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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह होंगे यूपी दिवस-2026 के मुख्य अतिथि

जनभागीदारी से और भव्य होगा उत्तर प्रदेश दिवस- 2026: मुख्यमंत्री केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह होंगे यूपी दिवस-2026 के मुख्य अतिथि ‘एक जनपद-एक व्यंजन’ होगा इस वर्ष का प्रमुख आकर्षण, हर जिले के स्वाद से परिचय कराएगा यूपी दिवस लखनऊ के राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर मुख्य समारोह, सभी जनपदों में होंगे आयोजन संस्कृति उत्सव, लोककलाओं और शिल्प मेले से सजेगा उत्तर प्रदेश दिवस लखनऊ प्रदेश के प्रत्येक जनपद की सक्रिय सहभागिता, सांस्कृतिक विविधता और विकास की साझा चेतना के साथ उत्तर प्रदेश दिवस-2026 इस वर्ष एक भव्य जनोत्सव के रूप में मनाया जाएगा। 24 से 26 जनवरी 2026 तक आयोजित होने वाले इस आयोजन में उत्तर प्रदेश की संस्कृति, शिल्प, व्यंजन और विकास यात्रा को जनभागीदारी के माध्यम से एक ही मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को उत्तर प्रदेश दिवस की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि यह आयोजन केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रदेश की पहचान, उपलब्धियों और संभावनाओं को जनसहयोग के साथ प्रदर्शित करने का अवसर है। उन्होंने निर्देश दिए कि उत्तर प्रदेश दिवस को जनोत्सव के रूप में आयोजित किया जाए, जिसमें प्रदेश की आत्मा हर स्तर पर दिखाई दे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष उत्तर प्रदेश दिवस के मुख्य अतिथि के रूप में भारत सरकार के माननीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह जी की गरिमामयी उपस्थिति आयोजन को राष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान प्रदान करेगी। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी व्यवस्थाएं गरिमा, अनुशासन एवं समयबद्धता के साथ सुनिश्चित की जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजधानी लखनऊ स्थित राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर मुख्य समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसका सीधा प्रसारण प्रदेश के सभी जनपदों में किया जाएगा, ताकि उत्तर प्रदेश दिवस का उत्सव एक साथ पूरे प्रदेश में मनाया जा सके। बैठक में अवगत कराया गया कि उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश’ की थीम पर आधारित विशेष प्रदर्शनी और शिल्प मेला आयोजित किया जाएगा, जिसमें प्रदेश की विकास यात्रा, नवाचार, बुनियादी ढांचे, उद्योग, कृषि, महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाएगा। इस वर्ष ‘एक जनपद-एक व्यंजन’ को आयोजन का प्रमुख आकर्षण होगा। इसके अंतर्गत प्रदेश के प्रत्येक जनपद के पारंपरिक और विशिष्ट व्यंजन एक ही परिसर में उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि आगंतुक उत्तर प्रदेश के विविध स्वाद, खान-पान परंपराओं और स्थानीय पहचान से परिचित हो सकें। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि संस्कृति उत्सव 2025-26 के अंतर्गत प्रस्तावित सांस्कृतिक कार्यक्रमों को उत्तर प्रदेश दिवस से प्रभावी रूप से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि ‘हमारी संस्कृति-हमारी पहचान’ की भावना के अनुरूप लोक, शास्त्रीय एवं समकालीन कला रूपों को मंच प्रदान किया जाए तथा कलाकारों एवं आगंतुकों के लिए समुचित सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि 24 जनवरी को आयोजित मुख्य समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले सभी जनपदों के गणमान्य नागरिकों को आमंत्रित किया जाए, ताकि प्रदेश की सामूहिक उपलब्धियों का सम्मान किया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश दिवस-2026 को ऐसा आयोजन बनाया जाए, जो प्रदेश की संस्कृति, स्वाद, शिल्प और विकास दृष्टि को एक साथ प्रस्तुत करे तथा प्रत्येक आगंतुक के लिए यह अनुभव प्रेरणादायी, स्मरणीय और गर्व का विषय बने।

