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अखिलेश के रथ पर राजभर का तंज- ‘दलित-पिछड़ों को अछूत मानते हैं, सत्ता में जनता स्पेस नहीं देगी’

‘दलित-पिछड़ों को अछूत मानते हैं अखिलेश’, ओमप्रकाश राजभर ने सपा की रथयात्रा पर साधा निशाना अखिलेश के रथ पर राजभर का तंज- ‘दलित-पिछड़ों को अछूत मानते हैं, सत्ता में जनता स्पेस नहीं देगी’ ‘फाइव स्टार रथ में घूम रहे, दलित-पिछड़ों से हाथ नहीं मिलाते’, अखिलेश पर ओमप्रकाश राजभर का हमला ‘2027 का सपना देखिए, 2032 तक संघर्ष कीजिए’, अखिलेश की रथयात्रा पर राजभर का तीखा तंज 'संघर्ष के नाम पर लग्जरी का पूरा इंतजाम', अखिलेश की रथयात्रा पर राजभर का तंज लखनऊ सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव की रथयात्रा पर तीखा हमला बोला है। राजभर ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अखिलेश यादव के रथ को लेकर तंज कसा और दलितों-पिछड़ों से उनके जुड़ाव पर सवाल उठाए। 'रथ में कितने दलितों-पिछड़ों से हाथ मिलाया?' ओमप्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव को संबोधित करते हुए लिखा, 'महाराज, आपका रथ तो एकदम फाइव स्टार है। ये बताइए कल रथ में बैठकर कितने दलितों और कितने पिछड़ों से आपने हाथ मिलाया?'उन्होंने आगे तंज कसते हुए लिखा कि अखिलेश यादव दलितों और पिछड़ों से हाथ नहीं मिलाना चाहते और उन्हें अछूत मानते हैं। 'संघर्ष के नाम पर लग्जरी का पूरा इंतजाम' राजभर ने अखिलेश यादव के रथ को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने लिखा कि अखिलेश यादव रथ के नाम पर 'हॉलीवुड वाली वैनिटी वैन' या 'पहियों पर बने फाइव स्टार सुइट' में घूम सकते हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश की दलित, अति पिछड़ी और गरीब जनता उन्हें सत्ता में कोई 'स्पेस' नहीं देने वाली। उन्होंने आगे लिखा कि उन्होंने अखिलेश यादव को रथयात्रा के दौरान देखा कि वह 'लग्जरी रथ' में सवार थे और हाइड्रोलिक ट्रॉली से निकलकर हाथ हिला रहे थे। राजभर ने इसे लेकर तंज किया कि संघर्ष के नाम पर लग्जरी का पूरा इंतजाम था, लेकिन सत्ता में स्पेस का इंतजाम नहीं हो पा रहा। '2027 का सपना देखिए, 2032 तक संघर्ष कीजिए' ओमप्रकाश राजभर ने अपनी पोस्ट में अखिलेश यादव के राजनीतिक भविष्य को लेकर भी कटाक्ष किया। उन्होंने लिखा, '2027 का सपना देखिए, 2032 तक संघर्ष कीजिए। उसके बाद भी कुछ होने नहीं वाला है।'

नितिन गडकरी-CM मोहन ने शुरू की सुगम परिवहन सेवा, 351 बसें दौड़ेंगी

भोपाल मध्यप्रदेश में 21 साल बाद सरकारी बस सेवा की वापसी हुई है। भोपाल के भेल दशहरा मैदान से केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और CM मोहन यादव ने मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का शुभारंभ किया। 351 बसें 7 शहरों में इंटरसिटी और इंट्रासिटी सेवा देंगी।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री  नितिन गडकरी ने भोपाल के भेल दशहरा मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय "मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा एवं पीएम ई-बस सेवा" कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया। CM मोहन यादव ने कहा- नई सेवा के तहत 180 इलेक्ट्रिक बसें भी सड़कों पर उतारी गई हैं। इसका मकसद शहरों के साथ गांवों को भी बेहतर बस कनेक्टिविटी से जोड़ना है। सरकार ने 75% ग्राम पंचायतों तक बस सेवा पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। बसों में आधुनिक सुविधाओं के साथ सुरक्षा और रियल टाइम मॉनिटरिंग की व्यवस्था भी रहेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री निवास में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी जी को "रोड नेटवर्क ऑफ मध्यप्रदेश विजन-2047" से अवगत कराया।इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश में जारी विभिन्न विकास एवं सड़क परियोजनाओं की प्रगति की भी जानकारी दी।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री  नितिन गडकरी ने भोपाल के भेल दशहरा मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय "मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा एवं पीएम ई-बस सेवा" कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने कहा- सरकार ने पहले साल 1,500 बसें चलाने और 2031 तक इनकी संख्या बढ़ाकर 15 हजार करने का लक्ष्य रखा है। सेवा PPP मॉडल पर संचालित होगी, जिसमें निजी ऑपरेटर भी शामिल होंगे। उन्हें विज्ञापन और कार्गो से अतिरिक्त आय के अवसर भी मिलेंगे। – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी ने आज भोपाल के लालघाटी में अंत्योदय एवं एकात्म मानव दर्शन के प्रणेता श्रद्धेय स्व. पं. दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की एवं उन्हें नमन किया। – इस अवसर पर उन्होंने पं. दीनदयाल उपाध्याय जी के राष्ट्रसेवा, समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के उत्थान एवं मानव कल्याण के प्रति समर्पित विचारों का स्मरण किया। साथ ही पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के शुभारंभ कार्यक्रम में प्रदेश के स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा – * प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा और पीएम ई-बस सेवा के जरिए प्रदेशवासियों का सपना पूरा हो रहा है। * पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी जी के कर कमलों से 351 इंटरसिटी एवं इंट्रासिटी बसों की सौगात मिली है। * प्रदेश में 21 साल बाद फिर से राज्य परिवहन सेवा की शुरुआत हो रही है। * राज्य परिवहन सेवा की लंबे समय से मांग की जा रही थी, जो आज पूरी हो रही है। * आज का दिन प्रदेश के इतिहास में ऐतिहासिक है। * यह परिवहन सेवा प्रदेश के इतिहास में मील का पत्थर साबित होगी। * मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा से सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था अधिक सुगम, सुरक्षित और आधुनिक बनेगी। * इस सेवा की शुरुआत में बस मालिकों के हितों का भी ध्यान रखा गया है। * मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा प्रदेशवासियों को बेहतर यात्री परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा – – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश कनेक्टिविटी, मोबिलिटी और पर्यावरण संरक्षण के साथ सुगम यातायात सुविधा देने वाले देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है। * प्रदेश में परिवहन सुविधा के क्षेत्र में आज स्वर्णिम दिन है। * सर्वसुविधायुक्त बसें प्रदेश के यात्रियों के लिए बड़ी सौगात हैं। * लोक निर्माण विभाग सभी विभागों के साथ समन्वय कर कार्य कर रहा है। * सड़कों के गड्ढे सुधारने के लिए विभाग ने लोकपथ ऐप बनाया है। * लोकपथ ऐप नागरिकों के लिए स्मार्ट ट्रैवल पार्टनर बन चुका है। * लोकपथ ऐप पर मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की बसों की समय-सारणी भी उपलब्ध होगी। * केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने प्रदेश में जारी हाईवे प्रोजेक्ट्स के निर्माण कार्यों की समीक्षा की है। * केंद्रीय मंत्री  गडकरी ने शहपुरा टोल नाके को अस्थायी रूप से बंद करने की मंजूरी दी है। *

