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डीएसटी-शेरगढ़ पुलिस की बड़ी कार्रवाई, बस फायरिंग केस का मास्टरमाइंड चढ़ा हत्थे

जोधपुर जोधपुर ग्रामीण पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। शेरगढ़ क्षेत्र में निजी बस पर फायरिंग और अवैध वसूली की धमकी देने वाले मामले के मुख्य आरोपी को डीएसटी (जिला विशेष टीम) और थाना शेरगढ़ पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने इस कार्रवाई को बेहद गंभीरता से लेते हुए त्वरित गति से अंजाम दिया, क्योंकि घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था।   बस पर फायरिंग और दहशत फैलाने की घटना पुलिस के अनुसार, थाना शेरगढ़ क्षेत्र के ग्राम देड़ा के पास बस संचालन रूट को लेकर विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते आरोपी बुद्धसिंह और उसके साथियों ने जैसलमेर से दिल्ली जा रही एक निजी बस को बीच रास्ते पर कैम्पर गाड़ी लगाकर रोक लिया। इसके बाद आरोपियों ने बस के पास हवाई फायरिंग कर यात्रियों में दहशत फैला दी और बस चालक एवं स्टाफ को हथियार दिखाकर अवैध वसूली की धमकी दी।   वायरल वीडियो के बाद पुलिस की त्वरित कार्रवाई घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जोधपुर ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक नारायण टोगस ने मामले को गंभीरता से लिया और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भोपालसिंह लखावत के निर्देशन में वृत्ताधिकारी रतनसिंह की सुपरविजन में विशेष टीमें गठित कीं। डीएसटी प्रभारी श्रवणकुमार भंवरिया के नेतृत्व में कार्रवाई की गई। कांस्टेबल भंवरसिंह द्वारा जुटाई गई खुफिया सूचना के आधार पर की गई घेराबंदी में पुलिस ने मुख्य आरोपी बुद्धसिंह पुत्र रिडमलसिंह राजपूत निवासी खिरजां, थाना शेरगढ़ को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी से पूछताछ और आगे की जांच पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि उसके अन्य साथियों और घटना में प्रयुक्त हथियारों की बरामदगी की जा सके। पुलिस का कहना है कि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द ही सभी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।   इस कार्रवाई में डीएसटी प्रभारी श्रवणकुमार भंवरिया, विरेन्द्र खदाव, मदन मीणा, मुकनसिंह, हरेन्द्र लोहरा, भंवरसिंह (विशेष भूमिका), सोहनराम, तथा थाना शेरगढ़ के थानाधिकारी बुधाराम, सउनि रधुवीरसिंह, विश्वनाथ प्रताप सिंह, रमेश और कैलाश की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक नारायण टोगस ने घोषणा की कि टीम के सभी सदस्यों को उत्कृष्ट कार्य के लिए पुरस्कृत किया जाएगा।

