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सुखना लेक पर साइकिल चलाते नजर आए हरियाणा CM, लोगों से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील

चंडीगढ़ चंडीगढ़ की सुखना लेक पर मंगलवार सुबह हरियाणा के CM नायब सिंह सैनी अलग अंदाज में नजर आए। मुख्यमंत्री ने मॉर्निंग वॉक करने के साथ साइकिलिंग कर लोगों को फिटनेस और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘स्वस्थ भारत, विकसित भारत’ आह्वान के तहत मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि स्वस्थ नागरिक ही मजबूत राष्ट्र की नींव होते हैं। उन्होंने आम लोगों, युवाओं और मॉर्निंग वॉक पर आए नागरिकों से मुलाकात कर उन्हें नियमित व्यायाम और साइकिलिंग अपनाने के लिए प्रेरित किया। आत्मनिर्भर भारत के लिए विपक्ष से भी मांगा सहयोग मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए देशवासियों से सहयोग मांगा है। इस अभियान में विपक्ष को भी राजनीति से ऊपर उठकर देशहित में साथ आना चाहिए। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी पूरा होगा, जब सभी मिलकर स्वास्थ्य, पर्यावरण और सामाजिक जिम्मेदारियों को प्राथमिकता देंगे। विपक्ष से भी मिलकर साथ आने की अपील इस अवसर पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए आम जनता से सहयोग की अपील की है। उन्होंने विपक्ष को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के इस राष्ट्रव्यापी आह्वान पर विपक्ष को भी राजनीति से ऊपर उठकर जनता के साथ मिलकर 'विकसित भारत' के संकल्प को पूरा करने में साथ आना चाहिए। हरियाणा सरकार ने जारी की SOP मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक स्तर पर उठाए जा रहे कदमों की जानकारी देते हुए कहा, "हरियाणा में भी हमने केंद्र सरकार की गाइडलाइंस के अनुसार अपनी राज्य सरकार के स्तर पर SOP (मानक संचालन प्रक्रिया) जारी कर दी है।" पर्यावरण संरक्षण और ईंधन की बचत को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने अब वर्चुअल मीटिंग के साथ-साथ 'वर्क फ्रॉम होम' (घर से काम करने) जैसे विकल्पों को भी अपनाने का फैसला किया है, जिससे यातायात और प्रदूषण को कम करने में मदद मिलेगी। हरियाणा सरकार ने जारी की SOP मुख्यमंत्री सैनी ने बताया कि केंद्र सरकार की गाइडलाइंस के अनुसार हरियाणा सरकार ने भी अपनी SOP (मानक संचालन प्रक्रिया) जारी कर दी है। उन्होंने कहा कि प्रदूषण कम करने और ईंधन बचाने के लिए सरकार वर्चुअल मीटिंग और ‘वर्क फ्रॉम होम’ जैसे विकल्पों को बढ़ावा दे रही है। इससे ट्रैफिक का दबाव कम होगा और पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी। लोगों ने लिया फिटनेस का संकल्प सुखना लेक पर मौजूद लोगों ने भी मुख्यमंत्री के साथ बातचीत की और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया। इस दौरान कई युवाओं ने साइकिलिंग और नियमित व्यायाम को अपनी दिनचर्या में शामिल करने की बात कही। पीएम ने की थी देश से अपील गौरतलब है कि पीएम मोदी ने हालही में देश से ईंधन बचाने और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करने की अपील की थी। पीएम मोदी की इस अपील के बाद देश के कई राज्यों के सीएम ने अपनी कारों का काफिला छोटा कर दिया था। खुद पीएम मोदी का काफिला भी छोटा हुआ था। इसके अलावा तमाम राज्यों के मंत्रियों और बड़े अधिकारियों ने भी अपना काफिला छोटा किया था। दिल्ली सरकार की सीएम और अन्य मंत्री तो दिल्ली मेट्रो में सफर करते हुए नजर आए थे। बीजेपी नेताओं ने भी अपने काफिले को छोटा करते हुए पब्लिक ट्रांसपोर्ट और इलेक्ट्रॉनिक व्हीकल में सफर करना शुरू किया था। वहीं विपक्ष ने पीएम मोदी की अपील के बाद पीएम मोदी पर ही निशाना साधा था और कहा था कि पीएम, देश को बताएं कि ऐसी कौन सी वजह है, जिसको लेकर पीएम मोदी को देशवासियों से इस तरह से अपील करनी पड़ रही है।  

40 डिग्री से अधिक तापमान में भी कलेसर बना वन्य जीवों का ठिकाना, पानी में ठंडक ढूंढ रहे हाथी

