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मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने स्वतंत्रता सेनानी श्री हरिभाऊ उपाध्याय को श्रद्धांजलि अर्पित की

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वतंत्रता सेनानी, साहित्यकार श्री हरिभाऊ उपाध्याय की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के गौरव, स्वतंत्रता सेनानी श्री उपाध्याय का साहित्य के साथ मातृभूमि की सेवा के लिए समर्पण वंदनीय है। उल्लेखनीय है कि श्री उपाध्याय ने 'बापू के आश्रम में, ' सर्वोदय की बुनियाद जैसी कृतियों से साहित्य को समृद्ध किया।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शॉट पुट खिलाड़ी गिल को दी बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने चैन्नई में चल रही 64वीं नेशनल स्टेट सीनियर एथेलेटिक्स चैम्पियनशिप में मध्यप्रदेश के प्रतिभागी शॉट पुट खिलाड़ी समरदीप सिंह गिल को गोल्ड मेडल जीतने पर बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्री गिल ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल जीतकर प्रदेश का नाम रोशन किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्री गिल की इस स्वर्णिम उपलब्धि के लिए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश के बेटे की यह उपलब्धि अन्य सभी खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायी है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निशानेबाज एश्वर्य प्रताप सिंह को दी बधाई

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शिमकेन्ट (कजाकिस्तान) में खेली जा रही 16 वें एशियन शूटिंग चैम्पियनशिप में मध्यप्रदेश के शूटिंग अकादमी के प्रतिभागी निशानेबाज एश्वर्य प्रताप सिंह को स्वर्ण पदक और टीम स्पर्धा में रजत पदक प्राप्त होने पर बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन सीनियर पुरुष व्यक्तिगत स्पर्धा में एश्वर्य प्रताप सिंह ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि से वैश्विक मंच पर देश और प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्री सिंह की यह उपलब्धि सम्पूर्ण प्रदेश के लिए गर्व का क्षण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एश्वर्य प्रताप सिंह को सदैव ऐसे ही निरंतर आगे बढ़ते रहने और प्रदेश को गौरवान्वित करते रहने की मंगलकामना की है।  

बड़वानी : लौकी का मोल नहीं, किसान को खेत से सीधे पशुओं को खिलाना पड़ रहा

बड़वानी इन दिनों लौकी की खेती करने वाले किसान परेशान हैं और हों भी क्यों न, उनकी फसल माटी मोल भी नहीं बिक रही. लौकी के दाम इतने गिर चुके हैं कि किसान भारी घाटे में आ गए हैं. बाजार में लौकी के उचित रेट न मिलने से किसान या तो मवेशियों को लौकी खिलाने पर मजबूर हैं या फिर लौकी फेंकने मजबूर हैं. आखिर क्यों नहीं बिक रही लौकी? किसान दीपक गेहलोद बताते हैं, '' ट्रांसपोर्ट महंगा हो चुका है, इसलिए लौकी मंडी से बाहर कोई खरीद नहीं रहा है. ऐसे में लौकी या तो फेंकी जा रही है या ट्रैक्टर भरकर लौकी गौशाला में गायों के लिए भेजी जा रही हैं. हमने चार एकड़ खेत में लौकी लगाई थी. उत्पादन भी अच्छा हुआ है, मगर भाव नहीं है. चार एकड़ में एक से डेढ़ लाख रुपए की लागत लगी है और मार्केट में हम किसानों से लौकी व्यापारी एक रुपए किलो में लौकी मांग रहे हैं. अच्छी क्वालिटी का माल पहले पांच रुपए किलो तक भी बिका है, मगर अब भाव नहीं मिल रहे हैं.'' लागत भी नहीं निकल रही किसान दीपक आगे कहते हैं, '' बाजार में भाव नहीं मिलने से लागत निकलना भी मुश्किल हो गया है. ऐसे में किराया भाड़ा लगाना और महंगा पड़ रहा है. इसलिए लौकी तुड़वाकर खेत साफ कर रहे हैं. कुछ किसान लौकी फेंक रहे हैं तो कुछ पशुओं को खिला रहे हैं.'' किसान की माने तो 13 से 15 रुपए किलो के भाव की उम्मीद थी पर इसका आधा भी नहीं मिल पा रहा. बड़वानी में इन सब्जियों की होती है खेती स्थानीय किसान बताते हैं कि बड़वानी क्षेत्र में लौकी, खीरा, कद्दू जैसी हरी सब्जियों की बंपर पैदावार होती है. यहां से देश की राजधानी दिल्ली समेत कई प्रदेशों में सब्जी भेजी जाती है. हालांकि, बीते 20 दिन से लौकी मंडी में तो आ रही है लेकिन मंडी से बाहर नहीं जा पा रही है. व्यापारी परेश नामदेव कहते हैं, '' लौकी पहले से खरीद रखी है और इसका भुगतान किसानों को खड़ी फसल के दौरान कर दिया जाता है. ऐसे में जो अपनी फसल का मूल्य ले चुका वह लौकी को अपने व्यापारियों के पास भेज देता है. लेकिन मंडी से लौकी बाहर बाजार में नहीं जा पा रही है.'' पहले बढ़े, अब तेजी से घट रहे सब्जियों के दाम मंडी के जानकारी किसान दीपक गेहलोद ने बताया, '' किसानों को अब सब्जियों के सही दाम नहीं मिल रहे हैं. उत्पादन अधिक हो गया है और कई सब्जियों के दाम अब औंधे मुंह गिर गए हैं. खासकर लौकी का उत्पादन इस बार अच्छा है, मगर भाव नहीं मिल रहे हैं, तो पशुओं को खिलाने के लिए मजबूर हो रहे हैं. किसान सब्जियां बेचकर उसे मंडी तक पहुंचाने का खर्च भी पूरा नहीं कर पा रहा है. इस समय केवल बेमौसमी सब्जियों को अच्छे दाम मिल रहे हैं, बाकि कोई भी सब्जी मंडी में अपनी चमक नहीं दिखा पा रही है.''

