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11 वैज्ञानिकों को CM सैनी की मौजूदगी में मिलेगा विज्ञान रत्न व युवा विज्ञान रत्न सम्मान

चंडीगढ़. हरियाणा के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी निदेशालय द्वारा 28 फरवरी को हरियाणा लोक भवन में हरियाणा विज्ञान रत्न पुरस्कार एवं हरियाणा युवा विज्ञान रत्न पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया जाएगा। इसमें 11 प्रख्यात वैज्ञानिकों का सम्मान किया जा रहा है। सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि राज्य स्तरीय पुरस्कार वितरण समारोह में हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष मुख्य अतिथि होंगे और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी समारोह की अध्यक्षता करेंगे। शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा समारोह में बतौर विशिष्ठ अतिथि शिरकत करेंगे। राज्य स्तरीय समारोह में वर्ष 2022 से 2024 तक के पुरस्कारों में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सराहनीय योगदान देने के लिए वैज्ञानिकों को सम्मानित किया जाएगा। हरियाणा विज्ञान रत्न पुरस्कार के लिए 5 वैज्ञानिक और हरियाणा युवा विज्ञान रत्न पुरस्कार 6 वैज्ञानिकों का चयन किया गया है। 5 वैज्ञानिकों को मिलेगा हरियाणा विज्ञान रत्न पुरस्कारः उन्होंने बताया कि हरियाणा विज्ञान रत्न पुरस्कार में वर्ष 2022 के लिए सी.एस.आई.आर. भावनगर के वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक डा. अरविंद कुमार व पंजाब केंद्रीय विश्वविद्यालय, बठिंडा के प्राध्यापक डा. राजकुमार, वर्ष 2023 के लिए भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी से सम्मानित आई.आई.एस.ई.आर., मोहाली और एमेरिटस पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ की प्राध्यापक डा. सुदेश कौर खंडूजा को और वर्ष 2024 के लिए क्षेत्रीय जैव प्रौद्योगिकी केंद्र फरीदाबाद के प्राध्यापक डा. दीपक थंकप्पन नायर व राष्ट्रीय मस्तिष्क अनुसंधान केंद्र मानेसर के वैज्ञानिक डा. अनिर्बान बासू को सम्मानित किया जाएगा। हरियाणा युवा विज्ञान रत्न पुरस्कार के लिए 6 चयनितः प्रवक्ता ने बताया कि हरियाणा युवा विज्ञान रत्न पुरस्कार में वर्ष 2022 के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान गांधीनगर के सहायक प्राध्यापक डा. विनीत वशिष्ठ व डी. वाडिया हिमालयन भूविज्ञान संस्थान देहरादून के वैज्ञानिक डा. विकास, वर्ष 2023 के लिए राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान अगरतला के सहायक प्राध्यापक डा. परमवीर सिंह व भारतीय विज्ञान संस्थान बैंगलोर के सहायक प्राध्यापक डा. चिराग जैन तथा वर्ष 2024 के लिए आई.आई.एस.ई.आर., मोहाली के सहायक प्राध्यापक डा. जोगेंद्र सिंह एवं एलवीप्रसाद नेत्र संस्थान हैदराबाद की परामर्शदाता नेत्र चिकित्सक डा. स्वाति सिंह वैज्ञानिक को पुरस्कृत किया जाएगा।

खेल के मैदान से मिलता है स्वास्थ्य, समन्वय और सफलता का मंत्र: अरुण साव

खेल के मैदान से मिलता है स्वास्थ्य, समन्वय और सफलता का मंत्र : अरुण साव स्वर्गीय कुलदीप निगम स्मृति इंटर-प्रेस क्रिकेट टूर्नामेंट के फाइनल मैच में पहुंचे उप मुख्यमंत्री, पत्रकार खिलाड़ियों का बढ़ाया उत्साह बिलासपुर  उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने शुक्रवार को रायपुर प्रेस क्लब द्वारा सुभाष स्टेडियम में आयोजित स्वर्गीय कुलदीप निगम स्मृति इंटर-प्रेस क्रिकेट टूर्नामेंट के फाइनल मुकाबले में पहुंचकर पत्रकार खिलाड़ियों से आत्मीय मुलाकात की और उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने खेल मड़ई के सफल आयोजन के लिए रायपुर प्रेस क्लब और पत्रकारों को बधाई दी। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री साव ने फाइनल मैच खेल रही संयुक्त इलेक्ट्रॉनिक टीम के कप्तान एवं प्रेस क्लब अध्यक्ष श्री मोहन तिवारी तथा विस्तार न्यूज टीम के कप्तान श्री मृगेंद्र पांडेय सहित दोनों टीमों के खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर उन्हें शुभकामनाएं दीं। संयुक्त इलेक्ट्रॉनिक टीम ने विस्तार न्यूज को पराजित कर खिताब अपने नाम किया। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने सुभाष स्टेडियम में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल का मैदान व्यक्ति को जीवन की अनमोल पूंजी प्रदान करता है। खेल हमें अच्छा स्वास्थ्य देता है, अच्छे दोस्त देता है, समन्वय की भावना सिखाता है और संबंधों को मजबूत बनाता है। जब व्यक्ति को यह सब मिलता है तो वह जीवन में प्रसन्न रहता है, खुशहाल रहता है और निरंतर तरक्की की ओर अग्रसर होता है। श्री साव ने रायपुर प्रेस क्लब द्वारा पिछले कई दिनों से आयोजित इस खेल मड़ई की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन आपसी स्नेह को बढ़ाते हैं और स्वस्थ जीवन-शैली के लिए प्रेरित करते हैं। पत्रकारिता जैसे दायित्वपूर्ण क्षेत्र में सक्रिय साथियों के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सभी पत्रकार साथी इसी तरह मुस्कुराते रहें, स्वस्थ रहें और अपनी जिम्मेदारियों का बखूबी निर्वहन करते रहें।

