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ऑरेंज अलर्ट के बीच बदलेगा मौसम, हरियाणा में बारिश और ओले गिरने के आसार

हिसार. प्रदेश में सक्रिय हुए नए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से शुक्रवार को 17 जिलों में वर्षा हुई। वहीं सिरसा, पानीपत, नूंह, झज्जर और रेवाड़ी में ओलावृष्टि होने से फसलों को नुकसान पहुंचा है। शुक्रवार सुबह से ही कई जिलों में बादल छाए रहे। दिन के समय तेज धूप भी निकली, लेकिन फिर से बादल छा गए। सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, जींद, कैथल, भिवानी, पानीपत, करनाल, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, गुरुग्राम, नूंह, फरीदाबाद, यमुनानगर, मेवात, झज्जर, रोहतक और पलवल में इस दौरान हल्की बूंदाबांदी हुई। वहीं पश्चिमी मौसम प्रणाली ने संपूर्ण इलाके के मौसम के मिजाज को बदलकर रख दिया है। भारतीय मौसम विभाग ने शनिवार के लिए भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि वर्तमान पश्चिमी विक्षोभ का असर शनिवार को भी देखने को मिलेगा। इससे हरियाणा, एनसीआर और दिल्ली में एक बार फिर से तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। एक नया पश्चिमी विक्षोभ सात अप्रैल से उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय होगा, जिससे 7, 8 व 9 अप्रैल के दौरान तेज गति से हवाएं, अंधड़, हल्की से मध्यम वर्षा व ओलावृष्टि की संभावना है। इस मौसम प्रणाली से उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर भारी बर्फबारी होने से मैदानी राज्यों विशेषकर हरियाणा में तापमान में रिकार्ड गिरावट देखने को मिलेगी। इसकी वजह से मौसम यू-टर्न लेगा और फरवरी जैसी ठंड की संभावना बन रही है। शुक्रवार को हिसार का दिन का तापमान 30.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.8 डिग्री सेल्सियस नीचे रहा। यहां एक ही दिन में 5.2 डिग्री सेल्सियस तापमान में गिरावट दर्ज हुई है। वहीं दूसरी तरफ रात का तापमान 19.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.9 डिग्री सेल्सियस अधिक है।

हरियाणा AAP के पूर्व अध्यक्ष का आरोप: राघव चड्ढा को ‘शीशमहल’ में मुर्गा बना पीटा गया था

