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मध्यप्रदेश के नगरों के युगांतकारी परिवर्तन और आधुनिक अधोसंरचना का मार्ग प्रशस्त करेगा यह बजट : मंत्री कैलाश विजयवर्गीय

भोपाल  नगरीय विकास एवं आवास मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय ने विधानसभा में प्रस्तुत वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट का स्वागत करते हुए इसे प्रदेश के शहरी परिदृश्य में अभूतपूर्व परिवर्तन लाने वाला एक दूरदर्शी रोडमैप बताया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मध्यप्रदेश के नगरों के सुनियोजित विकास हेतु पूर्णतः संकल्पित है, जिसकी स्पष्ट झलक विभागीय बजट प्रावधानों में परिलक्षित होती है। यह बजट न केवल नगरीय क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की गुणवत्ता को संवर्धित करेगा, बल्कि विकास की उपलब्धता को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाकर नागरिकों के जीवन स्तर में गुणात्मक सुधार सुनिश्चित करेगा। मंत्री  विजयवर्गीय ने कहा कि आगामी 'सिंहस्थ-2028' को वैश्विक भव्यता और दिव्यता प्रदान करने के लिए बजट में 3060 करोड़ रूपये का ऐतिहासिक प्रावधान किया गया है, जो हमारी सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक पर्यटन के प्रति शासन की अटूट आस्था को दर्शाता है। नगरीय निकायों को वित्तीय रूप से स्वावलंबी और प्रशासनिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से प्रवेश कर के हस्तांतरण हेतु 3600 करोड़ रूपये तथा 16वें वित्त आयोग की अनुशंसा के अनुरूप स्थानीय निकायों हेतु 2057 करोड़ रूपये के अनुदान का प्रावधान किया गया है, जिससे स्थानीय स्वशासन की नींव और अधिक सुदृढ़ होगी। अधोसंरचना विकास और जन-कल्याणकारी योजनाओं के मध्य अनूठे समन्वय पर बल देते हुए मंत्री  विजयवर्गीय ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (अर्बन) बी.एल.सी. के अंतर्गत आवंटित 2000 करोड़ रूपये शहरी निर्धनों के 'निज निवास' के स्वप्न को साकार करने में निर्णायक सिद्ध होगी। साथ ही, अमृत 2.0 (मिलियन प्लस शहरों हेतु) 1418 करोड़ रूपये और स्थानीय निकायों को मूलभूत सेवाओं के सुदृढ़ीकरण हेतु 1058 करोड़ रूपये के विशेष अनुदान की व्यवस्था की गई है। महानगरों में त्वरित, सुगम एवं प्रदूषण मुक्त यातायात सुनिश्चित करने हेतु मेट्रो रेल परियोजना के लिए 656 करोड़ रूपये तथा सांस्कृतिक-आध्यात्मिक केंद्रों के उत्थान हेतु गीता भवन योजना के अंतर्गत 60 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है। मंत्री  विजयवर्गीय ने विश्वास जताया कि यह बजट प्रदेश के 'सर्वस्पर्शी समावेशी विकास' का आधार स्तंभ बनेगा और 'समृद्ध मध्यप्रदेश @2047' के दूरगामी लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में एक सशक्त एवं निर्णायक कदम सिद्ध होगा।  

