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राजस्थान की सर्द रात: महेंद्रगढ़ में 14.5 डिग्री, नारनौल की हवा सबसे साफ

हिसार  प्रदेश में मौसम में बदलाव तेजी से हो रहा है। प्रदूषण बढ़ने के साथ ही रात का तापमान भी नीचे आया है। प्रदेश में महेंद्रगढ़ में रात सबसे ठंडी रही। वहां न्यूनतम तापमान 14.5 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। इसी प्रकार एयर क्वालिटी इंडेक्स में नारनौल प्रदेश में सबसे साफ शहर रहा। वहां का एक्यूआइ 63 रहा। वहीं बहादुरगढ़ की हवा सबसे ज्यादा खराब रही। वर्ष का एक्यूआइ 318 तक पहुंच गया है। जिलों में हवा को साफ करने के लिए पानी का छिड़काव किया जा रहा है। मौसम में तेजी से बदलाव हो रहा है। रात ठंडी हो रही है तो दिन के समय में धूप खिलने के कारण तापमान अभी 31 डिग्री आसपास चल रहा है। अभी आने वाले दिनों में दिन के तापमान में ज्यादा बदलाव होने की उम्मीद है। प्रदेश में महेंद्रगढ़ में रात सबसे ठंडी रही। वहीं हिसार का न्यूनतम तापमान भी नीचे गिरकर 15.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मौसम विज्ञानियों की मानें तो आने वाले समय में दिन के तापमान में बदलाव नहीं होगा लिए लेकिन रात का तापमान नीचे जा सकता है। बीएएमएस चिकित्सक हड्डियों, श्वांस, वायरल बुखार का उपचार कर रहे थे। सीएम फ्लाइंग प्रभारी सब इंस्पेक्टर पूनम, चिकित्सक दयाल, एएसआइ सोमबीर सिंह ने बताया कि अस्पताल में समक्ष चिकित्सक, रजिस्टर्ड लैब लाइसेंस ना होने के बाद भी चिकित्सक मनमर्जी से मरीजों का अलग-नगह अलग टेस्ट व उपचार कर रहा है। कम नहीं हो रहा AQI प्रदेश में अधिकतर जिलों का एक्यूआइ कम नहीं हो रहा है। तीन जिलों का एक्यू आइ 300 के पार चल रहा है तो 11 जिलो एक्यूआइ 200 से 300 के बीच में है। इसको सुधारने के लिए लगातार पानी का छिड़काव हो रहा है मगर वह कम नहीं हो रहा। वहीं बल्लभगढ़ और नारनौल का एक्यूआइ 100 से नीचे होने के कारण उन शहरों की हवा सबसे साफ है।

धान घोटाले पर सस्पेंस बढ़ा, BKU चढूनी ग्रुप ने सीबीआई जांच की मांग की

कुरुक्षेत्र  कुरुक्षेत्र की जाट धर्मशाला में भारतीय किसान यूनियन चढूनी ग्रुप की प्रदेश स्तरीय बैठक में धान घोटाले की सीबीआई जांच की मांग की। साथ में डीएफएससी के निलंबन की पुरजोर मांग उठाई। इस दौरान भाकियू राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि डीएसएससी पर अब तक कार्रवाई नहीं करने से किसानों में रोष है और यदि यह कार्रवाई नहीं की गई तो किसान संगठन कड़े कदम उठाने पर विवश होगा। वहीं, उन्होंने मुख्यमंत्री की ओर से मंडियों से जुड़े 5 अधिकारियों को निलंबन करने पर स्वागत किया और कहा कि सारा ही महकमा भ्रष्ट है और सभी कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाना चाहिए तभी भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी भाकियू राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि उत्पादन पिछले साल से 25 से 30 प्रतिशत कम है फिर भी धान उससे अधिक कैसे खरीदा गया। उन्होंने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है और इस मामले की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। क्योंकि उत्तर प्रदेश में अन्य राज्यों से धान और चावल आ रहा है और उसमें बड़ी धांधलेबाजी की बू आ रही है। डीएफएससी के निलंबन को लेकर बैठक में आए लोगों ने जाट धर्मशाला से देवीलाल चौक तक रोष मार्च भी निकाला और प्रशासन को ज्ञापन भी दिया।  