रोहतक  हरियाणा में आम आदमी पार्टी के अध्यक्ष रहे नवीन जयहिंद ने अपने एक्स अकाउंट पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया है कि आप सांसद राघव चड्ढा को दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास रहे 'शीशमहल' (सीएम हाउस) में मुर्गा बनाकर पीटा गया था। नवीन के मुताबिक राघव के साथ ऐसा चार नेताओं के सामने किया गया था। यही नहीं उनका दावा है कि इस दौरान राघव की आंख पर चोट आई थी जिसका ईलाज करवाने वे इंग्लैंड गए थे जबकि लोगों को यह लग रहा था कि वे हनीमून मनाने गए हैं। यह सभी खुलासे राघव को खुद करने चाहिए। नवीन 2 मिनट के वीडियो में कहते हैं कि ‘आज एक वीडियो देखी हमारे पुराने साथी हैं राघव जी जो कि राज्यसभा में सांसद हैं। उन्हें पार्टी ने उप-नेता पद से हटा दिया। और अभी उनका वीडियो देखा वह कह रहे हैं कि मैं दरिया हूं सैलाब आएगा। तो मैं उन भाई को कहना चाहता हूं कि आप सबको भी बता देना चाहता हूं कि वो राजदार हैं मालदार हैं दिल्ली और पंजाब के तो वे बताएं। राघव वो चीज बताएं कि जब उनको मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के शीशमहल में बुलाकर मुर्गा बनाकर पीटा गया था…तो क्यों नहीं बता रहे वे लोगों को ये बात?’ पूछा- कौन थे वो चार लोग? उन्होंने आगे कहा ‘उस टाइम पर जब सैलाब आया था और रोते हुए उनको आंख में चोट लगी थी तो फिर इंग्लैंड में जाकर उन्होंने अपनी ठीक करवाई। क्यों नहीं बताते वह ये बात। वो जितने मालदार, जितने सूटकेस और जितनी डील हुई थीं वो क्यों नहीं बताते। राघव जी आप राज्यसभा में हैं और आप जब इतना बोलते हैं तो वो भी बोलिए। बताइए कौन-कौन वो चार लोग कौन-कौन थे जो वहां पर बैठे थे। जहां पर आपको मुर्गा बनाया गया और पीटा गया।’ कौन हैं नवीन जयहिंद? आपको बता दें कि नवीन जयहिंद 2011 में अन्ना हजारे के आंदोलन से जुड़े थे। वे आम आदमी पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से एक रहे। पार्टी ने उन्हें हरियाणा की कमान सौंपी थी। हालांकि उन्होंने 2022 में आपसी मतभेद के चलते खुद को पार्टी से अलग कर लिया। उपनेता पद से हटाए जाने के बाद क्या बोले राघव? आपको बता दें कि राघव ने उपनेता पद से हटाए जाने के बाद अपने एक्स हैंडल पर एक वीडियो पोस्ट किया है जिसमें उन्होंने कहा है कि 'जब भी मुझे संसद में बोलने का मौका मिलता है, मैं जनता के मुद्दे उठाता हूं और शायद मैं ऐसे विषय उठाता हूं, जो आमतौर पर संसद में नहीं उठाए जाते लेकिन क्या जनता के मुद्दे उठाना कोई अपराध है? क्या मैंने कोई अपराध किया है? क्या मैंने कोई गलती की है? क्या मैंने कुछ गलत किया है? मैं यह सवाल इसलिए पूछ रहा हूं क्योंकि आप ने राज्यसभा सचिवालय से कहा है कि राघव चड्ढा को संसद में बोलने से रोका जाए। उन्होंने कहा कि अब कोई मुझे बोलने से क्यों रोकना चाहेगा? जब भी मैं बोलता हूं, मैं देश के आम आदमी की बात करता हूं। एयरपोर्ट पर महंगे खाने का मुद्दा, जोमैटो-ब्लिंकिट डिलीवरी राइडर्स की समस्या, खाने में मिलावट का मुद्दा, मिडिल क्लास पर टैक्स का बोझ, कंटेंट क्रिएटर्स पर स्ट्राइक का मुद्दा, टेलीकॉम कंपनियों द्वारा 12 महीनों में 13 बार रिचार्ज कराने का मुद्दा समेत अन्य मुद्दे संसद में उठाए हैं। आप नेता ने कहा कि और इन मुद्दों को उठाने के बाद देश के आम आदमी को फायदा हुआ लेकिन इससे आम आदमी पार्टी को क्या नुकसान हुआ? कोई मुझे बोलने से क्यों रोकना चाहेगा? कोई मेरी आवाज क्यों दबाना चाहेगा? खैर, आप लोग मुझे असीम प्यार देते हैं। जब भी मैं आपके मुद्दे उठाता हूं, आप मेरा हौसला बढ़ाते हैं इसके आप सभी का आभार करते हैं।

किसानों की सुविधा सर्वोपरि, खरीदी प्रक्रिया सुचारू रखने के निर्देश—गौरव गौतम

पलवल हरियाणा के खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने कहा कि किसानों को फसल खऱीद प्रक्रिया के दौरान किसी तरह की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। किसानों को बेची गई फसल का 72 घंटे बाद भुगतान किया जाएगा। मंत्री ने यह बात फसल खरीद प्रक्रिया का सुव्यवस्थित और सुचारू रूप से संचालन सुनिश्चित करने के लिए जिला के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ पलवल स्थित अनाज मंडी पहुंचकर व्यवस्थाओं और सुविधाओं का जायजा लेते हुए कही। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार रबी फसल खरीद सीजन के मद्देनजर किसानों की सुविधा और हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पूरी तरह सक्रिय है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि फसल खरीद प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, व्यवस्थित और समयबद्ध होनी चाहिए। किसी भी किसान को असुविधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला प्रशासन की ओर से अनाज मंडियों में नियुक्त किए गए नोडल अधिकारी किसानों की सुविधा के लिए अनाज मंडियों और फसल खरीद केंद्रों पर समुचित व्यवस्थाएं और सुविधाएं सुनिश्चित करवाएं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को किसानों की सुविधा के लिए मंडियों में बारदाना, झारनों और पंखों की पर्याप्त व्यवस्था करने सहित गेट पास व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी तरीके से संचालित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर उन्होंने अनाज मंडी की कैंटीन का भी निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस अवसर पर उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ, अतिरिक्त उपायुक्त डा. सुभिता ढाका, जिला नगर आयुक्त मनीषा शर्मा व अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।

