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आस्था का संगम: रामगढ़ के कैथा कब्रिस्तान में मसीही समुदाय ने मोमबत्तियां जलाकर दी अपनों को श्रद्धांजलि

रामगढ़  गुड फ्राइडे के बाद विशेष संडे के अवसर पर, प्रभु यीशु के पुनः जीवित होने की आस्था को याद किया जाता है. इस मौके पर झारखंड के रामगढ़ जिले के सीएनआई चर्च से जुड़े मसीही समुदाय के लोगों द्वारा कब्रिस्तान में विशेष प्रार्थना कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और अपने दिवंगत परिजनों को श्रद्धांजलि अर्पित की. सुबह 4 बजे से शुरू हुई आराधना कार्यक्रम की तैयारी शाम में ही पूरी कर ली गई थी, जिसके बाद सुबह 4 बजे से आराधना की शुरुआत हुई. CNI कैथा कब्रिस्तान में श्रद्धालु एकत्रित हुए, जहां धार्मिक विधि-विधान के साथ प्रार्थना की गई. मोमबत्तियां जलाकर दी श्रद्धांजलि इस दौरान मसीही श्रद्धालुओं ने मोमबत्तियां जलाकर अपने प्रियजनों को याद किया और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की. पूरे कार्यक्रम के दौरान माहौल शांति, आस्था और श्रद्धा से भरा रहा. लोगों ने एकजुट होकर प्रार्थना की और प्रेम, शांति और भाईचारे का संदेश दिया. लोगों ने क्या कहा इस मौके पर मौजूद लोगों का कहना था कि इस तरह के आयोजन न केवल दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि देने का माध्यम हैं, बल्कि समाज में एकता और सद्भाव को भी मजबूत करते हैं.

नागपुर मंडल में मरम्मत कार्य: 20 दिनों तक नहीं चलेंगी तीन बड़ी ट्रेनें

ग्वालियर. दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के नागपुर मंडल अंतर्गत गोंदिया स्टेशन पर प्लेटफार्म नंबर तीन स्थित लाइन नंबर पांच वाशेबल एप्रन को डिस्मेंटल कर उसे बैलेस्टेड ट्रैक में परिवर्तित करने के लिए कार्य किया जाएगा। इसके चलते स्टेशन पर अगले 20 दिनों तक आवागमन बंद रहेगा। इसके चलते ट्रेन क्रमांक 18237-18238 छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस पांच से 27 अप्रैल तक रद रहेगी। ट्रेन क्रमांक 12409 रायगढ़-हजरत निजामुद्दीन गोंडवाना एक्सप्रेस छह, आठ, नौ, 10, 11, 13, 15 से 18, 20, 22 से 24 अप्रैल तक रहेगी। इसी प्रकार ट्रेन क्रमांक 12410 हजरत निजामुद्दीन-रायगढ़ गोंडवाना एक्सप्रेस छह से नौ अप्रैल, 11, 13 से 16 अप्रैल, 18 व 20 से 22 अप्रैल तक रद रहेगी। वहीं ट्रेन क्रमांक 12807 विशाखापत्तनम-हजरत निजामुद्दीन समता एक्सप्रेस को पांच अप्रैल, सात से नौ, 11, 12, 14 से 16, 18, 19 व 21 से 23 अप्रैल को रद रहेगी। वहीं ट्रेन क्रमांक 12808 हजरत निजामुद्दीन-विशाखापत्तनम समता एक्सप्रेस सात अप्रैल, नौ से 11 अप्रैल, 13, 14, 16 से 18 अप्रैल, 20, 21, 23 से 25 अप्रैल तक रद की गई है।

जांजगीर में ब्लास्ट से हड़कंप: सीएससी सेंटर में विस्फोट, कंप्यूटर-प्रिंटर चकनाचूर

