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रामनवमी पर इतिहास रचेगा गिरिराज पर्वत, 131 फीट ऊंची बालाजी प्रतिमा बनेगी आकर्षण

राजसमंद राजसमंद जिले के नाथद्वारा स्थित गिरिराज पर्वत पर 131 फीट ऊंची खड़ी बालाजी की भव्य प्रतिमा का लोकार्पण 26 मार्च को प्रातः 9:00 बजे वैदिक मंत्रोच्चार के साथ किया जाएगा। आयोजन को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल है और तैयारियां अंतिम चरण में हैं। लोकार्पण समारोह वल्लभ संप्रदाय की प्रधान पीठ श्रीनाथजी मंदिर के तिलकायत राकेश महाराज एवं युवाचार्य विशाल बाबा के सानिध्य में संपन्न होगा। प्रतिमा का निर्माण करने वाले गिरीश भाई शाह सहित समारोह में बड़ी संख्या में संत-महात्मा, श्रद्धालु और विशिष्ट अतिथियों के शामिल होने की संभावना है। लोकार्पण के दिन प्रातःकाल से ही पूजा-अर्चना, हवन और धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत होगी। ठीक 9 बजे मंत्रोच्चार के बीच प्रतिमा का विधिवत अनावरण किया जाएगा। इसके बाद भजन-कीर्तन और धार्मिक प्रवचनों का आयोजन किया जाएगा। आस्था और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा 131 फीट ऊंची यह खड़ी बालाजी प्रतिमा गिरिराज पर्वत शिखर पर स्थापित होने के कारण दूर-दूर से दिखाई देगी। यह प्रतिमा क्षेत्र में आस्था का प्रमुख केंद्र बनने के साथ ही नाथद्वारा में धार्मिक पर्यटन को नई दिशा देगी। तीन वर्षों में तैयार हुई भव्य प्रतिमा प्रतिमा का निर्माण विश्व प्रसिद्ध मूर्तिकार नरेश कुमावत द्वारा आधुनिक तकनीक और मजबूत संरचना के साथ करीब तीन वर्षों में पूरा किया गया है। निर्माण में 115 टन स्टील, 40 टन फाइबर ग्लास और M30 ग्रेड उच्च गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग किया गया है, जिससे इसकी मजबूती और दीर्घायु सुनिश्चित की गई है। मूर्तिकार नरेश कुमावत ने देश और विदेश में करीब 500 से अधिक बड़ी प्रतिमाएं बनाई हैं। इससे पहले उन्होंने यहां विश्व की सबसे ऊंची शिव प्रतिमा ‘विश्वास स्वरूपम’ का निर्माण किया था। प्रशासन की विशेष व्यवस्थाएं समारोह को लेकर प्रशासन द्वारा सुरक्षा, यातायात और भीड़ प्रबंधन के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। श्रद्धालुओं के लिए पार्किंग, पेयजल और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। प्रेरणा का बनेगा केंद्र आयोजकों के अनुसार, यह प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों के लिए भक्ति, सेवा और समर्पण की प्रेरणा का स्रोत बनेगी और क्षेत्र की धार्मिक पहचान को नई ऊंचाई देगी।

जयपुर की छवि बनीं टॉपर, 99.33% स्कोर—लड़कियों के नंबरों का पूरा ब्योरा

अजमेर राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने मंगलवार दोपहर 1 बजे 10वीं कक्षा का परिणाम घोषित कर दिया। शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने अजमेर स्थित बोर्ड कार्यालय से रिजल्ट जारी किया। इसके साथ ही प्रदेश के 10 लाख 68 हजार 109 छात्रों का इंतजार समाप्त हो गया। जयपुर की छवि ने पार किया 99वे का आंकड़ा इस वर्ष 10वीं बोर्ड परीक्षा में जयपुर के खोरा बिसल स्थित एसवीएम अकेडमी सी. से. स्कूल की छात्रा छवि शर्मा ने 99.33 प्रतिशत अंक हासिल किए। छवि ने हिंदी और गणित में 100 में से 100 अंक हासिल कर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।   बाड़मेर की गुंजन चौधरी का शानदार प्रदर्शन बाड़मेर की छात्रा गुंजन चौधरी ने भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए कुल 98.67 प्रतिशत अंक हासिल किए। उन्हें पांच विषयों में 99-99 अंक मिले, जो उनकी निरंतर मेहनत और लगन को दर्शाता है। श्रीगंगानगर की रिया ने भी किया नाम रोशन श्रीगंगानगर जिले के रायसिंहनगर की रहने वाली छात्रा रिया ने 97.67 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। वह माता गुजरी गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा हैं और उनके प्रदर्शन ने जिले का नाम रोशन किया है।   आरती देवांद का संघर्ष और सफलता चौमूं स्थित टीसीआई सीनियर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा आरती देवांद ने 95.33 प्रतिशत अंक हासिल कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। आरती ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, गुरुजनों और विशेष रूप से अपने मामा को दिया। उन्होंने ननिहाल में रहकर पढ़ाई की और भविष्य में मेडिकल क्षेत्र में जाकर लोगों की सेवा करने का लक्ष्य रखा है।

