1500 रुपए राशि देगी। इस राशि को धीरे-धीरे 3000 तक किया जाएगा। सरकार टॉपर बच्चों को स्कूटी और बोर्ड परीक्षा में 75 प्रतिशत अंक लाने पर लैपटॉप दे रही है। गोंडवाना राजा हिंदू देवताओं की पूजा करते थे सीएम डॉ. यादव ने कहा कि शहीद शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह के सामने अंग्रेजों ने शर्त रखी थी कि वह हिंदू धर्म छोड़ दें और उनका धर्म अपना लें, लेकिन उन्होंने हिंदू धर्म नहीं छोड़ा। बल्कि जान देना कबूल कर लिया। आदिवासी हिंदू हैं, कुछ लोगों ने उन्हें लालच दिया कि हम आपको पेंशन दिलवाएंगे। हिंदू धर्म छोड़ना पड़ेगा, पूजा-पाठ छोड़ना होगा पर ये लोग ऐसी मिट्टी की बने हैं, जो भूखे मरने को तैयार हैं पर हिंदू धर्म नहीं छोड़ेंगे। डॉ. यादव ने कहा कि आदिवासी के … Read more

सोशल मीडिया सेंसेशन बना ट्रैफिक कॉप रंजीत, अब वायरल चैट के चलते हुआ लाइन अटैच

इंदौर अपने खास अंदाज में शहर का ट्रैफिक संभालने वाले डांसिंग कॉप रंजीत सिंह की मुश्किलें बढ़ गई हैं. एक महिला से सोशल मीडिया चैट के चक्कर में इंदौर पुलिस ने उन्हें सस्पेंड कर दिया है. वायरल चैट के मुताबिक ट्रैफिक कॉप रंजीत का कसूर ये था कि उन्होंने अपनी एक फॉलोअर को इंदौर आने का ऑफर दिया था. कथित तौर पर रंजीत ने अपनी फॉलोअर को एयर टिकट भेजने और होटल में रुकवाने का भी ऑफर दिया था. यह ऑफर महिला को इतना नागवार गुजरा कि उसने रंजीत सिंह के साथ हुई अपनी चैट वायरल कर दी. डांसिंग कॉप ने इसे बताया बदनाम करने की साजिश महिला द्वारा चैट वायरल किए जाने के बाद रंजीत ने अपने बचाव में कहा कि युवती उसे बदनाम करने के लिए उन मैसेज का दुरुपयोग कर ही है. रंजीत ने बताया कि वह कई साल पुराने चैट हैं. इस मामले में दोनों के वीडियो सामने आने के बाद इंदौर पुलिस ने ट्रैफिक कॉप रंजीत को लाइन अटैच कर दिया है लेकिन महिला अब भी रंजीत को बख्शने को तैयार नहीं है. महिला ने फिर वीडियो जारी कर रंजीत को चेतावनी दी है. ट्रैफिक जागरुकता और डांसिंग स्टाइल के लिए फेमस हैं रंजीत गौरतलब है इंदौर के ट्रैफिक कॉप रंजीत सिंह अपनी अनोखी स्टाइल में ट्रैफिक ड्यूटी निभाने और डांस मूव्स के लिए फेमस हैं. वे अपने अनोखे अंदाज के जरिए ट्रैफिक जागरुकता फैलाने के कारण इंदौर ही नहीं, बल्कि पूरे देश में पहचान बना चुके हैं. सोशल मीडिया पर उनके लाखों फॉलोअर्स हैं. इस बीच एक महिला द्वारा लगाए गए आरोप से रंजीत पर कई सवाल खड़े हो गए हैं. महिला ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए यह तक आरोप लगाया दिया कि रंजीत ने उसे होटल में मिलने के लिए एप्रोच किया था. पुलिस कमिश्नर ने किया लाइन अटैच रंजीत का कहना है कि महिला द्वारा जिन संदेशों का जिक्र किया जा रहा है, वे कई साल पुराने हैं और उन्हें गलत संदर्भ में पेश किया जा रहा है. उन्होंने साफ कहा कि वीडियो और आरोप झूठे हैं व उनका उद्देश्य उनकी छवि खराब करना है. दोनों पक्षों के वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस महकमा हरकत में आया और गुरुवार को पुलिस कमिश्नर ने तत्काल प्रभाव से रंजीत सिंह को लाइन अटैच करने का आदेश जारी कर दिया है. साथ ही स्पष्ट किया गया है कि यदि महिला की ओर से औपचारिक शिकायत दर्ज कराई जाती है, तो पूरे मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी. इधर संबंधित महिला ने गुरुवार को फिर अपनी ओर से वीडियो जारी करते हुए रंजीत के आरोपों का जमकर खंडन किया. महिला ने इसके साथ ही रंजीत के पुराने मैसेज भी सार्वजनिक करने की चेतावनी भी दी है. वहीं, इंदौर पुलिस के एडिशनल डीसीपी राजेश दंडौतिया ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा, '' सोशल मीडिया पर एक वायरल वीडियो और समाचार माध्यमों से मिला जानकारी के आधार पर ट्रैफिक प्रधान आरक्षक रंजीत सिंह को अमर्यादित व्यवहार के लिए लाइन अटैच किया गया है.''  

