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राष्ट्रीय पोषण माह 2025 में राजस्थान को मिला दूसरा स्थान, उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी दी बधाई

उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने राष्ट्रीय पोषण माह 2025 में राजस्थान के उत्कृष्ट प्रदर्शन पर दी बधाई जयपुर, उपमुख्यमंत्री तथा महिला एवं बाल विकास मंत्री दिया कुमारी के निर्देशन में राजस्थान महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से राष्ट्रीय स्तर पर महिला एवं बाल विकास की विभिन्न योजनाओं में लगतार बेहतरीन प्रदर्शन किया जा रहा है। राष्ट्रीय पोषण पखवाड़ा में नम्बर वन और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में भी नम्बर वन रहने के बाद और राष्ट्रीय पोषण माह 2024 के चौथे स्थान के पिछले प्रदर्शन को और बेहतर प्रदर्शन करते हुए इस बार (17 सितम्बर से 16 अक्टूबर 2025) राष्ट्रीय पोषण माह 2025 में राजस्थान ने राष्ट्रीय स्तर पर द्वितीय स्थान प्राप्त किया है। उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने इस उत्कृष्ट प्रदर्शन पर महिला एवं बाल विकास विभाग (निदेशालय समेकित बाल विकास सेवाएं) को बधाई दी है। महिला एवं बाल विकास शासन सचिव महेन्द्र सोनी ने बताया कि उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी के निर्देशन में महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रभावी रणनीति, जिला प्रशासन के समन्वित प्रयासों, तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की निष्ठा व समर्पण का परिणाम है। महेन्द्र सोनी ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रवार रिपोर्ट के अनुसार, राजस्थान ने इस माह के लिए निर्धारित 81,01,730 लक्ष्यों के मुकाबले 88,93,346 उपलब्धियाँ दर्ज की हैं, जिससे राज्य की कुल उपलब्धि दर 114.12 प्रतिशत रही। उन्होंने बताया कि इस उत्कृष्ट प्रदर्शन से राजस्थान ने अपने 41 जिलों और 62,321 आंगनबाड़ी केंद्रों के सहयोग से पोषण माह को एक जनआंदोलन के रूप में सफल बनाया है। राष्ट्रीय स्तर पर गुजरात 115.74 प्रतिशत के साथ प्रथम, राजस्थान 114.12 प्रतिशत के साथ द्वितीय तथा छत्तीसगढ़ 108.30 प्रतिशत के साथ तृतीय स्थान पर है। राज्यभर में विविध गतिविधियों का आयोजन — निदेशक आईसीडीएस वासुदेव मालावत ने यह संकल्प दोहराया कि आने वाले महीनों में भी पोषण से जुड़ी गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा ताकि राजस्थान कुपोषण मुक्त राज्य बनकर देश के लिए उदाहरण प्रस्तुत कर सके। पोषण माह 2025 के दौरान राजस्थान के विभिन्न जिलों में जागरूकता, सामुदायिक सहभागिता, गृह भ्रमण, पौष्टिक आहार वितरण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य परामर्श, और “सुपोषित राजस्थान” के लक्ष्य को साकार करने हेतु अनेक अभिनव गतिविधियाँ आयोजित की गईं। पोषण माह 2025 की प्रमुख थीम्स के अनुरूप राज्यभर में विविध गतिविधियाँ आयोजित की गईं, जिनमें शामिल हैं — •    मोटापे की समस्या का समाधान •    चीनी और तेल का सेवन कम करना •    प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा (ECCE) •    शिशु और छोटे बच्चों के आहार के तरीके (IYCF) पोषण में पुरुषों की भागीदारइसे बढ़ावा देना 'वोकल फॉर लोकल' और डिजिटलीकरण पर विशेष जोर महिला एवं बाल विकास विभाग, राजस्थान सरकार ने इस सफलता में योगदान देने वाले सभी जिला अधिकारियों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं, आशा सहयोगियों और स्थानीय समुदायों के प्रति आभार व्यक्त किया है। विभाग ने कहा है कि यह उपलब्धि "सुपोषित भारत, स्वस्थ भारत" के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। 17 अक्टूबर 2025 तक प्राप्त प्रविष्टियों के आधार पर राजस्थान के शीर्ष पाँच जिले निम्नलिखित हैं — 1.    जोधपुर – कुल प्रविष्टियाँ: 3,37,081 2.    कोटा – कुल प्रविष्टियाँ: 2,19,028 3.    बीकानेर – कुल प्रविष्टियाँ: 2,54,243 4.    चूरू – कुल प्रविष्टियाँ: 2,81,533 5.    हनुमानगढ़ – कुल प्रविष्टियाँ: 2,07,081 इन जिलों ने न केवल निर्धारित लक्ष्यों को पार किया बल्कि सामुदायिक सहभागिता और नवाचार के माध्यम से पोषण माह को जन-जन तक पहुँचाने में अग्रणी भूमिका निभाई। उदाहरणस्वरूप, जोधपुर जिले ने 134.98 प्रतिशत उपलब्धि दर के साथ राज्य में शीर्ष स्थान प्राप्त पर है, जबकि कोटा, बीकानेर, चूरू और हनुमानगढ़ ने भी 125 प्रतिशत से अधिक की उपलब्धि दर्ज की है।

