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सागर में शिवराज सिंह ने रामकथा सुनी, बोले- ‘नेता बनने में नहीं, सच्चे आनंद में है’

सागर  कथा तो भगवान की ही सुनने लायक है. हर जीव के पास उसकी कथा से ज्यादा उसकी व्यथा है. भगवान की कथा जीव की व्यथा का हरण कर लेती है. प्रभु की कथा हम जितनी बार सुनते हैं नित्य नई लगती है और मन को शांति प्रदान करती है. ये बात पूज्य प्रेमभूषण जी महाराज ने व्यासपीठ से कही. पिछले सात दिनों से सागर स्थित रुद्राक्ष धाम में श्रीराम कथा का आयोजन चल रहा था, जिसका शुक्रवार 6 फरवरी को समापन हो गया. इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह और गोपाल भार्गव सहित कई जनप्रतिनिधि शामिल हुए. इसके बाद शिवराज सिंह ने रुद्राक्ष धाम पहुंचकर दक्षिण मुखी हनुमान जी के दर्शन और आरती कर आशीर्वाद लिया. कथा शुरू से आखिरी तक पढ़नी और सुननी चाहिए प्रेमभूषण जी महाराज ने कहा कि श्रीरामचरितमानस में भगवान की पूरी कथा है. मानस जी में ही लिखा है कि "भगवान की कथा अति हरि कृपा होने से ही प्राप्त होती है. कथा प्रारंभ से अंत तक पढ़नी और सुननी चाहिए, खंडित करके नहीं. जैसे कक्षा 2, 4, 5 में नहीं पढ़कर सीधे मास्टर की पढ़ाई नहीं की जा सकती." दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा की सागर के रुद्राक्ष धाम में पूर्व गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह द्वारा सात दिवसीय रामकथा का आयोजन कराया गया. पं. प्रेमभूषण महाराज की राम कथा को सुनने के लिए रोजाना हजारों की संख्या में भक्तगण पंडाल में पहुंचे. वहीं 1 फरवरी को दक्षिणमुखी श्याम वर्ण हनुमान मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा कर श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिया गया है. इस कार्यक्रम में स्थानीय नेता और जनप्रतिनिधियों ने भी पहुंचकर राम कथा का श्रवण किया. राम कथा सुनने सागर पहुंचे शिवराज सिंह श्रीराम कथा को सुनने के लिए शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सागर पहुंचे. जहां विधायक शैलेंद्र जैन, नरयावली विधायक प्रदीप लारिया और देवरी विधायक बृज बिहारी पटेरिया समेत अन्य बीजेपी पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया. इसके बाद वे सड़क मार्ग से होते हुए रुद्राक्ष धाम पहुंचे. यहां पहुंचकर उन्होंने प्रेमभूषण महाराज का पूजन कर आशीर्वाद लिया और भगवान के दर्शन कर कथा में शामिल हुए. 'सच्चा आनंद नेता बनने में नहीं बल्कि सेवक बनने में है' मंच से भक्तों को संबोधित करते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा,"सच्चा आनंद नेता बनने में नहीं बल्कि सेवक बनकर कार्य करने में है. मानव जीवन का अंतिम लक्ष्य परमात्मा की प्राप्ति और आनंद की अनुभूति है. शास्त्रों में भगवान को प्राप्त करने के 3 मार्ग बताए गए हैं ज्ञान, भक्ति और कर्म. मानव जीवन का परम लक्ष्य परमात्मा की प्राप्ति और समाज कल्याण के लिए होना चाहिए." 'बड़े सौभाग्यशाली हैं भूपेंद्र सिंह' मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, "व्यासपीठ पर विराजमान परमपूज्य पं. प्रेमभूषण जी महाराज का जीवन प्रेम, ज्ञान और भक्ति का अनुपम उदाहरण है. आत्मा के मोक्ष और जगत के कल्याण के लिए की जाने वाली उनकी कथाएं समाज को सही दिशा देती हैं." उन्होंने कहा कि "दक्षिणमुखी हनुमान जी के भव्य मंदिर का निर्माण कराने वाले भूपेन्द्र सिंह वास्तव में सौभाग्यशाली हैं. ऐसे कार्य केवल ईश्वर की विशेष कृपा से ही संभव होते हैं." 'रुद्राक्ष धाम के कण-कण में शिव हैं' खुरई विधायक भूपेंद्र सिंह ने कहा, "पिछले 7 दिनों में भगवान श्री राधाकृष्ण और दक्षिणमुखी हनुमान के दर्शन और श्रीरामकथा का आप सभी ने धर्म लाभ लिया. रुद्राक्ष धाम भगवान की जागृत भूमि है. यहां हमारे गुरु देव प्रभाकर शास्त्री दद्दा के सानिध्य में 2014 में 7 दिवस में 39 करोड़ पार्थिव शिवलिंग का निर्माण और उनका रुद्र अभिषेक हुआ था. ऐसा सौभाग्य प्राप्त करने वाली यह भारत की इकलौती भूमि है. 108 पुराण, श्रीमद्भागवत कथा भी उन 7 दिनों में हुई, इसलिए इसका नाम रुद्राक्ष धाम रखा गया, यहां के कण कण में शिव हैं." 

