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अनुभव पर भरोसा: रिटायर्ड IAS अधिकारी को मिली अहम भूमिका, अधिसूचना जारी

चंडीगढ भारत सरकार ने एक गजट नोटिफिकेशन जारी किया है, जिसमें रिटायर्ड इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस (IAS) ऑफिसर श्री आर. एस. वर्मा को स्टेट एनवायरनमेंट इम्पैक्ट असेसमेंट अथॉरिटी (SEIAA), हरियाणा का मेंबर अपॉइंट किया गया है। श्री आर. एस. वर्मा के पास BA, LLB, और MBA की डिग्री है और हरियाणा सरकार में उनका 32 साल से ज़्यादा का शानदार एडमिनिस्ट्रेटिव करियर रहा है। अपनी लंबी और शानदार सर्विस के दौरान, उन्होंने कई अहम और सेंसिटिव पोस्ट पर काम किया है और पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन और एनवायरनमेंटल गवर्नेंस में अहम योगदान दिया है। उन्होंने पहले राज्य सरकार में डायरेक्टर, एनवायरनमेंट, स्पेशल सेक्रेटरी, एनवायरनमेंट, और डिप्टी कमिश्नर, रोहतक जैसे कई दूसरे अहम एडमिनिस्ट्रेटिव पोस्ट पर काम किया है। एडमिनिस्ट्रेशन, कानून, मैनेजमेंट और एनवायरनमेंटल मामलों में उनके बहुत ज़्यादा अनुभव से SEIAA, हरियाणा के कामकाज को मज़बूती मिलने की उम्मीद है। यह अपॉइंटमेंट भारत सरकार के तय नियमों के मुताबिक किया गया है, और इस बारे में ऑफिशियल गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। सरकार ने भरोसा जताया है कि श्री आर.एस. वर्मा का अनुभव, ईमानदारी और पर्यावरण और एडमिनिस्ट्रेटिव मामलों की गहरी समझ हरियाणा में असरदार पर्यावरण मूल्यांकन और सस्टेनेबल डेवलपमेंट में अहम योगदान देगी।

आयुष्मान अस्पतालों की बढ़ी परेशानी, भुगतान में देरी पर हाईकोर्ट में सुनवाई शुरू

चंडीगढ़ आयुष्मान भारत हेल्थ स्कीम के तहत पैनल में शामिल अस्पतालों को पेमेंट में होने वाली देरी के मुद्दे पर दायर एक जनहित याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने केंद्र, पंजाब और हरियाणा सरकारों को नोटिस जारी किया है। याचिका मोहाली के रहने वाले राम कुमार ने एडवोकेट सतीश भारद्वाज के जरिये दायर की थी जिन्होंने पेमेंट में देरी से लाभार्थियों को हो रही परेशानी का हवाला दिया था। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत हेल्थ स्कीम भारत सरकार ने 2018 में प्रति परिवार प्रति वर्ष 5 लाख रुपये का मुफ्त स्वास्थ्य इलाज देने के लिए शुरू की थी। इसके तहत केंद्र सरकार और राज्य 60:40 के अनुपात में खर्च उठाते हैं। पैनल में शामिल अस्पतालों को क्लेम जमा करने की तारीख से 15 दिन में (अधिकतम 30 दिन तक बढ़ाया जा सकता है) पेमेंट करनी होती है। हालांकि, याचिकाकर्ता ने बताया कि रीइम्बर्समेंट में समय-समय पर कई महीनों की देरी हुई है जिससे अस्पतालों को इलाज बंद करना पड़ा।   राम कुमार ने हाईकोर्ट से राज्यों को तय समय के भीतर पेमेंट करने का निर्देश देने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार पहले आओ, पहले पाओ पेमेंट सिस्टम का पालन करती है, जबकि हरियाणा सरकार कह रही है कि उसने 30 दिन के भीतर पेमेंट क्लियर करने का फैसला किया है। यह याचिका जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर की बेंच के सामने सुनवाई के लिए आई। दोनों पक्षों को सुनने के बाद, बेंच ने प्रतिवादियों को 20 जनवरी, 2026 के लिए नोटिस जारी किया है।

हरियाणा के युवाओं के हक पर सवाल! 70–80% नौकरियां बाहरी लोगों को देने का आरोप, राव नरेंद्र सिंह का हमला

