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झारखंड में मुठभेड़ में 1 करोड़ के इनामी समेत 10 से 12 माओवादी ढेर!

पश्चिमी सिंहभूम/चाईबासा. झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले स्थित सारंडा के घने जंगलों से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। गुरुवार सुबह से छोटानागरा थाना क्षेत्र के कुंभडीह गांव के पास सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच जबरदस्त मुठभेड़ जारी है। इसमें अब तक करीब 10 से 12 माओवादियों के ढेर होने की सूचना है। इसके साथ ही 1 करोड़ का इनामी माओवादी नेता अनल भी मारा गया है। अनल दस्ते के साथ आमना-सामना प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, इस कार्रवाई में 5 से 7 माओवादी मारे गए हैं। बताया जा रहा है कि यह मुठभेड़ प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) संगठन के कुख्यात अनल दस्ते के साथ हुई है। सुरक्षाबलों को खुफिया जानकारी मिली थी कि इलाके में नक्सली बड़ी घटना की साजिश रच रहे हैं, जिसके बाद घेराबंदी शुरू की गई। गुरुवार सुबह से ही पूरे क्षेत्र में रुक-रुक कर फायरिंग जारी है। कौन है मारा गया माओवादी अनल?     नाम: अनल उर्फ तूफान उर्फ पतिराम मांझी उर्फ पतिराम मरांडी उर्फ रमेश     पिता: टोटो मरांडी उर्फ तारू मांझी     निवासी: ग्राम झरहाबाले, थाना पीरटांड, जिला गिरिडीह अनल भाकपा (माओवादी) संगठन का सेंट्रल कमेटी मेंबर (CCM) था और लंबे समय से सुरक्षाबलों की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल था। सूत्रों के अनुसार, इस भीषण मुठभेड़ में अब तक 10 से 12 माओवादियों के मारे जाने की सूचना है। हालांकि, सुरक्षाबलों की ओर से आधिकारिक पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है। इलाके में अब भी सर्च ऑपरेशन जारी है और सुरक्षाबलों ने पूरे क्षेत्र को घेर रखा है। बड़े इनामी नक्सली के मारे जाने की संभावना सूत्रों के हवाले से खबर है कि इस मुठभेड़ में 1 करोड़ रुपये के इनामी एक शीर्ष माओवादी कमांडर को भी ढेर कर दिया गया है। हालांकि, पुलिस प्रशासन ने अभी तक मारे गए नक्सलियों की संख्या और उनकी पहचान की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। कोल्हान प्रमंडल के डीआईजी अनुरंजन किस्पोट्टा ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए बताया कि सुरक्षाबलों का ऑपरेशन फिलहाल जारी है। क्षेत्र की विषम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए सावधानी बरती जा रही है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन समाप्त होने के बाद ही विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी। मुठभेड़ के बाद सारंडा के पूरे जंगली क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। अतिरिक्त सुरक्षा बलों और बैकअप टीम को मौके पर रवाना किया गया है ताकि नक्सलियों के भागने के सभी रास्ते बंद किए जा सकें। खबर लिखे जाने तक सर्च ऑपरेशन और मुठभेड़ की स्थिति बनी हुई है।

राजनांदगांव में 31 तक नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य के कारण 14 यात्री ट्रेनें रद्द

