samacharsecretary.com

रायपुर में काटने की शिकायत पर आवारा कुत्तों को पकड़ा

रायपुर. नगर पालिक निगम रायपुर द्वारा एनिमल बर्थ कण्ट्रोल (एबीसी) कार्यक्रम को निरंतर एवं प्रभावी रूप से क्रियान्वित किया जा रहा है। जिसके अंतर्गत प्रतिदिन औसतन 15-20 आवारा श्वानों को पकडकर उनका टीकाकरण, नसबंदी (डिवार्मिंग / स्टेरिलाईजेशन) किया जा रहा है, जिससे आवारा श्वानों की संख्या नियंत्रण में लायी जा सके तथा नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो। चंद्रशेखर आजाद वार्ड के सम्बंधित क्षेत्र से शिकायत प्राप्त होते ही नगर पालिक निगम, रायपुर की डॉग कैचिंग टीम द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए आवारा श्वानों को पकड़ा गया, जिनका नियमानुसार टीकाकरण /बधियाकरण / डिवार्मिंग की कार्यवाही की जायेगी। निगम को निदान 1100, आमजन एवं अन्य माध्यमों से प्राप्त शिकायतों का त्वरित निराकरण प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। उक्त कार्यवाही माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के पूर्ण परिपालन में की जा रही है। इसी कड़ी में नगर पालिक निगम, रायपुर के समस्त जोनों के अंतर्गत सभी वार्डों में श्वानों के लिए फीडिंग स्थल चिह्नांकित कर लिए गए हैं तथा संबंधित स्थलों पर सूचना बोर्ड भी चस्पा कर दिए गए हैं, ताकि निर्धारित स्थानों पर ही भोजन व्यवस्था सुनिश्चित हो एवं अनियंत्रित भोजन वितरण से उत्पन्न समस्याओं पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके। नगर पालिक निगम, रायपुर द्वारा यह सतत प्रयास किया जा रहा है कि पशु कल्याण के साथ-साथ नागरिकों की सुरक्षा, स्वच्छता एवं जनसुविधा बनी रहे। भविष्य में भी उक्त कार्यक्रम को और अधिक सुदृढ़ करते हुए सतत रूप से जारी रखा जाएगा।

चाकू दिखाकर स्कूली छात्रा का अपहरण कर छेड़छाड़

रायगढ़. जिले में बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर रायगढ़ पुलिस बेहद सख्त और सतर्क है। महिला थाना और कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने बालिका से छेड़छाड़ और जबरन उठाने के गंभीर मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक शाकिब खान (24 साल) निवासी पूरी बगीचा चांदमारी रायगढ़ को हिरासत में ले लिया है। पीड़ित बालिका ने महिला थाना में दिए लिखित आवेदन में बताया कि वह आरोपी को पहले से जानती-पहचानती है और शाकिब बीते दो वर्षों (वर्ष 2023 से) लगातार जबरन बातचीत करता था, रास्ते में पीछा कर परेशान करता था। इसकी जानकारी उसने अपने परिजनों को दी थी, जिसके बाद उसके पिता उसे स्कूल छोड़ने जाने लगे थे। बालिका ने बताया कि वर्ष 2023 में भी आरोपी द्वारा उसके साथ छेड़छाड़ की गई थी, जिससे वह मानसिक रूप से काफी परेशान रहने लगी थी। बालिका के अनुसार 26 जनवरी को तबीयत खराब होने के बावजूद वह स्कूल गई थी। गणतंत्र दिवस रैली के दौरान अस्वस्थ होने के कारण वह स्कूल में ही रुकी रही और सुबह करीब 9 बजे मैडम से अनुमति लेकर घर के लिए निकली। इसी दौरान आरोपी शाकिब खान सफेद रंग की ईको कार से पहुंचा, गाड़ी से उतरकर चाकू जैसे हथियार से डराया-धमकाया और जबरन गाड़ी में बैठाकर पहाड़ मंदिर मार्ग की ओर ले गया, जहां गलत नियत से छेड़छाड़ की। इसके बाद दोपहर करीब 1 बजे स्कूल के सामने गली में छोड़कर फरार हो गया और घटना किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। पुलिस कार्यवाही आरोपी धरपकड़ घटना की जानकारी मिलने पर बालिका ने अपने शिक्षक और परिजनों को पूरी बात बताई, जिसके बाद महिला थाना में अपराध क्रमांक 05/2026 धारा 137(2), 74, 75(2), 78(2) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 एवं 8 पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। प्रकरण एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के संज्ञान में आते ही तत्काल कोतवाली थाना और महिला थाना स्टाफ को आरोपी की गिरफ्तारी में लगाया गया। पुलिस टीम ने त्वरित घेराबंदी कर आरोपी शाकिब खान को दबोच लिया। महिला थाना प्रभारी उप निरीक्षक दीपिका निर्मलकर द्वारा पीड़िता से विस्तृत पूछताछ कर घटनास्थल का निरीक्षण कराया गया तथा वीडियो बयान लिया गया। आरोपी के मेमोरेंडम पर घटना में प्रयुक्त चाकू और ईको कार सीजी 13 बी बी 1840 को जब्त किया गया है। आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेजने की प्रक्रिया की जा रही है। इस संपूर्ण कार्यवाही में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक सुखनंदन पटेल, महिला थाना प्रभारी उप निरीक्षक दीपिका निर्मलकर, सहायक उप निरीक्षक विल्फ्रेड मसीह, संदीप भगत और हमराह स्टाफ की अहम भूमिका रही है। एसएसपी रायगढ़ शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट कहा कि “ जिला पुलिस बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सजग है। बालिकाओं से छेड़छाड़, छींटाकशी या किसी भी प्रकार की आपराधिक हरकत बर्दाश्त नहीं की जाएगी और ऐसे तत्वों के खिलाफ पुलिस सख्त से सख्त कार्रवाई करेगी। बालिका से छेड़खानी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है। ” बालिका एवं परिजन ऐसी घटनाओं की सूचना बेझिझक पुलिस को दें जिससे ऐसे तत्वों पर सख्त कार्यवाही की जा सके और ऐसी घटनाओं को लगाम लगाया जा सकें।