शिक्षा और विकास पर बड़ा फोकस, नई पीढ़ी की मजबूत नींव रखेगा बजट : श्री सिंह

भोपाल. स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री  उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि मध्यप्रदेश का सौभाग्य है कि उसे डॉ. मोहन यादव जैसे संवेदनशील मुख्यमंत्री मिले हैं। उनके नेतृत्व में वित्त मंत्री  जगदीश देवड़ा ने वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्ताव प्रस्तुत किया। यह बजट समाज के हर वर्ग का कल्याण करने वाला बजट है। चाहे किसान हो, युवा हो, महिलाएं हों, सभी के विकास पर सरकार ने विशेष ध्यान दिया है।  सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश के विजनरी मुख्यमंत्री  डॉ. मोहन यादव ने स्कूल शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया है। सरकार ने स्कूल शिक्षा का बजट 11 फीसदी बढ़ा दिया है। यह बजट न केवल स्कूली विद्यार्थियों का भविष्य सुनहरा बनाएगा, प्रदेश और देश के विकास के लिए बच्चों को तैयार करेगा। यह छात्रों के बेहतर भविष्य और मध्यप्रदेश के समग्र विकास की नींव को मजबूती देने वाला बजट है। मध्यप्रदेश के स्कूली बच्चों को भविष्य में नई दिशा मिलेगी। सरकार उनकी हर समस्या का समाधान करने के लिए तत्पर है और उन्हें प्रदेश-देश के विकास के लिए तैयार करेगी। मंत्री  सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्कूल शिक्षा बजट में जो प्रावधान किए हैं, उनसे स्कूलों के नए भवन, सांदीपनि विद्यालय, खेलखूद भवन, प्रयोगशालाओं सहित कई नए निर्माण किए जाएंगे। इन नवाचारों से विद्यार्थियों को स्कूल में पढ़ाई में तो मदद मिलेगी ही, साथ ही उनका व्यक्तित्व विकास भी होगा। मध्यप्रदेश सरकार ने प्राथमिक शालाओं के लिए 11 हजार 444 करोड़ रुपये का बजट दिया है। यह बजट छात्रों की नींव मजबूत करेगा। इसी तरह माध्यमिक शालाओं के लिए 7 हजार 129 करोड़ रुपये का बजट है।  सिंह ने कहा कि भविष्य में सांदीपनि विद्यालयों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। यही कारण है कि इन विद्यालयों के लिए बजट में 3 हजार करोड़ से ज्यादा का बजट दिया गया है। अशासकीय विद्यालयों की ट्यूशन फीस भी सरकार देगी। इसके लिए सरकार ने 546 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। उन्होंने बताया कि पीएम  योजना के लिए सरकार ने विभाग को 530 करोड़ रुपये दिए हैं। प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को 250 करोड़ रुपये के लैपटॉप दिए जाएंगे। इसी तरह मध्यप्रदेश सरकार जनजातीय छात्राओं को 210 करोड़ की साइकिलें देगी। मंत्री  सिंह ने कहा कि बच्चों की शिक्षा को बेहतर करने के लिए 101 करोड़ की पाठ्य सामग्री दी जाएगी। हमारी सरकार मेधावी छात्रों को 100 करोड़ रूपये की स्कूटी प्रदान करेगी। सरकार 5 हजार 649 करोड़ रुपये से समग्र शिक्षा अभियान को और गति प्रदान करेगी। 4 हजार 233 करोड़ रुपये से शासकीय हाई-हायर सेकेण्डरी शालाओं का निर्माण और विकास किया जाएगा।  सिंह ने कहा कि सरकार ने अतिथि शिक्षकों का भी पूरा ध्यान रखा है। उनके मानदेय के लिए 1141 करोड़ रुपये का बजट दिया गया है। गौरतलब है कि सरकार ने धरती आबा जन जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के लिए 208 करोड़ रुपये, शासकीय स्कूल-छात्रावास-पुस्तकालय-आवासीय खेलकूद भवनों के निर्माण-विस्तार के लिए 200 करोड़, हाई-हायर सेकेण्डरी स्कूलों में पढ़ने-लिखने की बैठक व्यवस्था एवं प्रयोगशाला के लिए 200 करोड़, पंचायती राज संस्थाओं के अध्यापक-संविदा शाला शिक्षकों को वेतन-मानदेय के लिए 146 करोड़, अशासकीय शालाओं को अनुदान देने के लिए 120 करोड़ रूपये का बजट प्रावधान किया है। परि‍वहन व्‍यवस्‍था पर विशेष जोर  सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व वित्त मंत्री  जगदीश देवड़ा ने परिवहन के लिए भी विशेष प्रावधान किए हैं। वर्ष 2026-27 के लिए 230 करोड़ रुपये का बजट में प्रावधान किया गया है। इसमें मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के लिए 54 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

जेल परिसर में हड़कंप: कैदी ने खुद को किया घायल, गंभीर अवस्था में अस्पताल में भर्ती

