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वंदे मातरम्@150 कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर मुख्य सचिव ने ली बैठक-, उत्सव के रूप में हो आयोजन – मुख्य सचिव

जयपुर राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आगामी 7 नवम्बर से पूरे प्रदेश में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस सम्बन्ध में मुख्य सचिव श्री सुधांश पंत की अध्यक्षता में मंगलवार को शासन सचिवालय में संबंधित विभागों, संभागीय आयुक्तों एवं जिला कलेक्टरों के साथ उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई।मुख्य सचिव ने उक्त बैठक में निर्देश दिए कि ‘वंदे मातरम्@150’ कार्यक्रम देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत उत्सव के रूप में मनाया जाए। उन्होंने कहा कि यह आयोजन स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद करने और नई पीढ़ी में देशभक्ति की भावना विकसित करने का अवसर है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राज्य स्तरीय कार्यक्रमों के साथ-साथ जिलों में होने वाले आयोजनों का सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए तथा कार्यक्रम स्थलों पर सेल्फी बूथ भी स्थापित किए जाएं। उन्होंने डीओआईटी विभाग को निर्देश दिए कि कार्यक्रमों के लाइव प्रसारण एवं अन्य तकनीकी तैयारियाँ समय पर पूर्ण की जाएं।  मुख्य सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार ‘वंदे मातरम्@150’ के सभी कार्यक्रमों को देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत किया जाए तथा इसमें स्थानीय कलाकारों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए कि वे अपनी रचनात्मक सोच से आमजन की अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित करें और सभी तैयारियाँ समय पर पूरी करें। उल्लेखनीय है कि ‘वंदे मातरम्@150’ राज्य स्तरीय कार्यक्रम 7 नवम्बर को जयपुर के एस.एम.एस. स्टेडियम में आयोजित होगा। इस अवसर पर सभी सरकारी एवं गैर-सरकारी शिक्षण संस्थान, विश्वविद्यालय, महाविद्यालय, तकनीकी एवं मेडिकल कॉलेज, एनसीसी, एनएसएस, हिंदुस्तान स्काउट गाइड, पुलिस एवं आरएसी के जवान, सामाजिक संगठन और आमजन की भागीदारी रहेगी। इसी दिन अजमेर, बीकानेर, उदयपुर, भरतपुर, कोटा, जोधपुर, सीकर, भीलवाड़ा और अलवर में जिला स्तर पर कार्यक्रम होंगे। इसके बाद 8 एवं 9 नवम्बर को शेष 31 जिलों में प्रभारी मंत्री की उपस्थिति में आयोजित किए जायेगे। सभी सरकारी कार्यालयों में 10 नवम्बर को ‘वंदे मातरम्@150’ एवं स्वदेशी संकल्प कार्यक्रम, नगर निकाय कार्यालयों में 11 नवम्बर, पंचायती राज संस्थानों में 12 नवम्बर, सभी स्कूलों व छात्रावासों में 13 नवम्बर, उच्च शिक्षा संस्थानों में 14 नवम्बर और अस्पतालों व पुलिस थानों में 15 नवम्बर को कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त 7 नवम्बर से 26 नवम्बर (संविधान दिवस) तक सभी विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक वाचन किया जाएगा। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह श्री भास्कर ए सावंत, प्रमुख शासन सचिव पर्यटन श्री राजेश कुमार यादव, प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग श्रीमती गायत्री ए. राठौड़, प्रमुख शासन सचिव नगरीय विकास एवं आवासन विभाग डॉ. देबाशीष पृष्टी, शासन सचिव स्वायत्त शासन विभाग श्री रवि जैन, शासन सचिव डीओआईटी डॉ. रवि कुमार सुरपुर, सचिव सूचना एवं जनसंपर्क विभाग श्री सन्देश नायक सहित सम्बंधित अधिकारी उपस्थित रहे तथा संभागीय आयुक्त एवं जिला कलेक्टर वीसी से जुड़े।   

राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने गोविंद गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय एकात्मता विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी का किया उद्घाटन

जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन एवं अवलोकन किया   जयपुर राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्री हरिभाऊ बागडे ने मंगलवार को गोविंद गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय, बांसवाड़ा में “राष्ट्रीय एकात्मता : विविधता में एक चेतना” विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का उद्घाटन किया। उन्होंने संगोष्ठी के अंतर्गत जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन एवं अवलोकन किया। राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने अपने उद्बोधन में कहा कि  राष्ट्र अनेक भाषा, संस्कृति, मतों, परंपराओं से मिलकर बनता है। राष्ट्र की एक सीमा होती है। राष्ट्र में उस देश का नागरिक रहता है। कोई दूसरे देश का नागरिक आता है तो उसे उस देश की नागरिकता लेनी पड़ती है। संगठित जनसमुदाय, निश्चित भूभाग, संस्कृति, परंपरा, एकता की भावना हमें एक सूत्र में बांधती है।  देश के नागरिकों में देश के मूल्यों, आदर्शों, मातृभूमि, समुदाय के प्रति निष्ठा और प्रेम होना चाहिए। उन्होंने कहा कि एकता की भावना सिर्फ बातों में नहीं व्यक्ति के कर्मों में भी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश जब बनता है तब एक देश से दूसरा देश बन जाता है। कारण अलग-अलग होते हैं। उन्होंने कहा कि हमारे विघटन, हमारी गरीबी, हमारे एकसंघ नहीं होने का लाभ उठाकर अंग्रेजों ने देश कर अतिक्रमण कर लिया। वह हमने अंग्रेजों से वापस लिया। भारत से अनेक देश बने अफगानिस्तान, श्रीलंका, नेपाल, भूटान, पाकिस्तान और बांग्लादेश। एक राष्ट्र विकसित बनता है जब नागरिक एकजुट होकर देशप्रेम के साथ अपना सर्वस्व अर्पण करते हैं। नागरिक अपनी शक्ति, बुद्धि, त्याग, आर्थिक स्वावलंबन से देश को विकसित बनाते हैं। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से हैं। पहले गांव में कच्चे मकान होते थे जो अब पक्के बन गए हैं क्योंकि लोगों के पास पैसा आया है। देश की अर्थव्यवस्था का विकास हुआ है। उन्होंने कहा कि रामायण और महाभारत हमारी संस्कृति का मूल है। राम का नाम सभी भाषाओं में है। भजन – कीर्तन, व्याख्यान, भाषण, शिक्षण अलग-अलग भाषाओं में होता है मगर देवधर्म सबका एक ही है। एक ही गणेशजी की आरती अनेक भाषाओं में होती है मगर सबका भाव एक ही होता है। अनेक भाषा, खान-पान, वेशभूषा अलग-अलग होने के बावजूद हम सब एक हैं। हमारी संस्कृति ' भाषा अनेक – भाव एक', ' पथ अनेक – गंतव्य एक' की है।  

उच्च गुणवत्ता वाली मोबाइल व इंटरनेट कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के मुख्य सचिव ने दिए निर्देश