गुटखा व्यापारी वाधवानी की केस ट्रांसफर की अर्जी खारिज, कोर्ट ने आधार को बताया अविश्वसनीय

इंदौर  करोड़ों रुपये की टैक्स चोरी मामले में फंसे गुटखा व्यापारी किशोर वाधवानी को जिला कोर्ट से झटका लगा है। वाधवानी का केस एडीजे शुभ्रा सिंह की कोर्ट में चल रहा है। वाधवानी ने इस केस को किसी अन्य न्यायालय में ट्रांसफर करने के लिए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के समक्ष एक आवेदन दिया था। उसका कहना था कि जज शुभ्रा सिंह के पिता से उसके घनिष्ठ संबंध रहे हैं। ऐसे में निष्पक्ष सुनवाई और भविष्य में किसी विवाद से बचने के लिए केस को ट्रांसफर करना जरूरी है। अभियुक्तों से कभी कोई संबंध नहीं रहा इधर जज शुभ्रा सिंह ने कोर्ट को भेजी टिप्पणी में स्पष्ट कहा कि उनके पिता जस्टिस सिंह का अभियुक्तों से कभी कोई संबंध नहीं रहा। न तो उन्होंने अपने पिता से अभियुक्तों के संबंध में कभी कोई चर्चा सुनी और न ही अभियुक्तों को उनके पिता के निवास पर आते-जाते देखा। उनकी कोर्ट में पहले भी ये केस चला है, जिसे उन्होंने निराकृत किया था तथा उस समय कोई आपत्ति नहीं की गई थी। वह वर्ष 2009 से मार्च 2012 तक इंदौर में विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट-सीबीआइ थीं और उस दौरान भी उन्होंने अभियुक्तों के प्रकरणों की सुनवाई की थी। 17 सितंबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक केस चलाया वर्तमान में उन्होंने 17 सितंबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक केस चलाया है। चूंकि वह लगातार आरोप पर बहस के लिए कह रही हैं और इसके लिए लंबी-लंबी तारीख नहीं दी जा रही थीं, संभवत: इसी कारण से यह स्थानांतरण आवेदन प्रस्तुत किया गया है।  