बिलासपुर बिलासपुर सेंट्रल जेल के किचन में काम कर रहे एक कैदी ने हंसिया से अपना गला रेतकर खुदकुशी की कोशिश की। गंभीर हालत में जेल कर्मचारियों ने उसे तुरंत सिम्स अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज चल रहा है। गला रेतने के बाद कैदी अभी बातचीत नहीं कर पा रहा है, इसलिए घटना के पीछे के कारणों की पूरी जानकारी सामने नहीं आ पाई है कि आखिर उसने यह कदम क्यों उठाया। जानकारी के अनुसार पेंड्रा निवासी विकास कश्यप हत्या के मामले में 2 साल से केंद्रीय जेल में सजा काट रहा है। कैदी विकास कश्यप ने पारिवारिक विवाद में अपनी दादी की हत्या कर दी थी। वर्ष 2024 में उसे उक्त मामले में आजीवन कारावास की सजा हुई थी। उससे जेल के किचन में भोजन बनाने का काम फिलहाल लिया जा रहा है। मंगलवार की सुबह 7 बजे कैदी विकास अपने बैरक से जेल के किचन में भोजन बनाने के लिए पहुंचा। काम करने के दौरान उसने अचानक सब्जी काटने के हंसिया से गला रेत लिया। इस दौरान काम कर रहे अन्य कैदियों ने विकास को तड़पता देखकर उसे संभाला और जेल के अधिकारियों को सूचना दी। कैदी के खुदकुशी करने की कोशिश करने की सूचना पर जेल में हड़कंप मच गया। जेल अधीक्षक, जेलर सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे। उसके बाद तत्काल जेल के एम्बुलेंस से गंभीर रूप से घायल कैदी को इलाज के लिए सिम्स ले जाया गया। बताया जा रहा है कि उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है और उसका इलाज चल रहा है। बहरहाल, कैदी के होश में आने पर घटना की सच्चाई सामने आ पाएगी।

किसानों की समृद्धि को समर्पित है बजट 2026-27 : कृषि मंत्री कंषाना

भोपाल  किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री  एदल सिंह कंषाना ने कहा है कि विधानसभा में प्रस्तुत बजट 2026 -27 में प्रदेश के अन्नदाताओं के सशक्तिकरण और कृषि विकास को नई ऊँचाई देने का संकल्प है। बजट में किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के लिए 31 हजार 758 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। मंत्री  कंषाना ने कहा कि प्रदेश में कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन और मत्स्य पालन को मूल्य संवर्धन से जोड़कर किसानों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं। प्रदेश कृषि उत्पादन और किसान कल्याण के स्वर्णिम युग की ओर अग्रसर है। दाल उत्पादन में प्रथम, गेहूं, तिलहन में द्वितीय और सोयाबीन में 35 प्रतिशत योगदान के साथ मध्यप्रदेश अग्रणी है। औद्योगीकरण, अधोसंरचना, रोजगार, शिक्षा और किसान समृद्धि पर विशेष फोकस के साथ वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में समर्पित किया गया है।

डेंटल सेक्टर में भारत की बढ़ती ताकत, दुनिया में सेवाएं देने को तैयार विशेषज्ञ : शुक्ल