राजस्थान बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2026: 94.23% छात्रों ने पास किया, बेटियों का रहा दबदबा!

जयपुर राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) के लाखों छात्रों का इंतज़ार आज खत्म हो गया है. बोर्ड ने 10वीं कक्षा (Secondary) का वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया है. इस साल का कुल पास प्रतिशत 94.23% रहा है. छात्र अपना रिजल्ट बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट rajeduboard.rajasthan.gov.in और rajresults.nic.in पर देख सकते हैं।  छात्राओं ने फिर मारी बाजी राजस्थान बोर्ड के नतीजों में एक बार फिर बेटियों का दबदबा देखने को मिला है. बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक छात्राओं का सफलता प्रतिशत: 94.20% और छात्रों का सफलता प्रतिशत: 93.63% रहा. इस साल बोर्ड परीक्षा के लिए कुल 10,66,561 परीक्षार्थी पंजीकृत हुए थे, जिनमें से रिकॉर्ड संख्या में छात्रों ने सफलता हासिल की है।  रिजल्ट चेक करने के 3 आसान तरीके 1. आधिकारिक वेबसाइट से सबसे पहले rajeduboard.rajasthan.gov.in पर जाएं. होमपेज पर 'Main Examination Results 2026' के लिंक पर क्लिक करें. अपना रोल नंबर दर्ज करें और सबमिट करें. आपकी मार्कशीट स्क्रीन पर होगी।  2. SMS के जरिए (अगर वेबसाइट न खुले): फोन के मैसेज बॉक्स में जाकर टाइप करें: RJ10 के बाद रोल नंबर  इसे 56263 या 5676750 पर भेज दें. रिजल्ट तुरंत आपके इनबॉक्स में होगा।  3. डिजिलॉकर (DigiLocker) छात्र अपने आधार नंबर से लॉगिन करके अपनी डिजिटल प्रोविजनल मार्कशीट डाउनलोड कर सकते हैं।  पास होने के लिए चाहिए 33% नंबर बोर्ड के नियमों के अनुसार, छात्रों को हर विषय में और कुल मिलाकर कम से कम 33% अंक लाना अनिवार्य है. जो छात्र एक या दो विषयों में फेल हुए हैं, उन्हें निराश होने की जरूरत नहीं है; बोर्ड जल्द ही उनके लिए 'सप्लीमेंट्री परीक्षा' आयोजित करेगा।  रिकॉर्ड समय में आया परिणाम इस बार बोर्ड ने नया शैक्षणिक सत्र 1 अप्रैल से शुरू करने के लक्ष्य के साथ मूल्यांकन प्रक्रिया को युद्ध स्तर पर पूरा किया. यही वजह है कि पिछले सालों की तुलना में इस बार नतीजे काफी पहले जारी कर दिए गए हैं, जिससे छात्रों को आगे की स्ट्रीम चुनने के लिए पर्याप्त समय मिल सकेगा। 

