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ACB का एक्शन जारी: 15 ठिकानों पर छापेमारी के बाद पूर्व मंत्री हिरासत में

जयपुर जेजेएम घोटाले से जुड़े मामले में एसीबी ने बड़ी कार्रवाई की है. एसीबी ने पूर्व मंत्री महेश जोशी को गिरफ्तार कर लिया. 960 करोड़ रुपए से जुड़े मामले में एसीबी ने कार्रवाई की है. इससे पहले एसीबी रिटायर्ड IAS सुबोध अग्रवाल को गिरफ्तार कर चुकी है. अब मामले में ये बड़ी कार्रवाई की गई है.   15 ठिकानों पर पड़े थे छापे इसी मामले में ईडी ने 2025 में पूर्व मंत्री को गिरफ्तार किया था. इसके बाद उन्हें सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली थी. 17 फरवरी को एसीबी ने करीब 15 ठिकानों पर छापेमारी कर 10 लोगों को गिरफ्तार किया था. 960 करोड़ के घोटाले का आरोप जेजेएम योजना के तहत आरोप है कि फर्म मैसर्स श्री गणपति ट्यूबवेल और श्री श्याम ट्यूबवेल ने फर्जी दस्तावेज से टेंडर हासिल किए थे. इन दोनों फर्मों के प्रोपराइटर महेश मित्तल और पदमचंद जैन पर आरोप है कि उन्होंने इरकॉन इंटरनेशनल कंपनी के फर्जी प्रमाण-पत्र लगाकर करीब 960 करोड़ रुपए के टेंडर हासिल किए थे. आरोप है कि इन सभी में पूर्व मंत्री महेश जोशी भी शामिल थे.   किरोड़ी लाल मीणा ने दिया था धरना दरअसल पूरा मामला 20 जून 2023 से शुरू हुआ. जब डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने राजधानी जयपुर के अशोक नगर थाने के बाहर इस मामले में FIR दर्ज कराने की मांग को लेकर दो दिन तक धरना दिया. मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ा. कई अन्य नेता भी अशोक नगर थाने पहुंचे. जमकर राजनीतिक बयानबाजी हुई. 2023 के विधानसभा चुनाव के वक्त भी यह मामला सियासी गलियारों में खूब चर्चा का विषय बना. 

पश्चिमी विक्षोभ कमजोर पड़ते ही लौटेगी गर्मी, कई जिलों में लू का अलर्ट

जयपुर राजस्थान में हाल ही में हुई बारिश से मिली राहत अब ज्यादा दिन टिकने वाली नहीं है. मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 3 से 4 दिनों में बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ेंगी और तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी होगी. पिछले 24 घंटों में एक पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से राज्य के कई जिलों में तेज हवाओं और बारिश का दौर देखने को मिला, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली. जयपुर के शाहपुरा में सबसे अधिक 68 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि सीकर ग्रामीण क्षेत्र में 31 मिमी वर्षा हुई. हल्की से मध्यम बारिश होगी   मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, बुधवार को कोटा, उदयपुर, भरतपुर और जयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं. हालांकि, यह राहत अस्थायी रहेगी और अगले कुछ दिनों में मौसम शुष्क होने लगेगा. ज आंधी-बारिश से जनजीवन प्रभावित मंगलवार शाम को बालोतरा जिले के समदड़ी कस्बे में करीब आधे घंटे तक तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई. उदयपुर में भी अचानक मौसम बदला और तेज आंधी-बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ. कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित रही और 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं ने गर्मी से राहत दिलाई. गरज-चमक के साथ तेज बारिश हुई बीते दो दिनों में अधिकतम तापमान में करीब 3 डिग्री और न्यूनतम तापमान में 7 डिग्री तक गिरावट दर्ज की गई, जिससे तापमान सामान्य से नीचे पहुंच गया. दिन की शुरुआत हल्की गर्मी के साथ हुई, लेकिन दोपहर बाद बादल छा गए और शाम तक आसमान पूरी तरह घिर गया.  इसके बाद गरज-चमक के साथ तेज बारिश हुई, जिसने मौसम को ठंडा कर दिया. अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क हो जाएगा मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर पड़ने के साथ ही राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क हो जाएगा.  हालांकि उत्तर-पूर्वी राजस्थान के कुछ इलाकों में हल्की बारिश या आंधी की संभावना बनी रह सकती है. 8 से 11 मई के बीच जोधपुर और बीकानेर संभाग में अधिकतम तापमान 45 से 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जिससे क्षेत्र में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप फिर से बढ़ने के आसार हैं.