भोपाल. उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि दंत चिकित्सा स्वास्थ्य व्यवस्था का महत्वपूर्ण स्तंभ है। अच्छा मौखिक स्वास्थ्य समग्र स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भारत के प्रशिक्षित दंत चिकित्सक दंत चिकित्सा क्षेत्र में वैश्विक अवसरों का लाभ उठाने के लिए तैयार हैं। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल एलएन मेडिकल कॉलेज भोपाल में "इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन ग्लोबल डेंटिस्ट्री–2026" के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। अंतर्राष्ट्रीय सांस्कृतिक संबंध परिषद के पूर्व अध्यक्ष डॉ. विनय सहस्रबुद्धे ने कहा कि यह पहल "ब्रेन ड्रेन" नहीं बल्कि "ग्लोबल गेन" का उदाहरण है। सही मार्गदर्शन , पारदर्शी प्रक्रिया और नैतिक अंतरराष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से भारतीय डेंटिस्ट वैश्विक मंच पर अपनी पहचान स्थापित कर सकते हैं तथा देश की प्रतिष्ठा को सशक्त बना सकते हैं। सम्मेलन में पहली बार भारत में यूके डेंटल भर्ती एवं प्लेसमेंट पर संरचित मंच प्रस्तुत किया गया। ओआरई, एलडीसी, एमएफडीएस परीक्षाओं, जनरल डेंटल काउंसिल (जीडीसी) रजिस्ट्रेशन, वीज़ा/स्पॉन्सरशिप प्रक्रिया, यूके क्लिनिकल स्टैंडर्ड्स, रोगी सुरक्षा और प्रोफेशनल एथिक्स पर विस्तृत जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को गलत सूचना और फर्जी एजेंसियों से बचने के लिए पारदर्शी प्रक्रिया समझाई गई। सम्मेलन में भारत एवं यूके की आय संभावनाओं की तुलनात्मक जानकारी भी प्रस्तुत की गई। यूके से आए विशेषज्ञों द्वारा वन-टू-वन मार्गदर्शन, पैनल डिस्कशन और दो दिवसीय सीपीडी एवं पर्सनलाइज्ड क्लिनिक का आयोजन किया जायेगा। कार्यक्रम में डेंटल सर्जन्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष डॉ. चंद्रेश शुक्ला, डॉ. अनुपम चौकसे,  धर्मेन्द्र गुप्ता, सहित दंत चिकित्सा विशेषज्ञ एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। लंदन से आए विशेषज्ञ डॉ. रूथ चेसमोर-होस्कर, डॉ. गौरी प्रधान, डॉ. शिवानी भंडारी, डॉ. दलिप कुमार,  विलियम नील कार्माइकल एवं डॉ. टिमोथी ओ’ब्रायन ने प्रतिभागियों को प्रत्यक्ष मार्गदर्शन प्रदान किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में दंत छात्र-छात्राओं, इंटर्न्स, प्रैक्टिसिंग दंत चिकित्सकों एवं फैकल्टी सदस्यों ने सहभागिता की और विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर अपने कैरियर संबंधी प्रश्नों के समाधान प्राप्त किए।

कल से इंदौर में नहीं आएगा पानी, तीन दिवसीय सप्लाई बंद

 इंदौर वाचू पाइंट पर 1200 एमएम व्यास की पुरानी पाइप लाइन बदलकर नई लाइन बिछाने और नर्मदा प्रोजेक्ट से जुड़े अन्य कार्यों के लिए नगर निगम 48 घंटे का मेगा शटडाउन लेगा। इसके चलते शहर में 19, 20 और 21 फरवरी को जलापूर्ति बाधित रहेगी। शटडाउन 19 फरवरी को सुबह से शुरू हो जाएगा। नगर निगम शटडाउन के दौरान प्रभावित क्षेत्रों में टैंकरों से पानी सप्लाई करेगा। इसके लिए निर्देश जारी कर दिए गए हैं। नगर निगम जलकार्य प्रभारी बबलू शर्मा ने बताया कि वाचू पाइंट पर पहले से बिछी पाइप लाइन पिछले दिनों क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसकी वजह से बहुत ज्यादा मात्रा में पानी का अपव्यय हो रहा है। इस लाइन को बदलकर नया किया जा रहा है। शटडाउन के दौरान प्रथम, द्वितीय चरण के सभी पंप बंद रहेंगे। शटडाउन के दौरान यह काम करेगा निगम     वाचू पाइंट पर क्षतिग्रस्त 1200 एमएम व्यास की पाइप लाइन बदलना     प्रथम एवं द्वितीय चरण 180 एमएलडी के सब-स्टेशन 132 केवी छोटी खरगोन में ट्रांसफार्मर आइल टापअप, सीटी ट्रांसफार्मर, आइसोलेटर, इंसुलेटर की सर्विसिंग, ट्रांसमिशन लाइन 33 केवी का संधारण, सभी 400 केवी वीटी मोटर पंप की सर्विसिंग     नदी में लगे सभी सबमर्सिबल पंपों की साफ-सफाई, चैनलों की सफाई, सभी वीटी पंपों की सर्विसिंग     363 एमएलडी भकलाई प्लांट में चैनल की साफ-सफाई, नाडल चैंबर क्लेरिफायर टैंक सफाई यह प्रभाव पड़ेगा     नर्मदा प्रथम एवं द्वितीय चरण की पाइप लाइन का शटडाउन होने की वजह से 19 और 20 फरवरी को अन्नपूर्णा टंकी एवं बिलावली टंकी क्षेत्र अंतर्गत होने वाला सीधा सप्लाई बाधित रहेगा।     20 और 21 फरवरी को अन्नपूर्णा, छत्रीबाग, राजमोहल्ला, एमओजी लाइन, लोकमान्य नगर, द्रविड़ नगर, महाराणा प्रताप नगर, जिंसी हाट मैदान, नरवल, टिगरिया बादशाह, सुभाष चौक, सदर बाजार, गांधी हाल, मल्हार आश्रम, स्कीम 103, कुशवाह मोहल्ला, बाणगंगा, जय हिंद नगर की टंकियां खाली रहेंगी। इन टंकियों से सप्लाई नहीं होगी।  

