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86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन के समापन समारोह में लोकसभा अध्यक्ष का संबोधन

लोकसभा अध्यक्ष बोले, यूपी ने सुशासन, सामाजिक कल्याण, सुदृढ़ कानून-व्यवस्था, बुनियादी ढांचे के विकास और निवेश के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की लोकतांत्रिक संस्थाओं को जवाबदेह, पारदर्शी और जन-केंद्रित बनाने के संकल्प पर दिया जोर लोकसभा अध्यक्ष ने बैठकों और सकारात्मक बहस पर दिया जोर, डिजिटलाइजेशन, एआई और रिसर्च से बढ़ेगी क्षमता लखनऊ, 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन के समापन समारोह में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने लोकतांत्रिक संस्थाओं को अधिक प्रभावी, जवाबदेह, पारदर्शी तथा जन-आकांक्षाओं के अनुरूप बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पीठासीन अधिकारी सम्मेलनों के माध्यम से लोकतांत्रिक संस्थाओं को जनता की आशाओं और आकांक्षाओं से जोड़ने हेतु व्यापक विचार-विमर्श हुआ है और इन चर्चाओं से ठोस परिणाम भी सामने आए हैं। अब समय है कि नवाचार, संवाद और प्रौद्योगिकी के माध्यम से लोकतांत्रिक संस्थाओं को जनता के और नजदीक लाया जाए। समारोह में अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और देशभर से आए सम्मानित सदस्यों का हार्दिक अभिनंदन एवं स्वागत किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में लोकतांत्रिक मूल्य सशक्त हुए हैं। राज्य ने सुशासन, सामाजिक कल्याण, सुदृढ़ कानून-व्यवस्था, बुनियादी ढांचे के विकास और निवेश के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। ओम बिरला ने कहा कि सम्मेलन के दौरान सभी पीठासीन अधिकारियों और प्रतिनिधियों ने लोकतंत्र को सार्थक चर्चा के माध्यम से और मजबूत बनाने तथा विधायी संस्थाओं को अधिक जवाबदेह और पारदर्शी बनाने के लिए अपने-अपने विचार साझा किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन चर्चाओं का उद्देश्य केवल संवाद तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि इनके ठोस और सकारात्मक परिणाम सामने आएं तथा लोकतांत्रिक संस्थाओं में नवाचार को अपनाया जाए। “विकसित भारत” की संकल्पना के अनुरूप आगे बढ़ने का आह्वान” लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि इस सम्मेलन में यह संकल्प लिया गया है कि सभी विधायी संस्थाएं “विकसित भारत” की संकल्पना के अनुरूप अपने-अपने राज्यों को विकसित राज्य बनाने की दिशा में संवाद और चर्चा को आगे बढ़ाएं। इसके लिए सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ विकास और बुनियादी ढांचे से जुड़े मुद्दों पर निरंतर संवाद आवश्यक है। उन्होंने उत्तर प्रदेश विधानसभा का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि यहां विजन-2047 समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर 36 घंटे तक लगातार चर्चा हुई, जिसमें विधायकों ने अपने विचार रखे। यह एक अनुकरणीय पहल है, जो यह दर्शाती है कि किस प्रकार सार्थक बहस और संवाद से दीर्घकालिक विकास की दिशा तय की जा सकती है। अब और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ने की आवश्यकता ओम बिरला ने विधायी संस्थाओं में बैठकों की संख्या में आ रही कमी पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में कई निर्णय लिए गए और उनके सकारात्मक परिणाम भी सामने आए, लेकिन अब और अधिक दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ने की आवश्यकता है। उन्होंने प्रस्ताव रखा कि राज्य विधानमंडलों में न्यूनतम 30 दिन सदन की बैठकें हों, सकारात्मक चर्चा हो और राजनीतिक मतभेदों के बावजूद राज्य के विकास के लिए अनुकूल वातावरण बने। उन्होंने कहा कि विधानसभाएं वह मंच हैं जहां अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति की आवाज सदन के माध्यम से सरकार तक पहुंचती है। मतदाता यह अपेक्षा करता है कि उसका प्रतिनिधि उसकी समस्याओं और चुनौतियों को सदन में उठाएगा तथा समाधान की दिशा में पहल करेगा। न्यायपालिका का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि जैसे लोगों को न्यायालय पर विश्वास होता है, वैसे ही यदि विधायक सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ सदन में अपनी बात रखें तो विधानसभाओं के माध्यम से भी सार्थक परिणाम सामने आएंगे। प्रौद्योगिकी और एआई से विधायी संस्थाओं की क्षमता वृद्धि लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि विधायी संस्थाओं को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए प्रौद्योगिकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का उपयोग आवश्यक है। आज सभी राज्य विधानसभाएं पेपरलेस हो चुकी हैं और पुरानी बहसों, बजट तथा विधायी कार्यवाहियों का डिजिटलीकरण किया गया है। इससे विधायकों की क्षमता-वृद्धि होगी और शोध-आधारित चर्चा को बल मिलेगा। इसी उद्देश्य से विधानसभाओं में रिसर्च विंग का गठन भी किया गया है। संसद और राज्यों की विधानसभाएं मिलकर कर रही हैं काम ओम बिरला ने कहा कि डिजिटलीकरण से कानून निर्माण के समय सार्थक बहस के लिए आवश्यक संदर्भ आसानी से उपलब्ध होंगे। मिलकर कार्य करने से जन प्रतिनिधियों में क्षमता निर्माण होगा और विधायिकाएं अधिक जवाबदेह बनेंगी। इससे शासन-प्रशासन पर निगरानी भी प्रभावी होगी। गतिरोध लोकतंत्र के लिए उचित नहीं सदनों में बार-बार होने वाले गतिरोध पर चिंता व्यक्त करते हुए ओम बिरला ने कहा कि सदन का प्रत्येक क्षण बहुमूल्य होता है। सदन चर्चा, संवाद और समिति कार्यों के लिए होते हैं, न कि गतिरोध के लिए। विरोध राजनीतिक रूप से हो सकता है, लेकिन शब्दों और तर्कों का मंच सदन होना चाहिए, ताकि सार्थक परिणाम निकलें और जनता का विश्वास बना रहे। ‘लेजिसलेटिव इंडेक्स’ पर जोर लोकसभा अध्यक्ष ने ‘लेजिसलेटिव इंडेक्स’ की अवधारणा पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि इससे विधानसभाओं की उत्पादकता, कार्यप्रणाली और उपयोगिता का आकलन होगा। स्वस्थ प्रतिस्पर्धा से नई प्रक्रियाएं, नियम और नवाचार सामने आएंगे, जिससे विधायी संस्थाएं अधिक प्रभावी बनेंगी। अपने संबोधन के अंत में ओम बिरला ने कहा कि पीठासीन अधिकारी संविधान के अंतर्गत कार्य करते हैं और उन पर बड़ी जिम्मेदारी होती है। उन्हें निष्पक्ष और न्यायसंगत रहते हुए संस्थाओं को जनता के प्रति उत्तरदायी बनाना है। उन्होंने विश्वास जताया कि सम्मेलन में हुई चर्चाओं से निकले संकल्पों को सभी प्रतिनिधि अपने-अपने राज्यों में आगे बढ़ाएंगे। यूपी परिवर्तन की धरती है, यहां से प्राप्त ऊर्जा को सभी प्रतिनिधि अपने-अपने राज्यों में लेकर जाएंगे लोकसभा अध्यक्ष ने सम्मेलन को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मेलन नई दिशा, नए संकल्प और नए दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ने की ऊर्जा देता है। उन्होंने उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना और सभी सम्मानित अतिथियों का भी धन्यवाद किया और कहा कि उत्तर प्रदेश की यह भूमि सामाजिक, आध्यात्मिक और परिवर्तन की धरती है, जहां से प्राप्त ऊर्जा को सभी प्रतिनिधि अपने-अपने राज्यों में लेकर जाएंगे।

