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मथुरा: एक ही परिवार के 5 सदस्य दूध में जहर मिलाकर खाने से मृत

मथुरा  उत्तर प्रदेश के मथुरा से बड़ी और दुखद खबर सामने आ रही है. महावन थाना क्षेत्र के खप्परपुर गांव में एक ही परिवार के पांच लोगों ने जहर खा लिया. इस दर्दनाक घटना में पति-पत्नी सहित तीन बच्चो की मौत हो गई है. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. फिलहाल ज़हर खाने के कारणों का पता नहीं चल सका है. पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है. इस घटना के बाद आसपास के इलाकों में हड़कंप मच गया. सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस पहुंची और शव को अपने कब्जे में कर पोस्टमार्टम के लिए ले गई है. मृतक परिवार के घर के बाहर भारी तादात में लोग मौजूद है.

नन्हे बेटे का रिजल्ट बना आखिरी पल, इंजीनियर पिता ने स्कूल में ही तोड़ा दम

 जोरहाट असम के जोरहाट से एक दिल को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है. जहां बेटे का रिजल्ट लेने के बाद अचानक एक पिता की तबीयत खराब हो गई और वो जमीन पर गिर पड़े. जिसके बाद पिता को आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती कराया गया. लेकिन बचाया नहीं जा सका. रिजल्ट लेकर निकलते ही हुई तबीयत खराब जानकारी के अनुसार मंगलवार को सैमफोर्ड स्कूल में एक दुखद घटना हुई. जहां एक पिता अपने बेटे का परीक्षा परिणाम लेने स्कूल गए थे और वहीं गिर पड़े और उनकी मौत हो गई. मृतक की पहचान कछ गरल इलाके के सोनारी गांव के रहने वाले दीपांकर बोरदोलोई (35) के रूप में हुई है. सूत्रों के अनुसार बोरदोलोई अपने बेटे का रिजल्ट लेने स्कूल आए थे, जो UKG में पढ़ता है. लेकिन रिजल्ट लेने के कुछ ही देर बाद उनकी तबीयत अचानक खराब हो गई और वे गिर पड़े. स्कूल में मौजूद लोग तुरंत उन्हें इमरजेंसी इलाज के लिए जोरहाट मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल ले गए. लेकिन तब तक उनकी मौत हो गई थी.  सिंचाई विभाग में इंजीनियर थे दीपांकर इस घटना के बाद स्कूल कैंपस में मातम छा गया. शिक्षक, माता-पिता और छात्र इस अचानक हुए नुकसान से गहरे सदमे में हैं. दीपांकर बोरदोलोई तेओक डिवीजन के तहत सिंचाई विभाग में एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे. उनकी असामयिक मृत्यु से उनके परिवार, सहकर्मी और स्थानीय समुदाय गहरे शोक में हैं. हालांकि इंजीनियर के मौत के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है. पूरे मामले में अभी पुलिस का भी बयान नहीं आया है. 

एक पल में बुझ गई उम्मीदों की मशाल: राष्ट्रीय तीरंदाज की ट्रेन हादसे में मौत

कोटा राष्ट्रीय स्तर के युवा तीरंदाज अर्जुन सोनावले (20) की राजस्थान के कोटा जंक्शन पर चलती ट्रेन से गिरकर दर्दनाक मौत हो गई। अर्जुन अपने कोच और साथियों के साथ पंजाब के भटिंडा में एक कार्यक्रम में हिस्सा लेकर बस्ती-मुंबई सेंट्रल एसी स्पेशल ट्रेन से अपने साथियों के साथ महाराष्ट्र लौट रहे थे। यह हादसा शनिवार रात करीब 8:30 बजे हुआ, जब ट्रेन प्लेटफॉर्म पर धीमी हो रही थी। उसी दौरान अर्जुन खाना लेने के लिए कोच के दरवाजे पर खड़े थे, तभी अचानक उनका पैर फिसल गया और वे ट्रेन व प्लेटफॉर्म के बीच गिर पड़े। ट्रेन रुकते ही यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों ने उन्हें बाहर निकाला, लेकिन गंभीर रूप से घायल अर्जुन ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। जीआरपी के अधिकारी दालचंद सैन ने कहा कि पोस्टमार्टम करने के बाद रिश्तेदारों को शव सौंप दिया गया। टीम मैनेजर अनिल कमलापुरे ने बताया कि अर्जुन ने अब तक राज्य और राष्ट्रीय स्तर की तीरंदाजी प्रतियोगिताओं में आठ स्वर्ण पदक जीतकर अपनी पहचान बनाई थी।  

