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नागरिक आपूर्ति निगम के कर्मचारियों को भी मिलेगा चतुर्थ समयमान वेतनमान

राज्य शासन द्वारा घोषित ग्रह भाड़ा भत्ता भी मिलेगा खाद्य मंत्री श्री राजपूत की अध्यक्षता में संचालक मण्डल की बैठक में हुआ निर्णय भोपाल खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में नागरिक आपूर्ति निगम और भण्डार गृह निगम के संचालक मण्डल की बैठक में कर्मचारियों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये। अब नागरिक आपूर्ति निगम के कर्मचारियों को भी चतुर्थ समयमान वेतनमान मिलेगा। साथ ही गृह भाड़ा भत्ते भी राज्य शासन द्वारा घोषित दरों के अनुसार दिये जायेंगे। खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि कर्मचारियों के हितों का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। कर्मचारियों को भी विभाग के हित में बेहतर से बेहतर कार्य कर अपनी उपयोगिता सिद्ध करनी होगी। अनुग्रह राशि हुई दोगुनी से भी अधिक बैठक में यह निर्णय भी लिया गया कि कॉर्पोरेशन के कर्मियों की सेवा में रहते हुए मृत्यु होने पर परिवार को अनुग्रह राशि दोगुनी से भी अधिक दी जायेगी। वर्तमान में 50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि दी जाती है। अब अधिकतम एक लाख 25 हजार रुपये तक अनुग्रह राशि दी जायेगी। निगम में सेवा पदोन्नति नियम-2025 का भी प्रावधान किया जायेगा। ऐप के माध्यम से होगी भण्डार गृहों की मॉनीटरिंग भण्डार गृह निगम की संचालक मण्डल की बैठक में निर्णय लिया गया कि भण्डार गृहों की मॉनीटरिंग के लिये ऐप बनाया जायेगा। इस ऐप के माध्यम से भण्डारित अनाज की मात्रा, उसकी क्वालिटी आदि का सत्यापन किया जा सकेगा। अधिकारी भण्डार गृह का निरीक्षण करने का फोटो ऐप में अपलोड करेंगे। जियो टेगिंग भी रहेगी। समय पर करायें भण्डार गृहों का मेंटिनेंस खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि धान का उपार्जन शुरू होने के पहले सभी भण्डार गृहों का मेंटीनेंस करवाना सुनिश्चित करें। शहरों के पास स्थित भण्डार गृहों को खाली होने की स्थिति में प्रायवेट कम्पनियों को किराये में देने की नीति बनायें। मंत्री श्री राजपूत ने रिक्त पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया को समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि दिव्यांगता प्रमाण-पत्रों का परीक्षण गंभीरता से होना चाहिये। बैठक में निर्णय लिया गया कि उपार्जन कार्य में सक्रिय योगदान के आधार पर निगम के अधिकारी और कर्मचारियों को एक माह का मूल वेतन प्रोत्साहन राशि के रूप में दिया जाये। श्री राजपूत ने थर्ड पार्टी इन्सपेक्शन की कार्यवाही समय पर नहीं करने पर संबंधित महाप्रबंधक को नोटिस देने के निर्देश दिये। खाद्य भवन के निर्माण में लायें तेजी मंत्री श्री राजपूत ने प्रमुख अभियंता को निर्देश दिये कि खाद्य भवन के निर्माण कार्य में तेजी लायें। समय-सीमा में निर्माण कार्य पूरा करायें। साथ ही गुणवत्ता की सतत मॉनीटरिंग करें। बैठक में अपर मुख्य सचिव खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण श्रीमती रश्मि अरुण शमी, एमडी श्री अनुराग वर्मा एवं संचालक मण्डल के सदस्य उपस्थित थे। 

नई दिल्ली में 3 सितम्बर को इन्वेस्टमेन्ट अपॉर्च्यूनिटीज इन पीएम मित्रा पार्क का इंटरैक्टिव सेशन होगा