जालंधर के 105 साल पुराने जर्मन ट्रैक्टर की करोड़ों में डील

जालंधर. 105 साल पुराना ट्रैक्टर करोड़ों रुपए में बिक गया है। जालंधर के भगत सिंह चौक के पास एक खंडहरनुमा बिल्डिंग में पड़ा 105 साल पुराना ट्रैक्टर 1.25 करोड़ रुपये में बिक गया। यह दुर्लभ विंटेज ट्रैक्टर अब कैलिफोर्निया (अमेरिका) के एक म्यूजियम में प्रदर्शित किया जाएगा। जानकारी के अनुसार, बिल्डिंग के साथ लगी दुकान के मालिक पुनीत बेदी ने बताया कि स्थानीय लोगों को अंदाजा भी नहीं था कि कबाड़ समझा जाने वाला यह ट्रैक्टर विंटेज दुनिया का अनमोल नमूना है। बताया जा रहा है कि, मुंबई की एक ट्रैक्टर कंपनी ने पहले 2 लाख से लेकर 28 लाख रुपये तक की पेशकश की थी, लेकिन बाद में एक विदेशी कंपनी ने इसे 1.25 करोड़ रुपये में खरीद लिया। अब ये ट्रैक्टर कैलिफोर्निया की म्यूजिम में रखा जाएगा। बता दें कि, यह ट्रैक्टर जर्मनी में 1921 में बना लेंज बुलडॉग एचएल-12 (Lanz Bulldog HL-12) मॉडल है, जो अपनी खास तकनीक के लिए विंटेज वाहनों की दुनिया में अलग पहचान रखता है। इसमें सिंगल सिलेंडर हॉट-बलब इंजन लगा है, जिसे स्टार्ट करने से पहले इंजन को गर्म करना पड़ता था, जिसके बाद कम गति पर भी यह अधिक ताकत देता था। अपने समय में इस ट्रैक्टर का उपयोग खेतों में हल चलाने, पानी के पंप और चक्की चलाने जैसे कार्यों के लिए व्यापक रूप से किया जाता था। अब यह ऐतिहासिक विरासत के रूप में विदेशी म्यूजियम की शोभा बढ़ाएगा।