चंडीगढ़ कांग्रेस की हरियाणा इकाई के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने शनिवार को राज्य की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि 70-80 प्रतिशत सरकारी नौकरियां ‘बाहरी लोगों’ को दी जा रही हैं। राव ने सरकारी भर्ती पर राज्य की नीति पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या हरियाणा के युवा इतने ‘अक्षम’ हो गए हैं कि उन्हें अन्य राज्यों के अभ्यर्थियों के लिए नौकरियों से वंचित किया जा रहा है। उन्होंने ‘हरियाणा पावर यूटिलिटीज’ में सहायक अभियंता भर्ती को तत्काल रद्द करने की भी मांग की। कांग्रेस नेता ने मांग की कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करें क्योंकि उनकी ‘चुप्पी’ गंभीर सवाल उठाती है। उन्होंने कहा कि नौकरी की स्थिति हरियाणा के मेहनती युवाओं के अधिकारों पर सीधा हमला है, जो उन्हें अपने ही राज्य में दोयम दर्जे का नागरिक बना देगी। बड़ी संख्या में हरियाणा के बाहर के लोगों को नौकरी के लिए चयनित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ‘सुनियोजित साजिश’ के तहत शिक्षक, पटवारी, क्लर्क, सहायक अभियंता, दीवानी न्यायाधीश और राज्य सिविल सेवा के पदों के साथ-साथ मेडिकल कॉलेजों और तकनीकी शिक्षा विभाग के पदों पर बड़ी संख्या में हरियाणा से बाहर के अभ्यर्थियों का चयन किया गया। हाल की सहायक अभियंता भर्ती का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि 214 चयनित अभ्यर्थियों में से 185 राज्य के बाहर से थे। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार को हरियाणा की पहचान या उसके युवाओं की कोई चिंता नहीं है। राव ने यह चेतावनी दी कि नीति आरक्षित श्रेणी के युवाओं को भी प्रभावित कर सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय युवाओं की कीमत पर राज्य में बाहरी लोगों को बसाने के लिए अधिवास नियमों में बदलाव का इस्तेमाल किया जा रहा है।

आलू की कीमतों में ऐतिहासिक गिरावट से हाहाकार, हरियाणा के किसान संकट में; BKU ने CM सैनी को लिखा पत्र

चंडीगढ़  भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को पत्र लिखकर कहा है कि राज्य की मंडियों में आलू के भाव में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे सफेद आलू उत्पादक किसान गंभीर आर्थिक संकट में फंसते जा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद भावान्तर भरपाई योजना अब तक लागू नहीं की गई, जो किसानों के साथ अन्याय है।  भाकियू (चढ़ूनी) के अनुसार प्रदेश की अधिकांश मंडियों, विशेषकर पंचकुला, सिरसा, सोनीपत, यमुनानगर, अंबाला और कुरुक्षेत्र की पिपली, शाहाबाद, बैबन आदि मंडियों में सफेद आलू के भाव लगातार गिर रहे हैं और यह भाव किसानों की उत्पादन लागत से काफी नीचे चले गए हैं। यूनियन ने बताया कि दूसरी ओर लाल आलू का भाव अपेक्षाकृत अधिक बना हुआ है, जिससे मंडियों का औसत/मॉडल के कारण भाव ऊपर दिखाया जा रहा है। इसका सीधा नुकसान सफेद आलू उत्पादक किसानों को उठाना पड़ रहा है, क्योंकि इसी औसत के आधार पर उन्हें भावान्तर भरपाई योजना से बाहर किया जा रहा है।   भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) ने कहा कि जब सफेद आलू का वास्तविक दाम बेहद कम है, तो उसे लाल आलू के साथ जोड़कर औसत निकालना सरासर अन्याय है। यूनियन ने यह भी आरोप लगाया कि आलू की फसल मंडियों में आने के बावजूद पोर्टल पर किसानों द्वारा रजिस्टर्ड फसल का सत्यापन अभी तक पूरा नहीं किया गया, जिसके कारण ई-खरीद पोर्टल पर कोटा जारी नहीं हो पा रहा और मंडियों में ऑनलाइन गेट पास नहीं कट रहे। इससे किसानों को मजबूरी में औने-पौने दामों पर फसल बेचनी पड़ रही है।  किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने तत्काल हस्तक्षेप नहीं किया, तो सफेद आलू उत्पादक किसानों को भारी नुकसान होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और संबंधित विभागों की होगी, साथ ही यूनियन ने स्पष्ट किया कि यदि किसानों की मांगों पर जल्दी निर्णय नहीं लिया गया, तो संगठन को आंदोलनात्मक रास्ता अपनाने पर मजबूर होना पड़ेगा।