Banswara में दर्दनाक घटना, 8 लोग तैरकर बचे, रेस्क्यू जारी

बांसवाड़ा बांसवाड़ा जिले में मंगलवार दोपहर एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जब संगमेश्वर नदी में 10 लोगों से भरी नाव अनियंत्रित होकर पलट गई। घटना अरथूना क्षेत्र में करीब 3 बजे हुई। हादसे के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई और आसपास के लोग भी बड़ी संख्या में नदी किनारे जुट गए। संतुलन बिगड़ने से पलटी नाव प्रारंभिक जानकारी के अनुसार नाव का संतुलन बिगड़ने के कारण यह हादसा हुआ। नाव पलटते ही नाविक सहित 8 लोगों ने साहस दिखाते हुए तैरकर अपनी जान बचाई और सुरक्षित किनारे तक पहुंच गए। हालांकि तेज बहाव के कारण 8 साल का एक बच्चा और एक युवक नदी की लहरों में ओझल हो गए, जिससे स्थिति गंभीर हो गई। रेस्क्यू अभियान में जुटी प्रशासनिक टीमें घटना की सूचना मिलते ही गढ़ी डीएसपी बाबूलाल रैगर और अरथूना पुलिस का जाब्ता मौके पर पहुंचा। प्रशासन ने तत्काल रेस्क्यू अभियान शुरू करते हुए स्थानीय गोताखोरों और सिविल डिफेंस की टीमों को मौके पर बुलाया। बचाव कार्य तेजी से जारी है। गहरे पानी में तलाश जारी सिविल डिफेंस की टीमें नावों और लाइफ जैकेट की मदद से नदी के गहरे हिस्सों में लापता लोगों की तलाश कर रही हैं। नदी का तेज बहाव रेस्क्यू अभियान में चुनौती बन रहा है, फिर भी टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं ताकि दोनों लापता व्यक्तियों का जल्द पता लगाया जा सके। परिजनों में चिंता, मौके पर जुटी भीड़ हादसे के बाद नदी किनारे ग्रामीणों की भीड़ जुट गई है। लापता लोगों के परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है और वे लगातार प्रशासन से जल्द से जल्द राहत की उम्मीद कर रहे हैं। पूरा क्षेत्र इस घटना से गमगीन नजर आ रहा है।  

परीक्षा के दबाव में बड़ा कदम: दौसा के छात्र की कोटा में हालत नाजुक

कोटा कोटा में नीट स्टूडेंट पु्ष्‍पेंद्र प्रजापत‍ि ने नींद की अधिक गोलियां खाकर आत्महत्‍या का प्रयास क‍िया. गंभीर हालत में उसे एमबीएस अस्पताल में भर्ती करवाया गया है. उसकी हालत में सुधार बताया जा रहा है. वह दौसा का रहने वाला है. छात्र ने 3 मई को नीट का एग्जाम दिया था. परिजनों का कहना है क‍ि कम नंबर आने का अंदेशा होगा, इसल‍िए सुसाइड की कोश‍िश की. कुन्हाड़ी थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है.   चौथी बार दिया नीट का एग्जाम पुष्पेंद्र प्रजापति के जीजा राहुल प्रजापति ने बताया कि पुष्पेंद्र ने चौथी बार नीट की परीक्षा दी है. इससे पहले उसका सिलेक्शन बीडीएस के लिए हो गया था, लेकिन कुछ विवाद होने के चलते इसने दोबारा से कोटा जाकर ऑनलाइन क्लास लेकर परीक्षा की तैयारी की, और एग्जाम दिया था. कम नंबर आने का अंदेशा रहा होगा, इसल‍िए ऐसा क‍िया. मकान मालिक को जैसे ही घटना का पता चला, उसने तुरंत अस्पताल पहुंचाया. 3 मेडिकल स्टोर से खरीदी 50 गोलियां छात्र के परिजन राहुल प्रजापति ने बताया कि जैसे ही हमें मकान मालिक से सूचना म‍िली. तुरंत दौसा से कोटा पहुंचे. मकान मालिक ने बताया कि उसने नींद की गोलियां अत्यधिक मात्रा में खा ली है. छात्रा से जो पूछताछ की, उसमें पता चला है कि 3 अलग-अलग मेडिकल स्टोर से इसने 50 टेबलेट खरीदी और सभी को खा लिया. छोटा भाई भी कर रहा नीट की तैयारी पुष्पेंद्र प्रजापति के पिता हरिराम चंडीगढ़ में फ्रूट्स का काम करते हैं. उनके दो बेटे हैं, पुष्पेंद्र बड़ा बेटा है, और छोटा बेटा जयपुर में रहकर नीट की तैयारी कर रहा है. पिता ने बताया कि फिलहाल उसने कोटा में कोई कोचिंग ज्वाइन नहीं कर रखी है. इससे पहले वह कोटा में रहकर तैयारी कर रहा था.सूचना मिलते ही अस्पताल भी कुन्हाड़ी थाना पुलिस पहुंची, पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.

