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राजस्थान में बड़ा प्रशासनिक एक्शन: सीएम भजनलाल शर्मा ने 210 अफसर-कर्मचारियों पर की अनुशासनात्मक कार्यवाही

जयपुर  भजनलाल सरकार आमजन को संवेदनशील, पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त सुशासन देने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में राजकीय कार्य के निष्पादन में लापरवाही, अनुशासनहीनता एवं भ्रष्टाचार के दोषी कार्मिकों के विरुद्ध निरंतर सख्त कार्रवाई की जा रही है। राजकीय सेवाओं में अनुशासन और ईमानदारी के लिए सर्वाेपरि स्थान सुनिश्चित करने के क्रम में राज्य सरकार द्वारा गत पौने दो वर्ष में कुल 210 कार्मिकों के विरुद्ध विभिन्न अनुशासनात्मक कार्यवाहियां की गई हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का मानना है कि अधिकारी-कर्मचारी सरकार के शासन तंत्र की मुख्य धुरी हैं, जिनकी जनकल्याणकारी योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने में अहम भूमिका होती है। ऐसे में कार्मिक पूरे समर्पण भाव एवं सत्यनिष्ठा से काम करते हुए राज्यहित को सर्वाेच्च प्राथमिकता दें, ताकि अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को योजनाओं का पूरा लाभ मिल सके। 66 अधिकारियों को किया निलंबित, 98 कार्मिकों के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति राज्य सरकार ने 20 माह के कार्यकाल में आपराधिक प्रकरणों में कार्रवाई करते हुए अखिल भारतीय सेवा एवं राज्य सेवा के 66 अधिकारियों को निलंबित किया है। इसी प्रकार, आपराधिक प्रकरणों में दोष सिद्ध पाए जाने पर 6 अधिकारियों को पदच्युत एवं 9 अधिकारियों के विरूद्ध आजीवन शत प्रतिशत पेंशन रोकने संबंधी कार्रवाई की है। राजकीय सेवाओं में ईमानदारी एवं कर्तव्यनिष्ठा सुनिश्चित करने के क्रम में राज्य सरकार ने 20 माह के कार्यकाल में ही 98 कार्मिकों के विरुद्ध अभियोजन स्वीकृति प्रदान की है। वहीं, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 2018 की धारा 17ए के तहत कुल 31 प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण किया है। 

सर्द हवाओं का असर: राजस्थान का तापमान 13°C से नीचे, कोटा-उदयपुर में बारिश की संभावना

जयपुर राजस्थान में अब सर्दी ने दस्तक दे दी है। सीकर के बाद अब दौसा में भी रात का तापमान गिरकर 13 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है। मौसम विभाग के अनुसार करौली, जालोर, गंगानगर, बाड़मेर, भीलवाड़ा और अजमेर समेत कई जिलों में न्यूनतम तापमान में 1 से 1.5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। रातों में बढ़ी ठंड, दिन में गर्मी बरकरार पिछले 24 घंटे के दौरान पूरे राज्य का मौसम साफ रहा। दिन में धूप तेज रही, लेकिन रात में तापमान में गिरावट के चलते ठंड का असर बढ़ गया है। सीकर में न्यूनतम तापमान 13°C, दौसा में 13.7°C, नागौर में 14.4°C और जयपुर में 19.2°C रिकॉर्ड किया गया। वहीं, बाड़मेर में अधिकतम तापमान 37.6°C के साथ सबसे गर्म रहा, जबकि जैसलमेर में 36.5°C और बीकानेर में 35.5°C दर्ज हुआ। 27 अक्टूबर को बारिश की संभावना मौसम केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि वर्तमान में अरब सागर में डिप्रेशन सिस्टम और दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में लो-प्रेशर सिस्टम बना हुआ है। साथ ही, एक नया पश्चिमी विक्षोभ 26-27 अक्टूबर से उत्तर-पश्चिमी भारत में सक्रिय होने की संभावना है। इन तीनों सिस्टम के संयुक्त प्रभाव से उदयपुर और कोटा संभाग के जिलों में 26 से 28 अक्टूबर के बीच मेघगर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। सबसे अधिक असर 27 और 28 अक्टूबर को रहेगा, जब कुछ इलाकों में आकाशीय बिजली चमकने और हल्की बारिश की स्थिति बनेगी। यह भी पढें-  जैसलमेर बस अग्निकांड: बस क्यों बन गई थी 26 लोगों की चिता? FSL रिपोर्ट में सामने आई आग लगने की वजह, जानें… किसानों और आमजन के लिए सलाह मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि संभावित बारिश को देखते हुए फसलों की कटाई और भंडारण के कार्यों में सावधानी बरतें। वहीं, तापमान में गिरावट को देखते हुए सुबह और रात के समय ठंड से बचाव के इंतजाम करने की सलाह दी गई है। बीते 24 घंटों में तापमान की स्थिति इस प्रकार रही:  अजमेर में अधिकतम 32.8°C और न्यूनतम 15.4°C, भीलवाड़ा में 31.6°C और 16°C, अलवर में 33.5°C और 15.4°C, जयपुर में 31.8°C और 19.2°C, तथा नागौर में 30.4°C और 15.5°C तापमान दर्ज हुआ। सीकर में रात का तापमान सबसे नीचे 13°C रहा, जिससे सर्दी का असर बढ़ा। उदयपुर में अधिकतम 35.2°C और न्यूनतम 18.2°C, फलोदी में 34.8°C और 20.2°C, बीकानेर में 35.5°C और 21°C, जबकि श्रीगंगानगर में 34.4°C और 17.7°C दर्ज किया गया। जैसलमेर में अधिकतम 36.5°C, बाड़मेर में 37.6°C, और चित्तौड़गढ़ में 34.6°C तापमान रहा। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में रात के तापमान में और गिरावट की संभावना है, जबकि दिन में मौसम सामान्य रूप से शुष्क बना रहेगा।

