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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी को दी बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी को आज भारत में सर्वाधिक समय तक शासन प्रमुख के रूप में सेवा का कीर्तिमान स्थापित करने पर बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत के नागरिक प्रधानमंत्री  मोदी के प्रति निरंतर स्नेह, विश्वास और समर्थन की भावना को अभिव्यक्त कर रहे हैं। प्रधानमंत्री  मोदी ने सिक्किम के पूर्व मुख्यमंत्री  पवन कुमार चामलिंग के 8,930 दिनों के शासन करने के रिकार्ड को पीछे छोड़ा है। उनके सार्वजनिक जीवन के 8931 दिन गुजरात के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री के रूप में दर्शाते हैं कि उन्होंने राष्ट्र प्रथम के सिद्धांत पर कार्य करते हुए अपनी भूमिका को यादगार बनाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत के ध्येय के साथ गरीब कल्याण से लेकर वैश्विक मंच पर हर क्षेत्र में देश की प्रतिष्ठा बढ़ी है। प्रधानमंत्री  मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व ने देश को विकास और सुशासन की नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया है कि मां भगवती प्रधानमंत्री  मोदी को ऊर्जावान बनाए रखें। संपूर्ण विश्व में भारत की साख बढ़ाने वाले हमारे प्रधानमंत्री  मोदी जी के नेतृत्व में हमारा राष्ट्र निरंतर प्रगति, समृद्धि और वैभव के पथ पर अग्रसर बना रहेगा। प्रधानमंत्री  मोदी के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री पद के दायित्व की वर्षवार अवधि की चर्चा करें तो वे वर्ष 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री बने थे। वर्ष 2002 में गुजरात विधानसभा के निर्वाचन के बाद वे दूसरी बार, वर्ष 2007 में तीसरी बार और वर्ष 2012 में चौथी बार गुजरात के मुख्यमंत्री बने।  मोदी वर्ष 2014 के लोक सभा चुनाव में पूर्ण बहुमत प्राप्त कर प्रधानमंत्री बने। वर्ष 2019 में पहले से भी बड़े जनादेश के साथ उनकी वापसी हुई और वे दूसरी बार प्रधानमंत्री बने।  मोदी ने वर्ष 2024 में तीसरी बार प्रधानमंत्री बन कर इतिहास रचा। 

व्यासपीठ की पूजा-अर्चना कर लिया आशीर्वाद, प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना

रायपुर  चैत्र नवरात्रि की पावन चतुर्थी तिथि पर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय कबीरधाम जिले के ग्राम जुनवानी नर्मदा धाम में आयोजित पंच कुंडीय  रुद्र महायज्ञ एवं  शिव महापुराण कथा में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ विधि-विधान से यज्ञ की परिक्रमा की तथा व्यासपीठ की पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री  साय ने इस धार्मिक अनुष्ठान के दौरान प्रदेशवासियों की सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हुए ईश्वर से प्रार्थना की। उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं का आत्मीय अभिवादन किया और सभी को चैत्र नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि जिला साहू संघ द्वारा आयोजित पंच कुंडीय  रुद्र महायज्ञ एवं  शिव महापुराण कथा में शामिल होकर उन्हें अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। उन्होंने कहा कि आज इस पावन यज्ञ में शामिल होने का अवसर मिलना उनके लिए बड़े सौभाग्य की बात है। मुख्यमंत्री  साय ने अपने संबोधन में कहा कि साहू समाज एक विशाल, शिक्षित और समृद्ध समाज है, जो सदैव समाज को दिशा देने का कार्य करता रहा है। उन्होंने दानवीर भामाशाह का उल्लेख करते हुए कहा कि वे इसी समाज से थे, जिन्होंने अपने त्याग और दान से इतिहास में अमिट छाप छोड़ी है। उन्होंने आगे कहा कि रायगढ़ में पूज्य  सत्यनारायण बाबा भी इसी समाज से हैं, जो पिछले 28 वर्षों से खुले आसमान के नीचे तपस्या में लीन हैं। ऐसे महान संत समाज के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब कोई समाज संगठित होकर कार्य करता है, तो उसका लाभ केवल उस समाज तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उससे पूरे राष्ट्र का विकास होता है। उन्होंने कहा कि साहू समाज इसी तरह संगठित और सशक्त होकर निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ता रहेगा।  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि यहां आयोजित रुद्र महाशिव यज्ञ एवं कथा से छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं को विशेष आशीर्वाद प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ संत-महात्माओं की तपोभूमि रही है। यह माता कौशल्या का मायका और प्रभु राम का ननिहाल है। भगवान राम ने अपने वनवास का अधिकांश समय इसी धरती पर बिताया है, वहीं माता शबरी का पावन स्थान भी छत्तीसगढ़ में स्थित है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि व्यासपीठ पर विराजमान संत-महात्माओं की कृपा से प्रदेश में सवा लाख शिवलिंग स्थापना का पावन कार्य भी किया जा रहा है, जो आध्यात्मिक चेतना को और सशक्त करेगा। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा “रामलला दर्शन योजना” संचालित की जा रही है। छत्तीसगढ़ के लोग भगवान राम को अपना भांचा मानते हैं, इसलिए उन्हें अयोध्या धाम में रामलला के दर्शन कराने के उद्देश्य से यह योजना शुरू की गई है। अब तक 40 हजार से अधिक रामभक्त अयोध्या जाकर दर्शन कर चुके हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि “मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना” के तहत प्रदेश के बुजुर्गों को देशभर के प्रमुख तीर्थ स्थलों की यात्रा कराई जा रही है, ताकि वे अपने जीवन में धार्मिक आस्था के इन पवित्र स्थलों का दर्शन कर सकें। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में सरकार ने कई महत्वपूर्ण विधेयक प्रस्तुत किए हैं। इनमें छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक प्रमुख है, जिसे समाज में बढ़ती संवेदनशील परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए लाया गया है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि पिछले कुछ समय से समाज के कमजोर वर्गों को निशाना बनाकर प्रलोभन, दबाव और भ्रम फैलाकर धर्मांतरण कराने की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे सामाजिक ताने-बाने पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इस गंभीर विषय को ध्यान में रखते हुए सरकार ने सख्त और स्पष्ट प्रावधानों के साथ यह विधेयक लागू करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि इस कानून के माध्यम से यह सुनिश्चित किया गया है कि किसी भी प्रकार के छल, प्रलोभन या दबाव के जरिए धर्म परिवर्तन न हो सके। साथ ही विवाह के माध्यम से धर्मांतरण की आड़ में हो रहे दुरुपयोग पर भी अब पूर्ण विराम लगेगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि धर्म की रक्षा और समाज की सुरक्षा ही सरकार का संकल्प है, और इसी उद्देश्य के साथ यह विधेयक लाया गया है, ताकि प्रदेश में सामाजिक सद्भाव और शांति बनी रहे। उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि जुनवानी स्थित नर्मदा धाम के नर्मदा कुंड में स्नान करना, पूजा-अर्चना करना और ऐसे धार्मिक आयोजनों में शामिल होना क्षेत्रवासियों के लिए हमेशा से आस्था और प्रतीक्षा का विषय रहा है। उन्होंने कहा कि इस पवित्र स्थल से लोगों की गहरी भावनात्मक और धार्मिक आस्था जुड़ी हुई है। उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन न केवल धार्मिक आस्था को सशक्त करते हैं, बल्कि समाज में सकारात्मकता, एकता और सद्भाव का संदेश भी देते हैं।  पंडरिया विधायक मती भावना बोहरा ने अपने संबोधन में कहा कि जब भी मद्भागवत, शिव महापुराण कथा एवं यज्ञ जैसे आयोजन होते हैं, तो सभी को इसमें अवश्य शामिल होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अक्सर घर के बुजुर्ग ही कथा सुनने आते हैं, लेकिन बच्चों और युवाओं की सहभागिता भी उतनी ही जरूरी है, ताकि आने वाली पीढ़ी हमारी सनातन संस्कृति और परंपराओं से परिचित हो सके और उसे आगे बढ़ा सके। इस अवसर पर पूर्व सांसद  अभिषेक सिंह, पूर्व विधायक डॉ. सियाराम साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी पंच कुंडीय  रुद्र महायज्ञ की परिक्रमा कर पूजा-अर्चना की और आशीर्वाद प्राप्त किया।

