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LPU हिंसा के आरोपियों पर पुलिस का शिकंजा, मंडी से नाबालिग गिरफ्तार; अब तक 12 काबू

जालंधर  लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में हुई हिंसा और तोड़फोड़ के मामले में पुलिस ने हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले से एक नाबालिग छात्र को गिरफ्तार किया है। आरोपी एलपीयू का ही छात्र है और मंडी जिले का रहने वाला बताया जा रहा है। उसके पिता मंडी के उपायुक्त कार्यालय में अधिकारी के तौर पर तैनात हैं।  पुलिस जांच में सामने आया है कि हिंसा के दौरान इस नाबालिग की तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई थी। तस्वीर में वह विश्वविद्यालय परिसर में लगे लड़ाकू विमान पर खड़ा दिखाई दे रहा है, जबकि उसके पीछे आग की लपटें नजर आ रही हैं। सोशल मीडिया पर इस तस्वीर को उसे ‘हीरो’ की तरह पेश करते हुए प्रसारित किया गया। हालांकि, तस्वीर के आधार पर उसकी भूमिका और उसके खिलाफ लगाए गए आरोपों का अंतिम निर्धारण जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होगा।  आरोपी की गिरफ्तारी हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले से हुई है। वह नाबालिग है, यूनिवर्सिटी का ही छात्र है और हिमाचल के मंडी जिले का रहने वाला है। उसके पिता मंडी के DC ऑफिस में बतौर अफसर तैनात हैं। यूनिवर्सिटी में हिंसा के दौरान उस नाबालिग लड़के को सोशल मीडिया पर हीरो की तरह दिखाया गया। उसका एक फोटो बहुत वायरल हुआ, जिसमें वह फाइटर जेट पर खड़ा है और बैकग्राउंड में आग लगी हुई है। इस घटना को लेकर यूनिवर्सिटी के चांसलर BJP राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल ने कहा कि यूनिवर्सिटी कैंपस के बाहर मिग-23 और 1971 की जंग में लड़ाई में इस्तेमाल टैंक लगे हुए हैं। ये फोर्स की हौसला अफजाई करते हैं और युवाओं को प्रेरणा देते हैं। उनके ऊपर चढ़कर सभी की बेइज्जती की गई है। चांसलर अशोक मित्तल ने बताया था सेना का अपमान हिंसा के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में लगे मिग-23 लड़ाकू विमान और 1971 के युद्ध में इस्तेमाल किए गए टैंक पर प्रदर्शनकारियों के चढ़ने का मामला भी सामने आया था। विश्वविद्यालय के चांसलर और भाजपा के राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है। मित्तल ने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर के बाहर मिग-23 और 1971 के युद्ध में इस्तेमाल किया गया टैंक लगाया गया है। उनका कहना है कि ये सैन्य उपकरण देश की सेनाओं का सम्मान और युवाओं में प्रेरणा पैदा करने के उद्देश्य से रखे गए हैं। हिंसा के दौरान इन पर चढ़कर प्रदर्शन करना सैनिकों और देश की बेइज्जती है।  ज्यादातर आरोपी एलपीयू के ही छात्र मित्तल ने कहा कि एलपीयू हिंसा के मामले में अब तक 12 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और गिरफ्तार आरोपियों के नाम आधिकारिक रूप से आज सामने रखे जाएंगे। उनके अनुसार गिरफ्तार लोगों में 2-3 बाहरी व्यक्ति हैं, जबकि बाकी अधिकतर एलपीयू के छात्र हैं।  पुलिस की जांच में हिंसा से जुड़े लोगों की पहचान सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है। इससे पहले पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया था और जांच के दौरान करीब 40 लोगों की पहचान किए जाने की बात सामने आई थी।  