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मंत्री सारंग ने किया कई विकास योजनाओं का भूमि-पूजन, जनता को बड़ी सौगात

भोपाल सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने सोमवार को नरेला विधानसभा अंतर्गत वार्ड 38 में विभिन्न विकास कार्यों का भूमि-पूजन किया। मंत्री सारंग ने क्षेत्रवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि नरेला के समग्र विकास का संकल्प हमारी प्रतिबद्धता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार प्रदेश में हर क्षेत्र को विकास, सुशासन और जनकल्याण की मुख्यधारा से जोड़ रही है। मंत्री सारंग ने कहा कि नरेला के हर घर में नर्मदा जल के साथ ही सीएम राइज स्कूल, शासकीय कॉलेज, थीम आधारित आधुनिक पार्क, फ्लाईओवर, स्मार्ट सड़कों का नेटवर्क और आदर्श ड्रेनेज सिस्टम जैसी अधोसंरचनाएं क्षेत्र की तस्वीर और तकदीर बदल रही हैं। उन्होंने कहा कि नरेला के रहवासियों को सुविधाजनक, सुरक्षित और समृद्ध जीवन मिले इसके लिए हम कटिबद्ध हैं। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक सहित बड़ी संख्या में रहवासी उपस्थित रहे। विकास कार्यों की सौगात नरेला विधानसभा अंतर्गत वार्ड 38 के पुरुषोत्तम नगर, सेमरा, शिव मंदिर के पास सड़क निर्माण एवं सौंदर्यीकरण का कार्य किया जाएगा। इन कार्यों से स्थानीय नागरिकों को सुगम और सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी।  

सशक्तिकरण की ओर कदम: अब महिलाएं करेंगी जलकर संग्रहण, मिलेगा प्रोत्साहन राशि

उज्जैन  उज्जैन जिले में गांवों में जल कर राशि जमा करवाने का चुनौतीभरा काम अब महिलाएं अपने हाथों में लेने वाली हैं। वे हर महीने जल जीवन मिशन के उपभोक्ताओं के घर पहुंचेंगी और उनसे जल कर की राशि लेंगी। इसके एवज में उन्हें भी जमा जलकर राशि का 20 प्रतिशत हिस्सा मिलेगा। जल जीवन मिशन अंतर्गत अधिकांश गांवों के कई घरों में नल कनेक्शन हैं। इनमें से कई परिवार रोज नलों से पानी भी लेते हैं लेकिन इसके बदले में जलकर जमा करने वालों की संया बहुत ही कम है। जलकर वसूली के लिए अभी तक प्रभावी व्यवस्था भी नहीं बनी है। ऐसे में पंचायत को राजस्व का बड़ा नुकसान हो रहा है वहीं राशि की कमी में योजना का मेंटिनेंस भी नहीं हो पाता है। स्वसहायता समूह की महिलाएं देंगी दस्तक गांवों में राजस्व वसूली बढ़ाने अब जिले में नवाचार किया जा रहा है। इसके अंतर्गत अब महीने की 1 से 10 तारीख के बीच नल जल के उपभोक्ताओं के घर स्वसहायता समूह की महिलाएं दस्तक देंगी। वे उपभोक्ताओं को जलकर की जानकारी देने के साथ इसकी बकाया राशि जमा करवाएंगी। राशि क्यूआर कोड से भी जमा करवाई जाएगी ताकि पादर्शिता बनी रहे। साथ ही तीन रसीद बनेगी जिनमें एक उपभोक्ता, दूसरी पंचायत व तीसरी महिला सदस्य के पास रहेगी। जलकर वसूली की नई व्यवस्था जल्द ही लागू होने वाली है। शुरुआत उज्जैन जनपद के 57 व अन्य जनपदों की 10-10 योजनाओं (एक योजना में एक गावं) से होगी। व्यवस्था कारगर होने पर जिले की सभी योजनाओं में इसे लागू कर दिया जाएगा। महिलाओं को आर्थिक लाभ भी मिलेगा जल कर संग्रहित करने के लिए प्रत्येक गांव में स्वसहायता समूह की तीन-चार महिलाओं को अधिक्रत किया जाएगा। महीने की 1 से10 तारीख तक कर जमा करने के बाद इसकी 20 प्रतिशत राशि महिला के बैंक खाते में सीधे जमा की जाएगी। बता दें कि वर्तमान में पंचायत में 60 से 100 रुपए प्रतिमाह जलकर निर्धारित है। अभी इसे जमा करवाने की ठोस व्यवस्था नहीं है। हालांकि नलजल मिशन अंतर्गत ग्राम जल स्वच्छता समिति पहले से गठित है। जनपदवार दे रहे प्रशिक्षण जिले में नई व्यवस्था लागू करने से पूर्व जिला पंचायत के माध्यम से जनपदवार प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिला पंचायत की जिला समन्यक व ट्रेनिंग कार्यक्रम की नोडल अधिकारी कविता उपाध्याय ने बताया, कलेक्टर के निर्देश व जिला पंचायत सीईओ के मार्गदर्शन में नई व्यवस्था शुरू की जा रही है। समूह की चिन्हित महिलाओं व संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशिक्षण दे रहे हैं। जल जीवन मिशन अंतर्गत जलकर राशि संग्रहण के लिए नई व्यवस्था लागू की जा रही है। इसमें स्वसहायता समूह की महिलाओं को जोडक़र उन्हें इसकी जिमेदारी दी जा रही है। इससे राजस्व संग्रहण में बढ़ोतरी होगी। – जयति सिंह, जिपं. सीईओ

