samacharsecretary.com

CM भगवंत मान ने 508 नए वाहनों को हरी झंडी दी, ‘डायल 112’ सेवा में तेज़ी से मिलेगा मदद

संगरूर पंजाब की कानून व्यवस्था को अत्याधुनिक बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज एक बड़ा कदम उठाया है। संगरूर के लड्डा कोठी में आयोजित एक भव्य राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान, CM मान ने 508 हाई-टेक इमरजेंसी रिस्पांस वाहनों के बेड़े को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। 'डायल 112' सेवा के तहत तैनात होने वाले ये वाहन न केवल पुलिस के रिस्पांस टाइम को कम करेंगे, बल्कि राज्य के हर कोने में अपराध नियंत्रण को और अधिक प्रभावी बनाएंगे। समारोह को संबोधित करते हुए डीजीपी गौरव यादव ने मुख्यमंत्री का विशेष धन्यवाद किया। उन्होंने बताया कि पिछले चार वर्षों में राज्य सरकार ने लगभग 327 करोड़ रुपये की लागत से पंजाब पुलिस के वाहन बेड़े को अपग्रेड किया है। आधुनिक तकनीक से लैस इन वाहनों से पुलिस की कार्यक्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई संभव हो सकेगी। मुख्यमंत्री मान ने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार बनने पर उन्होंने वादा किया था कि पंजाब पुलिस को देश की बेहतरीन पुलिस बलों में शामिल किया जाएगा। इसी संकल्प के तहत पुलिस को आधुनिक संसाधन, बेहतर प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि नई गाड़ियों के शामिल होने से न केवल अपराध पर नियंत्रण मजबूत होगा, बल्कि आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना भी बढ़ेगी। समारोह के दौरान पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों में उत्साह देखने को मिला। इन क्विक रिस्पांस वाहनों के माध्यम से पंजाब पुलिस राज्यभर में अधिक प्रभावी व समयबद्ध सेवा देने के लिए तैयार है। 1. संगरूर से शुरुआत: पंजाब पुलिस को मिली डिजिटल ताकत मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इन वाहनों को पंजाब की जनता के लिए एक बड़ी सौगात बताया है। संगरूर के लड्डा कोठी में आयोजित कार्यक्रम का लाइव प्रसारण करते हुए उन्होंने कहा कि इन 508 वाहनों के शामिल होने से पुलिस बल की कार्यक्षमता कई गुना बढ़ जाएगी। ये सभी वाहन जीपीएस और अत्याधुनिक संचार प्रणालियों से लैस हैं, जो इन्हें एक "चलते-फिरते कंट्रोल रूम" के रूप में स्थापित करते हैं। 2. 'डायल 112' सेवा होगी और भी तेज अब पंजाब के किसी भी जिले में विषम परिस्थिति होने पर जैसे ही कोई नागरिक 112 नंबर डायल करेगा, पुलिस पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा तेजी से मौके पर पहुँचेगी। त्वरित सहायता: हाई-टेक लोकेशन ट्रैकिंग से नजदीकी वाहन तुरंत सक्रिय होगा। अपराध पर अंकुश: त्वरित रिस्पांस से अनहोनी या आपराधिक घटनाओं को समय रहते रोका जा सकेगा। जनता को सीधा लाभ: दूर-दराज के इलाकों में भी अब पुलिस की पहुँच मिनटों में सुनिश्चित होगी। 3. हाई-टेक फीचर्स से लैस हैं नए वाहन शासन स्तर से जारी किए गए ये 508 वाहन केवल परिवहन का साधन नहीं हैं, बल्कि आधुनिक तकनीक का बेजोड़ नमूना हैं। इनमें: रियल-टाइम डेटा सिंकिंग की सुविधा। एडवांस वायरलेस सेट और इमरजेंसी लाइट सिस्टम। सुरक्षा उपकरणों का पूरा किट मौजूद है, जो पुलिसकर्मियों को फील्ड में बेहतर प्रदर्शन करने में मदद करेगा। 4. कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने की प्रतिबद्धता CM भगवंत मान ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार का लक्ष्य पंजाब को अपराध मुक्त और सुरक्षित बनाना है। इन नए वाहनों की तैनाती पंजाब के सभी जिलों में समान रूप से की जाएगी। इससे न केवल शहरी क्षेत्रों में ट्रैफिक और सुरक्षा प्रबंधन सुधरेगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोगों के बीच सुरक्षा की भावना प्रबल होगी।

10 अप्रैल से मालवांचल, नर्मदापुरम और भोपाल में गेहूं उपार्जन, बाकी संभागों में 15 मार्च से खरीदी शुरू