‘शतक’ फिल्म में है शताब्दी की राष्ट्रसेवा गाथा: मंत्री राजवाड़े

रायपुर. महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने आज रिलीज के प्रथम दिवस रायपुर स्थित मैग्नेटो मॉल पहुंचकर अपने समस्त स्टाफ के साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की 100 वर्षों की प्रेरक यात्रा पर आधारित फिल्म ‘शतक’ का अवलोकन किया. फिल्म ‘शतक’ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शताब्दी यात्रा, संगठन की शक्ति, अनुशासन, सेवा और सांस्कृतिक मूल्यों की समृद्ध परंपरा का भावनात्मक एवं प्रभावशाली चित्रण प्रस्तुत करती है. यह फिल्म राष्ट्र जीवन में संघ के योगदान, त्याग और समर्पण की प्रेरक गाथा को सजीव रूप में दर्शाती है. फिल्म देखने के उपरांत मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि ‘शतक’ केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि राष्ट्रसेवा और संगठन की शक्ति का जीवंत दस्तावेज है. उन्होंने कहा कि पिछले एक शताब्दी में संघ ने समाज के प्रत्येक वर्ग को जोड़ते हुए सेवा और राष्ट्रहित की भावना को सशक्त किया है. यह फिल्म नई पीढ़ी को अपने कर्तव्यों और संस्कारों के प्रति सजग रहने की प्रेरणा देती है. मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि रिलीज के पहले दिन ‘शतक’ फिल्म देखकर मुझे अत्यंत गर्व और आत्मिक संतोष का अनुभव हुआ. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने सेवा, समर्पण और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए समाज को एक सूत्र में पिरोने का कार्य किया है. मैं प्रदेश के सभी नागरिकों, विशेषकर युवाओं से आग्रह करती हूँ कि वे इस प्रेरणादायी फिल्म को अवश्य देखें और राष्ट्र निर्माण के इस महान विचार से प्रेरणा लें. मंत्री राजवाड़े ने कहा कि इस प्रकार की सकारात्मक और मूल्यपरक फिल्में समाज में राष्ट्रभक्ति, सामाजिक समरसता और संगठन भावना को सुदृढ़ करती हैं. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ‘शतक’ फिल्म प्रदेशवासियों में देशप्रेम, अनुशासन और सेवा के भाव को और अधिक सशक्त करेगी. उन्होंने प्रदेश के नागरिकों से परिवार सहित फिल्म देखने की अपील करते हुए कहा कि यह फिल्म भारतीय सांस्कृतिक चेतना और संगठन की शक्ति का प्रभावशाली संदेश देती है, जो समाज को सकारात्मक दिशा प्रदान करने में सहायक सिद्ध होगी.

योगी सरकार ने दिया विश्वविद्यालय और मेडिकल कॉलेज का उपहार, जरी-जरदोजी को मिली अंतरर्राष्ट्रीय पहचान

