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राजस्थान: बाड़मेर में बड़े ड्रग रैकेट का खुलासा, हजारों नशीली गोलियां जब्त

बाड़मेर राजस्थान में अवैध नशीली दवाओं के कारोबार के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। बाड़मेर जिले में पुलिस ने एक बड़े ड्रग रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए रीको एरिया में छापेमारी के दौरान 12,645 प्रतिबंधित टैबलेट जब्त की हैं। इस कार्रवाई से जिले में चल रहे अवैध ड्रग नेटवर्क की गंभीरता उजागर हुई है। अधिकारियों ने शनिवार को इस संबंध में जानकारी दी। पुलिस को मिली खास सूचना के आधार पर रीको पुलिस स्टेशन की टीम ने दानजी की होदी क्षेत्र में कपूरड़ी निवासी हीर सिंह के पुत्र दीप सिंह के कमरे की तलाशी ली। तलाशी के दौरान कमरे में रखी एक प्लास्टिक की बोरी से बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित दवाएं बरामद की गईं। जब्त सामग्री में 1,329 कॉम्बीपैक किट और 6,645 प्रतिबंधित टैबलेट शामिल हैं, जो नशीली दवाओं की श्रेणी में आती हैं और जिनका अवैध रूप से भंडारण व वितरण किया जा रहा था।   छापेमारी के दौरान मौजूद बाड़मेर ड्रग कंट्रोल ऑफिसर शांति लाल परिहार ने पुष्टि की कि बरामद सभी दवाएं गैरकानूनी थीं और ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत प्रतिबंधित हैं। उन्होंने बताया कि इन दवाओं का न तो कोई वैध लाइसेंस था और न ही इनके भंडारण या बिक्री की अनुमति। इसके बाद इन दवाओं को कानूनी प्रक्रिया के तहत औपचारिक रूप से जब्त कर लिया गया। यह कार्रवाई पुलिस हेडक्वार्टर और जोधपुर रेंज के इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। इस अभियान का उद्देश्य अवैध नशीली दवाओं के कारोबार पर रोक लगाना और वांछित अपराधियों को पकड़ना है। पुलिस का मानना है कि इस तरह की सख्त कार्रवाई से ड्रग माफिया पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।  ऑपरेशन की निगरानी एडिशनल सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस नितेश आर्य और सर्कल ऑफिसर रमेश कुमार शर्मा ने की। वहीं रीको थाना प्रभारी भंवर सिंह ने जिला पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सिंह मीणा के मार्गदर्शन में पूरी टीम का नेतृत्व किया। पुलिस अधिकारियों ने टीम की तत्परता और समन्वय की सराहना की है। इस मामले में आरोपी दीप सिंह के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। हालांकि वह फिलहाल फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। साथ ही, जब्त की गई दवाओं के स्रोत, सप्लाई चेन और वितरण नेटवर्क का पता लगाने के लिए गहन जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी जल्द गिरफ्तारी की जा सकती है।  

