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आजीविका के लिए संघर्ष करने वाली महिला ने दुग्ध उत्पादन से दो साल में कमाए 67 लाख

आजीविका के लिए संघर्ष करने वाली महिला ने दुग्ध उत्पादन से दो साल में कमाए 67 लाख योगी सरकार की योजना का लाभ पाकर बन गईं सफल उद्यमी मिलिए सोनभद्र की लखपति दीदी से, आज संयुक्त परिवार के 14 लोगों की सम्भाल रहीं जिम्मेदारी एक साहसी महिला की कहानी उन ग्रामीण महिलाओं के लिए बनी प्रेरणा जो आगे बढ़ने का देखती हैं सपना परिवार संभालने के साथ ही बच्चों को उपलब्ध करा रहीं हैं बेहतर शिक्षा  लखनऊ  कभी आजीविका के लिए संघर्ष करने वाली सोनभद्र की विनीता आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चल रही महिला सशक्तीकरण की योजनाओं के सहारे सफलता का नया चेहरा बनकर उभरीं हैं। दुग्ध उत्पादन को आजीविका का आधार बनाकर उन्होंने सिर्फ दो वर्षों में 67 लाख रुपये की कमाई की और यह साबित कर दिया कि सही सरकारी सहयोग, बाजार और मेहनत मिल जाए तो गांव की महिलाएं भी आर्थिक समृद्धि की नई कहानी लिख सकती हैं। काशी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड से जुड़कर उन्होंने न सिर्फ अपनी जिंदगी बदली, बल्कि पूरे गांव और क्षेत्र की महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गई हैं। आज वे परिवार संभालने के साथ ही बच्चों को बेहतर शिक्षा भी उपलब्ध करा रही हैं। पहले निजी डेयरियों पर थी निर्भरता स्नातक तक पढ़ीं विनीता 14 सदस्यीय संयुक्त परिवार की जिम्मेदारी निभा रही थीं। पति अविनाश के साथ मिलकर वे 10-12 पशुओं के जरिए कार्य करती थीं, लेकिन निजी डेयरियों पर निर्भरता के कारण उन्हें समय पर और उचित मूल्य नहीं मिल पाता था। इससे आय सीमित थी। संघर्ष से निकली उम्मीद की राह दिन-रात मेहनत के बावजूद जब हालात नहीं बदले, तब विनीता ने काशी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी से जुड़ने का फैसला किया। इससे उन्हें उचित मूल्य, समय पर भुगतान और प्रशिक्षण की सुविधा मिली। यही वह मोड़ था, जिसने उनके जीवन को नई दिशा दी। दो साल में बनीं ‘लखपति दीदी’ विनीता ने वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाया। पशुओं की संख्या बढ़ाई और उत्पादन में बड़ा इजाफा किया। आज उनके पास 40 से अधिक दुधारू पशु हैं और वे ‘लखपति दीदियों’ में शामिल हो चुकी हैं। महज दो वर्षों में 67 लाख रुपये की आय अर्जित कर उन्होंने ग्रामीण महिला सशक्तीकरण का नया उदाहरण पेश किया है। हजारों महिलाओं के लिए बनीं प्रेरणा काशी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी पूर्वांचल के सात जिलों में 46 हजार से अधिक महिलाओं को रोजगार और सशक्तीकरण से जोड़ रही है। विनीता कहती हैं कि काशी मिल्क और स्वयं सहायता समूह ने मुझे न केवल आर्थिक मजबूती दी, बल्कि जीवन जीने का नया नजरिया भी दिया। योजनाओं का जमीनी असर योगी सरकार की महिला सशक्तीकरण और आजीविका से जुड़ी योजनाओं का असर अब गांवों में साफ दिख रहा है। विनीता जैसी महिलाएं न केवल अपने परिवार को बेहतर जीवन दे रही हैं, बल्कि समाज में बदलाव की अगुआ बन रही हैं। सोनभद्र की विनीता की यह कहानी बताती है कि अगर सही मंच, उचित मूल्य और सरकारी योजनाओं का साथ मिल जाए तो ग्रामीण महिलाएं भी सफलता की नई इबारत लिख सकतीं हैं।

