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जोधपुर में तैनात होंगे AH-64E अपाचे, भारतीय सेना को मिली घातक शक्ति

जोधपुर भारत और अमेरिका के बीच तेजी से मजबूत होती मेजर डिफेंस पार्टनरशिप को एक और ठोस रूप देते हुए भारतीय सेना के लिए बोइंग निर्मित AH-64E अपाचे अटैक हेलिकॉप्टर भारत पहुंच चुके हैं। इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम की जानकारी भारत स्थित अमेरिकी दूतावास ने अपने आधिकारिक बयान में दी, जिसमें कहा गया कि यह डिलीवरी अमेरिकी राष्ट्रपति (POTUS) और भारत के प्रधानमंत्री (PMO India) के संयुक्त वक्तव्य में की गई प्रतिबद्धताओं को पूरा करती है। भारतीय सेना के सूत्रों के अनुसार, इन अत्याधुनिक अटैक हेलिकॉप्टरों का तकनीकी निरीक्षण, स्वीकृति परीक्षण और अन्य औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद आने वाले कुछ दिनों में जोधपुर में तैनाती की जाएगी। अमेरिकी दूतावास का बयान: रणनीतिक भरोसे का संकेत अमेरिकी दूतावास ने अपने संदेश में स्पष्ट रूप से कहा कि अपाचे हेलिकॉप्टरों का आगमन अमेरिका–भारत रक्षा साझेदारी की विश्वसनीयता और मजबूती को दर्शाता है। दूतावास के अनुसार, यह उपलब्धि अमेरिकी रक्षा सचिव और भारत के रक्षा मंत्रालय के बीच हुए समझौतों को भी पूरा करती है। बयान में यह भी रेखांकित किया गया कि यह सहयोग केवल हथियार आपूर्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें को-प्रोडक्शन, प्रशिक्षण, रखरखाव और उन्नत तकनीकी सहयोग जैसे महत्वपूर्ण आयाम भी शामिल हैं, जो दोनों देशों की क्षेत्रीय सुरक्षा की साझा दृष्टि को मजबूत करते हैं। AH-64E अपाचे: भारतीय सेना के लिए निर्णायक युद्ध शक्ति AH-64E अपाचे गार्जियन दुनिया के सबसे घातक और उन्नत अटैक हेलिकॉप्टरों में गिना जाता है। यह हेलिकॉप्टर एंटी-आर्मर ऑपरेशन, क्लोज एयर सपोर्ट, सटीक स्ट्राइक और आधुनिक नेटवर्क-सेंट्रिक युद्ध के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन किया गया है। अपाचे में अत्याधुनिक सेंसर, लॉन्गबो फायर-कंट्रोल रडार, हेलफायर मिसाइलें और भारी हथियार प्रणाली लगी होती है, जो इसे हर मौसम और हर भूभाग में प्रभावी बनाती हैं। रेगिस्तानी और उच्च तापमान वाले क्षेत्रों में इसकी सिद्ध क्षमता इसे भारत के पश्चिमी मोर्चे के लिए अत्यंत उपयुक्त बनाती है। सेना विमानन कोर को मिली नई धार अपाचे हेलिकॉप्टरों की तैनाती भारतीय सेना के आर्मी एविएशन कॉर्प्स के लिए एक रणनीतिक बदलाव का संकेत है। पहली बार भारतीय सेना के पास अपने नियंत्रण में पूरी तरह समर्पित अटैक हेलिकॉप्टर होंगे, जिससे ज़मीनी सैनिकों के साथ समन्वय और युद्धक्षेत्र में प्रतिक्रिया क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी। यह कदम भारतीय सेना की संयुक्त युद्धक क्षमता को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाला माना जा रहा है। और ये भी पढ़े जोधपुर में तैनाती: पश्चिमी मोर्चे पर निर्णायक बढ़त अपाचे हेलिकॉप्टरों की प्रस्तावित तैनाती जोधपुर में की जा रही है, जो भारत के पश्चिमी सेक्टर का एक प्रमुख सैन्य केंद्र है। यह क्षेत्र रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है और यहां से त्वरित प्रतिक्रिया अभियानों की आवश्यकता रहती है। अपाचे की रेगिस्तानी इलाकों में उत्कृष्ट प्रदर्शन क्षमता इसे इस क्षेत्र के लिए आदर्श बनाती है, जिससे भारतीय सेना की डिटरेंस और ऑफेंसिव क्षमता को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा। परिपक्व होती भारत–अमेरिका रक्षा साझेदारी का प्रतीक अपाचे हेलिकॉप्टरों की यह डिलीवरी केवल एक रक्षा सौदा नहीं, बल्कि भारत–अमेरिका संबंधों में बढ़ते रणनीतिक विश्वास का प्रतीक है। पिछले वर्षों में भारत ने अमेरिका से कई उन्नत सैन्य प्लेटफॉर्म प्राप्त किए हैं, जिससे दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग लगातार गहरा हुआ है। इस सहयोग ने पारंपरिक खरीदार-विक्रेता संबंधों से आगे बढ़कर रणनीतिक साझेदारी का स्वरूप ले लिया है। प्रशिक्षण, रखरखाव और दीर्घकालिक सहयोग अपाचे कार्यक्रम के अंतर्गत भारतीय सेना के पायलटों और तकनीकी कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। इसके साथ ही लॉजिस्टिक सपोर्ट, स्पेयर पार्ट्स और मेंटेनेंस फ्रेमवर्क भी स्थापित किया गया है, जिससे प्लेटफॉर्म की दीर्घकालिक परिचालन क्षमता सुनिश्चित हो सके। यह सहयोग भारतीय सेना की तकनीकी आत्मनिर्भरता और परिचालन दक्षता को भी मजबूती प्रदान करता है। क्षेत्रीय सुरक्षा पर प्रभाव अपाचे हेलिकॉप्टरों का आगमन ऐसे समय हुआ है जब क्षेत्रीय सुरक्षा परिदृश्य तेजी से बदल रहा है। इन हेलिकॉप्टरों से भारतीय सेना की त्वरित प्रतिक्रिया और सटीक प्रहार क्षमता को मजबूती मिलेगी, जो स्थिरता और शांति बनाए रखने में सहायक होगी। निरीक्षण और औपचारिक प्रक्रियाओं के पूरा होते ही अपाचे हेलिकॉप्टर जल्द ही पूरी तरह ऑपरेशनल हो जाएंगे। यह न केवल भारतीय सेना की युद्धक क्षमता में वृद्धि करेगा, बल्कि भारत–अमेरिका रक्षा साझेदारी के भविष्य की दिशा भी स्पष्ट करता है।  

