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जेडीए का बड़ा प्लान, वंदे मातरम रोड से खत्म होंगे ब्लैक स्पॉट्स, चौराहों पर लगेंगी आकर्षक मूर्तियां

जयपुर  राजस्थान के200 फीट चौड़ी सड़कों वंदे मातरम रोड को पहले से कही ज्यादा अट्रेक्टिव और हाईटेक बनाने की तैयारी तेज हो गई है। जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) ने मानसरोवर क्षेत्र में स्थित शहर की सबसे चौड़ी और महत्वपूर्ण सड़कों में शुमार वंदे मातरम रोड को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने की तैयारी पूरी कर ली है। अगले 6 महीनों में ये सड़क न केवल सुरक्षित होगी, बल्कि आधुनिक सुविधाओं और सुंदरता के नए पैमाने गढ़ेगी। ब्लैक स्पॉट्स होंगे खत्म, रोड सेफ्टी पर खास फोकस सर्वेक्षण के बाद जेडीए ने इस सड़क के लिए एक नया मास्टर प्लान तैयार किया है। मुख्य फोकस उन स्थानों (ब्लैक स्पॉट्स) को सुधारने पर है जहाँ अक्सर दुर्घटनाएं होती हैं। पूरी सड़क का पुनर्निर्माण भारतीय सड़क कांग्रेस (IRC) के मानकों के अनुसार किया जाएगा। जानिए क्या होने जा रहे हैं बड़े बदलाव वंदे मातरम रोड को दिल्ली और अहमदाबाद की सड़कों की तर्ज पर तैयार इस प्रोजेक्ट में कई आधुनिक फीचर्स शामिल होने जा रहे हैं। मुख्य सड़क को 35-40 फीट और दोनों तरफ की सर्विस रोड को 20-25 फीट चौड़ा किया जाएगा। लेन सिस्टम को खास तौर पर डवलप किया जाएगा। होगा स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार यहां पानी, बिजली, गैस, सीवरेज और टेलीकॉम लाइनों के लिए अलग से अंडरग्राउंड यूटिलिटी कॉरिडोर बनाया जाएगा, ताकि बार-बार सड़क खोदने की जरूरत न पड़े। इसके अलावा सड़क के दोनों ओर व्यवस्थित बस-वे और पार्किंग स्पेस बनाए जाएंगे। पैदल यात्रियों का ध्यान में रखते हुए फुटपाथों का विस्तार होगा और सुरक्षित क्रॉसिंग की व्यवस्था की जाएगी। इसी तरह स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए सौंदर्यीकरण करने के साथ ही चौराहों पर मूर्तियां भी स्थापित करेगा। इन स्थानों पर होगी मूर्तियां स्थापित वंदे मातरम रोड के प्रमुख चौराहे जैसे भारत माता, खरबस, वंदे मातरम, हयात और इस्कॉन सहित 6 प्रमुख चौराहों को आकर्षक मूर्तियों और स्मारकों से सजाया जाएगा। इसके अलावा यहां डिवाइडर और सड़क के किनारों पर सघन वृक्षारोपण कर ग्रीन बेल्ट विकसित की जाएगी। जानिए क्या होंगे बड़े फायदे     न्यू सांगानेर रोड से मुहाना मंडी के बीच के इस हिस्से से रोजाना लगभग 10,000 वाहन गुजरते हैं। इस कायाकल्प से यातायात सुगम होगा     मुहाना मंडी जाने वाले व्यापारियों, कृषकों व स्थानीय निवासियों को जाम से मुक्ति मिलेगी।     सड़क हादसों में कमी आएगी     पहले से कही ज्यादा ये रोड सुंदर लगेगा 6 महीनों में बदलेगी तस्वीर जेडीए अधिकारियों के अनुसार, यह परियोजना जयपुर के तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों के लिए मील का पत्थर साबित होगी। अगले 6 महीनों में यातायात प्रवाह बेहतर होगा और दुर्घटनाओं के जोखिम में भारी कमी आएगी। खुशेंद्र तिवारी