हैंडबॉल की गूंज: चंबल में स्कूल स्टूडेंट्स की 50 टीमें दिखा रही दमखम

मुरैना   चंबल की फिजां बदल रही है. एक समय डकैत, मुठभेड़ के लिए कुख्यात चंबल की आबोहवा में अब प्रतिभाएं अपना लोहा मनवाने लगी हैं. शिक्षा के क्षेत्र में हो या खेल के, हर मामले में चंबल का रंग बदला हुआ दिख रहा है. इसकी की बानगी है चंबल में शुरू हुआ खिलाड़ियों का महाकुंभ. हैंडबॉल महाकुंभ में 700 खिलाड़ी भाग ले रहे हैं. 50 टीमों के बीच रोमांचक मुकाबले शुरू हो चुके हैं. स्कूलों के 700 खिलाड़ी प्रतियोगिताओं में शामिल चंबल की धरती पर खिलाड़ियों का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है मुरैना के टीएसएस इंटरनेशनल स्कूल में 4 दिवसीय वेस्ट जोन हैंडबॉल प्रतियोगिता का शुभारंभ भव्य समारोह के बीच हुआ. खेल महोत्सव में गुजरात, राजस्थान और मध्यप्रदेश से आई लगभग 700 छात्र-छात्राएं प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं. प्रतियोगिता में करीब 50 से अधिक टीमें बनाई गई हैं, जिन्हें अंडर-14, अंडर-17 और अंडर-19 तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया है. मैदान में पहले ही दिन खिलाड़ियों के जोश ने दर्शकों का दिल जीत लिया. स्कूल के 3 मैदानों में शुरू हुए मैच तीन मैदानों पर एक साथ मैच खेले गए, जहां रोमांचक नज़ारे देखने को मिले. पहले मैच में मैट्रिक्स हायर सेकेंडरी स्कूल ने शानदार खेल दिखाते हुए एआईएस स्कूल जयपुर को 16-10 से हराया. दूसरे मुकाबले में मानसरोवर द स्कूल बैतूल ने दमदार प्रदर्शन कर एलबूड़ इंटरनेशनल स्कूल जयपुर को 7-2 से मात दी. इस दौरान गोल करने की जद्दोजहद, डिफेंस की सटीक चाल और गोलकीपर की चुस्ती ने मैच को और रोमांचक बना दिया. दर्शक दीर्घा से लगातार तालियों की गड़गड़ाहट गूंजती रही.  सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ प्रतियोगिता शुरू खिलाड़ियों, कोच व शिक्षकों के लिए ठहरने, भोजन और चिकित्सा की व्यवस्था की गई है. कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती पूजन के बाद आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुई. इसके बाद डीआईजी चंबल रेंज सुनील जैन ने गेंद फेंककर प्रतियोगिता का शुभारंभ किया. और फिर खेल मैदान में जोश की लहर दौड़ गई. उद्घाटन अवसर पर सीबीएसई ऑब्जर्वर राजकुमार सेंगर, विद्यालय के डायरेक्टर सुरेंद्र प्रताप सिंह सिकरवार, प्राचार्य शिखा श्रीवास्तव, और स्पोर्ट्स टीचर राजेंद्र सिंह राजावत सहित बड़ी संख्या में अतिथि, शिक्षक और अभिभावक मौजूद रहे. खेलों से जीवन में अनुशासन आता है इस मौक पर डीआईजी सुनील जैन ने कहा "बच्चों में खेल भावना को जगाना और उन्हें मंच देना आज की सबसे बड़ी ज़रूरत है. खेल न केवल बच्चों का भविष्य संवारते हैं बल्कि जीवन में अनुशासन, टीम स्पिरिट और आत्मविश्वास भी जगाते हैं." उन्होंने इस आयोजन को चंबल क्षेत्र के लिए गौरव की बात बताते हुए विद्यालय प्रबंधन को बधाई दी. 