RBSE रिजल्ट आज आएगा: परिणाम से पहले शिक्षा मंत्री ने कही अहम बात

अजमेर राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) 10वीं कक्षा का रिजल्ट मंगलवार, 24 मार्च को घोषित करेगा। बोर्ड प्रशासन ने परिणाम जारी करने की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस बार का रिजल्ट कई मायनों में ऐतिहासिक है, क्योंकि पहली बार 10वीं का परिणाम 12वीं से पहले जारी किया जा रहा है और यह भी पहली बार है जब बोर्ड मार्च महीने में ही रिजल्ट घोषित कर रहा है। खास बात यह है कि राजस्थान सरकार के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने रिजल्ट को लेकर बड़ा बयान दिया है। जानें राजस्थान की बोर्ड परीक्षा के परिणामों पर क्या बोले शिक्षा मंत्री? राजस्थान सरकार के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि 24 मार्च को कक्षा दसवीं, आठवीं और पांचवीं बोर्ड का रिजल्ट जारी होगा। 12वीं बोर्ड को लेकर शिक्षा मंत्री ने बताया कि 31 मार्च को संभवतः इसका भी रिजल्ट आएगा। अभी हम लोग तय कर रहे हैं। कुल 10 लाख 68 हजार 109 छात्र-छात्राएं शामिल हुए थे दरअसल, राज्य सरकार ने 1 अप्रैल से नया शैक्षणिक सत्र शुरू करने के निर्देश दिए हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए बोर्ड ने मूल्यांकन प्रक्रिया को तेज करते हुए समय से पहले रिजल्ट जारी करने का फैसला लिया, ताकि विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। इस वर्ष 10वीं की परीक्षाएं 12 फरवरी से 28 फरवरी के बीच आयोजित हुई थीं, जिनमें कुल 10 लाख 68 हजार 109 छात्र-छात्राएं शामिल हुए। वहीं 12वीं की परीक्षाएं 11 मार्च तक चलीं, जिनमें 9 लाख 10 हजार 9 विद्यार्थी बैठे। पूरे प्रदेश में 6 हजार 170 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षाएं कराई गईं। बोर्ड की कोशिश है कि 12वीं (आर्ट्स, साइंस और कॉमर्स) का रिजल्ट भी इसी महीने जारी कर दिया जाए। अगर पिछले वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो RBSE आमतौर पर 10वीं का रिजल्ट मई या जून महीने में जारी करता रहा है। वर्ष 2025 में 10वीं का परिणाम जून के पहले सप्ताह में घोषित हुआ था, जबकि 2024 में भी नतीजे मई के अंतिम सप्ताह में आए थे। 2023 में रिजल्ट जून में जारी किया गया था। इससे पहले 2022 में भी परिणाम जून के महीने में घोषित हुआ था। यानी इस बार लगभग डेढ़ से दो महीने पहले रिजल्ट जारी किया जा रहा है, जो बोर्ड की कार्यप्रणाली में बड़ा बदलाव दर्शाता है। पिछले वर्षों के परिणाम प्रतिशत की बात करें तो 2025 में कुल पास प्रतिशत करीब 93% रहा था, जबकि 2024 में यह लगभग 93.03% था। 2023 में पास प्रतिशत 90.49% और 2022 में करीब 82.89% दर्ज किया गया था। इन आंकड़ों से साफ है कि पिछले कुछ वर्षों में छात्रों का प्रदर्शन लगातार बेहतर हुआ है। जानें क्या है ‘बेस्ट ऑफ टू अटेम्प्ट’ फॉर्मूला? इसी के साथ बोर्ड ने भविष्य के लिए भी बड़ा निर्णय लिया है। साल 2027 से 10वीं बोर्ड परीक्षा साल में दो बार आयोजित की जाएगी। पहला चरण फरवरी और दूसरा मई में होगा। दोनों परीक्षाएं पूरे सिलेबस पर आधारित होंगी और परीक्षा पैटर्न में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। नए सिस्टम के तहत छात्र दूसरे चरण में अधिकतम 3 विषयों में अपने अंक सुधार सकेंगे। वहीं जो विद्यार्थी पहले चरण की परीक्षा नहीं दे पाए, वे वैध मेडिकल सर्टिफिकेट या जिला शिक्षा अधिकारी (सेकंडरी) की अनुमति से दूसरे चरण में शामिल हो सकेंगे। खास बात यह है कि दोनों प्रयासों में से बेहतर अंक को ही अंतिम परिणाम में जोड़ा जाएगा। इसे ‘बेस्ट ऑफ टू अटेम्प्ट’ फॉर्मूला कहा गया है, जो छात्रों को बेहतर प्रदर्शन का दूसरा मौका देगा।