बालोतरा में आदर्श विद्या मंदिर सिणधरी का नवनिर्मित भवन लोकार्पित, भव्य लोकार्पण एवं भामाशाह सम्मान समारोह आयोजित

जयपुर, बालोतरा जिले के सिणधरी स्थित विद्या भारती द्वारा संचालित आदर्श विद्या मंदिर में आज नवनिर्मित भवन का लोकार्पण संतो के सानिध्य में बड़े धूमधाम से किया गया। कार्यक्रम में लोकार्पण एवं भामाशाह सम्मान समारोह का आयोजन हुआ, जिसमें प्रदेश के कई गणमान्य अतिथि शामिल हुए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजस्थान सरकार के शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री श्री मदन दिलावर रहे। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी, उद्योग राज्य मंत्री के.के. बिश्नोई, एवं विधायक हमीर सिंह भायल उपस्थित रहे। समारोह में भामाशाह समन्द्र सिंह नौसर सहित संस्थान को सहयोग देने वाले अन्य भामाशाहों को श्रीराम चित्र और श्रीरामचरितमानस भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि “राष्ट्र के लिए विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास शिक्षा के मंदिरों में ही संभव है।” उन्होंने राजस्थान शिक्षा विभाग द्वारा किए जा रहे नवाचारों को लेकर विस्तार से चर्चा की और कहा कि राज्य सरकार शिक्षा को संस्कारों से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि विद्यालय केवल पढ़ाई का स्थान नहीं, बल्कि संस्कार, सेवा और राष्ट्रभक्ति की भावना का केंद्र हैं। कार्यक्रम में संत-महात्माओं ने भी आशीर्वचन दिए और विद्यार्थियों को जीवन में अनुशासन, सेवा और संस्कार अपनाने की प्रेरणा दी।

नाहरगढ़ वैक्स म्यूज़ियम में लगी महाराजा भवानी सिंह की प्रतिमा, देखकर भावुक हुईं राजकुमारी दीया कुमारी

