samacharsecretary.com

मोहन यादव का बड़ा बयान: प्रदेश में असामाजिक तत्वों का होगा सफाया, कानून-व्यवस्था पर फोकस

भोपाल  मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्य प्रदेश कई मामलों में देश में अव्वल है. प्रदेश को और आगे ले जाना है. हमारी सरकार खेती-किसानी, पशुपालन, खाद्य प्रसंस्करण और नए-नए उद्योग-धंधों की स्थापना के जरिए प्रदेश के युवाओं को रोजगार दिलाने के लिए संकल्पबद्ध है. उन्होंने कहा कि हमारी सरकार सबके साथ और सहयोग से सबके विकास के लिए साझा प्रयासों एवं सबको पूरे विश्वास में लेकर विकास की दिशा में आगे बढ़ रही है. मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को भोपाल में मीडिया ग्रुप द्वारा आयोजित 'इमर्जिंग बिजनेस कॉन्क्लेव (भोपाल चैप्टर)' में मीडिया संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. किसानों के रोजगार और जीवन सुधार के लिए नई पहल मुख्यमंत्री ने इस कॉन्क्लेव में मध्य प्रदेश की विशेषताओं के बारे में विस्तार से चर्चा कर प्रदेश के नवनिर्माण एवं बेहतरी के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों और आगामी कार्ययोजना की जानकारी भी दी.  उन्होंने मीडिया संवाद में कहा कि हम प्रदेश के किसानों की जिंदगी बेहतर बनाना चाहते हैं. इसीलिए कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन से दुग्ध उत्पादन, खाद्य प्रसंस्करण, आधुनिक खेती के प्रोत्साहन और किसानों को सम्मान निधि देकर उनके जीवन में स्वावलंबन लाने के लिए प्रयास कर रहे हैं. धार जिले में देश का पहला पीएम मित्रा पार्क मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में लगभग रोजाना नए-नए उद्योग-धंधों की स्थापना हो रही है. इससे हमारे युवाओं को रोजगार भी मिलेगा और प्रदेश की अर्थव्यवस्था भी सुदृढ़ होगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि धार जिले में देश के पहले पीएम मित्रा पार्क का भूमिपूजन होना है. उन्होंने कहा कि इससे पहले, बुधवार, 3 सितम्बर को नई दिल्ली में पीएम मित्रा पार्क में निवेश के लिए इच्छुक निवेशकों के साथ मीटिंग एवं वन-टू-वन चर्चा की जाएगी. प्रदेश में धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन सहित मेडिकल टूरिज्म के साथ फॉरेस्ट और वाइल्ड लाइफ टूरिज्म की ओर स्पेशल फोकस किया जा रहा है. प्रदेश के तीर्थस्थलों का विकास और हेलीकॉप्टर सेवा जल्द शुरू  मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के 13 प्रमुख तीर्थस्थानों में स्थायी प्रकार के निर्माण कार्यों एवं नियमित प्रबंधन कर इनका विकास किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि श्रीमहाकाल लोक के निर्माण के बाद उज्जैन में तेजी से टूरिज्म बढ़ा है. साल 2024 में करीब 7 करोड़ से अधिक श्रद्धालु उज्जैन आए. उन्होंने कहा कि इसी से प्रेरणा लेकर हमारी सरकार अब प्रदेश के सभी पर्यटन स्थलों में पर्यटकों को हेलीकाप्टर के जरिए पहुंचाने का प्रबंध कर रही है. बहुत जल्द हम प्रदेश में इसकी शुरुआत करने जा रहे हैं. नए कानून और नीतियों से निवेश बढ़ाने का लक्ष्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश देश का दिल है. मध्य प्रदेश की देश में केंद्रीय स्थिति का हम समुचित लाभ उठाना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में भरपूर लैंड बैंक, सरप्लस बिजली और मजबूत अधोसंरचना है. उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश निवेशकों के लिए अनुकूल है. प्रदेश में बड़ी मात्रा में निवेश लाने के लिए हमने कई अप्रासंगिक कानून बदले हैं. उद्योग लगाने के लिए शासकीय अनुमतियां भी कम से कम कर दी गई हैं. हम निवेशकों के हित में 18 नई औद्योगिक नीतियां भी लागू की गई हैं. मजबूत कानून व्यवस्था हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता- मोहन यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में मजबूत कानून व्यवस्था हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है. असामाजिक और गुंडा तत्वों के लिए प्रदेश में कोई स्थान नहीं है. कानून को अपने हाथ में लेने वाले ऐसे तत्वों का प्रदेश से सफाया कर दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि हम राज्य की बेहतरी के लिए नए फैसले लेने में पीछे नहीं हटेंगे. लोकलुभावन वादों की जगह हम जनहित के निर्णयों पर तेजी से आगे बढ़ेंगे. उन्होंने मीडिया संवाद कार्यक्रम में एक निजी संस्थान से चलाए जा रहे हाईजीन प्रोग्राम के पोस्टर्स का विमोचन किया. कार्यक्रम में सचिव एवं आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. सुदाम खाड़े, मीडिया समूह के राष्ट्रीय एवं प्रादेशिक पदाधिकारी/प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे.