बदनावर धार में 2158 एकड़ से अधिक क्षेत्र में 2000 करोड़ रूपए की अनुमानित लागत से विकसित हो रहा है टेक्सटाइल हब भूमि आवंटन के लिए 11 सितम्बर तक कर सकेंगे आवेदन मध्यप्रदेश ट्रेवल मार्ट का 11 से 13 अक्टूबर की अवधि में भोपाल में होगा आयोजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले किया संबोधित भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में वंदे मातरम के सामूहिक गान के साथ आरंभ हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा मन की बात कार्यक्रम की 125वीं कड़ी में प्रदेश की खेल उपलब्धियों का दो बार उल्लेख करने पर प्रधानमंत्री का आभार माना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि श्रीनगर की डल झील में हुए पहले खेलो इंडिया वॉटर स्पोर्ट्स फेस्टिवल में मध्यप्रदेश को सबसे ज्यादा मैडल जीतेने पर बधाई दी। साथ ही शहडोल जिले के फुटबॉल के क्रेज से जुड़े एक गांव का उल्लेख करते हुए जर्मनी के खिलाड़ी एवं फुटबॉल कोच श्री डिडमार बायर्स डार्फर द्वारा शहडोल के कुछ खिलाड़ियों को जर्मनी की एकेडमी में ट्रेनिंग की पेशकश देने के संबंध में बताया। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने फुटबॉल प्रेमियों से कहा कि जब भी अवसर मिले, वे शहडोल जरूर जायें और वहां हो रहे स्पोर्टिंग रेवेल्यूशन को करीब से देखें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह हमारे लिये गर्व का विषय है कि प्रधानमंत्री श्री मोदी अपने इस महत्वूपर्ण कार्यक्रम में समय-समय पर मध्यप्रदेश से जुड़े विषयों का उल्लेख करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्वालियर में संपन्न टूरिज्म कॉन्क्लेव में 3200 करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनसे ग्वालियर, चंबल के साथ सागर संभाग में पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विषय विशेष पर निवेश प्रोत्साहन के लिए हो रही समिट का प्रदेश को लाभ मिल रहा है। इसी क्रम में 11 से 13 अक्टूबर की अवधि में भोपाल में मध्यप्रदेश ट्रेवल मार्ट आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 3 सितम्बर को नई दिल्ली में "इन्वेस्टमेन्ट अपॉर्च्यूनिटीज इन पीएम मित्रा पार्क का इंटरैक्टिव सेशन होगा। इसमें केन्द्रीय टैक्सटाइल मंत्री श्री गिरिराज सिंह भी शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बदनावर धार में 2158 एकड़ से अधिक क्षेत्र में 2000 करोड़ रूपए से अधिक की अनुमानित लागत से विकसित हो रहे टेक्सटाइल हब-पीएम मित्रा पार्क से पश्चिम मध्यप्रदेश में मेट्रोपॉलिटन एरिया विकास के स्वप्न को साकार करने में मदद मिलेगी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वस्त्र उद्योग पर केंद्रित पीएम मित्रा पार्क के विकास को विशेष महत्व दिया है। पार्क में भूमि आवंटन के लिए आवेदन 22 अगस्त से 11 सितम्बर 2025 तक खुले रहेंगे। मात्र 1 रूपये प्रति वर्ग मीटर-प्रीमियम तथा 120 रुपये प्रति वर्ग फ़ीट विकास शुल्क पर भूमि आवंटन किया जा रहा है, जो देश में समस्त पीएम मित्रा पार्कों में सबसे कम है। यह पार्क लगभग तीन लाख नौकरियों का सृजन करेगा, जिनमें एक लाख प्रत्यक्ष और दो लाख अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास में स्थापित विक्रमादित्य वैदिक घड़ी के अनावरण और उसके ऐप के संबंध में बताया कि वैदिक घड़ी भारतीय पंचांग और कालगणना को आधुनिक तकनीक से जोड़ती है। इसे 189 से अधिक भाषाओं में देखा जा सकेगा। साथ ही पंचांग तिथि, नक्षत्र योग आदि की जानकारी भी उपलब्ध रहेगी। भारतीय काल गणना पर आधारित यह विश्व की पहली घड़ी है। विक्रमादित्य वैदिक घड़ी के मोबाइल ऐप में व्रत एवं त्यौहारों की दुर्लभ जानकारियां समाहित की गई हैं। धार्मिक कार्यों, व्रत और साधना के लिए 30 अलग-अलग शुभ-अशुभ मुहूर्त की जानकारी एवं अलार्म की सुविधा भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन को कार्यकाल में एक वर्ष की वृद्धि पर मंत्रि-परिषद की ओर से बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मुख्य सचिव श्री जैन का दीर्घ प्रशासनिक अनुभव, उनकी पहल और नवाचार प्रदेश की विकास यात्रा में निरंतर नए प्रतिमान स्थापित करते रहेंगे, ऐसी कामना है। मुख्य सचिव श्री जैन ने मंत्रि-परिषद का आभार माना।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव से भारत सरकार के अधिकारियों ने की भेंट