मामले में अब तक 5 की गिरफ्तारी वहीं, पुलिस ने LPU हिंसा मामले में अब तक कुल 4 मामले दर्ज किए हैं। इनमें से 3 मामले हाईवे जाम करने, पुलिस की गाड़ी जलाने, यूनिवर्सिटी में तोड़फोड़ करने से जुड़े हैं। इनमें अब तक कुल 5 आरोपियों को पकड़ा जा चुका है, जिनमें 2 पिज्जा डिलीवरी बॉय और 2 यूनिवर्सिटी के ही छात्र हैं। पुलिस ने मिग-23 फाइटर जेट पर चढ़े नाबालिग के अलावा हरियाणा में सोनीपत शहर की शिव कॉलोनी में रहने वाले जेम्स दहिया, फगवाड़ा के निवासी गगनदीप उर्फ कोठा और फगवाड़ा में ही स्वामी परम नगर के रहने वाले जसमीत कुमार को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने पांचवें आरोपी के रूप में साहिल नाम के युवक को पकड़ा है। वह जम्मू के डोडा जिले का रहने वाला है। यह भी यूनिवर्सिटी का ही छात्र है। पुलिस ने उसे उसके घर से ही गिरफ्तार किया। वहीं, कुछ अन्य लोगों को भी पुलिस ने हिरासत में ले रखा है, जिनसे पूछताछ जारी है। कैसे पकड़ा गया मिग-23 पर चढ़ा आरोपी     सोशल मीडिया पर बना गुमनाम स्टार: यूनिवर्सिटी में हिंसा के दौरान एंट्री पर लगे मिग फाइटर जेट पर लड़का चढ़ा था। उसकी फोटो आकर्षक लगने और वायरल होने से वह सोशल मीडिया पर रातोरात स्टार बनाया, लेकिन कोई भी उसे पहचान नहीं पा रहा था।     CCTV से हुई पहचान: वहीं, पुलिस की एक टीम सिर्फ CCTV कैमरे ढूंढने में लगी थी। एंट्री पर लगे कैमरे में उस लड़के की तस्वीर साफ नजर आने लगी। इसके बाद पुलिस ने कॉलेज के डेटा से मिलाया तो पता लगा कि वह यूनिवर्सिटी का छात्र है और बी.टेक इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग का छात्र है।     छापे के समय घर पर ही मिला छात्र: पुलिस ने पहचान के बाद आरोपी के घर पर छापा मारा तो छात्र घर में आराम से बैठा था। उसने अपनी वायरल तस्वीर को मोबाइल वॉलपेपर पर लगा रखा था। पुलिस ने उसे पब्लिक प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाने के मामले में गिरफ्तार किया है। उससे मैकबुक M5 और एक iPhone-14प्रो बरामद किया है। लूट के लिए आए थे दोनों डिलीवरी बॉय पुलिस ने मामले में गुरुवार, 1 अक्टूबर को फगवाड़ा के रहने वाले गगनदीप और जसमीत को गिरफ्तार किया। पुलिस ने जांच के दौरान दोनों को ट्रेस किया था। जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी डोमिनोज में पिज्जा डिलीवरी बॉय है। उन्हें सूचना मिली थी कि यूनिवर्सिटी में हिंसा हुई है, तभी ये दोनों लूट के इरादे से वहां पहुंचे थे। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों के आधार पर पहचान कर इन्हें गिरफ्तार किया। आरोपी गगनदीप के मामा ने बताया कि गगन डोमिनोज में पिज्जा डिलीवरी का काम करता है और डेढ़ महीने पहले ही वह नौकरी पर लगा था। गगन की गिरफ्तारी को लेकर परिवार काफी चितिंत है। दहिया यूनिवर्सिटी में चला रहा था रेस्टोरेंट वहीं, हिंसा मामले में पुलिस ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर जेम्स दहिया को गिरफ्तार किया है। उस पर कैंपस में तोड़फोड़ और सोशल मीडिया पर छात्रों को भड़काने के आरोप लगे हैं। जानकारी के मुताबिक, आरोपी यूनिवर्सिटी में छात्र है। वह कैंपस में एक रेस्टोरेंट भी … Read more