विरासत पर सियासत: ‘वंदे मातरम’ को लेकर गहलोत ने साधा निशाना

जयपुर राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार को वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने के मौके पर केंद्र सरकार की तरफ से विभिन्न जगहों पर आयोजित कार्यक्रम को लेकर कहा कि यह हमारी विरासत को चुराने की कोशिश है। उन्होंने बातचीत करते हुए कहा कि अतीत खुद इस बात की तस्दीक करता है कि वंदे मातरम का भाजपा से कोई सरोकार नहीं है। कभी इन लोगों ने इसे वरीयता नहीं दी। हमारे कांग्रेस के वरिष्ठ और दिग्गज नेताओं ने जितना सम्मान इस गीत को दिया, उतना यह लोग कभी नहीं दे पाएंगे। इस गीत को सबसे पहले बंकिमचंद्र चटर्जी ने लिखा और रविंद्रनाथ टैगोर ने गाया था। ऐसी स्थिति में इस गीत का इन लोगों से तो कोई सरोकार नहीं बनता है। ऐसी स्थिति में मुझे समझ नहीं आ रहा है कि आखिर केंद्र सरकार इस गीत के 150 साल पूरे होने के मौके पर विभिन्न जगहों पर कार्यक्रम क्यों आयोजित कर रही है? उन्होंने कहा कि मेरा सीधा सा सवाल है कि क्या इन लोगों में से किसी ने इस गीत के लिए अपनी उंगली कटाई।  जवाब स्पष्ट है कि कभी नहीं कटाई, तो ऐसी स्थिति में इस संबंध में किसी भी प्रकार की बात कहना पूरी तरह से गलत है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि ये लोग बेवजह से ही वंदे मातरम गीत का जिक्र कर रहे हैं। इनका इससे कोई सरोकार नहीं है। ये लोग बेकार की बातें करते रहते हैं। इन लोगों ने हमेशा संविधान का तिरस्कार किया। यहां तक की संविधान की प्रतियां भी जलाईं। इन लोगों ने कभी भी राष्ट्र का सम्मान नहीं किया। अब ये लोग राजनीतिक फायदा अर्जित करने के लिए नई-नई बातों का जिक्र कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्य की बात है कि केंद्र सरकार नई-नई थ्योरी लेकर आ रही है। अब हाल ही में सरदार पटेल की बात कर रही है। उन्होंने कहा कि इन लोगों ने सरदार पटेल की अस्मिता को संरक्षित करने के लिए क्या किया। सरदार पटेल की विशाल प्रतिमा बना दी, जिसका हम स्वागत करते हैं, लेकिन जरा इनसे पूछिए कि आखिर इन्होंने क्यों सरदार पटेल के नाम से निर्मित स्टेडियम का नाम बदल दिया। मैं पूछना चाहता हूं कि आखिर इन्होंने किसकी सलाह पर सरदार पटेल के नाम से बने स्टेडियम का नाम नरेंद्र मोदी स्टेडियम कर दिया। आखिर उन्हें यह सलाह किसने दी? कांग्रेस नेता ने कहा कि वंदे मातरम राष्ट्रीय गीत को रचित 150 साल पूरे हो चुके हैं। केंद्र सरकार को इस खास मौके पर किसी भी प्रकार के कार्यक्रम का आयोजन करने से पहले विपक्षी दलों के नेताओं को आमंत्रित करना चाहिए था, लेकिन इन्होंने ऐसा नहीं किया।

नाथद्वारा में मुकेश अंबानी के दर्शन, बुजुर्गों के लिए 100 कमरों वाला सेवा सदन बनाने की घोषणा

राजसमंद नाथद्वारा स्थित पुष्टिमार्गीय प्रधान पीठ श्रीनाथजी की हवेली में शुक्रवार को रिलायंस इंडस्ट्रीज के प्रमुख मुकेश अंबानी ने प्रभु श्रीनाथजी और लाडलेलाल प्रभु के भोग आरती के दर्शन किए। इस दौरान हवेली परिसर में विशेष उत्साह का माहौल रहा। दर्शन के पश्चात तिलकायत गोस्वामी परिवार के विशाल बावा ने सफेदी महल में मुकेश अंबानी को आशीर्वाद प्रदान किया। उन्होंने अंबानी को पारंपरिक फेंटा बांधकर, रजाई और ऊपरना ओढ़ाकर तथा प्रसाद भेंट किया। उन्होंने विशाल बावा से धर्म, अध्यात्म एवं पुष्टिमार्गीय सेवा, राग, भोग और शृंगार के पारंपरिक स्वरूप पर विशेष चर्चा की। उन्होंने श्रीनाथजी प्रभु की सेवा भावना और उसके आध्यात्मिक महत्व को भी गहराई से जाना। इस अवसर पर अंबानी ने यात्री एवं वरिष्ठ सेवा सदन बनाने की भी घोषणा की। 100 से अधिक कमरों की क्षमता वाले इस सदन में दूर से आने वाले वृद्ध वैष्णवों को आवास, 24 घंटे चिकित्सा इकाई, नर्सिंग व फिजियोथैरेपी, सत्संग-प्रवचन के लिए बड़ा सभागार और सात्विक भोजनालय जैसी सुविधाएं मिलेंगी। कार्यक्रम के दौरान मंदिर अधिकारी सुधाकर उपाध्याय, मंदिर मंडल के सीईओ जितेंद्र पांडे, तिलकायत के मुख्य सलाहकार अंजन शाह, सहायक अधिकारी अनिल सनाढ्य, लीलाधर पुरोहित, डीएसपी दिनेश सुखवाल, मंदिर के मीडिया प्रभारी गिरीश व्यास, परेश नागर, उमंग मेहता, जनम गांधी, हर्ष सनाढ्य, कैलाश पालीवाल सहित बड़ी संख्या में वैष्णवजन और श्रद्धालु उपस्थित रहे।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष का बयान चर्चा में, अंता उपचुनाव को लेकर भाजपा पर साधा निशाना