प्रदेश के दौरे पर दिल्ली से आया अवर सचिवों का दल भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मंगलवार को मंत्रालय में प्रधानमंत्री कार्यालय के अवर सचिव श्री विनोद बिहारी सिंह के नेतृत्व में अधिकारियों के 38 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य भेंट की। प्रतिनिधि मंडल में भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों में कार्यरत अवर सचिव शामिल थे। यह सभी अवर सचिव इस मिड कैरियर कोर्स के उपरान्त उप सचिव के पद पर पदोन्नत होंगे और अलग-अलग मंत्रालयों में उनकी पदस्थापना की जाएगी। प्रतिनिधि मंडल के सदस्यों ने तीन दिवसीय मध्यप्रदेश यात्रा में विश्व धरोहर स्मारक सांची (जिला रायसेन) और हिल स्टेशन पचमढ़ी (जिला नर्मदापुरम) का भ्रमण भी किया। भारत सरकार के अधिकारियों ने बताया कि वे मध्यप्रदेश की प्राकृतिक सुंदरता और ऐतिहासिक विरासत से प्रभावित हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश के हृदय प्रदेश में सभी का स्वागत है। मध्यप्रदेश अनेक नवाचारों को अपनाते हुए विभिन्न क्षेत्रों में विकास के पैमानों पर कार्य कर रहा है। नागरिकों को स्वास्थ्य क्षेत्र में विभिन्न सुविधाएं दी जा रही हैं। आयुष्मान कार्डधारी और अन्य नागरिकों को आपातकाल में जीवन रक्षा के लिए एयर एम्बुलेंस सुविधा भी उपलब्ध करवाई जा रही है। इसी तरह मेडिकल कॉलेजों की स्थापना का कार्य निरंतर हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत सरकार के अधिकारियों को जानकारी दी कि पीपीपी मॉडल के आधार पर जिला अस्पतालों का मेडिकल कॉलेज के रूप में उन्नयन कर आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। इस मॉडल की विशेषताओं का उल्लेख करते हुए बताया कि मेडिकल कॉलेज के लिए मात्र एक रुपए में 25 एकड़ भूमि के आवंटन, चिकित्सक एवं पैरामेडिकल स्टाफ उपलब्ध करवाने और मेडिकल कॉलेज का प्रबंधन, प्राप्त शुल्क राशि से किए जाने की व्यवस्था की गई है। इस पहल का नागरिकों को व्यापक स्तर पर लाभ प्राप्त होगा। मध्यप्रदेश के स्मारकों और मंदिरों की संरचना पर केंद्रित हैं नई दिल्ली के महत्वपूर्ण भवन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि जहां राष्ट्रपति भवन का सेंट्रल डोम(मुख्य गुम्बद) सांची के स्तूप से प्रेरित है। वहीं पुरानी संसद भवन का आकल्पन मुरैना जिले के मितावली- पड़ावली स्थित 64 योगिनी मंदिर की तरह किया गया था। नए संसद भवन की डिजाइन भी प्रदेश के विदिशा स्थित विजयपुर मंदिर की संरचना से मिलती जुलती है। इस तरह राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में महत्वपूर्ण भवनों के निर्माण में मध्यप्रदेश के स्मारकों और मंदिरों के अनुरूप आकल्पन प्रदेश के लिए गर्व की बात है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव श्री नीरज मंडलोई ने कहा कि भारत सरकार के यह सभी अधिकारी जनकल्याण की दृष्टि से विभिन्न मंत्रालयों में महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं।  