फीस वसूली का उल्लंघन महंगा पड़ेगा, नियम तोड़ने पर कॉलेज की संबद्धता रद्द

जयपुर प्रदेश में स्थापित सभी निजी मेडिकल काॅलेजों को फीस संरचना के नियमों की कड़ाई से पालना सुनिश्चित करनी होगी। राज्य सरकार ने इस संबंध में एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। चिकित्सा शिक्षा विभाग के शासन सचिव अम्बरीष कुमार ने बताया कि कुछ निजी मेडिकल काॅलेजों द्वारा मनमाने ढंग से फीस वसूलने की शिकायतें मिलती थीं। इसके बाद राज्य सरकार ने छात्रों के हित में फीस वसूली के नियमों में पूर्ण पारदर्शिता रखने के उद्देश्य से यह आदेश जारी किया है। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा इस्लामिक एकेडमी ऑफ एजुकेशन बनाम कर्नाटक राज्य मामले में दिए गए निर्णय की अनुपालना में यह आदेश जारी किया गया है, जिसमें निजी शैक्षणिक संस्थानों में शुल्क निर्धारण और प्रवेश प्रक्रिया को विनियमित करने पर जोर दिया गया है। आदेश  के अनुसार राज्य स्तरीय शुल्क निर्धारण समिति द्वारा निर्धारित शुल्क संरचना का पालन सभी मेडिकल काॅलेजों के लिए अनिवार्य है। चिकित्सा शिक्षा सचिव ने बताया कि यह आदेश मुख्य रूप से निजी चिकित्सा महाविद्यालयों द्वारा अनाधिकृत रूप से अतिरिक्त शुल्क वसूली की शिकायतों के आधार पर जारी किया गया है। विशेष रूप से यूजी काउंसलिंग बोर्ड की वेबसाइट पर कुछ निजी कॉलेजों द्वारा 15 प्रतिशत सीटों को मैनेजमेंट सीट्स बताकर अतिरिक्त शुल्क प्रदर्शित किया जा रहा है, जो शुल्क नियामक समिति द्वारा अधिकृत नहीं है। यह सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय की अवहेलना है, जिसमें शिक्षा को लाभकारी व्यवसाय बनाने पर रोक लगाई गई है। शिकायतों एवं निरीक्षणों से सामने आई स्थिति कई मामलों में छात्रों से निर्धारित शुल्क से अधिक राशि वसूल करने की शिकायतें प्राप्त हुई थीं। राज्य सरकार को प्राप्त शिकायतों और निरीक्षणों से पता चला कि कुछ संस्थाएं व्यावसायीकरण की प्रवृत्ति अपनाकर छात्रों का शोषण कर रही हैं, जो संवैधानिक मूल्यों के विरूद्ध है। इस आदेश से ऐसी अनियमितताओं पर रोक लगाई जा सकेगी। आदेश के अनुसार निजी चिकित्सा महाविद्यालयों को अनुमोदित शुल्क संरचना का पालन करना होगा। सभी निजी चिकित्सा महाविद्यालयों एवं डेंटल महाविद्यालयों को समिति द्वारा निर्धारित शुल्क संरचना के अनुसार ही छात्रों से शुल्क वसूल करना होगा। ज्यादा शुल्क लिया तो ब्याज सहित लौटाना होगा, संबद्धता भी हो सकती है समाप्त चिकित्सा शिक्षा सचिव ने बताया कि अनुमोदित शुल्क से अधिक कोई अन्य शुल्क किसी भी संस्था द्वारा वसूला जाता है, तो प्रभावित छात्रों को 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ शुल्क वापस (रिफंड) किया जाएगा।नियमों का अनुपालन न करने पर संस्था की संबद्धता आरयूएचएस एवं एमएमयू से समाप्त की जा सकती है, अतिरिक्त शुल्क काॅलेज की संपत्तियों से वसूल किया जाएगा और प्रभावित छात्रों को अन्य चिकित्सा महाविद्यालयों में स्थानांतरित किया जाएगा। ऐसी संस्थाओं के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी। इसकी जानकारी  एनएमसी एवं डीसीआई को भी दी जाएगी। संबद्धता समाप्त होने पर छात्रों के शुल्क और वित्तीय भार की वसूली संबंधित संस्था से की जाएगी। आदेश से फीस