सवाई माधोपुर में खौफ का माहौल: गांवों तक पहुंचा केपी-2 चीता

रणथंभौर सवाई माधोपुर स्थित रणथंभौर टाइगर रिजर्व इन दिनों खौफनाक स्थिति का गवाह बन गया है. एक साथ तीन खूंखार 'शिकारी' बाघ, तेंदुआ और चीता घूमते नजर आ रहे हैं. करीब 20 दिन पहले मध्यप्रदेश के कुनो से भटककर आया केपी-2 चीता अब गांवों में भी भटकता दिख रहा है. इससे रणथंभौर से सटे गांवों में दहशत है. जोन 8, 9 और 10 में चीते का मूवमेंट नजर आने के साथ ही आबादी क्षेत्रों में भी दस्तक है. जानकारी के अनुसार, यह चीता सबसे पहले रणथंभौर की पालीघाट रेंज के पास देखा गया था. इसके बाद यह अलग-अलग जोन और गांवों के आसपास घूमता रहा है. फिलहाल इसका मूवमेंट जोन 10 और आसपास के इलाकों में बना हुआ है. खेती-किसानी प्रभावित, फसलें सूखने लगी जिले के कैलाशपुरी, दुमोदा और मोजीपुरा गांवों में इस चीते की मौजूदगी ने ग्रामीणों की दिनचर्या पूरी तरह बदल दी है. यहां अमरूदों के बगीचे में पिछले कई दिनों से चीते की आवाजाही बनी हुई है. ग्रामीणों का कहना है कि अब हालात ऐसे हो गए हैं कि वे अपने खेतों और बगीचों में जाने से डर रहे हैं. खेती-किसानी का काम पूरी तरह प्रभावित हो चुका है. गर्मी की फसलें सूखने लगी हैं, क्योंकि सिंचाई और देखभाल नहीं हो पा रही है. बच्चों को लेकर परिवार चिंतित चीता पालतू पशुओं का भी शिकार कर चुका है. इससे कई गांव में डर और गहरा हो गया है. किसी अनहोनी की आशंका से दहशत में रह रहे लोग घरों में कैद होकर रह गए हैं. किसानों की चिंता बच्चों को लेकर सबसे ज्यादा है. जिन रास्तों से बच्चे स्कूल जाते हैं, उन्हीं इलाकों में चीते का मूवमेंट बना हुआ है. ऐसे में कई बच्चे स्कूल तक नहीं जा पा रहे हैं और परिवारों ने उन्हें घरों में ही रहने की हिदायत दी है. ग्रामीण बोले- मॉनिटरिंग काफी नहीं वन विभाग की टीमें लगातार चीते की निगरानी कर रही हैं. ग्रामीणों का कहना है कि सिर्फ निगरानी से समस्या का समाधान नहीं होगा. उन्होंने वन अधिकारियों से चीते को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर ले जाने की मांग की है.