लद्दाख की ऊंचाइयों पर सतना का परचम: रत्नेश पाण्डेय की बड़ी उपलब्धि

सतना  प्रदेश के प्रख्यात पर्वतारोही रत्नेश पाण्डेय ने लद्दाख क्षेत्र में स्थित 20,000 फीट से अधिक ऊंचाई वाली चार पर्वत चोटियों को महज तीन दिनों में फतह कर साहस, संकल्प और सतना की पहचान को नई ऊंचाई दी है। उन्होंने हर चोटी पर भारत का तिरंगा और अपने गृहनगर सतना का ध्वज लहराया और आई लव सतना और जय हिंद का घोष किया है। सबसे ऊंची चोटी है ग्यामा कांगरी ईस्ट दरअसल रत्नेश पाण्डेय ने जिन पर्वत चोटियों को सफलतापूर्वक फतह किया है, उनमें चार अत्यंत दुर्गम और ऊंचाई वाली चोटियां शामिल हैं। इनमें सबसे ऊंची चोटी ग्यामा कांगरी ईस्ट है। जिसकी ऊंचाई 6,108 मीटर है। इसके अलावा उन्होंने कीगर री (6,100 मीटर), यालुंग नोंग 1 (6,050 मीटर) और यालुंग नोंग 2 (6,080 मीटर) पर भी विजय प्राप्त की है। ये सभी चोटियां समुद्र तल से 20,000 फीट से अधिक ऊंचाई पर स्थित हैं। ढह गया तंबू, फिर भी नही टूटी हिम्मत यह पर्वतारोहण अभियान अत्यधिक बारिश, बर्फबारी और तेज़ हवाओं जैसी खतरनाक परिस्थितियों के बीच पूरा हुआ है। अभियान के दौरान एक हिम तूफान ने उनका तंबू तक ढहा दिया। लेकिन रत्नेश और उनकी टीम ने माउंट एवरेस्ट पर अर्जित अनुभव और साहस के बल पर न केवल खुद को सुरक्षित रखा है बल्कि अभियान को दोबारा शुरू कर सफलता के साथ पूरा भी किया है। मंगल चांद पर जीवन ढूढ़ना तकनीकी उपलब्धि रत्नेश का यह मिशन पूरी तरह अल्पाइन स्टाइल में पूरा किया गया है। जिसमें बिना बाहरी सहायता के सभी ज़रूरतें टीम ने खुद पूरी कीं है। उन्होंने पर्वतारोहण को केवल खेल नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और मानसिक-शारीरिक स्वास्थ्य के लिए एक ज़रूरी साधन बताया। उन्होंने कहा मंगल और चांद पर जीवन ढूंढना तकनीकी उपलब्धि हो सकती है। लेकिन धरती मां पर जीवन को बचाना हमारी सबसे बड़ी नैतिक ज़िम्मेदारी होनी चाहिए। टीम के सहयोगियों को दिया श्रेय उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय टीम के अन्य सदस्यों स्टेंजिन लापु, दावा शेर्पा और अब्दुल कयूम को दिया और बताया कि हिमतूफान के बाद टीम जीपीएस की मदद से एक निचले गांव तक पहुंची और फिर मौसम साफ़ होने पर पुनः चढ़ाई शुरू की। सरकार कर चुकी है विक्रम पुरस्कार से सम्मानित गौरतलब हो कि सतना निवासी रत्नेश पाण्डेय को पहले ही मध्यप्रदेश सरकार के विक्रम पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। यह पुरस्कार उन्हें साहसिक खेलों की श्रेणी में पहली बार दिया गया था। वे एक प्रमाणित मास्टर इंस्ट्रक्टर और रेस्क्यू एक्सपर्ट भी हैं। लद्दाख प्रशासन ने उनके प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे अभियान साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ पर्यावरण चेतना भी फैलाते हैं।

