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फरवरी में तापमान बढ़ने से पंजाब के किसानों की गेहूं फसल पर संकट

चंडीगढ़. मौसम विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने बताया है कि फरवरी महीने में देश के अधिकांश हिस्सों में तापमान सामान्य से अधिक और वर्षा सामान्य से कम रहने की संभावना है, विशेषकर उत्तर-पश्चिम भारत में, जिसमें पंजाब भी शामिल है। इस सूचना के बाद कृषि विशेषज्ञों और किसानों में फसलों पर संभावित प्रभाव को लेकर चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मौसम रबी फसलों, विशेषकर गेहूं पर नकारात्मक असर डाल सकता है। फरवरी में गेहूं की बल्ली में दाना बनना शुरू होता है और इस समय यह दूध जैसे तरल पदार्थ के रूप में होता है। यदि तापमान औसत से अधिक रहा, तो यह दाना सूख सकता है, जिससे दाने का आकार छोटा होने की संभावना बढ़ जाती है। यदि ऐसा हुआ, तो यह चौथी बार होगा जब पंजाब के किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। पंजाब में औसतन धान की पैदावार 185 लाख टन होती है, लेकिन पिछले वर्ष बाढ़ और चाइनीज वायरस के कारण यह घटकर 156 लाख टन रह गई। पंजाब में हेक्टेयर पर धान की औसत पैदावार 6,624 किलो है, जबकि पिछले वर्ष यह 5,722 किलो प्रति हेक्टेयर रही।

बिहार में मद्य निषेध और रजिस्ट्रेशन विभाग का बजट बढ़ा

पटना. बिहार विधानसभा में आज वित्त मंत्री विजेंद्र यादव ने वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया. सरकार का कहना है कि वह सभी वर्गों का सम्मान करते हुए लोगों का जीवन आसान बनाने की दिशा में काम कर रही है. इस बार बिहार का बजट 3 लाख 47 करोड़ रुपये से ज्यादा का है, जो पिछले कुछ वर्षों की तुलना में काफी बड़ा है. सरकार के अनुसार, भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है और बिहार भी दूसरे राज्यों के मुकाबले तेजी से आगे बढ़ रहा है.  2026-27 के लिए बिहार का कुल बजट 3,47,589.76 करोड़ रुपये है, जो पिछले साल से करीब 30,694 करोड़ ज्यादा है. बजट का मकसद बिहार को आर्थिक रूप से मजबूत और हर क्षेत्र में विकसित राज्य बनाना है. केंद्र सरकार से मिले सहयोग से राज्य की कई विकास योजनाओं को गति मिली है. सात निश्चय-3 (2025-2030) के तहत बिहार को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने का लक्ष्य है. योजना का फोकस प्रति व्यक्ति आय दोगुनी करना, 1 करोड़ रोजगार देना और महिलाओं को सशक्त बनाना है.  1.56 करोड़ से ज्यादा महिलाओं वाले स्व-सहायता समूहों को पहले 10,000 रुपये मिल चुके हैं, आगे कारोबार बढ़ाने के लिए 2 लाख तक मदद मिलेगी.  अनुसूचित जाति के 94 लाख गरीब परिवारों को सूक्ष्म उद्यमी बनाने की योजना है. कृषि, डेयरी और पशुपालन जैसे क्षेत्रों में आय बढ़ाने के लिए 50,000 करोड़ रुपये का निजी निवेश लाने का लक्ष्य रखा गया है. हर प्रखंड में डिग्री और इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने पर जोर है. जिला अस्पतालों को सुपर स्पेशियलिटी स्तर तक अपग्रेड किया जाएगा, ताकि बेहतर इलाज जिले में ही मिल सके. 5 नए एक्सप्रेस-वे और बिजली ढांचे के विस्तार से बुनियादी सुविधाएं मजबूत होंगी. शहरी गरीबों के लिए बड़ी संख्या में बहुमंजिला पक्के घर बनाए जाएंगे. बुजुर्गों को घर पर स्वास्थ्य सेवाएं और जन्म-मृत्यु जैसी सुविधाएं देने की योजना है. 2004-05 में 23,885 करोड़ से बढ़कर बजट अब 3.47 लाख करोड़ पहुंच गया है, जो राज्य की बढ़ती आर्थिक क्षमता दिखाता है. कुल खर्च में 35.14% राजस्व और 64.86% पूंजीगत व्यय है, यानी इंफ्रास्ट्रक्चर पर ज्यादा जोर. पुराने कर्ज चुकाने के लिए 22,664.83 करोड़ रुपये रखे गए हैं. कुल कर राजस्व 2,85,277.12 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है. राज्य अपने करों से करीब 65,800 करोड़ रुपये कमाएगा, जिसमें सबसे बड़ा हिस्सा GST का होगा. बजट में राजकोषीय घाटा 39,111.80 करोड़ रुपये (लगभग 2.99%) है, जो तय सीमा के अंदर है.