इंदौर में बड़े बदलाव की तैयारी, शहर को आर्थिक शक्ति बनने का लक्ष्य

इंदौर  मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर आने वाले पांच वर्षों में विकास की नई ऊंचाइयों को छूने जा रही है। शहर की जीडीपी को दोगुना करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया गया है। इस दिशा में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें सभी प्रमुख विभागों, विशेषज्ञों और स्टेकहोल्डर्स ने हिस्सा लिया। फार्मा और मेडिकल टूरिज्म पर जोर सांसद शंकर लालवानी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "विकसित भारत" और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के "प्रगतिशील मध्यप्रदेश" के सपनों को पूरा करने में इंदौर अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने बताया कि फार्मा इंडस्ट्री और मेडिकल टूरिज्म को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जाएगा। इंदौर को अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्वास्थ्य केंद्र बनाने के लिए मेडिकल सुविधाओं और अस्पतालों का विस्तार किया जाएगा। ऑटोमोबाइल, आईटी और स्टार्टअप्स को बढ़ावा प्रस्तुति के दौरान सांसद लालवानी ने कहा कि ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रिक व्हीकल सेक्टर को ग्रीन एनर्जी के साथ बढ़ावा देकर इंदौर को मैन्युफैक्चरिंग हब बनाया जाएगा। आईटी और स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत कर युवाओं को इनोवेशन और रिसर्च आधारित शिक्षा से जोड़ा जाएगा। उन्होंने बताया कि फूड प्रोसेसिंग और नमकीन उद्योग को भी वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने की योजना है। कलेक्टर का बयान कलेक्टर आशीष सिंह ने कहा कि यह अभियान शहर के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और सभी विभागों के आपसी तालमेल से ही सफल हो पाएगा। उन्होंने पारंपरिक व्यवसायों को ग्लोबल ब्रांड बनाने और इंफ्रास्ट्रक्चर व ट्रांसपोर्टेशन को मजबूत करने पर जोर दिया। रेल, रोड और एयर कनेक्टिविटी को सशक्त कर इंदौर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ा जाएगा। अर्थशास्त्रियों के सुझाव डॉ. जयंतीलाल भंडारी ने कहा कि इंदौर देश का पहला ऐसा शहर बन सकता है, जो पांच वर्षों में अपनी जीडीपी को दोगुना करे। उन्होंने सुझाव दिया कि निर्यात-उन्मुख उद्योगों, उच्च मूल्यवर्धन वाले सेक्टर और विदेशी निवेश को प्राथमिकता दी जाए। साथ ही, नई शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन और युवाओं को उद्योग की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण देने की आवश्यकता बताई। साझा संकल्प और आगे की दिशा बैठक में सर्वसम्मति से तय किया गया कि इंदौर को देश का "आर्थिक ग्रोथ इंजन" बनाने की दिशा में अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए प्राथमिक क्षेत्रों पर फोकस, नई तकनीक, शिक्षा, कनेक्टिविटी, औद्योगिक विस्तार और वैश्विक निवेशकों को आकर्षित करने का रोडमैप तैयार किया जाएगा। अधिकारियों और विशेषज्ञों की मौजूदगी बैठक में कलेक्टर आशीष सिंह, नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा, एमपीआईडीसी के कार्यकारी संचालक हिमांशु प्रजापति, इंदौर विकास प्राधिकरण के सीईओ आर.पी. अहिरवार, रेलवे, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, विद्युत विभाग समेत कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। साथ ही प्रसिद्ध अर्थशास्त्री डॉ. जयंतीलाल भंडारी और डॉ. अनिल भंडारी भी शामिल हुए। 