इश्क बना कत्ल की वजह: पत्नी ने प्रेमी संग रची साजिश, पुलिस ने एक दिन में सुलझाया मामला

बालोतरा राजस्थान के बालोतरा जिले के गिड़ा थाना क्षेत्र के मलवा गोयलान गांव में एक युवक की संदिग्ध मौत का मामला महज 24 घंटे के भीतर हत्या में बदल गया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और गहन जांच के बाद सामने आया कि युवक की हत्या किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि उसकी पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर साजिश रचकर की थी। इस सनसनीखेज वारदात से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। चार साल पहले हुई थी मृतक की शादी मृतक की पहचान महेंद्र कुमार मेघवाल के रूप में हुई है, जिसकी शादी करीब चार साल पहले बागूंडी निवासी अनु के साथ हुई थी। शुरुआती तौर पर मामला संदिग्ध मौत का लग रहा था, लेकिन मृतक के गले पर मिले निशानों और परिजनों के शक ने पूरे घटनाक्रम को नया मोड़ दे दिया। सुबह तक नहीं जागा युवक, परिजनों को हुआ शक घटना शुक्रवार रात की बताई जा रही है। परिवार के अनुसार, शनिवार सुबह जब महेंद्र काफी देर तक कमरे से बाहर नहीं निकला तो परिजनों को चिंता हुई। जब वे कमरे में पहुंचे तो महेंद्र चारपाई पर मृत अवस्था में पड़ा मिला। उसके गले पर स्पष्ट चोट के निशान थे, जिससे मामला सामान्य मौत न लगकर हत्या का प्रतीत हुआ। तुरंत इसकी सूचना गिड़ा पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाए। पति-पत्नी के बीच लंबे समय से चल रहा था विवाद जांच के दौरान सामने आया कि महेंद्र और उसकी पत्नी अनु देवी के बीच शादी के बाद से ही अक्सर विवाद होता रहता था। कई बार परिवार और समाज के लोगों ने हस्तक्षेप कर दोनों के बीच समझौता भी करवाया, लेकिन आपसी मतभेद खत्म नहीं हुए। आए दिन होने वाले झगड़ों ने रिश्ते को बेहद तनावपूर्ण बना दिया था। झगड़े के बाद रची गई हत्या की साजिश पुलिस पूछताछ में जो खुलासा हुआ, वह बेहद चौंकाने वाला था। शुक्रवार रात भी पति-पत्नी के बीच कहासुनी हुई थी। इसी दौरान अनु देवी ने अपने प्रेमी अमराराम (निवासी तिलवाड़ा) को फोन कर घर बुला लिया। अमराराम सरकारी विद्यालय में तृतीय श्रेणी शिक्षक के पद पर कार्यरत है। प्रेमी के घर पहुंचने के बाद दोनों ने मिलकर महेंद्र को रास्ते से हटाने की योजना को अंजाम दिया। आरोप है कि दोनों ने मिलकर महेंद्र का गला दबाया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने 24 घंटे में किया पर्दाफाश गिड़ा थाना अधिकारी दलपत सिंह चौधरी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों, मौके के हालात और संदिग्धों से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने तेजी से केस को सुलझाया। पूछताछ में अनु देवी और अमराराम ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इस पूरी कार्रवाई में पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर हत्या की गुत्थी सुलझाकर बड़ी सफलता हासिल की है। इलाके में फैली सनसनी घटना के खुलासे के बाद मलवा गोयलान सहित आसपास के क्षेत्रों में सनसनी फैल गई है। एक पत्नी द्वारा अपने ही पति की हत्या की साजिश रचने और उसमें एक सरकारी शिक्षक की संलिप्तता ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। थानाधिकारी दलपत सिंह चौधरी के अनुसार, 'मृतक के भाई की रिपोर्ट पर हत्या का मामला दर्ज किया गया था। जांच में आपसी अनबन के चलते हत्या का मामला सामने आया। आरोपी महिला और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले की आगे की जांच जारी है।'

राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन: CM भजनलाल ने केरल में भरी हुंकार, 4 उम्मीदवारों के नामांकन में पहुंचे