अब दुर्दिन की कहानियां नहीं, विकास की इबारत लिख रहा शाहजहांपुर योगी सरकार ने दिया विश्वविद्यालय और मेडिकल कॉलेज का उपहार, जरी-जरदोजी को मिली अंतरर्राष्ट्रीय पहचान युवाओं को रोजगार, महिलाएं आत्मनिर्भर,  समावेशी विकास से जिले ने लगाई तरक्की की छलांग शाहजहांपुर  यह वह जिला है जहां के क्रांतिकारी सरफरोशी की तमन्ना लेकर आजादी की लड़ाई में कूदे थे लेकिन वही आजादी मिलने के बाद हुक्मरानों ने इसे पूरी तरह भुला दिया। यह जिला उसके बाद उम्मीदें पालता रहा और निराश होता रहा। लेकिन, अब इस जिले के पास अपनी पहचान के लिए बहुत कुछ है। पिछले नौ सालों में इसने एक मेडिकल कालेज पाया है, इसका अपना एक विश्वविद्यालय होने जा रहा है। सीमेंट कंपनी समेत कई औद्योगिक कारखाने हैं और जरी-जरदोजी का जो हस्तशिल्प दम तोड़ने के कगार पर पहुंच चुका था, वह अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उड़ान भर रहा है। इन सबसे ऊपर है गंगा एक्सप्रेस वे जो पूरे जिले में विकास की नई गाथा लेकर आया है।  जी हां, यह शाहजहांपुर है जो अब परिवर्तन की कहानी का प्रतीक है, सुरक्षा और सुशासन से आर्थिक समृद्धि का प्रतीक है। यह बदलाव एक दिन में नहीं हुआ है बल्कि इसके पीछे योगी आदित्यनाथ सरकार की वह दृढ़ इच्छाशक्ति है जिसने इस जिले का कायापलट कर दिया। अब बातें उनकी जो नई पहचान हैं। जिले का विख्यात और प्राचीन स्वामी शुकदेवानंद कॉलेज अब विश्वविद्यालय के रूप में पहचाना जाएगा। योगी आदित्यनाथ सरकार के इस फैसले से यहां के छात्र और छात्राएं बहुत उत्साहित हैं। इसी कालेज से एमए करने वाली निशा कहती हैं-‘पहले हमें उच्च शिक्षा के लिए बरेली या लखनऊ जाना पड़ता था लेकिन अब यूनिवर्सिटी बन जाने से यहीं सारी सुविधाएं मिल जाएंगी। यह यहां की बड़ी उपलब्धि है। मां-बाप अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर सशंकित नहीं रहेंगे। आज हम बिना भय के शहर में कहीं भी आ जा सकते हैं लेकिन पहले ऐसा नहीं था।’ राजनीति विज्ञान से एम.ए. करने वाले उपेंद्र सिंह कहते हैं-‘योगी सरकार युवाओं की शिक्षा और रोजगार के लिए जितना कर रही है उतना किसी भी सरकार ने नहीं किया है। शाहजहांपुर को यूनिवर्सिटी मिलने से हमारे जैसे आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों में उम्मीद की किरण जगी है।’  जरी जरदोजी ने तो यहां के कारीगरों को जैसे जीवनदान दे दिया है। योगी सरकार की ओडीओपी योजना यहां के कारीगरों के लिए नई जिंदगी बन गई। ये कला लगभग विलुप्त हो चुकी थी लेकिन वर्तमान सरकार ने इसको दोबारा जीवित किया। इस व्यवसाय से जुड़े मोहम्मद यासीन खान बताते हैं- ‘उनका परिवार कढ़ाई की इस कला से काफी अरसे से जुड़ा है लेकिन मांग कम होने के कारण हताश हो गए थे। लेकिन योगी सरकार ने ओडीओपी के माध्यम से इस कला और हमारे जैसे कारीगरों को जीवनदान दिया है। आज हमारे इस उत्पाद की मांग न केवल देश में है बल्कि दुबई और सऊदी अरब से भी डिमांड आ रही है। पहले हमारे पास 4-5 कारीगर थे अब 50 कारीगर काम कर रहे हैं। हम लोग डिमांड नहीं पूरी कर पा रहे हैं। हमारी कमाई भी सात से आठ गुना बढ़ गई है। यासीन कहते हैं-‘इस सरकार ने वास्तव में पुरानी कलाओं को उसका गौरव वापस किया है। हमारे यहां के कारीगर भी अब हर महीने 25 से 30 हजार रुपये कमा लेते हैं।’   सरफरोशी की तमन्ना रखने वाले आजादी की लड़ाई के रणबांकुरे पं. राम प्रसाद बिस्मिल को असली सम्मान अब हासिल हुआ है। योगी सरकार ने उनके नाम पर जिले को मेडिकल कॉलेज का उपहार दिया है। मेडिकल कॉलेज का इन्फ्रास्ट्रक्चर और सुविधाएं विश्वस्तरीय हैं। करोड़ों की लागत से लैब का निर्माण किया गया है। यहां पर राज्य के छात्र तो एमबीबीएस की डिग्री हासिल ही कर रहे हैं बल्कि दूसरे राज्यों के भी छात्र यहां से डिग्री प्राप्त कर रहे हैं। प्रिंसिपल डॉ. राजेश कुमार बताते हैं-‘100 बेड का हॉस्पिटल बनने से यहां के मरीजों को अब दूसरे जिलों में नहीं जाना पड़ता। बड़ी से बड़ी बीमारी का इलाज यहां उपलब्ध है।’  शाहजहांपुर के पास आज वो हर सुविधाएं और इन्फ्रास्ट्रक्चर हैं जो एक मॉडर्न सिटी के पास होनी चाहिए। जिले से गंगा एक्सप्रेस वे जुड़ रहा है जो यहां के लोगों की पहुंच को आसान बना रहा है। औद्योगिक गलियारा का विकास तेजी से हो रहा है। अल्ट्राटेक सीमेंट फैक्ट्री, चीनी मिल और अन्य फैक्ट्रियों में हजारों युवाओं को रोजगार मिल रहा है। ग्रामीण क्षेत्र में सरकारी योजनाओं का सफल क्रियान्वयन किया जा रहा है। विश्वकर्मा योजना की लाभार्थी सुनीता पांडे बताती हैं-‘विश्वकर्मा योजना की वजह से ही आज मैं अपने पैरों पर खड़ी हूं और स्वावलंबी बनकर अपने परिवार का सहारा बनी हूं।’ सरकार ने सुनीता जैसी अनेक महिलाओं को दर्जी के काम में प्रयोग होने वाला किट दिया है। ड्रोन दीदी के रूप में भी महिलाएं खेतों में फर्टिलाइजर का छिड़काव करके बढ़िया धनार्जन कर रही हैं। है। जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने बताते हैं-‘जिले में लॉ एंड ऑर्डर का विशेष ध्यान रखा गया है। जनसुनवाई के दौरान पीड़ितों को तुरंत मदद पहुंचाया जाता है। जिला प्रशासन 24 घंटे एक्शन मोड में रहता है‘’ यही वजह है कि शाहजहांपुर अब विकास की दौड़ में तेजी से फर्राटे भर रहा है। गन्ना और आलू किसानों की परेशानी के दिन बीत चुके हैं।