हरियाणा हत्याकांड: 5 दोषियों की उम्रकैद पर कोर्ट का फैसला

चंडीगढ़. नारायणगढ़ में करीब 26 वर्ष पहले युवक संजीव कुमार की चाकू से हमला कर हत्या करने के मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने पांच दोषियों को बड़ी राहत देने से इन्कार करते हुए उनकी उम्रकैद की सजा बरकरार रखी है। हालांकि, अदालत ने मृतक के स्वजन की ओर से दायर वह याचिका भी खारिज कर दी, जिसमें दोषियों की उम्रकैद को मृत्युदंड में बदलने की मांग की गई थी। जस्टिस अर्चना पुरी और जस्टिस मनदीप पन्नू की पीठ ने स्पष्ट किया कि मामले की परिस्थितियों को देखते हुए मृत्युदंड देने का आधार नहीं बनता। 26 साल पुराना है मामला मामला 16 सितंबर 2000 का है। अभियोजन के अनुसार संजीव कुमार नारायणगढ़ में खेल देखने के बाद अपने गांव लौट रहा था। हुसैनी रोड पार करते समय उसने देखा कि पांच युवक उसके साथ मारपीट कर रहे थे। गंभीर रूप से घायल संजीव को पहले नारायणगढ़ के सिविल अस्पताल ले जाया गया और वहां से पीजीआइ चंडीगढ़ रेफर किया गया। पीजीआइ में रात करीब 7:45 बजे उसकी मौत हो गई।

बिहार का नया जल निगम संभालेगा रिवर फ्रंट से जल परियोजनाओं तक का काम

पटना  बिहार सरकार के नवगठित बिहार जल संसाधन विकास निगम लिमिटेड को जल परियोजनाओं के साथ राजस्व संग्रह का महत्वपूर्ण आधार बनाने की तैयारी है। निगम गाद प्रबंधन, सतही जल को पेयजल के रूप में उपयोग करने के लिए स्रोत एवं संरचनाओं का विकास और जलस्रोतों के पुनर्स्थापन जैसे काम करेगा। कैबिनेट की मंजूरी के बाद जल संसाधन विभाग ने निगम को सक्रिय करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। रिवर फ्रंट से भूमि-भवन तक संभालेगा निगम निगम को रिवर इंटरलिंकिंग, रिवर फ्रंट डेवलपमेंट और विभागीय भूमि, भवन, निरीक्षण भवन समेत अन्य परिसंपत्तियों के प्रबंधन एवं रखरखाव की जिम्मेदारी भी दी जाएगी इन गतिविधियों के जरिए निगम सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ आय अर्जित करेगा। लक्ष्य है कि समय के साथ निगम अपने खर्च के लिए खुद राजस्व जुटाने में सक्षम हो। DPR से इंजीनियरिंग कंसल्टेंसी तक सेवाएं निगम के माध्यम से डीपीआर तैयार करने, इंजीनियरिंग कंसल्टेंसी, परियोजना प्रबंधन, निर्माण और तकनीकी सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रविधान किया गया है। इन सेवाओं से मिलने वाले राजस्व को निगम की आर्थिक आत्मनिर्भरता से जोड़ा गया है। कंपनी अधिनियम-2013 के तहत गठित होने वाला निगम पूरे बिहार में काम करेगा और आवश्यकता पड़ने पर राज्य के बाहर भी परियोजनाएं ले सकेगा। सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण से आगे बढ़ेगा दायरा निगम सिंचाई, बाढ़ नियंत्रण और जल निकासी जैसे पारंपरिक कार्यों के साथ गैर-पारंपरिक जल परियोजनाओं पर भी काम करेगा। जल परियोजनाओं के सूत्रीकरण, तकनीकी परामर्श और क्रियान्वयन में भी इसकी भूमिका रहेगी। जलवायु परिवर्तन और अनियमित वर्षा के बीच जल प्रबंधन को आधुनिक बनाने के उद्देश्य से यह पहल की गई है। 50 करोड़ रुपये होगी अधिकृत पूंजी बिहार जल संसाधन विकास निगम की अधिकृत पूंजी 50 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। शुरुआती स्थापना और संचालन खर्च के लिए राज्य सरकार छह लाख रुपये की सदस्यता पूंजी देगी। प्रारंभिक चरण में विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रतिनियुक्ति या पदस्थापन के जरिए निगम में लगाया जाएगा, जिससे सरकार पर अतिरिक्त वित्तीय भार सीमित रखने की योजना है। GIS और रिमोट सेंसिंग से होगा जल प्रबंधन निगम में निजी क्षेत्र की तकनीक और विशेषज्ञता का उपयोग किया जाएगा। GIS, रिमोट सेंसिंग और वाटर डाटा एनालिटिक्स जैसी तकनीकों को जल प्रबंधन से जोड़ा जाएगा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के सहयोग से नए प्रयोगों को बढ़ावा देने की योजना है। निगम का संचालन निदेशक मंडल करेगा, जबकि दैनिक कामकाज की जिम्मेदारी प्रबंध निदेशक पर होगी।  