NH-48 पर सुगम होगा सफर, खेरवाड़ा में एलिवेटेड स्ट्रक्चर के लिए केंद्र की मंजूरी, सीएम भजनलाल ने जताया आभार

जयपुर एलिवेटेड स्ट्रक्चर (ऊंची संरचना) बनाने की स्थानीय जनता की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करती है। इस में स्थानीय ट्रैफिक को प्रभावी ढंग से अलग किया जाएगा। खेरवाड़ा को बड़ी सौगात: 363.89 करोड़ की लागत से बनेगा एलिवेटेड कॉरिडोर, जाम से मिलेगी मुक्ति राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-48 के उदयपुर-रतनपुर-शामलाजी खंड पर खेरवाड़ा शहर में एलिवेटेड कॉरिडोर निर्माण की स्वीकृति प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का आभार व्यक्त किया है। शर्मा ने शनिवार रात सोशल मीडिया के माध्यम से आभार जताते हुए कहा कि 363.89 करोड़ रुपए की लागत से प्रस्तावित यह परियोजना यातायात सुगमता एवं सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ करते हुए क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को गति प्रदान करेगी और प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास को और अधिक मजबूत बनाएगी। उदयपुर-रतनपुर-शामलाजी सेक्शन पर निर्माण उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने राजस्थान में राष्ट्रीय राजमार्ग-48 के उदयपुर-रतनपुर-शामलाजी सेक्शन पर खेरवाड़ा शहर में एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण के लिए 363.89 करोड़ रुपए की लागत के साथ स्वीकृति दी है। लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी यह परियोजना खेरवाड़ा कस्बे में एक एलिवेटेड स्ट्रक्चर (ऊंची संरचना) बनाने की स्थानीय जनता की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करती है। इस में स्थानीय ट्रैफिक को प्रभावी ढंग से अलग किया जाएगा और पहचाने गए 'ब्लैक-स्पॉट्स' (दुर्घटना संभावित क्षेत्रों) को ठीक किया जाएगा, जिससे सड़क सुरक्षा में समग्र सुधार होगा। ट्रैफिक का दबाव कम करने में मदद मिलेगी यह एलिवेटेड स्ट्रक्चर बाहर से आने वाले ट्रैफिक को स्थानीय ट्रैफिक से अलग कर गुजरने देगा, जिससे खेरवाड़ा शहर में ट्रैफिक का दबाव कम करने में मदद मिलेगी और यात्रा का समय भी बचेगा। इससे आवागमन और भी सुगम और तेज हो जाएगा।

डेढ़ साल से फरार नकल गिरोह का मुख्य आरोपी चढ़ा पुलिस के हत्थे, हाई कोर्ट एलडीसी और ईओ-आरओ भर्ती में की थी धांधली

जयपुर राजस्थान पुलिस के विशेष अभियान दल (एसओजी) ने दो सार्वजनिक परीक्षाओं में ब्लूटूथ् डिवाइस से नकल करने का आरोपी राजेश कुमार रेवाड़ को गिरफ्तार कर लिया है। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एसओजी) विशाल बंसल ने शनिवार को बताया कि इस मामले में आरोपी राजेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है। बंसल ने बताया कि राजस्थान उच्च न्यायालय द्वारा लिपिक ग्रेड द्वितीय के पदों पर सीधी भर्ती के लिए संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा 2022, 12 मार्च एवं 19 मार्च 2023 को आयोजित की गई थी और संगठित नकल गिरोह के मुख्य अभियुक्त राजेश कुमार निवासी रुखासर रतनगढ चुरु का परीक्षा 19 मार्च को परीक्षा केंद्र नेहरु ज्योति सीनीयर सेकेंडरी स्कूल जयपुर था। प्रश्न पत्र के उत्तरों की नकल करवाई गिरोह के मुख्य अभियुक्त पौरव कालेर द्वारा सालासर से मोबाइल फोन से राजेश कुमार को परीक्षा केंद्र में ब्लूटूथ डिवाइस के माध्यम से प्रश्न पत्र के उत्तरों की नकल करवाई थी। राजस्व अधिकारी ग्रेड द्वितीय एवं अधिशाषी अधिकारी (ईओ एवं आरओ) वर्ग चतुर्थ (स्वायत शासन विभाग ) प्रतियोगी परीक्षा वर्ष 2022 में भी राजेश कुमार वांछित है। ब्लूटूथ डिवाइस के माध्यम से नकल यह परीक्षा 14 मई को आयोजित की गई थी और इसमें भी ब्लूटूथ डिवाइस के माध्यम से नकल की थी। इन दोनों मामलों में राजेश कमार डेढ़ वर्ष से फरार चल रहा था और इसकी गिरफ्तारी के लिए एसओजी जयपुर द्वार 25 हजार रुपए का ईनाम घोषित किया हुआ था।