छत्तीसगढ़ आबकारी नीति व प्रबंधन संस्थान को लीज पर जमीन को मिली मंजूरी

रायपुर. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रिमंडल की बैठक हुई. नए साल में हुई पहली साय कैबिनेट की बैठक में विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई. इसके बाद कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर कैबिनेट ने मुहर लगाई है. 1) मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ आबकारी नीति वित्तीय वर्ष 2026-27 के प्रस्ताव का अनुमोदन तथा इससे संबंधित समस्त अनुषांगिक कार्यवाहियों के लिए विभाग को अधिकृत किया गया. 2) मंत्रिपरिषद द्वारा नवा रायपुर अटल नगर में उच्च कोटि का शैक्षणिक संस्थान स्थापित किये जाने हेतु श्री विले पारले कलावनी मंडल (SVKM) को उनके नरसी मोंजी प्रबंधन अध्ययन संस्थान की स्थापना के लिए सेक्टर-18 में चिन्हांकित लगभग 40 एकड़ भू-खण्ड का आबंटन लीज के रूप में एकमुश्त 90 वर्षाें के लिए करने की स्वीकृति प्रदान की है. एसव्हीकेएम एक ख्याति प्राप्त संस्था है, जो वर्ष 1934 से शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत तथा वर्तमान में 30 शैक्षणिक संस्थान संचालित है, जोकि एक लाख से अधिक छात्रों को प्रति वर्ष प्री-प्राइमरी से लेकर डॉक्टोरल कार्यक्रमों में शिक्षा प्रदान करता है. वर्ष 2025 में एनआईआरएफ यूनिवर्सिटी रैकिंग में इस संस्था को 52वां रैंक प्राप्त हुआ है. नवा रायपुर में इस राष्ट्रीय स्तर के संस्थान की स्थापना से राज्य में आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को और मजबूती मिलेगी. 3) मंत्रिपरिषद द्वारा नवा रायपुर अटल नगर में 04 नवीन उद्यमिता केन्द्रों की स्थापना के लिए सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) के साथ एमओयू का निर्णय लिया है. इससे राज्य में आईटी/आईटीईएस उद्योग तथा तकनीकी स्टार्ट-अप इको सिस्टम को प्रोत्साहित करने में यह एमओयू महत्वपूर्ण होगा. सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) के 68 केन्द्र संचालित है, जिनमें 60 भारत के टियर-2 और टियर-3 शहरों में स्थित है. सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया छत्तीसगढ़ सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से एआई, मेडटेक (हर्बल मेडिसिन एवं वन उत्पाद आधारित), स्मार्ट सिटी तथा स्मार्ट एग्री उद्यमिता केन्द्रों के माध्यम से आगामी तीन से पांच सालों में डोमेन विशेष के 133 स्टार्ट-अप्स को बढ़ावा देंगे. राज्य सरकार द्वारा छात्रों, उद्यमियों, शोधकर्ताओं तथा उद्योगों को ईएसडीएम उत्पादों के प्रोटोटाइप विकसित करने में सहयोग प्रदान करने के लिए एसटीपीआई के माध्यम से एक इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एवं विकास (ईएसडीडी) केन्द्र स्थापित किया जाएगा, जो प्रति वर्ष 30 से 40 हार्डवेयर, स्टार्टअप और एमएसएमई को सभी सहायता प्रदान करेगा. 4) मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य के सभी शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओ में गुणवत्तापूर्ण जांच सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने, वर्तमान संसाधनों को सुदृढीकरण करने तथा निर्धारित मानक के अनुसार जांच की संख्या बढ़ाने के लिए राज्य के जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में लैब के प्रभावी संचालन हेतु आवश्यक निर्णय लिए गए हैं.

