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रायपुर: मुख्य सचिव ने साइबर अपराध रोकने और डिजिटल सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की दी निर्देश

रायपुर : साइबर अपराध रोकने, डिजिटल सुरक्षा पर विशेष जोर दिया जाएः- मुख्य सचिव राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक संपन्न  रायपुर मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में  मंत्रालय महानदी भवन में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की 100वीं तिमाही बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहन चर्चा की गई। बैठक में शासन की जनहित योजनाओं के अंतर्गत बैंक प्रकरणों में त्वरित कार्यवाही करने के निर्देश बैंकर्स को दिए गये हैं। बैठक में राज्य स्तरीय लीड बैंक तथा अन्य बैंकों में लंबित ऋण प्रकरणों की विस्तार से समीक्षा की गई। इसी तरह से राज्य के विभिन्न जिलों में बैंक नेटवर्क की स्थिति के बारे में विस्तार से चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने कहा है कि राज्य के सभी इलाको में लोगों को बैकिंग सुविधा मिले यह सुनिश्चित किया जाये। बैठक में जानकारी दी गई की राज्य में क्रेडिट-डिपॉजिट अनुपात का औसत उपलब्धि स्तर अब राष्ट्रीय स्तर के समकक्ष पहुंच गया है, जो राज्य की मजबूत बैंकिंग प्रगति को दर्शाता है। बैठक में बैंकर्स को डिजिटल लेन-देन के लिए लोगों को जागरूक करने के लिए विशेष कार्यक्रम  आयोजित करने कहा गया है।   मुख्य सचिव विकासशील ने उद्गम पोर्टल की चर्चा करते हुए कहा कि विभिन्न बैंको के खातों में लोगों की राशि पिछले कई वर्षों से जमा है। बैंक में पड़ी ऐसी राशि जिसका अपने या अपने परिवार का  दावा नहीं किये गये है ऐसे बचत खाताओं का पता लगाकर लोगों की मदद की जाये और उनकी जमा राशि वापिस की जाये। इसके लिए उद्गम पोर्टल की जानकारी लोगों को प्रचार-प्रसार कर दी जानी चाहिए। उद्गम पोर्टल बैंक खातेदारों को बताता हैं कि आपका पैसा कहां है और फिर आपको उस पैसे को पाने के लिए बैंकर्स से मिलकर आवश्यक औपचारिकताएं कर बैंको में कई वर्षों से पड़ी राशि प्राप्त की जा सकती है।   बैठक में डिजिटल अरेस्ट, साइबर फ्रॉड और ऑनलाइन ठगी के बढ़ते मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण और दूरस्थ अंचलों में भी विशेष जागरूकता अभियान चलाए जायें, ताकि आमजन डिजिटल अपराधों से सावधान एवं सतर्क रहें। उन्होंने आधार से बैंक खातो को लिंक करने की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी बैंक खातों में आधार से लिंक किया जाये जिससे   सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी और समयबद्ध ढंग से हितग्राहियों को लाभ मिलेगा।  मुख्य सचिव ने बैंकों को ऋण वितरण (डिस्बर्समेंट) की प्रक्रिया में सुधार लाने के निर्देश देते हुए कहा कि पात्र हितग्राहियों को सरल और शीघ्र प्रक्रिया के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराया जाए, जिससे स्वरोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। मुख्य सचिव ने विशेष रूप से राज्य के बस्तर क्षेत्र  सहित अन्य ग्रामीण एवं दूरस्थ इलाकों में बैंकिंग सुविधाओं की पहुंच बढ़ाने तथा जनहितकारी सरकारी योजनाओं का लाभ आम लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया।  बैठक में बताया गया कि वित्तीय समावेशन संतृप्ति अभियान के तहत राज्य में अब तक 11,680 शिविरों का आयोजन किया जा चुका है। इन शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों, महिला स्वयं सहायता समूहों और कमजोर वर्गों को बैकिंग सुविधा एवं योजनाओं की जानकारी दी गई। जन-धन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY), प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY), अटल पेंशन योजना (APY) किसान क्रेडिट कार्ड, प्रधानमंत्री आवास 0.2, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, पीएम स्वनिधि योजना सहित अन्य योजनाओं की प्रगति पर भी विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा ऋण अनुदान योजना सहित अन्य जनहित की योजनाओं के अंतर्गत बैंक प्रकरणों से फायदा पहुंचाने के लिए बैंकर्स को निर्देश दिये गये है। बैठक में बैंको में ऋण प्रकरणों की विस्तार से समीक्षा की गई। राज्य लीड बैंक अधिकारी ने एस.एल.बी.सी. में बैंकिंग प्रकरणों के बारे में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों की विस्तार से जानकारी दी। बैठक में भारतीय रिजर्व बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, नाबार्ड सहित विभिन्न बैंको के प्रतिनिधी, राज्य शासन के अधिकारी सहित बैंकर्स एवं राज्य स्तरीय बैंकर्स कमेंटी के अन्य सदस्य मौजूद थे। 

छत्तीसगढ़: शिमला मैनपाट में विकसित होगा नया पर्यटन–आवासीय परिसर, गृह निर्माण मंडल ने की घोषणा