छत्तीसगढ़ की ‘नक्सलफ्रेंड’ ASP को सस्पेंड करने के गृहमंत्री ने दिए निर्देश

बिलासपुर छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के निवर्तमान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) राजेंद्र जायसवाल की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। बीते दिनों बिलासपुर के पूर्व तथा गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के वर्तमान एएसपी राजेंद्र जायसवाल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। यह वीडियो एक स्पा संचालक द्वारा अपने ही डिवाइस से गोपनीय तरीके से रिकॉर्ड किया गया बताया जा रहा है। स्पा संचालक का दावा है कि एडिशनल एसपी राजेंद्र जायसवाल उनसे स्पा संचालन के एवज में पैसों की वसूली करते थे। संचालक ने यह भी आरोप लगाया कि पैसे नहीं देने पर एएसपी ने उन्हें अपने कार्यालय बुलाया, जहां इस दौरान वीडियो रिकॉर्ड किया गया। स्पा संचालक ने स्पष्ट किया है कि उनके स्पा में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि न तो की जाती है और न ही इसकी अनुमति दी जाती है, ऐसे में पैसे देने का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने इस पूरे मामले की लिखित शिकायत पुलिस महानिरीक्षक (IG) से की है और ऑडियो-वीडियो साक्ष्य भी प्रस्तुत किए हैं। इस पूरे विवाद पर प्रदेश के गृहमंत्री विजय शर्मा का बयान सामने आया है। उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए एएसपी राजेंद्र जायसवाल को सस्पेंड करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) ने तत्काल जांच के आदेश जारी किए हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP), बिलासपुर को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्हें वायरल वीडियो, ऑडियो क्लिप और शिकायत में उल्लेखित तथ्यों की निष्पक्ष जांच कर सात दिनों के भीतर तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

सैनी सरकार ने ‘चिराग’ योजना के तहत दाखिले से वंचित छात्रों को दी राहत

चंडीगढ़. हरियाणा में ‘चिराग’ योजना के तहत दाखिले से वंचित रह गए छात्रों को बड़ी राहत दी गई है। स्कूल शिक्षा निदेशालय ने लंबित और अपात्र घोषित किए गए निजी स्कूलों के लिए चेकिंग पोर्टल दोबारा खोलने का फैसला लिया है। यह पोर्टल 23 से 30 जनवरी तक खुला रहेगा। निदेशालय द्वारा सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को जारी आदेश में बताया गया है कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 के दौरान 10वीं कक्षा के परिणाम घोषित होने में देरी हुई। जहां दाखिला प्रक्रिया पहली से 30 अप्रैल 2025 तक निर्धारित थी, वहीं 10वीं का परिणाम 15 जून, 2025 को घोषित किया गया। इस कारण कई पात्र छात्र ‘चिराग’ योजना के तहत तय समय में दाखिला नहीं ले सके। आदेश के अनुसार, ऐसे छात्र जिन्होंने 15 जुलाई, 2025 तक 10वीं से 11वीं में दाखिला ले लिया, लेकिन ‘चिराग’ योजना के तहत उनका डेटा अपलोड नहीं हो पाया, अब वे पोर्टल खुलने के दौरान अपनी मार्कशीट, छात्र विवरण और अन्य आवश्यक दस्तावेज अपलोड कर सकेंगे। शिक्षा विभाग का मानना है कि इससे वास्तविक रूप से पात्र छात्रों को योजना का लाभ मिल सकेगा। शिक्षा निदेशालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि 276 निजी स्कूलों को कुछ कक्षाओं के लिए पात्र और कुछ के लिए अपात्र पाया गया है। इसका मुख्य कारण स्कूलों द्वारा मान्यता से संबंधित अधूरे दस्तावेज अपलोड करना बताया गया है। कई स्कूल सीनियर सेकेंडरी तक मान्यता प्राप्त होने के बावजूद केवल सेकेंडरी स्तर तक के दस्तावेज अपलोड कर रहे थे। ऐसे सभी निजी स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपना पूर्ण और सही मान्यता प्रमाण-पत्र पोर्टल पर अपलोड करें। जिला शिक्षा अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि उनके जिलों के संबंधित स्कूल तय समयसीमा के भीतर सभी लंबित दस्तावेज जमा करें। निदेशालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने जिलों में स्थित निजी स्कूलों से समन्वय स्थापित कर पोर्टल खुलने की अवधि में सभी लंबित छात्र डेटा और मान्यता दस्तावेज समय पर अपलोड करवाएं। शिक्षा विभाग के इस निर्णय से उन छात्रों और अभिभावकों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो समयसीमा के कारण ‘चिराग’ योजना से बाहर हो गए थे। विभाग का कहना है कि यह कदम योजना के उद्देश्य के अनुरूप है, ताकि किसी भी पात्र छात्र को तकनीकी कारणों से लाभ से वंचित न रहना पड़े।

