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राष्ट्रीय हित सबसे पहले: कुमारी सैलजा ने भारत-अमेरिका समझौते में स्पष्टता की मांग की

चंडीगढ़ सिरसा की सांसद, कांग्रेस की महासचिव व पूर्व मंत्री कुमारी सैलजा ने अमेरिका के साथ घोषित व्यापार समझौते के संयुक्त वक्तव्य पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस समझौते के कुछ प्रावधान भारतीय किसानों, व्यापारियों, श्रमिकों और घरेलू उद्योगों को असमान प्रतिस्पर्धा की स्थिति में खड़ा कर सकते हैं। आज मीडिया को जारी बयान में सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि यदि अमेरिकी कृषि, खाद्य और औद्योगिक उत्पादों के लिए भारतीय बाज़ार को व्यापक रूप से खोला जाता है, जबकि भारतीय निर्यात पर उच्च टैरिफ (शुल्क) और अन्य गैर-शुल्क बाधाएँ बनी रहती हैं, तो इसका सीधा प्रभाव देश की कृषि अर्थव्यवस्था, कुटीर उद्योगों और रोजगार पर पड़ सकता है। कुमारी सैलजा ने कहा कि विशेष रूप से कपड़ा, चमड़ा, जूते, रबड़, रसायन तथा कारीगर उत्पाद जैसे क्षेत्र, जो बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार प्रदान करते हैं, इस प्रकार की असमान शर्तों से प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे में यह जानना आवश्यक है कि इन क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए समझौते में कौन-कौन से ठोस सुरक्षा प्रावधान (सेफगार्ड) शामिल किए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि आने वाले वर्षों में अमेरिकी उत्पादों की बड़े पैमाने पर खरीद का कोई प्रावधान है, तो यह ‘आत्मनिर्भर भारत’ और घरेलू उत्पादन को प्रोत्साहन देने की नीति के साथ किस प्रकार संतुलित होगा, यह स्पष्ट किया जाना चाहिए। कांग्रेस का स्पष्ट मत है कि कोई भी अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौता समानता, पारदर्शिता और राष्ट्रीय हित के आधार पर होना चाहिए। संसद और देश की जनता के समक्ष इस व्यापार समझौते का पूर्ण विवरण रखा जाना चाहिए ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि किसानों, व्यापारियों, श्रमिकों और लघु उद्योगों के हितों से किसी प्रकार का समझौता न हो। कुमारी सैलजा ने केंद्र सरकार से मांग की है कि वह इस विषय पर विस्तृत स्पष्टीकरण दे और यह बताए कि इस समझौते में भारत के संवेदनशील क्षेत्रों की रक्षा के लिए कौन-कौन से ठोस प्रावधान शामिल किए गए हैं।

हनीट्रैप का खेल उजागर: वीडियो से ब्लैकमेल कर वसूले जा रहे थे लाखों, MP में 5 आरोपी दबोचे गए