अधिमान्य पत्रकार नेतृत्व समिति द्वारा सम्मान समारोह छत्तीसगढ़ के मनेद्रगढ़ जिले में संपन्न

अधिमान्य पत्रकार नेतृत्व समिति द्वारा सम्मान समारोह छत्तीसगढ़ के मनेद्रगढ़ जिले में संपन्न मनेद्रगढ़ अधिमान्य पत्रकार नेतृत्व समिति द्वारा छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़ में संपन्न हुई !जिसमें छत्तीसगढ़ शासन के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल जी एवं अधिमान्य पत्रकार नेतृत्व समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष डल्लू कुमार सोनी व छत्तीसगढ़ प्रदेश के अध्यक्ष द्रोणाचार्य दुबे की मुख्य उपस्थिति में सम्मान समारोह संपन्न हुआ जिसमें एमसीबी क्षेत्र के वरिष्ठ पत्रकारों को समिति द्वारा सम्मान किया गया जिसमें स्मृति चिन्ह के साथ-साथ साल सिर्फ फल देकर सम्मान किया! इस कार्यक्रम में जिले के पत्रकारों की मुख्य उपस्थिति में समिति द्वारा  पत्रकारों को संबोधित किया कार्यक्रम के पश्चात सम्मान किया गया! तथा समिति को आगे विस्तार हेतु चर्चा की गई जिसमें जल्द ही पूरे प्रदेश में समिति का विस्तार किया जाएगा!इस कार्यक्रम में सैकड़ो पत्रकार उपस्थित रहे!

सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा को गंगाजल से धोना पूरे गुर्जर समाज का अपमान: विधायक तेजपाल नागर

सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा को गंगाजल से धोना पूरे गुर्जर समाज का अपमान: विधायक तेजपाल नागर मिहिर भोज के अपमान पर बवाल, दादरी रैली पर तेजपाल नागर का अखिलेश पर तीखा हमला असफल साबित हुई अखिलेश की दादरी रैली: विधायक नागर नोएडा   दादरी में समाजवादी पार्टी की रैली के दौरान गुर्जर-प्रतिहार वंश के महान सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा को गंगाजल से धोए जाने की घटना ने सियासी माहौल को गरमा दिया है। दादरी से भाजपा विधायक तेजपाल नागर ने इसे भारत के महापुरुषों का अपमान बताते हुए सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सम्राट मिहिर भोज केवल एक नाम नहीं, बल्कि देश के गौरव, पराक्रम और सांस्कृतिक अस्मिता के प्रतीक हैं, ऐसे महापुरुष के साथ इस तरह का व्यवहार बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। तेजपाल नागर ने कहा कि जो लोग आज मंच से सम्मान और सामाजिक न्याय की बात करते हैं, उनके कार्यों में उस संवेदनशीलता का अभाव साफ दिखाई देता है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह घटना गुर्जर समाज ही नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के गौरवशाली इतिहास और परंपरा का अपमान है। नागर ने कहा कि सपा को इस पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए। भाजपा विधायक ने दादरी में आयोजित सपा की रैली को पूरी तरह असफल करार दिया। उन्होंने कहा कि जिस कार्यक्रम को “आह्वान” बताया गया, वह जमीनी हकीकत में असरहीन साबित हुआ। गुर्जर बहुल इस क्षेत्र में अपेक्षित जनभागीदारी का अभाव इस बात का संकेत है कि सपा का जनाधार खिसक चुका है। उन्होंने कहा कि रैली में खाली कुर्सियां ही सच्चाई बयां कर रही थीं। नागर ने कहा कि अखिलेश यादव दादरी के मंच से गुर्जर समाज को कोई ठोस संदेश देने में भी विफल रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा केवल चुनावी समय में समाज विशेष को साधने की कोशिश करती है, जबकि वास्तविकता में उसका सरोकार केवल सत्ता तक सीमित रहता है। पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए तेजपाल नागर ने कहा कि गौतमबुद्धनगर जिले को समाप्त करने का निर्णय सपा की नीतियों का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि यदि वास्तव में गुर्जर समाज के प्रति सम्मान होता, तो ऐसा निर्णय नहीं लिया जाता। बाद में हाईकोर्ट के हस्तक्षेप से जिले की पुनःस्थापना हुई, जो उस समय की सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करता है। नागर ने सपा सरकार के दौरान नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण में हुए कथित वित्तीय अनियमितताओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उस समय क्षेत्र में भ्रष्टाचार और अव्यवस्था का माहौल था, यहां के 500 करोड़ रुपए अन्य जगहों पर भेज दिए गए, जबकि वर्तमान में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में नोएडा प्रदेश के विकास और निवेश का प्रमुख केंद्र बन चुका है। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति मजबूत हुई है और विकास को प्राथमिकता दिया जा रही है। इसके विपरीत सपा अब भी जातीय आधार पर राजनीति करने की कोशिश कर रही है, जिसे जनता समझ चुकी है। तेजपाल नागर ने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता सपा को करारा जवाब देगी। उन्होंने कहा कि आज का मतदाता केवल भाषणों से प्रभावित नहीं होता, बल्कि वह काम, भरोसे और निरंतरता को महत्व देता है। दादरी की यह रैली सपा के लिए स्पष्ट संकेत है कि जमीन पर विश्वास खोने के बाद केवल नारेबाजी से राजनीति नहीं चल सकती।

