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संजय पाठक के लिए मुश्किलें बढ़ीं: GST व ब्याज के साथ पेनल्टी, जबलपुर में होगी कलेक्शन कार्रवाई

जबलपुर खनिज विभाग जबलपुर की सीमा में आने वाली खदानों में अवैध उत्खनन करने के आरोप में विधायक संजय पाठक से 443 करोड़ वसूलने की तैयारी शुरू हो गई है। यह जिम्मा जबलपुर खनिज विभाग को दिया गया है। विभाग के अधिकारियों ने वसूली करने के लिए जबलपुर कलेक्टर दीपक सक्सेना से स्वीकृति मांगी है। विभाग ने इस संबंध में मांग पत्र तैयार कर कलेक्टर को भेजा है, लेकिन गुरुवार तक इस पर सहमति नहीं मिल सकी। अब संभवतः शुक्रवार को कलेक्टर इस पर सहमति देंगे, जिसके बाद संजय पाठक से वसूली की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। खदानों में तय सीमा से ज्यादा किया उत्खनन दरअसल, संजय पाठक ने सन् 2004 से 2017 तक अपनी खदानों में तय सीमा से ज्यादा उत्खनन किया। इसकी जानकारी न तो जबलपुर खनिज विभाग को लगी और न ही भोपाल में बैठे अधिकारियों को। करीब 13 साल तक विधायक ने अपनी स्वीकृत खदानों से तय मात्रा से ज्यादा उत्खनन किया, लेकिन कागजों पर तय सीमा में ही उत्खनन दिखाया गया। इसकी शिकायत जब भोपाल पहुंची तो हड़कंप मच गया और जांच टीम गठित कर संजय पाठक की मां और बेटे के नाम पर ली गई खदानों की जांच की गई।   हर कंपनी से किया अवैध उत्खनन दरअसल भोपाल खनिज विभाग की टीम ने कुछ दिन पहले संजय पाठक की मां निर्मला पाठक और पुत्र यश पाठक के नाम पर ली गई खदानों की जांच की। इसमें आनंद माइनिंग कॉर्पोरेशन, निर्मला मिनरल्स, पैसेफिक एक्सपोर्ट और आनंद माइनिंग कार्पोरेशन ने ली खदानों में अवैध उत्खनन लिया। जांच के बाद खनिज विभाग ने आनंद माइनिंग पर 234.51 करोड़, निर्मला मिनरल पर 126.79, पैरोफिक एक्सपोर्ट पर 81.79 करोड़ और आनंद कॉर्पोरेशन से 20.02 करोड़ की पेनल्टी लगाई है। इसे वसूलने का काम जबलपुर जिला प्रशासन को दिया गया है। कलेक्टर से सहमति के बाद वसूली जिले के खनिज विभाग द्वारा मांग पत्र पर कलेक्टर से सहमति के बाद वसूली के लिए नोटिस जारी किए जाएंगे। इतना ही नहीं भुगतान न करने पर संजय पाठक की खदानों में उत्खनन करने पर रोक भी लग सकती है। वसूली न हो, इसलिए निवेश कर दिया हाल ही में कटनी में हुए कॉन्क्लेव में देशभर की खनिज क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों ने निवेश किया। इस दौरान संजय पाठक की फर्मों पर लगाए 443 करोड़ के जुर्माना को लेकर चर्चा रही। अवैध उत्खनन पर सरकार के रुख को ठंडा करने के लिए संजय पाठक ने अपनी और अपने बेटे यश पाठक की फर्मों द्वारा निवेश करने की राशि में इजाफा किया और बढ़ाकर चार हजार करोड़ कर दिया गया। हालांकि इस दौरान मुख्यमंत्री और खनिज विभाग के आला अधिकारियों ने इस निवेश पर संजय पाठक की प्रशंसा भी की। कोर्ट के आदेश पर आगे बढ़ी कार्रवाई इसके बाद यह कयास लगाए गए कि अब सरकार, जुर्माने की राशि वसूलने पर जोर नहीं देगी, लेकिन अचानक हाईकोर्ट के जस्टिस विशाल मिश्रा की ऑर्डर शील पर संजय पाठक द्वारा फोन पर अप्रोच लगाने की बात कही, जिसके बाद आनन-फानन में जुर्माना की कार्रवाई को आगे बढ़ाया गया। जबलपुर खनिज अधिकारी एके राय ने कहा कि भोपाल से आए आदेश के बाद जुर्माना वसूलने की कार्रवाई के संबंध में मांग पत्र तैयार किया गया है, जिस पर कलेक्टर की सहमति के बाद जुर्माना वसूलने की कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाएगा।