खरगोन थाना सनावद की पुलिस टीम ने हनीट्रैप के जरिए ढाई लाख रुपये की मांग कर ब्लैकमेल करने वाले गिरोह के 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि गत 6 फरवरी को फरियादी निवासी ग्राम सताजना ने थाना सनावद पर शिकायत आवेदन दिया कि, दिनांक 02.02.2026 को एक महिला जिसने अपना नाम सपना बताया था, उसने बार-बार फरियादी को फोन करके उसे पद्मावती कॉलोनी, सनावद स्थित अपने घर बुलाया था। महिला द्वारा फरियादी को घर के कमरे में ले जाकर आपसी सहमति से संबंध बनाए जा रहे थे, तभी अचानक कमरे में 2 पुरुष व एक अन्य महिला आ गए। डरा-धमका कर वसूले पैसे महिला ने अपना नाम वैजन्ती बताया। जिनके द्वारा फरियादी को उसी कमरे में रखे मोबाइल से वीडियो रिकॉर्ड करने की बात कहते हुए फरियादी को डराया-धमकाया गया व वीडियो वायरल करने, जान से मारने व बलात्कार के झूठे प्रकरण में फंसाने की धमकी देते हुए फरियादी से ढाई लाख रुपये की मांग की गई। फरियादी ने डर के कारण आरोपितों को 10 हजार रुपये दिए। इसके पश्चात भी लगातार वीडियो वायरल करने व पुलिस प्रकरण दर्ज कराने की धमकियां दी जाती रहीं, जिससे फरियादी मानसिक रूप से अत्यंत प्रताड़ित हो गया।   प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन, एसडीओपी बड़वाह अर्चना रावत के मार्गदर्शन व थाना प्रभारी सनावद उनि धर्मेन्द्र यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम द्वारा फरियादी के बताए अनुसार घर में दबिश दी गई जहां पुलिस टीम को वैजन्ती नामक महिला मिली, जिसे महिला पुलिसकर्मियों की सहायता से अभिरक्षा में लिया गया। महिला पुलिसकर्मियों के द्वारा वैजन्ती से उक्त कृत्य के बारे में पूछने पर उसने उक्त कृत्य को अपने साथी 2 अन्य महिलाओं, समीर व सावन के साथ मिलकर कारित करना स्वीकार किया। आरोपियों के कब्जे से बरामद हुए रुपये और वीडियो पुलिस टीम ने मुख्य आरोपी वैजन्ती के अन्य साथी 2 महिलाओं व समीर और सावन को भी गिरफ्तार किया है। टीम द्वारा उक्त मामले में आरोपियों के कब्जे से फरियादी को ब्लैकमेल कर लिए 10 हजार रुपयों व बनाए गए वीडियो को नियमानुसार विधिवत जब्त किया गया।  

कोडिंग की दुनिया में बिहार का परचम, सूर्य शेखर ने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता 2026 में रचा इतिहास

पटना बिहार की मिट्टी ने एक बार फिर अपनी मेधा का लोहा पूरी दुनिया में मनवाया है। पूर्णिया जिले के निवासी सूर्य शेखर ने अहमदाबाद में आयोजित अंतरराष्ट्रीय कोडिंग प्रतियोगिता 2026 में पहला स्थान हासिल कर न केवल अपने जिले, बल्कि पूरे भारत का नाम वैश्विक मंच पर रोशन किया है। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही सूर्य शेखर अब दुनिया के उभरते हुए सर्वश्रेष्ठ सॉफ्टवेयर डेवलपर्स की श्रेणी में शामिल हो गए हैं। यह विश्वस्तरीय प्रतियोगिता दुनिया की प्रतिष्ठित टेक कंपनियों के सहयोग से और प्रसिद्ध वेब फ्रेमवर्क लारावेल (Laravel) की देखरेख में आयोजित की गई थी। इस प्रतियोगिता में अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी और जापान समेत 20 से अधिक विकसित देशों के करीब 1200 चुनिंदा प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था। कड़े राउंड, जटिल चुनौतियां और सूर्य की शानदार जीत प्रतियोगिता के दौरान कोडिंग के जटिलतम लॉजिक्स को सुलझाने, तकनीकी दक्षता दिखाने और आधुनिक सॉफ्टवेयर चुनौतियों का समाधान करने जैसे कई कड़े राउंड आयोजित किए गए थे। सूर्य शेखर ने अपनी तार्किक क्षमता और बेहतरीन कोडिंग स्किल्स के दम पर सभी वैश्विक प्रतिद्वंद्वियों को पीछे छोड़ते हुए सर्वोच्च स्थान हासिल किया। टेलर ओटवेल ने किया सम्मानित, मिला MacBook M4 सूर्य की इस असाधारण सफलता पर लारावेल फ्रेमवर्क के संस्थापक और दुनिया के दिग्गज प्रोग्रामर टेलर ओटवेल (Taylor Otwell) ने उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया। सम्मान के तौर पर सूर्य को नवीनतम MacBook M4 प्रदान किया गया। सूर्य शेखर ने बताया कि टेलर ओटवेल जैसे तकनीकी विजनरी से मिलना और उनसे भविष्य की तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और वेब डेवलपमेंट पर चर्चा करना उनके जीवन का सबसे सुखद अनुभव रहा। माता-पिता और बड़े भाई को दिया सफलता का श्रेय अपनी इस बड़ी उपलब्धि पर सूर्य शेखर भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि उनकी इस सफलता के पीछे उनके माता-पिता और बड़े भाई राजशेखर का मार्गदर्शन है। उल्लेखनीय है कि राजशेखर खुद एक अनुभवी सॉफ्टवेयर डेवलपर हैं, जिन्होंने सूर्य को तकनीक की बारीकियों से रूबरू कराया। सूर्य ने कहा, “यह जीत मेरे करियर का एक बड़ा पड़ाव है। मुझे उम्मीद है कि इससे छोटे शहरों के दूसरे छात्रों को भी बड़े वैश्विक लक्ष्यों की ओर बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।” बिहार में जश्न का माहौल, युवाओं के लिए बनी मिसाल सूर्य शेखर की इस अंतरराष्ट्रीय सफलता की खबर मिलते ही पूर्णिया समेत पूरे बिहार में जश्न का माहौल है। सोशल मीडिया पर उन्हें लगातार बधाइयाँ दी जा रही हैं। शिक्षाविदों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इस उपलब्धि को बिहार के युवाओं के लिए एक मील का पत्थर बताया है। यह सफलता इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि यदि युवाओं को सही मार्गदर्शन और उचित अवसर मिलें, तो वे वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भी किसी से पीछे नहीं हैं।  