यमुना में बह रहा साफ जल! छठ पूजा से पहले घाटों की सफाई में जुटा सिंचाई विभाग

यमुनानगर  छठ महापर्व अब पूरे भारत में मनाया जाने लगा है। बिहार और उत्तर प्रदेश से शुरू हुई यह प्रथा धीरे-धीरे पूरे देश में चल रही है। यमुनानगर में भी भारी संख्या में बिहार और उत्तर प्रदेश, पूर्वांचल के लोग रहते हैं। यमुनानगर में पश्चिमी यमुना नहर के किनारे एक दर्जन से अधिक स्थानों पर यह पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। पिछले कई दिनों से यमुनानगर नगर निगम के कर्मचारी यमुना के किनारों को साफ सुथरा बनाने में जुटे हुए हैं। वहीं श्रद्धालुओं ने भी यमुना के किनारे आकर तैयारी शुरू कर दी हैं।  श्रद्धालुओं का मानना है कि विधिवत रूप से पूजा अर्चना करने से जहां संतान की प्राप्ति होती है, सुख समृद्धि प्राप्त होती है, वहीं समाज और प्रदेश का विकास होता है। श्रद्धालु पवन प्रताप यादव ने बताया कि 26 अक्टूबर को महिलाएं पकवान बनाकर खाएगी। उसके बाद 27 अक्टूबर को छिपते हुए सूर्य को अर्द्ध देकर यह व्रत आरंभ करेंगी। 28 अक्टूबर को उगते हुए सूर्य को अर्द्ध देकर यह व्रत समाप्त करेंगे। इस दौरान महिलाएं जल और अन्न का ग्रहण नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि विधिवत रूप से पूजा अर्चना करने से सभी तरह की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। माता कुंती और माता सीता ने भी यह व्रत रखे थे।   वहीं, सिंचाई विभाग के सुपरिटेंडेंट इंजीनियर आरएस मित्तल ने बताया कि सरकार के आदेश पर यमुना की पिछले कई दिन से सफाई चल रही है। इस बार यमुना में दिल्ली तक स्वच्छ जल उपलब्ध होगा। छठ पूजा महोत्सव में महिलाएं विधिवत रूप से पूजा अर्चना कर सकें, उन्हें किसी तरह की कोई दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा। सुपरिटेंडेंट इंजीनियर आरएस मित्तल ने बताया कि मुख्यमंत्री का आदेश है कि सभी जगह स्वच्छ जल मिले, इसी को लेकर तैयारी की गई है। उन्होंने कहा कि प्रयास यह हो रहा है कि यमुना में कोई भी दूषित जल ना मिले। यमुनानगर में यमुना के किनारे बलिया लगाई जाएगी। उन्होंने लोगों से अनुरोध किया की बलियों के उस पार ना जाएं ताकि कोई दुर्घटना ना घटे।  लाइटों का भी प्रबंध किया जाएगा। यमुना किनारे कूड़े में लगाई आग  इसी बीच नगर निगम की ओर से यमुना किनारे इकट्ठा किए गए कूड़े में आग लगाने का मामला सामने आया है। जिससे आसपास के क्षेत्र में धुआं ही धुंआ हो गया। आज क्यों और किसने लगाई इसकी जिम्मेवारी लेने को कोई तैयार नहीं है।  