अजमेर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा है कि भाजपा ने अंता विधानसभा क्षेत्र में 28 मुकदमे वाले व्यक्ति को जिताया था, जिसके कारण अब उपचुनाव की नौबत आई है। उन्होंने कहा कि वहां की जनता अब ठगा सा महसूस कर रही है और इस बार कांग्रेस उम्मीदवार प्रमोद जैन भाया को भारी मतों से समर्थन दे रही है। डोटासरा शुक्रवार को अजमेर पहुंचे, जहां उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी की धर्मपत्नी इंदिरा देवी को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान जयपुर रोड पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए स्वागत के बीच उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए राज्य सरकार और केंद्र सरकार पर तीखे प्रहार किए। डोटासरा ने कहा कि भाजपा का दो साल का शासन कुशासन साबित हुआ है। राज्य में विकास कार्य ठप हैं और जनता कांग्रेस सरकार की पांच साल की कल्याणकारी योजनाओं को याद कर रही है। उन्होंने कहा कि अंता में कांग्रेस के प्रत्याशी प्रमोद जैन भाया एक समाजसेवी और लोकप्रिय व्यक्ति हैं, जिन्हें 36 कौमों का समर्थन प्राप्त है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले 11 साल में जितने वादे किए, उनमें से कोई भी पूरा नहीं किया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यह पौने दो साल जैसे पोपा बाई का राज चल रहा है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार चरम पर है और जिन योजनाओं से जनता को सीधा लाभ मिलता था, उन्हें समाप्त कर दिया गया है, ऐसे में जनता कांग्रेस के पक्ष में मतदान करेगी। उन्होंने कहा कि पहले भाजपा ने आपराधिक छवि वाले उम्मीदवार को मैदान में उतारा था, उसी का परिणाम है कि दोबारा चुनाव कराना पड़ रहा है। जनता की गाढ़ी कमाई के दो सौ करोड़ रुपए इस चुनाव में खर्च हो रहे हैं क्योंकि उन्होंने गलत व्यक्ति का चयन किया था। भरतपुर में मंत्री के सामने कार्यकर्ताओं के हंगामे पर प्रतिक्रिया देते हुए डोटासरा बोले कि आने वाले समय में ये ही कार्यकर्ता हर जगह इनके कपड़े फाड़ेंगे। केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए डोटासरा ने कहा कि मोदी सरकार वोट चोरी से बनी है। हरियाणा, महाराष्ट्र और जयपुर में इसी तरह का खेल हुआ है। राहुल गांधी सबूतों के साथ अपनी बात रख रहे हैं, लेकिन चुनाव आयोग जवाब नहीं दे रहा है। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि दिलावर जी पौने दो साल से क्या कर रहे हैं, यह उनसे पूछा जाए। उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता या बच्चों के हित में कोई बात नहीं की। बस एक पेड़ मां के नाम लगाओ का नारा दे रहे हैं और दूसरी ओर लाखों पेड़ अडानी को कटवाने दे रहे हैं। डोटासरा ने कहा कि राजस्थान की जनता अब बीजेपी के कुशासन से ऊब चुकी है और कांग्रेस की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रही है। अंता उपचुनाव में कांग्रेस की जीत तय है और यह परिणाम आने वाले विधानसभा चुनावों के लिए संकेत साबित होगा।