फरीदाबाद मेले में त्रासदी: झूला गिरा, इंस्पेक्टर सहित दर्जन घायल, जांच शुरू

फरीदाबाद हरियाणा के फरीदाबाद में चल रहे 39वें अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड क्राफ्ट मेले में शनिवार शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया। मेले में लगा एक 'सुनामी झूला' अचानक टूटकर गिर गया, जिसकी चपेट में आने से पलवल के चांदहट थाने के SHO इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद की मौत हो गई, जबकि 12 अन्य लोग घायल हो गए। हादसे के वक्त झूले पर करीब 18 लोग सवार थे। हादसे का खौफनाक मंजर प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शाम करीब सवा 6 बजे झूला ऊपर से नीचे आते समय अचानक रेलिंग से टकराकर गिर गया। हादसे के बाद मेले में चीख-पुकार मच गई। एक दुकानदार राघव ने बताया कि झूला गिरने के बाद उन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर 7-8 लोगों को सुरक्षित नीचे उतारा, लेकिन तभी झूले का बाकी हिस्सा भी नीचे आ गिरा। घटना के तुरंत बाद पुलिस ने पूरे मेला ग्राउंड को खाली करा लिया। रिटायरमेंट से ठीक पहले गई जान मृतक इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद की पहचान पलवल जिले के चांदहट थाने के SHO के रूप में हुई है। वे इसी साल 31 मार्च को अपनी सेवा से रिटायर होने वाले थे। हादसे के वक्त वे ड्यूटी पर तैनात थे या पास ही मौजूद थे, जिसकी चपेट में आने से उनकी जान चली गई। प्रशासनिक कार्रवाई और उच्च स्तरीय जांच घटना की सूचना मिलते ही रात 10 बजे पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा मेला ग्राउंड पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद उन्होंने अस्पताल जाकर घायलों का हाल-चाल जाना। मंत्री ने कहा, "पूरे मामले की जांच के लिए ADC की अध्यक्षता में एक कमेटी बना दी गई है।" वहीं मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। सुरक्षा पर उठे सवाल मेले के नोडल अधिकारी हरविंद्र यादव ने दावा किया कि झूलों के निरीक्षण के लिए एक कमेटी बनाई गई थी जो रोजाना जांच करती थी। हालांकि, एक ही दिन में दो घटनाएं (झूला गिरना और गेट नंबर-2 का डिजाइनर गेट गिरना) प्रशासन की तैयारियों और सुरक्षा दावों पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। फरीदाबाद के DC आयुष सिन्हा ने कहा है कि वेंडर की लापरवाही की गहन जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