संघर्ष से सम्मान तक: दिव्यांगता को मात देने वाली JCB चालक की बेटी को ‘वीर बाल दिवस’ पर राष्ट्रपति ने किया सम्मानित

डबवाली  कहते हैं कि जब इरादे बुलंद हों, तो पूरी कायनात आपका साथ देती है। इस कहावत को सच कर दिखाया है डबवाली हल्के के गांव ओढ़ां में स्थित पीएम श्री स्कूल जवाहर नवोदय विद्यालय की 11वीं कक्षा की होनहार दिव्यांग छात्रा ज्योति ने। उसने अपनी शारीरिक चुनौतियों को मात देकर राष्ट्रपति भवन तक का सफर तय किया है। ​ज्योति को उसके अदम्य साहस व खेल प्रतिभा के लिए आज 'वीर बाल दिवस' के शुभ अवसर पर राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू द्वारा सम्मानित किया गया। ज्योति एथलेटिक्स में डिस्कस थ्रो, शॉट पुट व भाला फेंक में अपनी खास पहचान बना चुकी है। उसने विभिन्न प्रतियोगिताओं में स्वर्ण व रजत पदक जीतकर यह साबित कर दिया कि सीमाएं केवल सोच में होती हैं, लेकिन ज्योति का जीवन आसान नहीं रहा। बचपन से ही वह ‘लोकोमोटर डिसेबिलिटी’ से ग्रसित है, लेकिन उसने कभी हालातों के आगे हार नहीं मानी। उसके पिता विजयपाल ऐलनाबाद में जेसीबी मशीन चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं और उन्होंने हर कदम पर बेटी के सपनों को हौसले और विश्वास का सहारा दिया। ज्योति ने वर्ष 2020 में कोरोना काल के दौरान जवाहर नवोदय विद्यालय ओढ़ां की चयन परीक्षा उत्तीर्ण कर कक्षा 6 में प्रवेश पाया। यहीं से उसके संघर्षपूर्ण जीवन को नयी दिशा की मजबूत नींव पड़ी। ज्योति की प्रतिभा को सही दिशा तब मिली जब वर्ष 2022 में कक्षा 8 उत्तीर्ण करने के बाद उसे आदित्य मेहता फाउंडेशन द्वारा हरिद्वार में आयोजित विशेष प्रशिक्षण शिविर में भेजा गया। सात दिनों के इस कैंप में विशेषज्ञों ने उसकी क्षमता को पहचाना और डिस्कस थ्रो व शॉट पुट में उसके उज्ज्वल भविष्य की संभावना जताई। विशेषज्ञों की सलाह व अभिभावकों की सहमति से ज्योति को उन्नत प्रशिक्षण के लिए हैदराबाद के जवाहर नवोदय विद्यालय, रंगा रेड्डी में भेजा गया। वहां कठोर अभ्यास के दौरान उसने अपनी खेल प्रतिभा को और निखारा। दसवीं की बोर्ड परीक्षा देने के लिए वह ओढ़ां लौटी, परीक्षा सफलतापूर्वक पास करने के बाद 11वीं कक्षा में दाखिले के साथ वह फिर से हैदराबाद लौट गई।   हैदराबाद में मिले कड़े प्रशिक्षण का ही परिणाम है कि ज्योति ने एथलेटिक्स की विभिन्न स्पर्धाओं में लगातार पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। विद्यालय के प्राचार्य ललित कालड़ा ने ज्योति और उसके परिवार को बधाई देते हुए विश्वास जताया कि आने वाले समय में वह पैरा एथलेटिक्स में भारत का प्रतिनिधित्व करेगी।