फेमस होने का खतरनाक जुनून, पेट्रोल पंप पर डीजल से नहलाई कार, राजस्थान के दो युवक गिरफ्तार

सिरोही लिस का कहना है कि आरोपियों ने सोशल मीडिया पर मशहूर होने के इरादे से इस हरकत को अंजाम दिया था। पुलिस ने चेतावनी दी है कि ऐसी खतरनाक हरकतों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। लापरवाही की हद! डीजल से धोई स्कॉर्पियो, फेमस होने की चाहत में बनाई रील; गिरफ्तार राजस्थान के सिरोही का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक युवक पेट्रोल पंप पर अपनी स्कॉर्पियो कार को डीजल से धोता नजर आ रहा है। इस घटना के बाद लोगों ने ईंधन की बर्बादी और पब्लिक सेफ्टी को लेकर काफी नाराजगी जताई है। हालांकि ऐसी हरकत करने वालों को इसका कतई अंदाजा नहीं था कि उनकी यह हरकत उनके लिए ही मुसीबत बन जाएगी। पुलिस ने इस मामले में महिपाल सिंह समेत दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है और उनकी गाड़ी भी जब्त कर ली है। अधिकारियों का कहना है कि यह स्टंट शायद सोशल मीडिया पर 'रील' बनाने के लिए किया गया था। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने सोशल मीडिया पर मशहूर होने के इरादे से इस हरकत को अंजाम दिया था। पुलिस ने चेतावनी दी है कि ऐसी खतरनाक हरकतों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। तुरंत जांच और कार्रवाई आपको बता दें कि वीडियो वायरल होने के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा, जिसके बाद आरोपियों की पहचान के लिए जांच शुरू की गई। वायरल वीडियो पर कड़ा संज्ञान लेते हुए सिरोही के पुलिस अधीक्षक (एसपी) पुष्पेंद्र सिंह ने तुरंत जांच और कार्रवाई के निर्देश दे दिए थे। छीबा गांव के रहने वाले हैं आरोपी सिरोही पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की। आरोपी छीबा गांव के रहने वाले हैं। उन पर सार्वजनिक व्यवस्था बिगाड़ने का आरोप लगाया गया है। रील में देखा जा सकता है कि एक शख्स पेट्रोल पंप पर बैखोफ खड़ा है और अपने हाथ से ही डीजल को कार पर कुछ ऐसे डाल रहा है जैसे पानी हो। गनीमत रही की कोई गड़बड़ नहीं हुई डीजल बेहद ही ज्वलनशील पदार्थ होता है अगर गलती से भी एक चिंगारी उसपर पड़ जाती तो कितना भयावह नजारा देखने को मिल सकता था। हालांकि कि गनीमत रही की ऐसा कुछ नहीं हुआ। पुलिस ने भी मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की।

मरुधरा में फिर बिगड़ेगा मौसम, अगले 48 घंटे में आंधी-तूफान की चेतावनी, तापमान में भारी गिरावट दर्ज