राजनांदगांव. राजनांदगांव नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य के कारण 24 से 31 जनवरी तक कई यात्री ट्रेनें कैंसिल रहेगी। राजनांदगांव-कलमना तीसरी रेल लाइन को तुमसर यार्ड से जोड़ने कार्य चलेगा। इस कारण कई ट्रेनें कैंसिल रहेगी तो वहीं कुछ देरी से रवाना होगी और गंतव्य से पहले समाप्त होगी। ऐसे में दुर्ग से नागपुर के बीच रेल यात्रियों की परेशानी बढ़ सकती है। सप्ताहभर रेल यात्रियों को अपनी यात्रा पूरी करने दूसरे विकल्पों का सहारा लेना पड़ेगा। वहीं जो ट्रेनें चलेगी उसमें दबाव बढ़ने के कारण यात्रियों को कष्टदायक यात्रा करनी पड़ सकती है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के नागपुर रेल मंडल में राजनांदगांव-कलमना तीसरी रेल लाइन परियोजना अंतर्गत अधोसंरचना विकास कार्य प्रगति पर है। यह परियोजना भविष्य में यात्री सुविधाओं के विस्तार, नई ट्रेनों के परिचालन तथा ट्रेनों की समय बद्धता बढ़ाने की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इसी क्रम में तुमसर रोड यार्ड पर राजनांदगांव-नागपुर तीसरी लाइन परियोजना से संबंधित नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य किया जाएगा। इस कार्य के कारण 24 से 31 जनवरी तक कुछ यात्री गाड़ियों के परिचालन पर प्रभाव पड़ेगा। जिससे यात्रियों की परेशानी और बढ़ सकती है। दुर्ग से गोंदिया और इतवारी तक इन ट्रेनों को किया रद्द रेलवे ने 24 से 31 जनवरी तक गाड़ी संख्या 58817 तुमसर रोड-तिरोडी पैसेंजर, 58816 तिरोडी-तुमसर रोड पैसेंजर, 58815 इतवारी-तिरोडी पैसेंजर, 58818 तिरोडी-तुमसर रोड पैसेंजर, 68715 बालाघाट- इतवारी तिरोडी मेमू, 68714 इतवारी- बालाघाट मेमू कैंसिल रहेगी। 28 से 31 जनवरी तक 68741 दुर्ग-गोंदिया मेमू, 68743 गोंदिया-इतवारी मेमू, 68744 इतवारी- गोंदिया मेमू, 68742 गोंदिया-दुर्ग मेमू, 68711 डोंगरगढ़- गोंदिया मेमू, 68713 गोंदिया- इतवारी मेमू, 68716 इतवारी- गोंदिया मेमू, 68712 गोंदिया-डोंगरगढ़ मेमू को कैंसिल किया गया है।