 छछरौली भीषण गर्मी के बीच कलेसर नेशनल पार्क वन्य जीवों के लिए राहत का बड़ा केंद्र बना हुआ है। 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान के बीच जंगल में हाथियों के झुंड तालाबों और कीचड़ में घंटों अठखेलियां करते नजर आ रहे हैं। घने पेड़ों की छाया और प्राकृतिक जल स्रोतों के कारण कलेसर का वातावरण मैदानी क्षेत्रों की तुलना में ठंडा बना हुआ है। वन विभाग के अनुसार यहां का तापमान आसपास के इलाकों से करीब पांच डिग्री तक कम रहता है। हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की सीमाओं से सटा कलेसर नेशनल पार्क करीब 25 हजार एकड़ क्षेत्र में फैला है। घने जंगल और हरियाली से भरपूर यह क्षेत्र हाथियों, तेंदुओं, हिरणों और कई अन्य वन्य जीवों का सुरक्षित आश्रय माना जाता है। जंगल में शाकाहारी जीवों के लिए हरी घास और वनस्पति पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है, जबकि मांसाहारी जीवों को भी यहां आसानी से शिकार मिल जाता है। जंगल में कई छायादार वृक्ष मौजूद जंगल में देवदार, शीशम, खैर, नीम, पीपल, बरगद और सागवान जैसे बड़े छायादार वृक्ष मौजूद हैं। लाल तालाब, बरसाती नदियां और प्राकृतिक पोखर गर्मी में वन्य जीवों के लिए सहारा बने हुए हैं। जानवर दिनभर यहां पानी पीने और शरीर को ठंडा रखने पहुंचते हैं। गर्मी के दिनों में हाथियों की गतिविधियां सबसे ज्यादा आकर्षित कर रही हैं। हाथी पानी में लंबे समय तक रहने के साथ अपने शरीर पर कीचड़ भी लगाते हैं। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार कीचड़ हाथियों को गर्मी और कीड़ों से बचाने में मदद करती है। कलेसर के पास स्थित हाथी पुनर्वास केंद्र में भी इन दिनों विशेष प्रबंध किए गए हैं। यहां लक्ष्मी वन, लक्ष्मी टू और चंचल नामक मादा हाथी दिनभर तालाबों में समय बिताकर गर्मी से राहत पा रही हैं। हाथियों को गन्ना, तरबूज, केला, ज्वार और शक्कर का शर्बत दिया जा रहा है ताकि उनके शरीर में पानी और ऊर्जा की कमी न हो। विभाग के कर्मचारी लगातार उनके स्वास्थ्य पर नजर रख रहे हैं। जंगल क्षेत्र में करीब 50 तेंदुओं की मौजूदगी भी बताई जाती है। कई बार तेंदुए जंगल से सटे खेतों और आबादी वाले इलाकों तक पहुंच जाते हैं। इसके चलते ग्रामीण क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ानी पड़ती है। वहीं गर्मी बढ़ने पर विशालकाय अजगर भी यमुना नदी के किनारे मैदानी क्षेत्रों तक दिखाई देने लगते हैं। कलेसर पक्षियों और छोटे जीव-जंतुओं का भी बड़ा आवास है। यहां मोर, तीतर, जंगली मुर्गा, तोता, मैना और सारस जैसे पक्षी बड़ी संख्या में दिखाई देते हैं। जंगल के बाहरी हिस्सों में बंदर और भीतर के क्षेत्रों में लंगूरों के समूह देखे जा सकते हैं। वातावरण वन्य जीवों के लिए काफी सहायक वन एवं वन्य प्राणी विभाग के निरीक्षक लीलू राम ने बताया कि गर्मी के मौसम में जंगल के जल स्रोत और ठंडा वातावरण वन्य जीवों के लिए काफी सहायक साबित हो रहे हैं। कलेसर का प्राकृतिक ढांचा वन्य जीवन को सुरक्षित बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।  