भोपाल प्रदेश में गेहूं उपार्जन की प्रक्रिया एक बार फिर टल गई है। अब न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,885 रुपये प्रति क्विंटल पर खरीदी एक अप्रैल के बजाय 10 अप्रैल से शुरू होगी। इंदौर-उज्जैन (मालवांचल), नर्मदापुरम और भोपाल संभाग में 10 अप्रैल से खरीदी प्रारंभ होगी, जबकि अन्य संभागों में यह प्रक्रिया 15 अप्रैल से शुरू की जाएगी। कैबिनेट समिति की बैठक में लिया गया यह निर्णय किसानों के लिए अहम माना जा रहा है, हालांकि देरी को लेकर विपक्ष ने सरकार पर सवाल भी उठाए हैं। बोरों की कमी बनी देरी की वजह सरकार के अनुसार पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के कारण बोरों की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे खरीदी प्रक्रिया प्रभावित हुई। इस समस्या के समाधान के लिए सरकार ने चार करोड़ सिंगल यूज बोरे खरीदने के लिए टेंडर जारी किए हैं। जैसे ही इनकी आपूर्ति होगी, खरीदी में तेजी लाई जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि बोरों की उपलब्धता सुनिश्चित होते ही प्रक्रिया में कोई बाधा न आए। पारदर्शी और समयबद्ध खरीदी पर जोर खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि बैठक में खाद्यान्न आपूर्ति और भंडारण व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि गेहूं खरीदी प्रक्रिया पारदर्शी, सुचारु और समयबद्ध हो। किसानों को उपज का उचित मूल्य समय पर मिले और भुगतान में किसी प्रकार की देरी न हो, इसके लिए डिजिटल भुगतान प्रणाली को और मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। खाद्य सुरक्षा और प्रबंधन पर फोकस सरकार का मानना है कि व्यवस्थित और समय पर गेहूं खरीदी से न केवल किसानों को राहत मिलेगी, बल्कि प्रदेश की खाद्य सुरक्षा भी मजबूत होगी। बदलते वैश्विक हालात के बीच यह कदम राज्य में खाद्यान्न प्रबंधन को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विपक्ष ने उठाए सवाल उधर, कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री अरुण यादव ने सरकार के फैसले पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की फसल खेतों में पड़ी है, लेकिन सरकार खरीदी की तारीख लगातार आगे बढ़ा रही है। पहले 16 मार्च, फिर एक अप्रैल और अब 10 अप्रैल तय किया गया है, जिससे साफ है कि किसान सरकार की प्राथमिकता में नहीं हैं। बैठक में रहे कई मंत्री शामिल वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बैठक में राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह, किसान कल्याण मंत्री एंदल सिंह कंसाना और पशुपालन मंत्री लखन पटेल सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

1 अप्रैल से राजस्थान में जंगल सफारी का आनंद पड़ेगा महंगा, वन विभाग ने गुपचुप बढ़ाए 10% दाम

जयपुर  राजस्थान में एक अप्रैल से शराब महंगी होगी। राजस्थान में नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ ही एक अप्रेल से शराब की कीमतों में 8 से 10 प्रतिशत तक बढ़ोतरी होने जा रही है। राज्य सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए आबकारी ड्यूटी में 5 प्रतिशत की वृद्धि करते हुए इसे 75 प्रतिशत से बढ़ाकर 80 प्रतिशत कर दिया है। इस बढ़ोतरी का सीधा असर उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। बीयर की एक बोतल अब करीब 15 से 20 रुपए तक महंगी मिल सकती है, जबकि 1000 रुपए की शराब की बोतल की कीमत बढ़कर लगभग 1100 रुपए तक पहुंचने की संभावना है। विभाग के अनुसार, चालू वित्तीय वर्ष में आबकारी से करीब 19 हजार करोड़ रुपए के राजस्व का लक्ष्य रखा गया था। वहीं, आगामी वित्तीय वर्ष के लिए यह लक्ष्य बढ़ाकर 20 हजार करोड़ रुपए से अधिक निर्धारित किया गया है। कल से महंगा होगा जंगल घूमना, दस फीसदी बढे़गा किराया प्रदेशभर में बुधवार से आमजन का जंगल घूमना महंगा हो जाएगा। यानि अब पर्यटकों को जंगल या सफारी घूमने में थोड़ा ज्यादा खर्च करना पड़ेगा। वजह यह है​ कि वन विभाग ने दस फीसदी तक दाम बढ़ा दिए हैं। इस संबंध में विभाग ने गुपचुप आदेश जारी किए है। वन अधिकारियों के अनुसार एक अप्रेल से सफारी शुल्क में करीब 10 प्रतिशत तक वृद्धि होगी, जो जिप्सी और कैन्टर सहित विभिन्न श्रेणियों पर लागू रहेगी। वन विभाग के अनुसार यह निर्णय बढ़ती परिचालन लागत और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लिया गया है। यह जैविक उद्यानों और वन्यजीव अभयारण्यों में एक साथ लागू होगा। रणथंभौर में सफारी का समय बदलेगा रणथंभौर (सवाई माधोपुर) के डीएफओ संजीव शर्मा ने बताया कि 1 अप्रैल से सफारी के समय में बदलाव किया जाएगा। नए समय के अनुसार, मॉर्निंग सफारी सुबह 6 से 9.30 बजे तक और इवनिंग सफारी दोपहर 3 से शाम 6.30 बजे तक संचालित होगी।

विज्ञापन संख्या 01/2023 के तहत चयनित चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की होगी जांच, अंबाला से गुरुग्राम तक तय हुईं तारीखें