भोजशाला की 700 साल पुरानी त्रासदी: 271 साल तक ज्ञान का केंद्र रही, जानें इतिहास

धार  क्या काशी की ज्ञानवापी के बाद अब मध्य प्रदेश के धार की भोजशाला में हिंदुओँ को पूजा का हक मिलेगा? दरअसल ज्ञानवापी की तरह ही भोजशाला में मुस्लिम मस्जिद है. ज्ञानवापी की तरह ही भोजशाला में हिंदू मंदिर होने की मान्यता है.ज्ञानवापी की तरह ही भोजशाला में हिंदू पक्ष पूजा अर्चना की इजाजत मांग रहा है. ज्ञानवापी के सर्वे के बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हिंदुओं को ज्ञानवापी में पूजा की इजाजत दे दी थी. ज्ञानवापी की तरह ही भोजशाला के भी ASI सर्वे का आदेश कोर्ट ने दिया था. अब भोजशाला में भी हिंदू पक्ष को उम्मीद है कि पूजा की इजाजत मिल जाएगी. 23 जनवरी को बसंत पंचमी के आयोजन को लेकर धार भोजशाला पर एक बार फिर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। दरअसल, इस बार बसंत पंचमी शुक्रवार को है। हिंदू संगठनों ने दिन भर माता सरस्वती की पूजा- अर्चना की प्रशासन से इजाजत मांगी है।  इससे पहले 2003 से लेकर 2016 के बीच तीन बार ऐसा मौका आया जब बसंत पंचमी शुक्रवार को ही थी। तीनों ही बार विवाद की स्थिति बनी। इस बार ऐसा न हो इसके लिए प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। वहीं हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर पूरे दिन पूजा के अधिकार की मांग है। इस पर आज यानी 22 जनवरी को सुनवाई है। धार की भोजशाला का इतिहास करीब 990 साल पुराना है। 1034 ई. में राजा भोज ने इसका निर्माण कराया था और यहां मां वाग्देवी की प्रतिमा स्थापित की थी। 200 सालों से ज्यादा समय तक भोजशाला का वैभव कायम रहा, लेकिन 1305 ई में मोहम्मद खिलजी ने भोजशाला पर आक्रमण कर इसे नेस्तनाबूत करने की कोशिश की। इसके बाद कई बार मुस्लिम आक्रांताओं ने भोजशाला पर हमले किए। कई सालों तक मां सरस्वती की प्रतिमा भोजशाला में दबी रही। इसके बाद अंग्रेज आए। वे यहां से खुदाई कर वाग्देवी की प्रतिमा को लंदन के म्यूजियम ले गए। खिलजी के आक्रमण से लेकर अब तक भोजशाला को उसकी पहचान दिलाने के लिए संघर्ष जारी है। खिलजी ने कईं बार किया आक्रमण  भोजशाला का निर्माण परमार वंश के महान राजा राजा भोज ने 1034 ईस्वी के आसपास किया था. वह एक महान योद्धा के साथ ही कला साहित्य और विज्ञान के संरक्षक भी थे. उन्होंने ही यहां वाग्देवी यानी मां सरस्वती की मूर्ति स्थापित की थी. उस समय यह एक शिक्षा का प्रमुख केंद्र बन चुका था. जहां दुनिया भर से लोग व्याकरण और खगोल विज्ञान पढ़ने आते है. ‌ वाग्देवी की यही प्रतिमा लंदन के ब्रिटिश म्यूजियम में रखी हुई है. कहा जाता है कि 1875 के आसपास खुदाई के दौरान यहां से सरस्वती माता की एक अत्यंत सुंदर प्रतिमा मिली थी. जिसे एक अंग्रेज अफसर मेजर किनकैड अपने साथ लंदन ले गया. लंबे समय इसे वहां से वापस लाकर भोजशाला में ससम्मान स्थापित करने की मांग की जा रही है. भोजशाला विवाद के दौरान भी यही मूर्ति इसका सबसे बड़ा प्रमाण बनती है. दरअसल खिलजी के धार पर आक्रमण कर भोजशाला को काफी नुकसान पहुंचाया था. इसके बाद मुस्लिम शासकों ने इसके ढांचे में भी कई बदलाव किए. 15 सी सदी के आसपास मालवा के सुल्तान महमूद खिलजी ने यहां कुछ उसको मस्जिद के रूप में भी इस्तेमाल किया था. उसी दौरान यहां कुछ दरगाह और मस्जिद भी बनाई गई. मुस्लिम पक्ष इसे कमाल मौला की मस्जिद मानता है. बसंत पंचमी पर यहां भव्य आयोजन होते रहे हैं जबकि कईं बार विवाद की स्थिति भी बन चुकी है. धार में पहले कई बार धार्मिक तनाव रह चुका है. लेकिन धार्मिक गुरु और प्रशासन की सहमति से अब सब कुछ शांत वातावरण में होता है. भोजशाला में पूजा और नमाज दोनों होते है. मंगलवार को हिंदू पूजा करते है जबकि शुक्रवार को मुस्लिम नमाज पढ़ते है. बाकी दिनों के लिए यह स्थल पर्यटकों के लिए खुला रहता है. यहां बड़ी संख्या में पुरानी मूर्तियां और कलाकृति देखने को मिलती है. ‌ भोजशाला की बनावट देखते ही आपको उस समय की हिंदू संस्कृति और कलाकृति की झलक मिलती है. ‌यहां के खंभों पर संस्कृत में कई शिलालेख खुदे हुए है. जिनमें व्याकरण और काव्य के नियम लिखे गए है. दीवारों पर परमार काली मूर्तियां, श्लोक और संरचनाएं दिख जाती है. भोजशाला काफी बड़े क्षेत्र में फैली हुई है जानकार मानते है कि इसकी संरचना किसी मस्जिद जैसी नहीं बल्कि एक पारंपरिक भारतीय पाठशाला या मंदिर जैसी है. एक बार फिर वसंत पंचमी से पहले भोजशाला का मुद्दा गरमा गया है. भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण 2024 में ही यहां वैज्ञानिक सर्वे करने के बाद अपनी रिपोर्ट बनाई है. इस सर्वे का मकसद यह पता लगाना था कि मौजूदा ढांचे के नीचे क्या कोई मंदिर के अवशेष मौजूद है. फिलहाल इस‌ सर्वे की रिपोर्ट आना बाकि है. अगर आप भी भोजशाला जाना चाहते है तो मंगलवार और शुक्रवार छोड़कर कभी भी जाकर इसके इतिहास को और करीब से देख सकते हैं. अब जानिए कोर्ट में क्या है भोजशाला के मामले का स्टेटस भोजशाला मंदिर या मस्जिद, साइंटिफिक सर्वे पूरा हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस ने 1 मई 2022 को इंदौर हाईकोर्ट में याचिका दायर कर मांग की थी कि भोजशाला का पूर्ण आधिपत्य हिंदुओं को सौंपा जाए। ये मंदिर है या मस्जिद इसका कैरेक्टर तय करने के लिए एएसआई से साइंटिफिक सर्वे कराया जाए। 11 मार्च 2024 को इंदौर हाईकोर्ट ने एएसआई को भोजशाला का साइंटिफिक सर्वे कर 6 हफ्ते में रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा। एएसआई ने और समय मांगा जिसपर 2 जुलाई 2024 तक का समय दिया गया। एएसआई ने फिर समय मांगा जिसपर कोर्ट ने 15 जुलाई तक की तारीख दी। इस तारीख को एएसआई ने साइंटिफिक रिपोर्ट हाईकोर्ट में पेश कर दी। एएसआई ने ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार और कार्बन डेटिंग मेथड की मदद से अपना सर्वे शुरू किया। मुस्लिम पक्ष सुप्रीम कोर्ट पहुंचा दूसरी तरफ हाईकोर्ट के 11 मार्च के 2024 के आदेश के खिलाफ मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में 16 मार्च 2024 को विशेष अनुमति याचिका लगाई। इसमें पूरा पक्ष सुनने की मांग की गई। 1 अप्रैल 2024 को सुप्रीम कोर्ट ऑर्डर दिया। जिसमें साइंटिफिक सर्वे पर रोक नहीं लगाई, लेकिन सर्वे रिजल्ट के आधार पर बिना सुप्रीम … Read 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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा आज सिरोही से किसान सम्मान निधि करेंगे ट्रांसफर

