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कलेक्टर ने लिया सख्त एक्शन: RI और पटवारी निलंबित, तहसीलदार को दी जबरदस्त फटकार, रेवेन्यू डिपार्टमेंट शून्य

सतना  मध्यप्रदेश के सतना में एक बड़ा एक्शन हुआ है। जिले मे बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आरआई और पटवारी को सस्पेंड कर दिया गया है जबकि तहसीलदार को जमकर फटकार लगाई है। कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार ने सिंघम अवतार लेते हुए ये एक्शन किया है । कलेक्टर के इस एक्शन से विभाग में हड़कंप मच गया है। कलेक्टर की कड़ी फटकार, बोले- रेवेन्यू डिपार्टमेंट शून्य हो गया, कोई काम नहीं कर रहा दरअसल कलेक्टर ने जिले के राजस्व अमले की कार्यप्रणाली पर बेहद गंभीर नाराजगी जाहिर करते हुए कडे और कठोर शब्द बोल दिए। कलेक्टर की नाराजगी का आलम क्या था इसका अंदाजा आप ऐसे लगा सकते हैं कि कलेक्टर ने  यहां तक कह दिया कि रेवेन्यू डिपार्टमेंट शून्य हो गया है। कोई काम नहीं कर रहा है , भू-माफियाओं से मिलीभगत अलग देखने को मिल रही है। फिर कलेक्टर ने कोई रहम न करते हुए गुस्से के अनुसार बड़ा एक्शन लेते हुए (RI) आरआई और  पटवारी पर गाज गिराते हुए सस्पेंड कर दिया और साथ ही तहसीलदार को भी जमकर फटकार की घुट्टी पिलाई है। इस रुप को देखकर कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। बेहद गुस्से में दिखे भड़के कलेक्टर सतीश कुमार कलेक्टर सतीश कुमार अधिकारियों के काम किस कदर आहत थे इसका पता इससे चलता है कि उन्होंने लापरवाही पर कड़े शब्द बोले। कलेक्टर ने कहा कि यहां के तहसीलदार कले•क्टर के कहने के बाद भी पटवारी से काम नहीं करवा पा रहे हैं, लोग कहीं भी मकान बना रहे हैं और अधिकारियों ने जैसे मौन साध रखा हो। कलेक्टर सरकारी जमीन के गलत सीमांकन पर कोठी तहसीलदार पर  इस कदर गुस्सा हुए कि पटवारी और आरआई को निलंबित करने के आदेश दे दिए।

ड्रग्स माफिया पर शिकंजा, 34.50 लाख की संपत्ति जब्त- पुलिस की कड़ी कार्रवाई

मोगा. मोगा जिले में नशा तस्करों के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी की लाखों रुपये की संपत्ति जब्त कर ली है। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गांधी के नेतृत्व में की गई, जिसके तहत गांव राजेयाना निवासी नशा तस्कर गुरतेज सिंह उर्फ तेजा की करीब 34 लाख 50 हजार रुपये मूल्य की संपत्ति को जब्त किया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई नशे के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा है। उपमंडल पुलिस अधिकारी बाघापुराना दलवीर सिंह के नेतृत्व में थाना समालसर और बाघापुराना की पुलिस टीम ने यह कदम उठाया। मामले की जांच के दौरान सामने आया कि गुरतेज सिंह को पहले 255 ग्राम हेरोइन सहित गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ दर्ज मामले के आधार पर उसकी संपत्ति की जांच की गई, जिसमें पाया गया कि यह संपत्ति गैरकानूनी तरीके से नशा तस्करी कर अर्जित की गई थी। इसके बाद संबंधित कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए आरोपी के रिहायशी मकान को जब्त करने की कार्रवाई की गई। मकान आरोपी के पिता के नाम पर यह मकान आरोपी के पिता सरबजीत सिंह के नाम पर गांव राजेयाना में स्थित है। पुलिस ने जब्ती की कार्रवाई के तहत मकान के बाहर नोटिस चस्पा कर दिया है, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि यह संपत्ति नशे के अवैध कारोबार से अर्जित की गई है और अब इसे जब्त कर लिया गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस कार्रवाई के लिए केंद्र सरकार के वित्त विभाग के सक्षम अधिकारी से अनुमति प्राप्त की गई थी, जिसके बाद कानून के तहत यह कदम उठाया गया। अभियान जारी रखेगी मोगा पुलिस वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गांधी ने कहा कि जिले में नशा तस्करों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और जो भी व्यक्ति नशे के कारोबार में लिप्त पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में ऐसे और मामलों में भी संपत्ति जब्त करने जैसी कड़ी कार्रवाई की जाएगी, ताकि नशा तस्करी पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। पुलिस की इस कार्रवाई को नशा विरोधी अभियान में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे तस्करों में भय का माहौल पैदा हुआ है।