भगवान श्रीराम के जीवन पर आधारित शो कराएगी पंजाब सरकार

चंडीगढ़. पंजाब सरकार ने कैबिनेट की बैठक में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है कि पूरे राज्य में भगवान श्रीराम के जीवन पर आधारित ‘हमारे राम’ नाटक प्रदर्शित किए जाएंगे। प्रसिद्ध अभिनेता आशुतोष राणा अभिनीत इस नाटक के 40 शो करवाए जाएंगे। वित्तमंत्री हरपाल सिंह चीमा ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि सांस्कृतिक मामलों का विभाग इस आयोजन की पूरी तैयारी करेगा। इस शो में देश के कई नामी कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे। इसके लिए कोई टिकट नहीं ली जाएगी। हर शहर में यह शो निशुल्क दिखाया जाएगा। इसका सारा खर्च पंजाब सरकार उठाएगी। दिलचस्प बात यह है कि आम आदमी पार्टी की सरकार का यह आखिरी वर्ष है। पार्टी को 2027 के शुरुआती महीने में चुनाव में उतरना है। आप इसके पीछे एक बड़े हिंदू वोट बैंक को देख रही है। इसीलिए जहां अन्य प्रदेशों में इस नाटक को दिखाने के पैसे लिए जा रहे हैं, वहीं पंजाब में इसे निशुल्क दिखाया जाएगा। गन्ने पर 68.50 रुपये प्रति क्विंटल एसएपी इसके साथ ही, पंजाब कैबिनेट ने गन्ना उत्पादकों के लिए राज्य सहमत मूल्य (एसएपी) में 68.50 रुपये प्रति क्विंटल की सीधी सब्सिडी को मंजूरी दी है। इससे सरकारी खजाने पर 322 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा। वित्तमंत्री ने कहा कि यह इस बात पर निर्भर करेगा कि गन्ने की कितनी फसल चीनी मिलों में आती है। पंजाब पहले से ही गन्ने के लिए सबसे अधिक कीमत देने वाला राज्य बन चुका है। यहां गन्ने की कीमत ₹416 प्रति क्विंटल दी जा रही है। गन्ने की पेराई सत्र 2025-26 के लिए निजी चीनी मिलें इस राशि का किसानों को सीधा भुगतान करेंगी और बाद में सरकार से यह राशि ले ली जाएगी। 1000 और योग प्रशिक्षक होंगे भर्ती कैबिनेट ने 'सीएम दी योगशाला' योजना के तहत योग प्रशिक्षकों के 1,000 अतिरिक्त पदों के सृजन को भी मंजूरी दी। वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान इसके लिए ₹35 करोड़ का बजटीय प्राविधान किया जाएगा। इसका उद्देश्य स्वस्थ और फिट पंजाब को बढ़ावा देना है। इससे पहले 635 प्रशिक्षक पहले से ही काम कर रहे हैं। एक अन्य फैसले में मुक्तसर जिले के गांव बादल, तरनतारन जिले के खडूर साहिब, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जलालाबाद और फाजिल्का जिले के अस्पतालों को बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (बीएफयूएचएस), फरीदकोट में स्थानांतरित करने की मंजूरी दे दी। अभी इन केंद्रों को सरकार का स्वास्थ्य विभाग चला रहा था। अन्य फैसले शहरों की जमीन विभागों को देने का निर्णय डीसी की कमेटी करेगी खाली पड़ी जमीनों को उपयोग करने के लिए भी मिली मंजूरी परियोजनाओं के लिए समय अवधि बढ़ाने को मंजूरी सिविल सर्विस के नियमों में बदलाव को मंजूरी बागबानी के अधीन रकबा बढ़ाने के लिए जापान से समझौता

