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नया आदेश: हरियाणा के सरकारी स्कूलों में टीचर फॅरलो नहीं मार सकेंगे — उल्लंघन पर मिलेगी कड़ी सज़ा

चंडीगढ़ हरियाणा के सरकारी स्कूलों के टीचरों को अब अपनी हर गतिविधि की जानकारी मूवमेंट रजिस्टर में दर्ज करनी होगी। यानी कि वे स्कूल टाइम के दौरान कहा और किस काम से गए थे। इन सब का ब्यौरा मूवमेंट रजिस्टर में दर्ज करना होगा। विभाग की ओर से यह नियम हाजिरी लगाकर स्कूल छोड़ देने वाले टीचरों पर नजर रखने के लिए बनाया गया है। विभाग के इस फैसले के बाद अब हरियाणा के सरकारी स्कूलों के टीचर फॅरलो नहीं मार पाएंगे। विभाग ने हर स्कूल में मूवमेंट रजिस्ट मैंटेन करने के आदेश जारी कर दिए हैं। हर स्कूल में अब डेली मूवमेंट रजिस्टर मैंटेन होगा। स्कूल मुखिया दैनिक आधार पर मूवमेंट रजिस्टर को डेली मूवमेंट का दर्ज कर अपनी टिप्पणी सहित हस्ताक्षर करने होंगे। आदेशों में साफ कहा गया है कि मुख्यालय द्वारा किसी सरकारी स्कूल की रैंडम चेकिंग हो सकती है। अगर इन आदेशों की पालना नहीं होती तो है मुख्यालय के द्वारा संबंधित स्कूल मुखिया के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।  हरियाणा विधानसभा की विषय समिति की अनुशंसा पर शिक्षा विभाग की ओर से फैसला लिया गया है। विधानसभा की विषय समिति ने बजट अधिवेशन के दौरान अपनी 10वीं रिपोर्ट में इसका जिक्र किया था। जिसे अब लागू करते हुए निदेशक माध्यमिक शिक्षा विभाग पंचकूला ने प्रदेश के सभी बीईओ, डीईईओ और डीपीसी के नाम पत्र जारी किया है।  शिक्षा विभाग द्वारा लिए गए फैसले के मुताबिक अगर कोई भी कर्मचारी स्कूल समय में किसी सरकारी कार्य से बाहर जाता है तो वापसी में अपनी हाजिरी रिपोर्ट वहां से लेकर आएगी। वो हाजिरी रिपोर्ट प्रमाण के तौर पर स्कूल के मूवमेंट रजिस्टर में पेस्ट करनी होगी। उच्च अधिकारियों के स्कूल विजिट के दौरान उन्हें मूवमेंट रजिस्टर का अवलोकन करवा कर उनसे साइन करवाने होंगे।  प्रदेश के हर बीईओ, डीईईओ और डीपीसी को प्रत्येक माह कम से कम 15 स्कूलों के हाजिरी व मूवमेंट रजिस्टर की जांच करनी होगी। यदि किसी स्कूल में प्रॉपर रजिस्टर मैंटेन नहीं किया गया है तो इसकी रिपोर्ट जिला मुख्यालय को भेजनी होगी। जिला मुख्यालय द्वारा एक माह के दौरान इस प्रकार कार्यवाही करनी होगी।  

सिक्योरिटी व्यवस्था को देखते हुए IPS पूरन कुमार की पत्नी से मिलने पहुंचे CM सैनी

हरियाणा  हरियाणा के CM नायब सैनी सीनियर IPS अधिकारी वाई पूरन कुमार की IAS अफसर पत्नी अमनीत पी. कुमार से मिलने पहुंच गए हैं। वह बुधवार शाम को ही जापान दौरे से लौटे थे और अब चंडीगढ़ स्थित अपने आवास से निकलकर सेक्टर-24 में IG की पत्नी अमनीत कुमार से मिल रहे हैं।  इस दौरान करीब 1 घंटे तक CM सैनी ने अलग कमरे में IAS अमनीत पी. कुमार के साथ मीटिंग की। मीटिंग के दौरान IAS अमनीत ने CM सैनी को 2 पन्नों की शिकायत सौंपी। इसके जरिए IG के लिखे सुसाइड नोट में शामिल अधिकारियों को सस्पेंड करने, अरेस्ट करने और परिवार को सिक्योरिटी देने की मांग की।   उनके साथ मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर भी पहुंचे थे। IG पूरन कुमार ने अपने सुसाइड नोट में इन्हें आपबीती बताने की बात लिखी है। मुलाकात के दौरान CM सैनी IAS पत्नी को सांत्वना देने के साथ जांच को लेकर कुछ बड़ा फैसला भी ले सकते हैं। इसके अलावा आज कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी, कैबिनेट मंत्री कृष्ण पंवार और कांग्रेस सांसद वरूण मुलाना के भी पहुंचने की संभावना है। बता दें कि IPS अफसर वाई पूरन कुमार ने मंगलवार को चंडीगढ़ के सेक्टर 11 स्थित अपनी कोठी में सर्विस गन से सिर पर गोली मारकर सुसाइड कर लिया था। उनकी उनकी IAS अफसर पत्नी अमनीत पी. कुमार CM नायब सैनी के साथ जापान के ऑफिशियल दौरे पर थीं। वह आज दोपहर साढ़े 12 बजे उनकी फ्लाइट दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंड करेगी। इसके बाद वह दोपहर 2 बजे दिल्ली से फ्लाइट लेकर चंडीगढ़ पहुंचेंगी। इसके बाद अंतिम संस्कार होगा।  