जयपुर  राजस्थान में मौसम का मिजाज लगातार बदला हुआ है। इसके चलते बारिश की लुका-छिपी बरकरार है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि 6 अप्रैल से एक नया और शक्तिशाली वेदर सिस्टम सक्रिय हो रहा है। इसके चलते प्रदेश के 13 जिलों में देखने को मिलेगा, यहां तेज आंधी, मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि की प्रबल संभावना है। ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में बारिश होगी। राजस्थान में हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। इसके चलते मौसम विज्ञान केंद्र ने आगामी बदलाव को देखते हुए जिलों को दो श्रेणियों में बांटा है। 4 जिलों में भारी बारिश और ओलों के लिए ऑरेंज अलर्ट और 9 जिलों में मध्यम बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी के चलते यलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस नए सिस्टम का प्रभाव 8 अप्रैल तक बना रह सकता है, जिससे जनजीवन और कृषि पर सीधा असर पड़ेगा। जानिए कैसा रहा बीते 24 घंटों का हाल शनिवार को भी वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की वजह से प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम बदला रहा। शाम होते ही जयपुर, अलवर, धौलपुर, कोटा और गंगानगर समेत कई जिलों में आसमान में घने बादल छा गए। सबसे अधिक बारिश उदयपुर के कोटड़ा क्षेत्र में सर्वाधिक 32 मिमी बारिश दर्ज की गई। वहीं दौसा, बारां, बूंदी और टोंक में जमकर ओले गिरे। दौसा के नांगल में तो ओलों की वजह से जमीन पर सफेद चादर सी बिछ गई, जिससे फसलों को भारी नुकसान हुआ है। ओलावृष्टि आने वाले दिनों में भी जारी रहेगी। तापमान में भारी गिरावट लगातार हो रही बारिश और ठंडी हवाओं के कारण राजस्थान में समय से पहले गर्मी की लहर गायब हो गई है। अधिकतम तापमान सामान्य से 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया है। चित्तौड़गढ़ में पारा 35.2 डिग्री रहा, जबकि जयपुर, जोधपुर और बीकानेर जैसे शहरों में भी मौसम ठंडा बना हुआ है। क्यों बदल रहा है मौसम? मौसम विशेषज्ञों के लिए मार्च-अप्रैल में इतने सक्रिय सिस्टम का बनना चर्चा का विषय है। सामान्यतः इस समय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस इतने प्रभावी नहीं होते, लेकिन इस बार उत्तर-पश्चिमी मैदानी क्षेत्रों में इनकी मजबूत स्थिति बनी हुई है। साथ ही, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी ने इस सिस्टम को और अधिक सक्रिय बना दिया है। हालांकि 5 अप्रैल को मामूली राहत मिल सकती है, लेकिन 6 अप्रैल से शुरू होने वाला नया दौर किसानों और आम जनता के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है। खुशेंद्र तिवारी

भूमाफियाओं के दुस्साहस पर प्रहार, जयपुर में तीसरी बार जमींदोज की गई अवैध कॉलोनी, 8 बीघा जमीन मुक्त