ड्रग तस्करी में भाई-भतीजे जेल में, शारिक मछली पर गंभीर आरोप अभी तक बिना FIR, ड्रग तस्करी में भाई-भतीजे जा चुके हैं जेल

भोपाल  भोपाल के हाईप्रोफाइल ड्रग तस्करी, यौन शोषण और जमीन कब्जाने के मामलों में शारिक मछली का नाम लगातार सरगना के तौर पर सामने आ रहा है। हाल ही में पुलिस और प्रशासन की टीम ने संयुक्त कार्रवाई कर उसकी 100 करोड़ कीमत की 7 अवैध संपत्तियों को जमींदोज कर दिया है। 23 जुलाई उसके भाई शाहवर और भतीजे यासीन को ड्रग तस्करी में पकड़ा गया था। यासीन के मोबाइल फोन में कई लड़कियों और महिलाओं के आपत्तिजनक वीडियो और फोटो मिले थे। जिसके बाद कुछ पीड़िताओं ने सामने आकर इन दोनों के खिलाफ रेप और पाक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज कराए थे। पूरी कार्रवाई के दौरान शारिक का नाम संरक्षक के तौर पर चर्चाओं में आया है। लेकिन, भाई और भतीजे की गिरफ्तारी के 34 दिन बाद भी उसके खिलाफ गFIR दर्ज नहीं की गई है। इन दो मामलों में कार्रवाई का इंतजार पहला मामला: पिपलानी थाने में 11 सितंबर 2024 को एक युवती ने शिकायत की थी। जिसमें बताया था कि शारिक के परिचित ने उससे रेप किया और वीडियो बनाया। यह वीडियो शारिक को भेजा गया था। उसी के रेस्टोरेंट में वारदात को भी अंजाम दिया। लेकिन, पुलिस शारिक के खिलाफ FIR दर्ज नहीं कर रही है। शाहवर और यासीन की गिरफ्तारी के बाद पीड़िता ने 25 जुलाई को फिर शिकायत की। लेकिन, करीब 32 दिन भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। दूसरा मामला: 31 जुलाई को अशोका गार्डन थाने में ​​​​​​राजेश तिवारी नाम के व्यक्ति ने अपहरण बंधक बनाकर पीटने और अवैध वसूली करने की शिकायत कराई थी। इसकी जांच 25 दिन से चल रही है। लेकिन, शिकायत किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। कोल्डड्रिंक पिलाकर रेप, न्यूड वीडियो बनाया पिछले 11 सितंबर 2024 को एक 22 वर्षीय पीड़िता अपने पिता के साथ पिपलानी थाने पहुंची थी। उसने 2019 से अक्टूबर 2024 तक शोषण करने के आरोप लगाए। पुलिस ने शिकायती आवेदन तो लिया लेकिन आगे कार्रवाई नहीं की। तब वरिष्ठ अधिकारियों तक शिकायत पहुंची और जांच एममी नगर थाने की महिला सब इंस्पेक्टर को सौंप दी गई। पीड़िता ने अपने बयान में बताया था कि 2019 में जब वह 11वीं में थी तब पीएससी की तैयारी के लिए आनंद नगर स्थित कोचिंग क्लास जाती थी, तब कोचिंग संचालक ने उसका परिचय दिव्यांश अहिरवार से करवाया था। दिव्यांश ने खुद को मैनिट का छात्र बताया। कोचिंग खत्म होने के बाद एक दिन दिव्यांश ने मुझे अपनी स्कूटी से घर छोड़ने को कहा। दिव्यांश मुझे पटेल नगर स्थित अपने घर ले गया और एमपीपीएससी की किताब देने के बहाने कमरे में बुलाया। वहां उसने कोल्डड्रिंक दी, जिसे पीते ही मैं बेहोश हो गईं। होश आया तो मेरे शरीर पर कपड़े नहीं थे। दिव्यांश ने न्यूड वीडियो और फोटो बना लिए थे और वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। इस डर से अपने पिता से मिलने वाले कोचिंग के पैसे दिव्यांश को देने शुरू कर दिए। पीड़िता के पिता को दिल का दौरा पड़ने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें तनाव से दूर रखने की सलाह दी थी। इसी वजह से उसने दिव्यांश द्वारा किए जा रहे शोषण के बारे में अपने पिता को नहीं बताया। इस बीच, दिव्यांश ने उसे बार-बार ब्लैकमेल किया और संबंध बनाने के लिए दबाव डाला। मना करने पर मारपीट भी करता था। क्लब 90 के रूम में ले जाकर रेप किया पीड़िता ने यह भी बताया कि जिस क्लब 90 में हिंदू छात्राओं से फरहान और उसके साथी रेप करते थे, इसी में दिव्यांश जबरन पीड़िता को ले गया। यहां उसने शारिक मछली और मोहित बघेल से परिचय करवाया। दिव्यांश ने बताया कि वह शारिक के लिए काम करता है और न्यूड वीडियो शारिक को ही देता है। उसने यह भी दावा किया कि शारिक के रसूख के कारण ही पुलिस उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करती है। महिला संबंधी अपराध, इसलिए जांच ट्रांसफर की पिपलानी थाना प्रभारी चंद्रिका यादव के मुताबिक आनंद नगर चौकी में केस की शिकायत की गई थी, क्योंकि महिला संबंधी अपराध था इसलिए केस एमपी नगर थाने में ट्रांसफर किया, महिला एसआई मामले की जांच कर रही हैं। जांच के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