सऊदी अरब से एक माह बाद भारत पहुंचा रमेश मेघवाल का शव

बाड़मेर सऊदी अरब में काम करने गए बालोतरा जिले के युवक रमेश मेघवाल की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद शव को भारत लाने के लिए इंतजार कर रहे मृतक के परिवारजनों का इंतजार एक महीने बाद खत्म हुआ है। सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने बताया कि संसदीय क्षेत्र के बालोतरा जिले के सोहड़ा (गिड़ा) निवासी युवक स्व.रमेश कुमार मेघवाल 11 अक्तूबर 2025 को अपने दो साथियों हीराराम मेघवाल (सवाऊ मूलराज) एवं रोशन अली (जाजवा, गिड़ा) के साथ रोजगार हेतु अरब के दोहा (क़तर) गया था। दुर्भाग्यवश 17 नवंबर 2025 को उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई। मृत्यु के पश्चात वहां की जटिल कानूनी प्रक्रिया, स्थानीय पुलिस कार्रवाई एवं मेडिकल पोस्टमार्टम की लंबी औपचारिकताओं के कारण पार्थिव शरीर को भारत लाने में अत्यधिक विलंब हुआ। उन्होंने बताया कि जैसे ही यह प्रकरण 18 नवंबर 2025 को मेरे संज्ञान में आया, मैंने तुरंत भारतीय दूतावास एवं विदेश मंत्रालय के संबंधित अधिकारियों से दूरभाष पर संपर्क कर आवश्यक कार्रवाई का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि ज्यादा देरी और जटिल प्रक्रियाओं के कारण 05 दिसंबर 2025 को नई दिल्ली में केंद्रीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर जी से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर भारत सरकार के खर्चे पर पार्थिव शरीर शीघ्र भारत लाने, मामले की कानूनी जांच कराने एवं पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की मांग रखी। इस पर भारत सरकार एवं भारतीय दूतावास द्वारा प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करवाने का आश्वासन दिया गया। बेनीवाल ने बताया कि बुधवार देर रात्रि रमेश कुमार मेघवाल का पार्थिव शरीर दम्माम (सऊदी अरब) एयरपोर्ट से रात्रि 12:05 बजे रवाना होकर आज प्रातः 06:45 बजे दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचा गया है। उन्होंने बताया कि दोपहर 12:35 बजे दिल्ली से प्रस्थान कर 01:25 बजे जयपुर एयरपोर्ट पहुंचने की व्यवस्था की गई है। जयपुर एयरपोर्ट पर आवश्यक कानूनी औपचारिकताओं के पश्चात पार्थिव शरीर परिजनों को सुपुर्द किया जाएगा। जयपुर से सोहड़ा गाँव तक सड़क मार्ग से ले जाने हेतु एम्बुलेंस की समुचित व्यवस्था करवा दी गई है। बेनीवाल ने दिवगंत आत्मा की शांति तथा शोकाकुल परिजनों को इस असहनीय दुःख को सहन करने की धैर्य एवं शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना करते हुए पीड़ित एवं शोक संतप्त परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदनाए व्यक्त की।

भेडाणा गांव में आधी रात चौपाल: कलेक्टर टीना डाबी ने सीधे ग्रामीणों से जाना जमीनी हाल