मंत्री सारंग ने कहा, दिव्यांगजन स्पर्श मेला सामाजिक बदलाव में अहम कदम

दिव्यांगजन स्पर्श मेला सामाजिक दृष्टिकोण बदलाव में सार्थक पहल : मंत्री सारंग तीन दिवसीय राज्य स्तरीय दिव्यांगजन स्पर्श मेले का शुभारंभ सांस्कृतिक, खेलकूद और रचनात्मक गतिविधियों का होगा संगम भोपाल  खेल एवं युवा कल्याण एवं सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा है कि सामाजिक न्याय विभाग द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय दिव्यांगजन स्पर्श मेला, सामाजिक दृष्टिकोण के बदलाव में एक सार्थक पहल होगा। इस तरह के आयोजन दिव्यांगजनों में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार करते हैं। इसके साथ ही समाज की इस वर्ग के प्रति सकारात्मक सोच  को बढ़ाते हैं। उन्होंने यह बात पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक संस्थान के सभागार में तीन दिवसीय दिव्यांगजन स्पर्श मेला के शुभारंभ अवसर पर कहीं। कार्यक्रम में महापौर श्रीमती मालती राय, अध्यक्ष नगर निगम परिषद किशन सूर्यवंशी भी उपस्थित थे। मंत्री सारंग ने कहा कि स्पर्श मेला एक संवेदनशील पहल है इस तरह के आयोजनों से दिव्यांगजनों में समानता की भावना का संचार होता है। उन्होंने कहा कि स्पर्श मेले से दिव्यांगजन के मन, मस्तिष्क को नवीन ऊर्जा मिलेगी। शारीरिक कमी उनके आर्थिक, सामाजिक और व्यक्तित्व के विकास में बाधक नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ही विजन है कि उन्होंने नि:शक्तजनों को एक नया शब्द दिव्यांगजन देकर उनके प्रति सामाजिक सोच में बदलाव दिलाया है। सारंग ने कहा कि मध्यप्रदेश शासन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर समाज के कमजोर वर्ग को मुख्य धारा से जोड़ने के लिये लगातार प्रयास कर रहा हैं। उन्होंने दिव्यांग स्पर्श मेले में दिव्यांग कलाकारों द्वारा बनाई गई पेंटिंग्स और अन्य दैनिक उपयोग के उत्पादन की प्रशंसा भी की। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के दिव्यांग खिलाड़ियों द्वारा पैरा-ओलम्पिक गेम्स में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश को नहीं पहचान दिलाई है। उन्होंने इस तरह के आयोजन जिला और संभाग पर भी करने की सलाह सामाजिक न्याय विभाग को दी। मंत्री सारंग ने कहा कि खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा भी दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए लगातार अवसर और प्रोत्साहन दिया जाता रहेगा। महापौर श्रीमती मालती राय ने स्पर्श मेले का आयोजन के लिए सामाजिक न्याय विभाग को बधाई दी। उन्होंने कहा कि स्पर्श मेले दिव्यांग बच्चों के प्रतिभाओं को दिखाने का एक अच्छा प्लेटफार्म बनेगा। उन्होंने इस तरह के आयोजन, हर स्तर पर किए जाने की आवश्यकता जताई। प्रमुख सचिव सामाजिक न्याय दिव्यांगजन कल्याण श्रीमती सोनाली वांयगणकर ने बताया की 21 जनवरी से 23 जनवरी 2026 तक आयोजित किए जाने वाले दिव्यांग स्पर्श मेले में प्रदेश के सभी शासकीय और अशासकीय दिव्यांग स्कूलों के बच्चों को विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए बुलाया गया है। उन्होंने कहा कि स्पर्श मेले में दिव्यांगजनों की सांस्कृतिक, खेलकूद एवं रचनात्मक प्रतिभाओं का प्रदर्शन किया जाएगा। इन खेल प्रतियोगिताओं इनडोर और आउटडोर खेल होंगे। इसमें क्रिकेट, दौड़ और फन गेम्स तथा सायंकाल में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, 23 जनवरी को विजेताओं को पुरस्कार वितरण के साथ समापन होगा स्पर्श मेले में दिव्यांग कलाकारों के उत्पादों को मिली सराहना तीन दिवसीय मेले में प्रदेश से दिव्यांग कलाकारों की और संस्थाओं की प्रदर्शनी लगाई गई है। मंत्री सारंग ने कलाकारों के बेहतरीन उत्पादों के प्रदर्शन के लिये सराहा। इनमें इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और भोपाल से आये कलाकार सम्मिलित है। दिव्यांग क्रिकेट मैच का शुभारंभ स्पर्श मेले में दिव्यांग खिलाड़ियों के उद्घाटन मैच इंदौर और भोपाल के बीच खेला गया, दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र के विधायक भगवान दास सबनानी, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, पार्षद डॉ. रेहना ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया तथा विधायक सबवानी ने बैटिंग कर प्रतियोगिता का शुभारंभ किया।

खेल हो या राजनीति सभी को हमेशा हार को जीत में बदलने के लिये एक आखरी दाव बचा कर रखना चाहिये : विधायक गोपालसिंह इंजीनियर