चंडीगढ़ हरियाणा में पिछले साल भर्ती 13 हजार 246 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का बायोमेट्रिक सत्यापन कराया जाएगा। राज्य सरकार ने विज्ञापन संख्या 01/2023 के तहत चयनित कॉमन काडर ग्रुप-डी के 13 हजार 246 कर्मचारियों का बायोमेट्रिक सत्यापन कराने का निर्णय लिया है। हरियाणा में पिछले साल भर्ती 13 हजार 246 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का बायोमेट्रिक सत्यापन  राज्य सरकार ने विज्ञापन संख्या 01/2023 के तहत चयनित कॉमन काडर ग्रुप-डी के 13 हजार 246 कर्मचारियों का बायोमेट्रिक सत्यापन कराने का निर्णय लिया है। पंचकूला में उपायुक्त तो शेष अन्य जिलों में मंडलायुक्त के स्तर पर यह कार्य किया जाएगा। मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार अंबाला मंडल में 20 अप्रैल को 1451 कर्मचारियों का बायोमेट्रिक सत्यापन किया जाएगा। इनमें 1417 कर्मचारी विभिन्न विभागों में तैनात हैं, जबकि 34 कर्मचारी मंडल आयुक्त कार्यालय से संबद्ध हैं।  करनाल मंडल में 21 अप्रैल को कुल 1662 कर्मचारियों का सत्यापन किया जाएगा  इनमें से 1584 कर्मचारी विभागों में कार्यरत हैं जबकि 78 कर्मचारी मंडल आयुक्त कार्यालय से संबद्ध हैं। रोहतक मंडल में 22 और 23 अप्रैल को 3750 कर्मचारियों का सत्यापन किया जाएगा। इनमें से 3389 कर्मचारी विभागों में कार्यरत हैं तथा 361 कर्मचारी मंडल आयुक्त कार्यालय से संबद्ध हैं। हिसार मंडल में 24 और 27 अप्रैल को 2918 कर्मचारियों का बायोमेट्रिक सत्यापन किया जाएगा। इनमें 2585 कर्मचारी विभागों में कार्यरत हैं जबकि 333 कर्मचारी मंडल आयुक्त कार्यालय से संबद्ध हैं। फरीदाबाद मंडल में 28 अप्रैल को 960 कर्मचारियों का सत्यापन किया जाएगा, जिनमें 954 विभागों में कार्यरत हैं तथा छह कर्मचारी मंडल आयुक्त कार्यालय से संबद्ध हैं। गुरुग्राम मंडल में 29 अप्रैल को 1841 कर्मचारियों का सत्यापन किया जाएगा, जिनमें 1801 विभागों में कार्यरत हैं तथा 40 कर्मचारी मंडल आयुक्त कार्यालय से संबद्ध हैं। पंचकूला में 30 अप्रैल को 664 कर्मचारियों का बायोमेट्रिक सत्यापन किया जाएगा। इनमें चंडीगढ़, पंचकूला तथा विभिन्न विभागों एवं मंडल आयुक्त कार्यालयों से संबद्ध शेष अभ्यर्थी शामिल होंगे। सभी मंडल आयुक्तों तथा उपायुक्त पंचकूला से अनुरोध किया गया है कि निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार बायोमेट्रिक सत्यापन के सुचारू संचालन हेतु आवश्यक स्टाफ एवं संसाधन उपलब्ध करवाएं। साथ ही सत्यापन के उपरांत उपस्थित, अनुपस्थित तथा सत्यापित उम्मीदवारों की संख्या संबंधी रिपोर्ट भी उपलब्ध करवाने को कहा गया है।

इंडस्ट्री को बड़ी राहत: लुधियाना और जालंधर में बिछेगी गैस पाइपलाइन, मंत्री का भरोसा

चंडीगढ़. राज्य में चालू वर्ष में 39 लाख पीएनजी गैस कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया है। उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा ने पत्रकारों से बातचीत में भरोसा दिलाया कि गैस पाइपलाइन नेटवर्क के विस्तार से इंडस्ट्री को गैस की किल्लत से पूरी तरह राहत मिलेगी। अरोड़ा ने बताया कि अब तक एक लाख 30 हजार कनेक्शन जारी किए जा चुके हैं और शहरों की हर गली तक पाइप लाइन पहुंचाने का काम तेजी से चल रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि रिहायशी क्षेत्रों में गैस की कोई कमी नहीं है और अब सरकार का फोकस औद्योगिक क्षेत्रों को कवर करने पर है। मंत्री ने कहा कि गैस पाइपलाइन दोराहा तक पहुंच चुकी है और जल्द ही लुधियाना की इंडस्ट्री को इससे जोड़ा जाएगा। इसके बाद जालंधर को भी नेटवर्क में शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जहां-जहां पाइपलाइन पहुंची है, वहां स्थिति बेहतर है और इंडस्ट्री को गैस की सप्लाई सुचारू बनी हुई है। अरोड़ा ने इंडस्ट्रियल फोकल प्वाइंट्स की समस्याओं का भी जिक्र किया। उन्होंने माना कि कई फोकल प्वाइंट्स में इंफ्रास्ट्रक्चर और मेंटेनेंस से जुड़ी दिक्कतें सामने आई हैं, जिन्हें दूर करने के लिए सरकार ने नई आपरेशन एंड मेंटेनेंस (ओ एंड एम) नीति लागू की है। इसके तहत अब स्थानीय स्तर पर ही फैसले लिए जा सकेंगे और जरूरी कामों में देरी नहीं होगी। इंडस्ट्री से जुड़ी सेवाओं में देरी का एक बड़ा कारण पालिसी इंटरप्रिटेशन और विभिन्न स्तरों पर मंजूरी (अप्रूवल) की प्रक्रिया थी। इसे दूर करने के लिए फास्ट सर्विस सिस्टम लागू किया गया है, जिसके तहत पहले 15 दिन में मिलने वाली सेवाओं को अब 10 दिन में पूरा किया जाएगा। अरोड़ा ने “फ्रीहोल्ड प्रापर्टी” का जिक्र करते हुए कहा कि फ्रीहोल्ड इंडस्ट्रियल प्लाट्स को अब प्राथमिकता के आधार पर तेज सेवाएं दी जाएंगी, ताकि उद्योगपतियों को कम समय में मंजूरी और सुविधाएं मिल सकें। इसके साथ ही “डेलीगेशन आफ पावर्स” के तहत अधिकारियों को अधिक अधिकार दिए गए हैं, जिससे उन्हें बार-बार उच्च स्तर पर अप्रूवल लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उन्होंने लीज होल्ड प्रापर्टी से जुड़े मुद्दों को भी स्वीकार किया और कहा कि इन मामलों में आ रही व्यावहारिक दिक्कतों को चरणबद्ध तरीके से हल किया जा रहा है, ताकि उद्योगों को किसी प्रकार की बाधा न हो। नई व्यवस्था के तहत अब संबंधित चार्जेज बिजली बिलों के साथ ही वसूले जाएंगे, जिससे कलेक्शन सुनिश्चित होगा। यह राशि स्पेशल पर्पज व्हीकल (एसपीवी) को ट्रांसफर की जाएगी, जो फोकल प्वाइंट्स में सड़कों, लाइटिंग और अन्य सुविधाओं पर खर्च तय करेगा। मंत्री ने दोहराया कि सरकार का लक्ष्य न केवल गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करना है, बल्कि फोकल प्वाइंट्स की समस्याओं को दूर कर उद्योगों के लिए बेहतर माहौल तैयार करना भी है, जिससे पंजाब में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार मिल सके।

