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MP अतिथि शिक्षकों को अलर्ट: 18 जुलाई से ई-अटेंडेंस नहीं तो मानदेय भी नहीं

भोपाल  मध्य प्रदेश में अतिथि शिक्षकों से जुड़ी जरुरी खबर सामने आई है। स्कूल शिक्षा विभाग ने अतिथि शिक्षकों के लिए “हमारे शिक्षक” ऐप पर ई-अटेंडेंस दर्ज करना अनिवार्य किया है, लेकिन कई शिक्षक इस नियम का पालन नहीं कर रहे हैं। विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए निर्देश जारी किए हैं कि 18 जुलाई, 2025 से जो अतिथि शिक्षक ई-अटेंडेंस नहीं लगाएंगे, उन्हें गैरहाजिर माना जाएगा और उनका मानदेय रोका जाएगा।  ई-अटेंडेंस के चौंकाने वाले आंकड़े विभाग ने सभी जिलों में अतिथि शिक्षकों की ई-अटेंडेंस की स्थिति की समीक्षा की तो चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। किसी भी जिले में 50 प्रतिशत से अधिक ऑनलाइन अटेंडेंस दर्ज नहीं हुई है। कई जिलों में यह आंकड़ा मात्र 10 से 20 प्रतिशत के बीच है, जबकि अनूपपुर जिले में ई-अटेंडेंस शून्य प्रतिशत रहा। स्कूल शिक्षा विभाग ने साफ कर दिया है कि “हमारे शिक्षक” ऐप के माध्यम से उपस्थिति दर्ज करना अब अनिवार्य है।  "हमारे शिक्षक" ऐप से अनिवार्य की गई उपस्थिति स्कूल शिक्षा विभाग ने इस शैक्षणिक सत्र से गेस्ट टीचर्स की अटेंडेंस मोबाइल ऐप "हमारे शिक्षक" के जरिए दर्ज करना अनिवार्य कर दिया है। इसके लिए सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। अब शिक्षक की उपस्थिति सिर्फ ऐप के माध्यम से ही मान्य मानी जाएगी। हालांकि, अभी तक कई गेस्ट टीचर्स इस आदेश का पालन नहीं कर रहे हैं। इस पर लोक शिक्षण आयुक्त ने नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि लगभग 80% अतिथि शिक्षकों ने ई-अटेंडेंस दर्ज नहीं की है, जो कि बहुत ही निराशाजनक है। 18 जुलाई से अटेंडेंस नहीं तो वेतन नहीं मध्यप्रदेश में गेस्ट टीचर्स के लिए शुरू की गई ई-अटेंडेंस व्यवस्था जुलाई माह के पहले पंद्रह दिनों में बुरी तरह विफल साबित हुई है। अब स्कूल शिक्षा विभाग ने इसको लेकर सख्त रुख अपनाते हुए सभी जिलों शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि 18 जुलाई से जिन अतिथि शिक्षक-शिक्षिकाओं की उपस्थिति (ई-अटेंडेंस) ‘हमारे शिक्षक’ ऐप के माध्यम से दर्ज नहीं होगी, उन्हें अनुपस्थित माना जाएगा और उनका मानदेय भी रोका जाएगा।” ई-अटेंडेंस नहीं लगाई तो रुकेगा मानदेय विभाग ने साफ कहा है कि सभी गेस्ट टीचर्स को सूचना दी जाए कि अगर वे "हमारे शिक्षक" ऐप से अटेंडेंस दर्ज नहीं करते हैं, तो उन्हें गैरहाजिर माना जाएगा और उनका मानदेय नहीं मिलेगा। यह ई-अटेंडेंस की व्यवस्था 1 जुलाई 2025 से शुरू की गई है। लेकिन पहले 15 दिन की समीक्षा में सामने आया कि 80% से ज्यादा गेस्ट टीचर्स ने ऐप से अटेंडेंस नहीं लगाई है। गेस्ट टीचर्स की ई-अटेंडेंस की रिपोर्ट जारी शिक्षा विभाग ने हमारे शिक्षक’ ऐप से अटेंडेंस नहीं लगाने वाले शिक्षकों को अब अनुपस्थित मानते हुए वेतन न देने का निर्णय लिया गया है। शिक्षा विभाग ने सभी जिलों के गेस्ट टीचर्स की ई-अटेंडेंस पर आधारित रिपोर्ट जारी करते हुए निर्देश दिए हैं कि इसे सख्ती से लागू किया जाए। वहीं, अतिथि शिक्षक संघ ने आपत्ति जताते हुए स्पष्ट किया है कि जब तक उन्हें अवकाश जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं मिलतीं, तब तक वे ऐप के माध्यम से उपस्थिति दर्ज नहीं करेंगे। गेस्ट टीचर्स ने नहीं लगाई ई-अटेंडेंस दरअसल, स्कूल शिक्षा विभाग ने इस शैक्षणिक सत्र से गेस्ट टीचर्स की उपस्थिति मोबाइल ऐप ‘हमारे शिक्षक’ के माध्यम से दर्ज करना अनिवार्य कर दिया है। बावजूद इसके, बड़ी संख्या में अतिथि शिक्षक अब तक इस निर्देश का पालन नहीं कर रहे हैं। इस लापरवाही पर लोक शिक्षण आयुक्त ने गंभीर नाराजगी जताते हुए कहा कि लगभग 80% गेस्ट टीचर्स ने ई-अटेंडेंस दर्ज नहीं की है, जो कि अत्यंत चिंताजनक और निराशाजनक स्थिति है।” शिक्षकों का एक वर्ग इस व्यवस्था का कर रहा विरोध विभाग का कहना है कि यह कदम शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए उठाया गया है। हालांकि, शिक्षकों का एक वर्ग इस व्यवस्था का विरोध कर रहा है, उनका कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क की समस्या और ऐप की तकनीकी खामियों के कारण यह प्रणाली अव्यवहारिक है। इस सख्ती के बाद अब देखना होगा कि अतिथि शिक्षक इस नियम का पालन करते हैं या विरोध और तेज होता है। डिंडोरी जिले में 50 प्रतिशत से ज्यादा उपस्थिति शिक्षा विभाग द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, मध्यप्रदेश के 55 जिलों में से केवल डिंडोरी ऐसा जिला है जहां अपेक्षाकृत बेहतर ई-अटेंडेंस दर्ज की गई है। यहां 57% गेस्ट टीचर्स ने ‘हमारे शिक्षक’ ऐप के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज की। इसके बाद झाबुआ में 48%, खरगोन में 45%, तथा नरसिंहपुर और शहडोल में 44-44% गेस्ट टीचर्स की अटेंडेंस दर्ज की गई। वहीं दूसरी ओर, अनूपपुर जिला सबसे पीछे रहा, जहां 17 गेस्ट टीचर्स में से किसी ने भी एक भी दिन उपस्थिति दर्ज नहीं की। इसी तरह निवाड़ी और अलीराजपुर में मात्र 7-7% और मऊगंज और हरदा में 8-8% अटेंडेंस ही रिकॉर्ड की गई है। यह आंकड़े ई-अटेंडेंस व्यवस्था की जमीनी स्थिति को लेकर गंभीर चिंता पैदा करते हैं। "जब तक अवकाश की सुविधा नहीं मिलेगी, नहीं लगाएंगे ई-अटेंडेंस" अतिथि शिक्षक संघ के अध्यक्ष सुनील परिहार ने स्कूल शिक्षा विभाग की ई-अटेंडेंस अनिवार्यता पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि पिछले 17 सालों में अतिथि शिक्षकों को एक भी अवकाश की सुविधा नहीं दी गई है, जबकि अतिथि विद्वानों को यह सुविधा उपलब्ध है। परिहार ने कहा, हमारे पास न तो दुर्घटना बीमा है और न ही महिला शिक्षकों को प्रसूति अवकाश मिलता है। कई अतिथि शिक्षक ऐसे हैं जिन्हें मात्र ₹10,000 मानदेय मिलता है और वे पिछले चार महीनों से बेरोजगार हैं। कई के पास स्मार्टफोन तक नहीं हैं, ऐसे में वे ई-अटेंडेंस कैसे लगाएं?