सीएम लोकभवन में बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के कार्यक्रम में होंगे शामिल

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और मुख्य सेविकाओं को देंगे कई सौगात    सीएम लोकभवन में बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के कार्यक्रम में होंगे शामिल   आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और मुख्य सेविकाओं को देंगे ग्रोथ मॉनिटरिंग डिवाइस और स्मार्टफोन   नवचयनित आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को देंगे नियुक्ति पत्र, नए आंगनवाड़ी केंद्रों और परियोजना कार्यालयों का करेंगे शिलान्यास व लोकार्पण  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को लोकभवन सभागार में बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की महिला सशक्तीकरण, बाल विकास और रोजगार सृजन को नई गति देने वाली कई बड़ी पहल का शुभारंभ करेंगे। कार्यक्रम में आंगनवाड़ी सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के साथ-साथ मिशन रोजगार के तहत नियुक्ति पत्र भी वितरित किए जाएंगे।  सीएम योगी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को वितरित करेंगे ग्रोथ मॉनिटरिंग डिवाइस बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की डायरेक्टर सरनीत कौर ब्रोका ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा 30 मार्च को लोकभवन के सभागार में 10 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को ग्रोथ मॉनिटरिंग डिवाइस वितरित किए जाएंगे। इनमें स्टैडियोमीटर, इन्फैंटोमीटर और मदर एंड चाइल्ड वेटिंग स्केल शामिल हैं। प्रदेश में भर में कुल 1,33,282 स्टैडियोमीटर, 10,553 इन्फैंटोमीटर और 58,237 वेटिंग स्केल वितरित किए जाएंगे, जिससे बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण की निगरानी और अधिक सटीक व प्रभावी हो सकेगी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री द्वारा 10 नवचयनित आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किया जाएगा जबकि 46 जिलों में जनप्रतिनिधियों द्वारा 739 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं तथा 42 जिलों में 15,203 सहायिकाओं को नियुक्ति पत्र दिया जाएगा।  स्मार्टफोन वितरण कार्यक्रम का किया जाएगा शुभारंभ डायरेक्टर ने बताया कि कार्यक्रम में 10 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं मुख्य सेविकाओं को स्मार्टफोन भी वितरित किए जाएंगे। इसके साथ ही प्रदेश में कुल 69,794 कार्यकर्ताओं और मुख्य सेविकाओं को स्मार्टफोन वितरित करने की प्रक्रिया का शुभारंभ हो जाएगा। इससे डिजिटल मॉनिटरिंग, डेटा संग्रहण और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में सहायता मिलेगी। इसके अलावा मुख्यमंत्री आंगनवाड़ी केंद्र भवनों के नए डिजाइन का भी विमोचन करेंगे, जिसकी लागत लगभग 30.32 लाख रुपये प्रति भवन है। इतना ही नहीं, 13 जिलों में 633 आंगनवाड़ी केंद्रों, 28 जिलों में 71 बाल विकास परियोजना कार्यालयों और 27 जिलों में 69 अन्य केंद्रों के निर्माण कार्यों का शिलान्यास किया जाएगा। इन परियोजनाओं पर कुल 1,37,04.29 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। साथ ही 70 जिलों में 2,468 आंगनवाड़ी केंद्रों और 29 जिलों में 69 बाल विकास परियोजना कार्यालयों का लोकार्पण किया जाएगा, जिनकी कुल लागत 3,13,26.31 लाख रुपये है। इन परियोजनाओं से प्रदेश में बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