जयपुर  नाहरगढ़ की ऊंची पहाड़ियों पर बसे जयपुर वैक्स म्यूज़ियम में गुरुवार का दिन भावनाओं से भरा हुआ था। मौका था — महावीर चक्र से सम्मानित ब्रिगेडियर सवाई भवानी सिंह की जयंती का, और इस अवसर पर उनकी वैक्स प्रतिमा का लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम में उनकी बेटी और राजस्थान की उप मुख्यमंत्री एवं पर्यटन मंत्री दीया कुमारी ने अपने पिता की वैक्स मूर्ति का अनावरण किया। जैसे ही परदा हटाया गया, वहां मौजूद सभी लोगों ने तालियों से स्वागत किया, जबकि दीया कुमारी की आंखें नम हो उठीं। उन्होंने कहा — “यह मेरे लिए गर्व और भावनाओं से भरा क्षण है। मेरे पिताजी केवल हमारे परिवार के नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के गौरव थे। उनका यह वैक्स स्टेच्यू देखकर ऐसा लगा मानो वे मेरे सामने खड़े हैं। मैं जयपुर वैक्स म्यूज़ियम और उन सभी कारीगरों की आभारी हूं जिन्होंने इतनी सजीव प्रतिमा बनाई।” ब्रिगेडियर भवानी सिंह: जयपुर के आख़िरी महाराजा और सेना के वीर अधिकारी ब्रिगेडियर सवाई भवानी सिंह न केवल जयपुर राजघराने के उत्तराधिकारी थे, बल्कि भारतीय सेना के एक बहादुर योद्धा भी थे। उन्होंने 1971 के भारत-पाक युद्ध में विशेष साहस का प्रदर्शन किया था, जिसके लिए उन्हें महावीर चक्र से सम्मानित किया गया। उनका योगदान केवल सैन्य क्षेत्र तक सीमित नहीं था — उन्होंने जयपुर की सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण में भी अहम भूमिका निभाई। नाहरगढ़ म्यूज़ियम में ‘राजसी और वीरता’ का संगम जयपुर वैक्स म्यूज़ियम में यह प्रतिमा एक विशेष सेक्शन में लगाई गई है, जिसे “राजसी और वीरता का संगम” शीर्षक दिया गया है। यहां राजस्थान के ऐतिहासिक शख़्सियतों के साथ-साथ देश के महान नेताओं और कलाकारों की भी प्रतिमाएं प्रदर्शित हैं। म्यूज़ियम के संस्थापक अनूप श्रीवास्तव ने बताया कि सवाई भवानी सिंह की प्रतिमा को तैयार करने में महीनों का समय लगा। उनकी वर्दी, मेडल, और चेहरे के भावों को बारीकी से रिसर्च कर तैयार किया गया ताकि मूर्ति में ‘जीवंतता’ झलके। दीया कुमारी की अपील — “नई पीढ़ी को जानना चाहिए अपने नायकों को” दीया कुमारी ने इस मौके पर कहा कि “मेरे पिता जैसे सच्चे देशभक्तों की कहानियां आज की युवा पीढ़ी तक पहुंचनी चाहिए। म्यूज़ियम इस दिशा में शानदार काम कर रहा है, जो न केवल पर्यटन को बढ़ावा देता है, बल्कि इतिहास को जीवंत भी बनाए रखता है।” उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी ऐसे सांस्कृतिक स्थलों को प्रोत्साहित करेगी ताकि राजस्थान की विरासत और वीरता दोनों पीढ़ियों तक सुरक्षित रहें।

जघराने की विरासत को मिला नया रूप — नाहरगढ़ में सवाई भवानी सिंह की मोम प्रतिमा का दिया कुमारी ने किया लोकार्पण

