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मुख्यमंत्री साय ने किया “इनोवेशन महाकुंभ 1.0” के पोस्टर का विमोचन

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने  राजधानी स्थित निवास कार्यालय में "इनोवेशन महाकुंभ 1.0" के पोस्टर का विमोचन किया। इस अवसर पर शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय बस्तर के कुलपति  मनोज वास्तव और स्वावलंबी भारत अभियान के प्रांत समन्वयक  जगदीश पटेल भी उपस्थित रहे। बस्तर के युवाओं में नवाचार,उद्यमिता और स्वरोजगार में तकनीक आधारित विकास हेतु “ इनोवेशन महाकुंभ 1.0 का आयोजन आगामी 4 एवं 5 मई को किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय बस्तर और स्वावलंबी भारत अभियान, पीएम ऊषा एवं इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल के साथ किया जाएगा। जिसमें एनआईटी रायपुर,आईआईएम रायपुर,आईआईटी भिलाई, छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् की भी सहभागिता होगी।

नशे का बड़ा खेल बेनकाब: साबूदाने की आड़ में हेरोइन तस्करी, 2 आरोपी गिरफ्तार; असम से बिहार तक नेटवर्क

समस्तीपुर बिहार के समस्तीपुर जिले में पुलिस और नारकोटिक्स सेल के एक संयुक्त अभियान ने एक नशीले पदार्थों की तस्करी के नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है, जिसके परिणामस्वरूप दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और लगभग 6 लाख रुपए मूल्य की हेरोइन जब्त की गई है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 21 मार्च, 2026 की सुबह एक विशेष खुफिया जानकारी मिली थी कि एक नशीले पदार्थों के गिरोह के सदस्य हेरोइन की एक खेप लेकर शाहपुर पटोरी रेलवे स्टेशन पर पहुंचेंगे। तेजी से कार्रवाई करते हुए, स्थानीय पुलिस अधिकारियों और प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) को मिलाकर एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने एक जाल बिछाया और स्टेशन के पास के इलाके की घेराबंदी कर दी। 4 डिब्बों में छिपाकर रखी थी हेरोइन अभियान के दौरान, दो व्यक्तियों (एक पुरुष और एक महिला) को स्टेशन के बाहर संदिग्ध परिस्थितियों में घूमते हुए पकड़ा गया। आरोपियों की पहचान वैशाली निवासी राहुल कुमार (26) और असम निवासी शांति देवी के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान, पुलिस ने हेरोइन जिसे स्थानीय रूप से 'कोटा' कहा जाता है बरामद की, जिसे साबूदाना (sago) के चार डिब्बों के अंदर छिपाकर रखा गया था। इसके अलावा, उनके कब्जे से दो मोबाइल फोन, नकदी, रेलवे टिकट और पहचान पत्र भी जब्त किए गए। बड़े अंतर-राज्यीय नेटवर्क की संलिप्तता का संदेह शुरुआती पूछताछ में पता चला कि आरोपी पूर्वोत्तर राज्यों से बिहार में नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल थे। पुलिस को एक बड़े अंतर-राज्यीय नेटवर्क की संलिप्तता का संदेह है और वह गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान करने तथा उनके आपराधिक संपर्कों का पता लगाने पर काम कर रही है। पटोरी पुलिस स्टेशन में NDPS अधिनियम के प्रावधानों के तहत एक मामला दर्ज किया गया है, और आगे की जांच जारी है।  