बाड़मेर बाड़मेर जिले में रात्रि चौपाल एक बार फिर ग्रामीणों के लिए राहत की वजह बनी। बुधवार को सर्द रात में जिला कलेक्टर टीना डाबी स्वयं जिले की भेडाणा ग्राम पंचायत पहुंची और घंटों ग्रामीणों के बीच बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं। सर्दी के बावजूद बड़ी संख्या में ग्रामीण चौपाल में एकत्र हुए। जहां उन्होंने अपनी समस्याओं को जिला कलेक्टर के सामने रखा। जिसे जिला कलेक्टर टीना डाबी ने गंभीरता से लेते हुए कई समस्याओं का मौके पर ही समाधान कर ग्रामीणों को त्वरित राहत प्रदान की। दरसअल बाड़मेर जिला कलेक्टर टीना डाबी ने बुधवार को भेडाणा ग्राम पंचायत में आयोजित रात्रि चौपाल के दौरान आमजन की परिवेदनाएं सुनी। इस दौरान कई समस्याओं का मौके पर निस्तारण करते हुए आमजन को राहत पहुंचाई गई। रात्रि चौपाल के दौरान जिला कलेक्टर टीना डाबी ने आमजन समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ व्यक्तिशः सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को समयबद्ध त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। इस दौरान जिला कलेक्टर टीना डाबी ने कहा कि समस्त विभागीय अधिकारी प्राप्त होने वाले प्रकरणों का त्वरित निराकरण करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जिला स्तरीय अधिकारी प्रकरण निस्तारण के लिए विभागीय अधिकारियों की जिम्मेदारी निर्धारित करने के साथ परिवादी से व्यक्तिगत संपर्क करते हुए एवरेज डिस्पोजल टाइम में सुधार करें। उन्होंने मौजूदा समय में निर्वाचन आयोग की ओर से चलाए जा रहे एसआईआर कार्यकम के तहत 1 जनवरी 2026 को पात्र व्यक्तियों के नाम मतदाता सूची में जुड़वाने के बारे में अवगत कराया। रात्रि चौपाल में बिजली, पानी, अतिक्रमण, पेंशन समेत विभिन्न विभागों से संबंधित परिवाद प्राप्त हुए जिन पर जिला कलेक्टर ने संज्ञान लेते हुए उपखंड अधिकारी, तहसीलदार, विकास अधिकारी और संबंधित विभागों को आगामी सात दिवस में परिवारदों के निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने सभी परिवादियों को की गई कार्यवाही से अवगत कराते हुए गुणवत्तापूर्ण प्रकरण निस्तारित करने के निर्देश दिए। इस दौरान उपखंड अधिकारी केशव मीना समेत विभिन्न विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

चार राज्यों से गुजरते हुए राजस्थान–पुणे सुपरफास्ट ट्रेन शुरू, जानें रूट और स्टेशनों की पूरी जानकारी

जयपुर  क्रिसमस, नए साल और सर्दियों की छुट्टी के दौरान सफर करने वाले यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को कम करने के लिए मध्य रेलवे ने महाराष्ट्र के पुणे शहर से राजस्थान के सांगानेर के बीच एक विशेष ट्रेन पुणे – सांगानेर – पुणे साप्ताहिक सुपरफास्ट विशेष ट्रेन चलाने की घोषणा की है। यह साप्ताहिक ट्रेन 19 दिसंबर से प्रत्येक शुक्रवार को पुणे से और प्रत्येक शनिवार को सांगानेर से चलेगी और 2 जनवरी 2026 तक कुल छह ट्रिप (फेरे) लगाएगी। रास्ते में यह ट्रेन दोनों दिशाओं चार राज्यों (महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश और राजस्थान) के 14 रेलवे स्टेशनों पर रुकेगी। इस स्पेशल वीकली ट्रेन में 4 AC-3 टियर, 8 स्लीपर क्लास, 4 सामान्य श्रेणी और 2 सेकेंड क्लास सह गार्ड ब्रेक समेत कुल 18 कोच होंगे। यह ट्रेन महाराष्ट्र में पुणे जंक्शन, कल्याण जंक्शन, भिवंडी रोड, वसई रोड, पालघर, गुजरात में वापी, वलसाड, सूरत, अंकलेश्वर जंक्शन, वडोदरा जंक्शन, मध्य प्रदेश में रतलाम और राजस्थान में भवानीमंडी, रामगंजमंडी, कोटा जंक्शन, सवाई माधोपुर और सांगानेर स्टेशनों पर स्टॉपेज लेगी। < ट्रेन का नाम- 01405 पुणे – सांगानेर साप्ताहिक विशेष ट्रेन (3 फेरे) कब चलेगी- 19 दिसंबर 2025 से 2 जनवरी 2026 तक प्रत्येक शुक्रवार को प्रस्थान का समय- पुणे से हर शुक्रवार सुबह 09.45 बजे चलेगी आगमन का समय- अगले दिन सुबह 06.45 बजे सांगानेर पहुंचेगी। < ट्रेन का नाम- 01406 सांगानेर-पुणे साप्ताहिक विशेष ट्रेन (3 फेरे) कब चलेगी- 20 दिसंबर 2025 से 3 जनवरी 2026 तक प्रत्येक शनिवार को प्रस्थान का समय- सांगानेर से हर शनिवार सुबह 11.35 बजे चलेगी आगमन का समय- अगले दिन सुबह 09.30 बजे पुणे पहुंचेगी। कौन-कौन से स्टेशनों पर स्टॉपेज: यह गाड़ी दोनों दिशाओं में पुणे जंक्शन, कल्याण जंक्शन, भिवंडी रोड, वसई रोड, पालघर, वापी, वलसाड, सूरत, अंकलेश्वर जंक्शन, वडोदरा जंक्शन, रतलाम जंक्शन, दूसरे दिन- भवानीमंडी, रामगंजमंडी, कोटा जंक्शन, सवाई माधोपुर और सांगानेर स्टेशनों पर रूकेगी। कितनी श्रेणी के डिब्बे होंगे: 4 एसी-3 टियर, 8 शयनयान श्रेणी, 4 सामान्य द्वितीय श्रेणी और 2 द्वितीय श्रेणी सह गार्ड ब्रेक वैन समेत कुल 18 कोच। इस स्पेशल ट्रेन के ठहराव, समय एवं संरचना के संबंध में विस्तृत जानकारी के लिए यात्री कृपया www.enquiry.indianrail.gov.in पर जाकर अवलोकन कर सकते हैं।