UPITS: आत्मविश्वास के साथ वैश्विक मंच पर यूपी

यूपीआईटीएस: आत्मविश्वास की वैश्विक यात्रा लखनऊ  कोई सोच, कोई दृष्टि या विजन की सार्थकता तब है जब वह विचार से निकलकर व्यवहार में आए, संकल्प से निकलकर परिणाम में आए और संभावना से निकलकर सामर्थ्य में बदल जाए। आज जब हम उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) के चौथे संस्करण को साकार रूप में देखते हैं तो इसकी सार्थकता को भी स्वीकार करना होगा। यह इस बात का प्रतीक है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘लोकल फॉर ग्लोबल’ के रूप में भारत की स्थानीय शक्ति को वैश्विक पहचान देने का जो विजन रखा, उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उसे एक मिशन के रूप में आगे बढ़ाया। योगी ने एमएसएमई की उद्यमशीलता, ओडीओपी की स्थानीय विशिष्टता और स्टार्टअप की नवाचार ऊर्जा को एक सूत्र में पिरोकर प्रदेश के आर्थिक सामर्थ्य को एक नई दिशा दी। ग्रेटर नोएडा में शुरू हो रहा उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो राज्य की वह यात्रा है, जिसमें एक सरकार अपनी शक्ति को पहचान कर उसे दुनिया के समक्ष रखने जा रही है। यह राज्य के आत्मविश्वास की वैश्विक यात्रा है।  कौटिल्य ने लिखा था- ‘कोष मूलो दंडः' अर्थात राज्य की समस्त शक्ति उसके कोष यानी संपदा पर टिकी होती है। संपदा के मूल में व्यापार और उद्यम ही हैं। आज विकास का सूत्र यह है कि राज्य अपनी संपदा को विश्व व्यापार तक पहुंचाने में सक्षम हो। इसी कसौटी पर यूपीआईटीएस का महत्व समझा जाना चाहिए। 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में इसका चौथा संस्करण होने जा रहा है। इसके पहले तीन संस्करणों को देखें तो पहला संस्करण एक प्रयोग था, दूसरा और तीसरा उस प्रयोग की सफलता की पुष्टि और अब चौथा संस्करण उत्तर प्रदेश पर अंतरराष्ट्रीय व्यापार जगत के भरोसे का प्रतीक है।   प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘लोकल फॉर ग्लोबल’ के आह्वान को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिस गंभीरता से एक शासकीय मिशन में बदला है,  उसकी शाखाओं में सबसे प्रमुख एमएसएमई का विस्तार है। पिछले नौ सालों में किए गए सरकारी प्रयासों का परिणाम है कि आज प्रदेश की लगभग एक करोड़ एमएसएमई इकाइयां चार करोड़ लोगों को रोजगार दे रही हैं और विश्व बाजार से सीधे जुड़कर उत्तर प्रदेश की आर्थिकी को मजबूत कर रही हैं। ओडीओपी योजना योगी के मिशन की दूसरी और अत्यंत महत्वपूर्ण शाखा है, जिसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि उसने विकास की कहानी को लखनऊ, नोएडा या कानपुर जैसे बड़े केंद्रों तक सीमित नहीं रखा। उसने 75 जिलों की अपनी-अपनी आर्थिक पहचान को सामने रखा। बनारस का वस्त्र, मुरादाबाद का पीतल, भदोही का कालीन, कन्नौज का इत्र, फिरोजाबाद का कांच, सहारनपुर की लकड़ी की नक्काशी, आगरा का फुटवियर और लखनऊ की चिकनकारी, अब ये उत्पाद नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की आर्थिक और सांस्कृतिक पूंजी हैं। ये वही स्थानीय उद्योग हैं जो एक दशक पहले के परिदृश्य में दम तोड़ते दिखाई देते थे, लेकिन आज वे पूरे गर्व से इंटरनेशनल ट्रेड शो के भागीदार हैं। हर जिले की पहचान को संगठित और वैश्विक ब्रांड में बदलना योगी सरकार के नीतिगत हस्तक्षेप का प्रतिबिंब है। वस्तुतः यह स्वदेशी-चिंतन की अवधारणा का वह विस्तार है, जिसमें सच्ची स्वतंत्रता को गांव की आत्मनिर्भरता से जोड़ा जाता है। आंकड़ों की दृष्टि से यूपीआईटीएस की वृद्धि-रेखा स्पष्ट है। 2025 के तीसरे संस्करण में 80 देशों से अंतराष्ट्रीय खरीदार आए थे तो चौथे संस्करण में यह संख्या 85 देशों तक पहुंच चुकी है। यह भी स्वीकार करना आवश्यक है कि स्थानीय उत्पाद को वैश्विक बाज़ार तक पहुंचाना केवल एक प्रदर्शनी-स्थल उपलब्ध कराने भर से पूरा नहीं होता। अंतरराष्ट्रीय व्यापार की अपनी कठोर शर्तें हैं—गुणवत्ता प्रमाणन, पर्यावरणीय व श्रम मानक, वैश्विक आपूर्ति-श्रृंखला में समय पर डिलीवरी की क्षमता, और मुद्रा तथा शुल्क संबंधी जटिलताओं से निपटने की दक्षता। एक कुम्हार या बुनकर, जिसने जीवन भर स्थानीय मंडी के लिए काम किया हो, उसे इन जटिलताओं के लिए तैयार करना आसान नहीं था लेकिन सरकार की दीर्घकालिक, धैर्यपूर्ण और संस्थागत नीतियों ने इसे संभव बनाया। ट्रेड शो के आयोजन की संरचना में इसकी गंभीरता झलकती है। यह अब केवल उत्पाद-प्रदर्शनी नहीं रह गया, बल्कि इसमें व्यापारिक संवाद, नीति-गोष्ठियां, बी2बी वार्ताएं और निवेश-समझौतों की प्रक्रिया शामिल है। नीति-निर्माता, उद्योगपति और छोटे उद्यमियों का एक मंच पर आना ही इसकी सबसे बड़ी सार्थकता है। उत्तर प्रदेश ने अपनी आर्थिक नीति में उत्सवधर्मिता से आगे बढ़कर संस्थागत परिपक्वता प्राप्त की है। आने वाले वर्षों में यह आयोजन वास्तविक निर्यात-मूल्य, स्थायी अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों और एमएसएमई क्षेत्र की संरचनात्मक क्षमता-वृद्धि में और परिणत होता दिखाई देगा, जो 'लोकल टू ग्लोबल' की मूल सोच है। उत्तर प्रदेश की ‘लोकल’ अवधारणा भी बदल रही है। लोकल का मतलब अब केवल हस्तशिल्प या पारंपरिक उत्पाद नहीं है। किसी जिले का टेक स्टार्टअप भी लोकल है, किसी कस्बे की फूड-प्रोसेसिंग यूनिट भी लोकल है, किसी युवा का एग्रीटेक समाधान भी लोकल है और किसी छोटे शहर की इंजीनियरिंग इकाई भी लोकल है। अब बड़ा सवाल है कि उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो राज्य को वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी तक ले जाने में कितना सहायक होगा? सबसे पहले तो यह स्पष्ट होना चाहिए कि वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य केवल एक आर्थिक आंकड़ा मात्र नहीं है। राज्य की निर्यात संवर्धन नीति 2025-30 में भी एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को व्यापक आर्थिक परिवर्तन से जोड़ा गया है। इसका सीधा अर्थ है कि ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था केवल बड़े निवेश और बड़े उद्योगों से नहीं बनेगी। उसके लिए प्रदेश के लाखों छोटे उद्यमों को अधिक उत्पादक, अधिक प्रतिस्पर्धी और अधिक निर्यातक्षम बनाना होगा। एक करोड़ के आसपास एमएसएमई इकाइयों और उनसे जुड़े करोड़ों रोजगार की क्षमता को वैश्विक मांग से जोड़ दिया जाए तो यह संख्या अपने आप में एक विशाल आर्थिक शक्ति बन जाती है। एमएसएमई, ओडीओपी, स्टार्टअप तथा पहली बार निर्यात करने वालों को वैश्विक बाजार से जोड़ना ही होगा, जो ग्रेटर नोएडा में हो रहे ट्रेड शो के रूप में एक बड़े मंच के रूप में सामने है। यूपीआईटीएस अब सिर्फ व्यापार का मंच नहीं है। यह उस विचार का मंच है जिसमें ओडीओपी स्थानीय पहचान को वैश्विक ब्रांड में बदलता है, एमएसएमई रोजगार को आर्थिक शक्ति में बदलता है और वैश्विक … Read more