NCR में पेट्रोल-डीजल गाड़ियों पर सख्ती, हरियाणा सरकार ने EV-CNG को दी प्राथमिकता

चंडीगढ़  हरियाणा कैबिनेट की मीटिंग चंडीगढ़ में सचिवालय में हुई. सीएम नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई इस मीटिंग में 27 एजेंडों को मंजूरी दी गई. अहम बात है कि  कैबिनेट ने हरियाणा मोटर व्हीकल एक्ट में बदलाव किया है. मीटिंग में पानीपत की चुलकाना धाम को श्राइन बोर्ड का दर्जा भी दिया गया है।  कैबिनेट मीटिंग में बीसीए और और बीसीबी वर्ग के तहत नौकरी अप्लाई करने वाले लोगों को राहत दी गई है. इस संबंध में 3069 पदों के लिए ऐड दी गई थी. लेकिन जो तकनीकी प्रॉब्लम थी उसे आज कैबिनेट में राहत दी गई है. उधर, मेक इन हरियाणा इंडस्ट्रियल पॉलिसी 2026 को लागू करने का फैसला लिया गया. पॉलिसी बनाने से पहले दिल्ली में इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के सुझाव लिए गए थे. इसमें अगले 5 वर्षों में करोड़ों के निवेश का लक्ष्य रखा गया है।  जानकारी के अनुसार, गुरुग्राम और पंचकूला में आईटी से जुड़े सेंटर खोलने को लेकर कैबिनेट ने मंजूरी दी है और यहां पर युवाओं को आईटी और एआई से जुड़ी जानकारी सिखाई जाएगी।  मेक इन हरियाणा औद्योगिक नीति 2026 को मिली मंजूरी     हरियाणा इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम डिजाइन एवं मैन्युफैक्चरिंग नीति 2026 को मंजूरी.     हरियाणा खिलौना एवं खेल उपकरण निर्माण नीति 2026 को मिली मंजूरी.     ड्राफ्ट हरियाणा इलेक्ट्रॉनिक वेस्ट रीसाइकलिंग नीति 2026 को मंजूरी.     हरियाणा फार्मास्यूटिकल एवं मेडिकल डिवाइसेज मैन्युफैक्चरिंग नीति 2026 को मंजूरी.     हरियाणा आईटी, आआई और उभरती प्रौद्योगिकी नीति 2026 को मंजूरी. अहम बात है कि हरियाणा में एनसीआर व्हीकल नीति में बदलाव किया गया है और मुख्यमंत्री ने कहा कि एनसीआर में अब इलेक्ट्रिक व्हीकल और सीएनजी गाड़ियां ही चलेंगी. वहीं, हरियाणा में इलेक्ट्रिक व्हीकल पर कोई रजिस्ट्रेशन टैक्स नहीं लगेगा. गौर रहे कि गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत समेत करनाल तक के इलाके दिल्ली एनसीआर में आते हैं. प्रदेश के कुल 14 जिले एनसीआर में आंशिक और पूरी तरह आते हैं।  मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि आने वाले समय मे इलेक्ट्रिक गाड़ियों को बढ़ावा मिल रहा है. ऐसे में ईवी रजिस्ट्रेशन फ्री करने पर काम किया जा रहा है. वर्क फ्रॉम होम पर भी काम किया जाएगा और वर्चुल बैठकों पर भी जोर दिया जाएगा।  इलेक्ट्रिक वाहनों पर शत-प्रतिशत टैक्स छूट देने का प्रस्ताव परिवहन मंत्री अनिल विज ने कहा कि हरियाणा में चंडीगढ़ और दिल्ली की तर्ज पर इलेक्ट्रिक वाहनों पर शत-प्रतिशत टैक्स छूट देने का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है , ताकि लोगों को इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके. उन्होंने कहा कि यदि ईवी वाहनों पर टैक्स में राहत दी जाती है तो लोगों का रुझान इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर तेजी से बढ़ेगा. विज सोमवार को चंडीगढ़ में कैबिनेट बैठक से पूर्व मीडिया कर्मियों के सवालों का जवाब दे रहे थे. उन्होंने बताया कि राज्य सरकार 500 इलेक्ट्रिक बसें खरीदने जा रही है. इसके अलावा, इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर टैक्स छूट देने के लिए भी प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है. यह प्रस्ताव चंडीगढ़ और दिल्ली की तर्ज पर 100 प्रतिशत टैक्स छूट प्रदान करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है, ताकि अधिक से अधिक लोग इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने के लिए प्रेरित हों सकें।  एक प्रश्न के उत्तर में विज ने कहा कि कैबिनेट में प्रस्ताव लाने का विशेष अधिकार मुख्यमंत्री का होता है और कौन-सा प्रस्ताव बैठक में लाया जाएगा, इसका निर्णय वहीं लेते हैं. उन्होंने कहा कि विभागों के बीच लगातार वर्चुअल बैठकें होती रहती हैं और कई प्रशासनिक कार्य टेलीफोन के माध्यम से भी संपन्न हो जाते हैं।  कांग्रेस पर बरसे सीएम सैनी सीएम नायब सैनी ने कांग्रेस पर निशाना साधा कि उनके समय में महंगाई चरम पर थी, लेकिन मोदी सरकार ने इसे काबू किया.सैनी ने कहा कि ये समय राजनीति करने का नहीं है, ये विश्व की समस्या है. उधऱ, इनेलो की तरफ से पंचकूला में दिए गए एचपीएसी (HPSC) के खिलाफ धरने पर सीएम ने कहा कि कांग्रेस और इनेलो ने अपने समय जो किया, वो सबको पता है. लोगों को हमारे पर भरोसा है. ये पारदर्शी सिस्टम है, जहां कोई भी अप्लाई कर सकता है. बाहरी राज्यों के युवाओं को नोकरी देने के विपक्ष के आरोपों पर मुख्य्मंत्री ने कहा विपक्ष ने अपने शासनकाल में कभी मेरिट को प्राथमिकता नहीं दी। 

