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‘विकास भी, विरासत भी’ के तहत आबूराज का होगा समग्र और इको-फ्रेंडली विकास

जयपुर  मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने आबूराज के पर्यटन, आध्यात्मिक एवं पर्यावरणीय विशिष्टताओं के अनुरूप सर्वांगीण विकास का ब्लूप्रिंट तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने विकास कार्यों को परस्पर समन्वय के साथ समयबद्ध रूप से पूरा करने के साथ ही संभागीय आयुक्त एवं मुख्य सचिव को निरंतर मॉनिटरिंग के लिए निर्देशित भी किया मुख्यमंत्री रविवार को आबूराज में आबूपर्वत विकास समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आबूराज में शहरी विकास, सड़क, पार्किंग, आवागमन के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित की जाएं, ताकि अधिक से अधिक पर्यटकों का आगमन हो। उन्होंने अधिकारियों को नक्की झील के सौंदर्यकरण, प्रकाश व्यवस्था, रंग रोगन, सीढ़ियों की मरम्मत, सीवरेज सहित विभिन्न विकास कार्यों के संबंध में विशेष रूप से निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि आबूराज ऋषि-मुनियों की भूमि रही है। यहां धार्मिक पर्यटन को नई गति प्रदान करने के लिए मंदिरों का सूचीकरण किया जाए। मुख्यमंत्री ने आबूराज को क्लीन एवं ग्रीन सिटी के रूप में विकसित करने पर विशेष जोर देते हुए इसे स्वच्छता युक्त एवं अतिक्रमण मुक्त बनाए रखने के संबंध में निर्देश प्रदान किए। उन्होंने कहा कि आबूराज की सांस्कृतिक एवं पर्यावरणीय विशिष्टता को संरक्षित रखते हुए टोकन कार्य में ऑनलाइन प्रणाली को पूर्ण पारदर्शिता के साथ लागू किया जाए और निर्माण सामग्री के आवागमन पर निगरानी रखी जाए। ‘विकास भी, विरासत भी’ के मूल मंत्र पर आबूराज का हो रहा विकास मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आबूराज में ‘विकास भी, विरासत भी‘ के मूल मंत्र पर प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि विवेकानंद पार्क का सौंदर्यकरण, गुरु शिखर का सौंदर्यकरण एवं सुदृढ़ीकरण, अर्बुदा माता मंदिर एवं दत्तात्रेय मंदिर के विकास कार्यों, ईवी व्हीकल को बढ़ावा देने और भारत माता नमन स्थल को नमो उद्यान के रूप में विकसित करने सहित विभिन्न विकास कार्यों से आबूराज इको फ्रेंडली, क्लीन-ग्रीन एवं स्पिरिचुअल बन सकेगा। इन सभी सहित विभिन्न 100 करोड़ रुपये से अधिक के कार्यों पर उन्होंने दिशा-निर्देश प्रदान किए। इस दौरान उन्होंने पूर्व बैठकों में दिए गए निर्देशों की प्रगति की भी समीक्षा करते हुए कहा कि आबू पर्वत विकास समिति की नियमित बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में पंचायतीराज राज्य मंत्री ओटा राम देवासी, उद्योग एवं वाणिज्य राज्य मंत्री केके विश्नोई, सांसद मदन राठौड़, लुंबाराम चौधरी, विधायक समाराम, मुख्य सचिव वी श्रीनिवास, अतिरिक्त मुख्य सचिव, वन एवं पर्यावरण आनंद कुमार, अतिरिक्त मुख्य सचिव, नगरीय विकास आलोक गुप्ता, स्वायत्त शासन विभाग के शासन सचिव रवि जैन, पर्यटन विभाग की शासन सचिव शुचि त्यागी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे। वहीं, संबंधित मंत्रीगण एवं विभागीय अधिकारी वीसी के माध्यम से जुड़े। इससे पहले मुख्यमंत्री ने यहां विकास कार्यों पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।

नौ चौकी पाल पर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन, जनप्रतिनिधियों और हजारों नागरिकों की भागीदारी