यात्रियों के लिए नई चुनौती: हरियाणा की बस सेवा में हुई किराया वृद्धि

चंडीगढ़  अब हरियाणा रोडवेज की बस में यात्रा करने महंगा हो गया है। दरअसल, हरियाणा में ग्रीनफील्ड NH-352 ए पर मोहाना के पास टोल प्लाजा बना है, जो चालू हो गया है। इसके बाद रोडवेज ने बस का किराया 5 रुपये बढ़ा दिया गया है।  इसके सीधा असर सोनीपत से जाने वाले यात्रियों पर पड़ेगा। जानकारी के अनुसार अब सोनीपत से गोहाना जाने वाले यात्रियों को 45 रुपये का टिकट लेना पड़ेगा। पहले इस रूट पर जाने के लिए 40 रुपये देने पड़ते थे। इसके अलावा गोहाना से बड़वासनी और सोनीपत से खेड़ी दमकन का किराया 10-10 रुपये बढ़ाया गया है। बता दें प्रतिदिन हजारों यात्री इस मार्ग पर सफर करते हैं। गोहाना रूट पर हर 15 मिनट में बस सेवा उपलब्ध रहती है। वहीं, मोहाना टोल प्लाजा चालू होने के बाद रोडवेज प्रशासन की ओर से नई किराया सूची जारी की है।  सोनीपत-गोहाना रूट पर बढ़ा पांच रुपये किराया स्टेशन सुपरवाइजर सुरेंद्र दुग्गल ने कहा कि मोहाना के पास टोल शुरू होने के चलते किराए में बढ़ोतरी की गई है। सोनीपत-गोहाना रूट पर हर बस स्टाप पर पांच रुपये किराया बढ़ा दिया गया है।

निजी अस्पताल पर CM फ्लाइंग का एक्शन: न लाइसेंस, न डॉक्टर, सख्त कार्रवाई की तैयारी

बाढडा  सीएम फ्लाइंग रोहतक की टीम ने बाढड़ा कस्बे के जुई रोड स्थित एक निजी अस्पताल में छापा मारा। इस दौरान टीम को अनियमितताएं मिलने पर दवाएं सील कर पुलिस को सौंप दिया। टीम को निजी अस्पताल में ना लैब का लाइसेंस मिला और ना ही समक्ष चिकित्सक। पुलिस ने लैब संचालित करने वाले एक युक्क को गिरफ्तार किया है। टीम में शामिल चिकित्सक व पुलिस अधिकारियों ने टेस्ट लैब का मुआयना कर लाइसेंस मांगा तो वहां लैब संचालक व चिकित्सा प्रभारी कोई कागजात पेश नहीं कर पाए। टीम ने उसके बाद रजिस्टर की जांच की तो पाया गया कि यहां पर एमबीबीएस चिकित्सक की जगह बीएएमएस चिकित्सक हड्डियों, श्वांस, वायरल बुखार का उपचार कर रहे थे। सीएम फ्लाइंग प्रभारी सब इंस्पेक्टर पूनम, चिकित्सक दयाल, एएसआइ सोमबीर सिंह ने बताया कि अस्पताल में समक्ष चिकित्सक, रजिस्टर्ड लैब लाइसेंस ना होने के बाद भी चिकित्सक मनमर्जी से मरीजों का अलग-अलग टेस्ट व उपचार कर रहा है।  

जरूरी अलर्ट: इस तारीख से हरियाणा के लोग स्टांप पेपर मत खरीदें, रजिस्ट्री होगी डिजिटल!