गुरु हनुमान व्यायाम शाला कोठारी द्वारा आयोजित विशाल राष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिता सम्पन्न,यूपी के शाकिर नूर पहलवान ने जीता 51 हजार का प्रथम पुरुष्कार आष्टा   मध्य प्रदेश के आष्टा विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने व्यायामशाला के लिये 6 लाख की राशि देने की घोषणा का पहलवानों ने किया गया स्वागत। पहलवानों का ग्राम से अपनी एक अलग ही पहचान रखने वाले ग्राम कोठरी में लम्बे अंतराल के बाद गुरु हनुमान व्यायाम शाला द्वारा एक भव्य राष्ट्रीय स्तर की कुश्ती प्रतियोगिता का शानदार आयोजन किया गया। राष्ट्रीय स्तर की दंगल कुश्ती प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों से नामी पहलवानों ने भाग लिया और शानदार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि क्षेत्रीय विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने कुश्ती प्रतियोगिता का शुभारम्भ किया। राष्ट्रीय दंगल प्रतियोगिता  कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर परिषद कोठरी की अध्यक्ष श्रीमती नगीना  राधेश्याम दलपति ने की । कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में पूर्व विधायक रघुनाथसिंह मालवीय, इछावर विधानसभा के पूर्व विधायक शैलेंद्र पटेल,वरिष्ठ समाजसेवी जगदीश पटेल, धार्मिक गुरु श्री उत्तम दास जी महाराज (रामकुटी), पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष रुपेश पटेल, खेल एवं युवक कल्याण समन्वयक जितेंद्र आज़ाद, जिला कुश्ती संघ अध्यक्ष विनय भटेले मंचासीन उपस्तिथ रहे। राष्ट्रीय दंगल कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने कहा की कोठरी जो कि पहलवानों के साथ अच्छे अच्छे खिलाड़ियों का ग्राम है । कोठरी के जहूर भाई, मोहन पहलवान ने राष्ट्रीय स्तर तक कोठरी का नाम रोशन किया है । कोठरी में एक सुविधायुक्त व्यायामशाला की आवश्यकता है,अध्यक्ष जी भी अभी यही बात कह रहे थे । सभी की मांग एवं भावना के अनुरूप विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने कोठरी में एक सर्वसुविधायुक्त व्यायामशाला के निर्माण हेतु 6 लाख रुपये देने की घोषणा की एवं आज आयोजित राष्ट्रीय दंगल कार्यक्रम के लिये 25 हजार की राशि अलग से देने की भी घोषणा की । विधायक ने कहा की जब यहा के पहलवानों को व्यायामशाला के रूप में अपनी प्रतिभा को उभारने के लिये एक सुविधायुक्त स्थल मिलेगा तब निश्चित यहा से अच्छे पहलवान राष्ट्रीय स्तर तक पहुचेंगे । विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने इस अवसर पर एक गुरु मंत्र भी दिया उन्होंने कहा कुश्ती हो या राजनीति या अन्य क्षेत्र सभी को जीवन में भी ओर खेलो में भी सभी दाव एक साथ उपयोग नही करना चाहिये । एक आखरी दाव हमेशा बचा कर रखना चाहिये ताकि आखरी में उस दाव को अजमाकर  हारी हुई बाजी को जीत में बदला जा सके । हमारी नप कोठरी किसी से कम नही है हमारा कोठरी ग्राम हर क्षेत्र में आगे है । राष्ट्रीय दंगल का आयोजन महेंद्र दलपति के नेतृत्व में आयोजित किया गया । कार्यक्रम का संचालन नगर परिषद कोठरी के उपाध्यक्ष प्रतिनिधि युवराज सिंह चंद्रवंशी द्वारा किया गया। कुश्ती प्रतियोगिता में रेफरी की भूमिका राजू पहलवान (सीहोर), अजय बिसोरिया (सीहोर) एवं शंभू पहलवान (देवास) ने निभाई। कुश्ती प्रतियोगिता के परिणाम इस प्रकार रहे । प्रथम पुरस्कार (₹51,000) का शाकिर नूर पहलवान (मेरठ, उत्तर प्रदेश) ने मान पहलवान (पंजाब) को पराजित कर विजय जीता । द्वितीय पुरस्कार (₹31,000) का राजा पिल्लर (कोठरी, मध्य प्रदेश) ने श्याम पहलवान (मथुरा, उत्तर प्रदेश) को हराकर जीता । तृतीय पुरस्कार (₹21,000) का  बलवान पहलवान (दिल्ली) ने नकुल पहलवान (फिरोजाबाद, उत्तर प्रदेश) को पराजित कर जीता । अन्य कुश्ती जोड़ में कोठरी के निखिल पहलवान, अमन पहलवान, तनिष्क पहलवान, महेंद्र पहलवान, रूपेश पहलवान, गोलू पहलवान, राजेश पहलवान, करण पहलवान एवं सुमित ठाकुर पहलवान ने विजय प्राप्त कर क्षेत्र का नाम रोशन किया। व्यायाम शाला के उस्ताद अर्जुन प्रजापति, गोविंद सिंह मेचन,सदस्य मिथुन पडियार, राजेश पड़ियार एवं समस्त नगरवासियों का सराहनीय सहयोग रहा। आयोजन समिति एवं विधायक गोपालसिंह इंजीनियर द्वारा भविष्य में भी खेलों को प्रोत्साहन देने एवं अन्य खिलाड़ियों की हर संभव सहायता किए जाने का आश्वासन दिया गया,जिससे क्षेत्र में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिल सके ओर जिससे कोठरी क्षेत्र  एवं सीहोर जिले का नाम राष्ट्रीय स्तर पर  रोशन हो सके ।

राजस्थान के CRPF इंस्पेक्टर भंवरलाल मीणा छत्तीसगढ़ में पेट्रोलिंग ड्यूटी के दौरान शहीद

टोंक. राजस्थान के टोंक जिले के सीआरपीएफ इंस्पेक्टर भंवरलाल मीणा छत्तीसगढ़ में शहीद हो गए। घाड़ पंचायत के दौलतपुरा निवासी सीआरपीएफ इंस्पेक्टर भंवरलाल (54) पुत्र चतरा मीणा के निधन की खबर से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। वहीं, परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। भंवरलाल की पार्थिव देह बुधवार सुबह विमान से जयपुर लाई गई, जहां से सेना के जवानों का काफिला सड़क मार्ग से टोंक के लिए रवाना हुआ। पार्थिव देह को घाड़ थाने लाया जाएगा, जहां से डेढ़ किलोमीटर लंबी तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी। इसके बाद गांव दौलतपुरा में भंवरलाल मीणा का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल जवान की शहादत की खबर मिलते ही गांव में सन्नाटा पसर गया। घर में कोहराम मचा हुआ है। मंगलवार रात से ही बड़ी संख्या में ग्रामीण, रिश्तेदार और परिचित उनके आवास पर पहुंच रहे हैं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में शोक का माहौल बना हुआ है। बिलखते हुए उनकी पत्नी ने कहा कि वे अगले महीने एक महीने की छुट्टी लेकर घर आने वाले थे। 19 जनवरी की रात को उनसे फोन पर बात हुई थी। तब उन्होंने कहा कि था इसी साल बेटे की शादी करनी है। छुट्टी पर आने के बाद लड़की देखकर सगाई कर देंगे। पेट्रोलिंग के दौरान हुआ हादसा जानकारी के अनुसार दौलतपुरा गांव निवासी सीआरपीएफ इंस्पेक्टर भंवरलाल (54) पुत्र चतरा मीणा मंगलवार को छत्तीसगढ़ में पेट्रोलिंग ड्यूटी के दौरान बाइक समेत खाई में गिर गए थे। साथियों ने उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका निधन हो गया। दोपहर में मोबाइल के जरिए इस दुखद सूचना से परिजनों को अवगत कराया गया। सीआरपीएफ की 65वीं बटालियन में थे तैनात भंवरलाल मीणा ने अपने करियर की शुरुआत सिपाही पद से की थी और मेहनत व समर्पण के बल पर इंस्पेक्टर पद तक पहुंचे। वे वर्तमान में छत्तीसगढ़ में सीआरपीएफ की 65वीं बटालियन में तैनात थे। भंवरलाल के बड़े भाई श्योजीराम मीणा का पहले निधन हो चुका है। बेटा लालाराम मीणा पंजाब में आर्मी में जवान है।