जयपुर में आईटी की ताबड़तोड़ कार्रवाई: कान्हा फूड चेन से जुड़े 33 ठिकानों पर रेड

जयपुर राजस्थान की प्रसिद्ध फूड चेन कान्हा रेस्टोरेंट पर आयकर विभाग ने बुधवार सुबह व्यापक कार्रवाई करते हुए एक साथ 33 ठिकानों पर छापामारी की। यह कार्रवाई सुबह करीब 7 बजे शुरू हुई और देर शाम तक विभाग की टीमें विभिन्न स्थानों पर जांच में जुटी रहीं। अधिकारियों ने बैंक खातों, डिजिटल दस्तावेजों, नकदी लेन-देन और संपत्तियों से जुड़े रिकॉर्ड की गहन पड़ताल की। जयपुर में सर्वाधिक स्थानों पर जांच कार्रवाई के तहत सबसे ज्यादा 26 स्थानों पर सर्च जयपुर में किया गया। इसके अलावा श्रीगंगानगर, करौली, कोटा, हिंडौन और मुंबई स्थित कार्यालयों व अन्य परिसरों में भी विभाग की टीमों ने जांच की। छापामारी के दौरान कई अहम फाइलें और इलेक्ट्रॉनिक डेटा जब्त किया गया तथा संबंधित लोगों से पूछताछ की गई।   आयकर चोरी की आशंका के चलते कदम प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, रेस्टोरेंट कारोबार से जुड़े बड़े स्तर पर आयकर चोरी और वित्तीय अनियमितताओं की आशंका के चलते यह कार्रवाई की गई है। विभाग का कहना है कि विभिन्न खातों और लेन-देन की विस्तृत जांच की जा रही है, जिससे वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। उदयपुर में भी टीमें सक्रिय उदयपुर में भी आयकर विभाग की टीमें सक्रिय रहीं। यहां सिएरा होटल तथा सन एंड मून रेस्टोरेंट सहित अन्य ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया गया। 29 कमरों वाले सिएरा होटल में टीमों ने दस्तावेजों की जांच की और परिसर के बाहर विभाग के वाहन तैनात रहे। जगदीश मंदिर क्षेत्र और हरिदास जी मगरी स्थित रेस्टोरेंट परिसरों में भी तलाशी ली गई।   जुड़े खातों और लेन-देन की पड़ताल बताया जा रहा है कि इन प्रतिष्ठानों का मालिक एक ही है और उससे जुड़े खातों व वित्तीय लेन-देन की जांच की जा रही है। आयकर विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही कर चोरी और अनियमितताओं के वास्तविक आंकड़े सामने आएंगे।

एसडीएम की पिटाई से किसान की मौत, भूपेश बघेल ने कहा– सत्ता के नशे में अधिकारी

रायपुर बलरामपुर जिले के कुसमी में एसडीएम द्वारा की गई मारपीट से आदिवासी किसान की मौत के मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया है. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस घटना पर तल्ख टिप्पणी करते हुए इसे प्रदेश में गिरती कानून-व्यवस्था के उदाहरण के तौर पर पेश किया है. पंजाब दौरे से लौटने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मीडिया से चर्चा में कहा कि प्रदेश में क़ानून व्यवस्था की स्थिति बेहद ख़राब है. हद तो यह है कि प्रशासन के लोग ही हत्या करने लगे हैं. विष्णु देव सरकार और विजय शर्मा के विभाग के अधिकारी निरंकुश हो गए हैं. वृद्ध आदिवासी को पीट-पीट कर मार डाला. वहीं होली के दौरान शराब दुकानों के खुले रहने पर तंज कसते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि इनको (सरकार) तीज त्योहार से कोई मतलब नहीं है. होली जैसे त्योहार में शराब दुकान खोल रहे हैं. इनको केवल पैसे से मतलब है, सब कुछ पैसा है. एक बात तो समझ आती है कि सरकार को किसी के भावना से कोई मतलब नहीं है.