धार का पीएम मित्रा पार्क बनेगा भारत का सबसे बड़ा टेक्सटाइल हब : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मध्यप्रदेश का नया विज़न – फार्म टू फैशन 3 सितम्बर को दिल्ली में पीएम मित्रा पार्क में निवेश पर "इंटरैक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीस्" भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश अब देश का सबसे बड़ा पीएम मित्रा (मेगा इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल रीजन एंड अपैरल) पार्क स्थापित करने जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की 5F रणनीति – "फार्म टू फाइबर टू फैक्ट्री टू फैशन टू फॉरेन'' को मूर्त रूप देने वाला यह पार्क न केवल प्रदेश बल्कि पूरे भारत के टेक्सटाइल सेक्टर की औद्योगिक तस्वीर बदलने वाला साबित होगा। इसी सिलसिले में 3 सितम्बर 2025 को नई दिल्ली के होटल आईटीसी मौर्य में “इंटरएक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीज इन पीएम मित्रा पार्क” का आयोजन होगा। इसमें केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरीराज सिंह मुख्य वक्तव्य देंगे और भारत के वस्त्र उद्योग की वैश्विक भूमिका पर प्रकाश डालेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव विशेष संबोधन देंगे और उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन मीटिंग कर निवेश प्रस्तावों पर चर्चा करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि “पीएम मित्रा पार्क मध्यप्रदेश को ‘फार्म टू फैशन’ की पूरी वैल्यू चेन में अग्रणी बनाएगा। यह पार्क न केवल रोजगार और निवेश का केंद्र बनेगा, बल्कि ‘Made in MP – Wear Across the World’ के विज़न को भी साकार करेगा।” बड़ा निवेश अवसर धार जिले में प्रस्तावित यह पार्क 2,158 एकड़ विकसित औद्योगिक भूमि पर बसाया जा रहा है। राज्य और केंद्र सरकार की आकर्षक प्रोत्साहन नीतियों का लाभ निवेशकों को मिलेगा। भूमि प्रीमियम मात्र 1 रुपये प्रति वर्ग मीटर, डेवलपमेंट चार्ज 120 रुपये प्रति वर्ग फुट, बिजली 4.5 रुपये प्रति यूनिट और पानी 25 रुपये प्रति किलोलीटर की दरों पर उपलब्ध कराया जाएगा। अधोसंरचना और कनेक्टिविटी पार्क को वर्ल्ड क्लास इंडस्ट्रियल हब के रूप में तैयार किया जा रहा है। इसमें 2,063 करोड़ रुपये की लागत से कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है, जिसमें 60 और 45 मीटर चौड़ी सड़कें, सीवरेज और ड्रेनेज नेटवर्क, अंडरग्राउंड केबल, लॉजिस्टिक्स बे, पार्किंग, CETP, सोलर प्लांट, प्लग-एंड-प्ले यूनिट्स और सेंट्रलाइज्ड स्टीम बॉयलर शामिल हैं। पूरी यूटिलिटीज को CCTV, IoT और SCADA से मॉनिटर किया जाएगा। साथ ही 60 मीटर चौड़ा 6-लेन अप्रोच रोड, 220 केवी बिजली लाइन, और 20 एमएलडी जलापूर्ति का निर्माण तेजी से चल रहा है। पार्क राष्ट्रीय राजमार्ग (NH 47) से केवल 40 किमी, इंदौर हवाई अड्डे से 110 किमी और निकटतम रेलवे स्टेशन से 16 किमी की दूरी पर स्थित है। यह डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (रतलाम – 55 किमी) और ड्राई पोर्ट (पिथमपुर/तिही – 90 किमी) से भी जुड़ा रहेगा। सामाजिक और अनुसंधान सुविधाएँ पार्क में केवल औद्योगिक ही नहीं, बल्कि सामाजिक व सहयोगी अधोसंरचना भी विकसित की जा रही है। इसमें आवासीय टावर, कामकाजी महिलाओं के लिए आवास, अस्पताल, चाइल्ड केयर, रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर और टेस्टिंग लैब्स शामिल होंगे। इससे यह पार्क इंडस्ट्री-फ्रेंडली ही नहीं बल्कि वर्कर-फ्रेंडली भी बनेगा। वैश्विक निवेशकों का भरोसा कई अंतरराष्ट्रीय ब्रांड जैसे HanesBrands, PVH Corp, Puma और Mothercare पहले ही मध्यप्रदेश की संभावनाओं में रुचि जता चुके हैं। बायर सोर्सिंग लीडर्स (BSL) के साथ एमओयू से डिजाइन, लॉजिस्टिक्स और स्किल डेवेलपमेंट का एकीकृत नेटवर्क भी तैयार होगा। राष्ट्रीय दृष्टि से महत्व विशेषज्ञ मानते हैं कि भारत में कई राज्य टेक्सटाइल पार्क विकसित कर रहे हैं, लेकिन मध्यप्रदेश का पीएम मित्रा पार्क अपने आकार, नीतिगत सहयोग और वैश्विक स्तर की अधोसंरचना के कारण सबसे बड़ा और सबसे प्रभावशाली होगा। यह राज्य के औद्योगिकीकरण की नई पहचान बनेगा और भारत की निर्यात क्षमता को भी नई ऊँचाइयों तक ले जाएगा।  