शेखावाटी में मौसम ने ली करवट, जानें आने वाले 7 दिन कैसा रहेगा हाल

सीकर राजस्थान में उत्तरी हवाओं का दबाव कम होने के चलते अब शेखावाटी में सर्दी का असर कम होने लगा है। सुबह और रात के तापमान में भी धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो रही है। मौसम विभाग के अनुसार अब एक सप्ताह तक शेखावाटी में इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना है, जिससे लोगों को धीरे-धीरे सर्दी से राहत मिलने लगेगी। इस बार शेखावाटी में न्यूनतम तापमान माइनस 3 डिग्री सेल्सियस तक चला गया था। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, आमतौर पर शेखावाटी में तेज सर्दी का कारण पहाड़ी इलाकों से आने वाली ठंडी हवाएं होती हैं। लेकिन इस बार पहाड़ी क्षेत्रों में भी केवल सीजन के आखिर में ही बर्फबारी हुई, जिसकी वजह से शेखावाटी में लंबे समय तक कड़ाके की सर्दी नहीं पड़ी। ठंड से मिली राहत इसी कारण फरवरी के दूसरे सप्ताह में ही लोगों को ठंड से राहत मिलना शुरू हो गई है। शेखावाटी में न्यूनतम तापमान भले ही 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना हुआ हो, लेकिन दोपहर में तापमान 25 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहने के चलते अब धूप में तेजी महसूस की जा रही है। मौसम विभाग का कहना है कि यदि प्रदेश के मौसम में कोई नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय नहीं होता है या पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी नहीं होती है, तो शेखावाटी में धीरे-धीरे गर्मी का असर बढ़ना शुरू हो जाएगा। फरवरी के शेष दो सप्ताह में भले ही सुबह और रात के समय सर्दी कुछ तेज रह सकती है, लेकिन मार्च के पहले सप्ताह से ही लोगों को ठंड से साफ तौर पर राहत मिलना शुरू हो जाएगी। नहीं होगा कोई बदलाव जयपुर मौसम केंद्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार, अभी एक सप्ताह तक राजस्थान और शेखावाटी के मौसम में किसी भी तरह का बड़ा बदलाव नहीं होगा। मौसम शुष्क बना रहेगा और इस दौरान तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव देखने को मिलता रहेगा।

नेशनल हाईवे बना मौत का रास्ता: कोहरे में ट्रक से टकराई बस, बड़ा सड़क हादसा

मधुबनी बिहार के मधुबनी जिले में घने कोहरे की वजह से सुबह करीब तीन बजे एनएच- 27 पर फुलपरास प्रखंड के पूरवारी टोल प्लाजा के पास वैशाली ट्रेवल्स की एक यात्री बस आगे चल रहे ट्रक से टकरा गई। हादसा इतना जबरदस्त था कि बस में सवार दर्जनों यात्री घायल हो गए। मौके पर मची अफरा-तफरी प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घना कोहरा होने के कारण द्दश्यता बेहद कम थी, जिससे चालक ट्रक को समय रहते नहीं देख सका और यह दुर्घटना हो गई। टक्कर के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए घायलों को बस से बाहर निकाला और अनुमंडल अस्पताल फुलपरास पहुंचाया। तीन यात्रियों की हालत गंभीर अस्पताल सूत्रों के मुताबिक घायलों में तीन यात्रियों की हालत गंभीर बनी हुई है। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने गंभीर रूप से घायल यात्रियों को बेहतर इलाज के लिये दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (डीएमसीएच) रेफर कर दिया है।

दरभंगा तनाव की गिरफ्त में: पुलिस पर हमला, जवाबी लाठीचार्ज; क्या थी विवाद की वजह?