जांजगीर-चांपा जिले के मुलमुला थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बनाहिल में स्थित वेदांत सर्विस सीएससी सेंटर में डेटोनेटर फटने से हड़कंप मच गया। इस विस्फोट में दुकान संचालक को चोटें आई हैं, वहीं कंप्यूटर, कुर्सी, टेबल सहित अन्य सामान क्षतिग्रस्त हो गए। क्या है मामला जानकारी के अनुसार भूपेन्द्र कुमार साहू (37 वर्ष), ग्राम धरदेई, थाना शिवरीनारायण, वर्तमान में ग्राम बनाहिल में रहकर स्टेट बैंक के पास वेदांत सर्विस के नाम से सीएससी सेंटर संचालित करता है। शनिवार की रात करीब 11:45 बजे उन्हें दुकान का शटर खुलने-बंद होने जैसी आवाज सुनाई दी। जब वे कमरे से बाहर निकलकर दुकान पहुंचे, तो अंदर धुआं भरा हुआ था और कोई वस्तु जलती हुई नजर आई। जांच करने पर उन्होंने देखा कि वह एक डेटोनेटर था, जिसमें चार डेटोनेटर जुड़े हुए थे। खतरे को भांपते हुए उन्होंने उसे उठाकर दुकान के बाहर फेंक दिया। इसी दौरान जोरदार विस्फोट हो गया, जिससे दुकान के अंदर रखे कंप्यूटर, सीपीयू, कुर्सी, रैक और प्रिंटर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। विस्फोट की चपेट में आने से भूपेन्द्र साहू के बाएं पैर में भी चोट आई है। घटनास्थल का निरीक्षण घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम और फॉरेंसिक विभाग के वैज्ञानिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। प्रारंभिक जांच में यह मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है, जिसे गंभीरता से लेते हुए पुलिस हर पहलू पर जांच कर रही है। फिलहाल पुलिस दो संदेहियों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है एएसपी उमेश कश्यप का कहना है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।  

पश्चिमी सिंहभूम में मागे पर्व की धूम, आदिवासी समुदाय ने पारंपरिक वेशभूषा में की सुख-समृद्धि की कामना

 वेस्ट सिंघभूम   झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम के नोवामुंडी प्रखंड अंतर्गत गुवा क्षेत्र के नुईया गांव में आदिवासी समुदाय के लोगों ने पूरे हर्षोल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मागे पर्व मनाया. मागे पर्व पर लोग ढोल-नगाड़ों की थाप पर नाचे. इस मौके पर पूरे गांव में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला. इन जगहों से लोग हुए शामिल मागे पर्व के मौके पर जगन्नाथपुर, चाईबासा और दुरदरा सहित आसपास के क्षेत्रों से भी मेहमान पहुंचे और इस पारंपरिक पर्व में शामिल होकर खुशी साझा की. दूर-दराज से आए लोगों की मौजूदगी ने उत्सव की रौनक को और बढ़ा दिया. पारंपरिक वेशभूषा और सांस्कृतिक झलक इस दौरान बच्चे, बुजुर्ग, युवक और महिलाएं सभी पारंपरिक वेशभूषा में नजर आए. लोगों ने ढोल-नगाड़ों की थाप पर जमकर नृत्य किया. इस मौके पर पूरे गांव में उत्साह और उमंग का वातावरण बना रहा. पुजारी ने की पूजा-अर्चना गांव के पुजारी ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना कर गांव की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की. इस पर्व के माध्यम से आदिवासी समुदाय ने अपनी समृद्ध संस्कृति और परंपराओं को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया. मागे पर्व का यह आयोजन आपसी भाईचारे, एकता और सांस्कृतिक विरासत को संजोए रखने का संदेश देता है.

शहीद के संघर्ष और बलिदान की गाथा भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणा : राज्यपाल पटेल

भोपाल राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने धार जिले के गौरव, अमर शहीद नायब सूबेदार रवींद्र सिंह राठौर की प्रतिमा का रविवार को अनावरण किया। शहीद की वीरता को नमन करते हुए उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि शहीद की स्मृति को चिरस्थाई बनाने की यह पहल और अटूट निष्ठा अनुकरणीय है। राज्यपाल द्वारा शहीद की पत्नी  प्रताप कंवर और उनके परिवारजन का आत्मीय सम्मान किया गया। नगर परिषद द्वारा बदनावर की माथुर कॉलोनी में नवनिर्मित शहीद पार्क में समारोह का भव्य आयोजन किया गया था। राज्यपाल  पटेल ने शहीद रवींद्र सिंह के जीवन संघर्ष का उल्लेख करते हुए कहा कि ग्राम पाना के एक साधारण किसान परिवार में जन्मे रवींद्र सिंह ने सेना में भर्ती होने के लिए लगातार तीन बार प्रयास किए। उनकी यह जिद और देश सेवा का जज्बा ही उन्हें सेना तक ले गया। उन्होने बताया कि 9 जुलाई 2001 को जम्मू की सुरनकोट तहसील के जंगलों में आतंकवादियों से लोहा लेते हुए उन्होंने वीरगति प्राप्त की। उनका बलिदान धार जिले सहित पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने परिसर में पौध-रोपण कर पर्यावरण-संरक्षण का संदेश दिया। समारोह में केंद्रीय राज्यमंत्री  सावित्री ठाकुर, क्षेत्रीय विधायक  नीना वर्मा, पूर्व मंत्री  राजवर्धनसिंह दत्तीगांव, नगर परिषद अध्यक्ष मीना शेखर यादव सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।  