सीएम नायब सिंह सैनी ने दिवंगत IGP वाई पूरन कुमार को दी श्रद्धांजलि, परिवार से की मुलाकात

चंडीगढ़  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वीरवार दोपहर सेक्टर 24, चंडीगढ़ स्थित दिवंगत इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (IGP) वाई पूरन कुमार के आधिकारिक आवास पर जाकर परिवार से शोक संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री लगभग 12:30 बजे पहुंचे और अधिकारी की पत्नी अमनीत पी. कुमार तथा अन्य परिवारजन से मिले। वरिष्ठ IPS अधिकारी वाई पूरन कुमार का मंगलवार दोपहर को आत्महत्या से निधन हो गया था, जिससे राज्य पुलिस समुदाय में गहरा सदमा फैल गया। पूरन कुमार की पत्नी आईएएस अमनीत पी. कुमार मुख्यमंत्री की जापान की आधिकारिक यात्रा में शामिल थीं। इस दुखद खबर के बाद वह अपनी यात्रा बीच में ही रोककर बुधवार दोपहर चंडीगढ़ लौट आईं थीं। मुख्यमंत्री के अलावा कई वरिष्ठ सरकारी अधिकारी और राजनीतिक नेता भी परिवार से मिलकर श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे। इसमें मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार, गृह सचिव सुमिता मिश्रा और हांसी विधायक विनोद भायाना शामिल थे। सेक्टर 24 स्थित आवास का माहौल शोकाकुल बना रहा, क्योंकि पुलिस और सिविल प्रशासन के अधिकारी एवं सहकर्मी पूरे दिन परिवार से मिलने और संवेदना व्यक्त करने आते रहे।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग, IPS अधिकारी की पत्नी ने की शिकायत दर्ज

चंडीगढ़ हरियाणा के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार की खुदकुशी के मामले ने जोर पकड़ लिया है। अफसर की आत्महत्या के दौरान जापान दौरे पर गईं उनकी पत्नी अमनीत पी. कुमार वापस लौट आई हैं और उन्होंने इस मामले में चंडीगढ़ पुलिस को शिकायत दी है। हरियाणा काडर की आईएएस अमनीत कुमार ने अपनी शिकायत में हरियाणा के डीजीपी शत्रुजीत कपूर और रोहतक के एसपी नरेंद्र बिजारनिया पर आरोप लगाया है कि वे पति का उत्पीड़न कर रहे थे। इसी के चलते उन्होंने आत्महत्या कर ली थी। अमनीत ने मांग की है कि हरियाणा के डीजीपी और रोहतक के एसपी के खिलाफ एससी-एसटी ऐक्ट के तहत केस दर्ज किया जाए। आईपीएस वाई पूरन कुमार दलित समाज से आते थे। उन्होंने हाल ही में रोहतक की सुनारिया जेल की जिम्मेदारी मिली थी और आईजी की पोस्ट पर तैनात थे। उन्होंने खुद को चंडीगढ़ के सेक्टर 11 स्थित आवास पर गोली मार ली थी। अमनीत ने दावा किया है कि उनके पति ने सुसाइड नोट में मांग की है कि डीजीपी और रोहतक के एसपी के खिलाफ केस दर्ज हो और उन्हें गिरफ्तार किया जाए। अमनीत ने अपनी शिकायत में लिखा है, 'मेरे पति जो बेहद ईमानदारी और जज्बे के साथ काम करते थे। वह घर में गोली लगने से मृत पाए गए। आधिकारिक रूप से इसे आत्महत्या कहा जा रहा है, लेकिन मेरी आत्मा कहती है कि यह उनका लगातार उत्पीड़न होने का परिणाम है।' अमनीत पी. कुमार ने आरोप लगाया कि उनके पति का सालों से उत्पीड़न हो रहा है। उन्हें सीनियर अधिकारी व्यक्तिगत तौर पर परेशान करते थे और इन लोगों में डीजीपी शत्रुजीत कपूर भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि मेरे पति बताते थे कि जाति के आधार पर मेरे खिलाफ भेदभाव हो रहा है। उन्होंने यह भी बताया था कि मेरे खिलाफ साजिश रची जा रही है और किसी मामले में मुझे फंसाया जा सकता है। ऐसा डीजीपी के इशारे पर हो रहा है। यही नहीं अमनीत ने रोहतक के अर्बन एस्टेट पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर को भी गलत बताया। उन्होंने कहा कि 6 अक्तूबर को जो एफआईआर दर्ज की गई, वह गलत है। इसमें मेरे पति के स्टाफ में शामिल सुशील कुमार का इस्तेमाल किया गया। अमनीत कुमार ने कहा कि मेरे पति को इस मामले में फंसाया गया और इसी के चलते उन्होंने अपनी जान दी। उन्होंने कहा कि मेरे पति ने इस मामले को लेकर डीजीपी शत्रुजीत कपूर से बात की थी, लेकिन उन्होंने नजरअंदाज कर दिया। उन्होंने कहा कि मेरे पति वाई पूरन कुमार ने इसके बाद रोहतक के एसपी से भी बात करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने फोन ही नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि अब तो इस मामले में डीजीपी और रोहतक के एसपी की गिरफ्तारी होनी चाहिए।