पीर बाबा जुड़वा शाह मेले में हादसा, करंट लगने से 2 की मौत

संगरूर. पंजाब के जिला संगरूर के अंतर्गत आते सुनाम शहर में चल रहे पीर बाबा जुड़वा शाह के वार्षिक मेले में एक बेहद दर्दनाक हादसा हो गया। मेले में लगी एक गोलगप्पे की स्टॉल के पास अचानक बिजली का करंट फैल गया, जिसकी चपेट में आकर दो लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वहीं चार अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पीर बाबा जुड़वा शाह प्रबंधकीय कमेटी की ओर से हर साल की तरह इस बार भी मेले का भव्य आयोजन किया जा रहा था। मेले में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे हुए थे। रात के समय लोग गोलगप्पे की स्टॉल के पास खड़े थे कि अचानक लोहे के ढांचे या तारों में बिजली का तेज करंट आ गया। देखते ही देखते करंट ने वहां खड़े कई लोगों को अपनी चपेट में ले लिया। फिरोजपुर में बिजली तारों की चपेट में आई बच्ची फिरोजपुर में कैंट बोर्ड की जगह पर लगे मेले में मंगलवार को दर्दनाक हादसा हो गया। मेला देखने पहुंची 8 साल की बच्ची बिजली के तार की चपेट में आ गई। हादसे में 8 वर्षीय दिवांशी की मौत हो गई। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। बताया जा रहा है कि मेले में काफी लोग पहुंचे हुए थे। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने बच्ची के शव को सरकारी अस्पताल में रखवाया गया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। नंगे तार की चपेट में आई बच्ची परिवार के मुताबिक, मेले वाली जगह पर बिजली की नंगी तारें मौजूद थीं। बच्ची इन तारों की चपेट में आ गई, जिससे उसे करंट लगा और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। हादसे के बाद परिवार में मातम छा गया। परिजनों का आरोप है कि यदि बिजली की तारों को सुरक्षित तरीके से ढका और व्यवस्थित किया गया होता, तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था।