जाति आधारित गाली: प्राइवेट या पब्लिक, यही तय करेगा SC-ST एक्ट का केस

जयपुर  एससी-एसटी एक्ट यानी अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम पर एक अहम फैसला सामने आया है. किसी ने जाति को लेकर गाली प्राइवेट में दी या पब्लिक में, अब इससे मुकदमा तय होगा. जी हां, राजस्थान हाईकोर्ट का मानना है कि अगर किसी की जाति को लेकर गाली प्राइवेट में दी गई है तो उससे एससी-एसटी एक्ट का केस नहीं बनता है. यही कारण है कि राजस्थान हाईकोर्ट ने SC/ST एक्ट के तहत 31 साल पुरानी सजा रद्द कर दी है.  मामला शोरूम में ऋण से खरीदे वाहन के भुगतान को लेकर जुड़े विवाद से था. दरअसल, राजस्थान हाईकोर्ट के मुताबिक, बंद शोरूम के भीतर हुई कथित जातिसूचक गाली को ‘सार्वजनिक दृष्टि’ में नहीं माना जा सकता. राजस्थान हाईकोर्ट के जस्टिस फरजंद अली की पीठ ने ट्रायल कोर्ट का फैसला पलट दिया और इस मामले में याचिककार्ता को बरी कर दिया. कोर्ट ने कहा कि ‘सार्वजनिक दृष्टि’ का मतलब है आम लोगों द्वारा देखा या सुना जाना. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि SC/ST एक्ट की धारा 3(1)(x) तभी लागू होती है जब अपमानजनक शब्द आम लोगों की नजर में या सुनाई में बोले जाएं. हाईकोर्ट ने घटना शोरूम के अंदर होने और स्वतंत्र गवाह न होने की पुष्टि की. क्योंकि यह मामला व्यावसायिक विवाद से जुड़ा है, इसलिए इस पर SC/ST एक्ट की धारा 3(1)(x) लागू नहीं होगा. क्या है मामला? मामला 31 साल पुराना है. मामले की शुरुआत 1994 में हुई. तब जोधपुर के एक शोरूम में व्यावसायिक विवाद के दौरान जातिसूचक गाली देने का आरोप लगा. शिकायतकर्ता अनुसूचित जाति से संबंधित रखता था. उसने आरोप लगाया कि आरोपी ने उसे जाति के आधार पर अपमानित किया. विवाद की जड़ एक वाहन की खरीद से जुड़ी थी. शिकायतकर्ता ने शोरूम से ऋण पर एक वाहन खरीदा था, मकगर भुगतान में देरी हो गई. इसी कारण शोरूम मालिक ने वाहन को जब्त करने की कोशिश की. इस दौरान शोरूम के अंदर दोनों पक्षों के बीच बहस हुई, और आरोप है कि आरोपी ने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया. शिकायतकर्ता ने दावा किया कि यह अपमान SC/ST एक्ट के तहत आता है, क्योंकि यह उन्हें सार्वजनिक रूप से नीचा दिखाने का प्रयास था. ट्रायल कोर्ट का फैसला क्या था ट्रायल कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई के बाद 1994 में आरोपी को दोषी ठहराया. कोर्ट ने SC/ST एक्ट की धारा 3(1)(x) के तहत सजा सुनाई, जिसमें जाति के आधार पर अपमान करने पर दंड का प्रावधान है. ट्रायल कोर्ट का मानना था कि शोरूम एक व्यावसायिक स्थान है, जहां लोग आते-जाते रहते हैं, इसलिए यह घटना सार्वजनिक दृष्टि में आती है. आरोपी को जेल की सजा और जुर्माना लगाया गया. हालांकि, आरोपी ने इस फैसले के खिलाफ अपील की, और मामला हाईकोर्ट पहुंचा. अपील में आरोपी की ओर से तर्क दिया गया कि घटना बंद शोरूम के अंदर हुई थी, जहां कोई बाहरी व्यक्ति मौजूद नहीं था. यह एक निजी विवाद था, न कि सार्वजनिक अपमान. क्या है एससी-एसटी एक्ट एससी-एसटी एक्ट का पूरा नाम है अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम. यह 1989 में बना एक कानून है. इसका मकसद दलितों और आदिवासियों को जाति के आधार पर होने वाले अपमान, हिंसा और अत्याचार से बचाना है. अगर कोई व्यक्ति सार्वजनिक स्थान पर इन समुदायों के व्यक्ति को जातिसूचक गाली देता है, मारता है या उनकी संपत्ति नुकसान पहुंचाता है, तो उसके खिलाफ सख्त सजा का प्रावधान है. यह कानून पीड़ितों को तुरंत न्याय और सुरक्षा देने के लिए बनाया गया है.

