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72 घंटे से भूख हड़ताल पर बैठे अरुण, रणवीर और राजवीर को प्रशासन ने अस्पताल में कराया भर्ती

भरतपुर भरतपुर के पीलूपुरा में पिछले 3 दिनों से जारी आमरण अनशन सोमवार रात गंभीर मोड़ पर पहुंच गया. रीट (REET) परीक्षा में 372 पदों की मांग को लेकर धरने पर बैठे तीन युवाओं की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी, जिसके बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया. स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने देर रात ही तीनों आंदोलनकारियों को जबरन उठाकर जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां फिलहाल उनका इलाज चल रहा है. इन युवाओं को कराया गया अस्पताल में भर्ती आमरण अनशन पर बैठे अरुण गुर्जर, रणवीर गुर्जर और राजवीर की शारीरिक स्थिति पिछले 72 घंटों से अन्न-जल त्यागने के कारण काफी नाजुक हो गई थी. जिला प्रशासन ने उनकी जान को जोखिम में न डालते हुए उन्हें मेडिकल इमरजेंसी के तहत अस्पताल शिफ्ट किया. सूचना मिलते ही तहसीलदार ने खुद जिला अस्पताल पहुंचकर तीनों युवाओं की सेहत का जायजा लिया और डॉक्टरों को उचित देखभाल के निर्देश दिए. 'प्रशासन ने जबरदस्ती अस्पताल में भर्ती कराया' जिसकी तबीयत राजवीर (बड़ागांव) ने बताया कि उन्हें एक माह पहले आश्वासन दिया गया था कि सरकार से वार्ता की जाएगी. लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ तो इसी के चलते हुए दोबारा धरने पर बैठे. उन्होंने खाना नहीं खाया तो इसी के चलते उनकी तबीयत बिगड़ी. प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और जबरदस्ती उठा कर अस्पताल लेकर आए. राजवीर का कहना है कि जब तक उनकी मांगे नहीं पूरी होंगी, इसी तरह धरने पर बैठे रहेंगे. पुलिस के एक्शन पर SDM ने क्या कहा? एसडीएम दीपक मित्तल का कहना है कि धरने पर बैठे अभ्यर्थियों से समझाइश की. लेकिन वह नहीं माने. उनमें से तीन युवकों की तबीयत खराब हुई, जिन्हें एंबुलेंस के सहयोग से बयाना अस्पताल भर्ती कराया, जहां से उन्हें भरतपुर रैफर कर दिया. वहां उनका इलाज जारी है. युवकों की तबीयत में सुधार हो रहा है और जो धरने पर बैठे हैं उनसे वार्ता की जा रही है. हालांकि उनसे जब पूछा गया कि युवक जबरदस्ती धरने से उठाने का आरोप लगा रहे हैं तो उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है. उनसे सिर्फ समझाइश की जा रही है. जिन लोगों की तबीयत खराब हुई उन्हें अस्पताल भिजवाया गया है. सहमति के बाद दोबारा क्यों शुरू हुआ अनशन? यह पूरा विवाद तब फिर से गहराया जब सरकार और युवाओं के बीच बातचीत का रास्ता बंद हो गया. दरअसल, इन युवाओं ने अपनी मांगों को लेकर 31 मार्च को भी धरना दिया था, जिसे प्रशासन ने सरकार से वार्ता कराने के आश्वासन पर स्थगित करवा दिया था. लेकिन जब 1 मई को निर्धारित वार्ता नहीं हुई, तो युवाओं ने खुद को ठगा हुआ महसूस किया और दोबारा अनशन पर बैठने का फैसला किया. क्या है 372 पदों का पूरा मामला? युवाओं की मुख्य मांग रीट भर्ती में 372 अतिरिक्त पदों को शामिल करने की है. उनका आरोप है कि सरकार बार-बार आश्वासन देने के बावजूद उनकी जायज मांगों को अनसुना कर रही है. युवाओं का कहना है कि जब तक पदों की संख्या को लेकर कोई ठोस आदेश जारी नहीं होता, उनका विरोध जारी रहेगा. फिलहाल प्रशासन के लिए इन युवाओं की सेहत और कानून व्यवस्था बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है.

