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ड्यूटी के दौरान हरियाणा के लाल ने दी शहादत, लेह में ऑक्सीजन की कमी बनी वजह

सोहना  सोहना खंड के गाँव अभयपुर के रहने वाले 34 वर्षीय प्रीतम सिंह 14 साल पहले भारतीय सेना में भर्ती हुए थे, जो कि 14 साल तक मां भारती की रक्षा में तैनात रहने के बाद ड्यूटी के दौरान शहीद हो गए। शहीद प्रीतम सिंह फिलहाल लेह में तैनात थे। बताया जा रहा है कि ऑक्सीजन कम होने की वजह से शहीद प्रीतम सिंह की अचानक तबीयत खराब हो गई, जिनको उपचार के लिए शीघ्र अस्पताल में दाखिल कराया गया, लेकिन वह मौत से जिंदगी की जंग हार गए। पार्थिव शरीर को सैन्य टुकड़ी द्वारा उनके पैतृक गांव अभयपुर में लाया गया, जहा में हजारों लोगों के काफिले के साथ बंदे मातरम व भारत माता की जय के उदघोषों के बीच उनको गांव की शमशान भूमि ले जाया गया। जहां पर सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। शहीद के 12 वर्षीय पुत्र प्रतीक ने अपने पिता को मुखाग्नि दी। बता दें कि हवलदार शहीद प्रीतम सिंह फिलहाल लेह की 5014 ASC बटालियन में तैनात थे, जिनके पिता व चाचा ताऊ भी भारतीय सेना में रहकर मां भारती के लिए समर्पित रह चुके है।14 साल पहले प्रीतम सिंह भी मां भारती की रक्षा करने के लिए भारतीय सेना में भर्ती हुए थे, जो अपनी शहादत देने के बाद अपनी वीरांगना पत्नी 12 वर्षीय बेटा प्रतीक व 9 वर्षीय बेटी पंछी छोड़ गए है। इस मौके पर गांव की तरफ से गांव के सरकारी स्कूल का नाम शहीद प्रीतम सिंह के नाम से किए जाने की माग की गई है।

मौसम बना बाधा: सीएम सैनी का कार्यक्रम रद्द, वन महोत्सव में नहीं पहुंच पाएंगे

हरियाणा  हरियाणा में लगातार तेज बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने बारिश का अलर्ट जारी किया है। उधर, बारिश के चलते सीएम नायब सिंह सैनी का प्रोग्राम कैंसिल हो गया है।  दरअसल सीएम सैनी को सोनीपत के IMT खरखौदा एक प्रोग्राम में जाना था। यहां पर 76वें राज्य स्तरीय वन महोत्सव में एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत सीएम सैनी मुख्यातिथि के रूप में शामिल होना था। बता दें मौसम विज्ञान केंद्र ने हरियाणा के कई जिलों बारिश का अलर्ट जारी किया। दूसरी ओर हथिनीकुंड बैराज पर जलस्तर 44 हजार क्यूसेक दर्ज किया गया, जिसमें से यमुना नदी में 29479 क्यूसेक, पश्चिमी यमुना नहर में 13010 क्यूसेक और उत्तर प्रदेश को 1510 क्यूसेक पानी की सप्लाई दी गई। अब हथिनीकुंड बैराज का जलस्तर घट रहा है। 

अब हरियाणा के इन सरकारी स्कूलों में इंग्लिश मीडियम से होगी पढ़ाई

हरियाणा  हरियाणा से खबर आ रहा है कि अब हरियाणा के सरकारी स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई शुरू होगी। अंग्रेजी मीडियम से पढ़ाई उन स्कूलों में होगी जो हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी से मान्यता प्राप्त हैं। जल्द ही यह तय किया जाएगा कि कितने स्कूलों में यह पढ़ाई शुरू की जाएगी। वहीं अब तक 500 सरकारी स्कूलों में इंग्लिश मीडियम से पढ़ाई कराई जा रही है, लेकिन ये CBSC से मान्यता प्राप्त हैं।  बताया जा रहा है कि हरियाणा के सरकारी स्कूलों के पाठ्यक्रम अब राज्य सरकार की ओर से वोकल फॉर लोकल के तहत जैविक खेती, बागवानी और फ्लोरीकल्चर सब्जेक्ट्स को भी शामिल किया जाएगा। पहले यह प्रदेश के हर जिले के एक स्कूल से शुरू होगी।