तिरुवनंतपुरम/जयपुर. केरलम विधानसभा चुनावों के मद्देनजर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को तिरुवनंतपुरम और आसपास के क्षेत्रों का सघन दौरा किया। उन्होंने भाजपा के दिग्गज प्रत्याशियों के नामांकन दाखिल करवाए। स्थानीय कार्यकर्ताओं द्वारा मिले आत्मीय स्वागत ने यह साफ कर दिया कि दक्षिण भारत में भी मुख्यमंत्री शर्मा की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। वी. मुरलीधरन के नामांकन में मौजूदगी मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने केरलम के कझाकुट्टम विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी और पूर्व केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री वी. मुरलीधरन के नामांकन पत्र दाखिल करने के अवसर पर विशेष उपस्थिति दर्ज कराई। CM भजनलाल ने विश्वास जताया कि मुरलीधरन का अनुभव और पीएम मोदी का मार्गदर्शन क्षेत्र को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। मुख्यमंत्री ने यहाँ राजस्थान के विकास कार्यों का उदाहरण देते हुए जनता से 'डबल इंजन' सरकार चुनने की अपील की। पी. के. कृष्णदास और राजीव चंद्रशेखर के लिए हुंकार मुख्यमंत्री ने कट्टकडा विधानसभा क्षेत्र से पी. के. कृष्णदास और नेमम विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी राजीव चंद्रशेखर के नामांकन समारोह में भी भाग लिया। राजीव चंद्रशेखर के नामांकन पर मुख्यमंत्री ने कहा कि केरलम की जनता ने अब बदलाव का मन बना लिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जिस तरह राजस्थान में सुशासन और अंत्योदय का संकल्प सिद्ध हो रहा है, वैसी ही शुरुआत अब केरलम में होने वाली है। आर. श्रीलेखा के साथ 'विकसित केरलम' का रोडमैप वट्टियूरकावु विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी और पूर्व आईपीएस अधिकारी आर. श्रीलेखा के नामांकन में मुख्यमंत्री शर्मा की उपस्थिति विशेष रही। उन्होंने श्रीलेखा के प्रशासनिक अनुभव की सराहना करते हुए कहा कि 'विकसित भारत' के लिए 'विकसित केरलम' का होना अनिवार्य है, और श्रीलेखा जैसी सक्षम महिला नेतृत्व ही इसे संभव बना सकती है। श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर में दर्शन: सनातन संस्कृति का संगम अपने प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने तिरुवनंतपुरम स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर में भगवान विष्णु के दर्शन किए। मुख्यमंत्री ने आदि शंकराचार्य की इस पावन भूमि पर राष्ट्र की समृद्धि और आध्यात्मिक उत्कर्ष की मंगलकामना की। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति ही उत्तर और दक्षिण को एक सूत्र में पिरोती है। राजस्थान का बढ़ता कद: भजनलाल शर्मा का 'केरल मॉडल' राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि भजनलाल शर्मा को केरल भेजने के पीछे पार्टी का उद्देश्य राजस्थान के सफल 'सोशल इंजीनियरिंग' और 'कल्याणकारी योजनाओं' के संदेश को दक्षिण तक पहुँचाना है। राजस्थान में पेपर लीक माफिया पर कार्रवाई और उज्ज्वला योजना में सब्सिडी जैसे फैसलों की गूँज केरल के चुनावी रैलियों में भी सुनाई दे रही है।