चंदेरी से पीएम श्री हेलीकॉप्टर सेवा शुरु करने की तैयारी

चंदेरी इस पर्यटन नगरी से पीएम श्री पर्यटन हेलीकॉप्टर सेवा प्रारंभ किए जाने के लिए पर्यटन सचिव डॉ इलैयाराजा.टी द्वारा कलेक्टर अशोकनगर को चंदेरी हेलीपैड पर सुरक्षा व्यवस्था, एम्बुलेंस तथा फायर ब्रिगेड आदि की सुविधा उपलब्ध कराए जाने हेतु निर्देशित किया गया है।  चंदेरी से पीएम श्री हेलीकॉप्टर सेवा प्रारंभ किए जाने की मांग का व्यापक असर देखने को मिला है। क्षेत्रीय सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया की अनुशंसा पर मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा स्वीकृति प्रदान कर दी गई है जिस पर पर्यटन सचिव डॉ इलैयाराजा टी के द्वारा कलेक्टर जिला अशोकनगर को पीएम श्री हेलीकॉप्टर सेवा प्रारंभ किए जाने के लिए सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में पत्र लिखा है। जिससे शीघ्र ही सचिव पर्यटन के पत्र में यह उल्लेख किया गया है कि, जेट सर्व एवियशन प्राइवेट लिमिटेड हेलीकॉप्टर सेवा का संचालन प्रारंभ करेगी और भोपाल चंदेरी ओरछा के बीच हेलीकॉप्टर सेवा रहेगी।  सुरक्षा व्यवस्था एंबुलेंस एवं फायर ब्रिगेड पर आने वाले खर्च के लिए सर्विस प्रदाता एजेंसी जेट एवियशन इसका भुगतान करेगी और मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड इसके लिए कार्रवाई करेगा। चंदेरी एक पर्यटन नगरी होने के साथ-साथ बॉलीवुड के आकर्षण का केंद्र भी बनती जा रही है जहां पर फीचर फिल्म एवं धारावाहिकों की शूटिंग होती रहती है। कई पर्यटक भी हवाई सेवा का लाभ लेना चाहते थे, अब चंदेरी से हेलीकॉप्टर सेवा नियमित रूप से प्रारंभ होने जा रही है यह चंदेरी पर्यटन में बहुत बड़ी कार्रवाई हो रही है जिसका लाभ भविष्य में चंदेरी को अवश्य मिलेगा।

इंदौर में चौंकाने वाला मामला: मोबाइल पर शादी कार्ड और लिंक, क्लिक करने से खाली हो सकता है अकाउंट

 इंदौर इंदौर में साइबर ठगों ने ठगी का ऐसा तरीका अपनाया कि लोग पहले चौंके, फिर सतर्क हो गए. मामला कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष सदाशिव यादव के नाम से जुड़े एक फर्जी शादी के निमंत्रण कार्ड का है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया. यह डिजिटल कार्ड लोगों को शादी का न्योता दे रहा था, साथ में एक लिंक भी, जिस पर क्लिक करने की अपील की गई थी. शहर के कई लोगों के मोबाइल पर जब यह इनविटेशन कार्ड पहुंचा तो पहले तो उन्होंने इसे सामान्य समझा. तारीख लिखी थी… 24 फरवरी 2026… और भाषा भी बिल्कुल औपचारिक. लेकिन कुछ लोगों को लिंक देखकर शक हुआ. उधर, जब यह कार्ड खुद सदाशिव यादव तक पहुंचा, तो वे भी हैरान रह गए. उन्होंने तुरंत स्पष्ट किया कि यह इनविटेशन कार्ड पूरी तरह फर्जी है और उनके नाम का गलत इस्तेमाल किया गया है. सदाशिव यादव ने तुरंत सोशल मीडिया पर वीडियो और पोस्ट जारी कर लोगों को आगाह किया. उन्होंने कहा कि उनका मोबाइल या सोशल मीडिया अकाउंट हैक कर ये फैलाया जा रहा है. उन्होंने सभी परिचितों, कार्यकर्ताओं और रिश्तेदारों से अपील की कि इस कार्ड में दिए गए किसी भी लिंक को न खोलें और न ही इसे आगे फॉरवर्ड करें. इस मामले की जांच में सामने आया कि यह पूरा मामला साइबर ठगी से जुड़ा हो सकता है. ऐसे मामलों में ठग फर्जी निमंत्रण, कूरियर या इवेंट लिंक भेजकर लोगों से क्लिक करवाते हैं, जिससे उनके मोबाइल या बैंकिंग डिटेल्स तक पहुंच बनाई जा सके. कई बार लिंक पर क्लिक करते ही मैलवेयर इंस्टॉल हो जाता है या फर्जी वेबसाइट पर ले जाकर निजी जानकारी मांगी जाती है. इस मामले की शिकायत मिलते ही पुलिस और साइबर सेल सक्रिय हो गई. एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि प्रारंभिक जांच शुरू कर दी गई है और यह पता लगाया जा रहा है कि फर्जी कार्ड किस प्लेटफॉर्म से बनाया गया और सबसे पहले किस अकाउंट से शेयर हुआ. डिजिटल ट्रेल के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अनजान लिंक, डिजिटल कार्ड या संदिग्ध मैसेज से सावधान रहें, भले ही वह किसी परिचित या बड़े नाम से क्यों न आया हो. किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता जरूर जांच लें.