झारखंड सरकार ने कहा- नहीं बढ़ेगी रिटायरमेंट की उम्र

रांची. झारखंड में सरकारी कर्मचारियों के रिटायरमेंट की उम्र बढ़ाने की खबरों पर विराम लग गया है।   संसदीय कार्य मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने विधानसभा में बताया है कि सरकार के पास कोई ऐसा प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। इससे पहले विधायक जनार्दन पासवान ने बड़ी संख्या में पदों को रिक्त होने का हवाला देते हुए सेवानिवृति की आयु 62 वर्ष करने की मांग की। जवाब में संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि सरकार रिक्त पदों पर शिक्षित और कुशल युवाओं को मौका देगी। मंत्री ने यह भी कहा कि आउटसोर्स कर्मियों को एजेंसी पूरा वेतन भुगतान करे, सरकार इसे सुनिश्चित करेगी। साथ ही आउटसोर्स से बहाली में स्थानीय को ही मौका दिया जायेगा तथा आरक्षण नीति भी लागू करनी होगी। पिछले वर्ष के आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट राज्य की प्रति व्यक्ति आय वर्ष 2024-25 में स्थिर मूल्य पर 68,612 रुपये से बढ़कर वर्तमान मूल्य पर 1,14,271 रुपये हो गई है। इस साल वर्तमान मूल्य पर राज्य की प्रति व्यक्ति आय 1,24,079 होने का अनुमान जताया गया था। राजकीय अर्थव्यवस्था में लगातार वृद्धि हुई है। साल 2021-22 और 2023-24 के बीच राज्य के स्थिर मूल्य पर जीएसडीपी में औसतन वार्षिक 7.7% और वर्तमान मूल्य पर जीएसडीपी में 10.7% की दर से वृद्धि, वित्तीय वर्ष 2024-25 में स्थिर मूल्य पर 6.7% और वर्तमान मूल्य पर 9.8% की वृद्धि होने का अनुमान। राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था से राज्य की तुलना करें तो राष्ट्रीय सकल घरेलू उत्पाद के प्रतिशत के रूप में झारखंड के जीएसडीपी में पिछले वर्षों में सुधार हुआ है। 

नेशनल बैडमिंटन खिलाड़ी श्रेष्ठ परमार का खतरनाक स्टंट, कार की छत पर जान जोखिम में डालकर भोपाल पुलिस ने की FIR दर्ज

भोपाल खेल के मैदान पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने वाले नेशनल बैडमिंटन खिलाड़ी श्रेष्ठ परमार अब एक विवादित वजह से सुर्खियों में हैं। यह उभरता सितारा भोपाल की सड़कों पर मौत से खेलता नजर आया। एकांत पार्क रोड पर चलती कार की छत पर स्टंट करने और उसकी रील सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने खिलाड़ी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। क्या है वीडियो में? घटना 6-7 फरवरी की रात करीब 3 बजे की बताई जा रही है। 23 सेकंड के वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि श्रेष्ठ परमार पहले चलती कार की ड्राइविंग सीट छोड़कर बाहर निकलता है। जब कार एक तय गति से आगे बढ़ती है, तो वह पीछे से दौड़कर कार का गेट खोलता है और फिर तेजी से छत पर चढ़कर खड़ा हो जाता है। इस दौरान वह हवा में हाथ लहराते हुए पोज भी देता है। पीछे चल रही दूसरी कार में सवार उसके दोस्त इस जानलेवा स्टंट को कैमरे में कैद कर रहे थे। सोशल मीडिया पर रील वायरल सोशल मीडिया पर रील वायरल होने के बाद भोपाल पुलिस हरकत में आई। ट्रैफिक पुलिसकर्मी जितेंद्र अटारिया की शिकायत पर हबीबगंज थाने में मामला दर्ज किया गया है। जांच में सामने आया कि जिस कार (MP 04 CY 7686) से स्टंट किया गया, वह खिलाड़ी की मां के नाम पर रजिस्टर्ड है। पुलिस अब इस मामले में कड़ी वैधानिक कार्रवाई की तैयारी कर रही है ताकि युवाओं को कड़ा संदेश दिया जा सके। कौन हैं श्रेष्ठ परमार? आपको बता दें श्रेष्ठ परमार मध्य प्रदेश के उभरते हुए बैडमिंटन खिलाड़ी हैं। वे अंडर-19 बालक सिंगल वर्ग में राज्य स्तरीय रैंकिंग में शामिल हैं और वर्तमान में बेहतर ट्रेनिंग के लिए दिल्ली की एक प्रतिष्ठित बैडमिंटन अकादमी में अभ्यास कर रहे हैं। नेशनल स्तर पर पहचान बनाने वाले खिलाड़ी की इस लापरवाही ने खेल जगत में भी सवाल पैदा कर दिया है। क्या है पूरा मामला? 1: नेशनल बैडमिंटन खिलाड़ी श्रेष्ठ परमार ने 6-7 फरवरी की रात 3 बजे भोपाल की सड़क पर चलती कार की ड्राइविंग सीट छोड़ छत पर चढ़कर स्टंट किया। 2: खिलाड़ी के दोस्तों ने पीछे से वीडियो शूट किया और रील को सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया, जो देखते ही देखते वायरल हो गई। 3: ट्रैफिक पुलिस की शिकायत पर हबीबगंज थाने में धारा 279 (लापरवाही से वाहन चलाना) और अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। 4: जांच में पता चला कि स्टंट में इस्तेमाल कार श्रेष्ठ की मां के नाम पर है, पुलिस अब कार मालिक और खिलाड़ी दोनों पर शिकंजा कस रही है। 5: श्रेष्ठ परमार मप्र के उभरते खिलाड़ी हैं और फिलहाल दिल्ली में ट्रेनिंग ले रहे हैं, लेकिन इस घटना ने उनके अनुशासन पर दाग लगा दिया है।