चंडीगढ़ एक नवंबर से हरियाणा में सभी जिलों में कागज रहित रजिस्ट्री अनिवार्य हो जाएगी। एक नवंबर को हरियाणा दिवस है। वित्त आयुक्त डॉ. सुमिता मित्रा ने इसकी डेडलाइन तय कर दी है। इसके बाद मौजूदा प्रणाली स्थायी रूप से बंद कर दी जाएगी। साथ ही हरियाणा 100 फीसदी कागज रहित संपत्ति पंजीकरण वाला देश का पहला राज्य बन जाएगा।   वित्त आयुक्त डॉ. सुमित्ता मिश्रा ने कहा, आम लोगों और संपत्ति डीलरों को सलाह दी जाती है कि वे अभी नए स्टांप पेपर न खरीदें, क्योंकि कागज रहित प्रणाली भौतिक स्टांप की आवश्यकता को समाप्त कर देगी। हालांकि पहले से खरीदे गए स्टांप पेपर संबंधित जिलों में सिस्टम के लॉन्च होने के एक सप्ताह के भीतर उपयोग किए जा सकते हैं। मिश्रा ने कहा कि वर्तमान प्रणाली 58 वर्ष से अधिक समय से प्रचलन में है। इस प्रक्रिया से देरी समाप्त होगी। कदाचार की गुंजाइश कम होगी और प्रत्येक नागरिक को अपनी संपत्ति के लेन-देन पर पूर्ण पारदर्शिता और नियंत्रण का अधिकार मिलेगा। नया प्लेटफार्म eregistration.rev-enueharyana.gov.in सरल, डिजिटल, पारदर्शी और नागरिक अनुकूल बन जाएगा।  सीएम नायब सैनी ने 29 सितंबर को कुरुक्षेत्र के बाबैन उप-तहसील में पेपरलेस रजिस्ट्री का शुभारंभ किया था। डॉ. मिश्रा ने कहा कि प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए वीरवार को सभी जिला पंजीकरण अधिकारियों (डीआरओ) के लिए प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया। तकनीकी सहायता के लिए 6 सॉफ्टवेयर इंजीनियरों को तैनात किया गया है।   तकनीकी सहायता के लिए डेस्क स्थापित नई प्रणाली के बारे में तकनीकी सहायता और प्रश्नों के लिए आम लोग हेल्पलाइन नंबर 1800-180-2137 पर संपर्क कर सकते हैं या nodalofficer-iterevhry.gov.in पर ईमेल भेज सकते हैं। राजस्व विभाग ने उपयोगकर्ताओं की सहायता के लिए जिला स्तरीय हेल्प डेस्क भी स्थापित किए हैं।  

स्कॉलरशिप बैंक खातों में सीधे, CM सैनी का नई प्रक्रिया का ऐलान

चंडीगढ़ हरियाणा के सीएम नायब सैनी ने एससी और बीसी विद्यार्थियों को दी जाने वाली स्कॉलरशिप योजनाओं की रिव्यू मीटिंग ली। बैठक में स्कॉलरशिप योजनाओं के संबंध में चर्चा की। बैठक में सीएम ने स्कॉलरशिप के लिए स्टूडेंट्स का बैंक खाता आधार से लिंक कराने के निर्देश दिए। सीएम ने मीटिंग में कहा, स्कूल और कॉलेज भी योजनाओं की जानकारी विद्यार्थियों को देकर स्कॉलरशिप के ऑनलाइन फॉर्म भी भरवाना सुनिश्चित करें। इसके अलावा मेधावी और जरूरतमंद छात्र आर्थिक तंगी के कारण अपनी पढ़ाई बीच में न छोड़ें ये सरकार की जिम्मेदारी है। पात्र विद्यार्थी का बैंक खाता आधार से लिंक करवा के समय पर स्कॉलरशिप प्रदान कराना अधिकारी सुनिश्चित करें।  हरियाणा में जो भी छात्र-छात्राएं इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं, वो 31 जनवरी 2026 तक पोर्टल https://saralharyana.gov.in/ पर आवेदन जमा कर सकते हैं। सीएम ने कहा निरंतर बढ़ती प्रतिस्पर्धा के युग में अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग, विमुक्त घुमंतु, टपरीवास श्रेणी और अन्य वर्ग के मेधावी विद्यार्थियों को अधिक से अधिक आर्थिक सहयोग और प्रोत्साहन प्रदान करने के उद्देश्य से ये योजना चलाई जा रही है। 8 से 12 हजार रुपए तक दी जाती है छात्रवृत्ति जो भी छात्र-छात्रा इसका लाभ लेना चाहते हैं और इसके लिए आवेदन करने के लिए पात्र हैं, उनकी श्रेणी, कक्षा और प्राप्तांक के आधार पर 8 हजार रुपए से 12 हजार रुपए तक की छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। इससे उनको आर्थिक तौर पर मजबूती मिलेगी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य है कि वो ये छात्रवृत्ति प्राप्त करके अपनी उच्च स्तर की शिक्षा ग्रहण कर सके।   किस क्लास के बच्चे को कितनी छात्रवृत्ति मिलती है अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को 10वीं कक्षा में शहरी क्षेत्रों में 70 प्रतिशत और ग्रामीण क्षेत्रों में 60 प्रतिशत अंक प्राप्त करने पर 8 हजार रुपए, 12वीं कक्षा में क्रमश: 75 प्रतिशत और 70 प्रतिशत अंक प्राप्त करने पर 8 हजार रुपए से 10 हजार रुपए तक और स्नातक स्तर पर 65 प्रतिशत (शहरी) और 60 प्रतिशत (ग्रामीण) अंक प्राप्त करने पर 9 हजार रुपए से 12 हजार रुपए तक की छात्रवृत्ति दी जाएगी। इसी प्रकार, पिछड़ा वर्ग (ए) के विद्यार्थियों को 10वीं कक्षा में 70 प्रतिशत (शहरी) और 60 प्रतिशत (ग्रामीण) अंक प्राप्त करने पर 8 हजार रुपए, पिछड़ा वर्ग (बी) के विद्यार्थियों को 10वीं कक्षा में 80 प्रतिशत (शहरी) एवं 75 प्रतिशत (ग्रामीण) अंक प्राप्त करने पर 8 हजार रुपए और सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों को 10वीं कक्षा में 80 प्रतिशत (शहरी) एवं 75 प्रतिशत (ग्रामीण) अंक प्राप्त करने पर 8 हजार रुपए की छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी।  