उज्जैन में नवीन रेलवे ओवर ब्रिज निर्माण के लिए 371 करोड़ 11 लाख स्वीकृत

जल जीवन मिशन की पुनरीक्षित योजनाओं में 2,813 करोड़ रूपये वृद्धि का अनुमोदन उज्जैन में नवीन रेलवे ओवर ब्रिज निर्माण के लिए 371 करोड़ 11 लाख स्वीकृत इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड (एक्सेस कंट्रोल) मार्ग के लिए 2,935 करोड़ 15 लाख स्वीकृत नर्मदापुरम-टिमरनी मार्ग के लिए 972 करोड़ 16 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा प्रदेश में 'जल जीवन मिशन" अंतर्गत पुनरीक्षित योजनाओं में प्रस्तावित लागत में वृद्धि राशि 2,813 करोड़ 21 लाख रूपये राज्य सरकार द्वारा वहन किए जाने का अनुमोदन किया, जो लगभग 13.55 प्रतिशत है। जल जीवन मिशन के अंतर्गत प्रदेश में अब तक 20 हजार 765 करोड़ रूपये लागत की 27 हजार 990 एकल ग्राम नल जल योजनाओं और 60 हजार 786 करोड़ रूपये लागत की 148 समूह जल प्रदाय योजनाओं की स्वीकृति प्रदान की गई है। स्वीकृत 27 हजार 990 योजनाओं में से 15 हजार 947 ग्रामों की योजनाएं पूर्ण हो चुकी है और 12 हजार 43 योजनाओं के कार्य विभिन्न चरणों में प्रगतिरत हैं। अभी तक कुल 8 हजार 358 योजनाओं के पुनरीक्षण की आवश्यकता हुई है। पुनरीक्षण कार्यवाही के अंतर्गत 7 लाख ग्रामीण परिवारों को क्रियाशील घरेलू नल कनेक्शन उपलब्ध कराने के लिए समस्त परिक्षेत्र के जिलों की प्रस्तुत 8,358 पुनरीक्षित परियोजनाओं के विस्तृत परीक्षण के उपरान्त कुल पुनरीक्षित लागत 9026 करोड़ 97 लाख रूपये की स्वीकृति दिये जाने की अनुशंसा की गई। इन योजनाओं की मूल स्वीकृत लागत 6,213 करोड़ 76 लाख रूपये है। इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड (एक्सेस कंट्रोल) मार्ग निर्माण की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड (एक्सेस कंट्रोल) मार्ग, लंबाई 48.10 कि.मी. का 4 लेन मय पेव्हड शोल्डर एवं दोनों ओर दो लेन सर्विस रोड सहित, हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल (HAM) योजनांतर्गत निर्माण कार्य के लिए भू-अर्जन सहित कुल राशि 2 हजार 935 करोड़ 15 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गयी है। पूर्व में जारी लोक निर्माण विभाग को प्रदान की गई प्रशासकीय स्वीकृति को निरस्त करते हुए परियोजना को "हाईब्रिड एन्यूटी मॉडल" पर किए जाने की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदाय की गयी परियोजना के अंतर्गत 34 अंडर पास, 02 फ्लाई ओवर, 01 आर.ओ.बी., 07 मध्यम पुल एवं 02 वृहद जंक्शन का निर्माण सहित सभी जंक्शन का सुधार, सड़क सुरक्षा उपाय, रोड मार्किंग आदि कार्य किये जायेंगे। मार्ग के निर्माण एवं संधारण के लिए कंसेशन अवधि 17 वर्ष रहेगी। उज्जैन मे नवीन रेलवे ओवर ब्रिज की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा आगामी सिहंस्थ-2028 के मद्देनजर उज्जैन शहर में हरिफाटक रेलवे क्रासिंग पर 4 लेन और हरिफाटक चौराहे से नीलकंठ द्वार तक 980 मीटर लंबाई के नवीन रेलवे ओवर ब्रिज के निर्माण के लिए 371 करोड़ 11 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति सिहंस्थ मद अंतर्गत प्रदान की गई। नर्मदापुरम-टिमरनी मार्ग निर्माण की प्रशासकीय स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा नर्मदापुरम-टिमरनी मार्ग कुल लंबाई 72.18 किलोमीटर के दो लेन मय पेव्हड शोल्डर निर्माण के लिये "हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल (HAM)" योजनांतर्गत भू-अर्जन सहित राशि 972 करोड़ 16 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। परियोजना के अंतर्गत 2 अंडर पास, 4 बड़े पुल, 37 मध्यम पुल, 14 वृहद जंक्शन एवं 52 मध्यम निर्माण कार्य किये जायेंगे। इसके अतिरिक्त जंक्शन सुधार, सुरक्षा उपाय, रोड मार्किंग और रोड फर्नीचर का कार्य भी किया जायेगा। मार्ग निर्माण और संधारण की कंसेशन अवधि 17 वर्ष रहेगी।  