SLP खारिज, पेपर लीक पर सख्त रुख कायम: राजस्थान SI भर्ती 2021 में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला

जयपुर राजस्थान एसआई भर्ती पेपर लीक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने चयनित उम्मीदवारों को राहत देने से इनकार कर दिया है. अदालत ने इस संबंध में दायर विशेष अनुमति याचिकाओं (SLP) को खारिज कर दिया. सुप्रीम कोर्ट के इस कदम से राजस्थान हाईकोर्ट के फैसले की पुष्टि हुई है जिसमें बड़े पैमाने पर पेपर लीक के कारण पूरी भर्ती प्रक्रिया रद्द कर दी गई थी. कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि वह ऐसी गंभीर अनियमितताओं से ग्रस्त चयन प्रक्रिया को मंजूरी नहीं दे सकता, जहां राजस्थान में बड़े पैमाने पर पेपर लीक हुआ था. राजस्थान सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा 2021 से जुड़े महत्वपूर्ण घटनाक्रम में जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बेंच ने आज इन मामलों की सुनवाई की. ये याचिकाएं राजस्थान हाईकोर्ट के डिवीजन बेंच के 4 अप्रैल 2026 के फैसले से उपजी थीं, जिसमें पूरी भर्ती रद्द कर नई परीक्षा के आदेश दिए गए थे. वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी और पी.एस. पटवालिया की विस्तृत दलीलों के बावजूद सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी करने की सहमति नहीं दी और याचिकाओं को खारिज कर दिया. कोर्ट की गंभीर टिप्पणियां सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने भर्ती प्रक्रिया की अखंडता पर गंभीर टिप्पणियां कीं. कोर्ट ने नोट किया कि राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) के एक सदस्य की पेपर लीक से जुड़े मामले में गिरफ्तारी हुई थी, जिसकी जमानत सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दी थी. यह गंभीर व्यवस्थागत भ्रष्टाचार का संकेत देता है. कोर्ट ने जोर दिया कि ऐसी स्थिति में 'दागी' और 'निर्दोष' उम्मीदवारों को अलग करना ही कानूनी रूप से टिकाऊ रास्ता है, जो इस मामले में संभव नहीं था, इसलिए पूरी प्रक्रिया अविश्वसनीय हो गई. बेंच ने अपने पूर्व फैसले का हवाला दिया, जहां केवल 44 दागी एमबीबीएस उम्मीदवारों के कारण पूरे देश में परीक्षा रद्द कर दी गई थी, जो परीक्षा धांधली के मामलों में सख्त मानक को रेखांकित करता है. परीक्षार्थियों की दलील याचिकाकर्ताओं ने दलीलें दी कि कोई बड़े पैमाने पर पेपर लीक नहीं था, जो सांख्यिकीय विश्लेषण और अंकों के बेल-कर्व वितरण पर आधारित थी. उनकी दलील थी कि केवल 6.3% उम्मीदवार ही कथित रूप से दागी थे, और अलगाव संभव था. इनमें से 838 से अधिक उम्मीदवारों को नियुक्ति मिल चुकी थी और वे दो वर्ष से अधिक सेवा दे चुके थे, जिसमें प्रशिक्षण पर भारी सार्वजनिक व्यय हुआ था. फिर भी, सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के निष्कर्ष में हस्तक्षेप का कोई आधार नहीं पाया कि प्रक्रिया दोषपूर्ण थी.