पोस्ट ऑफिस में बड़ा घोटाला! अनु डाकपाल पर 5 लाख गबन का आरोप

बांसवाड़ा बांसवाड़ा के सज्जनगढ़ कस्बे के उप डाकघर में नियुक्त रहे एक अनु डाकपाल ने 5 लाख रुपए की सरकारी राशि का गबन कर लिया। विभागीय पत्रावलियों के मिलान के दौरान सामने आई कमियों के बाद की गई जांच में इस पूरे मामले का खुलासा हुआ। मामले को लेकर सज्जनगढ़ थाने में प्रकरण दर्ज कराया गया है और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। थानाधिकारी धनपतसिंह ने दी जानकारी सज्जनगढ़ थानाधिकारी धनपतसिंह ने बताया कि बांसवाड़ा डाकघर उप मंडल के निरीक्षक सुरेश खरवड़ ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्ट के अनुसार, सज्जनगढ़ उप डाकघर में अनु डाकपाल मुकेश कुमार बैरवा 7 सितंबर 2024 से 27 मई 2025 तक कार्यरत रहा। वर्तमान में वह सहायक डाकपाल के रूप में डूंगरपुर प्रधान डाकघर में पदस्थ है। बैरवा ने सज्जनगढ़ में अपने कार्यकाल के दौरान बिना किसी देनदारी के नकद राशि रोकना शुरू कर दिया था। इस संदिग्ध कार्यप्रणाली को देखते हुए डूंगरपुर मंडल कार्यालय की ओर से जांच के आदेश दिए गए। इसके तहत 20 मई 2025 को सज्जनगढ़ उप डाकघर की अतिशेष राशि से संबंधित पत्रावलियों की जांच की गई। जांच में सामने आया कि निकासी भुगतान के वाउचर सरकारी हिसाब में दर्ज नहीं किए गए थे और न ही उनका फिनेकल (Finacle) प्रणाली में कोई इंद्राज किया गया था। अनु डाकपाल बैरवा की कार्यप्रणाली संदिग्ध पाए जाने पर निरीक्षक सुरेश कुमार ने सहायक अधीक्षक बांसवाड़ा डाकघर का सहयोग लिया। इसके बाद सहायक अधीक्षक धर्मसिंह मीणा ने संयुक्त रूप से जांच करते हुए संबंधित खाताधारकों से पूछताछ की। जांच में यह तथ्य सामने आया कि बैरवा ने बैंक निकासी का 47 नंबर वाउचर विभाग को नहीं भेजा था। 5 मई 2025 को बैंक से 5 लाख रुपए की निकासी की गई थी, जिसे सरकारी खाते में दर्ज नहीं किया गया। मामले की जानकारी मिलने पर बांसवाड़ा मुख्य डाकघर के डाकपाल मनमोहन सिंह मीणा ने अधीक्षक को रिपोर्ट सौंपी। इस पर अधीक्षक घेवरचंद ने सज्जनगढ़ उप डाकघर का निरीक्षण किया। पूछताछ के दौरान अनु डाकपाल बैरवा ने स्वीकार किया कि उसने 5 लाख रुपए की सरकारी राशि अपने घर पर रखी थी और उसे सरकारी हिसाब में दर्ज नहीं किया था। सरकारी राशि को अपने पास रखकर दुर्विनियोजन करने के मामले में विभाग ने ब्याज सहित राशि वसूलने की प्रक्रिया शुरू की और उक्त राशि को सरकारी खाते में जमा भी कराया गया। मामले में 5 लाख रुपए से अधिक की राशि के गबन को गंभीर मानते हुए डाक निदेशालय, नई दिल्ली के निर्देशानुसार सज्जनगढ़ थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस की ओर से पूरे मामले में अनुसंधान शुरू कर दिया गया है।

अवैध निर्माण पर कार्रवाई: 9,500 मकानों पर बुलडोजर चलाने का आदेश, कनेक्शन काटे जाएंगे