जयपुर  अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जिला प्रशासन एवं आयुर्वेद विभाग के संयुक्त तत्वावधान में जिला स्तरीय योगाभ्यास कार्यक्रम ऐतिहासिक पर्यटन स्थल नौ चौकी पाल पर उत्साहपूर्वक आयोजित किया गया। कार्यक्रम में आमजन की उल्लेखनीय सहभागिता देखने को मिली तथा 2390 योग अभ्यर्थियों ने सामूहिक योगाभ्यास में भाग लेकर योग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। जिलेभर में संगम पोर्टल पर पंजीकृत 2909 स्थलों पर आयोजित योग कार्यक्रमों में लगभग 86 हजार 600 लोगों ने सहभागिता कर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को जनआंदोलन का स्वरूप प्रदान किया। कार्यक्रम में राजसमंद सांसद महिमा कुमारी मेवाड़, राजसमंद विधायक दीप्ति किरण माहेश्वरी, जिला कलक्टर अरुण कुमार हसीजा, पुलिस अधीक्षक हेमंत कलाल, एडीएम नरेश बुनकर, जिला परिषद सीईओ बृजमोहन बैरवा सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, कर्मचारी, विद्यार्थी, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात प्रधानमंत्री के उद्बोधन का सीधा प्रसारण टेलीकास्ट के माध्यम से उपस्थित जनसमूह को दिखाया गया। निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार योग विशेषज्ञ शैलेश चौरड़िया एवं योग चिकित्सा प्रभारी डॉ. रामकन्या मेनारिया के निर्देशन में मंच प्रदर्शन के माध्यम से योगाभ्यास कराया गया। सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ ने अपने संबोधन में कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का उद्देश्य योग के माध्यम से स्वस्थ, निरोग एवं संतुलित जीवनशैली को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह मानसिक शांति, आत्मविश्वास, एकाग्रता एवं सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करने का प्रभावी साधन भी है। उन्होंने सभी नागरिकों से योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। विधायक दीप्ति किरण माहेश्वरी ने कहा कि योग भारत की प्राचीन एवं अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर है, जो स्वस्थ एवं संतुलित जीवन का आधार प्रदान करती है। उन्होंने आमजन से आह्वान किया कि वे योग को केवल एक दिवस के आयोजन तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपने दैनिक जीवन का नियमित हिस्सा बनाएं। उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास से शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर होता है, मानसिक तनाव दूर होता है तथा व्यक्ति में सकारात्मक ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार होता है। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं, महिलाओं एवं विद्यार्थियों से प्रतिदिन योग करने और अपने परिवार तथा समाज को भी योग के प्रति जागरूक करने का आग्रह किया। योगाभ्यास के उपरांत जिला कलक्टर श्री अरुण कुमार हसीजा ने उपस्थित योग साधकों को योग संकल्प दिलाया तथा लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मतदान शपथ भी दिलाई। कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य जागरूकता एवं जनभागीदारी का वातावरण बना रहा। उपनिदेशक आयुर्वेद विभाग डॉ. रमेशचंद्र मीणा ने बताया कि जिले के विभिन्न पर्यटन स्थलों, ब्लॉक मुख्यालयों, ग्राम पंचायतों तथा आयुष्मान आरोग्य मंदिरों सहित संगम पोर्टल पर पंजीकृत 2909 स्थानों पर योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किए गए।  

पोकरासर में ग्रामीण सेवा शिविर: प्रभारी सचिव ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के दिए निर्देश

बाड़मेर  बाड़मेर जिले के प्रभारी सचिव रोहित गुप्ता ने रविवार को बाड़मेर के पोकरासर में ग्रामीण सेवा शिविर का निरीक्षण किया। उन्होंने ग्रामीणों से संवाद करके फीडबैक लेने के साथ लाभार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किए। श्री गुप्ता ने  पोकरासर ग्राम पंचायत मुख्यालय पर आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर का निरीक्षण किया। उन्होंने ग्रामीणों से संवाद करते हुए शिविरों में संपादित किए जा रहे कार्याें के बारे में फीडबैक लिया। इस दौरान प्रभारी सचिव ने कहा कि राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप ग्रामीण सेवा शिविरों में आने वाले अधिकाधिक आमजन को जन कल्याणकारी योजनाओं से लाभांवित करवाएं। उन्होंने कहा कि शिविरों में प्राप्त होने वाले परिवादों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को संवेदनशीलता से कार्य करते हुए आमजन को त्वरित राहत पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने उपस्थित ग्रामीणों से शिविरों का अधिकाधिक फायदा उठाने का आहवान किया। प्रभारी सचिव ने ग्रामीण सेवा शिविर में विभिन्न काउंटरों पर जाकर निष्पादित किए जा रहे कार्याें की जानकारी लेते हुए लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। प्रभारी सचिव ने इस दौरान लाभार्थियों को मंगला पशु बीमा योजना की पॉलिसी समेत विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं के प्रमाण पत्र प्रदान किए। इस दौरान तहसीलदार भुपेन्द्र कुमार सेजू, चौहटन पंचायत समिति के विकास अधिकारी नरसिंहदास, बीसीएमएचओ डॉ. बांकाराम चौधरी, प्रशासक महेश कुमार बाना, डॉ. रावताराम चौधरी समेत विभिन्न विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।  