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कैबिनेट की बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी दी उप मुख्यमंत्री अरुण साव

रायपुर. उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज मंत्रालय में राज्य कैबिनेट की बैठक के बाद पत्रकार-वार्ता को संबोधित किया। उन्होंने पत्रकार-वार्ता में कैबिनेट की बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी दी।  

UN में भारत की आवाज: केंद्रीय राज्यमंत्री ने साझा किया ‘विकसित भारत’ का लक्ष्य

धार   संयुक्त राज्य अमेरिका के न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में आयोजित संयुक्त राष्ट्र सामाजिक विकास आयोग के 64वें सत्र को संबोधित करते हुए भारत की ओर से महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री एवं मध्य प्रदेश के धार जिले से सांसद सावित्री ठाकुर ने सामाजिक न्याय, समावेशन एवं सतत विकास से जुड़े वैश्विक विषयों पर भारत का सशक्त पक्ष अंतरराष्ट्रीय मंच पर रखा। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि, भारत का विकास दृष्टिकोण 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' की भावना पर आधारित है, जिसमें समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास के लाभ पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकता है। सांसद सावित्री ठाकुर ने महिलाओं, बच्चों, वंचित वर्गों, दिव्यांगजनों और कमजोर तबकों के सशक्तिकरण के लिए भारत सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, नीतिगत पहलों और नवाचारों को साझा किया। मंत्री ठाकुर ने कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 'विकसित भारत' का संकल्प सिर्फ आर्थिक उन्नति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य सामाजिक सुरक्षा, समान अवसर, लैंगिक समानता और मानवीय गरिमा के साथ हर नागरिक के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाना है। महिला सशक्तिकरण, पोषण, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में भारत ने उल्लेखनीय प्रगति की है। भारत वैश्विक साझेदारी को नई दिशा देगा मंत्री ठाकुर ने ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ की भारतीय दर्शन को रेखांकित करते हुए कहा कि भारत अपने समावेशी विकास के अनुभवों को विश्व समुदाय के साथ साझा कर वैश्विक सहयोग को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है। भारत मानता है कि सतत और समावेशी विकास ही विश्व शांति, स्थिरता और समृद्धि का आधार है। अंत में मंत्री ठाकुर ने कहा कि भारत संयुक्त राष्ट्र के मंच पर सामाजिक विकास के वैश्विक लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए निरंतर सक्रिय भूमिका निभाता रहेगा और मानव कल्याण को केंद्र में रखकर वैश्विक साझेदारी को नई दिशा देगा।  