सामाजिक चुनौतियों के समाधान के लिए शिक्षक आगे आयें : राज्यपाल पटेल ज्ञान का दान सेवा भी है और समर्पण भी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सामाजिक चुनौतियों के समाधान के लिए शिक्षक आगे आयें : राज्यपाल पटेल ज्ञान का दान सेवा भी है और समर्पण भी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने की शिक्षक संवर्ग को चतुर्थ वेतनमान देने की घोषणा प्रदेश के 55 लाख विद्यार्थियों को गणवेश खरीदने 330 करोड़ राशि हुई अंतरित राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को किया सम्मानित भोपाल  राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शिक्षक दिवस पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया। साथ ही शासकीय विद्यालयों में कक्षा एक से 8 तक के 55 लाख विद्यार्थियों के खातों में शाला गणवेश की 330 करोड़ की राशि अंतरित की। आर.सी.व्ही.पी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शैक्षणिक संवर्ग के सहायक शिक्षक, उच्च श्रेणी तथा नवीन शैक्षणिक संवर्ग के प्राथमिक शिक्षक एवं माध्यमिक शिक्षकों को क्रमोन्नत योजना प्रभावशील होने से चतुर्थ समयमान वेतनमान के लाभ के समरूप चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान का लाभ दिये जाने की घोषणा की। राज्यपाल पटेल ने कहा है कि समय की जरूरत है कि सामाजिक चुनौतियों के समाधान के लिए शिक्षक आगे आयें और परिवार एवं समाज का मार्गदर्शन करें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा विकसित भारत 2047 के लक्ष्य पर कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने युवाओं के साथ विवेकानंद जयंती पर संवाद कर इस दिशा में पहल की है। गुरूजन के सम्मान और गुरू शिष्य परम्परा की महत्ता भारत की गौरवशाली संस्कृति की धरोहर है। भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण युग की गुरू शिष्य परम्परा से प्रेरणा लेकर बच्चों को संस्कारित करना होगा। राज्यपाल पटेल ने कहा कि देश और समाज के निर्माता शिक्षक होते हैं, वह भावी पीढ़ी को संस्कार, ज्ञान और कौशल प्रदान करते हैं। व्यक्तित्व का विकास और चरित्र निर्माण करते हैं। भावी जीवन की सफलताओं के लिए तैयार करते हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में शिक्षकों के प्रति सम्मान और आभार का भाव सारे जीवन बना रहे, इसके लिए शिक्षकों और पालकों को आगे आना होगा। उन्होंने आधुनिक समाज में बच्चों की आत्म हत्या की बढ़ती चुनौती के प्रति चिंता व्यक्त की। पटेल ने कहा कि समारोह का आयोजन राष्ट्र निर्माता शिक्षकों के देश, समाज के निर्माण में उनके समर्पण और निष्ठा के प्रति देशवासियों का आभार प्रदर्शन है। शिक्षा वह शक्ति और साधन है जो राष्ट्र को ज्ञान, कौशल और जीवन के मूल्यों से संस्कारित करती है। राष्ट्र को सामाजिक, आर्थिक विकास के लिए सक्षम बनाती है। राज्यपाल पटेल ने गर्व के साथ कहा कि हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विकसित भारत निर्माण में शिक्षकों की भूमिका को नया आयाम प्रदान किया है। उन्होंने देश की स्थानीय, वैश्विक जरूरतों और भारत को दुनिया की ज्ञान की महाशक्ति बनाने के लिए दूरगामी छात्र केंद्रित राष्ट्रीय शिक्षा नीति तैयार कराई है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति संभवतः आजादी के बाद शिक्षा के क्षेत्र में सबसे अभिनव प्रयास और राष्ट्र की जन भावनाओं का जीवंत दस्तावेज है। शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में राज्य के प्रथम नागरिक के रूप में राज्यपाल ने सभी शिक्षकों का अभिनंदन किया और सम्मानित शिक्षकों को बधाई दी। राष्ट्र के स्वतंत्रता आंदोलन के सेनानी, भारतीय संस्कृति के प्रबल पोषक, चिंतक और संवाहक डॉ. राधाकृष्णन की जयंती पर नमन भी किया। एक लाख 50 हजार शिक्षकों को मिलेगा चतुर्थ समयमान वेतनमान: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की प्रदेश के शैक्षणिक संवर्ग के सहायक शिक्षक, उच्च शिक्षक, नवीन शैक्षणिक संवर्ग के प्राथमिक शिक्षक, माध्यमिक शिक्षकों को चतुर्थ समयमान वेतनमान दिया जाएगा। इससे प्रदेश के 1 लाख 50 हजार शिक्षक लाभान्वित होंगे। इसके लिए जल्द ही कैबिनेट में प्रस्ताव लाया जाएगा। सभी पात्र शिक्षकों को चौथे वेतनमान की सौगात वित्त वर्ष 2025-26 से मिलेगी। इससे सरकार पर करीब 117 करोड़ रुपए का अतिरिक्त व्यय भार आएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के मान-सम्मान और उन्हें सुविधा सम्पन्न बनाने के लिए हमारी सरकार हर जरूरी कदम उठायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि भारतीय परंपरा में अनंत काल से ध्यान का आधार गुरु का स्वरूप, पूजा का आधार गुरु के चरण, मंत्र का आधार गुरु के वचन और मोक्ष का आधार गुरु की कृपा है। प्राचीन काल में गुरु ही भविष्य के लिए शासक तैयार करते थे, जिस प्रकार महर्षि विश्वामित्र भगवान श्रीराम और लक्ष्मण को अपने साथ ले गए और उन्हें शस्त्र और शास्त्रों का ज्ञान देकर राक्षसों का नाश कराया। उसी प्रकार कंस का वध करने के बाद भगवान श्रीकृष्ण उज्जैन में महर्षि सांदीपनि आश्रम पहुंचे और अनेक लीलाएं कीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि ज्ञान पाना और ज्ञान देना दोनों सुसंस्कृत समाज के निर्माण के लिए जरूरी है। ज्ञान का दान समाज की सेवा भी और अपने नैतिक मूल्यों के प्रति समर्पण भी है। हमारे गुरुजन बड़े प्रभावी तरीके से इस भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। गुरु के बिना जीवन तमस में होता है। गुरु ही अपने ज्ञान से सबके जीवन को ज्योतिर्मय बनाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि शिक्षा ही व्यक्ति को सुसंस्कृत और संस्कारवान इंसान बनाती है। दशरथनंदन श्रीराम को मर्यादा पुरुषोत्तम बनाने का श्रेय आचार्य विश्वामित्र को जाता है, वहीं गुरु सांदीपनि ने कान्हा को वह शिक्षा दी, जिसने उन्हें भगवत गीता का ज्ञान देने वाला श्रीकृष्ण बनाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरुजन सदैव पूजनीय हैं, क्योंकि वे अपने ज्ञान और परिश्रम से शिक्षा के मंदिरों को प्रकाशित करते हैं। प्रदेश सरकार शिक्षकों के मान-सम्मान के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने सम्मानित सभी शिक्षकों का अभिवादन कर प्रदेश के विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में उनके योगदान की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत रत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को आदरांजलि अर्पित करते हुए कहा कि वे एक महान दार्शनिक और विद्वान थे, जिन्होंने राष्ट्रपति पद की गरिमा को अपनी प्रतिभा से गौरवान्वित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है। दुश्मन से रक्षा के लिए हमारे वैज्ञानिकों ने आधुनिक सुदर्शन चक्र विकसित कर सेना को सौंपा है। भारत ने हमेशा वसुधैव कुटुम्बकम, जियो और जीने का संदेश दुनिया को दिया है। भारत ने विश्व गुरु रहते हुए शिक्षा के माध्यम से … Read more