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दिखाई हरी झंडी, राजस्थान से दो नई लंबी दूरी की ट्रेनें शुरू

जयपुर  राजस्थान के रेल यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। भारतीय रेलवे ने प्रदेश को एक साथ दो लंबी दूरी की नई ट्रेनों की सौगात दी है। इनमें जयपुर (खातीपुरा)-दरभंगा अमृत भारत एक्सप्रेस और बीकानेर (लालगढ़)-साबरमती एक्सप्रेस शामिल हैं। दोनों ट्रेनों को 21 जून को केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव हरी झंड़ी दिखाए। बीकानेर में मंत्री वैष्णव ट्रेन रवाना कर चुके हैं। दोपहर बाद खातीपुरा जयपुर पहुंचकर दूसरी ट्रेन को भी ग्रीन सिग्नल देंगे। इन यात्रियों का सीधा फायदा उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी अमित सुदर्शन ने बताया कि राजस्थान से नई ट्रेनों के शुरू होने से राजस्थान का सीधा रेल संपर्क बिहार, उत्तर प्रदेश और गुजरात के कई प्रमुख शहरों से और मजबूत होगा। इससे लाखों प्रवासी श्रमिकों, विद्यार्थियों, व्यापारियों और पर्यटकों को बड़ी राहत मिलेगी। पर्यटन और व्यापारिक गतिविधियों को मिलेगी गति यह ट्रेन राजस्थान में कार्यरत बिहार के प्रवासी श्रमिकों, विद्यार्थियों और व्यवसायियों के लिए विशेष रूप से लाभकारी सिद्ध होगी। साथ ही, बिहार और राजस्थान के बीच पर्यटन एवं व्यापारिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। अब यात्रियों को अधिक सुविधाजनक, समयबद्ध और किफायती यात्रा का विकल्प प्राप्त होगा। जयपुर (खातीपुरा) – दरभंगा अमृत भारत एक्सप्रेस रेल सेवा देश के विभिन्न हिस्सों को जोड़ते हुए विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। जयपुर से दरभंगा तक अमृत भारत की रफ्तार सीपीआरओं अमित सुदर्शन ने बताया कि भारतीय रेलवे की आधुनिक अमृत भारत एक्सप्रेस अब जयपुर (खातीपुरा) से दरभंगा के बीच दौड़ेगी। यह ट्रेन सप्ताह में छह दिन संचालित होगी और राजस्थान से बिहार जाने वाले यात्रियों के लिए किफायती एवं आरामदायक विकल्प बनेगी। टाइम शेड्यूल जानें: खातीपुरा (जयपुर) – दरभंगा – खातीपुरा अमृत भारत एक्सप्रेस इस रेलसेवा की नियमित गाडी संख्या 19725, खातीपुरा (जयपुर)- दरभंगा – खातीपुरा (जयपुर) अमृत भारत एक्सप्रेस नई रेलसेवा दिनांक 22.जन 26 से खातीपुरा (जयपुर) से शुक्रवार को छोडकर सप्ताह में 6 दिन 22.30 बजे रवाना होकर तीसरे दिन रात 00.55 बजे दरभंगा पहुॅचेगी। इसी प्रकार गाडी संख्या 19726, दरभंगा-खातीपुरा (जयपुर) अमृत भारत एक्सप्रेस नई रेलसेवा 23 जून से दरभंगा से रविवार को छोडकर सप्ताह में 6 दिन 4.30 बजे रवाना होकर अगले दिन 8.40 बजे खातीपुरा (जयपुर) पहुॅचेगी। इस ट्रेन में यात्रियों को मिलेंगी ये सुविधाए – आधुनिक और हाई स्पीड कोच। – एलईडी लाइटिंग। – मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट। – डिजिटल सूचना एवं उद्घोषणा प्रणाली। – स्वच्छ शौचालय। – सीसीटीवी सुरक्षा व्यवस्था। – बेहतर शयनयान एवं साधारण श्रेणी के कोच। इस ट्रेन का ये रहेगा रूट खातीपुरा, दौसा, बांदीकुई, मंडावर महुवा रोड, भरतपुर, आगरा ईदगाह, टूंडला, इटावा, कानपुर सेंट्रल, उन्नाव, ऐशबाग, गोमतीनगर, बाराबंकी, गोंडा, गोरखपुर, कप्तानगंज, बगहा, नरकटियागंज, सिकटा, रक्सौल, बैरगनिया, सीतामढ़ी, जनकपुर रोड, कमतौल होते हुए दरभंगा पहुंचेगी। कब चलेगी? 