जगदलपुर में आज से शुरू होगा ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ का एथलेटिक्स रोमांच

रायपुर.  छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक धरोहर के केंद्र बस्तर में सोमवार से खेलों का एक नया इतिहास लिखा जाने वाला है। 'खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026' के प्रथम संस्करण के तहत रायपुर में हुए भव्य उद्घाटन के बाद अब खेल प्रेमियों की नजरें जगदलपुर के धरमपुरा स्थित क्रीड़ा परिसर पर टिकी हैं, जहाँ 30 मार्च से एथलेटिक्स की रोमांचक स्पर्धाएं शुरू होने जा रही हैं। इस आयोजन का शुभंकर 'मोर वीर' जनजातीय युवाओं के अदम्य साहस और ऊर्जा का प्रतिनिधित्व कर रहा है। केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया के मुख्य आतिथ्य और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में शुरू हुआ यह महाकुंभ अब अपने सबसे प्रतीक्षित चरण में प्रवेश कर रहा है, जिसमें देश के 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग 443 प्रतिभावान खिलाड़ी अपनी खेल प्रतिभा का लोहा मनवाएंगे। बस्तर में आयोजित होने वाली एथलेटिक्स स्पर्धाओं में कुल 17 विधाएं शामिल हैं, जिनमें 100 मीटर की फर्राटा दौड़ से लेकर 10,000 मीटर की लंबी दूरी की रेस, हर्डल्स, रिले रेस, और ऊँची व लंबी कूद जैसी श्रेणियाँ आकर्षण का केंद्र रहेंगी। पहले ही दिन डिस्कस थ्रो, लॉन्ग जंप और 110 मीटर हर्डल्स जैसे फाइनल मुकाबले देखने को मिलेंगे। शाम होते-होते 400 मीटर और रिले रेस के रोमांच के बीच विजेता खिलाड़ियों को पदक प्रदान किए जाएंगे। इस पूरे आयोजन के दौरान एथलेटिक्स में कुल 102 पदकों के लिए खिलाड़ी पसीना बहाएंगे, जिनमें छत्तीसगढ़ के 33 स्थानीय खिलाड़ी भी राज्य का मान बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।  प्रशासनिक स्तर पर इस आयोजन को 'खेलो इंडिया' के अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप भव्य बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी गई है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में खिलाड़ियों के आवास के लिए शहर के 13 प्रमुख होटलों को चिन्हित किया गया है, जबकि उनके आवागमन के लिए एसी वाहनों की सुविधा सुनिश्चित की गई है। सुरक्षा, चिकित्सा और अग्निशमन की पुख्ता व्यवस्था के साथ-साथ पर्यटन विभाग द्वारा आगंतुक खिलाड़ियों और ऑफिशियल्स को बस्तर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों का भ्रमण भी कराया जाएगा, ताकि वे खेल के साथ-साथ यहाँ के प्राकृतिक सौंदर्य और अनूठी संस्कृति से भी रूबरू हो सकें। भारतीय खेल प्राधिकरण के मार्गदर्शन में आयोजित यह स्पर्धा न केवल जनजातीय प्रतिभाओं को एक राष्ट्रीय मंच प्रदान करेगी, बल्कि बस्तर की वैश्विक छवि को एक खेल गंतव्य के रूप में भी स्थापित करेगी।