पेट्रो जोन से बदलेगा बालोतरा का भविष्य, औद्योगिक विकास को मिलेगी नई गति

बालोतरा जिले में औद्योगिक विकास को गति देने की दिशा में रीको की औद्योगिक भूखंड प्रत्यक्ष आवंटन योजना से उल्लेखनीय सफलता मिली है। इस योजना के तहत राजस्थान पेट्रो जोन स्थित औद्योगिक क्षेत्र बोरावास कलावा प्रथम चरण में अब तक 11 औद्योगिक भूखंडों का सफलतापूर्वक आवंटन किया जा चुका है। इससे जिले में निवेश का माहौल मजबूत हुआ है और रोजगार के नए अवसर सृजित होने की उम्मीद जगी है। इकाई प्रभारी कुलदीप दाधीच ने जानकारी देते हुए बताया कि इसके अलावा तीन अन्य औद्योगिक भूखंडों के लिए भी आवेदकों को ऑफर लेटर जारी कर दिए गए हैं। इन ऑफर लेटर के बाद संबंधित इकाइयों की स्थापना की प्रक्रिया जल्द शुरू होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि बोरावास कलावा प्रथम चरण में कुल 11 भूखंडों के लिए 13 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से अधिकांश पर आवंटन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है, जबकि शेष आवेदनों की जांच और अन्य औपचारिकताएं पूरी होने के बाद शीघ्र आवंटन किया जाएगा। केवल पेट्रो जोन ही नहीं, बल्कि बालोतरा जिले के अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में भी प्रत्यक्ष आवंटन योजना के तहत कुल 15 औद्योगिक भूखंडों का आवंटन किया जा चुका है। इससे साफ है कि जिले में निवेशकों का भरोसा बढ़ा है और वे यहां उद्योग स्थापित करने में रुचि दिखा रहे हैं। रीको के अधिकारियों का मानना है कि यह रुझान आने वाले समय में और भी मजबूत होगा। रीको के अनुसार, अब तक किए गए सभी औद्योगिक भूखंड आवंटनों के माध्यम से कुल 67.69 एकड़ भूमि पर लगभग 43 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इस निवेश से जिले में नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना संभव होगी, जिससे न केवल उत्पादन गतिविधियां बढ़ेंगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को भी बल मिलेगा। इन परियोजनाओं के धरातल पर उतरने के बाद बालोतरा जिले में लगभग 700 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने का अनुमान है। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे और उन्हें बाहर पलायन नहीं करना पड़ेगा। साथ ही, औद्योगिक विकास से परिवहन, व्यापार, लॉजिस्टिक्स और सेवा क्षेत्र जैसे सहायक उद्योगों को भी लाभ होगा। रीको की इस पहल से बालोतरा जिले की आर्थिक स्थिति को मजबूती मिलेगी और जिले को एक नई औद्योगिक पहचान मिलेगी। आने वाले समय में पेट्रो जोन और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में निवेश बढ़ने से बालोतरा राजस्थान के महत्वपूर्ण औद्योगिक केंद्रों में शामिल हो सकता है।  

देशभर के नामी अस्पताल आयुष्मान आरोग्य योजना से जुड़े, राजस्थान के मरीजों को मिलेगा फ्री ट्रीटमेंट

जयपुर राजस्थान के लाखों परिवारों के लिए राहत की बड़ी खबर है। मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत अब प्रदेश के नागरिकों को राजस्थान से बाहर देश के नामी अस्पतालों में भी निःशुल्क और कैशलेस इलाज की सुविधा मिलने लगी है। योजना के अंतर्गत अब तक प्रदेश में 7,100 करोड़ रुपये से अधिक का कैशलेस उपचार किया जा चुका है, जबकि दूसरे राज्यों में भी 15 दिनों के भीतर करीब 350 मरीजों ने इस सुविधा का लाभ लिया है।  पिछले दो वर्षों में मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत 37 लाख से अधिक मरीजों को 7,100 करोड़ रुपये से ज्यादा का मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया गया है। इनमें करीब ढाई लाख ऐसे गंभीर रोगी शामिल हैं, जो जीवन और मृत्यु से संघर्ष कर रहे थे। वर्तमान में इस योजना के अंतर्गत राजस्थान के 1.36 करोड़ पात्र परिवारों को 25 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार दिया जा रहा है। योजना में लगभग 2,200 प्रकार के उपचार पैकेज शामिल हैं, जिनमें सामान्य बीमारियों से लेकर कैंसर, हृदय रोग, किडनी रोग और अंग प्रत्यारोपण जैसी महंगी और गंभीर बीमारियों का इलाज भी शामिल है।   मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की घोषणा के बाद योजना का दायरा और बढ़ा है। अब देशभर के 30 हजार से अधिक सरकारी और निजी अस्पताल इस योजना के नेटवर्क में शामिल हो चुके हैं। इससे राजस्थान के नागरिकों को प्रदेश के बाहर भी उच्च गुणवत्ता वाला इलाज मिल सकेगा। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने 19 दिसंबर से इंटर स्टेट आउटबाउंड पोर्टेबिलिटी की सुविधा लागू कर दी है। इससे पहले इनबाउंड पोर्टेबिलिटी के तहत दूसरे राज्यों के मरीजों को राजस्थान में इलाज की सुविधा दी जा रही थी। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि अब तक गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मरीजों को मजबूरी में गुजरात, दिल्ली जैसे राज्यों में जाना पड़ता था, जिससे उन पर आर्थिक बोझ बढ़ता था। इस समस्या को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने आउटबाउंड पोर्टेबिलिटी लागू करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। अब राजस्थान के पात्र परिवार प्रदेश के बाहर एम्पैनल्ड अस्पतालों में भी कैशलेस इलाज करवा सकेंगे।  इस योजना के तहत तमिलनाडु और कर्नाटक को छोड़कर देश के लगभग 16 हजार सरकारी और 14 हजार निजी अस्पतालों में इलाज की सुविधा उपलब्ध है। दिल्ली में 184, गुजरात में 2,067, हरियाणा में 1,366, मध्य प्रदेश में 1,622, महाराष्ट्र में 1,709, पंजाब में 823 और उत्तर प्रदेश में 6,182 अस्पताल सूचीबद्ध हैं। इनमें दिल्ली और भोपाल के एम्स, मेदांता, चंडीगढ़ का पीजीआई, लखनऊ का केजीएमयू, गुजरात का यूएन मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी और गुजरात कैंसर एंड रिसर्च सेंटर जैसे प्रतिष्ठित अस्पताल शामिल हैं। स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार यह योजना अब केवल राजस्थान तक सीमित नहीं रही, बल्कि देशभर में प्रदेशवासियों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा की मजबूत गारंटी बन चुकी है।  