भारी ट्रैफिक जाम: जालंधर-पठानकोट रोड पर वाहनों की लंबी लाइनें

जालंधर. जालंधर से लुधियाना जाने वाले वाहन चालकों के लिए अहम सूचना है। जालंधर–लुधियाना हाईवे पर ईस्टवुड से फगवाड़ा की ओर भारी ट्रैफिक देखने को मिल रहा है, जिसके चलते वाहनों की रफ्तार काफी धीमी हो गई है। मिली जानकारी के अनुसार, इस रूट पर ट्रैफिक का दबाव अधिक होने के कारण जगह-जगह लंबा जाम लग रहा है। खासतौर पर ईस्टवुड चौक से लेकर फगवाड़ा की ओर जाने वाले मार्ग पर वाहन रेंग-रेंग कर चल रहे हैं। हालांकि, ट्रैफिक जाम की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाई है। प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस स्थिति को संभालने में जुटी हुई है। वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि वे जालंधर से लुधियाना की ओर निकलते समय सावधानी बरतें, संभव हो तो वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करें और जल्दबाजी से बचें। इसके पहले जालंधर-पठानकोट रोड पर भारी जाम लगा था। बताया जा रहा है कि किशनगढ़ थाने के अधीन आते गांव कुराड़ी में एक व्यक्ति छप्पर में गिर गया था। इस संबंध में परिवार द्वारा पुलिस को जानकारी दी गई पर पुलिस छानबीन पर ऐसे ही वापिस लौट गई। इसके बाद जब उन्होंने खुद जे.सी.बी. मंगवा छप्पर की छानबीन की तो युवक का शव मिला था। इसके बाद गुस्से में आए परिजनों द्वारा युवक का शव रख कर प्रदर्शन किया। सड़क जाम होने के कारण वाहनों की लंबी कतारें लगी और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बता दें कि इससे पहले भी इस छप्पर में 2 लोग गिर चुके हैं। 

भूसे से भरे ट्रक ने टूरिस्ट बस को मारी टक्कर, देवास हादसे में बड़ी संख्या में घायल

देवास. आष्टा-कन्नौद मार्ग पर सियाघाट के समीप रविवार को भूसे से भरे मिनी ट्रक व टूरिस्ट बस के बीच जोरदार भिड़ंत हो गई। हादसे में बस सवार 30 से अधिक यात्री घायल हो गए, वहीं दोनों वाहनों के चालकों को गंभीर चोट आई है। दोनों चालकों के प्राथमिक उपचार के बाद इनको रेफर कर दिया गया। यात्रियों में किसी को गंभीर चोट नहीं आई है। बताया जा रहा है टूरिस्ट बस में उत्तर प्रदेश के मेरठ के यात्री सवार थे। यह लोग ओंकारेश्वर में दर्शन करने के बाद सीहोर के लिए रवाना हुए थे। सीहोर में इनको रुककर बाद में मेरठ की ओर रवाना होना था। टक्कर इतनी जोरदार थी कि मिनी ट्रक के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए और वो पलट गया था। बस का अगला हिस्सा भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ है। चालक को झपकी लगने से हादसा बस में सवार यात्री पुलकित गर्ग ने बताया ओंकारेश्वर से निकलने के बाद कुबेरेश्वर धाम सीहोर पहुंचना था। रास्ते में अल सुबह बस के चालक को झपकी लगी और हादसा हो गया। हम लोग सो रहे थे, अचानक टक्कर से बस में सवार अधिकांश लोग घायल हो गए।

रोंगटे खड़े कर देने वाला खुलासा, कानपुर में टेक्नीशियन ने निकाली किडनी, पुलिस की रडार पर कई बड़े डॉक्टर