जयपुर मुख्य सचिव श्री सुधांश पंत की अध्यक्षता में राष्ट्रीय ब्रॉडबैंड अभियान की राज्य स्तरीय ब्रॉडबैंड समिति की 15वीं बैठक मंगलवार को सचिवालय में हुई। मुख्य सचिव ने बैठक में राज्य स्तर पर टेलीकम्युनिकेशन परियोजनाओं में समयबद्धता और दक्षता सुनिश्चित करने के लिए टेलीकम्युनिकेशंस राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) नियम, कॉल बिफोर यू डिग (सीबीयूडी) मोबाइल ऐप, पीएम गतिशक्ति एनएमपी पोर्टल, बीएसएनएल 4जी सेचुरेशन प्रोजेक्ट सहित अन्य संबंधित विषयों की प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को  विभागीय स्तर पर भूमि आवंटन एवं वन विभाग की मंजूरी के लंबित प्रकरणों सहित अन्य आवश्यक कार्य आपसी समन्वय से पूर्ण करना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जिससे राज्य के दूरदराज क्षेत्रों में उच्च गुणवत्ता वाली मोबाइल सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित हो और ग्रामीण इलाकों में भी तेज और विश्वसनीय इंटरनेट सेवा उपलब्ध हो सके। मुख्य सचिव ने कहा कि ʻकॉल बिफोर यू डिगʼ मोबाइल ऐप खुदाई कार्यों के दौरान भूमिगत अवसंरचना को क्षति से बचाने के साथ-साथ संचार सेवाओं में व्यवधान को रोकने में सहायक है। इससे प्रदेश में स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर प्रबंधन को बढ़ावा मिलेगा।  ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने के दौरान हुए गड्ढे सही से भरें, आमजन को असुविधा न हो मुख्य सचिव ने कहा कि ऑप्टिकल फाइबर केबल (ओएफसी) बिछाने के दौरान जिन स्थानों पर गड्ढे खोदे गए हैं, उन्हें कार्य पूर्ण होने के बाद सही तरीके से भरना सुनिश्चित किया जाए ताकि आमजन को किसी भी प्रकार की असुविधा या दुर्घटना का सामना न करना पड़े। संबंधित अधिकारी कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें और सड़कों तथा मार्गों को पूर्ववत स्थिति में बहाल करें। आमजन से संबंधित सुविधा पोर्टल- राजस्थान में मोबाइल रिकवरी प्रतिशत राष्ट्रीय औसत से अधिक  बैठक में संचार साथी पोर्टल (http://www.sancharsaathi.gov.in) की समीक्षा के दौरान बताया गया कि यह पोर्टल आमजन के लिए बहुत सुविधाजनक है। राज्य में गुम या चोरी हुए कुल मोबाइल हैंडसेट्स में से लगभग 69% मोबाइल फोन सफलतापूर्वक ट्रेस किए जा चुके हैं। साथ ही, सीईआईआर (सेंट्रल इक्विपमेंट आईडेंटी रजिस्टर) सेवा के माध्यम से देशभर में मोबाइल रिकवरी का औसत प्रतिशत 26.50% है जबकि राजस्थान में यह प्रतिशत 43.45% है।  उल्लेखनीय है कि संचार साथी पोर्टल नागरिकों को अनेक डिजिटल सुविधाएँ प्रदान करता है जिसमें टेफकॉप सेवा के माध्यम से उपयोगकर्ता उनके नाम पर कुल जारी मोबाइल कनेक्शन की जानकारी तथा बिना अनुमति अतिरिक्त सिम कार्ड जारी होने की स्थिति में रिपोर्ट कर आसानी से उसे बंद करवा सकते हैं। इसके साथ ही, नो योअर मोबाइल (केवाईएम) सुविधा, फर्जी मोबाइल और सिम कार्ड की रोकथाम, जन-जागरूकता और शिकायत निवारण आदि महत्वपूर्ण सेवाएँ भी उपलब्ध हैं।  बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव, सार्वजनिक निर्माण विभाग श्री प्रवीण गुप्ता, प्रमुख शासन सचिव, ऊर्जा विभाग, श्री अजिताभ शर्मा, प्रमुख शासन सचिव, उद्योग श्री आलोक गुप्ता प्रमुख शासन सचिव, राजस्व श्री दिनेश कुमार, प्रमुख शासन सचिव, नगरीय विकास, डॉ. देबाशीष पृष्टी, शासन सचिव, डीओआईटीडॉ. रवि कुमार सुरपुर, डीडीजी (रूरल), दूरसंचार विभाग, केन्द्र सरकार श्री आनंद कटोच सहित संबंधित विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।   

