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निगम कमिश्नर की राशन-फल की सूची से परेशान कर्मचारी ने हाईकोर्ट की ली शरण

दुर्ग. नगर निगम कमिश्नर का कारनामा हाईकोर्ट में चर्चा का विषय बन गया है। एक कर्मचारी ने दावा किया है कि कमिश्नर ने उससे धुरंधर मूवी का कार्नर वाला टिकट बुक कराने, लाल अंगूर जैसे फल, जवा फूल चावल से लेकर बंगले के वाई-फाई तक रिचार्ज कराए। फिर डिमांड पूरी नहीं कर सका तो उस कर्मचारी को सस्पेंड कर नौकरी से निकालने की प्रक्रिया शुरू कर दी। परेशान कर्मचारी ने न्याय के लिए हाईकोर्ट की शरण ली, जिस पर हाईकोर्ट के जस्टिस पीपी साहू ने कर्मचारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई पर रोक लगा दी है। दरअसल, दुर्ग नगर निगम में असिस्टेंट ग्रेड-3 भूपेंद्र गोइर ने एडवोकेट संदीप दुबे और मानस वाजपेयी के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। कर्मचारी ने याचिका के साथ वाट्सएप चैट्स के स्क्रीनशॉट हाईकोर्ट में पेश किए हैं। जिसमें निगम कमिश्नर सुमित अग्रवाल ने कर्मचारी से कई बार निजी फरमाइश की, इसमें लाल अंगूर, सेब, संतरा समेत कई फल, 10 किलो जवा फूल चावल, मूवी की कार्नर सीट की दो टिकट, गैस सिलेंडर, बंगले के लिए एसी समेत कई मांग की। इसके अलावा एमआईसी को स्थगित करने पर भी सवाल पूछे। इसके अलावा एक अन्य कर्मचारी के लिए लिखा कि उसे समझा देना, हटा दूंगा। एमआईसी की बैठक कैंसिल करने को लेकर भी कर्मचारी से सलाह मांगी। वहीं एक कर्मचारी के संबंध में लिखा गया कि उसको समझा देना, नहीं तो हटा दूंगा। याचिकाकर्ता कर्मचारी ने बताया कि उसकी नियुक्ति 2014 में चपरासी के पद पर हुई थी। फिर 2019 में प्रमोशन देकर उसे सहायक ग्रेड-3 बनाया गया। 31 जुलाई 2025 को कमिश्नर ने उसे कुछ नियुक्तियों में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए नोटिस दिया। उस पर आरोप है कि प्यून नम्रता रक्सेल और सहायक राजस्व निरीक्षक प्रीति उज्जैनवार की नियुक्ति और सहायक लेखा अधिकारी रमेश कुमार शर्मा की पदोन्नति अवैध तरीके से की गई थी। जिसका उसने जवाब दिया। इसके बाद 7 अगस्त 2025 को निलंबित कर दिया गया। जिसके बाद 6 अक्टूबर 2025 को पेश जांच रिपोर्ट में उसे बर्खास्त करने की तैयारी कर ली गई थी।

MP में शिमला-मनाली से भी सर्दी, मंदसौर में 2.5 डिग्री तापमान, 9 जिलों में शीतलहर का खतरा