फिल्मी अंदाज में ATM लूट: डीडवाना में SBI एटीएम काटकर 20 लाख से अधिक की नकदी उड़ाई

डीडवाना डीडवाना-कुचामन जिले के तोषीणा गांव में कुचामन–खाटू बाइपास पर स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) के एटीएम पर अज्ञात बदमाशों ने बड़ी लूट की वारदात को अंजाम दिया। बीती रात अलसुबह करीब 3:55 बजे शुरू हुई इस घटना में बदमाशों ने महज 10 मिनट में गैस कटर से एटीएम मशीन को साइड से काटकर 20 लाख 46 हजार 500 रुपये से अधिक की नकदी लूट ली और फरार हो गए। पुलिस जांच में सामने आया है कि लूट पूरी तरह सुनियोजित थी। बदमाशों ने वारदात से पहले एटीएम बूथ में लगे सीसीटीवी कैमरों पर ऑयल स्प्रे छिड़ककर उन्हें निष्क्रिय कर दिया, ताकि पहचान न हो सके। अनुमान है कि इस गिरोह में 3 से 4 बदमाश शामिल थे, जो पूरी तैयारी के साथ मौके पर पहुंचे थे। सूचना मिलते ही खुनखूना थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर एटीएम स्थल को सील कर दिया। साथ ही फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया, जिसने मौके से साक्ष्य जुटाए। आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास तेज पुलिस को अहम सुराग टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज से मिले हैं। फुटेज में करीब 4:17 बजे दिल्ली नंबर की एक कार टोल प्लाजा पार करते हुए दिखाई दे रही है। इसी वाहन के आधार पर पुलिस बदमाशों की तलाश में जुटी हुई है। अलग-अलग टीमें गठित कर आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। आपराधिक घटनाओं से ग्रामीणों में भारी रोष यह वारदात क्षेत्र में दूसरी बड़ी घटना बताई जा रही है। इसी एटीएम पर अप्रैल माह में भी लूट की वारदात हो चुकी है, लेकिन उस मामले के आरोपी अब तक फरार हैं। लगातार हो रही आपराधिक घटनाओं से ग्रामीणों में भारी रोष है। स्थानीय लोग लंबे समय से क्षेत्र में स्थायी पुलिस चौकी की मांग कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन द्वारा इस पर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। चार बजे गैस कटर से लूट की वारदात को अंजाम दिया गया एडिशनल एसपी हिमांशु शर्मा ने बताया कि मुंबई हेडक्वार्टर से एटीएम में असामान्य गतिविधि की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई थी। उन्होंने बताया कि करीब चार बजे गैस कटर से लूट की वारदात को अंजाम दिया गया। पूर्व में हुई घटना को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था में सुधार के प्रयास किए जाएंगे। पुलिस हर संभव प्रयास कर रही है कि जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए। इस घटना ने बैंकिंग सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्षेत्र में बढ़ती अपराध की घटनाओं से लोगों में दहशत का माहौल है।  

MLA फंड घोटाले की जांच सदाचार कमेटी को सौंपी गई, आरोपों में घिरे विधायक

जयपुर विधायक निधि भ्रष्टाचार मामले को लेकर विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने जांच विधानसभा की सदाचार समिति को सौंप दी है। देवनानी ने कहा कि  विधायक निधि में भ्रष्टाचार अत्यंत चिंतनीय है। जनप्रतिनिधियों द्वारा किसी भी तरह का भ्रष्टाचार अस्वीकार्य और लोकतंत्र की गरिमा के विपरीत है। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रकरणों से जनता के मन में अविश्वास की धारणा बनेगी, जो स्वच्छ लोकतंत्र एवं राजस्थान की छवि के लिए उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि इस प्रकरण पर संज्ञान लेते हुए राजस्थान विधानसभा की सदाचार समिति को मैंने जांच सौंप दी है, उनसे शीघ्र ही रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट आने पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले  राज्य सरकार ने आरोपों में घिरे विधायकों के विधायक कोष पर रोक लगा दी है। वहीं बीजेपी ने खींवसर विधायक रेवत राम डांगा व कांग्रेस ने हिंडौन से विधायक अनिता जाटव को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिए हैं। वहीं मामले में भरतपुर के बयाना सीट से निर्दलीय विधायक रितु बनावत भी जांच के दायरे में है। इधर राज्य सरकार ने मामले की जांच के लिए एक कमेटी गठित कर दी है। इसमें राज्य के मुख्य सतर्कता आयुक्त (अतिरिक्त मुख्य सचिव, गृह विभाग) अध्यक्ष रहेंगे। इसके अलावा मुख्य सचिव और डीजीपी को कमेटी में शामिल किया गया है। मामले को लेकर अब तक सीएम भजनलाल शर्मा, पूर्व सीएम अशोक गहलोत, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल सहित कई बड़े नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।  मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि विधायक निधि में भ्रष्टाचार की खबर अत्यंत गंभीर है। सरकार की नीति भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की है। दोषी पाए जाने पर किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना ही प्रभावशाली क्यों न हो। मुख्यमंत्री के निर्देश पर संबंधित विधानसभा क्षेत्रों के विधायक निधि खाते फ्रीज किए गए हैं। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने नोटिस में कहा कि विधायक कोष की राशि को लेकर रिश्वत के आरोप पार्टी अनुशासन का उल्लंघन हैं और आरोपों पर स्पष्टीकरण अनिवार्य है। वहीं, कांग्रेस ने भी मामले में उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। पीसीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष से संज्ञान लेने की अपील की। डोटासरा ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को सेवा के लिए चुना जाता है, न कि सौदेबाजी और लूट के लिए। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी विधायक निधि जारी करने के बदले रिश्वत लेने के आरोपों को गंभीर बताते हुए निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। बेनीवाल बोले मामले में गिरफ्तारी हो मामला सामने आने के बाद इधर नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने भी कहा है कि  विधायकों द्वारा विधायक निधि जारी करने के एवज में रिश्वत लेने का मामला उजागर होना गंभीर प्रकरण है | विधायकों का यह कृत्य संघीय और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर भ्रष्टाचार का बड़ा प्रहार है। एक तरफ देश के प्रधानमंत्री कहते है कि "न खाऊंगा और न खाने दूंगा" मगर दूसरी तरफ ऐसे मामले का सामने आना पीएम की मंशा पर बड़ा सवालिया निशान है। हनुमान ने मामले को लेकर डांगा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने की मांग भी सरकार से की। बेनीवाल ने कहा कि ऐसे मामलों से लोकतंत्र की जड़ें कमजोर होंगी। बेनीवाल ने कहा कि इस मामले में कांग्रेस व बीजेपी अपनी पार्टियों के विधायकों को पार्टी से बर्खास्त करें ताकि लोकतंत्र में राजनैतिक दलों की व्यवस्था पर भी जनता का भरोसा बना रहे।  