 कानपुर  कानपुर पुलिस को किडनी खरीद-फरोख्त मामले में कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। किडनी ट्रांसप्लांट गैंग का नेटवर्क लगातार बढ़ता जा रहा था। इस गैंग के सदस्य एक विदेशी महिला का किडनी ट्रांसप्लांट कर चुके हैं। इसके साथ ही इस दौरान एक महिला की मौत भी हो चुकी है। कानपुर कमिश्नरेट पुलिस की जांच में यह बातें खुलकर सामने आई हैं। पुलिस किडनी कांड में आठ लोगों की गिरफ्तारी कर चुकी है। जांच टीम को डॉ. रोहित, अली, अखिलेश समेत कई लोगों की तलाश है। किडनी कांड की जांच डीसीपी वेस्ट एमएम कासिम आबिदी कर रहे हैं। पुलिस ने गाजियाबाद से पकड़े गए दो ओटी टेक्नीशियन कुलदीप सिंह राघव और राजेश को शुक्रवार को जेल भेजा था। पुलिस की पूछताछ में दोनों ने कई अहम राज उगले थे। पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपी ओटी टेक्नीशियन मुदस्सर अली सिद्दीकी दिल्ली के उत्तम नगर का रहने वाला है। उसके घर पर दबिश दी गई, लेकिन वह पहले से फरार हो गया था। ओटी टेक्नीशियन ने किया ट्रांसप्लांट अली जिस मेडीलाइफ हॉस्पिटल में काम करता था। उस हॉस्पिटल के तीनों मालिक भी फरार हैं। वहीं, इस मामले में मेरठ के तीन डॉक्टरों के नाम भी प्रकाश में आए हैं। यह सभी किडनी ट्रांसप्लांट से जुड़े डोनर और मरीजों को ढूंढने का काम करते थे। जेल भेजे गए कुलदीप और राजेश ने पुलिस को बताया कि दिल्ली निवासी मुदस्सर अली सिद्दकी ने आयुष की किडनी निकाली और फिर पारुल तोमर को ट्रांसप्लांट कर दी। यदि पुलिस अली सिद्दकी को अरेस्ट करती है तो कई और बड़े नाम भी सामने आ सकते हैं। परिवार ने दी सफाई पुलिस ने जब मुदस्सर अली सिद्दकी के घर पर दबिश दी तो अली वहां नहीं मिला। लेकिन उसकी पत्नी, बेटी और परिवार के अन्य सदस्य मिले। पत्नी ने बताया कि मेरे पति अस्पताल में ओटी स्टॉफ हैं। वह कोई न्यूरोलोजिष्ट या डॉक्टर नहीं हैं। ओटी टेक्नीशियन किडनी ट्रांसप्लांट कैसे कर सकता है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि अली दिसंबर 2025 में मेडीलाइफ हॉस्पिटल में किडनी ट्रांसप्लांट कर चुका है। मेडीलाइफ हॉस्पिटल औरैया के डॉ. नरेंद्र, कन्नौज के डॉ. रोहन, डॉ. संदीप के पार्टनरशिप में है।  

मरुधरा में फिर बिगड़ेगा मौसम, अगले 48 घंटे में आंधी-तूफान की चेतावनी, तापमान में भारी गिरावट दर्ज

जयपुर  राजस्थान में मौसम का मिजाज लगातार बदला हुआ है। इसके चलते बारिश की लुका-छिपी बरकरार है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि 6 अप्रैल से एक नया और शक्तिशाली वेदर सिस्टम सक्रिय हो रहा है। इसके चलते प्रदेश के 13 जिलों में देखने को मिलेगा, यहां तेज आंधी, मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि की प्रबल संभावना है। ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में बारिश होगी। राजस्थान में हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। इसके चलते मौसम विज्ञान केंद्र ने आगामी बदलाव को देखते हुए जिलों को दो श्रेणियों में बांटा है। 4 जिलों में भारी बारिश और ओलों के लिए ऑरेंज अलर्ट और 9 जिलों में मध्यम बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी के चलते यलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस नए सिस्टम का प्रभाव 8 अप्रैल तक बना रह सकता है, जिससे जनजीवन और कृषि पर सीधा असर पड़ेगा। जानिए कैसा रहा बीते 24 घंटों का हाल शनिवार को भी वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की वजह से प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम बदला रहा। शाम होते ही जयपुर, अलवर, धौलपुर, कोटा और गंगानगर समेत कई जिलों में आसमान में घने बादल छा गए। सबसे अधिक बारिश उदयपुर के कोटड़ा क्षेत्र में सर्वाधिक 32 मिमी बारिश दर्ज की गई। वहीं दौसा, बारां, बूंदी और टोंक में जमकर ओले गिरे। दौसा के नांगल में तो ओलों की वजह से जमीन पर सफेद चादर सी बिछ गई, जिससे फसलों को भारी नुकसान हुआ है। ओलावृष्टि आने वाले दिनों में भी जारी रहेगी। तापमान में भारी गिरावट लगातार हो रही बारिश और ठंडी हवाओं के कारण राजस्थान में समय से पहले गर्मी की लहर गायब हो गई है। अधिकतम तापमान सामान्य से 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया है। चित्तौड़गढ़ में पारा 35.2 डिग्री रहा, जबकि जयपुर, जोधपुर और बीकानेर जैसे शहरों में भी मौसम ठंडा बना हुआ है। क्यों बदल रहा है मौसम? मौसम विशेषज्ञों के लिए मार्च-अप्रैल में इतने सक्रिय सिस्टम का बनना चर्चा का विषय है। सामान्यतः इस समय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस इतने प्रभावी नहीं होते, लेकिन इस बार उत्तर-पश्चिमी मैदानी क्षेत्रों में इनकी मजबूत स्थिति बनी हुई है। साथ ही, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी ने इस सिस्टम को और अधिक सक्रिय बना दिया है। हालांकि 5 अप्रैल को मामूली राहत मिल सकती है, लेकिन 6 अप्रैल से शुरू होने वाला नया दौर किसानों और आम जनता के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है। खुशेंद्र तिवारी