हरियाणा में 20 साल से कार्यरत 12 हजार अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण की प्रक्रिया होगी शुरू

 चंडीगढ़  हरियाणा के सरकारी स्कूलों में 20 साल से कार्यरत 12 हजार अतिथि अध्यापकों के नियमितीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद जगी है। शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने स्कूल शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव विजय सिंह दहिया को निर्देश दिए हैं कि अतिथि अध्यापकों के नियमितीकरण के लिए जिलों से उनके केस मंगवाए जाएं। इसके लिए वही प्रक्रिया अपनाने को कहा गया है, जिस तरह कालेजों में कार्यरत अतिथि शिक्षकों को नियमित करने से पहले अपनाई गई थी। कालेजों में सेवाएं देने वाले अतिथि अध्यापकों को सरकार नियमित कर चुकी है, जबकि स्कूलों में कार्यरत अतिथि शिक्षक लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं। अब हाई कोर्ट का फैसला भी इन स्कूल शिक्षकों के पक्ष में जा चुका है। राज्य के अतिथि अध्यापकों की सभी यूनियनों के संयुक्त संगठन ने हाल ही में शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा से मुलाकात की थी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, उनके उप प्रधान सचिव यशपाल यादव, शिक्षा सचिव विजय दहिया और निदेशक से भी उनकी मुलाकात हो चुकी है। अतिथि अध्यापकों द्वारा सौंपे गए मांग पत्र पर शिक्षा मंत्री ने प्रधान सचिव के नाम लिखा कि महाविद्यालयों के अतिथि अध्यापकों के नियमितीकरण की तरह साल 2014 की पालिसी के अनुसार निरीक्षण कर स्कूलों में कार्यरत अतिथि अध्यापकों के केस सक्षम प्राधिकारी के अनुमोदन हेतु अविलंब प्रस्तुत किए जाएं। ज्ञापन में कहा गया कि 12 हजार अतिथि शिक्षक 20 वर्षों से शिक्षा व्यवस्था में सेवाएं दे रहे हैं। सरकार के स्तर पर लंबे समय से नियमितीकरण की मांग रखी जा रही है। हाई कोर्ट के निर्णय तथा संबंधित नीति के अनुरूप उनकी सेवाओं को नियमित किया जाना चाहिए। एसोसिएशन के मीडिया प्रभारी डा. अजय लोहाना ने बताया कि मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री अतिथि अध्यापकों को नियमित करने के प्रति सकारात्मक हैं। 31 अगस्त को विधानसभा सचिवालय में मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक में भी अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था। अतिथि शिक्षकों का कहना है कि हाल में शिक्षा विभाग के सेवा नियमों संबंधी जारी पत्र से उनमें निराशा पैदा हुई थी, क्योंकि उनकी मूल मांग नियमितीकरण की है। उनका कहना है कि करीब दो दशक से सेवा दे रहे शिक्षकों के भविष्य को स्थायी आधार देने की जरूरत है। इस संबंध में हाई कोर्ट का फैसला भी आ चुका है, जिसे लागू करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री के निर्देशों के अनुरूप जिलों से सभी शिक्षकों के सेवा संबंधी रिकार्ड और केस मंगवाकर हाई कोर्ट के फैसले तथा सरकार की नीति के अनुरूप नियमितीकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए। इसके लिए शिक्षा विभाग को जल्दी ही पत्र जारी कर प्रक्रिया आरंभ करनी होगी।