बीजेपी बैठक में सीएम बोले– विपक्ष खतरे से भागता है, वन नेशन-वन इलेक्शन पर चर्चा

भोपाल  भोपाल में भाजपा कार्यालय में सेवा पखवाड़े की तैयारियों को लेकर हुई बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस न्यायालय और लोकतांत्रिक संस्थाओं की धज्जियां उड़ाने वाली पार्टी है. सीएम ने कहा कि – 'विपक्ष शुतुरमुर्ग की तरह खतरे से आंख मूंदकर जनता को भ्रमित कर रहा है, जबकि भाजपा के तपोनिष्ठ कार्यकर्ता कच्ची मिट्टी के नहीं बने हैं। उन्होंने कहा कि आने वाला समय वन नेशन, वन इलेक्शन का है और कांग्रेस के लिए और भी चुनौतीपूर्ण होने वाला है।' 17 दिनों में हम अपने कामों को नीचे तक लेकर जाएं CM ने कहा- 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्म दिवस पर सेवा पखवाड़े चलेगा। सारी गतिविधियां और कार्यक्रम चलेंगे। आज के समय हमारी भूमिका को जनता के बीच जिस ढंग का माहौल हमारे विपक्षी लोग कर रहे हैं। दुनिया भारत को सम्मान और गर्व की निगाह से देख रही है। आज के इस दुविधापूर्ण समय में कांग्रेस अपना काम कर रही है। लेकिन, हम अपनी पार्टी और केन्द्र सरकार के एक-एक काम को सेवा पखवाड़े के माध्यम से नीचे तक ले जाएं। और ताकत के साथ हम अपने विषय रखें। हम अपनी जड़ें और नीचे तक बनाते जाएं। ये 17 दिन का समय हमारे लिए हमारी पूरी व्यवस्थाओं को नीचे तक विश्वास बनाने का अवसर है। दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बनने का गौरव भाजपा ने प्राप्त किया है। आइडियोलॉजी को लेकर कोई दुविधा नहीं सीएम ने कहा- शहजादों की भाषा उनके अपने आचरण और व्यवहार जो अपने आपको पार्टी भले ही कहती हो। लेकिन, सच्चे अर्थों में लोकतांत्रिक पार्टी भाजपा है। हम अपने एक-एक काम से संदेश दे रहे हैं। भाजपा के कार्यकर्ता यदि काम कर रहे हैं तो वह राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत होकर सांस्कृतिक धारा में तपोनिष्ठ कार्यकर्ता की तरह अपनी भूमिका निभा रहे हैं। राजनीतिक विचारधारा में आइडियोलॉजी को लेकर कोई दुविधा नहीं हैं। हमारी सफलता से दुश्मन बौखलाए हैं सीएम ने कहा- हमारी राजनीतिक यात्रा जनसंघ के जमाने से शुरू हुई थी। उस यात्रा के आधार पर हमने सफलता के परचम लहराए हैं। हमारी सफलता से दुश्मन बौखलाए हुए हैं। दुश्मनों के हालात आज उनके लिए तो करो या मरो के समान हैं। इसलिए वो सारे नाटक कर रहे हैं। जिसके आधार पर उनको लगता है कि वो मूल उद्देश्य की प्राप्ति कर लेंगे। हमारे दुश्मन रावण की तरह आते हैं सीएम ने कहा- आज हमारे राज्य में और कई सारे राज्यों में चुनाव की कोई बेला नहीं हैं। ऐसे में हम अपनी बात बहुत शिष्टता से करें। लेकिन दुश्मन बहुत चालाक है। वो भगवान राम के समय से माता सीता का अपहरण करने साधु के वेश में आता है। वो उसी नाटक से आज भी बाहर नहीं आ रहे। इसलिए, आज भी वो संविधान की किताब दिखाते हुए। उन्होंने सौ-सौ बार संविधान का संशोधन करते हुए अपना चरित्र दिखाया। चुनाव आयोग ने दमदारी से जवाब दिया सीएम ने कहा कि आज कांग्रेस न्यायालय की बात करती है, लेकिन न्यायालय की धज्जियां उड़ाने का इतिहास भी कांग्रेस का ही रहा है। लोकतंत्र में सबसे बड़ी विश्वसनीयता चुनाव आयोग की होती है, लेकिन कांग्रेस उसके खिलाफ जिस तरह की भाषा इस्तेमाल कर रही है, वह दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि मैं चुनाव आयोग का धन्यवाद करता हूं कि आजादी के बाद पहली बार चुनाव आयोग ने मजबूती और दमदारी से अपनी बात रखी है। चुनाव आयोग की यही भूमिका होनी चाहिए- सही को सही और गलत को गलत कहना। विपक्ष ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग पक्षपात कर रहा है, लेकिन आयोग ने स्पष्ट कर दिया कि वह न पक्ष में है, न विपक्ष में, बल्कि निष्पक्ष है। आयोग ने कहा कि सभी पंजीकृत दल हमारे लिए बराबर हैं। खतरे को देख रेत में सिर घुसा लेते हैं सीएम ने कहा- न्यायालय की परंपरा के आधार पर देश गौरवान्वित हुआ था, जब इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री होते हुए पद का दुरुपयोग कैसे कर सकती हैं। इसके खिलाफ वो सच्चाई सामने लाए। और ये शुतुरमुर्ग की तरह आने वाले खतरे को देखकर अपनी मुंडी रेत में घुसाकर जनता को बेवकूफ बनाने वाले लोग हैं। शुतुरमुर्ग का यह तरीका रहता है जब वह खतरे का सामना नहीं कर पाता है तो रेत में अपना सिर घुसा कर सोचता है कि खतरा टल गया। राम के नाम पर देश में दंगे कराने का पाप मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस ने अपने एक-एक फैसले से देश का नुकसान किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यही वे लोग हैं, जिन्होंने भगवान राम के मुद्दे पर देश में दंगे कराए। इन्हीं के कारण तीन तलाक की प्रथा बनी रही, जिसने मुस्लिम बहनों की जिंदगी को नरक बना दिया। आजादी के बाद धारा 370 लगाने के चलते 40 हजार निर्दोष लोगों की जान गई, जिसका पाप भी कांग्रेस के सिर पर है। विपक्ष के लिए आने वाला वक्त और चुनौती का सीएम ने कहा कि आज का समय वन नेशन, वन इलेक्शन का है। विपक्ष को मालूम है कि आने वाला वक्त उनके लिए और भी चुनौतीपूर्ण होने वाला है। इसी कारण वे आखिरी कोशिश करेंगे कि किसी भी तरह भाजपा के विजय रथ को रोक सकें। लेकिन हमें पूरा विश्वास है कि भाजपा के कार्यकर्ता कच्ची मिट्टी के नहीं बने हैं। वे तपोनिष्ठ और समर्पित हैं। मध्यप्रदेश तो संगठन की नर्सरी है, जहां हर बूथ से मजबूत कार्यकर्ता तैयार होकर निकलते हैं। इसी संगठन और कार्यकर्ताओं की फौज के बल पर हम हर चुनौती का सामना करने में सक्षम हैं।  