आरपीएससी घोटाले में नए खुलासे, सरकार ने लिया सख्त रुख

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गत सरकार में हुए पेपर लीक एवं आरपीएससी भ्रष्टाचार काण्ड में सामने आए नए तथ्यों को बेहद गंभीरता से लिया है। उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति का पालन करते हुए नए तथ्यों को दृष्टिगत रखकर एसओजी से जांच करवाते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।   शर्मा ने गुरुवार शाम मुख्यमंत्री कार्यालय में मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास, पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा सहित एसओजी एवं एसीबी के अधिकारियों को नए तथ्यों के परिपेक्ष्य में तत्काल कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने आवश्यकतानुसार एसओजी के साथ एसीबी को भी सम्मिलित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि गत सरकार के समय युवाओं के सपनों को रौंदते हुए पेपरलीक करने वाले 340 लोग गिरफ्तार किया जा चुके हैं और आगे भी सरकार किसी भी सूरत में एक भी दोषी को नहीं बख्शेगी, चाहे वह कितना ही बड़ा क्यों न हो। उन्होंने युवाओं के सपनों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए कहा कि हमारी सरकार के कार्यकाल में 296 भर्ती परीक्षाएं आयोजित की गई, उनमें से एक भी पेपरलीक नहीं हुआ है।  

