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संयुक्त ऑपरेशन में बड़ी सफलता: सीमा पार से चल रहा ड्रग रैकेट नेस्तनाबूद

पंजाब पंजाब पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के साथ मिलकर एक बड़े संयुक्त ऑपरेशन में पाकिस्तान से जुड़े सीमा पार ड्रग तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस सफलता में 24.5 किलोग्राम हेरोइन, 21 लाख रुपए की ड्रग मनी, एक मल्टी-कॉप्टर ड्रोन और दो कारें जब्त की गई हैं। तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पंजाब पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने रविवार को यहां जारी बयान में बताया कि गहन तकनीकी जांच और खुफिया जानकारी के आधार पर यह ऑपरेशन अंजाम दिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमृतसर जिले के नूरवाल गांव निवासी जगजीत सिंह उर्फ राणा, औलख खुर्द गांव के मनप्रीत सिंह उर्फ प्रीत और धूपसरी गांव के रोशन सिंह के रूप में हुई है। जांच में इनके पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स से सीधे संपर्क होने का खुलासा हुआ है। डीजीपी ने कहा कि इस नेटवर्क को सफलतापूर्वक खत्म कर दिया गया है और आगे-पीछे के लिंकेज की तलाश जारी है। एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स के पुलिस अधीक्षक (एसपी) गुरप्रीत सिंह ने विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि ऑपरेशन दो चरणों में पूरा हुआ। पहले चरण में 12.1 किलोग्राम हेरोइन के साथ एक मल्टी-कॉप्टर ड्रोन बरामद किया गया, जिसका इस्तेमाल पाकिस्तान से खेप भेजने के लिए किया जाता था। ड्रोन के फोरेंसिक विश्लेषण, जिसमें तकनीकी डेटा, जीपीएस लोकेशन, अक्षांश-देशांतर और टावर डंप शामिल थे, के आधार पर मनप्रीत सिंह के घर से अतिरिक्त 12.4 किलोग्राम हेरोइन जब्त की गई। कुल बरामदगी 24.5 किलोग्राम हो गई। एसपी गुरप्रीत सिंह ने कहा कि आरोपी जगजीत राणा ने ड्रग मनी से हाल ही में पॉश इलाकों में संपत्तियां खरीदी हैं और उसे महंगी कारों का भी शौक था। जब्त की गई कारों में एक महिंद्रा थार एसयूवी भी शामिल है, जिसका इस्तेमाल नशीले पदार्थों की डिलीवरी के लिए किया जा रहा था। जांच में पता चला है कि ये आरोपी सीमा पार से ड्रोन के जरिए हेरोइन मंगवाते थे और फिर पंजाब के विभिन्न इलाकों में बेचते थे। इस मामले में एएनटीएफ पुलिस स्टेशन, एसएएस नगर में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21(सी), 23 और एयरक्राफ्ट एक्ट की धारा 25, 26 और 29 के तहत एफआईआर संख्या 43 (दिनांक 2 मार्च 2026) दर्ज की गई है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि ड्रग तस्करी में शामिल सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

राज्यमंत्री गौर ने लगभग 3 करोड़ के विकास कार्यों का किया भूमिपूजन

भोपाल  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  कृष्णा गौर ने क्षेत्रीय विकास को नई गति देते हुए लगभग 3 करोड़ रुपये की लागत से विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। इन कार्यों से न केवल आधारभूत सुविधाओं को मजबूती मिलेगी, बल्कि नागरिकों के जीवन स्तर में भी उल्लेखनीय सुधार आएगा। राज्यमंत्री  कृष्णा गौर ने कहा कि क्षेत्र के समग्र विकास और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है। जनता की आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जा रहा है, ताकि क्षेत्र का हर नागरिक बेहतर जीवन जी सके। उन्होंने कहा कि ये कार्य न केवल सुविधाएं बढ़ाएंगे, बल्कि क्षेत्र की समग्र प्रगति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। राज्यमंत्री  गौर ने बताया कि वार्ड क्रमांक 52 के नारायण नगर में लगभग 2 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले सीवेज नेटवर्क कार्य का भूमिपूजन किया गया। यह परियोजना क्षेत्र में स्वच्छता, सुव्यवस्थित जल निकासी और बेहतर सुविधाओं को सुनिश्चित करते हुए जनजीवन को अधिक सुगम एवं स्वस्थ बनाएगी। वार्ड क्रमांक 54 स्थित फॉर्चून डिलाइट सोसायटी में मंदिर निर्माण कार्य का भूमिपूजन विधि-विधानपूर्वक किया गया। यह पहल क्षेत्रवासियों की आस्था का केंद्र बनने के साथ सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को नई ऊर्जा प्रदान करेगी। वार्ड क्रमांक 52 के खनूजा इनक्लेव में डामर सड़क निर्माण कार्य एवं ओपन जिम का लोकार्पण किया गया। इन विकास कार्यों से क्षेत्र की आधारभूत संरचना सुदृढ़ होने के साथ नागरिकों के स्वास्थ्य और सुविधा को भी बढ़ावा मिलेगा।  