 जयपुर जयपुर के नाहरगढ़ किले में स्थित जयपुर वैक्स म्यूजियम में महावीर चक्र से सम्मानित ब्रिगेडियर सवाई भवानी सिंह की वैक्स प्रतिमा का भव्य अनावरण किया गया। उपमुख्यमंत्री और पर्यटन मंत्री दिया कुमारी ने अपने पिता की प्रतिमा का लोकार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। यह विशेष आयोजन महाराजा सवाई भवानी सिंह की जन्म जयंती के अवसर पर आयोजित किया गया, जिससे यह दिन और भी भावनात्मक और गौरवपूर्ण बन गया। समारोह में उनकी वीरता और जीवन यात्रा पर आधारित आठ मिनट की डॉक्यूमेंट्री प्रदर्शित की गई, जिसने उपस्थित अतिथियों को भावुक कर दिया। जयपुर वैक्स म्यूजियम के रॉयल दरबार सेक्शन में स्थापित यह वैक्स प्रतिमा सवाई भवानी सिंह की शौर्य, अनुशासन और देशभक्ति का जीवंत प्रतीक है। कलाकारों ने महीनों तक अनुसंधान और अध्ययन कर इस प्रतिमा को साकार किया। इसका क्ले फेस मॉडल अप्रैल में उनकी पुण्यतिथि पर जारी किया गया था। लोकार्पण के दौरान उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि यह क्षण मेरे लिए अत्यंत गर्व और भावनाओं से भरा है। मेरे पिता केवल हमारे परिवार के नहीं, बल्कि सम्पूर्ण राष्ट्र के गौरव थे। उनकी प्रतिमा जयपुर आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को राष्ट्रसेवा और साहस का संदेश देगी। जयपुर वैक्स म्यूजियम के फाउंडर डायरेक्टर अनूप श्रीवास्तव ने कहा कि सवाई भवानी सिंह जी का व्यक्तित्व न केवल राजस्थान, बल्कि पूरे राष्ट्र के लिए प्रेरणा का स्रोत है। हमारा उद्देश्य इतिहास, संस्कृति और वीरता को नई पीढ़ी तक जीवंत रूप में पहुंचाना है। म्यूजियम में पहले से महाराणा प्रताप, सवाई जयसिंह द्वितीय, सवाई माधोसिंह द्वितीय और महारानी गायत्री देवी जैसी ऐतिहासिक विभूतियों की प्रतिमाएं प्रदर्शित हैं। अब ब्रिगेडियर सवाई भवानी सिंह की प्रतिमा के जुड़ने से यह संग्रह और भी समृद्ध हो गया है। कार्यक्रम में सेना के पूर्व अधिकारी, म्यूजियम की टीम, पर्यटन विभाग के अधिकारी और शहर के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

सचिन मित्तल बने जयपुर पुलिस कमिश्नर, 34 IPS अधिकारियों का हुआ बड़ा ट्रांसफर

जयपुर राजस्थान में 34 IPS के तबादले किए गए. 5 IPS को अतिरिक्त चार्ज दिया गया.  जयपुर पुलिस कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसफ का तबादला हुआ. बीजू जॉर्ज जोसफ को ADG कार्मिक लगाया. IPS सचिन मित्तल जयपुर पुलिस कमिश्नर बने. IPS बीजू जॉर्ज जोसफ को ADG कार्मिक लगाया. IPS दिनेश MN को ADG AGTF & ANTF लगाया. IPS आनंद श्रीवास्तव DG स्पेशल ऑपरेशन लगाया.  IPS अनिल पालीवाल को DG ट्रेनिंग और ट्रैफिक लगाया. IPS गोविंद गुप्ता को DG ACB लगाया. IPS अशोक राठौड़ को DG जेल लगाया. IPS प्रशाखा माथुर को ADG आयोजना लगाया. IPS राहुल प्रकाश को विशेष ऑपरेशन आयुक्त जयपुर लगाया. IPS एस सैंगाथिर को ADG सतर्कता लगाया. IPS संजय अग्रवाल को DG लॉ एंड ऑर्डर लगाया. कार्मिक विभाग ने आदेश जारी किए. 34 IPS के तबादले:  -5 IPS को अतिरिक्त चार्ज  -जयपुर पुलिस कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसफ का हुआ तबादला  -बीजू जॉर्ज जोसफ को लगाया  ADG कार्मिक 