रायपुर : छत्तीसगढ़ के शिमला मैनपाट में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल बनाएगा सर्वसुविधायुक्त पर्यटन–आवासीय परिसर मैनपाट में 4.80 हेक्टेयर भूमि आवंटित, पर्यटन को मिलेगा नया आयाम रायपुर छत्तीसगढ़ के ‘शिमला’ नाम से प्रसिद्ध मैनपाट में पर्यटन सुविधाओं और आवासीय विकास को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। राज्य सरकार द्वारा मैनपाट में 4.80 हेक्टर (12 एकड़) भूमि अटल विहार योजना हेतु छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल को आवंटित की गई है। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंह देव ने बताया कि इस भूमि पर आधुनिक एवं बहुउपयोगी पर्यटन–आवासीय परिसर का निर्माण शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा। प्राकृतिक परिवेश के अनुरूप विकसित होने वाली यह परियोजना मैनपाट आने वाले पर्यटकों को बेहतर, सुरक्षित और किफायती ठहराव उपलब्ध कराएगी। सिंह देव ने कहा कि यह निर्णय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में, आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी और पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल के सक्रिय प्रयासों से संभव हुआ है। उन्होंने कहा कि मैनपाट में लगातार बढ़ते पर्यटक आगमन को देखते हुए इस तरह की सुविधाओं की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। प्रस्तावित परिसर में आधुनिक वेलनेस एवं मनोरंजन सुविधाएँ विकसित की जाएंगी। सिंह देव ने बताया कि परियोजना में केरल मॉडल पर आधारित वेलनेस सेंटर, प्राकृतिक पंचकर्म चिकित्सा, हर्बल स्पा और आयुष सेवाएं प्रस्तावित हैं। साथ ही 24×7 क्लब हाउस, मिलेट्स कैफे, जिम, स्विमिंग पूल, किड्स प्ले एरिया, स्टीम बाथ और एंटरटेनमेंट ज़ोन विकसित किए जाएंगे। पर्यावरण अनुकूल विकास के तहत ट्री हाउस, कॉटेज और स्थानीय जीवन एवं संस्कृति का अनुभव कराने वाला सांस्कृतिक क्षेत्र भी शामिल होगा। उन्होंने कहा कि परियोजना से मैनपाट में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय रोजगार के अवसर सृजित होंगे और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में नई संभावनाएं खुलेंगी। गुणवत्तापूर्ण आवासीय सुविधा उपलब्ध होने से पर्यटकों का ठहराव समय बढ़ेगा, जो क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा। आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि मैनपाट छत्तीसगढ़ का विशिष्ट एवं उभरता हुआ पर्यटन गंतव्य है। तेजी से बढ़ रही पर्यटक संख्या को देखते हुए यहाँ आधुनिक सुविधाओं का विकास अत्यावश्यक है। हाउसिंग बोर्ड की यह पहल पर्यटन, आवास और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई दिशा देगी तथा मैनपाट को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर सशक्त रूप से स्थापित करेगी। पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने परियोजना को छत्तीसगढ़ के पर्यटन विस्तार के लिए मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि आधुनिक पर्यटन सुविधाओं के विकास से पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिलेगा और राज्य का हॉस्पिटैलिटी सेक्टर मजबूत होगा। सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो ने इसे मैनपाट के समग्र विकास के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह परियोजना स्थानीय युवाओं को रोजगार एवं व्यापार के अवसर उपलब्ध कराएगी और क्षेत्र की पहचान को नई ऊँचाई देगी। अध्यक्ष अनुराग सिंह देव ने कहा कि यह पहल छत्तीसगढ़ में पर्यटन–आवास विकास के क्षेत्र में गृह निर्माण मंडल की ऐतिहासिक भूमिका को मजबूत करेगी और भविष्य में मैनपाट को एक प्रमुख राष्ट्रीय पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने का आधार बनेगी।

छत्तीसगढ़ में पेयजल व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार, जल जीवन मिशन से 32 लाख से अधिक घरों तक पहुँचा नल से जल