विधायक दिनेश राय मुनमुन के करकमलों से किये गये लाखों के विकास कार्यों के भूमिपूजन

 सिवनी  पिछले दिनों सिवनी विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री दिनेश राय मुनमुन जी ने विधानसभा के सर्वांगीण विकास को गति देने के संकल्प के साथ क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों का दौरा कर लाखों की लागत वाले सामुदायिक भवनों, टीन-शेड, नाली, सीसी मार्ग और सौंदर्यीकरण कार्यों का भूमिपूजन कर जनसंपर्क किया। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार भाजपा विधायक श्री दिनेश राय मुनमुन जी के विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत विकास कार्यों के भूमिपूजन एवं संघन जनसंपर्क का कारवां प्रातः 10:00 बजे ग्राम ढेंकी से प्रारंभ हुआ और देर शाम तक विभिन्न पंचायतों में उत्साह के साथ जारी रहा।भूमिपूजन एवं जनसंपर्क कार्यक्रम के तहत विधायक श्री दिनेश राय मुनमुन जी ने ग्राम परतापुर के शांतिधाम में स्थाई शेड, लखनवाड़ा में स्नान घाट व गार्डन सौंदर्यीकरण और संगई में नए स्नान घाट का भूमिपूजन किया गया। तथा ग्राम ढेंकी, जैतपुर कलां, कन्हरगांव, चांवडी, गोपालगंज, सुकवाह और बोरदई में भव्य सामुदायिक भवन निर्माण की आधारशिला रखी। वही ग्राम कातलबोडी में टीन-शेड, भण्डारपुर में अतिरिक्त कक्ष और बोरदई टेकरी में सीसी रोड व नाली निर्माण जैसे जनहितैषी निर्माण कार्यों का शुभारंभ किया। इस अवसर पर गांव-गांव मे कलश लेकर ढोल-बाजे से आगवानी की गयी तथा फूलमालाओं से आत्मीय स्वागत किया गया। इसके अलावा श्री राय ने ग्राम बोरदई मे श्री हरीश सनोडिया द्वारा आयोजित श्रीमद भागवत कथा मे सहभागिता किया। इस दौरान विधायक श्री दिनेश राय मुनमुन जी ने कहा कि ​मेरा लक्ष्य केवल ईंट पत्थर का ढांचा खड़ा करना नहीं, बल्कि अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना है। हर गांव को मुख्यधारा से जोड़ना ही मेरी प्राथमिकता है। इसके साथ ही विधायक श्री दिनेश राय मुनमुन जी ने केवल विकास कार्यों का भूमिपूजन ही नहीं किया, बल्कि चौपाल लगाकर आमजनों से सीधा संवाद किया। और ग्रामीणों की समस्याओं को पूरी आत्मीयता से सुना और मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को निराकरण के निर्देश दिए। इस अवसर पर सर्वश्री नितेश सनोडिया जी अध्यक्ष भाजपा मंडल लखनवाड़ा, रामजी चंद्रवंशी जी अध्यक्ष भाजपा मंडल करकोटी, श्याम मिलन पांडे जी, अभिषेक दुबे जी अध्यक्ष दक्षिण नगर मंडल, युवराजसिंह राहंगडाले जी अध्यक्ष उत्तर नगर मंडल, नितेन्द्र गुड्डू बघेल जी, विनय बघेल जी, राजू यादव जी, आसिफ जरदारी जी सरपंच, सचिन ठाकुर जी, विट्ठल पटेल जी, योगेश उईके जी सरपंच, नंदू यादव जी, राज पटेल जी, विनीश दुबे जी सहित भाजपा कार्यकर्ताओं, जिला पंचायत सदस्य, जनपद सदस्य, सरपंच, उपसरपंच, सचिव, पंचगणों ग्रामीणों एवं विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों की गरिमामय उपस्थिति रही।