समीर कुलकर्णी का बड़ा बयान: हिंदुओं से कांग्रेस को वोट न देने की अपील

जबलपुर मध्य प्रदेश के जबलपुर आए मालेगांव ब्लास्ट मामले में दोष मुक्त किए गए समीर कुलकर्णी ने हिंदुओं से अपील की है कि कोई भी हिंदू आखिरी सांस तक कांग्रेस को वोट न दे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने बहुसंख्यक हिंदू मतों को बटोरकर सालों तक सत्ता का लाभ लिया था। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, शरद पवार, सुशील कुमार शिंदे, शिवराज पाटिल, सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने मिलकर यह साजिश रची थी। मेरी जिंदगी के जो 17 साल बर्बाद हुए वह वापस नहीं आ सकते, ईमानदारी और निस्वार्थ भाव से संवैधानिक दायरे में रहकर धर्म की रक्षा करने वालों की जिंदगी मेरी जैसी न हो, इसलिए कांग्रेस को वोट न दें। गौरतलब है कि 2008 के मालेगांव बम ब्लास्ट केस में समीर कुलकर्णी, प्रज्ञा ठाकुर सहित सात आरोपी बनाए गए थे। बम विस्फोट को भगवा आतंकवाद का नाम देकर साध्वी प्रज्ञा सिंह, कर्नल पुरोहित, समीर कुलकर्णी सहित अन्य लोगों की गिरफ्तारी की गई थी, दो महीने पहले 31 जुलाई को इन आरोपियों को एनआईए की स्पेशल कोर्ट ने बरी कर दिया था। पिछले हफ्ते बॉम्बे हाईकोर्ट में एक अपील दायर की गई थी। अपील में दावा किया गया कि दोषपूर्ण जांच या जांच में कुछ खामियां आरोपियों को बरी करने का आधार नहीं हो सकतीं। इसके साथ ही दलील दी गई कि विस्फोट की साजिश गुप्त रूप से रची गई थी, इसलिए इसका प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं हो सकता है। याचिकाकर्ताओं ने दावा किया कि एनआईए की स्पेशल कोर्ट का 31 जुलाई को सात आरोपियों को बरी करने का आदेश गलत और कानूनी रूप से अनुचित था और इसलिए इसे रद्द किया जाना चाहिए। पीड़ित परिवारों ने एनआईए कोर्ट के फैसले को बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती दी है। परिवारों की याचिका पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने सभी आरोपियों को नोटिस जारी किए हैं। इस मामले पर छह हफ्ते बाद सुनवाई होगी। मालेगांव ब्लास्ट केस में आरोपी रहे समीर कुलकर्णी आज भोपाल आएंगे। वे भोपाल के अयोध्या बाईपास स्थित होटल यशोदा मैरिज गार्डन में आयोजित सनातन संबोधन कार्यक्रम में भाग लेंगे। सनातन संबोधन में समीर कुलकर्णी के अलावा राष्ट्रीय वक्ता छाया गौतम (मथुरा), विशाल ताम्रकार (छत्तीसगढ़) और कृष्णा गुर्जर (हरियाणा) भी सभा को संबोधित करेंगे। शाम 4 बजे यह सभा आयोजित की गई है।