नांदेड़ के लिए स्पेशल ट्रेनें, इन शहरों से गुजरेंगी 02 ट्रेनें, शेड्यूल जानें

भोपाल   महाराष्ट्र राज्य के नांदेड़ में इस साल गुरु तेग बहादुर साहिब का 350वां शहीदी दिवस मनाया जाएगा। 24 और 25 जनवरी 2026 को यहां देशभर से श्रद्धालु पहुंचेंगे। ऐसे में इन श्रद्धालुओं की सुविधा को मद्देनजर रखते हुए भारतीय रेलवे ने चंड़ीगढ़ और हजरत निजामुद्दीन से अतिरिक्त 02 आरक्षित स्पेशल ट्रेनें चलाने का फैसला किया है। दोनों स्पेशल ट्रेनें खास तौर पर मध्य प्रदेश के यात्रियों के लिए बड़े काम की साबित होंगी। रेलवे अफसरों के अनुसार, इन विशेष ट्रेनों के स्टॉपेज से मध्य प्रदेश के प्रमुख स्टेशनों के यात्रियों को नांदेड़ पहुंचने के लिए बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि, यात्रा से पहले ट्रेन का टाइम टेबल और रिजर्वेशन की स्थिति मालूम कर लें, ताकि सुलभ यात्रा का लाभ ले सकें। एमपी के इन स्टेशनों से गुजरेंगी स्पेशल ट्रेनें दोनों स्पेशल ट्रेनें एमपी के बीना जंक्शन, भोपाल जंक्शन और इटारसी जंक्शन होकर गुजरेंगी। इससे सागर, विदिशा, रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल समेत आसपास के जिलों के यात्रियों को नांदेड़ आने-जाने के लिए सीधी रेल सुविधा मिलेगी। आम दिनों में सीमित विकल्प होने के चलते यात्रियों को जिन दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, वो इन स्पेशल ट्रेनों के कारण काफी हद तक नहीं होगा। चंडीगढ़-नांदेड़-चंडीगढ़ स्पेशल गाड़ी नंबर- 04524/04523 चंडीगढ़-नांदेड़-चंडीगढ़ आरक्षित स्पेशल ट्रेन चलाई जा रही है। -चंडीगढ़ से प्रस्थान: 23 और 24 जनवरी 2026 -नांदेड़ से प्रस्थान: 25 और 26 जनवरी 2026 भोपाल जंक्शन पहुंचने का समय -चंडीगढ़ से आने पर: रात 9:50 बजे आगमन, 9:55 बजे प्रस्थान -नांदेड़ से आने पर: दोपहर 2:00 बजे आगमन, 2:10 बजे प्रस्थान हजरत निजामुद्दीन-नांदेड़-हजरत निजामुद्दीन स्पेशल गाड़ी नंबर- 04494/04493 हजरत निजामुद्दीन-नांदेड़-हजरत निजामुद्दीन के बीच चलेगी। -हजरत निजामुद्दीन से प्रस्थान: 23 और 24 जनवरी 2026 -नांदेड़ से प्रस्थान: 24 और 25 जनवरी 2026 भोपाल जंक्शन पर पहुंचने का समय -निजामुद्दीन से आने पर: रात 10:25 बजे आगमन, 10:30 बजे प्रस्थान -नांदेड़ से आने पर: दोपहर 12:10 बजे आगमन, 12:15 बजे प्रस्थान