आगामी त्यौहारों को देखते हुए मरम्मत कार्य को दें प्राथमिकता : मंत्री विजयवर्गीय

शहरी क्षेत्रों की सड़कों के निर्माण और मरम्मत कार्य में रखी जाये पारदर्शिता : मंत्री विजयवर्गीय आगामी त्यौहारों को देखते हुए मरम्मत कार्य को दें प्राथमिकता : मंत्री विजयवर्गीय मंत्री विजयवर्गीय ने समीक्षा बैठक में सड़कों की गुणवत्ता को लेकर दिये गये निर्देश भोपाल  नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि आगामी त्यौहारों के सीजन को देखते हुए सड़क मरम्मत से जुड़े कार्यों को विभाग प्राथमिकता दे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 413 नगरीय निकायों में सड़क पर बोर्ड के माध्यम से निर्माण एजेंसी और निविदा शर्तों के बारे में नागरिकों और जनप्रतिनिधियों को उससे जुड़ी आवश्यक जानकारी दी जाये। मंत्री विजयवर्गीय सोमवार को मंत्रालय में समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। मंत्री विजयवर्गीय ने बताया कि शहरी क्षेत्रों पर लगातार आबादी का दबाव बढ़ रहा है। इसका असर शहरी क्षेत्र की अधोसंरचना पर पड़ रहा है। उन्होंने इस बात को ध्यान में रखते हुए निर्माण कार्यों में गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के लिये कहा। बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में वर्तमान में 2 करोड़ 50 लाख से ज्यादा परिवार शहरी परिधि में निवास कर रहे हैं। शहरी क्षेत्र प्रदेश के सकल राज्य घरेलू उत्पाद में 35 प्रतिशत से अधिक योगदान दे रहे हैं। रियल एस्टेट क्षेत्र में 8 लाख 32 हजार से अधिक किफायती घर बनकर तैयार हो चुके हैं और 10 लाख मकान निर्माणाधीन हैं। प्रदेश में अक्टूबर 2019 से अब तक लगभग 51 हजार करोड़ रूपये के निवेश से शहरी कल्याण के कार्य चल रहे हैं। इस सब को देखते हुए शहरी क्षेत्रों में अधोसंरचना पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। सड़क निर्माण को लेकर दिये दिशा-निर्देश विभागीय मंत्री के निर्देश के बाद नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त संकेत भोंडवे ने सड़क निर्माण कार्य से जुड़े अमले को दिशा-निर्देश जारी किये हैं। निर्देश में कहा गया है कि सड़क निर्माण कार्य की निविदाएं केवल ई-निविदा के माध्यम से ही जारी की जायें। सड़क निर्माण की कार्ययोजना तैयार करते समय परियोजना प्रबंधन का भी प्रावधान किया जाये। इसी के साथ सड़क निर्माण कार्य की कार्ययोजना तैयार करते समय 3 वर्ष का मेंटनेंस प्रावधान आवश्यक रूप से रखा जाये। कांक्रीट सडक निर्माण के वक्त विभागीय अधिकारी आवश्यक प्रक्रिया का पालन कराया जाना सुनिश्चित करें। प्रत्येक कार्य को प्रारंभ करने से पूर्व एवं समाप्ति के बाद जियो टैग फोटो का संधारण अनिवार्य रूप से किया जाये। निविदा की शर्तों का डिजिटाइजेशन किया जाये। नागरिकों की सुविधा का रखें ध्यान नगरीय निकायों को दिये गये निर्देश के अनुसार सड़क निर्माण के बाद संकेतक अनिवार्य रूप से लगाये जायें। नगरीय निकायों को शहरी क्षेत्रों में सड़कों के आस-पास पौधरोपण पर भी विशेष ध्यान देने के लिये कहा गया है। सड़कों की सुरक्षा एवं स्पीड ब्रेकर निर्धारित मापदंड के अनुसार हो, यह सुनिश्चित किया जाये।  

मोहन यादव का बड़ा बयान: प्रदेश में असामाजिक तत्वों का होगा सफाया, कानून-व्यवस्था पर फोकस