वर्ल्ड हेरिटेज रूट पर नई तकनीक: 1927 की रेल कार में लगा एयर ब्रेक सिस्टम

कालका (पंचकूला)  वर्ल्ड हेरिटेज में शामिल कालका शिमला रेल मार्ग पर चलने वाली रेल मोटर कार का सफर और सुहाना और सुरक्षित होने जा रहा हैं। इंग्लैंड से 1927 में आई रेल कार में लगने वाले वैक्यूम ब्रेक सिस्टम को रेलवे ने कहा बाय-बाय कह दिया है। अब एयर ब्रेक सिस्टम का प्रयोग किया है। इसके ट्रायल भी सफल हो गए हैं। बस अब इस रेल कार को चलाने के लिए रेल मंत्रालय की ओर से हरी झंडी का इंतजार हैं। पुराना ब्रेक सिस्टम आपात स्थिति में ज्यादा प्रभावी नहीं माना जाता था। रेलवे को नए प्रयोग की आवश्यता महसूस हुई। लंबे परीक्षण के बाद रेल कार में एयर ब्रेक सिस्टम को लगाया गया है, जोकि आपात स्थिति में ज्यादा प्रभारी होगी। इससे सैलानियों का सफर ज्यादा सुहाना होगा और सुरक्षित होगा। कालका-शिमला रेल मार्ग पर टाॅय ट्रेन की शुरुआत वर्ष 1903 में हुई थी और उस वक्त स्टीम इंजन इस ट्रेक पर चलते थे। टाॅय ट्रेन से शिमला तक पहुंचने में करीब साढ़े पांच घंटों का समय लगता है। अंग्रेजों ने इस मार्ग पर रेल सेवा को ज्यादा आरामदायक बनाने और समय की बचत के लिए वर्ष 1927 में रेल कार सेवा का प्रारंभ की थी। समय के साथ नैरो गेज पटरी पर रेल कार सैलानियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनने लगी,जिससे रेल कार ने कम ही समय में देश और विदेशों में अपनी खास पहचान बनाई,जिसके चलते सैलानियों में रेल मोटर कार का जादू सिर चढ़कर बोलने लगा। रेल कार-टाॅय ट्रेन में अंतर टाॅय ट्रेन में छह डब्बे होते हैं। वर्तमान में रोजाना छह टाॅय ट्रेन कालका से शिमला जा रही है और उतनी ही वापस आ रही है। टाॅय ट्रेन शिमला तक जाने में 5.30 घंटे का समय लेती है। रेल कार में एक ही डिब्बा होता हैं। यानी ट्रेन ड्राइवर और यात्री एक साथ बैठते हैं। इसमें 12 व्यक्ति बैठ सकते हैं। ऑन डिमांड चलने वाली रेल कार चार घंटे में शिमला का सफर तय करती हैं। डेढ़ घंटे का समय बचता है। चार रेल मोटर कार वर्ष 1927 में शुरू हुई रेल कार सेवा अपनी तरह की एक खास सेवा है, लेकिन पिछले कुछ वर्षो से यह रेलवे विभाग के लिए मानो मुसीबत भी बनी हुई है। रेल कार की रिपेयर के लिए पार्ट उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। तकनीकी खामियों के चलते रेल कार कार को ट्रैक पर चलाए रखना विभाग के लिए एक बड़ी चुनौती है। रेलवे विभाग के पास फिलहाल चार रेल मोटर कार है, जिसमें दो की हालत ज्यादा ठीक नहीं मानी जा सकती है, जिससे रेल कार को रेगुलर चलाने की बजाय आन डिमांड ही चलाया जा रहा है।