महिला सुरक्षा में लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई, जयपुर पुलिस में सर्जरी

जयपुर  राजस्थान की राजधानी जयपुर के मालवीय नगर इलाके में बीते दिनों एक गर्भवती महिला के साथ हुई छेड़छाड़ के मामले में अब पुलिस महकमे के भीतर बड़ी कार्रवाई हुई है. पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने सख्त रुख अपनाते हुए जवाहर सर्किल थाना प्रभारी (CI) आशुतोष कुमार को तुरंत प्रभाव से पद से हटाकर लाइन हाजिर कर दिया है. इस मामले में पहले ही दो पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया जा चुका है, लेकिन अब मंगलवार (05 मई, 2026) को गाज थाना प्रभारी पर भी गिरी है. क्यों हुई यह कार्रवाई? यह पूरा मामला 16 अप्रैल को सामने आया था, जब राहुल गुर्जर नाम के आरोपी ने एक गर्भवती महिला के साथ सरेराह गलत हरकत की थी. इस घटना से पूरे शहर के लोगों में गुस्सा था. आरोप था कि शुरुआत में पुलिस ने इस मामले में ढिलाई बरती और आरोपी को पकड़ने के बावजूद छोड़ दिया गया था. मामले की गंभीरता और जनता के आक्रोश को देखते हुए प्रशासन ने अब थाना स्तर पर यह बड़ी सर्जरी की है. आरोपी राहुल गुर्जर फिलहाल पुलिस की गिरफ्त में है, लेकिन ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले अफसरों पर कार्रवाई का सिलसिला जारी है. जयपुर पुलिस में 5 CI के तबादले पुलिस कमिश्नर द्वारा जारी आदेश के अनुसार, केवल जवाहर सर्किल ही नहीं, बल्कि कुल 5 पुलिस निरीक्षकों (Inspectors) के कार्यक्षेत्र बदले गए हैं. जवाहर सर्किल थाने की कमान अब महेश चंद गुर्जर को सौंपी गई है, जो इससे पहले जवाहर नगर थाना प्रभारी थे. उनकी जगह सरला यादव को जवाहर नगर थाने का नया प्रभारी बनाया गया है. वहीं, जितेन्द्र कुमार वर्मा को बजाज नगर थाने की जिम्मेदारी दी गई है. वहीं, बजाज नगर की थाना प्रभारी पूनम चौधरी को भी लाइन हाजिर कर दिया गया है. लापरवाही बर्दाश्त नहीं पुलिस कमिश्नरेट की इस कार्रवाई ने साफ संदेश दिया है कि महिला सुरक्षा जैसे संवेदनशील मामलों में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. जहां आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस की टीमें एमपी के बीहड़ों तक पहुंच गई थीं, वहीं थाने के भीतर हुई शुरुआती लापरवाही ने विभाग की छवि पर सवाल खड़े किए थे. अब नए प्रभारियों की नियुक्ति के साथ लोगों ने उम्मीद जताई जा रही है कि इलाके में कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्यशैली में सुधार होगा.