भोपाल  मध्य प्रदेश में आज शनिवार की सुबह कड़ाके की ठंड के बीच भयंकर कोहरा नजर आया. कोहरा इतना ज्यादा है कि प्रदेश के कई इलाकों में विजिबिलिटी बहुत कम रही. उधर, तापमान भी लगातार गिर रहा है, जिस वजह से पूरा प्रदेश सर्दी से जकड़ा हुआ है. आज मध्य प्रदेश का न्यूनतम तापमान 2.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. मध्य प्रदेश के इन जिलों में शीतलहर का अलर्ट  शनिवार सुबह 15 से ज्यादा जिलों में कोहरा छाया रहा. इस बीच मौसम विभाग ने प्रदेश के 5 जिले- शहडोल, कटनी,  अनूपपुर, उमरिया और मैहर में कोल्ड वेव यानी शीतलहर का अलर्ट जारी किया है. 2.5 डिग्री पर लुढ़का मध्य प्रदेश का पारा बता दें कि शुक्रवार-शनिवार की रात कई शहरों में तापमान में गिरावट दर्ज हुई. मंदसौर सबसे ठंडा रहा… यहां का तापमान 2.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. वहीं कटनी के करौंदी में न्यूनतम पारा 2.7 डिग्री सेल्सियस, शाजापुर में तापमान 3.3 डिग्री सेल्सियस, शहडोल के कल्याणपुर में 3.5 डिग्री सेल्सियस और पचमढ़ी में पारा 3.8 डिग्री  सेल्सियस दर्ज किया गया.      राजगढ़ में न्यूनतम तापमान 4.5 डिग्री सेल्सियस     उमरिया में तापमान 5.3 डिग्री सेल्सियस     मंडला में 5.6 डिग्री सेल्सियस     रीवा में 5.8 डिग्री सेल्सियस     मलाजखंड का तापमान 6.1 डिग्री     दतिया, रायसेन और नौगांव में न्यूनतम तापमान 6.8 डिग्री दर्ज किया गया. मैहर में कड़ाके की ठंड मैहर जिले में कड़ाके की ठंड का असर जनजीवन पर साफ तौर पर देखा जा रहा है. शीतलहर के चलते तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे आमजन खासा परेशान नजर आ रहा है. ठंड से बचने के लिए लोग अलाव का सहारा ले रहे हैं. वहीं युवा और बच्चे खेलकूद के माध्यम से खुद को गर्म रखने की कोशिश कर रहे हैं. आग और खेल से लोग तलाश रहे राहत सुबह और रात के समय ठंड का प्रकोप सबसे अधिक देखने को मिल रहा है. शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक सड़कों के किनारे, चौराहों और घरों के बाहर अलाव जलाकर लोग राहत पाने की कोशिश कर रहे हैं. वहीं कई इलाकों में बच्चे और युवा खुले मैदानों में फुटबॉल, क्रिकेट जैसे खेल खेलते नजर आ रहे हैं, जिससे शरीर में गर्मी बनी रहे. ठंड के बढ़ते असर को देखते हुए बुजुर्गों और छोटे बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है. प्रशासन की ओर से भी जरूरतमंद लोगों से ठंड से बचाव के लिए आवश्यक इंतजाम करने की अपील की गई है. राजगढ़ में ठंड को लेकर येलो अलर्ट, जनजीवन अस्त-व्यस्त राजगढ़ जिले में कड़ाके की ठंड को देखते हुए प्रशासन ने येलो अलर्ट जारी किया है. लगातार गिरते तापमान और शीतलहर के चलते जनजीवन प्रभावित हो रहा है. सुबह-शाम ठंड का असर सबसे अधिक देखा जा रहा है, हालांकि बीते दो दिनों से घने कोहरे में कुछ कमी आई है और दिन में हल्की धूप निकलने से लोगों को थोड़ी राहत मिली है. ठंड के कारण सुबह के समय बाजारों में रौनक कम रही. ठंड में गायों की दुर्दशा, इंतज़ाम नाकाफी स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और दिहाड़ी मजदूरों को खासा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. सार्वजनिक स्थलों पर लोग अलाव का सहारा लेते नजर आए. इधर, कड़ाके की ठंड में आवारा व बेसहारा गायों की दुर्दशा भी सामने आ रही है. शहर की सड़कों, चौराहों और खुले मैदानों में गायें ठंड से ठिठुरती दिखीं. कई स्थानों पर न तो पर्याप्त शेड हैं और न ही चारे-पानी की समुचित व्यवस्था, जिससे पशु प्रेमियों में चिंता बढ़ गई है. स्थानीय नागरिकों व सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि ठंड के इस दौर में गौशालाओं में पर्याप्त इंतज़ाम, अस्थायी शेड, चारा और पानी की व्यवस्था की जाए, साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की संख्या बढ़ाई जाए. मंदसौर की ठंड से कांप एमपी, तापमान 2.5 डिग्री दर्ज एमपी में कड़ाके की ठंड के बीच प्रदेश में मंदसौर सबसे ठंडा स्थान रिकॉर्ड किया गया है. जहां तापमान 2.5 डिग्री रिकॉर्ड किया गया है. वहीं, कटनी के करौंदी में 2.7 डिग्री, गिरवर में 3.3 डिग्री, शहडोल के कल्याणपुर में 3.5 डिग्री, हिल स्टेशन पचमढ़ी में 3.8 डिग्री तापमान डिग्री दर्ज हुआ है. एमपी के इन 9 जिलों में कोल्ड वेव का अलर्ट मध्यप्रदेश सर्द हवाओं का दौर लगातार लोगों को परेशान कर रहा है. जिस बीच मौसम विभाग के अनुसार एमपी के 9 से ज्यादा जिलों में शीतलहर का अलर्ट जारी किया है. इसमें राजगढ़, शाजापुर, आगर, मंदसौर, अनुपपुर, शहडोल, उमरिया, कटनी, मैहर शामिल हैं. जहां तेज कोल्ड वेव पड़ने का अनुमान है. बर्फ़ीली हवाओं ने बढ़ाई ठंडी, जल्द गिरेगा मावठा मौसम वैज्ञानिक डॉ दिव्या सुरेंद्रन के अनुसार, इस समय वेस्टर्न डिस्टरबेंस यानी पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हवाओं में ट्रफ के रूप में बना हुआ है. मौसम विभाग के मुताबिक अगले कुछ मौसम में तेज ठंड बनी रहेगी. ग्वालियर-चंबल, भोपाल, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर में ठंड रातें रिकॉर्ड हो रही हैं. जबकि ग्वालियर-चंबल में दिन भी खूब ठंडे रह रहे हैं. जिसके चलते ओवरऑल तापमान और नीचे गिर रहा है. आने वाले दिनों में भी सुबह और रात के समय ठंड और कोहरे का असर बना रह सकता है. इन जिलों में घने कोहरे का अलर्ट मौसम विभाग ने शनिवार को लेकर ग्वालियर, शाजापुर, आगर, मंदसौर, अनुपपुर, शहडोल, उमरिया, कटनी, मैहर संग 9 से ज्यादा जिलों में हल्के से मध्यम कोहरा पड़ने को लेकर चेतावनी जारी की है. उमरिया में कड़कड़ाती ठंड से जनजीवन प्रभावित उमरिया जिले से कड़कड़ाती ठंड से आम जनजीवन काफी प्रभावित हैं. आज सुबह लोगों को कोहरे से राहत तो मिली है. दिन में धूप तो रहती है, लेकिन दिनभर शीतलहर का सिलसिला बना हुआ है. सुबह-शाम लोग अलाव जलाकर ठंड से राहत पाने की जुगत में लगे हुए हैं. ठिठुरन भरी शीत लहर जारी कटनी जिले में शीत लहर जारी है ऐसे में ठिठुरन भरी ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहन कर ही बाहर निकल पा रहे है. झर्रा टिकुरिया में महिला सफाई कर्मी भी होटल में चाय का सहारा लेती नजर आई है. सभी ने गर्म कपड़े पहनकर काम में निकली है. यह मार्ग कटनी साउथ रेलवे स्टेशन और कटनी मुड़वारा रेलवे स्टेशन को जोड़ती … Read more