हजारों साल पुरानी संस्कृति का जीवंत प्रतीक है राखीगढ़ी महोत्सव: नायब सैनी

नारनौंद/हांसी  प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ऐतिहासिक गांव राखीगढ़ी में तीन दिवसीय राखीगढ़ी महोत्सव का शुभारंभ किया। उनके साथ पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा और मंत्री रणबीर गंगवा भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने सबसे पहले हड़प्पा ज्ञान केंद्र का उद्घाटन किया और म्यूजियम में प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इसके बाद उन्होंने मॉक खुदाई, स्वयं सहायता समूह और सरकारी विभाग द्वारा लगाई गई स्टालों का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने कुश्ती दंगल का शुभारंभ किया और पहलवानों के दांव-पेंच देखे। सीएम ने कहा कि यह महोत्सव केवल सांस्कृतिक आयोजन नहीं बल्कि हमारी प्राचीन सभ्यता और गौरवशाली जीवन का उत्सव है। मुख्यमंत्री ने बेटियों की शिक्षा और सुरक्षा पर जोर दिया और पुरातत्व स्थलों पर गर्व व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि राखीगढ़ी म्यूजियम 22 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किया जा रहा है और केंद्र सरकार ने ऐतिहासिक स्थलों के विकास के लिए 500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है।   पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि राखीगढ़ी ऐतिहासिक महत्व का गांव है, जहां खुदाई में पहिए और स्विमिंग पूल के अवशेष मिले हैं। सरकार यहां रोजगार और पर्यटन को बढ़ावा देगी और भविष्य में कार्यक्रम और भव्य तरीके से आयोजित होंगे। म्यूजियम में प्रदर्शनी में हड़प्पा कालीन सभ्यता के अवशेष और छात्रों द्वारा बनाई गई मिट्टी की मूर्तियां प्रदर्शित की गईं। इस महोत्सव में देशभर के पर्यटक और इतिहास प्रेमी जुड़े। वहीं, विरासत एवं पर्यटन विभाग के आयुक्त एवं सचिव अमित अग्रवाल तथा विभाग के निदेशक अमित खत्री ने शुक्रवार को विश्व प्रसिद्ध राखीगढ़ी स्थित पुरातत्व विभाग की विभिन्न साइटों का दौरा किया। सीएम ने पेश किया सरकार का रिपोर्ट कार्ड हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने चुनाव के दौरान जनता से किए गए 217 संकल्पों में से अब तक 54 संकल्पों को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इनमें महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल लाडो लक्ष्मी योजना भी शामिल है, जो महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभा रही है। दूसरे राज्य स्तरीय राखीगढ़ी महोत्सव के अवसर पर जनसमूह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार अपने सभी चुनावी वादों को चरणबद्ध तरीके से धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।   अब तक 10 लाख महिलाओं को मिला लाभ मुख्यमंत्री ने उपस्थित महिलाओं से लाडो लक्ष्मी योजना के तहत अधिक से अधिक पंजीकरण करवाने का आह्वान करते हुए कहा कि जो महिलाएं अभी तक योजना से नहीं जुड़ी हैं, वे शीघ्र अपना पंजीकरण एवं सत्यापन प्रक्रिया पूरी करवाएं। उन्होंने बताया कि पात्र महिलाओं को योजना के अंतर्गत 2100 रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की जा रही है। सीएम सैनी ने जानकारी दी कि अब तक योजना के तहत लाभार्थियों के खातों में दो किस्तें जारी की जा चुकी हैं तथा लगभग 10 लाख महिलाओं ने अपना पंजीकरण करवा लिया है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश की प्रत्येक पात्र महिला तक इस योजना का लाभ पहुंचे, जिससे महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता को मजबूती मिले और वे समाज की मुख्यधारा में सशक्त भूमिका निभा सकें।

अटल जी को सम्मान: हरियाणा के 87 शहरी निकायों में स्थापित होंगी प्रतिमाएं, नायब सैनी ने की घोषणा

चंडीगढ़  मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वीरवार को भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें एक दूरदर्शी राजनेता बताया। उन्होंने कहा वाजपेयी का जीवन ईमानदारी, लोकतांत्रिक मूल्यों और जन केंद्रित शासन का प्रतीक रहा। मुख्यमंत्री ने भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी को स्मरण करते हुए कहा कि वे अपने विचारों में जितने दृढ़ थे, उतने ही अपने मूल्यों और सिद्धांतों में भी अडिग थे। मुख्यमंत्री नायव सैनी पंचकूला में राज्यस्तरीय सुशासन दिवस कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भले ही सरकारें आती-जाती रहीं, लेकिन वाजपेयी हमेशा अपने आदशों पर अटल रहे। सुशासन दिवस के अवसर पर एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए नायब सैनी ने कहा कि राज्य के सभी 87 शहरी स्थानीय निकायों में कम से कम एक सार्वजनिक स्थल का नामकरण अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर किया जाएगा। उनमें अटल की प्रतिमाएं भी स्थापित की जाएंगी। ताकि उनके लोकतंत्र, राष्ट्रीय एकता और पारदर्शी शासन के आदर्श समाज का मार्गदर्शन करते रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज सभी निकायों में एक ऐसे सामुदायिक भवन, पार्क, वाचनालय, सभागार, वृद्धाश्रम या व्यावसायिक स्थल को चिन्हित कर लिया गया है और अगले 6 माह में वाजपेयी की स्मृति में इस फैसले को लागू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन और कार्यों से नई पीढ़ियों को प्रेरित करने के लिए उनके नाम पर अनेक संस्थाएं भी खोली जाएंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी कहते थे कि सरकारें आएंगी जाएंगी, पार्टियां बनेंगी बिगड़ेंगी, मगर यह देश रहना चाहिए। इसी भाव के साथ सुशासन दिवस पर उन्होंने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि हरियाणा में शासन अब आदेश नहीं, सेवा है। प्रक्रिया नहीं, – परिणाम है और सत्ता नहीं, उत्तरदायित्व है।