दरभंगा बिहार के दरभंगा जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना के बाद माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण हो गया। विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के पटवा पोखरा के पास 8 साल की नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर दी गई। घटना से गुस्साए लोगों ने सड़क जाम कर दिया और आरोपी को तुरंत फांसी देने की मांग करने लगे। इसी दौरान प्रदर्शन कर रहे लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया, जिसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। पुलिस ने लोगों को दौड़ा-दौड़ाकर खदेड़ा। इस दौरान कई महिलाएं भी सड़क पर उतरकर पुलिस के खिलाफ हंगामा करती नजर आईं।  गुस्साए लोगों ने आरोपी की दुकान और उसके टेम्पो में आग लगा दी, जिससे स्थिति और भी बिगड़ गई। हालात काफी बेकाबू होते नजर आ रहे हैं। पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर मौजूद हैं और लगातार उपद्रव कर रहे लोगों को शांत कराने में जुटी हुई हैं, ताकि स्थिति को काबू में किया जा सके और कानून-व्यवस्था बहाल रहे। एसएसपी पहुंचे मौके पर, शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया घटना की सूचना मिलते ही एसएसपी जगुनाथ रेड्डी देर रात मौके पर पहुंचे और हालात को संभाला। बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया गया है। वहीं एफएसएल की टीम भी मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई है और जरूरी सैंपल जुटाए जा रहे हैं। खेलते समय गायब हुई थी बच्ची, रात में मिला शव बताया जा रहा है कि बच्ची शाम के समय घर से बाहर तालाब किनारे दूसरी बच्चियों के साथ खेलने गई थी। काफी देर तक घर नहीं लौटने पर परिजन उसकी तलाश करने लगे, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। देर रात इलाके में कुत्तों के ज्यादा भौंकने की आवाज सुनकर बच्ची के मामा वहां पहुंचे तो देखा कि बच्ची खून से लथपथ हालत में पड़ी हुई थी। शोर मचाने पर आसपास के लोग जुटे और देखा गया कि पास की दीवार पर भी काफी खून पड़ा हुआ था। बच्चों की गवाही और CCTV से पकड़ा गया आरोपी घटना की सूचना विश्वविद्यालय थाना पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू की और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। साथ खेल रही बच्चियों ने बताया कि विकास महतो बच्ची को जबरदस्ती खींचकर अंधेरे की ओर ले गया था। बच्चों की पहचान और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने आरोपी विकास महतो को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बच्ची के खून से सने कपड़े भी जब्त कर लिए हैं। इस घटना के बाद पूरे इलाके में भारी आक्रोश है। लोग आरोपी को तुरंत फांसी देने की मांग कर रहे हैं। पुलिस मौके पर तैनात है और हालात पर नजर रखे हुए है। प्रशासन का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है और आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की कार्रवाई की जाएगी।

65 लाख परिवार अब सुरक्षित, मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना का बड़ा असर