हरियाणा में आज से झमाझम बारिश की संभावना

हिसार. प्रदेश में तेजी से मौसम बदल रहा है। शुक्रवार को सुबह के समय कोहरा छाया रहा। दोपहर को बेहतर धूप खिलने के कारण लोगों को ठंड से राहत मिली है। वहीं, हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय की तरफ से दर्ज आंकड़ों में हिसार सबसे ठंडा रहा। यहां का न्यूनतम तापमान 0.2 डिग्री दर्ज किया गया। इसी प्रकार भारत मौसम विज्ञान विभाग की तरफ से दर्ज आंकड़ों में भिवानी का तापमान 1.5 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विज्ञानियों ने शनिवार से पश्चिमी विक्षोभ के एक्टिव होने के साथ ही बूंदाबांदी होने की संभावना व्यक्त की है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार तापमान तेजी से बदल रहा है। पहाड़ों में बर्फबारी का मैदानी इलाकों में खासा असर आया है। तेजी से तापमान नीचे गिर रहा है। साथ ही शीत लहर चलने से करीब चार जिलों का तापमान दो डिग्री या उससे नीचे चल रहा है। आईएमडी के अनुसार भिवानी का तापमान 1.5 डिग्री तक रहा। सिरसा में कड़ाके की ठंड, शीतलहर चली और पाला पड़ा हकृवि के अनुसार हिसार के मुख्य परिसर का तापमान 0.2 डिग्री दर्ज किया गया। यह प्रदेश में सबसे ठंडा क्षेत्र था। इसी प्रकार हकृवि के आंकड़ों के अनुसार महेंद्रगढ़ का तापमान 0.5 डिग्री दर्ज किया गया। यहां पर भीषण शीतलहर और पाला पड़ा। वहीं, सिरसा का 0.8 डिग्री रहा जहां कड़ाके की ठंड रही। वहीं मौसम विज्ञानियों ने शनिवार से नया पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव हो रहा है। इससे रविवार या सोमवार से प्रदेश में हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। इसी प्रकार शनिवार को प्रदेश के काफी जिलों में कोहरे का यलो अलर्ट भी जारी किया गया है।

इंदौर के मेयर और पार्षद ने नल का पानी पीकर जताया विश्वास, भागीरथपुरा में दूषित पानी से 24 की मौत, 16 मरीज अस्पताल में

इंदौर  इंदौर के भागीरथपुरा दूषित पानी कांड में अब तक 24 लोगों की मौत हो चुकी है। आईसीयू में एडमिट 6 मरीजों में से 1 को वार्ड में रेफर किया गया है, जबकि तीन मरीज लंबे समय से वेंटिलेटर पर ही हैं। वार्ड में 11 मरीज एडमिट हैं। इनके सहित अभी 16 मरीजों का अस्पताल में इलाज चल रहा।  मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने भागीरथपुरा क्षेत्र में जलप्रदाय की स्थिति का अवलोकन किया। इस दौरान नर्मदा जलप्रदाय के दौरान नल से ग्लास में पानी भरकर स्वयं पीकर उसकी गुणवत्ता की जांच की। उनके साथ क्षेत्रीय पार्षद कमल वाघेला ने भी पानी पीकर लोगों को विश्वास हासिल करने का प्रयास किया। इस दौरान मेयर ने कहा कि नगर निगम, जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों द्वारा भागीरथपुरा क्षेत्र में विगत दिनों से लगातार राहत एवं सुधारात्मक कार्य किए जा रहे हैं। इनमें क्षेत्र के नागरिकों का भी सराहनीय सहयोग प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन दिनों से क्षेत्र में जलप्रदाय कर लगातार जल के सैंपल लिए गए। इस दौरान सभी आवश्यक जांच और निर्धारित मापदंडों के अनुरूप पानी की गुणवत्ता सुनिश्चित की गई। 30% हिस्से में जल सुरक्षित सभी जांचों में जल सुरक्षित पाए जाने के बाद शुक्रवार को भागीरथपुरा क्षेत्र के लगभग 30% हिस्से में, जिसमें लगभग 15 हजार की आबादी है, नर्मदा जलप्रदाय को पुनः प्रारंभ किया गया है। मेयर ने भागीरथपुरा क्षेत्र के नागरिकों से अपील की कि जलप्रदाय प्रारम्भ होने के बाद भी सावधानी के तौर पर पानी को उबालकर ही उपयोग में लें। साथ ही नगर निगम, जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी की गई गाइडलाइन का पूर्ण रूप से पालन करें। उन्होंने कहा कि यदि क्षेत्र में किसी भी प्रकार की समस्या या असुविधा उत्पन्न होती है तो लोग तत्काल नगर निगम या जिला प्रशासन को सूचित करें, ताकि समस्या का त्वरित समाधान किया जा सके।