इंदौर में महिला की हत्‍या कर कपड़े बदल कर भागे आरोपी

इंदौर. महिला की हत्या में शामिल बदमाश पुलिस को छका रहे है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज से आरोपितों का पीछा कर रही है। आरोपित कपड़े बदल कर भागे है। आरोपित घटना स्थल के आसपास ही देखे गए है। बाणगंगा थाना क्षेत्र स्थित नंदबाग निवासी गायत्री धीमान की घर में ही गला घोंटकर हत्या कर दी थी। बदमाश वारदात के बाद महिला के हाथ पैर बांध कर मुंह में कपड़ा ठूंस कर भागे थे। गायत्री सुपर कॉरिडोर स्थित आईटी कंपनी में हाऊस किपिंग का काम करती थी। पुलिस ने घटना स्थल के सीसीटीवी फुटेज निकाले तो दो बदमाश स्कूटर से भागते हुए नजर आए। पुलिस ने टिगरिया बादशाह क्षेत्र से सीसीटीवी फुटेज की कड़ियां जोड़ी तो पता चला बदमाशों ने चकमा देने के लिए कपड़े भी बदल लिए थे। करीब 20 किमी घुमने के बाद आरोपित पुन:घटना स्थल के आसपास आए हैं। जोन-3 के डीसीपी राजेश व्यास ने तीन टीमों का गठन किया है। आरोपितों की गिरफ्तारी पर इनाम भी घोषित किया है। पुलिस के अनुसार आरोपितों के बारे में कुछ भी पता नहीं चल रहा है। महिला की सीडीआर में भी नंबर नहीं है। स्वजन ने भी पहचाने से इनकार किया है। युवक को अगवा करने वाले बदमाश बिहार भागे 28 वर्षीय युवक को अगवा कर पीटने वाले बदमाश बिहार भाग गए है। पुलिस आरोपितों की तलाश में जुटी है। बाणगंगा थाना क्षेत्र निवासी युवक को चाचा-चाची और उसके साथियों ने जमीन के लिए अगवा किया था। युवक को शाजापुर स्थित दोस्त के खेत पर पेड़ से बांधा और गरम सरिये से नाजुक स्थानों पर दागा। पीड़ित के खिलाफ ही नाबालिग बेटी से दुष्कर्म की रिपोर्ट लिखवा दी। चोट के कारण पुलिस ने पीड़ित को अस्पताल पहुंचाया लेकिन उसकी मौत हो गई। पुलिस ने चाचा चाची सहित तीन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया लेकिन अन्य फरार हो गए।