सीएम विष्णु देव साय की अध्यक्षता में कैबिनेट मीटिंग, विकास से जुड़े अहम फैसले

रायपुर. मुख्यमंत्रीविष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए – मंत्रिपरिषद की बैठक मादक पदार्था की रोकथाम की दिशा में बड़ा निर्णय लेते हुए मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रदेश के 10 जिलों में जिला स्तरीय एन्टी नारकोटिक्स टॉस्क फोर्स के गठन हेतु वित्तीय वर्ष 2025-26 के मुख्य बजट में प्रावधानित 100 नवीन पदों की  स्वीकृति प्रदान की गई। इसमें रायपुर, महासमुंद, बिलासपुर, दुर्ग, बस्तर, सरगुजा, कबीरधाम, जशपुर, राजनांदगांव एवं कोरबा जिला शामिल हैं।  मंत्रिपरिषद की बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के मुख्य बजट में पुलिस मुख्यालय के विशेष शाखा अंतर्गत एस.ओ.जी. (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) के गठन के लिए प्रावधानित 44 नवीन पदों की स्वीकृति प्रदान की गई है। एसओजी का काम किसी भी बड़ी या अचानक हुई घटना में तुरंत मौके पर पहुँचकर हालात को संभालना और आतंकी हमला या गंभीर खतरे को जल्दी खत्म करना होता है। एसओजी एक खास तरह की प्रशिक्षित टीम होती है, जिसे ऐसे खतरनाक कामों के लिए तैयार किया जाता है।  मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य के विभिन्न एयरपोर्ट एवं हवाई पट्टियों में उड़ान प्रशिक्षण संगठन (एफटीओ) की स्थापना का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया तथा इसके संचालन के दिशा-निर्देशों का अनुमोदन किया गया। जिसके तहत छत्तीसगढ़ में पायलट प्रशिक्षण की सुविधा के लिए राज्य में उड़ान प्रशिक्षण संगठन की स्थापना की जाएगी। विमानन क्षेत्र में बढ़ती मांग को देखते हुए और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए यह संस्थान उपयोगी होगा। इससे एयरक्राफ्ट रिसाइकिलिंग, हेलीकॉप्टर बंकिंग तथा एयरो स्पोर्ट्स जैसी सुविधाएं विकसित होगी। फ्लाइट ट्रेनिग ऑर्गनाइजेशन की स्थापना निजी सहभागिता से किया जाएगा।  मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-26 का अनुमोदन किया गया। इस नीति से स्टार्टअप ईको सिस्टम के साथ-साथ इन्क्यूबेटर्स एवं अन्य हितधारकों का विकास होगा। छत्तीसगढ़ को देश में एक प्रमुख नवाचार केन्द्र के रूप में विकसित किया जा सकेगा। भारत सरकार के उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग द्वारा जारी स्टेट्स स्टार्टअप रैंकिंग में सुधार होने से राज्य में निवेश का आकर्षण बढ़ेगा। मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल और रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा बनाई गई और पूरी हो चुकी 35 आवासीय कॉलोनियों को नगर निगम और नगर पालिकाओं को सौंपने का निर्णय लिया गया है। इन कॉलोनियों में खुले भू-खंड, उद्यान और अन्य सार्वजनिक सुविधाएं शामिल होंगी। हालांकि, आवासीय, व्यावसायिक और अर्द्धसार्वजनिक बिक्री योग्य संपत्तियां इसमें शामिल नहीं होंगी। अभी इन कॉलोनियों का हस्तांतरण नहीं होने के कारण वहां रहने वाले लोगों को कई मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। कॉलोनियों के रखरखाव के लिए निवासियों को दोहरा खर्च उठाना पड़ रहा है। एक ओर वे नगर निगम को संपत्ति कर दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर गृह निर्माण मंडल को भी रखरखाव शुल्क देना पड़ता है। इन कॉलोनियों के हस्तांतरण से नगरीय निकायों द्वारा यहां पानी, बिजली, सड़क, सफाई जैसी सुविधाएं दी जा सकेंगी और कॉलोनीवासियों को अतिरिक्त रखरखाव शुल्क से राहत मिलेगी। मंत्रिपरिषद द्वारा नवा रायपुर अटल नगर में शासकीय विभागों तथा निगम मंडल के कार्यालयों के लिए नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण द्वारा एक वृहद बहुमंजिला भवन बनाने का निर्णय लिया गया है और यहां विभागों को स्पेस आबंटित किया जाएगा, ताकि भूमि का पूर्ण उपयोग किया जा सके।  