यमुना में घटती जैव विविधता पर गंभीर सुनवाई, NGT ने आदेश रखा रिज़र्व

यमुना  राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने यमुना नदी में स्वदेशी प्रजाति की मछलियों की तादाद में तेज गिरावट और विदेशी मछलियों के बढ़ते प्रभुत्व से संबंधित एक स्वतः संज्ञान मामले में अपना आदेश सुरक्षित रखा है। सभी पक्षों की अंतिम दलीलें सुनने के बाद अध्यक्ष जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य डा. ए. सेंथिल वेल की पीठ ने मामले को आदेश के लिए सुरक्षित रखा।  यह स्वतः संज्ञान मामला मई 2024 की एक समाचार रिपोर्ट से सामने आया। एक वैज्ञानिक सर्वेक्षण में यमुना में मछलियों की 126 प्रजातियों की मौजूदगी को दर्ज किया गया है। लेकिन यह स्वदेशी मछलियों की प्रजातियों में गिरावट और विदेशी मछलियों में वृद्धि को दर्शाता है।  प्रयागराज ने अपने सर्वेक्षण में पाया कि प्रदूषण, नदी के प्रवाह में परिवर्तन और आवासीय क्षति ने मछली की विविधता पर गंभीर प्रभाव डाला है। जबकि यमुना के पूरे विस्तार क्षेत्र में मछलियों की कुल 126 प्रजातियों का घर है। दिल्ली के आइटीओ में सबसे कम प्रजातियों की विविधता दर्ज की गई, जिसे "सबसे प्रदूषित" स्थल के रूप में वर्णित किया, जहां घुलनशील लगभग शून्य या पहचानने योग्य स्तर से नीचे थे। अध्ययन में प्रतीकात्मक स्वदेशी प्रजातियों में महत्वपूर्ण गिरावट दिखाई गई।

खेल-खेल में शिक्षा: छुट्टियों में रोचक गतिविधियों से सीखेंगे बच्चे, लौटकर देंगे फीडबैक