नूंह से हिसार तक बदले गए जिला पुलिस कप्तान, एंटी करप्शन ब्यूरो को और मजबूत करने की कवायद

 चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने बृहस्पतिवार रात को पुलिस प्रशासन में व्यापक फेरबदल किया है। प्रदेश सरकार ने 24 आइपीएस और पांच एचपीएस अधिकारियों के तबादले किए। नूंह, हिसार, रोहतक, पलवल, चरखी दादरी, फतेहाबाद, डबवाली और नारनौल के जिला पुलिस अधीक्षकों को बदलकर उनके स्थान पर नई नियुक्तियां की गई हैं। गृह विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत और झज्जर कमिश्नरेट क्षेत्रों में डीसीपी स्तर पर भी महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। एंटी करप्शन ब्यूरो में आधा दर्जन नये आइपीएस व एचपीएस अधिकारियों की नियुक्तियां कर उसे मजबूत बनाया गया है। पिछले दिनों राज्य सरकार ने वरिष्ठ आइपीएस अधिकारियों की जिम्मेदारी में बदलाव किया था और उसके बाद कई आइएएस अधिकारियों के भी तबादले किए थे। पुलिस अधीक्षकों के तबादलों की सूची का पिछले काफी समय से इंतजार किया जा रहा था। यह वीडियो भी देखें इन आइपीएस अधिकारियों के हुए तबादले आईपीएस अधिकारी – पुरानी पोस्टिंग – नई पोस्टिंग     1. राजेश कुमार – एसपी नूंह – एसपी स्टेट क्राइम ब्यूरो     2. डा. अर्पित जैन – डीसीपी मुख्यालय गुरुग्राम – एसपी नूंह     3. सुरेंद्र भौरिया – एसपी रोहतक – एसपी एल एंड ओ     4. शशांक कुमार सावन – एसपी हिसार – एआइजी प्रशासन पुलिस मुख्यालय     5. मकसूद अहमद – अवकाश से वापसी – एसपी स्टेट विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो (मुख्यालय)     6. नितिश अग्रवाल – एडीसी गवर्नर एवं एसपी लोकायुक्त – एसपी पलवल     7. वरुण सिंगला – एसपी पलवल – एसपी सिक्योरिटी सीआइडी     8. अर्श कुमार वर्मा – एसपी चरखी दादरी – एसपी स्टेट विजिलेंस ब्यूरो एंड एंटी करप्शन ब्यूरो (मुख्यालय)     9. सिद्धार्थ जैन – एसपी फतेहाबाद – एसपी हिसार     10. नितिका खट्टर – एसपी डबवाली – एसपी फतेहाबाद     11. पूजा वशिष्ठ – एसपी नारनौल – एसपी स्टेट विजिलेंस एवं एंटी करप्शन ब्यूरो (मुख्यालय)     12. गौरव राजपुरोहित – डीसीपी पूर्वी गुरुग्राम – एसपी रोहतक     13. जसलीन कौर – डीसीपी झज्जर – एसपी डबवाली     14. मेधा भूषण – एसपी स्टेट विजिलेंस एवं एंटी करप्शन ब्यूरो – डीसीपी सोनीपत     15. दीपक जेवरिया – डीसीपी मानेसर – एसपी नारनौल     16. दीप्ति गर्ग – कमांडेंट चतुर्थ बटालियन आइआरबी मानेसर – डीसीपी झज्जर     17. लोगेश कुमार पी – डीसीपी झज्जर – एसपी चरखी दादरी     18. प्रबीना – डीसीपी सोनीपत – डीसीपी मानेसर, कमांडेंट चतुर्थ बटालियन मानेसर का अतिरिक्त कार्यभार     19. राजेश कुमार मोहन – डीसीपी यातायात गुरुग्राम – डीसीपी क्राइम फरीदाबाद     20. शुभम सिंह – डीसीपी झज्जर – डीसीपी क्राइम झज्जर     21. प्रतीक गहलोत – एडीशनल एसपी कुरुक्षेत्र – डीसीपी यातायात गुरुग्राम     22. सोनाक्षी सिंह – एडीशनल एसपी जींद – डीसीपी सोनीपत     23. कुमारी उत्तम – एडीशनल एसपी हिसार – डीसीपी एनआइटी फरीदाबाद     24. प्रतीक अग्रवाल – एडीशनल एसपी रोहतक – डीसीपी बल्लभगढ़ इन एचपीएस अधिकारियों के हुए तबादले आईपीएस अधिकारी – पुरानी पोस्टिंग – नई पोस्टिंग     1. ममता खर्ब – एडीशनल एसपी पलवल – एसपी स्टेट विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो मुख्यालय     2. सिद्धार्थ ढांडा – एसपी एल एंड ओ मुख्यालय – एसपी टेलीकाम पंचकूला     3. संदीप कुमार – एसपी स्टेट क्राइम ब्रांच – डीसीपी पूर्वी गुरुग्राम     4. धारणा यादव – एसपी स्टेट क्राइम ब्रांच – डीसीपी झज्जर     5. अनिल कुमार – एसपी स्टेट विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो – कमांडेंट पांचवीं बटालियन एचएपी मधुबन  