फर्जी पहचान और संदिग्ध किराएदारों पर जयपुर पुलिस का एरिया डोमिनेशन अभियान तेज

 जयपुर लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकी उमर हासिम उर्फ खरगोश के फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जयपुर में एक साल तक रहने के खुलासे के बाद से राजधानी में हड़कंप मच गया है. सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस की इस चौंकाने वाली रिपोर्ट के बाद, जयपुर कमिश्नरेट ने शहर के चारों जिलों में 'एरिया डोमिनेशन' अभियान शुरू कर दिया है. इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बिना पुलिस सत्यापन (Police Verification) और किराएनामे (Rent Agreement) के रह रहे संदिग्ध लोगों और अपराधियों की पहचान करना है.  73 से ज्यादा किराएदार गिरफ्तार, मकान मालिकों पर भी केस दर्ज एडिशनल डीसीपी ललित शर्मा ने बताया कि बाहरी राज्यों के वांटेड बदमाशों को जयपुर में फरारी काटना सुरक्षित लग रहा है. वे नाम-पता बदलकर किराएदार के रूप में रह रहे हैं. इस अभियान के तहत अब तक 73 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है. जिसमें पत्रकार कॉलोनी थाना क्षेत्र के उदय ग्रीन रेसीडेंसी में पुलिस ने छापेमारी कर बिना सत्यापन के रह रहे 26 लोगों को हिरासत में लिया है. इनमें से दो का पिछला आपराधिक रिकॉर्ड भी पाया गया है. कनोता थाना क्षेत्र में बगराना के जेडीए फ्लैट्स में करीब 1,000 फ्लैट्स की जांच के दौरान 47 ऐसे किराएदार मिले, जिनके पास कोई किराएनामा या पुलिस सत्यापन नहीं था. इन सभी को गिरफ्तार कर लिया गया है. वही पुलिस ने उन मकान और फ्लैट मालिकों के खिलाफ भी मुकदमे दर्ज किए हैं, जिन्होंने बिना सत्यापन के अपने घर किराए पर दिए थे.  इन मामलों ने उड़ाई पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की नींद आतंकी का जयपुर कनेक्शन आने के पास पुलिस में हड़कंप मचा हुआ है. क्योंकि लश्कर-ए-तैयबा का ये आतंकी उमर हासिम उर्फ खरगोश लगभग एक साल तक जयपुर में रहा, नौकरी की, सज्जाद नाम से फर्जी वोटर आईडी बनवाई और फिर फर्जी पासपोर्ट के जरिए विदेश भाग गया. एमपी का हिस्ट्रीशीटर जवाहर सर्किल इलाके में एक गर्भवती महिला से छेड़छाड़ के मामले में पकड़ा गया जो मध्यप्रदेश का हिस्ट्रीशीटर आरोपी राहुल घुरैया निकला. उसके खिलाफ हत्या के प्रयास और लूट के 33 मामले दर्ज हैं. म्यांमार के शरणार्थियों की गैंग वैशाली नगर इलाके में म्यांमार के शरणार्थी युवक अबूबकर सिद्दकी ने अपने साथी खालिद के साथ मिलकर चोरी की वारदातों को अंजाम दिया. गैंगस्टर की गिरफ्तारी सुजानगढ़ में ज्वैलर पर फायरिंग मामले में वांछित अपराधी कृष्ण सिंह को एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स ने झोटवाड़ा से गिरफ्तार किया. उसके खिलाफ 27 मुकदमे दर्ज हैं. आमजन से पुलिस की अपील जयपुर पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति को किराए पर रखने से पहले उसका पुलिस सत्यापन अवश्य करवाएं.  पुलिस का यह विशेष अभियान आने वाले दिनों में भी जारी रहेगा.