एम्स भोपाल में लिफ्ट का गेट खुलते ही महिला का मंगलसूत्र लेकर भागा चोर

भोपाल. भोपाल एम्स को हाई-सिक्योरिटी स्वास्थ्य संस्थान माना जाता है। रविवार शाम को स्त्री रोग विभाग में अटेंडर के साथ हुई वारदात से महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अस्पताल परिसर की लिफ्ट में उनके साथ चेन स्नेचिंग की वारदात हुई। इस घटना का सीसीटीवी वीडियो सोमवार को वायरल हो गया। पीड़िता का नाम वर्षा सोनी है। वह स्त्री रोग विभाग में अटेंडर हैं। ड्यूटी के दौरान ब्लड बैंक के पीछे स्थित लिफ्ट से अकेली आ रही थीं। इसी दौरान मास्क और टोपी पहने एक युवक लिफ्ट में घुसा। वह उनसे नेत्र रोग विभाग का फ्लोर पूछने लगा। लिफ्ट तीसरे फ्लोर पर पहुंची, तो युवक पहले बाहर निकला। फिर अचानक लौटकर महिला के गले से मंगलसूत्र छीनने की कोशिश की। महिला ने विरोध किया, लेकिन युवक ने धक्का देकर खुद को छुड़ा लिया। वह सीढ़ियों से नीच की ओर भाग निकला। वह महिलाका मंगलसूत्र लेकर फरार हो गया। मोतियों की माला टूटकर गिर गई। पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है। इस दौरान लिफ्ट एरिया में कोई भी सुरक्षा गार्ड मौजूद नहीं था। वारदात के बाद पीड़िता दस मिनट तक बैठी रोती रही। उसके बाद राउंड पर आए गार्ड ने इसकी जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी। महिला ने बागसेवनिया थाने में शिकायत दर्ज कराई है। रविवार की छुट्टी की वजह से गार्ड थे कम रविवार को छुट्टी रहती है। इसी वजह से सुरक्षा व्यवस्था भी ढीली कर दी गई थी। आरोपी आईपीडी गेट से निकलकर फरार हो गया। एम्स परिसर में पहले चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन लिफ्ट के अंदर महिला से चेन स्नेचिंग का यह पहला मामला है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की तलाश कर रही है।

उमरिया में गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में कपड़े बदल रही छात्राओं का वीडियो बनाकर शिक्षकों पर हमला

उमरिया. ग्राम पिपरिया स्थित हाईस्कूल में गणतंत्र दिवस कार्यक्रम के दौरान 3 से 4 नशे में धुत युवकों ने छात्राओं के कपड़े बदलने के लिए निर्धारित कक्ष में घुसकर मोबाइल से फोटो-वीडियो बनाने की कोशिश की। रोकने पर उन्होंने शिक्षकों पर हमला किया। घटना के बाद पीड़ित शिक्षकों ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। मामला जिले के ग्राम पिपरिया स्थित हाईस्कूल का है। राष्ट्रीय महापर्व गणतंत्र दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा था, जहां स्कूली छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लिया था। बताया गया कि कार्यक्रम में भाग लेने के लिए छात्राओं के कपड़े बदलने के लिए एक कमरा तय किया गया था, जहां पुरुषों का आना मना था। कार्यक्रम के दौरान ही कुछ 3 से 4 नशेड़ी विद्यालय के उस कमरे में जा घुसे। कपड़े बदल रही छात्राओं का मोबाइलों से फोटो वीडियो बनाने लगे। इस दौरान ऑपरेटर रजनीश तिवारी और पुरुषोत्तम तिवारी कार्यक्रम में अतिथि के तौर पर आए शिक्षक दिलीप मिश्रा ने युवकों को ऐसी घिनौनी हरकत करने से मना किया। नशे में धुत युवकों ने तीनों शिक्षकों पर हमला कर दिया। जमकर मारपीट की। गनीमत रही कि कार्यक्रम में उपस्थित अन्य लोगों ने समय पर झगड़े में बीच बचाव कर शिक्षकों की जान बचाई। शिक्षकों ने कराया मामला दर्ज घटना की पुलिस में शिकायत के बाद मौके पर आए पुलिस वालों के साथ भी आरोपियों द्वारा जमकर गाली गलौज की गई। पीड़ित शिक्षकों द्वारा थाना कोतवाली पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। देखना होगा पुलिस इन अपराधियों पर क्या कार्रवाई करती है।