ADGP पूरण कुमार ने आत्महत्या से पहले छोड़ी वसीयत, सुसाइड नोट में 8 IPS और एक पूर्व DGP पर लगाए गंभीर आरोप

 चंडीगढ़  हरियाणा कैडर के 2001 बैच के आईपीएस अधिकारी एडीजीपी वाई पूरण कुमार ने मंगलवार को अपने चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित घर में निजी सुरक्षा अधिकारी (पीएसओ) की सर्विस रिवॉल्वर से सिर में गोली मारकर आत्महत्या कर ली। पुलिस को मौके से अंग्रेजी में लिखा आठ पेज का सुसाइड नोट और एक पेज की वसीयत मिली है। सुसाइड नोट में सात-आठ आईपीएस और दो आईएएस अधिकारियों का जिक्र करते हुए उन पर तंग करने का आरोप लगाया गया है। हालांकि, सुसाइड नोट की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मूल रूप से आंध्र प्रदेश के निवासी वाई पूरण को 29 सितंबर को ही रोहतक रेंज के आईजी पद से हटाकर सुनारिया पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज में आईजी बनाया गया था। रोहतक के पुलिस अधीक्षक नरेंद्र बिजारणिया ने बताया कि शराब ठेकेदार प्रवीण बंसल की शिकायत पर सोमवार रात रोहतक के अर्बन एस्टेट थाने में पूरण कुमार के सुरक्षाकर्मी सुशील कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।    बंसल ने सुशील पर ढाई लाख महीना रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है। प्रवीण ने सुशील की ऑडियो क्लिप भी पुलिस को दी। पुलिस ने सुशील को गिरफ्तार कर मंगलवार को कोर्ट में पेश किया जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पूछताछ में सुशील ने वाई पूरण कुमार का नाम लिया था। एसपी नरेंद्र बिजारणिया ने बताया कि पुलिस ने अभी तक इस मामले में पूरण कुमार को कोई नोटिस नहीं दिया था। घटना के समय घर में कोई नहीं था। पूरण कुमार की पत्नी सीएम नायब सैनी के साथ जापान दौरे पर हैं। कनपटी के आर-पार हो गई गोली पुलिस के अनुसार गोली कनपटी के आर-पार हो गई। दूसरी तरफ से कान भी गायब हो गया। पुलिस को मौक पर एक गोली का खोल भी मिला है। सुसाइड नोट में जातिवादी, पोस्टिंग और एसीआर में गड़बड़ी के आरोप हरियाणा कैडर के 2001 बैच के आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार ने मंगलवार को सेक्टर-11 की कोठी नंबर 116 में खुद को गोली मारने से पहले 8 पेज का सुसाइड नोट लिखा। इसमें उन्होंने कई वरिष्ठ अधिकारियों पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। सुसाइड नोट में उन्होंने एक पेज में वसीयत लिखकर अपनी सारी संपत्ति पत्नी के नाम कर दी। इसके अलावा उन्होंने एक डीजीपी पर बेवजह नोटिस भेजकर परेशान करने, सात-आठ आईपीएस और दो आईएएस अधिकारियों पर उनके खिलाफ प्रशासनिक दखल और भेदभाव के आरोप लगाए।  सूत्रों के अनुसार, सबसे ज्यादा आरोप पूर्व डीजीपी पर हैं। सुसाइट नोट में उन्होंने जातिवाद, पोस्टिंग में भेदभाव, एसीआर में गड़बड़ी, सरकारी आवास नहीं मिलने और प्रशासनिक शिकायतों के साथ लिटिगेशन के चलते परेशान होने की बात कही। उन्होंने लिखा कि इन्हीं कारणों से वह आत्महत्या कर रहे हैं। मूवी थिएटर में सोफे पर बैठ मारी गोली पुलिस के अनुसार, मंगलवार दोपहर करीब एक बजे वाई पूरण ने चंडीगढ़ सेक्टर-11 स्थित मकान नंबर 116 के बेसमेंट में बने साउंडप्रूफ मूवी थिएटर में सोफे पर बैठकर कनपटी में गोली मार ली। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। दोपहर करीब 1:30 बजे छोटी बेटी ने खून से लथपथ पिता को देख पुलिस को सूचना दी। उनकी पत्नी आईएएस अमनीत पी कुमार नागरिक उड्डयन विभाग में सचिव हैं और इस समय मुख्यमंत्री नायब सैनी के साथ जापान दौरे पर गई हैं। उनके बुधवार सुबह तक लौटने की संभावना है। उनकी बड़ी बेटी विदेश में पढ़ाई कर रही है। पूरण कुमार पहले भी कई बार अपने पीएसओ की सर्विस रिवॉल्वर ले चुके थे। चार दिन से थे छुट्टी पर, आज आना था ड्यूटी पर वाई पुरण कुमार ने एक अक्तूबर को पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज के आईजी का चार्ज लिया था। इसके बाद वे चार दिन की छुट्टी पर चले गए थे। आठ अक्तूबर को उन्हें ड्यूटी पर आना था। इससे पहले वे पांच महीने तक रोहतक रेंज के आईजी रहे थे। सबसे पहले बेटी ने देखा विधायक मामा को किया फोन पूरण कुमार की बेटी सुबह अपनी दोस्त के घर नाश्ता करने गई थी। घर पर नौकर ही थे। घर लौटी तो पिता सोफे पर खून से लथपथ पड़े थे। बेटी ने सबसे पहले अपने मामा पंजाब के एक विधायक को फोन कर सूचना दी। करीब डेढ़ बजे उन्होंने पुलिस को जानकारी दी। इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने पूरण कुमार की पत्नी अमनीत पी कुमार से फोन पर बात की। उन्होंने किसी तरह के घरेलू विवाद से इन्कार किया।   सुशील की तैनाती नारनौल में, पांच साल से पूरण ने रखा था अपने पास रोहतक के एसपी नरेंद्र बिजारणिया ने बताया कि गिरफ्तार हेड कांस्टेबल सुशील की ड्यूटी नारनौल में थी लेकिन तकरीबन पांच वर्ष से वह पूरण कुमार के साथ रहता था। पूछताछ में सामने आया है कि पहले भी सुशील कुमार रौब दिखाकर कुछ शराब ठेकेदारों से पैसे ले चुका है। इस बार ठेकेदार प्रवीण बंसल ने सुशील की रिकॉर्डिंग कर ली और सारा मामला उजागर हो गया। फिलहाल, सुशील का मोबाइल जब्त करके जांच शुरू कर दी गई है। ड्यूटी कहीं और तैनाती कहीं और के सवाल पर एसपी ने जवाब नहीं दिया। नहीं मिला लैपटॉप…  पुलिस ने घर में मृतक अधिकारी का लैपटॉप तलाशा लेकिन वह नहीं मिला। एक लैपटॉप बरामद हुआ जिसे बेटी ने अपना बताया। पंजाब के रिटायर्ड डीजीपी सहोता समेत हरियाणा के कई अधिकारी मौके पर पहुंचे। चाइल्ड वेल्फेयर कमेटी ने की बेटी से पूछताछ  चाइल्ड वेलफेयर कमेटी ने पूरण कुमार की 17 साल की बेटी को तुरंत काउंसलिंग के लिए बुलाया। काउंसलर किरन ने पूछताछ की लेकिन बेटी सदमे में थी। बेटी ने कुछ नहीं बताया और कहा कि मां के आने के बाद ही बयान देगी। वह अभी कंफर्टेबल नहीं है। आज पत्नी के लौटने पर होगा पोस्टमार्टम घटना की सूचना मिलते ही आईजी पुष्पिंदर कुमार, एसएसपी कंवरदीप कौर, ऑपरेशन सेल, सेक्टर-11 थाना पुलिस, सीएफएसएल व फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। वरिष्ठ अधिकारी करीब तीन घंटे तक मौके पर मौजूद रहे। शव को पोस्टमार्टम के लिए सेक्टर-16 अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। अमनीत पी कुमार के बुधवार को जापान से लौटने के बाद मेडिकल बोर्ड बनाकर पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा। सेक्टर-11 स्थित कोठी नंबर 116 से दोपहर लगभग 1:30 बजे पुलिस को आत्महत्या को सूचना मिली थी। घटनास्थल से एक वसीयत और एक सुसाइड नोट … Read more