कफ सिरप पीने के बाद महिला की तबीयत बिगड़ी, कोटा में जांच शुरू

कोटा  राजस्थान के कोटा जिले में कफ सिरप पीने के बाद एक महिला की मौत के बाद ड्रग कंट्रोलर की ओर से बड़ा ऐक्शन सामने आया है। ड्रग कंट्रोलर ने मेडिकल स्टोर और गोदाम पर छापा मारा। छापेमारी में 500 से अधिक कफ सिरप की बोतलों को जप्त किया गया है। इन बोतलों के सैंपल को जांच के लिए लेबोरेटरी में भेजा गया है। इसकी रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। पूरी कार्रवाई ड्रग कंट्रोलर देवेंद्र गर्ग के नेतृत्व में की गई है। अधिकारी मामले में कुछ भी कहने से बच रहे हैं। घटना की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई है। जांच में सामने आया है कि कफ सिरप के इन बोतलों को अहमदाबाद से मंगवाया गया था। जांच रिपोर्ट का भी इंतजार है। पुलिस ने भी महिला की डेड बॉडी का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया है। पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। परिजनों की तरफ से दी गई शिकायत पर कार्रवाई की जा रही है। अंनतपुरा थाने के एसआई रोहित कुमार ने बताया कि महिला की डेड बॉडी का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्ट कराया गया है ताकि संदेह दूर किया जा सके। परिजनों के बयान लिए गए हैं। परिजनों ने बताया कि खांसी होने पर सिरप पीने के बाद कमला देवी की तबीयत बिगड़ गई। महिला को मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया। परिजनों ने जो शिकायत दी है उस पर जांच की जा रही है। महिला की पोस्टमार्ट रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि अनंतपुरा थाना क्षेत्र के अजय आहूजा नगर की 57 वर्षीय कमला देवी अपने घर पर दीपावली की साफ-सफाई कर रही थीं। इसी दौरान वह खांसी जुकाम की चपेट में आ गईं। खासी होने पर उसके बेटे ने किसी मेडिकल स्टोर से कफ सिरप की बोतल लाकर दे दी। इसको पीने के बाद महिला की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उनको मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया। इलाज के दौरान महिला की हार्टबीट लगातार कम होती गई। आखिर में उनकी मौत हो गई।

राजस्थान का तापमान हाल: दिन का पारा बढ़ा, रात में ठंडक, बाड़मेर और सीकर के रंग फरक

जयपुर राजस्थान में इन दिनों मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। दिन के तापमान में जहां मामूली बढ़ोतरी हुई है, वहीं रात में हल्की सर्दी का अहसास अब भी बना हुआ है। पिछले 24 घंटे के दौरान राज्य के अधिकतर हिस्सों में मौसम साफ रहा और दिन भर धूप खिली रही, जिससे तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। राज्य का सबसे गर्म इलाका बाड़मेर रहा, जहां अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। जैसलमेर में भी तेज गर्मी महसूस की गई और यहां अधिकतम तापमान 36.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। बीकानेर में भी पारा 35 से 36 डिग्री के बीच रहा, जिससे दोपहर के समय गर्मी का असर ज्यादा महसूस हुआ। हालांकि, दिन की गर्मी के बाद भी रात के समय मौसम में ठंडक बनी हुई है। खासकर शेखावाटी अंचल के शहरों में तापमान में गिरावट देखने को मिल रही है। सीकर में न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि जालोर में यह 14.7 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले कुछ दिनों तक प्रदेश में इसी तरह का मौसम बना रहेगा। दिन में तेज धूप और गर्मी बनी रहेगी, जबकि रात में हल्की ठंड का असर महसूस किया जा सकता है। तापमान में यह उतार-चढ़ाव अक्टूबर महीने के अंत तक जारी रहने की संभावना है।