शिक्षक भर्ती 2025: ग्रेड-III के 7000+ पदों पर भर्ती, नोटिफिकेशन जारी

जयपुर राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSMSSB) ने थर्ड ग्रेड शिक्षक भर्ती 2025 के लिए विस्तृत  आधिकारिक विज्ञप्ति जारी कर दी है। इस भर्ती के तहत लेवल-1 (कक्षा 1 से 5) और लेवल-2 (कक्षा 6 से 8) में कुल 7,123 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। रीट पास अभ्यर्थी अब 7 नवंबर 2025 से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने के लिए उम्मीदवार rssb.rajasthan.gov.in या recruitment.rajasthan.gov.in वेबसाइट पर जा सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 6 दिसंबर, 2025 है। भर्ती परीक्षा 17 से 21 जनवरी 2026 तक आयोजित होगी और इसका रिजल्ट 10 जुलाई 2026 को घोषित किया जाएगा, जिसके बाद मेरिट के आधार पर अभ्यर्थियों को फाइनल पोस्टिंग दी जाएगी। कौन कर सकता है आवेदन? लेवल-1 (कक्षा 1 से 5) के लिए उम्मीदवार के पास उच्चतर माध्यमिक या इसके समकक्ष कम से कम 50% अंकों के साथ प्रारंभिक शिक्षा में द्विवर्षीय डिप्लोमा होना अनिवार्य है और उम्मीदवार ने राजस्थान शिक्षक पात्रता परीक्षा (REET) उत्तीर्ण की होनी चाहिए। लेवल-2 (कक्षा 6 से 8) के लिए उम्मीदवार के पास स्नातक डिग्री और प्रारंभिक शिक्षा में द्विवर्षीय डिप्लोमा होना आवश्यक है। इसमें विषय विशेष के लिए सामाजिक अध्ययन, अंग्रेजी, गणित-विज्ञान या हिन्दी का ज्ञान होना चाहिए। उम्मीदवार आवेदन करने से पहले ऑफिशियल नोटिफिकेशन में शैक्षणिक योग्यता और भर्ती की पूरी जानकारी जरूर देख लें। आयु सीमा: उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 40 वर्ष होनी चाहिए। आयु की गणना 1 जनवरी 2026 को आधार मानकर की जाएगी। इतना लगेगा आवेदन सामान्य वर्ग और कीमीलेयर श्रेणी के अन्य पिछड़ा वर्ग/अति पिछड़ा वर्ग के आवेदकों के लिए आवेदन शुल्क 600 रुपये है। राजस्थान के नॉन-कीमीलेयर श्रेणी के अन्य पिछड़ा वर्ग/अति पिछड़ा वर्ग, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS), अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के आवेदकों के लिए आवेदन शुल्क 400 रुपये है। ऐसे करें आवेदन     सबसे पहले आप आधिकारिक वेबसाइट rsmssb.rajasthan.gov.in या SSO पोर्टल पर जाएं।     इसके बाद, अपनी ईमेल और मोबाइल नंबर से रजिस्ट्रेशन पूरा करें।     अब रजिस्ट्रेशन नंबर और पासवर्ड से लॉगिन करें।     इसके बाद, फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारी सही-सही भरें।     स्पेलिंग और विवरण पर खास ध्यान दें।     पासपोर्ट साइज फोटो और हस्ताक्षर को स्कैन करके दिए गए साइज में अपलोड करें।     आवेदन शुल्क भुगतान करें और फाइनल सबमिट और प्रिंट आउट ले लें।  

सड़क सुरक्षा पर सख्ती: राजस्थान में ओवरस्पीडिंग पर दर्ज होगी FIR, ड्रिंक एंड ड्राइव मामले बढ़े 8%