CM मोहन के सामने गरजे इंदौर मेयर के बेटे, रेल हादसे और बुलेट ट्रेन पर उठाए गंभीर सवाल

भोपाल  मध्य प्रदेश में इंदौर के मेयर पुष्यमित्र भार्गव के बेटे संघमित्र भार्गव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें संघमित्र सरकार पर निशाना साध रहे हैं. संघमित्र जब सरकार के खिलाफ गरज रहे थे तो मंच पर सीएम मोहन यादव भी मौजूद थे. देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में आयोजित वाद-विवाद प्रतियोगिता के दौरान उन्होंने रेल हादसे और बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट पर सरकार को घेरा. मंच पर मुख्यमंत्री मोहन यादव के अलावा विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर भी मौजूद थे. संघमित्र के तीखे भाषण को सुनकर मंच पर मौजूद सभी नेता हैरान रह गए. वहीं, इंदौर मेयर के पसीने छूट रहे थे. संघमित्र ने कहा, सरकार कहती है सबका साथ सबका विकास. लेकिन हकीकत यह है कि रेलवे में हो रहा है दलालों का साथ और जनता का विनाश. वेटिंग लिस्ट का आलम यह है कि हर साल 50 लाख से ज्यादा लोग टिकट लेने के बावजूद सफर नहीं कर पाते. उन्होंने आगे कहा, 2022 तक अहमदाबाद-मुंबई के बीच बुलेट ट्रेन का वादा किया गया था, लेकिन 2025 आ गया और बुलेट ट्रेन तो नहीं, वादाखिलाफी की रफ्तार जरूर दौड़ रही है. करोड़ों रुपए खर्च हो गए, जमीन अधिग्रहण में घोटाले हो गए, लेकिन ट्रेन अब तक सिर्फ पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन तक ही सिमटी है. रेल हादसे पर क्या कहा? संघमित्र ने कहा, कहा गया था कि कवच तकनीक से रेल हादसे खत्म हो जाएंगे, लेकिन पिछले 10 साल में 20 हजार लोग ट्रेन हादसों में अपनी जान गंवा चुके हैं. जब रेल के डिब्बे टूटते हैं या ट्रेन पटरी से उतरती है, तब सिर्फ लोहे के डिब्बे नहीं टूटते, किसी मां की गोद उजड़ जाती है, किसी बच्चे का भविष्य अंधकार में चला जाता है, किसी बूढ़े पिता की आंखों से आखिरी उम्मीद छिन जाती है संघमित्र ने कहा, 400 स्टेशन एयरपोर्ट जैसे बनाने की बात हुई थी, लेकिन अब तक बने कितने हैं. सिर्फ 20. वहां भी चमकते बोर्ड तो हैं, लेकिन पीने का पानी महंगा है और भीड़ वही की वही है. रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि सवा लाख करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत हुआ था, लेकिन 80 प्रतिशत परियोजनाएं अब तक अधूरी हैं. 78 प्रतिशत फंड जो सुरक्षा के लिए था, उसे डायवर्ट कर दिया गया. उन्होंने कहा कि एक रिपोर्ट बताती है कि 300 करोड़ रुपए का निवेश सिर्फ एक कंपनी को दे दिया गया. ऐसे में सबका विकास कैसे होगा. संघमित्र के पिता को जानिए संघमित्र के पिता पुष्यमित्र भार्गव इंदौर के मेयर हैं. वह शहर के 24वें महापौर हैं. पुष्यमित्र वकील भी हैं. उन्होंने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के सबसे युवा अतिरिक्त महाधिवक्ता के रूप में भी काम किया है. पुष्यमित्र मध्य प्रदेश बीजेपी के बड़े नेता हैं.

खंडवा में ईद जुलूस के मौके पर हंगामा, हिंदू संगठनों ने किया प्रदर्शन

 खंडवा  खालवा के खारकला में शुक्रवार को ईद मिलादुन्नबी के जुलूस के दौरान तनाव की स्थिति बन गई। जानकारी अनुसार जमानत पर रिहा मुबारिक पुत्र मेहबूब ने बजरंग दल कार्यकर्ता विजय बागड़ा को घर के सामने धमकाने का प्रयास किया। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही हिंदू संगठनों ने आक्रोश जताते हुए खंडवा-खालवा मार्ग को चार घंटे तक जाम रखा। सैकड़ों की संख्या में महिलाएं और पुरुष धरने पर बैठे रहे और पुलिस कार्रवाई की मांग करते रहे। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामला शांत किया सूचना पर हरसूद एसडीएम आर.सी. खतेडिया, एसडीओपी लोकेन्द्र सिंह खालवा तहसीलदार राजेश कोचले नायव तहसीलदार विनोद यादव व रोशनी चौकी पुलिस मौके पर पहुंचे। उन्होंने संगठन पदाधिकारियों व ग्रामीणों से बातचीत कर स्थिति को समझा। मुस्लिम समुदाय ने निकाला था जुलूस विजय बागड़ा ने बताया कि 13 जून 2024 को उनके भाई विनोद बागड़ा पर मुबारिक ने हमला किया था। इस मामले में खालवा थाने में धारा 307 के तहत प्रकरण दर्ज हुआ था, जिसके बाद आरोपी जमानत पर रिहा है। विजय ने आरोप लगाया कि मुस्लिम समुदाय का जुलूस जानबूझकर उनके घर के सामने से निकाला गया, जबकि इससे पहले कभी इस गली से जुलूस नहीं निकला।  