फोन कॉल विवाद: BJP MLA के संपर्क पर हाई कोर्ट जज ने केस से हटाया नाम

भोपाल  मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के एक जस्टिस ने हाल ही में खुलासा किया कि हाल ही में एक भाजपा विधायक ने किसी मामले के सिलसिले में उनसे संपर्क करने की कोशिश की थी। ऐसे में उन्होंने इस केस से खुद को दूर कर लिया है। मामला अवैध खनन के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए हाई कोर्ट में दायर एक रिट याचिका से जुड़ा है। 1 सितंबर को पारित एक आदेश में, जस्टिस विशाल मिश्रा ने कहा कि। भाजपा विधायक संजय पाठक ने एक पेंडिंग केस को लेकर उनसे फोन पर संपर्क करने की कोशिश की थी। बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक कोर्ट ने कहा, संजय पाठक ने इस विशेष मामले पर चर्चा करने के लिए मुझे फो करने की कोशिश की है, इसलिए मैं इस रिट याचिका पर विचार करने के लिए इच्छुक नहीं हूं। इसलिए, जस्टिस मिश्रा ने मामले से खुद को अलग कर लिया और मामले को किसी अन्य पीठ के सामने सूचीबद्ध करने के लिए हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस के सामने रखने का आदेश दिया। न्यायालय ने कहा, इस मामले को उचित पीठ के पास सूचीबद्ध करने के लिए मुख्य न्यायाधीश के समक्ष रखा जाए। आशुतोष दीक्षित नाम के एक शख्स ने अवैध खनन का आरोप लगाते हुए आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू), भोपाल का रुख किया था। इसके बाद उन्होंने ईओडब्ल्यू पर कोई ऐक्शन ना लेने का आरोप लगाते हुए हाई कोर्ट का रुख किया। दीक्षित ने दलील में कहा कि ईओडब्ल्यू समयबद्ध अवधि के भीतर शुरुआती जांच पूरी करने में विफल रहा। वहीं संजय पाठक ने इस मामले में हस्तक्षेप करने के लिए उच्च न्यायालय में एक आवेदन दायर किया और कहा कि उनकी बात भी सुनी जानी चाहिए। हालांकि इस रिट याचिका में पाठक पक्षकार नहीं थे।