स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव का बड़ा फैसल,फतेहाबाद, हिसार और रोहतक समेत 5 जिलों में बनेंगे नए अस्पताल

चंडीगढ़ हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।  हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए मुख्यमंत्री द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में 8 नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पी.एच.सी.) के निर्माण के लिए 37.60 करोड़ रुपए की मंजूरी दी गई है। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि इन नए पी.एच.सी. के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी। यह पी.एच.सी. फतेहाबाद जिले के बनगांव और समैण, हिसार जिले के लाडवा, रोहतक जिले के गिरावड़ और समर गोपालपुर, सोनीपत जिले के फरमाणा और सरगथल तथा सिरसा जिले के मल्लेकन गांव में स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि सिरसा जिले के मल्लेकन गांव में मौजूदा पी. एच.सी. भवन को जर्जर और असुरक्षित घोषित किया जा चुका है, जिसके स्थान पर अब आधुनिक सुविधाओं से युक्त नया भवन बनाया जाएगा। वहीं अन्य गांवों में पहली बार पी.एच.सी. भवनों का निर्माण किया जाएगा, जिससे आसपास के क्षेत्रों के लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उनके नजदीक ही मिल सकेंगी। वित्तीय प्रावधानों की जानकारी देते हुए आरती सिंह राव ने कहा कि इस परियोजना के लिए 1144 लाख रुपए की राशि 15वें वित्त आयोग के तहत और 2616.72 लाख रुपए राज्य बजट हेड 4210 से खर्च किए जाएंगे। इस प्रकार कुल परियोजना लागत 37.60 करोड़ रुपए आंकी गई है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इन पी.एच.सी. के निर्माण कार्य को पूरा करने में लगभग 18 से 24 महीने का समय लगेगा। परियोजना के सुचारु क्रियान्वयन के लिए धनराशि चरणबद्ध तरीके से जारी की जाएगी।

फरीदाबाद को मिलेगी विकास परियोजनाओं की सौगात, स्वच्छता शुभंकर का अनावरण और बड़ी रैली की तैयारी