अनफिट इमारतें बनीं अपराधियों का अड्डा, अब होगी कार्रवाई

भिलाई नगर. जिले में असामाजिक तत्वों के सुरक्षित ठिकाने और अपराध के केंद्र बन चुके जर्जर व लावारिस भवनों पर अब जिला प्रशासन का जल्द बुलडोजर चलेगा। एसएसपी की रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर ने ऐसे खतरनाक, जर्जर और अनुपयोगी भवनों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द ध्वस्त करने के निर्देश दिए हैं। भिलाई-दुर्ग से आसपास के कई स्थानों को चिह्नांकित किया है। जर्जर व असामाजिक गतिविधियों के अड्डे चिन्हित : छावनी थाना क्षेत्र क्वार्टर के बैकुंठधाम, भगत सिंह चौक स्कूल, इस्पात क्लब, सुभाष चौक, मेंटेनेंस ऑफिस, पानी टंकी, रोजगार कार्यालय, शीतला कॉम्प्लेक्स कैंप 2, मदर टेरेसा नगर, पुराना पुलिस क्वार्टर, जवाहर उद्यान (बीएसपी और ननि मिलाई का स्वामित्य), खुर्सीपार थाना क्षेत्र के तेलगु मोहल्ला, जोन 3 स्कूल खंडहर, बापू नगर, उड़िया स्कूल, बापू नगर तीन तालाब परिसर खंडहर (बीएसपी और ननि भिलाई का स्वामित्य), पद्मनाभपुर थाना क्षेत्र के रायपुर नाका रेलवे क्वार्टर, सुलभ शौचालय के पास खंडहर, पीडब्ल्यूडी क्वार्टर आरटीओ व पीएचई ऑफिस के सामने (बीएसपी और पीडब्ल्यूडी का स्वामित्र), मोहन नगर थाना क्षेत्र के तितुरडीह की पुरानी शराब भट्टी, धमधा नाका सब्जी मंडी स्थित परित्यक्त सुलभ कॉम्प्लेक्स, कातुलबोर्ड 7 मंजिला भवन (ननि दुर्ग, पीडब्ल्यूडी व निजी) व भिलाई नगर थाना क्षेत्र के सेक्टर-6 स्थित इंडियन बैंक, बैंक ऑफइंडिया, पीएनबी, पीएंडटी और आयकर विभाग की कॉलोनियां (बैंक व केंद्रीय विभाग) शामिल है।