जयपुर  प्रदेश की राजधानी जयपुर में जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) की ओर से बड़ा एक्शन लिया गया है। यहां जयपुर शहर के बाहरी इलाकों में सरकारी जमीनों पर कब्जा कर अवैध कॉलोनियां बसाने वाले भूमाफियाओं के खिलाफ अपना रुख बेहद सख्त कर लिया है। 4 अप्रैल को जेडीए की प्रवर्तन शाखा ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए तीन अवैध कॉलोनियों के निर्माण को जमींदोज कर दिया। जानिए कहां- कहां हुई कार्रवाई जेडीए दस्ते ने शहर के अलग-अलग हिस्सों में कार्रवाई की। प्रशासन ने सुमेल और जयसिंहपुरा खोर इलाकों में बनी अवैध कॉलोनियों में बुलडोजर एक्शन लिया। इसमें सुमेल इलाके की कार्रवाई सबसे महत्वपूर्ण रही। यहां सुमेल क्षेत्र के राधा वल्लभनगर में अवैध कॉलोनी बसाई जा रही थी। चौंकाने वाली बात यह है कि जेडीए यहां पहले भी दो बार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई कर चुका था। भूमाफियाओं के दुस्साहस देखिये कि तीसरी बार जेडीए की सख्ती को दरकिनार कर फिर से निर्माण शुरू कर दिया गया, जिसे शनिवार को फिर मलबे में तब्दील कर दिया गया। इसके अलावा जयसिंहपुरा खोर के सांवरिया धाम और पूजा विहार में भी बुलडोजर गरजा। यहां जेडीए के स्वामित्व वाली करीब 8 बीघा बेशकीमती जमीन पर भूमाफियाओं ने कब्जा कर रखा था। जेडीए की चेतावनी, दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश जेडीए प्रवर्तन शाखा के आला अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सरकारी और कृषि भूमि पर अवैध कब्जे की हर सूचना पर त्वरित एक्शन लिया जाएगा। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अवैध निर्माण को केवल ध्वस्त नहीं किया जाएगा, बल्कि बार-बार कानून का उल्लंघन करने वाले भूमाफियाओं के खिलाफ FIR दर्ज कर कानूनी शिकंजा कसा जाएगा। सरकारी जमीनों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने लोगों को सस्ते प्लॉट या लुभावने विज्ञापनों के झांसे में ना आने की भी सलाह दी है।  

सोजत मेहंदी इंडस्ट्री पर संकट के बादल, एक्सपोर्ट रुकने से 80 फीसदी फैक्ट्रियों में जड़े ताले