दो दिवसीय युवा विधायक सम्मेलन सोमवार से, लोकतंत्र में सक्रिय भागीदारी पर मंथन के लिए जुटेंगे युवा विधायक

भोपाल.  राष्ट्रकुल संसदीय संघ (भारत क्षेत्र 6) के तीन राज्यों मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़  एवं राजस्थान के युवा विधायकों का दो दिवसीय सम्मेलन  30-31 मार्च को मध्यप्रदेश विधानसभा में आयोजित किया जा रहा है। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने रविवार को कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लिया और कार्यक्रम सफल एवं सुचारु रूप से संपन्न हो इस के लिये संबंधित अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए।इस अवसर पर विधानसभा के प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा भी उपस्थित रहे। विधानसभा अध्यक्ष तोमर ने जानकारी देते हुए बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य लोकतंत्र को मजबूत करना और युवा जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर मंथन करना है। सम्मेलन में लोकतंत्र में युवाओं की भागीदारी और जिम्मेदारियों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। मध्यप्रदेश में इस तरह का युवा विधायक सम्मेलन होना गर्व की बात है। सम्मेलन में कुल पांच सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें पहले दिन तीन और दूसरे दिन दो सत्र होंगे। सम्मेलन में 45 वर्ष से कम उम्र वाले मध्यप्रदेश के 37, राजस्थान के 13 और छत्तीसगढ़ के 13 विधायक शामिल होंगे। सम्मेलन 30 मार्च 9:30 बजे से प्रारंभ होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव भी होंगे शामिल कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, विधानसभा के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी उपस्थित रहेंगे। सम्मेलन के प्रथम दिवस ‘लोकतंत्र और नागरिकों की भागीदारी को मजबूत करने के लिये युवा विधायकों की भूमिका’ विषय पर मंथन होगा। प्रथम दिवस माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलगुरु विजय मनोहर तिवारी भी युवा विधायकों को संबोधित करेंगे। सम्मेलन के दूसरे दिन 31 मार्च को ‘विकसित भारत 2047− युवा विधायकों के दायित्व एवं चुनौतियां’ विषय पर मंथन होगा। इस दिन अन्य सत्रों के अलावा एमआईटी पूना के चेयरमैन डॉ. राहुल वी. कराड का संबोधन होगा। समापन समारोह में राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश उपस्थित रहेंगे। संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय एवं नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार उपस्थित रहेंगे।  