विजय शाह के मामले पर सीएम का बड़ा बयान, दावोस दौरे के बाद होगा फैसला

भोपाल  कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित बयान देने वाले मंत्री विजय शाह की मुश्किलें बढ़ती जा रहीं हैं। सुप्रीम कोर्ट ने शाह के खिलाफ अभियोजन पर स्वीकृति देने के लिए सरकार को दो हफ्ते का वक्त दिया है। कानूनी जानकारों की मानें तो विजय शाह के इस केस का ट्रायल इंदौर एमपी-एमएलए कोर्ट में चल सकता है. सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को अभियोजन पर फैसला लेने के लिए दो हफ्तों का वक्त दिया है। सीएम डॉ मोहन यादव 23 जनवरी तक स्विटजरलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में शामिल होने के लिए गए हैं। ऐसे में सीएम के दावोस से लौटने के बाद विजय शाह के मामले में सरकार आगे निर्णय लेगी। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में हुई थी सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में छह महीने बाद विजय शाह मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान विजय शाह की ऑनलाइन माफी पर सोमवार को कोर्ट ने कहा कि इसमें अब बहुत देर हो गई है। कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि शाह के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी देने पर 2 हफ्ते के भीतर फैसला लें। सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने इस बात पर कड़ी नाराजगी जताई कि राज्य सरकार विशेष जांच दल (SIT) की रिपोर्ट पर कई महीनों से कोई फैसला नहीं ले रही है। जबकि विशेष जांच दल ने अपनी जांच पूरी कर ली है और अंतिम रिपोर्ट दाखिल कर दी है। कोर्ट ने कहा- अब सरकार को फैसला लेना होगा सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश टिप्पणी करते हुए कहा- आप 19 अगस्त, 2025 से एसआईटी रिपोर्ट पर विचार कर रहे हैं। कानून आप पर दायित्व डालता है और आपको निर्णय लेना होगा। अब 19 जनवरी है। अदालत ने एसआईटी की सीलबंद रिपोर्ट खोली और पाया कि अलग-अलग पहलुओं की जांच के बाद, उसने उसके खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए सरकार की मंजूरी मांगी है। कोर्ट ने कहा- हमें सूचित किया गया है कि मामला यहां लंबित होने के कारण राज्य द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई है। हम मध्य प्रदेश राज्य को कानून के अनुसार मंजूरी हेतु उचित कदम उठाने का निर्देश देते हैं। कोर्ट ने माफी पर कहा- अब बहुत देर हो चुकी इससे पहले मप्र सरकार की ओर से यह बताया गया था कि उसने एसआईटी के अनुरोध पर कोई कार्रवाई नहीं की थी क्योंकि मामला सर्वोच्च न्यायालय में लंबित था। जब शाह का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता मनिंदर सिंह ने बताया कि उन्होंने पहले ही अपनी टिप्पणियों के लिए माफी मांग ली थी, तो अदालत ने कहा, "माफी कहां है? रिकॉर्ड में तो कुछ भी नहीं है। अब तो बहुत देर हो चुकी है।" एमपी हाईकोर्ट ने FIR दर्ज करने के आदेश दिए थे सुप्रीम कोर्ट में वकील वरुण ठाकुर ने बताया कि विजय शाह द्वारा कर्नल सोफिया को लेकर दिए गए बयान के मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान (सुओ मोटो) लेते हुए एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए थे। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया था कि एफआईआर किस तरह दर्ज की जाए। इसके बाद विजय शाह ने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी (विशेष अनुमति याचिका) दायर की। उन्होंने कोर्ट में यह दलील दी कि बयान देने का उनका इरादा गलत नहीं था। उन्होंने माफी भी मांगी। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अब माफी के लिए बहुत देर हो चुकी है और उनका बयान शपथ के विपरीत है। SIT रिपोर्ट में विजय शाह के पुराने बयानों का जिक्र इस मामले में गठित विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत कर दी है। रिपोर्ट में न केवल मौजूदा घटना को शामिल किया गया, बल्कि जय ठाकुर द्वारा दायर एक याचिका का भी उल्लेख किया गया, जिसमें विजय शाह के पुराने बयानों का जिक्र था। सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी को निर्देश दिया था कि वह इन सभी घटनाओं और बयानों की जांच करे और रिपोर्ट दाखिल करे। एसआईटी की जांच के बाद चार्जशीट दाखिल कर दी गई है, लेकिन फिलहाल कोर्ट संज्ञान (कॉग्निज़ेंस) नहीं ले पा रहा है। इसकी वजह यह है कि मध्य प्रदेश सरकार अपने मौजूदा मंत्री के खिलाफ अभियोजन की स्वीकृति नहीं दे रही है। मामले की सुनवाई फरवरी के पहले सप्ताह में होगी सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को दो सप्ताह के भीतर अभियोजन की मंजूरी देने का निर्देश दिया है। इस मामले की सुनवाई फरवरी के पहले सप्ताह में होगी। ऐसे में विजय शाह की मुश्किलें बढ़ सकती हैं, क्योंकि यह एक संवेदनशील बयान था और जिस समय यह दिया गया, उस वक्त माहौल भी बेहद संवेदनशील था। हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट दोनों ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। एसआईटी ने जांच के बाद अपराध मानते हुए चार्जशीट दाखिल कर दी है। अब राज्य सरकार को यह तय करना है कि मामले में आगे अभियोजन चलाया जाए या नहीं। पहले भी कई विवादित बयान दे चुके हैं विजय शाह मंत्री विजय शाह पहले भी कई विवादित बयान दे चुके हैं। तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह चौहान की पत्नी को लेकर एक बयान के कारण उन्हें पद छोड़ना पड़ा था। हाल ही में उन्होंने रतलाम जिले में लाड़ली बहनों को लेकर भी एक बयान दिया था। जिसके बाद कांग्रेस नेता उनका विरोध करते हुए पद से हटाने की मांग कर रहे हैं।

मौसम विभाग का अलर्ट: 23-24 जनवरी को 10 जिलों में बारिश और घना कोहरा, बादल आज से होंगे छाए