पुलिस ने किया बड़ा एनकाउंटर, शिवपुरी में 30 किलो चरस और तस्कर पकड़ाए, संपत्ति की जांच होगी

शिवपुरी  शिवपुरी पुलिस ने नशे के कारोबार के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए 30 किलो 295 ग्राम चरस जब्त की है। बरामद मादक पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 6 करोड़ 21 लाख रुपए बताई गई है। मामले में आरोपी संदीप सिंह सिख (38), निवासी रमतला की किया गिरफ्तार।  एसपी अमन सिंह राठौड़ के मुताबिक, गुरुवार को देहात थाना प्रभारी जितेंद्र मावई को सूचना मिली कि मझेरा गांव, कोटा-झांसी फोर लेन पर एक युवक बड़ी खेप लेकर पहुंचने वाला है। पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ा। उसके पास से दो बैगों में रखे 60 पैकेट चरस और एक नई किओ कार जब्त की गई। जांच में सामने आया कि संदीप सिंह ने यह खेप नेपाल से मंगवाई थी। नेपाल से टमाटर का व्यापार करने वाला मोहन ठाकुर यह खेप ट्रक में छुपाकर लाया और संदीप को सौंप दी। राजस्थान की पार्टी से सौदा तय हुआ था, लेकिन पुलिस की दबिश से आरोपी पहले ही पकड़ लिया गया। ऐसे आया पुलिस की पकड़ में पुलिस के मुताबिक, कुछ महीने पहले गुना की केंट पुलिस ने आरोपी संदीप सिंह को 650 ग्राम अफीम के साथ पकड़कर जेल भेज दिया था। यहीं जेल में उसकी मुलाकात बंटी नाम के कैदी से हुई। बंटी ने संदीप को भरोसा दिलाया कि वह उसे राजस्थान की बड़ी पार्टी से मिलवा सकता है, जो चरस की भारी खेप खरीदने को तैयार है। करीब एक माह पहले जब दोनों जेल से बाहर आए, तब बंटी ने संदीप की मुलाकात उस राजस्थान की पार्टी से कराई। इसके बाद संदीप सिंह ने नेपाल से चरस की यह खेप मंगवाई। मोहन ठाकुर नाम का टमाटर व्यापारी यह खेप नेपाल से ट्रक में छुपाकर अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर पार करके शिवपुरी लाया और संदीप सिंह को सौंप दी। डील तय हुई कि राजस्थान की पार्टी चरस लेने शिवपुरी आएगी और मझेरा गांव (कोटा-झांसी फोर लेन) पर डिलीवरी पॉइंट तय किया गया। लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने दबिश देकर संदीप सिंह को पकड़ लिया। चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी ने सिर्फ 7 दिन पहले ही नई किओ कार खरीदी थी, जिससे वह चरस की डिलीवरी देने पहुंचा था। ढाबे से होटल तक- 7 साल का काला सफर संदीप सिंह के माता-पिता मूलतः पंजाब के रहने वाले हैं। कई साल पहले वे कोलारस आकर बस गए और 10 बीघा जमीन लेकर खेती करने लगे। संदीप दो भाइयों में से एक है। कोरोना काल के दौरान संदीप ने कोलारस बायपास पर एक छोटी झोपड़ी में ढाबा खोला। इसी ढाबे से उसने अवैध नशे का कारोबार शुरू किया। धीरे-धीरे वह अफीम, गांजा और चरस बेचने और सप्लाई करने लगा। सिर्फ 7 साल में जिस झोपड़ी में ढाबा था, वहां अब दो मंजिला होटल खड़ा है। इसके अलावा उसने काली कमाई से कई जमीनें और मकान खरीदे हैं। एसपी अमन सिंह राठौड़ ने यह भी कहा है कि आरोपी ने अचानक ही पैसा बनाया और प्रॉपर्टी खड़ी कर ली। अब उसकी संपत्ति की जांच भी होगी। आरोपी का नेटवर्क और आपराधिक रिकॉर्ड मोहन ठाकुर लखनऊ का रहने वाला है। वही नेपाल से टमाटर की खेप ले जाने वाला व्यापारी है, जिसने नेपाल से चरस लाकर संदीप को देता था। बंटी कैदी साथी जिससे जेल में मुलाकात, जिसने राजस्थान की बड़ी पार्टी से संदीप का कनेक्शन कराया। संदीप सिंह का रिकॉर्ड, पहले भी कई मामले दर्ज, जिनमें एनडीपीएस, आबकारी एक्ट और गुना-कोलारस थानों में अपराध शामिल हैं। पिछले वर्ष उससे 03 करोड़ 49 लाख रुपए की 17 किलो चरस भी जब्त हुई थी।

अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति 2025 हेतु आवेदन प्रांरभ इस वर्ष 2.5 लाख छात्राओं को मिलेगी यह छात्रवृत्ति