भोपाल  मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्य प्रदेश कई मामलों में देश में अव्वल है. प्रदेश को और आगे ले जाना है. हमारी सरकार खेती-किसानी, पशुपालन, खाद्य प्रसंस्करण और नए-नए उद्योग-धंधों की स्थापना के जरिए प्रदेश के युवाओं को रोजगार दिलाने के लिए संकल्पबद्ध है. उन्होंने कहा कि हमारी सरकार सबके साथ और सहयोग से सबके विकास के लिए साझा प्रयासों एवं सबको पूरे विश्वास में लेकर विकास की दिशा में आगे बढ़ रही है. मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को भोपाल में मीडिया ग्रुप द्वारा आयोजित 'इमर्जिंग बिजनेस कॉन्क्लेव (भोपाल चैप्टर)' में मीडिया संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. किसानों के रोजगार और जीवन सुधार के लिए नई पहल मुख्यमंत्री ने इस कॉन्क्लेव में मध्य प्रदेश की विशेषताओं के बारे में विस्तार से चर्चा कर प्रदेश के नवनिर्माण एवं बेहतरी के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों और आगामी कार्ययोजना की जानकारी भी दी.  उन्होंने मीडिया संवाद में कहा कि हम प्रदेश के किसानों की जिंदगी बेहतर बनाना चाहते हैं. इसीलिए कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन से दुग्ध उत्पादन, खाद्य प्रसंस्करण, आधुनिक खेती के प्रोत्साहन और किसानों को सम्मान निधि देकर उनके जीवन में स्वावलंबन लाने के लिए प्रयास कर रहे हैं. धार जिले में देश का पहला पीएम मित्रा पार्क मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में लगभग रोजाना नए-नए उद्योग-धंधों की स्थापना हो रही है. इससे हमारे युवाओं को रोजगार भी मिलेगा और प्रदेश की अर्थव्यवस्था भी सुदृढ़ होगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि धार जिले में देश के पहले पीएम मित्रा पार्क का भूमिपूजन होना है. उन्होंने कहा कि इससे पहले, बुधवार, 3 सितम्बर को नई दिल्ली में पीएम मित्रा पार्क में निवेश के लिए इच्छुक निवेशकों के साथ मीटिंग एवं वन-टू-वन चर्चा की जाएगी. प्रदेश में धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन सहित मेडिकल टूरिज्म के साथ फॉरेस्ट और वाइल्ड लाइफ टूरिज्म की ओर स्पेशल फोकस किया जा रहा है. प्रदेश के तीर्थस्थलों का विकास और हेलीकॉप्टर सेवा जल्द शुरू  मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के 13 प्रमुख तीर्थस्थानों में स्थायी प्रकार के निर्माण कार्यों एवं नियमित प्रबंधन कर इनका विकास किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि श्रीमहाकाल लोक के निर्माण के बाद उज्जैन में तेजी से टूरिज्म बढ़ा है. साल 2024 में करीब 7 करोड़ से अधिक श्रद्धालु उज्जैन आए. उन्होंने कहा कि इसी से प्रेरणा लेकर हमारी सरकार अब प्रदेश के सभी पर्यटन स्थलों में पर्यटकों को हेलीकाप्टर के जरिए पहुंचाने का प्रबंध कर रही है. बहुत जल्द हम प्रदेश में इसकी शुरुआत करने जा रहे हैं. नए कानून और नीतियों से निवेश बढ़ाने का लक्ष्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश देश का दिल है. मध्य प्रदेश की देश में केंद्रीय स्थिति का हम समुचित लाभ उठाना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में भरपूर लैंड बैंक, सरप्लस बिजली और मजबूत अधोसंरचना है. उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश निवेशकों के लिए अनुकूल है. प्रदेश में बड़ी मात्रा में निवेश लाने के लिए हमने कई अप्रासंगिक कानून बदले हैं. उद्योग लगाने के लिए शासकीय अनुमतियां भी कम से कम कर दी गई हैं. हम निवेशकों के हित में 18 नई औद्योगिक नीतियां भी लागू की गई हैं. मजबूत कानून व्यवस्था हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता- मोहन यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में मजबूत कानून व्यवस्था हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है. असामाजिक और गुंडा तत्वों के लिए प्रदेश में कोई स्थान नहीं है. कानून को अपने हाथ में लेने वाले ऐसे तत्वों का प्रदेश से सफाया कर दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि हम राज्य की बेहतरी के लिए नए फैसले लेने में पीछे नहीं हटेंगे. लोकलुभावन वादों की जगह हम जनहित के निर्णयों पर तेजी से आगे बढ़ेंगे. उन्होंने मीडिया संवाद कार्यक्रम में एक निजी संस्थान से चलाए जा रहे हाईजीन प्रोग्राम के पोस्टर्स का विमोचन किया. कार्यक्रम में सचिव एवं आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. सुदाम खाड़े, मीडिया समूह के राष्ट्रीय एवं प्रादेशिक पदाधिकारी/प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे.

फोन कॉल विवाद: BJP MLA के संपर्क पर हाई कोर्ट जज ने केस से हटाया नाम

भोपाल  मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के एक जस्टिस ने हाल ही में खुलासा किया कि हाल ही में एक भाजपा विधायक ने किसी मामले के सिलसिले में उनसे संपर्क करने की कोशिश की थी। ऐसे में उन्होंने इस केस से खुद को दूर कर लिया है। मामला अवैध खनन के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए हाई कोर्ट में दायर एक रिट याचिका से जुड़ा है। 1 सितंबर को पारित एक आदेश में, जस्टिस विशाल मिश्रा ने कहा कि। भाजपा विधायक संजय पाठक ने एक पेंडिंग केस को लेकर उनसे फोन पर संपर्क करने की कोशिश की थी। बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक कोर्ट ने कहा, संजय पाठक ने इस विशेष मामले पर चर्चा करने के लिए मुझे फो करने की कोशिश की है, इसलिए मैं इस रिट याचिका पर विचार करने के लिए इच्छुक नहीं हूं। इसलिए, जस्टिस मिश्रा ने मामले से खुद को अलग कर लिया और मामले को किसी अन्य पीठ के सामने सूचीबद्ध करने के लिए हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस के सामने रखने का आदेश दिया। न्यायालय ने कहा, इस मामले को उचित पीठ के पास सूचीबद्ध करने के लिए मुख्य न्यायाधीश के समक्ष रखा जाए। आशुतोष दीक्षित नाम के एक शख्स ने अवैध खनन का आरोप लगाते हुए आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू), भोपाल का रुख किया था। इसके बाद उन्होंने ईओडब्ल्यू पर कोई ऐक्शन ना लेने का आरोप लगाते हुए हाई कोर्ट का रुख किया। दीक्षित ने दलील में कहा कि ईओडब्ल्यू समयबद्ध अवधि के भीतर शुरुआती जांच पूरी करने में विफल रहा। वहीं संजय पाठक ने इस मामले में हस्तक्षेप करने के लिए उच्च न्यायालय में एक आवेदन दायर किया और कहा कि उनकी बात भी सुनी जानी चाहिए। हालांकि इस रिट याचिका में पाठक पक्षकार नहीं थे।