गौसेवा से रक्तदान तक: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पिंजरापोल गौशाला में किए सेवा कार्यों का अवलोकन

जयपुर  मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य सरकार के 2 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य पर जयपुर स्थित पिंजरापोल गौशाला में सोमवार को गोसेवा की। उन्होंने सपत्नीक गायों की पूजा अर्चना कर गुड़ एवं चारा खिलाया। उन्होंने इस अवसर पर हवन में आहुति भी दी। उन्होंने कहा कि गोसेवा हमारी सनातन संस्कृति और परंपरा का अभिन्न हिस्सा है तथा राज्य सरकार गौवंश के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने गौशाला परिसर में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित रक्तदान शिविर का अवलोकन किया। उन्होंने रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि रक्तदान महादान है। साथ ही उन्होंने सभी से रक्तदान के लिए आगे आने और ऐसे आयोजनों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया। भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार के दो वर्षों का यह कार्यकाल सेवा, सुशासन और जनकल्याण को समर्पित रहा है। राज्य सरकार पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ हर वर्ग के उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर गोपालन विभाग द्वारा प्रकाशित ‘डेयरी के स्वर्णिम दो वर्ष’ पुस्तक का विमोचन भी किया। गौशाला परिसर में उपस्थित आमजन ने मुख्यमंत्री का स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस दौरान पशुपालन एवं गोपालन मंत्री जोराराम कुमावत, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य गायत्री ए. राठौड़, शासन सचिव गोपालन डॉ. समित शर्मा सहित बड़ी संख्या में आमजन मौजूद रहे।

लोकतंत्र की मजबूती युवाओं से, स्वतंत्र सोच और समाधानपरक दृष्टि जरूरी: विधानसभा अध्यक्ष