राज्यपाल डेका से यूनीसेफ के इमेजिन वेंचर के प्रथम भारतीय पुरस्कार विजेता ने की सौजन्य भें

रायपुर राज्यपाल  रमेन डेका से आज लोकभवन में यूनीसेफ के इमेजिन वेंचर के प्रथम भारतीय पुरस्कार विजेता एवं एलियन इनोवेशन्स हैदराबाद के संस्थापक  रवि किरण ने सौजन्य भेंट की। इस दौरान उन्होंने दृष्टिबाधित व्यक्तियों के लिए विकसित नवीनतम सहायक उपकरण का प्रदर्शन किया और इसकी विशेषताओं की जानकारी दी।             रवि किरण ने बताया कि यह उपकरण दृष्टिबाधित लोगों को दैनिक जीवन में अधिक स्वतंत्र और आत्मनिर्भर बनने में सहायता करेगा। भेंट के दौरान उन्होंने राज्य में  दृष्टिबाधितजनों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से आगामी लॉन्च कार्यक्रम के लिए राज्यपाल को आमंत्रित भी किया।           राज्यपाल ने इस नवाचार की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास दिव्यांगजनों के जीवन को बेहतर बनाने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस अवसर पर एलियन इनोवेशन्स की प्रमुख सु हर्षिता भी उपस्थित थी।

हरियाणा के खिलाड़ियों को बड़ा तोहफा, खातों में पहुंचेगा 1.66 करोड़ का खुराक भत्ता