जाली नोटों का खुलासा: एसओजी-साउथ पुलिस ने पकड़े पांच आरोपी, 43 लाख रुपये जब्त

जयपुर जयपुर दक्षिण और एसओजी की संयुक्त कार्रवाई में पुलिस ने जाली भारतीय मुद्रा छापने और चलाने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से ₹43 लाख 24 हजार रुपए की नकली करेंसी बरामद की है। यह करेंसी 500 रुपए के नोटों में थी, जिन पर वाटरमार्क और थ्रेड जैसे सिक्योरिटी फीचर नकली तौर पर बनाए गए थे। एसओजी के उपमहानिरीक्षक परिस देशमुख (IPS) और जयपुर दक्षिण के पुलिस उपायुक्त राजर्षि राज (IPS) के निर्देशन में यह कार्रवाई की गई। एसओजी के निरीक्षक विजय कुमार राय ने 16 अक्टूबर की रात थाना नारायण विहार की SHO गुंजन सोनी को सूचना दी, जिसके बाद एसीपी ललित किशोर शर्मा और एसीपी आदित्य काकड़े (IPS) के सुपरविजन में संयुक्त टीम गठित कर दबिश दी गई। 18 लाख के प्रिंटेड नोट पेपर शीट बरामद किए टीम ने मौके से ₹23 लाख की नकली करेंसी और ₹18 लाख के प्रिंटेड नोट पेपर शीट बरामद किए, जो कि कुल मिलाकर 43 लाख की नकली करेंसी थी। पुलिस ने मौके से पेपर कटर, पारदर्शी कांच, लकड़ी का फ्रेम (वाटरमार्क छापने हेतु), स्केल, और कटिंग के बाद बची कतरनें भी जब्त कीं। गिरफ्तार आरोपियों में राजेंद्र चौधरी (27) निवासी हबसपुरा, शंकरलाल चौधरी (23) निवासी देवपुरा, मनोज उर्फ गणपति बिश्नोई (30), बलकरण उर्फ बलदेव बिश्नोई (31) और मदनलाल सिंवार (28) शामिल हैं, जो सभी जयपुर और बीकानेर जिले से हैं। अभियुक्तों ने स्वीकार किया शामिल होना अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि वे नकली नोटों को असली के रूप में चलाने और आर्थिक लाभ कमाने के लिए इस अवैध कारोबार में शामिल थे। जांच में सामने आया कि आरोपी पहले भी राजस्थान और पंजाब में जाली नोटों के मामलों में पकड़े जा चुके हैं। मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 178, 179, 180, 181, 182, 111(2)(ख), और 111(4) के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।

बाजार में रौनक: राजस्थान में व्यापार 25% बढ़कर 40 हजार करोड़ हुआ

जयपुर जयपुर में इस बार धनतेरस पर रिकॉर्डतोड़ खरीदारी देखने को मिली। वाहन और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में जीएसटी में कटौती का सीधा असर बाजार में नजर आया। एक दिन में 5,000 कारें और 40,000 दोपहिया वाहन बिके, जिससे केवल वाहन बाजार में ही करीब 900 करोड़ रुपए का कारोबार हुआ। पिछले साल की तुलना में वाहन बिक्री में 25% से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई। 10  लाख के सेगमेंट में सबसे ज्यादा कारें बिकीं फाडा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष साई गिरिधर के अनुसार, कारों पर 10% जीएसटी में कमी से दबी हुई मांग बाहर आई। खासतौर पर एंट्री सेगमेंट, सब-4 मीटर और मिड साइज SUV की डिमांड अधिक रही। लग्जरी कार सेगमेंट में अपेक्षाकृत धीमी गति रही। बिकने वाली कारों की औसत कीमत करीब 10 लाख रुपए रही। इलेक्ट्रॉनिक्स में 100 करोड़ से ज्यादा का कारोबार इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में भी बिक्री में जबरदस्त उछाल देखा गया। राजस्थान इलेक्ट्रॉनिक्स ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेश कालानी ने बताया कि टैक्स में कमी की वजह से बड़े साइज के टेलीविजन, फ्रिज, वॉशिंग मशीन, माइक्रोवेव और आटा चक्की जैसे उत्पादों की बिक्री में तेजी आई। जयपुर में इलेक्ट्रॉनिक्स बिक्री का आंकड़ा 100 करोड़ रुपए से ऊपर पहुंचा। 3 हजार से ज्यादा वाहन गणेश मंदिर पूजा के लिए आए जयपुर के बाजारों में धनतेरस पर सुबह से ही खरीदारों की भीड़ उमड़ पड़ी। कार-बाइक शोरूम से लेकर ज्वेलरी और इलेक्ट्रॉनिक्स दुकानों तक चहल-पहल बनी रही। मोती डूंगरी मंदिर में करीब 3,000 गाड़ियां पूजन के लिए पहुंचीं। फोर्टी अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल के अनुसार, इस बार राजस्थान में करीब 40,000 करोड़ और जयपुर में 5,500 करोड़ रुपए का व्यापार हुआ। रियल एस्टेट और ऑटोमोबाइल सेक्टर में खासा उछाल देखा गया।शाम को प्रदेश भर के बाजार रंग-बिरंगी रोशनी से सजाए गए। लोग परिवार के साथ खरीदारी और फेस्टिव माहौल का आनंद लेते नजर आए।  