अनुजा पोर्टल पर ऋण के लिए आवेदन की अन्तिम तिथि अब 30 नवम्बर 2025

जयपुर राजस्थान अनुसूचित जाति जनजाति वित्त एवं विकास सहकारी निगम लि. जयपुर, राष्ट्रीय वित्त एवं विकास निगमों के सौजन्य से क्रियान्वित अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, सफाई कर्मचारी वर्ग, अन्य पिछडा वर्ग एवं दिव्यांगजन को विभिन्न उद्योग, व्यवसाय एवं सेवा कार्य में आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने हेतु अनुजा पोर्टल पर ऋण के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि को बढ़ाकर 30 नवम्बर 2025 कर दिया गया है। पहले यह तिथि 31अक्टूबर 2025 थी। निगम की  कार्यवाहक परियोजना प्रबंधक प्रियंका चौहान ने बताया कि इच्छुक आवेदक ऑनलाइन एसएसओ आईडी के माध्यम से  30 नवम्बर 2025 तक अनुजा पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं। विस्तृत जानकारी के लिए स्थानीय पंचायत समिति, नगरपालिका कार्यालय या अनुजा निगम से सम्पर्क किया जा सकता है।

राजस्थान में बढ़ी सर्दी की आहट, कई जिलों में बारिश का अंदेशा

जयपुर राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने आज सोमवार को प्रदेश के 11 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। वहीं, मंगलवार 4 नवंबर को इस सिस्टम के और अधिक प्रभावी होने की संभावना जताई गई है। पिछले 24 घंटों में राज्य के अधिकांश इलाकों में मौसम शुष्क रहा। जयपुर, अजमेर, कोटा, जोधपुर, बीकानेर और भीलवाड़ा में दिनभर धूप खिली रही और तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव देखने को मिला। जैसलमेर सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 36.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। दिन के तापमान में बाड़मेर 35.5°, बीकानेर 35.2°, जोधपुर 34.5°, नागौर 33.3°, अजमेर 31.8° और जयपुर 31° सेल्सियस दर्ज किया गया। कई शहरों में दिन के समय हल्की उमस भी महसूस की गई। रात में आसमान साफ रहने के कारण ठंड का असर बढ़ गया है। न्यूनतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। नागौर सबसे ठंडा शहर रहा, जहां रात का पारा 12.5 डिग्री तक गिरा। सीकर, फतेहपुर, जालोर और सिरोही में भी तापमान 13 से 15 डिग्री के बीच रहा। मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो दिनों तक प्रदेश के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में हल्की बारिश की संभावना बनी रहेगी, जबकि रात के तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है। 5 नवंबर से तापमान में और गिरावट मौसम विभाग के निदेशक राधेश्याम शर्मा का कहना है-  3 नवंबर से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से एक बार पुनः जोधपुर, उदयपुर, अजमेर, जयपुर, भरतपुर व कोटा संभाग के कुछ भागों में 3-4 नवंबर को मेघगर्जन के साथ हल्की-मध्यम बारिश होने की संभावना है। इस दौरान बीकानेर संभाग के क्षेत्रों में भी आंशिक बादल छाए रहने की संभावना है।  राज्य के अधिकांश भागों में 5 नवंबर से आगामी एक सप्ताह मौसम शुष्क रहने तथा उत्तरी हवाओं के प्रभाव से न्यूनतम तापमान में 2-4 डिग्री से. गिरावट होने की प्रबल संभावना है। 24 घंटों में तापमान की स्थिति अजमेर 31.0 और 14.7, भीलवाड़ा 31.4 और 19.8, जयपुर 31 और 19.7, अलवर 31.5 और 17.2,  कोटा 31.1 और 26.6, सीकर 30 और 14, पिलानी 33.1 और 16.2, चित्तौड़गढ़ 31.4 और 20.0, डबोक 28.4 और 22.6, बाड़मेर 35.5 और 19.8, जैसलमेर 36.1 और 19.7,  जोधपुर 34.5 और 16.2, फलोदी 34.8 और 22.4, बीकानेर 35.2 और 18.5, चूरू 34.1 और 15.4, श्रीगंगानगर 34.4 और 17.1, नागौर 33.3 और 12.5, फतेहपुर 32.1  और 12.9, झुंझुनू 32.1 और 15.6 तापमान दर्ज किया गया।  

यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, बसों में अनधिकृत बदलाव पर सख्ती – डिप्टी सीएम बैरवा

अजमेर राजस्थान के डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा रविवार को अजमेर पहुंचे, जहां वे एक निजी होटल में आयोजित विवाह समारोह में शामिल हुए। इस दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने प्राइवेट बस संचालकों को चेताया कि वे अपनी बसों को परिवहन विभाग के निर्धारित नियमों के अनुरूप ही संचालित करें। बैरवा ने कहा कि मनमर्जी से बसों को मॉडिफाई करना गलत है। सरकार यात्रियों की जान की परवाह करती है, इसलिए ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त कार्रवाई जारी है। डिप्टी सीएम ने कहा कि अगर बस संचालक नियमों का पालन करेंगे, तो किसी तरह की दिक्कत नहीं होगी। यात्रियों की सुरक्षा और सुरक्षित यात्रा सरकार की पहली प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि प्राइवेट बस मालिकों ने भले हड़ताल की हो लेकिन यदि वे तय मानकों का पालन करें तो हड़ताल जैसी स्थिति नहीं बनेगी। बैरवा ने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में मात्र 600 बसें संचालित थीं, जबकि वर्तमान सरकार के दौरान अब राज्य में 3200 बसें चल रही हैं। उन्होंने बताया कि पहले रोडवेज की एक बस रोजाना कंडम हो जाती थी लेकिन अब नई बसें खरीदी गई हैं और आगे भी खरीद जारी रहेगी। सरकार ने गांवों को भी बस सेवा से जोड़ा है, जिससे रोडवेज संचालन से प्रतिदिन साढ़े पांच हजार करोड़ रुपये का राजस्व बढ़ा है। एसआईआर प्रणाली पर पूछे गए सवाल के जवाब में बैरवा ने कहा कि इससे सही मतदाता का ही वोट डाला जाएगा। उन्होंने इसे चुनाव आयोग का स्वागत योग्य कदम बताया, जो फर्जी वोटिंग पर रोक लगाएगा और सही मतदाता को ही बचाएगा। राजनीतिक सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए डिप्टी सीएम ने कहा कि जब नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने थे तब भारत की अर्थव्यवस्था 11वें स्थान पर थी, जो आज चौथे स्थान पर पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि भाजपा बिना विजन के कोई काम नहीं करती जो कहती है, वह करती है। बैरवा ने विश्वास जताया कि अंता उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी ही विजयी होगा।  