मंत्रिपरिषद द्वारा सिरपुर एवं अरपा क्षेत्र में सुनियोजित विकास और विकास कार्यों को गति देने के लिए संबंधित क्षेत्र में शासकीय भूमि के आबंटन का अधिकार संबंधित जिले के कलेक्टर को प्रदान किया गया है।  गौरतलब है कि सिरपुर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण एवं अरपा विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण का उद्देश्य संबंधित नदी तटीय क्षेत्रों का योजनाबद्ध और समग्र विकास करना है। इसके लिए मास्टर प्लान के क्रियान्वयन, भूमि नियोजन एवं नगर विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जाना आवश्यक है। विकास कार्यों को गति देने के लिए शासकीय भूमि का आबंटन जरूरी था। वर्तमान में दोनों प्राधिकरणों की वित्तीय स्थिति को देखते हुए शासकीय भूमि का आबंटन रु. 1/- प्रीमियम एवं भू-भाटक पर किए जाने का निर्णय लिया गया है। साथ ही, भूमि आबंटन के अधिकार संबंधित जिला कलेक्टरों को दिया गया है।  मंत्रिपरिषद ने ‘‘छत्तीसगढ़ क्लाउड फर्स्ट नीति‘‘ को प्रदेश में लागू किए जाने की स्वीकृति प्रदान की है। छत्तीसगढ़ क्लाउड फर्स्ट नीति का प्रस्ताव छत्तीसगढ़ शासन के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा प्रस्तुत किया गया।  छत्तीसगढ़ क्लाउड फर्स्ट नीति के अनुसार राज्य शासन के सभी विभाग, उपक्रम एवं स्वायत्त संस्थाएं केवल भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा अनुमोदित क्लाउड सेवा प्रदाताओं या भारत में स्थित सुरक्षित डेटा सेंटर एवं डिजास्टर रिकवरी सेंटर से ही क्लाउड सेवाएं लेंगी। किसी विशेष या असाधारण आवश्यकता के लिए राज्य क्लाउड परिषद से अनुमति लेना अनिवार्य होगा।  नीति के तहत कम प्राथमिकता वाले एप्लिकेशन एवं आर्काइव डेटा का क्लाउड माइग्रेशन वर्ष 2027-28 तक तथा उच्च प्राथमिकता सेवाओं का माइग्रेशन 2029-30 तक किया जाएगा। सभी नए एप्लिकेशन क्लाउड-नेटिव तकनीक पर विकसित किए जाएंगे।  कैबिनेट ने इस नीति में भविष्य में आवश्यक संशोधन करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग को अधिकृत किया है। इस नीति से आईटी ढांचे में लागत में कमी, संचालन में दक्षता, बेहतर साइबर सुरक्षा, आपदा के समय सेवाओं की निरंतरता तथा नागरिक सेवाओं की 24×7 उपलब्धता सुनिश्चित होगी। साथ ही नागरिकों के डेटा की सुरक्षा, पारदर्शिता और ट्रैकिंग व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी। मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य में डिजिटल अवसंरचना को विस्तार देने के लिए मोबाइल टावर योजना का अनुमोदन किया गया है। भौगोलिक विषमता और वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में मोबाइल कनेक्टिविटी सीमित होने से शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन बाधित हो रहा है। इस योजना से मोबाइल टावर स्थापना हेतु चयनित सेवा प्रदाताओं को अनुमति और प्रशासनिक स्वीकृतियों की प्रक्रिया को सरल और समयबद्ध किया जाएगा।  मोबाइल टावर योजना के अंतर्गत चयनित मोबाइल नेटवर्क विहीन बसाहटों में टावर की स्थापना की जाएगी। डिजिटल कनेक्टिविटी से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी, ई गवर्नेंस सेवाओं का विस्तार होगा सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। योजना से सुरक्षा व्यवस्था में भी सुधार होगा विशेष कर वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित क्षेत्रों में संचार सुविधा उपलब्ध होने से प्रशासनिक कार्य में पारदर्शिता और दक्षता आएगी। मोबाइल टावर योजना के लागू होने से सार्वजनिक वितरण प्रणाली, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, आपातकालीन सेवाएं … Read more