MP को मिला नया हेलीकॉप्टर, पायलटों की कनाडा में होगी ट्रेनिंग

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार के हवाई बेड़े में जल्द ही दो नए विमान शामिल होने जा रहे हैं। सरकार ने करीब 225 करोड़ रुपए की लागत से एयरबस ACH160 हेलीकॉप्टर खरीदा है। वहीं, करीब 350 करोड़ रुपए की कीमत वाला बॉम्बार्डियर चैलेंजर-3500 बिजनेस जेट भी सरकारी बेड़े में शामिल होने वाला है। जानकारी के मुताबिक, जेट की डिलीवरी सितंबर के आखिरी तक होने की संभावना है। नए हेलीकॉप्टर को राज्य सरकार के वीआईपी और आधिकारिक यात्राओं के लिए इस्तेमाल किए जाने की जानकारी सामने आई है। एयरबस ACH160 आधुनिक तकनीक और सुविधाओं से लैस हेलीकॉप्टर है। इसके शामिल होने के बाद राज्य सरकार के पास मौजूद हेलीकॉप्टर बेड़े में एक और आधुनिक विमान जुड़ जाएगा। वहीं, बॉम्बार्डियर चैलेंजर-3500 जेट को लंबी दूरी की आधिकारिक यात्राओं के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। करीब 350 करोड़ रुपए की लागत वाले इस विमान की डिलीवरी सितंबर के अंत तक होने की संभावना बताई जा रही है। जेट के शामिल होने के बाद मुख्यमंत्री और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की लंबी दूरी की यात्राओं के लिए सरकारी स्तर पर एक नया विकल्प उपलब्ध होगा। सरकारी हवाई बेड़े में नए हेलीकॉप्टर और जेट को शामिल किए जाने के पीछे प्रशासनिक और आधिकारिक यात्राओं को सुगम बनाने का उद्देश्य बताया जा रहा है। मध्य प्रदेश का क्षेत्रफल बड़ा होने के कारण मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों को प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में नियमित रूप से दौरे करने पड़ते हैं। ऐसे में सरकारी विमान और हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल यात्रा के समय को कम करने में मदद करता है। एयरबस ACH160 अपनी आधुनिक तकनीक के कारण दुनिया के नए पीढ़ी के हेलीकॉप्टरों में शामिल है। वहीं बॉम्बार्डियर चैलेंजर-3500 को बिजनेस एविएशन श्रेणी के आधुनिक जेट के तौर पर जाना जाता है। इसमें लंबी दूरी की उड़ानों और यात्रियों की सुविधा से जुड़ी कई आधुनिक सुविधाएं होती हैं। दोनों विमानों की खरीद और बेड़े में शामिल होने की जानकारी ऐसे समय सामने आई है, जब सरकारी परिवहन व्यवस्था में आधुनिक संसाधनों को बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। हालांकि, इन विमानों के संचालन, रखरखाव और उपयोग से जुड़ी विस्तृत जानकारी तथा कुल वार्षिक खर्च अलग-अलग प्रक्रियाओं पर निर्भर करेगा। फिलहाल एयरबस ACH160 हेलीकॉप्टर करीब 225 करोड़ रुपए की लागत से खरीदे जाने की जानकारी है, जबकि बॉम्बार्डियर चैलेंजर-3500 जेट की अनुमानित कीमत करीब 350 करोड़ रुपए बताई जा रही है। जेट की डिलीवरी सितंबर के अंतिम सप्ताह तक होने की संभावना है। इसके बाद दोनों आधुनिक विमान मध्य प्रदेश सरकार के आधिकारिक हवाई बेड़े का हिस्सा होंगे अधिकतम उड़ान अवधि 4 घंटे 30 मिनट मध्यप्रदेश सरकार फ्रांस की एयरबस से ACH160 हेलीकॉप्टर खरीद रही है। टैक्स और शुल्क समेत इसकी कीमत करीब 225 करोड़ रुपए बताई गई है। इसकी डिलीवरी नवंबर में प्रस्तावित है। सरकार के लिए तैयार हेलीकॉप्टर में दो पायलट समेत 9 लोग बैठ सकेंगे। एयरबस के आधिकारिक दस्तावेज के मुताबिक ACH160 को अधिकतम 10 यात्रियों की क्षमता के साथ तैयार किया जा सकता है। इसकी अधिकतम उड़ान अवधि 4 घंटे 30 मिनट और क्रूज स्पीड 155 नॉट है। हेलीकॉप्टर में आधुनिक तकनीक और कैमरों की सुविधा भी रहेगी। MP के पायलटों ने कनाडा में ली ट्रेनिंग नए जेट के संचालन की तैयारी भी शुरू हो चुकी है। मध्यप्रदेश के पायलट विश्वास राय और अरविंद सिंह जुलाई में कनाडा गए थे। दोनों ने बॉम्बार्डियर के प्रशिक्षण कार्यक्रम में हिस्सा लिया है। सरकार नए हेलीकॉप्टर और जेट को बेड़े में शामिल करने के साथ उनके इस्तेमाल के लिए एयर कनेक्टिविटी का ढांचा भी तैयार कर रही है। एक तरफ 63 नए हेलीपैड बनाने की योजना है, वहीं दूसरी तरफ करीब 20 हवाई पट्टियों के विस्तार की तैयारी है। नए जेट के लिए कम से कम 1800 मीटर रनवे चाहिए सरकार के सामने नए बॉम्बार्डियर चैलेंजर-3500 जेट को ज्यादा से ज्यादा एयरफील्ड पर उतारने की चुनौती है। यह मिड-साइज जेट है। इसके लिए कम से कम करीब 1800 मीटर और बेहतर संचालन के लिए करीब 2100 मीटर लंबे रनवे की जरूरत है। विभागीय आकलन के मुताबिक प्रदेश के 28 एयरफील्ड में से करीब 10 जगहों पर यह जेट अभी उतर सकता है। इनमें 7 एयरपोर्ट और 3 हवाई पट्टियां शामिल हैं। सिर्फ 3 हवाई पट्टियों पर 1800 मीटर से लंबा रनवे प्रदेश की करीब 20 हवाई पट्टियों में फिलहाल सिर्फ तीन ऐसी हैं, जहां रनवे की लंबाई 1800 मीटर या उससे ज्यादा है। इनमें मंदसौर की नौलखा बीड, सिवनी और मंडला की कान्हा हवाई पट्टी शामिल हैं। सतना में एयरपोर्ट बन चुका है, लेकिन यहां रनवे करीब 1300 मीटर लंबा है। इसलिए नया चैलेंजर-3500 यहां नहीं उतर पाएगा। एयरपोर्ट बन जाना ही काफी नहीं है। इस जेट के लिए रनवे की लंबाई और दूसरी जरूरी सुविधाएं भी बढ़ानी होंगी। वीआईपी यात्राओं के लिए किया जाएगा इस्तेमाल करीब 350 करोड़ रुपए का बॉम्बार्डियर चैलेंजर-3500 जेट सरकार के लिए तैयार कराया जा रहा है। इसमें 9 यात्री और 2 पायलट बैठ सकेंगे। इसका इस्तेमाल मुख्यमंत्री और अन्य वीआईपी यात्राओं के लिए किया जाएगा। विमान का इंटीरियर मध्यप्रदेश सरकार की जरूरत के हिसाब से तैयार कराया गया है। इसकी अधिकतम रेंज करीब 3500 समुद्री मील और क्रूज स्पीड करीब 870 किलोमीटर प्रति घंटा बताई गई है। विभागीय जानकारी के मुताबिक इसकी फ्यूल क्षमता लंबी दूरी की उड़ान के लिए पर्याप्त है, जिससे बीच में ईंधन भरने की जरूरत नहीं पड़ेगी। 20 हवाई पट्टियों के विस्तार पर 300 से 400 करोड़ खर्च विमानन विभाग ने हवाई पट्टियों वाले जिलों के कलेक्टरों को पत्र भेजकर विस्तार के लिए जमीन उपलब्ध होने की जानकारी मांगी है। एक हवाई पट्टी के विस्तार में औसतन 10 से 15 करोड़ रुपए खर्च हो सकते हैं। विभाग के अनुमान के मुताबिक, अगर निजी जमीन लेनी पड़ी तो खर्च करीब 30 से 40 करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है। रनवे बढ़ाने के साथ जमीन, एप्रोच रोड, सुरक्षा क्षेत्र और दूसरी जरूरी विमानन सुविधाओं पर काम करना होगा। करीब 20 हवाई पट्टियों के विस्तार पर 300 से 400 करोड़ रुपए तक खर्च का अनुमान है। हर साल बचेंगे 60-70 करोड़ रुपए ढाई साल में मोहन सरकार को विमान और हेलीकॉप्टर किराए पर औसतन 60-70 करोड़ रुपए सालाना खर्च करने पड़े। नया जेट और हेलीकॉप्टर आने के बाद यह किराया बचेगा। … Read more

