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सेवा ही सबसे बड़ा उत्सव – जन्मदिन पर CM साय का रक्तदान अभियान

रायपुर जन्मदिन पर सेवा का संदेश: मुख्यमंत्री साय ने जन्मदिन पर रक्तदान शिविर का किया शुभारंभ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने 62वें जन्मदिन के अवसर पर राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास परिसर में आयोजित रक्तदान शिविर का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने भगवान धन्वंतरि की पूजा-अर्चना की तथा रक्तदाताओं को सम्मानित कर उन्हें प्रोत्साहित किया। मुख्यमंत्री के 62वें जन्मदिन के अवसर पर अल्फा ग्लोब फाउंडेशन, रायपुर तथा शिवनाथ ब्लड सेंटर द्वारा 62 लोगों के रक्तदान की विशेष व्यवस्था की गई थी। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि रक्तदान महादान है और यह मानवता की सच्ची सेवा है। उन्होंने कहा कि दुर्घटनाओं, प्रसव एवं गंभीर बीमारियों के दौरान जब मरीजों को रक्त की आवश्यकता पड़ती है, ऐसे में रक्तदान मरीजों के जीवन में नई आशा का संचार करता है। उन्होंने कहा कि शिविर में रक्तदाताओं को प्रमाणपत्र भी प्रदान किए गए हैं, जिससे आवश्यकता पड़ने पर वे या उनके परिजन निःशुल्क रक्त प्राप्त कर सकेंगे।  उल्लेखनीय है कि संस्था द्वारा एक वर्ष में लगभग 11 हजार यूनिट रक्त संग्रह का संकल्प लिया गया है तथा जरूरतमंदों को निःशुल्क रक्त उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विभिन्न ब्लड बैंकों के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा। इस अवसर पर सुरक्षित यातायात जागरूकता अभियान का भी आयोजन किया गया।  मुख्यमंत्री साय ने युवाओं से वर्ष में कम से कम एक बार रक्तदान करने तथा सड़क यातायात नियमों का हर समय पालन करते हुए जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने सभी रक्तदाताओं, आयोजकों, चिकित्सक दल एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए शिविर की सफलता के लिए शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, सीजीएमएससी के चेयरमैन दीपक म्हस्के, छत्तीसगढ़ पर्यटन मण्डल के अध्यक्ष नीलू शर्मा सहित, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसवराजु एस सहित वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधिगण तथा अल्फा ग्लोब फाउंडेशन, रायपुर की संचालक डॉ. पूनम अग्रवाल, संस्थान के अन्य प्रतिनिधि और रक्तदाता उपस्थित थे।