गरबा में गैर-हिंदू युवाओं की एंट्री पर सख्त रामेश्वर शर्मा, कहा – अगर आना है तो माता-पिता को भी लाएं साथ

भोपाल  मध्य प्रदेश में नवरात्रों से पहले अब गरबा की 'सनातनी क्रांति' शुरू हो गई है. गरबा उत्सव कार्यक्रमों में गैर हिंदुओं के प्रवेश को बेन करने को लेकर हिंदू संगठन से लेकर विधायक तक सामने आ गए है. हिंदू संगठनों ने गरबा संचालकों से कहा है गरबा पंडाल के बाहर वराह अवतार की फोटो लगाकर उसकी पूजन कर ही लोगों को प्रवेश दें जिससे गैर हिंदू प्रवेश न कर सके. दरअसल, प्रदेश में 'लव जिहाद', 'लैंड जिहाद', 'धर्म जिहाद' की खबरों के बीच अब हिंदू संगठन और भाजपा के विधायक 'गरबा जिहाद' रोकने की बात कर रहे हैं. नवरात्रि के पहले ही गरबा पंडालों में गैर हिंदुओं के प्रवेश को लेकर एमपी में अब जमकर राजनीति शुरू हो गई है. हिंदू संगठन सख्त विरोध कर रहे हैं किसी भी कीमत पर गैर हिंदुओं को पंडालों में प्रवेश न दिया जाए नवरात्रि और गरबा में दूसरे धर्मों के लोगों की एंट्री को लेकर भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा, ''गरबे में गैर हिंदुओं का प्रवेश नहीं होना चाहिए, अगर आना है तो अपनी मां को अपनी अम्मी, बहन, मौसी, अब्बा और चच्चा को लेकर आओ. देवी का प्रसाद खाओ. आशीर्वाद लो और हिंदू धर्म स्वीकार करो.'' नवरात्रि का पर्व आने वाला है. 22 सितंबर से यह पर्व शुरू होगा. हिंदू मां दुर्गा के 9 रूपों की उपासना करते हैं. नवरात्रि पर गरबे का बड़ा महत्व होता है. जगह-जगह गरबा कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है लेकिन राजधानी भोपाल में इसपर एक अलग ही तरह का विवाद छिड़ा हुआ है. गरबे में भाईजान की एंट्री को लेकर एक तरफ हिंदू संगठन चेतावनी दे रहे हैं कि कोई भी गैर-हिंदू गरबे में दिखाई दिया, तो उसे बजरंग दल की शैली में जवाब दिया जाएगा. वहीं भाजपा नेता भी अलग-अलग बयान दे रहे हैं. भाजपा विधायक ऊषा ठाकुर ने कहा कि यह सनातन का पर्व है. मां शक्ति की उपासना की जाती है. इस्लाम को मानने वाले मूर्ति पूजा में विश्वास नहीं रखते हैं. वे लोग हमारे त्योहारों में आते ही क्यों हैं और अगर आना हैं, तो सनातन अपना लो, जनेऊ धारण करो. इतना ही नहीं, भाजपा विधायक ने आगे कहा कि चार-पांच पीढ़ी ऊपर देखेंगे, तो इनके पूर्वज भी सनातनी ही निकलेंगे. 'मुसलमान गरबे में जाता ही क्यों है?' वहीं, 'भाईजान' की एंट्री पर पाबंदी लगाने के बयानों के बाद कांग्रेस के मुस्लिम विधायक भी सामने आए. भोपाल मध्य सीट से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कहा, ''मुसलमान गरबे में जाता ही क्यों है? उसे नहीं जाना चाहिए. बाकी बीजेपी को हर त्योहार से पहले विवाद खड़ा करने की आदत है.  