TET रिजल्ट ने बढ़ाई टेंशन: छत्तीसगढ़ के हजारों शिक्षकों की नौकरी पर खतरा

रायपुर. शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET 2026) के परिणाम से शिक्षा विभाग और शिक्षकों में उथल-पुथल मची है। सुप्रीम कोर्ट के कड़े रुख के बाद राज्य के सरकारी स्कूलों में वर्षों से सेवाएं दे रहे हजारों शिक्षकों की नौकरी पर तलवार लटक गई है। अनिवार्य की गई टीईटी के हालिया नतीजों ने विभाग और शिक्षक संगठनों की नींद उड़ा दी है। दरअसल, एक फरवरी 2026 को आयोजित परीक्षा में बगैर टीईटी के लगभग 80 हजार शिक्षकों में केवल आठ प्रतिशत शिक्षक (लगभग पांच हजार) ही सफल हो सके हैं। लगभग 75 हजार शिक्षक बिना टीईटी योग्यता वाले वर्तमान में राज्य में लगभग 75 हजार शिक्षक बिना टीईटी योग्यता वाले हैं। टीईटी में प्राथमिक स्तर (कक्षा पहली से पांचवीं) में कुल 1,02,506 परीक्षार्थियों में से केवल 19,292 ही उत्तीर्ण हुए हैं। जबकि 83,214 अभ्यर्थी असफल रहे। इस स्तर पर कुल पात्रता प्रतिशत 18.82 प्रतिशत रहा। उच्च प्राथमिक स्तर 36,377 अभ्यर्थी सफल वहीं उच्च प्राथमिक स्तर (कक्षा छठवीं से आठवीं) में 1,82,384 परीक्षार्थियों में से 36,377 अभ्यर्थी सफल हुए हैं, जबकि 1,46,007 असफल रहे। इस स्तर पर पात्रता प्रतिशत 19.94 प्रतिशत दर्ज किया गया है। इनमें शिक्षक और अन्य अभ्यर्थी दोनों ही शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट का कड़ा आदेश और वर्तमान स्थिति उच्चतम न्यायालय ने एक सितंबर 2025 को एक ऐतिहासिक फैसले में स्पष्ट किया था कि देश के सभी सरकारी और गैर-सरकारी शिक्षण संस्थानों (अल्पसंख्यक संस्थानों को छोड़कर) में कार्यरत शिक्षकों के लिए टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य है। बिना इस पात्रता के न तो नौकरी सुरक्षित रहेगी और न ही भविष्य में पदोन्नति (प्रमोशन) मिल सकेगी। इसी आदेश के अनुपालन में राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) ने व्यापमं के माध्यम से परीक्षा आयोजित की थी। अब शिक्षक संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है विभागीय परीक्षा और पाठ्यक्रम में ढील की मांग परीक्षा के कठिन स्तर और निराशाजनक परिणाम को देखते हुए अब शिक्षक संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है। टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव और डीपीआइ को पत्र लिखकर मांग की है कि सेवारत शिक्षकों के लिए एक 'सीमित विभागीय टीईटी' आयोजित की जाए। संगठनों का तर्क है कि वर्तमान टीईटी का पाठ्यक्रम बहुत कठिन है, जिससे अनुभवी शिक्षकों को परेशानी हो रही है। यदि पाठ्यक्रम में शिथिलता प्रदान करते हुए विभागीय परीक्षा ली जाती है, तो शिक्षकों की नौकरी का संकट भी टलेगा और अदालती आदेश का पालन भी सुनिश्चित होगा। डीपीआइ ने शुरू की कवायद, मांगा डेटा शिक्षक संगठनों के दबाव के बाद लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआइ) एक्शन मोड में आ गया है। 13 मार्च 2026 को जारी एक आधिकारिक पत्र के माध्यम से सभी संयुक्त संचालकों (जेडी) और जिला शिक्षा अधिकारियों (डीईओ) से शिक्षकों का आयुवार और श्रेणीवार डेटा मांगा गया है। विभाग अब इस जानकारी के आधार पर एक नई कार्ययोजना तैयार कर रहा है, जिससे बीच का कोई रास्ता निकाला जा सके। दिल्ली में प्रदर्शन की चेतावनी शिक्षकों के सब्र का बांध अब टूटता नजर आ रहा है। प्रदेश शिक्षक महासंघ के अध्यक्ष राजनारायण द्विवेदी ने दोटूक कहा है कि यदि नियमों में रियायत नहीं दी गई, तो प्रदेश के हजारों शिक्षक चार अप्रैल को दिल्ली में बड़ा प्रदर्शन करेंगे। शिक्षकों का कहना है कि वे वर्षों से पढ़ा रहे हैं, ऐसे में अचानक उन पर कठिन परीक्षा थोपना उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ है।  