पूर्व स्वास्थ्य मंत्री राव नरेंद्र के खिलाफ भ्रष्टाचार मामला, कोर्ट में पेश हुई चार्जशीट

गुड़गांव सीएलयू के नाम पर 30 से 50 करोड़ रुपए मांगने के मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो ने पूर्व स्वास्थ्य मंत्री एवं वर्तमान कांग्रेस के हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह पर भ्रष्टाचार के आरोप तय हो गए हैं। एंटी करप्शन ब्यूरो ने नारनौल में एएसजे हर्षाली चौधरी की अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है। एसीबी ने प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट की धारा 7 के तहत राव नरेंद्र सिंह को आरोपी बनाया है।    एंटी करप्शन ब्यूरो के अधिकारियों ने बताया कि पूर्व स्वास्थ्य मंत्री एवं वर्तमान में हरियाणा प्रदेश के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह द्वारा धर्मेंद्र कुहाड़ से पलवल में 30 एकड़ जमीन की सीएलयू यानी चेंज ऑफ लैंड यूज कराने की ऐवज में 30 से 50 करोड़ रुपए की मांग की थी। इसकी शिकायत धर्मेंद्र कुहाड़ द्वारा स्टिंग ऑपरेशन करके ऑडियो/वीडियो रिकॉर्डिंग कर ली थी। धर्मेंद्र ने स्टिंग ऑपरेशन के वीडियो/ऑडियो रिकॉर्डिंग को इनेलो के विधायक रामपाल माजरा को दे दिया। पूर्व विधायक रामपाल माजरा द्वारा एक शिकायत लोकायुक्त को साल 2014 में दी थी। लोकायुक्त द्वारा शिकायत को जांच के लिए भारतीय पुलिस सेवा के विक्रम राजा को सौंपा था।   शिकायत की जांच की अंतिम रिपोर्ट 27 अप्रैल 2015 को लोकायुक्त हरियाणा को सौंपी थी। जांच रिपोर्ट पर लोकायुक्त द्वारा ेस दर्ज करने के लिए 16 दिसंबर को चीफ सेक्रेटरी को सिफारिश की गई थी। चीफ सेक्रेटरी ने एंटी करप्शन ब्यूरो के महानिदेशक को केस दर्ज करने की सिफारिश की थी। इस पर 29 जनवरी 2016 को प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट की धारा 7 के तहत केस दर्ज कर लिया। मामले की जांच पूरी करने के बाद अब एंटी करप्शन ब्यूरो ने मामले में चार्जशीट अदालत में दाखिल कर दी है।   