22 जून से नियमित संचालन, शुक्रवार छोड़कर सप्ताह में 6 दिन, खातीपुरा- जयपुर से रात 10:30 बजे प्रस्थान और तीसरे दिन 12:55 बजे दरभंगा आगमन। बीकानेर से अहमदाबाद का सफर अब और आसान सीपीआरओं अमित सुदर्शन ने बताया कि राजस्थान और गुजरात के बीच यात्रियों की लंबे समय से चली आ रही मांग अब पूरी हो गई है। बीकानेर (लालगढ़)-साबरमती एक्सप्रेस प्रतिदिन संचालित होगी और करीब 740 किलोमीटर की दूरी तय करेगी।यह ट्रेन अहमदाबाद, महेसाणा, पाटन, बनासकांठा और राजस्थान के जालौर, बालोतरा, जोधपुर, नागौर तथा बीकानेर सहित कई जिलों को सीधी रेल सुविधा देगी। बीकानेर (लालगढ़)-साबरमती एक्सप्रेस इस समय अनुसार चलेगी इस रेलसेवा की नियमित गाडी संख्या 19407, साबरमती-लालगढ प्रतिदिन एक्सप्रेस रेलसेवा दिनांक 22 जून से साबरमती से प्रतिदिन 17.55 बजे रवाना होकर अगले दिन 8.10 बजे लालगढ पहुॅचेगी। इसी प्रकार गाडी संख्या 19408, लालगढ-साबरमती प्रतिदिन एक्सप्रेस रेलसेवा 23 जून से लालगढ से प्रतिदिन 21.05 बजे रवाना होकर अगले दिन 11.30 बजे साबरमती पहुॅचेगी। प्रमुख ठहराव साबरमती, महेसाणा, पाटन, भीलड़ी, धानेरा, रानीवाड़ा, मारवाड़ भीनमाल, मोदरान, जालौर, मोकलसर, समदड़ी, लूनी, जोधपुर, गोटन, मेड़ता रोड, नागौर, नोखा, बीकानेर और लालगढ़। कोच संरचना 1 फर्स्ट एसी, 3 सेकंड एसी,5 थर्ड एसी, 2 थर्ड एसी इकोनॉमी, 6 स्लीपर, 4 जनरल सहित कुल 23 डिब्बों वाली यह ट्रेन विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और पर्यटकों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी। रेल मंत्री देंगे कई और परियोजनाओं की सौगात नार्दन इस्टर्न रेलवे के सीपीआरओ अमित सर्दशन ने बताया कि राजधानी जयपुर से सटे एवं तेजी से विकसित हुए खातीपुरा स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव मेगा कोचिंग टर्मिनल का भी शुभारंभ करेंगे। इसके अलावा—41 छोटे एवं मध्यम स्टेशनों पर नए प्लेटफॉर्म, प्लेटफॉर्म उन्नयन एवं विस्तार कार्य, 16 स्टेशनों पर एकीकृत यात्री सूचना प्रणाली का भी लोकार्पण किया जाएगा। अब जानिए क्या होगा इन दोनों नई ट्रेनों से सबसे बड़ा फायदा? इन दोनों नई ट्रेनों के शुरू होने से राजस्थान के यात्रियों को बिहार, उत्तर प्रदेश और गुजरात तक सीधी, तेज और सुविधाजनक रेल सेवा मिलेगी। इससे रोजगार, शिक्षा, व्यापार और पर्यटन को नई गति मिलने के साथ प्रदेश की रेल कनेक्टिविटी भी पहले से कहीं अधिक मजबूत होगी। बहरहाल, 21 जून राजस्थान के रेल इतिहास में एक यादगार दिन बनने जा रहा है, जब अमृत भारत की रफ्तार और नई एक्सप्रेस सेवा प्रदेश के विकास की नई पटरी बिछाएगी।  