मध्य प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी, जबलपुर-सागर समेत 22 जिलों में गिरेगा पानी, कई जिलों में स्कूलों में छुट्टी

भोपाल साइक्लोनिक सर्कुलेशन और लो प्रेशर एरिया के प्रभाव से 28 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रहने वाला है। अगले 48 घंटों में ग्वालियर, चंबल, सागर, उज्जैन एवं नर्मदापुरम संभाग में मौसम बदला रहेगा।आज सोमवार को 22 जिलों भारी से अति बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। यहां अगले 24 घंटे में साढ़े 8 इंच तक पानी गिर सकता है। बाकी जिलों में बिजली गिरने चमकने और मेघगर्जन के साथ हल्की बारिश हो सकती है। भिंड, मुरैना, ग्वालियर, श्योपुर और शिवपुरी में बाढ़ जैसे हालात बने हुए है। बता दे कि मध्य प्रदेश में इस सीजन में अब तक औसत 35.1 इंच बारिश हो चुकी है यानि 6.8 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है। इस हिसाब से कोटे की 95% तक बारिश हो चुकी है। मौसम विभाग ने भोपाल-उज्जैन, जबलपुर-सागर समेत कुल 22 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटे के दौरान ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, नीमच, मंदसौर, सागर, दमोह, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, मंडला, डिंडौरी और बालाघाट में भारी बारिश होने का अनुमान है। इंदौर, भोपाल समेत अन्य जिलों में हल्की बारिश का दौर बना रहेगा। सोमवार को एक्टिव होगा नया वेदर सिस्टम     उत्तर मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ था। इससे जुड़ा ऊपरी वायु परिसंचरण समुद्र तल से 7.6 किमी ऊपर तक फैला हुआ है और ऊँचाई के साथ दक्षिण की ओर झुक रहा है। अगले 24 घंटों के दौरान इसके पश्चिम-उत्तर- पश्चिम की ओर बढ़ने और उसके बाद धीरे-धीरे कमजोर होने की संभावना है।     वर्तमान में मानसून ट्रफ़ माध्य समुद्र तल पर बीकानेर, जयपुर, ग्वालियर, प्रयागराज, उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों पर निम्न दबाव क्षेत्र के केंद्र, पुरुलिया, दीघा और फिर दक्षिण-पूर्व की ओर उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी तक विस्तृत है। पश्चिमी विक्षोभ माध्य समुद्र तल से 3.। और 9.6 किमी ऊपर एक द्रोणिका के रूप में बना हुआ है, जिसकी धुरी औसत समुद्र तल से 3. किमी ऊपर देशांतर 70* पूर्व से अक्षींश 28* उत्तर के उत्तर तक बनी हुई है।     एक ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और निकटवर्ती क्षेत्रो में माध्य समुद्र तल से 5.8 किमी की ऊंचाई पर सक्रिय है और ऊँचाई के साथ दक्षिण-पश्चिम की ओर झक रहा है। अगले 48 घंटों के दौरान ओडिशा-पश्चिम बंगाल के तटों से ट्रर उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में एक नया निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है जिससे मौसम में फिर बदलाव देखने को मिलेगा। उमरिया