बिना अनुमति प्रार्थना सभा पर विवाद, मारपीट और पत्थरबाजी के बाद 4 गिरफ्तार

जयपुर शुक्रवार (1 मई) देर शाम संगठन के कार्यकर्ताओं को एक सभा की सूचना मिली, जिसके बाद वे मौके पर पहुंचे. उनका आरोप है कि वहां बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी में धर्मांतरण की गतिविधियां चल रही थीं. कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि जब विरोध करने पर करीब 100 लोगों ने उन पर हमला कर दिया. लाठी-डंडों से मारपीट और पत्थरबाजी में 3 कार्यकर्ता घायल हुए, जिनमें से 2 को गंभीर हालत में गुजरात रेफर किया गया. घटना के बाद रवि भाभोर की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है. आरोपियों में एक सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल मुकेश रावत और उनके पिता, सेवानिवृत्त शिक्षक अनिल रावत का नाम भी शामिल है. अब तक 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. सभा के लिए नहीं ली गई थी अनुमति राजस्थान में गैरकानूनी धर्म परिवर्तन निषेध विधेयक, 2025 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सभा के लिए किसी प्रकार की अनुमति नहीं ली गई थी. स्थानीय लोगों ने धर्मांतरण के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वहां केवल प्रार्थना सभा आयोजित की जा रही थी और धर्मांतरण जैसा कुछ नहीं था. शिकायतकर्ताओं का कहना है कि पानी के कुंड में लोगों को नहलाकर धर्मांतरण कराया जा रहा था. राजस्थान गैरकानूनी धर्मांतरण निषेध बिल, 2025 के तहत मामला दर्ज किया गया है.   150 लोग प्रार्थना सभा में थे मौजूद NDTV की टीम ने जब मौके पर लोगों से बात की उन्होंने बताया कि घटना वाले दिन लगभग 100 से 150 लोग मिलकर प्रार्थना कर रहे थे. उन्होंने कहा कि सिर्फ प्रार्थना और धार्मिक आयोजन हो रहा था, धर्मांतरण का कोई मामला नहीं है. जबकि शिकायतकर्ताओं ने बातचीत में कहा कि मौके पर चल रहे आयोजन के पीछे धर्मांतरण का मामला है.   हकीकत क्या, सवाल बरकरार?     बिना अनुमति सभा क्यों आयोजित की गई?     100 लोगों में से केवल 4 ही गिरफ्तार क्यों हुए?     क्या यह किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा है या स्थानीय विवाद?

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का बड़ा फैसला: चंदन की खेती से बढ़ेगा रोजगार और हरियाली

जयपुर  राजस्थान की धरती अब न केवल अपने शौर्य के लिए बल्कि चंदन की खुशबू के लिए भी जानी जाएगी. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य के वनों को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. रविवार को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित वन एवं पर्यावरण विभाग की समीक्षा बैठक में उन्होंने अधिकारियों को राज्य के तीन प्रमुख जिलों—बांसवाड़ा, सिरोही और उदयपुर में चंदन के वन विकसित करने के कड़े निर्देश दिए हैं. वैज्ञानिक पद्धति और सुरक्षा पर जोर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि चंदन की खेती केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं रहनी चाहिए. उन्होंने अधिकारियों को वैज्ञानिक तरीके से मिट्टी का परीक्षण करने और केवल उच्च गुणवत्ता वाले पौधों का चयन करने के निर्देश दिए. चंदन की लकड़ी बहुमूल्य होती है, इसलिए इसकी सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती है. सीएम ने सख्त लहजे में कहा कि पौधों की निगरानी और सुरक्षा के लिए स्थानीय स्तर पर एक मजबूत तंत्र बनाया जाए ताकि चोरी या किसी भी प्रकार के नुकसान को रोका जा सके. पर्यावरण के साथ बढ़ेगा रोजगार इस योजना का दोहरा लाभ होगा. एक ओर जहां राज्य का हरित क्षेत्र (Green Cover) बढ़ेगा, वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे. चंदन के वन भविष्य में राजस्थान की अर्थव्यवस्था के लिए 'ग्रीन गोल्ड' साबित हो सकते हैं. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से इस परियोजना को मिशन मोड में लेने और दीर्घकालिक विजन के साथ काम करने को कहा है. पौधों के जीवन की गारंटी जरूरी बैठक में आगामी पौधारोपण अभियानों की भी समीक्षा की गई. मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल लक्ष्य पूरा करने के लिए पौधे न लगाएं, बल्कि यह सुनिश्चित करें कि लगाए गए पौधे जीवित रहें और बड़े हों. इस दौरान वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री संजय शर्मा भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े और विभागीय प्रगति की जानकारी दी.