अजमेर, सीकर और दिल्ली रोड पर छापेमारी में तेल माप में गड़बड़ी का खुलासा

जयपुर  राजस्थान की राजधानी जयपुर में अगर आप भी गाड़ी में पेट्रोल-डीजल डलवाते समय यह सोचते हैं कि तेल कम मिला है, तो आज प्रशासन ने आपकी इसी चिंता पर मुहर लगा दी है. उपभोक्ता मामलात मंत्री सुमित गोदारा के आदेश पर जयपुर जिले के पेट्रोल पंपों की अचानक चेकिंग की गई. इस दौरान टीम को पता चला कि कुछ पंपों पर मीटर तो सही चल रहा था, लेकिन नोजल से तेल कम निकल रहा था. इस धांधली को देखते हुए विभाग ने तुरंत सख्त एक्शन लिया. हाईवे के इन तीन रास्तों पर हुई छापेमारी प्रशासन की तीन अलग-अलग टीमों ने जयपुर के सबसे व्यस्त रास्तों को निशाना बनाया. अजमेर रोड, सीकर रोड और दिल्ली रोड पर स्थित कुल 15 पेट्रोल पंपों पर टीमें अचानक नाप-तोल की मशीनें लेकर पहुंच गईं. इस औचक निरीक्षण से पंप चलाने वालों के बीच हड़कंप मच गया. अधिकारियों ने बारीकी से चेक किया कि क्या ग्राहकों को उतना ही तेल मिल रहा है जितने पैसे वे दे रहे हैं?   उपभोक्ता मामलात मंत्री श्री सुमित गोदारा के निर्देशानुसार, जयपुर ज़िले में पेट्रोल पंपों की जाँच का, एक व्यापक जाँच अभियान चलाया गया। विधिक माप विज्ञान अधिनियम-2009 एवं राजस्थान विधिक माप विज्ञान (प्रवर्तन) नियम-2011 के अंतर्गत, तीन जाँच दलों ने जयपुर ज़िले में अजमेर रोड, सीकर गड़बड़ी मिलने पर 3 पंपों के नोजल सील जांच के दौरान टीमों ने पाया कि तीन पेट्रोल पंपों पर मीटर में हेराफेरी कर ग्राहकों की जेब काटी जा रही थी. इन पंपों पर तेल की मात्रा तय मानकों से काफी कम पाई गई. मामला साफ होते ही अधिकारियों ने उन तीनों पेट्रोल पंपों के नोजल तुरंत सील कर दिए. इसका मतलब है कि अब ये पंप तब तक तेल नहीं बेच पाएंगे जब तक इनकी मशीनों को दोबारा ठीक कर विभाग से पास नहीं करवा लिया जाता.

72 घंटे से भूख हड़ताल पर बैठे अरुण, रणवीर और राजवीर को प्रशासन ने अस्पताल में कराया भर्ती

भरतपुर भरतपुर के पीलूपुरा में पिछले 3 दिनों से जारी आमरण अनशन सोमवार रात गंभीर मोड़ पर पहुंच गया. रीट (REET) परीक्षा में 372 पदों की मांग को लेकर धरने पर बैठे तीन युवाओं की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी, जिसके बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया. स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने देर रात ही तीनों आंदोलनकारियों को जबरन उठाकर जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां फिलहाल उनका इलाज चल रहा है. इन युवाओं को कराया गया अस्पताल में भर्ती आमरण अनशन पर बैठे अरुण गुर्जर, रणवीर गुर्जर और राजवीर की शारीरिक स्थिति पिछले 72 घंटों से अन्न-जल त्यागने के कारण काफी नाजुक हो गई थी. जिला प्रशासन ने उनकी जान को जोखिम में न डालते हुए उन्हें मेडिकल इमरजेंसी के तहत अस्पताल शिफ्ट किया. सूचना मिलते ही तहसीलदार ने खुद जिला अस्पताल पहुंचकर तीनों युवाओं की सेहत का जायजा लिया और डॉक्टरों को उचित देखभाल के निर्देश दिए. 'प्रशासन ने जबरदस्ती अस्पताल में भर्ती कराया' जिसकी तबीयत राजवीर (बड़ागांव) ने बताया कि उन्हें एक माह पहले आश्वासन दिया गया था कि सरकार से वार्ता की जाएगी. लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ तो इसी के चलते हुए दोबारा धरने पर बैठे. उन्होंने खाना नहीं खाया तो इसी के चलते उनकी तबीयत बिगड़ी. प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और जबरदस्ती उठा कर अस्पताल लेकर आए. राजवीर का कहना है कि जब तक उनकी मांगे नहीं पूरी होंगी, इसी तरह धरने पर बैठे रहेंगे. पुलिस के एक्शन पर SDM ने क्या कहा? एसडीएम दीपक मित्तल का कहना है कि धरने पर बैठे अभ्यर्थियों से समझाइश की. लेकिन वह नहीं माने. उनमें से तीन युवकों की तबीयत खराब हुई, जिन्हें एंबुलेंस के सहयोग से बयाना अस्पताल भर्ती कराया, जहां से उन्हें भरतपुर रैफर कर दिया. वहां उनका इलाज जारी है. युवकों की तबीयत में सुधार हो रहा है और जो धरने पर बैठे हैं उनसे वार्ता की जा रही है. हालांकि उनसे जब पूछा गया कि युवक जबरदस्ती धरने से उठाने का आरोप लगा रहे हैं तो उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है. उनसे सिर्फ समझाइश की जा रही है. जिन लोगों की तबीयत खराब हुई उन्हें अस्पताल भिजवाया गया है. सहमति के बाद दोबारा क्यों शुरू हुआ अनशन? यह पूरा विवाद तब फिर से गहराया जब सरकार और युवाओं के बीच बातचीत का रास्ता बंद हो गया. दरअसल, इन युवाओं ने अपनी मांगों को लेकर 31 मार्च को भी धरना दिया था, जिसे प्रशासन ने सरकार से वार्ता कराने के आश्वासन पर स्थगित करवा दिया था. लेकिन जब 1 मई को निर्धारित वार्ता नहीं हुई, तो युवाओं ने खुद को ठगा हुआ महसूस किया और दोबारा अनशन पर बैठने का फैसला किया. क्या है 372 पदों का पूरा मामला? युवाओं की मुख्य मांग रीट भर्ती में 372 अतिरिक्त पदों को शामिल करने की है. उनका आरोप है कि सरकार बार-बार आश्वासन देने के बावजूद उनकी जायज मांगों को अनसुना कर रही है. युवाओं का कहना है कि जब तक पदों की संख्या को लेकर कोई ठोस आदेश जारी नहीं होता, उनका विरोध जारी रहेगा. फिलहाल प्रशासन के लिए इन युवाओं की सेहत और कानून व्यवस्था बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है.