नवरात्रि से पहले मध्य प्रदेश की सियासत में गरबा पर सियासी संग्राम छिड़ गया है. बीजेपी नेताओं ने गरबा पंडालों में दूसरे धर्म के लोगों पर बैन लगाने की मांग की है. भोपाल से बीजेपी सांसद आलोक शर्मा ने पंडालों में भाईजान की एंट्री पर बैन लगाने की बात कही, तो इंदौर से बीजेपी विधायक गोलू शुक्ला ने कहा कि आयोजक गरबा पंडालों में एंट्री से पहले आईडी चेक करें. विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि नवरात्रि पर घर वापसी अभियान चला रहे हैं. हम तो अब सनातन का प्रचार-प्रसार तेजी से बढ़ा रहे हैं. गरबे में कोई भी आए, आपत्ति नहीं है. जो लोग ईसाई, मुसलमान बन गए हैं, अगर वे सनातन धर्म में वापसी करते हैं, तो कोई दिक्कत नहीं है. अकेले लड़के क्यों आ रहे हैं, अपनी बहन, अब्बा-अम्मी को भी लेकर आएं. वे आएं, उन्हें गंगाजल पिलवाएंगे. जय श्रीराम, जय गुरुनानक के नारे लगवाएंगे. दुर्गा जी की आरती करवाएंगे. तिलक लगाएंगे. कब तक दूर-दूर रहेंगे, आ जाएं सभी लोग, सनातन में उनका स्वागत है. वहीं गरबा को लेकर भाजपा नेताओं के बयानों पर कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि बीजेपी नेता त्योहारों से पहले जान-बूझकर इस तरह की बयानबाजी करते हैं. भाजपा के लोग माहौल खराब करने के लिए बयानबाजी करते हैं. जब मुस्लिम गरबे में जाता ही नहीं है, उसका गरबे से कोई लेना-देना ही नहीं है, नवरात्रि मनाता ही नहीं है, तो फिर क्यों हम धर्म परिवर्तन कर लें. बीजेपी अभियान चलाए, परिचय पत्र चेक करें, आधार चेक करें. सरकार आपकी है, कानून आपका है, अगर कोई जान-बूझकर ऐसा करता है और गरबा कार्यक्रम में घुसता है, तो उसपर कार्रवाई कीजिए. माहौल बनाने के लिए इस तरह की बयानबाजी की जाती है. हमारा गरबे से कोई लेना-देना नहीं है. मुस्लिम समाज को कोई समिति आमंत्रण नहीं भेजती है. मुस्लिमों को भी गरबे में नहीं जाना चाहिए. जबा मना है, तो नहीं जाना चाहिए. बताते चलें कि खंडवा में इस बार नवरात्रि पर गरबा कार्यक्रमों में न फिल्मी गाने बजेंगे और न ही महिलाएं बैकलेस ड्रेस पहन सकती हैं. गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर भी बैन लगाया गया है. आयोजक खुद सुरक्षा इंतजाम करेंगे. संस्कृति, देशभक्ति और नारी शक्ति पर फोकस रहेगा. हिंदू संगठनों ने कहा कि अगर सनातन धर्म के त्योहारों का मजाक बना, तो जिसकी करनी होगी, वही भुगतेगा.  