राजगीर के जू सफारी में ठंड से राहत पाने सनबाथ करते दिखे शेर-बाघ-भालू

राजगीर. इन दिनों वाइल्ड लाइफ जू सफारी के विभिन्न जंगली जानवरों को जनवरी माह के सर्द गुलाबी ठंड में सनबाथ के साथ मखमली धूप सेंकते देखा जा सकता है। सनबाथ के दौरान शेर, बाघ, तेंदुआ, भालू और विभिन्न प्रजातियों के हिरणों के झूंडों का विहंगम दृश्य जू सफारी के आकर्षण में चार चांद लगा रहा है। प्रजनन, रेस्क्यू प्रक्रिया सह अनुकूल जलवायु से सफारी में जंगली जानवरों की संख्या में वृद्धि हो रही है तो वहीं शेर और दुर्लभ ब्लैक बक हिरणों के प्रजनन से वाइल्ड लाइफ जू सफारी जैव विविधता का सशक्त उदाहरण भी बन रहा है। मौसम का लुत्फ ले रहे जानवर गुनगुनी धूप में सनबाथ का आनन्द इन जानवरों को इतना बेफिक्र बना दिया है कि, आस पास से गुजरती पर्यटकों से भरी सफारी बस को नजरअंदाज करते दिख रहे हैं। वहीं शेर अपने परिवार तो भालू अपने साथियों के साथ बड़े मजे से इस मौसम का लुत्फ ले रहे हैं। पंच पर्वतीय वनक्षेत्र श्रृंखला की गोद में वाइल्ड लाइफ सेंचुरी राजगीर स्थित जू सफारी जैव विविधता संरक्षण का केंद्र बन रहा है। जहां जनन-प्रजनन, रेस्क्यू प्रक्रिया सह अनुकूलन वातावरण से सफारी में जंगली जानवरों की संख्या में वृद्धि हो रही है।  हिरणों की संख्या में बढ़ोतरी पिछले वर्ष 2024 जनवरी में ब्लैक बक (काला हिरण) के शावक, तो वर्ष 2025 को नए मेहमानों में तेंदुआ शावक के रूप में दो शावकों को वाइल्ड लाइफ जू सफारी इनक्लोजर में छोड़ा गया है। इसी प्रकार से विभिन्न प्रजातियों के हिरणों में जारी प्रजनन से इन हिरणों की संख्या भी तेजी बढ़ रही है। जिसमें वाइल्ड लाइफ जू सफारी प्रबंधन द्वारा अनुकूलन वातावरण सह संरक्षण की अहम भूमिका है। इस अनुकूल वातावरण में इन दिनों धूप सेंकते हिरणों के झुंड का विहंगम दृश्य सफारी भ्रमण को नयनाभिराम बना रही है। मादा तेंदुए ने दो शावकों को दिया जन्म बता दें कि बीते वर्ष 2023 के 04 सितंबर को बेतिया नामक मादा तेंदुए ने दो में से एक नर तो दूसरा मादा शावकों को जन्म दिया था। जन्म के वर्ष भर बाद इन दोनों शावकों को जू सफारी के इनक्लोजर में उतारा गया है। जहां इन दोनों की मासूमियत भरी अठखेलियां पर्यटकों का भरपूर मनोरंजन कर रही है। अब जू सफारी के कार्निवरस (मांसाहारी) तथा हार्वीवरस (शाकाहारी) सफारी में जंगली जानवरों में प्रजनन से राजगीर वन्य प्राणी आश्रयणी सह अभयारण्य में बायोडायवर्सिटी यानी जैव विविधता प्रणाली बेहद मजबूत हो रहा है। बियर सफारी में भालुओं की 10 बता दें कि सफारी के पांच विभिन्न जंगली जानवरों में बियर सफारी में भालुओं की संख्या अभी 10 है। इन स्लाॅथ प्रजाति के भालुओं को तमाशे वाले मदारी से रेस्क्यू कर तथा पटना जू से यहां लाया गया है। जिसमें भालूओं में भोला, पवन, ब्रज, बुद्धन नामक नर तथा सुंदरी, पवनी, नूर व बुद्धनी नामक मादा भालूओं को जोड़कर इनकी संख्या कुल 10 हो गई है। बाघ की संख्या पांच जबकि लेपर्ड सफारी में विराट, लैला व सुल्तान नामक तीन वयस्क तेंदुआ व दो शावको से तेंदुआ सफारी में इनकी संख्या पांच हो गई है। जबकि टाईगर सफारी में बाघ, बघीरा व अर्जुन नामक नर तथा स्वर्णा एवं देवी नामक मादा बाघ से इनकी संख्या पांच है। वहीं लायन सफारी में विशाल नामक नर तथा एल-वन, एल-टू तथा एल-फाइव नामक तीन मादा शेरनियां और दो शावकों को मिलाकर शेर नौ की संख्या में हैं। ब्लैक बक की संख्या अब 10 वहीं हार्वीवरस (शाकाहारी) सफारी में विभिन्न हिरणों की संख्या लगभग साढ़े चार सौ से अधिक हो गई है। जिनमें ब्लैक बक नामक दुर्लभ हिरणों में नया मेहमान ब्लैक बक (कृष्ण मृग या काला हिरण) का नवजात (फाॅन) बच्चा भी आकर्षण का केंद्र है। इसके शिकार का मामला बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान से जुड़ा रहा है। ब्लैक बक की संख्या अब 10 हो गई है। पर्वतीय वनक्षेत्र की गोद में बसे वाइल्डलाइफ जू सफारी अनोखा दिखने के साथ उन्मुक्त वातावरण और उसमें उन्मुक्त विचरण करते विभिन्न प्रजातियों के हिरणों का झूंड वाला यह, नयनाभिराम दृश्य पर्यटकों को काफी लुभा रही है। वाईल्ड लाईफ जू सफारी में विभिन्न वन्यजीव जन्तुओं के सफारी के आंकड़े- 20.54 हेक्टेयर में शेर सफारी 20.50 हेक्टेयर में बाघ सफारी 20.63 हेक्टेयर में तेंदुआ सफारी 20.60 हेक्टेयर में भालू सफारी 45.62 हेक्टेयर में क्रमश: हिरण, चित्तल व सांभर का हाॅर्विवरस सफारी 10.74 हेक्टेयर में विश्व के विभिन्न प्रजातियों के चिड़ियों का वर्ड एवियरी