जयपुर में नकली नोटों का बड़ा खुलासा, SOG की रेड में 43 लाख की फर्जी करेंसी जब्त

जयपुर राजधानी जयपुर में त्योहारों की रौनक के बीच पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। धनतेरस की शाम नारायण विहार थाना क्षेत्र में एसओजी (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) ने छापा मारकर ₹43 लाख के नकली नोट बरामद किए हैं। इस दौरान पुलिस ने दो युवकों को मौके से गिरफ्तार किया, जो लंबे समय से फर्जी करेंसी के इस नेटवर्क से जुड़े बताए जा रहे हैं।एसओजी की यह कार्रवाई पिछले 15 दिनों की निगरानी और गुप्त सूचनाओं के आधार पर की गई थी। टीम ने जिस फ्लैट पर दबिश दी, वहां से मिले नकली नोट इतने बारीक और खतरनाक स्तर पर तैयार किए गए थे कि उनमें वाटर मार्क और सिक्योरिटी फीचर तक मौजूद पाए गए — यानी, सामान्य व्यक्ति के लिए असली और नकली में फर्क कर पाना लगभग नामुमकिन था। त्योहारों पर नकली नोटों का कारोबार बढ़ने की आशंका एडीजी एसओजी वी.के. सिंह ने बताया कि हर साल त्योहारों के मौसम में नकली नोटों का चलन बढ़ जाता है। बाजार में कैश ट्रांजैक्शन अधिक होने का फायदा उठाकर ऐसे गिरोह सक्रिय हो जाते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए एसओजी की कई टीमें राजस्थान के विभिन्न जिलों में अलर्ट थीं।सूचना मिलने पर एसओजी ने जयपुर पुलिस के साथ मिलकर नारायण विहार इलाके में स्थित एक फ्लैट पर छापा मारा। वहां से 43 लाख के नकली नोट जब्त किए गए, जो सभी ₹500 के मूल्य वर्ग के थे। फिलहाल गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और जांच साउथ जिला पुलिस को सौंप दी गई है। काटिंग से पहले की नकली शीट भी बरामद बरामद नकली नोटों में से 26 लाख रुपए की पूरी गड्डियां मिलीं, जबकि 18 लाख रुपए के नोट अब तक शीट के रूप में थे, जिनकी कटिंग नहीं की गई थी। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि ये शीट संभवतः किसी बाहरी राज्य से जयपुर लाई गई थीं, ताकि शहर के भीतर अलग-अलग जगहों पर सप्लाई की जा सके। यह पहलू पुलिस के लिए बेहद चौंकाने वाला है कि नकली नोटों में पहली बार “टच-एंड-फील” सिक्योरिटी फीचर और उभरा हुआ वाटर मार्क पाया गया है — यानी ये नोट केवल रंगीन प्रिंट नहीं, बल्कि तकनीकी रूप से अत्यधिक उन्नत नकली करेंसी हैं। डील का फॉर्मूला: ₹1 लाख असली = ₹4 लाख नकली पूछताछ में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। आरोपी ₹1 लाख असली नोट के बदले ₹4 लाख नकली नोट दे रहे थे। इस डीलिंग के लिए मध्यस्थ के तौर पर बीकानेर का एक बदमाश काम कर रहा था, जो अब पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। एसओजी के अनुसार, गिरोह का नेटवर्क कई शहरों तक फैला हुआ है। गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर राजस्थान और उससे सटे राज्यों में कई ठिकानों पर रेड की जा रही है। कौन हैं गिरफ्तार आरोपी हालांकि पुलिस ने अभी दोनों आरोपियों के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं, लेकिन प्रारंभिक रिपोर्ट में यह सामने आया है कि दोनों की उम्र 25 से 35 वर्ष के बीच है और दोनों ही लंबे समय से छोटे स्तर पर नकली नोटों का