नई कार्य संस्कृति से आत्मनिर्भर बन रहे छात्र, चुनौतियों से लड़ने की मिल रही ताकत

रायपुर आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा के मार्गदर्शन में प्रोजेक्ट संकल्प के तहत वर्ष 2026 के लिए दो चरणो में विभागीय अधिकारियों और अधीक्षकों  को  प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ताकि इस कार्यक्रम के माध्यम से राज्य के सभी आश्रम-छात्रावासों में ‘प्रोजेक्ट संकल्प’ का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा सके। इस पहल का उद्देश्य ‘सीखो-सिखाओ, अंजोर फैलाओ’ की कार्य संस्कृति को संस्थागत स्वरूप देना तथा विद्यार्थियों को जीवन की चुनौतियों से सफलतापूर्वक मुकाबला करने के लिए तैयार करना है। प्रमुख सचिव बोरा ने कहा है कि छात्रावास केवल आवासीय सुविधा का केंद्र नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण और नेतृत्व विकास के सशक्त मंच हैं। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम को गंभीरता से लिया जाए, ताकि विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, अनुशासन और सकारात्मक सोच विकसित हो सके। प्रशिक्षण का कार्यक्रम दो चरणों में संपन्न होगा  प्रथम चरण में जनजाति बाहुल्य 21 जिलों के सहायक आयुक्तों का 2.5 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। इस प्रशिक्षण में “जीवन के रंग, खुशियों के संग” कार्यक्रम की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा करते हुए जिलों में कार्यान्वयन की रणनीति तैयार की जाएगी। प्रशिक्षण उपरांत सभी जिलों द्वारा अपने-अपने छात्रावासों के लिए कार्ययोजना विभाग को प्रस्तुत की जाएगी। द्वितीय चरण में छात्रावास एवं आश्रम अधीक्षकों के लिए 8 दिवसीय वर्चुअल प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित होगा। इसमें 6 दिनों तक प्रतिदिन 3 घंटे के सत्रों में ‘सफलता मंत्र 1 से 9’ तक की अवधारणाएँ साझा की जाएंगी। बीच के दो दिनों में अधीक्षक सीखी हुई बातों को अपने जीवन एवं विद्यार्थियों के साथ व्यवहार में लाने का प्रयास करेंगे। इस प्रकार तैयार अधीक्षक छात्रावासों में विद्यार्थियों, सहयोगियों तथा जहाँ संभव हो अभिभावकों के साथ भी प्रशिक्षण की सीख साझा करेंगे, जिससे सकारात्मक और ऊर्जावान वातावरण का निर्माण हो सके। प्रमुख सचिव बोरा ने बताया कि ‘प्रोजेक्ट संकल्प-2026’ के माध्यम से राज्य के छात्रावासों एवं आश्रमों में नई कार्य संस्कृति की स्थापना कर विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर, अनुशासित एवं सफल नागरिक बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाया जा रहा है। इस पहल से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा के साथ-साथ नैतिक सामाजिक एवं जीवन कौशल से भी सशक्त बनाया जा रहा है। आश्रम-छात्रावास में रह रहे छात्र-छात्राओं को सुरक्षित वातावरण, गुणवत्तापूर्ण भोजन, नियमित शैक्षणिक सहयोग तथा खेलकूद एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के अवसर उपलब्ध कराये जा रहे है।   उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश एवं विभागीय मंत्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में छात्रावासी बच्चों के भविष्य को नई उड़ान देने के उद्देश्य से यह अभिनव पहल की गई हैं।

62वें जन्मदिवस पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जगन्नाथ मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने 62वें जन्मदिवस के अवसर पर जशपुर जिले के दोकड़ा स्थित ऐतिहासिक एवं प्राचीन जगन्नाथ मंदिर पहुँचकर भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र एवं बहन सुभद्रा की विधि-विधानपूर्वक पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय तथा परिवार के अन्य सदस्य भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री साय ने मंदिर परिसर में परिक्रमा कर भगवान से आशीर्वाद प्राप्त किया तथा प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और कल्याण की मंगलकामना की। उन्होंने प्रदेश में शांति, खुशहाली और निरंतर प्रगति के लिए विशेष प्रार्थना करते हुए कहा कि जनकल्याण ही शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और प्रदेश के विकास के लिए सरकार निरंतर प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर विधायक श्रीमती गोमती साय, कमिश्नर नरेंद्र दुग्गा, आईजी दीपक कुमार झा, कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उम्मेद सिंह सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