सीएम योगी के निर्देश पर गन्ना विभाग और यूपीएसआरएलएम के बीच हुआ एमओयू

गन्ना उत्पादन, पौध तैयार करने और वैल्यू एडिशन में सक्रिय भागीदारी निभाएंगी महिलाएं  सीएम योगी के निर्देश पर गन्ना विभाग और यूपीएसआरएलएम के बीच हुआ एमओयू उत्तर प्रदेश में महिला स्वयं सहायता समूहों के सशक्तीकरण के लिए नई पहल  लखनऊ योगी सरकार ने प्रदेश की महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण और कृषि आधारित गतिविधियों में उनकी भागीदारी बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गन्ना विभाग और उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (यूपीएसआरएलएम) के बीच हाल ही में एमओयू (समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। अब प्रदेश की ‘आधी आबादी’ गन्ना उत्पादन, पौध तैयार करने और वैल्यू एडिशन जैसी गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाएगी। गन्ने से जुड़े अन्य उत्पाद बनाने का भी दिया जाएगा प्रशिक्षण गन्ना आयुक्त मिनिस्थी एस. ने बताया कि एमओयू का उद्देश्य महिला स्वयं सहायता समूहों को गन्ना आधारित आजीविका से जोड़ना है। इससे न केवल ग्रामीण महिलाओं की आय में वृद्धि होगी, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने का भी अवसर मिलेगा। प्रदेश में वर्तमान में लगभग 47.5 लाख गन्ना किसान चीनी मिलों को गन्ना आपूर्ति करते हैं। इसमें करीब 2.95 लाख महिला किसान शामिल हैं। इसके अलावा 57 हजार से अधिक महिला किसान 3,000 से ज्यादा महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से गन्ने की उन्नत किस्मों की पौध तैयार करने का कार्य कर रही हैं। ये समूह गन्ने की नई प्रजातियों के तेजी से प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इस पहल के तहत महिलाओं को केवल पौध उत्पादन तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उन्हें गन्ने से जुड़े अन्य कार्यों जैसे प्रसंस्करण, जैविक उत्पाद निर्माण, गुड़ और अन्य वैल्यू एडेड उत्पादों के निर्माण में भी प्रशिक्षित और प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ-साथ महिलाओं के लिए नए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। तकनीकी प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और विपणन पर दिया जा रहा जोर गन्ना आयुक्त का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मानना है कि प्रदेश के समग्र विकास में महिलाओं की भागीदारी अनिवार्य है। इसी सोच के तहत योगी सरकार लगातार महिला सशक्तीकरण को प्राथमिकता दे रही है। चाहे ‘मिशन शक्ति’ अभियान हो या स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा देने की योजनाएं, हर स्तर पर महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य है कि महिला स्वयं सहायता समूहों को संगठित कर उन्हें गन्ना क्षेत्र में तकनीकी प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और विपणन सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। इससे वे न केवल अपनी आय बढ़ा सकेंगी, बल्कि कृषि क्षेत्र में नवाचार और उत्पादकता वृद्धि में भी योगदान देंगी। यह पहल गन्ना उत्पादन प्रणाली में एक सकारात्मक बदलाव ला सकती है। महिला समूहों द्वारा तैयार की जा रही उन्नत किस्मों की पौध से गन्ने की उत्पादकता बढ़ेगी और किसानों को बेहतर गुणवत्ता का उत्पादन मिलेगा। साथ ही, वैल्यू एडिशन के जरिए उत्पादों का बाजार मूल्य भी बढ़ेगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक समृद्धि आएगी।