वसूली में आएगी पारदर्शिता, चिकित्सा शिक्षा होगी बेहतर राज्य सरकार के इस आदेश से छात्रों से अनुचित फीस वसूली पर प्रभावी रोकथाम लगेगी। साथ ही, चिकित्सा शिक्षा अधिक सुलभ और किफायती बनेगी। इससे मेरिट-आधारित प्रवेश प्रक्रिया मजबूत होगी और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को लाभ मिलेगा। शिक्षा प्रणाली के लिए पारदर्शिता बढ़ेगी, व्यावसायीकरण पर रोक लगेगी और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा। चिकित्सा शिक्षा का स्तर बेहतर होगा और स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान करने वाले योग्य डॉक्टरों की संख्या बढ़ेगी। ईमानदार संस्थाओं को समान प्रतिस्पर्धा का अवसर मिलेगा। चिकित्सा शिक्षा सचिव ने कहा है कि छात्र और अभिभावक प्रवेश से पहले शुल्क की आधिकारिक सूची की जांच कर लें और कोई अनियमितता पाएं तो तुरंत चिकित्सा शिक्षा विभाग या शुल्क निर्धारण समिति से शिकायत करें। 

चोरी की बाइक बनी सबूत, बीकानेर महिला जज पर लूटकांड का पर्दाफाश

बीकानेर बीकानेर में महिला जज पूजा जनागल के साथ हुई हाई प्रोफाइल लूट की वारदात का पुलिस ने खुलासा कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने इस वारदात में शामिल मुख्य आरोपी कुशाल मेहरा पुत्र मघाराम, उम्र 29 वर्ष, निवासी इंद्रा कॉलोनी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसका नाबालिग साथी हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने इस मामले में सौ से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले। गुरुवार को कुछ संदिग्धों की धरपकड़ के बाद कुशाल मेहरा की पहचान पुख्ता हुई। एडिशनल एसपी सौरभ तिवाड़ी ने बताया कि पुलिस ने इंद्रा कॉलोनी, प्रताप बस्ती, बल्लभ गार्डन और रामपुरा बस्ती में संदिग्धों के फोटो एकत्र किए और महिला जज से पहचान कराई। इसके बाद कुशाल मेहरा को गिरफ्तार किया गया। कुशाल और उसके नाबालिग साथी ने पहले पीबीएम के बच्चा अस्पताल से एक मोटरसाइकिल चोरी की। चोरी की बाइक पर सवार होकर वे कलेक्टर आवास के सामने पहुंचे। वहां उन्होंने स्कूटी से गुजर रही महिला जज पूजा जनागल को धक्का मारकर गिरा दिया और लूट की वारदात को अंजाम दिया। लूट के दौरान बाइक के कुछ पार्ट टूट गए थे, जिन्हें पुलिस ने मौके से जब्त किया। इन हिस्सों के आधार पर पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज से बाइक और आरोपियों की पहचान की। यह सबूत जांच का निर्णायक मोड़ साबित हुआ। पुलिस के अनुसार, कुशाल मेहरा और उसका नाबालिग साथी दोनों नशे के आदी हैं। कुशाल पर पहले से ही चार मुकदमे दर्ज हैं, दो सदर थाना और दो बीछवाल थाना क्षेत्र में। उस पर हत्या के प्रयास का मामला भी दर्ज है। दिलचस्प बात यह है कि महिला जज के पिता, जो पेशे से वकील हैं, उन्हीं पुराने मामलों में कुशाल के खिलाफ पैरवी कर रहे थे। इस हाई प्रोफाइल केस में एडिशनल एसपी सौरभ तिवाड़ी और आईपीएस विशाल जांगिड़ की अहम भूमिका रही। साथ ही सदर थाना प्रभारी दिगपाल सिंह, जेएनवीसी थानाधिकारी सुरेंद्र पचार और साइबर सेल के एएसआई दीपक की सतर्कता ने आरोपी तक पुलिस को पहुंचाया।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तनोट माता मंदिर में टेका माथा, मांगा देशवासियों की खुशहाली का आशीर्वाद