जोधपुर. शहर की लाइफ लाइन मानी जाने वाली वनभूमि के अलग-अलग सात वनखंडों में 9,526 से अधिक अतिक्रमण हटाने को लेकर राजस्थान उच्च न्यायालय में लंबित जनहित याचिका के तहत दिए गए सख्त निर्देशों के बाद प्रशासनिक तंत्र में हलचल तेज हो गई है। न्यायालय की पालना सुनिश्चित करने के लिए वन विभाग और जिला प्रशासन ने अब कार्रवाई को तेज करने की तैयारी शुरू कर दी है। न्यायालय ने राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि सभी संबंधित विभाग समन्वय के साथ ठोस और प्रभावी कदम उठाएं तथा अदालत के आदेशों की पूर्ण पालना सुनिश्चित करें। मामले की अगली सुनवाई 24 मार्च को निर्धारित की गई है, जिसमें राज्य सरकार को अपनी कार्रवाई का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत करना होगा। अदालत की इस सख्ती के बीच आगामी दिनों में जोधपुर में वनभूमि पर बड़े स्तर पर कार्रवाई तय मानी जा रही है। प्रगति रिपोर्ट मांगी इसी बीच राजस्थान सरकार के एडवोकेट जनरल कार्यालय, राजस्थान ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जोधपुर के उपवन संरक्षक (डीएफओ) को बुधवार को जयपुर तलब किया। बैठक में महाधिवक्ता ने अब तक हुई कार्रवाई की विस्तृत अनुपालना रिपोर्ट मांगी, जिसे 24 मार्च को न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा। वन विभाग की ओर से पहले ही अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। अब अंतिम चेतावनी देते हुए स्पष्ट किया गया है कि स्वयं अतिक्रमण हटाएं, अन्यथा प्रशासन पुलिस बल के साथ कार्रवाई करेगा। कनेक्शन कटे बिना कार्रवाई अधूरी समीक्षा बैठक के दौरान महाधिवक्ता ने विशेष रूप से यह पूछा कि वनभूमि पर अवैध निर्माणों के कितने बिजली और पानी के कनेक्शन अब तक काटे गए हैं। इस पर डीएफओ ने बताया कि जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड और जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को खसरावार सूची उपलब्ध करवा दी गई है, ताकि अवैध कनेक्शन विच्छेद की कार्रवाई जल्द पूरी की जा सके। डीएफओ ने बताया कि जब तक अवैध मकानों के बिजली-पानी के कनेक्शन नहीं काटे जाएंगे, तब तक अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई प्रभावी नहीं हो पाएगी। 100 से ज्यादा स्टाफ रहेगा तैनात अतिक्रमण हटाने के दौरान वन विभाग की बड़ी टीम मैदान में उतरेगी। इसमें सहायक वन संरक्षक, क्षेत्रीय वन अधिकारी, वनपाल, सहायक वनपाल और वन रक्षक सहित 100 से अधिक वनकर्मियों की तैनाती की जाएगी। समीक्षा बैठक महाधिवक्ता के निर्देशानुसार ही न्यायालय में प्रगति रिपोर्ट और शपथ पत्र प्रस्तुत किया जाएगा। इसी सिलसिले में जयपुर में हुई बैठक में जिला प्रशासन के सभी विभागों की ओर से अब तक की गई कार्रवाई को लेकर प्रगति की समीक्षा की गई है। – नरेन्द्र सिंह शेखावत, उपवन संरक्षक हटाएंगे अतिक्रमण वन भूमि से अतिक्रमण हटाने के संबंध में डीएफओ की ओर से कार्रवाई की जाएगी। पुलिस कमिश्नरेट से पुलिस बल लिया जाएगा। वन विभाग ही अतिक्रमण हटाएगा। – गौरव अग्रवाल, जिला कलक्टर कनेक्शन कटेंगे वन विभाग की ओर से अतिक्रमण क्षेत्र में बताए गए बिजली के कनेक्शनों को हटाने की कार्रवाई की जाएगी। – डॉ. भंवरलाल, एमडी डिस्कॉम, जोधपुर होगी कार्रवाई वन विभाग के अतिक्रमण क्षेत्र में जिन स्थानों को चिन्हित किया गया है, वहां से पानी के कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जाएगी। – राजेन्द्र मेहता, एसई पीएचईडी

राजस्थान को बड़ी सौगात: पचपदरा रिफाइनरी की टेस्टिंग शुरू, नौकरियों के खुलेंगे अवसर