कैथल. खेल विभाग मुख्यालय की तरफ से 22 जिलों के 74 हजार 884 नर्सरी खिलाड़ियों के लिए 12.72 करोड़ रुपये का बजट जिला स्तर पर जारी किया जा चुका है। इनमें कैथल के 6302 खिलाड़ियों को एक करोड़ 66 लाख रुपये की राशि मिलेगी। खिलाड़ियों के खातों में यह राशि भेजने के लिए जिला खिल विभाग की तरफ से कागजी प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। इस सप्ताह खिलाड़ियों के खातों में राशि पहुंच जाएगी। नर्सरी खिलाड़ियों की यूनिक आइडी सहित अन्य जानकारी ली जा चुकी है। यह राशि जुलाई 2025 से सितंबर 2025 की है। पिछले सेशन के दौरान खेल नर्सरी में अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों को अभी तक भी खुराक भत्ता जारी नहीं किया गया था। अब तीन महीने की राशि खिलाड़ियों को मिल जाएगी। उम्मीद है जल्द ही बकाया पांच महीने की राशि भी जारी की जाएगी। इस समय प्रदेश में खेल नर्सरी नहीं चल रही हैं। फरवरी और मार्च में नर्सरी बंद रहती हैं और अप्रैल में इन्हें दोबारा से शुरू किया जाएगा। खिलाड़ी कई बार मांग कर चुके हैं कि उन्हें खुराक भत्ता की राशि हर माह दी जानी चाहिए। एक खेल नर्सरी में 25 खिलाड़ी अभ्यास करते हैं। विभाग की तरफ से आठ से 14 साल के खिलाड़ी को 1500 रुपये और 15 से 19 साल के खिलाड़ी को दो हजार रुपये महीना खुराक भत्ता दिया जाता है। नर्सरी में खिलाड़ियों को सुबह-शाम खेलों का अभ्यास करवाया जाता है। ग्रामीण एरिया के खिलाड़ियों को सबसे ज्यादा फायदा होता है। खेल विभाग की तरफ से अप्रैल में नई खेल नर्सरी शुरू कर दी जाएंगी। इसके लिए डिप्टी डायरेक्टर स्तर पर नर्सरी के लिए आवेदनों की जांच पूरी हो चुकी है। जिला खेल विभाग के पास विभिन्न खेलों के 279 आवेदन आए थे। इनमें से 89 आवेदन कमियां मिलने के कारण रद कर दिए गए थे। कुल 190 आवेदनों को पोर्टल पर अपलोड किया जा चुका है। इनमें से 71 खेल नर्सरी पंचायत, 77 खेल नर्सरी सरकारी स्कूल और 42 खेल नर्सरी निजी शिक्षण संस्थानों के लिए पास की गई थी। अब 190 में से कितनी नर्सरी शुरू होंगी इसका अंतिम फैसला मुख्यालय की तरफ से लिया जाएगा। उम्मीद है जल्द ही नर्सरी की लिस्ट जारी हो जाएगी। बता दें कि पिछले सेशन में जिले में 100 नर्सरी शुरू हुई थी। इनमें से 22 नर्सरी सरकारी प्रशिक्षण केंद्रों और 78 नर्सरी सरकारी स्कूलों व पंचायतों में शुरू की गई थी। पहले प्रदेश में करीब 1500 खेल नर्सरी थी और इस बार 2000 नर्सरी शुरू करने की तैयारी की जा रही है। जिला खेल अधिकारी राजरानी ने कहा कि खेल विभाग मुख्यालय की तरफ से नर्सरी खिलाड़ियों के लिए तीन माह का खुराक भत्ता बजट भेजा हुआ है। जल्द ही खिलाड़ियों के खातों राशि भेज दी जाएगी। इसके लिए कागजी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। उम्मीद है अप्रैल में नई खेल नर्सरी भी शुरू हो जाएंगी।

सीएम साय की दो टूक चेतावनी: अफीम उगाने वालों पर कड़ी कार्रवाई, चाहे कोई भी हो

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अफीम की अवैध खेती, विदेश नीति और नक्सलियों के आत्मसमर्पण जैसे मुद्दों पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में कहीं भी अफीम की खेती बर्दाश्त नहीं की जाएगी और इसमें शामिल लोगों पर कड़ी कार्रवाई होगी। सीएम साय ने कहा कि जब दुर्ग जिले में अफीम की खेती का मामला सामने आया था, तभी सभी कलेक्टरों को सख्त निर्देश दिए गए थे। कई जगहों पर पुलिस ने कार्रवाई कर खेती को चिन्हांकित भी किया है। उन्होंने दो टूक कहा कि चाहे कितने भी बड़े रसूखदार क्यों न हों, सरकार कार्रवाई जरूर करेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस मुद्दे पर कलेक्टरों की बैठक भी ली गई थी और उनसे जांच रिपोर्ट मांगी गई थी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। विदेश नीति पर विपक्ष को जवाब विपक्ष द्वारा केंद्र सरकार की विदेश नीति को कमजोर बताने पर सीएम साय ने पलटवार करते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी देश के मजबूत नेता हैं और उनकी विदेश नीति प्रभावी है। उन्होंने कहा कि भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नए रास्ते खुले हैं और गैस व तेल की आपूर्ति भी सुगम हुई है। बड़े नक्सलियों का सरेंडर होना सकारात्मक संकेत नक्सलियों के सरेंडर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री अमित शाह का स्पष्ट संकल्प है कि देश से नक्सलवाद खत्म किया जाएगा। 31 मार्च की समय सीमा के बीच लगातार नक्सली आत्मसमर्पण कर रहे हैं और पापाराव जैसे बड़े नक्सलियों का सरेंडर होना सकारात्मक संकेत है। सीएम साय ने इसे राज्य और देश के लिए अच्छी खबर बताते हुए कहा कि सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है।