जो मैं बोलता हूं, वो डंके की चोट पर करता हूं – गडकरी ने ट्रांसपोर्ट सेक्टर से की ईंधन क्रांति की अपील

सोनीपत  सोनीपत के गांव पांची गुजरान स्थित दिल्ली इंटरनेशनल कार्गो टर्मिनल प्राइवेट लिमिटेड में बुधवार को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने देश के पहले वाणिज्यिक इलेक्ट्रिक ट्रक बैटरी स्वैपिंग और चार्जिंग स्टेशन का उद्घाटन किया। इस अवसर पर केंद्रीय भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी और स्थानीय भाजपा नेता भी मौजूद रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गडकरी ने कहा कि भारत तेजी से वैकल्पिक ईंधन की ओर बढ़ रहा है और आने वाला समय डीजल-मुक्त परिवहन का होगा। उन्होंने कहा, “मैं किसान हूं और अब किसान ‘अन्नदाता’ ही नहीं, ‘ऊर्जा दाता’ भी बनेगा। पराली, मक्का, गन्ना और कचरे से अब ईंधन तैयार हो रहा है। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र के नागपुर और मध्यप्रदेश के जबलपुर में पराली से सड़कों का निर्माण हो रहा है, और देश में 50 लाख टन पराली से बायोफ्यूल बनाने की प्रक्रिया जारी है। गडकरी ने दावा किया कि वह खुद बायो-एथेनॉल से चलने वाले वाहन से कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे, जिससे न सिर्फ प्रदूषण में कमी आती है, बल्कि किसानों की आमदनी भी बढ़ती है। उन्होंने कहा कि अब कृषि यंत्रों के लिए भी फ्लेक्सी इंजन विकसित किए जा रहे हैं और ईवी (इलेक्ट्रिक व्हीकल) तकनीक से परिवहन क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव आ रहा है। गडकरी ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में बैटरियों की कीमत में 50-60 फीसदी तक गिरावट आई है। गडकरी ने ट्रांसपोर्टरों से अपील की कि वे डीजल और पेट्रोल से छुटकारा पाकर इलेक्ट्रिक और बायोफ्यूल विकल्प अपनाएं ताकि परिवहन लागत में कमी आए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि “जो मैं बोलता हूं, वो डंके की चोट पर करता हूं। उन्होंने बताया कि देश की लॉजिस्टिक लागत पहले के मुकाबले 6 फीसदी कम हुई है और अब ट्रांसपोर्ट रेट सिंगल डिजिट में आ रहे हैं। सड़कें बेहतर होने से अब ईंधन की बचत भी हो रही है। गडकरी ने कहा कि जल्द ही भारत जहाजों के लिए भी बायो-फ्यूल तैयार करेगा, जिससे आयात में कमी और निर्यात में वृद्धि होगी।