मध्य प्रदेश में BJP की तैयारी तेज, 1800 कार्यकर्ताओं को जल्द मिलेगी जिम्मेदारी

भोपाल एमपी बीजेपी में पार्टी नेताओं, कार्यकर्ताओं में और जोश जगाने सांग​ठनिक स्तर पर गहन विचार विमर्श चल रहा है। इसके अंतर्गत अब कुछ पद बांटे जाने का निर्णय लिया गया है। बताया जा रहा है कि प्रदेशभर के 18 सौ नेता-कार्यकर्ताओं को जल्द ही अहम दायित्व दिया जाएगा। इसके लिए पार्टी ने की पहल की है। नगरीय निकाय चुनावों से पहले पकड़ मजबूत करने खास एक्शन प्लान तैयार किया गया है। इसमें जिलों के अनुभवी नेताओं को एल्डरमैन बनाकर एडजस्ट करने की तैयारी की है। प्रादेशिक भाजपा नेताओं के मुताबिक लंबे अरसे से राजनीतिक नियुक्तियों के इंतजार में बैठे जिलों के वरिष्ठ नेताओं को एल्डरमैन में एडजस्ट करने की तैयारी कर चुकी है। इस पर जिले से प्रदेश संगठन के बीच समन्वय और सहमति बनाई जा चुकी है। हालांकि एल्डरमैन की परिषदों में कोई संवैधानिक भूमिका नहीं होती है पर इससे पार्टी कार्यकर्ताओं को अहमियत का अहसास जरूर होता है। एल्डरमैन को वोटिंग का अधिकार नहीं होता है और परिषदों की बैठक में भी इन्हें हिस्सा लेने का अधिकार नहीं है। पर पार्टी के वरिष्ठ नेता होने के नाते पार्षद या अध्यक्ष इनसे चर्चा कर मार्गदर्शन लेते हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक अब कभी भी एल्डरमैन की घोषणा हो सकती है। दरअसल, भाजपा नगरीय निकायों में होने वाली एल्डरमैन की नियुक्ति में उन्हीं चेहरों को तवज्जो देगी, जिसके अनुभव का लाभ पार्टी को चुनाव में मिले। साथ ही परिषदों के कामकाज और विकास कार्यों की भी मॉनीटरिंग करवाई जा सके। बता दें, संगठन द्वारा नियुक्त एल्डरमैन न तो परिषदों की बैठक में हिस्सा ले सकते हैं और न ही इनके पास वोटिंग का अधिकार होता है। कुल मिलाकर इनकी भूमिका मार्गदर्शक के रूप में होती है। 413 निकायों में 18 सौ से अधिक नेता होंगे एडजस्ट निकायों में नेताओं को एडजस्ट करने का फॉर्मूला पार्टी ने तैयार किया है। 413 निकायों में करीब 1800 सक्रिय कार्यकर्ताओं को एडजस्ट किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक निकायों में 10 लाख से अधिक आबादी वाले 12 निकायों में 4-4 एल्डरमैन और 10 लाख से कम आबादी वाले में 8-8 की नियुक्ति की जाएगी। ऐसे ही नगर पालिकाओं में 6-6 और नगर परिषदों में 4-4 का फॉर्मूला तय हुआ है।

श्रीधाम एक्सप्रेस में बड़ा बदलाव: एलएचबी कोच से बढ़ेगी रफ्तार और सुविधाएं

जबलपुर जबलपुर-हजरत निजामुद्दीन के बीच संचालित होने वाली श्रीधाम एक्सप्रेस की यात्रा जल्द ही और आरामदायक बनेगी। ट्रेन को 30 मई से लिंक हाफमैन बुश (एलएचबी) रैक से दौड़ाने का निर्णय किया गया है। एलएचबी कोच पारंपरिक (आईसीएफ) कोचों की तुलना में अधिक सुविधाजनक एवं सुरक्षित होते हैं। ये वजन में भी हल्के होते हैं। उच्च गति पर संचालन की क्षमता होती है। एलएचबी कोच की नई संरचना और स्वरूप यात्रियों को अधिक सुखद और सुविधाजनक यात्रा अनुभव प्रदान करते हैं। नए रेक से ट्रेन की गति औसतन 20 किलोमीटर प्रतिघंटा तक बढ़ेगी। चाल में वृद्धि की संभावना को ध्यान में रखकर ट्रेन को दिल्ली पहुंचाने की भी मंशा है। दिल्ली पहुंचाने में लेती है सबसे ज्यादा समय जबलपुर-हजरत निजामुद्दीन के बीच एक साप्ताहिक और चार ट्रेन प्रतिदिन संचालित होती हैं। इनमें दिल्ली पहुंचाने में सबसे ज्यादा समय (लगभग 18.30 घंटा) श्रीधाम एक्सप्रेस लेती है। यह ट्रेन इटारसी-भोपाल-बीना के रास्ते संचालित होने के कारण कटनी-सागर-बीना मार्ग के अपेक्षाकृत लगभग 130 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करती है। जबलपुर से दिल्ली के बीच सीधे चलने वाली अन्य ट्रेनों के अपेक्षाकृत यात्रा में औसतन साढ़े पांच से साढ़े छह घंटे का अतिरिक्त समय लगाती है। जिसके चलते ट्रेन दोपहर में दिल्ली पहुंचती है। सुपरफास्ट धीमी चाल यात्रियों को परेशान करती है। अब 22 कोच होंगे, स्लीपर के दो कोच घटेंगे श्रीधाम एक्सप्रेस (12192/91) का संचालन पश्चिम मध्य रेल करता है। वर्तमान में ट्रेन का 24 कोच का आइसीएफ रैक है। इसे एलएचबी रैक से परिवर्तित करने के साथ ही ट्रेन का कोच कांबिनेशन बदल जाएगा। थर्ड एसी के एक कोच की एसी इकोनामी कोच लेगा। दो स्लीपर कोच भी कम होंगे। 22 कोच के एलएचबी रेक में एक वातानुकूलित प्रथम श्रेणी, दो वातानुकूलित द्वितीय, पांच वातानुकूलित तृतीय, एक वातानुकूलित तृतीय इकोनॉमी, सात स्लीपर, चार सामान्य श्रेणी के कोच, एक एसएलआरडी एवं एक जनरेटर कार रहेंगे।