में सबसे ज्यादा पौन इंच बारिश प्रदेश में रविवार को 30 जिलों में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश हुई। सबसे ज्यादा पौन इंच बारिश उमरिया में हुई। इसके अलावा भोपाल, बैतूल, दतिया, गुना, ग्वालियर, सीहोर, शाजापुर, राजगढ़,विदिशा, देवास, इंदौर, नर्मदापुरम, रतलाम, शिवपुरी, उज्जैन, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, छतरपुर, रीवा, सागर, हरदा, मंडला, मुरैना, श्योपुर, सतना, सीधी, टीकमगढ़, बालाघाट समेत कई जिलों में भी हल्की बारिश जारी रही। श्योपुर में गर्भवती को बोट से अस्पताल ले गए श्योपुर में गर्भवती महिला को बोट से अस्पताल भिजवाया गया। वहीं, सतना में निचली बस्तियों में पानी भर गया। तेज बारिश होने से नर्मदापुरम जिले के तवा डैम के गेट 5 फीट तक खोले गए। सिस्टम की एक्टिविटी से बारिश मौसम वैज्ञानिक डॉ. अरुण शर्मा ने बताया कि रविवार को मानसून टर्फ, साइक्लोनिक सर्कुलेशन और लो प्रेशर एरिया की एक्टिविटी देखने को मिली। इस वजह से उत्तरी हिस्से में तेज बारिश का दौर बना रहा। इसी प्रकार अगले 4 दिन तक कई जिलों में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। एमपी में अब तक 35.1 इंच बारिश प्रदेश में 16 जून को मानसून ने आमद दी थी। तब से अब तक औसत 35.1 इंच बारिश हो चुकी है। अब तक 28.3 इंच पानी गिरना था। इस हिसाब से 6.8 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है। इस हिसाब से कोटे की 95 प्रतिशत तक बारिश हो चुकी है।

दिल जीतने वाला पल: बहन की मांग पर मोहन यादव ने लिया भुट्टे का मज़ा

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव राजधानी भोपाल और प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर सामान्य नागरिकों के साथ संवाद अवश्य करते हैं। चाहे चाय की छोटी सी दुकान पर रुककर चाय पीने का प्रसंग हो या खुद चाय बनाने की बात हो या मूंगफली खरीदना,भुट्टा  खरीदना और ऑनलाइन पेमेंट करना, उनके सहज स्वभाव में शामिल हैं। इस बीच वे अपनी सौम्य मुस्कान के साथ छोटा-मोटा संवाद भी नागरिकों से कर लेते हैं। रविवार की शाम भी ऐसा ही हुआ। अटल बिहारी वाजपेयी  सुशासन संस्थान के नजदीक मुख्यमंत्री डॉ यादव ने अपनी सहजता सरलता से राह चलते लोगों का भी मन मोह लिया। भदभदा पुल से जब वे कार्यवश निकल रहे थे तो काफिला रुकवा कर भुट्टे का स्वाद लिया।  दरअसल एक बहन ने उन्हें आवाज दी थी और सामान्य नागरिक मानकर उनसे कहा,साहब भुट्टे लेते जाओ तो उन्होंने अपना वाहन रुकवाया। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने बिना ट्रैफिक अवरुद्ध किये  बहन के  साथ भुट्टा भी खाया। वे भुट्टा अपने साथ भी ले गए। उपस्थित नागरिकों के साथ उन्होंने तसल्ली से छायाचित्र  भी खिंचवाए ।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- ग्वालियर के पर्यटन क्षेत्र में निवेश को मिलेगा नया आयाम