जयपुर  राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने युवाओं का आव्‍हान किया है कि वे अपनी स्‍वतंत्र सोच को मजबूत आवाज के साथ रखें। समस्‍या के साथ समाधान भी सुझाएं। विधान सभा कानून बनाने के साथ युवाओं को मुख्‍य धारा में लाने का सशक्‍त मंच भी है। युवा शक्ति को बदलते भारत की दिशा में नये आयामों के लिए भरपूर प्रयास करने होंगे। राजस्‍थान विधानसभा अध्‍यक्ष ने सोमवार को विधान सभा में प्रदेश के राजकीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं की एक दिवसीय युवा संसद का दीप प्रज्‍ज्‍वलन कर शुभारम्‍भ किया। युवा संसद में राजकीय विद्यालयों के कक्षा 9 से 12 तक अध्‍ययनरत 41 जिलों के 164 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। देवनानी ने कहा कि युवा संसद समय के अनुकूल व्‍यापक सोच है। दुनिया बदल रही है। कौशल बदल रहे है। अवसर बदल रहे है। ऐसे समय में जीवन कौशल, वित्‍तीय साक्षरता, नैतिक मूल्‍य जैसे गुणों का युवाओं में विकास शैक्षणिक आवश्‍यकता के साथ सामाजिक और राष्‍ट्रीय जिम्‍मेदारी भी है।  उन्‍होंने कहा कि युवा लोकतांत्रिक शक्ति के सक्रिय वाहक है। जिन सीटों पर विधायक बैठतें है, उन पर भविष्‍य के विधायक, वैज्ञानिक, प्रशासक और जनप्रतिनिधि बैठे हुए है। यह प्रयास युवाओं को दर्शक नहीं बल्कि 21वीं सदी के विजेता बनाने का है। देवनानी ने कहा कि पढ़ाई का दबाव, केरियर का तनाव, सोशल मीडिया का प्रभाव, तुलना की भावना, अकेलापन और प्रतिस्‍पर्धा ने युवाओं पर दबाव बनाया है। उन्‍होंने कहा कि मजबूत मन ही मजबूत निर्णय लेता है और यही जीवन में सफलता का आधार होता है। केरियर मार्ग दर्शन बहुत महत्‍वपूर्ण है। दिशा मिल जाए तो औसत क्षमता वाला युवा भी शिखर पर पहुँच सकता है। प्रश्‍न पूछने वाला युवा ही परिर्वतन की मशाल जलाता है। विषय को समझे, उसका विश्‍लेषण करें और धैर्य के साथ निर्णय लें। देवनानी ने युवाओं से कहा कि सदन की समृद्ध परम्‍पराएं होती है। किसी बात का समर्थन करने पर मेज थपथपाई जाती है। संवाद में मर्यादा और स्‍पष्‍टता व संयमित भाषा का उपयोग किया जाता है। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि विधान सभा के ऐतिहासिक भवन के सदन में युवाओं की उपस्थिति गौरव की अनुभूति करा रही है। युवा देश का भावी नेतृत्‍व है। उन्‍होंने कहा कि संवाद और सहभागिता सीखें। समन्‍वय के साथ लोकतन्‍त्र को मजबूत बनाये। श्री दिलावर ने कहा कि युवाओं को शालीनता का परिचय देना होगा। दबाव व असमंजस से बचना होगा। उचित मार्ग दर्शन के साथ सफलता के शिखर पर पहुँचना होगा। विधान सभा अध्‍यक्ष की पहल पर विधान सभा के सदन में सोमवार को प्रदेश के राजकीय विद्यालयों में कक्षा 9 से 12 में अध्‍ययनरत 41 जिलों के 164 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। इस मौके पर राजस्‍थान विधान सभा के प्रमुख सचिव भारत भूषण शर्मा, शिक्षा विभाग के शासन सचिव कृष्‍ण कुणाल, राजस्‍थान विधान सभा के विशिष्‍ट सहायक के.के शर्मा सहित शिक्षा विभाग के अधिकारीगण और राजस्‍थान विधान सभा के अधिकारीगण मौजूद रहे। राजस्‍थान विधान सभा में हो रहे युवा संसद में राज्य के विद्यालयों में अध्ययनरत किशोर-किशोरियों के मानसिक स्वास्थ्य एवं करियर मार्गदर्शन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक राज्य-स्तरीय काउंसलिंग कार्यक्रम प्रारंभ करने, प्रत्येक विद्यालय में मानसिक स्वास्थ्य एवं करियर काउंसलिंग प्रकोष्ठ स्थापित करने, प्रशिक्षित काउंसलर की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा नियमित परामर्श एवं करियर जागरूकता गतिविधियाँ संचालित करने हेतु शासन को अधिकृत करने का प्रस्‍ताव पारित किया गया। प्रस्‍ताव में बताया गया कि इस निर्णय से विद्यार्थियों में मानसिक स्थिरता, आत्मविश्वास एवं करियर चयन की स्पष्टता बढ़ेगी तथा विद्यालयी वातावरण अधिक सुरक्षित एवं सकारात्मक होगा।