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चीफ जस्टिस न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा को दी बधाई

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के 29वें मुख्य न्यायाधिपति की शपथ लेने पर न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा को बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उनका अनुभव, न्याय के प्रति प्रतिबद्धता, दूरदृष्टि और अनुशासन निश्चित ही भारतीय न्याय व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया पर जारी अपने संदेश में कहा कि सचदेवा अपने कार्यकाल में संवैधानिक मूल्यों की रक्षा, मौलिक अधिकारों की प्रतिष्ठा और शीघ्र एवं निष्पक्ष न्याय सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करें तथा न्याय एवं संविधान की गरिमा को नई दिशा दें, यही शुभकामनाएं हैं। 

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में लंबित कार्यों और सत्र तैयारियों की समीक्षा

भोपाल  मुख्य सचिव अनुराग जैन की अध्यक्षता में विधानसभा के आगामी सत्र की तैयारी और लंबित कार्यों की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में शून्यकाल, अपूर्ण उत्तर, आश्वासन, लोकलेखा समिति की सिफारिशें, विधानसभा में विभागों के प्रशासनिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करने पर चर्चा की गयी। मुख्य सचिव जैन ने निर्देश दिए कि सभी विभाग प्रमुख अपने काम समय-सीमा में करें। कार्य की साप्ताहिक समीक्षा भी की जाये। मुख्य सचिव जैन ने बैठक में 5 वीं राष्ट्रीय मुख्य सचिव कांफ्रेंस की तैयारियों के भी निर्देश दिये। उन्होंने अतिरिक्त कोर्ट केस, राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण, मानवाधिकार आयोग, अनुसूचित जाति/ जनजाति आयोग के प्रकरणों में राज्य शासन की ओर से समय-सीमा में जवाब प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिये। बैठक में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, जे.एन. कंसोटिया, अशोक वर्णवाल, संजय शुक्ल, मनु श्रीवास्तव, श्रीमती रश्मि अरूण शमी, प्रमुख सचिव विवेक पोरवाल, संदीप यादव सहित विभागों के सचिव, अपर सचिव एवं उप सचिव उपस्थित थे।  

सरकारी स्कूल में शिक्षक पर धर्मांतरण का आरोप, धार्मिक भावना आहत करने को लेकर FIR दर्ज

 उज्जैन  मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के झारडा थाना क्षेत्र के ग्राम नागपुरा स्थित शासकीय माध्यमिक विद्यालय में शिक्षक शकील मोहम्मद पर गंभीर आरोप लगे हैं। उन पर भारत माता की तस्वीर जलाने, देवी-देवताओं की तस्वीरें तोड़ने और छात्रों पर धर्म परिवर्तन का दबाव डालने का आरोप है।  कुरान पढ़ने और नमाज सीखने के लिए डाला दबाव  छात्र अनुराग राठौर और अन्य विद्यार्थियों ने बताया कि 11 जुलाई को छुट्टी के बाद शकील मोहम्मद ने कक्षा में धार्मिक प्रतीकों का अपमान किया। उन्होंने भारत माता और अन्य देवी-देवताओं की तस्वीरों को जलाया और तोड़ा। छात्रों का कहना है कि शिक्षक ने उन्हें कुरान पढ़ने और नमाज सीखने के लिए दबाव डाला। साथ ही, उन्होंने धमकी दी कि यदि किसी ने इस बारे में बताया तो उनकी जान ले लेंगे। ग्रामवासी रोहित राठौर की शिकायत के आधार पर झारडा थाना पुलिस ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 298 (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने) और 351(3) (आपराधिक धमकी) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है।  हिंदू संगठनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश  एसडीओपी सुनील कुमार वरकडे ने बताया कि मामला संवेदनशील है, और सभी तथ्यों की गहन जांच की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी। घटना की जानकारी मिलने के बाद हिंदू संगठनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। उन्होंने थाने का घेराव कर शिक्षक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।  