वीडियो वायरल: जयपुर में डंपर का कहर, 19 लोगों की दर्दनाक मौत

जयपुर  जयपुर में सोमवार को एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हुआ. नशे में धुत एक डंपर चालक ने तेज रफ्तार में पहले बाइक को रौंदा और फिर सड़क पर मौजूद लोगों और अन्य वाहनों को कुचलता चला गया. घटना का सीसीटीवी वीडियो सामने आया है, जिसमें साफ दिख रहा है कि डंपर अनियंत्रित होकर लगातार लोगों को टक्कर मार रहा है. हादसा इतना भयानक था कि कई शव डंपर के नीचे फंस गए. पुलिस के अनुसार, हादसे में अब तक 19 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि दर्जनभर से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं. घायलों को कांवटिया अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है. डॉक्टरों के अनुसार कुछ की हालत बेहद गंभीर है. प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सड़क पर गाड़ियों और मलबे का ढेर लग गया था. कुछ बाइकें डंपर के नीचे फंस गई थीं, जिन्हें निकालने में काफी समय लगा. हादसे का सीसीटीवी आया सामने  हादसे की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग और पुलिस मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया. घटना के बाद अस्पतालों में रोने-बिलखने का माहौल है. मृतकों के परिजनों का ट्रॉमा सेंटर के बाहर बुरा हाल है. रिश्तेदार उन्हें संभालने की कोशिश कर रहे हैं. इस हादसे में अबतक 19 लोगों की मौत  हादसे की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कैबिनेट मंत्री सुमित गोदारा और सुरेश सिंह रावत को अस्पताल भेजा. उन्होंने डॉक्टरों को घायलों को बेहतर उपचार देने के निर्देश दिए. ट्रॉमा सेंटर के नोडल अधिकारी बीएल यादव ने बताया कि सभी घायलों का इलाज जारी है और कुछ को कांवटिया अस्पताल भेजा गया है. लोहा मंडी रोड पर से एक्सप्रेस वे की ओर जा रहा था डंपर मौत बनकर दौड़ने वाला डंपर लोहा मंडी रोड से सीकर रोड होता हुआ जयपुर दिल्ली नेशनल हाईवे की ओर जा रहा था। हाईवे पर चढ़ने से पहले वह बेकाबू हो गया और वाहनों को टक्कर मारता गया। दुपहिया वाहनों को कुचलते हुए निकलने के कारण कई लोगों के शव सड़क पर बिखर कर टुकड़े टुकड़े हो गए। सड़क पर कहीं हाथ, कहीं पैर तो कहीं शरीर के अन्य अंग बिखरे हुए नजर आए। जो लोग सड़क किनारे खड़े थे, वे भी इस हादसे के शिकार हुए हैं। नशे में धुत होकर चालक ने दौड़ाया डंपर हादसे के कुछ देर बाद सीसीटीवी फुटेज भी सामने आए हैं जिसमें साफ दिखाई दे रहा है कि डंपर बहुत तेज गति से दौड़ रहा था। वाहनों की काफी आवाजाही वाली सड़क पर भी वह डंपर काफी तेज स्पीड पर काल बनकर दौड़ा रहा। सीसीटीवी में डंपर द्वारा दुपहिया वाहनों को कुचलते हुए दौड़ने की फुटेज भी नजर आ रहे हैं। पुलिस ने इस डंपर चालक को गिरफ्तार भी कर लिया है। प्राथमिक जांच में पता चला है कि डंपर का चालक शराब के नशे में था। हालांकि आरोपी ड्राइवर की मेडिकल जांच करवाई जा रही है। सीसीटीवी में देखें हृदय विदारक दृश्य हादसे के बाद जिस भी व्यक्ति ने इस दृश्य को देखा, वह सिहर उठा। सड़क पर करीब चार से पांच किलोमीटर तक डंपर ने कहर बरपाया। डंपर के कहर बरपाने के दौरान कई वाहन भी आपस में टकराने लगे। बताया जा रहा है कि करीब 20 से ज्यादा वाहन इस हादसे में दुर्घटनाग्रस्त हुए। करीब 10 लोगों की मौत तो मौके पर ही हो गई जबकि कुछ घायलों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। खाटूश्यामजी जाने वाले श्रद्धालु भी हुए घायल कुछ लोग सड़क किनारे एक ईको कार में सवार थे। वे लोग खाटू श्याम बाबा के दर्शन करने के लिए खाटू श्याम जी जा रहे थे। सड़क किनारे रुकने के दौरान तेज स्पीड से आया डंपर टक्कर मारते हुए पास से गुजरा। इस हादसे में डंपर में सवार पांच लोग घायल हुए। घायलों को पहले कांवटिया और फिर एसएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया।  