राजस्थान सियासत में स्टिंग का तूफान, सत्ता और विपक्ष दोनों की हालत हुई खराब

जयपुर  राजस्थान की सियासत में  ऐसा भूचाल आया कि सत्ता और विपक्ष दोनों की ज़मीन हिल गई। विधायक निधि से काम स्वीकृत करने के बदले कमीशनखोरी के गंभीर आरोप सामने आते ही मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पलभर की देरी किए बिना सख्त और निर्णायक कार्रवाई कर दी। तीन विधायकों के विधायक निधि खातों को तत्काल फ्रीज कर दिया गया और पूरे मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति गठित कर दी गई है, जो 15 दिन में अपनी रिपोर्ट मुख्य सचिव को सौंपेगी। यह कार्रवाई केवल प्रशासनिक फैसला नहीं, बल्कि राजनीति में एक साफ संदेश है भ्रष्टाचार में कोई रंग, कोई दल, कोई ओहदा नहीं देखा जाएगा।” विधायक निधि घोटाले में खींवसर से भाजपा विधायक रेवतराम डांगा, हिंडौन से कांग्रेस विधायक अनीता जाटव और बयाना से निर्दलीय विधायक डॉ. ऋतु बनावत के नाम सामने आए हैं। आरोप है कि इन विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्रों में विधायक निधि से काम स्वीकृत कराने के बदले कमीशन की मांग की। जैसे ही मामला सार्वजनिक हुआ, सरकार हरकत में आई और संबंधित विधानसभा क्षेत्रों के फंड पर ताला लगा दिया गया। बता दे की विधायक निधि में भ्रष्टाचार को लेकर अब तक का सबसे बड़ा स्टिंगनुमा खुलासा हुआ है, जिसमें विकास कार्यों की अनुशंसा के नाम पर माननीयों द्वारा खुलेआम 40 प्रतिशत कमीशन मांगे जाने का दावा किया गया है। इस स्टिंग में एक डमी फर्म के प्रोपराइटर बनकर विधायकों से संपर्क कर खुद को खादी ग्रामोद्योग बोर्ड से संबद्ध बताते हुए विधायक निधि से स्कूलों में दरी/कारपेट सप्लाई का प्रस्ताव रखा। न तो काम की वास्तविक जरूरत पर चर्चा हुई और न ही लागत पर विधायकों का फोकस केवल एक सवाल पर रहा कि “हमें कितना प्रतिशत मिलेगा?” स्टोरी के मुताबिक खींवसर से भाजपा विधायक रेवंतराम डांगा ने 40 प्रतिशत कमीशन के बदले 50 लाख रुपए का काम देने की बात कही, वहीं हिंडौन से कांग्रेस विधायक अनीता जाटव ने 50 हजार रुपए एडवांस लेकर 80 लाख रुपए के काम का अनुशंसा पत्र जारी कर दिया। उधर, बयाना से निर्दलीय विधायक ऋतु बनावत के पति ने 40 लाख रुपए की डील फाइनल करने का दावा किया। डांगा और अनीता की ओर से जिला परिषद के सीईओ के नाम अनुशंसा पत्र भी दिए गए। उल्लेखनीय है कि राजस्थान में प्रत्येक विधायक को ‘विधानसभा सदस्य स्थानीय क्षेत्र विकास योजना’ के तहत सालाना 5 करोड़ रुपए मिलते हैं, जिसका उद्देश्य जनकल्याण है, न कि कमीशनखोरी। पड़ताल में विधायक निधि में कमीशनखोरी की तस्वीर और भी बेनकाब होती दिखी। खींवसर से भाजपा विधायक रेवंतराम डांगा ने रिपोर्टर से बातचीत में न सिर्फ सौदे की खुली बातचीत की, बल्कि अधिकारियों को “थोड़ा-थोड़ा देने” की बात भी कही। डांगा ने 10 लाख रुपए एडवांस लेने और 50 लाख रुपए का अनुशंसा पत्र देने की पेशकश करते हुए कहा कि कई कामों में तो 40 प्रतिशत कमीशन चलता है। जब रिपोर्टर ने 25 से 30 प्रतिशत की बात की, तो डांगा ने अपने लंबे राजनीतिक अनुभव का हवाला देते हुए कहा कि वे पूरा सिस्टम समझते हैं और अधिकारियों को राजी करना पड़ेगा, वरना वे अड़ंगा लगा देंगे। दूसरी ओर, हिंडौन से कांग्रेस विधायक अनीता जाटव ने अधिकारियों द्वारा पहले काम अटकाने की शिकायत करते हुए सीधे डील पर हामी भरी। जयपुर स्थित आवास पर बातचीत के दौरान उनके करीबी पवन शर्मा ने सौदे की कमान संभाली। 40 प्रतिशत कमीशन पर सहमति बनी, 50 हजार रुपए का टोकन लिया गया और अनीता जाटव ने 80 लाख रुपए के काम का साइन किया हुआ अनुशंसा पत्र थमा दिया। वहीं, बयाना से निर्दलीय विधायक ऋतु बनावत ने बजट का हवाला देते हुए सीधे डील से दूरी बनाई, लेकिन उनके पति ऋषि बंसल ने अलग कमरे में रिपोर्टर से बातचीत कर 40 लाख रुपए की डील फाइनल कर दी। बातचीत में जिला परिषद के सीईओ को “देख लेने” की बात कही गई, हालांकि टोकन के तौर पर दिए गए 50 हजार रुपए यह कहकर लौटा दिए गए कि काम होने पर ही रकम ली जाएगी। यह पूरी बातचीत विधायक निधि को जनकल्याण की योजना से ज्यादा कमीशनखोरी का जरिया बनाने की मानसिकता को उजागर करती है, जिसने राजस्थान की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर बयान जारी कर साफ शब्दों में कहा कि विधायक निधि में भ्रष्टाचार के आरोप अत्यंत गंभीर हैं। उनकी सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ पूर्णत: जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है। सीएम ने दो टूक कहा“जनता का पैसा जनकल्याण के लिए होता है, किसी की जेब भरने के लिए नहीं। दोषी कोई भी हो, बख्शा नहीं जाएगा।” सीएम के निर्देश पर गठित चार सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति की अध्यक्षता मुख्य सतर्कता आयुक्त (ACS गृह) भास्कर सावंत करेंगे। समिति में पंचायतीराज सचिव जोगाराम और वित्त (बजट) सचिव राजन विशाल सदस्य होंगे, जबकि विशिष्ट शासन सचिव गृह मनीष गोयल को सदस्य सचिव बनाया गया है। समिति को स्पष्ट निर्देश हैं कि 15 दिन के भीतर निष्पक्ष जांच कर रिपोर्ट सौंपी जाए। जांच पूरी होने तक किसी भी तरह का वित्तीय लेन-देन नहीं होगा। घोटाले की आंच कांग्रेस तक पहुंचते ही पार्टी के भीतर भी हलचल तेज हो गई। प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने हिंडौन विधायक अनीता जाटव के मामले में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा को पत्र लिखकर 7 दिन में तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है। पार्टी सूत्रों के अनुसार कांग्रेस तीन सदस्यीय जांच समिति बनाएगी। यदि विधायक दोषी पाई जाती हैं, तो संगठनात्मक स्तर पर कड़ी कार्रवाई तय मानी जा रही है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि विधायक जनता के ट्रस्टी होते हैं और विधायक निधि में भ्रष्टाचार लोकतंत्र पर सीधा हमला है। उन्होंने मांग की कि दोषी चाहे किसी भी दल का हो, उसे बख्शा न जाए और पूरी सच्चाई जनता के सामने लाई जाए। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने मामले को सदाचार समिति को सौंपते हुए शीघ्र रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों द्वारा अधिकारों का दुरुपयोग लोकतंत्र की गरिमा के खिलाफ है और दोषियों पर कार्रवाई तय है। वहीं पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने सीएम के त्वरित एक्शन को सराहनीय बताते हुए निष्पक्ष जांच की उम्मीद जताई। विधायक निधि घोटाला अब सिर्फ एक जांच … Read more