योग दिवस आयोजन में बिजली व्यवस्था पर विवाद, विभाग ने कहा नियमों के तहत होगी जांच

करौली राजस्थान में भजनलाल सरकार बिजली चोरी रोकने के लिए विशेष अभियान चलाकर दोषियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है. इस बीच करौली में आयोजित 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस समारोह के दौरान सरकारी कार्यक्रम में ही बिजली चोरी का मामला सामने आने से कई सवाल खड़े हो गए हैं. इस कार्यक्रम को आयुर्वेदिक विभाग ने आयोजित किया था. इस संबंध में आयुर्वेदिक विभाग के डिप्टी डायरेक्टर (DD) डॉ. कालूराम मीना ने बताया कि विभाग की ओर से व्यवस्थाओं के लिए पहले ही पत्र लिखा गया था, जिसमें संबंधित विभागों के नाम दिए गए थे. उन्होंने कहा कि खेल अधिकारी की तरफ से हमें यह व्यवस्था करवाई गई. अब देखना होगा कि किस विभाग पर बिजली विभाग कार्रवाई करता है. क्या है पूरा मामला? जानकारी के अनुसार, जिला मुख्यालय स्थित मुंशी त्रिलोकचंद माथुर पर स्टेडियम में आयोजित योग दिवस कार्यक्रम के लिए बिजली लाइन से सीधे तार डालकर अवैध रूप से बिजली सप्लाई लेने का आरोप लगा है. कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, जिला प्रशासन के सीनियर अधिकारियों और संबंधित विभागों के अधिकारियों की मौजूदगी के बावजूद कथित रूप से खुलेआम बिजली का उपयोग किया गया. आम आदमी पर लगता है भारी जुर्माना गौरतलब है कि बिजली अधिनियम 2003 की धारा 135 के तहत विद्युत चोरी दंडनीय अपराध है. सामान्य उपभोक्ता द्वारा बिजली चोरी पकड़े जाने पर विद्युत निगम बीसीआर भरकर भारी जुर्माना वसूलता है और कानूनी कार्रवाई भी करता है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि सरकारी आयोजन में ही बिजली चोरी हुई है तो क्या संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ भी वही कार्रवाई होगी या फिर नहीं. योग दिवस के मंच से कानून पालन का संदेश योग दिवस के मंच से कानून पालन और जागरूकता का संदेश दिया गया, लेकिन दूसरी ओर विद्युत नियमों की अनदेखी ने पूरे आयोजन की पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है. अब देखना होगा कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ बीसीआर और विद्युत अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाती है या फिर मामला केवल चर्चा तक ही सीमित रह जाएगा. बिजली चोरी के मामले पर क्या बोले सुपरिटेंडेंट इंजीनियर? इस मामले में विद्युत विभाग करौली के सुपरिटेंडेंट इंजीनियर रूपसिंह गुर्जर ने कहा, 'अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में बिजली चोरी होने की जानकारी फिलहाल हमारे संज्ञान में नहीं है. यदि कहीं अवैध रूप से विद्युत लाइन से कनेक्शन लेकर बिजली का उपयोग किया गया है तो मामले की जांच कराई जाएगी. उन्होंने कहा कि, 'जांच में विद्युत चोरी की पुष्टि होने पर संबंधित विभाग के खिलाफ विद्युत अधिनियम के प्रावधानों के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.' उन्होंने आगे कहा कि विभाग बिजली चोरी के मामलों को गंभीरता से लेता है और किसी को भी नियमों के उल्लंघन की अनुमति नहीं दी जाएगी. वहीं, आयुर्वेदिक विभाग करौली के डिप्टी डायरेक्टर (DD) डॉ. कालूराम मीना ने कहा, 'राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम के आयोजन को लेकर हमने पहले ही जिला कलेक्टर को पत्र देकर विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियां तय कर दी थीं. बिजली व्यवस्था सहित अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में संबंधित विभागों को अवगत कराया गया था. कार्यक्रम से पहले जब हम स्टेडियम पहुंचे तो वहां खेल स्टेडियम प्रशासन की ओर से हमें बताया गया कि लाइट की व्यवस्था यहां से कर लें. यदि बिजली चोरी जैसा कोई मामला सामने आया है तो इसकी जांच संबंधित विभाग करेगा. हमारी ओर से सभी आवश्यक पत्राचार और सूचना पूर्व में दे दी गई थी.

पीएम ई-बस सेवा के तहत राजस्थान को मिलेगी 1150 इलेक्ट्रिक बसें, पहले चरण में 675 बसें चलेंगी