जैसलमेर एयरपोर्ट पर ऐतिहासिक शुरुआत, जयपुर के लिए सीधी हवाई सेवा चालू

 जैसलमेर स्वर्ण नगरी जैसलमेर के लिए रविवार (3 मई) का दिन ऐतिहासिक बन गया. पहली बार समर शेड्यूल में हवाई सेवा का संचालन शुरू हुआ. इस फ्लाइट की मांग काफी समय से उठती रही है. अब लंबे इंतजार के बाद जैसलमेर के लोगों की मांग पूरी हुई है. जब एलाइंस एयर की उड़ान एयरपोर्ट पर पहुंची तो राजस्थानी लोक गीतों के साथ भव्य स्वागत किया गया. यात्रियों के पहुंचते ही पर्यटन व्यवसायियों और स्थानीय लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला.  फ्लाइट सप्ताह में दो दिन रविवार और गुरुवार को संचालित होगी. इससे ऑफ-सीजन में भी शहर की कनेक्टिविटी बनी रहेगी. पहली उड़ान में जयपुर से 12 यात्री जैसलमेर पहुंचे, जिनमें जिला कलेक्टर अनुपमा जोरवाल, एसपी अभिषेक शिवहरे, पूर्व राजपरिवार की सदस्य राजेश्वरी राजलक्ष्मी और उद्योगपति मयंक भाटिया शामिल रहे. जैसलमेर से 4 यात्रियों ने जयपुर के लिए उड़ान भरी. करीब 9 घंटे का समय बचेगा दरअसल, भीषण गर्मी के चलते अप्रैल से सितंबर के बीच जैसलमेर में पर्यटन गतिविधियां धीमी पड़ जाती हैं. ऐसे में अब नाइट टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए ऐतिहासिक स्थलों पर लाइटिंग, डेजर्ट सफारी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की योजना बनाई जा रही हैय जयपुर से सीधी हवाई सेवा जुड़ने से मेडिकल, व्यापार और प्रशासनिक कार्यों में भी सहूलियत मिलेगी. अब 10-12 घंटे का सफर महज 1 घंटा 45 मिनट में पूरा होगा, जिससे जैसलमेर की पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है. गर्मियों में भी पर्यटकों को आकर्षित करने की कोशिश जिला कलेक्टर अनुपमा जोरवाल ने बताया कि जैसलमेर में पर्यटन को वर्षभर सक्रिय बनाने के लिए नए आयाम स्थापित किए जा रहे हैं. सर्दियों तक सीमित पर्यटन की धारणा को बदलते हुए अब गर्मियों में भी पर्यटकों को आकर्षित करने पर जोर दिया जा रहा है. इसके तहत ड्यून्स वॉक, प्लेजेंट ईवनिंग और स्टार गेजिंग जैसे नए अनुभव विकसित किए जा रहे हैं. उन्होंने हाई वैल्यू, लो वॉल्यूम टूरिज्म को बढ़ावा देने और कंटेंट क्रिएटर्स व एडवेंचर प्रेमियों को जोड़ने की बात कही. होटल संचालकों और टूर ऑपरेटर्स की अहम भूमिका इस हवाई सेवा को शुरू करने में स्थानीय होटल संचालकों और टूर ऑपरेटर्स की अहम भूमिका रही है. बिजनेसमेन मयंक भाटिया ने बताया कि इस सीजन में टूरिज्म को प्रमोट करने के उद्देश्य से आज जयपुर के लिए हवाई सेवा शुरु की गई. यह सेवाएं पब्लिक प्राइवेट पार्टनर के तहत किया गया नवाचार है. जैसलमेर के होटेलियर, बिजनेसमैन और कंपनियों के लोगों ने मिलकर 'वायबिलिटी गैप फंडिंग' के लिए कमीटमेंट किया.   क्षेत्र में वंदेभारत की भी है मांग जैसलमेर के पूर्व राजपरिवार की सदस्य राजेश्वरी राजलक्ष्मी ने सेना और वायुसेना के परिवारों का जिक्र करते हुए कहा कि उनके लिए भी देश के अन्य हिस्सों से जुड़ना जरूरी है. उन्होंने वंदेभारत जैसी आधुनिक ट्रेनों की कमी पर चिंता जताई, लेकिन ग्रीष्मकाल में हवाई सेवाओं के विस्तार को एक सकारात्मक कदम बताया.