मरीजों में कोरोना जैसी शिकायतें, एलर्जी और तेज बुखार बढ़ा रहे डर, स्वास्थ्य विशेषज्ञ अलर्ट

भोपाल   मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव के चलते गले में दर्द, खांसी और हाई ग्रेड फीवर के मरीज बढ़ने लगे हैं। कई मरीजों में स्वाद और गंध न आने जैसे लक्षण भी दिख रहे हैं, जिससे लोगों में चिंता बढ़ी है। कोरोना जैसे लक्षण अस्पतालों की ओपीडी में ऐसे मरीज पहुंच रहे हैं, जिनमें कोरोना जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं, लेकिन जांच में रिपोर्ट सामान्य आ रही है। डॉक्टरों के अनुसार इनमें बड़ी संख्या फेफड़ों की एलर्जी से पीडि़त मरीजों की है। वायरल संक्रमण के बाद खांसी लंबे समय तक बनी रह रही है। ओपीडी में रोज 5 हजार से अधिक मरीज जेपी और हमीदिया अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 5 हजार से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें से आधे से ज्यादा मरीज मौसम में बदलाव से होने वाली बीमारियों से पीडि़त हैं। आंकड़ों के अनुसार एक माह में दोनों अस्पतालों में कुल 1.30 लाख मरीज पहुंचे। 40 फीसदी मरीज पोस्ट ब्रोन्काइटिस एलर्जी के शिकार क्षेत्रीय श्वसन रोग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. पराग शर्मा बताते हैं कि बार-बार सर्दी और गर्मी बदलने से बुखार, गले में खराश और वायरल की शिकायतें बढ़ी हैं। करीब 40 फीसदी मरीजों में पोस्ट ब्रोंकाइटिस एलर्जी पाई जा रही है। इनमें बलगम के साथ खांसी, हल्की घरघराहट और सीने में जकडऩ जैसे लक्षण मिल रहे हैं। कई मरीजों में सूखी खांसी दो या उससे अधिक हफ्तों तक ठीक नहीं हो रही। श्वसन वायरस पहले से ज्यादा सक्रिय श्वसन औषधि विशेषज्ञ डॉ. गौरव साहु के अनुसार इन्फ्लुएंजा और रेस्पिरेटरी सिंसिशियल जैसे सामान्य श्वसन वायरस पहले की तुलना में अधिक सक्रिय और संक्रामक हो गए हैं। तापमान में लगातार बदलाव के कारण इनके फैलने की गति तेज हुई है। मेडिसिन विशेषज्ञ और जेपी अस्पताल के पूर्व अधीक्षक डॉ. राकेश श्रीवास्तव बताते हैं कि कई मरीजों को बुखार नहीं होता, लेकिन उनका सामान्य वायरल एलर्जिक ब्रोन्काइटिस में बदल जाता है।