‘वूमेन फॉर वेटलैण्ड्स’ अभियान को मिली नई पहचान, मुख्यमंत्री ने पोस्टर किया लॉन्च

रायपुर. विश्व आर्द्रभूमि दिवस  के अवसर पर बीते दिनों मुख्यमंत्रीविष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री निवास में ‘वुमेन फॉर वेटलैण्ड्स ’ अभियान के पोस्टर का अनावरण किया,इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश में आर्द्रभूमि एवं प्राकृतिक जल-स्रोतों के संरक्षण हेतु चलाए जा रहे इस अभियान की सराहना की। मुख्यमंत्रीसाय ने कहा कि जल ही जीवन है और आर्द्रभूमियां मानव सभ्यता की अमूल्य धरोहर हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की मातृशक्ति को इस पवित्र अभियान से जोड़ना पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रेरणादायी कदम है। मुख्यमंत्रीसाय ने यह भी कहा कि “नदियां, तालाब, कुएं, पोखर और आर्द्रभूमियां केवल जल-स्रोत नहीं, बल्कि जीवनदायिनी प्रकृति की पहचान हैं। इन्हें बचाना हम सभी का सामूहिक दायित्व है।” प्रज्ञा निर्वाणी चला रहीं व्यापक जन-जागरण अभियान ‘वूमेन फॉर वैटलैंड्स ’ अभियान की संस्थापक एवं  महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष प्रज्ञा निर्वाणी द्वारा प्रदेशभर में आर्द्रभूमि संरक्षण हेतु निरंतर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, इस अभियान के अंतर्गत तालाब, नहर, कुएं, नदियों एवं प्राकृतिक जल-स्रोतों के संरक्षण के लिए महिलाओं को संगठित किया जा रहा है। प्रज्ञा निर्वाणी ने मुख्यमंत्री को नवागढ़ स्थित गिधवा-परसदा-नगधा पक्षी विहार क्षेत्र को रामसर साइट घोषित करने हेतु ज्ञापन भी सौंपा, मुख्यमंत्रीसाय ने कहा कि “महिलाएं प्रकृति की प्रथम संरक्षक हैं,यदि मातृशक्ति आगे आएगी तो जल-स्रोतों का संरक्षण जन-आंदोलन बन जाएगा।” पोस्टर अनावरण कार्यक्रम के दौरान प्रसन्ना अवस्थी, प्राची शर्मा, प्रणीता शर्मा, आरविका अवस्थी सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।

योगी सरकार का मिशन, यीडा के सेक्टर-28 के अंतर्गत 350 एकड़ में आकार ले रहा मेडिकल डिवाइस पार्क