जयपुर. राजस्थान सरकार की मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत प्रदेश के 65 लाख किसानों को 653 करोड़ रुपए की बड़ी आर्थिक मदद मिलेगी। आज यानी 22 जनवरी को इस योजना की 5वीं किस्त सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी जाएगी। योजना के तहत करीब 65 लाख किसानों को इसका लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा गुरुवार को सिरोही दौरे पर रहेंगे। कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री दोपहर 12 बजे जयपुर से प्लेन से रवाना होकर 12.50 बजे सिरोही हवाई पट्टी पहुंचेंगे। 12.55 बजे सिरोही हवाई पट्टी से कार से शहर के अरविंद पैवेलियन स्टेडियम पहुंचेंगे। यहां कार्यक्रम स्थल पर सहकार उत्थान शिविर 2026 में भाग लेंगे और किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थियों को योजना का लाभ हस्तांतरण करेंगे। मुख्यमंत्री यहां सभा को भी संबोधित करेंगे। कार्यक्रम के समापन के बाद सीएम दोपहर 2.25 बजे सिरोही हवाई पट्टी से जयपुर के लिए रवाना होंगे। राज्यस्तरीय कार्यक्रम में हुआ वितरण इस अवसर पर सिरोही के अरविंद पैवेलियन स्टेडियम में राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रदेशभर के किसानों को वित्तीय सहायता प्रदानहोगी। वहीं, जयपुर जिले में जिला स्तरीय किसान सम्मेलन का आयोजन दोपहर 11.30 बजे हरीशचन्द्र माथुर राजस्थान राज्य लोक प्रशासन संस्थान (एचसीएम रीपा) सभागार में किया। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक किसानों को योजना से जोड़ना और उन्हें अन्य सरकारी योजनाओं की जानकारी देना है। ये है योजना की खास बातें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM–Kisan) के अंतर्गत केंद्र सरकार देशभर के किसानों को सालाना 6,000 रुपए की आर्थिक सहायता देती है। इसी तर्ज पर राजस्थान सरकार ने किसानों के लिए मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना शुरू की है। इस योजना के तहत पीएम किसान योजना के लाभार्थियों को सालाना 3,000 रुपए अतिरिक्त आर्थिक सहायता दी जाती है। इसका मतलब है कि एक वित्त वर्ष में राज्य के किसानों को कुल 9,000 रुपए की मदद मिलती है।