हरियाणा में बढ़ेगी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री की रफ्तार, सरकार ने E-CMS इंसेंटिव पर लिया बड़ा फैसला

चंडीगढ़ हरियाणा केन्द्र सरकार की इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (ईसीएमएस) के तहत निवेश आकर्षित कर प्रदेश को ’इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग’ के एक प्रमुख हब के रूप में विकसित करने के लिए ठोस कदम उठा रही है। इस दिशा में राज्य जल्द ही अपनी ईसीएमएस पॉलिसी के तहत नई प्रोत्साहन योजनाएं शुरू करेगा, जिनमें निवेशकों को वित्तीय और गैर-वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान किए जाएंगे। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने आज यहां एक उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम के विकास को गति देने राज्य में इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित करने की रणनीतियों की समीक्षा की गई। नई मसौदा ‘ईसीएमएस पॉलिसी’ के तहत पूंजीगत एवं परिचालन खर्च की प्रतिपूर्ति, ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स पर व्यय, प्रौद्योगिकी अधिग्रहण, क्षमता निर्माण, अनुसंधान एवं नवाचार सुविधाओं के विकास हेतु समर्थन जैसे अनेक प्रोत्साहन प्रस्तावित हैं। मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य बड़े निवेश आकर्षित करना, रोजगार के नए अवसर सृजित करना और वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स वैल्यू चेन में राज्य की भागीदारी को मजबूत करना है। उन्होंने बताया कि देश में घरेलू इलेक्ट्रॉनिक उत्पादन वर्ष 2015 से अब तक 17 प्रतिशत की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (सीएजीआर) से बढ़ा है, जबकि डिजाइन और कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम अभी विकास के शुरुआती चरण में है। वर्तमान में हरियाणा देश के कुल इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में लगभग 2.9 प्रतिशत (0.8 बिलियन यूएसडी) का योगदान दे रहा है और इस क्षेत्र में लगभग 1.3 मिलियन रोजगार का सहयोग करता है। रस्तोगी ने कहा कि लक्षित नीतिगत सहयोग, रणनीतिक निवेशक सहभागिता और आईएमटी सोहना में प्रस्तावित इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर जैसे सक्षम बुनियादी ढांचे के निर्माण से राज्य के योगदान को बढ़ाने की अपार सम्भावनाएं हैं। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल ने बताया कि केन्द्र सरकार की ’ईसीएमएस योजना’ के अंतर्गत कई तरह के लाभ दिए जाते हैं। इनमें 1 से 25 प्रतिशत तक टर्नओवर-लिंक्ड और पूंजी निवेश आधारित लाभ शामिल हैं। आंध्र प्रदेश, गुजरात और उत्तर प्रदेश जैसे प्रगतिशील राज्यों की तर्ज पर हरियाणा ’अतिरिक्त टॉप-अप इंसेंटिव देने की संभावनाएं तलाश रहा है, ताकि ईसीएमएस-अनुमोदित निवेशकों को आकर्षित करने के लिए राज्य की प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति और मजबूत हो सके। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने उद्योग एवं वाणिज्य विभाग को इस संबंध में विस्तृत योजना तैयार करने और तत्परता से निवेशकों से संपर्क साधने के निर्देश दिए। इसके तहत 10 नवंबर तक उन 11 आवेदकों के साथ द्विपक्षीय बैठकें की जाएंगी, जिन्होंने प्रदेश में ईसीएमएस-अनुमोदित मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स स्थापित करने में रुचि दिखाई है। इसके अतिरिक्त, 50 अन्य कंपनियों से भी संपर्क किया जाएगा, जिन्होंने अभी तक अपनी परियोजना का स्थान निर्धारित नहीं किया है। बेहतर समन्वय और निवेशक सुविधा सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार प्रत्येक संभावित निवेशक के लिए समर्पित रिलेशनशिप मैनेजर नियुक्त करेगी। ये अधिकारी भूमि की पहचान, नियामक स्वीकृतियांे, विभागीय समन्वय और इंसेंटिव प्रक्रिया से जुड़ी सहायता प्रदान करेंगे। मुख्य सचिव ने कहा कि हरियाणा का दृष्टिकोण सुविधाजनक एवं प्रतिस्पर्धात्मक, दोनों तरह का होगा ताकि राज्य में उन्नत इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों की स्थापना के लिए अनुकूल इकोसिस्टम विकसित हो सके। बैठक में नागरिक संसाधन सूचना विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव जी. अनुपमा तथा उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के महानिदेशक यश गर्ग सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