सीधी में सीएम का सख्त तेवर: कामचोर अफसरों को दी सीधी चेतावनी

सीधी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अल्प प्रवास पर सीधी पहुंचे, जहां उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। इस दौरान उन्हें अधिकारी-कर्मचारियों की शिकायत मिली है, जिस पर कड़ा रुख अपनाते हुए उन्होंने कार्रवाई की ओर इशारा किया है। सीएम ने कहा कि रात तक औचक निरीक्षण का परिणाम देखने को मिलेगा। उन्होंने यह स्पष्ट किया है कि जिन अधिकारियों को मैदान में रहकर काम नहीं करना, वे वल्लभ भवन में रहें। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और जनता में भारी असंतोष बता दें कि पिछले कई महीनों से जिले के दो बड़े अधिकारियों के कामकाज को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ आमजन में असंतोष है। भाजपा के पदाधिकारियों ने इसका खुलकर विरोध भी किया है। इतना ही नहीं, प्रभारी मंत्री की उपस्थिति में भी इसका असर देखने को मिला है। बदलाव की सुगबुगाहट अधिकारी-कर्मचारी के साथ स्थानीय जनप्रतिनिधि भी तरह-तरह के कयास लगा रहे हैं। हालांकि, सीएम के बयान का असर देर रात तक स्पष्ट हो जाएगा। मुख्यमंत्री की इस चेतावनी के बाद जिले के प्रशासनिक गलियारे में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।  

छत्तीसगढ़ में बच्चों के लिए तैयार हो रहा बाल-अनुकूल शिक्षा वातावरण, मित्रता और आत्मविश्वास से जुड़ रहा स्कूल