वीरगति को प्राप्त हुए सिपाही श्री हरिओम नागर का पार्थिव शरीर पहुंचा भोपाल

वीरगति को प्राप्त हुए सिपाही श्री हरिओम नागर का पार्थिव शरीर पहुंचा भोपाल मंत्री श्री राकेश शुक्ला ने दी श्रद्धांजलि भोपाल जम्मू-कश्मीर के सियाचिन में मातृभूमि की सेवा करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए राजगढ़ जिले के ग्राम टूटियाहैड़ी निवासी सिपाही श्री हरिओम नागर का पार्थिव शरीर सोमवार सायं लगभग 4 बजे विशेष विमान से भोपाल पहुंचा। भोपाल एयरपोर्ट पर नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला तथा अपर जिला दण्डाधिकारी श्री अंकुर मेश्राम ने पार्थिव देह पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और भारत माँ के इस वीर सपूत को नमन किया। उल्लेखनीय है कि सिपाही हरिओम नागर सियाचिन में भारत-पाक सीमा पर 13,000 फीट की ऊंचाई पर तैनात थे। ड्यूटी के दौरान 20 जुलाई की सुबह लगभग 9 बजे अचानक हुए भूस्खलन में एक विशाल शिला उनके ऊपर गिर गई, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए और वीरगति को प्राप्त हुए।  

इंसानियत की मिसाल बने कलेक्टर, आशीष सिंह ने सैलरी से बच्चों के सपनों को दिया सहारा