दिल्ली में पानी का कनेक्शन लेना हुआ आसान, आधार या PAN से मिलेगा कनेक्शन

नई दिल्ली  वॉटर कनेक्शन लेने के लिए अब 40-50 दिनों तक जल बोर्ड के दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी, यह हाथों-हाथ मिलेगा। कनेक्शन की प्रक्रिया आसान बनाने के लिए जल बोर्ड ने 14 साल पुराने दिल्ली वॉटर एंड सीवर रेगुलेशन -2012 को बदलकर नया रेगुलेशन तैयार किया है। इसे दिल्ली वॉटर एंड सीवर (टैरिफ एंड मीटरिंग) रेगुलेशन-2026 कहा गया है। नए रेगुलेशन में पानी की दरों, टैरिफ चार्ज या आवेदन चार्ज में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। जल बोर्ड सूत्रों के अनुसार नया वॉटर कनेक्शन लेने की प्रक्रिया दिल्ली वॉटर एंड सीवर (टैरिफ एंड मीटरिंग) रेगुलेशन-2012 के तहत होती है। इसके तहत कनेक्शन लेने में कम से कम 40-50 दिनों का वक्त लगता है। नए कनेक्शन के लिए आवेदन करने के बाद प्रक्रिया चार चरणों में पूरी होती है। पहली प्रक्रिया आवेदन करने और शुल्क जमा कराने की है। हाथों हाथ दिया जाएगा कनेक्शन आवेदन के 7-15 दिनों के भीतर जूनियर इंजिनियर साइट का निरीक्षण करते हैं। जगह सही पाए जाने पर 3-5 दिनों में भुगतान का डिमांड नोट जारी किया जाता है। डिमांड नोट का भुगतान करने के 15-30 दिनों के भीतर कनेक्शन चालू किया जाता है। लेकिन, नए रेगुलेशन के तहत हाथोंहाथ कनेक्शन देने की प्रक्रिया बनाई जा रही है। प्रावधान किया गया है कि कनेक्शन जारी करने के बाद साइट का निरीक्षण किया जाएगा। 6 से अधिक वॉटर कनेक्शन होंगे जारी साल 2012 के रेगुलेशन के अनुसार, किसी भी रिहायशी बिल्डिंग में वॉटर के अधिकतम 6 कनेक्शन ही जारी किए जा सकते है। पर नए रेगुलेशन में एक ही बिल्डिंग में अगर 20 या 30 फ्लैट्स है, तो सभी को कनेक्शन मिलेगा। हालांकि, शर्त यह होगी कि हर फ्लैट में किचन होना जरूरी होगा। 2-3 दस्तावेजों की होगी जरूरत अभी वॉटर कनेक्शन के लिए लोगों से आधार कार्ड, वोटर पहचान पत्र, पासपोर्ट, पैन कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस में से कोई एक दस्तावेज देना होता है। प्रॉपर्टी ओनरशिप प्रूफ भी देना पड़ता है। इसमें रजिस्टर्ड सेल डीड/रजिस्ट्री, जीपीए या कन्वेंस डीड, डीडीए अलॉटमेंट लेटर और अगर आवेदक किराएदार है तो मकान मालिक का एनओसी और रेट एग्रीमेंट देना होता है। अन्य कागजातों में एमसीडी प्रॉपर्टी टैक्स रसीद, एड्रेस प्रूफ के तौर पर बिजली का बिल या बैक पासबुक, पासपोर्ट साइज फोटो और डिवेलपमेंट चार्ज की रसीद देनी होती है। लेकिन, नए रेगुलेशन के अनुसार आधार या पैन कार्ड देने भर से कनेक्शन मिल जाएगा।