एक पल में बुझ गई उम्मीदों की मशाल: राष्ट्रीय तीरंदाज की ट्रेन हादसे में मौत

कोटा राष्ट्रीय स्तर के युवा तीरंदाज अर्जुन सोनावले (20) की राजस्थान के कोटा जंक्शन पर चलती ट्रेन से गिरकर दर्दनाक मौत हो गई। अर्जुन अपने कोच और साथियों के साथ पंजाब के भटिंडा में एक कार्यक्रम में हिस्सा लेकर बस्ती-मुंबई सेंट्रल एसी स्पेशल ट्रेन से अपने साथियों के साथ महाराष्ट्र लौट रहे थे। यह हादसा शनिवार रात करीब 8:30 बजे हुआ, जब ट्रेन प्लेटफॉर्म पर धीमी हो रही थी। उसी दौरान अर्जुन खाना लेने के लिए कोच के दरवाजे पर खड़े थे, तभी अचानक उनका पैर फिसल गया और वे ट्रेन व प्लेटफॉर्म के बीच गिर पड़े। ट्रेन रुकते ही यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों ने उन्हें बाहर निकाला, लेकिन गंभीर रूप से घायल अर्जुन ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। जीआरपी के अधिकारी दालचंद सैन ने कहा कि पोस्टमार्टम करने के बाद रिश्तेदारों को शव सौंप दिया गया। टीम मैनेजर अनिल कमलापुरे ने बताया कि अर्जुन ने अब तक राज्य और राष्ट्रीय स्तर की तीरंदाजी प्रतियोगिताओं में आठ स्वर्ण पदक जीतकर अपनी पहचान बनाई थी।  

नवंबर में गिरेगा पारा: धुंध से ढका राजस्थान, शुरू हुई कड़ाके की ठंड

जयपुर राजस्थान में अगले कुछ दिनों तक मौसम सामान्य रहेगा। जयपुर, अजमेर, जोधपुर, बीकानेर और भरतपुर संभाग में अगले 2 से 3 दिनों तक आसमान साफ और दिन में धूप खिली रहने की संभावना है। तापमान में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। वहीं, उदयपुर और कोटा संभाग में अगले 48 घंटे तक आंशिक बादल छाए रह सकते हैं। बीते दिनों जिन जिलों में बारिश हुई है, अब वहां धुंध का असर भी देखने को मिल रहा है। पिछले सप्ताह 24 से 30 अक्टूबर के बीच राज्य में औसतन 19.6 मिमी वर्षा हुई। पूर्वी राजस्थान में हल्की से मध्यम और दक्षिण-पूर्वी इलाकों में कहीं-कहीं भारी वर्षा दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, इस बार नवंबर में प्रदेश में सामान्य से अधिक बारिश होने के संकेत हैं। हालांकि रात के तापमान में विशेष गिरावट नहीं होगी और सर्दी का असर सामान्य रहेगा। उदयपुर, कोटा, जयपुर, भरतपुर और अजमेर संभाग में दिन का तापमान औसत से नीचे रह सकता है। पिछले तीन दिनों की बारिश के बाद शुक्रवार को अलवर और आसपास के इलाकों में हल्की धुंध छाई रही। वहीं उदयपुर, डूंगरपुर, भीलवाड़ा और चित्तौड़गढ़ में बादल छाए रहे और कुछ स्थानों पर हल्की बारिश दर्ज की गई। देर शाम तक मौसम साफ हो गया। मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, हिंद महासागर में इंडियन ओशन डायपॉल कमजोर और प्रशांत महासागर में ला-नीना की स्थिति बनी हुई है, जिससे पूरे भारत में (जम्मू-कश्मीर और तमिलनाडु को छोड़कर) नवंबर में सामान्य से ज्यादा बारिश की संभावना है। शुक्रवार को प्रदेश में सबसे अधिक तापमान 34.4 डिग्री सेल्सियस बाड़मेर, जबकि सबसे कम 18.2 डिग्री सेल्सियस पाली में दर्ज हुआ। सीकर, टोंक, अजमेर, अलवर, बारां, प्रतापगढ़ और सिरोही में अधिकतम तापमान 30 डिग्री से नीचे रहा। प्रदेश के प्रमुख शहरों का तापमान (तापमान 31 अक्टूबर का डिग्री सेल्सियस में है) — अजमेर 27.8 और 18.9, भीलवाड़ा 25.7 और 20.5, वनस्थली (टोंक) 25.6 और 18.8, अलवर 27 और 21, जयपुर 27.8 और 21.1, पिलानी 31.7 और 20.7, सीकर 29.5 और 19.5, कोटा 25.8 और 21.2, चित्तौड़गढ़ 26.3 और 19, उदयपुर 24 और 20.2, बाड़मेर 34.4 और 23.1, जैसलमेर 34.2 और 19, जोधपुर 31.8 और 22.2, बीकानेर 32.2 और 19.4, चूरू 31.5 और 20.5, गंगानगर 31.5 और 20.1, नागौर 32 और 19.2, जालोर 31 और 22.3, दौसा 28.1 और 21.5, प्रतापगढ़ 25.5 और 20.3, झुंझुनूं 29.9 और 20.5, पाली 27.1 और 18.2 डिग्री सेल्सियस रहा।  