फ़रीदाबा हरियाणा के मुख्यमंत्री नायाब सिंह सैनी अपने दो दिवसीय दौरे पर आज फरीदाबाद पहुंच रहे हैं। दौरे के पहले दिन वह फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (FMDA) की महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता करेंगे। बैठक में शहर की आधारभूत संरचना, यातायात व्यवस्था, जल आपूर्ति, सीवरेज और शहरी नियोजन से जुड़ी विभिन्न विकास परियोजनाओं की समीक्षा की जाएगी।साथ ही इन परियोजनाओं को गति देने के लिए आवश्यक बजट को मंजूरी दी जाएगी। निगम के कार्यक्रम में होंगे शामिल दौरे के दूसरे दिन 4 अप्रैल को मुख्यमंत्री नगर निगम के एक कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। इस दौरान कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया जाएगा। इसके अलावा स्वच्छता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्वच्छता शुभंकर और स्वच्छता कर्मियों का भी अनावरण किया जाएगा। सेक्टर 12 स्थित रैली में पहुंचेगे इसी दिन हरियाणा सरकार में कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल की ओर से सेक्टर-12 में एक बड़ी रैली का आयोजन किया जाएगा। इस रैली को “धन्यवाद एवं विकसित फरीदाबाद रैली” नाम दिया गया है, जिसमें मुख्यमंत्री मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। रैली में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है।

विजिलेंस ब्यूरो को सौंपी गई वीसी के घोटालों की फाइल, करोड़ों की हेराफेरी और अवैध नियुक्तियों के आरोप

 चंडीगढ़ हरियाणा के चार विश्वविद्यालयों में वर्तमान व पूर्व कुलपतियों (वीसी) पर वित्तीय अनियमितताओं व भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं। सरकार ने इन मामलों की जांच के लिए समग्र फाइल राज्य सतर्कता और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसएंडएसीबी) के पास भेज दी है। इन कुलपतियों में गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय (जीजेयू) हिसार के कुलपति प्रो. नरसी राम, दीनबंधु छोटू राम विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीसीआरयूएसटी) मुरथल के प्रो. प्रकाश सिंह, श्री कृष्ण आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय (एसकेएयू) कुरुक्षेत्र के प्रो. करतार सिंह धीमान और महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) रोहतक पूर्व वीसी प्रो. राजबीर सिंह हैं। इन चारों के खिलाफ सरकार को कई शिकायतें मिली थीं। इसके बाद मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने जांच के लिए एसएंडएसीबी के डीजपी डॉ. अर्शिंदर सिंह चावला को फाइल भेजी दी। उनको एक तय समयसीमा में जांच पूरी करने के निर्देश दिए गए है। आरोप सही पाए जाने पर विजिलेंस तत्काल मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी भी कर सकती है। चावला ने बताया कि चारों विश्वविद्यालयों में भ्रष्टाचार संबंधित शिकायत आई है। अभी वरिष्ठ स्तर पर अधिकारियों की तरफ से जांच की जा रही है, जल्द ही आगे की जानकारी देंगे। ये हैं आरोप डीयूआरयूएसटी मुरथल : प्रोफेसर प्रकाश सिंह विद्यार्थी कोष के लगभग 50 करोड़ रुपये में हेराफेर किए जाने का आरोप है। आरोप है कि इस राशि को सरकारी बैंक के बजाय निजी बैंक में कम ब्याज दर पर फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) के रूप में रखा गया, जिससे विश्वविद्यालय को भारी वित्तीय नुकसान हुआ। जीजेयू हिसार, प्रो. नरसी राम नॉन-टीचिंग स्टाफ की भर्ती में बड़े पैमाने पर अनियमितता बरतने का आरोप है। इन आरोपों को लेकर वीसी ने कहा कि उनके कार्यकाल में अब तक नॉन टीचिंग स्टाफ की भर्ती नहीं की गई है और न इस तरह का मामला उनके सामने आया है। कब और किस वीसी के कार्यकाल में ऐसा हुआ, इसकी जानकारी उनको नहीं है। एसकेएयू, प्रो करतार सिंह धीमान आरक्षण नियमों और भर्ती रोस्टर का उल्लंघन करने के आरोप हैं। उन्होंने कहा कि आरोप बेबुनियाद हैं और किसने लगाए, यह भी कोई पता नहीं है। उनके पास कोई शिकायत व सवाल भी नहीं आया है। किसी भी प्रकार की कोई अनियमितता आरक्षण रोस्टर में भर्ती के दौरान नहीं की गई। समाज कल्याण विभाग से संबंध कर रोस्टर बनवाया गया और सरकार के नियमानुसार ही भर्ती की गई। एक एसोसिएट प्रोफेसर व 36 सहायक प्रोफेसर पदों पर भर्ती निकाली गई थी जिनमें 23 योग्य अभ्यर्थी मिले थे और उन्हें पूरे नियमों के अनुसार ही प्रक्रिया कर मार्च में ज्वाइन भी करवा दिया गया। बाकी पदों के लिए फिर से भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। एमडीयू रोहतक, पूर्व कुलपति राजबीर सिंह विश्वविद्यालय परिसर के लिए 20 हजार पौधों की खरीद में वित्तीय हेराफेरी और नियुक्तियों में अपने अधिकारों का गलत इस्तेमाल करने के आरोप हैं।