पर्यटन के क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं से निवेशकों को करायेंगे अवगत भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ग्वालियर में 29 एवं 30 अगस्त को होने वाली रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में निवेशकों से रू-ब-रू होकर प्रदेश में पर्यटन क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं से अवगत करा कर सीधा संवाद भी करेंगे। प्रदेश में पर्यटकों की संख्या में वृद्धि और ग्वालियर–चंबल एवं सागर संभाग में पर्यटन निवेश को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से ग्वालियर में रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव होगा। ग्वालियर के राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय में होने वाले इस रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर की विशेष उपस्थिति होगी। पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने बताया कि मध्यप्रदेश में पर्यटकों की संख्या में वृद्धि के साथ पर्यटन व्यवसायियों, टूर ऑपरेटर्स और होटल इंडस्ट्री के बीच सहयोग और साझेदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ग्वालियर में रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव आयोजित किया जा रहा है। इससे ग्वालियर के पर्यटन श्रेत्र में निवेश को नया आयाम मिलेगा। “टाइमलेस ग्वालियर: इकोज़ ऑफ़ कल्चर, स्पिरिट ऑफ़ लेगेसी” थीम पर केन्द्रित यह कॉन्क्लेव पर्यटन निवेश, सांस्कृतिक धरोहर, अनुभवात्मक पर्यटन और क्षेत्रीय विकास को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। प्रमुख सचिव पर्यटन और संस्कृति एवं प्रबंध संचालक टूरिज्म बोर्ड श्री शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि कॉन्क्लेव में होटल, रिसोर्ट, वेलनेस और ईको-टूरिज्म क्षेत्र के निवेशकों को लेटर ऑफ अवॉर्ड (LoA) प्रदान किए जाएंगे। साथ ही एमओयू एवं अनुबंध भी होंगे। इन परियोजनाओं से स्थानीय समुदाय को पर्यटन आधारित रोजगार प्राप्त होगा और क्षेत्रीय पर्यटन को स्थायित्व के साथ बल मिलेगा। क्षेत्र के विकास को गति देने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिये जाएंगे। कॉन्क्लेव में विशेष पर्यटन प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जिसमें मध्यप्रदेश के विविध पर्यटन स्थलों, पर्यटन इकाइयों, हॉस्पिटैलिटी ब्रांड्स, होम-स्टे, रिसॉर्ट्स, हैंडलूम/हैंडिक्राफ्ट, साहसिक गतिविधियाँ और सांस्कृतिक धरोहरों को समर्पित स्टॉल शामिल किये जायेंगे। प्रमुख सचिव श्री शुक्ला ने बताया कि रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में दो महत्वपूर्ण सत्र होंगे। पहला “टूरिज़्म ऐज़ अ कल्चरल ब्रिज – ब्रांडिंग ग्वालियर एंड हार्टलैंड ऑफ़ एमपी” विषय पैनल डिस्कशन होगा, जिसमें ग्वालियर की सांस्कृतिक धरोहर, शास्त्रीय संगीत और स्थापत्य कला को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की रणनीतियों पर विचार होगा। दूसरा पैनल डिस्कशन “ग्वालियर एंड चंबल राइजिंग – इनबाउंड अपील थ्रू हेरिटेज, लग्ज़री एंड एक्सपीरियंस” विषय पर केंद्रित होगा, जिसमें विरासत, लग्ज़री स्टे, डेस्टिनेशन वेडिंग और अनुभवात्मक पर्यटन जैसे नए आयामों पर संवाद होगा।