खुशियां बनीं हादसा: गुना में हवा से उड़ा जंपिंग झूला, बच्ची गंभीर घायल

गुना. गुना जिले के बजरंगगढ़ स्थित माता 20 भुजा मंदिर पर चैत्र नवरात्र मेले के दौरान रविवार को एक हादसा हो गया। यहां तेज हवा के झोंके से मिकी माउस का झूला अचानक उखड़कर दूर जा गिरा, जिससे एक वर्षीय बालक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल बालक की पहचान आशुतोष शर्मा के रूप में हुई है। उसे तुरंत गुना के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए उसे भोपाल रेफर करने का निर्णय लिया। दर्शन करने आया था परिवार जानकारी के अनुसार आशुतोष अपनी मां संगीता शर्मा के साथ अशोकनगर जिले के शाढौरा से ट्रेन द्वारा माता मंदिर के दर्शन करने आया था। पहाड़ी पर स्थित मंदिर में दर्शन करने के बाद परिवार मेले में घूम रहा था। झूले की जिद बनी हादसे की वजह मेले में घूमते समय बच्चे ने झूले पर बैठने की जिद की। झूले में एक अन्य बच्चा भी मौजूद था, जिसे इस हादसे में कोई चोट नहीं आई। घटना के बाद मेले में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