भोपाल  एक प्रभावी पश्चिमी विक्षोभ बुधवार रात से उत्तर-पश्चिमी भारत में सक्रिय हो रहा है, जिसके प्रभाव से मध्य प्रदेश के अधिकतर इलाकों में बादल छाने की संभावना जताई गई है। इससे रात के तापमान में कुछ बढ़ोतरी होने से कड़ाके की ठंड से राहत तो मिलेगी पर कुछ क्षेत्रों में बारिश की भी संभावना है। उधर, मंगलवार को प्रदेश में सबसे कम तापमान 5.9 डिग्री सेल्सियस मंदसौर में दर्ज हुआ, जबकि ग्वालियर में हल्का कोहरा छाया रहा, जिसके चलते पिछले सप्ताहभर के मुकाबले यहां तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं, दिन का सबसे अधिक 28.8 डिग्री सेल्सियस तापमान खरगोन में रिकॉर्ड हुआ। ग्वालियर समेत 10 जिलों में बारिश की संभावना मौसम विभाग के मुताबिक 23 जनवरी को ग्वालियर, मुरैना और भिंड जिलों में बारिश के आसार हैं। वहीं 24 जनवरी को रीवा, सतना, पन्ना, छतरपुर समेत आसपास के जिलों में मावठा गिर सकता है। इस दौरान कुछ इलाकों में बादल छाए रहेंगे, जिससे दिन के तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की जा सकती है। सुबह-सुबह कोहरे ने बढ़ाई परेशानी बुधवार सुबह प्रदेश के कई हिस्सों में हल्का से मध्यम कोहरा देखने को मिला। ग्वालियर, भिंड, दतिया और टीकमगढ़ में मध्यम कोहरा छाया रहा। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में हल्का कोहरा दर्ज किया गया। कोहरे के कारण सुबह के समय दृश्यता प्रभावित रही। रात का तापमान स्थिर, दिन में राहत मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल रात के तापमान में बड़ा बदलाव नहीं होगा। दिन के समय धूप निकलने से ठंड का असर कुछ कम रहेगा। इसके साथ ही न्यूनतम और अधिकतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी के संकेत हैं। दो सिस्टम कर रहे हैं असर मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस समय दो प्रमुख सिस्टम सक्रिय हैं। एक पश्चिमी विक्षोभ पाकिस्तान के ऊपर बना हुआ है, जो 21 जनवरी की रात उत्तर-पश्चिम भारत में प्रवेश करेगा। एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन भी सक्रिय है, जिसके चलते नर्मदापुरम और आसपास के जिलों में बादल छाए हुए हैं। इन्हीं सिस्टमों के संयुक्त असर से प्रदेश में बारिश और कोहरे की स्थिति बनी हुई है। बारिश के बाद लौटेगी ठंड मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि 24 जनवरी के बाद ठंड का एक नया दौर शुरू हो सकता है। जनवरी के अंतिम सप्ताह में शीतलहर चलने की संभावना भी जताई गई है। प्रदेश में इस समय मंदसौर सबसे ठंडा शहर दर्ज किया गया है, जहां न्यूनतम तापमान 5.9 डिग्री सेल्सियस रहा। रात से सक्रीय हो रहा नया सिस्टम मौसम विभाग के अनुसार, मौजूदा समय में एक पश्चिमी विक्षोभ हिमाचल और उसके आसपास द्रोणिका के रूप में बना हुआ है। उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश एवं उसके आसपास हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात मौजूद है। उत्तर भारत पर 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर 241 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से जेट स्ट्रीम हवाएं चल रही हैं। बुधवार रात से एक नया प्रभावी पश्चिमी विक्षोभ के उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने की संभावना है। आखिरी सप्ताह में फिर शुरु होगा ठंड का दौर ऐसे में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बुधवार रात से प्रदेश के अधिकतर जिलों में बादल छा सकते हैं। वहीं, ग्वालियर-चंबल सभाग के साथ साथ करीब 10 जिलों में मावठी बारिश के साथ-साथ उत्तर और उत्तर-पूर्वी जिलों में घना कोहरा छाने की संभावना है। बादलों के कारण न्यूनतम तापमान में भी मामूली बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि, दिन के तापमान में थोड़ी गिरावट होने के आसार हैं। पश्चिमी विक्षोभ के आगे बढ़ते ही एक बार फिर रात तापमान में गिरावट होगी। यानी माह के आखिरी सप्ताह में एक बार फिर एमपी के अधिकतर इलाके कड़ाके की ठंड की चपेट में आ जाएंगे। कब-कहां बारिश होने का अनुमान 23 जनवरी- ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड और दतिया। 24 जनवरी- ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा और मऊगंज। प्रदेश में सबसे ठंडा मंदसौर, इंदौर में भी पारे में गिरावट मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार-मंगलवार रात प्रदेश का सबसे ठंडा शहर मंदसौर रहा। यहां न्यूनतम तापमान 5.9 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। राजगढ़ में 6.6 डिग्री, शाजापुर में 7.1 डिग्री, दतिया में 8.6 डिग्री, शिवपुरी में 9 डिग्री, मंडला-खजुराहो में 9.5 डिग्री दर्ज किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 9.8 डिग्री, इंदौर में 8.4 डिग्री, ग्वालियर में 10 डिग्री, उज्जैन में 9.8 डिग्री और जबलपुर में पारा 14.5 डिग्री सेल्सियस रहा। बाकी शहरों में भी न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी रही और यह 10 डिग्री से ऊपर ही रहे। ग्वालियर अंचल में बदल रहा मौसम जम्मू-कश्मीर में सक्रिय कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से फिलहाल शहर में ठंड का प्रभाव कम है। सिर्फ सुबह व शाम के समय ठंडक बनी हुई है और दिन में तेज धूप खिलने के कारण लोगों को सर्दी से राहत मिल रही है। मंगलवार को भी तेज धूप खिलने से अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी रही, जबकि न्यूनतम तापमान में हल्की गिरावट दर्ज हुई।

दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता ने मुख्यमंत्री नायब सैनी का आरती उतारकर किया स्वागत

चंड़ीगढ़. हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से उनके आवास पर मुलाकात की। इस बैठक में दोनों राज्यों के साझा विकास, आपसी समन्वय और जनकल्याण से जुड़े विभिन्न विषयों पर गहन चर्चा हुई। इस मीटिंग का मुख्य उद्देश्य दोनों पड़ोसी राज्यों के बीच सहयोग को मजबूत करना और जनहित के मुद्दों पर मिलकर काम करना था। दरअसल, मुख्यमंत्री नायब सैनी मंगलवार को बीजेपी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के पदभार ग्रहण कार्यक्रम में शामिल होने के लिए भाजपा मुख्यालय, दिल्ली पहुंचे थे। पदभार ग्रहण कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल, राव इंद्रजीत सिंह, कृष्णपाल गुर्जर, भाजपा संसदीय समिति की सदस्य डॉ. सुधा यादव, हरियाणा भाजपा के प्रभारी डॉ. सतीश पुनिया और अध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली समेत हरियाणा के कई मंत्री सांसद व विधायक मौजूद रहे। इस दौरान कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जैसे भाजपा का विजय रथ आगे बढ़ रहा है, ऐसे ही नव निर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन इस रथ को और अधिक तेज गति से आगे बढ़ाने का काम करेंगे।

डीएसपी कल्पना ने लीक की नक्सलियों की सूचना

दंतेवाड़ा. दंतेवाड़ा में पदस्थ डीएसपी कल्पना वर्मा और होटल कारोबारी दीपक टंडन के बीच जारी विवाद की जांच पूरी हो गई है। तबादले के बाद रायपुर से राजनांदगांव जाने से पहले एएसपी कीर्तन राठौर ने इस मामले की जांच पूरी कर 1480 पन्नों की रिपोर्ट एसएसपी डॉ. लाल उमेदसिंह ने सौंपी है. जांच में खुलासा हुआ है कि डीएसपी वर्मा और कारोबारी टंडन के बीच घनिष्ठ संबंध थे। दोनों अक्सर साथ समय बिताते थे। कारोबारी ने डीएसपी को महंगे उपहार और नकद में बड़ी रकम दी है। दोनों के बीच पैसों का लेन-देन भी हुआ है। डीएसपी ने इन उपहारों को स्वीकार भी किया है, लेकिन इनकी जानकारी न तो विभाग को दी और न ही आयकर विभाग को, जबकि नियमानुसार उन्हें विभाग से इसकी अनुमति लेना अनिवार्य था। जांच में यह भी सामने आया है कि डीएसपी ने दंतेवाड़ा नक्सल ऑपरेशन से जुड़ी कई गोपनीय जानकारियां भी लीक की है। उन्होंने कारोबारी को संबंधित रिपोर्ट वाट्सएप की है। कई वरिष्ठ अधिकारियों के चैट भी वह टंडन को दिखाती थीं। डीएसपी के भाई और पिता से भी कारोबारी का लेन-देन रहा है। डीएसपी वर्मा अपने बचाव में कोई ठोस सबूत पेश नहीं कर पाई हैं। ज्ञात हो कि एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने डीएसपी कल्पना वर्मा और कारोबारी दीपक टंडन से जुड़ी शिकायत पर एएसपी कीर्तन राठौर को जांच का निर्देश दिया था। एएसपी कीर्तन ने दोनों पक्षों के बयान लिए और आरोपों की जांच की। जांच रिपोर्ट तैयार कर उन्होंने एसएसपी को सौंप दी। वहीं एसएसपी ने जांच रिपोर्ट शासन को भेज दी है। अब शासन स्तर पर आगे की कार्रवाई होनी है। डीएसपी ने वीआईपी ड्यूटी से लेकर फोर्स की जानकारी टंडन को दी। डीएसपी वर्मा ने वीआईपी मूवमेंट से लेकर ड्यूटी की जानकारी तक टंडन के साथ साझा की है। किसकी कहां ड्यूटी लगी है और किसकी कहां पोस्टिंग हुई है, इस तरह की जानकारियां उन्होंने दीपक टंडन को वाट्सएप के जरिए दी है। टंडन ने इन चैट्स को जांच अधिकारी को सौंपा है। डीएसपी ने अपनी निजी जानकारी और पारिवारिक बातें भी टंडन को बताई है। डीएसपी ने गिफ्ट में ली 12 लाख की डायमंड रिंग पुलिस जांच में यह साबित हुआ है कि कारोबारी टंडन ने डीएसपी वर्मा को 12 लाख रुपए की डायमंड रिंग उपहार में दी थी। इसके बाद 5 लाख रुपए के सोने के जेवर भी दिए गए। लग्जरी कार और मोबाइल फोन भी उपहार में दिए गए थे। टंडन ने करीब 2 करोड़ रुपए खर्च करने का दावा किया है। जांच में इसके सबूत भी मिले हैं। डीएसपी के घर में जो कार है, वह टंडन के नाम पर है, जिसे उपहार के रूप में दिया गया था। मारपीट की रिपोर्ट नहीं लिखी टीआई ने लिए 10 लाख रुपए कारोबारी टंडन की होटल के भीतर पिटाई का एक वीडियो वायरल हुआ था। इस मामले में टंडन ने जांच अधिकारी को सबूत दिए हैं कि वे रिपोर्ट लिखाने तेलीबांधा थाने गए थे, लेकिन तत्कालीन टीआई ने उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की। इसके बजाय मामले में समझौता करा दिया गया। आरोप है कि इसके बदले आरोपियों से 15 लाख रुपए लिए गए, जिसमें से 10 लाख टीआई ने अपने पास रखे और 5 लाख टंडन को दिए गए। इस मामले में डीएसपी वर्मा ने टंडन के पक्ष में फोन भी किया था।