विधानसभा में सीएम हेमंत बोले- झारखंड का ‘डेवलपमेंट मॉडल’ अपना रहे दूसरे राज्य

रांची. झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि राज्य सरकार के कार्य कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर दिख रहे हैं. पहले हम दूसरे राज्यों के कार्यों को सराहते हुए उन्हें अपने राज्य में अपनाते थे. अब दिन पलट गये हैं. झारखंड के डेवलपमेंट का मॉडल दूसरे राज्य अपना रहे हैं. यह छोटी बात नहीं है. कहावत है कि पेड़ लगायेंगे बबूल का, तो आम कहां से फलेगा. लेकिन विपक्ष द्वारा राज्य में लगाये गये बबूल के पेड़ों को हटा कर हमने आम के वृक्ष लगाये. अब उसका लाभ राज्य के हर व्यक्ति को मिल रहा है. वह सदन में राज्यपाल के अभिभाषण पर हुई चर्चा के बाद सदन में बोल रहे थे. झारखंड में बनेगा अंगदान कानून मौके पर उन्होंने झारखंड सरकार द्वारा अंगदान पर कानून बनाने की घोषणा की. श्री सोरेन ने कहा कि दुर्घटना में ब्रेनडेड हो गयी 10 महीने की बच्ची आलिन शेरिन अब्राहम का अंगदान उसके परिवार ने किया. उसकी माता शेरिन अब्राहम और पिता अरुण अब्राहम ने अपने जिगर के टुकड़े को देश के लिए समर्पित कर दिया. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार झारखंड में अंगदान को लेकर कानून बनायेगी और इसका लाभ आम लोगों तक पहुंचाने के लिए काम करेगी. सरकार की उपलब्धियों को मानने लगा है विपक्ष इसके पहले सीएम हेमंत सोरेन सदन में विपक्ष को धन्यवाद दिया. कहा कि सदन में विपक्ष के गिने-चुने लोग ही मौजूद हैं. ऐसा लगता है विपक्ष ने भविष्य में होनेवाली स्थिति को पहले ही भांप लिया है. विपक्ष की उपस्थिति देखकर लग रहा है कि वह भी सरकार की उपलब्धियों को मानने लगा है. इसी कारण विपक्ष ने अभिभाषण में किसी तरह का संशोधन प्रस्ताव भी नहीं लाने की जरूरत नहीं समझी. राज्यपाल ने जिन चीजों को सदन के समक्ष रखा, वह सभी चीजें राज्य की जनता के सामने हैं. देश की सभी डबल इंजन की सरकारें ध्वस्त होंगी सीएम ने कहा कि सबने राज्य ने डबल इंजन की सरकार का हाल देखा. कई दूसरे राज्य अभी देख भी रहे हैं. काफी जल्द देश की सभी डबल इंजन की सरकारें ध्वस्त होंगी. कई चुनौतियों के बाद भी हमने संविधान और परंपराओं को मजबूत करते हुए लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की. अगर नीयत साफ और संकल्प दृढ़ हो, तो सरकार सीमित संसाधनों में भी काफी काम कर सकती है. 25 सालों के झारखंड में हमने जो लकीर खींची है, उसे मिटाना विपक्ष के बस की बात नहीं है. राज्य सरकार के कार्यों से विपक्ष घबराया मुख्यमंत्री ने कहा कि सदन में हम विपक्ष की बात संयम से सुनते हैं, लेकिन दिल्ली में विपक्ष के नेता को बोलने से रोक दिया जाता है. राज्य सरकार के कार्यों से विपक्ष घबरा गया है. उन्होंने कहा कि हमने झारखंड को अग्रणी बनाने का संकल्प लिया है. यह बहुत बड़ी चुनौती है. केंद्र के साथ हमारे संबंध भी बहुत खुले तौर पर सबके सामने हैं, लेकिन इच्छाशक्ति और दृढृ संकल्प के साथ हर असंभव काम संभव हो सकता है. सरकार की मूल जिम्मेवारी गरीब-गुरबा का सहारा बनना है और हम पूरी सफलता के साथ यह काम कर रहे हैं. केंद्र को किसान और मजदूर के भविष्य की चिंता नहीं श्री सोरेन ने कहा कि देश व राज्य का विकास धरातल पर काम करने से होता है. झाखंड सरकार गांव से चलने वाली सरकार है. हम जानते हैं कि गांव मजबूत होगा, तभी शहर और राज्य मजबूत होगा. दिल्ली में फर्जी एआइ समिट किया जा रहा है. चीन से लाकर सामान वहां दिखाया जा रहा है. विपक्ष के शीर्ष नेताओं की यही हालत है. पूरा देश गिरवी रखा जा रहा है. केंद्र को किसान, मजदूर के भविष्य की चिंता नहीं है. चर्चा धान क्रय के भविष्य पर होनी चाहिए. नमक, तेल, दाल, चावल, आटा सब बाहर से मंगायेंगे, तो यहां के किसान क्या करेंगे. किसान फिर से आत्महत्या करने के लिए मजबूर होंगे. देश के 80% रोज कमाने-खाने वाले लोगों के बारे में नहीं सोचा जा रहा है. सीएम ने कहा कि मणिपुर की हालत बिगड़ती जा रही है. एक राज्य दूसरे राज्य के पुलिस फोर्स से खूनी संघर्ष करता है. हिंदू-मुस्लिम के जहर का समंदर बना दिया गया है. मानवता तार-तार कर दी गयी है. विरोध में आवाज उठानेवालों पर देशद्रोह का आरोप लगा कर चुप कराया जा रहा है. अब तो एआइ समिट का विरोध करने वालों को भी देशद्रोही बताया जा रहा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस वैश्विक मंच पर शिरकत करने मैं दाओस गया था, उसके मुख्य अतिथि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप थे. वहां उनका भी विरोध हुआ, लेकिन किसी को देशद्रोही नहीं कहा गया. देश ऐसे दौर से गुजर रहा है, कि देश के अंदर ही हम खुद को बेगाना महसूस करते हैं.