राइस मिलर्स के लिए खुशखबरी: बिना फोर्टिफाइड चावल की भी होगी सरकारी खरीद

कैथल. हरियाणा में कस्टम मिल्ड राइस (सीएमआर) की आपूर्ति करने वाले राइस मिलरों को केंद्र सरकार ने बड़ी राहत दी है। चावल में एक प्रतिशत फोर्टिफाइड राइस कर्नेल (एफआरके) के मिलान में छूट दे दी गई है। पहले 100 किलोग्राम चावल में एक किलोग्राम एफआरके का मिलान करना जरूरी था। राइस मिलर्स को इसमें परेशानी आ रही थी, क्योंकि प्रदेश में एफआरके की सप्लाई के लिए तीन राइस मिलों को ही टेंडर मिला था और वे इसकी पर्याप्त आपूर्ति नहीं कर पा रहे थे। राइस मिलर अपनी इच्छानुसार फोर्टिफाइड या गैर-फोर्टिफाइड चावल की आपूर्ति कर सकते हैं। केंद्र सरकार ने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों और अन्य खरीद एजेंसियों को पत्र लिखकर इसकी जानकारी दे दी है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) और केंद्र सरकार की अन्य योजनाओं के तहत जब तक फोर्टिफाइड चावल की आपूर्ति ज्यादा मात्रा में उपलब्ध नहीं होती, इसे अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। प्रदेश में करीब 1350 राइस मिलरों को सीएमआर नीति के अनुसार चावल धान दिया गया था। 67 प्रतिशत चावल देना अनिवार्य है। मिल मालिकों को 59.41 लाख टन धान दिया गया था।केंद्र सरकार ने फैसला ले दी बड़ी राहत, 40 प्रतिशत चावल दे चुके मिलर lएफआरके की आपूर्ति कम होने से राइस मिलरों को आ रही थी परेशानी पहले एफआरके के भंडार की व्यवस्था होगी केंद्र और प्रदेश सरकार पहले मौजूदा फोर्टिफाइड चावल (एफआरके) के भंडार का पूर्ण उपयोग सुनिश्चित करने के लिए अच्छे तरीके से तैयारी करेंगी। इसके बाद इसे लागू करने का फैसला लिया जा सकता है। चावल डिलीवरी का पहले यह था शेड्यूल नई नीति के तहत मिल मालिकों को दिसंबर तक सीएमआर का 15 प्रतिशत, जनवरी के अंत तक 25 प्रतिशत, फरवरी के अंत तक 20 प्रतिशत, मार्च के अंत तक 15 प्रतिशत, मई के अंत तक 15 प्रतिशत और शेष 10 प्रतिशत जून के अंत तक लगाना होता है। केंद्र सरकार ने एफआरके नियमों में छूट दी है, जिन राइस मिलर के पास एफआरके उपलब्ध है, चावल में मिलाकर कर अपनी गाड़ियां एफसीआई को भेज सकते हैं। जिनके पास उपलब्ध नहीं है, वे भी बिना एफआरके चावल दे सकते हैं। इससे राइस मिलर्स को बड़ी राहत मिली है। -अमरजीत छाबड़ा, प्रदेशाध्यक्ष, हरियाणा राइस मिलर्स एंड डीलर्स एसोसिएशन पोषक तत्वों से भरपूर होता है एफआरके फोर्टिफाइड राइस कर्नेल (एफआरके) सूक्ष्म पोषक तत्वों (आयरन, फोलिक एसिड, विटामिन) से भरपूर चावल होता है। जिन्हें ‘एक्सट्रूज़न’ तकनीक से चावल के आटे के साथ मिलाकर तैयार किया जाता है। सामान्य चावल के साथ 1:100 में मिलाकर यह कुपोषण और एनीमिया (खून की कमी) को दूर करने के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में वितरित किया जाता है। सूखे चावल को पीसकर पाउडर बनाया जाता है, जिसमें पोषक तत्व मिलाकर, मशीन द्वारा चावल के रूप में आकार दिया जाता है। इसमें मुख्य रूप से आयरन, फोलिक एसिड और विटामिन शामिल होते हैं। 100 किलोग्राम सामान्य चावल में एक किलोग्राम एफआरके मिलाया जाता है। यह चावल सामान्य चावल जैसा होता है और खाने में भी अच्छा होता है। चावल लौटाने में अंबाला अव्वल अंबाला को छोड़ किसी भी जिले के मिल मालिकों की ओर से सरकार को चावल देने का निर्धारित लक्ष्य हासिल करना तो दूर उसके आसपास भी चावल वापस नहीं किया। प्रदेश भर में कुल 41,62,553.93 एमटी चावल (सीएमआर) देना है लेकिन 12,72,293.18 एमटी ही एफसीआई तक पहुंचा है। करीब 61.72 प्रतिशत के साथ अंबाला राज्य में नंबर वन है। करनाल 15.69, कुरुक्षेत्र 33.65 प्रतिशत, पानीपत 1.02 प्रतिशत और रोहतक में 6.2 प्रतिशत चावल की डिलीवरी हुई है। पंचकूला ने 52.26 प्रतिशत की प्रगति दिखाई है, जिसकी मिलिंग अंबाला के ही अधीन आती है। यमुनानगर (31.63), कैथल (30.79) और फतेहाबाद (28.27) भी औसत हैं। यमुनानगर 31.63 प्रतिशत, कैथल 30.79 प्रतिशत और फतेहाबाद 28.27 प्रतिशत पर हैं। 30 जून तक चावल लौटाना है। अंबाला में करीब 61 प्रतिशत सीएमआर की डिलीवरी हो चुकी है जोकि प्रदेश में नंबर वन है। बिना एफआरके चावल डिलीवरी की अनुमति दे दी गई है। इसका प्रयोग इथेनाल निर्माण के लिए केवल फैक्ट्रियों में किया जाना है। -निशांत राठी, डीएफएससी। गेहूं भंडारण की सता रही चिंता प्रदेश में लगभग 28,90,260 मीट्रिक टन चावल की डिलीवरी अभी बाकी है। गोदाम खाली नहीं हुए तो नई फसल के भंडारण के लिए जगह का संकट खड़ा हो सकता है।

जड़ी-बूटी विरासत बचाने की दिशा में बड़ा कदम, केदार कश्यप बोले—सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध

रायपुर वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  केदार कश्यप आज छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के नवनियुक्त उपाध्यक्ष  अंजय शुक्ला के पदभार ग्रहण समारोह में शामिल हुए। यह कार्यक्रम राज्य वन अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान परिसर, जीरो प्वाइंट, रायपुर में आयोजित किया गया। इस अवसर पर तकनीकी शिक्षा मंत्री  गुरु खुशवंत साहेब, राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा , विधायक  किरण सिंह देव, विधायक  अनुज शर्मा और विधायक  इंद्रकुमार साहू अतिविशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।           वन मंत्री  कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ एक वन संपदा से समृद्ध राज्य है, जहां लगभग 44.21 प्रतिशत क्षेत्र में वन हैं। यहां के वनों में विभिन्न प्रकार की वनौषधियां पाई जाती हैं, जिनका उपयोग प्राचीन काल से उपचार के लिए किया जाता रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस पारंपरिक ज्ञान को संरक्षित करने और आमजन तक इसके लाभ पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2012 से 21 मार्च को विश्व वानिकी दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन  अंजय शुक्ला द्वारा उपाध्यक्ष का पदभार ग्रहण करना एक सकारात्मक संकेत है। उन्होंने विश्वास जताया कि उनके अनुभव से औषधि पादप बोर्ड को मजबूती मिलेगी और यह नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा।           समारोह में तकनीकी शिक्षा मंत्री  गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि औषधि पादप बोर्ड द्वारा वैद्य सम्मेलन, वनौषधि प्रदर्शनी और जनजागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि  शुक्ला के मार्गदर्शन में बोर्ड और बेहतर कार्य करेगा। कार्यक्रम को विधायक  किरण सिंह देव ने भी संबोधित करते हुए कहा कि  शुक्ला के अनुभव का लाभ औषधि पादप बोर्ड को मिलेगा और बोर्ड नए आयाम स्थापित करेगा। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के अध्यक्ष  विकास मरकाम ने कि राज्य सरकार वन औषधीय के पारंपरिक ज्ञान के संरक्षण और संवर्धन के लिए पादप बोर्ड का गठन किया है। जो लगातार बेहतर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने  शुक्ला को बधाई देते हुए कहा पादप बोर्ड को उनके अनुभव का निश्चित ही लाभ मिलेगा और बोर्ड बेहतर नवाचार करेगा।         कार्यक्रम में अपेक्स बैंक के अध्यक्ष  केदारनाथ गुप्ता, खाद्य आपूर्ति निगम के अध्यक्ष  संजय वास्तव, अध्यक्ष अल्प संख्यक आयोग  अमरजीत सिंह छाबड़ा, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम,  लोकेश कावड़िया, अध्यक्ष, रायपुर विकास प्राधिकरण  नंदकुमार साहू , , जिला पंचायत सदस्य मती स्वाती वर्मा, सतनामी समाज के धर्मगुरू गुरू बालदास,  रमेश सिंह ठाकुर, मान उपकार चंद्राकर , अंजिनेश शुक्ल पिंटू साहू   श्याम नारंग सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और बोर्ड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  जे.ए.सी.एस. राव  सुरेन्द्र पाटनी,  अमित साहू,  आलोक साहू सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

CM साय का सख्त रुख: रोप-वे हादसे की जांच के बाद जिम्मेदारों पर गिरेगी गाज

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महासमुंद जिला स्थित प्रसिद्ध खल्लारी मंदिर में आज सुबह हुए रोप-वे हादसे को दुखद बताया. उन्होंने कहा कि घटना की जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज कवर्धा और बलौदाबाजार जिले के दौर पर रवाना होने से पहले मीडिया से चर्चा की. उन्होंने बताया कि कवर्धा में लोधी समाज द्वारा अवंति बाई की पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में कार्यक्रम आयोजित किया गया है, जिसमें शामिल होंगे. इसके अलावा बलौदाबाजार में गोंडवाना समाज की ओर से आयोजित आदर्श विवाह समारोह में शामिल होंगे. वहीं शाम को केरल के दौरे को लेकर कहा कि कल (केरल विधानसभा चुनाव के लिए) बीजेपी प्रत्याशियों का नामांकन है. उसमें शामिल होने जा रहे हैं. विधानसभा में पारित धर्म स्वातंत्र्य विधेयक को लेकर मिल रही लोगों से बधाई पर कहा कि कल हम सरगुजा गए थे, वहां अनुसूचित जनजाति मोर्चा ने मुलाकात के दौरान विधेयक का स्वागत किया. रायपुर में भी सीएम हाउस पहुंचे लोगों ने धन्यवाद दिया.  एक मौत, 17 श्रद्धालु घायल हादसे में एक महिला की मौत हो गई है जबकि 17 श्रद्धालु घायल हुए हैं। नीचे वाली ट्राली में 9 लोग और ऊपर वाली ट्राली में 8 लोग सवार थे। मौके पर मौजूद लोगों और मंदिर प्रबंधन व पुलिस ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल महासमुंद भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है। रोप-वे सेवा को तत्काल बंद कर दिया गया घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। एहतियात के तौर पर रोप-वे सेवा को तत्काल बंद कर दिया गया है। प्रारंभिक जांच में तकनीकी खराबी को हादसे का कारण माना जा रहा है, हालांकि विस्तृत जांच के आदेश दे दिए गए हैं। स्थानीय लोगों ने लापरवाही का आरोप लगाया स्थानीय लोगों ने रोप-वे की नियमित जांच और सुरक्षा मानकों के पालन में लापरवाही का आरोप लगाया है। प्रशासन ने मामले में जांच कर दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। ज्ञात हो कि नवरात्र जारी है और मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ है।