धार्मिक आस्था के अनुरूप उपवास एवं पूजा-अर्चना हेतु की गई व्यवस्था

रायपुर नवरात्रि पर जेलों में आध्यात्मिक माहौल, बंदियों को मिली विशेष सुविधाएं छत्तीसगढ़ की सभी जेलों में नवरात्रि पर्व को श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जा रहा है। इस अवसर पर परिरुद्ध बंदियों के लिए विशेष व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं, जिससे वे धार्मिक आस्था के अनुरूप उपवास एवं पूजा-अर्चना कर सकें।          प्रदेश की जेलों में कुल 2397 बंदी नवरात्रि का उपवास कर रहे हैं, जिनमें 2125 पुरुष एवं 272 महिला बंदी शामिल हैं। यह आंकड़ा न केवल आस्था की गहराई को दर्शाता है, बल्कि जेलों में सकारात्मक और आध्यात्मिक वातावरण के सृजन का भी परिचायक है। इसमें रायपुर संभाग के 1140 बंदी, दुर्ग संभाग में 243 बंदी, बिलासपुर संभाग में 407 बंदी, सरगुजा संभाग में 361 बंदी, बस्तर संभाग में 246 बंदी अपनी आस्था अनुसार उपवास का पालन कर रहे हैं।        नवरात्रि के दौरान जेल प्रशासन द्वारा बंदियों को फलाहार, स्वच्छ पेयजल, पूजा सामग्री एवं निर्धारित समय पर आरती-पूजन की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही, धार्मिक कार्यक्रमों के माध्यम से बंदियों के मनोबल को सुदृढ़ करने और उनमें सकारात्मक सोच विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। यह पहल न केवल बंदियों की धार्मिक आस्था का सम्मान है, बल्कि उनके मानसिक एवं आध्यात्मिक पुनर्वास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है।          विगत दिनों विधानसभा में उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री  विजय शर्मा ने बताया था कि जेलों को अब सजा घर नहीं बल्कि सुधार एवं पुनर्वास गृह के रूप में विकसित किया जा रहा है। जिसमें उन्हें विभिन्न कलाओं को सिखाकर आत्मनिर्भर बनाने के साथ समाज से जोड़ने और बेहतर जीवन के लिए प्रेरित भी किया जा रहा है।

कसडोल में कंवर समाज सामुदयिक भवन तथा पलारी में सामुदायिक भवन निर्माण हेतु 50-50 लाख रुपए की घोषणा

रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज बलौदाबाजार भाटापारा जिले के ग्राम ओड़ान में बावनगढ़ आदिवासी ध्रुव गोंड़ समाज तुरतुरिया माता महासभा लवन के तत्वावधान में आयोजित गोंड़वाना आदर्श सामूहिक विवाह समारोह मे शामिल हुए। इस मौके पर  साय ने सामूहिक विवाह कार्यक्रम में पारम्परिक गोंडी रीति-रिवाज से दाम्पत्य सूत्र में बंधे 28 नवविवाहित जोड़ों क़ो आशीर्वाद व सुखमय दाम्पत्य जीवन की बधाई एवं शुभकामनायें दी। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने समाज के पदाधिकारियों की मांग पर कसडोल नगर में कंवर समाज सामुदयिक भवन व नगर पंचायत पलारी में सामुदायिक भवन निर्माण हेतु 50-50 लाख रुपए और ग्राम ओड़ान में बड़ादेव ठाना में सामुदायिक भवन निर्माण हेतु 25 लाख रुपए की घोषणा की। साथ ही ग्राम ओड़ान के शनिमंदिर से बड़ादेव ठाना तक सीसी रोड निर्माण हेतु स्वीकृति प्रदान की। मुख्यमंत्री  साय ने कहा हमारी सरकार आदिवासी समाज के उत्थान के लिए सदैव प्रतिबद्ध है। गोंडवाना संस्कृति के मानने वाले हमारे सभी आदिवासी भाई प्रकृति के पुजारी हैं। आप लोगों ने जल,जंगल और जमीन की सुरक्षा में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में जनजातियों को आगे बढ़ाने के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही है। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के लिए इस साल हम लोगों ने 200 करोड़ रूपये का बजट प्रावधान किया गया है। इसी तरह जनजातीय समुदाय के समग्र विकास की दिशा में प्रधानमंत्री जनमन योजना मील का पत्थर साबित हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी कला और संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए हमारी सरकार निरंतर काम कर रही है। हम लोगों ने आदिवासी परंपराओं को आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री सम्मान निधि प्रारम्भ किया है, जिसके माध्यम से बैगा, गुनिया और सिरहा को हर साल पांच हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है।  मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हमारे आदिवासी भाइयों का आय का एक बड़ा स्रोत वनोपज और तेंदूपत्ता संग्रहण है। हम लोगों ने तेंदूपत्ता संग्रहण का दाम 4 हजार रूपये से बढ़ाकर 5500 रूपये प्रति मानक बोरा किया है। जंगल जाने, वनोपज का संग्रहण करने वाले आदिवासी भाई- बहनों के पैरों में कांटे न चुभे, इसका भी इंतजाम हमारी सरकार ने फिर से किया है। इस साल चरण पादुका वितरण भी किया जाएगा। तेन्दूपत्ता संग्राहकों को चरण पादुका प्रदान करने के लिए बजट में 60 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सामूहिक विवाह बहुत ही अच्छी पहल हैं। इस तरह के आयोजन से न केवल समाज संगठित होता है, बल्कि फिजूलखर्ची पर भी रोक लगती है। उन्होंने कहा कि अभी 10 मार्च को मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के माध्यम से 6 हजार से अधिक जोड़ों का सामूहिक विवाह पूरे प्रदेश में संपन्न हुआ जिसे गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी शामिल किया गया है। इस अवसर पर जांजगीर-चांपा सांसद मती कमलेश जांगड़े, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष  गौरीशंकर अग्रवाल, विधायक  संदीप साहु सहित अन्य गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