अमृतसर आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मुख्य प्रवक्ता और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि भगवंत मान सरकार द्वारा जनता से किए गए वादे जमीनी स्तर पर सच होते दिखाई दे रहे हैं। राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की दूरदर्शी सोच के चलते 'मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना' अब पूरी तरह प्रभावी हो चुकी है। आप नेता प्रभबीर सिंह बराड़ और गुरप्रताप सिंह संधू के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए धालीवाल ने बताया कि इस योजना के तहत पंजाब के लगभग 65 लाख परिवारों को 10 लाख रुपए तक के कैशलेस इलाज की सुविधा सुनिश्चित की गई है, जो विशेष रूप से गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। योजना की सफलता का जीवंत प्रमाण देते हुए धालीवाल ने गुरदासपुर के गांव गुरदासनंगल निवासी सुलखन सिंह का उदाहरण साझा किया। उन्होंने बताया कि दिहाड़ी मजदूरी करने वाले सुलखन सिंह अचानक दिल की गंभीर बीमारी की चपेट में आ गए थे, जिसके इलाज का खर्च डॉक्टरों ने करीब 3 लाख रुपए बताया था। आर्थिक तंगी के कारण परिवार के लिए यह खर्च उठाना असंभव था, लेकिन मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत मात्र एक दिन में उनका हेल्थ कार्ड तैयार किया गया। इसके बाद अमृतसर के एक निजी अस्पताल में बिना एक भी पैसा खर्च किए उनके दिल का सफल ऑपरेशन हुआ और स्टेंट डाले गए। धालीवाल ने कहा कि सुलखन सिंह का स्वस्थ होकर घर लौटना उन विरोधियों को करारा जवाब है जो सरकार की नीतियों को महज 'जुमलेबाजी' करार देते हैं। धालीवाल ने कहा कि पंजाब सरकार का मुख्य एजेंडा शिक्षा और स्वास्थ्य के ढांचे को मजबूत करना है। दोनों क्षेत्रों में निवेश कर सरकार आने वाली पीढ़ियों के लिए मजबूत और सुरक्षित भविष्य तैयार कर रही है। पिछली सरकारों के दौरान गरीब वर्ग महंगे इलाज के कारण या तो कर्ज में डूब जाता था या इलाज के अभाव में दम तोड़ देता था, लेकिन मान सरकार ने स्वास्थ्य को हर नागरिक का बुनियादी अधिकार बनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अस्पतालों की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि किसी भी मरीज को किसी प्रकार की परेशानी न हो और कोई भी अस्पताल कार्ड धारक से अतिरिक्त राशि की मांग न कर सके। आप नेता ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन्होंने दशकों तक सत्ता में रहकर इन बुनियादी सुविधाओं को नजरअंदाज किया, उन्हें आज बदलाव पच नहीं रहा है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत अपना हेल्थ कार्ड बनवाएं और इस जनकल्याणकारी योजना का पूरा लाभ उठाएं।

युवाओं के लिए खुशखबरी! नामी कंपनियों में जॉब पाने का मौका, 6 दिवसीय रोजगार मेले का आयोजन

ग्वालियर मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले से मानवता को झकझोर देने वाला सनसनीखेज मामला सामने आया है। बिजौली थाना क्षेत्र में दो सगी बहनों के साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया। पीड़िताओं में एक शादीशुदा महिला है, जबकि दूसरी उसकी नाबालिग बहन बताई जा रही है। आरोप है कि महिला के मौसेरे भाई धर्मेंद्र और उसके दोस्त अमन खान ने इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया। जानकारी के अनुसार महिला का पति अहमदाबाद में काम करता है। इसी का फायदा उठाकर दोनों आरोपी देर रात बहाने से पीड़ित बहनों के घर रुक गए। आरोपियों ने शादी का झांसा देकर दोनों बहनों के साथ दुष्कर्म किया और इसके बाद घर में रखे 40 हजार रुपये नगद तथा चांदी की पायल लूटकर फरार हो गए। घटना के बाद पीड़िता ने बिजौली थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दोनों आरोपियों के खिलाफ दुष्कर्म (IPC 376) सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है और मामले की गहन जांच जारी है।

भयानक हादसा: रातों-रात गिरी तीन मंजिला इमारत, दो लोगों की जान गई, 13 को अस्पताल पहुंचाया गया