स्वास्थ्य विभाग का नया फरमान, ओपीडी मरीजों के लिए निशुल्क स्कैनिंग सुविधा हुई बंद

अंबाला  कैंट व सिटी के नागरिक अस्पतालों में पीपीपी मोड पर चल रहे डायग्नोस्टिक केंद्रों में नि:शुल्क स्कैनिंग सुविधाओं के लिए स्वास्थ्य विभाग के एक ताजा फरमान ने मरीजों की मुसीबतें बढ़ा दी हैं। नियम के मुताबिक अब केवल अस्पताल में दाखिल मरीजों के ही नि:शुल्क यानी बीपीएल के तहत एमआरआई और सीटी स्कैन किए जाएंगे। जिले के दो बड़े नागरिक अस्पतालों में इस नियम को लेकर अलग-अलग कार्यप्रणाली अपनाई जा रही है। सिटी में जहां इसका पालन हो रहा है तो वहीं कैंट के नागरिक अस्पताल में अभी छूट दी जा रही है। यही कारण है कि मरीज असमंजस में फंस गए हैं। अनावश्यक स्कैन रोकने के लिए उठाया कदम स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जिले के नागरिक अस्पतालों में अनावश्यक तरीके से चल रहे निशुल्क सीटी स्कैन व एमआरआई पर शिकंजा कसने के लिए यह कदम उठाया है। सिटी व कैंट के नागरिक अस्पताल में अब ओपीडी के आधार पर मुफ्त सीटी स्कैन और एमआरआइ की सुविधा बंद कर दी गई है। 25 मार्च को जारी हुए आदेशों के बाद स्कैन के लिए मरीज को कुछ समय के लिए अस्पताल में फाइल बनाकर भर्ती होना पड़ेगा। ऐसे में अब मरीजों के लिए भी परेशानी बढ़ गई है। केस-1 : ओपीडी में भी स्पष्ट नहीं निर्देश सिटी के मनमोहन नगर निवासी सुनीता ने बताया कि बाइक से गिरने के कारण बेटे के सिर में चोट आई थी। तीन दिन से निजी अस्पताल में उपचार करवा रही हूं। स्कैन करवाने के लिए सिटी के नागरिक अस्पताल में गई तो उन्हें स्कैन से मना कर दिया गया। बोले कि पहले अस्पताल में दाखिल होना जरूरी है। बाद में पता चला कि कैंट में स्कैन हो रहा है तो अपने पति को भेजकर वहां से अपना स्कैन करवाया। अगर आदेश है तो उन्हें स्पष्ट तौर पर लगाया जाना चाहिए। केस-2 : सेंटर के कर्मी बोले- नहीं मिले ऑर्डर सोनिया कॉलोनी निवासी रजनी ने बताया कि वह अपनी टांगों में असहनीय दर्द के कारण आ रही हैं। पहले एक्स-रे करवाया था लेकिन उससे कुछ स्पष्ट नहीं हुआ। सीटी स्कैन के लिए बोला गया है लेकिन ओपीडी में जाते हैं तो वो दाखिल होने की बात बोलते हैं व काउंटर में जाते हैं तो वो अभी इस तरह का कोई ऑर्डर नहीं आने की बात बोल रहे हैं। ऐसे में वह असमंजस में हैं। अनावश्यक सीटी स्कैन व एमआरआई को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। अस्पताल में कुछ समय दाखिल होने के बाद ही नि:शुल्क सीटी स्कैन व एमआरआई होंगे ताकि उनके पास मरीज का पूरा रिकॉर्ड हो। यह निर्देश जारी कर दिए गए है। – डाॅ. सुखप्रीत सिंह, पीपीपी मोड सुविधा, नोडल अधिकारी।