इचकेला की बेटियों ने क्रिकेट में रचा इतिहास, मुख्यमंत्री साय ने किया सम्मानित, किट देकर बढ़ाया हौसला

रायपुर.  सीमित संसाधनों के बीच बड़े सपने देखने वाली जशपुर जिले के इचकेला की बेटियों ने क्रिकेट के मैदान में ऐसा प्रदर्शन किया कि आज वे जिले ही नहीं, पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा बन गई हैं। उनकी इसी उपलब्धि पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शनिवार को जशपुर नगर के मल्टीपरपज इंडोर बास्केटबॉल स्टेडियम में उनसे मुलाकात कर उन्हें क्रिकेट किट प्रदान की और उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।  ग्राम इचकेला के शासकीय प्री-मैट्रिक कन्या छात्रावास की 16 बालिका खिलाड़ियों ने क्रिकेट में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए जिले को राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। मुख्यमंत्री ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी मेहनत, अनुशासन और लगन ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है और वे आगे भी इसी तरह राज्य और देश का नाम रोशन करती रहें। इचकेला एमसीसी एक क्रिकेट अकादमी के रूप में उभरकर सामने आई है, जहां से वर्तमान में 40 बालिकाएं नियमित रूप से क्रिकेट का प्रशिक्षण ले रही हैं। इनमें से 17 खिलाड़ी अंडर-17 और अंडर-19 वर्ग में राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में छत्तीसगढ़ टीम का प्रतिनिधित्व कर रही हैं और बोर्ड मैचों में लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं। वर्ष 2025 में सरगुजा संभाग ने 25 वर्षों बाद राज्य स्तरीय अंडर-17 क्रिकेट प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक हासिल किया। इस ऐतिहासिक जीत में इचकेला एमसीसी की भूमिका निर्णायक रही। विजेता टीम के 11 खिलाड़ियों में से 9 खिलाड़ी इसी अकादमी की थीं। वहीं अंडर-19 वर्ग में भी सरगुजा संभाग ने रजत पदक जीता, जिसमें 11 में से 8 खिलाड़ी इचकेला एमसीसी से थीं। रायगढ़ में आयोजित वर्ष 2025 के इंटर-स्टेट क्रिकेट टूर्नामेंट में देशभर की टीमों के बीच इचकेला की बेटियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान हासिल किया। अब तक इस समूह की 11 खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेकर जिले और राज्य का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। इन उपलब्धियों के पीछे कोच संतोष शंकर सोनी और पंडरी बाई का समर्पण और मार्गदर्शन प्रमुख रहा है।इचकेला की बेटियों की सफलता इस बात का सबूत है कि अगर मन में जुनून हो और सही मार्गदर्शन मिले तो संसाधनों की कमी भी सफलता के रास्ते में बाधा नहीं बनती।