तेज रफ्तार का कहर: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे बना मौत का हाइवे

दौसा दौसा देश के दो महानगरों दिल्ली और मुंबई को सीधे जोड़ने और यात्रा समय घटाने के उद्देश्य से बनाए गए दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे को जानवर-रहित और सुरक्षित बताया गया था, लेकिन यह ड्रीम प्रोजेक्ट अब यात्रियों के लिए मौत का हाईवे बनता जा रहा है। एक्सप्रेसवे शुरू हुए 32 महीने से अधिक हो चुके हैं और अब तक 250 से ज्यादा लोग सड़क हादसों में अपनी जान गंवा चुके हैं। अकेले दौसा जिले में ही 180 से अधिक मौतें दर्ज की जा चुकी हैं। जानवरों के कारण बढ़ रहे हादसे केंद्र सरकार के जानवर-रहित हाइवे के दावे हवा में नजर आ रहे हैं। एक्सप्रेसवे पर रोजाना लावारिस पशु घूमते देखे जा रहे हैं, और ज्यादातर हादसे इन्हीं की वजह से हो रहे हैं। भारी-भरकम टोल चुकाने के बाद भी वाहन चालकों को सुरक्षित यात्रा नहीं मिल पा रही है। मॉनिटरिंग सिस्टम फेल, रफ्तार पर नहीं लग रही लगाम वाहनों की तेज रफ्तार हादसों का बड़ा कारण बन चुकी है। एक्सप्रेसवे को 120 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम गति सीमा के अनुसार तैयार किया गया था, लेकिन मॉनिटरिंग की कमी के चलते कई कारें 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक दौड़ रही हैं। चालक की झपकी और लापरवाही भी कई दुर्घटनाओं की वजह बन रही है। हाई-टेक कैमरे भी बेअसर हादसे रोकने के लिए हर 100 मीटर पर थर्मल सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जो ओवरस्पीड वाहनों की पहचान कर एनएचएआई और यातायात पुलिस को सूचना देने के लिए हैं। बावजूद इसके, हादसों में कोई कमी नहीं आई है। सुरक्षा दीवारें टूटीं, जानवरों का आसान प्रवेश एनएचएआई के दावों के विपरीत, कई जगहों पर एक्सप्रेसवे के किनारे सुरक्षा दीवारें टूटी हुई हैं या बनाई ही नहीं गईं। स्थानीय लोगों ने जगह-जगह दीवार तोड़कर रास्ते बना लिए हैं, जिससे आवारा पशु और दुपहिया वाहन आसानी से एक्सप्रेसवे पर पहुंच जाते हैं। हाईवे के किनारे मिट्टी डालकर बनाए ढाबे और दुकानें पिलर संख्या 190 के आसपास हाइवे की सीमा में मिट्टी डालकर समतलीकरण कर ढाबे और दुकानें खोल ली गई हैं। यहां ट्रक खड़े रहते हैं, जबकि यह क्षेत्र नो-पार्किंग जोन है। कई स्थानों पर 10 फीट ऊंचाई तक मिट्टी भरकर हाइवे से जुड़ाव बना लिया गया है। स्थानीय लोग खुलेआम व्यापार कर रहे हैं, लेकिन एनएचएआई अधिकारियों की अनदेखी के कारण स्थिति बेकाबू है। एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। यह ड्रीम प्रोजेक्ट, जो देश की आधुनिक सड़क प्रणाली की मिसाल माना जा रहा था, अब लगातार हादसों और लापरवाही के कारण सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है।