जैसलमेर  रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जैसलमेर के दौरे पर हैं। वह शुक्रवार को जैसलमेर स्थित तनोट माता मंदिर गए और माता के दर्शन किए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि जैसलमेर के तनोट माता मंदिर में दर्शन कर आत्मिक शांति और आशीर्वाद का अनुभव हुआ। इस मंदिर की ऊर्जा अत्यंत अद्भुत और अलौकिक है। राजनाथ सिंह ने मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना की और देश की सुरक्षा एवं समृद्धि के लिए माता से आशीर्वाद मांगा। तनोट माता मंदिर का भारतीय सेना से गहरा ऐतिहासिक संबंध रहा है। 1965 और 1971 के भारत-पाक युद्धों के दौरान यह मंदिर सैनिकों के लिए आस्था और प्रेरणा का प्रतीक बना रहा। रक्षा मंत्री की यह यात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक रही बल्कि उन्होंने इसे देश की सीमाओं पर तैनात जवानों की अदम्य भावना और राष्ट्रभक्ति को समर्पित बताया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 23 अक्टूबर की शाम को राजस्थान के जैसलमेर पहुंचे थे। यहां उन्होंने सेना के बड़ाखाना के दौरान सैनिकों के साथ बातचीत की। इस मौके पर राजनाथ सिंह ने कहा कि अब भारत के खिलाफ कोई भी दुस्साहस करने से पहले पाकिस्तान को दो बार सोचना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि हमारे सशस्त्र बलों ने ऑपरेशन 'सिंदूर' के तहत पाकिस्तान को कड़ी संदेश दिया है। राजनाथ सिंह ने स्पष्ट किया कि ऑपरेशन सिंदूर अभी समाप्त नहीं हुआ है, केवल रुका हुआ है। उन्होंने पाकिस्तान को चेतावनी दी है कि किसी भी दुस्साहस की स्थिति में उसे और भी कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। हमारे पायलटों ने सिर्फ भारत की ताकत का एक नमूना दिखाया है; यदि अवसर मिला तो वे हमारी असली क्षमता प्रदर्शित करेंगे। राजनाथ सिंह ने इस बात पर जोर देते हुए कि देश के विरोधी कभी निष्क्रिय नहीं रहते हैं, सशस्त्र बलों से सदैव सतर्क एवं पूरी तरह तैयार रहने और उनकी गतिविधियों के विरुद्ध उचित व प्रभावी कदम उठाने का आह्वान किया। रक्षा मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 2047 तक भारत को एक विकसित और आत्मनिर्भर राष्ट्र के रूप में स्थापित करने के सरकार के दृष्टिकोण को साकार करने में सशस्त्र बलों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हमारे सैनिक केवल सीमाओं के रक्षक ही नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के अग्रदूत भी हैं। रक्षा मंत्री ने कहा, ''यह सदी भारत की है, भविष्य हमारा है। आत्मनिर्भरता की दिशा में जो प्रगति हमने की है, उससे पूर्ण विश्वास है कि हमारी सेना निस्संदेह विश्व की सर्वश्रेष्ठ सेनाओं में अपना स्थान रखती है।'' राजनाथ सिंह ने सीमावर्ती बुनियादी ढांचे के विकास के प्रति सरकार की वचनबद्धता को दोहराया। उन्होंने कहा कि रक्षा तैयारियों को सुदृढ़ करने के लिए सीमा क्षेत्रों में तीव्र गति से विकास गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।