विश्व रिकॉर्ड की धनी प्राची धबेल, एमपी से हार्वर्ड तक छाया नाम

भोपाल  नवाचार अक्सर पहले से मौजूद मान्यताओं पर प्रश्न उठाने से शुरू होता है। मध्य प्रदेश की बेटी और कलाकार प्राची धाबेल देब के लिए इसका अर्थ था सदियों पुराने एक माध्यम को नए सिरे से सोचना और उसकी पारंपरिक सीमाओं से आगे ले जाना। हाल ही में ऑक्सफोर्ड सेंटर फॉर हिंदू स्टडीज में एसोसिएट आर्टिस्ट के रूप में नियुक्त प्राची, ऑक्सफोर्ड में अकादमिक सांस्कृतिक नियुक्ति पाने वाली पहली भारतीय रॉयल आइसिंग कलाकार बन गई हैं। आइए जानते हैं कौन हैं प्राची धबेल देब? रॉयल आइसिंग अपनी तकनीकी जटिलता और सीमित लचीलापन के लिए जानी जाती है। प्राची ने सालों के प्रयोग और शोध के माध्यम से इन सीमाओं को चुनौती दी और एक शाकाहारी (वीगन) रॉयल आइसिंग फॉर्मूला विकसित किया, जिसमें पारंपरिक रूप से इस्तेमाल होने वाले अंडे की सफेदी पर निर्भरता समाप्त हो गई। इस महत्वपूर्ण नवाचार ने उन्हें बड़े पैमाने की इंस्टॉलेशन कृतियाँ बनाने की स्वतंत्रता दी, साथ ही उनके कार्य को नैतिक और आधुनिक मूल्यों के अनुरूप भी बनाया। कौन हैं प्राची धबेल मध्य प्रदेश के रीवा में जन्मीं देब की परवरिश देहरादून, उत्तराखंड में हुई और उन्होंने अपनी स्कूलिंग कोलकाता में पूरी की। वह पिछले 13-14 सालों से पुणे के पिंपरी-चिंचवड़ में रह रही हैं और इसे अपनी कर्मभूमि कहती हैं। 36 साल की देब ने बताया कि उन्हें इस इंडस्ट्री में आए 10 साल हो गए हैं। मैं एक आर्टिस्ट के तौर पर अपनी सीमाओं को आगे बढ़ाना चाहती थी और दूसरों के लिए प्रेरणा बनना चाहती थी। जिस फील्ड को लेकर मैं इतनी पैशनेट हूं, उसमें अपने काम के लिए पहचान मिलना मेरे लिए सम्मान की बात है। देब की बनाई हुई चीजें मिलान कैथेड्रल से प्रेरित 100 किलो का वीगन खाने लायक रॉयल आइसिंग स्ट्रक्चर को वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, यूके में शामिल किया गया है। उनके नाम सबसे ज्यादा वीगन रॉयल आइसिंग स्ट्रक्चर बनाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड भी है, और वीगन रॉयल आइसिंग से बनाया गया भारतीय महल जैसा 200 किलो का खाने लायक स्ट्रक्चर भी है। भारतीय वास्तुकला, पवित्र ज्यामितीय आकृतियों और सांस्कृतिक प्रतीकों से प्रेरित उनकी खाद्य कलाकृतियाँ अक्सर महीनों की योजना के बाद आकार लेती हैं। इनमें से कुछ इंस्टॉलेशन सैकड़ों किलोग्राम वजन की होती हैं, जिनमें कलात्मक दृष्टि के साथ-साथ इंजीनियरिंग की सटीकता भी दिखाई देती है। अपने व्यक्तिगत कार्यों से आगे बढ़कर, प्राची ने वैश्विक शुगर आर्ट समुदाय में भी सक्रिय भूमिका निभाई है। उन्हें अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिले हैं, उन्होंने विश्व रिकॉर्ड बनाए हैं, प्रमुख प्रतियोगिताओं में निर्णायक के रूप में कार्य किया है और विभिन्न देशों में उभरते कलाकारों का मार्गदर्शन किया है। ऑक्सफोर्ड में उनकी नियुक्ति इस व्यापक बदलाव को दर्शाती है कि नवाचार को अब केवल तकनीक के संदर्भ में नहीं, बल्कि रचनात्मकता, प्रक्रिया और सांस्कृतिक सोच के रूप में भी देखा जा रहा है। अपनी नई भूमिका में प्राची विरासत, नवाचार और कला की बदलती परिभाषा पर होने वाली चर्चाओं में योगदान देंगी। उनकी कहानी यह दिखाती है कि परंपरा में निहित, सोच-समझकर किया गया नवाचार किस तरह उन क्षेत्रों में भी वैश्विक मंच के द्वार खोल सकता है, जिन्हें अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है।