बिहार को मिलेगी नई सौगात, पटना-बक्सर मरीन ड्राइव विस्तार की घोषणा

बक्सर. बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (Samrat Choudhary) ने कहा कि बक्सर की आध्यात्मिक और ऐतिहासिक भूमि अब विकास के नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। ''समृद्धि यात्रा'' के तहत स्थानीय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने बुनियादी ढांचे पर जोर देते हुए कहा कि पटना से कोईलवर तक मरीन ड्राइव बनाने का काम शुरू हो चुका है। इसे कोईलवर से बक्सर तक विस्तार दिया जाएगा। सड़कों में सुधार का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि एक समय था जब लोग पटना से बक्सर जाने में 5 घंटे का समय और ट्रेन के सफर पर निर्भर रहते थे। आज डबल इंजन की सरकार के कारण यह दूरी मात्र डेढ़ से दो घंटे की रह गई है। उन्होंने कहा कि बक्सर-चौसा सड़क को फोरलेन बनाने के लिए जमीन अधिग्रहण का काम शुरू हो गया है। साथ ही, 2024 के केंद्रीय बजट का उल्लेख करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री के आग्रह पर बक्सर में गंगा नदी पर फोरलेन पुल का निर्माण किया जा रहा है। अब मेड इन बक्सर कोल्ड ड्रिंक पिएंगे युवा रोजगार और निवेश पर चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि बक्सर अब औद्योगिक रूप से सक्षम हो रहा है। उन्होंने कहा, अभी हमने सीमेंट फैक्ट्री का शिलान्यास और उद्घाटन देखा है। जल्द ही बक्सर और डुमरांव बेवरेज यानी पेप्सी और कोका-कोला के बड़े केंद्र बनेंगे। अब यहां के युवा ''मेड इन यूएसए'' नहीं, बल्कि बक्सर में बनी कोल्ड ड्रिंक्स पिएंगे। उन्होंने दावा किया कि यह देश में सबसे अधिक मात्रा में बेवरेज का उत्पादन करने वाली इकाई है। सरकार का लक्ष्य एक करोड़ लोगों को रोजगार देकर पलायन रोकना है। मुख्यमंत्री ने यह तय किया है कि मजदूरी के लिए अब किसी को बिहार से बाहर नहीं जाना होगा। उन्हें स्थानीय तौर पर ही काम मिलेगा। सड़क और बिजली सुविधाओं में अभूतपूर्व विस्तार उपमुख्यमंत्री ने आंकड़ों के जरिए विकास का खाका पेश किया। कहा कि एनडीए की सरकार बनने के बाद बिहार का बजट 6,000 करोड़ से बढ़कर 3.47 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इसी तरह बिजली के क्षेत्र में 2005 के 17 लाख कनेक्शन के मुकाबले आज 2.16 करोड़ कनेक्शन हैं। उन्होंने बताया कि सरकार हर घर को 125 यूनिट मुफ्त बिजली और सालाना ₹12,000 की सब्सिडी दे रही है। राज्य में सड़कों का जाल 6,000 किमी से बढ़कर 40,000 किमी तक पहुंच गया है। 18 लाख छूटी हुई महिलाओं को मिलेंगे 10-10 हजार रुपए उन्होंने जीविका दीदियों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि 1.60 लाख करोड़ का बाजार अब महिलाओं के हाथ में है। मुख्यमंत्री ने 1.81 करोड़ महिलाओं के खाते में 10,000 रुपए की राशि भेजी है, जो बिहार को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। कुछ बहनें इसमें छूट गई हैं। एक महीने के अंदर 18 लाख छूटी हुई जीविका दीदियों को 10-10 हजार रुपए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार देगी।