बारिश के बाद डेंगू फैलाव, लुधियाना में अब तक 100 से ज्यादा संक्रमित

लुधियाना. महानगर में समय से पहले डेंगू का खतरा बना हुआ है जो बारिश से और बढ़ गया है। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार मौसम में बदलाव के साथ-साथ ही मच्छरों का प्रकोप साफ देखने में नजर आ रहा था। शहर के हर हिस्से में मच्छरों की संख्या काफी तेजी से बढ़ रही थी अब इसमें और वृद्धि हो सकती है क्योंकि हर बारिश के बाद मच्छरों की संख्या बढ़ती है। अस्पतालों की रिपोर्ट की मानें तो डेंगू के मरीजों की संख्या 100 से पर हो चुकी है जबकि स्वास्थ्य विभाग 83 मरीजों को क्रॉस चैकिंग के नाम पर नैगेटिव करार दे चुका है और एक मरीज को अब तक पॉजिटिव बताया गया है। विशेषज्ञों के अनुसार हर अस्पताल अपने मानकों के हिसाब से डेंगू का टैस्ट करता है और फिर उसका उपचार जिससे मरीज ठीक होकर घर चला जाता है परंतु विलंब से भेजी गई सैंपल की रिपोर्ट्स जो स्वास्थ्य विभाग को क्रॉस चैकिंग के लिए भेजी जाती है। समय बीतने के साथ और लैब स्पैसिफिक सैंपल न होने के कारण बहुत बार मरीजों की रिपोर्ट फॉल्स नैगेटिव आ जाती है। उन्होंने बताया कि मरीज के ब्लड सैंपल्स को निर्धारित तापमान पर रखना आवश्यक है अगर ऐसा न किया जाए तो टैस्ट के नतीजे बदल सकते हैं । अब देखने वाली बात यह है कि क्या स्वास्थ्य विभाग सैंपल के रखरखाव में निर्धारित मापदंडों को पूरा करता है या नहीं। डेंगू की रोकथाम के लिए तैयारी पूरी नहीं स्वास्थ्य विभाग ने अब तक 83 मरीजों की क्रॉस चैकिंग के नाम पर रिपोर्ट तैयार की है, परंतु हर अस्पताल से स्वास्थ्य विभाग को रिपोर्ट्स नहीं भेजी जा रही जिसके लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से अस्पतालों को कोई पत्र जारी नहीं किया गया है और न ही अस्पतालों के प्रतिनिधियों से कोई मीटिंग की गई है कि व हर संदिग्ध और पॉजिटिव डेंगू के मरीजों की रिपोर्ट उसी दिन स्वास्थ्य विभाग को भेज दें। अभी तक स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्प्रे करने के लिए दवाइयां का स्टॉक मंगवाया गया है या नहीं फोकल सप्रे और डेंगू के लारवा की जांच के लिए टीमे गठित की गई है या नहीं यहां तक की डेंगू के मच्छर का लारवा खाने वाली गैंबुजिया मछली के लिए बनाए गए छोटे से तालाब में मछलियां रखी जा रही है या नहीं क्योंकि वहां पर मछलियों की जगह कबाड़ पड़ा हुआ दिखाई देता है। नगर निगम से तालमेल नहीं मच्छरों से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस वर्ष नगर निगम से कोई तालमेल नहीं किया गया है ताकि होगी का शैड्यूल बनाने के लिए कोई परस्पर सहमति बनाई जा सके। विशेषज्ञों का कहना की भले ही अभी मरीज की संख्या इतनी नहीं है परंतु लापरवाही के कारण मरीजों की संख्या एकाएक बढ़ सकती है। विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि बेमौसमी बारिश से डेंगू का प्रकोप समय से पहले शुरू हो सकता है।