लेन-देन करते रहे हैं। एक आरोपी कंप्यूटर ग्राफिक डिजाइनिंग का जानकार बताया जा रहा है, जिसने नकली करेंसी की प्रिंटिंग में तकनीकी भूमिका निभाई, जबकि दूसरा सप्लाई और नेटवर्किंग का काम देखता था। कैसे तैयार की जाती थी नकली करेंसी जांच में सामने आया है कि नोटों की प्रिंटिंग के लिए हाई-रेज़ोल्यूशन इंकजेट प्रिंटर और विशेष प्रकार का पेपर इस्तेमाल किया गया था, जिसकी सतह असली करेंसी के कागज़ जैसी महसूस होती है। सिक्योरिटी फीचर को कॉपी करने के लिए थ्री-लेयर प्रिंटिंग और ट्रांसपेरेंट शीट तकनीक अपनाई गई। इतना ही नहीं, नोटों के बीच में वाटर मार्क जैसी पारदर्शी छवि डालने के लिए विशेष कैमिकल का प्रयोग किया गया, जिससे नकली नोट असली जैसे दिखते और महसूस होते थे। त्योहारी बाजार पर असर धनतेरस और दीपावली के समय बाजारों में भारी मात्रा में कैश का प्रवाह रहता है। एसओजी अधिकारियों का कहना है कि गिरोह की योजना थी कि त्योहारों के दौरान नकली नोट बाजार में खपाकर करोड़ों का लाभ कमाया जाए। पुलिस के अनुसार, अगर समय रहते यह खेप पकड़ी नहीं जाती तो नकली नोट बड़ी मात्रा में आम लोगों के बीच पहुंच सकते थे, जिससे स्थानीय व्यापारियों और आम उपभोक्ताओं को भारी आर्थिक नुकसान होता। आगे की जांच और संदिग्ध नेटवर्क अब एसओजी की विशेष टीमें इस बात की जांच कर रही हैं कि ये नकली नोट कहां से प्रिंट होकर जयपुर तक पहुंचे। सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक सुराग मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कुछ शहरों की ओर इशारा कर रहे हैं, जहां पहले भी नकली नोट छापने की गतिविधियां पकड़ी जा चुकी हैं। जांच एजेंसी इस संभावना पर भी विचार कर रही है कि यह नेटवर्क विदेशी नकली करेंसी रैकेट से जुड़ा हो सकता है, खासकर बांग्लादेश और नेपाल बॉर्डर से आने वाली फर्जी करेंसी से। ADG वी.के. सिंह का बयान एडीजी सिंह ने बताया — “त्योहारों के मौसम में नकली नोटों की संभावना को देखते हुए हमने पहले से ही निगरानी बढ़ाई थी। यह गिरफ्तारी हमारी टीम की सतर्कता का परिणाम है। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ जारी है और इनके अन्य साथियों की तलाश में टीमें रवाना की गई हैं।” उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे कैश ट्रांजैक्शन के दौरान सावधानी बरतें, खासकर ₹500 और ₹2000 के नोटों को ध्यान से जांचें। नकली नोटों की पहचान कैसे करें पुलिस और आरबीआई के दिशा-निर्देशों के अनुसार, आम जनता नीचे दिए गए फीचर्स से नकली नोटों की पहचान कर सकती है: महात्मा गांधी की तस्वीर के दाहिने हिस्से पर रंग बदलने वाली सुरक्षा पट्टी देखें। नोट को तिरछा करने पर “भारत” और “RBI” लिखा हुआ वाटर मार्क दिखाई देता है। संख्या पैनल में अंक आकार में बढ़ते क्रम में होने चाहिए। नोट की सतह पर उभरी हुई छपाई महसूस की जा सकती है। अगर कोई नोट संदिग्ध लगे तो तुरंत निकटतम पुलिस थाने या बैंक शाखा में जानकारी दें। त्योहारों के बीच जयपुर में नकली नोटों का इतना बड़ा जाल पकड़ा जाना राज्य पुलिस और एसओजी की सजगता को दर्शाता है। हालांकि इससे यह भी स्पष्ट होता है कि अपराधी अब तकनीक का इस्तेमाल कर … Read more