स्वच्छता में नंबर वन इंदौर ने अनोखे अंदाज़ में मनाया जश्न, आतिशबाजी के बाद खुद की सफाई, जिम्मेदारी भी निभाई

इंदौर का स्वच्छता मॉडल बना ग्लोबल आइकन, 50 देशों के प्रतिनिधि हुए प्रेरित इंदौर की सफाई को कांग्रेस सांसद ने बताया मिसाल, कहा – यूरोप नहीं, यहां से सीखें स्वच्छता में नंबर वन इंदौर ने अनोखे अंदाज़ में मनाया जश्न, आतिशबाजी के बाद खुद की सफाई, जिम्मेदारी भी निभाई इंदौर पिछले कई वर्षों से ‘स्वच्छ सर्वेक्षण’ में सबसे साफ शहर बनकर उभरा इंदौर अब वैश्विक स्तर पर स्वच्छता के लिए जाना जाने लगा है। इसके सख्त सफाई और कचरा प्रबंधन नीतियों ने इसे एक अंतरराष्ट्रीय केंद्र भी बना दिया है, जहां दुनियाभर के देश अपने प्रतिनिधियों को भेजकर इसकी प्रणाली सीखने की प्रेरणा पा रहे हैं। कुछ साल के अंदर कई दल इंदौर आ चुके हैं और उन्होंने यहां से सीखी स्वच्छता की बातों को अपने देशों में भी लागू किया है। अब तक देश के अलग अलग शहरों के 100 से अधिक प्रतिनिधि स्वच्छता मॉडल को देखने के लिए आ चुके हैं।  दुनियाभर के 50 से अधिक देशों के प्रतिनिधि भी यहां पर आकर स्वच्छता के गुर सीख चुके हैं। फ्रांस से लेकर फिजी और जाम्बिया तक के देशों ने इंदौर के सफाई मॉडल पर विश्वास दिखाया है। देश-विदेश से आए प्रतिनिधियों ने इसकी उत्कृष्टता को सराहा और उसे सीखने की इच्छा जताई है, जो स्वच्छ भारत और ग्लोबल सिटी मॉडल की दिशा में एक मजबूत कदम है।   प्रवासी भारतीय सम्मेलन में भी स्वच्छता रही मुख्य आकर्षण साल 2023 में इंदौर में प्रवासी भारतीय सम्मेलन आयोजित किया गया। इस दौरान दुनियाभर के देशों से लोग इंदौर आए। यहां पर सभी के लिए स्वच्छता आकर्षण का मुख्य केंद्र रही। विदेशी दलों को नगर निगम की टीम पर्यटन स्थलों के साथ में स्वच्छता के मुख्य केंद्रो पर भी ले गई।  बांग्लादेश ने भेजा विशेष दल बांग्लादेश के ज्वाइंट सेक्रेटरी निरोद चंद्र मंडल के नेतृत्व में 13 बांग्लादेशी प्रतिनिधियों का दल इंदौर आया। इन्होंने शहर में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी इकट्ठा की। इसके साथ ही सॉलिड वेस्ट मैनजमेंट सिस्टम को भी समझा बारीकी से समझा। विदेशी प्रतिनिधिमंडल आए 22 सदस्यीय विदेशी टीम इंदौर आई। यह 6 अलग-अलग देशों से थी। इन्होंने इंदौर के बायो‑CNG संयंत्र, घर-घर कूड़ा संग्रह, कंपोस्टिंग समाधान और सफाई स्टाफ की प्रशिक्षण विधियों का ज्ञान साझा किया। इस टीम में यह देश शामिल थे… फ्रांस (France) उरुग्वे (Uruguay) फिजी (Fiji) जाम्बिया (Zambia) ग्वाटेमाला (Guatemala) होंडूरस (Honduras)  प्रदेशों ने भी भेजे अपने दल उत्तर प्रदेश का एक दस-सदस्यीय दल  जिसमें “Safai Mitra” एवं राज्य के अधिकारी शामिल थे, नवंबर 2022 में इंदौर आया। उन्होंने इंदौर की बायो-CNG संयंत्र सुविधा को समझा और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन मॉडल की पूरी जानकारी ली और अपनी नगरपालिकाओं में इसके मॉडल को लागू करने की योजना बनाई। हैदराबाद की मेयर और 40 GHMC निगम सदस्य सितंबर 2024 में आए, ताकि इंदौर के door-to-door collection, स्रोत पर कचरा विभाजन (segregation), और सफाई कर्मचारियों के सशक्त बनावट मॉडल को सीख सकें।  