(वर्ष 2024-25 कुल 25000 छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान की गई थी जिसमे मध्यप्रदेश की 18,000 से अधिक छात्राएं लाभान्वित हुई । छात्रवृत्ति के पहले वर्ष की धनराशी को इन छात्राओ के खातों में ट्रांसफर कर दिया गया है) भोपाल अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति पायलट के तौर पर शैक्षणिक वर्ष 2024-25 में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और झारखंड के कुछ चुनिन्दा जिलों में लॉन्च किया गया था । इस पायलट कार्यक्रम में 25,000 से अधिक छात्राओ को यह  छात्रवृत्ति दी गई है  मध्य प्रदेश में 18,000 से अधिक छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान की गई जिसमे से भोपाल जिले की लगभग 295 छात्राएं लाभान्वित हुई | अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति का उद्देश्य स्कूली शिक्षा के बाद उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाली छात्राओ को वित्तीय सहायता प्रदान करना है एवं यह सुनिश्चित करना है की धन की कमी से कोई  भी छात्रा अपनी पढ़ाई न छोड़े | अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन का अनुमान है कि वह शैक्षणिक वर्ष 2025-26 में 2.5 लाख छात्राओ को अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही होगी । यह कार्यक्रम इस साल से देश के 18 राज्यों में शुरू किया जा रहा है   इस वर्ष छात्रवृत्ति हेतु आवेदन 10 सितंबर से प्रारंभ हो रहे है | प्रथम चरण में आवेदन करने की अंतिम तिथि 30 सितम्बर है ।  अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन द्वारा संचालित अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति के बारे में मुख्य बातें: पात्रता: ऐसी छात्रायें जिन्होने सरकारी (पब्लिक) स्कूलों से कक्षा 10वी और 12वी की पढ़ाई की हो। किसी प्रामाणिक उच्च शिक्षा संस्थान (HEI) में डिग्री या डिप्लोमा कार्यक्रम में प्रवेश लिया हो। ‘प्रामाणिक’ HEI की सूची में सभी सरकारी (पब्लिक) HEI और चुनिंदा निजी HEI भी शामिल होंगे। उपरोक्त पात्रता  रखने वाली कोई भी छात्रा  इस छात्रवृति  हेतु  ऑनलाइन आवेदन कर सकती है  आवेदन पूर्णतः निःशुल्क है   छात्रवृत्ति: डिग्री या डिप्लोमा कार्यक्रम की अवधि के लिए प्रति वर्ष 30,000 रुपये, जब तक छात्रा सफलतापूर्वक कार्यक्रम में जारी रहती है । उदाहरण के लिए, 4 वर्षीय बीएससी नर्सिंग प्रोग्राम करने वाली छात्राओं को उन 4 वर्षों में 1,20,000( एक लाख बीस हजार) रुपये की छात्रवृत्ति सहायता मिलेगी । यह धनराशि हर साल दो किश्तों में छात्राओ के बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर की जाएगी । वह अपनी जरूरत के हिसाब से इस धनराशि का उपयोग कर सकती है । । अठारह राज्यों की सूची इस प्रकार है: अरुणाचल प्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, ओडिशा, राजस्थान, सिक्किम, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड । कार्यक्रम का विवरण और कार्यक्रम के डिजाइन या कवरेज में कोई भी बदलाव आवेदन प्रक्रिया की शुरुआत में अधिसूचित किया जाएगा । आने वाले वर्षों में ये संभावना है की छात्रवृत्ति कार्यक्रम में देश के सभी राज्यो को शामिल किया जाएगा  

CM मोहन यादव ने शिक्षक दिवस पर दिया गुरुओं को स्पेशल सरप्राइज, जानें क्या था गिफ्ट

भोपाल  ‘भारतीय परंपरा में अनंत काल से ध्यान का आधार गुरु का स्वरूप, पूजा का आधार गुरु के चरण, मंत्र का आधार गुरु के वचन और मोक्ष का आधार गुरु की कृपा है. प्रचीन काल में गुरु ही भविष्य के लिए शासक तैयार करते थे. जिस प्रकार महर्षि विश्वामित्र जी भगवान श्री राम और लक्षमण को अपने साथ ले गए और उन्हें शस्त्र और शास्त्रों का ज्ञान देकर राक्षसों का नाश कराया. इसी प्रकार कंस का वध करने के बाद भगवान श्रीकृष्ण उज्जैन में महर्षि सांदीपनि आश्रम पहुंचे और अनेक लीलाएं कीं.’ यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 5 सितंबर को शिक्षक दिवस पर भोपाल में कही. सीएम डॉ. यादव आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन अकादमी में आयोजित राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह 2025 को संबोधित कर रहे थे. इस मौके पर राज्यपाल मंगुभाई पटेल भी मौजूद थे. कार्यक्रम में सीएम डॉ. यादव ने सरकारी स्कूलों के कक्षा 1 से 8 तक के 55 लाख विद्यार्थियों के खातों में स्कूल यूनिफॉर्म के लिए 330 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए. इस मौके पर सीएम डॉ. यादव ने शिक्षकों को चौथे वेतनमान की सौगात भी दी. कार्यक्रम में प्रदेश के शिक्षकों का सम्मान भी किया गया. शिक्षकों के सम्मान का महान दिन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि एआई के युग में आप मशीनें तो अच्छी से अच्छी बना सकते हैं, लेकिन संस्कार केवल गुरु ही दे सकते हैं. हजारों सालों से भारतीय संस्कृति ने संस्कारों के माध्यम से समाज को दिशा प्रदान की है, शिक्षा के क्षेत्र में तक्षशिला और नालंदा की भूमिका को कौन भूल सकता है. भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने अपने जन्मदिवस को शिक्षक दिवस और उनके सम्मान के रूप में मनाने की बात कही थी, तब से देश में 5 सितंबर को शिक्षकों का सम्मान किया जाता है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आदि शंकराचार्य का जीवन भी मध्यप्रदेश आकर ही बदला था. ओंकारेश्वर की धरती ने उन्हें शंकराचार्य बनाया. बच्चों को बड़ी भूमिका के लिए करें तैयार कार्यक्रम में राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि सोशल मीडिया के दौर में पारिवारिक माहौल भी बदल रहा है. ऐसे में बच्चों को अनुशासित रखना आवश्यक है. शिक्षक स्कूल में और अभिभावक घर में अनुशासन का ध्यान रखें. इससे बच्चों के मन में बड़ों के प्रति आदर का भाव आएगा. समाज में शिक्षकों का सम्मान होना चाहिए. पिछले दिनों राजधानी में शिक्षकों की एक गोष्ठी हुई. इसमें बच्चों में आत्महत्या की घटनाएं बढ़ने जैसे गंभीर विषय पर विचार-विमर्श हुआ. पति-पत्नी बच्चों के सामने झगड़ा न करें. हमारे शिक्षक और अभिभावकों की जिम्मेदारी है कि बच्चों को ऐसा माहौल दें, जिससे वे भावनात्मक रूप से मजबूत हों. जीवन में छोटी-मोटी कठिनाइयां आने पर हार न मानें और 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें. स्कूली बच्चों-शिक्षकों के खिले चेहरे गौरतलब है कि मध्यप्रदेश सरकार ने आज 55 लाख बच्चों को स्कूल यूनिफॉर्म के लिए 330 करोड़ रुपये दिए. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में सांदीपनि विद्यालय खोले जा रहे हैं. हमारे सरकारी स्कूलों का परिणाम निजी स्कूलों से बेहतर रहा है. यह परिणाम 15 साल में सबसे अच्छा रहा है. शिक्षकों को चौथे वेतनमान की सौगात मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षकों को चौथे वेतनमान की सौगात देते हुए कहा कि सरकार शैक्षणिक संवर्ग के सहायक शिक्षक, उच्च शिक्षक, नवीन शैक्षणिक संवर्ग के प्राथमिक शिक्षक, माध्यमिक शिक्षकों को चतुर्थ कार्यमान वेतनमान दिया जाएगा. इससे प्रदेश के 1 लाख 50 हजार शिक्षक लाभान्वित होंगे. इसके लिए कैबिनेट में प्रस्ताव लाया जाएगा और 2025-26 से शिक्षकों को चौथे वेतनमान की सौगात मिलेगी. इससे सरकार पर 117 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भार आएगा.  