मोहाली में 8वीं की छात्रा से दुष्कर्म का वीडियो बनाकर किया गैंगरेप

मोहाली. मोहाली से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक छात्रा को उसके ही क्लासमेट ने अपने साथियों के साथ मिलकर दरिंदगी का शिकार बनाया। जानकारी के मुताबिक, क्लासमेट द्वारा अपने साथियों से छात्रा का गैंगरेप करवाया गया। घटना मोहाली के न्यू चंडीगढ़ इलाके की है। जहां एक 8वीं कक्षा की छात्रा से हैवानियत की हदें पार की गई। यही नहीं इस पूरी वारदात का वीडियो भी बनाया गया और उसे व्हाट्सएप ग्रुप में शेयर भी किया गया। आरोपियों ने इस दौरान छात्रा को जान से मारने की धमकियां भी दी। परिवार वालों की शिकायत पर पुलिस ने क्लासमेट सहित 4 के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि, पीड़ित छात्रा का क्लासमेट और उसके 2 साथी नाबालिग है। जिन्हें कोर्ट में पेश करके सुधार गृह में भेज दिया गया है। वहीं एक बालिग आरोपी (उम्र 20) को 4 दिन के रिमांड पर भेजा गया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 70(2), 61(2) और POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। इस पूरे मामले में पीड़ित छात्रा की एक नाबालिग सहेली को भी गिरफ्तार किया है। सहेली पर आरोप है कि, पीड़ित छात्रा को आरोपियों तक पहुंचाने में मदद की थी।  पूरा मामला मिली जानकारी के मुताबिक, पीड़ित छात्रा जोकि 8वीं कक्षा में पढ़ती और 15 साल की  है। मुख्य आरोपी उसका क्लासमेट है, जिसने पहले पीड़ित छात्रा के साथ दोस्ती की और फिर उसके प्राइवेट वीडियो बनाकर उसे डराना धमकाना शुरू कर दिया। हद तो तब हो गई जब उसने अपने 3 साथियों के साथ मिलकर छात्रा के साथ कई बार गैंगरेप किया। छात्रा अलग-अलग सुनसान जगहों पर ले जाकर उसके साथ कई बार गैंगरेप की घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। बताया जा रहा है कि, आरोपी पिछले एक महीने से ऐसा कर रहे थे। आरोपियों ने पहली बार उसके साथ किए गैंगरेप का वीडियो रिकोर्ड कर लिया था। उसके बाद उसे बार सुनसान जगहों पर बुलाते और उसके गैंगरेप की घटना को अंजाम देते थे। पीड़ित छात्रा बदनामी के डर से किसी कुछ नहीं बता पा रही थी। लेकिन जब आरोपियों में एक ने गुस्से में आकर वीडियो को एक प्राइवेट व्हाट्सएप ग्रुप में शेयर कर दिया, तो इसका खुलासा हुआ। इसके बाद पीड़ित छात्रा ने आपबीती अपने परिवार वालों को बताई। जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चारों को उनके घरों से ही गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें से 3 नाबालिग हैं।