ईद के पर्व पर पहुंचे मध्य प्रदेश शासन के मंत्री भाई दिलीप जायसवाल

कोतमा  ईद के मौके पर भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा मध्य प्रदेश के प्रदेश के मंत्री इरशाद अहमद के निवास पहुंचे मध्य शासन के लोकप्रिय मंत्री दिलीप जायसवाल जी भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा मध्य प्रदेश के प्रदेश मंत्री इरशाद अहमद के निवास परआयोजित ईद मिलन कार्यक्रम में शामिल होकर उन्हें एवं उपस्थित,मुस्लिम समुदाय को ईद की शुभकामना दी उन्होंने कार्यक्रम की तारीफ करते हुए कहा यह कार्यक्रम आपसी भाईचारे सामाजिक समरसता का सुंदर प्रतीक रहा उन्होंने इरशाद अहमद के परिवार से अपनी पुरानी यादों को जिक्र करते हुए कहा इरशाद अहमद भाजपा के बहुत पुराने कार्यकर्ता है वह हमेशा पार्टी को मजबूत करने का कार्य करते चले आ रहे हैं।कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष पुष्पेंद्र जैन नगर पालिका अध्यक्ष अजय सराफ पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष डॉक्टर किशोर जैन हाजी मुस्ताक साहब शमशेर खान टेंट बाजार मस्जिद के सदर मोहम्मद यूनुस मंसूरी लहसुई अंजुमन के जिम्मेदार महफूज भाई हाजी एजाज जमशेद अली लियाकत अली अब्बू भाई मोबिन मंसूरी राशिद अली ठेकेदार अंजुमन के सेक्रेटरी अकबर अली अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला मंत्री इम्तियाज भाई गुलजार अहमद मुख्तार अमान जुल्फिकार अली बाबू भाई वार्ड 6 के पार्षद मनोज सोनी सिंधी समाज के प्रमुख अशोक जिनवाणी जी अमृतलाल गोदवानी जी जैन समाज के प्रमुख वीरू जैन राजेश जैन मेडिकल वह अल्पसंख्यक मोर्चा के मीडिया प्रभारी राजू शरीफ की एवं प्रतिष्ठित मुस्लिम समाज उपस्थित रहा सभी लोगों ने इस कार्यक्रम की सराहना की