संभल जाएं लोग! अगले 48 घंटों में इस राज्य में मौसम का कहर, विभाग ने दी चेतावनी

रांची झारखंड में मौसम के अचानक बदले मिजाज ने लोगों को चौंका दिया है। आमतौर पर मार्च में गर्मी बढ़ने लगती है, लेकिन इस बार ठंड ने फिर से वापसी कर ली है। राजधानी रांची में न्यूनतम तापमान गिरकर 15 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जबकि लातेहार में यह 12 डिग्री दर्ज किया गया है, जिससे लोगों को ठंड का एहसास होने लगा है। मौसम में इस बदलाव की मुख्य वजह पश्चिमी विक्षोभ है, जिसका असर पूरे राज्य में देखा जा रहा है। इसके कारण ठंडी हवाएं चल रही हैं और तापमान में गिरावट आई है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 2 से 3 दिनों तक ऐसा ही मौसम बने रहने की संभावना है। राज्य में येलो अलर्ट जारी किया गया है। हालांकि स्थिति पहले की तुलना में थोड़ी बेहतर हुई है, लेकिन लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है, जिससे ठंड और बढ़ सकती है। इन जिलों में वज्रपात की संभावना अधिक लातेहार, लोहरदगा, पलामू और गढ़वा जिलों में मौसम का असर ज्यादा देखने को मिल रहा है। इन इलाकों में बारिश, वज्रपात और तेज हवाओं की संभावना अधिक है, क्योंकि पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव सबसे पहले इन्हीं क्षेत्रों पर पड़ रहा है। इधर, पाकुड़ जिले में पिछले 24 घंटों के दौरान जोरदार बारिश दर्ज की गई है, जिससे मौसम पूरी तरह बदल गया है। कई स्थानों पर ओलावृष्टि भी हुई है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। राज्य के अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान 30 से 32 डिग्री के बीच बना हुआ है, लेकिन दिन में चल रही ठंडी हवाएं लोगों को राहत दे रही हैं। जहां एक ओर आम लोगों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। फिलहाल झारखंड में मौसम का यह बदला हुआ रूप चर्चा का विषय बना हुआ है।  