हिमांशु भाऊ गैंग पर STF का शिकंजा, हरियाणा में तीन बदमाश अरेस्ट

चरखी दादरी. एसटीएफ ने इमलोटा गांव के पास कार्रवाई करते हुए गैंगस्टर हिमांशु उर्फ भाऊ के तीन गुर्गों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों के कब्जे से तीन पिस्तौल और कुल 50 कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस द्वारा की गई शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि आरोपित इन हथियारों का इस्तेमाल झज्जर जिले के बेरी नगर पालिका चेयरमैन बिल्लू की हत्या की वारदात को अंजाम देने के लिए करने वाले थे। चरखी दादरी सदर थाना पुलिस ने तीनों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार एक अक्टूबर की रात एसटीएफ की टीम वांछित अपराधियों की तलाश में इमलोटा बस अड्डे पर मौजूद थी। इसी दौरान टीम को गुप्त सूचना मिली कि गैंगस्टर हिमांशु उर्फ भाऊ, जो विदेश में बैठकर अपनी गैंग के लिए हत्या व फिरौती जैसी वारदातें करवाता है। झज्जर का रहने वाला है नीरज उसने अपने साथियों को हथियार उपलब्ध करवाए हैं। सूचना के आधार पर टीम ने इमलोटा से मोरवाला जाने वाली सड़क पर रेड की। इस दौरान मौके पर तीन युवक एक प्लसर मोटरसाइकिल के साथ खड़े मिले। पुलिस ने उन्हें काबू कर पूछताछ की तो उनकी पहचान झज्जर जिले के दुबलधन निवासी रोहित उर्फ बासिया, नितिन और झज्जर जिले के ही कोट निवासी नीरज के रूप में हुई। पुलिस ने उक्त युवकों की तलाशी ली तो रोहित उर्फ बासिया के कब्जे से माल्होत्रा संस ईगल लिखा पिस्तौल बरामद हुआ। इसकी मैगजीन में 10 कारतूस और अलग से एक मैगजीन में 10 कारतूस मिले। नितिन से जिगाना पीएक्स-9 लिखा पिस्तौल बरामद हुआ। उसकी मैगजीन में 10 कारतूस और जेब से 12 कारतूस मिले। वहीं नीरज से क्यूगिर रोमानिया लिखा पिस्तौल बरामद हुआ, जिसकी मैगजीन में आठ कारतूस मिले। तीनों आरोपित हथियारों के संबंध में कोई लाइसेंस या परमिट पेश नहीं कर सके। पुलिस ने हथियारों सहित उन्हें काबू कर आगामी कार्रवाई शुरू की है। मोबाइल फोन भी कब्जे में लिया पुलिस ने रोहित के कब्जे से एक मोबाइल फोन भी बरामद किया। इस मोबाइल में स्नैपचैट एप पर एक आइडी से बातचीत होना पाया गया। इस संबंध में भी जांच की जा रही है। पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में तीनों आरोपितों ने कथित तौर पर हिमांशु उर्फ भाऊ के गैंग से जुड़े होने और उसके कहने पर हथियार अपने पास रखने की बात कही है। वहीं, ये भी सामने आया है कि हथियार बेरी में बिल्लू चेयरमैन की हत्या के लिए भेजे गए थे।

झारखंड का राजस्व संग्रह छह महीने में घटा, GST कलेक्शन 22.54 फीसदी गिरा, बढ़ी चिंता

रांची  वित्तीय वर्ष के छह माह बीतने के बाद वाणिज्य कर विभाग के माथे पर बल पड़ने लगा है। आंकड़ों को देखें तो राजस्व में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। वाणिज्य कर विभाग द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026-27 के छह महीने बीतने के बाद सितंबर महीने तक कुल राजस्व संग्रह में पिछले वर्ष की तुलना में गिरावट दर्ज की गई है। सूचना के अनुसार यह गिरावट लगभग 14 प्रतिशत की है। दूसरी ओर, गैर-जीएसटी मदों में सुधार देखने को मिला है। आंकड़े बताते हैं कि चालू वित्तीय वर्ष में राजस्व संग्रह की गति काफी धीमी रही है। खासकर जीएसटी कलेक्शन में आई गिरावट चिंता का विषय है। पिछले वर्ष की तुलना में 1564 करोड़ कम राजस्व संग्रह वाणिज्य कर विभाग की रिपोर्ट देखें तो सितंबर 2026 तक कुल संग्रह (जीएसटी एवं गैर जीएसटी) 9,715.35 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि (11,279.18 करोड़ रुपये) की तुलना में 13.86% कम है। आंकड़ों के हिसाब से देखें तो राजस्व संग्रह में 1564 करोड़ रुपये से अधिक की कमी आई है। राज्य में कुल जीएसटी संग्रह (सेटलमेंट को मिलाते हुए) में भारी गिरावट देखी गई है। सितंबर 2026 तक यह 5,736.25 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष के 7,405.22 करोड़ रुपये से 22.54% कम है। विशेष रूप से आइजीएसटी सेटलमेंट में 56.98% की भारी गिरावट आई है। गैर-जीएसटी में मामूली वृद्धि गैर-जीएसटी राजस्व में 2.71% की मामूली वृद्धि हुई है, जो पिछले वर्ष के 3,873.96 करोड़ से बढ़कर 3,979.10 करोड़ रुपये हो गई है। यह वृद्धि मुख्य रूप से वैट संग्रह (13.30% की वृद्धि) के कारण हुई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कुल वार्षिक लक्ष्य 24,000 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है। छह महीने बीतने के बाद सितंबर तक कुल लक्ष्य का केवल 40.48% ही प्राप्त हो पाया है। जीएसटी लक्ष्य (14,563.74 करोड़) का 39.39% और गैर-जीएसटी लक्ष्य (9,436.26 करोड़) का 42.17% हासिल हुआ है।