पाली मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और ईरान से जुड़े युद्ध हालात का असर अब राजस्थान के पाली जिले के सोजत की विश्वप्रसिद्ध महेंदी इंडस्ट्री पर साफ नजर आने लगा है। बीते 30 दिनों में यहां के कारोबार को जबरदस्त झटका लगा है। एक्सपोर्ट पर लगभग ब्रेक लग गया है, जिससे अब तक करीब 250 करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है। हालात ऐसे हैं कि फैक्ट्रियों में मशीनें खामोश हैं और हजारों मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। एक्सपोर्ट ठप, 90% कारोबार प्रभावित सोजत की महेंदी दुनियाभर में अपनी गुणवत्ता के लिए जानी जाती है, लेकिन मौजूदा हालात में यूरोप और इजरायल को जाने वाला माल पूरी तरह होल्ड पर है। नए ऑर्डर मिलना भी लगभग बंद हो गया है। इसका सीधा असर एक्सपोर्ट यूनिट्स पर पड़ा है, जहां करीब 90 फीसदी काम ठप हो चुका है। वर्तमान में महज 10 फीसदी उत्पादन ही जारी है, वह भी पुराने ऑर्डर पूरे करने के लिए। 4000 करोड़ का कारोबार सिमटा कोरोना काल के बाद से ही उतार-चढ़ाव झेल रही सोजत की महेंदी इंडस्ट्री अब सबसे बड़े संकट के दौर में पहुंच गई है। अच्छे समय में इस उद्योग का सालाना टर्नओवर 4000 करोड़ रुपए से अधिक था, लेकिन अब इसमें 80 से 90 फीसदी तक की गिरावट आ चुकी है। सोजत में करीब 100 से ज्यादा छोटी-बड़ी फैक्ट्रियां हैं, जहां 5 हजार से अधिक श्रमिक काम करते थे। इनमें से 80 फीसदी मजदूर उत्तर प्रदेश, बिहार और कोटपूतली जैसे इलाकों से आते हैं, जबकि 20 फीसदी स्थानीय हैं। फैक्ट्रियों में ताले, मजदूरों पर मार हालात बिगड़ने के बाद करीब 80 फीसदी मशीनें बंद पड़ी हैं। लगभग 2500 मजदूरों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। कई मजदूर अपने गांव लौट चुके हैं, जबकि जो बचे हैं, वे भी अनिश्चितता के माहौल में काम कर रहे हैं। 20 साल से मजदूरी कर रहे श्रमिकों का कहना है कि ऐसा संकट उन्होंने पहले कभी नहीं देखा। माल अटका, लागत दोगुनी व्यापारियों के अनुसार, सोजत से महेंदी का बड़ा हिस्सा हवाई और समुद्री मार्ग से मिडिल ईस्ट भेजा जाता है, लेकिन वर्तमान में 80 फीसदी माल होल्ड पर है। करीब 30 फीसदी माल मुंबई के शिपिंग कार्गो और दिल्ली के एयर कार्गो में अटका हुआ है। लाल सागर के रास्ते शिपिंग बाधित होने के कारण अब माल लंबा रूट लेकर भेजना पड़ रहा है, जिससे भाड़ा लगभग दोगुना हो गया है। एलपीजी और केमिकल संकट ने बढ़ाई मुश्किलें महेंदी व्यवसायी नितेश अग्रवाल के अनुसार, युद्ध के चलते एलपीजी की कमी ने भी उत्पादन पर असर डाला है। कई फैक्ट्रियां जो एलपीजी पर निर्भर हैं, वे बंद हो चुकी हैं। वहीं मिडिल ईस्ट और यूरोप से आने वाले जरूरी केमिकल्स की सप्लाई भी बाधित हो गई है। शिपिंग लागत बढ़ने से लागत और मुनाफे का संतुलन पूरी तरह बिगड़ गया है। व्यापारियों की चिंता: लंबा चला युद्ध तो भारी नुकसान महेंदी कारोबारी विनोद लोढ़ा जैन का कहना है कि अगर मिडिल ईस्ट में हालात जल्द सामान्य नहीं हुए, तो यह संकट और गहरा सकता है। लंबे समय तक ऑर्डर होल्ड रहने और नए ऑर्डर नहीं मिलने से उद्योग पूरी तरह चरमरा सकता है। आर्थिक और सामाजिक असर गहराया सोजत की महेंदी इंडस्ट्री सिर्फ व्यापार ही नहीं, बल्कि हजारों परिवारों की आजीविका का आधार है। मौजूदा संकट ने न केवल उद्योग बल्कि सामाजिक ढांचे को भी प्रभावित किया है। मजदूरों का पलायन बढ़ रहा है और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी इसका असर साफ दिखने लगा है। नजरें अब हालात सुधार पर फिलहाल सोजत के व्यापारियों और मजदूरों की नजरें मिडिल ईस्ट के हालात पर टिकी हैं। अगर जल्द शांति बहाल नहीं हुई, तो यह नुकसान और बढ़ सकता है, जिससे राजस्थान की इस पहचान को गहरा झटका लगने की आशंका है।

छोटू सिंह रावणा को धमकी मामले से समाज में आक्रोश, 5 अप्रैल को महापंचायत में तय होगी रणनीति