प्यार में पड़ा धोखा! जेल काटने के बाद प्रेमिका पर कैंची से जानलेवा वार

भोपाल प्रेमिका से दूर होने की तड़प से छटपटा रहे एक आशिक ने खौफनाक वारदात को अंजाम दे दिया। जिस प्यार के लिए उसने जेल काटी वो उसे मिली भी नहीं तो उसने प्रेमिका को ही खत्म करने का फैसला किया और उस पर जानलेवा हमला कर दिया। दिल दहला देने वाली घटना मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की है। जहां कोलार थाना क्षेत्र के कजली खेड़ा इलाके में मंगलवार को जेल से बाहर आए युवक सोनू सेन अपनी प्रेमिका से मिलने पहुंचा और उस पर जानलेवा हमला कर दिया। आरोपी ने युवती पर कैंची से ताबड़तोड़ वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। फिलहाल युवती की हालत नाजुक बनी हुई है और उसे कोलार के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 2019 से चल रही थी लव स्टोरी जानकारी के अनुसार, आरोपी सोनू सेन और मुस्लिम युवती के बीच प्रेम प्रसंग चल रहा था। वर्ष 2019 में सोनू ने युवती को बेरसिया क्षेत्र से भगा ले गया था। दोनों ने कुछ समय तक साथ में जिंदगी गुजारी, लेकिन परिवार की नाराजगी हमेशा बनी रही। परिवार वालों ने कराया केस दर्ज साल 2024 में युवती के परिजन किसी तरह उसे वापस घर ले आए। इसके बाद उन्होंने बेरसिया थाने में सोनू के खिलाफ अपहरण समेत कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कराया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।   जेल से छूटकर लिया बदला हाल ही में जेल से रिहा हुआ सोनू पुरानी रंजिश और प्रेमिका को खोने की तड़प में सीधे उसके घर पहुंचा। मौका मिलते ही उसने युवती पर कैंची से हमला कर दिया। अचानक हुए इस हमले से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। परिजनों और पड़ोसियों ने घायल युवती को तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस की कार्रवाई घटना की जानकारी मिलते ही कोलार थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास का केस दर्ज कर लिया गया है और उसकी तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।  

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: इंदौर कार्टूनिस्ट को मिली अग्रिम जमानत, जांच में सहयोग जरूरी

इंदौर प्रधानमंत्री और संघ कार्यकर्ताओं के आपत्तिजनक कार्टून बनाने वाले कार्टूनिस्ट हेमंत मालवीय को सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को बड़ी राहत देते हुए अग्रिम जमानत दे दी। जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एन वी अंजारिया की पीठ ने यह देखते हुए कि कार्टूनिस्ट ने सोशल मीडिया के विभिन्न मंचों से माफी मांगी ली है, अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली। हालांकि  सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस को यह छूट दी कि अगर कार्टूनिस्ट जांच में सहयोग नहीं करते हैं, तो वे उनकी जमानत रद्द करने की मांग कर सकते हैं। याचिकाकर्ता के वकील ने दिया ये तर्क सुनवाई के दौरान, मालवीय की वकील वृंदा ग्रोवर ने अदालत को बताया कि उनके मुवक्किल ने माफी मांग ली है और याचिकाकर्ता को अभी तक जांच के दौरान पूछताछ के लिए तलब नहीं किया गया है। इस पर केंद्र सरकार की तरफ से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के एम नटराज ने जवाब दिया कि सभी सबूत इकट्ठा होने के बाद ही तलब किया जाएगा। मई में इंदौर में हुई थी शिकायत कार्टूनिस्ट हेमंत मालवीय के खिलाफ वकील और आरएसएस कार्यकर्ता विनय जोशी ने मई में इंदौर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी और मालवीय पर अपने कार्टूनों के जरिए आपत्तिजनक सामग्री अपलोड करने और हिंदुओं की धार्मिक भावनाएं आहत करने और सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने का आरोप लगाया था। 15 जुलाई को, जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस सुधांशु धूलिया की पीठ ने मालवीय के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगा दी थी और मंगलवार को अग्रिम जमानत देने का आदेश दिया। इससे पहले मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने हेमंत मालवीय की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी।  मालवीय ने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा 3 जुलाई को दिए गए आदेश को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी थी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 196 (विभिन्न समुदायों के बीच सद्भाव बनाए रखने के लिए प्रतिकूल कार्य), 299 (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कार्य) और 352 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान) के साथ-साथ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67-ए (इलेक्ट्रॉनिक रूप में किसी भी यौन रूप से स्पष्ट सामग्री को प्रकाशित या प्रसारित करना) के तहत मामला दर्ज किया है। 