सड़क पार कर रही महिला को वाहन ने कुचला, इलाके में गुस्सा

कोरबा कोरबा के पाली थाना क्षेत्र के चैतमा चौकी के पास एक सड़क दुर्घटना हुई है। एक अज्ञात वाहन ने महिला को टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि घटना कपोट गांव में हुई है। घटना के बाद ग्रामीणों ने चक्काजाम कर दिया और उचित मुआवजे की मांग की। वहीं, तीन घंटे की मशक्कत के बाद चक्का जाम समाप्त किया गया। मृतक महिला की पहचान नवाडीह कपोट निवासी जमुना बाई पोर्ते के रूप में हुई है। परिजनों की माने तो रोज की तरह गुरुवार की सुबह घर से चाय नाश्ता कर गांव से लगे खेत को देखने के लिए जा रही थी इस दौरान तेज रफ्तार वाहन ने अपनी चपेट में ले लिया। गुस्साए लोगों ने सड़क पर जाम लगा दिया। वहीं, चक्का जाम की सूचना पर कटघोरा थाना पाली थाना और चैतमा चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और घटनाक्रम की जानकारी लेते हुए लोगों को समझाने का प्रयास किया। जहां तीन घंटे की मशक्कत के बाद चक्का जाम समाप्त किया गया। नायब तहसीलदार मौके पर पहुंचे और लोगों को शांत करा पीड़ित परिवार को सरकार की तरफ से आर्थिक मदद की बात कही।

खेत के पोखर में डूबने से तीन सगे भाई-बहनों की मौत, स्कूल से लौटने के बाद आम तोड़ने गए थे बच्चे

छतरपुर  जिले के लवकुश नगर थाना अंतर्गत हटवां गांव में तीन मासूम भाई-बहनों की पानी में डूबने से मौत हो गई। स्कूल से लौटने के बाद आम तोड़ने खेत गए तीनों बच्चे खेत में बनी बंधी (तालाब) में डूब गए। जब परिजनों ने बच्चों को देर शाम तक नहीं देखा तो उनकी खोजबीन शुरू हुई। बाद में बंधी में तीनों के शव नजर आए। इस घटना से गांव में मातम पसर गया है। स्कूल से लौटकर आम तोड़ने खेत गए थे बच्चे मृतक बच्चों की पहचान लक्ष्मी (10), तनु (8) और लोकेंद्र (4) के रूप में हुई है। तीनों सगे भाई-बहन थे। पिता प्रतिपाल सिंह ने बताया कि बच्चे स्कूल से सोमवार दोपहर को लौटे थे और आम का पेड़ देखने के बहाने खेत की ओर चले गए। देर शाम तक घर नहीं लौटने पर परिजन चिंतित हो उठे और गांव वालों के साथ उन्हें ढूंढने निकल पड़े। बंधी के पास फिसलने की आशंका परिजनों ने बताया कि खेत में आम का पेड़ तालाब के पास है। संभवतः बच्चे पेड़ के नीचे खेलते हुए बंधी के किनारे पहुंचे होंगे और फिसलकर पानी में गिर गए। जब तक परिजन पहुंचे, तब तक तीनों की जान जा चुकी थी। रात 9:30 बजे पुलिस को घटना की सूचना दी गई। तीनों बच्चों को तत्काल बारीगढ़ अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव सौंपे बीएमओ एसएस चौहान ने बताया कि तीनों शवों का पोस्टमार्टम लवकुश नगर अस्पताल में किया गया और फिर परिजनों को सौंप दिया गया है। वहीं, एसडीओपी नवीन दुबे ने बताया कि हादसे की सभी कोणों से जांच की जा रही है। परिजनों के बयान लिए जा रहे हैं और आगे की कार्रवाई उसी आधार पर की जाएगी। तीन मासूमों की एक साथ मौत ने पूरे हटवां गांव को शोक में डुबो दिया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।