मध्य प्रदेश में मानसून एक्टिव! भोपाल से इंदौर तक आज होगी बारिश, चार दिन तक बना रहेगा मौसम का मिजाज

भोपाल  मौसम विज्ञानियों के मुताबिक शुक्रवार को भोपाल, नर्मदापुरम, जबलपुर, इंदौर संभाग के जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक वर्तमान में पूर्वी बिहार और उसके आसपास हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। मराठवाड़ा पर भी हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात बना हुआ है। इस चक्रवात से लेकर दक्षिणी उत्तर प्रदेश तक एक द्रोणिका बनी हुई है।अलग-अलग स्थानों पर बनी चार मौसम प्रणालियों के असर से बंगाल की खाड़ी एवं अरब सागर से नमी आ रही है। इस वजह से प्रदेश में वर्षा हो रही है। अगले 4 दिन तक हल्की बरसात का दौर जारी रहने की संभावना है। पिछले 24 घंटे के दौरान 25 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई।  एक बार फिर शुरू होगा तेज बारिश का दौर मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि मानसून की विदाई के दौरान भी पूरे प्रदेश में तेज बारिश का एक और दौर शुरू हो सकता है। फिलहाल 4 दिन तक तेज बारिश का अलर्ट नहीं है। हालांकि, गुरुवार को दो टर्फ और एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन की एक्टिविटी प्रदेश में रही। इस वजह से कुछ जिलों में बारिश का दौर चला। शुक्रवार को सिस्टम कमजोर पड़ सकता है। जिससे तेज बारिश का दौर थम सकता है। इधर मानसून की वापसी भी होने लगी है। आधे राजस्थान से मानसून लौट चुका है। वहीं, गुजरात, पंजाब और हरियाणा के कई जिलों से भी मानसून लौटा है। गुरुवार को भी कई जिलों से मानसून लौट गया। यदि वापसी ही यही रफ्तार रही तो एमपी के भी कई जिलों में ऐसी स्थिति बन सकती है। मध्य प्रदेश में अब तक 43.2 इंच बारिश दर्ज मध्यप्रदेश में अब तक औसत 43.2 इंच बारिश हो चुकी है। अब तक 35.8 इंच पानी गिरना था। इस हिसाब से 7.4 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है। यह कोटा पिछले सप्ताह ही पूरा हो गया है। इस सीजन में इंदौर और उज्जैन संभाग की स्थिति ठीक नहीं है। यहां सबसे कम पानी गिरा है। सबसे कम बारिश वाले टॉप-5 जिलों में बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन और शाजापुर शामिल हैं। 

इंदौर में मेट्रो का ट्रायल फिर शुरू: इस बार 4 KM तक दौड़ी ट्रेन, पिछली बार तय किए थे 6 KM

इंदौर  इंदौर में  सुबह मेट्रो ट्रेन का सफर आगे बढ़ा है। दो साल पहले छह किलोमीटर का ट्रायल रन हुआ था। अब चार किलोमीटर तक ट्रेन को चलाया गया। अब तक कुल दस किलोमीटर से ज्यादा का ट्रायल रन हो चुका है। आने वाले दिनों में गांधी नगर स्टेशन से रेडिसन चौराहा तक मेट्रो का 17 किलोमीटर तक ट्रायल रन होगा।  मेट्रो ट्रेन का ट्रायल रन एमआर-10 बस स्टेशन तक होना था, लेकिन एक किलोमीटर पहले ही ट्रेन फिर लौट गई। पहली बार ट्रेन ने दस किलोमीटर तक का सफर तय किया। इस कारण ट्रेन की गति दस किलोमीटर प्रति घंटा रखी गई। अब धीरे-धीरे स्पीड बढ़ाकर ट्रायल रन किया जाएगा। फिलहाल सुरक्षा विशेषज्ञों से चार किलोमीटर तक के रन की अनुमति मिली थी। इससे पहले अफसर 17 किलोमीटर तक ट्राॅली रन भी चार बार कर चुके है।  सालभर बाद रेडिसन चौराहा तक होगा संचालन अभी मेट्रो का संचालन छह किलोमीटर हिस्से में हो रह है,लेकिन यह आबादी क्षेत्र नहीं है। इस कारण मेट्रो को अब ज्यादा यात्री नहीं मिल रहे है। शुरुआती दिनों में मेट्रो ट्रेन को देखने के लिए शहरवासियों की भीड़ उमड़ी। अब तक दो लाख से ज्यादा यात्री मेट्रो में सफर कर चुके है, लेकिन अब यात्री नहीं मिल रहे है। अगले साल तक मेट्रो के संचालन का लक्ष्य रेसिसन चौराहे तक करने का लक्ष्य रखा गया है। यहां तक मेट्रो चलेगी तो यात्री संख्या भी बढ़ेगी,क्योकि विजय नगर, सुखलिया ग्राम व आसपास से सुपर काॅरिडोर की आईटी कंपनियों व काॅलेजों में कर्मचारी व विद्यार्थी जाते है, हालांकि अब पांच से ज्यादा मेट्रो स्टेशनों का काम बाकी है। उसे जल्दी पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है।