रायपुर : प्रत्येक ग्रामीण परिवार को सुरक्षित, शुद्ध एवं सतत पेयजल उपलब्ध कराना सरकार का लक्ष्य : उपमुख्यमंत्री साव छत्तीसगढ़ में पेयजल व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार, जल जीवन मिशन से 32 लाख से अधिक घरों तक पहुँचा नल से जल  जल जीवन मिशन के तहत लगभग 41.87 लाख घरेलू नल कनेक्शन 5,564 ग्राम ‘हर घर जल ग्राम’ घोषित रायपुर   छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन के प्रभावी और पारदर्शी क्रियान्वयन से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था में व्यापक और ऐतिहासिक परिवर्तन आया है। उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज नवा रायपुर अटल नगर स्थित संवाद ऑडिटोरियम में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान पत्रकारों को यह जानकारी दी।  उपमुख्यमंत्री श्री साव ने बताया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत राज्य में अब तक 40 लाख 87 हजार 27 घरेलू नल कनेक्शन प्रदान किए जा चुके हैं, जिससे 32 लाख घरों तक नल के माध्यम से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित हुई है। उन्होंने बताया कि मिशन लागू होने से पूर्व प्रदेश में केवल 3 लाख 19 हजार 741 घरेलू नल कनेक्शन उपलब्ध थे, जबकि वर्तमान सरकार के कार्यकाल के बीते दो वर्षों में इस संख्या में तेज़ी से वृद्धि हुई है। प्रेस वार्ता में उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि राज्य सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि प्रत्येक ग्रामीण परिवार को सुरक्षित, शुद्ध एवं सतत पेयजल उपलब्ध कराया जाए और छत्तीसगढ़ को शीघ्र ही ‘हर घर जल’ राज्य के रूप में स्थापित किया जाए। श्री साव ने कहा कि वर्तमान में 6,572 ग्रामों में शत-प्रतिशत घरेलू नल कनेक्शन पूर्ण हो चुके हैं। वहीं 5,564 ग्रामों को ‘हर घर जल ग्राम’ घोषित किया गया है, जिनमें से 4,544 ग्रामों को विधिवत प्रमाणित किया जा चुका है, विगत दो वर्षों में हर घर सर्टिफाइड ग्रामों की संख्या में पूर्व की तुलना में 750 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसके साथ ही 5,088 ग्राम पंचायतों को जलापूर्ति व्यवस्थाओं का हस्तांतरण भी किया गया है। प्रेस वार्ता में उपमुख्यमंत्री ने बताया कि जल जीवन मिशन से पूर्व ग्रामीण क्षेत्रों में 3,08,287 हैंडपंप, 4,440 नलजल योजनाएं और 2,132 स्थल जल प्रदाय योजनाएं संचालित थीं। वर्तमान में 70 समूह जल प्रदाय योजनाएं प्रगतिरत हैं, जिनसे 3,208 ग्राम लाभान्वित हो रहे हैं तथा 9 लाख 85 हजार से अधिक घरेलू नल कनेक्शन इन योजनाओं के माध्यम से जुड़े हैं। जल गुणवत्ता पर विशेष जोर देते हुए श्री साव ने बताया कि राज्य में 77 जल परीक्षण प्रयोगशालाएं संचालित हैं, जिनमें 47 प्रयोगशालाएं एनएबीएल मान्यता प्राप्त हैं। आम नागरिकों की सुविधा के लिए पेयजल से संबंधित समस्याओं के त्वरित निराकरण हेतु टोल फ्री नंबर 1800-233-0008 भी प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है। उपमुख्यमंत्री श्री साव ने स्पष्ट किया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जा रहा है। दोषपूर्ण कार्यों के कारण बीते दो वर्षों में 28 करोड़ 38 लाख रुपये से अधिक का अर्थदंड लगाया गया, 629 अनुबंध निरस्त किए गए तथा 11 फर्मों को ब्लैकलिस्ट किया गया। इसके साथ ही दोषी अधिकारियों एवं ठेकेदारों के विरुद्ध सख्त विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई भी की गई है। उन्होंने आगामी कार्ययोजना की जानकारी देते हुए बताया कि शेष बचे लगभग 8 लाख घरेलू नल कनेक्शन (एफएचटीसी) का निर्माण, 21 हजार से अधिक अधूरी योजनाओं को पूर्ण करना, 24 हजार से अधिक योजनाओं को ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित करना तथा सभी प्रगतिरत समूह जल प्रदाय योजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करना सरकार की प्राथमिकता है। मानव संसाधन सुदृढ़ीकरण पर जानकारी देते हुए उपमुख्यमंत्री ने बताया कि बीते दो वर्षों में विभाग में 403 रिक्त पदों का सृजन, 213 पदों पर नियुक्ति, 103 कर्मचारियों को पदोन्नति तथा 877 शासकीय सेवकों को समयमान-वेतनमान का लाभ प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पोंगल उत्सव में भाग लिया, सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लिया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारत उत्सव प्रिय संस्कृति में विश्वास रखता है। जहां उत्तर भारत में मकर संक्रांति उल्लास से मनाई जाती है वहीं दक्षिण भारत विशेष रूप से तमिलनाडु में पोंगल त्यौहार आनंद और ऋतु परिवर्तन का प्रतीक है। यह प्रकृति की पूजा और पशुधन के प्रति आभार व्यक्त करने का अवसर भी है। पोंगल त्यौहार पर दूध, गुड़ और उबले चावल की खीर बहुत पसंद की जाती है। अब देश भर में सभी प्रांतों में सभी समुदायों के व्यंजन उपलब्ध हैं और भारतीय नागरिक सभी पर्वों और त्योहारों का आनंद का भी लेते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार की शाम होटल पलाश में आयोजित हैप्पी पोंगल उत्सव को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर विधायक विष्णु खत्री भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर प्रस्तुत विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी देखीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पोंगल त्यौहार के विविध आयामों पर प्रदर्शित स्टॉल देखे और आयोजक एवं भागीदारी करने वाले नागरिकों को बधाई दी। इस अवसर पर सचिव मुख्यमंत्री और मप्र पर्यटन विकास निगम के प्रबंध संचालक इलैया राजा टी और तमिल समुदाय के अनेक समाज बंधु उपस्थित थे। भारतीय लोक संस्कृति के महत्वपूर्ण पर्व पोंगल में भागीदारी करने आए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का पारंपरिक अंग वस्त्र से स्वागत किया गया।  