सिंगरौली में नाले में पड़ा मिला CISF जवान, अधमरी हालत में मिली सूचना से हड़कंप

सिंगरौली  मध्य प्रदेश के सिंगरौली में खाकी पर हमले का सनसनीखेज मामला सामने आया है। कबाड़ माफिया अब इतने बेखौफ हो चुके हैं कि, वे सीआईएसएफ जैसे केंद्रीय सुरक्षा बल के जवानों पर भी जानलेवा हमला करने से गुरेज नहीं कर रहे हैं। इसी कड़ी में जिले के अमलोरी खदान अलाके में केबल चोरों ने सीआईएसएफ जवान पर जानलेवा हमला कर उसे अधमरी हालत में नाले में फेंक दिया और मौके से फरार हो गए। गंभीर हालत में जवान के मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया है। मामले की जांच में जुटी पुलिस के मुताबिक, सीआईएसएफ के प्रधान आरक्षक सतीशचंद्र भारती पर ये हमला 18-19 जनवरी की मध्य रात्रि करीब 02 बजेहुआ है। जब निरीक्षक विकास कुमार रूटीन चेकिंग पर निकले तो व्यू-पॉइंट पोस्ट से जवान गायब मिला। तलाश के दौरान वो पास के ही नाले में मरणासन्न अवस्था में पड़ा मिला। अपराधियों ने लाठी-डंडों से जवान को इतना पीटा कि, उनके शरीर पर एक भी हिस्सा सुरक्षित नहीं बचा। यही नहीं, बदमाशों ने जवान को झोले के पट्टे से बांधकर नाले में फेंक दिया, ताकि वे बेखौफ होकर चोरी कर सकें। करीब 15 मीटर कीमती केबल तार लेकर हमलावर मौके से फरार हो गए। गंभीर हालत में जवान वाराणसी रेफर गंभीर हालत में जवान को उपचार के लिए सिंगरौली जिला अस्पताल लाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद तुरंत ही वाराणसी रेफर कर दिया गया। बताया जा रहा है कि, जवान की हालत अब भी बेहद नाजुक बनी हुई है। इस मामले ने जिले की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर बड़ा प्रश्न चिन्ह खड़ा किया है और वो ये है कि, अगर यहां सीआईएसएफ जैसे महत्वपूर्ण विभाग का जवान ही सुरक्षित नहीं है तो आम आदमी की सुरक्षा की गारंटी कौन क्या है? आरोपियों पर 10 हजार इनाम अधर, घटना सामने आने के बाद पुलिस महकमे में भी हड़कंप मचा हुआ है। शहर सीएसपी पीएस. सिंह परस्ते ने बताया कि, अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास की धारा 307 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया है। कबाड़ माफिया के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस की कई टीमें मैदान में हैं। फरार अज्ञात आरोपियों की सूचना देने वाले को 10 हजार का इनाम देने की घोषणा की गई है।

डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण, स्वरोजगार और महिला सशक्तिकरण को मिलेगा बढ़ावा

योगी सरकार ने दी कौशल क्रांति को नई दिशा :  ‘कौशल दिशा’ पोर्टल से ग्रामीण युवाओं को मिलेगा रोजगार का मार्ग डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण, स्वरोजगार और महिला सशक्तिकरण को मिलेगा बढ़ावा ग्रामीण क्षेत्रों में कौशल अंतर को समाप्त कर युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के लिए सक्षम बनाना है पोर्टल का उद्देश्य तकनीक और नवाचार से मजबूत होगा कौशल इकोसिस्टम लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल के रूप में “कौशल दिशा” पोर्टल विकसित किया गया है। यह पोर्टल राज्य में कौशल विकास की व्यापक और समावेशी नीति का सशक्त डिजिटल माध्यम है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में कौशल अंतर को समाप्त कर युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के लिए सक्षम बनाना है। “कौशल दिशा” पोर्टल योगी सरकार की उस सतत प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसके तहत युवाओं को कौशल, आत्मनिर्भरता और सम्मानजनक आजीविका से जोड़ते हुए उत्तर प्रदेश को विकसित भारत के लक्ष्य की ओर अग्रसर किया जा रहा है। डिजिटल माध्यम से ग्रामीण युवाओं को सशक्त बनाने की पहल प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने बताया कि “कौशल दिशा” एक ऑनलाइन कौशल शिक्षा मंच है, जो सरल पंजीकरण प्रक्रिया, सेल्फ लर्निंग, ऑनलाइन मूल्यांकन एवं प्रमाणन जैसी सुविधाओं के माध्यम से कौशल प्रशिक्षण को युवाओं की सीधी पहुंच में लाता है। यह प्लेटफॉर्म दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना (DDU-GKY) 1.0 के अंतर्गत चयनित शीर्ष 10 प्रमुख सेक्टरों में ऑनलाइन प्रशिक्षण उपलब्ध कराता है। इनमें आईटी-आईटीईएस, पर्यटन एवं आतिथ्य, इलेक्ट्रॉनिक्स, स्वास्थ्य सेवाएं, परिधान एवं रेडीमेड गारमेंट, होम फर्निशिंग, रिटेल और लॉजिस्टिक्स जैसे रोजगारोन्मुखी क्षेत्र शामिल हैं। पोर्टल के माध्यम से ग्रामीण निर्धन युवाओं और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिससे उनकी रोजगार क्षमता में वृद्धि होगी। महिला सशक्तिकरण को मिलेगा विशेष लाभ “कौशल दिशा” पोर्टल विशेष रूप से उन महिलाओं के लिए लाभकारी है, जो सामाजिक या पारिवारिक कारणों से प्रशिक्षण केंद्रों तक भौतिक रूप से नहीं पहुंच पातीं। स्मार्टफोन और इंटरनेट के माध्यम से घर बैठे प्रशिक्षण प्राप्त कर प्रमाणन हासिल करने की सुविधा योगी सरकार की महिला सशक्तिकरण नीति को नई मजबूती प्रदान करती है। यह पोर्टल उत्तर प्रदेश सरकार के व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग की उस रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत कौशल विकास को प्रौद्योगिकी और नवाचार से जोड़कर राज्य में एक मजबूत, समावेशी और भविष्य-उन्मुख कौशल पारिस्थितिकी तंत्र विकसित किया जा रहा है।