लुधियाना हत्याकांड में 4 गिरफ्तार, ब्लॉक कांग्रेस प्रधान की हत्या में पिता और 3 बेटों पर FIR, मुख्य आरोपी की तलाश में ट्रैफिक जाम

लुधियाना   लुधियाना के कुमकल पुलिस स्टेशन के तहत तखरा में मच्छीवाड़ा ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष परमिंदर तिवारी की हत्या के मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की है। पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज पुलिस ने इस हत्याकांड में पांच आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इनमें एक ही परिवार के पिता और उनके तीन बेटे सहित एक अन्य व्यक्ति शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जय सिंह, उनके बेटे रवि कुमार, अमरीश और एक ग्रामीण सुनील के रूप में हुई है। वहीं, जय सिंह का तीसरा बेटा अजय कुमार इस मामले का मुख्य आरोपी बताया जा रहा है, जो अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। कुल्हाड़ी से किया गया हमला मामला मृतक के भतीजे शनि शर्मा की शिकायत पर दर्ज किया गया है। शिकायत के अनुसार, परमिंदर तिवारी अपने घर के बाहर बैठे हुए थे, तभी आरोपियों ने उन पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। इस हमले में उनकी मौके पर ही मौत हो गई। परिवार ने अंतिम संस्कार रोका पीड़ित परिवार ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाया है। उनका कहना है कि जब तक मुख्य आरोपी अजय कुमार को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक वे पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। परिवार की इस मांग के चलते मामला और संवेदनशील हो गया है। पुलिस ने खोखरां के जय सिंह, उसके बेटे रवि कुमार, दूसरे बेटे अमरीश व गांव के ही एक अन्य व्यक्ति सुनील को गिरफ्तार कर दिया है। वहीं जय सिंह के तीसरा बेटा व मुख्य आरोपी अजय कुमार पुलिस गिरफ्त से बाहर है। एफआईआर परमिंदर तिवारी के भतीजे शनि शर्मा की शिकायत पर दर्ज की गई। शनि शर्मा ने पुलिस को बताया कि उसके चाचा अपनी बिल्डिंग के बाहर बैठे थे जहां पर आरोपियों ने कुल्हाड़ी मारकर हत्या कर दी। कांग्रेस पार्टी के रोजा गिल ने पुलिस को चेतावनी दी है कि अगर आज कातिलों व साजिशकर्ताओं की गिरफ्तारी नहीं हुई तो बुधवार को पुलिस कमिश्नर लुधियाना के दफ्तर का घेराव किया जाएगा। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी पर अड़ा परिवार परमिंदर तिवारी के हत्यारोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं व ग्रामीणों ने माछीवाड़ा रोड पर धरना देकर चक्का जाम कर दिया है। धरने के दौरान पंजाब पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की जा रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। परिवार व लोगों का कहना है कि जब तक मुख्य आरोपी गिरफ्तार नहीं होता तब तक पोस्टमार्टम नहीं करवाएंगे। फोर्टिस अस्पताल की मॉर्चरी में है ब्लॉक प्रधान का शव कांग्रेस के ब्लॉक प्रधान परमिंदर तिवारी का शव अब भी फोर्टिस अस्पताल की मॉर्चरी में है। कांग्रेस के हलका इंचार्ज राजा गिल ने कहा कि पुलिस ने भले ही चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है लेकिन मुख्य आरोपी अब भी गिरफ्तार नहीं है। पुलिस ने पहले आरोपी का नाम बताया था विजय सोमवार को एडीसीपी ने हत्या के मुख्य आरोपी का नाम विजय कुमार बताया था लेकिन जो एफआईआर दर्ज की है उसमें मुख्य आरोपी का नाम अजय कुमार लिखा है। इससे पुलिस की जांच पर सवाल उठ रहे हैं। कोहाड़ा-माछीवाड़ा रोड किया बंद कांग्रेस कार्यकर्ता, ग्रामीण व माछीवाड़ा के स्कूल संचालक कोहाड़ा-माछीवाड़ा रोड पर धरना दिया है। कोहाड़ा-माछीवाड़ा रोड पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से बंद कर दिया है। राजा गिल का कहना है कि पुलिस कल से मुख्य आरोपी को पकड़ने में टाल मटोल कर रही है जिसकी वजह से धरना लगाया गया है। कारें लगाकर की सड़क बंद प्रदर्शनकारियों ने सड़क के बीचों-बीच अपने वाहन खड़े करके ट्रैफिक रोका है। वहीं पुलिस ने कोहाड़ा से माछीवाड़ा की तरफ जाने वाले ट्रैफिक को गांव के बीच से डायवर्ट कर दिया है। पुलिए कमिश्नर दफ्तर घेरेंगे कांग्रेस के हलका इंचार्ज राजा गिल का कहना है कि रोजाना हत्याएं हो रही हैं। उन्होंने कहा कि परमिंदर तिवारी की सरेआम हत्या कर दी गई है और पुलिस अभी तक मुख्य हत्यारोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। उन्होंने कहा कि परिवार कांग्रेस पार्टी ने फैसला किया है कि जब तक कातिल पकड़ नहीं जाते तब तक संस्कार नहीं करवाया जाएगा। राजा गिल ने कहा कि घटना के तीन चार घंटे पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। जिसकी वजह से कातिल पुलिस से दूर चले गए। राजा गिल ने बताया कि पंचायत की जमीन का कोई विवाद नहीं है। इसमें बड़ी साजिश है। उन्होंने कहा कि मारने वालों के साथ साथ साजिश करने वालों पर भी पर्चा दर्ज होना चाहिए। राजा गिल ने कहा कि पंजाब में जब से आम आदमी पार्टी की सरकार बनी है तब से कांग्रेस के चौथे ब्लॉक प्रधान की हत्या हो गई है। राजा गिल ने कहा कि अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने उन्हें विश्वास दिलाया कि अगर आज गिरफ्तारी नहीं हुई तो कल सीपी दफ्तर लुधियाना का घेराव करेंगे।