कोटा राजस्थान के कोटा शहर में शनिवार देर रात एक बड़ा हादसा हो गया। तलवंडी इलाके में स्थित एक तीन मंजिला इमारत अचानक ढह गई, जिसमें कम से कम दो लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग मलबे में दब गए। इस इमारत में एक रेस्तरां चल रहा था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंचे और तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया। मलबा हटाने के लिए जेसीबी मशीन का इस्तेमाल किया गया। 15 लोगों को मलबे से निकाला गया, दो की मौत प्रशासन के अनुसार अब तक 15 लोगों को मलबे से बाहर निकाला जा चुका है। इनमें से दो लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 13 लोग घायल हैं और उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। वहीं, दो लोगों को मामूली चोटें आई थीं, जिन्हें प्राथमिक इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि अब मलबे में किसी के दबे होने की संभावना कम है, फिर भी एहतियात के तौर पर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रखा गया है। घायलों की पहचान सीएमएचओ नरेंद्र नागर के अनुसार घायलों की पहचान सुदीता (30) निवासी कोटा, शालीन सुवास्या (25) निवासी कुन्हाड़ी, मोहम्मद जहांगीर (30) निवासी महावीर नगर, भूपेंद्र (40) निवासी रंगबाड़ी, पूरब मीणा (24) निवासी जय हिंद नगर, बोरखेड़ा, तलब निवासी सुभाष नगर, नावेद (20) निवासी सुभाष नगर, रेस्टोरेंट मालिक मोहम्मद जहांगीर और मोहम्मद साबिर निवासी झारखंड के रूप में हुई है। इसके अलावा, रेस्क्यू टीम का कर्मचारी रॉकी डेनियल भी इस हादसे में घायल हुआ है। कोटा मेडिकल कॉलेज की प्रिंसिपल संगीता सक्सेना ने बताया कि कुल 10 लोग वहां लाए गए थे, जिनमें से दो को मृत घोषित कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि दो मरीज अभी अस्पताल में भर्ती हैं, जिन्हें मामूली चोटें आई हैं और उनका इलाज चल रहा है। वहीं, मामूली चोट वाले तीन मरीजों का इलाज करने के बाद उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि घायलों में एक व्यक्ति रेस्क्यू टीम का सदस्य भी था। कलेक्टर ने बताया इमारत गिरने का कारण जिला कलेक्टर पीयूष समारिया ने बताया कि जिस इमारत के गिरने की घटना हुई है, उसके बगल में एक पुरानी इमारत को तोड़ा गया था। कलेक्टर के मुताबिक, इसी वजह से इस इमारत की नींव कमजोर हो गई थी और यही हादसे का शुरुआती कारण माना जा रहा है। हालांकि, उन्होंने कहा कि पूरी सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी। मंत्री मदन दिलावर बोले- यह बड़ा हादसा है राज्य के कैबिनेट मंत्री मदन दिलावर ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह एक बड़ा हादसा है। लोकसभा अध्यक्ष और कोटा सांसद ओम बिरला के ओएसडी राजीव दत्ता ने कहा कि यह एक बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। उन्होंने बताया कि सूचना मिलते ही पूरा प्रशासन मौके पर पहुंच गया था। राजस्थान के ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कोटा मेडिकल कॉलेज का दौरा किया और बिल्डिंग गिरने से घायल हुए पीड़ितों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। ओम बिरला ने जताया दुख, अधिकारियों को दिए निर्देश लोकसभा अध्यक्ष और कोटा सांसद ओम बिरला ने इस हादसे पर दुख जताते हुए ट्वीट किया। उन्होंने कहा कि कोटा के इंद्रविहार में इमारत गिरने की घटना बेहद दुखद है और वह जिला प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में हैं। उन्होंने जिला कलेक्टर समेत संबंधित अधिकारियों को राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि हादसे में घायल सभी लोगों को उचित और शीघ्र इलाज मिले। ओम बिरला ने ईश्वर से सभी घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की और इस मुश्किल समय में प्रभावित परिवारों को शक्ति और धैर्य देने की कामना की।