60 वर्षों की सेवा: ग्वालियर की महिला एनसीसी ट्रेनिंग अकादमी ने तैयार किए 4000+ राष्ट्रभक्त अफसर

ग्वालियर  देश की इकलौती महिला एनसीसी ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी(ओटीए) अपने 60 साल पूरे कर चुकी है। इस लंबे सफर में ओटीए ने 4000 एसोसिएट ट्रेनिंग ऑफिसर(एएनओ) देश को दिए हैं, जिन्होंने यहां से विभिन्न कोर्सों के माध्यम से प्रशिक्षण लेकर देशभर के स्कूलों और महाविद्यालयों के एनसीसी कैडेट्स को ट्रेनिंग दी है। यहां प्रशिक्षण लेने आईं महिला केयर टेकर प्री कमीशन कोर्स के बाद अफसर बनकर निकलीं। इस दरम्यान उन्होंने विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से अपने कौशल को बढ़ाया। ओटीए की स्थापना सन् 1964 में हुई थी। वहीं पहली बार 10 जुलाई 1965 में एनसीसी महिला प्रशिक्षण अकादमी की परेड हुई, जिसकी समीक्षा और अकादमी का औपचारिक उद्घाटन तत्कालीन रक्षामंत्री वाईबी चव्हाण ने किया था। सन् 1964 में ओटीएस कांपटी के रूप में थी पहचान अक्टूबर 1964 में बालिका यूनिट्स की बढ़ती संख्या के कारण ग्वालियर में एक अलग एनसीसी कॉलेज या ओटीए स्थापित करने का निर्णय लिया गया। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए भारत का यह एकमात्र एनसीसी महिला प्रशिक्षण संस्थान स्थापित हुआ। संस्थान का नाम शुरू में एनसीसी कॉलेज फॉर विमेन था और बाद में 1964 में ओटीएस कांपटी के अनुरूप इसका नाम बदलकर महिला अधिकारी प्रशिक्षण स्कूल या डब्ल्यूओटीएस कर दिया गया और फिर 2002 में इसका नाम बदलकर ओटीए ग्वालियर कर दिया गया, जो अब अफसर प्रशिक्षण अकादमी यानी ओटीए ग्वालियर के नाम से जाना जाता है। प्री-कमीशन सहित चार प्रकार के कोर्स होते हैं यहां ओटीए में कुल चार प्रकार के कोर्स होते हैं। इनमें सबसे मुख्य प्री कमीशन कोर्स है। यह इन दिनों 75 दिन और 45 दिन का संचालित हो रहा है। इसमें कुल 120 महिला प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण दिया जाता है। दूसरा रिफ्रेशर कोर्स है, जो 20 दिन का होता है। यह प्री कमीशन कोर्स कर चुकी महिला अफसरों के लिए होता है। इसके साथ ही जीसीआइ 20 दिन का और एसएसबी कोर्स 10 दिन का होता है। इनमें से एसएसबी कोविड के बाद नहीं कराया गया। पासिंग आउट परेड में 131 महिला एनसीसी अफसर शामिल ओटीए में आज पासिंग आउट परेड हुई। इस परेड के साथ एनसीसी ओटीए अपनी हीरक जयंती मना रहा है। मुख्य अतिथि के रूप में दक्षिणी कमान के आरओ लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ उपस्थित रहे। पासिंग आउट परेड में 131 महिला केयर टेकर अधिकारी शामिल है। परेड में शामिल होने जा रहे सभी प्रशिक्षु अधिकारी एनसीसी के 17 निदेशालयों से आई हैं। इन सभी का 75 दिवसीय प्रशिक्षण सात जुलाई को शुरू हुआ था। ओवरआल डवलपमेंट हुआ     मैंने ओटीए से डब्ल्यूटीएनओ (होल टाइम लेडी ऑफिसर इन एनसीसी) कोर्स किया था। यह बेसिक ट्रेनिंग छह महीने की थी। इसमें हमारा ओवरआल डवलपमेंट हुआ। वर्तमान में मैं ओटीए में ही एडिशनल ट्रेनिंग ऑफिसर की पोस्ट पर हूं। इससे पहले मैं गुजरात में एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर थी।- मेजर अरुंणधति शाह, बैच 2006 महिला अफसर छात्रों को देती हैं प्रशिक्षण     ओटीए को 60 साल पूरे हो चुके हैं। इस लम्बे सफर में लगभग 4000 महिला अफसर देश को मिली हैं, जिन्होंने एनसीसी की दिशा में बेहतर काम किया है। अकादमी में प्री कमीशन कोर्स, रिफ्रेशर कोर्स और जीसीआइ कोर्स कराए जाते हैं, जिसमें केयर टेकर का ओवर आल डवलपमेंट होता है। प्रशिक्षण के बाद ये महिला अफसर स्कूल और महाविद्यालय में छात्रों को प्रशिक्षण देती हैं। – लेफ्टिनेंट कर्नल अस्मिता, प्रशिक्षण अधिकारी (समन्वय), ओटीए  