जयपुर राजस्थान में इस साल सितंबर तक ड्रिंक एंड ड्राइव (शराब पीकर गाड़ी चलाने) के मामलों में करीब 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह खुलासा पुलिस मुख्यालय के आधिकारिक आंकड़ों से हुआ है। यह डेटा उस समय सामने आया है जब महज दो दिनों में दो अलग-अलग सड़क हादसों में 28 लोगों की मौत हो गई। पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, 2024 में 40,715 मामले सामने आए थे, जिनमें ड्राइवर शराब के नशे में वाहन चलाते पकड़े गए थे, जबकि 2025 में सितंबर तक यह आंकड़ा 43,788 तक पहुँच गया है। अधिकारियों के मुताबिक, सबसे ज्यादा मामले जयपुर और जोधपुर जिलों से दर्ज हुए हैं। सोमवार 3 नवंबर दोपहर जयपुर के हरमाड़ा इलाके में लोहे की मंडी के पास तेज रफ्तार डंपर ने 17 वाहनों को कुचल दिया, जिससे 12 लोगों की मौत हो गई और 10 घायल हुए। डीसीपी (पश्चिम) हनुमान प्रसाद मीणा ने बताया, “दुर्घटना दोपहर करीब 1 बजे हुई। प्राथमिक जांच में ड्राइवर शराब के नशे में पाया गया। उसे हिरासत में लेकर वाहन जब्त कर लिया गया है।” हरमाड़ा थाना अधिकारी उदय सिंह ने बताया कि डंपर पहले एक बाइक से टकराया और लोगों ने उसका पीछा किया। इसके बाद ड्राइवर ने रफ्तार बढ़ाई और लगभग 300 मीटर तक कई वाहनों को टक्कर मारता चला गया। एनसीआरबी रिपोर्ट में चिंताजनक स्थिति नवीनतम एनसीआरबी रिपोर्ट (2023) के अनुसार, राजस्थान देश में सातवें स्थान पर है जहाँ सबसे ज्यादा 24,694 सड़क हादसे दर्ज हुए। इनमें से 7,179 हादसे राष्ट्रीय राजमार्गों पर हुए और 4,172 लोगों की मौत हुई। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, “सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता की कमी, खराब सड़कें, वाहनों की स्थिति की जांच का अभाव और ब्लैक स्पॉट सुधार में सुस्ती— ये मुख्य कारण हैं जिन पर सरकार को गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।” विशेषज्ञों ने की परिवहन विभाग की आलोचना जयपुर स्थित मुस्कान फाउंडेशन की कार्यकारी निदेशक नेहा खल्लर ने कहा, “हर बार हादसे के बाद पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगता है, जबकि सड़क सुरक्षा नीति बनाने और लागू करने की जिम्मेदारी परिवहन विभाग, पीडब्ल्यूडी और एनएचएआई की होती है।” उन्होंने बताया कि राज्य में केवल दो वाहन फिटनेस सेंटर हैं, जो पूरे राजस्थान की निगरानी के लिए अपर्याप्त हैं। “राज्य में व्यावसायिक वाहनों के लिए टेस्टिंग ट्रैक तक नहीं है, फिर भी लाइसेंस जारी किए जा रहे हैं। ऐसे ड्राइवर कभी प्रशिक्षित नहीं हो पाते,” उन्होंने कहा। नेहा खल्लर ने यह भी बताया कि राजस्थान की कुल सड़क लंबाई का मात्र 11% हिस्सा राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों का है, लेकिन 60% हादसे इन्हीं पर होते हैं। बावजूद इसके, सरकार की ट्रैफिक जागरूकता मुहिम ज्यादातर शहरों तक सीमित हैं। उन्होंने हाल ही में जयपुर के हरमाड़ा हादसे का हवाला देते हुए कहा, “ड्राइवर दोषी जरूर था, लेकिन राज्य में ब्रेद एनालाइज़र टेस्ट सही तरीके से लागू नहीं हुए हैं। उस ड्राइवर के खिलाफ पिछले दो महीनों में तीन बड़े चालान दर्ज थे, फिर भी उसका लाइसेंस रद्द क्यों नहीं किया गया?” जयपुर में ओवरस्पीडिंग पर 3 के खिलाफ एफआईआर जयपुर यातायात पुलिस ने ओवरस्पीडिंग के तीन मामलों में वाहन मालिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। यह कार्रवाई शहर में सुरक्षित और सुचारू यातायात व्यवस्था बनाए रखने तथा सड़क हादसों पर रोक लगाने के उद्देश्य से की गई है। पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल के निर्देश पर यातायात पुलिस ने आईटीएमएस कैमरों में दर्ज तेज रफ्तार वाहनों की फुटेज के आधार पर यह कार्रवाई की। मालवीय नगर थाने में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 125, 281 और मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 183, 184 के तहत तीन एफआईआर दर्ज की गई हैं। पुलिस के अनुसार, एफआईआर दर्ज वाहनों में RJ60CE0209 (103 किमी/घं.), RJ45CY3139 (119 किमी/घं.) और RJ60SY7327 (113 किमी/घं.) शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि इन वाहन चालकों ने जानबूझकर लापरवाही से वाहन चलाकर मानव जीवन को खतरे में डाला।

‘वंदे मातरम्’ को लेकर मचा घमासान: सरकारी स्कूलों में अनिवार्यता पर नेताओं में ठनी