इंदौर  जिन बच्चों के लिए परीक्षा की राह फीस के कारण बंद हो रही थी, उनके लिए इंदौर कलेक्टर आशीष सिंह उम्मीद की एक नई किरण बनकर सामने आए। आर्थिक तंगी से जूझ रहे 22 छात्रों की तकलीफ सुनने के बाद कलेक्टर ने जो किया, वो न सिर्फ प्रशासनिक संवेदनशीलता का उदाहरण है, बल्कि इंसानियत की मिसाल भी है। इतने पैसे नहीं कि स्कूल फीस और परीक्षा शुल्क भर सकें दरअसल, बीते महीने कलेक्टर आशीष सिंह मूसाखेड़ी स्थित शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल के निरीक्षण पर पहुंचे थे। वहां 10वीं और 12वीं के कई छात्रों ने अपनी परेशानी साझा की। उन्होंने बताया कि उनके परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है, माता-पिता दिहाड़ी मजदूरी करते हैं, और इतने पैसे नहीं हैं कि वे स्कूल की फीस और परीक्षा शुल्क भर सकें। पढ़ाई छोड़नी पड़ सकती है सर एक छात्र ने डबडबाई आंखों से कहा-“पिता मजदूरी करते हैं, बड़ी मुश्किल से घर चलता है। फीस मांगी तो उन्होंने साफ कह दिया कि पढ़ाई छोड़नी होगी। तब कलेक्टर सर ने भरोसा दिलाया कि वे मदद करेंगे। आज हमारी फीस जमा हो चुकी है।” छात्रों की यह स्थिति सुनकर कलेक्टर भावुक हो गए। उन्होंने तुरंत स्कूल प्राचार्य से बात की और वादा किया कि वे इन बच्चों की फीस अपनी सैलरी से भरेंगे। वादा ही नहीं, बल्कि कुछ ही दिनों में उन्होंने करीब ₹65,000 का चेक स्कूल को सौंपा। इससे 22 बच्चों की पूरी सालभर की फीस और परीक्षा शुल्क जमा कर दिया गया। बच्चों की पढ़ाई न रुके, यही मकसद प्राचार्य शव सेवक मौर्य ने बताया- “कलेक्टर सर जब स्कूल आए थे, तब कई छात्रों ने अपनी परेशानी बताई थी। उन्होंने तुरंत कहा कि बच्चों की पढ़ाई नहीं रुकनी चाहिए। उन्होंने अपनी सैलरी से राशि दी और अब सभी 22 बच्चों की फीस जमा हो गई है।” जानकारी के अनुसार, स्कूल की सालभर की फीस ₹1200 और परीक्षा शुल्क ₹1500 है। गरीब तबके से आने वाले इन बच्चों के लिए ये राशि भी बहुत बड़ी थी। लेकिन अब वे न सिर्फ स्कूल जा सकेंगे, बल्कि परीक्षा भी दे सकेंगे। एक अधिकारी, जो बच्चों का ‘भविष्य रक्षक’ बन गया कलेक्टर आशीष सिंह का यह कदम सिर्फ प्रशासनिक पहल नहीं, बल्कि उन तमाम बच्चों के लिए प्रेरणा है, जो आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद पढ़ना चाहते हैं। उनका यह कार्य यह दर्शाता है कि जब किसी पद पर बैठा इंसान दिल से जिम्मेदारी निभाता है, तो कई जिंदगियां संवर जाती हैं। इन 22 छात्रों की आंखों में अब डर नहीं, बल्कि एक उम्मीद है- कि वे भी कुछ बन सकते हैं, क्योंकि कोई तो है जो बिना शोर किए उनके पीछे खड़ा है। यह सिर्फ फीस भरने की कहानी नहीं है, यह एक नई सुबह की शुरुआत है।

मध्यप्रदेश में जनप्रतिनिधियों को मिलेगा लग्जरी ठिकाना, 3 स्टार होटल जैसे फ्लैट्स पर 159 करोड़ खर्च