दिव्यांग क्रिकेट महोत्सव: 22 से 26 फरवरी तक 100 घंटे क्रिकेट, नॉट आउट@100 का आयोजन

भोपाल  राजधानी में पहली बार देशभर के दिव्यांगजन लगातार 100 घंटे क्रिकेट खेलकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। इस अनूठा आयोजन का उद्घाटन 22 फरवरी को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव सुबह 10 बजे नेहरू नगर भौंंरी स्थित पुलिस स्टेडियम में करेंगे। 26 फरवरी तक होने वाले इस आयोजन में मध्य प्रदेश समेत देश के 8 राज्यों के दिव्यांग शामिल हो रहे हैं। इस खेल महोत्सव का आयोजन कुशाभाऊ ठाकरे न्यास, टास्क इंटरनेशनल समेत अन्य संस्थाएं कर रही है। इस गिनीज, लिमका तथा एशिया बुक ऑफ रिकार्ड के प्रतिनिधियों के समक्ष प्रदर्शन होगा। यह जानकारी राष्ट्रीय दिव्यांग क्रिकेट खेल महोत्सव के कार्यक्रम संयोजक डॉ राघवेंद्र शर्मा ने पत्रकार वार्ता में दी। इस अवसर पर दिव्यांगजन आयुक्त डॉ. अजय खेमरिया भी मौजूद रहे। डॉ शर्मा ने बताया कि दिव्यांगजन दया के नहीं, अवसर के पात्र है। इस आयोजन के माध्यम से दिव्यांगों को आत्म सम्मान, आत्मनिर्भरता और सामाजिक चेतना का सशक्त संदेश देने का प्रयास है। बता दें, श्रद्धेय कुशाभाऊ ठाकरे की जन्म शताब्दी वर्ष मनाई जा रही है। इसलिए हम इस महोत्सव के जरिए 100 घंटे निरंतर क्रिकेट खेलने का ऐतिहासिक आयोजन कर रहे हैं। इस बेहद विलक्षण और प्रेरणादायी कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ता तथा प्रेरक कार्यक्रम संयोजक, डॉ. राघवेंद्र शर्मा पिछले लगभग 20 वर्षों से दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण एवं सामाजिक सहभागिता के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उनके नेतृत्व में यह महोत्सव खेल के माध्यम से सकारात्मक परिवर्तन और नई सामाजिक चेतना का संदेश देगा।  इस महोत्सव का ये रहेगा आकर्षण – खेल महोत्सव में 8 राज्य उत्तर प्रदेश, हरियाणा, बिहार, दिल्ली आदि के अलावा मध्य प्रदेश के साथ ही स्थानीय दिव्यांगजन भी क्रिकेट खेलेंगे।  – प्रत्येक मैच आईपीएल तर्ज पर 4-4 घंटे का होगा। इसमें दो तरह के बॉल होंगे, जिसमें एक अंधे दिव्यांगों के लिए आवाज वाली गेंद तथा अन्य दिव्यांगों के लिए क्वार्क बॉल होगा।  – पहली बार जमीन पर बैठकर चलने वाले दिव्यांग भी क्रिकेट खेलेंगे। इसके अलावा दिव्यांगों की क्षमतानुसार खेल होंगे। इसमें व्हीलचेयर, अंधे, मानसिक रूप वाले बच्चे, युवा और महिला- पुरुष खिलाड़ी अपना प्रदर्शन करेंगे। – खेल का कवरेज करने गिनीज, लिम्का और एशिया बुक ऑफ रिकार्डस के प्रतिनिधि आ रहे हैं।  – सुबह 10 बजे सीएम डॉ. यादव के उद्घाटन के बाद दोपहर 2 बजे तक बिना रुके बिना थके दिन-रात लगातार 100 घंटे तक 26 फरवरी तक खेल चलेगा।  