जयपुर राजस्थान सरकार ने सभी सरकारी शिक्षण संस्थानों में हर सुबह वंदे मातरम् गीत गाने को अनिवार्य करने का आदेश दिया है। यह कदम ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्षों के महत्व और पूरे साल देशभक्ति वर्ष मनाने के अभियान का हिस्सा है। शिक्षा विभाग ने कहा कि आदेश का उद्देश्य राष्ट्रीय एकता और देशभक्ति की भावना को मजबूत करना है। 15 नवंबर तक यह व्यवस्था सभी संस्थानों में लागू हो जाएगी, और इसकी निगरानी जिला शिक्षा अधिकारियों को सौंपी गई है। कांग्रेस ने किया विरोध वहीं, कांग्रेस ने इस निर्णय को लेकर विरोध जताया है। प्रदेश अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा ने कहा कि देश संविधान से चलता है, किसी व्यक्ति या संगठन की इच्छा से नहीं। उन्होंने चेताया कि इस तरह के फ़रमान आने वाले समय में संघ के ध्वज-प्रणाम या शस्त्र पूजा को भी मदरसों में लागू करने की कोशिश हो सकती है। ओबीसी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष हरसहाय यादव ने कहा कि सरकारी स्कूलों की जर्जर इमारतें, शिक्षकों की कमी और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने के बावजूद सरकार इन असली मुद्दों पर चुप है। सरकार ने बचाव किया शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कांग्रेस के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की आत्मा है। यह निर्णय किसी धर्म या मजहब के खिलाफ नहीं है, बल्कि सभी शिक्षण संस्थानों में समान देशभक्ति माहौल तैयार करने के लिए लिया गया है। जयपुर में 'वंदे मातरम् @ 150' के भव्य आयोजन की तैयारी ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में राजधानी जयपुर में आज भव्य आयोजन की तैयारी है। सवाई मानसिंह स्टेडियम (SMS Stadium) में राज्य स्तरीय मुख्य समारोह का आयोजन होगा, जिसमें करीब 50 हजार लोग एक साथ राष्ट्रीय गीत का सामूहिक गायन करेंगे। यह कार्यक्रम केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति और स्वदेशी भावना को समर्पित वर्षव्यापी अभियान "वंदे मातरम् @ 150" की शुरुआत है, जो 7 नवंबर 2025 से 7 नवंबर 2026 तक पूरे देश में चलेगा।

19 दिन से लापता अलवर के छात्र की रूस में मिली लाश, डॉक्टर बनने का सपना अधूरा रह गया

अलवर राजस्थान में अलवर जिले के लक्ष्मणगढ़ क्षेत्र से एक दर्दनाक खबर सामने आई है. कफनवाड़ा गांव में रहने वाला 22 साल का अजीत चौधरी रूस के उफ़ा शहर में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा था, अब अजीत का शव व्हाइट रिवर के पास बने एक बांध में मिला है. अजीत बीते 19 अक्टूबर से लापता था. उसके शव मिलने की खबर से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई. परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है.  परिजनों ने तीन बीघा जमीन बेचकर बेटे को डॉक्टरी की पढ़ाई करने के लिए भेजा था. अजीत साल 2023 से रूस के उफा में स्थित बश्किर स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा था. वहां वह बीते 19 अक्टूबर को करीब 11 बजे हॉस्टल से निकला था. दोस्तों ने बताया था कि वो दूध लेकर वापस आधा घंटे में लौटने की कहकर निकला था. उसके बाद वापस नहीं लौटा. रुस में स्थित भारतीय दूतावास से परिजनों को इस मामले को देख रहे सरस डेयरी चेयरमैन नितिन सागवान को सूचना मिली कि लापता छात्र अजीत चौधरी का शव व्हाइट रिवर से लगते एक बांध में मिला है. शव की सूचना मिलते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई. सरस डेयरी चेयरमैन नितिन सागवान और जिला प्रमुख बलवीर छिल्लर, भाजपा नेता बन्नाराम मीना ने बताया कि दूतावास से सूचना मिली है कि छात्र अजीत चौधरी का शव मिल गया है. शव की पहचान अजीत के साथ पढ़ने वाले अन्य छात्रों ने की है. अब विदेश मंत्रालय और रूस में स्थित भारतीय दूतावास व रूसी सरकार से वार्ता कर शव का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करने के बाद शव को भारत लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. शव को भारत लाने में दो-तीन दिन का समय लग सकता है. इस मामले को लेकर अलवर के जाट छात्रावास में एक बैठक हुई, जिसमें समाज के लोगों ने रूस में लापता छात्र अजीत चौधरी की तलाश करने में लापरवाही बरतने की बात कही. साथ ही शव को जल्द से जल्द भारत लाने की मांग रखी गई. सरस डेयरी चेयरमैन नितिन सागवान व जिला प्रमुख बलवीर छिल्लर ने दूतावास से मिली सूचना के बारे में बताया कि अजीत चौधरी का शव मिल गया है. मृतक अजीत के पिता व दादा का रो-रोकर बुरा हाल है, जिन्हें लोगों ने सांत्वना दी.