किशोरी को भगाने के केस में तनाव बढ़ा, हरियाणा में तीन युवकों ने खाया जहर

कैथल. किशोरी के भागने के मामले में पुलिस पूछताछ के बाद तीन युवकों ने रविवार को शाम करीब चार बजे गांव चूहड़ माजरा के खेतों में कीटनाशक (चीचड़ मारने वाली दवा) दवा पी ली। तीनों युवकों का इलाज शहर के एक निजी अस्पताल में चल रहा है, जहां उनकी हालत खतरे से बाहर है। युवकों की पहचान गांव मूंदड़ी निवासी 22 वर्षीय मोहित, 29 वर्षीय रोहित और गांव पिलनी निवासी 25 वर्षीय गौरव के रूप में हुई है। पहले तीनों ने 40 सेकेंड की वीडियो क्लिप भी बनाई है। वीडियो बनाकर उसे इंटरनेट मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो सामने आने के बाद पूंडरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों को अस्पताल में भर्ती कराया। वीडियो में तीनों युवक चार से पांच लोगों को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। इनमें दो लोग गांव मूंदड़ी के हैं और अन्य एक किशोरी का स्वजन है। कुछ दिन पहले सदर थाना में एक 17 वर्षीय नाबालिग को भगा ले जाने का केस दर्ज हुआ था। जिस पर नाबालिग को भगा ले जाने के आरोप हैं उसकी तीनों से जान पहचान है। बोले- इज्जत पर बात आ गई वीडियो में युवक कह रहे हैं कि अब उनकी इज्जत पर बात आ गई है। इसलिए वे तीनों बदनामी के डर से एक साथ जहर पी रहे हैं। हम पूरी सच्चाई पुलिस और किशोरी के स्वजन को बता चुके हैं। इसके बाद भी उन्हें परेशान किया जा रहा है। अगर हम मर जाते हैं तो हमारी मौत का जिम्मेदार किशोरी के स्वजन और गांव मूंदड़ी के दो लोग होंगे।

17 IPS और 3 HPS अफसरों के तबादले, गुरुग्राम को मिला नया पुलिस कमिश्नर

चंडीगढ़. हरियाणा में पुलिस विभाग में अधिकारियों के स्थानांतरण का क्रम जारी है। हरियाणा पुलिस सेवा (एचपीएस) के 27 अधिकारियों को बदलने के बाद अब प्रदेश सरकार ने 17 आईपीएस और तीन एचपीएस अधिकारियों का स्थानांतरण किया है। साेमवार को इनमें से कई अधिकारियों ने नया कार्यभार संभाल भी लिया। गृह सचिव सुधीर राजपाल द्वारा जारी आदेशों में आईपीएस चारू बाली को राज्य सतर्कता और भ्रष्टाचार निराेधक ब्यूरो के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) पद से हटा दिया गया है। हालांकि वह पहले की तरह एडीजीपी पुलिस कॉम्प्लेक्स भोंडसी की जिम्मेदारी संभालती रहेंगी। उनकी जगह आईपीएस माटा रवि किरण को राज्य सतर्कता और भ्रष्टाचार निराेधक ब्यूरो में एडीजीपी लगाया गया है। सिबास कबिराज को मिली नई जिम्मेदारी पंचकूला के पुलिस आयुक्त और साइबर व राज्य अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो मुख्यालय का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे सिबाश कबिराज को गुरुग्राम का नया पुलिस आयुक्त नियुक्त किया गया है। गुरुग्राम के पुलिस कमिश्नर रहे विकास अरोड़ा को एडीजीपी प्रशासन पुलिस मुख्यालय पंचकूला बनाया गया है। आईपीएस केके राव को एडीजीपी आरटीसी भौंडसी लगाया गया है। इसी प्रकार गुरुग्राम के पुलिस आयुक्त विकास अरोड़ा को अब पंचकूला में एडीजीपी प्रशासन लगाया गया है। राकेश कुमार आर्य को आइजी क्राइम ब्रांच, अशोक कुमार को आइजी करनाल रेंज, ओम प्रकाश को आइजी साउथ रेंज रेवाड़ी, नाजनीन भसीन को आइजी एचएपी मधुबन व आइजीपी आरटीसी भोंडसी, कुलदीप सिंह को आइजी हिसार रेंज लगाया है। सुरिंदर पाल सिंह डीआईजी-सीआईडी इसी तरह हामिद अख्तर को डीआइजी एचएपी मधुबन, सुरिंदर पाल सिंह को डीआईजी सीआईडी, राजेंद्र कुमार मीणा को डीआइजी हरियाणा स्टेट नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, सोनीपत के पद पर तैनात किया गया है। आईपीएस मनबीर सिंह को डीआइजी एचएसएनसीबी रोहतक, सुनील कुमार को डीआईजी स्टेट क्राइम ब्यूरो पंचकूला, एसएस भोरिया को एसपी एसटीएफ पंचकूला तथा अदिति सिंह को एसपी स्टेट विजिलेंस के पद पर तैनात किया गया है। एचपीएस अधिकारियों में सिद्धार्थ ढांडा और पूनम को एसपी राज्य अपराध शाखा मुख्यालय बनाया गया है। पूजा डाबला को आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली (ईआरएसएस) में एसपी लगाया गया है।