मध्यप्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में खास पल, वैदिक घड़ी को लेकर सीएम का अभिनव प्रयास

मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा विक्रमादित्य वैदिक घड़ी स्थापित करने पर कैबिनेट के सदस्यों ने माना आभार मध्यप्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में खास पल, वैदिक घड़ी को लेकर सीएम का अभिनव प्रयास उज्जैन की धरोहर को मिला नया स्वरूप, कैबिनेट ने सीएम यादव के कदम की सराहना की भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा मुख्यमंत्री निवास में विक्रमादित्य वैदिक घड़ी स्थापित किए जाने पर मंत्रि-परिषद के सदस्यों ने शॉल और पुष्प-गुच्छ भेंट कर आभार व्यक्त किया। मंत्रियों ने कहा कि यह पहल भारतीय परंपरा, वैदिक गणना और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को नई पीढ़ी तक पहुंचाने वाली है, जो प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को और मजबूत करेगी। विक्रमादित्य वैदिक घड़ी भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक तकनीक का अद्भुत संगम है। यह घड़ी केवल समय बताने तक सीमित नहीं है, बल्कि सूर्योदय, सूर्यास्त, राहुकाल, अभिजीत मुहूर्त और चंद्रमा की स्थिति जैसी जानकारी भी उपलब्ध कराती है। इसमें वैदिक समय के साथ-साथ भारतीय मानक समय और ग्रीनविच मानक समय का तुलनात्मक अध्ययन भी संभव है। इस अनूठी घड़ी के साथ मोबाइल एप भी तैयार किया गया है, जो 189 से अधिक भाषाओं में उपलब्ध है और विश्वभर के 7000 से अधिक स्थानों के लिए समय व पंचांग की जानकारी देता है। मंत्रियों ने कहा कि उज्जैन की वैदिक और सांस्कृतिक परंपरा से प्रेरित यह घड़ी मुख्यमंत्री निवास में स्थापित होना गर्व की बात है। यह पहल प्रदेश की गौरवशाली धरोहर को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाने के साथ युवाओं को वैदिक विज्ञान और गणना प्रणाली से जोड़ने में सहायक सिद्ध होगी। इस अवसर पर परिवहन, स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास और धर्मस्व राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी, कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल, पशुपालन एवं डेयरी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नारायण सिंह पवार सहित अन्य मंत्री शामिल थे।  