सड़क सुरक्षा पर सरकार सख्त, फुटपाथ दुरुस्ती और अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई शुरू

जयपुर राज्य सरकार सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं सड़क सुरक्षा के लिए सख्त कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशानुसार नगरीय विकास विभाग ने सभी नगरीय निकायों को प्रगतिरत एवं आवश्यकतानुसार नवीन कार्यों को विशेष अभियान चलाकर 30 दिसम्बर, 2025 तक पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि सड़क सुरक्षा और नागरिक सुविधा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और प्रत्येक नगरीय क्षेत्र में सड़क नवीनीकरण, फुटपाथ व डिवाइडर मरम्मत एवं रखरखाव, स्वच्छता और यातायात संकेतक कार्य त्वरित गति से पूर्ण किए जाएं। फ्लाईओवर, ओवरब्रिज, अण्डरपास आदि के प्रारम्भ स्थलों पर लगाए जाएंगे रेट्रोरिफ्लेक्टिव बोर्ड मुख्यमंत्री शर्मा के निर्देशानुसार सभी नगरीय निकायों में विशेष अभियान चलाकर अनाधिकृत रोड़ कट तत्काल बन्द किए जाएंगे एवं सडकों के जंक्शन के आस-पास अनावश्यक झाड़ियों को हटाया जाएगा।  इसी तरह सड़कों के जंक्शन पर आवश्यकतानुसार स्लिप लेन निर्माण, फ्लाईओवर, ओवरब्रिज, अण्डरपास आदि के प्रारम्भ स्थलों एवं घुमाव पर वाहन खड़े नही करने सहित अन्य गतिविधियों के लिए रेट्रोरिफ्लेक्टिव बोर्ड लगाए जाएंगे। जेब्रा क्रॉसिंग, थर्मोप्लास्ट पेन्ट एवं सडक डिवाइडर के रंग-रोगन के कार्य नियमित रूप से किये जाएंगे। साथ ही, नगरीय क्षेत्र की सड़कों के नवीनीकरण के समस्त कार्य 31 मार्च, 2026 तक आवश्यक रूप से पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त, नगरीय निकाय द्वारा निर्माण स्थल पर जिम्मेदार अधिकारियों एवं संवेदको की सूचना, कार्य की लागत राशि एव समयावधि की जानकारी प्रदर्शित की जाएगी, ताकि आमजन द्वारा किसी भी असुविधा की स्थिति में संबंधित अधिकारी से सम्पर्क किया जा सके। क्षतिग्रस्त फेरोकवर एवं मैनहोल कवर का होगा दुरूस्तीकरण, लगाए जाएंगे सांकेतिक रिफ्लेक्टिव बोर्ड इसी तरह आमजन की सुविधा एवं सुरक्षा के लिए विशेष अभियान चलाकर डिवाइडर एवं फुटपाथ रिपेयर के कार्य किए जाएंगे। इस दौरान निकाय क्षेत्रों में खुले नाले-नालियों को सुरक्षित रूप से ढकने, क्षतिग्रस्त फेरोकवर एवं सीवर लाइन के मैनहोल कवर का दुरूस्तीकरण भी व्यापक स्तर पर किया जाएगा, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना की आशंका नहीं रहे। इसी तरह, भीड़भाड़ वाले स्थानों पर डिवाइडर पर मजबूत रेलिंग की पुख्ता व्यवस्था भी की जाएगी। नगरीय निकाय द्वारा विशेष तौर पर नियमित रूप से अलग-अलग क्षेत्रों का चिन्हीकरण कर फुटपाथों व सड़कों से अतिक्रमण हटवाए जाएंगे एवं व्यावसायिक वाहनों हेतु पार्किंग की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, सडकों के किनारे एवं डिवाइडर पर लगी हैज, पेड पौधों की नियमित कटाई, छंटाई एवं रखरखाव तथा सार्वजनिक स्थानों, फुटपाथ एवं सड़कों पर बिजली के खुले तारों को तत्काल व्यवस्थित किया जाएगा। सीबीयूडी ऐप पर खुदाई कार्यों की अनिवार्यता, उल्लघंन पर होगी कार्रवाई नगरीय विकास विभाग ने सभी नगर निकायों को सडकों पर खुदाई कार्यों से पूर्व प्रस्तावित कार्य का ब्यौरा सीबीयूडी ऐप पर आवश्यक रूप से अंकित करने एवं ऐप पर अंकन किए बिना संपादित कार्य पर पैनल्टी लगाने के प्रावधान के सख्त निर्देश दिए हैं। उल्लेखनीय है कि सीबीयूडी ऐप पर बिना इन्द्राज किए खुदाई कार्य करने के संबंध में राज्य सरकार के द्वारा कठोर दण्डात्मक कार्रवाइ अमल में लाई जाएगी। इसके साथ ही, कार्यां में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए संबधित इंजीनियर इन्चार्ज एवं संवेदक के उत्तरदायित्व का भी निर्धारण होगा।