इन सभी दलों ने इंदौर के कई पहलुओं को समझा, जिनमें मुख्य रूप से यह बातें शामिल थी… wet waste से bio-CNG उत्पादन, बायो‑CNG संयंत्र (Asia's largest) dry waste का पुनः उपयोग  100% door-to-door कचरा संग्रह होम कंपोस्टिंग टेक्निक zero-landfill नीति सफाई संगठनों (Safai Mitras) की कार्यप्रणाली 'Reduce‑Reuse‑Recycle' मॉडल आईआईएम ने शुरू किया कोर्स, देशभर से आ रहे अधिकारी इंदौर आईआईएम द्वारा शुरू की गई पहल अन्वेषण से देशभर में स्वच्छता के लिए जागरूकता बढ़ रही है। अन्वेषण आईआईएम इंदौर द्वारा चलाया जा रहा कोर्स है जिसमें देशभर के निगम आयुक्त और वरिष्ठ अधिकारी स्वच्छता से जुड़ी ट्रेनिंग लेते हैं। अपशिष्ट प्रबंधन और वॉश (WASH: Water, Sanitation and Hygiene – जल, स्वच्छता और सफाई) पर केंद्रित अन्वेषण की कई बैच निकल चुकी हैं। चार दिवसीय कार्यक्रम में देश के कई राज्यों के नगर निगम आयुक्त और वरिष्ठ अधिकारी शामिल होते हैं। अन्वेषण की यह बैच अपशिष्ट प्रबंधन और स्वच्छता के माध्यम से देशभर के अधिकारियों को एक मंच पर लाने का काम करती है। आईआईएम इंदौर के निदेशक प्रो. हिमांशु राय ने कहा कि कार्यक्रम के दौरान प्राप्त ज्ञान और अंतर्दृष्टि का उपयोग कर सभी अधिकारी अपने संबंधित शहरों में स्थायी अपशिष्ट प्रबंधन प्रथाओं को लागू कर रहे हैं। इससे स्वच्छ भारत अभियान में महत्वपूर्ण योगदान हो रहा है।  इंदौर की सफाई को कांग्रेस सांसद ने बताया मिसाल, कहा – यूरोप नहीं, यहां से सीखें इंदौर का स्वच्छता का डंका न सिर्फ देश में बल्कि दुनियाभर में बजता है। भारत में ही हर पार्टी के नेता इंदौर की स्वच्छता के गुर सिखाने के लिए अपने दल भेजते रहते हैं। समय समय पर देशभर के जनप्रतिनिधि इंदौर की तारीफ भी करते रहते हैं।  कांग्रेस सांसद बोले स्वच्छता सीखने यूरोप क्यों जा रहे, इंदौर जाइए इस साल मार्च में चेन्नई का विशेष दल स्वच्छता के गुर सीखने यूरोप जा रहा था। कांग्रेस के सांसद कार्ति चिदंबरम इस पर नाराज हो गए और कहा कि चेन्नई नगर निगम के अधिकारियों को कचरा प्रबंधन के गुर सीखने के लिए यूरोप क्यों जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए सबसे पहले इंदौर का दौरा किया जाना चाहिए।  रायपुर की महापौर बोली इंदौर जैसे काम करेंगे, नंबर वन बनेंगे पिछले महीने इंदौर आई रायपुर नगर निगम की महापौर मीनल चौबे ने इंदौर में दो दिवसीय कार्यक्रम में स्वच्छता की बारीकियां सीखी। यहां से लौटने के बाद रायपुर की स्वच्छता और विकास के लिए कई ठोस कदमों की घोषणा की। महापौर ने बताया कि इंदौर से मिले अनुभव और मॉडल को रायपुर में अपनाकर शहर को स्वच्छता के मामले में नई ऊंचाइयों पर ले जाने का प्रयास किया जाएगा। महापौर चौबे ने कहा कि रायपुर में इंदौर की तरह सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के लिए आमजन को जागरूक किया जाएगा। इसमें एनजीओ की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही शहर के सभी 10 जोनों में आरआरआर (रियूज, रिड्यूस, रिसाइकल) केंद्र खोलकर उनके प्रभावी संचालन के लिए एनजीओ के सहयोग से रणनीति बनाई जाएगी।  भागलपुर की महापौर बोली इंदौर की ट्रेनिंग से हुआ फायदा भागलपुर की महापौर वसुंधरा लाल ने अपने शहर के सफाई कर्मचारियों को इंदौर भेजा ताकि वे वहां की सफाई व्यवस्था को समझकर भागलपुर में लागू कर सकें। वसुंधरा ने कहा कि इंदौर में सफाई व्यवस्था की ट्रेनिंग … Read more