नशे के खिलाफ बड़ी सफलता: हरियाणा के 4200 गांव नशामुक्त, 18 हजार लोग अब भी पीड़ित

चंडीगढ़ हरियाणा सरकार ने स्वीकार किया है कि प्रदेश में ड्रग्स की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। राज्य सरकार के रिकार्ड के अनुसार इस समय प्रदेश में 18 हजार 847 युवा नशा पीड़ित हैं। हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन रानियां से विधायक अर्जुन चौटाला ने कानून-व्यवस्था तथा अन्य विषयों से संबंधित सवाल पूछा। सदन में हंगामे के चलते सदन में चर्चा नहीं हो सकी लेकिन सरकार ने आज इसका जवाब दे दिया है। मुख्यमंत्री नायब सैनी के हवाले से जारी की गई रिपोर्ट के मुताबिक कुल 18 हजार 847 नशा पीड़ितों की पहचान की गई है। वर्तमान में 11 हजार 558 नशा पीड़ित विभिन्न केंद्रों में उपचार प्राप्त कर रहे हैं।  हरियाणा सरकार ने दावा किया है कि राज्य में 4238 गांवों तथा 913 वार्डों को नशा मुक्त घोषित किया जा चुका है। नशा तस्करी के मामलों में कार्रवाई के लिए गठित एचएसएनसीबी की सराहना करते हुए सरकार ने कहा है कि नशे के खिलाफ प्रदेश में जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। 

हरियाणा में परिवहन क्षेत्र में बदलाव, निगम खरीदेगा 375 ई-बसें

हरियाणा  हरियाणा में अगले दो महीने में सिटी बस सेवा का और विस्तार होगा। अभी तक 9 शहरों में इलेक्ट्रिक बसों का संचालन हो रहा है। अब इस योजना में कुरुक्षेत्र को भी शामिल किया गया है। अक्तूबर तक राज्य परिवहन निगम की इन 10 शहरों में 5-5 और इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की योजना है। वहीं बताया जा रहा है कि पिछले करीब 18 महीने से इन शहरों में बस अड्डों के अंदर नए चार्जिंग सेंटर का निर्माण कार्य भी नहीं हुआ है।   मिली जानकारी के अनुसार अब 10-10 बसों के संचालन के लिए संबंधित बस अड्डों पर एक-एक के बजाय दो-दो चार्जिंग सेंटर स्थापित किए जाने की तैयारी है। अगले साल तक इन शहरों में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या 50-50 और चार्जिंग स्टेशनों की संख्या बढ़ाकर 8-8 करने की योजना बनाई गई है।   आपको बता दें कि प्रदेश के पंचकूला, हिसार, रेवाड़ी, रोहतक, सोनीपत, करनाल, पानीपत और यमुनानगर में 5-5 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन हो रहा है जबकि अंबाला में सिटी बसों की संख्या 10 है। फिलहाल सभी 9 जिलों के बस अड्डों में एक-एक चार्जिंग सेंटर है। यमुनानगर व पानीपत में चार्जिंग सेंटरों की संख्या बढ़ाने के लिए काम जारी है। यहां चार्जिंग सेंटरों की संख्या 8-8 होगी।   बताया जा रहा है कि कुरुक्षेत्र को सिटी बस सेवा योजना में शामिल करने के साथ ही यहां पहले चरण में बस अड्डे के अंदर ही दो चार्जिंग स्टेशनों को स्थापित करने के आदेश मुख्यालय ने दे दिए हैं। कुरुक्षेत्र में इलेक्टि्रक बसों का संचालन भी अक्तूबर तक करने की योजना है। कुल 10 शहरों के लिए 500 इलेक्टि्रक बसों की आवश्यकता होगी। हरियाणा परिवहन निगम की 375 इलेक्ट्रिक बसों को खरीदने के लिए योजना तैयार हो चुकी है और सरकार की भी मंजूरी मिल गई है। प्रदेश के 10 शहरों में चरणवार इन बसों के पहुंचते ही संचालन शुरू हो जाएगा।