जयपुर  मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को प्रधानमंत्री ई बस सेवा के तहत अमर जवान ज्योति से जेसीटीएसएल की 29 अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक बसों को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। साथ ही, उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से भीलवाड़ा में भी 18 इलेक्ट्रिक बसों का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि इन बसों के संचालन से स्वच्छ, सुरक्षित एवं सुगम सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी परिवहन में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अगस्त 2023 में पीएम ई-बस सेवा योजना प्रारम्भ की। केंद्र सरकार द्वारा इस योजना के डिपो निर्माण, इलेक्ट्रिक वर्क और संचालन में राज्य सरकार को सहायता दी जा रही है। इसके तहत इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से शहरों में प्रदूषण को कम करने का काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने ई बस का किया अवलोकन, आधुनिक सुविधाओं की ली जानकारी मुख्यमंत्री ने अमर जवान ज्योति पर इलेक्ट्रिक बस का विधिवत पूजन कर अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने बस में पैनिक बटन, एसी और सीसीटीवी कैमरे जैसी आधुनिक सुविधाओं की जानकारी ली। साथ ही, चालक और परिचालक से बातचीत की। इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने टिकट लेकर अमर जवान ज्योति से स्टेट हेंगर तक इलेक्ट्रिक बस में सफर किया। उन्होंने कहा कि इस योजना में राजस्थान के जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, कोटा, बीकानेर, भीलवाड़ा, अलवर तथा अजमेर का चयन हुआ है। केन्द्र सरकार द्वारा इन 8 जिलों के लिए 675 इलेक्ट्रिक बसें स्वीकृत की गई हैं। इसके अतिरिक्त भी 475 ई बसें स्वीकृत हुई हैं। इस प्रकार राजस्थान को कुल 1150 ई बसेें मिलेंगी। उन्होंने कहा कि प्रथम चरण में दीपावली तक 675 ई बसों का संचालन किया जाएगा।   मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक तकनीक से सुसज्जित ये बसें विशेष रूप से दिव्यांगों, महिलाओं, विद्यार्थियों एवं वरिष्ठ नागरिकों के लिए सुरक्षित, सुविधाजनक एवं किफायती यात्रा का माध्यम बनेंगी। साथ ही, इन बसों में सीसीटीवी कैमरे होंगे जिनसे महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि हमारा संकल्प है कि प्रदेश के नागरिकों को आधुनिक, सुरक्षित एवं पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक परिवहन की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार 555 ई-बसंे शहरी परिवहन के लिए और 50 डबल डेकर ई-बस पर्यटकों के लिए उपलब्ध कराएगी। इसके क्रियान्वयन के लिए तीव्र गति से कार्य किया जा रहा है। यह कदम विकसित राजस्थान 2047 के संकल्प को साकार करने की दिशा में अहम कड़ी साबित होगा। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार ने पिछले ढाई वर्ष में राजस्थान के पानी, बिजली, उद्योग, परिवहन सहित विभिन्न क्षेत्रों में विकास को नई गति प्रदान की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हरियालो राजस्थान के जरिए पर्यावरण संरक्षण को मजबूती प्रदान कर रही है। इस अभियान के तहत अब तक लगभग 20 करोड़ पौधारोपण किया जा चुका है। उन्होंने प्रदेशवासियों से एक पेड़ मां के नाम और हरियालो राजस्थान अभियान के तहत पौधारोपण करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में विधायक कालीचरण सराफ, गोपाल शर्मा, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, अध्यक्ष जयपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड रवि जैन एवं जेसीटीएसएल के अन्य अधिकारियों सहित आमजन उपस्थित रहे। वहीं, भीलवाड़ा से विधायक उदयलाल भडाणा, अशोक कोठारी सहित आमजन वीसी के जरिए कार्यक्रम में जुड़े।

RICEM की पहल: मैराथन के जरिए दिया स्वच्छता और सहकारिता का संदेश

 जयपुर राजस्थान सहकारी शिक्षा एवं प्रबंध संस्थान (RICEM) द्वारा शनिवार को ‘स्वच्छ सहकार समृद्ध सहकार’ थीम पर स्वच्छता मैराथन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य स्वच्छता एवं सहकारिता के प्रति जन-जागरूकता को बढ़ावा देना तथा इन मूल्यों को व्यवहार में अपनाने के लिए प्रेरित करना था। मैराथन प्रातः 6:30 बजे जवाहर सर्किल से प्रारंभ होकर सरस संकुल (RCDF) पहुंचकर सम्पन्न हुई। इस दौरान प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक दौड़ में भाग लेते हुए स्वच्छता एवं सहकारिता का संदेश आमजन तक पहुंचाया। राजस्थान राज्य सेवा (सहकारिता, जेल, श्रम कल्याण एवं उद्योग) के नवनियुक्त 73 प्रशिक्षु अधिकारियों हेतु आयोजित सह-शैक्षणिक गतिविधियों के अंतर्गत आयोजित इस मैराथन में सभी प्रशिक्षु अधिकारियों ने भाग लिया। आरआईसीईएम  के निदेशक श्री संजय पाठक के निर्देशन में संस्थान के अधिकारी एवं कर्मचारीगण भी इसमें शामिल हुए। साथ ही आरसीडीएफ के अधिकारियों एवं कार्मिकों ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई। कार्यक्रम के समापन पर वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रशिक्षु अधिकारियों को सेवाकाल के दौरान स्वच्छता, अनुशासन एवं सहकारिता के मूल्यों को अपने कार्य एवं जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता और सहकारिता समाज के समग्र विकास एवं समृद्धि के महत्वपूर्ण आधार हैं।