सीजनल पॉल्यूशन रोकने हरियाणा में दो जिलों में वाहन और डीजल जनरेटर पर रोक

चंडीगढ़  हरियाणा के NCR शहरों फरीदाबाद और गुरुग्राम में प्रदूषण से छुटकारा पाने के लिए सरकार ने कार्रवाई शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि इन दोनों शहरों में ठंड के दिनों में आमतौर पर सबसे खराब वायु गुणवत्ता (AQI) स्तर दर्ज होती है। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (HSPCB) ने 2025-26 के लिए विंटर सीजन वर्क मेगा प्लानिंग तैयार की है। इस मेगा प्लान के तहत गाड़ियों और उद्योग से होने वाले प्रदूषण के साथ ही सड़कों और निर्माण स्थलों से निकलने वाली धूल की जांच की जाएगी। HSPCB के इस मेगा प्लान से प्रदेश में हो रहे प्रदूषण पर रोक लगाई जाएगी। HSPCB का मेगा प्लान क्या है?     HSPCB के मेगा प्लान में पुरानी गाड़ियों पर कड़ी कार्रवाई हो सकती है। 10 साल पुरानी डीजल और 15 साल पुरानी पेट्रोल गाड़ियों के संचालन पर रोक लग सकती है। अधिकारियों द्वारा शहर में इस तरह की 15 लाख गाड़ियों की पहचान की गई है। इसे लेकर जिला परिवहन विभाग और यातायात पुलिस द्वारा कार्रवाई शुरू कर दी गई है।     सरकार ने सभी बिल्डरों और डेवलपर्स को 500 वर्ग मीटर से बड़े प्रोजेक्ट्स को राज्य के धूल नियंत्रण पोर्टल पर पंजीकरण करने का निर्देश दिया है। HSPCB इसका निरीक्षण करेगा। नियम का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारी जुर्माना लगाया जाएगा।     गुरुग्राम और फरीदाबाद दोनों शहरों में प्रशासन ने डीजल जनरेटर (DG) पर भी रोक लगाने का आदेश दिया है, जबकि उद्योगों को तुरंत ग्रीन फ्यूल अपनाने के लिए कहा है। अगर कोई व्यक्ति निर्देशों का पालन नहीं करेगा, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।     गुरुग्राम नगर निगम ने धुंध से छुटकारा पाने के लिए अपने जल छिड़काव यंत्रों की संख्या 8 से बढ़ाकर 40 करने का फैसला लिया है। इसके अलावा 29 नए सड़क सफाई यंत्र जोड़ेगा, जिसकी कुल संख्या 54 हो जाएगी। मुख्य निर्माण जगहों पर 850 से ज्यादा एंटी-स्मॉग गन की व्यवस्था की जाएगी। इसी तरह फरीदाबाद अपने स्प्रिंकलरों की संख्या 25 से बढ़ाकर 38 कर देगा। 15 रोड स्वीपर कनेक्ट करेगा और मुख्य प्रदूषण वाली जगहों पर 190 स्मॉग गन की व्यवस्था की जाएगी। योजना के सबसे बड़े फैसलों में से एक है 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों को सड़कों से हटाना। गुरुग्राम और फरीदाबाद में ऐसे लगभग 15 लाख वाहनों की पहचान की गई है। जिला परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस ने इन पर कार्रवाई शुरू कर दी है। इसका उद्देश्य ट्रैफिक से होने वाले वायु प्रदूषण में भारी कमी लाना है। निर्माण स्थलों से निकलने वाली धूल पर नियंत्रण के लिए भी सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। अब 500 वर्ग मीटर से बड़े सभी निर्माण प्रोजेक्ट्स को राज्य सरकार के धूल नियंत्रण पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। HSPCB नियमित निरीक्षण करेगा और नियमों का उल्लंघन करने पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। यह कदम निर्माण क्षेत्र से होने वाले प्रदूषण को रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके साथ ही दोनों जिलों में डीजल जनरेटर के उपयोग पर भी रोक लगा दी गई है। सभी औद्योगिक इकाइयों को तुरंत ग्रीन फ्यूल अपनाने का निर्देश दिया गया है। ऐसा न करने वाले उद्योगों पर जुर्माना लगाया जाएगा। यह कदम उद्योगों से होने वाले धुएं और जहरीली गैसों के उत्सर्जन को कम करने की दिशा में उठाया गया है। धुंध और स्मॉग से निपटने के लिए दोनों नगर निगमों ने एंटी-स्मॉग गनों और सफाई यंत्रों की संख्या में इजाफा किया है। गुरुग्राम में जल छिड़काव मशीनों की संख्या 8 से बढ़ाकर 40 की जा रही है, साथ ही 29 नए सड़क सफाई यंत्र शामिल किए जा रहे हैं, जिससे कुल संख्या 54 हो जाएगी। 850 से अधिक एंटी-स्मॉग गन प्रमुख निर्माण स्थलों पर तैनात की जाएंगी। इसी तरह, फरीदाबाद में भी स्प्रिंकलरों की संख्या 25 से बढ़ाकर 38 की जाएगी, 15 नई रोड स्वीपर मशीनें जोड़ी जाएंगी और 190 स्थानों पर स्मॉग गन लगाई जाएंगी। प्रशासन ने दोनों शहरों को "कम उत्सर्जन क्षेत्र" (Low Emission Zone) घोषित किया है, जहां उच्च स्तर का प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। इन क्षेत्रों में सख्त निगरानी की जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सीधी कार्रवाई होगी। अधिकारियों का कहना है कि इस साल वायु प्रदूषण से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है। कार्य योजना का अमल शुरू हो चुका है और संबंधित विभागों को समन्वय में रहकर कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, उद्योगपतियों और आमजन को भी जागरूक किया जा रहा है ताकि वे प्रदूषण नियंत्रण में प्रशासन का सहयोग करें। 1. 15 लाख डीजल-पेट्रोल वाहन नहीं चलेंगे इस योजना में पुराने वाहनों पर कड़ी कार्रवाई शामिल है। 10 साल से पुराने डीजल वाहन और 15 साल से पुराने पेट्रोल वाहन सड़कों से हटा दिए जाएंगे। अधिकारियों ने दोनों जिलों में लगभग 15 लाख ऐसे वाहनों की पहचान कर ली है। जिला परिवहन विभाग और यातायात पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। 2. बिल्डरों का धूल नियंत्रण पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन होगा निर्माण संबंधी प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए एक बड़े कदम के तहत, सभी बिल्डरों और डेवलपर्स को 500 वर्ग मीटर से बड़े प्रोजेक्ट्स को राज्य के धूल नियंत्रण पोर्टल पर पंजीकृत करने का निर्देश दिया गया है। एचएसपीसीबी नियमित निरीक्षण करेगा और उल्लंघन करने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। 3. डीजल जनरेटर पर रोक रहेगी दोनों जिलों गुरुग्राम और फरीदाबाद प्रशासन ने डीजल जनरेटर (DG) सेटों पर भी पूरी तरह से रोक लगाने का आदेश दिया है, जबकि उद्योगों को तुरंत ग्रीन फ्यूल अपनाने का निर्देश दिया गया है। ऐसा नहीं करने वालों पर जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी। 4. दोनों जिलों में एंटी स्मॉग गन तैनात होंगी धुंध से निपटने के लिए, गुरुग्राम नगर निगम अपने जल छिड़काव यंत्रों की संख्या 8 से बढ़ाकर 40 करेगा तथा 29 नए सड़क सफाई यंत्र जोड़ेगा, जिससे कुल संख्या 54 हो जाएगी। प्रमुख निर्माण स्थलों पर 850 से अधिक एंटी-स्मॉग गन तैनात की जाएंगी।इसी प्रकार, फरीदाबाद अपने स्प्रिंकलरों की संख्या 25 से बढ़ाकर 38 करेगा, 15 रोड स्वीपर जोड़ेगा, तथा प्रमुख प्रदूषण वाले स्थानों पर 190 स्मॉग गन तैनात करेगा। ​​​​​​​क्यों लिया फैसला? गुरुग्राम और फरीदाबाद … Read more