नशे के कारोबार में सरकारी अफसर की संलिप्तता! ड्रग इंस्पेक्टर पर गंभीर आरोप

ड्रग इंस्पेक्टर की मिलीभगत से नशीली दवाओं का अवैध व्यापार फल-फूल रहा  नशे के कारोबार में सरकारी अफसर की संलिप्तता! ड्रग इंस्पेक्टर पर गंभीर आरोप दवाओं की आड़ में नशे का काला कारोबार, इंस्पेक्टर की भूमिका पर उठे सवाल भोपाल राजधानी में दवा दुकानों पर अवैध तरीके से नशीली दवाओं की बिक्री लगातार बढ़ रही है। आरोप है कि यह सब ड्रग इंस्पेक्टरों और केमिस्ट संगठन के पदाधिकारियों की मिलीभगत से हो रहा है। सूत्रों के अनुसार, भोपाल जिले की करीब 80% मेडिकल दुकानें बिना फार्मासिस्ट के संचालित की जा रही हैं। नियमों के मुताबिक, प्रत्येक मेडिकल स्टोर पर लाइसेंसधारी फार्मासिस्ट का मौजूद होना अनिवार्य है, लेकिन ज़मीनी हकीकत इसके उलट है। बरखेड़ी जहाँगीराबाद में छापा 24 अगस्त को बरखेड़ी जांगीराबाद स्थित रवि साहू मेडिकल स्टोर पर छापा मारा गया। जांच में खुलासा हुआ कि यह दुकान कई सालों से बिना लाइसेंस के संचालित हो रही थी। जानकारी में सामने आया कि मात्र तीन महीने पहले इसका लाइसेंस जारी किया गया है, जबकि लंबे समय से यह दुकान विभाग की मिलीभगत से अवैध रूप से चल रही थी। फार्मासिस्ट ने भी स्वीकार किया कि उसका मेडिकल रजिस्ट्रेशन किराए पर दिया गया है। देर रात तक बिकती नशीली दवाइयाँ राजधानी की कई मेडिकल दुकानें देर रात 3 से 4 बजे तक खुली रहती हैं और वहां नशीली दवाइयों की खुलेआम बिक्री होती है। ड्रग इंस्पेक्टर पर गंभीर आरोप भोपाल में लंबे समय से पदस्थ ड्रग इंस्पेक्टर तबस्सुम पर गंभीर आरोप लगे हैं। कहा जा रहा है कि उनके क्षेत्र में न तो फार्मासिस्ट बैठते हैं और न ही नियमित निरीक्षण होता है। आरोप यह भी है कि वे मेडिकल संचालकों से सांठगांठ करके अवैध वसूली करती हैं। कार्रवाई की मांग मेडिकल कारोबारियों और स्थानीय लोगों का कहना है कि इस पूरे मामले में उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए और भ्रष्ट अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जा

ग्वालियर नगर निगम की सख्ती: ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट, 13 कर्मचारियों की सेवा समाप्त

ग्वालियर  मध्यप्रदेश के ग्वालियर में ठेकेदारों को लापरवाही करना भारी पड़ गया। नगर निगम आयुक्त ने लापरवाही करने वाले 7 ठेकेदारों और एक दर्जन से ज्यादा सफाई कर्मियों पर बड़ी कर्रवाई की है। दरअसल नगर निगम में टेंडर लेकर समय पर कार्य नहीं करने व टेंडर स्वीकृत होने के बाद भी अनुबंध संपादित नहीं करने पर आयुक्त ने सात ठेकेदारों को दो वर्ष तक टेंडर प्रक्रिया से ब्लैकलिस्टेड कर दिया है। साथ गी उनकी धरोहर/ईएमडी राशि राजसात करने के आदेश जारी कर दिेए हैं। इसके अलावा 13 सफाई संरक्षकों की सेवाएं भी खत्म कर दी गई है। ये है वजह ग्वालियर शहर में लगातार सड़कें धंसकने व जर्जर सडक़ों से निगम की हो रही किरकिरी को लेकर आयुक्त संघप्रिय ने अब सख्ती की हैं। यही कारण है कि सडक़ निर्माण कार्य के टेंडर स्वीकृत होने के बाद भी सात ठेकेदारों द्वारा समय पर कार्य नहीं करने पर उनके खिलाफ अब कार्रवाई की गई है। इन ठेकेदारों पर हुई कार्रवाई ● मैसर्स श्याम हरिशरण इंटरप्राइजेज का वार्ड 31 में कांति नगर व गायत्री नगर की विभिन्न गलियों में सीसी रोड निर्माण कार्य का कार्यादेश 4 सितंबर 2024 को जारी किया, आज तक कार्य शुरू नहीं किया। ● मैसर्स दिनेश आर्य का वार्ड 23 में जोधा नगर गली नंबर 1,2 व 3 तीन में निर्माण कार्य का टेंडर स्वीकृत हुआ था। लेकिन आज तक कार्य शुरू नहीं किया। ● मैसर्स कृष्णा कंस्ट्रक्शन का वार्ड 30 में देवाशीष एनक्लेव में सीसी रोड फर्श निर्माण का टेंडर स्वीकृत हुआ था, लेकिन कार्य नहीं किया। ● मैसर्स बाबा मोर्धन इंटरप्राइजेज का वार्ड 1 जिन्नातों की मस्जिद के पास सामुदायिक भवन, टॉयलेट व बाउंड्रीवाल निर्माण कार्य का टेंडर स्वीकृत किया था। आज तक कार्य नहीं किया गया। ● मैसर्स समाधिया कंस्ट्रक्शन का वार्ड 17 में कांच मिल शीतला माता मंदिर के पास सीसी रोड निर्माण कार्य का टेंडर स्वीकृत हुआ था। आज तक कार्य नहीं हुआ। ● मैसर्स नक्षत्र इन्फ्राटेक का वार्ड 24 में सुरेश नगर साईनाथ कोचिंग सेंटर व अमर ज्योति स्कूल वाली गली में सीसी रोड निर्माण का टेंडर स्वीकृत हुआ था। ● मैसर्स वीर सिंह कंस्ट्रक्शन का वार्ड 19 शिवेन्द्र सिंह के मकान से चौरसिया मकान तक सीसी रोड निर्माण और 60 फुटा रोड से कुंज विहार फेस-1 तक सीसी रोड निर्माण तक का टेंडर स्वीकृत किया गया था। लेकिन आज तक कार्य शुरू नहीं हुआ।