प्रधानमंत्री बोले—युवा, कौशल और नवाचार से बनेगा विकसित भारत 2047; स्टार्टअप और रोजगार पर दिया जोर

जयपुर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि युवा भारत के उज्ज्वल भविष्य की नींव हैं और देश का हुनर, कौशल एवं संभावनाएं असीम हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं की क्षमता को अवसरों में बदलने के लिए प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना मील का पत्थर साबित हो रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (पीएम-वीबीआरवाई) के तहत शुक्रवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन  में  देशभर के 15 लाख युवाओं को लाभान्वित करते हुए 2 हजार 400 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि वितरित की। उन्होंने कहा कि लाभार्थियों को दी जा रही यह प्रोत्साहन राशि केवल आर्थिक सहायता नहीं बल्कि उनके परिश्रम और प्रतिभा का सम्मान है। सरकार युवाओं और उद्योग जगत के सामूहिक प्रयासों से विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि पीएम-वीबीआरवाई आज न केवल पहली नौकरी पाने वाले युवाओं को सशक्त बना रही है बल्कि उद्योगों को भी रोजगार सृजन के लिए प्रोत्साहित कर रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि योजना के माध्यम से अब तक 70 लाख से अधिक रोजगार सृजित हुए हैं तथा 20 लाख से अधिक नवनियुक्त युवा अपनी नियुक्ति के छह माह पूर्ण कर चुके हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत का सपना युवाओं के हुनर, कौशल और सामर्थ्य से ही पूरा होगा। आज देश का युवा रोजगार प्राप्त कर अपने सपनों को नई उड़ान दे रहा है। निवेश युवाओं की आकांक्षाओं को पूरा करने का आधार बन रहा है। उन्होंने कहा कि आज देश में 2 लाख से अधिक पंजीकृत स्टार्टअप सक्रिय हैं और वैश्विक स्तर पर भारत के लिए नए अवसर खुल रहे हैं। 40 देशों के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) से     ‘मेक इन इंडिया’ उत्पादों को नए बाजार उपलब्ध हो रहे हैं, जिससे रोजगार और आर्थिक विकास को गति मिल रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की सोच सिक्योर एंप्लॉयमेंट (सुरक्षित रोजगार) और सोशल सिक्योरिटी फॉर एव्री वर्कर (हर श्रमिक के लिए सामाजिक सुरक्षा) की है। इसी दिशा में कदम उठाते हुए टेक्नोलॉजी के माध्यम से ईपीएफओ और पेंशन व्यवस्था को सरल बनाया गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि नए लेबर कोड्स का उद्देश्य कामगारों को अधिक सुरक्षा, पारदर्शिता और अधिकार देना है, जिसमें फिक्स्ड टर्म एंप्लॉइज को सम्मान देना और मिनिमम वेज के दायरे को बढ़ाना शामिल है। नवाचार, प्रतिभा और गुणवत्ता से साकार होगा विकसित भारत 2047 का विजन प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से कहा कि 21वीं सदी में अवसर उन्हीं देशों के पास होंगे, जिनके पास स्किल टैलेंट, इनोवेशन और क्वालिटी होगी। उन्होंने कहा कि हमारे सामने जो अवसर हैं, उन्हें हमें पूरी शक्ति से अपनाना होगा। हमें नए बाजारों तक पहुंचना होगा, नए प्रॉडक्ट्स बनाने होंगे और दुनिया की सर्वश्रेष्ठ कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा करनी होगी क्योंकि आज दुनिया भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए तैयार हो रही है और भारत इसका नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह सक्षम है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में रोजगार और सामाजिक सुरक्षा का नया युग कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व से आज देश बदल रहा है और एक नए भारत का निर्माण हो रहा है। सरकार एक ओर युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध करा रही है तो दूसरी ओर उद्योगों और कारोबार को प्रोत्साहन देकर आर्थिक विकास को गति दे रही है। उन्होंने कहा कि सरकार रोजगार और कारोबार दोनों के साथ खड़ी है तथा आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल में देश के युवाओं के लिए रिकॉर्ड 17 करोड़ रोजगार सृजित किए गए हैं, वहीं वर्ष 2004 से 2014 तक केवल 2.92 करोड़ रोजगार के अवसरों का ही सृजन हुआ था। साथ ही जहां वर्ष 2014 से पहले देश में केवल 19 प्रतिशत लोगों (लगभग 25 करोड़) को सामाजिक सुरक्षा मिलती थी, आज देश के 64.3 प्रतिशत यानी करीब 94 करोड़ लोग सामाजिक सुरक्षा के दायरे में आ चुके हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत जयपुर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में भाग लेते हुए निजी क्षेत्र में नवनियुक्त कार्मिकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। मुख्यमंत्री ने युवाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में रोजगार सृजन, कौशल विकास और युवा सशक्तीकरण के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। कार्यक्रम में सांसद राव राजेंद्र सिंह, विधायक कालीचरण सर्राफ, संबंधित विभागों के अधिकारी, निजी नियोक्ता एवं नवनियुक्त कार्मिक उपस्थित रहे।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026: जयपुर में ‘योगा फॉर हेल्दी एजिंग’ थीम के साथ भव्य आयोजन