मनीषा मामले में खुलासा, CM खट्टर का बयान—सरकार किसी जांच के खिलाफ नहीं

करनाल केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल शनिवार को करनाल पहुंचे। यहां उन्होनें मनीषा की मौत मामले पर बात की। मनोहर लाल ने कहा कि यह बेहद दुखद घटना है और हरियाणा सरकार इसे लेकर पूरी तरह गंभीर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह घटना एक दुर्घटना है और इसकी जांच पुलिस पूरी निष्पक्षता से कर रही है। मंत्री ने बताया कि मृतका का पोस्टमार्टम परिवार की संतुष्टि के लिए पहले एक बार हुआ, फिर दोबारा कराया गया और बाद में एम्स में तीसरी बार भी पोस्टमार्टम किया गया। परिवार द्वारा सीबीआई जांच की मांग पर उन्होंने कहा कि सरकार को किसी भी जांच एजेंसी से जांच कराने में कोई आपत्ति नहीं है। विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि वे केवल राजनीतिक लाभ के लिए इस मुद्दे को उछाल रहे हैं। इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस के हंगामे को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि संसद के मौजूदा सत्र को विपक्ष ने जानबूझकर नहीं चलने दिया और बेबुनियाद मुद्दे खड़े किए। मनोहर लाल ने कहा कि यह व्यवहार लोकतंत्र के खिलाफ है और जनता इसका जवाब जरूर देगी। कितनी यात्रा कर लो जनता समझ रही है- पूर्व सीएम राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की यात्राओं पर उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर किसी को प्रचार का अधिकार है। विपक्ष चाहे एक यात्रा करे या दस यात्राएं, जनता सच को भली-भांति समझती है। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता भी जानती है कि अतीत में किसे घुसपैठियों से फायदा मिला और आज वही लोग जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं।

महंगा हुआ हरियाणा से राजस्थान का बस सफर, किराए में की गई इतने प्रतिशत बढ़ोतरी

हरियाणा  हरियाणा से राजस्थान जाने वाले यात्रियों के लिए बुरी खबर है। अब उन्हें बस में सफर करने के लिए पहले से ज्यादा किराया देना पडे़गा। राजस्थान परिवहन निगम की ओर से किराए में 10% से ज्यादा की बढ़ोतरी की गई है।  बता दें कि यह सभी प्रमुख बस कैटेगरी जैसे साधारण, एक्सप्रेस, सेमी डीलक्स, डीलक्स, AC और सुपर लग्जरी बसों में प्रति किलोमीटर की दर से लागू की गई है। यात्रियों को हरियाणा से राजस्थान के विभिन्न शहरों में जाने के लिए 10 से लेकर 40 रुपए तक ज्यादा खर्च करने पड़ रहे हैं। हरियाणा रोडवेज ने किराया नहीं बढ़ाया है, लेकिन जैसे राजस्थान की सीमा में प्रवेश करेंगे तो किराया राजस्थान की बढ़ी हुई दरों के हिसाब से ही देना होगा। हरियाणा का सबसे बड़ा बॉर्डर राजस्थान से लगता है। प्रदेश के महेंद्रगढ़ जिले की 3 ओर की सीमाएं राजस्थान से टच हैं। इसके अलावा भिवानी, हिसार, सिरसा, रेवाड़ी, नूंह, पलवल और गुरुग्राम की सीमा भी राजस्थान से लगती है। 

प्रदेश के 6 शहरों में बदलाव की तैयारी, सैनी सरकार ने दिया विशेष तोहफा

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार प्रदेश के छह शहरों में बड़े औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने जा रही है, जिसके लिए लगभग 35 हजार एकड़ जमीन की जरूरत होगी। खास बात यह है कि जमीन पारंपरिक अधिग्रहण से नहीं बल्कि किसानों की सहमति और इच्छा से ही जुटाई जाएगी। इसके लिए किसानों से सीधे ई-भूमि पोर्टल पर जमीन की पेशकश मांगी गई है।  ई-भूमि नीति के तहत किसान न केवल जमीन देने या न देने का फैसला करेंगे बल्कि जमीन की कीमत भी भू-मालिक ही तय करेगा। सरकार और किसान के बीच बातचीत व मोल-भाव के बाद सहमति बनने पर ही सौदा होगा। इस प्रक्रिया में न तो कोई दबाव होगा और न ही किसी तरह की अनिवार्यता। हालांकि 35 हजार एकड़ जमीन लेने की इस कवायद पर अब कानूनी पेच फंस गया है। इस मामले को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर हुई है और कोर्ट ने सरकार को नोटिस भी जारी कर दिया है। इससे किसानों और राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। सरकार का दावा है कि इस नीति से किसान मजबूरी में नहीं बल्कि बराबरी की शर्तों पर विकास का हिस्सा बनेंगे। वहीं, विपक्ष और किसान संगठनों का कहना है कि इतनी बड़ी मात्रा में जमीन जुटाने की कवायद के पीछे औद्योगिक जरूरतों को किसानों के हितों से ऊपर रखने की आशंका है। 