यीडा बना मेडिकल डिवाइस मैन्युफैक्चरिंग का नया केंद्र, 101 यूनिट्स को भूमि आवंटन योगी सरकार का मिशन, यीडा के सेक्टर-28 के अंतर्गत 350 एकड़ में आकार ले रहा मेडिकल डिवाइस पार्क मेडिकल डिवाइस पार्क में 188.15 एकड़ भूमि औद्योगिक इकाइयों के लिए आरक्षित 203 प्लॉट्स में निवेश की रफ्तार तेज, 101 का आवंटन, 49 ने लिया पजेशन और 12 में निर्माण कार्य शुरू 22 नए प्लॉट्स आवंटन के लिए प्रस्तावित, 11 फरवरी तक किया जा सकेगा आवेदन ग्रीन जोन, वेयरहाउस और कमर्शियल एरिया के साथ समग्र प्लानिंग, निवेशकों को मिल रहा सिंगल-विंडो सपोर्ट लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश मेडिकल डिवाइस मैन्युफैक्चरिंग का हब बनाने की दिशा में तेजी से अग्रसर है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के सेक्टर-28 में 350 एकड़ में विकसित हो रहा मेडिकल डिवाइस पार्क अब कागजी योजना से निकलकर जमीन पर उतर चुका है, जहां निवेश, आवंटन और निर्माण तीनों स्तरों पर ठोस प्रगति दर्ज की गई है। योजना के अंतर्गत यहां अब तक न सिर्फ 100 से अधिक प्लॉट्स का आवंटन कर दिया गया है, बल्कि एक दर्जन इकाइयों ने अपना निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया है। जल्द ही यहां प्रोडक्शन भी शुरू होने की संभावना है।  उल्लेखनीय है कि यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण में विकसित हो रहा मेडिकल डिवाइस पार्क, योगी सरकार के उस विजन का प्रतीक है, जिसमें उत्तर प्रदेश को नीति, इन्फ्रास्ट्रक्चर व भरोसा, तीनों स्तरों पर निवेशकों का पसंदीदा राज्य बनाया जा रहा है। यह पार्क आने वाले वर्षों में यूपी को मेडिकल डिवाइस मैन्युफैक्चरिंग का नया पावरहाउस बना सकता है। 203 इंडस्ट्रियल प्लॉट में 101 का आवंटन मेडिकल डिवाइस पार्क के अंतर्गत 188.15 एकड़ भूमि औद्योगिक इकाइयों के लिए आरक्षित की गई है, जिसमें विभिन्न आकार के कुल 203 इंडस्ट्रियल प्लॉट विकसित किए गए हैं। अब तक 101 प्लॉट का आवंटन हो चुका है। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि यीडा क्षेत्र में मेडिकल डिवाइस सेक्टर को लेकर निवेशकों का भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है। धरातल पर उतर रहा निवेश यीडा द्वारा जारी प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, 85 निवेशकों ने लीज प्लान जमा किया है, जबकि 62 लीज डीड निष्पादित हो चुकी हैं। 49 यूनिट्स ने साइट का पजेशन भी ले लिया है। 23 इकाइयों के भवन मानचित्र स्वीकृत हो चुके हैं तो 12 इकाइयों में निर्माण कार्य भी प्रारंभ हो चुका है। यह प्रगति योगी सरकार के सिंगल विंडो सिस्टम, समयबद्ध स्वीकृति और नीति-स्थिरता का सीधा प्रमाण मानी जा रही है। ग्रीन, वेयरहाउस व कमर्शियल जोनों के साथ यीडा का समग्र मॉडल यीडा इस मेडिकल डिवाइस पार्क को केवल एक इंडस्ट्रियल क्लस्टर नहीं, बल्कि एक फुल-फ्लेज्ड इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम के रूप में विकसित कर रहा है। इसके तहत 9.02 एकड़ में वेयरहाउस प्लॉट, 18.66 एकड़ में ग्रीन एरिया, 46.43 एकड़ में कॉमन फैसिलिटी एरिया, 4.84 एकड़ में कमर्शियल सेक्टर और 79.10 एकड़ में पार्किंग व रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर का विकास किया गया है, जिससे उत्पादन के साथ-साथ लॉजिस्टिक्स, पर्यावरण और वर्कफोर्स सुविधाओं का संतुलन सुनिश्चित हो सके। नए आवंटन की प्रक्रिया तेज, निवेश के लिए फिर खुले अवसर मेडिकल डिवाइस पार्क में औद्योगिक इकाइयों के लिए उपलब्ध शेष भूमि में से 10.32 एकड़ भूमि पर नए आवंटन के लिए 12 जनवरी 2026 को योजना की शुरुआत की गई है। इस योजना के तहत कुल 22 नए प्लॉट आवंटन के लिए प्रस्तावित हैं, जिनमें 1000 वर्गमीटर के 11 प्लॉट, 2100 वर्गमीटर के 9 प्लॉट तथा 5940 वर्गमीटर के 2 प्लॉट शामिल हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 11 फरवरी 2026 तय की गई है। योगी मॉडल को मिलेगी अंतर्राष्ट्रीय पहचान उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि यीडा की रणनीतिक लोकेशन, एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी और एयरपोर्ट इकोसिस्टम के साथ योगी सरकार की उद्योगोन्मुख नीतियों का मेल उत्तर प्रदेश को मेडिकल डिवाइस सेक्टर में राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय पहचान दिला सकता है। यह परियोजना आयात पर निर्भरता घटाने के साथ-साथ मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्यों को भी मजबूती देती है।

मुख्यमंत्री का निर्देश, अयोध्या में वरिष्ठ भवन परिसर में तैयार होगी ‘वैदेही आर्ट गैलरी’