जयपुर राजस्थान में रावणा राजपूत समाज एक बार फिर संगठित शक्ति का प्रदर्शन करने जा रहा है। 5 अप्रैल को पुष्कर में आयोजित होने वाली महापंचायत में समाज कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर मंथन करेगा, जिसमें भजन गायक छोटू सिंह रावणा और शिव विधायक रवींद्र सिंह भाटी के बीच चल रहा विवाद प्रमुख रूप से शामिल है। छोटू सिंह रावणा को फोन पर दी गई धमकियां रावणा राजपूत समाज के प्रदेश अध्यक्ष रणजीत सिंह सोडाला ने इस मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि यह केवल एक व्यक्ति का मुद्दा नहीं, बल्कि पूरे समाज के सम्मान से जुड़ा विषय बन चुका है। उन्होंने बताया कि छोटू सिंह रावणा ने उन्हें फोन कर पूरी घटना की जानकारी दी और आरोप लगाया कि उन्हें तीन बार फोन पर धमकियां दी गईं। अपमानजनक व्यवहार ने स्थिति को बिगाड़ा रणजीत सिंह सोडाला के अनुसार, अगर संवाद सम्मानजनक तरीके से होता तो विवाद सुलझ सकता था, लेकिन लगातार अपमानजनक व्यवहार और दबाव ने स्थिति को बिगाड़ दिया। उन्होंने कहा कि पूरा समाज छोटू सिंह रावणा के साथ खड़ा है और इस मामले को महापंचायत में प्रमुखता से उठाया जाएगा। 'रावणा समाज के साथ किया जा रहा भेदभावपूर्ण' सोडाला ने यह भी आरोप लगाया कि रावणा राजपूत समाज के साथ आज भी भेदभावपूर्ण व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज़ादी के 80 वर्ष बाद भी समाज को बराबरी और सम्मान नहीं मिला है। उन्होंने दावा किया कि राजस्थान में इस समाज की संख्या 60 लाख से अधिक है और लगभग 60 विधानसभा सीटों पर इसका सीधा प्रभाव है, इसके बावजूद राजनीतिक दलों ने समाज को केवल 'उपयोग' तक सीमित रखा है। उन्होंने सीकर क्षेत्र की एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि वहां समाज के एक प्रतिष्ठित व्यक्ति के साथ सामाजिक बहिष्कार की बात सामने आई है, जो बेहद चिंताजनक है। इस तरह की घटनाएं समाज में आक्रोश बढ़ा रही हैं।   बड़ा कदम उठा सकता है समाज महापंचायत को लेकर सोडाला ने स्पष्ट किया कि इसमें केवल विवादित मुद्दा ही नहीं, बल्कि समाज के राजनीतिक प्रतिनिधित्व, सामाजिक सम्मान और भविष्य की रणनीति पर भी निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उपेक्षा और अपमान का सिलसिला जारी रहा, तो रावणा राजपूत समाज राजनीतिक रूप से भी बड़ा कदम उठा सकता है। उन्होंने कहा कि समाज एकजुट है और एक आवाज पर निर्णय लेने की क्षमता रखता है। ऐसे में महापंचायत का फैसला आगामी राजनीतिक और सामाजिक समीकरणों पर असर डाल सकता है।  

प्रदेश के 25 जिलों में मौसम विभाग का अलर्ट, जयपुर समेत कई इलाकों में आज भी ओलावृष्टि के आसार