जनजातीय गौरव वर्ष के तहत विभिन्न गतिविधियों का हो रहा आयोजन

माडा क्षेत्र की ग्राम सभाओं में भगवान बिरसा मुंडा को दी गई पुष्पांजलि भगवान बिरसा मुंडा के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को आत्मसात करने की ली शपथ जयपुर, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में प्रदेशभर में भगवान बिरसा मुंडा जयंती के उपलक्ष्य में जनजातीय गौरव वर्ष के तहत विभिन्न कार्यक्रमों एवं गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के निर्देशानुसार गुरुवार को बस्सी पंचायत समिति में खिलौना बनाने की कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसका उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार एवं नवाचार से जोड़ना था। कार्यशाला में प्रशिक्षकों ने बड़ी तादाद प्रतिभागियों को खिलौने बनाने की बारीकियों से रूबरू करवाया। वहीं, कार्यक्रम के तहत माडा क्षेत्र की ग्राम पंचायतों की ग्राम सभा में विशेष संगोष्ठियों का आयोजन किया गया। इस दौरान बड़ी तादाद में प्रतिभागियों ने भगवान बिरसा मुंडा को पुष्पांजलि अर्पित करते हुए भगवान बिरसा मुंडा के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को आत्मसात करने की शपथ ली। मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रतिभा वर्मा ने बताया कि 1 से 15 नवम्बर 2025 तक भगवान बिरसा मुंडा जयंती के उपलक्ष्य में जनजातीय गौरव वर्ष के तहत विविध कार्यक्रमों की श्रृंखला प्रारम्भ हुई है। राज्य सरकार द्वारा यह आयोजन भगवान बिरसा मुंडा के आदर्शों, संघर्ष और योगदान को जन-जन तक पहुँचाने के साथ-साथ समाज के वंचित वर्गों को योजनाओं का लाभ पहुँचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। आगामी कार्यक्रमों के तहत 7 नवम्बर को कृषकों की संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा जिसमें कृषि विभाग के अधिकारी विभागीय गतिविधियों योजनाओं एवं भगवान बिरसा मुण्डा की जीवनी पर प्रकाश डालेंगे। वहीं, 8 नवंबर को वन विभाग के माध्यम से वनोपज, वनधन, एफआरए एवं लसोड़ा के विषय में जानकारी प्रदान करने के लिए जागरुकता कार्यक्रमों का आयोजन होगा साथ ही, राजीविका द्वारा संबंधित ब्लॉक में स्वयं सहायता समूहों का गठन किया जाएगा। 9 नवंबर को टीएडी के आवासीय विद्यालयों एवं आश्रम छात्रावासों में भगवान बिरसा मुंडा पर आधारित भाषण, निबंध एवं चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। इसप्रकार 15 नवम्बर तक जनजातीय गौरव वर्ष के अंतर्गत विभिन्न जन जागरण, सांस्कृतिक एवं विकासपरक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीमती प्रतिभा वर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार विकास को जनसहभागिता का अभियान बना रही है। भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर आरम्भ हुई यह श्रृंखला समाज के आदिवासी गौरव, स्वाभिमान और संस्कृति को सम्मान देने की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल है।