पंजाब में एलमोंट किड कफ सिरप पर लगा बैन

जीरकपुर. पंजाब में बच्चों के इलाज में इस्तेमाल होने वाले ‘एलमोंट किड कफ सिरप’ को घटिया गुणवत्ता का करार देते हुए फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) पंजाब, ड्रग्स विंग ने इसकी बिक्री, वितरण और उपयोग पर तत्काल प्रभाव से पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। यह आदेश डिप्टी ड्रग्स कंट्रोलर (I), सीडीएससीओ (ईस्ट ज़ोन) से प्राप्त जानकारी और सेंट्रल ड्रग्स लेबोरेटरी, कोलकाता की जांच रिपोर्ट के आधार पर जारी किया गया है। जांच रिपोर्ट के अनुसार एलमोंट-किड (लेवोसेटिरिज़िन डाइहाइड्रोक्लोराइड और मोंटेलुकास्ट सोडियम सिरप) के बैच नंबर AL-24002, निर्माण तिथि जनवरी 2025 और समाप्ति तिथि दिसंबर 2026 में गंभीर खामियां पाई गई हैं। यह दवा ट्राइड्स रेमेडीज, हाजीपुर (बिहार) द्वारा निर्मित है। लैब जांच के दौरान इस सिरप में एथिलीन ग्लाइकोल की मौजूदगी पाई गई, जिसे स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक माना जाता है और जो दवा को असुरक्षित बनाती है। विभाग द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि लोकहित को ध्यान में रखते हुए इस उत्पाद पर पंजाब राज्य में तत्काल प्रभाव से पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाता है। एफडीए पंजाब ने सभी रिटेलर, डिस्ट्रीब्यूटर, पंजीकृत मेडिकल प्रैक्टिशनर, अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे न तो इस सिरप की खरीद-फरोख्त करें और न ही किसी मरीज को इसकी खुराक दें। इसके साथ ही राज्य के सभी जिलों को अलर्ट करते हुए कहा गया है कि यदि कहीं भी इस दवा का स्टॉक पाया जाता है तो उसकी तत्काल सूचना ड्रग्स कंट्रोल, एफडीए पंजाब को दी जाए। सभी ड्रग कंट्रोल अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जहां भी यह सिरप उपलब्ध हो, उसे तुरंत जब्त कर सैंपल भरे जाएं और आगे की कानूनी कार्रवाई की जाए। विभागीय सूत्रों के अनुसार, यह आदेश पंजाब की सभी स्वास्थ्य संस्थाओं, दवा लाइसेंस धारकों, मेडिकल स्टोरों और अस्पतालों को अमल के लिए भेज दिया गया है, ताकि घटिया गुणवत्ता वाली दवा से किसी भी प्रकार के नुकसान को समय रहते रोका जा सके।

बच्ची से रेप के आरोपी का घर बुलडोजर से किया जमींदोज

रायपुर. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में बुधवार सुबह नाबालिग से रेप के आरोपी अब्दुल सज्जाद अंसारी के घर पर नगर निगम का बुलडोजर चला है. नगर निगम ने आरोपी के घर पर नोटिस चस्पा करते हुए सात दिनों के भीतर मकान से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे. जिसके बाद आज सुबह राजा तालाब के झंडा चौक स्थित घर पर बुलडोजर से आरोपी के घर को जमींदोज कर दिया गया है. इस कार्रवाई के दौरान पुलिस बल, प्रशासन की टीम और पार्षद मौजूद रहे. पार्षद कैलाश बेहरा ने कहा कि इन लोगों पर ऐसे ही कार्रवाई की जानी चाहिए. लोगों में भारी आक्रोश है. उन्होंने कहा कि अगर उनके वार्ड में कोई भी ऐसा कृत्य होता है तो उस पर ऐसे ही कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. रायपुर की महापौर मीनल चौबे कुछ दिन पहले आई थी. उन्होंने आरोपी की दुकान और घर को तोड़ने के साफ निर्देश दिए थे. बता दें कि जानकारी के अनुसार, सिविल लाइन थाना क्षेत्र के मोहल्ले में आरोपी अब्दुल सज्जाद अंसारी की दुकान है, जहां वह चूड़ियां बेचता है. साथ ही वह चॉकलेट, नड्डा और मुर्रा भी बेचता था. आरोपी इन्हीं चीजों का लालच देकर 9 साल की बच्ची को अपने साथ रोज घर ले जाता था और पूरे कपड़े उतारकर गंदा काम करता था. आरोपी ने 7 जनवरी से 11 जनवरी के बीच मासूम के साथ कई बार दरिंदगी की.

मुख्यमंत्री ने 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन के समापन समारोह को किया संबोधित