डॉ. यादव ने महाभारत समागम का किया उद्घाटन, सांस्कृतिक विविधता का संगम

मुख्यरमंत्री डॉ. यादव ने किया महाभारत समागम का शुभारंभ भारत भवन परिसर में बिखरे बहुरंगी संस्कृति के रंग आगामी 24 जनवरी 2026 तक प्रतिदिन होंगे सांस्कृतिक, वैचारिक आयोजन भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी विरासत से विकास की ओर देश को मंजिल दर मंजिल आगे ले जाने के लिए संकल्पबद्ध हैं। उन्होंने विश्व में भारत की प्रतिष्ठा बढ़ाई है। वे भारतीय संस्कृति को विभिन्न देशों तक पहुंचाने का प्रयत्न करते हैं। अन्य देशों के राष्ट्रपति जब भारत आते हैं तो उनको पवित्र श्रीमद्भागवत गीता हमारे प्रधानमंत्री भेंट करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को भारत भवन भोपाल में वीर भारत न्यास द्वारा आयोजित महाभारत समागम का शुभारंभ किया। यह आयोजन 9 दिन चलेगा। समागम के शुभारंभ अवसर पर परिसर के खुले विशाल मंच पर मेत्रैयी पहाड़ी और उनके कलाकार साथियों ने विश्व को शांति और न्याय का संदेश देने वाली सशक्त सांस्कृतिक प्रस्तुति प्रस्तुत की। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने भारत भवन परिसर की कला दीर्घाओं में आयोजित दो विशेष प्रदर्शनियों का भी अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वैश्विक सभ्यताओं के संघर्ष और औदार्य की महागाथा महाभारत पर केन्द्रित देश का प्रथम और अब तक के सबसे वृहद आयोजन के साक्षी होने का यह अवसर है। इस महाभारत समागम में आकर ऐसा प्रतीत हो रहा है, जैसे महाभारत काल में पहुंचकर घटनाओं को देख रहे हों। कलाकारों ने अपने पात्रों को जीते हुए पूर्व जन्म से कथा का तानाबाना बुना है। मध्यप्रदेश के स्थापना दिवस जैसे विशेष अवसर पर भी ऐसी प्रस्तुति की जाएगी। महाभारत समागन में इंडोनेशिया सहित अन्य राष्ट्रों के नाट्य समूह आमंत्रित किए गए हैं। वीर भारत न्यास का यह महत्वपूर्ण वैचारिक और सांस्कृतिक उपक्रम है, जो आने वाली पीढ़ियों को भी नई ऊर्जा देगा। रामायण और महाभारत काल से देश को समझना आसान, उदारता हमारी विशेषता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रामायण और महाभारत काल की घटनाओं को देखने पर भारत को अच्छी तरह समझा जा सकता है। भारत की सभ्यता को नष्ट करने के कई सदियों के कृत्य देखें तो कष्ट के वे क्षण पीड़ादायक लगते हैं। लेकिन इसके साथ ही भारत की उदारता की छवि सबसे अलग है। हमारी सभ्यता में जो लचीलापन और औदार्य रहा है, यह एक ऐसी विशिष्टता है जिसके बलबूते हमारी सभ्यता ने विशेष मुकाम बनाया है। काल प्रवाह में अनेक सभ्यताएं आईं और चली गईं। भारत कठिन परिस्थितियों से निकलकर पुन: उठकर खड़ा हो सकता है। नगरों में गीता भवन, गीता के ज्ञान, कर्म और भक्ति मार्ग को समझ रहे हैं युवा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गीता जयंती पर राज्य स्तर पर गीता पाठ प्रतियोगिताएं हुईं। इसके साथ ही वीर भारत न्यास द्वारा श्रीमद्भगवत गीता ज्ञान प्रतियोगिता भी हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह बहुत संतोष का विषय है कि इसमें युवाओं ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। लाखों विद्यार्थियों ने गीता जयंती के माध्यम से गीता को अमर कर दिया। युवा गीता के ज्ञान, कर्म और भक्ति के मार्ग को समझ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रतियोगिता के 88 विजेताओं में से कुछ विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए। उल्लेखनीय है कि कुल 90 लाख के पुरस्कार दिए गए हैं, जिनमें नगद राशि के अलावा, लैपटॉप, ई रिक्शा और ई बाइक शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से एक लाख रुपए का पुरस्कार जीतने वाली सुहिमांशी मिश्रा ने भी भेंट की और साथ में चित्र खिंचवाया। सुहिमांशी ने मुख्यमंत्री डॉ यादव के इस प्रश्न पर कि गीता पाठ किससे सीखा तो हिमांशी ने बताया कि उन्हें अपने माता-पिता से यह सब सीखने को मिला है। प्रतियोगिता में रायसेन की दीक्षा सिंह ने भी यह पुरस्कार जीता है। इसके अलावा ग्वालियर की मान्या भटनागर और छिंदवाड़ा के गोविंद सिंह को नगद पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। प्रारंभ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पारंपरिक वाद्य यंत्र बजाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और श्रीकृष्ण पाथेय न्यास की पत्रिका और वेबसाइट का लोकार्पण किया। साथ ही भूली बिसरी सभ्यताएं का विमोचन किया। वीर भारत न्यास के न्यासी सचिव राम तिवारी ने अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किए इस अवसर पर विधायक विष्णु खत्री, वीर भारत न्यासी सचिव श्रीराम तिवारी, संस्कृति संचालक एन पी नामदेव, टैगोर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति संतोष चौबे, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलगुरू विजय मोहन तिवारी, मुकेश मिश्रा और अन्य अतिथि उपस्थित थे।  