राजधनी भोपाल के बोर्ड ऑफिस चौराहे पर सड़क धंसी, हुआ 10 फीट का गड्ढा

 भोपाल  मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में भारी बारिश के बाद महाराणा प्रताप नगर चौराहे के पास एक व्यस्त सड़क पर 10 फीट से बड़ा गड्ढा बन गया. यह सड़क भोपाल की सबसे व्यस्त सड़कों में से एक है और इसके नीचे एक पुराना नाला बह रहा है. बताया गया कि यह सड़क लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधीन आती है. गड्ढा सुबह से हो रही बारिश के बाद बनने की बात सामने आई है.इस घटना को लेकर कांग्रेस प्रवक्ता अभिनव बारोलिया सड़क पर ही गड्ढे के पास धरने पर बैठे और प्रदर्शन किया. हाल ही में भोपाल की सड़कों पर गड्ढों को लेकर PWD मंत्री राकेश सिंह के बयान, "जब तक सड़कें रहेंगी, तब तक गड्ढे रहेंगे," की भी चर्चा हो रही है.  इससे पहले ग्वालियर शहर की चेतकपुरी रोड भी चर्चा का विषय बन गई थी. यहां बारिश के चलते 4 करोड़ रुपए की नई बनाई गई सड़क पर गुफानुमा गड्डे हो गए थे. इससे नगर निगम की काफी किरकिरी हुई थी.  मध्य प्रदेश में तेज बारिश होने की वजह से मौसम विभाग ने शुक्रवार सुबह तक कई जिलों में बाढ़ के खतरे की आशंका जताई है। पूर्वी हिस्से के छतरपुर, दमोह, कटनी, पन्ना, सागर, सतना और टीकमगढ़ में अचानक बाढ़ आ सकती है।  पिछले 24 घंटे में सीधी में 3.1 इंच पानी गिर गया। रीवा में 2.2 इंच, नर्मदापुरम में 1.9 इंच, जबलपुर में 1.4 इंच, उमरिया में 1.3 इंच, ग्वालियर में 1.1 इंच और पचमढ़ी में 1 इंच बारिश हो गई। भोपाल में सुबह से कभी तेज, कभी हल्की बारिश हो रही है। यहां आधा इंच से ज्यादा पानी गिरा है।     भोपाल में बोर्ड ऑफिस चौराहे के पास सड़क धंसने से बड़ा गड्ढा हो गया। सड़क के इसी हिस्से के नीचे से सीवेज लाइन गुजर रही है।     सतना में शासकीय स्वशासी महाविद्यालय की 17, 18 और 19 जुलाई को होने वाली परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं। SDM ने रोड धसकने की क्या वजह बताई? पूरा मामला महाराणा प्रताप नगर (एमपी नगर) में फुटपाथ से सटे लिंक रोड नंबर 1 का है। यहां की सड़क का एक हिस्सा आज सुबह बारिश के दौरान ढह गया। इसकी जानकारी लेने पहुंचे एसडीएम एल के खरे ने वहां मौजूद मीडिया वालों को बताया, इस सड़क के नीचे एक नाला है। बारिश के कारण नाले की मिट्टी और फुटपाथ की मिट्टी खिसकने से सड़क धंस गई है। इसके साथ ही उन्होंने शाम तक सड़क की मरम्मत कराने की भी बात कही है। फूल माला चढ़ाकर जलाई अगरबत्ती कांग्रेस से जुड़े समर्थकों ने गड्डे के पास पहुंचकर नारेबाजी और धरना प्रदर्शन भी किया। लोगों ने वहां पहुंचकर पाइप पर फूलों का हार चढ़ाया और अगरबत्ती लगाकर पूजा की। पूजा करने पर लोगों ने बताया कि हमने भ्रष्टाचार की पूजा अर्चना की है। ये एमपी नगर की हालत है तो अन्य इलाकों की क्या हालत होगी। एक शख्स ने गड्डे में उतरकर नारेबाजी भी करी। सड़कों में गड्डे खुल गई पोल… चोरी करना बंद करो… दलाली करना बंद करो। मंत्री बेशर्म बयान देते रहेंगे और…, कांग्रेस एमपी नगर शहर के अहम इलाकों में से एक है। यहां सड़क धसने की खबर सामने आई तो सोशल मीडिया पर भी तेजी से फैलने लगी। कांग्रेस की मध्य प्रदेश शाखा ने अपने एक्स हैंडल पर वीडियो शेयर करते हुए लिखा- ग्वालियर और इंदौर के बाद अब भोपाल में हुआ करीब 8 फ़ीट का गड्ढा हुआ है। मंत्री बेशर्म बयान देते रहेंगे और कमीशन से बनी सड़कें अपना भ्रष्टाचार उजागर करती रहेंगी।     डिंडौरी में अतिवर्षा के चलते सरकारी स्कूलों में आज अवकाश रहा। मऊगंज के भी सभी स्कूलों में छुट्‌टी रही।     हरदा की मटकुली नदी में पुलिसकर्मी की कार बह गई। उसने पुलिया पर पानी होने के बावजूद कार निकालने का प्रयास किया था। पुलिसकर्मी ने समय रहते कार से कूदकर जान बचा ली।     सतना में रपटे को पार करने की कोशिश में कार तेज बहाव में बह गई। लोगों ने कार सवार युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।     मऊगंज जिले के नई गढ़ी कस्बे में कई घरों में पानी घुस गया है। लोग जरूरी सामान लेकर सुरक्षित स्थानों पर जा रहे हैं। थाना परिसर भी पानी में डूबा हुआ है।     चित्रकूट की गुप्त गोदावरी गुफा में तेज बहाव के साथ पानी बह रहा है। पर्यटकों के लिए गुफा को बंद करा दिया गया है।     पीथमपुर में तीन मंजिला मकान की निर्माणाधीन दीवार बारिश के कारण गिर गई। हादसे में दो माह की बच्ची की मौत हो गई जबकि पिता घायल हैं।

मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय को मिला नया मुख्य न्यायाधिपति, संजीव सचदेवा ने ली शपथ

भोपाल  राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के 29वें मुख्य न्यायाधिपति की शपथ मनोनीत न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा को दिलाई। शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन गुरूवार को राजभवन के सांदीपनि सभागार में किया गया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा भी उपस्थित रहे। राज्यपाल पटेल और उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने नव नियुक्त मुख्य न्यायाधिपति सचदेवा को शपथ ग्रहण के बाद पुष्पगुच्छ भेंट कर बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने शपथ ग्रहण समारोह का संचालन किया। उन्होंने राष्ट्रपति द्वारा न्यायाधीश संजीव सचदेवा को मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधिपति नियुक्त किए जाने की अधिसूचना का वाचन किया। शपथ ग्रहण समारोह में खेल एवं युवा कल्याण, सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार, विधायक रामेश्वर शर्मा, हरियाणा के पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी, भोपाल नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, लोकायुक्त सत्येन्द्र कुमार सिंह, मुख्य सूचना आयुक्त विजय यादव, सदस्य मानवाधिकार आयोग राजीव टंडन, राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव के.सी. गुप्ता, अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन संजय शुक्ल, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना, रजिस्ट्रार जनरल मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय धरमिंदर सिंह, महाधिवक्ता प्रशांत सिंह, उच्च न्यायालय के न्यायाधीश, जिला न्यायालय एवं बार के सदस्य, विभिन्न आयोगों के पदाधिकारी सहित जन प्रतिनिधि एवं शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।  