ओबीसी पक्ष तैयार करेगा पैनल, दो वरिष्ठ अधिवक्ताओं के नाम जाएंगे कोर्ट में

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा सर्वदलीय बैठक बुलाए जाने के बाद नई दिल्ली स्थित मध्यप्रदेश भवन में राज्य शासन के अधिवक्ताओं और ओबीसी महासभा के अधिवक्ताओं की संयुक्त बैठक हुई। बैठक में तय किया गया कि मप्र शासन द्वारा नियुक्त वरिष्ठ अधिवक्ता के साथ-साथ अन्य वरिष्ठ अधिवक्ताओं को भी मामले में शामिल किया जाएगा। इस उद्देश्य से ओबीसी महासभा के अधिवक्ताओं ने दो दिनों के भीतर अतिरिक्त वरिष्ठ अधिवक्ताओं के लिए दो नामों का पैनल देने की सहमति दी है। बैठक में आगामी सुनवाई के दौरान ओबीसी वर्ग के हितों की सुरक्षा के लिए साझा पैरवी पर सकारात्मक चर्चा हुई। इसमें मप्र शासन के महाधिवक्ता प्रशांत सिंह, पूर्व महाधिवक्ता अनूप जॉर्ज चौधरी, वरिष्ठ अधिवक्ता  जून चौधरी, रामेश्वर ठाकुर, वरुण ठाकुर, विनायक शाह,  शशांक रतनू, रामकरण, हनुमत लोधी सहित कई अधिवक्ता उपस्थित रहे। सरकार और ओबीसी महासभा के प्रतिनिधियों का मानना है कि इस समन्वय और साझा पैरवी से आगामी सुनवाई में प्रदेश का पक्ष और अधिक मजबूत होगा। सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है मामला  बता दें मध्य प्रदेश में ओबीसी वर्ग को फिलहाल 14 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिल रहा है। 2019 से 27 प्रतिशत आरक्षण देने का कानून बनने के बाद से सरकारी भर्तियों के 87 प्रतिशत पदों पर ही नियुक्ति दी जा रही है, जबकि 13 प्रतिशत पद कोर्ट का फाइनल निर्णय आने तक होल्ड कर दिए गए हैं। इसके खिलाफ ओबीसी वर्ग के छात्रों और ओबीसी महासभा ने कोर्ट में याचिका दायर की है। यह मामला हाईकोर्ट के बाद अब सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन हैं।  