संयुक्त ऑपरेशन में बड़ी सफलता: सीमा पार से चल रहा ड्रग रैकेट नेस्तनाबूद

पंजाब पंजाब पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के साथ मिलकर एक बड़े संयुक्त ऑपरेशन में पाकिस्तान से जुड़े सीमा पार ड्रग तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस सफलता में 24.5 किलोग्राम हेरोइन, 21 लाख रुपए की ड्रग मनी, एक मल्टी-कॉप्टर ड्रोन और दो कारें जब्त की गई हैं। तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पंजाब पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने रविवार को यहां जारी बयान में बताया कि गहन तकनीकी जांच और खुफिया जानकारी के आधार पर यह ऑपरेशन अंजाम दिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमृतसर जिले के नूरवाल गांव निवासी जगजीत सिंह उर्फ राणा, औलख खुर्द गांव के मनप्रीत सिंह उर्फ प्रीत और धूपसरी गांव के रोशन सिंह के रूप में हुई है। जांच में इनके पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स से सीधे संपर्क होने का खुलासा हुआ है। डीजीपी ने कहा कि इस नेटवर्क को सफलतापूर्वक खत्म कर दिया गया है और आगे-पीछे के लिंकेज की तलाश जारी है। एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स के पुलिस अधीक्षक (एसपी) गुरप्रीत सिंह ने विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि ऑपरेशन दो चरणों में पूरा हुआ। पहले चरण में 12.1 किलोग्राम हेरोइन के साथ एक मल्टी-कॉप्टर ड्रोन बरामद किया गया, जिसका इस्तेमाल पाकिस्तान से खेप भेजने के लिए किया जाता था। ड्रोन के फोरेंसिक विश्लेषण, जिसमें तकनीकी डेटा, जीपीएस लोकेशन, अक्षांश-देशांतर और टावर डंप शामिल थे, के आधार पर मनप्रीत सिंह के घर से अतिरिक्त 12.4 किलोग्राम हेरोइन जब्त की गई। कुल बरामदगी 24.5 किलोग्राम हो गई। एसपी गुरप्रीत सिंह ने कहा कि आरोपी जगजीत राणा ने ड्रग मनी से हाल ही में पॉश इलाकों में संपत्तियां खरीदी हैं और उसे महंगी कारों का भी शौक था। जब्त की गई कारों में एक महिंद्रा थार एसयूवी भी शामिल है, जिसका इस्तेमाल नशीले पदार्थों की डिलीवरी के लिए किया जा रहा था। जांच में पता चला है कि ये आरोपी सीमा पार से ड्रोन के जरिए हेरोइन मंगवाते थे और फिर पंजाब के विभिन्न इलाकों में बेचते थे। इस मामले में एएनटीएफ पुलिस स्टेशन, एसएएस नगर में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21(सी), 23 और एयरक्राफ्ट एक्ट की धारा 25, 26 और 29 के तहत एफआईआर संख्या 43 (दिनांक 2 मार्च 2026) दर्ज की गई है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि ड्रग तस्करी में शामिल सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

राज्यमंत्री गौर ने लगभग 3 करोड़ के विकास कार्यों का किया भूमिपूजन

भोपाल  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  कृष्णा गौर ने क्षेत्रीय विकास को नई गति देते हुए लगभग 3 करोड़ रुपये की लागत से विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। इन कार्यों से न केवल आधारभूत सुविधाओं को मजबूती मिलेगी, बल्कि नागरिकों के जीवन स्तर में भी उल्लेखनीय सुधार आएगा। राज्यमंत्री  कृष्णा गौर ने कहा कि क्षेत्र के समग्र विकास और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है। जनता की आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जा रहा है, ताकि क्षेत्र का हर नागरिक बेहतर जीवन जी सके। उन्होंने कहा कि ये कार्य न केवल सुविधाएं बढ़ाएंगे, बल्कि क्षेत्र की समग्र प्रगति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। राज्यमंत्री  गौर ने बताया कि वार्ड क्रमांक 52 के नारायण नगर में लगभग 2 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले सीवेज नेटवर्क कार्य का भूमिपूजन किया गया। यह परियोजना क्षेत्र में स्वच्छता, सुव्यवस्थित जल निकासी और बेहतर सुविधाओं को सुनिश्चित करते हुए जनजीवन को अधिक सुगम एवं स्वस्थ बनाएगी। वार्ड क्रमांक 54 स्थित फॉर्चून डिलाइट सोसायटी में मंदिर निर्माण कार्य का भूमिपूजन विधि-विधानपूर्वक किया गया। यह पहल क्षेत्रवासियों की आस्था का केंद्र बनने के साथ सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को नई ऊर्जा प्रदान करेगी। वार्ड क्रमांक 52 के खनूजा इनक्लेव में डामर सड़क निर्माण कार्य एवं ओपन जिम का लोकार्पण किया गया। इन विकास कार्यों से क्षेत्र की आधारभूत संरचना सुदृढ़ होने के साथ नागरिकों के स्वास्थ्य और सुविधा को भी बढ़ावा मिलेगा।  