ग्राम मलैकी में नहीं है बिजली पानी की सुविधा शासन प्रशासन मौन।

राजेंद्रग्राम/छबिलाल जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ के ग्रामपंचायत परसेल में आने वाले ग्राम मलैकी में जीवन यापन करने वाले ग्रामीण पानी व बिजली की समस्याओं से जूझ रहे हैं। शासन ने लाखों रुपये की लागत से नल जल योजना अंतर्गत लगाया है। लेकिन कोई काम का नहीं बताया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों से शिकायत करने के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हो पाया मलैकी में पेयजल की समस्या गंभीर बनी हुई है। गांव में पीने योग पानी की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। गांव की महिला एवं बच्चे कठिन रास्ते से गुजरते हुए घढ़े और बर्तनों में पानी भरकर नहाने कपड़े धोने और घरेलू उपयोग के लिए ग्रामीणों को इसी प्रकार दूर-दूर से पानी लाना पड़ता है जिससे उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है ग्रामीणों की परेशानी वहीं समाप्त नहीं होगी गांव के लोग आज भी नल मे पानी कब तक आएगा इंतजार में लगे रहते हैं लेकिन पानी न मिलने से ग्रामीणों में आक्रोश जनक साबित हो रहा है।  गांव में नहीं है बिजली गांव में करीब एक माह से लगातार आज भी बिजली की समस्याओं से जूझ रहे हैं। लेकिन शासन प्रशासन अपना जिम्मेदारी ना समझते हुए ग्रामीणों को अंधेरे में रहने को प्रताड़ित किया जा रहा है ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार ग्राम पंचायत के सरपंच को अवगत कराया जा चुका है उन्होंने बताया कि जब भी ग्रामीणों द्वारा इस विषय में पूछा जाता है तो सरपंच द्वारा यही कहा जाता है कि इस संबंध में आवेदन किया जा चुका है हालांकि लंबे समय से यही जवाब मिल रहा है लेकिन समस्या का समाधान अब तक नहीं हो पाया है ग्रामीणों की समस्याओं को देखते हुए एवं विद्यार्थी बच्चों की पढ़ाई को मद्देनजर रखते हुए देखा जाए तो बिजली न होने से समय से पढ़ाई भी नहीं कर पा रहे हैं जिससे बच्चों के भविष्य से भी खिलवाड़ किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि एक महीने पहले ट्रांसफार्मर जल गया था उसके लिए हम चंदा लगाकर बिजली ऑफिस जाकर ऑफिसर को कह कर थक चुके हैं लेकिन देखने नहीं आ रहे हैं आज लगाएंगे कल लगाएंगे इस तरीके का बहाना बनाते हुए नजरअंदाज करते नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन को आवेदन देकर गांव में पेयजल व्यवस्था बिजली आपूर्ति की मांग की है। इनका कहना है कि यदि जल्द ही इन मूलभूत सुविधाओं को व्यवस्था नहीं दी गई तो ग्रामीणों को इसी प्रकार आगे परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

फिर चमकी किस्मत: आर्मी को दूध-चाय पहुंचाने वाले श्रवण सिंह ने जीते 5 लाख

फिरोजपुर. फिरोजपुर जिले के कस्बा ममदोट के गांव तारा वाली के रहने वाले मास्टर श्रवण सिंह की किस्मत एक बार फिर चमकी है। उन्होंने अब 5 लाख रुपये की लॉटरी जीती है, जिसके बाद पूरे परिवार में जश्न का माहौल है। श्रवण सिंह को हाल ही में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 'प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2025' से सम्मानित किया था क्योंकि उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान आर्मी के जवानों की बहुत सेवा की थी। अब श्रवण सिंह की 5 लाख रुपये की लॉटरी निकली है। जानकारी के मुताबिक, श्रवण सिंह ने अपने पिता सोना सिंह के साथ ममदोट में सिर्फ 350 रुपये की लॉटरी डाली थी (जिसमें एक टिकट 7 रुपये का था), जिससे उनकी किस्मत बदल गई। यह खुशी की खबर मिलते ही परिवार और रिश्तेदारों में खुशी की लहर दौड़ गई और सभी ने ढोल की थाप पर नाचकर जश्न मनाया। गौरतलब है कि श्रवण सिंह को 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान भारतीय सेना के जवानों को दूध, चाय और लस्सी पहुंचाने में उनकी सेवा और बहादुरी के लिए सेना ने सम्मानित भी किया है। उन्हें 26 दिसंबर 2025 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से खास बातचीत भी की। श्रवण के पिता सोना सिंह ने भावुक होते हुए कहा कि उन्होंने तीन बार लॉटरी डाली थी और तीनों बार इनाम निकला। उन्होंने कहा कि वह इस इनाम की रकम को श्रवण के सुनहरे भविष्य के लिए बचाकर रखेंगे। उनके पिता के मुताबिक, श्रवण ने पहले भी देश भर में परिवार का नाम रोशन किया था और आज उसकी किस्मत ने परिवार की किस्मत बदल दी है।