हरियाणा के 46 शहरों में फ्लैट और प्लॉट खरीदना हुआ मंहगा

पंचकूला. अब फ्लैट या प्लॉट खरीदना और महंगा हो जाएगा। प्रदेश सरकार ने 46 शहरों में बाह्य विकास शुल्क (ईडीसी) में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी है। नई दरों को एक जनवरी से लागू भी कर दिया गया है। प्रदेश सरकार डेवलपर्स से प्रोजेक्ट क्षेत्र में बनने वाले बुनियादी ढांचों के विकास के लिए ईडीसी लेती है। आमतौर पर बिल्डर इस अतिरिक्त लागत को खरीदार और निवेशकों पर डाल देते हैं। ईडीसी बढ़ने से प्रदेश में आवासीय तथा कामर्शियल संपत्ति महंगी हो जाएगी। बढ़ी हुई फीस होम, इंडस्ट्रियल, कामर्शियल और कंबाइन यूज वाले सभी प्रोजेक्ट पर लागू होगी। बढ़ोतरी का असर फ्लैट, प्लॉट और कामर्शियल प्रॉपर्टी की कीमतों पर पड़ेगा। आने वाले प्रोजेक्ट्स में कीमतें और बढ़ सकती हैं। क्या होंगी संशोधित दरें संशोधित दरों के अनुसार, गुरुग्राम क्षेत्र में प्लॉटेड कॉलोनियों के लिए ईडीसी लगभग एक करोड़ 37 लाख रुपये प्रति एकड़ निर्धारित किया गया है। इसमें ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट के लिए 400 व्यक्ति प्रति एकड़ घनत्व वाली कॉलोनियों के लिए दर 5.49 करोड़ रुपये प्रति एकड़ और 300 व्यक्ति प्रति एकड़ घनत्व वाली कॉलोनियों के लिए 4.12 करोड़ रुपये प्रति एकड़ की दर निर्धारित की गई है। फरीदाबाद और गुरुग्राम के सोहना और ग्वाल पहाड़ी क्षेत्रों को सरकार ने उच्च-संभावित क्षेत्र माना है। यहां प्लाटेड कालोनियों के लिए ईडीसी (पर्यावरण वितरण शुल्क) 1.23 करोड़ रुपये प्रति एकड़ निर्धारित किया गया है। ग्रुप हाउसिंग कालोनियों के लिए 400 पीपीए (प्रति एकड़ आवासीय स्वामित्व) के लिए 4.94 करोड़ रुपये प्रति एकड़ और 300 पीपीए के लिए 3.71 करोड़ रुपये प्रति एकड़ का शुल्क लागू होगा। इस मामले में कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने कहा सरकार आमजन की जेब पर डाका डाल रही है। इन शहरों पर पड़ेगा ज्यादा फर्क ग्रुप हाउसिंग में 400 पीपीए पर 3.29 करोड़ रुपये प्रति एकड़ शुल्क लगेगा मध्यम पोटेंशियल जोन में आने वाले अंबाला, कुरुक्षेत्र, बहादुरगढ़, हिसार, रोहतक, रेवाड़ी, बावल, पलवल, यमुनानगर, धारूहेड़ा, पृथला, गन्नौर और होडल जैसे शहरों में भी इसका असर दिखेगा। इन इलाकों में प्लाटेड कालोनियों के लिए ईडीसी 82 लाख रुपये प्रति एकड़ होगी। ग्रुप हाउसिंग में 400 पीपीए पर 3.29 करोड़ रुपये प्रति एकड़ और 300 पीपीए पर 2.47 करोड़ रुपये प्रति एकड़ शुल्क रहेगा।  