सीधी में सीएम का सख्त तेवर: कामचोर अफसरों को दी सीधी चेतावनी

सीधी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अल्प प्रवास पर सीधी पहुंचे, जहां उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। इस दौरान उन्हें अधिकारी-कर्मचारियों की शिकायत मिली है, जिस पर कड़ा रुख अपनाते हुए उन्होंने कार्रवाई की ओर इशारा किया है। सीएम ने कहा कि रात तक औचक निरीक्षण का परिणाम देखने को मिलेगा। उन्होंने यह स्पष्ट किया है कि जिन अधिकारियों को मैदान में रहकर काम नहीं करना, वे वल्लभ भवन में रहें। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और जनता में भारी असंतोष बता दें कि पिछले कई महीनों से जिले के दो बड़े अधिकारियों के कामकाज को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ आमजन में असंतोष है। भाजपा के पदाधिकारियों ने इसका खुलकर विरोध भी किया है। इतना ही नहीं, प्रभारी मंत्री की उपस्थिति में भी इसका असर देखने को मिला है। बदलाव की सुगबुगाहट अधिकारी-कर्मचारी के साथ स्थानीय जनप्रतिनिधि भी तरह-तरह के कयास लगा रहे हैं। हालांकि, सीएम के बयान का असर देर रात तक स्पष्ट हो जाएगा। मुख्यमंत्री की इस चेतावनी के बाद जिले के प्रशासनिक गलियारे में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।  

छत्तीसगढ़ में बच्चों के लिए तैयार हो रहा बाल-अनुकूल शिक्षा वातावरण, मित्रता और आत्मविश्वास से जुड़ रहा स्कूल