खेल के मैदान से मिलता है स्वास्थ्य, समन्वय और सफलता का मंत्र : अरुण साव

रायपुर खेल के मैदान से मिलता है स्वास्थ्य, समन्वय और सफलता का मंत्र : अरुण साव उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने शुक्रवार को रायपुर प्रेस क्लब द्वारा सुभाष स्टेडियम में आयोजित स्वर्गीय कुलदीप निगम स्मृति इंटर-प्रेस क्रिकेट टूर्नामेंट के फाइनल मुकाबले में पहुंचकर पत्रकार खिलाड़ियों से आत्मीय मुलाकात की और उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने खेल मड़ई के सफल आयोजन के लिए रायपुर प्रेस क्लब और पत्रकारों को बधाई दी। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री साव ने फाइनल मैच खेल रही संयुक्त इलेक्ट्रॉनिक टीम के कप्तान एवं प्रेस क्लब अध्यक्ष मोहन तिवारी तथा विस्तार न्यूज टीम के कप्तान मृगेंद्र पांडेय सहित दोनों टीमों के खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर उन्हें शुभकामनाएं दीं। संयुक्त इलेक्ट्रॉनिक टीम ने विस्तार न्यूज को पराजित कर खिताब अपने नाम किया। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने सुभाष स्टेडियम में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल का मैदान व्यक्ति को जीवन की अनमोल पूंजी प्रदान करता है। खेल हमें अच्छा स्वास्थ्य देता है, अच्छे दोस्त देता है, समन्वय की भावना सिखाता है और संबंधों को मजबूत बनाता है। जब व्यक्ति को यह सब मिलता है तो वह जीवन में प्रसन्न रहता है, खुशहाल रहता है और निरंतर तरक्की की ओर अग्रसर होता है। साव ने रायपुर प्रेस क्लब द्वारा पिछले कई दिनों से आयोजित इस खेल मड़ई की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन आपसी स्नेह को बढ़ाते हैं और स्वस्थ जीवन-शैली के लिए प्रेरित करते हैं। पत्रकारिता जैसे दायित्वपूर्ण क्षेत्र में सक्रिय साथियों के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सभी पत्रकार साथी इसी तरह मुस्कुराते रहें, स्वस्थ रहें और अपनी जिम्मेदारियों का बखूबी निर्वहन करते रहें।

मुख्यमंत्री साय ने बच्चों संग बांटी खुशियाँ, मुस्कान बना सबसे खास तोहफा

रायपुर. बच्चों के चेहरों की मुस्कान बना मुख्यमंत्री साय के जन्मदिन का सबसे बड़ा उपहार मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने 62वें जन्मदिवस को जशपुर के बगिया स्थित बालक आश्रम के बच्चों के बीच जिस आत्मीयता और स्नेह के साथ मनाया, उसने इस दिन को बच्चों के जीवन की एक अविस्मरणीय स्मृति बना दिया। जैसे ही मुख्यमंत्री आश्रम परिसर पहुँचे, बच्चों के चेहरों पर खुशी की चमक दौड़ गई। वे दौड़कर उनके पास आए और कुछ ही क्षणों में पूरा वातावरण एक पारिवारिक मिलन जैसा हो गया। उस पल मुख्यमंत्री किसी पद पर आसीन व्यक्ति नहीं, बल्कि बच्चों के अपने स्नेही अभिभावक की तरह उनके बीच दिखाई दे रहे थे। बच्चों के चेहरों की मुस्कान बना मुख्यमंत्री साय के जन्मदिन का सबसे बड़ा उपहार मुख्यमंत्री साय ने बच्चों के साथ केक काटा और उनके साथ बैठकर बातें कीं।  उन्होंने बच्चों के नाम पूछे, पढ़ाई के बारे में जाना, उनके सपनों को सुना और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। जब मुख्यमंत्री बच्चों से बात कर रहे थे, तब उनके चेहरे पर झलकता स्नेह और अपनत्व बच्चों के मन में गहरा विश्वास जगा रहा था। बच्चे भी पूरी सहजता से उनसे बातें करते हुए खुशी से चहकते रहे।  आश्रम परिसर में उस समय जो दृश्य था, वह एक परिवार के बीच मनाए जा रहे उत्सव जैसा महसूस हो रहा था। मुख्यमंत्री साय ने बच्चों को अपने हाथों से केक और चॉकलेट खिलाया। उन्होंने बच्चों के सिर पर हाथ फेरते हुए आशीर्वाद दिया और कहा कि वे मन लगाकर पढ़ाई करें, बड़े सपने देखें और जीवन में आगे बढ़कर अपने परिवार तथा प्रदेश का नाम रोशन करें। उन्होंने कहा कि आप सब बच्चों की मुस्कान मेरे जन्मदिन का सबसे बड़ा उपहार है। उनके इन स्नेहपूर्ण शब्दों ने बच्चों के मन को छू लिया। बच्चों की आँखों में चमक और चेहरे पर मुस्कान इस बात की गवाही दे रही थी कि यह पल उनके लिए कितना खास बन गया है। मुख्यमंत्री के रूप में स्नेही अभिभावक को अपने बीच पाकर बच्चों ने जिस खुशी और अपनत्व का अनुभव किया, वह लंबे समय तक उनकी स्मृतियों में रहेगा।  उल्लेखनीय है कि बालक आश्रम बगिया में कक्षा पहली से पाँचवीं तक के छात्र अध्ययनरत हैं, जिनमें अधिकांश बच्चे आदिवासी समुदाय से हैं। मुख्यमंत्री का उनके बीच पहुँचकर जन्मदिन मनाना बच्चों के लिए गर्व और प्रेरणा का विशेष क्षण बन गया। इस अवसर पर विधायक श्रीमती गोमती साय, कमिश्नर नरेंद्र दुग्गा, आईजी दीपक कुमार झा, कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उम्मेद सिंह सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, अधिकारीगण तथा आश्रम के शिक्षक एवं स्टाफ उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किसानों के खाते में 100 करोड़ किए ट्रांसफर