भोपाल  राजधानी में विधायकों के लिए नए फ्लैट बनने जा रहे हैं। इसके लिए भूमिपूजन भी हो चुका है। 159 करोड़ रुपए की लागत से अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त 102 नए फ्लैट बनाए जाएंगे, जिसका भूमिपूजन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने किया। यह फैसला विधायकों की शिकायत पर लिया गया है, क्योंकि 67 साल पहले बने विश्रामगृह में बारिश का पानी टपकने और प्लास्टर उखड़ने की समस्या आ रही थी। ग्रीन बिल्डिंग कॉन्सेप्ट पर आधारित हैं फ्लैट नए 3 बीएचके फ्लैट 2600 वर्गफीट के होंगे और ग्रीन बिल्डिंग कॉन्सेप्ट पर आधारित होंगे, जिसमें सौर ऊर्जा पैनल और फायर फाइटिंग सिस्टम भी लगाया जाएगा। प्रदेशभर के विधायकों के लिए आधुनिक सुविधाओं युक्त नए आवास बनाने का काम आज से शुरू होने जा रहा है। अरेरा हिल्स पर 159 करोड़ रुपए की लागत से ये सर्वसुविधायुक्त 102 नए फ्लैट बनाए जाएंगे। 67 साल पहले बना था विश्रामगृह 1958 यानी, करीब 67 साल पहले बने विश्रामगृह में वर्तमान समय के हिसाब विधायकों की शिकायत थी कि इन भवनों में बारिश का पानी टपकने और कई जगह प्लास्टर उखड़ने की समस्या सामने आ रही है। इसे देखते हुए 10 महीने पहले सरकार ने विधायकों को नए विश्रामगृह बनाने का फैसला किया था। सीएम और विधानसभा अध्यक्ष ने किया भूमिपूजन सोमवार को (आज) मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर इस नए प्रोजेक्ट का भूमिपूजन करेंगे। विधानसभा के अधिकारियों का कहना है कि इसे दो से तीन साल में पूरा करने की योजना है। नए आवास बनाने के लिए विश्राम गृह के खंड एक और पुराने पारिवारिक खंड के साथ शॉपिंग कॉम्प्लेक्स को तोड़ा जाएगा। इसकी जगह नए फ्लैट बनेंगे। पुराने पारिवारिक खंड में 24 आवास हैं, जो 700 वर्ग फीट के हैं, जबकि खंड एक में 102 सिंगल रूम कमरे हैं। खंड एक में विधायकों को तीन-तीन रूम अलॉट किए जाते हैं। यह 125-125 वर्गफीट के हैं। नए बनने वाले 3 बीएचके फ्लैट 2600 वर्गफीट के होंगे। ‘विश्राम भवन नहीं सेवा भवन हैं’ भूमि पूजन के बाद मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि नए दौर के नए समय में मध्य प्रदेश लगातार बढ़ रहा है. यह विश्राम भवन नहीं सेवा भवन हैं, विधायकों के कार्यालय भी आधुनिक होना चाहिए. पहले चरण में 102 आवास बनाए जा रहे हैं. उसके बाद दूसरे चरण में भी आधुनिक विधायक विश्राम गृह बनेंगे. विधायक विश्राम गृह भी अच्छा बनना चाहिए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज GPT और गूगल का जमाना है। ऐसे में सारे संसाधनों के साथ जब विधायक अपनी विधानसभा में बैठेंगे और विधानसभा में काम करने आएंगे, तो इस सारे तंत्र का और व्यवस्थाओं का लाभ भी लेंगे। इसलिए भोपाल में विधायक विश्राम गृह भी अच्छा होना चाहिए। हमने अपने बजट में 5 लाख रुपए देकर विधायकों के कार्यालय से आवास तक व्यवस्था बनाने की बात कही थी। हमारे बीच में नवाचार का सिलसिला कम नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि यह भवन 1958 में बने थे। आज नए दौर का भारत है, जो दुनिया में अपनी अलग पहचान बना रहा है। हमने कल स्पेन की मंत्री का शॉल भेंट कर स्वागत किया, तो उन्होंने बड़े अचंभे से कहा कि आपके यहां महिलाएं घूंघट करती हैं। उन्होंने कहा कि हम युवाओं के रोजगार के लिए प्रबंध कर रहे हैं। डॉ. यादव ने कहा कि ये विश्राम गृह नहीं, बल्कि सेवा ग्रह बनेगा। विजन डॉक्यूमेंट में हमारी पार्टी ने इसे शामिल किया था। दूसरे दलों की सरकारें लंबे समय रहीं, लेकिन विकास के मामले में आप सिंहावलोकन करेंगे तो शेर आगे बढ़ने के लिए एक बार पीछे मुड़कर देखता है। हम आजादी की सौवीं वर्षगांठ की ओर बढ़ रहे है, तो सिंहावलोकन जरूरी है। तकनीक से जुड़कर आगे बढ़ें विधायक वरना पीछे रह जाएंगे नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि विधानसभा में कंप्यूटराइजेशन हो रहा है। तकनीक से जुड़कर विधायक नहीं चले, तो पीछे रह जाएंगे। उन्होंने कहा कि जब हम पहली बार विधायक बने, तो 1989 से 2000 तक बस से आते थे। उस समय रोडवेज में आगे की सीट रिजर्व रहती थी। हम इंदौर से बस से पांच घंटे में भोपाल पहुंचते थे। उस समय कोई होता नहीं था। उस समय चार-पांच विधायकों के बीच एक कर्मचारी होता था। आज जमाना बदल गया है। आज सोशल मीडिया के लिए अलग स्टाफ है। गनमैन हर विधायक के पास है। आज समय की आवश्यकता के अनुसार नए आवास ग्रह की जरूरत थी। उन्होंने कहा कि इस बार एमपी के 8 शहर स्वच्छता में अवॉर्ड लेकर आए। विधायक दायित्व का निर्वहन कर सकें इसलिए जरुरत पूरी हो विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि विधायक जनता का प्रतिनिधि होता है, वह दायित्व का ठीक से निर्वहन कर सके, इसलिए उसकी आवश्यकता की पूर्ति होनी चाहिए। विधायक विश्राम गृह बहुत पुराना हो गया है। मैं भी एक आवास में रहता था, आज फोटो देखने पर पता चला कि वह 1958 में बना था। मेरा जन्म 1957 में हुआ था यानी उस समय मेरी घुटनों के बल चलने की स्थिति रही होगी। उन्होंने कहा कि ये प्रकल्प पूरा होगा तो विधायक और यहां काम के लिए आई जनता को बहुत प्रसन्नता होगी। हमारा राज्य काफी बड़ा और बड़ी आबादी वाला है। राज्य को नई ऊंचाइयां देने के लिए नई चुनौतियां हैं मुख्यमंत्री जी प्रदेश को नई ऊंचाई देने के लिए लगे हुए हैं। मुख्यमंत्री जी के सामने कई प्रकल्प हैं, ऐसे समय में उन्होंने विधायक विश्राम गृह को स्वीकृति दी। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश विधानसभा में नए नवाचार किए गए हैं। आने वाले समय में ई विधानसभा में तब्दील हो जाएगी, तो विधायकों को काम में आसानी होगी। विधायक विश्राम गृह के दूसरे चरण का काम भी जल्दी शुरू होगा 18 महीने में बनकर तैयार होगा विश्राम गृह PWD मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि वर्तमान विधायक विश्राम गृह 66 साल पुराना है। इसलिए नए विश्राम गृह की जरूरत महसूस हो रही थी, जहां विधायक सरकार के संकल्पों को गढ़ सकें। केवल 18 माह में ये विधायक विश्राम गृह बनकर तैयार होगा। ये अग्नि रोधी, भूकंप रोधी होगा। उन्होंने कहा कि विधानसभा परिसर में विधायकों के लिए आवास बनाने के लिए भूमिपूजन में आज … Read more