प्रदेश की लाइफलाइन हुई सशक्त: CM साय ने 370 नई एम्बुलेंस को दिखाई हरी झंडी

प्रदेश की लाइफलाइन हुई सशक्त: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 370 नई एम्बुलेंस को दिखाई हरी झंडी शहर में 15 और गांव में 30 मिनट में पहुंचेगी 108 सेवा: स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल 300 BLS, 70 ALS के साथ पहली बार 5 नियोनेटल ALS — नवजात शिशुओं के लिए ‘चलते-फिरते ICU’ की शुरुआत रायपुर  प्रदेश में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ और प्रभावी बनाने की दिशा में आज एक ऐतिहासिक पहल की गई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 300 बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) एवं 70 एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट (ALS) एम्बुलेंसों को हरी झंडी दिखाकर प्रदेश के सभी जिलों के लिए रवाना किया। इसके साथ ही 108 एम्बुलेंस की समस्त सेवाएं प्रदेशभर में तत्काल प्रभाव से प्रारंभ हो गई हैं,  जिससे आपातकालीन परिस्थितियों में नागरिकों को त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सहायता सुनिश्चित होगी। इस पहल के अंतर्गत पहली बार प्रदेश में 5 नियोनेटल ALS एम्बुलेंसों की शुरुआत की गई है, जो नवजात शिशुओं की आपातकालीन देखभाल के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगी। यह सेवा राज्य की नवजात सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है तथा गंभीर स्थिति में नवजात शिशुओं को सुरक्षित रूप से उच्च स्तरीय उपचार केंद्रों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं निरंतर सुदृढ़ हो रही हैं और पिछले दो वर्षों में इस क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता का भरोसा सरकारी अस्पतालों में लगातार बढ़ा है, जहां उन्हें समय पर उपचार मिल रहा है। उप-स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण एवं उन्नयन के कारण अब लोगों को छोटे-छोटे इलाज के लिए दूर शहरों की ओर नहीं जाना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार का लक्ष्य है कि शहरी क्षेत्रों में 15 मिनट और ग्रामीण क्षेत्रों में 30 मिनट के भीतर एम्बुलेंस सेवा उपलब्ध कराई जाए, ताकि हर जरूरतमंद मरीज तक समय पर स्वास्थ्य सहायता पहुंच सके। उन्होंने कहा कि 108 एम्बुलेंस सेवा का यह विस्तार आम जनता के विश्वास को और सशक्त करेगा कि संकट की घड़ी में सरकार पूरी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ उनके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से पहली बार शुरू की गई 5 नियोनेटल ALS एम्बुलेंस सेवा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह नवजात शिशुओं के जीवन की सुरक्षा के प्रति सरकार की गंभीरता और प्रतिबद्धता का प्रतीक है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने अपने संबोधन में कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं के लिहाज से आज का दिन राज्य के लिए ऐतिहासिक है और इससे लाखों लोगों को त्वरित चिकित्सा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ देश का दूसरा राज्य बन गया है, जहां नियोनेटल एम्बुलेंस सेवा शुरू की गई है। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार प्रकट करते हुए ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब स्वास्थ्य के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो रहा है और आने वाले समय में इसमें और तेजी देखने को मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि एम्बुलेंस सेवा में किसी भी प्रकार की देरी या कमी की शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, जिसके लिए विशेष मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार किया गया है। प्रदेश में एम्बुलेंस सेवा की समयबद्ध उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु यह लक्ष्य निर्धारित किया गया है कि शहरी क्षेत्रों में 15 मिनट एवं ग्रामीण क्षेत्रों में 30 मिनट के भीतर एम्बुलेंस सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि प्रत्येक जरूरतमंद तक समय पर सहायता पहुंच सके। नियोनेटल एम्बुलेंस सेवा को अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। इनमें प्रशिक्षित नवजात इमरजेंसी तकनीशियन, 24×7 ईएमटी एवं पायलट की उपलब्धता के साथ विशेषज्ञ चिकित्सक का ऑनलाइन मार्गदर्शन सुनिश्चित किया गया है। इन एम्बुलेंसों में इन्क्यूबेटर, वेंटिलेटर, डिफिब्रिलेटर, सिरिंज पंप, नेब्युलाइज़र, सक्शन मशीन, पर्याप्त ऑक्सीजन सपोर्ट एवं 41 प्रकार की आपातकालीन दवाओं सहित सभी आवश्यक जीवनरक्षक सुविधाएं उपलब्ध हैं, जो इन्हें “चलते-फिरते नवजात आईसीयू” के रूप में स्थापित करती हैं। इसके अतिरिक्त, BLS एवं ALS एम्बुलेंसों में मरीजों को मौके पर ही प्राथमिक एवं उन्नत चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए बीपी मॉनिटर, पल्स ऑक्सीमीटर, ईसीजी मॉनिटर, ग्लूकोमीटर जैसी जांच सुविधाओं के साथ ऑक्सीजन सपोर्ट, नेब्युलाइजेशन एवं अन्य आपातकालीन उपचार व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। गंभीर मरीजों के सुरक्षित स्थानांतरण हेतु पोर्टेबल वेंटिलेटर, डिफिब्रिलेटर मॉनिटर, सिरिंज पंप, लैरिंजोस्कोप सहित अन्य उन्नत उपकरण भी उपलब्ध कराए गए हैं। यह समग्र पहल प्रदेश के शहरी एवं दूरस्थ क्षेत्रों में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की सुलभ, त्वरित एवं प्रभावी उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए नागरिकों के लिए एक मजबूत जीवनरक्षक तंत्र के रूप में स्थापित होगी। इस अवसर पर विधायक मोती लाल साहू, विधायक इंद्र कुमार साहू, सीजीएमएससी के अध्यक्ष दीपक म्हस्के, स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया, संचालक स्वास्थ्य सेवाएं संजीव झा, प्रबंध संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन रणबीर शर्मा, आयुक्त चिकित्सा शिक्षा रितेश अग्रवाल सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