गांधी जयंती पर राज्यपाल डेका ने चलाया स्वच्छता अभियान, खुद की साफ-सफाई

राज्यपाल डेका ने गांधी जयंती पर की साफ-सफाई रायपुर राज्यपाल रमेन डेका ने आज राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर स्वच्छ भारत अभियान के तहत लोक भवन परिसर के बाहर में साफ-सफाई कर स्वच्छता का संदेश दिया। इस अवसर पर राज्यपाल डेका ने लोक भवन परिसर में स्वच्छता गतिविधियों में सहभागिता करते हुए स्वयं साफ-सफाई की। लोक भवन के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी सुबह परिसर के विभिन्न स्थानों पर स्वच्छता अभियान चलाया। उन्होंने झाड़ू लगाकर कचरे को एकत्रित किया तथा उसका उचित निपटान किया। राज्यपाल डेका ने कहा कि स्वच्छता केवल एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि इसे हमें अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। स्वच्छ और सुंदर परिसर के साथ स्वच्छ समाज के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की सहभागिता आवश्यक है। इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा उपस्थित रहेे।

जमीन पर बैठकर बच्चों संग खेले अरुण साव

बच्चों के अंदर अपना बचपना ढूंढता हूं -उप मुख्यमंत्री जमीन पर बैठकर बच्चों संग खेले अरुण साव सुपोषण चौपाल में पोषण आहार पर हुई चर्चा, 'हर घर मुनगा घर-घर मुनगा' अभियान पोषण को जन-जन तक पहुंचाने की कोशिश-उप मुख्यमंत्री नन्हें बच्चों को बांटी मिठाई और खिलौने, चेहरों पर बिखरी मनमोहक मुस्कान आंगन मिलन उत्सव में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री रायपुर.  उप मुख्यमंत्री अरुण साव सेवा संकल्प अभियान के तहत आज लोरमी में आंगन मिलन उत्सव में शामिल हुए। उन्होंने नन्हें बच्चों के साथ जमीन पर बैठकर खेला और उनके साथ घुल-मिलकर स्नेह-दुलार से बातें की। बच्चों के साथ बिताए इन पलों में साव का सहज और आत्मीय अंदाज नजर आया। उन्होंने बच्चों को मिठाई और खिलौने भी दिए। उपहार पाकर बच्चों के चेहरे खिल उठे। आंगन मिलन उत्सव में अन्नप्राशन और गोदभराई की रस्म भी संपन्न की गई। कार्यक्रम में आंगनबाड़ी परियोजना अधिकारियों, सुपरवाइजर्स एवं कार्यकर्ताओं का सम्मान किया गया। आंगन मिलन उत्सव में नन्हें बच्चों ने लाल टमाटर बड़े मजेदार, आंगनबाड़ी जाएंगे और आलू कचालू बेटे कहां गए थे जैसे बाल गीत सुनाए। बच्चों की मासूम प्रस्तुतियों और खिलखिलाहट से पूरा आंगनबाड़ी परिसर खुशनुमा हो गया। इस दौरान आयोजित सुपोषण चौपाल में बच्चों और माताओं के पोषण से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि स्वस्थ और सुपोषित बचपन ही मजबूत भविष्य की नींव है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार हर घर मुनगा, घर-घर मुनगा अभियान के माध्यम से पोषण को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास कर रही है।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ‘मन की बात’ कार्यक्रम में इस पहल की प्रशंसा की है। साव ने कहा कि बच्चों के बेहतर पोषण के लिए सरकार के प्रयासों के साथ परिवार और समाज की भागीदारी भी जरूरी है।