एमपी में कांग्रेस को बड़ा झटका, विधायक निर्मला सप्रे केस में हाईकोर्ट ने याचिका ठुकराई

इंदौर   एमपी में विधायक निर्मला सप्रे दलबदल केस में कांग्रेस को झटका लगा है। इंदौर हाईकोर्ट ने उनकी सदस्यता रद्द किए जाने को लेकर कांग्रेस की याचिका खारिज कर दी। मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने यह याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट की इंदौर बैंच ने फैसला सुनाते हुए इसे अपने क्षेत्राधिकार से बाहर बताया। कोर्ट ने याचिकाकर्ता उमंग सिंघार को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की मुख्य पीठ यानि जबलपुर हाईकोर्ट के समक्ष याचिका प्रस्तुत करने को कहा है। बीना की एमएलए निर्मला सप्रे कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीती लेकिन बाद में बीजेपी में शामिल हो गईं। इसपर कांग्रेस उनकी सदस्यता निरस्त करने की मांग कर रही है। पार्टी ने इस संबंध में विधानसभाध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर को लिखित पत्र भेजा। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इंदौर कोर्ट में याचिका दायर की। याचिका में विधायक निर्मला सप्रे की विधानसभा की सदस्यता रद्द करने की मांग की गई इसमें बताया गया कि बीना से कांग्रेस के टिकट पर जीती विधायक निर्मला सप्रे बीजेपी में शामिल हो गई हैं पर उन्होंने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा नहीं दिया। संविधान की अनुसूची 10 का उल्लेख करते हुए याचिका में कहा गया कि इसमें विधायक द्वारा दल बदलने पर विधानसभा से सदस्यता निरस्त किए जाने का प्रावधान है। इंदौर हाईकोर्ट ने याचिका को सोमवार को खारिज कर दिया इसके लिए विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर को पत्र दिया गया था लेकिन निर्धारित अवधि में कार्रवाई नहीं होने पर कोर्ट में याचिका लगाई गई। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार की इस याचिका को इंदौर हाईकोर्ट ने  खारिज कर दिया। जस्टिस प्रणय वर्मा की बेंच ने यह निर्णय दिया।