ADGP वाई.एस. पूरन की आत्महत्या से हरियाणा प्रशासन में शोक, उच्च पद पर कार्यरत थीं पत्नी

चंडीगढ़  हरियाणा के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और वर्तमान में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADGP) पद पर तैनात वाई एस पूरन ने मंगलवार को खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। पूरन की पत्नी अमनीत पी कुमार भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी है। वह वर्तमान में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ जापान गए अधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल में शामिल हैं। पुलिस ने पूरन का शव चंडीगढ़ के सेक्टर 11 स्थित उनके निजी आवास से बरामद किया है। कैसे हुई यह चौंकाने वाली घटना? पुलिस ने बताया कि ADGP पूरन रोहतक के सुनारिया स्थित पुलिस प्रशिक्षण कॉलेज में तैनात थे। मंगलवार दोपहर को उनका शव चंडीगढ़ के सेक्टर 11 के मकान में पाया गया। सूचना मिलते ही चंडीगढ़ पुलिस फॉरेंसिक टीम के साथ IPS पूरन के घर पहुंची और उन्हें सेक्टर 16 के अस्पताल में पहुंचाया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि उन्होंने अपने घर में खुद को गोली मारी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा बता दें, ADGP पूरन की पत्नी अमनीत पी. कुमार 2001 बैच के हरियाणा कैडर के अधिकारी हैं. वो नागरिक उड्डयन और भविष्य विभाग के कमिश्नर और सचिव के पद पर कार्यरत हैं. इसके अलावा, उन्हें विदेशी सहयोग का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आत्महत्या के पीछे की वास्तविक वजह का पता लगाने की कोशिश की जारी है. सभी संभावित पहलुओं को देखा जा रहा है. जल्द ही घटना का निष्पक्ष खुलासा किया जाएगा. पुलिस और प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वह अफवाहों पर ध्यान न दें. एडीजीपी पूरन कुमार इस समय पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज सुनारिया में सेवा दे रहे थे। हाल ही में उनका तबादला किया गया था। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस फरेंसिक टीम के साथ उनके आवास पर पहुंची। पूरन कुमार 2001 के आईपीएस अधिकारी थे। मौके पर कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस को मौके से एक पिस्तौल भी बरामद हुई है। पुलिस घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। जानकारी के मुताबिक आईपीएस अधिकारी ने सोमवार को ही एक गनमैन से बंदूक ली थी। वहीं मंगलवार को जब पूरन कुमार की बेटी बेसमेंट में पहुंची तो वह फर्श पर घायल अवस्था में पड़े थे। बेटी ने ही लोगों को घटना की जानकारी दी। पूरन कुमार हरियाणा कैडर के एक सम्मानित आईपीएस अधिकारी थे और कई महत्वपूर्ण पदों पर सेवा दे चुके थे। वह अकसर कई मुद्दे सरकार के सामने उठाते रहते थे। बीते दिनों में उन्होंने आईपीएस अधिकारियों की तैनाती को लेकर भी सरकार से शिकायत की थी। कुछ आईपीएस अफसरों के प्रमोशन पर उठाये थे सवाल वाई पूरन कुमार ने पिछले साल कुछ आईपीएस अफसरों के प्रमोशन पर सवाल उठाया था। उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सैनी को एक पत्र लिखा था, जिसमें कहा गया था कि ये प्रमोशन गलत तरीके से किए गए हैं। वित्त विभाग ने गृह मंत्रालय के नियमों को अनदेखा करके सिर्फ अपनी सहमति से ये प्रमोशन कर दिए। साल 2020 में तत्कालीन डीजीपी मनोज यादव पर उन्होंने उत्पीड़न के आरोप भी लगाए थे।  

हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा – प्रेक्टिकल सेशन है तकनीकी शिक्षा की रीढ़, AICTE से संशोधन की मांग

चंडीगढ़ पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि इंजीनियरिंग में डिग्री या डिप्लोमा प्रदान करने वाली तकनीकी शिक्षा में सिद्धांत और व्यावहारिक दोनों शामिल होने चाहिए। पीठ ने कहा कि व्यावहारिक सत्र तकनीकी शिक्षा की रीढ़ हैं।  सुप्रीम कोर्ट के एक निर्णय का हवाला देते हुए, जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ ने कहा, प्रैक्टिकल्स ऐसी शिक्षा की रीढ़ हैं, जो एक व्यावहारिक दृष्टिकोण का प्रतिनिधित्व करते हैं, जहां सैद्धांतिक सिद्धांतों को प्रदर्शकों या व्याख्याताओं की देखरेख में लागू किया जाता है। सैद्धांतिक कक्षाओं में दिए गए ज्ञान को व्यावहारिक सत्रों के माध्यम से सुदृढ़ किया जाना चाहिए। इस प्रकार, व्यावहारिक कार्य तकनीकी शिक्षा प्रणाली का एक अभिन्न अंग हैं। संशोधन के लिए AICTI की स्वीकृति जरूरी इस मामले में अदालत की सहायता सीनियर एडवोकेट डीएस पटवालिया और राजीव आत्मा राम के साथ-साथ वकील गौरवजीत सिंह पटवालिया और बृजेश खोसला ने की। जस्टिस बराड़ ने स्पष्ट किया कि तकनीकी शिक्षा प्रणाली में प्रैक्टिकल अनिवार्य होने की स्थापित अवधारणा को अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTI) की स्पष्ट स्वीकृति के बिना संशोधित या रिप्लेस नहीं किया जा सकता। डायरेक्शन का अभाव यदि इस स्थापित अवधारणा, जो तकनीकी शिक्षा प्रदान करने के लिए एक गुणात्मक मानदंड के रूप में कार्य करती है, को किसी भी स्थिति में डिस्टेंस एजूकेशन द्वारा संशोधित या रिप्लेस किया जाना है, तो एआईसीटीई को ऐसे संशोधन को स्पष्ट रूप से स्वीकार करना होगा। तकनीकी शिक्षा के रेगुलर पाठ्यक्रम को बदलने या संशोधित करने के लिए आवश्यक मानदंडों का निर्धारण पूरी तरह से एआईसीटीई के अधिकार क्षेत्र में है। जस्टिस बराड़ ने इस संबंध में कोई भी निर्णय स्पष्ट और सुस्पष्ट होना चाहिए और केवल दिशा निर्देशों के अभाव से इसका अनुमान नहीं लगाया जा सकता। पीठ ने कहा- छात्रों की सरकारी नौकरी प्रभावित होगी पीठ ने आगे कहा कि एआईसीटीई ने अपनी स्पष्ट स्थिति व्यक्त की है कि डिस्टेंस एजूकेशन के माध्यम से प्राप्त इंजीनियरिंग डिप्लोमा न तो स्वीकृत हैं और न ही मान्यता प्राप्त हैं। इन टिप्पणियों के छात्रों और संस्थानों पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकते हैं। निर्णय स्पष्ट करता है कि एआईसीटीई की स्वीकृति के बिना डिस्टेंस एजूकेशन के जरिए से इंजीनियरिंग में प्रदान किए गए डिप्लोमा मान्य नहीं माने जाएंगे, जिससे छात्रों की सरकारी नौकरी और उच्च शिक्षा के लिए पात्रता प्रभावित होगी। कोर्ट ने एआईसीटीई सौंपी जिम्मेदारी यह आदेश अनधिकृत दूरस्थ शिक्षा कार्यक्रमों, तकनीकी शिक्षा में तेज़ी से हो रही वृद्धि और नियामक निगरानी की कमी को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच आया है। कोर्ट के निर्देश में एआईसीटीई को यह सुनिश्चित करने की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है कि केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने वाले वास्तविक संस्थानों को ही काम करने दिया जाए, जबकि छात्रों और आम जनता को गैर-अनुमोदित कार्यक्रमों से सावधान रहना होगा।