नरसिंहपुर में कार पलटने से चार दोस्त गंभीर घायल

नरसिंहपुर. शहर के बायपास रोड स्थित महर्षि स्कूल के पास सोमवार रात एक अनियंत्रित कार पलट गई। इस दुर्घटना में कार सवार चार किशोर गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। सूचना मिलते ही तत्काल मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया। घायलों की पहचान कृष्णा तिवारी, अंश दुबे, सहज राजपूत और अर्णव जाट के रूप में हुई है। जिला अस्पताल में प्राथमिक इलाज के बाद दो किशोरों की नाजुक हालत को देखते हुए उनका सीटी स्कैन कराया गया और बेहतर इलाज के लिए उन्हें लक्ष्मी नारायण अस्पताल रेफर किया गया। बचे दो घायलों का इलाज वर्तमान में जिला अस्पताल में ही चल रहा है। मिली जानकारी के अनुसार, वर्तमान में सभी की स्थिति स्थिर बनी हुई है। पुलिस ने मामले को संज्ञान में लेते हुए दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है कि आखिर कार अनियंत्रित होकर कैसे पलटी।

एम्स भोपाल के शोध में बड़ा अलर्ट: रात को जागना और मोबाइल की लत कैंसर के जोखिम को बढ़ा रहे

 भोपाल  अगर आप भी ऐसे लोगों में शुमार हैं जो रात में घंटों मोबाइल की स्क्रीन से चिपके रहते हैं या फिर आपकी नींद का कोई तय समय नहीं है, तो अपनी जीवन शैली बदल डालिए। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) भोपाल के शोध में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि नींद की गड़बड़ी सीधे तौर पर कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी को न्योता दे रही है। शोध के मुताबिक, नींद प्रभावित होने से शरीर का सुरक्षा तंत्र इस कदर कमजोर हो जाता है कि कैंसर कोशिकाएं पैर पसारने लगती हैं। 'कुदरती अलार्म' की महत्ता बताई एम्स भोपाल में जैव रसायन विभाग के प्रोफेसर डॉ. अशोक कुमार और उनकी टीम ने इस शोध के जरिए शरीर में चलने वाले उस 'कुदरती अलार्म' की महत्ता बताई है, जिसे वैज्ञानिक भाषा में 'सर्कैडियन रिद्म' यानी जैविक घड़ी कहते हैं। डॉ. अशोक ने बताया कि हमारा शरीर दिन और रात के एक चक्र में काम करने के लिए बना है। यही चक्र हमारी नींद, पाचन, हार्मोन और सबसे महत्वपूर्ण रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) को कंट्रोल करता है। देर रात तक जागने, नाइट शिफ्ट में काम करने और अनियमित दिनचर्या से जैविक घड़ी पटरी से उतर जाती है। शरीर की रक्षा कोशिकाएं भी 'सुस्त' पड़ जाती हैं ऐसी स्थिति में शरीर की रक्षा कोशिकाएं भी 'सुस्त' पड़ जाती हैं और कैंसर कोशिकाएं हमारी ऊर्जा प्रणाली पर कब्जा कर लेती हैं। धीरे-धीरे कैंसर कोशिकाएं इतनी शक्तिशाली हो जाती हैं कि हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली उन्हें पहचान कर नष्ट ही नहीं कर पाती। इंटरनेशनल जर्नल में मिली पहचान, मिला सम्मान डॉ. अशोक कुमार ने यह शोध डॉ. आशुतोष श्रीवास्तव (केजीएमयू लखनऊ), मनेन्द्र सिंह तोमर और मोहित के सहयोग से पूरा किया है। इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित जर्नल 'स्लीप मेडिसिन रिव्यूज' में प्रकाशित किया गया है। साथ ही डॉ. अशोक कुमार को 'बेस्ट पेपर अवार्ड' से नवाजा गया। आमजन के लिए 'सुरक्षा मंत्र'     सोने का समय तय करें रोज एक तय समय पर सोएं और जागें ताकि जैविक घड़ी संतुलित रहे।     सोने से एक घंटा पहले मोबाइल, लैपटॉप और टीवी की स्क्रीन से दूरी बना लें।     अनियमित खान-पान शरीर के मेटाबॉलिज्म को बिगाड़ता है। समय पर भोजन करें।     नींद और कैंसर के बीच छुपे संबंध पर यह शोध समाज के लिए एक वेक-अप कॉल है। यह वैज्ञानिक उपलब्धि न केवल चिकित्सा जगत के लिए मूल्यवान है, बल्कि आम लोगों को यह समझाने में भी कारगर होगी कि स्वस्थ जीवनशैली ही कैंसर के खिलाफ सबसे मजबूत सुरक्षा कवच है।     -डॉ. माधवानन्द कर, कार्यपालक निदेशक एवं सीईओ, एम्स भोपाल।  