राजस्थान में प्रशासनिक हलचल तेज, एक्शन मोड में CM भजनलाल शर्मा

जयपुर राजस्थान की प्रशासनिक मशीनरी एक बार फिर से पूरी रफ्तार पकड़ने जा रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर राज्य सरकार ने आईएएस (IAS), आरएएस (RAS) और आरपीएस (RPS) अधिकारियों के तबादलों की तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं। सीएमओ (मुख्यमंत्री कार्यालय) में कई चरणों की बैठकों और समीक्षा के बाद सूची को लगभग अंतिम रूप दे दिया गया है। सूत्रों के अनुसार आईएएस तबादला सूची किसी भी समय जारी हो सकती है। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री ने प्रमुख सचिव स्तर से लेकर जिला कलेक्टरों तक कई पदों पर बदलाव की मंजूरी दे दी है। इस सूची में कई चौंकाने वाले नाम शामिल हो सकते हैं। बताया जा रहा है कि कुछ वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को बुधवार देर शाम सीएमओ बुलाकर चर्चा की गई, जिसमें उन्हें संभावित तबादलों को लेकर संकेत दिए गए। राजस्थान में लंबे समय से कई जिलों में प्रशासनिक नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा थी। अब सीएम भजनलाल शर्मा के सख्त और तेज प्रशासनिक रुख के चलते इन अटकलों को बल मिला है। आरएएस (RAS) अधिकारियों की सूची भी तैयार है, जिसमें ज़िलास्तर और विभागीय पदों पर बड़ी संख्या में परिवर्तन की संभावना जताई जा रही है। वहीं, आरपीएस (RPS) अधिकारियों की सूची भी विचार-विमर्श के अंतिम चरण में है। जानकारी के अनुसार सरकार इस वीकेंड तक लगभग सभी तबादला सूचियां जारी कर सकती है। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि यह तबादला अभियान राज्य की कार्यकुशलता और जवाबदेही बढ़ाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। गौरतलब है कि इससे पहले 22 अक्टूबर (बुधवार) को सरकार ने 34 आईपीएस (IPS) अधिकारियों की तबादला सूची जारी की थी, जिसमें जयपुर पुलिस कमिश्नर सहित कई प्रमुख पदों पर फेरबदल हुआ था।