NIT कॉलेज में डिग्री लेने आए छात्र-छात्रा से लूट

जालंधर. जिले में काफी दिनों से पुलिस प्रशासन में राष्ट्रपति के आगमन को लेकर एक तरफ एन.आई.टी. कॉलेज एवं आसपास क्षेत्र पूरी तरह छावनी में बदला हुआ पड़ा था। इसके बावजूद भी लुटेरे हथियारों के बल पर छात्र और छात्रा से आईफोन व सोने चांदी के जेवर तथा अन्य मोबाइल लूटकर मौके से फरार हो गए। यह दोनों छात्र व छात्रा कॉलेज में एन.आई.टी. में डिग्री लेने आए हुए थे। पीड़ित छात्र तुषार पुत्र दविंदर सिंह निवासी गाजियाबाद और छात्रा इशिका पुत्री सुनील कुमार निवासी राजस्थान ने बताया कि वे एन.आई.टी. कॉलेज के मेन गेट के सामने बने फ्लाईओवर से सड़क पार कर रहे थे। इसी दौरान 3 नकाबपोशों ने उन्हें घेर लिया। लुटेरों के पास लोहे की रॉड तथा पिस्तौल थी। लुटेरों ने तुषार के पेट पर बंदूक तान दी और धमकी दी कि उनके पास जो कुछ भी है निकाल दो, वरना जान से मार देंगे। वहीं लुटेरे छात्र का महंगे वाला आईफोन, चांदी की अंगूठी और चांदी का कड़ा लूट ले गए। वहीं छात्रा इशिका के पर्स से 5 से 6 हजार रुपए नकदी, कान की बालियां, मोबाइल और सोने की चेन भी छीन ले गए। वारदात के बाद तीनों आरोपी मोटरसाइकिल पर सवार होकर फरार हो गए। थाने में शिकायत लेने के लिए नहीं था ड्यूटी अफसर पीड़ित छात्र व छात्रा ने बताया कि वारदात के तुरंत बाद वे संबंधित थाना मकसूदां थाने गए। वहां पहुंचे लेकिन उनकी शिकायत लेने वाला कोई ड्यूटी अफसर नहीं मिला। छात्र तुषार ने कहा कि इस संबंधी जब उन्होंने डीन सचदेवा को इस बारे में जानकारी दी तो उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के कारण पुलिस फोर्स ड्यूटी में व्यस्त है।

आवासीय स्कूल में सुसाइड की कोशिश मामले में प्राचार्य और हॉस्टल वार्डन को हटाया

मोहला/रायपुर. केंद्रीय एकलव्य आवासीय विद्यालय में अध्यनरत नाबालिग छात्रों के साथ हैवानियत के मामले में प्राचार्य और हॉस्टल वार्डन को प्रारंभिक तौर पर प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए हटा दिया गया है। वही छात्रों को बर्बरता पूर्वक मारने वाले मुख्य आरोपी एक पीटीआई दो लेक्चर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इधर नाबालिग बच्चियो के जहर पीने के मामले को प्रशासनिक अधिकारी पारिवारिक कलह बताकर इस संवेदनशील मामले को स्थानीय स्तर पर दफन करने के प्रयास में हैं। इन सब घटनाक्रम के बीच शुक्रवार को बाल संरक्षण आयोग की टीम भी मामले का संज्ञान लेते हुए एकलव्य आवासीय परिसर में दाखिल हुई। उल्लेखनीय है कि, एकलव्य आवासीय विद्यालय में आदिवासी छात्रों के साथ बर्बरता किये जाने और नाबालिग बच्चियों के द्वारा आत्महत्या करने का प्रयास के मामले को दबाया जा रहा था। कलेक्टर तूलिका प्रजापति के निर्देश में 12 जनवरी सोमवार रात 9 बजे के लगभग अपर कलेक्टर जीआर मरकाम की अध्यक्षता में डिप्टी कलेक्टर शुभांगी गुप्ता, एसडीएम हेमेंद्र भूआर्य, अंबागढ़ चौकी तहसीलदार अनुरिमा टोप्पो, आरआई तामेश्वरी इस्दा की टीम आवासीय केंद्रीय विद्यालय एकलव्य में दाखिल होकर पड़ताल शुरू की। छात्रों ने सामूहिक रूप से उनके ऊपर हो रहे लगातार अवमानीय बर्ताव, मारपीट के संबंध में एक-एक करके बयान दर्ज कराया। इस मामले में अभी जांच जारी है। प्रारंभिक तौर पर संबंधित हॉस्टल वार्डन तथा प्राचार्य को एकलव्य के चार्ज से पृथक कर दिया गया है, वहीं छात्रों के साथ मारपीट करने आरोपों में घिरे एक पीटीआई और दो लेक्चरर्स को कारण बताओ नोट जारी किया गया है। जांच अधिकारी अपर कलेक्टर जी आर मरकाम ने 6 दिनों के भीतर एक के बाद एक जान देने के लिए आतुर हुई नाबालिग आदिवासी छात्राओं के मामले को पारिवारिक कलह बताया है। जबकि आत्महत्या का प्रयास करने वाले छात्राओं को उनके घर भेज दिया गया है। नाबालिग छात्रों से बर्बरता के मामले में एक्शन लिया जा रहा है, परंतु मासूम बच्चियां क्यों एक के बाद एक जान देना चाह रही थीं? इसकी निष्पक्ष जांच के नाम पर बेहद शंसय की स्थिति बनी हुई है। जहर खुरानी के मामले में पुलिस कोई भी कदम बढ़ाना नहीं चाह रही है, विभागीय तौर पर उक्त मामले को दबाने का प्रयास हो रहा है।  