बुद्ध पूर्णिमा पर स्पीकर का फैसला, सभी स्तरों पर प्रमोशन

जयपुर राजस्थान विधानसभा में इस बार बुद्ध पूर्णिमा का अवसर दोहरी खुशी लेकर आया. विधानसभा अध्यक्ष डॉ. वासुदेव देवनानी ने एक बड़ा निर्णय लेते हुए विधानसभा सचिवालय के 52 अधिकारियों और कर्मचारियों की पदोन्नति के आदेश जारी किए हैं. डॉ. देवनानी का यह कदम कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाने और प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है. उप सचिव से लेकर चतुर्थ श्रेणी तक इस पदोन्नति सूची की खास बात यह है कि इसमें पदानुक्रम के हर स्तर का ध्यान रखा गया है. आदेश के अनुसार, 6 उप सचिव, 7 सहायक सचिव और 8 अनुभाग अधिकारियों को उच्च पदों पर पदोन्नत किया गया है. इनके साथ ही सहायक अनुभाग अधिकारी, क्लर्क ग्रेड प्रथम व द्वितीय के पदों पर भी नियुक्तियां दी गई हैं. विशेष तकनीकी और शैक्षणिक पदों जैसे संपादक, पुस्तकालयाधिकारी और विधि रचना अधिकारी को भी इस सूची में स्थान मिला है. चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को मिला सबसे ज्यादा लाभ डॉ. देवनानी ने इस बार उन कर्मचारियों की सुध ली है जिनकी पदोन्नति लंबे समय से अटकी हुई थी. कुल 52 कर्मियों में से 20 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी और 12 जमादार शामिल हैं. विधानसभा के इतिहास में संभवतः यह पहला मौका है जब मई माह के शुरुआती दौर में ही इतनी बड़ी संख्या में प्रमोशन प्रक्रिया को पूरा कर लिया गया है. चतुर्थ श्रेणी कर्मियों ने इस त्वरित निर्णय के लिए स्पीकर का आभार व्यक्त किया है. दो वर्षों में 121 प्रमोशन बना रिकॉर्ड डॉ. वासुदेव देवनानी के कार्यकाल में पदोन्नति की यह तीसरी बड़ी लहर है. इससे पहले 15 अगस्त 2024 को 47 और दीपावली 2025 पर 22 कर्मियों को प्रमोशन दिया गया था. पिछले दो सालों के भीतर कुल 121 कर्मियों को तरक्की मिल चुकी है. स्पीकर ने स्पष्ट किया कि पदोन्नति केवल ओहदे में वृद्धि नहीं है बल्कि यह जिम्मेदारी और जनसेवा के प्रति नए संकल्प का प्रतीक है.