गुड गवर्नेंस को गति देने वाला बजट, आपदा प्रबंधन और राजस्व व्यवस्था होगी हाईटेक : वर्मा

भोपाल  राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रस्तुत वर्ष 2026-27 का बजट प्रदेश में सुशासन, आपदा प्रबंधन की सुदृढ़ व्यवस्था और राजस्व तंत्र के आधुनिकीकरण को समर्पित है।यह बजट सभी वर्गों को साथ लेकर आगे बढ़ने के संकल्प का सशक्त प्रमाण है और केंद्र सरकार के मूल मंत्र “ज्ञान” के अनुरूप गरीब, युवा, अन्नदाता और महिलाओं के कल्याण को समर्पित है। साथ ही औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार को नई गति देगा। राजस्व मंत्री  वर्मा ने बताया कि बजट में राजस्व विभाग के लिए व्यापक एवं दूरदर्शी प्रावधान किए गए हैं। स्वामित्व योजना में अभिलेखों के पंजीकरण के लिए 3800 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। राज्य आपदा मोचन निधि (एसडीआरएफ) के लिए 2258 करोड़ रुपये और राज्य आपदा शमन निधि (एसडीएमएफ) के लिए 564 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।उप संभागीय स्थापना के लिए 2098 करोड़ रुपये, आपदा प्रबंधन योजनाओं के निर्माण के लिए 1449 करोड़ रुपये और बाढ़ एवं अतिवृष्टि पीड़ितों को राहत के लिए 715 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। जिला स्थापना के लिए 657 करोड़ रुपये और तहसील, जिला एवं संभाग स्तर पर भवन एवं आवासीय परिसरों के निर्माण के लिए 411 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया। राजस्व मंत्री  वर्मा ने कहा कि ओला पीड़ितों को राहत के लिए 363 करोड़ रुपये, 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत क्षमता निर्माण के लिए 314 करोड़ रुपये और राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 में आपदा में आर्थिक सहायता के लिए 300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। आदेशिका वाहक स्थापना के लिए 252 करोड़ रुपये और डिजिटल क्रॉप सर्वेक्षण के लिए 125 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।सर्पदंश पर आर्थिक सहायता के लिए 121 करोड़ रुपये और महामारी एवं रासायनिक, जैविक, रेडियोलॉजिकल और परमाणु (सीबीआरएन) आपदाओं की रोकथाम संबंधी कार्यों के लिए 88 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही क्षतिग्रस्त सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण निर्माण कार्यों की मरम्मत एवं पुनर्स्थापना के लिए 55 करोड़ रुपये निर्धारित हैं। राजस्व मंत्री  वर्मा ने कहा कि इन प्रावधानों से प्रशासनिक ढांचा मजबूत बनेगा और नागरिकों को त्वरित और पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।  

वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिये 4 लाख 38 हजार 317 करोड़ का बजट पेश