26 से 29 अक्टूबर तक बारिश का दौर! कोटा और उदयपुर संभाग में IMD की चेतावनी

जयपुर दीपावली सप्ताह के बाद राजस्थान में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र, जयपुर के अनुसार दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के कोटा और उदयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है। आईएमडी (IMD) के पूर्वानुमान के अनुसार, 26 से 29 अक्टूबर के बीच कोटा और उदयपुर संभाग के कई इलाकों में बादल छाए रहेंगे और कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। यह परिवर्तन अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मौसमी प्रणालियों के असर से हो रहा है, जिसका प्रभाव गुजरात के कुछ हिस्सों में भी देखने को मिल रहा है। तापमान में हल्की गिरावट जारी, सीकर सबसे सर्द पिछले 24 घंटों में राजस्थान का मौसम शुष्क रहा, लेकिन रातें ठंडी होने लगी हैं। 23 अक्टूबर को सीकर में न्यूनतम तापमान 12.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे कम रहा। वहीं, बाड़मेर में अधिकतम तापमान 37.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान में 1–2 डिग्री सेल्सियस की और गिरावट संभव है। इससे सुबह और शाम की ठंडक बढ़ेगी। हालांकि, कोटा और उदयपुर संभाग में संभावित बारिश के कारण ठंड का असर कुछ दिनों के लिए धीमा पड़ सकता है। बीते 24 घंटों प्रदेश के तापमान की स्थिति इस प्रकार रही     अजमेर – अधिकतम तापमान: 32.8°C, न्यूनतम तापमान: 18.7°C     भीलवाड़ा – न्यूनतम तापमान: 18.0°C     वनस्थली – न्यूनतम तापमान: 16.7°C     अलवर – अधिकतम तापमान: 32.0°C, न्यूनतम तापमान: 19.5°C     जयपुर – अधिकतम तापमान: 32.7°C, न्यूनतम तापमान: 20.9°C     नागौर – अधिकतम तापमान: 33.5°C, न्यूनतम तापमान: 16.7°C     सीकर – अधिकतम तापमान: 32.0°C, न्यूनतम तापमान: 16.0°C     किशनगढ़ – अधिकतम तापमान: 33.1°C, न्यूनतम तापमान: 20.6°C     चित्तौड़गढ़ – अधिकतम तापमान: 34.7°C, न्यूनतम तापमान: 18.2°C     झुंझुनू – अधिकतम तापमान: 31.8°C, न्यूनतम तापमान: 19.1°C     बाड़मेर – अधिकतम तापमान: 37.3°C, न्यूनतम तापमान: 23.0°C     पाली  – न्यूनतम तापमान: 19.8°C     जैसलमेर – अधिकतम तापमान: 35.4°C, न्यूनतम तापमान: 20.0°C     जोधपुर शहर – अधिकतम तापमान: 34.6°C, न्यूनतम तापमान: 22.0°C     फलोदी – अधिकतम तापमान: 35.2°C, न्यूनतम तापमान: 21.6°C     बीकानेर – अधिकतम तापमान: 33.8°C, न्यूनतम तापमान: 21.8°C     चूरू – अधिकतम तापमान: 33.4°C, न्यूनतम तापमान: 18.8°C     श्रीगंगानगर – अधिकतम तापमान: 34.1°C, न्यूनतम तापमान: 18.5°C     नागौर  – अधिकतम तापमान: 32.8°C, न्यूनतम तापमान: 17.9°C     अंता बारां  – अधिकतम तापमान: 32.3°C, न्यूनतम तापमान: 19.3°C

जानलेवा हमला: बदमाशों ने पुलिस पर बोला धावा, दो सिपाही घायल

कोटा राजस्थान के कोटा जिले में बदमाशों को पकड़ने गई पुलिस टीम पर बदमाशों ने चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमले में दो कांस्टेबल घायल हो गए, जिनको निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। यह मामला शहर के आर के पुरम थाना क्षेत्र में सामने आया है। वहीं हमले के बाद बदमाशों की तलाशी के लिए टीमों का गठन कर दिया गया है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। घायल पुष्पेंद्र ने बताया कि 21 अक्तूबर को आरके पुरम थाना क्षेत्र में चाकूबाजी की घटना हुई थी। हमले में राम चोपड़ा, कुणाल और अन्य बदमाश शामिल थे। मुखबिर से सूचना मिली थी कि यह बदमाश इलाके में ही छुपे हुए हैं। उसके बाद बदमाशों को पकड़ने के लिए टीम मौके पर पहुंची और तीनों बदमाशों को घेर भी लिया। इतने में ही तीनों बदमाशों ने चाकू निकालकर हमला शुरू कर दिया। इसमें पुष्पेंद्र हाडा और गोविंद चौधरी के चाकू के वार लगे हैं। एक कांस्टेबल के हाथ और पेट पर चाकू के घाव लगे हैं, जबकि दूसरे कांस्टेबल के कंधे पर चोट आई है। सामने आया है कि जब पुलिस बदमाशों को पकड़ने के लिए गई तो तीनों बदमाश मौके से फरार हो गए थे। उनका पीछा भी किया गया तो वह गलियों में जाकर छुपे रहे और मौका पाकर बदमाशों ने चाकू से हमला कर दिया। इस घटना से पूरे इलाके में दहशत का माहौल हो गया। स्थानीय लोग कहने लगे कि बदमाशों में अब पुलिस का डर नहीं रहा है। वहीं पुलिस से वरिष्ठ अधिकारी इस पूरे मामले में कुछ भी कहने से बच रहे हैं।  