प्रोटोकॉल में भारी चूक: दूषित डीजल से सीएम काफिले की कारें बंद, पेट्रोल पंप संचालक पर कार्रवाई

रतलाम  रतलाम में मुख्यमंत्री के प्रोटोकॉल से जुड़ी गाड़ियों में मिलावटी डीजल भरने का मामला अब जांच रिपोर्ट से स्पष्ट हो गया है। 27 जून को एमपी राइज 2025 कार्यक्रम के दौरान सीएम के प्रोटोकॉल में शामिल 19 इनोवा कारें डोसीगांव स्थित भारत पेट्रोलियम के मेसर्स से रिफ्लिंग कराई गई थी।  रतलाम जिला प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पेट्रोल पंप को सील कर तीन डीजल सैंपल लिए, जिन्हें BPCL लैब मांगलिया भेजा गया। अब आई जांच रिपोर्ट में डीजल में पानी की मिलावट की पुष्टि हुई है। पंप संचालक शक्ति बुंदेल और पंप मैनेजर अमरजीत डाबर के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच में पाया गया कि पंप के डीजल टैंक में 197.43 लीटर पानी मौजूद था, और स्टॉक में 720 लीटर का अंतर मिला। घटना के बाद से पेट्रोल पंप अब तक बंद है और आगे की कार्रवाई पुलिस के हाथों में है। बता दें कि 26, जून की रात सीएम के काफिले में शामिल होने के लिए प्राइवेट गाड़ियां इंदौर से रतलाम आई थीं। डोसीगांव में स्थित भारत पेट्रोलियम के मेसर्स शक्ति फ्यूल्स पाईंट पर 19 इनोवा कारों में एक साथ डीजल भराया। डीजल भराने के बाद कारे कुछ दूरी तक ही चली और बंद हो गई। इन सभी को धक्का मारकर पेट्रोल पंप पर लाकर खड़ा किया था। जब प्रशासन को इस बारे में जानकारी लगी तो हड़कंप मच गया। अधिकारी पेट्रोल पंप पहुंचे। गाड़ियों के टैंक खुलवाकर डीजल खाली कराया तो उसमें डीजल के साथ पानी निकला। मामला सीएम से जुड़ा होने के कारण उसी रात पेट्रोल पंप को सील कर दिया। रात में ही प्रशासन ने इंदौर से अन्य गाड़ियों का इंतजाम किया। दूसरी गाड़िया इंदौर से रतलाम पहुंची। 27 जून को 3 सैंपल जांच के लिए भेजे, रिपोर्ट आई मामला सामने आने के बाद 27 जून को जिला आपूर्ति विभाग ने डीजल के 3 सैंपल लेकर भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) के मांगलिया लेब में टेस्ट के लिए भेजे गए। करीब एक पखवाड़ा बाद लेब से टेस्ट रिपोर्ट मिल गई है। जिला आपूर्ति विभाग ने आगे की कार्रवाई को लेकर थाना औद्योगिक क्षेत्र को जांच रिपोर्ट सौंप दी है। जिला आपूर्ति अधिकारी आनंद गोले की रिपोर्ट पर 27 जून को थाना औद्योगिक क्षेत्र ने पेट्रोल पंप संचालक शक्ति बुंदेल पति हेमराज बुंदेल और पंप मैनेजर अमरजीत पिता बल्लू डाबर के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत केस दर्ज किया था। दर्ज रिपोर्ट के अनुसार जांच में पाया कि पंप संचालक ने लापरवाही बरतते हुए वाहनों में अपमिश्रित डीजल भरा गया, जो कि उन्हें नहीं करना चाहिए था। तब से लेकर आज तक पेट्रोल पंप बंद है। पेट्रोल पंप संचालक जनसुनवाई में कलेक्टर के पास भी पहुंचे थे, ताकि पेट्रोल पंप को चालू कराया जा सके। जिला आपूर्ति अधिकारी ने टाली जवाबदेही जांच रिपोर्ट के संबंध में जब दैनिक भास्कर ने जिला आपूर्ति अधिकारी आनंद गोले से जानकारी मांगी, तो वे स्पष्ट जवाब देने से बचते नजर आए। उन्होंने शुरुआत में कहा कि रिपोर्ट सीधे पुलिस को भेज दी गई है। जब रिपोर्ट की विस्तृत जानकारी मांगी गई तो उन्होंने मामले को पुलिस की जांच से जोड़ते हुए कहा कि उनका काम केवल सैंपल लेकर जांच के लिए भेजना था। विभागीय जिम्मेदारी की बात उठाने पर उन्होंने कैमरे के सामने आने से बचते हुए स्वीकार किया कि जांच में डीजल में पानी की मिलावट पाई गई है। लेकिन जब आगे की कार्रवाई के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने इसे पुलिस का मामला बताकर अपनी जिम्मेदारी से किनारा कर लिया। विशेष रूप से चिंताजनक यह है कि मामला मुख्यमंत्री के काफिले से जुड़ा होने के बावजूद जिला आपूर्ति अधिकारी ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। यहां तक कि उन्होंने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को भी जांच रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की। प्रशासन का दावा: गाड़ियां सीएम काफिले की नहीं मामले में ड्राइवरों और प्रशासन के बयानों में विरोधाभास सामने आया है। जहां ड्राइवरों ने गाड़ियां बंद होने पर बताया कि वे इंदौर से सीएम के काफिले में शामिल होने के लिए आए थे, वहीं जिला प्रशासन ने अगले दिन स्पष्ट किया कि ये केवल प्रोटोकॉल के लिए आई वीआईपी गाड़ियां थीं। प्रशासन के अनुसार, इन गाड़ियों के लिए मेसर्स इम्पेक्ट ट्रेवल्स इंदौर अधिकृत एजेंसी है। एजेंसी को शर्तों के तहत अपडेटेड कंडीशन में गाड़ियां, डीजल और ड्राइवर सहित प्रोटोकॉल के लिए उपलब्ध करानी थीं। गाड़ियों में ईंधन भरवाने की जिम्मेदारी भी ट्रेवल एजेंसी की थी, न कि जिला प्रशासन की। जानकारी के अनुसार, इम्पेक्ट ट्रेवल्स इंदौर ने इनोवा गाड़ियां रतलाम भेजीं और उन्हीं के द्वारा मेसर्स शक्ति फ्यूल्स पाइंट डोसीगांव रतलाम से डीजल भरवाया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि ये गाड़ियां मुख्यमंत्री के काफिले का हिस्सा नहीं थीं, बल्कि अन्य प्रोटोकॉल के लिए थीं। डीजल भरवाने के बाद ये गाड़ियां कुछ दूरी तय करने के बाद बंद हो गईं। स्टॉक में मिला अंतर – जांच रिपोर्ट अधिकारियों ने पंप के डेंसिटी और स्टॉक की जांच की। जांच के दौरान डीजल के विक्रय के बाद शेष स्टॉक एवं डीप स्टॉक में 720 लीटर का अंतर पाया गया। यह मान्य छूट सीमा 426 लीटर से अधिक था। ऑटोमेशन डिस्प्ले में डीजल टैंक में वाटर लेवल 6.63 सेंटीमीटर तथा पानी की मात्रा 197.43 लीटर दिखाई दे रही थी, जो स्पष्ट करता है कि डीजल टैंक में पानी मिल रहा था। अधिकारियों ने पंप से 5995 लीटर पेट्रोल एवं 10657 लीटर डीजल जप्त किया। 184 में से मात्र 50 पंपों की जांच रतलाम जिले में कुल 184 पेट्रोल पंप हैं, लेकिन आपूर्ति विभाग अब तक केवल 50 पेट्रोल पंप की ही जांच कर पाया है। मुख्यमंत्री से मामला जुड़ा होने के कारण भोपाल स्तर से प्रदेश के सभी पेट्रोल पंप की जांच के आदेश दिए गए थे। कलेक्टर द्वारा हर तीन माह में पेट्रोल पंप की जांच का रोस्टर भी बनाया गया है। भारत पेट्रोलियम कंपनी के एरिया मैनेजर श्रीधर ने जांच रिपोर्ट के बारे में पूछे जाने पर कहा कि उन्होंने आपूर्ति अधिकारी को रिपोर्ट सौंप दी है और इस विषय पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। कलेक्टर राजेश बाथम ने कहा-पेट्रोल कंपनी को भेजेंगे रिपोर्ट प्रोटोकॉल की अधिकृत वैंडर की गाड़िया थीं। डीजल में पानी मिलने की … Read more