खडूर साहिब सांसद अमृतपाल ने बजट सत्र में शामिल होने हाईकोर्ट से मांगी अनुमति

चंडीगढ़. पंजाब के खडूर साहिब से लोकसभा सदस्य व खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह ने एक बार फिर आगामी संसद सत्र में भाग लेने की अनुमति के लिए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। अमृतपाल सिंह ने अपनी नई याचिका में कहा है कि संसद का बजट सत्र 28 जनवरी से प्रारंभ हो रहा है और एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि होने के नाते इस सत्र में उनकी उपस्थिति अत्यंत आवश्यक है। याचिका में यह भी उल्लेख किया गया है कि संसद में भाग लेना न केवल उनका संवैधानिक अधिकार है, बल्कि अपने संसदीय क्षेत्र की जनता की समस्याओं, अपेक्षाओं और हितों को राष्ट्रीय मंच पर रखने का दायित्व भी है। अमृतपाल सिंह ने अदालत के समक्ष यह तर्क रखा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुने गए प्रतिनिधियों को संसद की कार्यवाही में हिस्सा लेने से वंचित रखना जनता के मताधिकार और प्रतिनिधित्व की भावना के विपरीत है। उन्होंने कहा कि बजट सत्र देश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है, जिसमें आर्थिक नीतियों, विकास योजनाओं और जनकल्याण से जुड़े निर्णय लिए जाते हैं। ऐसे में उनकी अनुपस्थिति से खडूर साहिब संसदीय क्षेत्र की आवाज संसद में नहीं पहुंच पाएगी। पहले भी खटखटा चुके कोर्ट का दरवाजा याचिका में यह भी स्पष्ट किया गया है कि इससे पहले भी उन्होंने सीमित अवधि के लिए संसद में उपस्थित होने की अनुमति मांगी थी, ताकि वह शपथ, प्रश्नकाल और बहसों में भाग ले सकें। अमृतपाल सिंह का कहना है कि वह न्यायालय द्वारा निर्धारित किसी भी शर्त का पालन करने के लिए तैयार हैं, जिससे कानून व्यवस्था या जांच प्रक्रिया पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। वहीं, इस मामले में केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों की ओर से पहले यह दलील दी जाती रही है कि सुरक्षा और जांच से जुड़े कारणों के चलते उन्हें बाहर जाने की अनुमति देना उचित नहीं है। अदालत ने पूर्व में भी इस विषय पर दोनों पक्षों की दलीलें सुनी हैं। पिछली बार हिदायत दी थी कि समय पर आवेदन किया जाए। अब एक बार फिर इस नई याचिका पर सुनवाई होनी है।