उज्जैन में महाकाल की दूसरी सवारी आज एकादशी पर निकली, गूंजा हर हर महादेव

उज्जैन   सावन के पवित्र महीने में आज एकादशी के शुभ अवसर पर उज्जैन में बाबा महाकाल की दूसरी सवारी धूमधाम से निकल रही है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि यह सवारी न सिर्फ धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि हमारी सांस्कृतिक और सामाजिक समरसता का अनुपम उदाहरण भी है। उन्होंने कहा कि हम सबके रोम-रोम में बाबा महाकाल समाए हुए हैं। बाबा महाकाल की सवारी जब निकलती है तो लौकिक रूप से निराकार से साकार को धारण करती है। उन्होंने कहा कि यह दिन हमारे प्रदेश, देश और सनातन संस्कृति के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। बाबा महाकाल की दूसरी सवारी आज सावन का दूसरा सोमवार है और कामिका एकादशी भी है। इस अवसर पर उज्जैन में बाबा महाकाल की सवारी निकल रही है। श्रावण सोमवार के दिन महाकाल के दर्शन और पूजन का विशेष महत्व होता है। बाबा महाकाल की सवारी में शामिल होने के लिए देशभर से श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ता है। इस दौरान सवारी के मार्ग को भव्य रूप से सजाया गया है और भक्तगण श्रद्धापूर्वक इसमें शामिल होते हैं। यह आयोजन न सिर्फ धार्मिक महत्व रखता है बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को भी बढ़ावा देता है। मुख्यमंत्री ने दी मंगलकामनाएं आज के दिन सीएम मोहन यादव ने सभी को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि ‘सावन का महीना है एकादशी का दिन है। एकादशी का पर्व मतलब हमारी शुचिता के साथ आत्मा से परमात्मा के बीच संबंध जोड़ने के संकल्प का दिन भी है। सौभाग्य की बात है कि आज बाबा महाकाल की दूसरी सवारी का भी दिन है। जैसे तिरूपति बालाजी का, जगन्नाथ जी का उनकी यात्राओं के माध्यम से धार्मिक पर्यटन के द्वारा उन राज्यों ने अपनी पहचान बनाई है..वैसे ही हमने भी बाबा महाकाल की सवारी को धार्मिक पर्यटन के माध्यम से और वृहद रूप दे रहे हैं। हम सबके रोम-रोम में बाबा महाकाल समाए हुए हैं। बाबा महाकाल की सवारी निकलती है तो लौकिक रूप से आज निराकार से साकार को धारण करते हैं। ये दिन हमारे प्रदेश देश और सनातन संस्कृति के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। यह धार्मिक आयोजन के साथ ही आस्था, संस्कृति और सामाजिक समरसता का अनुपम उदाहरण है।’