हॉकी लीग टीम चयन के लिए 28-29 सितंबर को सलेक्शन ट्रायल

छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के लिए 28-29 सितम्बर को टीम सलेक्शन ट्रायल समन्वय और तकनीकी सहायता के लिए खेल विभाग ने अधिकारियों को दी जिम्मेदारी सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में होगा ट्रायल, 6 टीमें बनेंगी रायपुर  रायपुर में होने वाले छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के पहले सीजन के टीमों के चयन के लिए खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। टीमों के चयन के लिए रायपुर के सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम के पिच-1 में 28 सितम्बर और 29 सितम्बर को दो दिवसीय चयन ट्रायल का आयोजन किया जा रहा है। चयन ट्रायल के सुचारू आयोजन, आवश्यक समन्वय एवं तकनीकी सहायता के लिए विभाग ने तीन अधिकारियों की टीम बनाई है। चयन ट्रायल के लिए आवश्यक तकनीकी एवं आयोजन संबंधी कार्यवाही छत्तीसगढ़ हॉकी संघ द्वारा निर्धारित नियमों एवं मापदंडों के अनुसार की जाएगी। खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक श्रीमती आकांक्षा शिक्षा खलखो ने छत्तीसगढ़ हॉकी संघ को परिपत्र जारी कर खिलाड़ियों के चयन ट्रायल के लिए आवश्यक कार्यवाही करने को कहा है। विभाग ने निर्धारित तिथियों एवं समय पर चयन ट्रायल के आयोजन के साथ ही ट्रायल प्रारंभ होने के पहले चयन पूर्व मानदंडों और चयन प्रक्रिया का लिखित विवरण उपलब्ध कराने को कहा है। विभाग ने चयन प्रक्रिया पारदर्शी और निर्धारित मानदंडों के अनुरूप संपादित कर चयनित 6 टीमों की सूची एवं चयन प्रक्रिया से संबंधित प्रतिवेदन खेल संचालनालय को उपलब्ध कराने को कहा है। इन अधिकारियों को मिली जिम्मेदारी खिलाड़ियों के चयन के लिए होने वाले ट्रायल को सुव्यवस्थित तरीके से संचालित करने के लिए खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने आवश्यक तकनीकी और आयोजन संबंधी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी तीन अधिकारियों को सौंपी है। इनमें खेल अधिकारी श्री दीनू प्रसाद पटेल, रायपुर में हॉकी की वरिष्ठ प्रशिक्षक श्रीमती रश्मि संध्या एक्का और बिलासपुर में वरिष्ठ हॉकी प्रशिक्षक श्री राकेश टोप्पो शामिल हैं।  21 अक्टूबर से 1 नवम्बर तक होगी छत्तीसगढ़ हॉकी लीग, 6 टीमें उतरेंगी छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के पहले सीजन में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाली छह टीमें मैदान में उतरेंगी। इनमें राजधानी रॉयल्स, चित्रकूट चैलेंजर्स, संस्कारधानी स्ट्राइकर्स, चक्रधर चैंपियंस, न्यायधानी नाइट्स और मैनपाट टाइटन्स शामिल हैं। इन टीमों में खेलने वाले खिलाड़ियों के चयन के लिए ट्रायल 28-29 सितम्बर को रायपुर के सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम के पिच-1 में सवेरे 9 बजे से आयोजित किए जा रहे हैं।