होली पर बिहारवासी अब बिना ट्रेन के धक्के खाए पहुंचेंगे घर, लग्जरी बसें होंगी उपलब्ध!

पटना  होली के मौके पर बिहार से बाहर काम या पढ़ाई करने वाले लाखों प्रवासी बिहारियों के लिए बड़ी राहत की खबर है. ट्रेन में भारी भीड़ और कन्फर्म टिकट न मिलने की परेशानी से जूझ रहे लोगों को इस बार बिहार सरकार ने सीधा और सुरक्षित विकल्प दिया है. होली के त्योहारी सीजन में यात्रियों को घर तक पहुंचाने की जिम्मेदारी अब राज्य सरकार भी उठाएगी. दरअसल, बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (बीएसआरटीसी) ने होली के अवसर पर अलग-अलग राज्यों से बिहार के लिए होली स्पेशल बसों के संचालन की तैयारी शुरू कर दी है. 15 फरवरी से 15 मार्च तक कुल लगभग 200 अंतरराज्यीय बसें चलाई जाएंगी. इन बसों के लिए टिकटों की बुकिंग ऑफलाइन के साथ-साथ ऑनलाइन भी होगी. तीन कैटेगरी की बस बीएसआरटीसी की ओर से चलाई जाने वाली ये फेस्टिवल स्पेशल बसें एसी डीलक्स और नॉन-एसी डीलक्स श्रेणी की होंगी. हर बस में 50 से 60 सीटों की क्षमता होगी, ताकि यात्रियों को आरामदायक सफर मिल सके. यात्रियों को अतिरिक्त राहत देने के लिए राज्य सरकार इन बसों के किराये पर विशेष छूट भी देगी. टिकट बुकिंग की शुरुआत एक फरवरी से हो जाएगी. ये विशेष बसें पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मोड पर चलाई जाएंगी. दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और झारखंड के प्रमुख रूटों पर इनका संचालन किया जाएगा. फिलहाल विभाग रूट निर्धारण और किराये को अंतिम रूप देने में जुटा है. इनमें से सबसे अधिक बसें दिल्ली के लिए होंगी. यहां से कर सकेंगे टिकट बुक यात्री बीएसआरटीसी की आधिकारिक वेबसाइट https://bsrtc.bihar.gov.in/ पर जाकर आसानी से टिकट बुक कर सकेंगे. भुगतान के लिए यूपीआई, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड और नेट बैंकिंग की सुविधा उपलब्ध रहेगी. यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए चिन्हित बस पड़ावों पर महिला और पुरुष यात्रियों के लिए स्वच्छ शौचालयों की व्यवस्था भी की जाएगी. पहले भी हुई थी पहल बीएसआरटीसी ने पिछले साल भी त्योहारी सीजन में इसी तरह की पहल की थी. 20 सितंबर से 19 नवंबर 2025 तक करीब 220 अंतरराज्यीय फेस्टिवल बसों का संचालन किया गया था. इससे लगभग 2.50 लाख यात्रियों को लाभ मिला. उस दौरान औसतन रोजाना 107 बसें एकतरफा चलीं, जिनमें 81 प्रतिशत सीटें भरी रहीं और आठ हजार से अधिक टिकट ऑनलाइन बुक हुए थे. होली के बाद बिहार से पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान के लिए सीधी सरकारी बस सेवा शुरू करने की भी तैयारी है. बिहार के अलग-अलग जिलों से कुल 150 नई अंतरराज्यीय बसों का परिचालन किया जाएगा. इसके लिए संबंधित राज्यों की सरकारों के साथ अंतरराज्यीय परिवहन समझौते की प्रक्रिया चल रही है. यह अगले महीने तक पूरी होने की उम्मीद है.