सिवान में पटाखा ब्लास्ट में एक की मौत और कई घायल

सिवान. सिवान जिले में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा के बीच एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। यात्रा स्थल से कुछ ही दूरी पर जोरदार धमाका हुआ, जिसकी आवाज कई किलोमीटर तक सुनाई दी। अचानक हुए इस ब्लास्ट से आसपास के लोग सहम गए और देखते ही देखते इलाके में अफरा-तफरी मच गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह विस्फोट अवैध रूप से पटाखा बनाने के दौरान हुआ। सुरक्षा मानकों की अनदेखी और लापरवाही इस हादसे की बड़ी वजह मानी जा रही है। धमाके के बाद घटनास्थल पर पटाखों के अवशेष बिखरे मिले, जिससे अवैध गतिविधि की पुष्टि होती है। एक की मौत, दर्जनों घायल इस भीषण हादसे में कम से कम एक व्यक्ति की मौत हो गई है, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। घायल लोगों को आनन-फानन में नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। कुछ की हालत नाजुक बनी हुई है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है। मकान क्षतिग्रस्त, लोग बेघर धमाके की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि आसपास के कई मकानों की दीवारें और छतें क्षतिग्रस्त हो गईं। कई परिवारों को अस्थायी रूप से अपने घर छोड़ने पड़े। स्थानीय लोग प्रशासन से तत्काल मुआवजे और पुनर्वास की मांग कर रहे हैं। पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड में घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंच गए। पूरे क्षेत्र को घेराबंदी कर सुरक्षित किया गया है। पुलिस ने विस्फोट के कारणों की जांच शुरू कर दी है और अवैध पटाखा निर्माण से जुड़े लोगों की पहचान की जा रही है। समृद्धि यात्रा पर भी सुरक्षा का साया इसी बीच सिवान में राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल भी तेज है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समृद्धि यात्रा के तहत जिले को 201.83 करोड़ रुपये की 71 विकास योजनाओं की सौगात देने वाले हैं। इसमें 40 योजनाओं का शिलान्यास और 31 का उद्घाटन शामिल है। सजा शहर, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर सिवान को दुल्हन की तरह सजाया गया है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल की तैनाती की गई है। लेकिन धमाके की घटना ने प्रशासन की तैयारियों और अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कानून सख्ती की दरकार समृद्धि यात्रा जैसे बड़े आयोजन के दौरान हुआ यह हादसा साफ संदेश देता है कि अवैध गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई जरूरी है। प्रशासन के सामने चुनौती है कि विकास के साथ-साथ सुरक्षा और कानून व्यवस्था को भी पूरी मजबूती से लागू किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

कुरुक्षेत्र में राहुल गांधी बोले- ‘मुगल-ब्रिटिश गए, बीजेपी वाले भी चले जाएंगे’