बीजापुर में पुलिस से बरदस्त मुठभेड़ में 2 नक्सली ढेर

बीजापुर. नेशनल पार्क के जंगलों में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ चल रही है। मुठभेड़ में 2 नक्सलियों के मारे जाने की खबर है। इलाके में नक्सली लीडर पापाराव के साथ बड़ी संख्या में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जानकारी के मुताबिक, मौके से AK 47 बरामद भी किए गए है। शनिवार सुबह से ही संयुक्त टीम और माओवादियों के बीच रुक-रुक कर फायरिंग जारी है। डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) के जवान नेशनल पार्क क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान चला रहे थे। इसी दौरान उनका नक्सलियों की एक बड़ी टुकड़ी से सामना हो गया। मुठभेड़ अभी भी जारी है और सुरक्षाबलों द्वारा इलाके की घेराबंदी कर दी गई है। मारे गए नक्सलियों के शवों को बरामद करने और अन्य नक्सलियों की तलाश के लिए अभियान तेज कर दिया गया है। बीजापुर पुलिस ने प्रेस नोट जारी कर कहा है कि अभियान अभी भी जारी है, इसलिए मुठभेड़ के स्थान, ऑपरेशन में शामिल सुरक्षाबलों की संख्या तथा अन्य संवेदनशील जानकारी इस समय साझा नहीं की जा सकती, ताकि ऑपरेशन में लगे जवानों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। शनल पार्क क्षेत्र में नक्सलियों की बड़ी संख्या डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) के जवान नेशनल पार्क क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान चला रहे थे। इसी दौरान उनका सामना नक्सलियों की बड़ी टुकड़ी से हुआ। मुठभेड़ अब भी जारी है। सुरक्षाबलों ने इलाके की घेराबंदी कर दी है और मारे गए नक्सलियों के शवों को बरामद करने और अन्य नक्सलियों की तलाश के लिए अभियान तेज कर दिया गया है। बीजापुर पुलिस ने प्रेस नोट जारी कर कहा कि अभियान अब भी जारी है। इसलिए मुठभेड़ का स्थान, ऑपरेशन में शामिल सुरक्षाबलों की संख्या और अन्य संवेदनशील जानकारी फिलहाल साझा नहीं की जा सकती, ताकि जवानों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। डेढ़ साल में 23 बड़े नक्सली मारे डेढ़ साल में कुल 23 बड़े नक्सली मारे गए हैं। इनमें सबसे खूंखार नक्सली माड़वी हिड़मा, नक्सल संगठन सचिव बसवाराजू, गणेश उइके सहित 16 बड़े नक्सली शामिल हैं। भूपति, रूपेश और रामधेर जैसे बड़े नक्सलियों ने अपने सैकड़ों साथियों के साथ हथियार डाल दिए हैं। अब केवल पोलित ब्यूरो मेंबर देवजी, मिशिर बेसरा और गणपति तीन शीर्ष नक्सली बचे हैं, जो संगठन चला रहे हैं। बस्तर में पापाराव और देवा अपनी जान बचाने के लिए अब भी जंगल में घूम रहे हैं। पुलिस इनकी तलाश कर रही है। इन टॉप नक्सलियों की तलाश में पुलिस 1 – थिप्परी तिरुपति उर्फ देवजी (61)- देवजी तेलंगाना का रहने वाला है। बसवाराजू के एनकाउंटर के बाद नक्सल संगठन ने थिप्परी तिरुपति को नक्सल संगठन का महासचिव बनाया है। ये नक्सल संगठन में पोलित ब्यूरो मेंबर भी है। वर्तमान में नक्सल संगठन का सबसे टॉप लीडर यही है। छत्तीसगढ़, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, महाराष्ट्र समेत अन्य राज्यों की पुलिस इसकी तलाश में जुटी हुई है। इसपर सिर्फ छत्तीसगढ़ में ही 1 करोड़ रुपए का इनाम घोषित है। 2. मुपल्ला लक्ष्मण राव उर्फ गणपति (74)- गणपति भी तेलंगाना का रहने वाला है। बसवाराजू से पहले ये ही नक्सल संगठन का महासचिव था। हालांकि, बीमारी और बढ़ती उम्र के चलते इसने करीब 4-5 साल पहले ही संगठन के इस सबसे बड़े पद को छोड़ दिया था। जिसके बाद बसवाराजू को इसकी जिम्मेदारी दी गई थी। इसपर भी 1 करोड़ रुपए से ज्यादा का इनाम घोषित है। 3. मिशिर बेसरा उर्फ भास्कर (62)- भास्कर झारखंड का रहने वाला है। वर्तमान में नक्सलियों का पोलित ब्यूरो मेंबर है। साथ ही ERB का इंचार्ज है। इसपर भी 1 करोड़ रुपए से ज्यादा का इनाम घोषित है। 4. पापा राव उर्फ मंगू (56)- पापाराव छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले का रहने वाला है। वर्तमान में दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZCM) मेंबर है। साथ ही पश्चिम बस्तर डिवीजन कमेटी का इंचार्ज और दक्षिण सब जोनल ब्यूरो का सदस्य है। पापाराव अपने पास AK-47 राइफल रखता है। बस्तर के जल-जंगल जमीन से वाकिफ है, इसलिए कई बार पुलिस की गोलियों से बचकर निकला है। इसी इसने सरेंडर कर दिया या फिर एनकाउंटर में मारा गया तो नक्सलियों की पश्चिम बस्तर डिवीजन कमेटी खत्म हो जाएगी।