नहरों में पानी छोड़ने का आदेश, 39 बनाम 35 गांवों की जंग तेज

 करौली राजस्थान के करौली जिले में स्थित पांचना बांध का विवाद एक बार फिर ज्वालामुखी की तरह फूट पड़ा है. करीब दो दशकों से सूखी पड़ी नहरों में पानी छोड़ने को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट ने इस बार इतना सख्त रुख अपनाया है कि प्रशासन से लेकर सरकार तक के हाथ-पांव फूल गए हैं. 1 मई की डेडलाइन और अधिकारियों की व्यक्तिगत पेशी की चेतावनी के बाद अब मैदान में खाकी और खादी दोनों की सक्रियता बढ़ गई है. हाईकोर्ट का आदेश, अधिकारियों की नींद उड़ी हाईकोर्ट ने दो टूक शब्दों में आदेश दिया है कि हर हाल में निर्धारित समय सीमा के भीतर नहरों में पानी छोड़ा जाए. आदेश की गंभीरता को देखते हुए एडिशनल चीफ इंजीनियर सुरेशचंद ने खुद मोर्चा संभाला है. नहरों की सफाई और मरम्मत के लिए अभियंताओं की फौज उतार दी गई है. विभाग का स्पष्ट लक्ष्य है कि इस बार कोर्ट की अवमानना न हो और कमांड एरिया के किसानों तक पानी पहुंच सके. 39 गांव बनाम कमांड एरिया विवाद की असली वजह 'पहले हक' की लड़ाई है. बांध के डूब क्षेत्र में आने वाले 39 गांवों के लोगों का कहना है कि उन्होंने अपनी जमीन खोई है, इसलिए पानी पर पहला अधिकार उनका है. दूसरी ओर, कमांड एरिया के 35 गांवों के किसान पिछले 20 साल से बूंद-बूंद को तरस रहे हैं. 2005 के बाद से नहरी तंत्र ठप होने के कारण करीब 10 हजार हेक्टेयर भूमि बंजर होने की कगार पर है. सामाजिक और राजनीतिक पेच यह मुद्दा केवल सिंचाई का नहीं, बल्कि जातीय और क्षेत्रीय अस्मिता का भी बन चुका है. गुर्जर और मीणा समुदायों के बीच पुराने सामाजिक तनाव और 2008-2013 के बीच हुए राजनीतिक निर्णयों ने आग में घी डालने का काम किया है. 39 गांवों की योजना को छोटा कर 13 गांवों तक समेटने के पुराने फैसलों ने असंतोष को और गहरा कर दिया है. प्रशासन के सामने दोहरी चुनौती पांचना संघर्ष समिति जहां चंबल से पानी लाने और प्रभावित गांवों को प्राथमिकता देने पर अड़ी है, वहीं प्रशासन के लिए कानून-व्यवस्था बनाए रखना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है. संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल की तैनाती के संकेत हैं.

राजस्थान साइबर पुलिस का एक्शन, 17 आरोपियों की गिरफ्तारी से अंतरराज्यीय ठगी गिरोह का पर्दाफाश

जयपुर राजस्थान पुलिस की साइबर यूनिट ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए अंतरराज्यीय साइबर अपराधियों के एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जिसने महज एक व्हाट्सएप मैसेज के जरिए एक कंपनी को 5 करोड़ 30 लाख रुपये की चपत लगा दी। पुलिस ने प्रदेश के पांच अलग-अलग जिलों में कार्रवाई करते हुए कुल 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. DP लगाकर दिया झांसा, खातों में ट्रांसफर कराए करोड़ों पुलिस उपमहानिरीक्षक (साइबर अपराध) शांतनु कुमार सिंह ने बताया कि यह ठगी 24 अप्रैल 2026 को हुई थी. ठगों ने कंपनी के चेयरमैन की फोटो और नाम का इस्तेमाल कर एक फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट बनाया और अकाउंटेंट दीपेंद्र सिंह को संदेश भेजा. अकाउंटेंट को लगा कि निर्देश सीधे मालिक की ओर से आए हैं, जिसके बाद उसने बताए गए बैंक खातों में 5.30 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में हकीकत सामने आने पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई. तकनीकी जांच और हवाला कनेक्शन पुलिस अधीक्षक (साइबर अपराध) सुमित मेहरडा की निगरानी में गठित विशेष टीमों ने जब ट्रांजेक्शन की जांच की, तो परतें खुलती चली गईं। ठगी की राशि को दर्जनों खातों में घुमाया गया और बाद में उसे 'यूएसडीटी' (USDT) और हवाला के जरिए ठिकाने लगाया गया. चाय की थड़ियों पर होती थी डील, वकालत का छात्र भी शामिल हैरानी की बात यह है कि गिरफ्तार किए गए 17 आरोपियों में कानून (वकालत) का एक छात्र, सैलून कर्मी और स्पेयर पार्ट्स बेचने वाला दुकानदार भी शामिल है, ये लोग किसी को शक न हो, इसलिए कमीशन के बंटवारे और पासबुक-चेकबुक के लेन-देन के लिए चाय की थड़ियों पर मिलते थे, इन जिलों से हुई गिरफ्तारियां पुलिस ने कोटा ग्रामीण, पाली, बांसवाड़ा, जोधपुर और बाड़मेर पुलिस के सहयोग से छापेमारी की. गिरफ्तार आरोपियों में सोहेल खान, मोहम्मद राशिद, समीर, तोहिद, नवीन सिंह (कोटा), अविनाश जैन, प्रवीण, अमित, भव्य, मुकेश (बांसवाड़ा), घनश्याम, राहुल, कमलेश (जोधपुर), दीपेंद्र, वीरेंद्र, हरीश (पाली) और सदराम (बाड़मेर) शामिल हैं. पुलिस की चेतावनी पुलिस ने आम जनता और संस्थानों से अपील की है कि व्हाट्सएप या किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आने वाले वित्तीय निर्देशों की पुष्टि सीधे फोन कॉल के जरिए जरूर करें. गिरोह के अन्य सदस्यों और विदेशी कनेक्शन को लेकर जांच जारी है.