PACL घोटाले में ईडी का बड़ा कदम: 15,582 करोड़ की संपत्तियां लोढ़ा कमेटी के हवाले

चंडीगढ़  नगर निगम और क्रेस्ट से जुड़े करीब 200 करोड़ के घोटाले में एक नया मोड़ सामने आया है। इन मामलों में गिरफ्तार हुए आइडीएफसी बैंक के पूर्व मैनेजर रिभव ऋषि ने पुलिस रिमांड के दौरान बताया कि ऑडिटरों को खुश करने के लिए उनके घरों में सोलर पैनल लगवाए गए थे। ऋषि ने बताया कि हर तीन महीने में बैंक की ऑडिट की जाती थी। उनकी ब्रांच में नरेश सुखीजा और दीपक कुमार ऑडिट करने आए थे। उन्होंने ऑडिट को मैनेज करने के लिए अपने सेविंग खाते से उनके घरों पर सोलर पैनल लगवाए थे। यह रकम उन्होंने क्रेस्ट के प्रोजेक्ट डायरेक्टर सुखविंदर अबरोल के खाते में ट्रांसफर की थी। पुलिस ने रिभव ऋषि, अभय कुमार और सीमा धीमान को जिला अदालत में पेश किया। पुलिस ने सात दिन के रिमांड की मांग की, लेकिन अदालत ने चार दिन का रिमांड मंजूर किया। अब पुलिस इन आरोपियों को सुखविंदर अबरोल के साथ आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करेगी, जिससे घोटाले के पूरे नेटवर्क और अन्य शामिल अधिकारियों की भूमिका का खुलासा हो सके। ऑडिट मैनेज करने के लिए लगवाए गए सोलर पैनल रिभव ऋषि ने पुलिस पूछताछ में बताया कि हर तीन महीने में बैंक की ऑडिट होती थी। उनकी ब्रांच में ऑडिटर के रूप में नरेश सुखीजा और दीपक कुमार आते थे। ऑडिट में गड़बड़ियों को छिपाने के लिए उन्हें खुश रखने के उद्देश्य से उनके घरों पर सोलर पैनल लगवाए गए। इसके लिए ऋषि ने अपने सेविंग अकाउंट से रकम ट्रांसफर कर क्रेस्ट के प्रोजेक्ट डायरेक्टर सुखविंदर अबरोल के खाते में डाली थी। पुलिस ने हाल ही में सुखविंदर अबरोल को भी गिरफ्तार किया है, जिसे पांच दिन के रिमांड पर लिया गया है। 4.98 करोड़ की अवैध पेमेंट का खुलासा जांच में यह भी सामने आया कि 1 सितंबर 2025 को सनलिव सोलर कंपनी के खाते में 4.98 करोड़ रुपये की अवैध पेमेंट की गई थी। यह भुगतान नगर निगम के खाते से किया गया, जिसे आरोपित सीमा धीमान ने अप्रूव किया था। इस ट्रांजेक्शन को बैंकिंग स्तर पर रिलेशनशिप मैनेजर शमीम घर और आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के रीजनल हेड धीरेंद्र प्रताप सिंह द्वारा मंजूरी दी गई थी। हाल ही में पुलिस ने अबरोल को भी गिरफ्तार किया है जोकि पांच दिनों के रिमांड पर है। ऋषि ने रिमांड के दौरान बताया कि एक सितंबर 2025 को एक कंपनी सनलिव सोलर के खाते में 4.98 करोड़ रुपये की अवैध पेमेंट की गई थी। यह पेमेंट नगर निगम के खाते से हुई थी जिसे आरोपित सीमा धीमान ने अप्रूव किया था। इसके लिए नगर निगम के गवर्नमेंट बिजनेस बैंकिंग रिलेशनशिप मैनेजर शमीम धर और आइडीएफसी फर्स्ट बैंक के रिजनल हेड धीरेंद्र प्रताप सिंह की ओर से अप्रूवल दी गई थी। ऐसे में अब पुलिस ने अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है और अन्य अफसरों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। वहीं, सोमवार को पुलिस ने रिभव ऋषि, अभय कुमार और सीमा धीमान को जिला अदालत में पेश किया। पुलिस ने अदालत से इनका सात दिनों का और रिमांड मांगा, हालांकि जज ने चार दिनों का रिमांड मंजूर किया। पुलिस अब इन्हें सुखविंदर अबरोल के साथ आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करेगी। निगम का अकाउंटेंट फरार, फर्जी दस्तावेज बनाने के आरोप इस पूरे घोटाले में नगर निगम के अकाउंटेंट अनुभव मिश्रा की भी बड़ी भूमिका सामने आ रही है। यह मामला सामने आने के बाद से वह फरार है। मिश्रा ने सोमवार को गिरफ्तारी से बचने के लिए जिला अदालत में अग्रिम जमानत अर्जी भी दायर की है। वहीं, अन्य आरोपितों ने भी इस घोटाले के लिए फर्जी दस्तावेज बनाने में मिश्रा का ही नाम लिया है। रिभव ऋषि ने पुलिस को दिए बयान में कहा है कि नगर निगम और स्मार्ट सिटी परियोजना के बैंक खातों का लेन-देन अकाउंटेंट अनुभव मिश्रा करता था। फर्जी दस्तावेज अनुभव मिश्रा और बैंककर्मी अभय कुमार ने तैयार किए थे। वहीं, पुलिस जांच में सामने आया है कि लगभग 116.84 करोड़ रुपये की एफडीआर का रिकाॅर्ड बैंक सिस्टम में मौजूद नहीं था। पुलिस को 8.22 करोड़ रुपये से अधिक की तीन संदिग्ध एंट्रियां भी मिली हैं जोकि नगर निगम के रिकाॅर्ड से मेल नहीं खाती। ऐसे में पुलिस फर्जी एफडीआर तैयार करने में इस्तेमाल किए गए सिस्टम को बरामद करने की कोशिश कर रही है। इसी कारण पुलिस ने आरोपितों का रिमांड हासिल किया।  