अब मनमाना किराया नहीं! राजस्थान में कैब का रेट तय करेगी सरकार

जयपुर  राजस्थान गिग वर्कर्स के लिए परिवहन विभाग ने एग्रीगेटर पॉलिसी लागू कर दी है। परिवहन विभाग संयुक्त शासन सचिव और अतिरिक्त आयुक्त परिवहन, ओपी बुनकर ने इसको लेकर नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है।   इस नोटिफिकेशन के बाद अब राज्य में कैब कंपनियां को नियमों के तहत काम करना होगा। नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना भरना होगा साथ ही लाइसेंस भी निरस्त होगा। कैब का किराया अब सरकार तय करेगी। किराए की 80% राशि वाहन मालिक को दी जाएगी। यदि कोई यात्रा बिना उचित कारण रद्द की जाती है, तो ड्राइवर या यात्री पर अधिकतम 100 रुपए तक पेनल्टी लगेगी।  इसी के साथ ही अब यात्रियों की सुरक्षा के लिए 24×7 सक्रिय कंट्रोल रूम और कॉल सेंटर खोलना अनिवार्य होगा। एप के जरिए यात्री अपनी लाइव लोकेशन शेयर कर सकेंगे और आपात स्थिति में पैनिक अलर्ट सीधे पुलिस और कंट्रोल रूम तक पहुंचेगा। कंपनियां को 5 साल के लिए लाइसेंस दिया जाएगा। जिसके लिए 10 हजार रुपए आवेदन शुल्क और अधिकतम 5 लाख रुपए तक लाइसेंस शुल्क निर्धारित किया गयाय है। कंपनियां को हर साल ड्राइवरों की रिफ्रेशर ट्रेनिंग करानी होगी। इसके साथ ही एग्रीगेटर कंपनियों को प्रत्येक ड्राइवर के लिए 5 लाख रुपए का स्वास्थ्य बीमा और 10 लाख रुपए का दुर्घटना बीमा उपलब्ध कराना होगा। किसी भी वाहन की आयु आठ साल से ज्यादा नहीं हो सकेगी। सरकारी नियमों के तहत उनकी पालना नहीं करने पर कंपनी का लाइसेंस तीन महीने तक निलंबित किया जा सकेगा। एक वित्तीय वर्ष में तीन बार निलंबन या किसी गंभीर अपराध की पुष्टि होने पर लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा। महिला यात्रियों को यात्रा के दौरान महिला ड्राइवर चुनने का विकल्प भी होगा। शिकायतों के निपटारे के लिए हर कंपनी को एक ग्रिवेंस ऑफिसर नियुक्त करना होगा। कंपनियों को अपनी वाहन संख्या के आधार पर 10 लाख से लेकर 50 लाख तक सुरक्षा जमा राशि भी देनी होगी। राज्य में संचालन करने वाली प्रत्येक कंपनी के लिए राजस्थान में कार्यालय खोलना और एक अधिकृत एप्लायंस अधिकारी नियुक्त करना होगा।  

डिजिटल इनोवेशन का महाकुंभ: राजस्थान डिजिफेस्ट टाई ग्लोबल समिट 2026 का आयोजन 4–6 जनवरी

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान के स्टार्टअप्स को फंडिंग और मेंटरिंग का वैश्विक मंच उपलब्ध कराने के लिए 4 से 6 जनवरी तक जयपुर में ‘राजस्थान डिजिफेस्ट टाई ग्लोबल समिट 2026’ का महत्वपूर्ण आयोजन होने जा रहा है। इससे प्रदेश आई.टी. और स्टार्टअप विकास के प्रमुख केन्द्र के रूप में अपनी पहचान बनाएगा। उन्होंने सूचना प्रौद्योगिकी और संचार विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि आयोजन से संबंधित सभी तैयारियां पूर्ण समन्वय से पूरी की जाए।  शर्मा गुरुवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में राजस्थान डिजिफेस्ट टाई ग्लोबल समिट 2026 की तैयारियों को लेकर आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राजस्थान में पहली बार वृहद् स्तर पर आयोजित होने जा रही इस समिट में 10 हजार से अधिक संख्या में प्रतिभागी शामिल होंगे, जिनमें देश व राज्य के स्टार्टअप्स, निवेशक, युवा उद्यमी, आई.टी. प्रोफेशनल्स, शिक्षण संस्थान एवं स्टूडेंट्स सहित कई राज्यों के सूचना प्रौद्योगिकी तथा उद्योग विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण शामिल होंगे।  मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देश में आयोजित होने जा रहे राजस्थान डिजिफेस्ट टाई ग्लोबल समिट 2026 में 1 हजार 200 से अधिक वैश्विक कम्पनियों के फाउण्डर, सीईओ व निवेशकों सहित 20 से अधिक यूनीकॉर्न/सूनीकॉर्न स्टार्टअप्स के फाउण्डर शामिल होंगे। इस समिट में स्टार्टअप्स के संस्थापकों को फंडिंग और मेंटरिंग का अवसर मिलेगा। साथ ही, डिजिफेस्ट में आयोजित हो रहे सेक्टोरल सेशन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सहित अन्य विषयों पर विस्तृत चर्चा होगी।  मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने 2 वर्षों में स्टार्टअप्स के लिए कई नीतिगत निर्णय लिए हैं, जिससे प्रदेश में स्टार्टअप और प्रौद्योगिकी के विकास का नया ईको सिस्टम विकसित हुआ है। इस समिट के माध्यम से राजस्थान के स्टार्टअप्स को 200 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। साथ ही, राजस्थान के आई-स्टार्ट प्रोग्राम में चिन्हित स्टार्टअप्स को इस आयोजन के जरिए एक वर्ष की मेंटरशिप मिलेगी। उन्होंने कहा कि सेक्टोरल सेशन के जरिए भी स्टार्टअप्स और युवा उद्यमियों को फिनटेक, ई-कॉमर्स, एग्रीटेक, हेल्थटेक, प्रोपटेक, एवीजीसी, मीडियाटेक, स्पोर्ट्सटेक, एआईएमएल और डीपटेक जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के विशेषज्ञ संबंधित क्षेत्र की जानकारी साझा करेंगे।  शर्मा ने कहा कि इस समिट में कई राज्यों सहित राजस्थान के सूचना प्रौद्योगिकी और संचार विभाग के पवेलियन के जरिये प्रतिभागियों को महत्वपूर्ण जानकारी मिलेगी तथा स्टार्टअप्स के 114 स्टॉल्स के माध्यम से नवाचारों को पहचान दिलाने का अवसर भी मिलेगा।  