कुरुक्षेत्र. कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि जब भी आप किसी संगठन में काम करते हैं तो सर्वप्रथम आपका काम उस संगठन की मजबूती के लिए प्रयास करना होना चाहिए। जब संगठन मजबूत होता है तो आप भी मजबूत होते हैं। आपको जिले की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। कर्तव्यनिष्ठा से इसे निभाना है। आप कांग्रेस के योद्धा हैं और योद्धा की तरह ही कार्य करना है। सामने भ्रष्ट सत्ता का साम्राज्य एक बड़ी चुनौती है, निर्भीक होकर इन चुनौतियों का सामना करते हुए संगठन को और सशक्त बनाना है। आपकी आवाज को कोई दबा नहीं सकता, क्योंकि कांग्रेस जैसा मजबूत संगठन आपके साथ खड़ा है। जिस तरह देश से मुगल और ब्रिटिश चले गए, एक दिन भाजपा वाले भी चले जाएंगे। वह सन्निहित सरोवर के निकट पंजाबी धर्मशाला में हरियाणा और उत्तराखंड के जिलाध्यक्षों के 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिवर के के नौवें दिन संबोधित कर रहे थे। जिलाध्यक्षों से सीधा संवाद करते हुए राहुल गांधी ने संगठनात्मक मजबूती के साथ-साथ कांग्रेस पार्टी के इतिहास, विचारधारा और रणनीति को साझा किया। उन्होंने कहा कि पार्टी में अनुशासन सख्ती से लागू होना चाहिए। आप सामर्थ्यवान हैं और किसी के दबाव में आकर निर्णय लेने की आवश्यकता नहीं, स्वतंत्र होकर काम करें। उन्होंने कहा कि हम आपकी प्रगति का समय-समय पर मूल्यांकन करेंगे और आवश्यक दिशा-निर्देश व सहयोग प्रदान करते रहेंगे। राहुल गांधी सुबह 11 बजकर 20 मिनट पर धर्मशाला पहुंचे और शाम 4:40 बजे अंबाला के लिए निकल गए। यहां पहुंचने पर कांग्रेस नेताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इनमें प्रदेश प्रभारी बीके हरिप्रसाद, सह प्रभारी जितेंद्र बघेल, प्रफुल्ल गुडधे, प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह, उत्तराखंड प्रदेशाध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, राज्यसभा सांसद एवं राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला, सिरसा सांसद कुमारी सैलजा, थानेसर विधायक अशोक अरोड़ा, प्रदेश मीडिया प्रभारी संजीव भारद्वाज सहित हरियाणा और उत्तराखंड के कई नेता शामिल रहे। शिविर का वीरवार को समापन होगा। राहुल गांधी ने कहा कि वर्ष 2014 में भाजपा की सरकार बनाने में विदेशी ताकतों का हाथ था। वर्तमान केंद्र सरकार भी विदेशी ताकतों के हाथों खेल रही है। राहुल गांधी ने प्रत्येक जिलाध्यक्ष से व्यक्तिगत रूप से बातचीत की। विस्तृत चर्चा करने के साथ-साथ जानकारियां साझा की और सुझावों का आदान-प्रदान भी किया। उन्होंने जिलाध्यक्षों और उनके स्वजन संग भोजन किया। उनका यह आत्मीयता और अपनत्व भरा व्यवहार कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार कर गया। राहुल गांधी ने जिलाध्यक्षों को कहा कि संगठन की मजबूती के साथ-साथ स्वयं को भी मजबूत बनाना जरूरी है। सेशन के अंतिम घंटे में राहुल गांधी ने स्वयं की मजबूती पर जोर देते हुए 35 मिनट तक जिलाध्यक्षों को ताइक्वांडो की ट्रेनिंग दी। राहुल के ताइक्वांडो के गुर सिखाते हुए जिलाध्यक्षों को स्वयं भी एक्शन करके दिखाए और जिलाध्यक्षों से भी करवाए। उन्होंने कहा कि यह आत्मरक्षा की एक तकनीक है, जिसे सभी को सीखना चाहिए। यह किसी भी बुरे वक्त में काम आती है। साथ ही उन्होंने जिलाध्यक्षों को पाठ पढ़ाया कि इस तकनीक का कभी गलत प्रयोग नहीं करना चाहिए। कुरुक्षेत्र के सन्निहित सरोवर के निकट स्थित पंजाबी धर्मशाला में चल रहा शिविर 13 जनवरी को शुरू हुआ था। इसका उद्देश्य पार्टी को जिला स्तर पर संगठन को मजबूत करना और आगामी चुनौतियों के लिए कार्यकर्ताओं को तैयार करना रहा। 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिवर 22 जनवरी वीरवार को संपन्न होगा। इसमें हरियाणा और उत्तराखंड के 60 जिलाध्यक्ष भाग ले रहे हैं। इनमें 33 जिलाध्यक्ष हरियाणा के और 27 जिलाध्यक्ष उत्तराखंड के शामिल रहे। इन जिलाध्यक्षों में चार महिला जिलाध्यक्ष शामिल हैं, जिनमें हरियाणा से एकमात्र सिरसा जिले की संतोष बेनीवाल हैं, जबकि तीन महिला जिलाध्यक्ष उत्तराखंड से हैं।

चंडीगढ़ मेयर के लिए कांग्रेस-आम आदमी पार्टी में गठजोड़ की खुली पोल!