शिवराज सिंह चौहान का अहम बयान, किसानों की आय बढ़ाने के लिए बताया खास फॉर्मूला

 बुदनी एमपी के सीहोर जिले के बुदनी केंद्रीय कृषि मशीनरी प्रशिक्षण एवं परीक्षण संस्थान में आयोजित 'कृषि एक्सपो-2026' के दूसरे दिन केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों और कृषि क्षेत्र को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए बड़ा संदेश दिया। केंद्र सरकार किसानों की आय बढ़ाने, खेती को लाभकारी बनाने और कृषि को आधुनिक स्वरूप देने के लिए दृढ़ संकल्पित है। आगे केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बुदनी में कृषि इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने की योजना पर काम चल रहा है, जिससे क्षेत्र में कृषि शिक्षा, अनुसंधान और तकनीकी विकास को नई दिशा मिलेगी। बजट 2026 में कृषि क्षेत्र को केंद्र में रखकर योजनाएं बनाई शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बजट 2026 में कृषि क्षेत्र को केंद्र में रखकर योजनाएं बनाई गई हैं। किसानों को नई तकनीकों से जोडऩे, कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने और उत्पादन लागत घटाने के लिए ठोस प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाकर उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करना है।  ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने पर जोर कृषि मंत्री ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने पर जोर देते हुए कहा कि सिंचाई सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है और आधुनिक कृषि उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। साथ ही, छोटे और सीमांत किसानों के लिए विशेष योजनाएं लागू की जा रही हैं, जिससे उन्हें सीधा लाभ मिल सके और वे आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने तकनीकी नवाचार को कृषि का भविष्य बताते हुए कहा कि डिजिटल कृषि, स्मार्ट फार्मिंग और अत्याधुनिक उपकरणों के माध्यम से उत्पादन क्षमता बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। किसानों को प्रशिक्षण, जागरुकता और तकनीकी मार्गदर्शन देकर उन्हें आधुनिक खेती की ओर अग्रसर किया जा रहा है। बुदनी को मिला विकास का नया आयाम केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यहां स्थित संस्थान को अब बहुआयामी स्वरूप दिया जाएगा। साथ ही, बुदनी में कृषि इंजीनियङ्क्षरग कॉलेज खोलने की योजना पर भी काम किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में कृषि शिक्षा, अनुसंधान और तकनीकी विकास को नई दिशा मिलेगी। यह पहल न केवल स्थानीय युवाओं के लिए अवसर बढ़ाएगी, पूरे क्षेत्र के कृषि विकास में मील का पत्थर साबित होगी। सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और आने वाले समय में कृषि क्षेत्र में व्यापक और सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे।

मुख्यमंत्री निवास में आयोजित होगी बहनों की पंचायत: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री निवास में होगी बहनों की पंचायत : मुख्यमंत्री डॉ. यादव बहनों का आशीर्वाद हमें निरंतर प्राप्त हो रहा है : बहनों से संवाद का क्रम जारी रहेगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बहनों का किया स्वागत "बहनों की पाती-भैया के नाम" कार्यक्रम को बताया आत्मीय पहल मुख्यमंत्री डॉ. यादव के जन्म दिवस पर पाती लेकर बहनें पहुंची मुख्यमंत्री निवास भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उनके जन्म दिवस 25 मार्च को प्रातः "बहनों की पाती-भैया के नाम" लेकर मुख्यमंत्री निवास पहुंची बहनों का स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अभिव्यक्ति "बहनों की पाती-भैया के नाम" एक आत्मीय पहल है। बहनों का आशीर्वाद हमें निरंतर प्राप्त होता रहा है। प्रदेश की बहनों ने अपने मन के भाव, अनुभव और सुझाव पाती के माध्यम से व्यक्त किए हैं। बहनों ने अपने भैया के प्रति विश्वास, स्नेह और सम्मान को शब्दों में पिरोया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं के स्वाभिमान और सशक्तिकरण के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री निवास में जल्द ही बहनों से संवाद के लिए विशेष पंचायत आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी देश में गरीब, युवा, नारी और किसान को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहे हैं। प्रदेश में बहनों के कल्याण का कार्य मिशन मोड में चल रहा है। राज्य सरकार ने नारी सशक्तिकरण के लिए एक लाख करोड़ रूपए से अधिक के बजट का प्रावधान किया है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए सरकार ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। अब हमारी बहनें कारखानों और उद्योगों में भी नेतृत्व कर रही हें। राज्य सरकार महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास पहुंची बहनों से महिलाओं के लिए चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी को अधिक से अधिक प्रसारित करने में सहयोग का आहवान किया। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिए आवश्यक है कि हर पात्र बहन आत्मनिर्भरता और उनके कल्याण के लिए चलाई जा रही शासकीय योजनाओं का लाभ लें।