चंडीगढ़  प्रदेश के सरकारी स्कूलों में इस बार शीतकालीन अवकाश बच्चों के लिए सिर्फ छुट्टियों का समय नहीं बल्कि सीखने और परिवार से जुड़ने का अवसर बनेगा। कक्षा 1 से 5 तक के विद्यार्थियों के लिए निपुण हरियाणा मिशन और राष्ट्रीय शिक्षा नोति-2020 के तहतरोचक गृहकार्य तैयार किया गया है। इसमें पढ़ाई के साथ संस्कार, संवाद और जीवन मूल्य भी जुड़ेंगे। इस संबंध में शिक्षा निदेशालय की ओर से सभी जिला मौलिक शिक्षा व सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी किया गया है। 1 जनवरी से 15 जनवरी 2026 तक के शीतकालीन अवकाश में बच्चे अपनी नानी-दादी, दादा-दादी और परिवार के बुजुर्गों से कहानियां सुनेंगे, उनके अनुभव जानेंगे और फिर स्कूल लौटकर उसका फीडबैक भी देंगे। बच्चों से कहा गया है कि वे बुजुर्गों से सुनी कहानियों को अपनी भाषा में लिखें या कक्षा में सुनाएं, ताकि सीखने के साथ भावनात्मक जुड़ाव भी मजबूत हो। इस गृहकार्य में हिंदी और गणित से जुड़ी रोचक गतिविधियां शामिल हैं। बच्चे कहानियां सुनने के साथ-साथ गिनती, जोड़-घटाव, शब्द पहचान और छोटे वाक्य लिखने का अभ्यास करेंगे। परिवार के साथ बैठकर चर्चा, बातचीत और प्रस्तुति के माध्यम से उनका आत्मविश्वास भी बढ़ेगा।   कक्षा पहली से तीसरी तक के विद्यार्थी अपने पारिवारिक सदस्यों के साथ दाल, मटर, राजमा के दाने, तरबूज और खरबूजे के बीजों की साफ कर उन्हें जोड़कर गिनती तैयार करेंगे। बच्चों को हर रोज का तापमान, माता-पिता से पूछकर नीट करना होगा। बच्चों को सूर्योदय और सूर्यास्त का समय मोट करना होगा। उन्हें 3 से 5 पक्तियां में अपना परिचय लिखकर वीडियो बनाकर शिक्षक को भोजनी होगी। खास बात यह है कि बच्चों को मोबाइल से दूर रखने पर जोर दिया गया है। उन्हें मिट्टी या आटे से खिलौने बनाना, पक्षियों के लिए दाना पानी रखना, सुबह योग करना, बिस्तर समेटना और प्रकृति से जुड़ने बाली छोटी-छोटी गतिविधियों करनी होंगी। बच्चों को रोज का तापमान नोट करने, सूर्योदय सूर्यास्त देखने और अपने अनुभव लिखने के लिए भी प्रेरित किया गया है। शिक्षा विभाग का कहना है कि यह गृहकार्य बच्चों के मानसिक, शारीरिक और सामाजिक विकास को ध्यान में रखकर तैयार किया है। इसमें किसी तरह का अतिरिक्त खर्च नहीं है और सभी गतिविधियां घर के माहौल में सहज रूप से की जा सकती हैं। बच्चे जब स्कूल लौटेंगे तो शिक्षक उनके अनुभवों को समीक्षा करेंगे।  

कॉलेज-स्कूल परिसरों में आवारा कुत्तों की मॉनिटरिंग अनिवार्य, शिक्षकों को जल्द सौंपनी होगी रिपोर्ट

चंडीगढ़  सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुरूप विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने हरियाणा के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को परिसर में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या पर नियंत्रण के लिए नए निर्देश जारी किए हैं। शिक्षा निदेशालय की ओर से आए आदेशों में कहा गया है कि प्रत्येक विश्वविद्यालय, कॉलेज और स्कूल में एक प्रोफेसर या शिक्षक को नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाए, जो कुत्तों की निगरानी और जोखिम की स्थिति में स्थानीय प्रशासन या नगर निगम को सूचित करने की जिम्मेदारी निभाएगा। इसके तहत रोहतक स्थित महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, हिसार, कैथल सहित अन्य जिलों के स्कूलों में खंड शिक्षा अधिकारियों को आदेश भेजे जा चुके हैं। हर स्कूल में नोडल अधिकारी का नाम, पद और मोबाइल नंबर परिसर में प्रदर्शित करना अनिवार्य किया गया है। साथ ही इस कार्य की रिपोर्ट शुक्रवार तक मांगे जाने के निर्देश भी दिए गए हैं। हसला ने जताई नाराजगी हालांकि, इस आदेश के बाद शिक्षक संगठनों ने नाराजगी जाहिर की है। हरियाणा स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन (HASLA) के राज्य प्रधान सतपाल सिंधु ने कहा कि शिक्षक पहले ही शिक्षण कार्य के अतिरिक्त 20 से अधिक गैर-शैक्षणिक जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। अब कुत्तों की निगरानी जैसी व्यवस्थाएं सौंपना बिल्कुल अनुचित है।   आदेश तुरंत रद्द किए जाऐं उन्होंने कहा कि शिक्षकों की मूल भूमिका विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है, न कि पशु नियंत्रण से जुड़े कार्य करना। आवारा पशुओं व कुत्तों को नियंत्रित करना नगर निगम, पशुपालन विभाग और स्थानीय प्रशासन की जिम्मेदारी है, इसे शिक्षकों पर थोपना शैक्षणिक माहौल को प्रभावित करेगा। शिक्षक संगठनों ने मांग की है कि यह आदेश तुरंत रद्द किया जाए और आवारा कुत्तों के प्रबंधन का दायित्व संबंधित विभागों को ही सौंपा जाए।