पटना. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज (शनिवार) 2 लाख से अधिक किसानों के खाते में 100 करोड़ रूपए से अधिक की राशि ट्रांसफर की. जानकारी के मुताबिक, कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत साल 2025 में बारिश से आई बाढ़ और मोन्था तूफान की वजह से बर्बाद हुए फसलों की क्षति के लिए किसानों को डीबीटी के जरिए रुपए ट्रांसफर किए हैं. सीएम नीतीश कुमार ने क्या कहा? कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान इस राशि का उपयोग आगामी फसलों के लिए कर सकेंगे. कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत सभी बाढ़ प्रभावित किसानों को अनुदान राशि दी जा रही है. राज्य सरकार सभी बाढ़ पीड़ित किसानों को सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है. हमलोग किसानों की तरक्की के लिए लगातार काम कर रहे हैं. हमारा मानना है कि राज्य के खजाने पर बाढ़ पीड़ितों का पहला अधिकार है. इन जिलों के किसानों को दिए गए रुपए जानकारी के मुताबिक, साल 2025 में भारी बारिश से आई बाढ़ और मोथा तूफान से राज्य के 13 जिलों (बेगूसराय, भोजपुर, दरभंगा, गयाजी, कैमूर, किशनगंज, मधेपुरा, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चम्पारण, शिवहर, सीतामढ़ी और सुपौल) में काफी फसल क्षति हुई थी. इन जिलों के 53 प्रखंड और 493 पंचायत के किसान प्रभावित हुए थे. जिसके लिए कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत प्रभावित किसानों को फसल क्षतिपूर्ति अनुदान दिया जा रहा है. किसानों से मांगे गए थे ऑनलाइन आवेदन कृषि विभाग की तरफ से सभी प्रभावित जिलों के किसानों से ऑनलाइन आवेदन प्राप्त किया गया. इसके बाद जिलों की ओर से इसका सत्यापन किया गया. आज 2 लाख 2 हजार किसानों को 113 करोड़ 16 लाख रूपए सीधे उनके बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए. राज्य में किसानों को लेकर कई कार्य सरकार की तरफ से किए जा रहे हैं. इसी क्रम में किसानों की डिजिटल आईडी भी बनाई जा रही है. ताकि हर एक योजना का लाभ उन्हें मिल सके.