करनाल में दूल्हे ने सिर्फ एक नोट रखकर लौटाए दहेज के 6 लाख रुपये

घरौंडा/करनाल. कस्बे में आयोजित एक विवाह समारोह ने दहेज प्रथा के खिलाफ समाज को करारा और प्रेरणादायक संदेश दिया। रेलवे रोड स्थित अग्रसेन भवन में 5 व 6 फरवरी की रात हुए इस विवाह में दूल्हे अंकित ने दुल्हन पक्ष द्वारा शगुन के रूप में दिए गए छह लाख रुपये नकद और अन्य सामान को बीच रस्म ही सम्मानपूर्वक लौटा दिया। इस कदम ने समारोह में मौजूद सभी लोगों को भावुक और आश्चर्यचकित कर दिया। शगुन की रस्म के दौरान जब दुल्हन पक्ष ने टीका कर नकदी भेंट की, तो दूल्हे अंकित ने उसे पहले माथे से लगाया और फिर तुरंत वापस कर दिया। उन्होंने 500 रुपये की गड्डी में से केवल एक नोट निकालकर शगुन के रूप में अपने पास रखा और स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह विवाह में किसी भी प्रकार का दहेज स्वीकार नहीं करेंगे। इतना ही नहीं, दूल्हे के परिजनों ने शादी में दिया जा रहा फर्नीचर और अन्य उपहार भी लौटा दिए। इसके बाद विवाह की सभी रस्में सादगी और उल्लासपूर्ण वातावरण में पूरी की गईं। अंकित मूल रूप से उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के सोना अर्जुनपुर गांव के निवासी हैं और वर्तमान में पंचकूला की एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं। वहीं, दुल्हन आरती घरौंडा की रहने वाली हैं, जिन्होंने स्नातकोत्तर शिक्षा प्राप्त की है और एक निजी स्कूल में शिक्षिका के रूप में कार्यरत हैं। आरती के पिता ओमबीर राणा ने बताया कि सामाजिक परंपरा के अनुसार दहेज की तैयारी की गई थी, लेकिन लड़के पक्ष ने पहले ही साफ कर दिया था कि उन्हें कुछ भी नहीं चाहिए। यह सोच इस परिवार में नई नहीं है। अंकित के बड़े भाई की शादी में भी दहेज नहीं लिया गया था और शगुन के रूप में मात्र एक रुपया स्वीकार किया गया था। घरौंडा की इस शादी ने यह संदेश दिया कि विवाह लेन-देन नहीं, बल्कि समानता, सम्मान और संस्कारों का पवित्र बंधन है।