राजस्थान में घने कोहरे का कहर, 20 जिलों में ऑरेंज-येलो अलर्ट, श्रीगंगानगर में आंगनबाड़ी बंद

जयपुर  राजस्थान में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के असर से ठंड का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को राज्य के 20 जिलों में घने कोहरे को लेकर मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर ने ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। शेखावाटी क्षेत्र और सीमावर्ती जिलों में सुबह से ही घना कोहरा छाया रहा। कोहरे और खराब मौसम के चलते उदयपुर और जैसलमेर में फ्लाइट संचालन प्रभावित होने की आशंका है। इंडिगो एयरलाइंस ने यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की है। वहीं, श्रीगंगानगर जिले में तेज सर्दी को देखते हुए 10 जनवरी तक सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में छुट्टियां घोषित कर दी गई हैं। जयपुर, सीकर, दौसा, भरतपुर सहित कई जिलों में सुबह से बादल छाए हुए हैं। सीकर के पलसाना क्षेत्र में विजिबिलिटी घटकर मात्र 50 मीटर रह गई। राजसमंद झील क्षेत्र में भी सुबह घना कोहरा देखा गया। मौसम विभाग के अनुसार, 4 जनवरी से प्रदेश में शीतलहर तेज होगी और न्यूनतम तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है। गुरुवार को कई जिलों में दिन और रात के तापमान में ज्यादा अंतर नहीं रहा। श्रीगंगानगर में इस सीजन का सबसे कम अधिकतम तापमान दर्ज किया गया। जयपुर, अलवर, बीकानेर और चूरू में दिन का तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। गुरुवार शाम से ही उत्तरी राजस्थान में कोहरे का असर तेज हो गया था। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि आने वाले दिनों में रात का तापमान और गिरेगा, जिससे ठंड और तेज महसूस होगी।

जहां हुई थी पत्थरबाजी, वहीं पर चला बुलडोजर, जयपुर के चौमूं में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई

 चौमूं जयपुर के चौमूं कस्बे में शुक्रवार सुबह प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई शुरू की. यह कार्रवाई उसी इलाके में हो रही है, जहां कुछ दिन पहले अतिक्रमण हटाने गई पुलिस टीम पर हिंसक भीड़ ने पथराव किया था. प्रशासन का कहना है कि सड़क पर अवैध रूप से लगाए गए लोहे के रेलिंग और अन्य ढांचे यातायात में बाधा बन रहे थे, जिन्हें हटाना जरूरी था. बड़ी संख्या में पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर तैनात हैं ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके.  प्रशासन का दावा है कि यह कार्रवाई पूरी तरह कानून के तहत और न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप की जा रही है. बता दें कि जयपुर से करीब 40 किलोमीटर दूर स्थित चौमूं में दिसंबर 2025 के अंतिम सप्ताह में कलंदरी मस्जिद के पास बस स्टैंड क्षेत्र में लंबे समय से पड़े बड़े पत्थरों और लोहे की रेलिंग को हटाने की कोशिश की गई, जो सड़क पर अतिक्रमण माने जा रहे थे. इनसे ट्रैफिक जाम की समस्या वर्षों से बनी हुई थी. 25 दिसंबर की रात को मस्जिद समिति और नगर निगम के बीच बातचीत हुई, जिसमें पत्थर हटाने पर सहमति बनी.  अतिक्रमण हटाने पर सहमति के बावजूद पथराव लेकिन 26 दिसंबर की सुबह पुलिस ने जब बुलडोजर से रेलिंग हटाने की कार्रवाई शुरू की, तो तो स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया. देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए. भीड़ ने पुलिस पर पत्थरबाजी की, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए. हालात बेकाबू होने पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को तितर-बितर किया. स्थिति तनावपूर्ण होने पर इंटरनेट सेवाएं निलंबित करनी पड़ीं, जो बाद में बहाल हुईं.  दो दर्जन के खिलाफ हुई थी नामजद एफआईआर कानून-व्यवस्था की स्थिति न उत्पन्न हो इसके लिए क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया और फ्लैग मार्च निकाला गया. हिंसक भीड़ द्वारा पथराव करने के मामले में पुलिस ने 110 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया, जबकि दो दर्जन के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई. प्रशासन ने 29 दिसंबर को इलाके में 4 अवैध निर्माणों और 20 अवैध बूचड़खानों पर नोटिस चस्पा किए, जिसमें तीन दिन की मोहलत दी गई थी कि सीढ़ियां, रैंप, प्लेटफॉर्म आदि सार्वजनिक भूमि से हटा लें, वरना बुलडोजर चलाया जाएगा.  24 पत्थरबाजों के घरों पर भी चस्पा हुआ था नोटिस पुलिस पर पत्थरबाजी में शामिल 24 आरोपियों के घरों पर भी नोटिस चस्पा कर तीन दिन में जवाब मांगा गया था. इसकी मियाद 31 दिसंबर को पूरी हो गई. संबंधित लोगों ने न नोटिस का जवाब दिया और न ही अपना अवैध अतिक्रमण हटाया, जिसके बाद स्थानीय प्रशासन ने चिन्हित अवैध निर्माणों के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई शुरू की. स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना पर्याप्त नोटिस दिए उनके ढांचे गिराए जा रहे हैं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है. वहीं प्रशासन का पक्ष है कि अतिक्रमण हटाने को लेकर पहले भी कई बार चेतावनी दी जा चुकी थी, लेकिन इसके बावजूद अवैध कब्जे नहीं हटाए गए.

भा.ज.पा. विधायक की फ्लाइट में हनुमान चालीसा पाठ, यात्रियों ने भी जुड़कर किया मंत्रोच्चार