पटना नगर निगम में विज्ञापन संशोधन विनियम पारित

पटना. पटना नगर निगम पर्षद की चतुर्थ विशेष बैठक शुक्रवार को होटल मौर्य में हुई। इसमें बिहार नगरपालिका क्षेत्र विज्ञापन नियमावली 2023 एवं बिहार नगरपालिका क्षेत्र विज्ञापन (संशोधन) नियमावली 2025 के प्रविधानों के आलोक में पटना नगर निगम विज्ञापन (संशोधन) विनियम 2025 के प्रारूप पर विमर्श किया गया। सुझावों के बीच विज्ञापन संशोधन विनियम पारित किया गया। अध्यक्षता महापौर सीता साहू ने की। सदस्यों ने ध्वनिमत से नए वित्तीय वर्ष से इसके क्रियान्वयन की मांग की। वर्ष 2014 से विज्ञापन शुल्क की वसूली नहीं होने के कारण नगर निगम को प्रतिवर्ष लगभग 70 से 120 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है। अब तक अनुमानित 840 से 1440 करोड़ रुपये के विज्ञापन शुल्क की क्षति का अनुमान है। विज्ञापन एवं होर्डिंग से संबंधित 22 मामले अभी न्यायालय में लंबित हैं। पार्षदों ने कहा, सशक्त स्थायी समिति ने विनियम बनाने पर अपना काम सही से नहीं किया। सात फरवरी को आयोजित निगम पर्षद की 10वीं साधारण बैठक में कई पार्षदों ने प्रस्तावित विज्ञापन नियमावली पर असहमति जताई थी। इसके बाद विशेष बैठक बुलाई गई थी। पार्षद विनय कुमार पप्पू ने अवैध विज्ञापनों को जनप्रतिनिधियों के प्रचार को संरक्षण का संकेत बताते हुए 20 वर्षों के राजस्व का श्वेतपत्र जारी करने की मांग की। एजेंसियों की जांच, बकाया वसूली, अवैध होर्डिंग हटाने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की भी मांग की। पार्षद सतीष गुप्ता ने पुराने डिफाल्टरों से पैसा सख्ती से वसूल करने की मांग की। सशक्त स्थायी समिति के सदस्य बिनोद कुमार ने कहा कि सार्वजनिक परिसंपत्तियों पर लगने वाले विज्ञापन की भी दर तय हो। पार्षद इंद्रदीप कुमार चंद्रवंशी ने अवैध होर्डिंग पर कार्रवाई करते हुए पुलिस चौकी व ट्रैफिक पुलिस पोस्ट के विज्ञापन को भी देखने को कहा। बैठक में उप महापौर रेशमी कुमारी भी मौजूद रहीं। ई-निविदा से होगा एजेंसी का चयन, मनमानी पर 200 प्रतिशत जुर्माना विज्ञापन के लिए नगर निगम अंतर्गत वर्गीकृत प्रधान मुख्य सड़क, मुख्य सड़क एवं अन्य सड़कों के लिए जोन निर्धारण किया गया है। पंजीकरण शुल्क तीन साल के लिए 1,50,000 रुपये है, जबकि नवीकरण शुल्क 60,000 रुपये रखा गया है। एजेंसी का चयन ई-निविदा के माध्यम से होगा। मनमानी करने पर 200 प्रतिशत जुर्माना लगेगा। पार्षद डॉ. आशीष कुमार सिन्हा के प्रस्तावों ने अनुसार, जोन के भौतिक सत्यापन के साथ ही सब जोन का भी निर्धारण होगा। सार्वजनिक स्थलों तथा निजी भूमि/भवन पर विज्ञापन दर कम से कम 50 रुपये वर्गफीट निर्धारित किया जाएगा। डा. आशीष ने जुर्माना का प्रविधान सख्त और स्पष्ट करने पर जोर दिया। कहा कि 2007 नहीं, विज्ञापन नियमावली 2023 के प्रविधानों को शामिल किया जाए। विज्ञापन (संशोधन) विनियम का उद्देश्य अवैध होर्डिंग्स पर नियंत्रण : यूनिपोल सहित सभी अनधिकृत संरचनाओं पर पूर्ण रोक। राजस्व वृद्धि : नगर निकायों के लिए स्थायी एवं पारदर्शी आय सुनिश्चित करना। सड़क सुरक्षा : यातायात नियमों का कड़ाई से पालन एवं दुर्घटनाओं में कमी। शहरी सुंदरीकरण : सुव्यवस्थित एवं आकर्षक नगर छवि का निर्माण। पारदर्शी प्रक्रिया : समस्त अनुमति प्रक्रिया पूर्णतः आनलाइन एवं पारदर्शी। विज्ञापन की चार श्रेणियां बड़े होर्डिंग्स/यूनिपोल : सार्वजनिक भूमि या निजी संपत्ति पर स्थापित बड़े आकार के विज्ञापन बोर्ड। सार्वजनिक सुविधा स्थल : बस शेल्टर, पार्क, फुटपाथ जैसी सुविधाओं पर विज्ञापन। वाहन-आधारित विज्ञापन : बसों, आटो, अन्य वाहनों पर प्रदर्शित विज्ञापन सामग्री। स्व-विज्ञापन : व्यवसाय/प्रतिष्ठान द्वारा अपने परिसर पर लगाए गए नाम/पहचान बोर्ड। (नोट : उपरोक्त चार श्रेणियों के अतिरिक्त किसी भी प्रकार के विज्ञापन की अनुमति नहीं है।) प्रतिबंधित विज्ञापन सामग्री     अश्लील सामग्री : आपत्तिजनक या अभद्र विषय-वस्तु पर पूर्ण प्रतिबंध।     सांप्रदायिक विद्वेष : जातीय या धार्मिक भेदभाव फैलाने वाली सामग्री वर्जित।     नशीले पदार्थ : शराब, तंबाकू एवं मादक पदार्थों का प्रचार निषिद्ध।     हिंसा एवं हथियार : हिंसा या शस्त्रों को प्रोत्साहित करने वाली सामग्री प्रतिबंधित।     कानूनी रूप से निषिद्ध वस्तुएं : विधि द्वारा प्रतिबंधित वस्तुओं या सेवाओं का विज्ञापन वर्जित। निगम में बनेगी विज्ञापन प्रबंधन इकाई विशेष बैठक में सर्वसम्मति से विज्ञापन प्रबंधन इकाई के गठन का निर्णय लिया गया। निगम क्षेत्र में विज्ञापनों से जुड़े सभी कार्यों की देखरेख, समन्वय और निगरानी करेगी। साथ ही नियमों के अनुपालन, राजस्व संग्रह और अवैध विज्ञापनों पर नियंत्रण सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी भी निभाएगी। रेलवे के बाद मेट्रो व एयरपोर्ट विज्ञापनों से भी निगम वसूलेगा 25 प्रतिशत शुल्क रेलवे की तर्ज पर अब मेट्रो और एयरपोर्ट परिसरों में होने वाले विज्ञापनों से भी नगर निगम 25 प्रतिशत शुल्क वसूलेगा। वर्तमान में निगम अपने क्षेत्राधिकार के रेलवे स्टेशनों पर प्रदर्शित विज्ञापनों से 25 प्रतिशत शुल्क रेलवे से प्राप्त कर रहा है, और इसी व्यवस्था को मेट्रो व एयरपोर्ट पर भी लागू करने की तैयारी है। 10 दिनों में जारी होगा अंतिम प्रारूप निगम पर्षद की चौथी विशेष बैठक में सदस्यों के सुझावों पर विचार करते हुए उन्हें सम्मिलित कर विज्ञापन संशोधन विनियम पारित करने की घोषणा की गई। नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने बताया कि प्राप्त सभी सुझावों को विनियम में शामिल किया जाएगा। 10 दिनों के भीतर अंतिम विनियम की प्रति सभी सदस्यों को उपलब्ध करा दी जाएगी। सहमति बनने के बाद इसे स्वीकृति हेतु विभाग और सरकार को भेजा जाएगा। ई-निविदा का विरोध नगर निकाय के कार्यों के लिए ई-निविदा नियम का पार्षदों ने एकस्वर में विरोध किया। मांग की कि पुरानी निविदा व्यवस्था लागू की जाए। छोटे कार्यों के लिए ई-निविदा उचित नहीं है। मेयर ने आश्वासन दिया किया मंत्री व मुख्यमंत्री से वार्ता की जाएगी।