भोपाल  उप मुख्यमंत्री  जगदीश देवड़ा ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्‍द्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्‍व में राज्य सरकार निर्धन एवं कमजोर वर्गों को अंतिम पंक्ति से प्रथम पंक्ति में लाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि जनता के साथ मिलकर सरकार ''संकट को समाधान'' में, ''मुश्किल को मुमकिन” में और ''असंभव को संभव” में बदल देगी। उन्होने कहा कि गरीब, युवा, अन्नदाता तथा नारी को केन्‍द्र में रखकर प्रारंभ की गई यात्रा को और अधिक सार्थक व परिणामजनक बनाने के लिए क्रमश: “आई” फॉर इंडस्ट्रियलाइजेशन एवं “आई” फॉर इंफ्रास्ट्रक्चर को भी शामिल किया है, जिससे ज्ञान (GYAN) से प्रारंभ यात्रा का अगला पड़ाव ‘ज्ञानी’ (GYANII) के स्वरूप में लक्षित है। इसी इसी विचार को बजट का आधार बनाया गया है। उप मुख्यमंत्री  देवड़ा ने बुधवार को विधानसभा में मध्यप्रदेश के वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत कर यह बात कही। उप मुख्यमंत्री  देवड़ा ने कहा कि वर्ष 2026-27 के बजट में कुल विनियोग की राशि 4 लाख 38 हजार 317 करोड़ है। वर्ष के अंत में राजस्‍व आधिक्‍य रहना अनुमा‍नित है। पूंजीगत परिव्‍यय राज्‍य के सकल घरेलू उत्‍पाद का 4.80 प्रतिशत अनुमानित है। बजट 2026-27 बजट का आकार 4 लाख 38 हजार 317 करोड़ कुल राजस्‍व प्राप्तियां 3 लाख 8 हजार 703 करोड़ राज्‍य कर एवं करेत्तर राजस्‍व 1 लाख 42 हजार 61 करोड़ केंद्रीय करों में हिस्‍सा 1 लाख 12 हजार 137 करोड़ केन्‍द्र से सहायता अनुदान 54 हजार 504 करोड़ पूंजीगत प्राप्तियां 80 हजार 694 करोड़ कुल राजस्‍व व्‍यय 3 लाख 8 हजार 658 करोड़ पूंजीगत परिव्‍यय 80 हजार 266 करोड़ राजस्‍व आधिक्‍य 44 करोड़ राजकोषीय घाटा 71 हजार 460 करोड़ जी.एस.डी.पी. 18 लाख 48 हजार 274 करोड़ राजकोषीय घाटा का प्रतिशत जी.एस.डी.पी. से 3.87 प्रतिशत बजट में प्रतिशत वृद्धि :- ग्रामीण विकास विभाग 37 प्रतिशत नगरीय विकास एवं आवास विभाग 16 प्रतिशत महिला एवं बाल विकास विभाग 26 प्रतिशत राजस्‍व विभाग 43 प्रतिशत स्‍कूल शिक्षा विभाग 11 प्रतिशत बजट प्रावधान:- स्‍वास्‍थ्‍य के क्षेत्र में 23 हजार 747 करोड़ कृषि एवं सम्‍बद्ध क्षेत्र 88 हजार 910 करोड़ कृषि एवं सम्‍बद्ध क्षेत्र में गैर बजटीय स्‍त्रोतों को सम्मिलित करते हुए 1 लाख 15 हजार करोड़ प्रमुख योजनाओं में बजट प्रावधान:- लाडली बहना योजना लगभग 23 हजार 800 करोड़ वी.बी.जी. राम जी योजना लगभग 10 हजार 400 करोड़ मुख्‍यमंत्री किसान कल्‍याण योजना लगभग 5 हजार 500 करोड़ राष्‍ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मिशन लगभग 4 हजार 600 करोड़ सिंहस्‍थ आयोजन लगभग 3 हजार करोड़ प्रमुख नवीन योजनाओं में बजट प्रावधान:- द्वारका योजना अगले 3 वर्षों में 5 हजार करोड़ का निवेश स्‍वामित्‍व योजना लगभग 3 हजार 800 करोड़ यशोदा दुग्‍ध प्रदाय योजना 700 करोड़ सामाजिक एवं आर्थिक उत्‍थान की योजनाओं में बजट प्रावधान :- कुल प्रावधान 1 लाख 83 हजार 708 करोड़ अनुसूचित जनजाति वर्ग 47 हजार 428 करोड़ (कुल प्रावधान का 26 प्रतिशत) अनुसूचित जाति वर्ग 31 हजार 192 करोड़ (कुल प्रावधान का 17प्रतिशत) जी.एस.डी.पी. वर्ष 2025-26 16 लाख 69 हजार 750 करोड़ वर्ष 2026-27 18 लाख 48 हजार 274 करोड़ प्रतिबद्ध देयता ऋण भुगतान 34 हजार 437 करोड़ ब्‍याज भुगतान 33 हजार 735 करोड़ पेंशन भुगतान 29 हजार 449 करोड़ वेतन भत्ते लगभग 67 हजार करोड़ कर्ज की स्थिति (अनुमानित) 31 मार्च 2025 की स्थिति 4 लाख 14 हजार 611 करोड़ 31 मार्च 2026 की स्थिति 4 लाख 88 हजार 714 करोड़ 31 मार्च 2027 की स्थिति 5 लाख 59 हजार 336 करोड़ 31 मार्च 2026 की स्थिति में प्रदेश का कुल कर्ज जी.एस.डी.पी का लगभग 29 प्रतिशत है। जो कि निर्धारित सीमा में है।