सिवनी में दिल दहला देने वाला कांड: अपहरण के बाद 6 और 9 साल के बच्चों की गला रेतकर हत्या

सिवनी  सिवनी जिले में मंगलवार शाम से लापता दो मासूम भाइयों की गला रेतकर हत्या कर दी गई।  दोपहर को दोनों के शव अंबा माई के जंगल में बरामद हुए। मृतकों की पहचान मयंक ढाकरिया (9) और दिव्यांश ढाकरिया (6) के रूप में हुई है। पुलिस ने इस मामले में एक संदिग्ध को हिरासत में लिया है, जिससे पूछताछ जारी है। कोतवाली थाना प्रभारी किशोर वामनकर ने बताया कि सुभाष वार्ड निवासी पूजा ढाकरिया (30) ने मंगलवार रात अपने दोनों बेटों के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। महिला ने बताया कि शाम करीब 5 बजे वह घरों में काम करने गई थी, इस दौरान दोनों बच्चे घर पर ही थे। रात करीब आठ बजे वह वापस लौटी तो बच्चे घर में नहीं मिले। रात 11 बजे तक भी उनका कोई पता नहीं चला तो उसने पुलिस को सूचना दी।  पुलिस ने बच्चों की तलाश शुरू की लेकिन उनका कुछ पता नहीं चला। बुधवार दोपहर करीब 2 बजे बच्चों के शव अंबा माई के जंगल में मिले जो घर से करीब 13 किलोमीटर दूर है। दोनों बच्चों की बेरहमी से गला रेतकर हत्या की गई है। आरोपियों ने शवों को पत्थरों से ढंक दिया था।  पुलिस को शुरुआती जांच में वारदाम में किसी जान-पहचान वाले व्यक्ति के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है। डूंडा सिवनी और कोतवाली थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने एक संदिग्ध को हिरासत में लिया है। घटनास्थल से डॉग स्क्वॉड और फोरेंसिक टीम की मदद से साक्ष्य जुटाए गए हैं। बच्चों के परिजनों और स्थानीय लोगों ने पुलिस से जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की है।   

ब्रिटेन की संसद में धीरेंद्र शास्त्री सम्मानित, बागेश्वर धाम आने का दिया निमंत्रण