भिंड के भारतीय छात्र की स्कॉटलैंड में संदिग्ध मौत, परिवार ने हत्या का आरोप लगाया

भिंड  स्कॉटलैंड में पढ़ाई कर रहे ग्वालियर-भिंड के 21 वर्षीय छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। स्थानीय प्रशासन ने इसे आत्महत्या बताया है, लेकिन परिजनों ने इस पर गंभीर सवाल उठाते हुए हत्या की आशंका जताई है। परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और भारत में दोबारा पोस्टमार्टम की मांग की है। मृतक छात्र फॉरेंसिक साइंस में स्नातकोत्तर की पढ़ाई कर रहा था और पढ़ाई के साथ पार्ट-टाइम काम भी कर रहा था। जानकारी के अनुसार, वह पढ़ाई में अव्वल था और हर महीने अच्छी आय भी अर्जित कर रहा था। ऐसे में परिवार का कहना है कि उसके आत्महत्या करने का कोई कारण नजर नहीं आता। परिजनों के मुताबिक, 5 मार्च को छात्र ने अपने परिवार से लंबी वीडियो कॉल पर बात की थी और जल्द घर लौटने का भरोसा दिया था। इसके दो दिन बाद संपर्क टूट गया और 7 मार्च को उसकी मौत की सूचना मिली। इस बीच, परिवार को घटना की जानकारी भी कई दिन बाद दी गई, जिससे संदेह और गहरा गया है। परिवार ने मामले में कई गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि मौत के आसपास छात्र के बैंक खाते से बड़ी राशि का ट्रांजेक्शन हुआ, जो संदिग्ध है। इसके अलावा, जिन दोस्तों के संपर्क नंबर छात्र ने दिए थे, वे अब जवाब नहीं दे रहे हैं। छात्र के हॉस्टल का दरवाजा खुला मिलने और मोबाइल डेटा के गायब होने को लेकर भी परिजन शंका जता रहे हैं। पिता ने प्रशासन और केंद्र सरकार से बेटे का पार्थिव शरीर जल्द भारत लाने की गुहार लगाई है। जानकारी के अनुसार, शव 27 मार्च तक दिल्ली पहुंच सकता है। इसके बाद परिजन ग्वालियर में दोबारा पोस्टमार्टम कराने की तैयारी कर रहे हैं, ताकि मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सके। मामले ने इसलिए भी तूल पकड़ा है क्योंकि संबंधित विश्वविद्यालय परिसर में पिछले कुछ समय में अन्य संदिग्ध मौतों और एक छात्र के लापता होने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इससे परिवार की आशंका और मजबूत हो गई है।फिलहाल, परिवार न्याय की उम्मीद में सरकारी एजेंसियों की ओर देख रहा है और पूरे मामले की गहन जांच की मांग कर रहा है। कर्ज लेकर पढ़ने भेजा था मूल रूप से भिंड के मौ कस्बा निवासी किसान कुलदीप श्रीवास्तव ने इकलौते बेटे संस्कार श्रीवास्तव के लिए लगभग 40 लाख रुपए कर्ज लिया था। कर्ज लेकर जिस बेटे को पढ़ने विदेश भेजा था। 7 मार्च को उसकी मौत की खबर ने पूरे परिवार को तोड़ दिया है। मां को तो बेटे की मौत के बारे 10-12 दिन बाद बताया। अब 20 दिन बीत जाने के बाद भी मां-पिता की पथराई आंखें बेटे के पार्थिव शरीर का इंतजार कर रही हैं। मामला संदिग्ध, दोबारा पोस्टमॉर्टम की मांग पिता कुलदीप आंखों के रोग के कारण कम देख पाते हैं। उन्होंने ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान और भारत सरकार से गुहार लगाई है कि बेटे का शव जल्द से जल्द भारत लाया जाए। जानकारी के