MP के 100 गांवों में होगा ‘मेगा विकास’, माइक्रो प्लान से दिखेगा चमत्कार

भोपाल  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दिल्ली में मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने पीएम मोदी को नरसिंहपुर के गाडरवारा में सुपर थर्मल पॉवर स्टेशन की विस्तारित परियोजना का भूमिपूजन का करने का न्योता दिया। साथ ही मप्र को नक्सल मुक्त बनाने और किसानों के कल्याण के लिए वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाए जाने जैसे अहम कामों व नवाचारों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने दो साल के कार्यकाल में हासिल उपलब्धियों के बारे में बताया और अगले तीन साल में किए जाने वाले बड़े कामों का रौडमैप भी सौंपा। पीएम मोदी ने नक्सल प्रभावित रहे जिलों के गांवों का फीडबैक लिया सूत्रों के मुताबिक पीएम मोदी ने मुख्यमंत्री से बालाघाट, मंडला और डिंडौरी के उन गावों के बारे में फीडबैक लिया, जो लंबे समय तक नक्सली गतिविधियों के कारण प्रभावित रहे। इस पर मुख्यमंत्री ने तीनों के ऐसे 100 गांवों के विकास का माइक्रो प्लान प्रधानमंत्री मोदी के सामने रखा। यह भी बताया कि तीनों जिलों में तय डेडलाइन से पहले चिह्नित नक्सलियों को खत्म किया। अब उन्हें विकास की मुख्य धारा से जोडऩे में भी कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। इन गांवों में विकास कार्यों को लेकर विस्तार से योजना बनाई है। इसके तहत शीघ्र ही काम शुरू होंगे। पीएम मोदी से मुख्यमंत्री की चार महीने में यह दूसरी मुलाकात है। पीएम मोदी चार महीने पहले अपने जन्मदिन पर 17 सितंबर को धार आए थे, जहां उन्होंने पीएम मित्रा पार्क का भूमिपूजन किया था। दिल्ली दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से भी भेंट की और प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं पर विचार-विमर्श किया। सीएम ने बताया सरकार का 'मोदी विजन', AI कॉन्फ्रेंस और 7 एमओयू सरकार सभी योजनाओं के क्रियान्वयन में एआइ का उपयोग कर रही है। सरकार जल्द एआइ नीति लाएगी। प्रदेश में एआइ पर मिशन मोड में काम होगा। ये बातें सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहीं। बोले-प्रदेश के माइनिंग व हेल्थ सेक्टर में एआइ के प्रयोग की बड़ी संभावनाएं हैं। विकसित भारत के लक्ष्य में राज्य सरकार पीएम मोदी के विजन के अनुसार काम कर रही है। सीएम ने भोपाल में मप्र रीजनल एआइ इम्पैक्ट कॉन्फ्रेंस-2026 का शुभारंभ किया। उन्होंने एआइ लिटरेसी मिशन के तहत फ्यूचर स्किल्स फॉर एआइ पावर्ड भारत के लिए कौशल रथ को झंडी दिखाकर रवाना किया। यह पहल सरकारी स्कूल-कॉलेजों, आइटीआइ, शिक्षकों व सरकारी अफसरों को एआइ के प्रति जागरूक करेगी। उन्हें ट्रेनिंग देकर शहर व गांवों के डिजिटल अंतर कम करेगी। सीएम ने मप्र स्पेस टेक नीति-2026 भी लॉन्च की। एमओयू से ये फायदे -शैक्षणिक संस्थानों में नवाचार एवं रोबोटिक्स को बढ़ावा। – जलवायु परिवर्तन व सतत विकास से जुड़े क्षेत्रों में एआइ बेस्ड शोध एवं सहयोग। – शासकीय विभागों में एआइ व क्लाउड तकनीक प्रोत्साहन। – राज्य में एआइ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना। – ग्रामीण व वंचित क्षेत्रों में डिजिटल साक्षरता। पीएम मोदी से साझा किए ये काम और नवाचार – पहली बार मप्र में किसानों के कल्याण के लिए पूरे वर्ष को कृषक कल्याण वर्ष घोषित कर 10 संकल्पों का रोडमैप बनाकर काम शुरू किया। – ग्वालियर में अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट की। इसमें 8 लाख करोड़ रुपए से अधिक के औद्योगिक, निर्माण इकाइयों का सामूहिक भूमिपूजन एवं 5,810 करोड़ रुपए लागत से औद्योगिक विकास परियोजनाओं एवं सड़क का लोकार्पण हुआ। – दुग्ध क्रांति लाने के लिए राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड से अनुबंध कर तय किया कि 50 लाख किलोग्राम दूध प्रतिदिन सहकारी दुग्ध संघों के जरिए एकत्रित करेंगे। इसके लिए 26 हजार गांवों में सहकारी समितियां खोलेंगे। – सिंहस्थ 2028 को सफल बनाने के लिए किए जाने वाले जरूरी कामों का मास्टर प्लान तैयार किया है। डेडलाइन पर काम कर रहे हैं। – किसान, युवा, नारी और गरीबों के कल्याण के लिए चार अलग-अलग मिशन शुरू किए। – आम जनता की सहूलियतों के लिए ई-ऑफिस। – सिंचाई का रकबा 1 करोड़ हेक्टेयर करने सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी दी। – आवागमन को बेहतर बनाने के लिए 12 लाख करोड़ से अधिक की सड़कों के काम चल रहे हैं। – जीआइएस और रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में मिले 30 लाख 77 हजार करोड़ के प्रस्तावों में से 30% प्रस्तावों पर काम शुरू हो चुका है। नरसिंहपुर में एनटीपीसी के सुपर पावर स्टेशन का होगा विस्तार एमपी के नरसिंहपुर के गाडरवारा में एनटीपीसी लिमिटेड का सुपर थर्मल पॉवर स्टेशन स्थित है। केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय ने उक्त सुपर पॉवर स्टेशन में 1600 मेगावॉट क्षमता के विस्तार की अनुमति दी है। जिसकी लागत 20 हजार 446 करोड़ रुपए है। इसे 2029-30 तक पूरा करने का लक्ष्य है।   

माघ मेला 2026: प्रयागराज स्टेशन पर इन 12 ट्रेनों को मिलेगा स्टॉपेज, जानें कौन सी हैं ये ट्रेनें