हरियाणा में 1,200 सांख्यिकीय कर्मियों को लेकर सरकार की योजना, 18 लाख रुपए होंगे खर्च

चंडीगढ़ हरियाणा सरकार ने राज्य में डेटा संग्रह, विश्लेषण और रिपोर्टिंग क्षमता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 1,200 सांख्यिकीय सहायकों और अधिकारियों के लिए एक व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम को मंज़ूरी दी है।  यह निर्णय  मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई “सांख्यिकीय सुदृढ़ीकरण हेतु सहयोग” (एस.एस.एस.) उप-योजना की राज्य कार्यान्वयन समिति की बैठक में लिया गया।  इस प्रशिक्षण पहल का उद्देश्य एक  सशक्त और समन्वित सांख्यिकीय तंत्र का निर्माण करना है, ताकि नीतिगत निर्णय सटीक और समयबद्ध डेटा पर आधारित हों। प्रदेश के हर जिले से लगभग 50 प्रतिभागियों को सांख्यिकीय तकनीकों, डिजिटल डेटा प्रबंधन और विश्लेषण पद्धतियों पर विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम पर लगभग 18 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे, जिसमें प्रशिक्षण मॉड्यूल, लॉजिस्टिक व्यवस्था और विशेषज्ञ मानदेय शामिल हैं।  मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने कहा कि राज्य के विकास एजेंडे को आगे बढ़ाने  के लिए निरंतर क्षमता निर्माण और अंतर-विभागीय समन्वय बेहद जरूरी है।  वित्त विभाग के विशेष सचिव डॉ. जयेंद्र सिंह छिल्लर ने बताया कि इस कार्यक्रम के अंतर्गत कई महत्वपूर्ण सर्वेक्षण और अध्ययन किए जाएंगे। इनमें ग्रामीण एवं शहरी स्थानीय निकायों से वित्तीय आँकड़ों का संकलन, ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों के लिए राज्य-विशिष्ट उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सी.पी.आई.) का संकलन, चारे की फसलों की लागत का आकलन तथा पशुधन उत्पादों के थोक मूल्य आँकड़ों का संकलन शामिल है।  राज्य सरकार शोध की गुणवत्ता को और सुदृढ़ करने के लिए कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय जैसे प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों का भी सहयोग ले रही है। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक सर्वेक्षण की कार्यप्रणाली पर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की प्रोफेसर अर्चना चौधरी के साथ शुरुआती विचार-विमर्श भी किया जा चुका है।  आर्थिक एवं सांख्यिकीय कार्य विभाग (डी.ई.एस.ए.) इस योजना के क्रियान्वयन के लिए नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करेगा। राज्य सरकार ने केंद्रीय सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय के साथ कुल 5.09 करोड़ रुपये की अनुदान राशि के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।  पहली किस्त के रूप में 55.73 लाख  रुपये की राशि से राज्य की सूचना प्रौद्योगिकी प्रणाली को आधुनिक बनाने हेतु कंप्यूटर, प्रिंटर और टैबलेट की खरीद की गई है। दूसरी किस्त के रूप में 13.99 लाख रुपये की राशि नवंबर 2024 में जारी की गई, जिससे डिजिटल अवसंरचना को और सुदृढ़ किया गया है।  मुख्य सचिव ने कहा कि इन प्रयासों से प्रदेश में एक आधुनिक, पारदर्शी और कुशल सांख्यिकीय अवसंरचना के निर्माण में मदद मिलेगी। एस.एस.एस. उप-योजना के अंतर्गत किए जा रहे इन उपायों से विभागों को विश्वसनीय और अद्यतन आँकड़ों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी, जिससे नीतिगत निर्णयों की गुणवत्ता और जनसेवा की प्रभावशीलता में वृद्धि होगी।  बैठक में आर्थिक एवं सांख्यिकीय कार्य विभाग के निदेशक श्री मनोज कुमार गोयल, अतिरिक्त निदेशक श्री आर. के. मोर तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।