रायपुर 'बाल मैत्री (Buddy Buddy)' पहल से आंगनबाड़ी से विद्यालय तक बच्चों का सफर हुआ आसान छत्तीसगढ़ में बच्चों के समग्र विकास और सहज शिक्षा वातावरण के लिए एक महत्वपूर्ण पहल “बाल मैत्री (Buddy Buddy)” कार्यक्रम के रूप में सामने आई है। महिला एवं बाल विकास विभाग और स्कूल शिक्षा विभाग के संयुक्त प्रयास से शुरू की गई यह पहल आंगनबाड़ी से प्राथमिक विद्यालय तक बच्चों के संक्रमण को सरल और सहज बनाने की दिशा में एक सराहनीय कदम साबित हो रही है। 'बाल मैत्री (Buddy Buddy)' पहल से आंगनबाड़ी से विद्यालय तक बच्चों का सफर हुआ आसान जीवन के प्रारंभिक छह वर्ष बच्चों के मस्तिष्क और व्यक्तित्व विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाते हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को खेल-खेल में प्रारंभिक शिक्षा दी जाती है, लेकिन जब वे पहली बार विद्यालय के औपचारिक वातावरण में प्रवेश करते हैं, तो अक्सर झिझक और संकोच महसूस करते हैं। इसी चुनौती को दूर करने और बच्चों को विद्यालय के माहौल से पहले ही परिचित कराने के उद्देश्य से “बाल मैत्री (Buddy Buddy)” कार्यक्रम शुरू किया गया है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत 4 से 6 वर्ष आयु वर्ग के आंगनबाड़ी बच्चों को हर माह निकटवर्ती प्राथमिक विद्यालय का भ्रमण कराया जा रहा है। भ्रमण के दौरान बच्चों को विद्यालय परिसर, शिक्षक और विद्यार्थियों से परिचित कराया जाता है तथा खेल, गीत, चित्रकला और सामूहिक गतिविधियों के माध्यम से उनके बीच मित्रता और आत्मविश्वास विकसित किया जाता है। इससे बच्चों में स्कूल के प्रति सकारात्मक भाव विकसित हो रहा है और वे बिना डर और झिझक के विद्यालय में प्रवेश के लिए तैयार हो रहे हैं। कार्यक्रम के तहत 20 मार्च को पूरे प्रदेश में एक साथ आंगनबाड़ी बच्चों का विद्यालय भ्रमण कराया गया। इस दौरान प्रदेशभर के विद्यालयों में उत्साहपूर्ण माहौल देखने को मिला। छोटे बच्चों का विद्यालय में आत्मीय स्वागत किया गया और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, शिक्षकों तथा विद्यार्थियों ने मिलकर बाल-अनुकूल गतिविधियाँ आयोजित कीं। बच्चों ने नए मित्र बनाए और विद्यालय को अपनेपन के साथ अपनाया। यह पहल प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा आयोजित मुख्य सचिव सम्मेलन में दिए गए निर्देशों के अनुरूप शुरू की गई है, जिसमें आंगनबाड़ी और विद्यालयों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया था। छत्तीसगढ़ शासन ने इन निर्देशों को प्रभावी रूप से लागू करते हुए दोनों विभागों के सचिवों द्वारा संयुक्त दिशा-निर्देश जारी कर कार्यक्रम को प्रदेशभर में लागू किया है। “बाल मैत्री (Buddy Buddy)” कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों के सर्वाेत्तम हित को सुनिश्चित करना, विद्यालयों में सकारात्मक और समावेशी वातावरण तैयार करना तथा प्रारंभिक शिक्षा को मजबूत बनाना है। यह पहल बच्चों के भावनात्मक, सामाजिक और शैक्षणिक विकास को नई दिशा दे रही है। छत्तीसगढ़ में शुरू की गई यह अभिनव पहल न केवल बच्चों के लिए विद्यालय को सहज और आनंददायक बना रही है, बल्कि बाल शिक्षा और विकास के क्षेत्र में एक अनुकरणीय मॉडल के रूप में भी उभर रही है। आने वाले समय में यह कार्यक्रम बच्चों की नियमित उपस्थिति, सीखने की क्षमता और आत्मविश्वास को और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

टेंडर विवाद बना हिंसा की वजह: सतना में गोली चली, मारपीट का वीडियो CCTV में कैद

सतना पेप्टक सिटी में रविवार को उस समय सनसनी फैल गई जब कॉलोनी के भीतर गोली चलने की घटना सामने आई। जानकारी के अनुसार, शुभम सिंह छीन्दा के भाई गोलू छीन्दा पर रघु सिंह ने लायसेंसी पिस्टल से फायरिंग कर दी, जिससे वह घायल हो गए। घटना मकान नंबर 1 के सामने गेट के पास हुई। गोली चलने की आवाज से क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने CCTV फुटेज जब्त कर जांच शुरू कर दी है, वहीं घायल को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। टेंडर विवाद बताई जा रही घटना की वजह जानकारों के मुताबिक, इस पूरे मामले की जड़ एक सड़क निर्माण के टेंडर को लेकर चल रहा विवाद है। करीब 10-15 दिन पहले एक रोड का टेंडर खुला था, जो गौरव सिंह के नाम पर हुआ। इस टेंडर में रघुराज सिंह भी दावेदार थे। बताया जा रहा है कि पहले दोनों के बीच अच्छे संबंध थे, लेकिन टेंडर को लेकर मतभेद बढ़ते गए। रविवार को कॉलोनी के गुलाब पार्क में एक बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें दोनों पक्ष मौजूद थे। बैठक के दौरान भी कहासुनी हुई, जिसके बाद रघुराज वहां से चले गए। रास्ते में रोकने की कोशिश, हवाई फायरिंग के बाद हमला घायल के मुताबिक बैठक के बाद जब गौरव सिंह अपने साथियों के साथ लौट रहे थे, तभी रघुराज सिंह ने उन्हें रोकने की कोशिश की। नहीं रुकने पर उन्होंने पिस्टल से हवाई फायर कर दिया। फायरिंग की आवाज सुनकर गौरव ने गाड़ी रोकी और बात करने का प्रयास किया, तभी रघु सिंह ने पास आकर पिस्टल के बट से उन पर हमला कर दिया।  