निजी बैंकों में सरकारी पैसे का निवेश पड़ा भारी, अब 3 दिन में देनी होगी पाई-पाई की जानकारी

चंडीगढ़ आईडीएफसी फर्स्ट व कोटक महेंद्रा बैंक में सरकारी राशि के गबन के केस सामने आने के बाद हरियाणा सरकार सतर्क हो गई है। वित्त विभाग ने सभी प्रशासनिक विभागों को उनके बैंक खातों और फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) से संबंधित जानकारी तीन दिन में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। अतिरिक्त मुख्य सचिव ने पत्र जारी कर सभी प्रशासनिक सचिवों और विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि वे निर्धारित प्रारूप में जानकारी जल्द से जल्द उपलब्ध कराएं। पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि सभी विभाग, निगम व बोर्ड अपनी जानकारी पहले संबंधित विभाग को भेजेंगे, वहीं से इसका संकलन कर आगे भेजा जाएगा। नियमों का पालन न करने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। हरियाणा सरकार के कई विभागों का पैसा निजी बैंकों में पड़ा था जिसे बैंक कर्मियों ने मिलीभगत कर रियल एस्टेट व ज्वेलरी में निवेश कर दिया। इससे सबक लेते हुए अब हरियाणा सरकार ने निर्देश जारी किए हैं। हालांकि वित्त विभाग ने साल 2025 में भी निर्देश दिए थे। इन निर्देशों में सभी विभागों को अपने बैंक खातों और एफडी का आंतरिक ऑडिट कर 15 दिन में रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया था। इसके बावजूद कई विभागों से अधूरी जानकारी मिली या निर्धारित फॉर्मेट में डेटा प्रस्तुत नहीं किया गया। कुछ मामलों में फील्ड कार्यालयों ने सीधे वित्त विभाग को जानकारी भेज दी जबकि विभागीय स्तर पर इसके संकलन कर भेजा जाना था। वित्त विभाग ने नाराजगी जताते हुए कहा है कि यह प्रक्रिया निर्धारित नियमों के खिलाफ है और इससे डेटा की सटीकता भी प्रभावित होती है। तय फार्मेट में पांच तक भेजनी है जानकारी सभी विभागों को 20 मार्च 2026 तक की जानकारी 5 अप्रैल 2026 तक अनिवार्य रूप से भेजने के निर्देश दिए गए हैं। वित्त विभाग ने इसके लिए सभी विभागों को एक प्रारूप भेजा है। जारी प्रारूप में बैंक खाता संख्या, खाता खोलने की तिथि, बैंक और शाखा का नाम, बैलेंस, खाते का प्रकार व वित्त विभाग की अनुमति से खाता खोला गया या नहीं जैसी जानकारियां मांगी गई हैं। एफडी के लिए जमा राशि, ब्याज दर, परिपक्वता तिथि और अन्य विवरण देने होंगे।  

किसान की फसल का एक-एक दाना खरीदने के लिए हरियाणा सरकार प्रतिबद्ध: अमित अग्रवाल का बयान