झारखंड निकाय चुनाव में आज से शराब दुकानें सील

रांची. नगर निकाय चुनाव के शांतिपूर्ण आयोजन को लेकर झारखंड पुलिस-प्रशासन व संबंधित विभागों ने आपसी सहमति से सख्त कदम उठाना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में निगम चुनाव में मतदान के दो दिन पहले से झारखंड में शराब की बिक्री बंद करने पर सहमति बनी है, ताकि मतदान के दौरान शराब के नशे में विधि व्यवस्था बाधित नहीं की जा सके। झारखंड में 23 फरवरी को मतदान होना है। शराब की बिक्री बंद करने से संबंधित आदेश भी जारी हो चुका है। जारी आदेश के अनुसार 21 फरवरी की शाम पांच बजे से झारखंड में शराब की दुकानें बंद रहेंगी जो 24 फरवरी की सुबह सात बजे तक रहेंगी। यानी इस अवधि में ड्राई डे रहेगा। इस दरम्यान सभी संबंधित मतदान क्षेत्रों में शराब की बिक्री एवं परोसने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। प्रशासनिक आदेश के तहत उक्त अवधि में सभी खुदरा शराब दुकानें, बार, रेस्टोरेंट, खुदरा कैंटीन तथा झारखंड राज्य बेवरेजेज कारपोरेशन लिमिटेडे के डिपो एवं गोदाम बंद रहेंगे। होटल और क्लबों में भी प्रतिबंध इस अवधि में राज्य के किसी भी होटल, क्लब या अन्य लाइसेंस प्राप्त परिसर से भी शराब की बिक्री या उपलब्धता पूरी तरह निषिद्ध रहेगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय चुनावी प्रक्रिया के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और मतदाताओं को शांतिपूर्ण वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लिया गया है। आदेश का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध संबंधित प्रविधानों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सामान्य दिनों में राज्य में शराब की खुदरा दुकानें हर दिन सुबह दस बजे से रात के 11 बजे तक खुलती हैं, जबकि बार व रेस्टोरेंट रात को 12 बजे तक खाेलने की अनुमति है।