कबीरधाम जिला: प्रदेश में सर्वाधिक दिव्यांगों, महिलाओं और परिवारों को रोजगार देने में प्रथम स्थान

रायपुर : महात्मा गांधी नरेगा योजना के क्रियान्वयन में कबीरधाम जिला फिर अग्रणी सर्वाधिक दिव्यांगों, महिलाओं एवं परिवारों को रोजगार देने में कबीरधाम जिला प्रदेश में पहले स्थान पर 35 लाख 60 हजार मानव दिवस रोजगार का सृजन करते हुए 78 करोड़ 81 लाख रुपए का हुआ मजदूरी भुगतान गांव में मिल रहे रोजगार से उत्साह में ग्रामीण रायपुर कबीरधाम जिले के वनांचल क्षेत्र से लेकर मैदानी क्षेत्रों तक ग्रामीणों को बड़ी मात्रा में रोजगार मिलने से ग्रामीण बहुत उत्साहित है। विकासखंड कवर्धा, बोडला, सहसपुर लोहारा एवं पंडरिया के लगभग सभी ग्राम पंचायतो में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना से बड़ी मात्रा में निर्माण कार्य प्रारंभ किए गए हैं जिसमें ग्रामीणों को गांव में ही रोजगार मिलने से उत्साहित है। विगत कई दिनों से औसतन 32000 से अधिक ग्रामीणों को प्रतिदिन रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है और रोजगार उपलब्ध कराने के मामले में कबीरधाम जिला प्रदेश में लगातार अग्रणी पंक्ति में बना हुआ है। इसके साथ ही चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में योजना अंतर्गत कई पैरामीटर में कबीरधाम जिला पूरे प्रदेश में पहले स्थान पर बना हुआ है। कलेक्टर गोपाल वर्मा ने बताया की जिले के 427 ग्राम पंचायतों में 3532 निर्माण कार्य चल रहे हैं। इन कार्यों में कच्ची नाली निर्माण, गाद निकासी कार्य, तालाब निर्माण कार्य, तालाब गहरीकरण, आजीविका डबरी, अमृत सरोवर सहित पशु शेड निर्माण जैसे अनेक कार्यों से ग्रामीणों को प्रत्यक्ष लाभ मिल रहा है। एक ओर इन कार्यों से ग्रामीणों को बड़ी मात्रा में रोजगार मिल रहा है तो वहीं दूसरी ओर ग्रामीण अंचलों में उनकी मांग अनुसार अधोसंरचना निर्माण हो रहा है और इनके एवज में अभी तक 78 करोड़ 81 लाख रुपए का मजदूरी भुगतान ग्रामीणों को उनके बैंक खाते हस्तांतरित किया गया है। कलेक्टर ने बताया कि जिले के सभी ग्राम पंचायतो में मनरेगा से पर्याप्त मात्रा में कार्य पूर्व से स्वीकृत है। ग्रामीणों की मांग पर लगातार निर्माण कार्य प्रारंभ किए जा रहे हैं। कलेक्टर ने बताया कि जिले के सभी ग्राम पंचायत में ग्रामीणों को अधिक से अधिक रोजगार मिले इसके लिए निरंतर मैदानी कर्मचारियों की समीक्षा कर रोजगार सहायकों से निर्माण कार्यों की जानकारी ली जा रही है। वर्तमान में कबीरधाम जिले में लक्ष्य के विरुद्ध 55 प्रतिशत से अधिक मानव दिवस का रोजगार सृजन कर लिया गया है एवं चालू वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक कबीरधाम जिला संभवतः सर्वाधिक रोजगार देने वाले जिले में शामिल होगा। योजना के क्रियान्वयन पर जानकारी देते हुए प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत विनय कुमार पोयाम ने बताया कि 3347 ग्रामीण परिवारों को 100 दिवस का रोजगार उपलब्ध कराया जा चुका है। रोजगार देने का सिलसिला निरंतर जारी है और इसके साथ ही समय पर मजदूरी भुगतान भी किया जा रहा है। आजीविका संर्वधन की गतिविधियों को बढ़ावा देते हुए ग्रामीणों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए आजीविका डबरी एवं पशु आश्रय शेड़ का निर्माण हो रहा है साथ मे जल संरक्षण के कार्य को भी प्राथमिकता से किया जा रहा है। मनरेगा के विभिन्न आयाम में कबीरधाम जिला राज्य में प्रथम -सर्वाधिक दिव्यांगों को रोजगार-जिले में योजना अंतर्गत 1994 दिव्यांगों को रोजगार प्रदाय किया गया है जो प्रदेश में सर्वाधिक है। – सर्वाधिक महिलाओं को रोजगार-जिले में 100597 पंजीकृत महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराया गया है जो कि प्रदेश में सर्वाधिक है। – सर्वाधिक पंजीकृत परिवारों को रोजगार- जिले में 101405 पंजीकृत परिवारों को रोजगार प्रदान किया गया है जो कि प्रदेश में सर्वाधिक है। – मानव दिवस रोजगार में अग्रणी-जिले में 35 लाख 60 मानव दिवस का रोजगार ग्रामीणों को दिया गया है जो कि प्रदेश में दूसरे स्थान पर है। -प्रतिदिन ग्रामीणों को रोजगार- प्रतिदिन ग्रामीणों को रोजगार प्रदान करने के मामले में भी कबीरधाम जिला प्रदेश में लगातार दूसरे स्थान पर बना हुआ है। यहां औसतन 32000 से अधिक मजदूरों को प्रतिदिन रोजगार मिल रहा है।