अवमानना केस: MP हाईकोर्ट ने भोपाल कलेक्टर व तहसीलदारों को किया तलब

भोपाल  मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश की अनदेखी भोपाल कलेक्टर को महंगी पड़ी है। हाईकोर्ट ने इस पर सख्ती दिखाई है और इसे कोर्ट का अवमानना माना है। साथ भी भोपाल कलेक्टर और दो तहसीलदार को कोर्ट में सशरीर उपस्थित होने को कहा है। यह पूरा मामला कोलार क्षेत्र की जमीन से जुड़ा हुआ है। कोर्ट ने जारी किया था जमानती वारंट कोर्ट ने पहले 12 अगस्त को इनके खिलाफ जमानती वारंट जारी किया था। वहीं, सोमवार को भोपाल कलेक्टर ने तहसीलदारों को कोर्ट से जुड़े जमीन के मामलों में लापरवाही बरतने पर फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि अगर किसी भी मामले में अवमानना होती है, तो इसकी जिम्मेदारी तहसीलदारों की होगी। कलेक्टर को हाईकोर्ट ने किया तलब पूरा मामला कोलार क्षेत्र में जमीन से जुड़ा है। इस मामले में एमपी हाईकोर्ट ने भोपाल कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह और दो तहसीलदारों को तलब किया है। उन्हें मंगलवार सुबह कोर्ट में हाजिर होने के लिए कहा गया है। यह मामला अदालत की अवमानना से जुड़ा है। कोर्ट से जुड़े मामलों में ध्यान देने के निर्देश गौरतलब है कि सोमवार को भोपाल में कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने तहसीलदारों की एक मीटिंग ली। इस मीटिंग में उन्होंने तहसीलदारों को खूब डांटा। उन्होंने कहा कि कोर्ट से जुड़े जमीन के मामलों पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने तहसीलदारों को चेतावनी दी कि अगर किसी भी मामले में कोर्ट की अवमानना होती है, तो वे ही जिम्मेदार होंगे। कलेक्टर ने अफसरों को यह भी कहा कि जमीन से जुड़े मामलों को समय पर निपटाना चाहिए। अब देखना होगा कि कलेक्टर की बातों पर तहसीलदार कितना अमल करते हैं।

बैठक में बड़े फैसले: जल जीवन मिशन को रफ्तार, इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट को हरी झंडी