लोकतंत्र की आत्मा हैं न्याय, समता व बंधुता: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री ने 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन के समापन समारोह को किया संबोधित “सीखो और सिखाओ” के मंच हैं ऐसे सम्मेलनः सीएम योगी ज्वलंत मुद्दों पर लगातार चर्चा-परिचर्चा चलाती है यूपी विधानसभा-परिषदः मुख्यमंत्री लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजधानी लखनऊ में बुधवार को तीन दिवसीय 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन के समापन समारोह को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश आए सभी अतिथियों का स्वागत किया और कहा कि विधायिका लोकतंत्र की आधारभूत इकाई है। संविधान संरक्षक के रूप में यह अपनी भूमिका का निर्वहन करते हुए देश में न केवल विधायी कार्यों के लिए रूपरेखा तैयार करती है, बल्कि यह समग्र विकास की कार्ययोजना का मंच भी होती है। संविधान के तीन शब्द (न्याय, समता और बंधुता) भारत के लोकतंत्र की आत्मा के रूप में काम करते हैं। न्याय कैसे प्राप्त होना है, इसका कानून विधायिका के मंच पर तैयार होता है। समतामूलक समाज की स्थापना में सरकार की योजनाएं योगदान दे सकें, उसकी कार्ययोजना का स्थल भी विधायिका का मंच बनता है। विधायिका बंधुता का उदाहरण प्रस्तुत करती है, जहां सहमति व असहमति के बीच भी संवाद के माध्यम से समन्वय होता है।  लोकतंत्र की सर्वोच्च संस्था देश में अत्यंत मजबूत  सीएम योगी ने कहा कि देश में लोकतंत्र की सर्वोच्च संस्था अत्यंत मजबूत है और यह दुनिया के लिए प्रेरणा है। सदन में जनप्रतिनिधि के माध्यम से अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति की आवाज मजबूती से सुनी जा सकती है और संसद इसकी प्रेरणा का केंद्रबिंदु है। उसके माध्यम से देश में योजनाएं बनती हैं। पांच बार लोकसभा सदस्य रहे योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संसद में रहकर सीखा कि सामान्य जीवन में सरकार की गतिविधियों, आपसी व्यवहार और नियम के अंतर्गत इन कार्यक्रमों को कैसे आगे बढ़ाया जा सकता है। विधान सभा-विधान परिषद केवल संसद के नियमों-परिनियमों का अवलोकन-प्रशिक्षण ले ले तो उसे अपने सदन संचालन में काफी आसानी होगी।  संसद के प्रति श्रद्धा का भाव हर भारतवासी का दायित्व  सीएम ने कहा कि सतीश महाना ने 2022 में विधानसभा अध्यक्ष का दायित्व संभाला तो मैंने उनसे कहा कि प्रश्नकाल में 20 तारांकित प्रश्न सूचीबद्ध होते हैं, लेकिन सवा घंटे के प्रश्नकाल में केवल दो-तीन सदस्य ही बोल पाते हैं। क्या हम भी इसे संसद की तर्ज पर आगे बढ़ा सकते हैं। इस पर उन्होंने तत्काल नियमावली में परिवर्तन किया। अब सवा घंटे में 20 तारांकित प्रश्न और हर प्रश्न के साथ दो-तीन अनुपूरक प्रश्न भी पूछ लिए जाते हैं। प्रश्न करने वाले और उत्तर देने वाले मंत्रीगण, दोनों पूरी तैयारी के साथ आते हैं। सदन में अधिक से अधिक जनप्रतिनिधियों की सहभागिता दिखती है। संसद हमारे लिए प्रेरणा बनी। हमारे पास सबसे बड़ी लोकतांत्रिक संस्था के रूप में संसद है। यदि हम कुछ कर रहे हैं तो संसद ही उसका आधार बनती है, उसके प्रति श्रद्धा हर भारतवासी का दायित्व है।  एक भाव-एक भंगिमा के साथ बोलता और सोचता है भारत सीएम योगी ने प्रधानमंत्री के वक्तव्य ‘भारत लोकतंत्र की जननी है’ का जिक्र किया, फिर कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी कहते थे कि ग्राम स्वराज की परिकल्पना को गांवों ने साकार किया। देश में रूपरंग, खानपान, वेशभूषा अलग हो सकते हैं, लेकिन पूरा भारत एक भाव-एक भंगिमा के साथ बोलता और सोचता है। उसकी आस्था एक होती है। संसद उस आस्था को जोड़ने का सबसे सशक्त माध्यम है। संसद को आदर्श के रूप में बढ़ाएंगे तो विधायिका और मजबूत-सशक्त होगी।  ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश’ पर 24 घंटे चली चर्चा के सहभागी बने 300 सदस्य सीएम योगी ने सम्मेलन में पारित हुए छह महत्वपूर्ण प्रस्तावों को अभिनंदनीय बताया और कहा कि प्रधानमंत्री ने आजादी के अमृत महोत्सव में आगामी 25 वर्ष की कार्ययोजना बनाने को कहा। ‘विजन 2047- विकसित भारत’ की परिकल्पना को साकार करने के संकल्प के साथ हम आगे बढ़े हैं। सीएम ने कहा कि ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश, आत्मनिर्भर भारत-आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश’ पर सत्तापक्ष व विपक्ष के 300 से अधिक सदस्य 24 घंटे तक चलने वाली चर्चा के सहभागी बने। चर्चा का शुभारंभ करने के बाद मैं कुछ देर बैठा रहा, फिर अन्य प्रशासकीय कार्यों व बैठकों के लिए जाना पड़ा। रात 11 बजे मैं फिर सदन में आया तो भी यहां बोलने की होड़ दिखी। बहुत अच्छे सुझाव आए। हर व्यक्ति के अनुभव का लाभ अत्यंत प्रभावी होता है। विधानसभा-परिषद में लोगों ने विकास के बारे में मुद्दों को रखा और विकसित भारत के लिए अपनी जिम्मेदारी का भी जिक्र किया। विकसित भारत केवल भारत सरकार, प्रधानमंत्री का ही कार्य नहीं है,  हम भी कैसे इस अभियान के सारथी-सिपाही बन सकते हैं, इस पर भी चर्चा हुई। पीठासीन अधिकारियों के इस सम्मेलन में भी इस प्रस्ताव को पारित करते हुए, प्रभावी ढंग से इसको आगे बढ़ाने के लक्ष्य के साथ विकसित भारत की परिकल्पना को साकार बनाने की दिशा में किए गए प्रयासों को सार्थक गति प्रदान की है।  सीएम ने 30 बैठकों के प्रस्ताव का किया स्वागत सीएम ने कहा कि यूपी में सदन की कार्यवाही की प्रशंसा की। कहा, यहां कार्यवाही अत्यंत सुगमता से चलती है। सीएम ने वर्ष में कम से कम 30 बैठकों का प्रस्ताव पारित किए जाने को भी सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि यह संसद और विधानसभा के लिए ही नहीं, बल्कि नगर निकायों, ग्राम पंचायतों, जिला पंचायतों, क्षेत्र पंचायतों के लिए भी प्रेरणा है। जनता के द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधि विकास की धुरी बनते हैं। तकनीक के इस युग में हम खुद को पीछे नहीं छोड़ सकते। जब सरकार के सामने यह बात आई कि ई-विधान होना है तो हमने कहा कि तत्काल इसे लागू कीजिए। आज यूपी की विधानसभा-परिषद, कैबिनेट और बजट भी पेपरलेस है। सीएम ने कहा कि जनप्रतिनिधि भी तकनीक से अपडेट हों, उनके उचित प्रशिक्षण समेत सभी प्रस्ताव अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।  ज्वलंत मुद्दों पर लगातार चर्चा-परिचर्चा चलाती है यूपी विधानसभा-परिषद सीएम ने कहा कि यूपी विधानसभा ज्वलंत मुद्दों पर लगातार चर्चा-परिचर्चा चलाती है। स्थायी विकास लक्ष्यों (सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स) पर भी यहां लगातार 37-38 घंटे चर्चा हुई। उसके लक्ष्य निर्धारित हुए। मंत्रिमंडल, एडिशनल चीफ सेक्रेटरी के स्तर पर कमेटी गठित हुई, जो इन लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में कार्य कर रही है। 26 नवंबर, … Read more