अमृतसर हवाई अड्डे में संदिग्ध ड्रोन से मचा हड़कंप

अमृतसर. अमृतसर के श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां संदिग्ध ड्रोन की गतिविधि देखे जाने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया। इस घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियां और एयरपोर्ट प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया। मिली जानकारी के अनुसार यह घटना 5 फरवरी की रात को हुई, जब रात करीब 9 बजे हवाई अड्डे के आसपास एक ड्रोन उड़ता हुआ दिखाई दिया। सुरक्षा के मद्देनज़र प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए करीब एक घंटे के लिए हवाई अड्डे को पूरी तरह बंद कर दिया। इस गतिविधि का असर हवाई सेवाओं पर भी पड़ा। शारजाह से अमृतसर आ रही फ्लाइट को सुरक्षा कारणों से चंडीगढ़ डायवर्ट कर दिया गया। इसके साथ ही मलेशिया एयरलाइंस की उड़ान को भी दूसरे हवाई अड्डे पर भेजना पड़ा। फिलहाल प्रशासन द्वारा इस पूरे मामले की बारीकी से जांच की जा रही है और सुरक्षा एजेंसियां ड्रोन की पहचान व उसके संचालन से जुड़े लोगों का पता लगाने में जुटी हैं। 

हाईकोर्ट बार एसोसिएशन चुनाव पर रोक की याचिका खारिज

बिलासपुर. बिलासपुर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के चुनाव पर रोक लगाने की याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है, इसलिए अब हस्तक्षेप करना ठीक नहीं है। कोर्ट ने चुनाव से जुड़े विवादों का समाधान सही समय और मंच पर करने का निर्देश कहा है। याचिकाकर्ताओं ने महिला आरक्षण के साथ ही कार्यकारिणी का पद बढ़ाने को लेकर हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। मामले की सुनवाई जस्टिस एनके चंद्रवंशी की कोर्ट में हुई। दरअसल, बिलासपुर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के लिए 12 फरवरी को होने वाले चुनाव में अध्यक्ष सहित 17 पदों के लिए 61 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। एडवोकेट निरूपमा वाजपेयी ने हाई कोर्ट में यााचिका दायर कर कोर्ट बार एसोसिएशन के प्रशासक समिति द्वारा चुनाव प्रक्रिया को लेकर जारी अधिसूचना को चुनौती दी थी। याचिका में कहा गया कि बार एसोसिएशन की कार्यकारिणी 15 की थी, जिसे गलत तरीके से बढ़ाकर महिला आरक्षण तय किया गया है। जबकि, प्रशासक को कार्यकारिणी के पदों में वृद्धि करने का अधिकार नहीं है। केवल सामान्य सभा के जरिए ही पद बढ़ाने पर विचार किया जा सकता है, सामान्य सभा की अनुमति जरुरी है। हाई कोर्ट में याचिका दायर करने के बाद, चुनावी प्रक्रिया जारी रखने पर उन्होंने आवेदन भी प्रस्तुत किया था, जिसमें चुनाव पर रोक लगाने की मांग की थी। मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया, हाईकोर्ट बार एसोसिएशन का कार्यकाल खत्म हो चुका है, जिसके चलते हाई कोर्ट और राज्य अधिवक्ता परिषद ने प्रशासक नियुक्त किया है। प्रशासक ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हाई कोर्ट और राज्य अधिवक्ता परिषद से मार्गदर्शन लेकर चुनाव की प्रक्रिया शुरू की है। मामले में सभी पक्षों को सुनने के बाद जस्टिस एनके चंद्रवंशी ने कहा, चुनावी प्रक्रिया शुरू हो गई और मतदान की तारीख के साथ ही नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी हो चुकी है। ऐसे में चुनाव पर रोक नहीं लगाई जा सकती।

मंदसौर में आज बंद, बछड़े का कटा सिर मिलने और आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर हुआ विरोध