SLP खारिज, पेपर लीक पर सख्त रुख कायम: राजस्थान SI भर्ती 2021 में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला

जयपुर राजस्थान एसआई भर्ती पेपर लीक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने चयनित उम्मीदवारों को राहत देने से इनकार कर दिया है. अदालत ने इस संबंध में दायर विशेष अनुमति याचिकाओं (SLP) को खारिज कर दिया. सुप्रीम कोर्ट के इस कदम से राजस्थान हाईकोर्ट के फैसले की पुष्टि हुई है जिसमें बड़े पैमाने पर पेपर लीक के कारण पूरी भर्ती प्रक्रिया रद्द कर दी गई थी. कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि वह ऐसी गंभीर अनियमितताओं से ग्रस्त चयन प्रक्रिया को मंजूरी नहीं दे सकता, जहां राजस्थान में बड़े पैमाने पर पेपर लीक हुआ था. राजस्थान सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा 2021 से जुड़े महत्वपूर्ण घटनाक्रम में जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बेंच ने आज इन मामलों की सुनवाई की. ये याचिकाएं राजस्थान हाईकोर्ट के डिवीजन बेंच के 4 अप्रैल 2026 के फैसले से उपजी थीं, जिसमें पूरी भर्ती रद्द कर नई परीक्षा के आदेश दिए गए थे. वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी और पी.एस. पटवालिया की विस्तृत दलीलों के बावजूद सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी करने की सहमति नहीं दी और याचिकाओं को खारिज कर दिया. कोर्ट की गंभीर टिप्पणियां सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने भर्ती प्रक्रिया की अखंडता पर गंभीर टिप्पणियां कीं. कोर्ट ने नोट किया कि राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) के एक सदस्य की पेपर लीक से जुड़े मामले में गिरफ्तारी हुई थी, जिसकी जमानत सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दी थी. यह गंभीर व्यवस्थागत भ्रष्टाचार का संकेत देता है. कोर्ट ने जोर दिया कि ऐसी स्थिति में 'दागी' और 'निर्दोष' उम्मीदवारों को अलग करना ही कानूनी रूप से टिकाऊ रास्ता है, जो इस मामले में संभव नहीं था, इसलिए पूरी प्रक्रिया अविश्वसनीय हो गई. बेंच ने अपने पूर्व फैसले का हवाला दिया, जहां केवल 44 दागी एमबीबीएस उम्मीदवारों के कारण पूरे देश में परीक्षा रद्द कर दी गई थी, जो परीक्षा धांधली के मामलों में सख्त मानक को रेखांकित करता है. परीक्षार्थियों की दलील याचिकाकर्ताओं ने दलीलें दी कि कोई बड़े पैमाने पर पेपर लीक नहीं था, जो सांख्यिकीय विश्लेषण और अंकों के बेल-कर्व वितरण पर आधारित थी. उनकी दलील थी कि केवल 6.3% उम्मीदवार ही कथित रूप से दागी थे, और अलगाव संभव था. इनमें से 838 से अधिक उम्मीदवारों को नियुक्ति मिल चुकी थी और वे दो वर्ष से अधिक सेवा दे चुके थे, जिसमें प्रशिक्षण पर भारी सार्वजनिक व्यय हुआ था. फिर भी, सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के निष्कर्ष में हस्तक्षेप का कोई आधार नहीं पाया कि प्रक्रिया दोषपूर्ण थी.