अब बिजली चोरों की नहीं चलेगी! भोपाल में मुखबिरी करने वालों को मिलेगा मोटा इनाम

भोपाल  बिजली चोरी रोकने वालों को मिलेगा इनाम, जी हां! सही सुना आपने मध्य प्रदेश की दो बिजली कंपनियां, ईस्ट डिस्कॉम और सेंट्रल डिस्कॉम ने अनोखी योजना शुरू की है। ईस्ट डिस्कॉम ने 'वी मित्र' ऐप बनाया है। इस ऐप पर बिजली चोरी या गड़बड़ी की शिकायत करने पर 10 रुपये से लेकर 50000 रुपये तक का इनाम मिल सकता है। सेंट्रल डिस्कॉम भी ऐसी ही योजना चला रही है। ईस्ट डिस्कॉम के अधिकारियों का कहना है कि 'वी मित्र' ऐप सिर्फ बिजली चोरी की शिकायत के लिए नहीं है। यह बिजली वितरण का सोशल ऑडिट है। कोई भी उपभोक्ता गलत जानकारी की शिकायत कर सकता है। इससे कंपनी को डेटा ठीक करने में मदद मिलेगी। ईस्ट डिस्कॉम के प्रबंध निदेशक अनय द्विवेदी ने कहा "यह एक तरह का सोशल ऑडिट है। सारा डेटा पब्लिक में है। उपभोक्ता किसी भी गलत चीज की शिकायत कर सकते हैं। इससे हमें डेटा सुधारने में मदद मिलेगी।" ईस्ट डिस्कॉम के अधिकारियों का कहना है कि यह ऐप बहुत काम का है। यह अपने तरह का पहला ऐप है। हर कनेक्शन जियो टैग कंपनी के जनरल मैनेजर कमर्शियल पीके अग्रवाल ने बताया कि हर कनेक्शन को जियो-टैग किया गया है। अगर किसी को टैगिंग गलत लगती है, तो वह शिकायत कर सकता है। सही पाए जाने पर 10 रुपये का इनाम मिलेगा। हर कनेक्शन को इंडेक्स किया गया है। इसका मतलब है कि कनेक्शन किस ट्रांसफार्मर से जुड़ा है, यह जानकारी पब्लिक में है। इसमें गड़बड़ी होने पर भी शिकायत की जा सकती है। अब लोड बढ़ाने से जुड़ी शिकायतें भी की जा सकती हैं। अगर कोई बताता है कि कनेक्शन 2 किलोवाट का है, लेकिन लोड 5 किलोवाट का है, तो सही पाए जाने पर उसे 25 रुपये प्रति किलोवाट का इनाम मिलेगा। कई लोगों को मिल चुके इनाम 17 जुलाई तक डिस्कॉम को अलग-अलग सर्कल से 1190 शिकायतें मिली हैं। कंपनी की विजिलेंस टीम इनकी जांच कर रही है। सही जानकारी देने वाले 49 उपभोक्ताओं को 21300 रुपये का इनाम दिया गया है। 75800 रुपये के इनाम की और जांच चल रही है। विजिलेंस विभाग की जांच के बाद इसे फाइनल किया जाएगा।  