CCTV से बढ़ी निगरानी, पंचकूला में ई-चालान सिस्टम का दायरा हुआ और मजबूत

 पंचकूला  पंचकूला में ट्रैफिक नियमों की अनदेखी वाहन चालकों पर भारी पड़ रही है। नियमों को तोड़ने वाले वाहन चालकों के खिलाफ ट्रैफिक पुलिस सख्ती से निपट रही है। ट्रैफिक पुलिस के अलावा तीसरी आंख सीसीटीवी से भी ज्यादा चालान काटे जा रहे हैं। ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर काटे गए चालानों के आंकड़ों में पिछले दो वर्षों के दौरान बड़ा बदलाव देखने को मिला है। वर्ष 2024 और 2025 में हुए चालानों का आंकड़ों में खासा अंतर हैं। वर्ष 2025 में हर महीने औसतन सात हजार से ज्यादा चालान हुए हैं। आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2024 में कुल 87,618 चालान किए गए थे। इनमें 74,635 सीसीटीवी चालान और 12,983 ट्रैफिक पुलिस द्वारा किए गए (आफलाइन) चालान भी शामिल हैं। औसतन हर महीने औसतन 7301 चालान हुए हैं। वहीं वर्ष 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 91,709 पहुंच गया। इसमें 72,294 सीसीटीवी और 19,415 आफलाइन चालान हैं। मार्च में सबसे ज्यादा चालान वर्ष 2025 में मार्च माह में सबसे अधिक 10,301 चालान हुए थे। इनमें सीसीटीवी से 8912 और आफलाइन 1389 चालान शामिल हैं। वहीं दिसंबर में सबसे कम 4927 चालान हुए थे। फरवरी में 9,975 और जनवरी में 9,911 चालान हुए थे।   वर्ष 2026 में 31 मार्च तक कुल तीन महीनों में कुल 11,750 चालान किए गए हैं। इनमें 7,819 सीसीटीवी और 3,928 आफलाइन चालान शामिल हैं। जनवरी 2026 में सबसे अधिक 5,756 चालान हुए थे, जबकि फरवरी में यह संख्या घटकर 2,566 रह गई। मार्च में 3,428 चालान किए गए हैं। आंकड़ों से स्पष्ट है कि ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन करने वाल वाहन चालकों पर पुलिस सीसीटीवी और सड़कों पर उतरकर निगरानी कर रही है। सीसीटीवी के जरिये ई-चालान प्रणाली का दायरा लगातार बढ़ा है। महीना       सीसीटीवी (CCTV)     ऑफलाइन (Offline)     कुल चालान (Total) जनवरी         7,430                         2,481                 9,911 फरवरी         8,218                           1,757                  9,975 मार्च            8,912                          1,389                  10,301 अप्रैल          8,104                            1,556                 9,660 मई           7,570                              370                   7,940 जून         4,590                               696                   5,286 जुलाई       6,104                                2,195                8,299 अगस्त     5,311                                1,794                   7,105 सितंबर     5,323                                  1,435              6,758 अक्टूबर    4,291                                 1,426                5,717 नवंबर      4,080                                  1,750                 5,830 दिसंबर     2,361                                2,566                   4,927 महीना     सीसीटीवी (CCTV)     ऑफलाइन (Offline)     कुल चालान (Total) जनवरी     4,192                           1,564                        5,756 फरवरी     1,249                            1,317                        2,566 मार्च     2,378                                1,047                      3,428      पंचकूला शहर में 473 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। हालांकि इनमें से 200 से ज्यादा कैमरे खराब पड़े हैं। सीसीटीवी कैमरों के रखरखाव की जिम्मेदारी नगर निगम के पास है। खराब कैमरों को लेकर बीते महीने हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लेते हुए रिपोर्ट मांगी थी। वहीं कैमरों को ठीक करवाने के निर्देश दिए गए थे।  

हुड्डा को हाई कोर्ट से बड़ा झटका, AJL प्लॉट मामले में ED की अर्जी पर जारी हुआ नोटिस