बालोतरा. पश्चिमी राजस्थान में औद्योगिक विकास की धुरी बन रही पचपदरा रिफाइनरी अब पूर्णता की ओर तेजी से अग्रसर है। निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है और क्रूड ऑयल की प्रोसेसिंग और टेस्टिंग भी शुरू हो गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के साथ क्षेत्र में पेट्रोकेमिकल उद्योगों के विस्तार की संभावनाएं भी तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में बालोतरा में स्किल डेवलपमेंट हब स्थापित होने से जिले का औद्योगिक भविष्य नई दिशा लेता नजर आ रहा है। रोजगार का बढ़ेगा दायरा रिफाइनरी के आसपास सहायक उद्योगों के विकास के लिए राजस्थान पेट्रो जोन स्थापित किया गया है। इन उद्योगों में रोजगार के अवसरों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने हाल ही में अपने बजट में बालोतरा में स्किल डेवलपमेंट हब स्थापित करने की घोषणा की है। क्या कहना है विशेषज्ञों का विशेषज्ञों का मानना है कि यह हब स्थानीय युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुरूप प्रशिक्षित कर उन्हें सीधे रोजगार से जोड़ेगा। वर्तमान में बालोतरा क्षेत्र में कपड़ा उद्योग में 50 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिला हुआ है। जबकि टाई-डाई उद्योग में करीब 20 से 25 हजार लोग कार्यरत हैं। पेट्रोजोन के विकसित होने के साथ करीब 50 हजार नए रोजगार सृजित होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे क्षेत्र में रोजगार का दायरा और व्यापक होगा। औद्योगिक विकास को मिलेगी गति रिफाइनरी से निकलने वाले बाय-प्रोडक्ट आधारित पेट्रोकेमिकल और प्लास्टिक उद्योगों के विस्तार की संभावनाएं बढ़ रही हैं। कौशल विकास हब की स्थापना से न केवल युवाओं को रोजगार मिलेगा। बल्कि क्षेत्रीय औद्योगिक विकास को भी नई गति मिलेगी। कुशल मानव संसाधन की मांग बढ़ेगी वहीं, उद्योगों की बढ़ती विविधता के साथ कुशल मानव संसाधन की मांग भी तेजी से बढ़ेगी। ऐसे में स्किल डवलपमेंट हब स्थानीय युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार के लिए तैयार करेगा और उद्योगों को प्रशिक्षित वर्कफोर्स उपलब्ध कराएगा। प्रशिक्षित युवाओं की मांग तेजी से बढ़ेगी  बालोतरा में स्किल डेवलपमेंट हब की स्थापना समय की आवश्यकता थी। रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल उद्योगों के विस्तार के साथ प्रशिक्षित युवाओं की मांग तेजी से बढ़ेगी। ऐसे में स्थानीय युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण मिलने से उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे और उद्योगों को भी कुशल मानव संसाधन आसानी से उपलब्ध हो सकेगा। -रमेश जैन भाया, उद्यमी

टूटी हालत वाले स्कूलों पर कोर्ट की नजर: 19 मार्च को सुनवाई, 20 हजार करोड़ की योजना पर मांगा जवाब

जयपुर राजस्थान में स्कूलों की जर्जर व्यवस्था को लेकर हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया है। इस दौरान कोर्ट ने राज्य के शिक्षा विभाग से खराब हालत में चल रहे स्कूलों की स्थिति और सुधार की योजनाओं पर विस्तृत जानकारी मांगी है। फंड की कमी पर उठे सवाल शिक्षा विभाग द्वारा हाईकोर्ट में दायर एफिडेविट में बताया गया कि स्कूलों की मरम्मत और जीर्णोद्धार के लिए 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक की आवश्यकता है। इसके मुकाबले प्रदेश के बजट में केवल 950 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस पर हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए सवाल किया कि इतनी बड़ी राशि की जरूरत को सीमित बजट में कैसे पूरा किया जाएगा।   कोर्ट की तीखी टिप्पणियां सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने शिक्षा विभाग से पूछा कि 20 हजार करोड़ रुपये की व्यवस्था के लिए क्या ठोस योजना तैयार की गई है। कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि यदि कोई स्पष्ट योजना नहीं है, तो क्या इस तरह की स्कूली व्यवस्था को बंद कर देना चाहिए। इन टिप्पणियों ने मामले की गंभीरता को रेखांकित किया है।   19 मार्च को अगली सुनवाई मामले में अगली सुनवाई 19 मार्च 2026 को निर्धारित की गई है, जिसमें हाईकोर्ट शिक्षा विभाग से ठोस जवाब और संभावित कार्ययोजना की अपेक्षा करेगा। माना जा रहा है कि इस सुनवाई में कोर्ट सख्त निर्देश जारी कर सकता है। हालिया घटना से बढ़ी चिंता इस मामले की पृष्ठभूमि में बाड़मेर की एक घटना भी चर्चा में है, जहां एक सरकारी स्कूल में छात्र के सिर पर पंखा गिरने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। इस घटना के बाद स्कूलों की सुरक्षा और आधारभूत ढांचे को लेकर चिंताएं और बढ़ गई हैं।   कमेटी गठन की संभावना पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट ने इस मुद्दे पर एक कमेटी बनाने का सुझाव दिया था। संभावना जताई जा रही है कि आगामी सुनवाई में इस कमेटी को अंतिम रूप दिया जा सकता है, ताकि जर्जर स्कूलों की स्थिति का आकलन कर सुधार के ठोस उपाय सुझाए जा सकें।