गणेश मूर्तियों को लेकर इंदौर में हंगामा, आपत्तिजनक मूर्तियों पर तीन कलाकार गिरफ्तार

इंदौर भगवान गणेश की आपत्तिजनक मूर्तियां बनाने को लेकर इंदौर में हंगामा खड़ा हो गया। भगवान गणेश को एक लड़की के संग दिखान पर हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ता भड़क उठे और कलाकारों के मुंह पर कालिख पोत दी। बाद में हंगामा बढ़ने पर पुलिस ने आरोपी मूर्तिकारों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं। शहर में गणेश चतुर्थी से पहले मूर्ति निर्माण का कार्य जोरों पर है। बड़ी संख्या में बंगाल से मूर्तिकार इंदौर समेत मध्य प्रदेश के अन्य हिस्सों में मूर्तियां बनाते हैं। खजराना इलाके में एक स्थान पर भगवान गणेश की कुछ मूर्तियां देखकर हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ता भड़क उठे। उन्होंने आरोप लगाया कि भगवान की मूर्तियों से छेड़छाड़ की जा रही है। उन्हें लड़कियों के साथ दिखाकर उनकी छवि को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है और धार्मिक भावनाएं आहत की जा रही हैं। हिंदूवादी कार्यकर्ताओं ने मौके पर खूब हंगामा किया। उन्होंने तीन कलाकारों के चेहरों पर कालिख पोत दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने मूर्ति कलाकार आरोपी कलाकार राजू पाल, चंद्रपाल और रतनलाल पाल को गिरफ्तार कर लिया। तीनों पश्चिम बंगाल के नादिया जिले के रहने वाले हैं। पुलिस ने उन पर धार्मिक भावनाएं आहत करने समेत कई मामलों में एफआईआर दर्ज की है। बजरंग दल के विभाग संयोजक प्रवीण दरेकर ने कहा कि यह सामान्य गलती नहीं है, बल्कि सोच-समझकर हिंदू आस्था के प्रतीक गणेश भगवान की छवि को विकृत किया जा रहा था। मूर्तियों में ऐसे आकृति और, रंगरूप दिए जा रहे थे जो पूरी तरह से अशोभनीय हैं। इससे संपूर्ण हिंदू समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। बजरंग दल ने चेतावनी दी है कि आगे इस तरह की मूर्तियां बनाई गईं या किसी भी रूप में देवी-देवताओं का मजाक उड़ाने की कोशिश की गई, तो उसका अंजाम गंभीर होगा। बजरंगदल से जुड़े लक्की रघुवंशी ने कहा कि मूर्तियां बनाने के लिए 50 से अधिक कलाकार पश्चिम बंगाल से आए हैं, जिनमें से कई की पहचान स्पष्ट नहीं है। न तो इनका पुलिस वेरिफिकेशन कराया गया। संगठन को आशंका है कि इनमें से कुछ लोग बांग्लादेशी घुसपैठिए या संदिग्ध मजहबी मानसिकता वाले भी हो सकते हैं। बजरंगदल के विजय पटेल, रघुवीर गुर्जर, राकेश चौहान, विजय यादव, कौशल ठाकुर, अमर गुर्जर सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने खजराना थाने पहुंचकर आरोपियों के केस दर्ज करवाया है। थाना प्रभारी मनोज सेंधव का कहना था कि अमित पाल सहित दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है कल हिंदूवादी संगठन ने मूर्ति बनाने वाले कलाकारों के ऊपर आपत्ति जताई थी जिसको लेकर धार्मिक भावना आहत होने की धारा में प्रकरण पंजीबद किया जाए, वही तीनों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है।    

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जम्मू-कश्मीर में शहीद सैनिक श्री हरिओम नागर को दी श्रद्धांजलि

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जम्मू-कश्मीर में अपना कर्तव्य पालन करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिक श्री हरिओम नागर को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उनकी संवेदनाएं शोकाकुल परिजन के साथ हैं। मध्यप्रदेश की माटी के वीर सपूत का सर्वोच्च बलिदान मां भारती की सेवा और रक्षा के लिए सदैव देशवासियों को प्रेरित करता रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने के लिए भी प्रार्थना की है।