सड़क गड्ढों से मौत हुई तो होगी कार्रवाई: इंदौर सांसद शंकर लालवानी का अल्टीमेटम

 इंदौर  कलेक्टर कार्यालय में  सांसद शंकर लालवानी की अध्यक्षता में जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति (दिशा) की बैठक हुई। इसमें सिंहस्थ से पहले कान्ह एवं सरस्वती नदी को स्वच्छ और साफ करने के अलावा सड़कों के गड्ढों पर चर्चा हुई। बैठक में सांसद ने निर्देश दिए कि बरसात से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत का कार्य जल्द प्रारंभ करें। सड़क के गड्ढों के कारण किसी की जान गई, तो वे स्वयं थाने जाकर जिम्मेदार ठेकेदार और अधिकारी पर एफआईआर कराएंगे। गड्ढों के कारण किसी की जान नहीं जानी चाहिए। बैठक में शहर और ग्रामीण के अलावा इंदौर-देवास बायपास की सड़कों पर गड्ढों का मुद्दा छाया रहा। बैठक में सांसद ने एनएचएआइ को बायपास पर राऊ से लेकर शिप्रा तक निर्माणाधीन ओवरब्रिज के लिए डायवर्शन सड़क की मरम्मत का कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही आइडीए और नगर निगम को भी अपने क्षेत्र की सड़कों के सुधार के लिए निर्देशित किया गया। जवाबदेही तय कर कार्रवाई के निर्देश दिए सड़कों की तकनीकी खामियों से होने वाली दुर्घटनाओं के लिए अधिकारियों की जवाबदेही तय कर कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए। बैठक में सांसद कविता पाटीदार, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक रमेश मेंदोला सहित कलेक्टर शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष रीना मालवीय, आईडीए मुख्य कार्यपालन अधिकारी डा. परीक्षित झाड़े, जिला पंचायत सीईओ सिद्धार्थ जैन सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। करोड़ों खर्च किए फिर भी सफाई अधूरी कान्ह और सरस्वती नदी पर साल 2000 से 2021 तक ग्यारह सौ करोड़ रुपये खर्च किए गए, लेकिन फिर भी साफ नहीं हो सकी। बैठक में एक बार फिर सिंहस्थ के मद्देनजर दोनों नदियों के साफ और सुंदरीकरण के लिए योजना तैयार कर क्रियान्वयन के निर्देश दिए। सांसद कविता पाटीदार ने भी ग्रामीण क्षेत्रों की नदियों को स्वच्छ रखने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण नदियों की स्वच्छता पर ही कान्ह और सरस्वती नदी की शुद्धता निर्भर है। ऐसे में ड्रेनेज व्यवस्था सुदृढ़ बनाएं, ताकि दूषित पानी नहीं मिले। शहर से लगे गांवों के कचरे की प्रोसेसिंग निगम करेगा बैठक में महापौर भार्गव ने कहा कि इंदौर की शहरी सीमा से लगे हुए गांवों और शहर की तरफ आने वाली ग्रामीण क्षेत्र की सड़कों को स्वच्छ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शहर से लगे गांवों के कचरा संग्रहण के लिए संयुक्त दल बनाकर विशेष कार्य योजना तैयार की जानी चाहिए। इस कार्य में निगम द्वारा पूरी मदद दी जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों के कचरे के प्रोसेसिंग की व्यवस्था भी निगम द्वारा की जाएगी। 54 गांवों में स्थापित होंगे आदि कर्मयोगी सेवा केंद्र जिले के 54 गांवों में आदि कर्मयोगी अभियान शुरू किया गया है। इसमें महू जनपद के 52 गांव और इंदौर जनपद के दो गांव शामिल हैं। चयनित प्रत्येक गांव में आदि कर्मयोगी सेवा केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। सेवा पखवाड़ा के तहत सांसद खेल महोत्सव का आयोजन होगा। इसमें ग्राम से लेकर जिला स्तर तक खेल प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। जिम्मेदारी खेल एवं युवा कल्याण विभाग तथा शिक्षा विभाग को सौंपी गई है।