राज्य स्तरीय पुष्प महोत्सव वाइब्रेंट की थीम पर, प्रदेश में उगाए गए फूलों का होगा प्रदर्शन

भोपाल  "वाइब्रेंट" की थीम पर 30 जनवरी 2026 को आयोजित होने वाला "राज्य स्तरीय पुष्प महोत्सव" बहुउदेशीय होगा। पुष्प महोत्सव के भव्य आयोजन के लिये तैयारियों की समीक्षा बैठक आयुक्त अरविंद दुबे की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इसमें राज्य स्तरीय रोज सोसायटी के प्रदेश अध्यक्ष सच्चिदानंद गर्दे सहित अन्य पदाधिकारी और विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। आयुक्त दुबे ने कहा कि प्रदेश में फूलों की व्यावसायिक खेती को बढ़ावा देने और कृषकों की आय में वृद्धि को प्रोत्साहित करने के लिये पुष्प महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। राज्य सरकार वर्ष 2026 को कृषि वर्ष के रूप में मना रही है। इसमें कृषि, एवं उद्यानिकी फसल उत्पादन और फूड प्रोसेसिंग को बढ़ावा देना सरकार का मूल लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश, देश का प्रमुख पुष्प उत्पादन राज्य है। मध्यप्रदेश में मुख्यत: गुलाब, जरबेरा, गेंदा, सेवंती, रजनीगंधा, ग्लेडियोलस, आर्किड, लिलियम, एंथुरियम, कारनेशन, गुडहल, बोगनवेलिया आदि फूलों का उत्पादन होता है। पुष्प महोत्सव का उद्देश्य प्रदेश वासियों को ध्यान इस ओर आकर्षित कराना भी है। इस पुष्प महोत्सव के सफल आयोजन के लिये उद्यानिकी विभाग द्वारा पुष्प उत्पादन कृषकों, नर्सरी संचालकों, फूलों का व्यवसाय करने वाले व्यपारियों, रोज सोसाइटी सहित अन्य सामाजिक संस्थाओं, क्लबों को जोड़ा गया है। दुबे ने कहा कि महोत्सव में भाग लेने सभी प्रतिभगियों को विभाग द्वारा पूर्ण सहयोग और समर्थन दिया जाएगा। पुष्प उत्पादकों के मध्य स्वस्थ्य प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी, उत्कृष्ठ स्थान पाने वालों को पुरस्कृत और सम्मानित किया जाएगा।  

मध्य प्रदेश सरकार ने ट्रांसफर पॉलिसी में किया बदलाव, उच्च शिक्षा विभाग को मिली राहत

भोपाल  उच्च शिक्षा विभाग ने असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति और स्थानांतरण नीति में बड़ा बदलाव कर वर्षों से चली आ रही व्यवस्था को समाप्त कर दिया है। अब तक नव नियुक्त असिस्टेंट प्रोफेसर को प्रोबेशन पीरियड के दो साल पूरे करने के बाद ही स्थानांतरण के लिए पात्रता मिलती थी, लेकिन अब नियमों में संशोधन के बाद विश्वविद्यालय या कॉलेज प्रबंधन जरूरत के हिसाब से उनका स्थान निर्धारण कर सकेंगे। इस फैसले से विशेष रूप से महिला असिस्टेंट प्रोफेसरों, पारिवारिक कारणों से दूरस्थ क्षेत्रों में पदस्थ शिक्षकों को राहत मिलेगी। विभाग का दावा है कि इससे शिक्षण कार्य भी प्रभावित नहीं होगा, बल्कि संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव होगा। इसलिए बदली पॉलिसी उच्च शिक्षा विभाग मध्य प्रदेश के अनुसार, कॉलेजों की आवश्यकता को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। कई बार नए नियुक्त असिस्टेंट प्रोफेसरों को ऐसे कॉलेजों में पदस्थ किया जाता है, जहां जरूरत कम होती है, जबकि अन्य कॉलेजों में कमी बनी रहती है। नई व्यवस्था से इसमें असंतुलन दूर होगा। वहीं शिक्षाविदें का कहना है कि इससे कॉलेजों मे स्थायित्व प्रभावित हो सकता है।