मोरध्वज आरंग महोत्सव 2026 का हुआ शानदार समापन, मुख्यमंत्री ने की नई विकास योजनाओं की घोषणा

रायपुर : मोरध्वज आरंग महोत्सव 2026 का भव्य समापन, मुख्यमंत्री ने विकास से जुड़ी अहम घोषणाएँ कीं रायपुर राजा मोरध्वज की त्याग, धर्म और सत्यनिष्ठा की गौरवगाथा को समर्पित मोरध्वज आरंग महोत्सव–2026 का समापन समारोह ऐतिहासिक गरिमा और भव्यता के साथ सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राजा मोरध्वज का जीवन छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक चेतना और नैतिक मूल्यों का अमर प्रतीक है, जो आज भी समाज को सत्य और कर्तव्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आरंग की यह पुण्यभूमि त्रेता युग में प्रभु श्रीराम के चरण-स्पर्श से तथा द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण की स्मृतियों से अनुप्राणित रही है। उन्होंने बागेश्वर बाबा में विधिवत जलाभिषेक एवं पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और सतत विकास की कामना की। समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के सर्वांगीण विकास को गति देने वाली कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं। उन्होंने समोदा उप तहसील को पूर्ण तहसील का दर्जा देने और वहाँ पूर्णकालिक तहसीलदार की पदस्थापना की घोषणा की। इसके साथ ही मोरध्वज महोत्सव के लिए दिए जाने वाले शासकीय अनुदान को ₹5 लाख से बढ़ाकर ₹10 लाख करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में प्रस्तावित खेल परिसर सहित अन्य अधोसंरचना विकास कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराने का आश्वासन भी दिया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार “मोदी की गारंटी” के अनुरूप जनहित को सर्वोपरि रखते हुए कार्य कर रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, रोजगार और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण को सरकार की विकास नीति का प्रमुख आधार बताते हुए उन्होंने कहा कि संवेदनशील शासन, त्वरित निर्णय और जनता से सीधा संवाद ही सरकार की पहचान है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सैंड आर्टिस्ट हेमचंद साहू को रेत से भगवान श्रीकृष्ण, भगवान श्रीराम एवं भगवान बागेश्वरनाथ की दिव्य आकृतियाँ उकेरने के लिए सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कलाकार की सृजनशीलता और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी उत्कृष्ट कला न केवल हमारी आस्था और सांस्कृतिक विरासत को सशक्त करती है, बल्कि छत्तीसगढ़ की पहचान को भी राष्ट्रीय स्तर पर गौरव प्रदान करती है। उन्होंने कलाकार को भविष्य में भी इसी प्रकार अपनी कला के माध्यम से प्रदेश का नाम रोशन करने के लिए शुभकामनाएँ दीं। समापन अवसर पर जनप्रतिनिधियों, साधु-संतों, मातृशक्ति, युवाओं एवं बड़ी संख्या में उपस्थित नागरिकों की सहभागिता ने समारोह को ऐतिहासिक बना दिया। मुख्यमंत्री ने आयोजन समिति को सफल और भव्य आयोजन के लिए बधाई देते हुए प्रदेशवासियों को मोरध्वज महोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। समारोह में  उप मुख्यमंत्री  अरुण साव, स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल,  गुरु बालकदास साहेब, सांसद विजय बघेल, बृजमोहन अग्रवाल, विधायक इंद्रकुमार साहू, मोतीलाल साहू, रोहित साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।