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट मंत्रियों की बैठक हुई। इसमें प्रदेश के विकास से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। इनमें सड़क निर्माण, पुल-पुलिया, रेलवे ओवरब्रिज और स्वास्थ्य से जुड़े प्रस्ताव प्रमुख रहे। कैबिनेट ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के 'जल जीवन मिशन" के अंतर्गत पुनरीक्षित योजनाओं की बढ़ी हुई लागत को राज्य सरकार द्वारा वहन किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। यह योजना 80 हजार करोड़ रुपये की है। इसमें बड़ी 20 हजार करोड़ की नल जल योजना को स्वीकृत दी गई है।  मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने मंत्री – परिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मन की बात कार्यक्रम की 125 वीं कड़ी में मध्यप्रदेश का 2 बार उल्लेख करने पर उनका आभार माना। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ग्वालियर में संपन्न टूरिज्म कॉन्क्लेव में 3500 करोड रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनसे ग्वालियर, चंबल के साथ-साथ सागर संभाग में पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि विषय विशेष पर निवेश प्रोत्साहन के लिए हो रही समिट का प्रदेश को लाभ मिल रहा है।आगामी 11 से 13 अक्टूबर को इसी क्रम में भोपाल में ट्रेवल मार्ट आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि बदनावर धार में 2000 एकड़ क्षेत्र में विक मोहन कैबिनेट बैठक में इन प्रस्तावों को मंजूरी     नल-जल योजना के लिए 8,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त वित्तीय सहायता ।7. 27990 एकल गांव और 148 समूह जल योजना को मंजूरी।     इंदौर से उज्जैन तक ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे पर सर्विस रोड बनाने और उज्जैन में नए ओवरब्रिज के निर्माण को मंजूरी।उज्जैन निर्माण के लिए 371 करोड़ और     इंदौर-उज्जैन हाईटेक रोड निर्माण के लिए 2935.15 करोड़ खर्च होंगे।     72 km की 972.16 करोड नर्मदा पुरम से टिमरनी मार्ग 2 लाइन बनाई जाएगी यह भी हाइब्रिड NOT मॉडल पर बनाया जाएगा     शहडोल फुटबॉल खिलाड़ियों की विदेश में कोचिंग की तैयारी।विदेशी खिलाड़ी ने शहडोल के खिलाड़ियों को कोच करने का प्रस्ताव दिया। फुटबॉल की कोचिंग के लिएशहडोल के खिलाड़ियों को भेजा जाएगा बाहर     धार जिले में बन रहे पीएम मित्र पार्क के संंबंध में 3 सितंबर को दिल्ली में रोड शो का आयोजन किया जाएगा, जिसमें देश -विदेश के उद्योगपति सहभागिता करेंगे। इस अवसर पर भू-आवंटन की प्रक्रिया भी प्रारंभ की जाएगी।एक रुपए प्रतिवर्ग मीटर प्रीमियम और 120 रुपए प्रति फीट विकास शुल्क में जमीन एलॉट की जाएगी। इनके फॉर्म 22 अगस्त से 11 सितंबर तक मिलेंगे। इसमें 2 हजार करोड़ से ज्यादा लागत आएगी और तीन लाख नौकरियों का सृजन होगा। साथ ही एक लाख और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेंगे। सित हो रहे पीएम-मित्र पार्क से पश्चिम मध्यप्रदेश में मेट्रोपॉलिटन एरिया विकास के स्वप्न को साकार करने में मदद मिलेगी… इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड मार्ग बैठक में 48.05 किमी लंबाई वाले 4 लेन ग्रीन फील्ड मार्ग के निर्माण को मंजूरी दी गई। परियोजना की कुल वित्तीय लागत: ₹2935.15 करोड़, निर्माण मॉडल: हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल। इसमें शामिल हैं: 34 अंडरपास, 2 फ्लाईओवर, 1 आरओबी, 7 मध्यम पुल, 2 बड़े जंक्शन और सड़क सुरक्षा उपाय। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का संबोधन बैठक से पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मन की बात कार्यक्रम की 125वीं कड़ी में मध्यप्रदेश का दो बार उल्लेख करने पर आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि हाल ही में ग्वालियर में संपन्न टूरिज्म कॉन्क्लेव में ₹3500 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिससे ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।इसी क्रम में आगामी 11 से 13 अक्टूबर तक भोपाल में ट्रेवल मार्ट आयोजित किया जाएगा। बदनावर पीएम-मित्र पार्क सीएम ने कहा कि धार जिले के बदनावर में 2000 एकड़ में विकसित हो रहा पीएम-मित्र पार्क पश्चिमी मध्यप्रदेश में मेट्रोपॉलिटन एरिया विकास के सपने को साकार करने में मदद करेगा। इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड मार्ग बैठक में इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड (एक्सेस कंट्रोल) मार्ग के 4-लेन के काम को मंजूरी दी गई। इसमें  पेव्ड शोल्डर, दोनों तरफ दो-लेन सर्विस रोड और हाईब्रिड एन्यूटी मॉडल (HAM) के अंतर्गत निर्माण कार्य किया जाएगा। इसे 17 माह में पूरा किया जाएगा। यहां अतिरिक्त रोड बनाई जा रही है।  नर्मदापुरम-टिमरनी मार्ग कैबिनेट ने नर्मदापुरम-टिमरनी के बीच 72 किलो मीटर मार्ग के दो-लेन मय पेव्ड शोल्डर का हाईब्रिड एन्यूटी मॉडल (HAM) के अंतर्गत निर्माण कार्य स्वीकृत किया। इसके लिए भूमि-अर्जन सहित कुल 972.16 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।  उज्जैन रेलवे ओवरब्रिज बैठक में उज्जैन शहर के हरिफाटक रेलवे क्रॉसिंग पर 4-लेन 980 मीटर लंबाई के नवीन रेलवे ओवरब्रिज निर्माण के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली। इस परियोजना में अतिरिक्त 2 लेन सहित रैंप का कार्य किया जाएगा। 371 करोड़ की मंजूरी दे दी है। परियोजना पर भूमि-अर्जन सहित कुल 371.11 करोड़ रुपये व्यय होंगे।