फर्जी पहचान और संदिग्ध किराएदारों पर जयपुर पुलिस का एरिया डोमिनेशन अभियान तेज

 जयपुर लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकी उमर हासिम उर्फ खरगोश के फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जयपुर में एक साल तक रहने के खुलासे के बाद से राजधानी में हड़कंप मच गया है. सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस की इस चौंकाने वाली रिपोर्ट के बाद, जयपुर कमिश्नरेट ने शहर के चारों जिलों में 'एरिया डोमिनेशन' अभियान शुरू कर दिया है. इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बिना पुलिस सत्यापन (Police Verification) और किराएनामे (Rent Agreement) के रह रहे संदिग्ध लोगों और अपराधियों की पहचान करना है.  73 से ज्यादा किराएदार गिरफ्तार, मकान मालिकों पर भी केस दर्ज एडिशनल डीसीपी ललित शर्मा ने बताया कि बाहरी राज्यों के वांटेड बदमाशों को जयपुर में फरारी काटना सुरक्षित लग रहा है. वे नाम-पता बदलकर किराएदार के रूप में रह रहे हैं. इस अभियान के तहत अब तक 73 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है. जिसमें पत्रकार कॉलोनी थाना क्षेत्र के उदय ग्रीन रेसीडेंसी में पुलिस ने छापेमारी कर बिना सत्यापन के रह रहे 26 लोगों को हिरासत में लिया है. इनमें से दो का पिछला आपराधिक रिकॉर्ड भी पाया गया है. कनोता थाना क्षेत्र में बगराना के जेडीए फ्लैट्स में करीब 1,000 फ्लैट्स की जांच के दौरान 47 ऐसे किराएदार मिले, जिनके पास कोई किराएनामा या पुलिस सत्यापन नहीं था. इन सभी को गिरफ्तार कर लिया गया है. वही पुलिस ने उन मकान और फ्लैट मालिकों के खिलाफ भी मुकदमे दर्ज किए हैं, जिन्होंने बिना सत्यापन के अपने घर किराए पर दिए थे.  इन मामलों ने उड़ाई पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की नींद आतंकी का जयपुर कनेक्शन आने के पास पुलिस में हड़कंप मचा हुआ है. क्योंकि लश्कर-ए-तैयबा का ये आतंकी उमर हासिम उर्फ खरगोश लगभग एक साल तक जयपुर में रहा, नौकरी की, सज्जाद नाम से फर्जी वोटर आईडी बनवाई और फिर फर्जी पासपोर्ट के जरिए विदेश भाग गया. एमपी का हिस्ट्रीशीटर जवाहर सर्किल इलाके में एक गर्भवती महिला से छेड़छाड़ के मामले में पकड़ा गया जो मध्यप्रदेश का हिस्ट्रीशीटर आरोपी राहुल घुरैया निकला. उसके खिलाफ हत्या के प्रयास और लूट के 33 मामले दर्ज हैं. म्यांमार के शरणार्थियों की गैंग वैशाली नगर इलाके में म्यांमार के शरणार्थी युवक अबूबकर सिद्दकी ने अपने साथी खालिद के साथ मिलकर चोरी की वारदातों को अंजाम दिया. गैंगस्टर की गिरफ्तारी सुजानगढ़ में ज्वैलर पर फायरिंग मामले में वांछित अपराधी कृष्ण सिंह को एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स ने झोटवाड़ा से गिरफ्तार किया. उसके खिलाफ 27 मुकदमे दर्ज हैं. आमजन से पुलिस की अपील जयपुर पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति को किराए पर रखने से पहले उसका पुलिस सत्यापन अवश्य करवाएं.  पुलिस का यह विशेष अभियान आने वाले दिनों में भी जारी रहेगा.