मुताबिक, संस्कार का शव 27 मार्च को दिल्ली एयरपोर्ट पहुंच सकता है। परिजन की मांग है कि ग्वालियर के जेएएच (जयारोग्य अस्पताल) में शव का वापस पोस्टमॉर्टम कराया जाए, ताकि मौत की असली वजह सामने आ सके। पूरे परिवार को यकीन है कि संस्कान सुसाइड जैसा आत्मघाती कदम नहीं उठा सकता है। परिजनों के 5 बड़े सवाल? संस्कार की मां नीलम और चाचा अनूप श्रीवास्तव ने पुलिस और प्रशासन के सामने कुछ गंभीर सवाल रखे हैं।     संदेहास्पद ट्रांजैक्शनः मौत के बाद या उसके आसपास संस्कार के बैंक अकाउंट से करीब 2.50 लाख रुपए किसी दूसरे खाते में ट्रांसफर हुए हैं, जो अपने आप में पूरे मामले को संदिग्ध बता रहा है।     दोस्तों की चुप्पीः जिन 3 दोस्तों के नंबर संस्कार ने घर पर दिए, वे कोई जवाब नहीं दे रहे हैं। उनकी चुप्पी ने पूरा मामला संदिग्ध कर दिया है।     हॉस्टल का खुला दरवाजाः यूनिवर्सिटी प्रशासन का कहना है कि उसने सुसाइड किया, लेकिन उसके रूम का दरवाजा खुला मिला। सवाल है कि वह दरवाजा खुला छोड़कर बाहर क्यों जाएगा?     यूनिवर्सिटी का रिकॉर्डः 13 महीनों में इस यूनिवर्सिटी में यह तीसरी संदिग्ध हालात में मौत है। इससे पहले 2025 में मेलिसा यंग और 2025 में रूबेन एगाडो भी मृत मिले थे। छात्रा यूएक्सिन काओ अब भी लापता हैं।     मोबाइल डेटाः संस्कार के मोबाइल का डेटा गायब है। उसके मोबाइल रिकॉर्ड से बहुत कुछ मिल सकता है। आखिरी वीडियो कॉल… अगले साल घर आऊंगा मां पिता कुलदीप ने रुंधी आवाज में बताया, 5 मार्च (होली) की रात संस्कार ने पूरे परिवार से करीब 2 घंटे वीडियो कॉल पर बात की थी। वह बहुत खुश था। उसने मां नीलम से वादा किया कि पढ़ाई पूरी कर अगले साल वह घर लौटेगा। दो दिन तक जब उसका फोन नहीं आया तो हमें चिंता हुई, क्योंकि वह अपनी मां से रोज बात करता था। उन्होंने यह बात जर्मनी में रहने वाले रिश्तेदार गौरव को बताई। उन्होंने स्कॉटलैंड यूनिवर्सिटी से संपर्क किया। पहले जवाब आया संस्कार से बात कराते हैं। इसके बाद पुलिस ने कॉल कर पूछा आप संस्कार के कौन है? उन्होंने कहा कि चाचा लगते हैं। पुलिस ने बताया, संस्कार ने सुसाइड कर लिया है और माता-पिता का फोन नंबर लिया। इसके बाद 7 मार्च को यूनिवर्सिटी और भारतीय दूतावास से फोन आया कि संस्कार ने कॉलेज परिसर के पीछे सुसाइड कर लिया है। चाचा ने कहा-पढ़ने में तेज था संस्कार चाचा अनूप ने कहा कि संस्कार न केवल पढ़ाई में तेज था, बल्कि जिम्मेदार भी था। ग्वालियर के एमएलबी कॉलेज से ग्रेजुएशन करने के बाद वह पीजी के लिए स्कॉटलैंड गया था। वहां वह पढ़ाई के साथ पार्ट-टाइम जॉब भी कर रहा था। उसे महीने के करीब 90 हजार से एक लाख रुपए मिलते थे। वह कहता था- मैं कमाने लगा हूं। घर पर पैसे की जरूरत हो तो भेज दूंगा। हमने उससे कहा कि बेटा पढ़ाई पर ध्यान दो। यहां कोई दिक्कत नहीं है। मां बोली- मेरे बेटे की हत्या की गई है दैनिक भास्कर से बात करते हुए संस्कार की मां फूट-फूटकर रो पड़ीं। उनका कहना है कि उनका बेटा बुजदिल नहीं था, जो सुसाइड करेगा। उससे वहां … Read more