चंडीगढ़  हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव अमित अग्रवाल ने जिला उपायुक्त (डीसी) आयुष सिन्हा के साथ फरीदाबाद जिले की मोहना अनाज मंडी का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मंडी से जुड़ी समस्याओं को लेकर किसान, आढ़ती व अन्य संबंधित हितधारकों से चर्चा कर फीडबैक लिया। निरीक्षण दौरे में किसानों की मांग पर प्रतिबद्धता जताते हुए मौके पर ही समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के स्पष्ट निर्देश दिए है कि किसानों की फसल का एक-एक दाना खरीदा जाएगा और साथ ही गेहूं की खरीद के बाद भुगतान किसानों के खातों में सीधे स्थानांतरित किया जाएगा। उन्होंने किसानों के आश्वस्त करते हुए कहा कि "मेरी फसल मेरा ब्यौरा" पोर्टल के माध्यम से पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया गया है, जिससे किसान स्वयं अपनी फसल का पंजीकरण और ट्रैकिंग कर सकते हैं। पंजीकरण से किसी कारण वंचित किसानों को पुनः पंजीकरण की सुविधा जल्द उपलब्ध करवाई जाएगी।  बीते दस वर्षों से लगातार किसान हित में अग्रणी भूमिका निभा रही हरियाणा सरकार   अमित अग्रवाल ने किसानों को पिछले 10 वर्षों में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में की गई उपलब्धियां की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की नीतियों ने 'अन्नदाता' को 'उद्यमी' बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पड़ोसी राज्यों की तुलना में प्रदेश के किसानों को अधिक लाभ दिए जा रहे है। सरकार का एकमात्र उद्देश्य जनहित है। उन्होंने कहा कि किसान व कृषि कार्यों से जुड़े हितधारकों की समस्या व सुझाव पर सरकार का पूरा फोकस है। उन्होंने हितधारकों को आश्वस्त किया कि बीते वर्ष में आई किसी भी समस्या का इस बार दोहराव नहीं होगा। अधिकारी अपने स्तर पर फसल खरीद, उठान व भंडारण के अलावा मंडी में मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने बताया कि मंडी में सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक कांटे, किसान सुविधा केंद्र तथा अटल किसान कैंटीन जैसी व्यवस्थाएं शुरू की गई हैं। अटल किसान कैंटीन में मात्र 10 रुपये में भरपेट भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे किसानों और मजदूरों के लिए राहत कार्य किए जा रहे हैं। किसान व आढ़ती वर्ग ने सरकार की फसल खरीद प्रक्रिया से संतुष्टि जताई। 

अवैध निर्माण पर सख्ती: पानीपत में कॉलोनियों पर चला बुलडोजर, बिल्डर भी रडार पर

पानीपत. नगर निगम पानीपत ने बुधवार को अवैध कॉलोनियों और कब्जाधारियों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाते हुए कई स्थानों पर तोड़फोड़ की कार्रवाई की। यह कार्रवाई हरियाणा नगर निगम अधिनियम 1994 के तहत पूर्व में जारी नोटिसों की अनदेखी के बाद की गई। जिलाधीश द्वारा नियुक्त ड्यूटी मजिस्ट्रेट सुमित नांदल की निगरानी में निगम टीम ने पुलिस बल के साथ मिलकर विभिन्न स्थानों पर अवैध निर्माण ध्वस्त किए। बरसत रोड स्थित भैंसवाल मोड़ पर निगम भूमि पर अवैध रूप से बने करीब 15 खोखे और एक डेयरी को तोड़ा गया। इसके अलावा सरदार के डेरा के पास करीब तीन एकड़ में विकसित अवैध कॉलोनी में सड़कों और नींव को ध्वस्त किया गया। विजय नगर क्षेत्र में करीब 2 एकड़ में विकसित हो रही कॉलोनी सहित आसपास की लगभग 16 एकड़ में फैली दो अवैध कॉलोनियों में भी सड़कों व नींव पर कार्रवाई की गई। उझा रोड स्थित बीबीएम एन्कलेव, उझा गेट के पास तथा इंडो फार्म के नजदीक भी अवैध निर्माणों को हटाया गया। नगर निगम ने स्पष्ट किया कि अवैध कॉलोनी काटने वाले मालिकों और प्रॉपर्टी डीलरों के खिलाफ धारा 350-सी के तहत एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी की कार्रवाई भी की जाएगी। दो से तीन बार नोटिस दिए – शहर में 32 अवैध कॉलोनियों की पहचान की गई है, जिन्हें पहले ही दो से तीन बार नोटिस दिए जा चुके हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे प्लाट खरीदने से पहले उसकी वैधता की जांच अवश्य करें। –डॉ. पंकज यादव, आयुक्त नगर निगम पानीपत