CBI चार्जशीट में 6 IAS के नाम, बैंक निवेश में नियमों की अनदेखी के आरोप

 पंचकूला  हरियाणा के कथित बैंक घोटाले की जांच में सीबीआई की ओर से दाखिल की गई चार्जशीट में छह आईएएस अधिकारियों की भूमिका को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। चार्जशीट में अधिकारियों पर निजी बैंकों में सरकारी धन निवेश कराने, बैंक चयन और एफडी से जुड़े नियमों की अनदेखी, वित्त विभाग की निर्धारित सीमाओं को दरकिनार करने, कथित तौर पर दस्तावेजों में हेर-फेर, साक्ष्य छिपाने तथा रिश्वत अथवा अन्य अनुचित लाभ लेने जैसे आरोप लगाए गए हैं। सीबीआई की चार्जशीट में आरके सिंह (राम कुमार सिंह), पंकज अग्रवाल, प्रदीप कुमार, विनीत गर्ग और मोहम्मद शाइन समेत छह आईएएस अधिकारियों को आरोपी बनाया गया है। चार्जशीट में बैंक अधिकारियों और अन्य आरोपियों के साथ कथित साजिश के माध्यम से सरकारी धन को निजी बैंकों में ट्रांसफर कराने तथा निवेश प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी के आरोपों का उल्लेख है। पंकज अग्रवाल पर लगे आरोप तत्कालीन स्कूल शिक्षा विभाग के आयुक्त एवं सचिव तथा बाद में कृषि विभाग के प्रमुख सचिव रहे पंकज अग्रवाल को लेकर चार्जशीट में निजी बैंक अधिकारी रिभव ऋषि से कथित अनुचित लाभ मिलने का उल्लेख है। सीबीआई के अनुसार, नवंबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच जीरकपुर के होटल जेड मैनर में चार बार कथित मुजरा पार्टियों का आयोजन हुआ। चार्जशीट में आरोप है कि इन आयोजनों में डांस कलाकारों, खानपान और शराब का खर्च रिभव ऋषि ने उठाया। 24 दिसंबर 2025 को चंडीगढ़ के ट्रिब्यून चौक स्थित होटल नोबोटेल में एक महिला को बुलाए जाने और इसका भुगतान रिभव के करीबी अभय कुमार की ओर से यूपीआई के माध्यम से किए जाने का भी उल्लेख है। 10 जनवरी 2026 को मोहाली के होटल बाइंडम में सुइट बुक कर एक अन्य महिला को बुलाए जाने और 75 हजार रुपये का भुगतान रिभव ऋषि के पैसों से किए जाने का आरोप है। चार्जशीट में पंकज अग्रवाल की कथित मौजूदगी तथा होटल से उबर कैब के जरिए घर लौटने से संबंधित रिकॉर्ड का भी उल्लेख किया गया है। इसके अलावा अक्तूबर 2025 में दिल्ली के एक होटल की बुकिंग और उनकी पत्नी के लिए चंडीगढ़ के होटल नोबोटेल में आयोजित पार्टी का खर्च भी रिभव ऋषि की ओर से उठाए जाने का आरोप लगाया गया है। विनीत गर्ग पर सोने के सिक्के लेने का आरोप हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के तत्कालीन अध्यक्ष विनीत गर्ग के कार्यकाल में आईडीएफसी फर्स्ट बैंक को निवेश में प्राथमिकता दिए जाने का आरोप चार्जशीट में लगाया गया है। 24 अक्तूबर 2025 को 25-25 करोड़ रुपये एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक और आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में निवेश करने की सिफारिश की गई थी। सीबीआई के अनुसार बाद में इसमें बदलाव कर पूरी 50 करोड़ रुपये की राशि आईडीएफसी में निवेश करने का निर्णय लिया गया। चार्जशीट में 6 मई 2025 को आईसीआईसीआई बैंक से 3.50 करोड़ रुपये निकालकर आईडीएफसी में जमा कराने के मौखिक निर्देश का भी आरोप है। इसके अलावा सीबीआई ने दीपावली से पहले रिभव ऋषि के माध्यम से विनीत गर्ग के घर 50-50 ग्राम के दो सोने के सिक्के पहुंचाए जाने के आरोप की भी जांच की। इसके समर्थन में कॉल रिकॉर्ड और गवाहों के बयानों का उल्लेख किया गया है। आरके सिंह के घर 50 लाख पहुंचाने और बेटे को दो करोड़ देने का आरो पंचकूला नगर निगम के तत्कालीन आयुक्त आरके सिंह को लेकर चार्जशीट में नकदी लेनदेन के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। सीबीआई के अनुसार 11 जनवरी 2026 को उनके घर 50 लाख रुपये पहुंचाए गए। वहीं, 22 जनवरी को दिल्ली में उनके बेटे प्रशांत सिंह को तीन किश्तों में दो करोड़ रुपये दिए जाने का आरोप है। चार्जशीट में रकम की पहचान के लिए 10 रुपये के नोट के नंबर का मिलान किए जाने का भी उल्लेख है। आरके सिंह पर अलग-अलग ब्याज दरों के बावजूद आईडीएफसी बैंक में एफडी कराने का आरोप लगाया गया है। चार्जशीट के मुताबिक जब सेक्शन ऑफिसर अनिल कुमार ने कोटेशन मंगाने का सुझाव दिया तो उन्हें फटकार लगाई गई और बाद में 17 नवंबर को वहां से हटा दिया गया। इसके अलावा कालका नगर परिषद का खाता करीब 30 किलोमीटर दूर सेक्टर-32 चंडीगढ़ शाखा में खुलवाने का भी उल्लेख चार्जशीट में है। मोहम्मद शाइन पर बैंक को फायदा पहुंचाने का आरोप एचपीजीसीएल के तत्कालीन प्रबंध निदेशक एवं अध्यक्ष मोहम्मद शाइन के कार्यकाल में आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में सरकारी धन के निवेश को लेकर भी सीबीआई ने अनियमितताओं का आरोप लगाया है। चार्जशीट के अनुसार शाइन ने रिभव ऋषि को अधिकारियों से मिलवाने, आईडीएफसी में 50 करोड़ रुपये जमा कराने तथा बाद में बैंक की 50 करोड़ रुपये की जमा सीमा हटाने की प्रक्रिया में कथित भूमिका निभाई। सीबीआई ने चार्जशीट में रिभव ऋषि की ओर से होटल और रेस्तरां के करीब 3.67 लाख रुपये के बिलों का भुगतान किए जाने तथा शाइन के घर कई बार जाने का भी उल्लेख किया है। नवंबर 2024 में इंडसइंड बैंक की करीब 108.46 करोड़ रुपये की एफडी समय से पहले तुड़वाकर उसमें से 50 करोड़ रुपये आईडीएफसी में जमा कराने का भी आरोप है। प्रदीप कुमार पर निवेश सीमा से अधिक रकम जमा कराने का आरोप हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के तत्कालीन सदस्य सचिव प्रदीप कुमार पर निवेश प्रक्रिया में अनियमितता कर आईडीएफसी फर्स्ट बैंक को फायदा पहुंचाने का आरोप है। चार्जशीट के अनुसार उन्हें जानकारी थी कि आईडीएफसी बैंक में अधिकतम 50 करोड़ रुपये जमा किए जा सकते हैं, इसके बावजूद बैंक में जमा रकम 63.68 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। सीबीआई का आरोप है कि एक मामले में एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक की 8.45 प्रतिशत ब्याज दर को गलत तरीके से 8.25 प्रतिशत दर्शाया गया, जिससे आईडीएफसी की ब्याज दर तुलनात्मक रूप से अधिक दिखाई गई।