हरियाणा के खिलाड़ियों की हुई मौज, इस गांव में बनेगा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स

रोहतक  हरियाणा के खिलाड़ियों के लिए खुशखबरी आई है। रोहतक के गांव खरावड़ में आधुनिक सुविधा से लैस स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाया जाएगा। इसके बनने से गांव के खिलाड़ियों को प्रैक्टिस के लिए कहीं बाहर या फिर प्राइवेट एकेडमी में नहीं जाना होगा। जानकारी के मुताबिक खरावड़ ग्राम पंचायत गांव में ही आधुनिक सुविधाओं से लैस स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स का निर्माण करवाने जा रही है। इसके लिए पंचायत ने 2.02 करोड़ रुपए का प्रस्ताव तैयार कर HSRDC को भेज दिया है। जल्द ही मंजूरी मिलने की उम्मीद है। जिसके बाद निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। 

बधाई के बहाने 1 लाख की मांग, हिसार में किन्नरों पर कार्रवाई, पुलिस आई बीच

हिसार  हिसार में पुलिस कर्मचारी के घर पोता होने पर बधाई मांगने पहुंचे किन्नरों द्वारा एक लाख रुपए का शगुन मांगने पर हंगामा हो गया। परिवार ने 5 हजार से ज्यादा रकम न देने से मना कर दिया, जबकि किन्नर 1 लाख रुपए लेने पर अड़े रहे। विवाद बढ़ने पर किन्नरों ने ऊंची आवाज में बोलना शुरू कर दिया। मामला अधिक उलझता देख परिवार ने डायल 112 को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस को देख किन्नरों के तेवर ढीले पड़ गए। 2 घंटे तक चले हंगामे के बाद में किन्नर परिवार की मर्जी से दो हजार रुपए पैसे लेने पर राजी हो गए। जानकारी के मुताबिक यह मामला हिसार के गांव शिकारपुर का है। गांव के रहने वाले पुलिस हवलदार सतबीर घोड़ेला के परिवार में 6 दिन पहले पोते का जन्म हुआ था। आज इसकी खबर किन्नरों को चली तो वे बधाई मांगने पहुंच गए। सतबीर के बेटे प्रवीण ने बताया कि घर में आते ही किन्नरों ने मंगल गीत गाने शुरू कर दिए। यह देख आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। परिवार ने भी किन्नरों का स्वागत किया, मगर मंगल गीतों के बाद जब बधाई देने का वक्त आया तो किन्नरों ने एक लाख रुपए की मांग रख दी जिसे सुनकर परिवार के होश उड़ गए। परिवार ने पहले  5 हजार और दो सूट देने की बात कही थी।  प्रवीण ने किन्नरों को बताया कि हमारे खेत पानी में डूबे हुए हैं और अभी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। इसके बाद किन्नरों ने 51 हजार देने की बात कही। प्रवीण के मुताबिक जब वो नहीं माने तो मजबूर होकर मुझे डायल 112 बुलानी पड़ी। सूचना मिलते ही पुलिस पहुंची और मामले की जानकारी ली। पुलिसकर्मी संदीप कुमार ने बताया कि परिवार का आरोप था कि किन्नर जबरदस्ती कर रहे हैं और मान नहीं रहे। उधर पुलिस को देख किन्नरों के तेवर भी ढीले पड़ गए। पुलिसकर्मियों के समझाने पर किन्नर परिवार की मर्जी से पैसे लेने पर राजी हो गए। वहीं इस मामले में किन्नरों ने कहा कि यह परिवार नौकरी पेशे वाला परिवार है, इसलिए यहां हमने 11000 रुपए मांगे। गांव में गरीब घरों में हम 200 से 300 रुपए भी लेते हैं। परन्तु यह परिवार नहीं माना। बाद में परिवार ने जो खुशी से दिया, हमने ले लिया।