राहुल गांधी से मिले राजा वड़िंग, भावुक होकर बोले- अब थोड़ा आराम चाहिए

चंडीगढ़. पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित 10 जनपथ पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी से करीब एक घंटे तक मुलाकात की। प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद राहुल गांधी से हुई मुलाकात को पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन के लिहाज से अहम माना जा रहा है। मुलाकात के बाद बाहर निकले वड़िंग ने स्पष्ट किया कि उन्होंने राहुल गांधी को औपचारिक रूप से अपना इस्तीफा सौंप दिया है। राहुल ने उनसे पंजाब के मौजूदा राजनीतिक हालात, सरकार की स्थिति और आगे पार्टी को किस तरह काम करना चाहिए, इस बारे में जानकारी ली।वड़िंग के मुताबिक उन्होंने राहुल गांधी के साथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर अपने करीब साढ़े चार साल के अनुभव को साझा किया। उन्होंने बताया कि पंजाब में कांग्रेस के सामने कौन-कौन सी चुनौतियां हैं, इन चुनौतियों से किस तरह लड़ना है और पार्टी की ताकत कहां है, इस पर राहुल के साथ विस्तार से चर्चा हुई। मुझसे इस्तीफा मांगा नहीं गया, मैंने खुद दिया वड़िंग ने यह भी साफ किया कि उनसे इस्तीफा मांगा नहीं गया, खुद इस्तीफा दिया है। उन्होंने कहा कि उन्हें किसी बात का मलाल नहीं है। साथ ही यह भी कहा कि अब उन्हें कुछ दिन आराम की जरूरत है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि वह कुछ दिनों के लिए छुट्टी लेना चाहते हैं, लेकिन कांग्रेस से उनका जुड़ाव पहले की तरह रहेगा। उन्होंने कहा कि पार्टी को जब और जहां उनकी जरूरत होगी, वह वहां खड़े रहेंगे। कौन क्या कहता है, फर्क नहीं पड़ता वड़िंग ने यह भी कहा कि कौन क्या कहता है, इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने राहुल गांधी के प्रति अपनी निष्ठा जाहिर करते हुए कहा कि उनके ऊपर राहुल गांधी की मेहरबानी रही है। गौरतलब है कि वड़िंग ने करीब साढ़े चार साल तक पंजाब कांग्रेस की कमान संभाली। उनके इस्तीफे के बाद अब पार्टी में नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर चर्चाएं तेज हैं। उधर अब उम्मीद जताई जा रहे के शुक्रवार शाम तक पंजाब कांग्रेस के नए प्रभारी की घोषणा कर दी जाएगी माना जा रहा है इस रेस में संगरूर से पूर्व सांसद रहे विजय इंद्र सिंगला का नाम सबसे ऊपर चल रहा है। लेकिन कई दूसरे उम्मीदवार भी इस रेस में हैं।

क्वार्टर दिलाकर बढ़ाई नजदीकी, गेस्ट रूम में महिला से दुष्कर्म का आरोप

लुधियाना  लुधियाना के जगराओं ब्रिज के पास स्थित सीजी आर्मी कैंप में तैनात एक जवान पर अपने साथी फौजी की पत्नी से दुष्कर्म करने का आरोप लगा है। महिला की शिकायत के मुताबिक, आरोपित ने पहले उसके परिवार को सरकारी क्वार्टर दिलाने में मदद की और इसके बाद घर आना-जाना शुरू कर दिया। धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं। महिला का आरोप है कि बाद में आरोपित ने उस पर दबाव बनाकर जबरदस्ती संबंध बनाए। पीड़िता का पति इंडियन आर्मी में तैनात है। उसे सीजी आर्मी कैंप में सरकारी क्वार्टर अलॉट हुआ था, जहां महिला अपनी बेटी के साथ रहती थी। कैंप की देखरेख और चार्ज 152 सी रेजिमेंट में तैनात करीब 25 वर्षीय जवान के पास था। दोनों के बीच नजदीकी बढ़ने के बाद आरोपी ने कथित तौर पर महिला पर दबाव बनाकर जबरदस्ती फिजिकल रिलेशन बनाए। 28 सितंबर को उसने महिला को अपने गेस्ट रूम में बुलाया, जहां उसके साथ जबरदस्ती करने लगा। महिला ने जब इसका विरोध किया तो उसने पति के साथ तलाक करवाने की धमकी देकर जबरदस्ती की। इसके बाद महिला ने मामले की शिकायत पुलिस को दी। डिवीजन नंबर-5 पुलिस ने 1 अक्टूबर को आरोपी के खिलाफ BNS की धारा 64 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायत के अनुसार, आरोपित ने परिवार को क्वार्टर दिलाने में मदद की थी। इसके बाद वह मदद और अन्य जरूरतों के बहाने महिला के घर आने-जाने लगा। धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और नजदीकियां हो गईं। महिला के मुताबिक, बाद में आरोपित उस पर जबरदस्ती संबंध बनाने का दबाव डालने लगा। विरोध करने पर आरोपित ने धमकी दी कि यदि उसने अपने पति को कुछ बताया तो वह उसका तलाक करवा देगा। महिला ने आरोपित के दबाव की बात भी पुलिस को दी शिकायत में बताई है। शिकायत के मुताबिक, 28 सितंबर को आरोपित ने महिला को फोन कर अपने गेस्ट रूम में बुलाया। महिला के वहां पहुंचने के बाद आरोपित ने उसके साथ जबरदस्ती संबंध बनाए। घटना के बाद महिला ने पुलिस को शिकायत दी। सरकारी क्वार्टर दिलाने में की मदद की पीड़िता का पति इंडियन आर्मी में तैनात है। उसे CG आर्मी कैंप में सरकारी क्वार्टर अलॉट हुआ था, जहां महिला अपनी बेटी के साथ रहती थी। कैंप की देखरेख और चार्ज 152 C रेजीमेंट में तैनात 25 वर्षीय जवान के पास था। शिकायत के अनुसार, आरोपी ने परिवार को क्वार्टर दिलाने में मदद की थी। मदद के बहाने घर आने-जाने लगा क्वार्टर मिलने के बाद आरोपी का परिवार के घर आना-जाना बढ़ गया। महिला के मुताबिक, मदद और जरूरत के बहाने उसकी आरोपी से बातचीत होने लगी। धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकी बढ़ी और उनके बीच संबंध बन गए। विरोध करने पर पति से तलाक करवाने की धमकी महिला की शिकायत के अनुसार, बाद में आरोपी उस पर जबरदस्ती संबंध बनाने का दबाव डालने लगा। महिला ने विरोध किया तो आरोपी ने धमकी दी कि अगर उसने पति को कुछ बताया तो वह उनका तलाक करवा देगा। इसके बाद भी आरोपी के दबाव की बात शिकायत में कही गई है। 28 सितंबर को गेस्ट रूम बुलाया शिकायत के मुताबिक, 28 सितंबर को आरोपी ने महिला को फोन कर अपने गेस्ट रूम में बुलाया। महिला के वहां पहुंचने के बाद आरोपी ने उसके साथ जबरदस्ती संबंध बनाए। घटना के बाद महिला ने पुलिस से शिकायत की। 1 अक्टूबर को FIR, जांच ASI को मामले में ASI परमजीत सिंह ने बताया कि शिकायत के आधार पर 1 अक्टूबर को आरोपी जवान के खिलाफ BNS की धारा 64 के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों और घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। पुलिस ने कार्रवाई की शुरू महिला की शिकायत पर डिवीजन नंबर-5 पुलिस ने 1 अक्टूबर को आरोपित के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 64 के तहत केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच एएसआइ को सौंपी गई है। पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है और घटना से जुड़े साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।  