राजस्थान वेदर अपडेट: कई जिलों में तेज हवाएं और बारिश का येलो अलर्ट जारी

जयपुर राजस्थान के पश्चिमी भाग में गर्मी का प्रकोप है. दूसरी ओर आंधी-बारिश का दौर भी जारी है. मौसम लोगों पर दोहरी मार कर रहा है. शनिवार देर शाम प्रदेश के कई इलाकों में भयंकर आधी तूफान का मंजर देखने को मिला, इससे कई जगहों पर पेड़ गिर गए. कई जगहों पर बिजली के खंभे गिर गए. राजधानी में जयपुर में पारा दो डिग्री कम 38.1 डिग्री रहा. सुबह से ही राजधानी में आंधी-बारिश का दौर रहा. शाम होते ही तेज हवाओं की आंधी के साथ जमकर बारिश हुई, इससे गर्मी में थोड़ी राहत तो मिली, लेकिन कई जगहों पर पेड़ गिरने और तेज आंधी के कारण नुकसान हुआ. तापमान में कमी की संभावना   विभाग के मुताबिक, आगामी दिनों में राज्य के ज्यादातर इलाकों के अधिकतम तापमान में कमी होने की संभावना है. प्रदेश में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण आगामी कुछ दिनों में कई भागों में तेज हवा के साथ हल्की से मध्यम बरसात हो सकती है. इससे हीटवेव से राहत मिलेगी. फिलहाल आंधी तूफान के बीच लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत की उम्मीद है.   इन जिलों में बारिश की संभावना मौसम विभाग की ओर से आज अलवर, भरतपुर, दौसा, डीग, धौलपुर, जयपुर, झुंझुनूं, करौली, खैरथल तिजारा, कोटपुतली बहरोड़, सवाई माधोपुर, सीकर, चूरू और डीडवाना कुचामन जिलों में तेज हवा के साथ बारिश की संभावना है. इन जिलों में करीब 30 से 40 किमी प्रतिघंटा के साथ तेज हवाएं चलने का येलो अलर्ट है.   कल बारिश का ऑरेंज अलर्ट वहीं, कल यानी 4 मई के लिए प्रदेश के बीकानेर, झुंझुनूं, सीकर, चूरू, डीडवाना कुचामन, हनुमानगढ़, नागौर और श्रीगंगानगर में ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया गया है.  वहीं, प्रदेश में गर्मी का प्रकोप भी समानांतर जारी है. राज्य में सर्वाधिक तापमान जैसलमेर में 44.4 डिग्री दर्ज किया गया है.