चंडीगढ़. चंडीगढ़ मेयर चुनाव से पहले सियासत गरमा गई है। भाजपा नेता अश्वनी शर्मा ने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए दोनों दलों के बीच कथित अंदरूनी समझौते का आरोप लगाया है। इसे लेकर उन्होंने ट्वीट किया है। जारी बयान में उन्होंने सवाल उठाया कि क्या आम आदमी पार्टी कांग्रेस के कथित भ्रष्टाचार को समर्थन दे रही है। अश्वनी शर्मा ने ट्वीट कर सवाल उठाए कि क्या पंजाब कांग्रेस के नेताओं को जल्दबाजी में दिल्ली बुलाया गया, ताकि आम आदमी पार्टी के साथ गठजोड़ की जरूरत समझाई जा सके। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ मेयर चुनाव में कांग्रेस और आप का खुला तालमेल यह साबित करता है कि दोनों दल सिर्फ दिखावे के लिए एक-दूसरे के विरोधी हैं, जबकि हकीकत में पर्दे के पीछे साथ मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान के बयानों का जिक्र करते हुए कहा कि सीएम बार-बार पूर्व कांग्रेस मंत्रियों के भ्रष्टाचार से जुड़ी फाइलों की बात करते हैं, लेकिन अब तक न तो कोई जांच शुरू हुई और न ही कोई ठोस कार्रवाई सामने आई। अश्वनी शर्मा का आरोप है कि इसकी वजह पहले से हुआ राजनीतिक समझौता है, जिसके चलते कार्रवाई नहीं हो रही।

रायपुर पुलिस कमिश्नर की दौड़ में रामगोपाल गर्ग सबसे आगे

रायपुर. विष्णुदेव साय सरकार ने रायपुर में पुलिस कमिश्नर बिठाने का फैसला कर लिया था और आज शाम को राजपत्र में अधिसूचना जारी होने के बाद सेटअप के हिसाब से आईपीएस अफसरों की कुर्सी तय करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। माना जा रहा है कि यह लिस्ट थोड़ी लंबी हो सकती है, क्योंकि पुलिस कमिश्नर के साथ कुंछ जिले के आईजी और पुलिस अधीक्षक भी प्रभावित हो सकते हैं। पुलिस कमिश्नर के रूप में दुर्ग आईजी रामगोपाल गर्ग का नाम सबसे आगे है। सटीक अनुमान गर्ग पर भी लगाया नहीं जा सकता क्योंकि अमरेश मिश्रा तेज तर्रार अफसर माने जाते है, उनकी पुलिसिंग करने की तारीफ शासन द्वारा भी की जा चुकी है। अगर इनका आदेश जारी हुआ तो दुर्ग आईजी बदलना तय माना जा रहा है। इनके अलावा भी एकाध आईजी प्रभावित हो सकते हैं। बहरहाल, जिस रेंज के आईजी को कमिश्नर बनाया जाएगा, वहां नए आईजी की पोस्टिंग की जाएगी। पुलिस कमिश्नर के बाद सबसे ज्यादा चर्चा रायपुर ग्रामीण एसपी की तैनाती की हो रही है। इसके लिए अटकल लगाई जा रही है कि किसी प्रमोटिव आईपीएस अफसर को यह जिम्मेदारी दी जा सकती है, यह अफसर डीआईजी स्तर का होगा। रायपुर पुलिस जोन में आईजी रहेंगे और वर्तमान आईजी अमरेश मिश्रा को ही यह प्रभार दिया जाएगा। ग्रामीण रेंज में रायपुर ग्रामीण, बलौदाबाजार, धमतरी, महासमुंद और गरियाबंद जिले रहेंगे। याने अमरेश मिश्रा के प्रभार में पांच जिले यथावत रहेंगे।