मध्यप्रदेश में मॉनसून की मार, मौसम विभाग ने आज के लिए दिया अलर्ट

भोपाल  मध्य प्रदेश के कई जिलों में आज भी बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक और बारिश होने की संभावना जताई है। भोपाल जिले में अब तक 38 इंच बारिश दर्ज की गई है, जो इस सीजन के कोटे से केवल 2 इंच कम है। बड़ा तालाब छलकने की कगार पर पहुंच गया है। ऐसे में भदभदा डैम के गेट किसी भी समय खोले जा सकते हैं। बात दें कि मौसम विभाग के अनुसार, इस बार मध्य प्रदेश में इस मॉनसूनी सीजन में औसत से अधिक करीब 40 इंच बारिश हो चुकी है, जो कोटे का 108 प्रतिशत है। हालांकि अब तक 32.1 इंच बारिश होनी थी, प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है। पिछले मॉनसूनी सीजन में औसत 44 इंच बारिश हुई थी। यह लगातार दूसरे साल प्रदेश में सामान्य से ज्यादा है। फिलहाल मॉनसून के 25 दिन ओर बाकी हैं, ऐसे में यह आंकड़ा और भी बढ़ने के संभावना जताई जा रही है। उज्जैन इंदौर रतलाम में हालात बिगड़े लगातार हो रही बारिश से इंदौर, उज्जैन और रतलाम जिले के हालात बिगड़ रहे हैं, मौसम विभाग ने अगले 2 दिन तक प्रदेश में तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई है। अगले 24 घंटे में रतलाम, झाबुआ और अलीराजपुर में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। यहां साढ़े 8 इंच तक पानी गिर सकता है। उज्जैन संभाग के नीमच, मंदसौर, देवास और आसपास के जिले इंदौर, बड़वानी, खंडवा, राजगढ़, गुना, बैतूल, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में भारी बारिश का येलो अलर्ट है। 24 घंटे में यहां ढाई से साढ़े 4 इंच तक बारिश हो सकती है। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि प्रदेश में गुरुवार को चार सिस्टम एक्टिव रहे। इनमें एक मॉनसून समेत दो टर्फ, एक लो प्रेशर एरिया (कम दबाव का क्षेत्र) और एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम शामिल हैं। शुक्रवार को भी सिस्टम की एक्टिविटी देखने को मिल सकती है, इसलिए कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। एमपी में जब से मॉनसून एंटर हुआ, तब से पूर्वी हिस्से यानी जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में तेज बारिश हुई है। छतरपुर, मंडला, टीकमगढ़, उमरिया समेत कई जिलों में बाढ़ आ गई। इसके अलावा ग्वालियर-चंबल में भी मॉनसून जमकर बरसा है। प्रदेश के 20 जिलों में बारिश का कोटा फुल हो गया है। उज्जैन घाट पर बने मंदिरों में पानी भरा बुधवार ओर गुरुवार उज्जैन और आसपास के जिले देवास ओर इंदौर में रुक-रुक कर तेज बारिश होती रही। बुधवार देर रात और गुरुवार रुक-रुक कर हुई बारिश से शहर के कई निचले इलाकों में जलजमाव की स्थिति बन गई है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शिप्रा नदी उफान पर आ गई है। नदी के बढ़ते जलस्तर से रामघाट और दत्त अखाड़ा घाट पर पानी आने से मंदिर डूब गए। वहीं अंगारेश्वर महादेव मंदिर में क्षिप्रा का जल घुस गया। घाट पर स्थित सभी मंदिर जलमग्न हो गए हैं। साथ ही चिंतामण जवासिया, खरेट सहित गांव के घरों तक पानी पहुंचा। दाउदखेड़ी में बन रही कॉलोनियों के चलते गांव के रास्ते पानी में डूब गए। नालों के ऊपर हो रहे निर्माण से पानी निकल नहीं पा रहा। यहां से आरटीओ जाने वाला रास्ता पानी भरने के चलते तालाब जितना भरा मिला, जहां एक बस भी काफी समय तक फंसी रही। इस दौरान शहर में हुई बारिश के कारण बहादुरगंज, एटलस चौराहा, केडी गेट, नीलगंगा, इंदौर गेट, दशहरा मैदान सहित कई क्षेत्रों में जलभराव हो गया है। इन क्षेत्रों के रहवासी जलभराव के कारण खासे परेशान नजर आ रहे हैं। उज्जैन जिले में प्रशासन ने लोगों से नदियों-घाटों के पास नहीं जाने की अपील की है, क्षिप्रा नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण उज्जैन बड़नगर मार्ग स्थित छोटा ब्रिज पूरी तरह से डूब गया है। उज्जैन कलेक्टर ने पुलिस बल के साथ एसडीई आरएफ टीम को मौके पर तैनात किया है। क्षिप्रा किनारे रामघाट पर नगर निगम, होमगार्ड और एसडीईआरएफ की टीमें तैनात हैं। घाट पर आने वाले श्रद्धालुओं को दूर रखा जा रहा है बात दे कि उज्जैन में क्षिप्रा नदी का जलस्तर इतना बढ़ गया है कि घाट किनारे स्थित मंदिर गुंबद तक जलमग्न हो गए है। ग्रामीण क्षेत्र के चिंतामन थाना के दाउद खेडी गांव में एक स्कूल बस और सरकारी स्कूल में कुछ छात्र और टीचर जलभराव के दौरान फंस गए। आसपास इतना पानी भर गया कि मोटर बोट से टीचर्स को रेस्क्यू करना पड़ा। 7 सदस्यीय एसडीईआरएफ टीम ने सभी टीचर्स को निकालकर सकुशल सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। गुना में सबसे ज्यादा, 5 जिलों में कम एमपी के गुना जिले में अब तक सबसे ज्यादा बारिश हुई है तो वहीं उज्जैन संभाग सहित एमपी के 5 जिलों में बारिश फिलहाल औसत से कम है, यह जिले इंदौर और उज्जैन संभाग के हैं। इसमें खरगोन में सबसे कम 24.7 इंच, खंडवा में 24.9 इंच, बड़वानी में 25.2 इंच, बुरहानपुर में 25.5 इंच और शाजापुर में 25.6 इंच बारिश हुई है। इस मामले में गुना सबसे बेहतर है। यहां 62.9 इंच बारिश हो चुकी है। गुना में 30.5 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। मंडला में 55.5 इंच बारिश हो चुकी है। शिवपुरी में 52.9 इंच, अशोकनगर में 52.6 इंच और श्योपुर में 55.3 इंच पानी गिर चुका है। ब्लॉक की वजह से ट्रेनें निरस्‍त रतलाम नागदा खंड में ब्‍लॉक के कारण कुछ ट्रेनें प्रभावित हुई हैं। पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के रतलाम-नागदा खंड में ऑटोमेटिक ब्‍लॉक सिगनलिंग प्रणाली को लागू करने के लिए शीघ्रता से काम जारी है। रतलाम-नागदा खंड में ऑटोमेटिक ब्‍लॉक सिगनलिंग सिस्‍टम को कार्यान्वित करने के लिए 6 सितंबर को प्रस्‍तावित ब्‍लॉक के कारण मंडल की कुछ ट्रेनें प्रभावित होगी। 6 सितंबर 25 को निम्‍न ट्रेनें निरस्‍त रहेंगी : 59318 उज्‍जैन – नागदा पैसेंजर 59346 नागदा-उज्‍जैन पैसेंजर,59345 रतलाम-नागदा पैसेंजर 6 सितम्‍बर, 25 को नागदा से चलने वाली गाड़ी संख्‍या 19341 नागदा बीना एक्‍सप्रेस, उज्‍जैन से चलेगी तथा नागदा से उज्‍जैन के मध्‍य निरस्‍त रहेगी। ट्रेनों की आगमन/प्रस्‍थान समय सहित अन्‍य अद्यतन जानकारियों के लिए यात्री कृपया www.enquiry. indianrail.gov.in पर जाकर अवलोकन कर सकते हैं।