लंदन  कथावाचक और बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को ब्रिटेन की संसद में सम्मानित किया गया. उन्हें सांसदों के एक समूह द्वारा आयोजित विशेष कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया था, जहां संसद परिसर के एक विशेष कक्ष में यह सम्मान समारोह आयोजित हुआ. यह सम्मान बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर को मानवता के लिए उनके कार्यों, वैश्विक प्रेम, शांति और सामंजस्य के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए प्रदान किया गया.कार्यक्रम में यूके की सांसद सीमा मल्होत्रा, हैरो सिटी की मेयर अंजना पटेल, सांसद बॉब ब्लैकमैन और हाउस ऑफ लॉर्ड्स की सदस्य बारोनेस वर्मा मौजूद थीं. मानवता के कार्यों के लिए सांसद समूह ने किया शास्त्री का सम्मान लंदन के हाउस ऑफ कॉमन्स में आयोजित इस विशेष समारोह में पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भारत में गरीब कन्याओं के विवाह समारोह, हर दिन हजारों लोगों के लिए अन्नपूर्णा सेवा और जरूरतमंद मरीजों के लिए कैंसर अस्पताल निर्माण जैसे कार्यों की सराहना की गई. इस अवसर पर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर ने कहा कि उनके सभी कार्यों की प्रेरणा भारतीय शास्त्रों और संस्कृति से मिलती है, जो नर को नारायण मानकर सेवा का संदेश देती है. उन्होंने लंदनवासियों को बागेश्वर धाम आने का न्यौता भी दिया. धीरेंद्र शास्त्री के कार्यों की सराहना की कार्यक्रम में पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के कार्यों की सराहना की गई। उनके द्वारा भारत में गरीब बेटियों के विवाह, हजारों लोगों के लिए अन्नपूर्णा सेवा और जरूरतमंद मरीजों के लिए कैंसर अस्पताल बनाने जैसे कार्यों की चर्चा हुई। इस मौके पर धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि उन्हें यह प्रेरणा अपने शास्त्रों और भारतीय संस्कृति से मिलती है। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति में 'नर को ही नारायण मानकर सेवा' का संदेश दिया गया है।   बागेश्वर धाम आने का न्यौता इस कार्यक्रम में ब्रिटेन की सांसद सीमा मल्होत्रा, हैरो शहर की मेयर अंजना पटेल, सांसद बॉब ब्लैकमैन, हाउस ऑफ लॉर्ड्स की सदस्य बैरोनेस वर्मा मौजूद थीं. इस अवसर पर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर ने कहा कि उन्हें इन सभी कार्यों की प्रेरणा उनके धर्मग्रंथों और भारतीय संस्कृति से मिलती है जिसमें नर को नारायण मानकर सेवा का संदेश दिया जाता है. लंदन में इस अवसर पर बोलते हुए उन्होंने सभी भारतीयों और लंदनवासियों को बागेश्वर धाम आने का निमंत्रण भी दिया. उन्होंने आगे कहा कि 'भारतीय जीवन पद्धति और सनातन का मार्ग ही विश्व शांति का सर्वोत्तम मार्ग है. एक सनातनी ही पूरे विश्व को अपना परिवार मानता है और उसके कल्याण की कामना करता है. हमें ऐसी महान संस्कृति को समझने और अपनाने की आवश्यकता है'.  बागेश्वर धाम आने का न्यौता दिया उन्होंने लंदन में एक भाषण दिया और सभी भारतवंशियों और लंदन के लोगों को बागेश्वर धाम आने का न्यौता दिया। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि विश्व शांति के लिए भारतीय जीवनशैली और सनातन धर्म सबसे अच्छा रास्ता है। उन्होंने यह भी कहा कि एक सनातनी पूरे विश्व को अपना परिवार मानता है और सबके कल्याण की कामना करता है। हमें अपनी संस्कृति को समझने और अपनाने की जरूरत है। हनुमान चालीसा का हुआ पाठ ब्रिटेन की संसद में हनुमान चालीसा का पाठ हुआ। कभी यहाँ भारत की बात नहीं सुनी जाती थी, लेकिन आज यहां हनुमान चालीसा गूंज रही है। बागेश्वर महाराज की मौजूदगी में सांसदों और अन्य लोगों ने मिलकर हनुमान चालीसा का पाठ किया। महाराज ने कहा कि सुभाष शुक्ला ने जो संदेश दिया, उसे सबको याद रखना चाहिए। गीता पढ़कर हिंदू हो गए ब्रिटेन की संसद में पाकिस्तानी मूल के मोहम्मद आरिफ ने कहा कि उनका जन्म पाकिस्तान में हुआ था, लेकिन भगवत गीता पढ़कर वे हिंदू हो गए हैं। उन्होंने धीरेन्द्र शास्त्री से पूछा कि क्या हिंदू होने के लिए नाम बदलना जरूरी है? क्या बिना नाम बदले हिंदू नहीं हो सकते?पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने जवाब दिया कि हिंदू धर्म एक मानवता की विचारधारा है। यदि आप भागवत गीता पढ़ रहे हैं, तो आपका इतना ही परिचय काफी है। दिल में विचार बदल गए तो आप सनातनी हो गए। बागेश्वर धाम में ली जाएंगी सेवाएं एक सवाल के जवाब में बागेश्वर महाराज ने कहा कि जो लोग भी दुनिया में मानवता के लिए काम कर रहे हैं, उनकी सेवाएं बागेश्वर धाम में ली जाएंगी। इससे गरीबों की समस्याएं हल करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि कैंसर अस्पताल बनने के बाद डॉक्टरों का दल उसे चलाएगा। साथ ही, दुनिया के विशेषज्ञ डॉक्टरों को सेमिनार के माध्यम से बागेश्वर धाम बुलाकर गरीबों की सेवा का मौका दिया जाएगा। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर लंदन में विश्व शांति के लिए रोजाना हवन पूजन कर रहे हैं. इससे विश्व में शांति और सद्भावना बनी रहे. बाबा बागेश्वर ने कहा कि यह हम सबका सौभाग्य है कि हम भारत से इतनी दूर हैं, लेकिन दिल के बहुत करीब हैं। उन्होंने कहा कि वे लोगों को देखकर समझ रहे हैं, लेकिन उन्हें ज्यादा अंग्रेजी नहीं आती है। उन्होंने कहा कि अगर लंदन लोगों की कर्मभूमि है, तो दोनों देशों का प्रेम बना रहे।