अब 4 आरोपी FIR में दर्ज: ASI संदीप लाठर आत्महत्या मामले का नया खुलासा

रोहतक  आईपीएस वाई पूरन कुमार की आत्महत्या का मामला अभी सुलझा भी नहीं था कि उसके ठीक एक हफ्ते बाद रोहतक साइबर सेल में तैनात एएसआई संदीप लाठर ने भी खुद को गोली मार कर आत्महत्या कर ली थी लेकिन मरने से पहले उन्होंने चार पेज का सुसाइड नोट व लगभग 6:30 मिनट का एक वीडियो बनाया था, जिसमें उन्होंने विभाग में भ्रष्टाचार को उजागर किया था। साथ ही उस वक्त के एसपी नरेंद्र बिजरानिया को ईमानदार तो आईपीएस वाई पूरन कुमार को भ्रष्ट अधिकारी बताया था, जिससे दुखी होकर आत्महत्या कर ली थी तो वहीं, परिजनों की शिकायत पर वाई पूरन कुमार की पत्नी उनके भाई अमन रतन, गनमैन सुशील के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी लेकिन अब इस मामले में एक और नया मोड़ आ गया।  दरअसल FIR की कॉपी में तीन नहीं बल्कि 4 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज है। जिन लोगों के खिलाफ FIR की गई है इसमें नया नाम आईजी ऑफिस में तैनात SIS सुनील कुमार का है। 4 नामजद और एक अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है। FIR की कॉपी मीडिया के सामने आने से चारों तरफ हलचल मच गई है। दरसल पुलिस ने FIR की कॉपी पूरी तरह से मीडिया से दूर रखी। वह इसलिए कहीं लोगों के बीच में आपसी टकराव न हो जाए और यह मामला जातीय रंग न ले ले।   दूसरी ओर मृतक के भाई संजय चेयरमैन ने कहा है कि उसका भाई भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा है और वह पूरा ईमानदार व्यक्ति था। इस सारे मामले की सिटिंग जज से जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वाई पूरन कुमार के परिवार को भी न्याय मिलना चाहिए। उनके साथ भी अन्याय न हो और मामले की जांच होगी, तभी दूध का दूध और पानी का पानी हो पाएगा।  इन चार लोगों के खिलाफ FIR गौरतलब है कि मृतक संजय संदीप लाठर की पत्नी संतोष की शिकायत पर सदर थाना में वाई पूरण कुमार की पत्नी अमनीत पी कौर, उनके भाई अमन रतन वाई पूरन कुमार के गनमैन सुशील कुमार और आईजी ऑफिस में तैनात SIS सुनील कुमार चारों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज हुई है तो वहीं, FIR में एक अन्य के खिलाफ भी शिकायत दी गई है। दूसरी ओर संजय चेयरमैन ने कहा कि इसमें और अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं जो जांच के बाद सामने आएंगे।