महतारी वंदन योजना के माध्यम से मातृशक्ति हो रही सशक्त, 42 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने किए रामलला के दर्शन

रायपुर  छत्तीसगढ़ संत-महात्माओं की पुण्य भूमि और प्रभु राम का ननिहाल है, जिसे विकसित और समृद्ध बनाना राज्य सरकार का संकल्प है। शांति, सुरक्षा, खुशहाली और सुशासन के मूल मंत्र के साथ 3 करोड़ प्रदेशवासियों की खुशहाली हमारा ध्येय है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज कबीरधाम जिले के ग्राम सेमरिया में वीरांगना अवंतीबाई लोधी के 168 में बलिदान दिवस कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान मुख्यमंत्री  साय ने वीरांगना अवंतीबाई लोधी की प्रतिमा का अनावरण कर उन्हें नमन किया। साथ ही मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में सामुदायिक भवन, मिनी स्टेडियम और यज्ञशाला निर्माण की घोषणा भी की।              मुख्यमंत्री ने कहा कि वीरांगना अवंतीबाई लोधी का जीवन साहस, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति की अमिट मिसाल है। उन्होंने सीमित संसाधनों और छोटी सेना के बावजूद अंग्रेजों के खिलाफ अदम्य साहस के साथ संघर्ष किया और देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। ऐसी महान विभूति से हमें प्रेरणा लेकर अपने जीवन में राष्ट्रसेवा और समाजहित के मूल्यों को अपनाना चाहिए। उन्होंने लोधी समाज की सराहना करते हुए कहा कि यह समाज ऐतिहासिक रूप से वीरता, नैतिकता और राष्ट्रसेवा के लिए जाना जाता है। स्वतंत्रता संग्राम में इस समाज का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है और आज भी यह समाज देश और प्रदेश के विकास में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज की नई पीढ़ी को अपने गौरवशाली इतिहास से अवगत कराना आवश्यक है, ताकि वे उसी परंपरा को आगे बढ़ा सकें।            मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों, गरीबों और महिलाओं के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बड़ी संख्या में लोगों को आवास उपलब्ध कराए जा रहे हैं। किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी कर उनके आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। होली से पूर्व अंतर की राशि का भुगतान कर किसानों को राहत पहुंचाई गई, जिससे उनके त्योहार में खुशहाली आई। महिलाओं के सशक्तिकरण पर विशेष जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘महतारी वंदन योजना’ के माध्यम से प्रदेश की 70 लाख से अधिक महिलाओं को हर महीने 1 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। अब तक 25 किश्तों के माध्यम से 16 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे उनके खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है। इससे मातृशक्ति आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बन रही है।                   साय ने आगे कहा कि प्रदेश में आस्था और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए ‘रामलला दर्शन योजना’ संचालित है, जिसके तहत अब तक 42 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या जाकर भगवान राम के दर्शन कर चुके हैं। इसके साथ ही युवाओं की प्रतिभा को निखारने के लिए बस्तर और सरगुजा में ओलंपिक का आयोजन किया जा रहा है, जिससे ग्रामीण प्रतिभाओं को मंच मिल रहा है।              इस दौरान मुख्यमंत्री ने कवर्धा के वार्ड क्रमांक 26 में समाजिक भवन निर्माण के लिए 50 लाख रुपए, खेल के क्षेत्र में प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने मिनी स्टेडियम के निर्माण तथा सहसपुर-लोहारा में यज्ञशाला के निर्माण के लिए 20 लाख रुपए दिए जाने की घोषणा की।  कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भी अपने संबोधन में वीरांगना अवंतीबाई लोधी के साहस और बलिदान को स्मरण करते हुए समाज से एकजुट होकर अपनी गौरवशाली परंपराओं को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।          इस अवसर पर विधायक मती भावना बोहरा, पूर्व सांसद  अभिषेक सिंह,  संतोष कौशिक,  राजेन्द्र चन्द्रवंशी,  कोमल जंघेल तथा लोधी समाज के प्रतिनिधि और आमजन मौजूद रहे।