चंडीगढ़. हरियाणा के बहुचर्चित एजेएल (एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड) प्लाट आवंटन मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा व अन्य आरोपितों की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती दिखाई दे रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पंचकूला की विशेष पीएमएलए अदालत द्वारा मनी लान्ड्रिंग मामले की कार्यवाही बंद करने के आदेश को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में चुनौती दी है। ईडी की ओर से दायर आपराधिक पुनरीक्षण याचिका में न केवल निचली अदालत के 3 अप्रैल 2026 के आदेश को रद्द करने की मांग की गई है, बल्कि उस पर तत्काल अंतरिम रोक लगाने की भी अपील की गई है। पूरा मामला पंचकूला सेक्टर-6 स्थित प्लाट नंबर सी-17 से जुड़ा है, जिसे वर्ष 2005 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार के दौरान एजेएल को दोबारा आवंटित किया गया था। आरोप है कि यह बहुमूल्य भूखंड वर्ष 1982 की पुरानी दरों करीब 91 रुपये प्रति वर्ग मीटर पर दिया गया, जबकि उस समय बाजार मूल्य कहीं अधिक था। जांच एजेंसियों के अनुसार इस निर्णय से सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचा। इसी आधार पर ईडी ने वर्ष 2016 में धनशोधन निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया और वर्ष 2018 में लगभग 64 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति को कुर्क कर लिया था। मामले में महत्वपूर्ण मोड़ 25 फरवरी 2026 को आया, जब पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने मूल आपराधिक मामले में आरोपितों को राहत प्रदान की। इसके बाद पंचकूला की विशेष पीएमएलए अदालत ने यह कहते हुए ईडी की कार्यवाही समाप्त कर दी कि जब मूल अपराध ही समाप्त हो गया तो मनी लॉन्ड्रिंग की कार्यवाही स्वत टिक नहीं सकती। हालांकि अदालत ने यह छूट दी थी कि यदि भविष्य में सुप्रीम कोर्ट मूल मामले को बहाल करता है तो ईडी पुन कार्रवाई शुरू कर सकती है। अब ईडी ने हाई कोर्ट में दलील दी है कि पीएमएलए अदालत ने कानून की गलत व्याख्या की। एजेंसी के अनुसार मनी लॉन्ड्रिंग एक स्वतंत्र अपराध है और ‘विजय मदनलाल चौधरी’ मामले में सुप्रीम कोर्ट स्पष्ट कर चुका है कि अपराध से अर्जित संपत्ति की जांच केवल मूल एफआईआर पर निर्भर नहीं रहती। ईडी ने यह भी बताया कि सीबीआई पहले ही हाई कोर्ट के फरवरी फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे चुकी है, जहां नोटिस जारी हो चुका है। ऐसे में कार्यवाही बंद रहने से कुर्क संपत्ति मुक्त कराने की कोशिशें जांच को अपूरणीय क्षति पहुंचा सकती हैं। सोमवार को हाई कोर्ट के जस्टिस त्रिभुवन दहिया ने याचिका पर सुनवाई करते हुए भूपेंद्र सिंह हुड्डा व अन्य आरोपितों को आठ जुलाई के लिए नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।

ट्रैफिक उल्लंघन करने वालों की अब खैर नहीं, पंचकूला में सख्त निगरानी शुरू

पंचकूला. शहर में ट्रैफिक रूल्स तोड़ने वालों पर सख्ती बरती जा रही है। नाकों पर पुलिस मुस्तैद रहती है और लाइट प्वॉइंट पर सीसीटीवी कैमरे नजर रखते हैं। ऐसे में हर महीने हजारों चालान हो रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2024 में कुल 87,618 चालान किए गए थे। 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 91,709 पहुंच गया। इस वर्ष की बात करें तो 31 मार्च तक 11,750 चालान किए गए हैं। इनमें 7,819 सीसीटीवी कैमरों के जरिये और 3,928 ऑफलाइन चालान हुए।  इन चालानों की संख्या और बढ़ सकती है, अगर शहर में लगे सभी सीसीटीवी कैमरे चालू हों। शहर में 473 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, जिनमें  से 200 से ज्यादा कैमरे खराब पड़े हैं। सीसीटीवी कैमरों के रखरखाव की जिम्मेदारी नगर निगम की है। खराब सीसीटीवी कैमरों को लेकर अप्रैल में हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लेते हुए रिपोर्ट मांगी थी। वहीं, कैमरों को ठीक करवाने के निर्देश दिए गए थे। वर्ष 2026 में मार्च महीने तक हुए चालान का आंकड़ा महीना     सीसीटीवी     आफलाइन     कुल जनवरी     4192     1564     5756 फरवरी     1249     1317     2566 मार्च     2378     1047     3428

आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम, झज्जर में शुरू हुआ नेचुरोपैथी ट्रेनिंग सेंटर