 जयपुर फ्लाइट के अंदर मौजूद यात्रियों द्वारा हनुमान चालीसा का पाठ करने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में भाजपा नेता बालमुकुंद आचार्य खड़े होकर चालीसा का पाठ करते दिखाई देते हैं। उनके साथ-साथ प्लेन में सवार अन्य लोग भी सस्वर पाठ करते हैं। बताया जा रहा है कि प्लेन में सवार लोग विधायक और उनके परिवार से जुड़े सदस्य हैं। जानिए क्या है पूरा मामला? नेताओं ने दुबई के लिए भरी उड़ान दरअसल राजस्थान में भजनलाल सरकार के कई विधायक और भाजपा नेता नए साल पर एक निजी विदेश दौरे पर रवाना हुए हैं। जानकारी के मुताबिक, 1 जनवरी की सुबह इस डेलीगेशन ने हवाई जहाज से दुबई के लिए उड़ान भरी है। इसी फ्लाट के विजुअल्स सीन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। हवामहल सीट से हैं विधायक वीडियो में खड़े होकर चालीसा का पाठ करने वाले नेता राजस्थान के हवामहल सीट से भाजपा के विधायक हैं। उनका नाम बालमुकुंद आचार्य है। वीडियो में अन्य लोग भी दिखाई दे रहे हैं, इनमें से कई विधायक हैं, जबकि अन्य उनके परिवार से जुड़े लोग। ये सभी लोग चालीसा पाठ करने के दौरान भक्ति में लीन दिखाई दिए। 8 दिवसीय दौरे की बात सामने आई एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, इस डेलीगेशन में हवामहल विधानसभा के विधायक समेत अन्य नेता भी शामिल हुए हैं। इनके नाम हैं- बांदीकुई विधायक भागचंद टांकडा, वरिष्ठ नेता अनिता बघेल आदि। जानकारी के मुताबिक, बांदीकुई विधायक भागचंद टांकडा अपने परिवार सहित इस आठ दिवसीय विदेश यात्रा पर गए हैं। यह प्रतिनिधिमंडल दुबई की यात्रा पूरी कर 8 जनवरी की रात को वापस भारत लौटेगा।

राजस्थान दहलाने की साजिश नाकाम? 150 किलो विस्फोटक से लदी कार पकड़ी गई, मकसद पर सस्पेंस

जयपुर  राजस्थान में नए साल पर अलर्ट पुलिस ने भारी मात्रा में विस्फोटक से लदी एक कार को बरामद किया है। राजस्थान के टोंक में पकड़ी गई कार में 150 किलो अमोनियम नाइट्रेट था, जिसे यूरिया के कट्टों में छिपा कर रखा गया था। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर इन विस्फोटकों को किस मकसद से और कहां ले जाया जा रहा था। टोंक के डीएसपी मृत्युंजय मिश्रा ने बताया कि मारुति सियाज गाड़ी बूंदी से रवाना हुई और टोंक जा रही थी। सूचना आधार पर बरौनी थाना क्षेत्र में नाकाबंदी कर इस कार को रोका गया। जांच में इसके अंदर भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद हुआ है। यह विस्फोटक 150 किलो अमोनियम नाइट्रेड था, जो यूरिया के कट्टों में छिपाकर रखा गया था। इसके साथ 200 डेंजर एक्सप्लोसिव कार्टेज और सेफ्टी फ्यूज वायर के 6 बंडल (कुल करीब 1100 मीटर) बरामद किए गए। पुलिस ने विस्फोटक ले जा रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान सुरेंद्र (48) पुत्र भंवरलाल, और सुरेंद्र मोची (33) पुत्र दुलीलाल के रूप में हुई है। दोनों करवर बूंदी के रहने वाले हैं। पुलिस आरोपियों से विस्फोटक सामग्री की सप्लाई और इसके उपयोग को लेकर गहन पूछताछ कर रही है। पुलिस पता लगा रही है कि ये लोग विस्फोटक कहां से लाए थे और किसके पास ले जा रहे थे। पुलिस की जांच मुख्य रूप से इस बात पर केंद्रित है कि विस्फोटक किस मकसद से कहां ले जाया जा रहा था। क्या-क्या आशंकाएं, पुलिस बोली- हर पहलू से जांच डीएसपी ने कहा कि आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि इन्होंने पहले कब-कहां इस तरह विस्फोटक की आपूर्ति की है। अमोनियम नाइट्रेड किसी भी तरह की विस्फोटक घटना को अंजाम देने में काम आ सकता है। जब उनसे पूछा गया कि दिल्ली धमाकों में भी इसी का इस्तेमाल हुआ था तो उन्होंने कहा, 'जितने भी तथ्य हैं और जो भी पहलू हैं, सबकी जांच की जा रही है। इस पहलू की भी जांच की जा रही है। अरावली में खनने के लिए भी विस्फोटकों का इस्तेमाल होता है, इसको लेकर किए गए सवाल पर डीएसपी ने कहा कि आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि कहीं खनन के लिए तो नहीं ले जा रहे थे। इसके अलावा नए साले के पहलू को भी ध्यान में रखकर पूछताछ की जा रही है।