सिंहस्थ से पहले सीख: नासिक महाकुंभ में व्यवस्थाएं संभालेगा मध्य प्रदेश का प्रशासनिक दल

भोपाल  उज्जैन में वर्ष 2028 में होने जा रहे सिंहस्थ की तैयारियों में भीड़ प्रबंधन और अन्य सुरक्षा उपायों को लेकर पुलिस-प्रशासन कोई कमी नहीं छोड़ना चाहता। नासिक में वर्ष 2027 में होने वाले कुंभ में पुलिस, आपदा प्रबंधन व अन्य संबंधित विभागों का दल पूरे समय वहां रहकर व्यवस्थाएं देखेगा। इस आधार पर वहां के नवाचार, तकनीक को उज्जैन में अपनाया जा सकेगा। पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों ने बताया कि उज्जैन में व्यवस्थाएं करने के लिए प्रयागराज की तुलना में नासिक महाकुंभ का अवलोकन अधिक बेहतर रहेगा। कारण यह कि नासिक और उज्जैन शहर की संरचना लगभग एक जैसी हैं। क्षेत्र संकीर्ण होने के कारण भीड़ प्रबंधन बड़ी चुनौती है। हालांकि, प्रयागराज महाकुंभ में किए गए तकनीकी नवाचारों का भी परीक्षण किया जा रहा है। वहां काम कर चुके विशेषज्ञों की मदद ली जाएगी वहां के अधिकारियों के एक दल ने पुलिस मुख्यालय में प्रस्तुतीकरण भी दिया था। इनमें जो उज्जैन के लिए व्यवहारिक हैं उन्हें पुलिस अपनाने की तैयारी भी कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि नासिक में भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा प्रबंध, यातायात, पार्किंग, स्वास्थ्य व्यवस्था, सफाई आदि में किसी तरह की समस्या आती है तो उसे देखते हुए उज्जैन सिंहस्थ में उस तरह की समस्या दूर करने के प्रयास किए पहले ही कर लिए जाएंगे। साथ ही अलग-अलग क्षेत्र में वहां काम कर चुके विशेषज्ञों की भी मदद ली जाएगी। बता दें कि पुलिस मुख्यालय ने उज्जैन सिंहस्थ में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तैयारी प्रारंभ कर दी है। इसमें सबसे पहले उज्जैन और ओंकारेश्वर का सुरक्षा आडिट कराया गया है।