भोपाल  माघ मेला 2026 के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए शासन ने भोपाल मंडल होकर संचालित 12 ट्रेनों को प्रयागराज रामबाग और झूसी स्टेशन पर 2 मिनट का अतिरिक्त ठहराव देने का निर्णय लिया है। यह अतिरिक्त ठहराव जनवरी और फरवरी में अलग-अलग तिथियों तक दिया जाएगा। रेल प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पहले ट्रेन संख्या, तिथि और समय-सारिणी की पुष्टि आधिकारिक रेलवे वेबसाइट, एनटीईएस ऐप या नजदीकी रेलवे स्टेशन से अवश्य कर लें। इन ट्रेनों को मिलेगा अतिरिक्त ठहराव 11062 जयनगर–लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस 15 फरवरी 2026 तक 11061 लोकमान्य तिलक टर्मिनस–जयनगर एक्सप्रेस 15 फरवरी 2026 तक 20934 दानापुर–उधना एक्सप्रेस से 15 फरवरी 2026 तक 20933 उधना–दानापुर एक्सप्रेस से 14 फरवरी 2026 तक 11034 दरभंगा–पुणे एक्सप्रेस 13 फरवरी 2026 तक 11033 पुणे–दरभंगा एक्सप्रेस 21 फरवरी 2026 तक 15559 दरभंगा–अहमदाबाद एक्सप्रेस 21 फरवरी 2026 तक 15560 अहमदाबाद–दरभंगा एक्सप्रेस 13 फरवरी 2026 तक 20962 बनारस–उधना एक्सप्रेस 21 फरवरी 2026 तक 20961 उधना–बनारस एक्सप्रेस 20 फरवरी 2026 तक 11037 पुणे–गोरखपुर एक्सप्रेस 12 फरवरी 2026 तक 11038 गोरखपुर–पुणे एक्सप्रेस 14 फरवरी 2026 तक इस बारे में सौरभ कटारिया, सीनियर डीसीएम का कहना है कि यह निर्णय यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और आरामदायक यात्रा सुविधा देना है। अतिरिक्त ठहराव से यात्रियों को उतरने-चढ़ने में आसानी होगी और भीड़भाड़ के कारण होने वाली परेशानियों में कमी आएगी। खासकर बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चों के साथ यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को इसका सीधा लाभ मिलेगा। साथ ही यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले अपनी ट्रेन संख्या, तिथि और समय-सारिणी की जानकारी रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट, NTES ऐप या नजदीकी रेलवे स्टेशन से अवश्य जांच लें।

समाधान योजना :632 करोड़ 92 लाख मूल राशि हुई जमा, 276 करोड़ सरचार्ज हुआ माफ

समाधान योजना में अब तक 11 लाख 88 हजार बकायादार उपभोक्‍ताओं ने कराया पंजीयन : ऊर्जा मंत्री तोमर समाधान योजना :632 करोड़ 92 लाख मूल राशि हुई जमा, 276 करोड़ सरचार्ज हुआ माफ समाधान योजना में अब 31 जनवरी 2026 तक मिलेगी सौ फीसदी तक सरचार्ज में छूट भोपाल  समाधान योजना 2025-26 के प्रथम चरण में अब तक 11 लाख 88 हजार 240 उपभोक्ताओं ने पंजीयन कराया है। अब तक 632 करोड़ 92 लाख रूपये मूल राशि जमा हुई है। साथ ही 276 करोड़ रूपये का सरचार्ज माफ किया गया है। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि बकायादार उपभोक्‍ताओं की सतत भागीदारी और उनके उत्‍साह को देखते हुए समाधान योजना के प्रथम चरण की अवधि में 31 जनवरी 2026 तक विस्‍तार किया गया है। पिछले साल 3 नवंबर से शुरू हुई समाधान योजना 2025-26 में शामिल होकर लाखों बकायादार उपभोक्‍ताओं ने सौ फीसदी तक छूट का लाभ लिया। उन्होंने उपभोक्‍ताओं से अपील की है कि तीन माह से अधिक के बकायादार उपभोक्‍ता योजना के प्रथम चरण में शामिल होकर अपना बकाया बिल एकमुश्‍त जमा करके 100 फीसदी तक सरचार्ज माफी का लाभ उठा सकते हैं। मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के 3 लाख 84 हजार 130 बकायादार उपभोक्‍ताओं ने अपना पंजीयन कराकर लाभ लिया है। मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के खाते में 403 करोड़ 69 लाख से अधिक की मूल राशि जमा हुई है, जबकि 215 करोड़ 95 लाख रूपए का सरचार्ज माफ किया गया है। इसी तरह पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में 3 लाख 98 हजार 470 उपभोक्ताओं ने पंजीयन कराया है। मूल राशि 122 करोड़ 79 लाख रूपये जमा हुई है तथा 43 करोड़ रूपये का सरचार्ज माफ किया गया है। पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी क्षेत्रान्तर्गत 4 लाख 5 हजार 640 उपभोक्ताओं ने पंजीयन कराया है। कुल मूल राशि 106 करोड़ 44 लाख रूपये जमा हुई है। साथ ही 16 करोड़ 77 लाख रूपये का सरचार्ज माफ किया गया है। समाधान योजना 2025-26 : एक नजर में समाधान योजना 2025-26 का उद्देश्य 3 माह से अधिक अवधि के उपभोक्ताओं को बकाया विलंबित भुगतान के सरचार्ज पर छूट प्रदान करना है। यह योजना जल्दी आएं, एकमुश्‍त भुगतान कर ज्यादा लाभ पाएं के सिद्धांत पर आधारित है। इस योजना में उपभोक्ता को प्रथम चरण में एकमुश्‍त भुगतान करने पर सबसे अधिक लाभ हो रहा है जबकि द्वितीय चरण के दौरान छूट का प्रतिशत क्रमशः कुछ कम हो जाएगा। यह योजना दो चरणों में प्रारंभ होकर प्रथम चरण की शुरुआत 3 नवंबर 2025 से हुई जो कि 31 जनवरी 2026 तक चलेगी। इसमें बकाया बिल एकमुश्‍त जमा करने पर 60 से लेकर 100 प्रतिशत तक सरचार्ज माफ किया जा रहा। इसके बाद द्वितीय और अंतिम चरण शुरू होगा जो कि 01 फरवरी से 28 फरवरी 2026 तक चलेगा। दूसरे चरण में 50 से 90 फ़ीसदी तक सरचार्ज माफ किया जाएगा। समाधान योजना 2025-26 का लाभ उठाने के लिए उपभोक्ताओं को कंपनी के ऐप एवं कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) तथा एमपी ऑनलाइन पर भी पंजीयन की सुविधा उपलब्‍ध है। पंजीयन के दौरान अलग-अलग उपभोक्ता श्रेणी के लिए पंजीयन राशि निर्धारित की गई है। घरेलू एवं कृषि उपभोक्ता कुल बकाया राशि का 10 प्रतिशत तथा गैर घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ता कुल बकाया राशि का 25 प्रतिशत भुगतान कर पंजीयन कराकर योजना में शामिल होकर लाभ उठा सकते हैं। विस्तृत विवरण तीनों कंपनियों की वेबसाइटों पर भी देखा जा सकता है। साथ ही विद्युत वितरण केंद्र में पहुंचकर भी योजना के संबंध में जानकारी ले सकते हैं।  