प्रदेश में बदला मौसम का मिजाज, कोटा में ओलावृष्टि और तेज बारिश से तापमान में 6 डिग्री तक की गिरावट

जयपुर राजस्थान में सक्रिय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर मंगलवार को भी जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार आज प्रदेश के 7 जिलों में आंधी और बारिश हो सकती है, जबकि इसका प्रभाव अप्रैल के पहले सप्ताह तक बना रहेगा। सोमवार को इस सिस्टम का सबसे ज्यादा असर देखने को मिला। कोटा सहित कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई, वहीं कुछ जगहों पर ओलावृष्टि भी दर्ज की गई। कोटा में 20.4 मिमी से अधिक बारिश रिकॉर्ड हुई, जबकि अलवर के कोटकासिम और टपूकड़ा में भी हल्की बारिश हुई। पिछले 24 घंटे में स्थानों पर बारिश हुई पिछले 24 घंटे में अलवर, भरतपुर, धौलपुर, करौली, दौसा, सवाई माधोपुर, कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़ और टोंक के साथ जयपुर और अजमेर के कुछ हिस्सों में बादल छाए रहे और कई स्थानों पर बारिश हुई। वहीं श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू और बीकानेर में भी हल्की बारिश दर्ज की गई। मौसम में आए इस बदलाव से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। कई शहरों में अधिकतम तापमान 2 से 6 डिग्री तक नीचे आया, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। कोटा और चित्तौड़गढ़ में अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार अप्रैल की शुरुआत भी बारिश के साथ होने की संभावना है। हालांकि अगले दो-तीन दिनों में इस सिस्टम का असर धीरे-धीरे कमजोर पड़ेगा, जिसके बाद फिर से तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है। प्रदेश के शहरों का अधिकतम व न्यूनतम तापमान बीते 24 घंटों में प्रदेश के शहरों का अधिकतम व न्यूनतम तापमान इस प्रकार रहा। कोटा और चित्तौड़गढ़ में अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि बाड़मेर 36.4 और बारां, करौली व प्रतापगढ़ में 35.9 डिग्री रहा। जयपुर में अधिकतम तापमान 33.7 डिग्री और न्यूनतम 24.7 डिग्री दर्ज हुआ। अजमेर में 34/24.3, अलवर में 35/20.4 और उदयपुर में 35/23.2 डिग्री रहा। पिलानी 33.3/21, सीकर 29.5/21 और झुंझुनूं 31.8/22.5 डिग्री दर्ज किया गया। जोधपुर 35/25.7, बीकानेर 31.8/24 और चूरू 31.5/22.2 डिग्री रहा। गंगानगर में 34/20.6 और नागौर में 32.6/24.6 डिग्री तापमान दर्ज हुआ। दौसा 35.3/22.4, पाली 34.6/25.2 और सिरोही में 30.4/19.4 डिग्री तापमान रहा।