रायपुर 'बाल मैत्री (Buddy Buddy)' पहल से आंगनबाड़ी से विद्यालय तक बच्चों का सफर हुआ आसान छत्तीसगढ़ में बच्चों के समग्र विकास और सहज शिक्षा वातावरण के लिए एक महत्वपूर्ण पहल “बाल मैत्री (Buddy Buddy)” कार्यक्रम के रूप में सामने आई है। महिला एवं बाल विकास विभाग और स्कूल शिक्षा विभाग के संयुक्त प्रयास से शुरू की गई यह पहल आंगनबाड़ी से प्राथमिक विद्यालय तक बच्चों के संक्रमण को सरल और सहज बनाने की दिशा में एक सराहनीय कदम साबित हो रही है। 'बाल मैत्री (Buddy Buddy)' पहल से आंगनबाड़ी से विद्यालय तक बच्चों का सफर हुआ आसान जीवन के प्रारंभिक छह वर्ष बच्चों के मस्तिष्क और व्यक्तित्व विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाते हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को खेल-खेल में प्रारंभिक शिक्षा दी जाती है, लेकिन जब वे पहली बार विद्यालय के औपचारिक वातावरण में प्रवेश करते हैं, तो अक्सर झिझक और संकोच महसूस करते हैं। इसी चुनौती को दूर करने और बच्चों को विद्यालय के माहौल से पहले ही परिचित कराने के उद्देश्य से “बाल मैत्री (Buddy Buddy)” कार्यक्रम शुरू किया गया है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत 4 से 6 वर्ष आयु वर्ग के आंगनबाड़ी बच्चों को हर माह निकटवर्ती प्राथमिक विद्यालय का भ्रमण कराया जा रहा है। भ्रमण के दौरान बच्चों को विद्यालय परिसर, शिक्षक और विद्यार्थियों से परिचित कराया जाता है तथा खेल, गीत, चित्रकला और सामूहिक गतिविधियों के माध्यम से उनके बीच मित्रता और आत्मविश्वास विकसित किया जाता है। इससे बच्चों में स्कूल के प्रति सकारात्मक भाव विकसित हो रहा है और वे बिना डर और झिझक के विद्यालय में प्रवेश के लिए तैयार हो रहे हैं। कार्यक्रम के तहत 20 मार्च को पूरे प्रदेश में एक साथ आंगनबाड़ी बच्चों का विद्यालय भ्रमण कराया गया। इस दौरान प्रदेशभर के विद्यालयों में उत्साहपूर्ण माहौल देखने को मिला। छोटे बच्चों का विद्यालय में आत्मीय स्वागत किया गया और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, शिक्षकों तथा विद्यार्थियों ने मिलकर बाल-अनुकूल गतिविधियाँ आयोजित कीं। बच्चों ने नए मित्र बनाए और विद्यालय को अपनेपन के साथ अपनाया। यह पहल प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा आयोजित मुख्य सचिव सम्मेलन में दिए गए निर्देशों के अनुरूप शुरू की गई है, जिसमें आंगनबाड़ी और विद्यालयों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया था। छत्तीसगढ़ शासन ने इन निर्देशों को प्रभावी रूप से लागू करते हुए दोनों विभागों के सचिवों द्वारा संयुक्त दिशा-निर्देश जारी कर कार्यक्रम को प्रदेशभर में लागू किया है। “बाल मैत्री (Buddy Buddy)” कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों के सर्वाेत्तम हित को सुनिश्चित करना, विद्यालयों में सकारात्मक और समावेशी वातावरण तैयार करना तथा प्रारंभिक शिक्षा को मजबूत बनाना है। यह पहल बच्चों के भावनात्मक, सामाजिक और शैक्षणिक विकास को नई दिशा दे रही है। छत्तीसगढ़ में शुरू की गई यह अभिनव पहल न केवल बच्चों के लिए विद्यालय को सहज और आनंददायक बना रही है, बल्कि बाल शिक्षा और विकास के क्षेत्र में एक अनुकरणीय मॉडल के रूप में भी उभर रही है। आने वाले समय में यह कार्यक्रम बच्चों की नियमित उपस्थिति, सीखने की क्षमता और आत्मविश्वास को और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

टेंडर विवाद बना हिंसा की वजह: सतना में गोली चली, मारपीट का वीडियो CCTV में कैद

सतना पेप्टक सिटी में रविवार को उस समय सनसनी फैल गई जब कॉलोनी के भीतर गोली चलने की घटना सामने आई। जानकारी के अनुसार, शुभम सिंह छीन्दा के भाई गोलू छीन्दा पर रघु सिंह ने लायसेंसी पिस्टल से फायरिंग कर दी, जिससे वह घायल हो गए। घटना मकान नंबर 1 के सामने गेट के पास हुई। गोली चलने की आवाज से क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने CCTV फुटेज जब्त कर जांच शुरू कर दी है, वहीं घायल को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। टेंडर विवाद बताई जा रही घटना की वजह जानकारों के मुताबिक, इस पूरे मामले की जड़ एक सड़क निर्माण के टेंडर को लेकर चल रहा विवाद है। करीब 10-15 दिन पहले एक रोड का टेंडर खुला था, जो गौरव सिंह के नाम पर हुआ। इस टेंडर में रघुराज सिंह भी दावेदार थे। बताया जा रहा है कि पहले दोनों के बीच अच्छे संबंध थे, लेकिन टेंडर को लेकर मतभेद बढ़ते गए। रविवार को कॉलोनी के गुलाब पार्क में एक बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें दोनों पक्ष मौजूद थे। बैठक के दौरान भी कहासुनी हुई, जिसके बाद रघुराज वहां से चले गए। रास्ते में रोकने की कोशिश, हवाई फायरिंग के बाद हमला घायल के मुताबिक बैठक के बाद जब गौरव सिंह अपने साथियों के साथ लौट रहे थे, तभी रघुराज सिंह ने उन्हें रोकने की कोशिश की। नहीं रुकने पर उन्होंने पिस्टल से हवाई फायर कर दिया। फायरिंग की आवाज सुनकर गौरव ने गाड़ी रोकी और बात करने का प्रयास किया, तभी रघु सिंह ने पास आकर पिस्टल के बट से उन पर हमला कर दिया।