जयपुर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस(21 जून) के अवसर पर रविवार को जयपुर में विभिन्न स्थानों पर भव्य योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मुख्यः सामूहिक योग्याभ्यास कार्यक्रम प्रातः 6 बजे से 8 बजे तक एस.एम.एस. स्टेडियम में आयोजित होगा। साथ ही अल्बर्ट हॉल, पत्रिका गेट, जलमहल तथा आमेर फोर्ट जैसे शहर के प्रमुख सांस्कृतिक धरोहर एवं पर्यटन स्थलों पर भी इस दौरान सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम प्रभारी एवं आयुर्वेद विभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉ. बत्तीलाल बैरवा ने बताया कि इस 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस-2026 की थीम 'योगा फॉर हेल्दी एजिंग' (Yoga for Healthy Ageing) रखी गई है। इस अवसर पर विभिन्न आयु वर्गों के नागरिकों को योग के माध्यम से स्वस्थ एवं संतुलित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि एस.एम.एस. स्टेडियम, अल्बर्ट हॉल, पत्रिका गेट, जलमहल एवं आमेर फोर्ट पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के विद्यार्थी, कोचिंग संस्थानों के छात्र-छात्राएं, विभिन्न संस्थाओं के योग साधक, एनसीसी, सीआरपीएफ, पुलिस, होमगार्ड, शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग सहित विभिन्न विभागों के कार्मिक के साथ बड़ी संख्या में आमजन भाग लेंगे। मीडिया प्रभारी एवं सहायक निदेशक डॉ. लक्ष्मण सैनी ने बताया कि योग आज विश्वभर में समग्र स्वास्थ्य एवं मानव कल्याण का प्रभावी माध्यम बन चुका है। योग न केवल शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाता है, बल्कि भावनात्मक संतुलन स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने आमजन से योग दिवस कार्यक्रमों में अधिकाधिक संख्या में भाग लेकर योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।

भजनलाल सरकार का बड़ा एक्शन, जयपुर से लेकर बीकानेर तक बदले गए RAS अफसर

जयपुर राजस्थान की भजनलाल सरकार ने राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक चुस्त-दुरुस्त और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से एक बहुत बड़ा कदम उठाया है. कार्मिक विभाग (DoP) ने देर रात 19 जून को एक आदेश जारी करते हुए राज्य प्रशासनिक सेवा (RAS) के 178 अधिकारियों का एक साथ तबादला कर दिया है. सरकार के इस बड़े फैसले से प्रशासनिक हलकों में भारी हड़कंप मच गया है. इस नई तबादला सूची के जरिए राज्य सरकार ने कई जिलों के अतिरिक्त जिला कलेक्टर (ADM), उपखंड अधिकारी (SDM) और विभिन्न विभागों के सचिव स्तर के अधिकारियों की जिम्मेदारियों में भारी बदलाव किया है. इस फेरबदल के तहत राजधानी जयपुर समेत जोधपुर, उदयपुर, कोटा, अजमेर और बीकानेर जैसे बड़े संभागों और जिलों में महत्वपूर्ण पदों पर तैनात आरएएस अधिकारियों को इधर से उधर किया गया है. इस फेरबदल के तहत राजधानी जयपुर समेत जोधपुर, उदयपुर, कोटा, अजमेर और बीकानेर जैसे बड़े संभागों और जिलों में महत्वपूर्ण पदों पर तैनात आरएएस अधिकारियों को इधर से उधर किया गया है. इसके तहत राज्य के सूचना सचिव के पद पर मुकेश शर्मा की नियुक्ति की गई है. वहीं करौली के SDM को प्रेमराज को एक साल बाद फिर से वही तैनाती दे दी गई है. आदेश तत्काल प्रभाव से लागू सरकार की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि तबादला सूची में शामिल सभी 178 आरएएस अधिकारी तुरंत प्रभाव से अपने वर्तमान पद का कार्यभार छोड़कर नए तैनाती स्थल पर अपनी जॉइनिंग सुनिश्चित करेंगे.