AICC बैठक आज: नए जिलाध्यक्षों की नियुक्ति से पहले कांग्रेस का बड़ा प्रयोग

जयपुर राजस्थान में नए जिलाध्यक्षों की तैनाती के साथ ही कांग्रेस इस बार नया प्रयोग भी करने जा रही है। इसमें नव नियुक्त जिलाध्यक्षों को तीन महीने की 'प्रोबेशन' अवधि पर तैनाती दी जाएगी। इस दौरान नए जिलाध्यक्षों की फरफारमेंस का रिव्यू ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) द्वारा गठित एक विशेष समिति करेगी। यह पहल ‘संगठन सृजन अभियान’ का हिस्सा है। इसके तहत राजस्थान में पर्यवेक्षकों को नियुक्त किया गया था, जिन्होंने संभावित जिला अध्यक्षों पर फीडबैक एकत्र किया। इसके बाद बारां और झालवाड़ को छोड़कर 48 संगठनात्मक जिलों में से हर जिले के लिए 6-6 नामों का पैनल तैयार कर AICC को भेज दिया गया। पैनल में  तीन प्राथमिक और तीन आरक्षित वर्गों (SC, ST, अल्पसंख्यक या महिला) से होंगे, ताकि अगर किसी सीट पर सोशल इंजीनियरिंग के तहत निर्णय लेना हो तो उसका विकल्प भी मौजूद रहे।  बारां और झालावाड़ को उपचुनावों के कारण फिलहाल इसमें शामिल नहीं किया गया है। आज पैनल पर दिल्ली में चर्चा पर्यवेक्षक अपनी रिपोर्ट अंतिम रूप दे चुके हैं और आज शुक्रवार को उनकी बैठक AICC महासचिव (संगठन) के.सी. वेणुगोपाल, सांसद शशिकांत सेंथिल, और राजस्थान प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा के साथ होगी। ये नेता प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, विपक्ष के नेता टीकाराम जूली, और वरिष्ठ नेताओं अशोक गहलोत व सचिन पायलट से भी परामर्श करेंगे। खरा नहीं उतरे तो 3 महीने में छुट्टी कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, “यह प्रणाली सार्थक है; बस इसे समझने और धैर्य रखने की जरूरत है। नए फॉर्मेट के तहत जिला अध्यक्ष को तीन माह की प्रोबेशन पर रखा जाएगा और विशिष्ट जिम्मेदारियां दी जाएंगी। प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं हुआ तो उन्हें बदला जा सकता है।” पार्टी का यह कदम राजस्थान में संगठन को मज़बूत करने और आने वाली राजनीतिक चुनौतियों से निपटने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। विवादों में रहा फीडबैक कार्यक्रम हालांकि, यह फीडबैक प्रक्रिया विवादों से अछूती नहीं रही। कई जिलों में गुटबाजी, नियम उल्लंघन, तीखी बहस और यहां तक कि मारपीट की घटनाएं सामने आईं। अजमेर में पोस्टर विवाद से लेकर जालोर, करौली, डूंगरपुर और कोटा में गहलोत-पायलट खेमों के बीच टकराव तक ने पार्टी में आंतरिक तनाव को उजागर कर दिया है। जहां एक ओर अशोक गहलोत ने राहुल गांधी के नए फॉर्मूले के तहत पारदर्शिता की वकालत की, वहीं पूर्व मंत्री उदयलाल आंजना जैसे नेताओं ने इस प्रक्रिया में पक्षपात के आरोप लगाते हुए असहमति जताई। यह सब दर्शाता है कि संगठन सृजन अभियान कांग्रेस में नई ऊर्जा के साथ-साथ पुराने अंतर्विरोधों को भी उजागर कर रहा है।  

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पूर्व उपराष्ट्रपति स्व. भैरों सिंह शेखावत को श्रद्धांजलि अर्पित की

 जयपुर, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को विद्याधर नगर स्थित स्मृति स्थल पहुंचकर पूर्व उपराष्ट्रपति एवं राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. भैरों सिंह शेखावत की जयंती पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।  शर्मा ने इस अवसर पर मीडिया से बातचीत में कहा कि स्व. शेखावत ने राष्ट्रवाद की भावना से ओतप्रोत होकर देश व प्रदेश की मजबूती और जनसेवा के माध्यम से गरीब के उत्थान का कार्य किया। पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों से प्रेरित होकर राजस्थान में अंत्योदय योजना के माध्यम से अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को सहारा देकर आगे बढ़ाने का काम किया था। साथ ही, महात्मा गांधी एवं बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के विचारों को भी आगे बढ़ाया।     इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी, राजस्थान वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरुण चतुर्वेदी, सांसद मदन राठौड़,  मंजू शर्मा, विधायक गोपाल शर्मा, बालमुकुंदाचार्य, नगर निगम ग्रेटर महापौर डॉ. सौम्या गुर्जर सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।