ग्वालियर मेले में 1000 गाड़ियों की डिलीवरी रुकी, खरीददारों ने छूट के नोटिफिकेशन के कारण नहीं लिया डिलीवरी

ग्वालियर ग्वालियर व्यापार मेला वर्षों से लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा है. खासकर इस मेले में दशकों से वाहन खरीदारों को फायदा होता आया है. इसकी वजह है मेले में मिलने वाली विशेष 50 प्रतिशत आरटीओ टैक्स छूट जो ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए मेला को गुलजार कर देती है. इस साल भी ग्वालियर में छूट का ऐलान हो चुका है. लेकिन व्यापारियों को इस बात की खुशी के साथ-साथ इस बार व्यापार कम होने चिंता भी सता रही है. इस बार मेले में वाहन खरीदी पर डबल मुनाफा असल में ग्वालियर व्यापार मेला में प्रतिवर्ष वाहन खरीदी पर आरटीओ टैक्स में 50 फीसदी की छूट मिलती आई है. जिसकी वजह से कई ग्राहक साल भर अपनी पसंदीदा गाड़ी खरीदने का इंतजार करते हैं. क्योंकि छूट की वजह से उन्हें वाहन आम दिनों के अपेक्षा सस्ता मिलता है. इस बार तो जीएसटी की कटौती और फिर आरटीओ की छूट ग्राहकों के साथ साथ वाहन डीलरों के लिए भी त्योहार से कम नहीं होने वाला था. क्योंकि उम्मीद जतायी जा रही थी कि इस बार पिछले सालों के मुकाबले ज़्यादा गाड़ियों की बुकिंग होगी. अब गाड़ियां तो बुक हो रही हैं लेकिन अभी तक ग्राहक उनकी डिलीवरी नहीं ले रहे. वजह है लोगों को अभी भी छूट के नोटिफिकेशन का इंतजार है. जिससे उन्हें पता चल सके उनकी गाड़ी कितनी सस्ती मिलने वाली है. 20 दिन की देरी ने घटाया छूट का समय इस छूट को लेकर डीलर भी चिंता में दिखाई दे रहे हैं. क्योंकि पहले के मुकाबले इस बार छूट मिलने में दो हफ़्ते देरी हो चुकी है और ऊपर से अब जब कैबिनेट में आरटीओ छूट को मंजूरी मिल गई है तो अब तक नोटिफिकेशन नहीं आया. वाहन कंपनियों के डीलरों ने अपने शोरूम में गाड़ियां सजा ली हैं और ग्राहक भी बुकिंग कराने लगे हैं. लेकिन इन व्यापारियों का मानना है कि, आरटीओ टैक्स में छूट देरी से मिल रही इसकी वजह से अब ग्वालियर मेले में छूट के साथ गाड़ियां बेचने के लिए महज 1 महीने का ही समय मिलेगा. दूसरा उज्जैन मेले में भी आरटीओ छूट दिए जाने से कुछ हद तक इसका प्रभाव ग्वालियर मेला की बिक्री पर भी पड़ेगा. छूट नोटिफिकेशन के चलते अटकी गाड़ियों की डिलीवरी ग्वालियर के निकुंज मोटर्स की और से मेले में शोरूम मैनेजर सुजा-उल-रहमान का कहना है कि, ''ग्वालियर व्यापार मेला में अभी शोरूम लगाए कुछ ही दिन हुए हैं लेकिन 1 हज़ार से ज़्यादा गाड़ियां बुक हो चुकी हैं. कई लोग हैं जो 50 प्रतिशत आरटीओ की छूट की वजह से फाइनल पेमेंट के लिए रुके हैं. अब जब अनाउंसमेंट हो गया है तब कई लोग पेमेंट भी कर रहे हैं. नोटिफिकेशन आने के बाद आरटीओ मेले में बैठने लगेंगे तो वेरिफिकेशन शुरू हो पाएंगे और गाड़ियां डिलीवर होने लगेंगी.'' उज्जैन मेले में भी छूट से पड़ेगा व्यापार पर सीधा असर शो रूम मैनेजर रहमान का कहना है कि, "उज्जैन में भी कुछ समय से गाड़ियों पर आरटीओ छूट दी जाने लगी है. इसका इंपैक्ट ग्वालियर में भी पड़ा है, क्योंकि उज्जैन, इंदौर, भोपाल, रीवा, सतना से आने वाले ग्राहक रुक गए. अब ये ग्राहक उज्जैन मेले से ही गाड़ी ले लेते हैं. अब ये मेला ग्वालियर के आसपास के क्षेत्रीय ग्राहकों तक सीमित हो गया है. उज्जैन मेले से अब ग्राहकी पर सीधे 25 फ़ीसदी तक इंपैक्ट आयेगा. लग्जरी ब्रांड पर फायदा, ग्वालियर नहीं आयेगा बाहर का ग्राहक ग्वालियर के ऑटो डीलर अनंत टोयोटा के मेला शोरूम मैनेजर आशीष कौशल भी कहते हैं, ''उनके पास अब तक 400-500 गाड़ियों की बुकिंग आ चुकी है, लेकिन डिलीवरी आरटीओ छूट के लागू होने के इंतज़ार में रुकी हुई हैं." वहीं उज्जैन मेले में आरटीओ की छूट की वजह से ग्वालियर में भी ग्राहकी पर असर की बात आशीष ने भी कही. उनका कहना था कि, "पहले ग्वालियर व्यापार मेले में इंदौर मालवा क्षेत्र से लोग मर्सेडीज, रेंज रोवर, ऑडी जैसी महंगी गाड़ियां खरीदने आते थे. क्योंकि उन पर आरटीओ टैक्स की अच्छी बचत हो जाती थी. लेकिन अब इनके ग्राहक उज्जैन ही रुक जाते हैं. उज्जैन मेले से ग्वालियर में भी 20 से 30 प्रतिशत का डाउन सेल का असर देखने को मिल सकता है. मेला छूट पर एमपी चेंबर ऑफ कॉमर्स की अपनी राय आरटीओ टैक्स छूट पर मध्य प्रदेश चेंबर ऑफ कॉमर्स की भी अपनी राय है. एमपी चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ग्वालियर के मानसेवी सचिव दीपक अग्रवाल का कहना है कि, ''हर साल ही सरकार से आरटीओ की छूट ग्वालियर व्यापार मेला में मिलती आई है. लेकिन उसके लिए हर बार प्रतिनिधि मंडल मिलते हैं. बार बार ज्ञापन दे रहे हैं तब छूट पर फैसला होता है क्यों सरकार इन चीज़ों का इंतज़ार करती है. मेला 25 दिसंबर को शुरू होता है, दिसंबर के पहले हफ़्ते में ही सरकार को ऐलान कर देना चाहिए कि मेले के साथ ही आरटीओ छूट लागू हो जाएगी. आज के समय में इस छूट को एक एक महीने तक टालना कहीं से उचित नहीं है. क्योंकि इससे ऑटो मोबाइल सेक्टर के डीलर भी टेंशन में रहते हैं उसे पहले से अपना स्टॉक मांगना पड़ता है. उन्हें बहुत दिक्कतें आती हैं, सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए.''