सीता मइया के दिव्य चरित का ज्ञान करायेगी 'वैदेही आर्ट गैलरी': मुख्यमंत्री  मुख्यमंत्री का निर्देश, अयोध्या में वरिष्ठ भवन परिसर में तैयार होगी 'वैदेही आर्ट गैलरी' मिथिला की संस्कृति, लोकपरंपरा और कला के विविध आयामों को गैलरी में प्रमुखता से दर्शाएं: मुख्यमंत्री   लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीअयोध्या धाम में माता सीता के जीवन-चरित पर केंद्रित 'वैदेही आर्ट गैलरी' की स्थापना के निर्देश दिए हैं। बुधवार को आवास एवं शहरी नियोजन विभाग की बैठक में उन्होंने कहा कि सीता मइया भारतीय संस्कृति, मर्यादा और नैतिक आदर्शों की अनुपम प्रेरणा हैं, और नई पीढ़ी को उनके उज्ज्वल चरित्र से गहराई से परिचित कराना समय की आवश्यकता है। आर्ट गैलरी की परिकल्पना साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अत्याधुनिक गैलरी केवल एक कला-संग्रहालय न होकर, सीता माता के जीवन, त्याग, करुणा, मर्यादा, धैर्य और शक्ति का आधुनिक तकनीक के माध्यम से पुनर्पाठ प्रस्तुत करने वाली एक जीवंत सांस्कृतिक अनुभव-स्थली होनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि इस गैलरी की कथा-वस्तु, डिजाइन, विज़ुअल भाषा, कला और तकनीक सहित सभी आयाम इस भावना को प्रकट करे कि हम एक दिव्य विरासत का पुनर्पाठ कर रहे हैं, जिसे नई पीढ़ी के सामने प्रेरणास्रोत के रूप में स्थापित किया जाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वैदेही आर्ट गैलरी की मूल भावना यही हो कि आगंतुक सीता माता के जीवन-संदेश को केवल देखें नहीं, बल्कि उसे अनुभव करें, समझें और आत्मसात करें। अयोध्या विकास प्राधिकरण के साथ संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर के निकट वशिष्ठ भवन परिसर में विकसित की जा सकती, जहां प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि इस गैलरी का विकास अयोध्या के वैश्विक सांस्कृतिक नगर के रूप में उभरने के प्रयासों का एक महत्वपूर्ण चरण होगा। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से निर्देश दिया कि मिथिला की संस्कृति, लोकपरंपरा और कला के विविध आयामों को गैलरी में प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाए।

बिहार की हर पंचायत में बनेगा मॉडल स्कूल और बाजार

अरवल. बिहार सरकार ने आम बजट पेश किया है जिसमें प्रत्येक पंचायत में एक मॉडल स्कूल की स्थापना करने की प्रावधान लाया है। जिले में 64 पंचायत हैं, सभी पंचायत में मॉडल स्कूल के होने से ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के स्तर में सुधार होगा। ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को निजी स्कूल के जैसा शिक्षा सरकारी स्कूल में मिलेगा। सरकार ने डिजिटल शिक्षा का बढ़ावा देने के लिए भी बजट जारी किया है। डिजिटल शिक्षा मिलने से विद्यार्थी घर पर ही स्कूल के सिलेबस मोबाइल और लैपटॉप के माध्यम से पढ़ सकेंगे। जिले में मेडिकल कॉलेज की घोषणा सरकार ने की है। मेडिकल कॉलेज बन जाने से जिलेवासियों को इलाज के लिए दूसरे जिले पर निर्भरता खत्म हो जाएगी। अभी जिले भर में कहीं भी ट्रामा सेंटर या फिर गंभीर रूप से बीमार लोगों का इलाज के लिए कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है। ग्रामीण क्षेत्रों में बाजार की घोषणा इसके अलावा स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा दिलाने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में बाजार का निर्माण का भी घोषणा इस बजट में हुआ है, जिससे स्थानीय किसानों को सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा। शहरी क्षेत्र में पेयजल, सीवरेज की और राष्ट्रीय मानक के अनुसार ठोस कचड़ा प्रबंधन की व्यवस्था करने का भी बजट पास हुआ है। अरवल नगर परिषद में सीवरेज और कचरा प्रबंधन की व्यवस्था नहीं है। अब इसकी व्यवस्था हो जाएगी, जिससे शहर स्वच्छ और सुंदर बनेगा। प्रत्येक कमिश्नरी में स्किल सेंटर का निर्माण करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके निर्माण होने से बेरोजगार रोजगार करने के लिए कला सीखेंगे जिससे पलायन रुकेगा। बजट को लेकर आम लोगों ने अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दी है।     इस बजट में ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक मॉडल विद्यालय की स्थापना करने का निर्णय बहुत ही अच्छा है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा का स्तर में सुधार होगा। -चंदन कुमार     ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल शिक्षा देने का प्रस्ताव बजट में किया गया है। डिजिटल शिक्षा के माध्यम से पढ़ाई को बच्चे अच्छी तरह और जल्दी समझ लेंगे, साथ ही स्कूल का सिलेबस ऑनलाइन उपलब्ध होगा। -अरविंद कुमार     प्रत्येक कमिश्नरी में स्किल सेंटर की स्थापना करने के लिए इस बजट में प्रावधान किया गया है। युवा को स्किल देखकर रोजगार देने की भी बात कही गई है। इस केंद्र की स्थापना हो जाने से युवाओं को रोजगार मिलेगा जिससे पलायन रुकेगा। -यशवंत कुमार     इस बजट के बाद जिले में मेडिकल कॉलेज बनने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। यहां मेडिकल कॉलेज बन जाने के बाद स्थानीय लोगों को इलाज के लिए दूसरे जिले पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। जिससे जिलेवासियों को बड़ा राहत मिलेगा। -सुषमा कुमारी     स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने इस बजट में ग्रामीण क्षेत्रों में बाजार विकसित करने का घोषणा किया है। इससे सबसे ज्यादा फायदा स्थानीय किसानों को होगा। किसान उचित दाम पर अपना उत्पाद बाजार में बेच सकेंगे। -गुड़िया देवी     शहरी क्षेत्र में सीवरेज और ठोस कचरा प्रबंधन की व्यवस्था करने की बात इस बजट में कही गई है। शहर में कचरा प्रबंधन और सीवरेज की व्यवस्था नहीं है। यह दोनों व्यवस्था हो जाने पर शहर साफ और सुंदर दिखेगा। -अन्नू कुमारी