मंदसौर मंदसौर शहर के जीवागंज क्षेत्र में बछड़े का कटा सिर मिलने के मामले में आरोपित की गिरफ्तारी नहीं होने के विरोध में सर्व हिंदू समाज, विहिप और ओर बजरंग दल ने शनिवार को मंदसौर बंद रखा। सुबह से ही रैली निकालकर कार्यकर्ता शहर में घूमकर दुकानें बंद कराते रहे। उल्लेखनीय है कि 5 फरवरी को 3 बजे जीवागंज में गाय के बछड़े का कटा हुआ सिर मिलने के बाद हिंदू संगठन कार्यकर्ताओं ने नयापुरा रोड पर कुछ देर चक्काजाम कर दिया था। आज बंद की दी थी चेतावनी इस दौरान पुलिस अधिकारियों व हिंदू संगठन पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं के बीच तनातनी भी हुई थी। बाद में सभी रैली के रुप में घंटाघर पर शहर कोतवाली पहुंचे व ज्ञापन सौपा। जिसमे चेतावनी दी गई कि जल्द ही आरोपियों को नहीं पकड़ा गया तो 7 फरवरी को मंदसौर बंद करेंगे। इसके बाद 8 फरवरी को राजमार्ग को बंद करेंगे। पुलिस ने अभी जीवागंज वाले मामले में आरोपित को नहीं पकड़ा है। इसके चलते शनिवार सुबह से ही हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता शहर में घूमकर बंद कराते रहे।  

मुख्यमंत्री योगी की दो टूक, चाइनीज मांझे से होने वाली मृत्यु हादसा नहीं, हत्या है

चाइनीज मांझा बेचने वालों पर योगी सरकार का बड़ा एक्शन, पूरे नेटवर्क की सघन जांच शुरू मुख्यमंत्री योगी की दो टूक, चाइनीज मांझे से होने वाली मृत्यु हादसा नहीं, हत्या है ऑनलाइन सप्लायर से लेकर गोदामों तक जीरो-टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई तेज स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता अभियान, बच्चों और युवाओं से अपील,चाइनीज मांझे से दूर रहें दुर्घटना हुई तो स्थानीय पुलिस-प्रशासन भी जिम्मेदार माना जाएगा लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देशों के बाद प्रदेशभर में चाइनीज मांझे के खिलाफ व्यापक कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि चाइनीज मांझे की वजह से होने वाली मृत्यु कोई ‘साधारण हादसा’ नहीं है, बल्कि ‘हत्या’ जैसी गंभीर वारदात है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया है कि इसके उत्पादन, बिक्री, भंडारण और परिवहन से जुड़े हर व्यक्ति पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री के निर्देश पर सभी जिलों में थोक विक्रेताओं, ऑनलाइन सप्लायर्स, परिवहन चैनल और गोदामों की सघन जांच कर पूरे अवैध नेटवर्क को खत्म करने का आदेश दिया गया है। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश में चाइनीज मांझे की एक भी रील न बिके और न ही कहीं स्टोर हो पाए। इसके लिए जिलों में विशेष अभियान चलाया जाएगा।  हर जिले में एक नोडल अधिकारी को 24×7 मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स, सोशल मीडिया ग्रुप्स और अनौपचारिक चैनलों के जरिए होने वाली अवैध बिक्री पर भी सख्त नजर रखी जाएगी, ताकि किसी भी तरीके से इसकी आपूर्ति को रोका जा सके। सरकार अब इस अभियान को जन-सहयोग से भी जोड़ रही है। स्कूलों और कॉलेजों में व्यापक जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे, ताकि बच्चों और युवाओं को बताया जा सके कि चाइनीज मांझा प्रतिबंधित होने के साथ-साथ जानलेवा भी है। बाजारों और पतंग विक्रेताओं को आगाह किया जा रहा है कि कहीं भी चाइनीज मांझा मिलता पाया गया तो तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा है कि किसी क्षेत्र में चाइनीज मांझे से कोई घटना हुई तो केवल विक्रेता ही नहीं, बल्कि स्थानीय पुलिस और प्रशासन भी जिम्मेदार माना जाएगा।