प्यार में पड़ा धोखा! जेल काटने के बाद प्रेमिका पर कैंची से जानलेवा वार

भोपाल प्रेमिका से दूर होने की तड़प से छटपटा रहे एक आशिक ने खौफनाक वारदात को अंजाम दे दिया। जिस प्यार के लिए उसने जेल काटी वो उसे मिली भी नहीं तो उसने प्रेमिका को ही खत्म करने का फैसला किया और उस पर जानलेवा हमला कर दिया। दिल दहला देने वाली घटना मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की है। जहां कोलार थाना क्षेत्र के कजली खेड़ा इलाके में मंगलवार को जेल से बाहर आए युवक सोनू सेन अपनी प्रेमिका से मिलने पहुंचा और उस पर जानलेवा हमला कर दिया। आरोपी ने युवती पर कैंची से ताबड़तोड़ वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। फिलहाल युवती की हालत नाजुक बनी हुई है और उसे कोलार के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 2019 से चल रही थी लव स्टोरी जानकारी के अनुसार, आरोपी सोनू सेन और मुस्लिम युवती के बीच प्रेम प्रसंग चल रहा था। वर्ष 2019 में सोनू ने युवती को बेरसिया क्षेत्र से भगा ले गया था। दोनों ने कुछ समय तक साथ में जिंदगी गुजारी, लेकिन परिवार की नाराजगी हमेशा बनी रही। परिवार वालों ने कराया केस दर्ज साल 2024 में युवती के परिजन किसी तरह उसे वापस घर ले आए। इसके बाद उन्होंने बेरसिया थाने में सोनू के खिलाफ अपहरण समेत कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कराया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।   जेल से छूटकर लिया बदला हाल ही में जेल से रिहा हुआ सोनू पुरानी रंजिश और प्रेमिका को खोने की तड़प में सीधे उसके घर पहुंचा। मौका मिलते ही उसने युवती पर कैंची से हमला कर दिया। अचानक हुए इस हमले से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। परिजनों और पड़ोसियों ने घायल युवती को तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस की कार्रवाई घटना की जानकारी मिलते ही कोलार थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास का केस दर्ज कर लिया गया है और उसकी तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।  

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: इंदौर कार्टूनिस्ट को मिली अग्रिम जमानत, जांच में सहयोग जरूरी

इंदौर प्रधानमंत्री और संघ कार्यकर्ताओं के आपत्तिजनक कार्टून बनाने वाले कार्टूनिस्ट हेमंत मालवीय को सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को बड़ी राहत देते हुए अग्रिम जमानत दे दी। जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एन वी अंजारिया की पीठ ने यह देखते हुए कि कार्टूनिस्ट ने सोशल मीडिया के विभिन्न मंचों से माफी मांगी ली है, अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली। हालांकि  सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस को यह छूट दी कि अगर कार्टूनिस्ट जांच में सहयोग नहीं करते हैं, तो वे उनकी जमानत रद्द करने की मांग कर सकते हैं। याचिकाकर्ता के वकील ने दिया ये तर्क सुनवाई के दौरान, मालवीय की वकील वृंदा ग्रोवर ने अदालत को बताया कि उनके मुवक्किल ने माफी मांग ली है और याचिकाकर्ता को अभी तक जांच के दौरान पूछताछ के लिए तलब नहीं किया गया है। इस पर केंद्र सरकार की तरफ से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के एम नटराज ने जवाब दिया कि सभी सबूत इकट्ठा होने के बाद ही तलब किया जाएगा। मई में इंदौर में हुई थी शिकायत कार्टूनिस्ट हेमंत मालवीय के खिलाफ वकील और आरएसएस कार्यकर्ता विनय जोशी ने मई में इंदौर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी और मालवीय पर अपने कार्टूनों के जरिए आपत्तिजनक सामग्री अपलोड करने और हिंदुओं की धार्मिक भावनाएं आहत करने और सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने का आरोप लगाया था। 15 जुलाई को, जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस सुधांशु धूलिया की पीठ ने मालवीय के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगा दी थी और मंगलवार को अग्रिम जमानत देने का आदेश दिया। इससे पहले मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने हेमंत मालवीय की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी।  मालवीय ने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा 3 जुलाई को दिए गए आदेश को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी थी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 196 (विभिन्न समुदायों के बीच सद्भाव बनाए रखने के लिए प्रतिकूल कार्य), 299 (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कार्य) और 352 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान) के साथ-साथ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67-ए (इलेक्ट्रॉनिक रूप में किसी भी यौन रूप से स्पष्ट सामग्री को प्रकाशित या प्रसारित करना) के तहत मामला दर्ज किया है।