फार्मर आईडी और प्राकृतिक खेती पर दिया जाए विशेष ध्यान

फार्मर आईडी और प्राकृतिक खेती पर दिया जाए विशेष ध्यान कलेक्टर की अध्यक्षता में कृषि विभाग की समीक्षा बैठक सम्पन्न बड़वानी  शासन द्वारा किसानों को समय पर एवं पारदर्शितापूर्वक उर्वरक उपलब्ध हो इस हेतु नवीन उर्वरक वितरण प्रणाली अंतर्गत ई-विकास प्रणाली (ई-टोकन) लागू की गयी है। आगामी खरीफ सीजन में कृषकों को ई-विकास पोर्टल के माध्यम से ई-टोकन द्वारा उर्वरक वितरण किया जाना, जिसके अनुरूप    कृषकों की फ़ॉर्मर आईडी अनिवार्य रूप से बनाई जाए । ताकि किसी भी कृषक को खाद प्राप्त करने में असुविधा न हो।      उक्त निर्देश कलेक्टर श्रीमती जयति सिंह बुधवार कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कृषि विभाग की महत्वपूर्ण योजनाओं एवं कार्याे की विस्तृत समीक्षा बैठक के दौरान दिए।  बैठक में जिले के शत-प्रतिशत किसानों की फार्मर आईडी बनाने के कार्य में गति लाने के निर्देश दिए, साथ ही स्पष्ट किया कि आगामी बैठक में लक्ष्य अनुरूप कार्य न करने पर संबंधित अधिकारी/कर्मचारी की जवाबदेहिता तय कर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।     प्राकृतिक कृषि को जन-आंदोलन बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कृषि अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे किसानों को रसायनों का उपयोग कम करने और जैविक खाद अपनाने हेतु प्रेरित करें। आत्मा योजना के अंतर्गत ब्लॉक लेवल पर पदस्थ बीटीएम साथ समन्वय कर नियमित रूप से फील्ड पर जाय एवं कार्य योजना को धरातल पर उतारने के निर्देश दिए।पीएम कृषक सूर्य मित्र योजना के अंतर्गत किसानों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए इस योजना के तहत व्यापक प्रचार-प्रसार एव नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए। सोलर पंप के माध्यम से किसान न केवल सिंचाई की लागत कम कर सकेंगे, बल्कि ऊर्जा संरक्षण में भी योगदान देंगे।      बैठक में संयुक्त कलेक्टर श्री रवि वर्मा उप संचालक किसान कल्याण एवं कृषि विभाग श्री केसी वास्कले, एसएलआर श्रीमती शीतल सोलंकी सहित कृषि विभाग का समस्त मैदानी अमला उपस्थित रहा।