सीएम नीतीश कुमार ने बिहार दिवस पर दी शुभकामनाएं, विकास का दोहराया संकल्प

पटना बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार दिवस पर प्रदेश एवं देशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने शुभकामना संदेश में कहा है कि बिहार का इतिहास गौरवशाली रहा है और वर्तमान में अपने निश्चय से बिहार का गौरवशाली भविष्य तैयार कर रहे हैं। उन्होंने कहा है कि बिहारवासी आपसी एकता, भाईचारा, सामाजिक समरसता एवं सछ्वाव बनाए रखते हुए बिहार के गौरव को नई ऊंचाईयों पर पहुंचाएंगे। मुख्यमंत्री ने समृद्ध बिहार के संकल्प को पूरा करने के लिए समस्त बिहारवासियों का आह्वान किया है। 

12 शहरों में चोरी का जाल: ग्वालियर का दंपती निकला मास्टरमाइंड, पुलिस ने दबोचा

ग्वालियर. महाराजपुरा इलाके में लगातार हो रही चोरियों का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने शातिर चोर अरविंद रजक और उसकी पत्नी ज्योति रजक को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 105 ग्राम सोने के गहने और दो लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी दंपती चोरी के गहनों को आंतरी स्थित एक खंडहरनुमा घर में जमीन के अंदर करीब पांच फीट गहरा गड्ढा खोदकर छिपाते थे। समय के साथ उस स्थान पर घास उग आई थी, जिससे किसी को शक नहीं हुआ। पुलिस ने खुदाई कर वहां से सामान बरामद किया। सीसीटीवी से मिला सुराग, दंपती गिरफ्तार महाराजपुरा में रिटायर्ड सूबेदार ओंकार सिंह तोमर के घर हुई चोरी के बाद पुलिस ने जांच शुरू की थी। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अरविंद रजक की पहचान हुई और उसे गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान उसकी पत्नी ज्योति को भी हिरासत में लिया गया। 100 से ज्यादा वारदात, 56 एफआईआर दर्ज जांच में खुलासा हुआ कि अरविंद रजक मध्यप्रदेश के कई शहरों के साथ-साथ गुजरात में भी चोरी की वारदातें कर चुका है। उसने अब तक 100 से अधिक चोरियों को अंजाम दिया है और उसके खिलाफ 56 FIR दर्ज हैं। हालांकि, महाराजपुरा क्षेत्र की उसने छह चोरियां कबूल की हैं। सूबेदार के घर की चोरी पर बना संशय पुलिस के अनुसार 105 ग्राम सोना बरामद हुआ है, लेकिन रिटायर्ड सूबेदार के घर से चोरी हुआ सामान अब तक नहीं मिला है। आरोपी का कहना है कि वहां से उसे केवल 600 रुपये मिले थे, जबकि पीड़ित ने 50 लाख रुपये की चोरी का दावा किया था। पुलिस ने पांच लाख रुपये की चोरी दर्ज की थी। मोबाइल में मिले अहम सुराग ज्योति रजक के मोबाइल से चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। अरविंद की गिरफ्तारी के बाद ज्योति ही वकील का इंतजाम कर रही थी। मोबाइल में उत्तर प्रदेश के कुछ पुलिसकर्मियों और वकीलों से बातचीत के रिकॉर्ड भी मिले हैं, जिसकी जांच जारी है। 105 ग्राम सोने के गहने बरामद शातिर चोर और उसकी पत्नी से 105 ग्राम सोने के गहने बरामद हुए हैं। जमीन में सोना गाढ़ रखा था, यह बरामद कर लिया है। -विदिता डागर, एएसपी।