महानदी हमें बांटने वाली नहीं, दोनों राज्यों को जोड़ने वाली जीवनधारा : समाधान ऐसा हो जिसमें दोनों राज्यों की जीत हो – मुख्यमंत्री साय

महानदी विवाद के समाधान की दिशा में बड़ी पहल केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ और ओडिशा की उच्चस्तरीय बैठक महानदी हमें बांटने वाली नहीं, दोनों राज्यों को जोड़ने वाली जीवनधारा : समाधान ऐसा हो जिसमें दोनों राज्यों की जीत हो – मुख्यमंत्री साय संवाद, वैज्ञानिक आकलन और आपसी सहमति से न्यायपूर्ण एवं स्थायी समाधान के लिए छत्तीसगढ़ पूरी तरह प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री साय दोनों राज्यों के किसानों, आम नागरिकों और आने वाली पीढ़ियों के हितों को ध्यान में रखकर आगे बढ़ने पर जोर रायपुर   छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच लंबे समय से चले आ रहे महानदी जल विवाद के सौहार्दपूर्ण और स्थायी समाधान की दिशा में आज नई दिल्ली में महत्वपूर्ण पहल हुई। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में कर्तव्य भवन में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने महानदी से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की और अपने-अपने राज्यों का पक्ष रखा। बैठक में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल, केंद्रीय जल आयोग के अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ और ओडिशा के मुख्य सचिव सहित केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय, केंद्रीय जल आयोग तथा दोनों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बैठक में छत्तीसगढ़ का पक्ष रखते हुए कहा कि महानदी केवल जल का स्रोत नहीं, बल्कि दोनों राज्यों की सभ्यता, संस्कृति, कृषि और जनजीवन से जुड़ी जीवनधारा है। महानदी छत्तीसगढ़ और ओडिशा को बांटने वाली नहीं, बल्कि दोनों राज्यों को जोड़ने वाली नदी है। इसलिए इसका समाधान भी प्रतिस्पर्धा या टकराव के बजाय सहयोग, विश्वास और सहमति की भावना से निकलना चाहिए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारा प्रयास ऐसा समाधान निकालने का होना चाहिए जिसमें दोनों राज्यों और वहां के नागरिकों के हित सुरक्षित हों। छत्तीसगढ़ न्यायपूर्ण, निष्पक्ष, वैज्ञानिक, पारदर्शी और दीर्घकालिक समाधान का पक्षधर है। ऐसा समाधान दोनों राज्यों के किसानों, आम नागरिकों और आने वाली पीढ़ियों के हितों को ध्यान में रखकर तैयार होना चाहिए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महानदी का उद्गम छत्तीसगढ़ में होता है और इसके जलग्रहण क्षेत्र का बड़ा हिस्सा प्रदेश में स्थित है। राज्य में कृषि, सिंचाई, पेयजल और विशेष रूप से आदिवासी एवं ग्रामीण अंचलों की विकास आवश्यकताएं महानदी से जुड़ी हुई हैं। इसलिए किसी भी स्थायी समाधान में छत्तीसगढ़ की इन वास्तविक आवश्यकताओं का समुचित ध्यान रखा जाना आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ अपने हितों की बात करते हुए ओडिशा की आवश्यकताओं और हितों का भी पूरा सम्मान करता है। हीराकुंड ओडिशा की जीवनरेखा है और छत्तीसगढ़ उसके महत्व को भलीभांति समझता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ हीराकुंड जलाशय के हितों और उसके सुचारु संचालन के लिए आवश्यक सहयोग की भावना के साथ आगे बढ़ने को तैयार है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जल जैसे महत्वपूर्ण प्राकृतिक संसाधन को  साझी समृद्धि का माध्यम बनाना चाहिए। दोनों राज्यों के बीच ऐसा तंत्र विकसित हो, जिसमें जल उपलब्धता, आवश्यकता और उपयोग से संबंधित तथ्य पारदर्शी ढंग से साझा हों और वैज्ञानिक आधार पर निर्णय लिए जाएं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की पहल से समाधान की उम्मीद मुख्यमंत्री साय ने महानदी जल विवाद के समाधान के लिए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह द्वारा की गई पहल का स्वागत करते हुए कहा कि केंद्र सरकार की मध्यस्थता में दोनों राज्यों के बीच सकारात्मक संवाद से आपसी सहमति का रास्ता निकलने की उम्मीद मजबूत हुई है। उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल के राष्ट्रीय एकीकरण में योगदान का स्मरण करते हुए कहा कि स्वतंत्रता के बाद सरदार पटेल ने देश को एक सूत्र में पिरोने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। आज राज्यों के बीच वर्षों से लंबित विषयों को संवाद और सहमति के माध्यम से समाधान की दिशा में आगे बढ़ाने के प्रयास भी सहकारी संघवाद और राष्ट्रीय एकता की इसी भावना को मजबूत करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यों के बीच जल संबंधी प्रश्नों का सौहार्दपूर्ण समाधान राज्यों के बीच विश्वास, सहयोग और भावनात्मक जुड़ाव को भी मजबूत करता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सहकारी संघवाद की भावना के अनुरूप राज्यों और केंद्र के बीच समन्वय से जटिल विषयों पर समाधान की दिशा में आगे बढ़ने का वातावरण बना है। संवाद और वैज्ञानिक तथ्यों से निकलेगा टिकाऊ समाधान मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महानदी से संबंधित विषय में भावनाओं के साथ वैज्ञानिक तथ्यों का भी उतना ही महत्व है। छत्तीसगढ़ को केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय की मध्यस्थता तथा केंद्रीय जल आयोग के निष्पक्ष, वैज्ञानिक और पारदर्शी तकनीकी आकलन पर पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा कि जल उपलब्धता, वर्तमान एवं भविष्य की आवश्यकताओं, सिंचाई, पेयजल, पर्यावरणीय जरूरतों और दोनों राज्यों की विकास संबंधी आवश्यकताओं का समग्र अध्ययन करते हुए आगे बढ़ना चाहिए। तकनीकी स्तर पर तथ्य स्पष्ट होंगे और राजनीतिक स्तर पर संवाद एवं विश्वास कायम रहेगा तो निश्चित रूप से ऐसा समाधान निकल सकता है, जो दोनों राज्यों को स्वीकार्य हो और आने वाली पीढ़ियों के हित में भी हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों राज्यों के परामर्श और केंद्र सरकार की मध्यस्थता से जो न्यायसंगत एवं व्यावहारिक समाधान सामने आएगा, छत्तीसगढ़ उसे सकारात्मक भावना से आगे बढ़ाने में पूरा सहयोग करेगा। बस्तर की तरह दृढ़ इच्छाशक्ति और समन्वय से समाधान की दिशा में बढ़ने का विश्वास मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने केंद्र और राज्य के बीच मजबूत समन्वय के सकारात्मक परिणामों को बस्तर में करीब से देखा है। नक्सलवाद जैसी दशकों पुरानी चुनौती से निपटने के लिए सुरक्षा, विकास और जनविश्वास को साथ लेकर जिस समन्वित दृष्टिकोण से काम किया गया, उससे बस्तर में व्यापक बदलाव आया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जटिल और लंबे समय से लंबित विषयों में भी जब स्पष्ट इच्छाशक्ति, निरंतर संवाद और सभी पक्षों के बीच विश्वास हो, तो समाधान की दिशा में निर्णायक प्रगति संभव है। महानदी के विषय पर भी इसी सकारात्मक भावना से दोनों राज्य आगे बढ़ सकते हैं। महानदी विवाद नहीं, सहयोग की धारा बने : मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच गहरे सामाजिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों पड़ोसी राज्यों के लोगों के बीच आत्मीय संबंध सदियों पुराने हैं। दोनों प्रदेशों की जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और जीवनशैली … Read more