विधानसभा बजट सत्र में 2 मार्च तक नहीं आएंगे मंत्री अनिल विज

चंडीगढ़. विधानसभा बजट सत्र के पहले दिन परिवहन मंत्री अनिल विज सहित चार विधायक सदन से गैर-हाजिर रहे। विधानसभा स्पीकर हरविंद्र कल्याण ने बताया कि उन्हें ई-मेल के जरिए परिवहन मंत्री अनिल विज ने स्वास्थ्य कारणों की वजह से 2 मार्च तक छुट्टी पर रहने का आग्रह किया है। दरअसल गत दिनों अनिल विज के दोनों पैर में फ्रैक्चर हो गया था, जहां चिकित्सकों ने विज को 4 सप्ताह के लिए आराम करने को कहा है। इसी तरह से विधायक प्रमोद विज ने परिवार में शादी समारोह होने के कारण स्पीकर से 23 फरवरी तक छुट्टी पर रहने का पत्र भेजा है। इसके अलावा विधायक मंजू चौधरी और विधायक चंद्रप्रकाश ने भी शादी समारोह के कारण अवकाश भेजा था। विधानसभा स्पीकर ने सदन में कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा को जन्मदिन की बधाई दी। स्पीकर ने कहा कि श्याम सिंह राणा 78 वर्ष के हो गए हैं। इस पर सदन में मौजूद सभी मंत्री-विधायकों ने श्याम सिंह राणा को जन्मदिन की बधाई दी। सदन में मार्शल की जगह तैनात हुए पुलिस अफसरः विधानसभा बजट सत्र में लंबे समय बाद स्पीकर के आसन के पीछे मार्शलों की जगह पुलिस अफसर दिखाई दिए। इससे पहले विधानसभा के मार्शल ही स्पीकर के आसन के पीछे नजर आते रहे हैं, लेकिन इस बार स्पीकर ने व्यवस्था में बदलाव करते हुए हरियाणा पुलिस के 2 डी.एस.पी. की ड्यूटी लगाई है। सत्र के पहले दिन दोनों पुलिस अफसर बतौर मार्शल ड्यूटी पर मुस्तैद रहे। बताया गया कि वर्ष 1966 से 2019 तक विधानसभा में पुलिस अफसर के रूप में मार्शल तैनात रहते थे, जहां बाद में तत्कालीन स्पीकर ने विधानसभा के कर्मचारियों को बतौर मार्शल तैनात कर दिया था। लिहाजा इस बार स्पीकर कल्याण ने पुरानी व्यवस्था में बदलाव करते हुए पुलिस अफसरों की तैनाती कर दी।

भोपाल में भाजपा कार्यकर्ताओं का हमला: कांग्रेस कार्यालय में घुसकर तोड़े खिड़कियों के शीशे

​भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आज राजनीतिक सरगर्मी उस वक्त हिंसक हो गई, जब कांग्रेस पार्टी के प्रदेश कार्यालय शिवाजी नगर में भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनके प्रदेश कार्यालय (PCC) में घुसकर तोड़फोड़ की। इस घटना के बाद राजधानी में भारी पुलिस बल तैनात है। कांग्रेस का दावा है कि भाजपा कार्यकर्ताओं की भीड़ ने उनके कार्यालय के बाहर लगे पोस्टरों को फाड़ा और खिड़कियों के शीशे तोड़ दिए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मौके पर दोनों गुटों के बीच जमकर नारेबाजी और धक्का-मुक्की भी हुई। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। बीजेपी का पूरे प्रदेश में प्रदर्शन दिल्ली में एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं के अर्धनग्न प्रदर्शन के विरोध में भारतीय जनता युवा मोर्चा का पूरे प्रदेश में प्रदर्शन है।  भोपाल संभाग के अंतर्गत शनिवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय शिवाजी नगर चौराहा के पास, भोपाल ग्रामीण में प्रदर्शन किया गया। इसके साथ ही युवा मोर्चा के नेतृत्व में ग्वालियर, मुरैना, सागर, इंदौर, खंडवा, उज्जैन, मंदसौर, रीवा, शहडोल, जबलपुर और छिंदवाड़ा जिलों में कांग्रेस कार्यालयों का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया गया। कांग्रेस की घटिया कार्यशैली सामने आई बीजेपी युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्याम टेलर ने बताया कि आज पूरा विश्व भारत की तकनीकी क्षमता और कृत्रिम बुद्धिमत्ता एआई में नेतृत्व की सराहना कर रहा था। तब राहुल गांधी के इशारे पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपनी घटिया कार्यशैली का परिचय देते हुए भारत मंडपम में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट के स्थल के अंदर अर्धनग्न प्रदर्शन कर भारत की छवि धुमिल करने का प्रयास किया है। इस प्रकार के प्रदर्शन से पूरे राष्ट्र का सिर शर्म से झुका है, जिसके विरोध में 21 फरवरी को प्रदेश भर में भारतीय जनता युवा मोर्चा द्वारा कांग्रेस कार्यालयों का घेराव कर राहुल गांधी एवं कांग्रेस के विरोध में आक्रामक प्रदर्शन किया गया।