झज्जर. पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देने की दिशा में देवरखाना स्थित केंद्रीय योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान संस्थान ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। आयुष मंत्रालय के अधीन कार्यरत यह केंद्र अब वेलनेस क्षेत्र के लिए ''प्रशिक्षित प्राकृतिक चिकित्सा सहायक'' तैयार करने वाला देश का दूसरा ऐसा संस्थान बन गया है। इससे पहले यह विशेष प्रशिक्षण केवल राष्ट्रीय प्राकृतिक चिकित्सा संस्थान, पुणे (एनआइएन) में ही दिया जाता था। इस दृष्टिकोण से देवरखाना में इस पाठ्यक्रम की शुरुआत होना उत्तर भारत के लिए मील का पत्थर है। दरअसल, वैश्विक स्तर पर समग्र स्वास्थ्य के बढ़ते चलन से इस क्षेत्र में करियर की असीम संभावनाएं खुली हैं। इस विशेष पाठ्यक्रम को पूरा करने के बाद युवा देश-विदेश के बड़े प्राकृतिक चिकित्सालयों, योग केंद्रों, वेलनेस रिसार्ट्स और लक्ज़री स्पा में ''प्राकृतिक चिकित्सा सहायक'' या ''थेरेपिस्ट'' के रूप में सम्मानजनक व आत्मनिर्भर करियर बना सकते हैं। दो साल पहले अस्तित्व में आया संस्थान करीब दो साल पहले अस्तित्व में आए संस्थान में 200 बेड का विशाल और अत्याधुनिक चिकित्सालय सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है, जहां निरंतर आंतरिक एवं बाह्य रोगियों को विश्वस्तरीय प्राकृतिक उपचार सेवाएं दी जा रही हैं। अब यहां परिसर में ''उपचार सहायक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम'' (टीएटीसी) के प्रथम बैच का विधिवत शुभारंभ कर दिया गया है। संस्थान के नोडल अधिकारी डा. एलांचेझियन और डा. घनश्याम यादव ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों से संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया तथा उन्हें इस क्षेत्र में स्वर्णिम व उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रेरित किया। 20 सीटों से शुरुआत, प्रशिक्षण के साथ मिलेगा 8,000 मानदेय : संस्थान प्रशासन द्वारा तैयार किए गए इस विशेष और रोजगारपरक एक वर्षीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रथम चरण के तहत 20 सीटों पर प्रवेश दिया गया है, जिसकी नियमित कक्षाएं बीती 15 मई से प्रारंभ हो चुकी हैं। प्रशिक्षण अवधि के दौरान विद्यार्थियों को 8,000 प्रतिमाह का मानदेय भी दिया जाएगा। संस्थान प्रबंधन के अनुसार, भविष्य में यहां होने वाले वैज्ञानिक अनुसंधानों के साथ-साथ इस तरह के अन्य शैक्षणिक कार्यक्रमों का दायरा और बढ़ाया जाएगा। साथ ही, पाठ्यक्रम के प्रति युवाओं के बढ़ते रुझान और मांग को देखते हुए आने वाले समय में सीटों की संख्या में भी इजाफा किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार के बेहतरीन अवसर मिल सकें। पाठ्यक्रम का स्वरूप और प्रशिक्षण  भाग      विधा का नाम                    मुख्य प्रशिक्षण क्षेत्र 1.     प्राकृतिक चिकित्सा का दर्शन     परिभाषाएं, सिद्धांत, इतिहास और प्राकृतिक जीवन शैली। 2     मालिश (थ्योरी व प्रैक्टिकल)     इतिहास, नियम, विभिन्न प्रकार की मालिश (वृद्धावस्था, प्रसवपूर्व) एवं तकनीकें। 3     शरीर रचना और शरीर क्रिया विज्ञान                     मानव शरीर के प्रमुख तंत्रों (श्वसन, पाचन, तंत्रिका आदि) का बुनियादी ज्ञान। 4     योग प्रशिक्षण     अष्टांग योग, सूर्यनमस्कार, आसन, प्राणायाम, ध्यान और चिकित्सीय योग। 5     जल चिकित्सा     जल के गुण, ठंडे-गर्म पानी का प्रभाव, विभिन्न प्रकार के पैक, टब बाथ और स्प्रे। 6     मिट्टी चिकित्सा     मिट्टी के गुण, शुद्धिकरण, मिट्टी के पैक तैयार करना और मड बाथ। 7     आहार और पोषण     संतुलित भोजन, कच्चे आहार (सलाद, अंकुरित), प्राकृतिक चिकित्सा व्यंजन। 8     उपवास     उपवास के प्रकार, महत्व, शरीर पर प्रभाव और इसकी वैज्ञानिक प्रक्रिया। 9     चुंबक चिकित्सा     चुंबक के प्रकार, उपयोग के तरीके और पानी व तेल को चार्ज करने की विधि। 10     रंग चिकित्सा     रंगों के प्रभाव, सूर्य स्नान और क्रोमो थर्मोलियम। 11     एक्यूप्रेशर     एक्यूप्रेशर की मूल अवधारणाएं, प्रमुख बिंदु और दबाव देने का सही तरीका। 12     फिजियोथेरेपी     मोम स्नान (Wax Bath), विद्युत चिकित्सा और व्यायामशाला प्रबंधन। 13     क्लिनिकल ट्रेनिंग व नर्सिंग केयर     मरीजों की बुनियादी देखभाल, शारीरिक मापदंडों (वजन, बीपी, तापमान) की जांच। 14     अंग्रेजी संचार कौशल     मरीजों और डॉक्टरों के साथ संवाद के लिए मौखिक संचार का विशेष प्रशिक्षण।