जयपुर राजस्थान में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के असर से शुक्रवार देर शाम को राजस्थान के कई इलाकों में जबरदस्त तूफान और बारिश देखने को मिली। खास तौर पर पूर्वी राजस्थान के भरतपुर से दौसा तक की बेस्ट में आंधी के साथ तेज बारिश आई। यहां अभी गेहूं की फसलों की कटाई चल रही है और बारिश के चलते किसानों को जबरदस्त नुकसान उठाना पड़ा है। बारिश से खेतों में खड़ी गेहूं की चमक खत्म होने के साथ ही पशुओं के लिए चारा भी खराब हो रहा है।  वहीं मंडियों में खुले में रखी गेहूं और सरसों की उपज भी भीग गई। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि बारिश, अंधड़ और ओलावृष्टि का असर 4 अप्रैल को भी जारी रह सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर ने प्रदेश के 25 से अधिक जिलों में तेज आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। गुरुवार को 10 से ज्यादा जिलों में तूफानी बारिश हुई, जबकि बीकानेर, श्रीगंगानगर और जैसलमेर में ओलावृष्टि दर्ज की गई। राजधानी जयपुर में शुक्रवार शाम आए तेज अंधड़ और बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। अलग-अलग हादसों में दो लोगों की मौत हो गई। जवाहर नगर में एक व्यक्ति पर बिजली का पोल गिरने से उसकी जान चली गई, वहीं जवाहर सर्किल इलाके में तेज हवा के कारण पत्थर गिरने से एक बुजुर्ग की मौत हो गई। मौसम में आए इस बदलाव से प्रदेश के तापमान में करीब 7 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई है, जिससे दिन में हल्की ठंडक महसूस की गई। आज इन जिलों में अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार 4 अप्रैल को उदयपुर, अजमेर, कोटा, जयपुर, भरतपुर संभाग और शेखावाटी क्षेत्र में तेज आंधी, बारिश और कहीं-कहीं ओले गिरने की संभावना है। 5 और 6 अप्रैल को गतिविधियों में कुछ कमी आ सकती है, लेकिन 7 अप्रैल से एक नया मजबूत सिस्टम फिर सक्रिय हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार मार्च के बाद भी लगातार पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय बने हुए हैं, जो सामान्य से अलग स्थिति है। इसका सीधा असर मौसम के पैटर्न और कृषि पर पड़ा है। पिछले 24 घंटे में बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, जैसलमेर, झुंझुनूं, सीकर, नागौर, बाड़मेर, जोधपुर, जालोर, जयपुर, अजमेर, अलवर और टोंक सहित कई जिलों में बारिश दर्ज की गई। अजमेर में सबसे अधिक 17.6 मिमी वर्षा हुई, जबकि हनुमानगढ़ में 11.5 और झुंझुनूं में 12.2 मिमी बारिश दर्ज की गई। तापमान में गिरावट के बीच शुक्रवार को चित्तौड़गढ़ और अलवर में अधिकतम तापमान 35.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो दिन का सबसे अधिक रहा। कुल मिलाकर प्रदेश में मौसम का यह बदला मिजाज फिलहाल कुछ दिन और जारी रहने के आसार हैं।

फर्जी हस्ताक्षर मामले में अब कोर्ट में पेश होना होगा, सलमान खान की याचिका हुई खारिज

कोटा पान मसाला के भ्रामक विज्ञापन के मामले में फिल्म अभिनेता सलमान खान को कोटा जिला कोर्ट से झटका लगा है। इस मामले में एक बड़ा कानूनी मोड़ आ गया है। राजस्थान राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने फैसला सुनाते हुए सलमान खान को मिली अंतरिम राहत खत्म कर दी है। मामले की अगली सुनवाई 9 अप्रैल को रखी गई है। इस फैसले के बाद अब सलमान खान के लिए कोटा जिला कोर्ट के आदेशों का पालन अनिवार्य होगा। सलमान खान को होना होगा पेश आयोग ने निचली अदालत के उस आदेश पर लगी रोक भी हटा दी है, जिसमें सलमान खान को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के निर्देश दिए गए थे। जिला आयोग के इस आदेश के खिलाफ सलमान खान ने राजस्थान राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में अपील की थी, जिसमें सर्किट बेंच में लंबी बहस हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान की याचिकाओं को खारिज कर दिया गया। दस्तावेजों पर पाए गए थे सलमान के फर्जी हस्ताक्षर अधिवक्ता रिपुदमन सिंह ने बताया कि 26 दिसंबर 2025 को कोटा जिला उपभोक्ता आयोग ने सलमान खान को 20 जनवरी 2026 को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होने का आदेश दिया था। साथ ही कहा गया था कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित होकर एफिडेविट देना होगा और दस्तावेजों पर अपने हस्ताक्षर करने होंगे, क्योंकि दस्तावेजों पर उनके हस्ताक्षर फर्जी पाए गए थे।   अधिवक्ता ने फैसले को बताया बड़ी जीत वहीं अधिवक्ता इंद्र मोहन सिंह हनी ने इस फैसले को बड़ी जीत बताया और कहा कि बड़े लोग अपने ओहदे और पैसे का गलत फायदा उठाकर कानून की आंखों में धूल झोंकने की कोशिश करते हैं, लेकिन कभी सफल नहीं हो पाते।