अशोकनगर में शादी में प्री-वेडिंग शूट और गोल्ड गिफ्ट पर बैन, 1 लाख रुपये का जुर्माना होगा

अशोकनगर  आधुनिकता की दौड़ में शादियों और सामाजिक कार्यक्रमों में बढ़ती फिजूलखर्ची व दिखावा कल्चर को रोकने सिख समाज ने क्रांतिकारी पहल की है। प्री-वेडिंग शूट व शादी में लडक़ी पक्ष की तरफ से सोने के उपहार दिए जाने पर रोक लगा दी है। यदि किसी ने निर्णय नहीं माना तो एक लाख रु. तक जुर्माना लगाने का निर्णय लिया है। शहर के गुरुसिंह सभा गुरुद्वारे में सिख समाज की अहम मुद्दों पर बैठक हुई। सामाजिक व पारिवारिक कार्यक्रमों में बढ़ती फिजूलखर्ची पर गहन चर्चा हुई। विवाह समारोह में बढ़ते दिखावे और अनावश्यक खर्च पर चिंता जताई। साथ ही निर्णय लिया कि विवाह के दौरान लड़की पक्ष की ओर से लड़के पक्ष को सोने की अंगूठी या किसी प्रभार के सोने के आभूषण उपहार स्वरूप नहीं दिए जाएंगे, क्योंकि इससे परिवार पर आर्थिक दबाव बढ़ता है और असमानता भी बढ़ती है। चेतावनीः निर्णय का पालन नहीं तो भारी भरकम जुर्माना गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी के प्रधान सतपालसिंह ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि समाज में इस तरह के कठोर व आवश्यक निर्णय लेना जरूरी है। जो भी व्यक्ति या परिवार इन निर्णयों का पालन नहीं करेगा, उस पर जुर्माने का प्रावधान रखा जाएगा। जिसकी राशि नियमों के उल्लंघन अनुसार 5100 रुपए से लेकर एक लाख रु. तक होगी। समाज ने यह भी लिए निर्णय     शादी में हल्दी-मेंहदी रस्म अत्यधिक खर्चीली हो रही है, जिन्हें सादगी, पवित्र संबंध और मर्यादा के साथ मनाने का निर्णय लिया।     शादी में प्री-वेडिंग शूट व फोटो शूट को भी समाज के मूल्यों के विरुद्ध माना जाता है, जिस पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाएगा।     शोक पर फिजूलखर्ची रोकने का निर्णय, लंगर गुरुमत मर्यादा अनुसार सादा रखा जाए, अनावश्यक खर्च व दिखावे से बचें।