शिवहर ने मारी बाजी: ई-KYC और VBG राम जी योजना में हजारों मजदूर जुड़े

शिवहर. शिवहर जिले ने जिले के कुल 72 हजार 193 मजदूरों का ई-केवाइसी करा 83.14 प्रतिशत उपलब्धि के साथ बिहार में पहला स्थान प्राप्त किया है। 13 दिसंबर 2025 को शिवहर जिला 56.28 प्रतिशत उपलब्धि के साथ राज्य में 15 वें स्थान था। शिवहर में योगदान के साथ ही जिलाधिकारी प्रतिभा रानी ने पूरी ताकत झोंक दी। जिलाधिकारी के लगातार निरीक्षण, अनुश्रवण एवं मार्गदर्शन के बाद शिवहर जिला अब बिहार में पहले स्थान पर पहुंच गया है। 83.14 प्रतिशत सक्रिय मजदूरों का हो चुका ई-केवाइसी जिलाधिकारी प्रतिभा रानी ने बताया है कि शिवहर जिले में 83. 14 प्रतिशत सक्रिय मजदूरों का ई-केवाइसी हो चुका है। जिले में कुल 86 हजार 830 सक्रिय मजदूर है। इनमें 72 हजार 193 मजदूरों का ई-केवाइसी कराया जा चुका है। बताया कि वीबी जी राम जी के तहत उन्हीं को काम मिलेगा। जिनका ई-केवाइसी होगा। जिलाधिकारी ने कहा कि जिला प्रशासन का यह प्रयास है कि कोई भी मौजूद मजदूर ई-केवाइसी से वंचित नहीं रहे। अन्यथा उनको बीवी जी राम जी के तहत काम मिलने में कठिनाई होगी। इसका पंचायत स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार भी कराया जा रहा है ताकि कोई मजदूर छूटे नहीं। घर-घर जाकर किया जा रहा ई-केवाइसी बताया कि ई-केवाइसी के लिए प्रारंभ में पंचायत स्तर व फिर वार्ड स्तर पर कैंप लगाया गया था। अब कर्मी मनरेगा मजदूरों के घर-घर जा रहे हैं तथा उनका ई-केवाइसी कर रहे हैं। कुछ मजदूर अस्थायी रूप से बाहर रह रहे हैं, उनके परिवार के सदस्यों से उन्हें बुलवाकर ई-केवाइसी कराने को भी कहा जा रहा है। आवास सर्वे में शामिल लोगों व मजदूरों का भी ई-केवाइसी किया जा रहा है। अच्छे काम करने वाले कर्मचारियों को किया गया सम्मानित जिलाधिकारी प्रतिभा रानी द्वारा बताया गया कि ई-केवाइसी का कार्य बढ़ाने के लिए उप विकास आयुक्त बृजेश कुमार तथा निदेशक, एनईपी डीआरडीए हरि मोहन कुमार को निदेश दिया गया है। बताया कि विगत दिनों अच्छे कार्य करने वाले कर्मी एवं पदाधिकारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया गया है। पुनः भविष्य में बेहतर काम करने वाले पदाधिकारी व कर्मियों को सम्मानित किया जाएगा। साथ ही खराब प्रदर्शन करने वाले पदाधिकारी और कर्मी के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई भी की जाएगी।

संजय पार्क में बड़ी लापरवाही: कुत्तों के काटने से 15 हिरण मरे, वन विभाग पर कार्रवाई

अंबिकापुर. अंबिकापुर के संजय पार्क में आवारा कुत्तों के काटने से 15 हिरणों की मौत हो गई है। ये सभी कुत्ते शनिवार की भोर को हिरणों के बाड़े में घुस गए थे। संजय पार्क का एक हिस्सा जंगल से लगा हुआ है। इस घटना से विभाग में खलबली मची है। सीसीएफ दिलराज प्रभाकर ने चार वन कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। संजय पार्क में वन्य जीवों को रेस्क्यू सेंटर के नाम पर रखा जाता है। MP के शाहगढ़ गांव में भी सामने आ चुकी है ऐसी घटना कुछ दिनों पहले मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के बाजना वन परिक्षेत्र के शाहगढ़ गांव में सुबह एक जंगली हिरण भटककर रिहायशी इलाके में पहुंच गया। इस दौरान आवारा कुत्तों के झुंड ने उसे घेरकर हमला कर दिया। गांव के बच्चों की सतर्कता और ग्रामीणों की मदद से हिरण की जान बचाई जा सकी। हिरण को कुत्तों से घिरा देख बच्चों ने शोर मचाया हिरण को कुत्तों से घिरा देख बच्चों ने शोर मचाया, जिससे आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने कुत्तों को खदेड़कर हिरण को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद उसे पास के केरखोरा वन क्षेत्र में छोड़ दिया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद वन विभाग की टीम करीब दो घंटे बाद मौके पर पहुंची। इस देरी को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिली। वन विभाग ने जांच के दिए थे निर्देश वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कई बार जंगली जानवर रास्ता भटककर गांवों में पहुंच जाते हैं। डीएफओ ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं और कहा है कि तथ्य सामने आने के बाद कार्रवाई की जाएगी